कन्नौज में मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का हुआ भव्य आयोजन, डीएम और एसपी के साथ जिला न्यायाधीश रहे मौजूद
पंकज कुमार श्रीवास्तव/विवेक कुमार
कन्नौज। जिले में आज रविवार को मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का भव्य आयोजन पी.एस.एम.डिग्री कालेज, कन्नौज में किया गया, जिसका शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर जनपद न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया। मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत व्यापक स्तर पर लाभ वितरण किया गया।
शिविर में उद्यान विभाग एवं वन विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थी, जबकि श्रम विभाग द्वारा 10 लाभार्थी,इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, उपायुक्त उद्योग, ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायतीराज विभाग, कृषि विभाग, परिवहन विभाग, बैंक एलडीएम, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, जल जीवन मिशन एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।
समाज कल्याण विभाग एवं खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 10-10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं योजनागत सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 6 लाभार्थियों को लैपटॉप स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने हेतु ₹7,45,50,000 की रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि का डेमो चेक 05 समूह प्रतिनिधियों को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 05 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड तथा क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई।
इस प्रकार शिविर में कुल 126 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए। इस अवसर पर एलईडी के माध्यम से विधिक सहायता एवं “न्याय सबके लिए” विषयक जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके। इस अवसर उपस्थित महानुभावों द्वारा विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की गई।
जनपद में आयोजित मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री नरेन्द्र कुमार झा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अनेक बार जानकारी के अभाव में लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं, इसलिए ऐसे कार्यक्रम समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाएं समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए बनाई जाती हैं। अतः आवश्यक है कि इन योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं तथा पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं से आच्छादित करें।
उन्होंने ग्राम प्रधानों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाना उनकी जिम्मेदारी है। यदि ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी तो योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकारों के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करते हैं।
इनका मूल उद्देश्य व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और न्याय की रक्षा करना है, ताकि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव न हो और उसे कानून के समक्ष समान संरक्षण प्राप्त हो।
जनपद में आयोजित भव्य जनकल्याणकारी कार्यक्रम के अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में 36 विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर आमजन को विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को योजनाओं, नियमों एवं कानूनों की समुचित जानकारी हो, ताकि पात्र व्यक्ति बिना किसी असुविधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जागरूकता होगी, उतनी ही सरलता से आमजन अपने अधिकारों और सुविधाओं तक पहुंच पाएंगे।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र कृषकों को दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा इस योजना में बटाईदार किसानों को भी शामिल किया गया है, बशर्ते कि वे वास्तविक बटाईदार हों। पात्रता की विधिवत जांच के उपरांत ही लाभ स्वीकृत किया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद के 28 पात्र लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने भारत के संविधान के चार प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं स्वतंत्र मीडिया—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुदृढ़ नींव हैं।
विधायिका कानूनों का निर्माण करती है, कार्यपालिका उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है, न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय प्रदान करती है तथा मीडिया समाज को जागरूक रखने के साथ शासन-प्रशासन को उत्तरदायी बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जब ये चारों स्तंभ अपने-अपने दायित्वों का समन्वित एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है और आमजन को न्याय, समानता एवं अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा प्राप्त होती है।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। इनमें लखपति दीदी योजना, आजीविका की गति को बढ़ावा देने संबंधी कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, जननी सुरक्षा योजना, आरोग्य मेला, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, ओडीओपी योजना, प्राकृतिक खेती, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना, पीएम कुसुम योजना, मिलेट्स प्रोत्साहन कार्यक्रम, सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा बाल सम्मान कोष योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रहीं।
अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की विधि के संबंध में भी विस्तार से जानकारी देते हुए आमजन को अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव स्नेहा ने भी आयोजित कार्यक्रम पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरेंद्रनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
1 hour and 38 min ago
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