Nutri Activania Expands Focus on Women’s Nutrition, from PCOS to Pregnancy and Breastfeeding

Nutri Activania, the Saket clinic founded in 2018 by Delhi-based dietician Avni Kaul, is strengthening its support for women’s health. Women’s health is a subject close to Avni Kaul’s heart, and as a hormone-focused nutritionist she now offers dedicated guidance for PCOS, endometriosis, PMS, fertility, perimenopause, menopause, pregnancy, postnatal recovery and lactation.

With PCOS increasingly common among Indian women, the clinic’s PCOS nutrition support focuses on meal structure, appetite, protein, fibre, energy and weight-related goals. Plans also take in sleep, stress, water intake and physical activity, all of which influence hormonal health. The guidance is designed to complement care from a woman’s gynaecologist or endocrinologist rather than replace diagnosis or treatment.

“Women often come to us after being handed a one-page diet sheet and told to lose weight,” said Avni Kaul, a dietician for PCOS in Delhi and Founder of Nutri Activania. “Hormones affect appetite, energy and mood, and PCOS, pregnancy and menopause each change what the body needs. A plan has to respect that, and it has to be something a busy woman can realistically follow. My goal is to give women the tools to take charge of their hormonal health through nutrition, rest, movement, self-care and a positive outlook.”

For women planning a family, the clinic offers pre-conception and fertility-related nutrition guidance, always alongside their doctor. For expectant and new mothers, its pre and postnatal nutrition programme covers dietary needs during pregnancy, postpartum recovery diets, breastfeeding and infant feeding, coordinated with the client’s obstetric and healthcare team. Avni Kaul is a Certified Lactation Counsellor (NHS, UK) with extensive training in maternal health and baby foods, and partners and family members are welcome to join sessions. Nutri Activania’s website also offers a free pregnancy weight gain calculator as a general starting-point tool.

Avni Kaul brings 12 years of practice, including her former role as a Dietician and Diabetes Educator in the Endocrinology Department at Max Hospital, where hormonal and metabolic conditions were central to daily care. She holds B.Sc. and M.Sc. qualifications in Food and Nutrition from the University of Delhi and was a Gold Medallist at Lady Irwin College.

Consultations are deliberately judgment-free, with every plan built around the woman’s routine, food preferences and emotional wellbeing. Support for thyroid management, which frequently overlaps with women’s hormonal concerns, and nutritional guidance for women prescribed GLP-1 agonist medications are also available, both in person and online.

About Nutri Activania

 Founded in 2018 by dietician Avni Kaul, Nutri Activania is a Saket, New Delhi nutrition clinic providing evidence-based, personalised nutrition for women’s hormonal health, pregnancy and lactation, weight management and lifestyle conditions, in person and online across India.

 

दिल्ली में इंटरनेट बंद पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, हलफनामा में कहा- जानबूझकर नहीं किया

#delhimobileinternetshutdowncentreapologizessupreme_court

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते 10 अक्टूबर को कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हुई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इस मामले में केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। केंद्र ने इसे बिना अनुमति प्रदर्शन रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया और बिना शर्त माफी मांगी।

अवमानना के आरोपों से इनकार

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस का जवाब दिया। इसमें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, गोविंद मोहन ने अवमानना के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियां लगाने के संबंध में 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के आदेश का कोई जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन का हवाला

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर केंद्र सरकार की ओर से गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने बताया कि बिना जरूरी अनुमति के एक विरोध प्रदर्शन होने वाला था। साथ ही, उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को आए अनुभवों का भी हवाला दिया।

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रही थी सेवाएं

बता दें कि केंद्र के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को रात 10 बजे तक एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दी थी। जिसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित रही थी। दिल्ली के रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध था। यह पाबंदी केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी, इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड कनेक्शन शामिल नहीं थे।

जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

#jantarmantarnolongeraprotestsite_delhi

दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत से छोड़ा गया, फिर हो सकते हैं गिरफ्तार, पुलिस ने चेताया

#youtuberdhruvratheereleasedbydelhipolice

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने जर्मनी से आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के शनिवार को हुए प्रदर्शन से पहले ही उन्हें गुरुग्राम में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था। कल ही देर रात ध्रुव राठी को रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ध्रुव राठी ने फिर से जंतर-मंतर जाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ फिर से एक्‍शन लिया जाएगा।

शनिवार देर रात रिहा किए गए राठी

पुलिस ने साफ किया है कि अगर ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली में कॉकरोचत जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राठी को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-56 में उनके घर से हिरासत में लिया था। यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया।

इंस्टाग्राम पर जारी किया था वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से एक दिन पहले शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर ध्रुव राठी ने एक वीडियो भी जारी किया था। शेयर किए गए एक वीडियो में ध्रुव राठी ने विरोध प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में लगाई गई भारी सुरक्षा और परिवहन पाबंदियों पर सवाल उठाए थे। राठी ने कहा था,'मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। और मैंने देखा कि हमारे प्रधानमंत्री ने यहां क्या व्यवस्था की है। 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।' ध्रुव राठी ने इतनी कड़ी पाबंदियों की जरूरत पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स दावा कर रहे हैं कि विरोध प्रदर्शन में बहुत कम भीड़ आएगी।

अभिजीत दीपके हिरासत में, रांका और सौरभ भी किए गए डिटेन, प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पहुंचते ही एक्शन

#abhijitdipkelandedatdelhiairportdetained

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले ही दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। अहम बात यह है कि वे फ्लाइट उतर तक नहीं पाए थे और पुलिस ने डिटेन कर लिया।

एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हिरासत में

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया गया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। मजबूरन पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर जाने से रोक रही पुलिस

दिल्ली पुलिस इस बात का खासतौर पर ध्यान रख रही है कि किसी भी हालत में प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिल्ली से लगने वाली सभी बॉर्डर पर भी भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की रोक-रोक कर तलाशी ली जा रही है, जो भी वाहनकर्मी संदिग्ध लग रहा है उसे डिटेन किया जा रहा है।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

#sonamwangchukisskippingcjpdelhiprotest_today

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

#57metrostationsofdelhimetrowillremainclosedfrom9october9pmtoday

दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन कल हो सकते बंद, नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रहेंगी रद्द

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दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन के आह्वान किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। इस बीच दिल्लीवालों के ल‍िए बड़ी खबर है। आज रात से द‍िल्‍ली मेट्रो के 57 मेट्रो स्टेशन बंद हो सकते हैं। डीएमआरसी मेट्रो स्‍टेशनों को लेकर यह बड़ा फैसला ले सकता है। वहीं, सीजेपी के प्रदर्शन के बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निज़ामुद्दीन पहुंचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है।

डीएमआरसी की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर डीएमआरसी को लेटर लिखा है और हालात को काबू में रखने के लिए कई मेट्रो स्टेशन बंद रखने का प्रस्ताव दिया है। आज रात 9 बजे से कल तक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों को भेजा गया है। डीएमआरसी की ओर से इस पर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।

57 मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं बंद

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों और बेकाबू भीड़ के जमा होने की आशंका को देखते हुए, 9 अक्टूबर को रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को हालात सामान्य होने तक दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के एंट्री/एक्जिट गेट बंद किए जा सकते हैं। दिल्ली मेट्रो पुलिस की ओर से डीएमआरसी को लिखे गए एक पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट गेट बंद करने और इन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दिया है।

रेलवे ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रैफ़िक जाम की वजह से रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन पहुँचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाक़े में सड़क पर भारी ट्रैफ़िक जाम की आशंका को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

#intelligenceinputsregardingcjpprotestindelhi

भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ केस दर्ज, आकाशवाणी कार्यालय में जबरन घुसने का आरोप

#complaintindelhipoliceagainstrahuland_priyank

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के परिसर में बिना अनुमति के दाखिल होने और वहां धरना देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है। पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के गठबंधन के कई अन्य सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

राहुल-प्रियंका समेत कई अन्य पर एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों पर आकाशवाणी कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से आकाशवाणी भवन परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला था मार्च

एक दिन पहले ही सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा।

Nutri Activania Expands Focus on Women’s Nutrition, from PCOS to Pregnancy and Breastfeeding

Nutri Activania, the Saket clinic founded in 2018 by Delhi-based dietician Avni Kaul, is strengthening its support for women’s health. Women’s health is a subject close to Avni Kaul’s heart, and as a hormone-focused nutritionist she now offers dedicated guidance for PCOS, endometriosis, PMS, fertility, perimenopause, menopause, pregnancy, postnatal recovery and lactation.

With PCOS increasingly common among Indian women, the clinic’s PCOS nutrition support focuses on meal structure, appetite, protein, fibre, energy and weight-related goals. Plans also take in sleep, stress, water intake and physical activity, all of which influence hormonal health. The guidance is designed to complement care from a woman’s gynaecologist or endocrinologist rather than replace diagnosis or treatment.

“Women often come to us after being handed a one-page diet sheet and told to lose weight,” said Avni Kaul, a dietician for PCOS in Delhi and Founder of Nutri Activania. “Hormones affect appetite, energy and mood, and PCOS, pregnancy and menopause each change what the body needs. A plan has to respect that, and it has to be something a busy woman can realistically follow. My goal is to give women the tools to take charge of their hormonal health through nutrition, rest, movement, self-care and a positive outlook.”

For women planning a family, the clinic offers pre-conception and fertility-related nutrition guidance, always alongside their doctor. For expectant and new mothers, its pre and postnatal nutrition programme covers dietary needs during pregnancy, postpartum recovery diets, breastfeeding and infant feeding, coordinated with the client’s obstetric and healthcare team. Avni Kaul is a Certified Lactation Counsellor (NHS, UK) with extensive training in maternal health and baby foods, and partners and family members are welcome to join sessions. Nutri Activania’s website also offers a free pregnancy weight gain calculator as a general starting-point tool.

Avni Kaul brings 12 years of practice, including her former role as a Dietician and Diabetes Educator in the Endocrinology Department at Max Hospital, where hormonal and metabolic conditions were central to daily care. She holds B.Sc. and M.Sc. qualifications in Food and Nutrition from the University of Delhi and was a Gold Medallist at Lady Irwin College.

Consultations are deliberately judgment-free, with every plan built around the woman’s routine, food preferences and emotional wellbeing. Support for thyroid management, which frequently overlaps with women’s hormonal concerns, and nutritional guidance for women prescribed GLP-1 agonist medications are also available, both in person and online.

About Nutri Activania

 Founded in 2018 by dietician Avni Kaul, Nutri Activania is a Saket, New Delhi nutrition clinic providing evidence-based, personalised nutrition for women’s hormonal health, pregnancy and lactation, weight management and lifestyle conditions, in person and online across India.

 

दिल्ली में इंटरनेट बंद पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, हलफनामा में कहा- जानबूझकर नहीं किया

#delhimobileinternetshutdowncentreapologizessupreme_court

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते 10 अक्टूबर को कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हुई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इस मामले में केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। केंद्र ने इसे बिना अनुमति प्रदर्शन रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया और बिना शर्त माफी मांगी।

अवमानना के आरोपों से इनकार

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस का जवाब दिया। इसमें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, गोविंद मोहन ने अवमानना के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियां लगाने के संबंध में 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के आदेश का कोई जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन का हवाला

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर केंद्र सरकार की ओर से गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने बताया कि बिना जरूरी अनुमति के एक विरोध प्रदर्शन होने वाला था। साथ ही, उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को आए अनुभवों का भी हवाला दिया।

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रही थी सेवाएं

बता दें कि केंद्र के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को रात 10 बजे तक एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दी थी। जिसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित रही थी। दिल्ली के रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध था। यह पाबंदी केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी, इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड कनेक्शन शामिल नहीं थे।

जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

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दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत से छोड़ा गया, फिर हो सकते हैं गिरफ्तार, पुलिस ने चेताया

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने जर्मनी से आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के शनिवार को हुए प्रदर्शन से पहले ही उन्हें गुरुग्राम में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था। कल ही देर रात ध्रुव राठी को रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ध्रुव राठी ने फिर से जंतर-मंतर जाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ फिर से एक्‍शन लिया जाएगा।

शनिवार देर रात रिहा किए गए राठी

पुलिस ने साफ किया है कि अगर ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली में कॉकरोचत जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राठी को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-56 में उनके घर से हिरासत में लिया था। यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया।

इंस्टाग्राम पर जारी किया था वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से एक दिन पहले शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर ध्रुव राठी ने एक वीडियो भी जारी किया था। शेयर किए गए एक वीडियो में ध्रुव राठी ने विरोध प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में लगाई गई भारी सुरक्षा और परिवहन पाबंदियों पर सवाल उठाए थे। राठी ने कहा था,'मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। और मैंने देखा कि हमारे प्रधानमंत्री ने यहां क्या व्यवस्था की है। 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।' ध्रुव राठी ने इतनी कड़ी पाबंदियों की जरूरत पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स दावा कर रहे हैं कि विरोध प्रदर्शन में बहुत कम भीड़ आएगी।

अभिजीत दीपके हिरासत में, रांका और सौरभ भी किए गए डिटेन, प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पहुंचते ही एक्शन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले ही दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। अहम बात यह है कि वे फ्लाइट उतर तक नहीं पाए थे और पुलिस ने डिटेन कर लिया।

एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हिरासत में

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया गया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। मजबूरन पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर जाने से रोक रही पुलिस

दिल्ली पुलिस इस बात का खासतौर पर ध्यान रख रही है कि किसी भी हालत में प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिल्ली से लगने वाली सभी बॉर्डर पर भी भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की रोक-रोक कर तलाशी ली जा रही है, जो भी वाहनकर्मी संदिग्ध लग रहा है उसे डिटेन किया जा रहा है।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

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कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

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दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन कल हो सकते बंद, नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रहेंगी रद्द

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दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन के आह्वान किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। इस बीच दिल्लीवालों के ल‍िए बड़ी खबर है। आज रात से द‍िल्‍ली मेट्रो के 57 मेट्रो स्टेशन बंद हो सकते हैं। डीएमआरसी मेट्रो स्‍टेशनों को लेकर यह बड़ा फैसला ले सकता है। वहीं, सीजेपी के प्रदर्शन के बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निज़ामुद्दीन पहुंचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है।

डीएमआरसी की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर डीएमआरसी को लेटर लिखा है और हालात को काबू में रखने के लिए कई मेट्रो स्टेशन बंद रखने का प्रस्ताव दिया है। आज रात 9 बजे से कल तक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों को भेजा गया है। डीएमआरसी की ओर से इस पर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।

57 मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं बंद

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों और बेकाबू भीड़ के जमा होने की आशंका को देखते हुए, 9 अक्टूबर को रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को हालात सामान्य होने तक दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के एंट्री/एक्जिट गेट बंद किए जा सकते हैं। दिल्ली मेट्रो पुलिस की ओर से डीएमआरसी को लिखे गए एक पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट गेट बंद करने और इन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दिया है।

रेलवे ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रैफ़िक जाम की वजह से रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन पहुँचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाक़े में सड़क पर भारी ट्रैफ़िक जाम की आशंका को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

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भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ केस दर्ज, आकाशवाणी कार्यालय में जबरन घुसने का आरोप

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चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के परिसर में बिना अनुमति के दाखिल होने और वहां धरना देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है। पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के गठबंधन के कई अन्य सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

राहुल-प्रियंका समेत कई अन्य पर एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों पर आकाशवाणी कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से आकाशवाणी भवन परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला था मार्च

एक दिन पहले ही सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा।