नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा की मां की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण
जहानाबाद।समाज में अब धीरे-धीरे एक नई सोच और सकारात्मक परंपरा विकसित हो रही है, जहां लोग जन्मदिन या पुण्यतिथि जैसे अवसरों को केवल औपचारिक रूप से मनाने के बजाय जरूरतमंदों की मदद कर सार्थक बना रहे हैं। इसी भावना के तहत नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा ने अपनी मां स्वर्गीय चिंता देवी की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। यह कार्यक्रम जहानाबाद जिले के नोनही पंचायत में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत के लिए कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने संजय शर्मा एवं नव निर्माण संस्थान के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में जनार्दन शर्मा, नोनही पंचायत के मुखिया मिथलेश यादव उर्फ पप्पू यादव, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राम बाबू पासवान, पंचायत समिति सदस्य रविकांत शर्मा, रंजय शर्मा, केशरी नंदन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नव निर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा अपनी मां को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मां किसी की भी हो, उसके न रहने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि अपनी मां की आत्मा की शांति के लिए तथा समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा के उद्देश्य से कंबल वितरण किया गया है और यह सेवा कार्य आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि ऐसे अवसरों पर जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
जहानाबाद पतियावां पहुंचे पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, मृत छात्रा के परिजनों से की मुलाकात
न्याय का दिलाया भरोसा, सरकार और प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल।


जहानाबाद के पूर्व सांसद जगदीश शर्मा  रतनी प्रखंड अंतर्गत पतियावां गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृत छात्रा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने घटना को अत्यंत शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला करार देते हुए कहा कि यह मामला सरकार और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश की राजधानी में मुख्यमंत्री सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी रहते हैं, उसी राज्य में इस तरह की अमानवीय घटना का होना कथित “सुशासन” की सच्चाई को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि मामला सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित परिवार ने शुरू से ही इस आशंका को जाहिर किया था, लेकिन पुलिस-प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्पीडी ट्रायल और फांसी की मांग
पूर्व सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और सरकार को चाहिए कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, लेकिन जब बेटियां ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो पढ़ेगा कौन?
उन्होंने यह भी कहा कि मृत छात्रा ने करीब दो घंटे तक दरिंदों से संघर्ष कर अपनी इज्जत और आत्मसम्मान की रक्षा करने का प्रयास किया। यह अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि छात्रा को “बाल वीरता पुरस्कार” से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा जाए, ताकि उसके माता-पिता को यह सम्मान प्राप्त हो सके। छात्रावास व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग
जगदीश शर्मा ने मांग की कि राज्य के प्रत्येक जिले में सभी वर्गों के छात्रों के लिए सुरक्षित छात्रावास का निर्माण किया जाए और छात्रावासों के नियमों को और अधिक कठोर बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों की संपत्ति जब्त कर उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री अनिल कुमार, कुर्था विधायक पप्पू वर्मा, विधायक गौतम कृष्ण, पूर्व जदयू जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोग भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
पूर्व सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर इस बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए इतने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को मैदान में क्यों उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्या “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल नारा बनकर रह गया है? आखिर कब तक पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा? उन्होंने कहा कि बिहार में कई ऐसी बेटियां हैं, जिनकी आवाज दबा दी जाती है और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। यदि पिछले 20 वर्षों में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका है, तो यह सरकार और व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। पूर्व सांसद ने अंत में कहा कि सरकार को इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी बेटी घर से बाहर पढ़ने जाने से डरने को मजबूर न हो।
जहानाबाद पतियावां पहुंचे पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, मृत छात्रा के परिजनों से की मुलाकात
न्याय का दिलाया भरोसा, सरकार और प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल। जहानाबाद रतनी:  पूर्व सांसद जगदीश शर्मा  रतनी प्रखंड अंतर्गत पतियावां गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृत छात्रा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने घटना को अत्यंत शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला करार देते हुए कहा कि यह मामला सरकार और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश की राजधानी में मुख्यमंत्री सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी रहते हैं, उसी राज्य में इस तरह की अमानवीय घटना का होना कथित “सुशासन” की सच्चाई को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि मामला सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित परिवार ने शुरू से ही इस आशंका को जाहिर किया था, लेकिन पुलिस-प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्पीडी ट्रायल और फांसी की मांग। पूर्व सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और सरकार को चाहिए कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, लेकिन जब बेटियां ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो पढ़ेगा कौन?
उन्होंने यह भी कहा कि मृत छात्रा ने करीब दो घंटे तक दरिंदों से संघर्ष कर अपनी इज्जत और आत्मसम्मान की रक्षा करने का प्रयास किया। यह अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि छात्रा को “बाल वीरता पुरस्कार” से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा जाए, ताकि उसके माता-पिता को यह सम्मान प्राप्त हो सके।
छात्रावास व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग
जगदीश शर्मा ने मांग की कि राज्य के प्रत्येक जिले में सभी वर्गों के छात्रों के लिए सुरक्षित छात्रावास का निर्माण किया जाए और छात्रावासों के नियमों को और अधिक कठोर बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों की संपत्ति जब्त कर उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री अनिल कुमार, कुर्था विधायक पप्पू वर्मा, विधायक गौतम कृष्ण, पूर्व जदयू जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोग भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
पूर्व सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर इस बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए इतने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को मैदान में क्यों उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्या “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल नारा बनकर रह गया है? आखिर कब तक पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?
उन्होंने कहा कि बिहार में कई ऐसी बेटियां हैं, जिनकी आवाज दबा दी जाती है और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। यदि पिछले 20 वर्षों में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका है, तो यह सरकार और व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। पूर्व सांसद ने अंत में कहा कि सरकार को इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी बेटी घर से बाहर पढ़ने जाने से डरने को मजबूर न हो।
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जहानाबाद के छात्रावास में शॉर्ट सर्किट से आग, 6 छात्र बेहोश — जांच की मांग तेज

हुलासगंज (जहानाबाद):राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जहानाबाद के हुलासगंज स्थित छात्रावास में  अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। घटना के बाद छात्रावास परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों के बीच दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग छात्रावास के एक हिस्से में लगी, जिसके बाद छात्रों और कॉलेज कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन गैस सिलेंडर का उपयोग किया गया, लेकिन गैस और धुएं के प्रभाव से कई छात्रों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि तब तक दो से तीन छात्रों के लैपटॉप सहित अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए।
अग्निशमन गैस के प्रभाव से 6 छात्र बेहोश
आग बुझाने के दौरान अग्निशमन गैस की चपेट में आने से छह छात्र बेहोश हो गए। सभी को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हुलासगंज में भर्ती कराया गया।
बेहोश हुए छात्रों की पहचान इस प्रकार की गई है— गुड्डू कुमार (21 वर्ष)
सुमित कुमार (19 वर्ष)
रौनित कुमार (22 वर्ष)
सिकंदर कुमार (23 वर्ष)
अभिनय कुमार (19 वर्ष)
शशि कुमार (22 वर्ष)
चिकित्सकों के अनुसार सभी छात्रों का उपचार जारी है। वहीं, गुड्डू कुमार की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद रेफर किया गया है।
कॉलेज प्रशासन रहा मुस्तैद
घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन द्वारा छात्रों की सुरक्षा, उपचार और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
नए भवन में आग लगना बना बड़ा सवाल
यह छात्रावास भवन हाल ही में निर्मित बताया जा रहा है और इसे आधुनिक व सुरक्षित तकनीक से बनाया गया है। ऐसे में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगना कई सवाल खड़े करता है। छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया होता, तो इस तरह की घटना नहीं होती। आधुनिक तकनीक के दौर में विद्युत प्रणाली इस तरह डिजाइन की जाती है कि शॉर्ट सर्किट की स्थिति में आग फैलने से पहले ही स्वतः नियंत्रित हो जाए। इसके बावजूद आग का इतना व्यापक रूप लेना कहीं न कहीं लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की ओर इशारा करता है।
जांच की मांग तेज, अधिकारी मौन घटना के बाद छात्रों और आम लोगों द्वारा उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा तकनीकी खामी के कारण हुआ या इसमें किसी की लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार शामिल है। फिलहाल इस मामले पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि इतना साफ है कि कुछ दिन पहले बने, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बताए जा रहे भवन में इस प्रकार की घटना गंभीर चिंता का विषय है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
मकर संक्रांति पर नवनिर्माण संस्थान की मानवीय पहल वृद्धाश्रम में कंबल व चूड़ा-तिलकुट वितरण, बुजुर्गों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
जहानाबाद खुशी और उल्लास का प्रतीक मकर संक्रांति पर्व उन बुजुर्गों के लिए अक्सर सूना हो जाता है, जो परिवार से दूर वृद्धाश्रम में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। लेकिन इस बार जहानाबाद स्थित वृद्धाश्रम में मकर संक्रांति का पर्व एक अलग ही भावनात्मक रंग में नजर आया, जब नवनिर्माण संस्थान ने बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों के बीच कंबल के साथ चूड़ा-तिलकुट का वितरण कर पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस सेवा कार्यक्रम में नवनिर्माण संस्थान के सचिव संजय शर्मा, अरविंद कुमार अजांस, अजय विश्वकर्मा सहित संस्था के कई सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सदस्यों ने स्नेह और सम्मान के साथ बुजुर्गों को सामग्री भेंट की, जिससे वृद्धों के चेहरों पर संतोष और आत्मीय खुशी साफ झलकती दिखाई दी। इस अवसर पर संस्थान के सचिव संजय शर्मा ने कहा कि पर्व-त्योहार के समय इन बुजुर्गों की स्थिति मन को व्यथित कर देती है। उन्होंने कहा, “जब इन्हें अकेले देखते हैं तो दिल भर आता है। हमारी संस्था का प्रयास है कि अपनी क्षमता के अनुसार इनके जीवन में थोड़ी-सी खुशी जरूर ला सकें।”वहीं अरविंद कुमार अजांस एवं अजय विश्वकर्मा ने समाज के सक्षम लोगों से आगे आकर ऐसे बुजुर्गों की सहायता करने की अपील की, ताकि वे भी पर्व-त्योहारों की खुशियों से वंचित न रहें। नवनिर्माण संस्थान के कार्यकर्ता संजय कुमार ने भावुक स्वर में कहा कि संस्था ने यह संकल्प लिया है कि भविष्य में हर पर्व और विशेष अवसर वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ ही मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “भले ही इनके अपने बच्चों ने इन्हें यहां छोड़ दिया हो, लेकिन अब हम सभी इनके बच्चे हैं। माता-पिता की सेवा समझकर इनकी सेवा करना हमारा कर्तव्य है।” कार्यक्रम के अंत में बुजुर्गों ने संस्था के सदस्यों को दिल से आशीर्वाद दिया और इस मानवीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर नवनिर्माण संस्थान की यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई।
कड़ाके की ठंड में करौता गांव में मानवता की मिसाल, 200 कंबल व खाद्य सामग्री का वितरण
जहानाबाद कड़ाके की ठंड को देखते हुए जहानाबाद सदर प्रखंड की गोनवां पंचायत अंतर्गत ग्राम करौता में मानवता और सेवा भाव की एक अनुकरणीय मिसाल देखने को मिली। गांव में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के तहत लगभग 200 जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल के साथ-साथ चूड़ा और तिलकुट का वितरण किया गया, जिससे ठंड के इस मौसम में उन्हें बड़ी राहत मिली। इस मानवीय पहल की अगुवाई करौता गांव के निवासी एवं समाजसेवी बिनोद प्रसाद सिंह ने अपनी धर्मपत्नी अहिल्या देवी के सहयोग से की। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में उनके पुत्र डॉ. अमित कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो वर्तमान में अमेरिका में चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। उनके सहयोग से गांव के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से अत्यंत कमजोर वर्ग तक सहायता पहुंचाई जा सकी। गौरतलब है कि बिनोद प्रसाद सिंह मगध इंटरमीडिएट कॉलेज एवं मगध डिग्री कॉलेज, शकुराबाद के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष भी हैं। वे लंबे समय से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए जरूरतमंदों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते आ रहे हैं। कार्यक्रम में सोम्या सिंह, हिमानी शर्मा, विदु शर्मा, उमेश यादव, द्वारिका शर्मा एवं चंदेश्वर राम (मास्टरजी) का भी सराहनीय सहयोग रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में उपस्थित रहे और कंबल व खाद्य सामग्री प्राप्त कर राहत महसूस की।
इस अवसर पर बिनोद प्रसाद सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ठंड के इस मौसम में जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराना हम सभी का मानवीय दायित्व है और आगे भी इस तरह के सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। वहीं कंबल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
“श्रद्धा और सामाजिक एकता का संगम: राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन ने श्रद्धांजलि सभा सह मकर संक्रांति मिलन समारोह का किया भव्य आयोजन”
जहानाबाद राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन की ओर से  जहानाबाद जिले के होटल राजगृह में घोसी विधायक के दादा स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा सह मकर संक्रांति मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के सैकड़ों लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सौहार्द और सामाजिक एकता से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय ब्रजनंदन शर्मा के सामाजिक योगदान, सादगीपूर्ण जीवन और समाजसेवा के प्रति उनकी निष्ठा को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पारंपरिक दही-चूड़ा मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया।
कार्यक्रम के संयोजक अनूप कुमार ने समारोह में पधारे अतिथियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इतनी बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि ब्रह्मर्षि समाज संगठित होकर सामाजिक उत्थान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भविष्य में और भी व्यापक स्तर पर ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को एकजुट करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर पूर्व सांसद जगदीश शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह में राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव शर्मा एवं नवीन शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. हरे राम राय, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा क्रांतिकारी, जिलाध्यक्ष सुधीर शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष मुन्ना सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अभिनव कुमार सुमन, प्रदेश महासचिव जयशंकर जी सहित कई राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में धीरज शर्मा, नीरज शर्मा, राकेश शर्मा एवं मीडिया प्रभारी रंजीत शर्मा की सक्रिय भूमिका रही। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया गया।
18 जनवरी को जहानाबाद में होगी 16वीं बिहार राज्य पंजा कुश्ती चैंपियनशिप 2026
जहानाबाद में पंजा कुश्ती (आर्म रेसलिंग) खेल को नई पहचान और ऊँचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 16वीं बिहार राज्य पंजा कुश्ती चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता चैंपियन जिम एवं डेविस जिम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी।
यह चैंपियनशिप 18 जनवरी 2026 (रविवार) को पी. आर. मैरिज हॉल, गौरक्षणी, जहानाबाद (बिहार) में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में बिहार के सभी जिलों से सीनियर, जूनियर, मास्टर्स एवं महिला वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे और अपनी ताकत व कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन 48वीं नेशनल आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए किया जाएगा, जिसका आयोजन केरल में प्रस्तावित है। यह राज्य के खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

आयोजकों ने बताया कि इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य बिहार में पंजा कुश्ती खेल को बढ़ावा देना, उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सार्थक पहल करना है। उन्होंने राज्य के सभी इच्छुक खिलाड़ियों से अपील की है कि वे इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने दमखम के बल पर बिहार का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन करें।
जहानाबाद में राष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों का सम्मान, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बढ़ाया हौसला
जहानाबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी सरस्वती कुमारी द्वारा जिले के राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में सलोनी कुमारी, अनीता कुमारी, नंदनी कुमारी और रवि रंजन कुमार शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल जिले बल्कि राज्य का भी नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल देखा गया।
सम्मान समारोह में जहानाबाद जिला रग्बी कोच अविनाश कुमार की विशेष उपस्थिति रही। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच का मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर मेहनत अहम भूमिका निभाती है।
अपने संबोधन में सरस्वती कुमारी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि जहानाबाद के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग भविष्य में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश और जिले का नाम रोशन कर सकें। सम्मान समारोह के अंत में खिलाड़ियों ने इस सम्मान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी और अपने कोच के प्रति आभार व्यक्त किया और आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।