शिवडी के राजा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘पानी के नीचे की द्वारका’ बनी आकर्षण का केंद्र
मुंबई। शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर साकार की गई भव्य ‘पानी के नीचे की द्वारका’ झांकी इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भव्य सजावट, अत्याधुनिक तकनीक और पौराणिक वैभव के अनूठे समन्वय से तैयार की गई इस झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

इसी क्रम में ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शाह एवं जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष अल्पा संजय शाह ने शिवडी के राजा के दर्शन किए। दोनों ने भगवान गणेश के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर मुंबईकरों तथा पूरे महाराष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति के लिए मंगल प्रार्थना की। इस अवसर पर मंडल के प्रमुख मार्गदर्शक विजय इंदुलकर ने 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष को विशेष एवं यादगार बनाने के उद्देश्य से ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शाह और जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष अल्पा संजय शाह का सम्मान किया। दर्शन के पश्चात संजय शाह एवं अल्पा शाह ने ‘पानी के नीचे की द्वारका’ की भव्य झांकी का अवलोकन किया। उन्होंने झांकी की अनूठी संकल्पना, कलात्मक प्रस्तुति, आकर्षक सजावट तथा आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की सराहना की।

“आस्था और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम”
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संजय शाह ने कहा कि, शिवडी के राजा के दर्शन कर मन को अत्यंत आनंद और शांति की अनुभूति हुई। ‘पानी के नीचे की द्वारका’ की भव्य झांकी हमारी समृद्ध पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने का सुंदर प्रयास है। इसकी भव्यता और रचनात्मकता श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव प्रदान कर रही है। हमने शिवडी के राजा के चरणों में मुंबईकरों और पूरे महाराष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं प्रगति के लिए प्रार्थना की।

अत्याधुनिक तकनीक से साकार हुई दिव्य द्वारका
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प्रसिद्ध आर्ट डायरेक्टर अमन विधाते की संकल्पना से साकार की गई इस भव्य झांकी की लंबाई 130 फीट, चौड़ाई 65 फीट और ऊंचाई 45 फीट है। LED स्क्रीन, होलोग्राम तकनीक, लेजर इफेक्ट्स तथा वातानुकूलित सेट के माध्यम से पौराणिक द्वारका के भव्य एवं आकर्षक स्वरूप को जीवंत रूप दिया गया है।

75वें अमृत महोत्सव को यादगार बनाने का प्रयास
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मंडल के अध्यक्ष श्रीकांत जाधव ने कहा कि शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष को विशेष एवं यादगार बनाने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा अनुभव तैयार करने का प्रयास किया गया है। ‘पानी के नीचे की द्वारका’ को श्रद्धालुओं से मिल रहा उत्स्फूर्त प्रतिसाद इस प्रयास की सफलता को दर्शाता है।

मंडल के प्रमुख मार्गदर्शक विजय इंदुलकर ने भी झांकी की संकल्पना, निर्माण और श्रद्धालुओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद पर संतोष व्यक्त किया।

शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष में ‘पानी के नीचे की द्वारका’ आस्था, कला, तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का ऐसा आकर्षक संगम प्रस्तुत कर रही है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव का केंद्र बनी हुई है।
गणेश उत्सव की तैयारियों को लेकर महासमिति गंभीर, व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं —

उपजिलाधिकारी से होगी निर्णायक वार्ता

पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन मार्ग और घाटों तक की व्यवस्थाओं पर हुआ मंथन

तुलसीपुर। आगामी श्री गणेश उत्सव को भव्य, शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर केंद्रीय श्री गणेश पूजा महासमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्त के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में नगर की विभिन्न गणेश पूजा समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में पूजा पंडालों की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, विसर्जन मार्गों, विसर्जन स्थलों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर गहन चर्चा की गई। मूर्ति स्थापना के बाद पूजा समितियों के समक्ष उत्पन्न हो रही विभिन्न समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।

महासमिति ने स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव आस्था और श्रद्धा का पर्व है। श्रद्धालुओं एवं पूजा समितियों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी अथवा समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों से तत्काल संवाद स्थापित कर समाधान कराया जाएगा।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर की प्रमुख समस्याओं एवं गणेश उत्सव से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय श्री गणेश पूजा महासमिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही श्रीमान उप जिलाधिकारी महोदय से मुलाकात करेगा और सभी बिंदुओं को मजबूती के साथ उनके समक्ष रखा जाएगा।

महासमिति का उद्देश्य स्पष्ट है—गणेश उत्सव में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, पूजा समितियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

महासमिति ने नगरवासियों एवं सभी पूजा समितियों से अपील की कि आपसी भाईचारा, अनुशासन और सौहार्द बनाए रखते हुए भगवान श्री गणेश के महापर्व को ऐतिहासिक एवं गरिमापूर्ण बनाने में सहयोग करें।इस दौरान
विवेक मोदनवाल
बलराम कश्यप
अमन
मनीष कसौधन
राहुल गुप्ता
हिमांशुमोदनवाल
सूरज कुमार
चन्द्रकान्त कश्यप
आदित्य कसौधन
दुर्गेश मोदनवाल
शिवम कसौधन दिलीप कसौधन
सत्यम गुप्त
शुभम पाण्डेय
विक्की मोदनवाल
सौरभ कसौधन
विवेक मोदनवाल  श्रद्वानन्द सोनी उपस्थित रहे
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बाणगंगा में महाआरती संपन्न
मुंबई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मलबार हिल स्थित ऐतिहासिक बाणगंगा में महाआरती का आयोजन किया गया। महाराष्ट्र राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में भक्तिमय वातावरण में महाआरती संपन्न हुई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा देशसेवा के कार्य को और अधिक मजबूती मिलने के लिए प्रार्थना की।इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बाणगंगा में महाआरती कर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्त हो, इसके लिए प्रार्थना की। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत देश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। देश के विकास के संकल्प और जनसेवा की भावना को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आज इस पवित्र स्थल पर प्रार्थना की है।उन्होंने आगे कहा कि “हमारी संस्कृति में धार्मिक आस्था और राष्ट्रसेवा को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसे मंगलमय अवसर पर देश की प्रगति और प्रत्येक नागरिक के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करना, हम सभी की सामूहिक भावना है।नमहाआरती के दौरान बाणगंगा परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही देश की शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम में स्थानीय नगरसेवक, नागरिक, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंगल कुंज में विराजमान गणपति बप्पा से संजय शाह ने लिया आशीर्वाद

मुंबई। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विघ्नहर्ता एवं मंगलकर्ता भगवान श्री गणेशजी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव प्रकट करते हुए सुप्रसिद्ध समाजसेवी तथा ज्वेल मेकर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह श्रीमती अल्पा संजय शाह, ने परिवार सहित मंगल कुंज में विराजमान भगवान श्री गणपति बप्पा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान गणेशजी से सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर मंगल कुंज में स्थापित भगवान श्री गणेशजी की प्रतिमा के समक्ष संजय शाह एवं परिवारजनों ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की। श्रद्धा एवं आस्था से परिपूर्ण इस अवसर पर गणपति बप्पा के जयघोष से वातावरण मंगलमय हो उठा। ज्वेल मेकर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े संजय जीवनलाल शाह समाजसेवा, धार्मिक शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में समाजहित तथा धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहा है। इस अवसर पर संजय जीवनलाल शाह, श्रीमती अल्पा संजय शाह, प्रवीण शाह, श्रीमती शोभना शाह, यश प्रवीण शाह, कियान यश शाह एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त कर समस्त समाज एवं देशवासियों के सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।

महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी सृजन ट्रस्ट के बीच समझौता

मुंबई। राज्य के युवाओं को उनके जिले, तालुका और स्थानीय क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘रोजगार महाकुंभ महाराष्ट्र’ इस महत्वाकांक्षी पहल को नई मजबूती मिली है। महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग और सृजन ट्रस्ट, पुणे के बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन किया गया है।

आगामी 29 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले रोजगार महाकुंभ का विस्तार करना, विभिन्न उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों की भागीदारी बढ़ाना तथा अधिक से अधिक रोजगार इच्छुक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य है। इस पहल के तहत राज्यभर में विभिन्न स्थानों पर रोजगार मेलों और प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से रोजगार इच्छुक युवाओं और नियुक्ति करने वाली कंपनियों को एक ही मंच पर लाया जाएगा। रोजगार मेलों में उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। साथ ही, जहां संभव हो, चयनित उम्मीदवारों को ऑफर लेटर या नियुक्ति पत्र देने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। विभिन्न उद्योगों, कंपनियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), स्टार्टअप्स तथा सेवा क्षेत्र की संस्थाओं को इस पहल से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उपलब्ध रिक्त पदों, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, कौशल, अनुभव, कार्यस्थल और अपेक्षित भर्ती से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी।

कॉलेज के विद्यार्थियों, आईटीआई एवं कौशल प्रशिक्षणार्थियों, स्नातक, डिप्लोमा धारकों तथा अन्य रोजगार इच्छुक युवाओं तक इस पहल की जानकारी पहुंचाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं, दिव्यांगों, ग्रामीण युवाओं तथा रोजगार के अवसरों से वंचित वर्गों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। रोजगार मेलों के प्रभावी आयोजन के लिए उम्मीदवार पंजीकरण, कंपनियों के लिए हेल्प डेस्क, साक्षात्कार व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और स्वयंसेवकों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, चयनित उम्मीदवारों के जॉइनिंग स्टेटस का फॉलोअप किया जाएगा और इस पहल के माध्यम से वास्तव में कितने युवाओं को रोजगार मिला, इसका परिणाम आधारित मूल्यांकन भी किया जाएगा। कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी के आयुक्त अमित सैनी, सृजन ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रा. मिलिंद मराठे, दीपक मुकादम, प्रा. वैद्य कैलास सोनमणकर, विशेष कार्य अधिकारी पंकज पाठक, अमित पटले, श्रेयस जोगलेकर, अलका यादव आदि की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन किया गया।

अवधेश विश्वकर्मा नमन द्वारा लिखित पुस्तक मेरी अभिलाषा मेरा मन का लोकार्पण
मुंबई। आकार म्यूजिक,विभावरी काव्य धारा तथा स्वर संगम फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार 13 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर कवि नाटककार,संगीतकार अवधेश विश्वकर्मा ' नमन ' की प्रथम पुस्तक मेरी अभिलाषा मेरा मन का लोकार्पण हुआ।नीलम पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण मीरा रोड स्थित विरूंगला केंद्र सभागृह में प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्ज्वलन से किया गया।सरस्वती वंदना संगीतमय स्वर में लेखक अवधेश विश्वकर्मा नमन ने किया।समारोह की अध्यक्षता हौशिला अन्वेषी ने किया तथा विशिष्ट अतिथियों में हृदयेश मयंक,हरिप्रसाद राय,शैलेश सिंह तथा राकेश शर्मा उपस्थित थे।सभी अतिथियों ने मेरी अभिलाषा मेरा मन पर अपने वक्तव्य रखते हुए पुस्तक समीक्षा किया।मुख्य अतिथि हुबनाथ पांडेय ने पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए कहा कि अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' अपने गीतों और ग़ज़लों को विरूंगला केंद्र में संगीतबद्ध करके प्रस्तुति दें ताकि इनके भाव एवं संदेश लेखनी के माध्यम से गीतों और ग़ज़लों के रुप में समाज के बीच जाए जो बहुत प्रसिद्ध होंगी।विशिष्ट अतिथि आर एस विकल ने पुस्तक में संकलित रचनाओं पर प्रकाश डाला तथा समाज के विघटनकारी तत्वों पर की गई टिप्पणियों पर ध्यान केंद्रित किया।अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर जनाब शमीम अब्बास ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' को मुबारकबाद दी। पुस्तक लोकार्पण पश्चात दूसरे सत्र के रूप में कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता जनाब शमीम अब्बास ने किया जिन्होंने अपनी ग़ज़लों से महफ़िल में समां बांधा दिया।कवि सम्मेलन का खूबसूरत संचालन अमित दुबे ने किया लगभग साठ कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया जिसमें वरिष्ठ गज़लकार एन बी सिंह नादान,अनिल राही, प्रमोद पल्लवित,विनय शर्मा दीप,आनंद पाण्डेय केवल, त्रिलोचन सिंह अरोरा, जाकिर हुसैन रहबर,अंजनी कुमार द्विवेदी,लालबहादुर यादव, श्रीधर मिश्र,अरूण दुबे,अनिल गौड़, कल्पेश यादव,नीतू पांडेय क्रांति, लक्ष्मी यादव,कुसुम तिवारी,लक्ष्मी कांत कमलनयन,वीरेंद्र यादव, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी,दिनेश बैसवारी,ओम प्रकाश तिवारी,नन्दन मिश्रा,शेखर तिवारी,डॉ दिनेश कुमार वर्मा, प्रोफेसर डॉ दिनेश वर्मा,रामसिंह, विजय कुलकर्णी, रामजी कनौजिया, राम व्यास उपाध्याय,भूपेंद्र मिश्र, रामदत्त तिवारी,सुनीता गुप्ता,आनंद शंकर, राजेश कुमार सिंह, पुलक चक्रवर्ती, राहुल पी,विजय नाथ मिश्र, वीर बहादुर यादव मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित सभी अतिथियों,पत्रकारों एवं महानगर में संचालित सभी साहित्यिक संस्थाओं के अध्यक्षों का सम्मान पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर किया गया।अंत में नमन ने उपस्थित सभी साहित्यकारों,पत्रकारों, संपादक एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के निवास पर विराजमान श्री गणेश
मुंबई। आरटीआई कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली के निवास पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ स्थापित की गई। गणराय के आगमन से निवास पर भक्तिमय एवं आनंदपूर्ण वातावरण बना हुआ है।
इस अवसर पर परिवार, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने श्री गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। अनिल गलगली ने गणराय से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और मुंबई के विकास की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक के प्रतीक हैं। गणराय की कृपा से समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना मजबूत हो, यही प्रार्थना है।
लालबागचा राजा के दरबार में फिल्म जगत,मीडिया की विशेष उपस्थिति
मुंबई | मुंबई के विश्वविख्यात लालबागचा राजा के दरबार में गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद, SAB ग्रुप के अध्यक्ष मारकंड अधिकारी, कैलाश अधिकारी तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता विनोद पाठक ने लालबागचा राजा के विशेष दर्शन कर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया।
दर्शन के अवसर पर सभी ने भगवान श्री गणेश से देश और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा एक बार फिर पूरे उत्साह के साथ दिखाई दे रही है। वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भगवान गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए दर्शन किए। वहीं SAB ग्रुप के अध्यक्ष मारकंड अधिकारी और कैलाश अधिकारी की उपस्थिति ने भी इस धार्मिक आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता विनोद पाठक ने कहा कि लालबागचा राजा मुंबई की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। गणेशोत्सव केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि लोगों को आपसी भाईचारे और सद्भाव से जोड़ने वाला उत्सव भी है।
इस विशेष दर्शन के दौरान कौशल विनोद पाठक भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए आध्यात्मिक एवं भावनात्मक रूप से विशेष अनुभव रहा। उन्होंने मुंबईवासियों तथा देशवासियों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
लालबागचा राजा के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मुंबई पहुंच रहे हैं। गणपति बप्पा के जयघोष से लालबाग क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।
गोंडा के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर, SIS लिमिटेड में सुरक्षा जवान व सुपरवाइजर की भर्ती*

*18 सितंबर से विकासखंडवार लगेंगे SIS भर्ती कैंप, हाईस्कूल पास युवा कर सकेंगे प्रतिभाग*

*सुरक्षा जवान एवं सुपरवाइजर बनने का मौका, गोंडा के सभी ब्लॉकों में आयोजित होंगे भर्ती कैंप*

*गोण्डा 16 सितंबर 2026* -  गोंडा के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर, एसआईएस लिमिटेड में सुरक्षा जवान एवं सुपरवाइजर पदों पर भर्ती — जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी ने बताया कि जनपद के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसआईएस लिमिटेड द्वारा सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाइजर के पदों पर विकासखंडवार भर्ती कैंप आयोजित किए जाएंगे। भर्ती कैंप 18 सितंबर को परसपुर, 19 व 21 सितंबर को बेलसर, 22 व 23 सितंबर को बभनजोत, 24 व 25 सितंबर को नवाबगंज, 26 व 28 सितंबर को मनकापुर, 5 व 6 अक्टूबर को कटरा बाजार, 7 व 8 अक्टूबर को इटियाथोक, 9 व 10 अक्टूबर को करनैलगंज, 12 व 13 अक्टूबर को हलधरमऊ, 17 व 19 अक्टूबर को मुजेहना, 21 व 22 अक्टूबर को छपिया, 23 व 24 अक्टूबर को रुपईडीह, 26 व 27 अक्टूबर को पंडरीकृपाल तथा 28 व 29 अक्टूबर 2026 को झंझरी विकासखंड में आयोजित होंगे। सभी कैंप प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक होंगे। अभ्यर्थी की योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण, आयु 19 से 40 वर्ष तथा न्यूनतम लंबाई 167.5 सेंटीमीटर निर्धारित है। चयनित अभ्यर्थियों से ₹350 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया कैंप स्थल पर ही होगी। अभ्यर्थियों की ड्यूटी 8 घंटे प्रतिदिन एवं 26 दिन प्रतिमाह होगी तथा वेतन ₹16,000 से ₹30,000 तक बताया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को लखनऊ मेट्रो, सचिवालय, कंपनियों, अयोध्या धाम, हनुमानगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों तथा आवश्यकता के अनुसार प्रदेश के बाहर भी तैनाती दी जा सकती है। किसी भी विकासखंड का अभ्यर्थी अपनी सुविधानुसार किसी भी भर्ती कैंप में प्रतिभाग कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए 9236915649 एवं 7348142910 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला विकास अधिकारी ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भर्ती कैंप में प्रतिभाग कर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
राजस्व विभाग का अजब कारोबार, 60 साल बाद होगी आवंटित जमीन की SIT जांच
मुंबई। कल्याण में पद्मिनी प्रीमियर का निर्माण करने वाली प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स की जमीन के आवंटन के मामले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर ही सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। छह दशक से भी अधिक समय पहले, यानी 1962 से 1965 के दौरान विभिन्न सरकारी आदेशों के माध्यम से आवंटित 170 एकड़ से अधिक जमीन की जांच के लिए 4 सितंबर 2026 को एसआईटी का गठन किया गया है। खास बात यह है कि यह जांच कांग्रेस नेता नाना पटोले की शिकायत के आधार पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के आदेश से शुरू की गई है। शिकायत प्राप्त होने के महज 8 दिनों के भीतर बिना किसी प्राथमिक जांच के समिति गठित किए जाने से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-धंधों को आमंत्रित कर रहे हैं, वहीं राजस्व विभाग इस तरह अनावश्यक कागजी कार्रवाई के जरिए उद्योगों को परेशान कर रहा है। ऐसे में राज्य में उद्योग कैसे आएंगे और रोजगार सृजन कैसे होगा, यह सवाल भी उठाया जा रहा है। प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स की स्थापना 1944 में सोलापुर के उद्योगपति सेठ वालचंद हीराचंद दोशी ने सर एम. विश्वेश्वरैया के प्रोत्साहन से की थी। स्वतंत्रता के बाद देश में प्रत्यक्ष रूप से निर्मित शुरुआती वाहनों में से कुछ वाहनों का उत्पादन प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स ने किया था। वर्ष 1953 में वालचंद हीराचंद के निधन के बाद उनके भाई लालचंद हीराचंद ने कंपनी की कमान संभाली। महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार के आग्रह पर हीराचंद परिवार ने राज्य में उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत 1962 से 1965 के दौरान ठाणे जिले के कल्याण तालुका में 170 एकड़ से अधिक जमीन विभिन्न आदेशों के माध्यम से प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स को दी गई। उस समय यह इलाका दूर-दराज का था और वहां औद्योगिक गतिविधियां कम थीं। रोजगार सृजन के उद्देश्य से प्रीमियर को एक बड़ा औद्योगिक यूनिट स्थापित करना था, साथ ही कुछ जमीन कर्मचारियों के आवास के लिए इस्तेमाल की जानी थी। हालांकि, इस जमीन के मूल आवंटन को छह दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद अब इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इससे इतने लंबे समय बाद की जा रही जांच के समय और इसके पीछे की प्रशासनिक भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, कंपनी के आर्थिक संकट में आने के बाद उसकी जमीन का कुछ हिस्सा विभिन्न पक्षों को बेचा गया। करीब 55 एकड़ जमीन अनंत डेवलपर्स को विकास करार के तहत दी गई, जबकि कुछ जमीन बेचकर कंपनी ने विभाग का बकाया चुकता किया, ऐसा दावा किया गया है। वर्तमान स्थिति में 170 एकड़ जमीन में से 57 एकड़ जमीन रुनवाल समूह के पास, 55 एकड़ जमीन लोढ़ा डेवलपर्स के पास, 41 एकड़ जमीन सुंदर निवास प्रॉपर्टीज के पास और करीब 13 एकड़ जमीन विभिन्न सरकारी विभागों के पास है।औद्योगिक निवेश, जमीन आवंटन और विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार द्वारा लिए गए हर पुराने फैसले की यदि कई दशकों बाद जांच शुरू की जाने लगे, तो भविष्य में उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्णय लेने वाले प्रशासन को इसका क्या परिणाम भुगतना पड़ेगा, यह सवाल भी इस मामले के जरिए उठाया जा रहा है। एक ओर उद्योगों को जमीन देकर रोजगार सृजन और विकास को बढ़ावा देने की नीति है, तो दूसरी ओर छह दशक बाद उन्हीं फैसलों की जांच की जा रही है। ऐसे में राजस्व विभाग का यह कारभार वास्तव में विकास को गति देने वाला है या निर्णय प्रक्रिया में बाधा डालने वाला, यह सवाल अब उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस के विधायक के 11 अगस्त के पत्र पर आठ दिनों में बैठक हुई और 19 अगस्त तक निर्णय लिया गया। इस तेजी और इसकी दिशा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए 1960 के दशक में लिए गए फैसले, उसके बाद जमीन के उपयोग में आया बदलाव, न्यायालयीन प्रक्रिया और शासन के समक्ष सभी शुल्क का भुगतान किए जाने के बावजूद अब 60 साल बाद एसआईटी जांच शुरू करने का प्रशासन ने निर्णय लिया है। यह निर्णय किसी के दबाव में लिया गया है और यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में उद्यमी महाराष्ट्र में क्यों रहें?