"उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2026: उपनिरीक्षक और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड जल्द जारी"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आगामी 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के एडमिट कार्ड 11 और 12 मार्च को जारी किए जाएंगे। जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 मार्च को है, वे 11 मार्च और जिनकी परीक्षा 15 मार्च को है, वे 12 मार्च को बोर्ड की वेबसाइट पर जारी लिंक से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर परीक्षा के प्रश्न पत्र, उनकी सामग्री, विश्लेषण या चर्चा करना उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुपयुक्त साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत सख्त प्रतिबंधित है। किसी भी उल्लंघन करने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अपर सचिव सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि 4543 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पेपर लीक, नकल या सॉल्वर गैंग जैसी अवांछनीय गतिविधियों की सूचना देने हेतु निम्न संपर्क जारी किए गए हैं।

गोपनीय सूचना देने के लिए:

ईमेल आईडी: नंबर (मैसेज): 9454457951

बोर्ड ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निर्भीक होकर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

21वीं रमजान पर लखनऊ में ताबूत जुलूस, कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू
लखनऊ। 21वीं रमजान के अवसर पर 11/12 मार्च की रात रौजा-ए-नजफ, रूस्तमनगर (थाना सआदतगंज) से ताबूत का जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस से पहले तड़के करीब 4 बजे मजलिस पढ़ी जाएगी। इसके बाद जुलूस रौजा-ए-नजफ से शुरू होकर नजफ रोड, छोटे साहब आलम रोड, मंसूर नगर तिराहा, गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज, बिल्लौचपुरा तिराहा, हरी बिल्डिंग (तंबाकू वाली गली), थाना बाजारखाला के सामने, टुड़ियागंज, हैदरगंज तिराहा, बुलाकी अड्डा और एवररेडी तिराहा होते हुए कर्बला तालकटोरा पहुंचकर समाप्त होगा।

जुलूस को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने सुबह लगभग 3 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक कई मार्गों पर डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।ट्रैफिक पुलिस के अनुसार रौजा-ए-काजमैन तिराहे से नजफ इमामबाड़ा और मंसूर नगर की ओर आने वाला यातायात सआदतगंज थाना तिराहे से चौपटिया होकर जाएगा। नक्खास तिराहे से टुड़ियागंज, बाजारखाला और हैदरगंज की ओर जाने वाले वाहन रकाबगंज पुल या मेडिकल क्रॉसिंग होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
इसी तरह रकाबगंज पुल से नक्खास की ओर जाने वाला यातायात मेडिकल कॉलेज चौराहा या नाका चौराहा होकर जाएगा। टुड़ियागंज तिराहे से गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज, मंसूर नगर या बाजारखाला की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा।
हैदरगंज स्थित लाल माधव तिराहे से टुड़ियागंज या नक्खास की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे और उन्हें ऐशबाग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। बुलाकी अड्डा तिराहे से हैदरगंज और मिल एरिया की ओर जाने वाला यातायात भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहन टिकैत राय तालाब और राजाजीपुरम होकर जा सकेंगे।
मिल एरिया तिराहे से बुलाकी अड्डा या एवररेडी तिराहे की ओर भी यातायात नहीं जा सकेगा। एवररेडी तिराहे से मिल एरिया और विक्रम कार्टन मिल की ओर जाने वाले वाहनों को भूसा मंडी, मवैया या आलमबाग की ओर मोड़ा जाएगा।
भूसा मंडी तिराहे से एवररेडी की ओर आने वाले वाहनों को मवैया या ऐशबाग रोड से भेजा जाएगा। वहीं विक्रम कार्टन मिल तिराहे से कर्बला तालकटोरा की ओर जाने वाला यातायात लंगड़ा फाटक ओवरब्रिज और सूर्यनगर राजाजीपुरम की ओर से जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस, फायर सर्विस और शव वाहन को आवश्यकतानुसार प्रतिबंधित मार्गों से भी जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए लोग ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ में स्कूलों के पास ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की पहल, ट्रैफिक मार्शलों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ। माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के आदेश के अनुपालन में और पुलिस उपायुक्त (यातायात) कमलेश दीक्षित के निर्देशन में राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। विशेष रूप से स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय स्कूलों के आसपास होने वाले जाम को कम करने और यातायात को सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इसी क्रम में लखनऊ यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस लाइन में 28 फरवरी 2026 से सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों द्वारा नियुक्त किए गए कुल 89 ट्रैफिक मार्शल भाग ले रहे हैं। इनमें लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, सीएमएस (गोमती नगर विस्तार, स्टेशन रोड, विशाल खंड), सेठ एम.आर. जयपुरिया, एलपीएस, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, एसकेडी एकेडमी, जोसेफ इंटर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉलेज, लोरेटो इंटरनेशनल स्कूल, एलपीएस साउथ सिटी और माउंट कार्मल कॉलेज जैसे विद्यालय शामिल हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में इनडोर सत्र के माध्यम से ट्रैफिक मार्शलों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के मानकों, यातायात संकेतों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की सैद्धांतिक जानकारी दी जा रही है। वहीं दूसरे भाग में आउटडोर या फील्ड सत्र के तहत उन्हें स्कूलों के आसपास के चौराहों और तिराहों पर ले जाकर यातायात संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में भीड़ को नियंत्रित कर सकें।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना और छात्रों व अभिभावकों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये ट्रैफिक मार्शल अपने-अपने विद्यालयों में स्कूल खुलने और बंद होने के समय यातायात व्यवस्था संभालेंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि उनसे स्कूल समय के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि वे पूरी क्षमता से अपने मुख्य कार्य यानी यातायात प्रबंधन को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास करोड़ों की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

लखनऊ । अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एएनटीएफ थाना गाजीपुर की टीम ने एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 523 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 620 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा एएनटीएफ लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में की गई।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान दिलशाद (25 वर्ष) पुत्र इस्लाम निवासी ग्राम चौरे दानूपट्टी, थाना मोतिगरपुर जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है। उसे 9 मार्च 2026 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सराय नौरंग अंडरपास के पास थाना जयसिंहपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह बाराबंकी निवासी एक व्यक्ति से सस्ते दामों में हेरोइन खरीदता था और उसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर आसपास के गांवों और जिलों में बेच देता था। इस धंधे से होने वाले मुनाफे से वह अपने खर्च और शौक पूरे करता था। घटना के दिन भी वह हेरोइन बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

इस मामले में थाना जयसिंहपुर, सुल्तानपुर में मु0अ0सं0 72/26 धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मोहनलालगंज में दिव्यांग मां-बेटे की हत्या, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
लखनऊ: मोहनलालगंज के सीसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 45 वर्षीय रेशमा बानो और उनका 18 वर्षीय पुत्र शादाब, दोनों दृष्टिबाधित, अपने घर में मृत पाए गए। घटना की भयावहता इस कदर थी कि रेशमा का शव चारपाई के नीचे पड़ा मिला, जबकि शादाब का शव पानी भरे टब में पड़ा था। दोनों के गले पर कपड़े से दबाव डालने के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रारंभिक रूप से दम घोंटकर हत्या करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पड़ोसियों ने दी घटना की सूचना
सूचना मिलने पर थाना मोहनलालगंज की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पड़ोसियों ने बताया कि शाम करीब 6 बजे रेशमा से फोन पर बात हुई थी, लेकिन थोड़ी देर बाद उनके फोन पर किसी ने हाथ डाल दिया और बातचीत में रुकावट आई। पड़ोसी सलमान और फरहान घर पहुंचे तो देखा कि दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाकर उन्हें दोनों मृतक मिले।
घटना की परिस्थिति और प्रारंभिक जांच
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों शव घर के अंदर पाए गए और प्रथम दृष्टया हत्या से पहले संघर्ष के संकेत मिल रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हत्या के कारण और आरोपी की पहचान स्पष्ट होगी।
रेशमा बानो अपने दिव्यांग बेटे के साथ रहती थीं। उनके पति इकबाल पठान की कोरोना के दौरान मौत हो चुकी थी। रेशमा अपने बेटे का पालन-पोषण घर के बाहर छोटे व्यवसाय से करती थीं। घटना के समय परिवार का कोई और सदस्य घर पर नहीं था।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने पूरे घर का निरीक्षण कर फोरेंसिक टीम को बुलाया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मामले के शीघ्र खुलासे और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों के संबंध में भी चेतावनी जारी की कि केवल अधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस भयावह हत्या की वजह जानने के लिए पुलिस और मीडिया से लगातार संपर्क में हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की तीव्र और गहन जांच जारी है और जल्द ही दोषियों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
यूपी कैबिनेट में बड़े प्रस्तावों की संभावना, CM योगी की नई हेलीकॉप्टर सुविधा भी चर्चा में
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इस बैठक में सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति निगरानी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाने की संभावना है।

सरकार कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली 1956 में संशोधन कर रही है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी यदि किसी वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश में लगाता है, तो उसे इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा। वर्तमान में नियम में केवल दो माह के मूल वेतन से अधिक चल संपत्ति के लेन-देन की जानकारी देना अनिवार्य था। इसके अलावा, प्रत्येक कर्मचारी को पहली नियुक्ति के समय और उसके बाद हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा। अभी यह नियम हर पांच वर्ष में लागू होता है।

कैबिनेट में अन्य प्रस्तावों में कानपुर में ट्रांस गंगा सिटी के लिए चार लाइन पुल का निर्माण, उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन, और टेक्सटाइल एवं गार्मेटिंग पॉलिसी 2022 में बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा परिवहन, आवास, औद्योगिक विकास, हथकरघा उद्योग, उच्च शिक्षा, सिंचाई, ऊर्जा, समाज कल्याण और खाद एवं रसद विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री की उड़ान और सुरक्षा में सुधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हवाई यात्रा अब अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर से होगी। उत्तर प्रदेश सरकार के बेड़े में नया अगस्ता वेस्टलैंड AW139 हेलीकॉप्टर शामिल किया गया है। यह हेलीकॉप्टर वीवीआईपी यात्रा के लिए दुनिया के बेहतरीन हेलीकॉप्टरों में गिना जाता है। इसमें 12-15 यात्री एक साथ उड़ान भर सकते हैं और इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 310 किलोमीटर प्रति घंटा है।

डबल इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर में क्रैश सेफ्टी सिस्टम, डिजिटल ग्लास कॉकपिट और साउंडप्रूफ केबिन जैसी सुविधाएं हैं। अगर किसी इंजन में समस्या आ भी जाए, तो दूसरा इंजन सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करता है। खराब मौसम और रात के समय भी इसे उड़ाया जा सकता है। इटली की कंपनी Leonardo द्वारा निर्मित इस हेलीकॉप्टर की कीमत लगभग एक अरब रुपये है। पिछले वर्ष राज्य सरकार ने अपने तीन पायलटों को इटली भेजकर इस हेलीकॉप्टर का प्रशिक्षण भी कराया।

इस बैठक के परिणामों से राज्य के सुरक्षा, प्रशासनिक और विकास संबंधी फैसलों पर व्यापक असर पड़ेगा।
टी-20 विश्वकप विजेता कुलदीप यादव का भव्य विवाह: 14 मार्च को मसूरी में सात फेरे, 17 मार्च को लखनऊ में रिसेप्शन
लखनऊ/मसूरी। भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 विश्वकप विजेता गेंदबाज कुलदीप यादव 14 मार्च 2026 को मसूरी में लखनऊ की वंशिका के साथ सात फेरे लेंगे। इसके पहले 13 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्में आयोजित की जाएंगी।

कुलदीप यादव और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ के एक होटल में सगाई की थी। शुरू में शादी नवंबर 2025 में तय थी, लेकिन भारतीय टीम के मैच और टी-20 विश्वकप में कुलदीप के चयन के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई।

शादी के बाद 17 मार्च को लखनऊ के होटल सेंट्रम में भव्य रिसेप्शन का आयोजन होगा। इस समारोह में बीसीसीआई के अधिकारी, यूपीसीए के पदाधिकारी, भारतीय टीम के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर, और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।

कुलदीप के पिता रामसिंह यादव ने 8 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर उन्हें शादी और रिसेप्शन का निमंत्रण दिया था। शादी और रिसेप्शन में क्रिकेट जगत और समाज के कई प्रमुख लोग शामिल होकर इस खुशी के अवसर को और यादगार बनाएंगे।
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, ‘10 हजार दो’ वाले बयान पर CDO नागेंद्र नारायण मिश्रा निलंबित
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तैनात मुख्य विकास अधिकारी Nagendra Narayan Mishra का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वीडियो में सीडीओ कथित तौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों से पैसे की व्यवस्था कराने की बात करते सुनाई दे रहे हैं।

वायरल वीडियो में सीडीओ जिला समन्वयक संजीव पचौरी से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इसमें वह कथित रूप से कहते सुनाई देते हैं कि “हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये चाहिए… आप अपने आदमी हैं पचौरी, पैसे दिलवाइए।” हालांकि वीडियो में संजीव पचौरी इस मांग को स्वीकार करने से साफ इनकार करते दिखाई देते हैं और किसी भी तरह के पैसे के लेन-देन में शामिल होने से मना कर देते हैं।


वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि नागेंद्र नारायण मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा से प्रोन्नत होकर सीडीओ बने थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सीडीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।फिलहाल पूरे मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
युद्ध से हिला निर्यात बाजार: गेहूं भेजने की तैयारी पर संकट, यूपी के मिलिंग उद्योग को झटका
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में तीन साल बाद शुरू होने जा रहे गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों के निर्यात पर पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध का असर पड़ने लगा है। समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ने, शिपिंग संकट और बीमा लागत महंगी होने के कारण खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात एक बार फिर अनिश्चितता में घिर गया है।

निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 25 से 35 प्रतिशत तक

भारत सरकार ने फरवरी 2026 में सीमित मात्रा में 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों (आटा, मैदा, सूजी) के निर्यात को मंजूरी दी थी। यह कदम 2022 में लगे प्रतिबंध के बाद निर्यात को आंशिक रूप से फिर शुरू करने की दिशा में अहम माना जा रहा था, ताकि किसानों को बेहतर कीमत मिल सके।हालांकि निर्यातक संगठनों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और युद्ध जोखिम बीमा के महंगे होने के कारण कई नए निर्यात सौदे फिलहाल टाल दिए गए हैं।इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव और यूपी रोलर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक बजाज के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में है और गेहूं आधारित उत्पादों के निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 25 से 35 प्रतिशत तक है।

1700 करोड़ रुपये के कारोबार के अवसर बनने की उम्मीद थी

उन्होंने बताया कि निर्यात खुलने से यूपी के लिए करीब 1500 से 1700 करोड़ रुपये के कारोबार के अवसर बनने की उम्मीद थी। इसका लाभ कानपुर, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ और बरेली समेत लगभग 20 जिलों के मिलिंग और प्रोसेसिंग उद्योग को मिलना था।इन क्षेत्रों की मिलें खाड़ी देशों यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत और कतर में आटा, मैदा और सूजी की आपूर्ति करती रही हैं। लेकिन यदि क्षेत्र में युद्ध की स्थिति लंबी चली तो शिपिंग लागत 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और बीमा प्रीमियम भी दोगुना होने की आशंका है।ऐसे में तीन साल बाद खुला निर्यात बाजार फिर से प्रभावित होने का खतरा है, जिससे उत्तर प्रदेश के आटा-मैदा उद्योग और गेहूं व्यापार को बड़ा झटका लग सकता है।
कॉमर्शियल गैस सप्लाई रुकी तो लखनऊ में खाने का संकट, स्ट्रीट फूड से लेकर हॉस्टल मेस तक असर
लखनऊ । व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति रुकने से राजधानी लखनऊ में खानपान से जुड़ा बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर स्ट्रीट फूड वेंडरों, छोटे रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और टिफिन सर्विस पर पड़ सकता है। इन कारोबारियों के पास सीमित सिलिंडर स्टॉक होता है, जो एक-दो दिन में खत्म हो सकता है।

लखनऊ में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, मजदूर, बाहर से आए विद्यार्थी और कामगार रोजाना खाने के लिए इन छोटे रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड दुकानों पर निर्भर रहते हैं। अनुमान है कि करीब पांच लाख लोगों का भोजन सीधे तौर पर इस व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े चारबाग के कारोबारी अनिल विरमानी का कहना है कि अगर कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति जल्द शुरू नहीं हुई तो सबसे ज्यादा दिक्कत मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को होगी। इससे न केवल भोजन की व्यवस्था प्रभावित होगी बल्कि छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ सकता है।

इसका असर शैक्षणिक संस्थानों के छात्रावासों की मेस पर भी पड़ सकता है। लखनऊ विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों के 18 छात्रावासों में करीब दो हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं, जिनके भोजन की व्यवस्था मेस के जरिए होती है। फिलहाल मेस में सीमित गैस भंडार है, जो अधिकतम सात दिन तक ही चल सकता है।

इसके अलावा गोमतीनगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रावासों में रहने वाले लगभग 1800 विद्यार्थियों के भोजन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इन संस्थानों में रोजाना बड़ी मात्रा में कॉमर्शियल सिलिंडरों की खपत होती है।

हालांकि कुछ संस्थानों में फिलहाल गैस का सीमित भंडार मौजूद है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में कैंटीन और छात्रावास मेस के लिए लगभग 12 दिन तक गैस उपलब्ध होने की बात कही गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई और अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक प्रभावित रहे तो शहर में खानपान की व्यवस्था और छोटे होटल-ढाबा कारोबार को गंभीर झटका लग सकता है।