प्रयागराज में राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने वादों पर हो रही सुनवाई, निस्तारित भी किए गए्

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । राष्ट्रीय लोक अदालत जिला कचहरी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लगी है। इसमें पुराने वादों से लेकर उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान ही वादों को निस्तारित भी किया जा रहा है।

लोक अदालत में जुटी लोगों की भीड़ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने किया। उनके साथ कई एडीजे और एसीजेएम भी मौजूद हैं, जो वादों की सुनवाई कर रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में सुबह से ही काफी भीड़ जुट गई थी।

हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट

Rashtriya Lok Adalat जनपद न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट लगाए हैं। इन सभी मजिस्ट्रेट की अलग-अलग टेबल भी लगाई गई है। यहां भीड़ जुटी है और पुराने वादों की सुनवाई चल रही है।

ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

#ombirlacomebackinloksabhasaysallmembersmustfollow_rules

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

#congressgauravgogoiaccusesinloksabhanopersonalattackon_speaker

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष लामबंद, टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

#tmcsupportsnoconfidencemotionagainstloksabhaspeakerombirla

बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले एक बार फिर सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

बिरला पर भेदभाव करने का आरोप

लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव में, बिरला पर खुलकर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना

बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और उसी दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोली कांग्रेस?

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

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लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

#bjpmpnishikantdubeyfilesnoticetocancelrahulgandhiloksabhamembership

बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

प्रयागराज में राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने वादों पर हो रही सुनवाई, निस्तारित भी किए गए्

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । राष्ट्रीय लोक अदालत जिला कचहरी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लगी है। इसमें पुराने वादों से लेकर उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान ही वादों को निस्तारित भी किया जा रहा है।

लोक अदालत में जुटी लोगों की भीड़ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने किया। उनके साथ कई एडीजे और एसीजेएम भी मौजूद हैं, जो वादों की सुनवाई कर रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में सुबह से ही काफी भीड़ जुट गई थी।

हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट

Rashtriya Lok Adalat जनपद न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट लगाए हैं। इन सभी मजिस्ट्रेट की अलग-अलग टेबल भी लगाई गई है। यहां भीड़ जुटी है और पुराने वादों की सुनवाई चल रही है।

ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

#ombirlacomebackinloksabhasaysallmembersmustfollow_rules

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

#congressgauravgogoiaccusesinloksabhanopersonalattackon_speaker

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष लामबंद, टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

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बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले एक बार फिर सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

बिरला पर भेदभाव करने का आरोप

लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव में, बिरला पर खुलकर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना

बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और उसी दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोली कांग्रेस?

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

#loksabhadebateonnoconfidencemotionagainstombirlaon9march

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

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आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

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