कूनो नेशनल पार्क से आई खुशखबरी, आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को दिया जन्म

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के लिए अभूतपूर्व क्षण

भोपाल । मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता 'आशा' मां बनी हैं। खास बात ये है कि, उन्होंने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। कूनों प्रबंधन ने इसकी पुष्टि कर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मादा चीता अपने शावकों को दुलारती नजर आ रही हैं।

* भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर हुई 24, सीएम ने शेयर किया वीडियो 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो शेयर कर लिखा कि कूनो ने गर्व के एक अभूतपूर्व क्षण का अनुभव किया है क्योंकि आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा को और अधिक मजबूती मिली है।इसके साथ ही, भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और चीतों की कुल आबादी 35 तक पहुँच गई है।यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के अथक समर्पण को दर्शाती है। यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र (एपिसेंटर) के रूप में उभर रहा है।

उज्जैन में 12 फरवरी से आरंभ हो रहा 139 दिवसीय विक्रमोत्सव

शुभारंभ कार्यक्रम 15 फरवरी को, महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम करेंगे महादेव की आराधाना

भोपाल। सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। जिसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। यह जानकारी संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के संचालक एन. पी. नामदेव, माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण एवं सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वनमेला का आयोजन

विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी की तिथियों में उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी। तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है।

देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन

महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है।

पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ

विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गया प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी।

भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन

1 मार्च को लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। जिसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। जिसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।

शिव पुराण

13 से 17 मार्च तक शिवपुराण के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के अठारह पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा।

अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में इस बार 25 से अधिक देश होंगे शामिल

पौराणिक फिल्मों का अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक,, भाषाओ की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।

* देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं।

शहडोल में करंट से बाघ-बाघिन की मौत पर वन विभाग का बड़ा एक्शन

* दो कर्मचारी सस्पेंड, रेंजर को शोकॉज नोटिस

शहडोल। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बाघों की मौत के मामलों पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। शहडोल जिले में करंट की चपेट में आने से एक बाघ और एक बाघिन की मौत के मामले में वन विभाग ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह मामला शहडोल उत्तर वन मंडल के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मसीरा सर्किल की बनचाचर बीट का है। यहां कक्ष क्रमांक 382 की राजस्व भूमि पर एक बाघिन और एक बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया कि दोनों की मौत करंट लगने की वजह से हुई है।

घटना सामने आने के बाद शहडोल से लेकर भोपाल तक वन विभाग में हलचल मच गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच की गई, जिसके बाद संबंधित बीट के फॉरेस्ट गार्ड और डिप्टी रेंजर को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, संबंधित क्षेत्र के रेंजर को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

शहडोल उत्तर वन मंडल की डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले करंट की चपेट में आने से एक बाघ और एक बाघिन की मौत हुई थी। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर बीट गार्ड और डिप्टी रेंजर को निलंबित किया गया है, जबकि रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बाघ-बाघिन की मौत के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सख्ती बढ़ा दी है। निगरानी और गश्त को तेज कर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, अवैध बिजली तारों और करंट फैलाने जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

इंदौर में दिनेश प्रजापत की समस्या का मानवीय संवेदनशीलता के साथ समाधान

 

• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार

भोपाल। इंदौर में सामने आए एक प्रकरण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता रामप्यारी बाई की वर्षों से चली आ रही समस्या का मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाधान सुनिश्चित किया गया।

परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC पूर्ण कर पेंशन प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई, वहीं अरविंदो अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा BLO के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है।

* त्वरित कार्रवाई से परिवार को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री का जताया आभार 

दिनेश प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी माता की पेंशन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और सरकार द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील सहयोग के लिए वे मुख्यमंत्री जी के सदैव कृतज्ञ रहेंगे।

इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए‌ दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता रामप्यारी बाई की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया है। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई एवं अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई है।

परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही BLO द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

महू बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब

 कवर्ड शेड के लिए 64.50 करोड़ की मंजूरी


इंदौर। देशभर में तेज, आरामदायक और आधुनिक रेलयात्रा की पहचान बन चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस को लेकर इंदौर के महू को बड़ी सौगात मिली है। यहां वंदे भारत ट्रेनों के लिए अत्याधुनिक कवर्ड शेड का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए रेलवे ने 64.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। यह परियोजना इसी वर्ष पूरी होने की संभावना है।

फरवरी 2019 से शुरू हुई वंदे भारत सेवा के तहत वर्तमान में देश के विभिन्न शहरों में करीब 164 वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा के साथ संचालित हो रही हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 800 और 2047 तक लगभग 2400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है। इसी विस्तार योजना के तहत मेंटेनेंस ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, महू में बनने वाले कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेनों की यात्रा के बाद नियमित मेंटेनेंस और रखरखाव की आधुनिक व्यवस्था होगी। इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि महू में दो पिट लाइनों और आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा, जिससे भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम होगा। फिलहाल इंदौर से नागपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि महू में मेंटेनेंस हब बनने से इंदौर को और भी वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल सकती है। इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।

रेलवे विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी के अनुसार, “जहां से वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होता है, वहीं उनका मेंटेनेंस होना सबसे सुविधाजनक रहता है। महू में हब बनने से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा।”

मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की मौत से बढ़ी चिंता: बांधवगढ़ में मादा बाघिन और कान्हा में तेंदुए की मौत

उमरिया/मंडला। टाइगर और लेपर्ड स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश में लगातार बाघ और तेंदुओं की मौत की घटनाओं ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही इन घटनाओं ने प्रदेश की वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र के अंतर्गत बीट कुचवाही के कक्ष क्रमांक पीएफ-342 से लगभग 250 मीटर दूर निजी राजस्व क्षेत्र गुरुवाही गांव के पास करीब पांच वर्षीय मादा बाघिन का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बाघों के आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया गया।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि यह घटना 20 जनवरी की है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शव का पंचनामा तैयार किया गया, डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच कराई गई। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया और सैंपल अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी औपचारिकताओं के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया।

गौरतलब है कि जनवरी माह के महज 20 दिनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले धमोखर बफर और ताला परिक्षेत्र में भी बाघों के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

इधर, मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। बताया गया कि किसली रेंज में एक सप्ताह पहले एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। बुधवार को हुई जांच में उसकी मौत का कारण बाघ का हमला बताया गया है। कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ सुरेंद्र सिरसम के अनुसार, तेंदुए के शरीर पर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया गया है कि उसकी मौत टाइगर अटैक के चलते हुई। तेंदुए का अंतिम संस्कार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है।

रेत माफिया चंबल नदी को कर रहे खोखला

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में 350 ट्रॉली अवैध रेत जब्त


श्योपुर, मध्य प्रदेश। चंबल अंचल में रेत माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अवैध खनन इस कदर बढ़ गया है कि प्रशासन और पुलिस की टीमें भी कई बार कार्रवाई से कतराती नजर आती हैं। रेत माफिया खुलेआम जेसीबी मशीनों से खनन कर चंबल नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ताजा मामला श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र का है, जहां राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। रविवार को वीरपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव के पास चंबल नदी से अवैध रूप से निकाली गई करीब 350 ट्रॉली रेत को जब्त कर जेसीबी मशीनों के माध्यम से नष्ट किया गया। इस कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मच गया।

एसडीओपी राघवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल और वन विभाग के रेंजर दीपक शर्मा को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद पुलिस और राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध भंडारण स्थल पर दबिश दी।

वहीं, वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल ने बताया कि सूचना मिली थी कि चंबल नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकालकर उसका भंडारण किया गया है। इसके बाद गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों से रेत को नष्ट कराया।

स्थानीय लोगों में रेत माफिया को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। नदी में मौजूद जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं रेत से भरे तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां रेत माफिया पर अस्थायी लगाम लगी है, वहीं स्थानीय लोग अब अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

ड्रग्स तस्करी में दो युवतियों सहित तीन आरोपी गिरफ्तार


इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों अंडर गारमेंट्स में ड्रग्स छुपाकर मुंबई और गोवा के पब व बार में सप्लाई करते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से 10 ग्राम एमडी ड्रग्स और 32 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं।

क्राइम ब्रांच और कनाडिया थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में भोपाल निवासी ड्रग्स तस्कर अवान शकील को पहले गिरफ्तार किया था। उससे सख्ती से की गई पूछताछ में उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वैभव उर्स बाबा सहित दो युवतियों को दबोचा। गिरफ्तार युवतियों में एक मुंबई और दूसरी मंदसौर की रहने वाली बताई जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी मुंबई और गोवा के पब व बार संचालकों के संपर्क में थे और वहीं ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इनके तार मंदसौर और राजस्थान के ड्रग्स तस्करों से भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल को भी ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसी मामले की कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।