बारह ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक सजावट बनी इस वर्ष का विशेष आकर्षण
मुंबई। मुंबई के वाडी बंदर में हर वर्ष बड़े भक्तिभाव से विराजमान होने वाले वाडी बंदर के महाराजों का इस वर्ष भी उत्साह और श्रद्धा के साथ आगमन हुआ है। कई वर्षों से चली आ रही यह परंपरा इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। इस वर्ष गणेशोत्सव में वाडी बंदर के महाराजों के मंडप की सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस वर्ष भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों की भव्य संकल्पना साकार की गई है। इस संकल्पना के माध्यम से शिवतत्व और गणेशभक्ति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया गया है। बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, उनकी विशिष्ट प्रस्तुति और सजावट में किए गए बारीक कार्य भाविकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इस भव्य सजावट को साकार करने के लिए मंडल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मेहनत भी इसमें स्पष्ट दिखाई देती है। शिवमय वातावरण के बीच विराजमान वाडी बंदर के महाराज भाविकों के लिए श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। गणेशोत्सव के अवसर पर यहां दर्शन के लिए आने वाले भाविकों को गणेशभक्ति के साथ-साथ बारह ज्योतिर्लिंगों की संकल्पना के भी दर्शन हो रहे हैं। इस वर्ष की इस अनोखी सजावट के कारण वाडी बंदर के महाराजों का गणेशोत्सव विशेष बन गया है और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
मुंबई में 29 सितंबर को सजेगा भव्य महिला उद्यमिता एवं शॉपिंग उत्सव
मुंबई। मुंबई में जिओ , दक्षिण मुंबई चैप्टर द्वारा 29 सितंबर को जिओ बाजार ,2026 का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह विशेष आयोजन महिला उद्यमियों, कलाकारों और प्रतिभाशाली महिलाओं को अपने हुनर और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में नयपद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज एवं विदुषी आर्या गुरुवरिया मयणा जी महाराज का सान्निध्य रहेगा। कार्यक्रम के मुख्य प्रेरणा स्रोत महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा हैं। मुख्य अतिथि के रूप में बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ तथा सम्मानित अतिथि के रूप में अभिनेता नील नितिन मुकेश उपस्थित रहेंगे। आयोजन को उद्योगपति बाबूलाल मिश्रीमलज भंसाली का विशेष सहयोग प्राप्त है। लोढ़ा फाउंडेशन भी इस आयोजन से जुड़ा है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोती सिंह का मुंबई में जोरदार स्वागत और सम्मान
मुंबई। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’ के मुंबई आगमन पर समाजसेवक अविनाश दिनेश पांडेय सहित विभिन्न गणमान्य लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुंबई आगमन पर आयोजित स्वागत के दौरान अविनाश दिनेश पांडेय ने मोती सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल मुंबई प्रवास की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर दोनों के बीच सामाजिक सरोकारों, समसामयिक विषयों तथा मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा भी हुई। स्वागत समारोह में विजय सिंह, सर्वेश उपाध्याय, रामगंज के चेयरमैन राकेश सिंह, लालजी सिंह, राज सिंह, अशोक दुबे, राजा सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पूर्व मंत्री मोती सिंह का अभिनंदन करते हुए उनके मुंबई प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर आत्मीय माहौल देखने को मिला और उपस्थित लोगों ने आपसी संवाद एवं सामाजिक समन्वय को और मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया।
भाजपा नेता मुकेश मासूम ने की कच्ची सड़क को पक्की कराने की मांग
खुर्जा। महेश वाटिका के मुख्य कच्चे मार्ग को पक्का कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता मुकेश कुमार मासूम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने लगभग 560 मीटर लंबे मुख्य मार्ग का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने तथा सड़क के साथ उचित नाली एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
महेश वाटिका के बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने अपने नाम, हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर सहित सामूहिक प्रार्थना पत्र मुकेश कुमार मासूम को सौंपकर अपनी समस्या शासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया था। स्थानीय नागरिक राजेश गोविल एवं पूरन चंद शर्मा ने भी सड़क की गंभीर स्थिति से उन्हें अवगत कराया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि महेश वाटिका का लगभग 560 मीटर लंबा मुख्य मार्ग अभी कच्चा है। रास्ता असमतल होने और जगह-जगह गड्ढे होने के कारण यहां से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को प्रतिदिन परेशानी और दुर्घटना के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।सीस्थानीय नागरिकों के अनुसार इस सड़क के निर्माण के लिए पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया गया था। सड़क की नाप आदि की प्रक्रिया भी कराई गई, लेकिन इसके बावजूद अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में एक गंभीर घटना का भी उल्लेख किया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार महेश वाटिका निवासी एवं सेना से सेवानिवृत्त लाखन बाबा खराब एवं क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण गिर गए, जिससे उनके पैर की हड्डी टूट गई। वर्तमान में उनका उपचार चल रहा है।
मुकेश कुमार मासूम ने कहा कि महेश वाटिका के नागरिक लंबे समय से इस समस्या के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता द्वारा उनके संज्ञान में लाई जाने वाली जनहित की समस्याओं को शासन एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा।
मनपा एवं कामगार हास्पीटल के तत्वावधान में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित
मुंबई । मैत्री चॅरिटेबल ट्रस्ट एवं अष्टविनायक क्रीडा मंडळ सार्वजनिक गणेशोत्सव के तत्वावधान में मुफ्त स्वास्थ्य शिबीर व आयुष्यमान कार्ड  उपक्रम का आयोजन सोमवार 21 सप्टेंबर 2026 को बी डी डी चाळ क्र. 62 व 63 के मध्य रखा गया।शिवसेना शाखा क्र. १९५ व मैत्री चॅरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कु.ऐश्वर्या ताई सचिन अहिर के सहयोग एवं विशेष सहयोग अधीक्षक, ई एस आय सी रुग्णालय (कामगार हॉस्पिटल) किरण अरुण गावडे,बाळाराम सावर्डेकर के सहयोग से आयोजित किया गया। मनपा द्वारा आयोजित मुफ्त स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का निर्देशन स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विरेन्द्र वी मोहिते एवं संयोजन डॉ प्रज्योत चौव्हाण ने किया। उक्त शिविर में मलेरिया व मधुमेह हेतु रक्त जांच, क्षयरोग हेतु थूंक कफ जांच, सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लडप्रेशर की जांच विशेषज्ञ डॉ द्वारा की गई तत्पश्चात उन्हें उक्त बिमारी की दवा दी गई। उक्त आयोजन में डॉ प्रज्योत चौव्हाण, विनय कुमार शर्मा,प्रिति चौधरी, सुजीत सोनावणे, प्रमोद जाधव, शर्वरी कदम, सुरक्षा सावंत, ग़ौरी कांबले, मीरा कांबले, मंदाकिनी सुर्यवंशी, अर्पणा लोंढे,समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे, डॉ अमोल दर्रोइ, डॉ मनीष सार्दुल के साथ कामगार हास्पीटल वरली से डा सत्यम जी शुक्ला, डॉ रूतुजा मंधाने, रोशनी चौधरी,सायली खरात, रोशनी कोथेकर,वर्षा गांगुर्डे का सहयोग रहा। कार्यक्रम का आयोजन किरण गावड़े,बाला सौरडेकर, वरिष्ठ समाजसेवी नरेन्द्र सिंह,अक्षय गोस्वामी, माधव पटेल,राजू अडसूल एवं नरसिंह गोस्वामी ने किया। उक्त शिविर का लाभ सैकड़ों नागरिकों ने लिया तथा गणेशोत्सव के अवसर पर सभी ने बाप्पा के दर्शन किया।आयोजक मंडल ने उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान पुष्पगुच्छ देकर किया।
रोजगार महाकुंभ में शामिल होंगी टाटा, महिंद्रा समेत नामचीन कंपनियां : कैबिनेट मंत्री लोढ़ा
मुंबई। राज्य के युवाओं को रोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से आयोजित किए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ को नामचीन कंपनियों और उद्योग संस्थानों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक 1,588 नियोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है, जिनके माध्यम से 71,939 प्राथमिक रोजगार अवसर उपलब्ध हुए हैं। रोजगार महाकुंभ में टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप, LIC, HDFC, ICICI, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, बॉश, एंड्युरेंस टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, JSW स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, CEAT और थर्मैक्स जैसी नामचीन कंपनियां एवं संस्थाएं शामिल हैं। ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं और कौशल वाले युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी। फ्रेशर्स के साथ अनुभवी उम्मीदवारों के लिए भी रोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। ITI, स्नातक, HSC, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग तथा अन्य कौशल आधारित योग्यताएं रखने वाले उम्मीदवारों के लिए विभिन्न पदों पर अवसर उपलब्ध हैं। इनमें टेक्नीशियन, मशीन ऑपरेटर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, ट्रेनी, अप्रेंटिस, सेल्स, ग्राहक सेवा सहित अन्य पद शामिल हैं। साथ ही, सरकार से संबंधित संस्थाओं में भी युवाओं को काम करने का अवसर मिलेगा।
रोजगार महाकुंभ को मिल रहे प्रतिसाद को देखते हुए 29 सितंबर तक पंजीकृत नियोक्ताओं की संख्या 2,500 से अधिक होने की उम्मीद है। आगामी दिनों में और अधिक कंपनियां एवं उद्योग संस्थाएं इसमें शामिल होंगी, जिससे युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों में और वृद्धि होने की संभावना है। रोजगार महाकुंभ के माध्यम से उद्योग क्षेत्र की मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं और युवाओं के कौशल का समन्वय करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी, यह जानकारी कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दी। आगामी 29 सितंबर को आयोजित होने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ की पूर्व तैयारियों के तहत कौशल विकास विभाग और मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से 11 सितंबर को बांद्रा पूर्व स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में ‘एम्प्लॉयर राउंड टेबल’ का आयोजन किया गया था। कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की पहल पर आयोजित इस बैठक में महाराष्ट्र के 32 नामचीन उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों के मानव संसाधन प्रबंधन विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रोजगार मेले में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना, उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं को समझना तथा उपलब्ध रोजगार अवसरों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना, इस बैठक का उद्देश्य था।
गणपति बप्पा के दरबार में भवन निर्माता मनीष दुबे का सम्मान
भायंदर। महाराष्ट्र में चल रहे गणेशोत्सव के बीच भायंदर पूर्व के इन्द्रलोक फेस 2 में सात इमारतों के बीच स्थापित गणपति बप्पा के दरबार में जेबीएस/एनजी ग्रुप के डायरेक्टर मनीष दुबे का स्थानीय रहवासियों की तरफ से सम्मान किया गया।गणेशोत्सव मंडल की तरफ से मंडल अध्यक्ष अमित मोरे तथा एडवोकेट भक्ति ठाकुर ने उनका सम्मान किया। इस अवसर पर छोटे भाई तथा एनजी ग्रुप के डायरेक्टर नीतीश दुबे भी उपस्थित रहे। एनजी ग्रुप द्वारा यहां की सात इमारतों का पुनर्विकास किया जा रहा है। बिल्डर द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों को देखते हुए स्थानीय रहिवासियों द्वारा उनका सम्मान किया गया। भवन निर्माता मनीष दुबे तथा नीतीश दुबे ,मीरा भायंदर के प्रख्यात समाजसेवी,व्यवसाई तथा भाजपा नेता राजेश मिश्रा के भांजे हैं। इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
गणपति बप्पा की पूजा अर्चना में डूबा रहा ज्ञान प्रकाश सिंह का पूरा परिवार
मुंबई। वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रख्यात समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी गोरेगांव पूर्व के ओबेरॉय टॉवर्स स्थित अपने आवास पर धार्मिक विधि विधान के साथ डेढ़ दिनों तक गणपति बप्पा की स्थापना की। ज्ञान प्रकाश सिंह और उनका पूरा परिवार बप्पा की भक्ति और पूजा अर्चना में डूबा रहा। अनेक गणमान्य लोगों ने उनके घर पर स्थापित बप्पा का दर्शन किया। ज्ञान प्रकाश सिंह ने सभी आगंतुकों का बप्पा की मूर्ति के सामने धार्मिक अंग वस्त्र से सम्मान किया।

धार्मिक कार्यक्रमों से ज्ञान प्रकाश सिंह और उनके पूरे परिवार का गहरा लगाव रहा है। खासकर जौनपुर में धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर ज्ञान प्रकाश सिंह की अपनी एक विशेष पहचान है। जौनपुर में 20 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक, उन्होंने तीसरी बार राम कथा का भव्य आयोजन किया है। ज्ञान प्रकाश सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि मात्र डेढ़ दिनों की गणपति में भी करीब 900 लोगों ने उनके आवास पर आकर गणपति बप्पा के दर्शन किए। ज्ञान प्रकाश सिंह के साथ उनके दोनों पुत्र अमित सिंह तथा सुमित सिंह के अलावा उनकी धर्मपत्नी रीना सिंह, बहू दीप्ति अमित सिंह तथा श्वेता सुमित सिंह ने आने वाले सभी लोगों का स्वागत और सत्कार किया। बप्पा के विसर्जन के समय पूरा परिवार भावुक दिखाई दे रहा था।
गणेश जी के परिवार से प्रेम का सबसे बड़ा पाठ
–डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा

गणेश उत्सव के इस पावन अवसर पर मैं गणपति बप्पा से केवल अपने विघ्न दूर करने की प्रार्थना नहीं करना चाहती, बल्कि उनके पूरे परिवार से जीवन जीने का एक बहुत सुंदर पाठ सीखना चाहती हूँ।

जरा गणेश जी के परिवार को देखिए।

भगवान शिव—शिव शब्द का अर्थ ही है कल्याणकारी, मंगलमय।
वे हमें त्याग, वैराग्य और कल्याण का संदेश देते हैं।

माता पार्वती—शक्ति का स्वरूप हैं।
जहाँ शिव हैं, वहाँ शक्ति है; और शिव और शक्ति मिलकर ही सृष्टि को पूर्णता देते हैं।

और फिर उनके पुत्र
गणेश जी, बुद्धि और विवेक के प्रतीक।
कार्तिकेय जी, साहस और पराक्रम के प्रतीक।

लेकिन इस परिवार की सबसे अद्भुत बात क्या है?
आइए उनके वाहनों को देखिए।

गणेश जी का वाहन मूषक,
कार्तिकेय जी का वाहन मोर,
भगवान शिव के गले में सर्प और उनका वाहन नंदी,
और माता पार्वती का वाहन सिंह।

कितना अद्भुत परिवार है!

जहाँ हमें हर तरफ स्वाभाविक विरोध दिखाई देता है, वहाँ परिवार में प्रेम और समरसता दिखाई देती है।

मोर और मूषक—एक-दूसरे के स्वाभाविक साथी नहीं।
सर्प और मूषक—विरोध का संबंध।
सिंह और नंदी—एक शिकारी, दूसरा शांत और सरल।

फिर भी सभी एक ही परिवार में हैं।
क्यों?
क्योंकि जहाँ प्रेम होता है, वहाँ विरोध छोटा हो जाता है और संबंध बड़ा।

यही गणेश परिवार हमें सिखाता है—
परिवार में सबका स्वभाव एक जैसा होना जरूरी नहीं,
दिलों में प्रेम होना जरूरी है।

आज हमारे घरों में भी छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो जाता है।
विचार अलग हुए, पसंद अलग हुई, अपेक्षाएँ पूरी नहीं हुईं और हम रिश्तों से दूर होने लगते हैं।

लेकिन शिव-पार्वती का परिवार जैसे हमें कहता है ,
“भिन्नता को स्वीकार करो, प्रेम को मत खोओ।”
और गणेश जी के जीवन की एक बहुत सुंदर कथा भी हमें यही सिखाती है।

एक बार भगवान शिव और माता पार्वती ने गणेश जी और कार्तिकेय जी से कहा कि जो तीनों लोकों की परिक्रमा करके सबसे पहले वापस आएगा, वही विजेता होगा।

कार्तिकेय जी अपने मोर पर बैठकर तुरंत निकल पड़े।
गणेश जी ने अपने छोटे-से मूषक को देखा।
उन्होंने सोचा—मेरे लिए इतनी लंबी यात्रा करना आसान नहीं होगा।

तब गणेश जी ने अपने माता-पिता—शिव और पार्वती—की तीन परिक्रमा की और कहा—
“मेरे लिए मेरे माता-पिता ही तीनों लोक हैं।”
कितनी गहरी बात है!

बुद्धि केवल तेजी से आगे बढ़ जाने का नाम नहीं है।
बुद्धि यह समझने का नाम भी है कि जीवन में वास्तव में सबसे मूल्यवान क्या है।

आज हम पूरी दुनिया घूम रहे हैं, बहुत कुछ पा रहे हैं, बहुत आगे बढ़ रहे हैं; लेकिन कभी-कभी अपने ही घर के लोगों से दूर होते जा रहे हैं।

गणेश जी हमें याद दिलाते हैं—
दुनिया जीतने से पहले अपने रिश्ते मत हारिए।
और यहाँ से यह कथा हमें आध्यात्मिक जीवन की ओर भी ले जाती है।

हम त्याग करते हैं, तप करते हैं, पूजा करते हैं, साधना करते हैं।
लेकिन यदि हमारे भीतर प्रेम, करुणा, क्षमा और मैत्री नहीं है, तो हमारी साधना अभी अधूरी है।

प्रेम है तो त्याग में मिठास है।
प्रेम है तो क्षमा सहज है।
प्रेम है तो सेवा आनंद बन जाती है।
प्रेम है तो घर परिवार स्वर्ग बन जाता है।

इसीलिए मेरे लिए गणेश जी का परिवार केवल एक धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि पूरा जीवन-दर्शन है।

शिव हमें कल्याण सिखाते हैं,
पार्वती हमें शक्ति देती हैं,
गणेश हमें बुद्धि देते हैं,
कार्तिकेय हमें साहस देते हैं—
और पूरा परिवार हमें प्रेम और समरसता का पाठ पढ़ाता है।

आज गणपति बप्पा से मेरी प्रार्थना है—
हे विघ्नहर्ता,
हमारे घरों के केवल बाहरी विघ्न दूर मत करना,
हमारे मन के अहंकार, क्रोध और कटुता के विघ्न भी दूर करना।

हमें ऐसा हृदय देना कि हम अपने से अलग सोचने वाले को भी स्वीकार कर सकें।

हमारे रिश्तों में प्रेम रहे,
बड़ों के प्रति सम्मान रहे,
छोटों के प्रति स्नेह रहे,
और मन में सभी के लिए मैत्री रहे।

क्योंकि अंत में जीवन में हमने कितना पाया, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है;
हमने कितने दिलों में प्रेम छोड़ा—शायद यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

और मेरी दृष्टि में गणपति बप्पा का सबसे सुंदर संदेश यही है— “जहाँ प्रेम है, वहाँ विरोध भी समरसता बन जाता है।
जहाँ प्रेम है, वहाँ त्याग साधना बन जाता है।
और जहाँ प्रेम नहीं है, वहाँ केवल त्याग और तप भी आत्मा को पूर्ण शांति नहीं दे सकते।”

हे गणपति बप्पा,
मेरे भीतर प्रेम इतना भर देना कि
मैं हर रिश्ते में अपना देख सकूँ,
हर जीव में जीवन देख सकूँ,
और हर परिस्थिति में कल्याण का मार्ग खोज सकूँ।
रवि व्यास ने बढ़ाया मीरा भायंदर का गौरव, रूस के स्टेट ड्यूमा चुनाव में बने अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता एडवोकेट रवि व्यास ने भारत की तरफ से रूस में आयोजित 2026 के स्टेट ड्यूमा चुनावों में अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया। रूस में 18 से 20 सितंबर तक मतदान प्रक्रिया आयोजित की गई। इस दौरान मतदाताओं के लिए मतदान के विभिन्न विकल्प उपलब्ध थे—पारंपरिक मतदान केंद्र पर प्रत्यक्ष मतदान, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से मतदान तथा डिजिटल माध्यम से मोबाइल या कंप्यूटर द्वारा मतदान। डिजिटल प्रक्रिया में मतदाता की पहचान के लिए पासपोर्ट संबंधी सत्यापन की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में एडवोकेट रवि व्यास ने मॉस्को में 30 से अधिक मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय मॉनिटरिंग एवं निगरानी केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ चुनावी प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक मतदान की निगरानी व्यवस्था को समझने का अवसर मिला। उन्होंने मतदाता पहचान, मतदान की गोपनीयता, मतपत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मतदान की प्रक्रिया तथा मतदान केंद्रों पर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उनके अनुसार, जिन मतदान केंद्रों का उन्होंने दौरा किया, वहाँ प्रक्रिया व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और पारदर्शी दिखाई दी। रूस का स्टेट ड्यूमा भारत की लोकसभा की तरह राष्ट्रीय संसद का निचला सदन है। हालांकि दोनों देशों की चुनाव प्रणालियों में महत्वपूर्ण अंतर हैं। रूस में 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा के लिए 225 सदस्य एकल-सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों से और 225 सदस्य राजनीतिक दलों की सूचियों के आधार पर चुने जाते हैं। भारत में लोकसभा के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से एक सांसद चुना जाता है और सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार विजयी होता है।एडवोकेट रवि व्यास ने बताया कि 30 से अधिक मतदान केंद्रों और केंद्रीय मॉनिटरिंग सेंटर का दौरा कर हमें रूस की चुनावी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर समझने का अवसर मिला। एक अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हमारा दायित्व किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन करना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से देखना और अपने प्रत्यक्ष अनुभव को तथ्यात्मक रूप से साझा करना है। भारत और रूस की चुनाव प्रणालियाँ अलग हैं, लेकिन दोनों देशों की चुनावी प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।