जहानाबाद रोजिएट पेटल्स स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
जहानाबाद: शहर स्थित रोजिएट पेटल्स स्कूल में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की गई। विद्यालय की प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने तिरंगे को सलामी दी, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
अपने संबोधन में प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के गौरवशाली इतिहास और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के आदर्शों का पालन करने तथा एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम की भावना व्यक्त की। बच्चों के उत्साह और ऊर्जा से पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। समारोह के अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों के बीच मिठाई और जलेबी का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “जय हिंद” के उद्घोष के साथ हुआ।
जहानाबाद रोजिएट पेटल्स स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
जहानाबाद: शहर स्थित रोजिएट पेटल्स स्कूल में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की गई। विद्यालय की प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने तिरंगे को सलामी दी, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
अपने संबोधन में प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के गौरवशाली इतिहास और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के आदर्शों का पालन करने तथा एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम की भावना व्यक्त की। बच्चों के उत्साह और ऊर्जा से पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। समारोह के अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों के बीच मिठाई और जलेबी का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “जय हिंद” के उद्घोष के साथ हुआ।
जहानाबाद लोदीपुर गांव में 72 घंटे का अखंड हरि कीर्तन संपन्न, भक्ति और एकता का दिखा अद्भुत संगम
जहानाबाद: काको प्रखंड के ग्राम लोदीपुर में सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर आयोजित पारंपरिक 72 घंटे का अखंड हरि कीर्तन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हो गया। करीब सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का उद्देश्य गांव में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना है।
अखंड हरि कीर्तन को लेकर गांव में कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ग्रामीण आपसी सहयोग से बैठकें करते हैं, चंदा एकत्रित करते हैं और सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाते हैं। आयोजन के दौरान गांव में प्रेम, भाईचारा और एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला।
लगातार 72 घंटे तक चले कीर्तन में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए और भक्ति रस में डूबे नजर आए। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कीर्तन के दौरान ग्रामीणों ने गांव की तरक्की, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द की कामना की। समापन के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास से गुजरने वाले राहगीरों को भी प्रसाद ग्रहण कराया गया।
स्थानीय निवासी रंजीत कुमार ने बताया, “हमारे दादा-परदादा के समय से यह अखंड हरि कीर्तन होता आ रहा है। इस बार भी पूरे श्रद्धा भाव से 72 घंटे तक कीर्तन किया गया। भंडारा सभी के लिए होता है—जो भी गांव से गुजरता है, उसे प्रसाद अवश्य दिया जाता है। हमारे गांव में हर वर्ग और हर जाति के लोग बिना भेदभाव के मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा गांव में शांति, समृद्धि और एकता का प्रतीक है। साथ ही वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएं और गांव के बच्चे पढ़-लिखकर गांव और जिले का नाम रोशन करें।
जहानाबाद पुलिस-जनता संवाद से भरोसा मजबूत करने की पहल, एसपी ने की समीक्षा बैठक
जहानाबाद: बिहार सरकार की पहल के तहत वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को आम जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपराजित लोहान की अध्यक्षता में पुलिस-जनता जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। एसपी ने सीधे लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई लोगों ने अपनी शिकायतों से संबंधित आवेदन भी सौंपे। एसपी ने कुछ फरियादियों से अलग से बात कर मामलों की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसंवाद के दौरान बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या, भूमि विवाद के मामलों का त्वरित निष्पादन, पुलिस गश्त बढ़ाने तथा प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठी। जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं से एसपी को अवगत कराया।
कार्यक्रम के उपरांत एसपी अपराजित लोहान ने थाना स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अनुसंधान में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है। एसपी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देशानुसार हर थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुनकर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाना चाहिए, जिससे प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे पुलिस और जनता के बीच भरोसा और सहयोग दोनों मजबूत होंगे।
जहानाबाद: जरूरतमंदों के बीच डेढ़ महीने से कंबल वितरण, बेटे-बहू की प्रेरणा से दंपती कर रहे सेवा कार्य
जहानाबाद जिले के चैनपुरा गांव में इन दिनों मानवता की एक मिसाल देखने को मिल रही है। जिले के ही रहने वाले विनोद प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अहिल्या देवी पिछले करीब डेढ़ महीने से असहाय, जरूरतमंद, दिव्यांग और विधवा वर्ग के लोगों के बीच लगातार कंबल वितरण कर रहे हैं। बढ़ती ठंड को देखते हुए उनका यह प्रयास जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।दंपती ने बताया कि वे यह सेवा कार्य अपने बेटे और बहू की प्रेरणा से कर रहे हैं। उनके पुत्र डॉ. अमित कुमार और बहू हिमानी शर्मा अमेरिका में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने अपने माता-पिता को हर साल जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित किया है। विनोद प्रताप सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने जो सफलता हासिल की है, उसमें उनके गांव, परिवार और जहानाबाद की शिक्षा का अहम योगदान है। उन्होंने कहा, “हम अपनी जन्मभूमि और पैतृक स्थल को नहीं भूल सकते। इसलिए हमने संकल्प लिया है कि गांव और आसपास के जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद करेंगे।”उन्होंने बताया कि उनके बेटे की इच्छा है कि यह सेवा कार्य हर साल और अधिक जगहों तक पहुंचे। वहीं बहू हिमानी शर्मा ने विशेष रूप से महिलाओं तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया है, ताकि ठंड के मौसम में किसी को परेशानी न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए दंपती गांव-गांव जाकर जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार करते हैं और उन्हें कंबल उपलब्ध कराते हैं।अहिल्या देवी ने कहा, “मौसम ने फिर करवट ली है और ठंड बढ़ गई है। ऐसे में जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाकर हमें बहुत सुकून मिलता है। गांव के लोग ही हमारा परिवार हैं, उनकी मदद करके खुशी मिलती है।”
विनोद प्रताप सिंह ने भी स्पष्ट किया कि वे यह काम नाम या शोहरत के लिए नहीं, बल्कि लोगों का आशीर्वाद पाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा, “अगर कंबल देने से किसी को ठंड से राहत मिलती है, तो हम हर साल यह प्रयास जारी रखेंगे।”इस सेवा कार्य की इलाके में काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोग इसे एक प्रेरणादायक पहल मानते हुए समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आने की अपील कर रहे हैं।
प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और साहित्य-ऋषि थे पं. राम नारायण शास्त्री : प्रेम कुमार
राम कुमार व राकेश प्रवीर को स्मृति सम्मान, साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी मेधा सम्मान’


पटना,संस्कृत एवं प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता तथा ऋषि-तुल्य साहित्य-साधक पंडित राम नारायण शास्त्री न केवल हिन्दी के समर्पित सेवक थे, बल्कि एक उच्चकोटि के चिंतक भी थे। उनका तपस्वी जीवन और उनकी विद्वता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह बातें बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति-सह-सम्मान समारोह के उद्घाटन अवसर पर कही।
यह समारोह पं. राम नारायण शास्त्री स्मारक न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं विचारक राम कुमार तथा वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर को ‘अक्षर-पुरुष पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं, माध्यमिक बोर्ड परीक्षा-2025 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली जे.पी.एन.एस. उच्च विद्यालय, नरहन (समस्तीपुर) की मेधावी छात्रा साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ छात्रा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें ₹2551 की राशि भी दी गई।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्री जी की विद्वता और विनम्रता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वे ज्ञान और मानवीय मूल्यों के सजीव प्रतीक थे, जिनके विचारों से समाज निरंतर लाभान्वित होता रहा। मुख्य अतिथि एवं बिहार विधान परिषद के उप सभापति डॉ. राम वचन राय ने कहा कि वे वर्ष 1961 से शास्त्री जी को जानते थे, जब वे राष्ट्रभाषा परिषद में कार्यरत थे। वे ओजस्वी वक्ता, कट्टर आर्यसमाजी तथा सनातन और आधुनिक चिंतन के सुंदर संगम थे। झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन ने कहा कि शास्त्री जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन कर उसका सदुपयोग समाज-सेवा में किया। वे ज्ञान के ऐसे दीप-स्तंभ थे, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव प्रकाश प्राप्त करती रहेंगी। सभा की अध्यक्षता करते हुए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि पं. राम नारायण शास्त्री एक प्रणम्य साहित्य-साधु पुरुष थे। प्राच्य-साहित्य की दुर्लभ पोथियों और पांडुलिपियों का अन्वेषण, अनुशीलन एवं सूचीकरण कर उन्होंने हिन्दी साहित्य को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी का जन्म और निधन एक ही तिथि—24 जनवरी—को हुआ, जो ईश्वरीय कृपा-प्राप्त महापुरुषों के जीवन में ही संभव होता है। संयोगवश उनकी पत्नी ईश्वरी देवी का तिरोधान भी इसी तिथि को हुआ। न्यास के प्रमुख न्यासी एवं शास्त्री जी के पुत्र अभिजीत कश्यप ने न्यास की गतिविधियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अतिथियों का स्वागत न्यास अध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र सिंहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंकज कुमार ने किया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा एवं गौरव सुंदरम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.सी. सिन्हा, सम्मेलन की उपाध्यक्ष डॉ. मधु वर्मा, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, कुमार अनुपम, पारिजात सौरभ, डॉ. मेहता नागेंद्र सिंह, प्रो. आर.आर. सहाय, डॉ. नागेश्वर शर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, इंदु भूषण सहाय, डॉ. मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
रोजिएट पेटल्स स्कूल का पहला वार्षिकोत्सव बना यादगार, बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन
जहानाबाद स्थित रोजिएट पेटल्स स्कूल में विद्यालय का पहला वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल परिसर बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगी सजावट, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अभिभावकों की तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उपस्थित अतिथियों और दर्शकों को भी भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक राहुल कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी संतोष श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति, स्कूल संचालक, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में अभिभावक समारोह में मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राहुल कुमार ने कहा कि आज मंच पर नजर आ रहे ये छोटे-छोटे बच्चे ही आने वाले समय में देश, राज्य और जिले का भविष्य हैं। इन्हीं बच्चों में से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक या समाजसेवी बनकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विधायक ने कहा कि वर्तमान समय में एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के दूसरे अभिभावक होते हैं, जो उन्हें सही दिशा देने का कार्य करते हैं। विधायक ने स्कूल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी संतोष श्रीवास्तव ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल का सशक्त समाज गढ़ेंगे। उन्होंने बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से प्राप्त ज्ञान समाज को आगे बढ़ाने की सबसे मजबूत कड़ी है।
इस अवसर पर चर्चित दंत चिकित्सक डॉ. एकता ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य माता-पिता के सहयोग, सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उन्हें अपना बचपन याद दिला दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और परिश्रम के बल पर ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नृत्य, गीत, नाट्य प्रस्तुति एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह में स्कूल की प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने बच्चों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं स्कूल के डायरेक्टर पुरुषोत्तम सर ने बच्चों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं।
कार्यक्रम में अनुपी विद्यापीठ की ज्ञानदा प्रियदर्शी, द विंग्स स्कूल के डायरेक्टर संतोष शर्मा, रोजिएट स्कूल के अमित कुमार, वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव, पत्रकार वरुण कुमार, एहतेशाम अहमद, अमर, चंदन कुमार सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रोजिएट पेटल्स स्कूल का यह पहला वार्षिकोत्सव समारोह सभी के लिए एक यादगार पल बन गया।
जहानाबाद को मिली बड़ी सौगात, कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का हुआ भव्य उद्घाटन
बिहार के जहानाबाद जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। ग्रामीण क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की शुरुआत से न केवल जहानाबाद, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। उद्घाटन समारोह में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और इसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण : मंगल पांडे
सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का उद्घाटन केवल जहानाबाद जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की लंबे समय से आवश्यकता थी, जिसे अब साकार किया गया है।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से इलाज के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के युवाओं को अपने ही जिले में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जाने पर सरकार देगी पूरा सहयोग स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया कि इसे शीघ्र आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से पूरा समर्थन रहेगा, जिससे मरीजों को निःशुल्क उपचार मिलेगा और अस्पताल को भी सरकारी भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।
फ्री मेडिकल कैंप में 500 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
उद्घाटन समारोह के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर में फ्री हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कैंप में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 500 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ और आवश्यक जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर—दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर हर वर्ष नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी जा रही है, ताकि राज्य में डॉक्टरों की मजबूत टीम तैयार हो सके और आम लोगों को इलाज में अधिक सहूलियत मिल सके। स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं की सराहना की। स्थानीय लोगों ने इस पहल को जहानाबाद और पूरे मगध प्रमंडल के लिए स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत बताया।
नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा की मां की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण
जहानाबाद।समाज में अब धीरे-धीरे एक नई सोच और सकारात्मक परंपरा विकसित हो रही है, जहां लोग जन्मदिन या पुण्यतिथि जैसे अवसरों को केवल औपचारिक रूप से मनाने के बजाय जरूरतमंदों की मदद कर सार्थक बना रहे हैं। इसी भावना के तहत नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा ने अपनी मां स्वर्गीय चिंता देवी की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। यह कार्यक्रम जहानाबाद जिले के नोनही पंचायत में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत के लिए कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने संजय शर्मा एवं नव निर्माण संस्थान के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में जनार्दन शर्मा, नोनही पंचायत के मुखिया मिथलेश यादव उर्फ पप्पू यादव, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राम बाबू पासवान, पंचायत समिति सदस्य रविकांत शर्मा, रंजय शर्मा, केशरी नंदन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा अपनी मां को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मां किसी की भी हो, उसके न रहने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि अपनी मां की आत्मा की शांति के लिए तथा समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा के उद्देश्य से कंबल वितरण किया गया है और यह सेवा कार्य आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि ऐसे अवसरों पर जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
जहानाबाद पतियावां पहुंचे पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, मृत छात्रा के परिजनों से की मुलाकात
न्याय का दिलाया भरोसा, सरकार और प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल।


जहानाबाद के पूर्व सांसद जगदीश शर्मा  रतनी प्रखंड अंतर्गत पतियावां गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृत छात्रा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने घटना को अत्यंत शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला करार देते हुए कहा कि यह मामला सरकार और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश की राजधानी में मुख्यमंत्री सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी रहते हैं, उसी राज्य में इस तरह की अमानवीय घटना का होना कथित “सुशासन” की सच्चाई को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि मामला सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित परिवार ने शुरू से ही इस आशंका को जाहिर किया था, लेकिन पुलिस-प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्पीडी ट्रायल और फांसी की मांग
पूर्व सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और सरकार को चाहिए कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, लेकिन जब बेटियां ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो पढ़ेगा कौन?
उन्होंने यह भी कहा कि मृत छात्रा ने करीब दो घंटे तक दरिंदों से संघर्ष कर अपनी इज्जत और आत्मसम्मान की रक्षा करने का प्रयास किया। यह अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि छात्रा को “बाल वीरता पुरस्कार” से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा जाए, ताकि उसके माता-पिता को यह सम्मान प्राप्त हो सके। छात्रावास व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग
जगदीश शर्मा ने मांग की कि राज्य के प्रत्येक जिले में सभी वर्गों के छात्रों के लिए सुरक्षित छात्रावास का निर्माण किया जाए और छात्रावासों के नियमों को और अधिक कठोर बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों की संपत्ति जब्त कर उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री अनिल कुमार, कुर्था विधायक पप्पू वर्मा, विधायक गौतम कृष्ण, पूर्व जदयू जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोग भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
पूर्व सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर इस बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए इतने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को मैदान में क्यों उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्या “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल नारा बनकर रह गया है? आखिर कब तक पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? उन्होंने कहा कि बिहार में कई ऐसी बेटियां हैं, जिनकी आवाज दबा दी जाती है और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। यदि पिछले 20 वर्षों में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका है, तो यह सरकार और व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। पूर्व सांसद ने अंत में कहा कि सरकार को इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी बेटी घर से बाहर पढ़ने जाने से डरने को मजबूर न हो।