बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

#bangladeshelectionresult

बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

Image 2Image 3

बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

#bangladesh_election_2026

Image 2Image 3

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

Image 2Image 3

भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

बांग्लादेश ने आईपीएल का प्रसारण किया बैन, मुस्तफिजुर को लीग से बाहर किए जाने पर फैसला

#bangladeshgovernmentordersiplbroadcast_ban

Image 2Image 3

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के मैच अब बांग्लादेश में नहीं दिखाई जाएंगे। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल के मैचों के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। पड़ोसी देश के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (5 जनवरी) को इसे लेकर सभी स्थानीय टीवी चैनलों को एक पत्र भेजा है, जिसमें आईपीएल के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।

बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें लिखा गया कि बीसीसीआई ने 26 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आपीएल) में बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से बाहर करने का निर्णय लिया है। बयान में कहा गया कि इस निर्णय के पीछे कोई ठोस या तार्किक कारण नहीं था। यह फैसला बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। ऐसे में अगले निर्देश तक आईपीएल के सभी मैच के प्रचार, प्रसारण और पुन: प्रसारण को बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं।

मुस्ताफिजुर रहमान केस के बाद बढ़ा विवाद

आईपीएल 2026 के लिए हुए मिनी ऑक्शन में मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा था। मगर इसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर बीसीसीआई ने हस्तक्षेप करते हुए केकेआर फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर को रीलिज करने का आदेश दिया था। बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस फैसले को किसी भी तरह से अतार्किक ठहराया।

बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने की दी है धमकी

इससे पहले बांग्लादेश में मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने की बांग्लादेश सरकार ने आलोचना की थी। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी इस फैसले का विरोध किया था। साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए भारत में टीम नहीं भेजने का भी ऐलान कर दिया था। बीसीबी ने भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को खतरा बताया था और इसके लिए मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने के कारणों को आधार बनाया था। बीसीबी ने अपनी टीम के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग करते हुए आईसीसी को भी पत्र लिखा है।

बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम को बांग्लादेशी नंबर से मिली धमकी, बम से उड़ाने की चेतावनी

#sangeetsomdeaththreatbangladeshbombthreat

Image 2Image 3

यूपी बीजेपी के फायरब्रांड नेता और मेरठ की सरधना से पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी बांग्लादेश से किए गए कॉल और मैसेज के जरिए दी गई है।

धमकी भरे फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल मिलने के बाद पूर्व विधायक के निजी सचिव शेखर ने सरधना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को सौंपे

भाजपा नेता संगीत सोम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें धमकी भरे मैसेज और वीडियो कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने पूर्व विधायक को परिवार सहित बम से उड़ाकर जान से मारने के साथ-साथ कुछ प्रमुख न्यूज चैनलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी। उन्होंने सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को जांच के लिए सौंप दिए हैं।

धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के हैं। साइबर सेल और अन्य तकनीकी एजेंसियों की मदद से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं के शोषण पर बीजेपी नेता का कड़ा रूख

बता दें कि कि संगीत सोम ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और IPL टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर तीखी टिप्पीणी की थी। सोम ने कहा था कि जब पड़ोसी देशों में भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, तब ऐसे खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे ऐसे मुद्दों पर आगे भी खुलकर बोलते रहेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी धमकियाँ क्यों न मिलें।

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

#begumkhaledaziaformerbangladeshiprimeministerhaspassed_away

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी स्थिति काफी नाजुक है। उनका ढाका स्थित एवरकेयर अस्पताल में इलाज चल रहा था। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। उसके बाद खालिदा जिया सक्रिय राजनीति में आईं खालिदा जिया देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने तीन बार देश का नेतृत्व किया।

Image 2Image 3

बेगम खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में स्थित दीनाजपुर जिले में हुआ था।उनका परिवार फेनी से आता था और उनके पिता इस्कन्दर अली मजूमदार चाय के व्यापारी थे। उनका शुरुआती नाम खालिदा खानम 'पुतुल' था। पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर रहीं खालिदा जब दो साल की थीं, तभी उनका परिवार भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान के हिस्से में गए दिनाजपुर में बस गया। खालिदा का शुरुआती जीवन यहीं बीता। 1960 में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और तत्कालीन कैप्टन जियाउर रहमान के साथ उनका निकाह कर दिया गया। इसके बाद उनका नाम हुआ खालिदा जिया रहमान।

तीन बार रहीं बांग्लादेश की पीएम

1977 में जियाउर रहमान राष्ट्रपति बने। उन्होंने ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना की। 30 मई 1981 को चिटगांव में एक सैन्य विद्रोह के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। पति की हत्या के बाद बीएनपी बिखरने लगी, जिसके बाद पार्टी नेताओं के आग्रह पर खालिदा जिया ने 1984 में पार्टी की कमान संभाली। खालिदा जिया तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने पहली बार 1991 से 1996, दूसरी बार 30 मार्च 1996 से 23 जून 1996 और तीसरी बार 2001 से 2006 तक देश का नेतृत्व किया।

चुनाव से पहले खालिदा जिया का निधन

खालिदा जिया का निधन उस वक्त हुआ है, जब बांग्लादेश राजनीतिक उथल पुथल से जूझ रहा है। देश में फरवरी में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाग लेने के लिए उनके बेटे तारिक रहमान, करीब 17 सालों के बाद देश लौट चुके हैं।

उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी भारत भागे...', बांग्लादेश पुलिस का दावा कितना सच?

#bangladeshpoliceclaimsosmanhadimurdercasetwosuspectsfledto_india

Image 2Image 3

बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से वहां बवाल मचा हुआ है और सरकार से उनके हत्यारों को पकड़ने की मांग हो रही थी। हालांकि, उस्मान हादी के हत्यारे का अब तक पता नहीं चला है। इस नाकामी के बीच ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दावा किया है कि उस्मान हादी की हत्या के दोनों प्रमुख अभियुक्त भारत भाग गए हैं।

स्थानीय मदद से सीमा करने का दावा

बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी भारत भाग गए हैं। ढाका पुलिस के मुताबिक ये आरोपी मयमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए, जो मेघालय से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी स्थानीय मदद से सीमा पार कर भारत पहुंचे।

मदद देने वालों की भारत में गिरफ्तारी का दावा

ढाका के डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त आयुक्त एसएन नज़रुल इस्लाम ने बताया कि आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख हुलुआघाट सीमा पार कर भारत पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सीमा पार करने के बाद उन्हें पहले पूर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और फिर सामी नामक टैक्सी चालक ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन दो लोगों ने आरोपियों को मेघालय पहुंचाने में मदद की, उन्हें भारत में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेशी पुलिस ने भरोसा जताया कि भारतीय एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर समन्वय जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के छात्र नेता थे और शेख हसीना विरोधी मंच ‘इनक़िलाब मंच’ से जुड़े थे। वे आगामी फरवरी चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। 12 दिसंबर को उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

17 साल के निर्वासन के बाद तारिक रहमान की वचन वापसी, ढाका में सियासत हलचल तेज*

#tariquerahmanreturndhakabangladesh_politics

Image 2Image 3

बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रमुख बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान करीब 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वदेश लौट आए हैं। रहमान लंदन में स्व-निर्वासन में रहने के बाद ढाका आए हैं। तारिक रहमान के बांग्‍लादेश पहुंचते ही बीएनपी के समर्थकों ने उनका जोरदार स्‍वागत किया।तारिक रहमान की वापसी के बाद बीएनपी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और इसे देश की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है जब प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता की एक नई लहर चल रही है। हादी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई थी।

पीएम पद के प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे

बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय बेटे रहमान, आने वाले फरवरी के आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। रहमान की बांग्लादेश वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जमात बांग्लादेश के टूटे-फूटे राजनीतिक परिदृश्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

शेख हसीना के जाने के बाद वापसी

17 साल के निर्वासन के दौरान तारिक रहमान लंदन में रह रहे थे और इस बीच उन पर कई कानूनी मामले चले। हालांकि शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद अदालतों से उन्हें राहत मिली और उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ।

चुनाव में बीएनपी को मिलेगी नई ऊर्जा

तारिक रहमान की वापसी को बीएनपी राजनीतिक प्रतिशोध के अंत के तौर पर पेश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तारिक रहमान की वापसी से बांग्लादेश की चुनावी राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। ऐसे समय में, जब देश हालिया हिंसा, छात्र आंदोलनों और सुरक्षा चिंताओं से गुजर रहा है, उनकी मौजूदगी न सिर्फ बीएनपी को नई ऊर्जा देगी बल्कि सत्ताधारी अंतरिम सरकार पर दबाव भी बढ़ाएगी। फरवरी में प्रस्तावित आम चुनावों से पहले तारिक रहमान की यह वापसी बांग्लादेश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदलने वाली मानी जा रही है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग मामले में 7 अरेस्ट, चौतरफा आलोचना के बाद झुके मोहम्‍मद यूनुस*

#bangladeshmoblynchingsevenarrested

Image 2Image 3

बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौतरफा आलोचना के बाद मोहम्मद यूनुस की सरकार ने कार्रवाई की है। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी दी है। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के आधिकारिक हैंडल से की गई पोस्ट में कहा गया कि सनातन धर्म के अनुयायी युवक दीपू चंद्र दास (27) की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में रैपिड ऐक्शन बटालियन (RAB) ने सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। पोस्ट में बताया गया है कि RAB-14 ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ये सात आरोपी गिरफ्तार

जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- 1- मोहम्मद लिमोन सरकार (19) 2- मोहम्मद तारेक हुसैन (19) 3- मोहम्मद माणिक मिया (20) 4- इरशाद अली (39) 5- निजुम उद्दीन (20) 6- अलोमगीर हुसैन (38) 7- मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन (46)

हिंदू युवा की मॉब लिंचिंग पर यूनुस सरकार ने की निंदा

इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कल एक बयान में कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। बयान में कहा गया था कि इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।

हादी की मौत के बाद फैली हिंसा के बीच वारदात

दीपू चंद दास की गुरुवार को ईशनिंदा के आरोप में पीटकर हत्या कर दी गई थी और उनके शव को आग लगा दी गई। यह देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की नवीनतम घटना है। यह लिंचिंग उस समय हुई जब देश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद तनाव और हिंसा फैल गई थी। हादी पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले ‘जुलाई आंदोलन’ के प्रमुख नेताओं में से थे और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता भी थे।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, फिर शव को पेड़ से बांध जलाया

#bangladeshviolencehindumanlynchedoverblasphemy_charges

Image 2Image 3

बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच एक खौफनाक मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों के भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ में बांधकर आग लगा दी गई।

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को ईशनिंदा का आरोप लगाकार पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नग्न कर पेड़ पर लटका दिया गया और उसमें आग लगा दी गई। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो एक युवा गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी था और भालुका उपजिला के डुबालिया पाड़ा इलाके में किराए पर रहता था। मॉब लिंचिंग की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 9 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद बिना किसी जांच या कानूनी प्रक्रिया के, भीड़ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हिंसा पर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद कट्टर इस्लामिक संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों हिंदुओं के घर तोड़ दिए गये। कई हिंदुओं की हत्या कर दी गई। लेकिन मोहम्मद यूनुस ने चुप्पी साध रखी थी। अब जबकि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और मोहम्मद यूनुस के लिए इस घटना को झुठलाना मुमकिन नहीं हो रहा है, तो उसने इस घटना की निंदा की है। बांग्लादेश की सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और हर तरह की हिंसा को खारिज करने की अपील की है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

#bangladeshelectionresult

बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

Image 2Image 3

बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

#bangladesh_election_2026

Image 2Image 3

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

Image 2Image 3

भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

बांग्लादेश ने आईपीएल का प्रसारण किया बैन, मुस्तफिजुर को लीग से बाहर किए जाने पर फैसला

#bangladeshgovernmentordersiplbroadcast_ban

Image 2Image 3

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के मैच अब बांग्लादेश में नहीं दिखाई जाएंगे। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल के मैचों के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। पड़ोसी देश के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (5 जनवरी) को इसे लेकर सभी स्थानीय टीवी चैनलों को एक पत्र भेजा है, जिसमें आईपीएल के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।

बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें लिखा गया कि बीसीसीआई ने 26 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आपीएल) में बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से बाहर करने का निर्णय लिया है। बयान में कहा गया कि इस निर्णय के पीछे कोई ठोस या तार्किक कारण नहीं था। यह फैसला बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। ऐसे में अगले निर्देश तक आईपीएल के सभी मैच के प्रचार, प्रसारण और पुन: प्रसारण को बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं।

मुस्ताफिजुर रहमान केस के बाद बढ़ा विवाद

आईपीएल 2026 के लिए हुए मिनी ऑक्शन में मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा था। मगर इसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर बीसीसीआई ने हस्तक्षेप करते हुए केकेआर फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर को रीलिज करने का आदेश दिया था। बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस फैसले को किसी भी तरह से अतार्किक ठहराया।

बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने की दी है धमकी

इससे पहले बांग्लादेश में मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने की बांग्लादेश सरकार ने आलोचना की थी। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी इस फैसले का विरोध किया था। साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए भारत में टीम नहीं भेजने का भी ऐलान कर दिया था। बीसीबी ने भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को खतरा बताया था और इसके लिए मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने के कारणों को आधार बनाया था। बीसीबी ने अपनी टीम के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग करते हुए आईसीसी को भी पत्र लिखा है।

बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम को बांग्लादेशी नंबर से मिली धमकी, बम से उड़ाने की चेतावनी

#sangeetsomdeaththreatbangladeshbombthreat

Image 2Image 3

यूपी बीजेपी के फायरब्रांड नेता और मेरठ की सरधना से पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी बांग्लादेश से किए गए कॉल और मैसेज के जरिए दी गई है।

धमकी भरे फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल मिलने के बाद पूर्व विधायक के निजी सचिव शेखर ने सरधना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को सौंपे

भाजपा नेता संगीत सोम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें धमकी भरे मैसेज और वीडियो कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने पूर्व विधायक को परिवार सहित बम से उड़ाकर जान से मारने के साथ-साथ कुछ प्रमुख न्यूज चैनलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी। उन्होंने सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को जांच के लिए सौंप दिए हैं।

धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के हैं। साइबर सेल और अन्य तकनीकी एजेंसियों की मदद से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं के शोषण पर बीजेपी नेता का कड़ा रूख

बता दें कि कि संगीत सोम ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और IPL टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर तीखी टिप्पीणी की थी। सोम ने कहा था कि जब पड़ोसी देशों में भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, तब ऐसे खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे ऐसे मुद्दों पर आगे भी खुलकर बोलते रहेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी धमकियाँ क्यों न मिलें।

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

#begumkhaledaziaformerbangladeshiprimeministerhaspassed_away

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी स्थिति काफी नाजुक है। उनका ढाका स्थित एवरकेयर अस्पताल में इलाज चल रहा था। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। उसके बाद खालिदा जिया सक्रिय राजनीति में आईं खालिदा जिया देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने तीन बार देश का नेतृत्व किया।

Image 2Image 3

बेगम खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में स्थित दीनाजपुर जिले में हुआ था।उनका परिवार फेनी से आता था और उनके पिता इस्कन्दर अली मजूमदार चाय के व्यापारी थे। उनका शुरुआती नाम खालिदा खानम 'पुतुल' था। पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर रहीं खालिदा जब दो साल की थीं, तभी उनका परिवार भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान के हिस्से में गए दिनाजपुर में बस गया। खालिदा का शुरुआती जीवन यहीं बीता। 1960 में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और तत्कालीन कैप्टन जियाउर रहमान के साथ उनका निकाह कर दिया गया। इसके बाद उनका नाम हुआ खालिदा जिया रहमान।

तीन बार रहीं बांग्लादेश की पीएम

1977 में जियाउर रहमान राष्ट्रपति बने। उन्होंने ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना की। 30 मई 1981 को चिटगांव में एक सैन्य विद्रोह के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। पति की हत्या के बाद बीएनपी बिखरने लगी, जिसके बाद पार्टी नेताओं के आग्रह पर खालिदा जिया ने 1984 में पार्टी की कमान संभाली। खालिदा जिया तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने पहली बार 1991 से 1996, दूसरी बार 30 मार्च 1996 से 23 जून 1996 और तीसरी बार 2001 से 2006 तक देश का नेतृत्व किया।

चुनाव से पहले खालिदा जिया का निधन

खालिदा जिया का निधन उस वक्त हुआ है, जब बांग्लादेश राजनीतिक उथल पुथल से जूझ रहा है। देश में फरवरी में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाग लेने के लिए उनके बेटे तारिक रहमान, करीब 17 सालों के बाद देश लौट चुके हैं।

उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी भारत भागे...', बांग्लादेश पुलिस का दावा कितना सच?

#bangladeshpoliceclaimsosmanhadimurdercasetwosuspectsfledto_india

Image 2Image 3

बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से वहां बवाल मचा हुआ है और सरकार से उनके हत्यारों को पकड़ने की मांग हो रही थी। हालांकि, उस्मान हादी के हत्यारे का अब तक पता नहीं चला है। इस नाकामी के बीच ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दावा किया है कि उस्मान हादी की हत्या के दोनों प्रमुख अभियुक्त भारत भाग गए हैं।

स्थानीय मदद से सीमा करने का दावा

बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी भारत भाग गए हैं। ढाका पुलिस के मुताबिक ये आरोपी मयमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए, जो मेघालय से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी स्थानीय मदद से सीमा पार कर भारत पहुंचे।

मदद देने वालों की भारत में गिरफ्तारी का दावा

ढाका के डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त आयुक्त एसएन नज़रुल इस्लाम ने बताया कि आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख हुलुआघाट सीमा पार कर भारत पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सीमा पार करने के बाद उन्हें पहले पूर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और फिर सामी नामक टैक्सी चालक ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन दो लोगों ने आरोपियों को मेघालय पहुंचाने में मदद की, उन्हें भारत में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेशी पुलिस ने भरोसा जताया कि भारतीय एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर समन्वय जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के छात्र नेता थे और शेख हसीना विरोधी मंच ‘इनक़िलाब मंच’ से जुड़े थे। वे आगामी फरवरी चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। 12 दिसंबर को उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

17 साल के निर्वासन के बाद तारिक रहमान की वचन वापसी, ढाका में सियासत हलचल तेज*

#tariquerahmanreturndhakabangladesh_politics

Image 2Image 3

बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रमुख बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान करीब 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वदेश लौट आए हैं। रहमान लंदन में स्व-निर्वासन में रहने के बाद ढाका आए हैं। तारिक रहमान के बांग्‍लादेश पहुंचते ही बीएनपी के समर्थकों ने उनका जोरदार स्‍वागत किया।तारिक रहमान की वापसी के बाद बीएनपी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और इसे देश की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है जब प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता की एक नई लहर चल रही है। हादी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई थी।

पीएम पद के प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे

बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय बेटे रहमान, आने वाले फरवरी के आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। रहमान की बांग्लादेश वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जमात बांग्लादेश के टूटे-फूटे राजनीतिक परिदृश्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

शेख हसीना के जाने के बाद वापसी

17 साल के निर्वासन के दौरान तारिक रहमान लंदन में रह रहे थे और इस बीच उन पर कई कानूनी मामले चले। हालांकि शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद अदालतों से उन्हें राहत मिली और उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ।

चुनाव में बीएनपी को मिलेगी नई ऊर्जा

तारिक रहमान की वापसी को बीएनपी राजनीतिक प्रतिशोध के अंत के तौर पर पेश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तारिक रहमान की वापसी से बांग्लादेश की चुनावी राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। ऐसे समय में, जब देश हालिया हिंसा, छात्र आंदोलनों और सुरक्षा चिंताओं से गुजर रहा है, उनकी मौजूदगी न सिर्फ बीएनपी को नई ऊर्जा देगी बल्कि सत्ताधारी अंतरिम सरकार पर दबाव भी बढ़ाएगी। फरवरी में प्रस्तावित आम चुनावों से पहले तारिक रहमान की यह वापसी बांग्लादेश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदलने वाली मानी जा रही है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग मामले में 7 अरेस्ट, चौतरफा आलोचना के बाद झुके मोहम्‍मद यूनुस*

#bangladeshmoblynchingsevenarrested

Image 2Image 3

बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौतरफा आलोचना के बाद मोहम्मद यूनुस की सरकार ने कार्रवाई की है। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी दी है। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के आधिकारिक हैंडल से की गई पोस्ट में कहा गया कि सनातन धर्म के अनुयायी युवक दीपू चंद्र दास (27) की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में रैपिड ऐक्शन बटालियन (RAB) ने सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। पोस्ट में बताया गया है कि RAB-14 ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ये सात आरोपी गिरफ्तार

जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- 1- मोहम्मद लिमोन सरकार (19) 2- मोहम्मद तारेक हुसैन (19) 3- मोहम्मद माणिक मिया (20) 4- इरशाद अली (39) 5- निजुम उद्दीन (20) 6- अलोमगीर हुसैन (38) 7- मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन (46)

हिंदू युवा की मॉब लिंचिंग पर यूनुस सरकार ने की निंदा

इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कल एक बयान में कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। बयान में कहा गया था कि इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।

हादी की मौत के बाद फैली हिंसा के बीच वारदात

दीपू चंद दास की गुरुवार को ईशनिंदा के आरोप में पीटकर हत्या कर दी गई थी और उनके शव को आग लगा दी गई। यह देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की नवीनतम घटना है। यह लिंचिंग उस समय हुई जब देश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद तनाव और हिंसा फैल गई थी। हादी पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले ‘जुलाई आंदोलन’ के प्रमुख नेताओं में से थे और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता भी थे।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, फिर शव को पेड़ से बांध जलाया

#bangladeshviolencehindumanlynchedoverblasphemy_charges

Image 2Image 3

बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच एक खौफनाक मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों के भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ में बांधकर आग लगा दी गई।

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को ईशनिंदा का आरोप लगाकार पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नग्न कर पेड़ पर लटका दिया गया और उसमें आग लगा दी गई। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो एक युवा गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी था और भालुका उपजिला के डुबालिया पाड़ा इलाके में किराए पर रहता था। मॉब लिंचिंग की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 9 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद बिना किसी जांच या कानूनी प्रक्रिया के, भीड़ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हिंसा पर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद कट्टर इस्लामिक संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों हिंदुओं के घर तोड़ दिए गये। कई हिंदुओं की हत्या कर दी गई। लेकिन मोहम्मद यूनुस ने चुप्पी साध रखी थी। अब जबकि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और मोहम्मद यूनुस के लिए इस घटना को झुठलाना मुमकिन नहीं हो रहा है, तो उसने इस घटना की निंदा की है। बांग्लादेश की सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और हर तरह की हिंसा को खारिज करने की अपील की है।