श्री जैन धार्मिक शिक्षा संघ द्वारा ‘श्रेष्ठ पाठशाला अवॉर्ड’ प्रदान
मुंबई | श्री जैन धार्मिक शिक्षा संघ द्वारा आयोजित भव्य एवं गरिमामय समारोह में श्री गीतांजलि श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ संचालित पाठशाला को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित ‘श्रेष्ठ पाठशाला अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। जैन शासन की प्रभावना तथा नई पीढ़ी में धार्मिक मूल्यों और संस्कारों के सिंचन हेतु पाठशाला की उत्कृष्ट सेवाओं की विशेष सराहना की गई। गीतांजलि संघ की पाठशाला में वर्तमान में 300 से अधिक विद्यार्थी नियमित रूप से धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनका मार्गदर्शन 15 से अधिक समर्पित शिक्षक कर रहे हैं। पाठशाला की उल्लेखनीय उपलब्धि यह है कि यहां से अब तक लगभग 25 मुमुक्षुओं ने दीक्षा ग्रहण कर जैन शासन की कीर्ति में वृद्धि की है। उत्साही कार्यकर्ताओं, ट्रस्टियों एवं शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से पाठशाला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और संस्कार शिक्षा का प्रेरणादायी केंद्र बन चुकी है। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने पाठशाला के सर्वांगीण विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई के अध्यक्ष सुरेश देवचंद संघवी ने कहा कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए समयानुकूल शिक्षण पद्धति अपनाना और निरंतर प्रोत्साहन देना आवश्यक है। वहीं संघ के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि भगवान महावीर द्वारा बताए गए परोपकार और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हमारी जैन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखना पाठशालाओं का पवित्र दायित्व है। संघ के कोषाध्यक्ष अशोक नरसी चरला ने कहा कि बच्चों में धर्म के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। इसी दिशा में ‘डिजिटल पाठशाला’ की शुरूआत की गई है तथा पाठशाला के ढांचे के आधुनिकीकरण की आवश्यकता है ।इस अवसर पर धार्मिक विषयों में उत्कृष्ट ज्ञान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्री गीतांजलि जैन संघ के ट्रस्टी दिलीपभाई विनयचंद्र शाह, बीपीनभाई प्रभुदास शाह, जयेशभाई व्रजलाल रवासा तथा कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने शिक्षा संघ के पदाधिकारियों का सम्मान किया। समारोह में भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर संघ के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, सुरेश देवचंद संघवी, संजय जीवनलाल शाह, अशोक नरसी चरला, मंत्री विमलेशभाई नरपतभाई झवेरी, किरीटभाई फोफानी, श्रेष्ठीवर्य पंकजभाई शाह, राजूभाई जवाहरभाई शाह, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजय शाह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि देशभर में संघ संचालित 655 पाठशालाओं में 75,000 से अधिक विद्यार्थी जैन धर्म की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह उपलब्धि भावी पीढ़ी में संस्कार, संयम और धर्मज्ञान के बीज रोपित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पाठशाला के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। बच्चों की प्रतिभा और कलात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। अवॉर्ड प्राप्ति के साथ ही पूरे गीतांजलि संघ परिवार, शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का वातावरण छा गया। इस अवसर पर संघ की ओर से बहनों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का भी विशेष सम्मान किया गया।
माता प्रसाद चतुर्वेदी की पुस्तक अनुभव जीवन के का विमोचन

मीरा रोड। विरूंगला केन्द्र में माता प्रसाद चतुर्वेदी की सद्य प्रकाशित कृति 'अनुभव जीवन के' का विमोचन हुआ। उनकी पुस्तक पर बोलते हुए कुसुम त्रिपाठी जी ने कहा कि उनके लेखन में विविधता है। वह अपने आलेखों के द्वारा आज भी एक शिक्षक की भूमिका का सफलता पूर्वक निर्वाह कर रहे हैं। समाज, परिवार, गांव, शहर, जन्मभूमि, कर्मभूमि, बेटी, संपत्ति,बच्चे रिश्ते, मेडिया एवं आधुनिक तकनीक जैसे विषयों को उन्होंने अपने लेख का विषय बनाया है। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए प्रो शीतला प्रसाद दूबे ने कहा कि महत्वपूर्ण यह नही है हम किस विचार धारा से जुड़े हुए हैं, महत्वपूर्ण यह है कि हमारे कार्य में हमारी वैचारिकता कितनी झलकती है। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने एक महिला का उदाहरण दिया जो लंबी यात्रा करते हुए पीड़ित और दुखी बच्चों और महिलाओं के लिए पुराने कपड़े का उपयोग कर उनके लिए सहायक बनती है। उन्होंने माता प्रसाद चतुर्वेदी जी की पुस्तक को एक पठनीय पुस्तक बताया। बात को आगे बढाते हुए कमला शंकर मिश्र ने हास्य और विनोद के अपने चिर परिचित अंदाज में अपनी बात रखी और बदलते समय में अच्छी पुस्तकों के पढने की महती आवश्यकता पर जोर दिया। पुस्तक पर अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य में  डॉ दयानंद तिवारी जी ने लेखकों से मूल्य परक लेखन की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नही हुआ तो आने वाले दस वर्षों में हमारे समाज की स्थिति भयावह हो जाएगी और  उसमें बुजुर्गों का जीवन बोझिल बन जाएगा। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में ह्दयेश मयंक ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालते हूए बताया कि उनके स्कूल के प्रिय शिक्षक जब तक जीवित रहे, तब तक वह गाँव जाने समय आदर के प्रतीक के रूप में उन्हें एक  गंजी और धोती आदर सहित भेट करते रहे। उनका इशारा भी मुल्यों की तरफ था। उन्होंने सवाल किया कि आज इस तरह का आदर भाव शिक्षक बच्चों में क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं? उन्होंने समाज में बदलाव के लिए पुस्तकों के साथ शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला। पुस्तक प्रकाशन के विषय में प्रकाशक राजीव मिश्रा ने कहा कि उनके यहाँ से प्रकाशित पुस्तकों में यह एक मात्र पुस्तक है जिसे उन्होंने आद्योपांत पढा अन्यथा वह पुस्तक पर संस्तुति के लिए पांडुलिपि दूसरों के पास भेज दिया करते हैं। अपने लेखकीय वकतव्य में माता प्रसाद चतुर्वेदी ने सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और दूसरी पुस्तक के शीघ्र प्रकाशित हो जाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के आरंभ में सरस्वती वंदना और आशीष देने का महत्वपूर्ण कार्य पंडित कमलाशंकर मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने किया। विरूंगला केन्द्र शिक्षकों, लेखकों, संस्था चालकों और माता प्रसाद के शिष्यो से खचाखच भरा था।
स्वानंद बाबा आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन
ठाणे। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर स्वानंद बाबा आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। आश्रम के ट्रस्टी एवं बाबा के प्रमुख शिष्य प्रेम शुक्ल द्वारा सपरिवार विधिवत पूजन, दुग्धाभिषेक एवं हवन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर अभय मिश्र द्वारा संपादित प. पू. स्वानंद बाबा सेवा न्यास के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
समारोह में प्रमुख रूप से पं. दुर्गाप्रसाद पाठक, शांति शुक्ला, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी, पंकज मिश्रा, डॉ. दीप नारायण शुक्ला, गजेंद्र भंडारी, पुष्पराज मिश्रा, राजकिशोर तिवारी, बलवीर नेगी, सरबजीत सिंह, जगत गौतम, विपेंद्र पाठक, धर्मेन्द्र पांडेय, संजय सिंह, अनिल मिश्र, शिवसागर मिश्र सहित अनेक श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे महाशिवरात्रि की पावनता और भी अधिक प्रभावशाली बन गई।
बीसीटी कोचिंग डिपो को मिला सर्वश्रेष्ठ रखरखाव का सम्मान

मुंबई।  देश की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन पिछले तीन वर्षों से सुचारू रूप से जारी है और अपनी उत्कृष्ट सेवा, समयपालन तथा आधुनिक सुविधाओं के कारण यह यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है। वर्ष 2022 में 16 डिब्बों वाले रेक के साथ शुरू हुई इस ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता ने रिकॉर्ड स्तर की माँग पैदा की। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मई 2025 में पुराने रेक को संवर्धित कर 20 डिब्बों का किया गया जिससे अधिक यात्रियों को सुविधा मिल सकी।

इस ट्रेन ने उत्कृष्ट परिचालन के साथ-साथ रखरखाव के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। पिछले वर्ष बीसीटी कोचिंग डिपो ने पश्चिम रेलवे के जोनल पुरस्कारों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ रखरखाव डिपो का सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा 12953 अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को भी सर्वश्रेष्ठ रखरखाव ट्रेन का पुरस्कार मिला जो डिपो की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता का प्रमाण है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

पुरानी आरएसी मेंटेनेंस शेड के स्थान पर नए आधुनिक भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिससे रखरखाव सुविधाएँ और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी क्षमता विकसित की जा सकेगी।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर वर्ष भर रखरखाव गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कुल 46 कर्मचारियों को डिपो स्तर पर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से वंदे भारत की मेंटेनेंस गतिविधियों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले पर्यवेक्षक सहित 13 कर्मचारियों को अलग से सम्मान प्रदान किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत का सफल संचालन केवल आधुनिक तकनीक का परिणाम नहीं बल्कि समर्पित कर्मचारियों की टीमवर्क, सतत निगरानी और उच्च स्तरीय रखरखाव प्रणाली का प्रतिफल है। आने वाले समय में यात्रियों को और बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए तकनीकी उन्नयन और आधारभूत ढाँचे के विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
ग्रेट इंडियन पार्लियामेंट अवॉर्ड से सम्मानित हुए संजय शाह

मुंबई। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार राजदूत संगठन द्वारा
क्राइम प्रिवेंशन कमेटी के सहयोग से अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हाॅल में इस वर्ष के ग्रेट इंडियन पार्लियामेंट अवॉर्ड और भारत भूषण अवॉर्ड - 2026 समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध उद्योगपति श्याम भाऊ शिंदे, फिल्म अभिनेता नफे खान तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह, राजस्थान फाउंडेशन के मुंबई अध्यक्ष तथा सुप्रसिद्ध मराठी-हिंदी फिल्म निर्माता गणपत कोठारी (चेयरमैन, कोठारी फैब्रिक्स), भाजपा नगरसेविका सुधा सिंह, कांग्रेस नगरसेविका मेहर मोहसिन हैदर, श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई की महिला उपाध्यक्ष अल्पाबेन शाह, राकांपा (अजित पवार गुट) की युवा इकाई के महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव साजिद पटेल, भाजपा कामगार मोर्चा के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष नितिन गुप्ता फिल्म अभिनेता नफे खान, मॉडल व अभिनेत्री दीप्ति तिवारी, बॉलीवुड के फिल्म निर्देशक अंजन गोस्वामी और अनीता गोस्वामी, बॉलीवुड अभिनेत्री अन्नू कश्यप, वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स एएफ
के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र दादा दगडू सकपाल, सुलेमान शेख समेत तमाम दिग्गज उपस्थित रहे।

समारोह में 650 से अधिक जैन पाठशालाओं का संचालन कर 75 हजार से अधिक बच्चों में राष्ट्रभक्ति, शिक्षा तथा संस्कार की भावना प्रवाहित करने वाले श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल लाल शाह, संघ की महिला उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजय शाह, वैश्विक मैग्जीन 'लंदन हेराल्ड' के उप संपादक तथा भारत प्रमुख राजेश उपाध्याय को इस वर्ष के 'ग्रेट इंडियन पार्लियामेंट अवॉर्ड' तथा कारोबार के साथ ही सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, गौ-सेवा के साथ ही सभी क्षेत्रों में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान के लिए सुप्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी एवं राजस्थान सरकार के अधिकृत संगठन राजस्थान फाउंडेशन के मुंबई अध्यक्ष गणपत कोठारी को 'भारत भूषण अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली तमाम हस्तियों को भारत भूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

भाजपा नगरसेविका सुधा सिंह ने संस्था द्वारा विश्व के तमाम देशों में वंचितों की मदद, मानवाधिकार के संरक्षण के साथ ही किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए कार्यों के लिए संस्था द्वारा 'भारत भूषण अवॉर्ड' से सम्मानित किए जाने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुरस्कार जीवन में और भी बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं, और मैं इस कसौटी पर खरी उतरने के लिए आजीवन प्रतिबद्ध हूं। आयोजन को सफल बनाने में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार राजदूत संगठन के संस्थापक अध्यक्ष डाॅ अविनाश साकुंडे, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अफसर कुरैशी, राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष राजेश उपाध्याय, मुंबई अध्यक्ष जोहा अफसर कुरैशी, अर्जुन चव्हाण, परविंद संधू समेत समूची टीम का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन गणेश मोदवे तथा आभार संस्थापक अध्यक्ष डाॅ अविनाश साकुंडे ने व्यक्त किया।
हर हर महादेव के नारों से गूंजा भायंदर का काशी विश्वनाथ मंदिर
भायंदर। विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रेरणा से प्रख्यात समाजसेवी तथा राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में अपने माता-पिता की स्मृति में बनाए गए दिव्य और भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर में आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दिनभर भजन का सिलसिला जारी रहा। सुबह 4:30 बजे लल्लन तिवारी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कांति तिवारी के साथ भगवान शंकर की विधिवत पूजा अर्चना कर रुद्राभिषेक किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी लालजी तिवारी, मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडे, समाजसेवी बीआर मिश्रा, समाजसेवी अभयराज चौबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। भगवान शंकर के जयकारों के बीच देर शाम तक शिव भक्तों की भीड़ जमी रही।
सत्यनारायण पूजा एवं महाप्रसाद का आयोजन
ठाणे । जय अंजनी दर्शन को.आपरेटिव सोसायटी,डोंबिवली पश्चिम स्थित प्रांगण में महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शनिवार 14 फरवरी 2026 को सत्यनारायण कथा एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन सोसायटी के पदाधिकारियों के संयोजन में संपन्न हुआ। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया तत्पश्चात गीत संगीत का आनंद उठाया। उक्त कार्यक्रम में अंकों के खेल की प्रतियोगिता रखी गई जिसमें पांच लोगों ने जीत हासिल किया।कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।सत्यनारायण पूजा एवं महाप्रसाद का आयोजन सोसायटी कमेटी एवं कार्यकर्ता पदाधिकारियों के संयोजन में आयोजित किया गया।
रामधनी यादव के परिवार को 50 लाख रुपए का मुवायजा दे सरकार : डॉ द्रिगेश यादव
मुंबई। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, मुलुंड पर निर्माणाधीन मेट्रो 4 की कंक्रीट स्लैब गिरने से जौनपुर जनपद के मणियांहूं से समाजवादी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष तथा ग्राम सभा भरथानी के प्रधान रामधनी यादव की मौत हो गई। पूर्वांचल विकास परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि अपने रिश्तेदार के यहां शादी में आए रामधनी यादव की मृत्यु  ठेकेदारों की लापरवाही और सुरक्षा की कमी के चलते हुआ। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विकास परिवार उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित 5 लाख रुपए की मुवायजा राशि को बेहद कम बताते हुए उन्होंने कहा कि रामधनी यादव के परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए का मुवायजा दिया जाना चाहिए। साथ ही इस तरह की घटना का पुनरावर्तन रोकने की दिशा में सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए।
के. सी. कॉलेज के चार विद्यार्थियों का एक साथ राजभाषा विभाग में चयन

मुंबई। इस सप्ताह एच एस एनसी विश्वविद्यालय के के.सी. कॉलेज हिंदी-विभाग ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। विभाग के चार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का देश के पाँच प्रतिष्ठित संस्थानों के राजभाषा विभागों में चयन हुआ है। यह सफलता न केवल विद्यार्थियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि हिंदी भाषा की व्यावसायिक संभावनाओं को भी सशक्त रूप से रेखांकित करती है।

*प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन*
चयनित विद्यार्थियों में पल्लवी जायसवाल और सुप्रिया पंधारे का चयन आयात-निर्यात बैंक में लगभग 19-19 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। वहीं अभिमन्यु कुमार को मुम्बई पोर्ट अथॉरिटी में 17.5 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति मिली है। पल्लवी जायसवाल का चयन अतिरिक्त रूप से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन में 17 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर भी हुआ है। साथ ही संस्कृति सिंह का चयन हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड राजस्थान रिफाइनरी कॉर्पोरेशन लिमिटेड में 11 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर हुआ है।
विशेष उल्लेखनीय है कि पल्लवी जायसवाल का दो प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सशक्त प्रमाण है।

*कुलपति ने दी बधाई*
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) हेमलता बागला ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, योग्यता और जज़्बे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को संस्कारित और पूर्ण बनाने वाली शक्ति है। रोजगार की दृष्टि से हिंदी के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं, किंतु योग्य प्रतिभाओं का अभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से हिंदी को एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में देखने का आह्वान किया।

*प्राचार्य ने बताया प्रेरणास्रोत*
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तेजश्री शानभाग ने चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इनकी सफलता अन्य भाषा-विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस तथ्य को प्रमाणित करती है कि हिंदी का अध्ययन आज कॉर्पोरेट और प्रशासनिक क्षेत्रों में भी सम्मानजनक स्थान दिला रहा है।

*विभागाध्यक्ष ने व्यक्त किया हर्ष*

हिंदी-विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार राय ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका पूरा श्रेय विद्यार्थियों की लगन और सतत परिश्रम को जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी-विभाग का गौरवशाली इतिहास अनेक प्राध्यापकों, शिक्षकों, पत्रकारों और राजभाषा अधिकारियों के निर्माण से समृद्ध रहा है, और इन विद्यार्थियों ने उस परंपरा में एक और स्वर्णिम पृष्ठ जोड़ दिया है। यह उपलब्धि स्पष्ट करती है कि हिंदी आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की ठोस आधारशिला भी बन चुकी है।
सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट ने विनोद कुमार शर्मा का किया सम्मान


मुंबई । जनपद जौनपुर के युवा समाजसेवी,भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति जिला अध्यक्ष एवं भारतीय जीवन बीमा निगम मंडल प्रबंधक क्लब सदस्य विनोद कुमार शर्मा उर्फ सोनू के मुंबई आगमन पर सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट ने सम्मान किया।विनोद कुमार शर्मा सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं असहाय परिवार की सहायता,परिवार की प्रगति हेतु उनका मार्गदर्शन एवं बच्चों को दिशा निर्देश हेतु पहचाने जाते हैं।

महानगर मुंबई के युवा समाजसेवी एवं क़दम क़दम क़दम साप्ताहिक समाचार पत्र के प्रबंध संपादक अनिल कुमार शर्मा तथा सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट के सदस्य कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,संतोष कुमार शर्मा,सियाराम शर्मा, राजम स.शर्मा,शुभ संतोष शर्मा,लक्ष्मी शर्मा,संतोष निरंकार शर्मा,कर्पूरी शर्मा,सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी, मनोज जगदीश शर्मा,बाबुल्ले शर्मा,विनोद शर्मा, राधा शर्मा,सह संपादक क़दम क़दम पर के हरिशंकर शर्मा, अधिवक्ता अनिल शर्मा,सैन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी ने जन्मभूमि के समाजसेवी का सम्मान किया। मुंबई आगमन पर विनोद कुमार शर्मा ने सभी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि शादियों में तमाशा, दिखावा एवं दहेज प्रथा को बंद कीजिए पुरातन रिति-रिवाज पद्धति से शादी कीजिए तथा बच्चों को शिक्षित बनाईए।