भारत में स्कोडा ऑटो का सिल्वर जुबली साल अब तक का सबसे शानदार साल बन गया है

अपनी 25वीं सालगिरह पर 72,665 कारें बेचकर सालाना 107% की ग्रोथ दर्ज की
2025 एक बेशकीमती साल रहा: स्पष्ट बिज़नेस ज़रूरतों के मार्गदर्शन और काम, अलग पहचान और भरोसे के स्तंभों पर टिका हुआ
प्रोडक्ट का धमाल: काइलैक को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक, कुशाक और स्लाविया की लगातार डिमांड और ऑक्टेविया आरएस को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स
नेटवर्क ग्रोथ: 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स तक पहुँच
ग्राहक को प्राथमिकता: ग्राहक की खुशी पर ज़्यादा ध्यान देने के लिए कई पहल शुरू की गईं

उदयपुर, जनवरी, 2026: स्कोडा ऑटो ने 2025 को अपनी भारत यात्रा में अब तक का सबसे अहम् साल बताया। इसने देश में अपनी 25वीं सालगिरह को अपनी अब तक की सबसे मज़बूत सेल्स परफॉर्मेंस के साथ मनाया। ब्रैंड ने 2025 को 72,665 कारों की बिक्री के साथ पूरा किया, जो 2024 में बेची गई 35,166 यूनिट्स की तुलना में सालाना 107% की बढ़ोतरी है। यह शानदार परफॉर्मेंस 2025 को स्कोडा ऑटो इंडिया का अब तक का सबसे शानदार साल बनाती है, जो प्रोडक्ट्स, मार्केट्स और कस्टमर टचपॉइंट्स में हुई तेज़ी को उजागर करती है।

इस खास साल पर टिप्पणी करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर, आशीष गुप्ता ने कहा, “साल 2025 हमारे लिए हमेशा खास रहेगा। यह भारत में हमारी 25वीं सालगिरह है और हमने यह साल अब तक के सबसे बेहतर और अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ देखा है और अब हम नेटवर्क और मार्केट में अपनी सबसे बड़ी मौजूदगी के मामले में सबसे आगे हैं। इस सबने, हमारे ग्राहकों के भरोसे और प्यार के साथ मिलकर, इसे भारत में अब तक का हमारा सबसे शानदार साल बनाया है। काइलैक को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक के लिए लगातार तारीफ और ऑक्टेविया आरएस की वापसी के लिए जोश, ब्रैंड के साथ ग्राहकों के मज़बूत इमोशनल जुड़ाव को और पक्का करता है। इसके साथ ही, जिन कारों, कुशाक और स्लाविया से हमारी इंडिया 2.0 जर्नी शुरू हुई, उनकी लगातार डिमांड बनी हुई है। जैसे ही हम 2026 में कदम रख रहे हैं, हम इस मोमेंटम को नए प्रोडक्ट अटैक, बेहतर सेल्स और आफ्टरसेल्स इनिशिएटिव्स और अपनी पहुँच बढ़ाने और अपने ग्राहकों के करीब आने पर और भी ज़्यादा फोकस के साथ आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।”

अपनी पकड़ बनाए रखना
2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया का परफॉर्मेंस एक आसान प्रोडक्ट और नेटवर्क स्ट्रेटेजी पर आधारित था। काइलैक एक मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा, जिसने ब्रैंड की एक्सेसिबिलिटी को काफी बढ़ाया, जबकि कुशाक और स्लाविया के लिमिटेड एडिशन ने पूरे लाइन-अप में वैल्यू और फ्रेशनेस के अहसास को बढ़ाया। कोडियाक ने प्रीमियम एसयूवी स्पेस में स्कोडा की उपस्थिति को मजबूत किया और ऑक्टेविया आरएस की वापसी ने ब्रैंड की परफॉर्मेंस लेगेसी को फिर से रोशन कर दिया। साल के दौरान, स्कोडा ऑटो इंडिया ने 2021 से 200,000 से ज़्यादा लोकल तौर पर बनी कारों की बिक्री की उपलब्धि भी पार की, साथ ही 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट तक अपनी पहुँच बढ़ाई, जिससे पूरे भारत में यूरोपियन इंजीनियरिंग को पहुँचाने की उसकी प्रतिबद्धता और भी मज़बूत हुई। नेटवर्क विस्तार का एक बड़ा हिस्सा भारत में स्कोडा ऑटो के लंबे समय के डीलर पार्टनर्स के साथ किया गया है, साथ ही ग्राहक को महत्व देने के प्रूवन ट्रैक रिकॉर्ड वाले नए पार्टनर्स को भी शामिल किया गया है।

अलग पहचान बनाना
प्रोडक्ट्स के अलावा, 2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया ने सही विचारों वाली स्टोरी, सांस्कृतिक महत्व और ग्राहक को महत्व देने वाले अनुभवों के ज़रिए अपने ब्रैंड की आवाज़ को बेहतर बनाया। भारत दुनिया का पहला बड़ा स्कोडा मार्केट बन गया, जिसने अपडेटेड कॉर्पोरेट आइडेंटिटी और डिज़ाइन के साथ अपने नेटवर्क की 100% रीब्रांडिंग पूरी की, जिससे ग्राहकों के लिए एक जैसा और मॉडर्न ब्रैंड अनुभव मज़बूत हुआ। रणवीर सिंह के स्कोडा ऑटो इंडिया के पहले ब्रैंड सुपरस्टार बनने से कस्टमर कम्युनिकेशन में एक बड़ी छलांग लगी, जिससे ब्रैंड में युवा एनर्जी और सांस्कृतिक जुड़ाव आया। साल के आखिर में, इस रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए, ‘फैन्स, नॉट ओनर्स’ कैंपेन ने स्कोडा के साथ लोगों के गहरे इमोशनल जुड़ाव का जश्न मनाया जो ओनरशिप से कहीं ज़्यादा है। ब्रैंड ने ऑक्टेविया आरएस कैंपेन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सितार वादक ऋषभ शर्मा के साथ भी मिलकर काम किया, जिससे परफॉर्मेंस स्टोरीटेलिंग में एक मॉडर्न और भावपूर्ण नज़रिया आया और नए ऑडियंस से जुड़ने में मदद मिली।

भरोसे में मज़बूती
स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने डीलरशिप पर कुल सेल्स और आफ्टरसेल्स वर्कफोर्स को 7,500 से ज़्यादा प्रोफेशनल्स तक बढ़ाकर अपने सर्विस इकोसिस्टम को मज़बूत किया, जिन्हें साल भर के दौरान 25,000 से ज़्यादा ट्रेनिंग दिनों से सपोर्ट मिला। ब्रैंड ने बेहतर ओनरशिप फायदे भी पेश किए, जिसमें पूरी रेंज में एक्सटेंडेड स्टैंडर्ड वारंटी, साथ ही फीचर-लेड वैल्यू अपग्रेड शामिल हैं, जिनका मकसद ओनरशिप कॉस्ट कम करना और ओवरऑल सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। कई कोशिशों से ब्रैंड की इंजीनियरिंग और काबिलियत पर भरोसा और मज़बूत हुआ। उनमें से कुछ में स्कोडा लेह एक्सपीडिशन के फैन्स शामिल थे। इसे उमलिंग ला तक पहुँचने वाले सबसे बड़े काफिले के तौर पर इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पहचान मिली, जो उस समय दुनिया की सबसे ऊँची रोड थी, जिस पर गाड़ी चलाना मुमकिन था। ऐसी ही एक और पहल में कोडियाक माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ फेस बेस कैंप तक पहुँचने वाली पहली पेट्रोल-पॉवर्ड एसयूवी बन गई।

जैसे ही स्कोडा ऑटो इंडिया 2026 में कदम रख रहा है, ब्रैंड अपने सिल्वर जुबली साल में रखी गई मजबूत नींव को और मजबूत बनाने पर फोकस कर रहा है, जिसमें नए प्रोडक्ट लाना, सेल्स और आफ्टरसेल्स की पहल को बढ़ाना, मार्केट में गहरी पैठ बनाना और अपने ग्राहकों की बात सुनने और उनके साथ आगे बढ़ने पर लगातार जोर देना शामिल है।
रिलेक्सो फुटवियर ने अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन में किया बोल्ड एवं आकर्षक रेंज का अनावरण

मुंबई, जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद फुटवियर निर्माता रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने आज डिस्ट्रीब्यूटर्स मीट के दौरान अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन का अनावरण किया। यह नई रेंज बदलती जीवनशैली को लेकर ब्राण्ड की बेहतरीन समझ को दर्शाती है। भारत किस तरह चलता है, काम करता है और स्टाइल की अभिव्यक्ति करता है, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई रेंज में आराम, फंक्शनेलिटी एवं आधुनिक डिज़ाइनों का संयोजन पेश किया गया है।
विभिन्न ब्राण्ड्स-रिलेक्सो, बहामास, फ्लाईट और स्पार्क्स-में उपलब्ध यह कलेक्शन आराम, मज़बूती और स्टाइल के बीच संतुलन बनाते हुए नई एवं आधुनिक पेशकश के साथ कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत बनाता है। विभिन्न मौकों एवं फैशन के अनुरूप डिज़ाइन की गई यह रेंज-बहुमुखी प्रतिभा, रोज़ाना पहनने की क्षमता और लम्बे चलने वाले परफोर्मेन्स पर रिलेक्सो के फोकस को और मजबूत करती है।
सीज़न के जीवंत रंगों, अपडेटेड सिलहूट एवं बहुमुखी स्टाइल्स में डिज़ाइन किया गया स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन सही मायनों में उपभोक्ताओं की वार्डरोब को अपग्रेड कर देगा। रोज़मर्रा के कैज़ुअल वियर से लेकर काम, छुट्टी मनाने एवं युवाओं के पसंदीदा स्टाइल्स तक- इस कलेक्शन में हर मूड, हर मौके एवं हर उम्र के लिए विकल्प उपलब्ध हैं। लाईटवेट, ब्रीदेबल मटीरियल में आसानी से स्टाइल किए जा सकने वाले डिज़ाइन सुनिश्चित करते हैं कि उपभोक्ता इसे सुबह से शाम तक आसानी से पहन सकें, ऐसे में यह रेंज व्यवहारिक होने के साथ-साथ फैशनेबल भी है।
इस कलेक्शन पर बात करते हुए श्री गौरव कुमार दुआ, होल टाईम डायरेक्टर, रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘इस कलेक्शन का हर प्रोडक्ट वास्तविक दुनिया के रूझानों एवं उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। हम ऐसे फुटवियर डिज़ाइन करते हैं जो उपभोक्ताओं की हर ज़रूरत को पूरा करें- जो आरामदायक, स्टाइलिश और टिकाऊ हों- और उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें। हमें विश्वास है कि इस रेंज को विभिन्न बाज़ारों से शानदार रिस्पॉन्स मिलेगा।“
रिलेक्सो आराम, स्टाइल एवं बेजोड़ मूल्य के साथ देश भर के उपभोक्ताओं को सोच-समझ कर इनसाईट-उन्मुख इनोवेशन्स उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का उत्तर प्रदेश में विस्तार, पाँच नई शाखाओं के साथ मजबूत कर रहा उपस्थिति

उत्तर प्रदेश में पाँच नई शाखाएँ खोलकर अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहा उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक

प्रयागराज, जनवरी 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसएफबी) ने आज उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए सालारपुर, धलेरी, धामपुर, भरवारी और मुंगरा बादशाहपुर में पाँच नई शाखाएँ शुरू कीं। यह कदम राज्य की विभिन्न वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि मोहल्ले के छोटे कारोबारियों से लेकर नए घर खरीदने वालों तक को आसानी से बैंकिंग सुविधाएँ मिल सकें।
इन नई शाखाओं के साथ उज्जीवन एसएफबी ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत की है। फिलहाल बैंक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 98.8 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है। ये पाँचों माइक्रोबैंकिंग (एमबी) आधारित शाखाएँ ग्रुप लोन (जीएल) और इंडिविजुअल लोन (आईएल) की सुविधा देंगी, जिससे संबंधित क्षेत्रों में बैंक की पहुँच और सेवाएँ दोनों बढ़ेंगी।
इस विस्तार पर बात करते हुए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के माइक्रोबैंकिंग और गोल्ड लोन प्रमुख विभास चंद्रा ने कहा, "उत्तर प्रदेश में इन पाँच नई शाखाओं की शुरुआत उन बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने की बैंक की रणनीति का हिस्सा है, जहाँ मजबूत आधार और ग्राहकों की माँग काफी अधिक है। राज्य में छोटे कारोबारियों, स्वरोज़गार करने वालों और माइक्रो एंटरप्राइजेज़ की संख्या काफी अधिक है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की बैंक की प्राथमिकता से पूरी तरह मेल खाती है। ज़मीनी स्तर पर मजबूत मौजूदगी के जरिए बैंक का लक्ष्य ग्राहकों तक और करीब से पहुँचना, साथ ही स्थानीय आर्थिक विकास में भी सहयोग करना है। यह कदम उत्तर भारत के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता और इस क्षेत्र पर उसके रणनीतिक फोकस को और मजबूत करता है।
उज्जीवन एसएफबी के 98.8 लाख ग्राहकों में 3.5 लाख सिर्फ एसेट वाले ग्राहक, 50.2 लाख सिर्फ लायबिलिटी वाले ग्राहक और 45.1 लाख ऐसे ग्राहक शामिल हैं, जिनके पास एसेट और लायबिलिटी दोनों तरह के संबंध हैं। यह बैंक की संतुलित और समावेशी विकास रणनीति को दर्शाता है। बैंक अपने ग्राहकों को सेविंग्स और करंट अकाउंट, फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट, डीमैट और इंश्योरेंस सेवाओं के साथ-साथ माइक्रोफाइनेंस, हाउसिंग, एमएसएमई, कृषि, वाहन और गोल्ड लोन जैसी कई तरह की वित्तीय सुविधाएँ लगातार उपलब्ध करा रहा है।
विभिन्न क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए उज्जीवन एसएफबी बिज़नेस लोन के तहत 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक का लोन देता है। वहीं, अफोर्डेबल हाउसिंग लोन 5 लाख से 75 लाख रुपए तक, माइक्रो मॉर्गेज लोन 3 लाख से 15 लाख रुपए तक, गोल्ड लोन 25,001 रुपए से 25 लाख रुपए तक और वाहन लोन 26,000 रुपए से 5 लाख रुपए तक उपलब्ध हैं। जमा के मामले में भी बैंक आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है, जहाँ सेविंग्स अकाउंट पर सालाना 7.25% तक और सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.95% तक ब्याज मिलता है।
डिजिटल सुविधाओं के मोर्चे पर भी बैंक लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग के लिए उज्जीवन ईज़ी और आसान इस्तेमाल के लिए स्थानीय भाषा, विज़ुअल और वॉइस आधारित ऐप 'हैलो उज्जीवन' ग्राहकों को बेहतर अनुभव देता है। इसके अलावा वीडियो बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, ताकि हर तरह के ग्राहक सुरक्षित और बिना रुकावट लेन-देन कर सकें।
सितंबर 2025 तिमाही में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। बैंक की कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 15% बढ़त दर्ज की गई, जबकि कासा डिपॉजिट 22% की बढ़त के साथ 10,783 करोड़ रुपए तक पहुँच गया और 10,000 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर गया। वहीं, बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो 14% बढ़कर 34,588 करोड़ रुपए हो गया। रणनीतिक तौर पर किए गए विविधीकरण की वजह से सुरक्षित लोन की हिस्सेदारी बढ़कर 47% हो गई।
इस तिमाही में बैंक ने अब तक का सबसे ज्यादा 7,932 करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट किया। एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला, जहाँ पीएआर घटकर 4.45% हो गया और जीएनपीए 2.5% पर स्थिर रहा। वित्त वर्ष 2026 की योजना के तहत बैंक ने इस तिमाही में 14 नई शाखाएँ भी खोलीं। साथ ही, उज्जीवन एसएफबी ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई में आवेदन किया है, जिस पर फिलहाल निर्णय का इंतज़ार है।
*आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का ज़ीरो-फॉरेक्स डायमंड रिज़र्व क्रेडिट कार्ड लॉन्च*
* ज़ीरो फॉरेक्स चार्ज के साथ प्रीमियम ट्रैवल और लाइफस्टाइल सुविधाएँ, अब लग्ज़री और भी आसान*

*दिल्ली+एनसीआर, जनवरी 2026* : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने आज अपना नया प्रीमियम कार्ड, ज़ीरो-फॉरेक्स डायमंड रिजर्व क्रेडिट कार्ड लॉन्च कर दिया है। यह एक प्रीमियम ट्रैवल और लाइफस्टाइल कार्ड है, जिसे खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो अक्सर विदेशी यात्रा करते हैं। इस कार्ड में ज़ीरो फॉरेक्स मार्क-अप, ट्रैवल लाउंज की सुविधा, त्वरित ट्रैवल रिवॉर्ड्स और कई लाइफस्टाइल सुविधाएँ मिलती हैं, ताकि देश और विदेश दोनों जगह बिना झंझट खर्च किया जा सके।

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ऐप के जरिए होटल बुकिंग पर हर 150 रुपए खर्च पर 60 रिवॉर्ड पॉइंट्स। हर रिवॉर्ड पॉइंट की वैल्यू 0.25 रुपए है, यानि हर 150 रुपए खर्च पर आपको 15 रुपए वापस मिलते हैं, जो कि होटल स्टे पर लगभग 10% का वैल्यू बैक है
ऐप के जरिए फ्लाइट बुकिंग पर हर 150 रुपए खर्च पर 40 रिवॉर्ड पॉइंट्स। इसका मतलब है कि हर 150 रुपए खर्च पर आपको 10 रुपए वापस मिलते हैं, जो कि फ्लाइट बुकिंग पर लगभग 6.6% का वैल्यू बैक है
महीने के अन्य खर्चों के दौरान हर 150 रुपए खर्च पर 10 रिवॉर्ड पॉइंट्स। हर पॉइंट की वैल्यू 0.25 रुपए है, यानि हर 150 रुपए खर्च पर आपको 2.5 रुपए वापस मिलते हैं, जो कि लगभग 1.66% का वैल्यू बैक है।
प्रति तिमाही 2 घरेलू लाउंज विज़िट और 2 अंतर्राष्ट्रीय लाउंज विज़िट मुफ्त।
हर महीने 2 मुफ्त गोल्फ राउंड या लेसन
वार्षिक खर्च 1,000 यूएसडी (USD) तक पर एक मुफ्त एयरपोर्ट मीट एंड ग्रीट सर्विस
हर महीने एक बाय-वन-गेट-वन मूवी टिकट
आईटीसी होटल्स में 2 रात बुक करने पर तीसरी रात मुफ्त
मुफ्त ट्रिप कैंसलेशन कवर 25,000 रुपए तक
खोए हुए सामान, उड़ान में देरी, एयर एक्सीडेंट कवर 1 करोड़ रुपए और पर्सनल एक्सीडेंट कवर 10 लाख रुपए तक

आईडीएफसी फर्स्ट क्रेडिट कार्ड्स की अन्य खास और यूनिक सुविधाएँ भी लागू रहेंगी, जो इस प्रकार हैं:
डायनामिक ब्याज दरें सालाना 8.5% से शुरू, जो इस कैटेगरी में सबसे कम दरों में से एक हैं
दुनिया भर में एटीएम से कैश निकालने पर पेमेंट की आखिरी तारीख तक 0% ब्याज। हर बार कैश निकालने पर सिर्फ 199 रुपए का मामूली शुल्क
रिवॉर्ड पॉइंट्स की कोई एक्सपायरी नहीं। ये पॉइंट्स जीवनभर के लिए वैध रहते हैं
रिवॉर्ड पॉइंट्स को किसी भी ई-कॉमर्स या ऑनलाइन खरीदारी पर इस्तेमाल करने की पूरी आज़ादी
रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने की कोई लिमिट नहीं, न कोई कैप और न ही कोई आर्टिफिशल लिमिट्स
हर बिलिंग साइकिल में 20,000 रुपए से ज्यादा खर्च करने पर क्रेडिट कार्ड स्पेंड्स पर 10 गुना तक रिवॉर्ड पॉइंट्स
चुनिंदा फ्यूल स्टेशंस पर फ्यूल सरचार्ज माफ
3,000 रुपए + जीएसटी कीमत वाला डायमंड रिज़र्व क्रेडिट कार्ड एक शानदार प्रीमियम ऑफर देता है, जिसमें 6 लाख रुपए सालाना खर्च पर वार्षिक शुल्क माफ हो जाता है, यानि दूसरे साल से यह प्रभावी रूप से मुफ्त हो जाता है।

शिरीष भंडारी, हेड- क्रेडिट कार्ड्स, फास्टैग एंड लॉयल्टी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, ने कहा, "डायमंड रिज़र्व उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद विकल्प है, जो अक्सर विदेशी यात्रा करते हैं और एक ऐसा प्रीमियम कार्ड चाहते हैं, जो भारत और विदेश दोनों में आसानी से काम करे। ज़ीरो फॉरेक्स मार्कअप, ट्रैवल-फोकस्ड रिवॉर्ड्स और 6 लाख रुपए सालाना खर्च पर वार्षिक शुल्क माफी इसे ग्लोबल ट्रैवल और लाइफस्टाइल के लिए आदर्श कार्ड बनाता है।"

कैसे अप्लाई करें: डायमंड रिज़र्व क्रेडिट कार्ड अब योग्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध है और इसके लिए आप आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल तरीके से आवेदन कर सकते हैं।

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*वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीति

इंदौर, 04 जनवरी 2026: वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”


घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।


इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।

विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।

भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।

यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।

वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”
कोटक म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया कोटक डिविडेंड यील्ड फंड


दिल्ली, जनवरी 2026*:  कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (केएमएएमसी) ने कोटक डिविडेंड यील्ड फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से उन शेयरों में निवेश करेगी जो नियमित रूप से अच्छा डिविडेंड देते हैं। इस फंड का उद्देश्य ऐसे कंपनियों के डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में निवेश कर, लॉन्ग-टर्म कैपिटल ग्रोथ और/या डिविडेंड से आय प्राप्त करना है, जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड लगातार अच्छा रहा है। यह स्कीम 5 जनवरी 2026 से निवेश के लिए खुल चुकी है, 19 जनवरी 2026 को बंद होगी।

कोटक डिविडेंड यील्ड फंड उन कंपनियों में निवेश करने का प्रयास करेगा, जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम किसी एक वर्ष में डिविडेंड दिया हो, ताकि निवेश में स्थिरता और भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।डिविडेंड यील्ड के साथ-साथ यह स्कीम कैश फ्लो, कमाई बढ़ने की संभावना, बिज़नेस फंडामेंटल्स और मैनेजमेंट क्वालिटी जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देगी। मैच्योर और स्टेबल कंपनियों पर फोकस करते हुए तथा अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश कर, यह फंड डिविडेंड से संभावित आय और लॉन्ग-टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन का अवसर देने का प्रयास करेगा।

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री निलेश शाह ने कहा, "कोटक म्यूचुअल फंड में हमारा मानना है कि डिविडेंड देने वाली कंपनियां अक्सर मजबूत बिज़नेस तौर-तरीकों और शेयरहोल्डर्स के हितों पर ध्यान देने का संकेत देती हैं। कोटक डिविडेंड यील्ड फंड को इस तरह तैयार किया गया है कि निवेशक ऐसी कंपनियों की स्थिरता और विकास का लाभ उठा सकें। आज के मार्केट में, सस्टेनेबल डिविडेंड देने वाली कंपनियों को चुनना आपके पोर्टफोलियो में क्वालिटी और मजबूती जोड़ने का एक समझदारी भरा तरीका हो सकता है।"

कोटक डिविडेंड यील्ड फंड उन कंपनियों पर विचार करेगा जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड लगातार अच्छा रहा है। इसके साथ ही फाइनेंसियल स्ट्रेंथ और मैनेजमेंट क्वालिटी को परखने के लिए अतिरिक्त फिल्टर्स लगाए जाएंगे। डिविडेंड देने वाले बेहतर अवसरों के लिए पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। यह पोर्टफोलियो अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करके डाइवर्सिफाइड रहेगा और फंड के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

कोटक डिविडेंड यील्ड फंड की फंड मैनेजर शिबानी कुरियन सिरकार ने कहा, "हमने एक अनुशासित निवेश प्रक्रिया को गहन रिसर्च के साथ जोड़ा है, ताकि ऐसी कंपनियों को चुना जा सके जो सस्टेनेबल डिविडेंड और स्ट्रांग फंडामेंटल्स प्रदान करती हों। कोटक डिविडेंड यील्ड फंड इस सोच पर आधारित है कि जब कंपनियां लगातार अच्छा कैश फ्लो बनाती हैं और शेयरहोल्डर्स को लाभ देती हैं, तो वे लंबे समय तक मूल्य सृजन करती हैं। सावधानीपूर्वक चुने गए शेयर और डाइवर्सिफिकेशन के माध्यम से हमारा लक्ष्य ऐसा पोर्टफोलियो तैयार करना है, जो आय की संभावना और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के बीच संतुलन बनाए, ताकि निवेशक स्थिरता व अवसर दोनों का लाभ उठा सकें।"

यह स्कीम 5 जनवरी 2026 से आम निवेशकों के लिए खुल चुकी है और 19 जनवरी 2026 को बंद होगी। एनएफओ अवधि के दौरान निवेशक कम से कम ₹100 की राशि से निवेश कर सकते हैं और इसके बाद स्विच के लिए किसी भी राशि का निवेश किया जा सकता है। कोटक डिविडेंड यील्ड फंड से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर जाएं: https://www.kotakmf.com/documents/NFO_DYF

निवेशकों को यह तय करने में यदि कोई संदेह हो कि यह प्रोडक्ट उनके लिए उपयुक्त है या नहीं, तो उन्हें अपने वित्तीय सलाहकार और टैक्स सलाहकार से परामर्श करना चाहिए। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (केएएमएएमसी) किसी भी प्रकार के रिटर्न या भविष्य के रिटर्न की गारंटी या वादा नहीं करती है।
खेलो इंडिया बीच गेम्स ने भारतीय खेलों के क्षितिज को विस्तृत किया, प्रतिभा विकास के नए मार्ग खोले: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

• खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया

• प्रधानमंत्री मोदी ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुनने के लिए आयोजकों की सराहना की

• खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 की रंगारंग शुरुआत, 5 से 10 जनवरी तक 2100 से अधिक प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

*भोपाल, जनवरी 2026*: घोघला बीच पर सोमवार को खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण की रंगारंग शुरुआत हुई। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश पढ़कर सुनाया गया। देशभर से आए 2100 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी वाले ये खेल 5 से 10 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे हैं।

दीव शहर खेलो इंडिया बीच गेम्स के रंग में रंगा हुआ है। खेलों का शुभंकर ‘पर्ल’ (खुशमिजाज और ऊर्जावान डॉल्फ़िन) एथलीटों, सहयोगी स्टाफ, वॉलंटियर्स और केआईबीजी 2026 से जुड़े सभी हितधारकों का स्वागत कर रहा है।
केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव द्वारा आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल महासंघों के तकनीकी देखरेख में किया जा रहा है।

इन खेलों में 1100 से अधिक खिलाड़ी आठ खेलों—वॉलीबॉल, सॉकर, सेपक टकरॉ, कबड्डी, पेंकक सिलाट, ओपन वॉटर स्विमिंग, मल्लखंब और रस्साकशी—में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इनमें से पहले छह मैडल स्पोर्ट्स होंगे और कुल 32 स्वर्ण पदक दांव पर हैं।

खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए और केंद्र शासित प्रदेश को केआईबीजी 2026 की मेजबानी के लिए बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “खेलो इंडिया बीच गेम्स का भारत के खेल परिदृश्य में विशेष स्थान है। समुद्र तट और तटीय खेल शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और लगातार बदलती परिस्थितियों में परफॉर्म करने की क्षमता की मांग करते हैं। उभरते हुए खेलों को मंच प्रदान कर ये खेल भारतीय खेलों के क्षितिज का विस्तार करते हैं और प्रतिभाओं की खोज, पहचान और उनको निखारने के लिए नए रास्ते खोलते हैं।” प्रधानमंत्री ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुने जाने की सराहना करते हुए कहा, “ब्लू फ्लैग प्रमाणित घोघला बीच का चयन विशेष रूप से सराहनीय है। प्रकृति के साथ सामंजस्य में आयोजित खेल न केवल खेल उपलब्धियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। यह स्थल हमें याद दिलाता है कि उत्कृष्टता और सततता साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।” खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 का औपचारिक उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया। इससे पहले एथलीटों की परेड और बीच गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार खिलाड़ियों-डॉन रेमेडियोस (बीच फुटबॉल), पायल परमार (बीच वॉलीबॉल), अजीश पटेल और जलपा सोलंकी (दोनों रस्साकशी)-द्वारा पारंपरिक मशाल रिले आयोजित की गई। मशाल को श्री सिन्हा और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव एवं लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से स्थापित किया।

श्री सिन्हा ने खेलो इंडिया बीच गेम्स के माध्यम से जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इसी घोघला बीच पर आयोजित पहले खेलो इंडिया बीच गेम्स 2025 में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पेंकक सिलाट में हमारे खिलाड़ियों ने कुल नौ पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया।” उन्होंने आगे कहा, “2014 से अब तक केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने दीव में उल्लेखनीय विकास कार्य किए हैं। इनमें आईएनएस खुकरी स्मारक का पुनर्विकास, घोघला बीच को ब्लू फ्लैग प्रमाणन, और शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है। ये प्रयास सतत विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा, “आज भारत की खेल संस्कृति में गहरा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। संस्थागत पहुंच, जमीनी स्तर पर भागीदारी और सांस्कृतिक बदलाव पर नए सिरे से जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभाओं की पहचान और सहयोग का स्वरूप बदल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियां और पारदर्शी प्रतियोगी मंच अब पृष्ठभूमि या भौगोलिक सीमाओं से परे युवा खिलाड़ियों तक पहुंच रहे हैं।” उन्होंने कहा, “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, हमारे युवा इस यात्रा के अग्रदूत हैं। खेल हो या विज्ञान, शिक्षा हो या प्रशासन, अंतरिक्ष हो या स्टार्ट-अप-हर क्षेत्र में अवसर बढ़े हैं। इससे ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बन रहा है, जहां आकांक्षाओं के साथ संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित हो रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया, सांसद खेल महोत्सव और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) जैसी पहलें भारत के एथलीटों को वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं और दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।

इससे पहले सोमवार को बीच सॉकर और बीच कबड्डी की प्रतिस्पर्धाओं की शुरुआत हुई, जहां शीर्ष टीमों ने मजबूत प्रदर्शन किया। महिला बीच सॉकर में, गत चैंपियन ओडिशा ने ग्रुप ए में महाराष्ट्र को 11-3 से हराया, जबकि ग्रुप बी में पदार्पण कर रही हिमाचल प्रदेश ने तीसरे क्वार्टर में वापसी करते हुए मेजबान दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से मात दी।

बीच कबड्डी में महाराष्ट्र की पुरुष और महिला टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत दर्ज की। महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 64-22 से हराया, जबकि पुरुष वर्ग में महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से पराजित किया। आज के परिणाम :

बीच कबड्डी
(महिला):
पूल ए – हरियाणा ने पंजाब को 51-23 से हराया; महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 71-18 से हराया।
पूल बी – उत्तर प्रदेश ने हिमाचल प्रदेश को 43-35 से हराया; राजस्थान ने आंध्र प्रदेश को 64-22 से हराया।

(पुरुष):
पूल ए – हरियाणा ने आंध्र प्रदेश को 53-16 से हराया; उत्तर प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 55-33 से हराया।
पूल बी – राजस्थान ने उत्तराखंड को 44-36 से हराया; महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से हराया।

बीच सॉकर (महिला):
ग्रुप ए – ओडिशा ने महाराष्ट्र को 11-3 से हराया।
ग्रुप बी – हिमाचल प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से हराया।
आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट बैंकिंग और हुरुन इंडिया ने जारी किया 'टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025' का तीसरा संस्करण

*दिल्ली, दिसंबर, 2025:* आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट बैंकिंग (IDFC FIRST Private Banking) और हुरुन इंडिया (Hurun India) ने 'आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025' का तीसरा संस्करण लॉन्च किया। इसमें उन 200 सबसे ज्यादा मूल्य वाली कंपनियों को शामिल किया गया है, जिनकी स्थापना वर्ष 2000 के बाद हुई है। कंपनियों की रैंकिंग उनके मूल्य के आधार पर की गई है, जिसमें सूचीबद्ध कंपनियों के लिए मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए वैल्यूएशन को आधार माना गया है। इस सूची के लिए 25 सितंबर, 2025 तक के आँकड़ें लिए गए हैं। इसमें सिर्फ वही कंपनियाँ शामिल हैं, जिनके मुख्यालय भारत में हैं, जबकि सरकारी कंपनियाँ और विदेशी कंपनियों की भारतीय इकाइयों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

इस सूची में शामिल सभी कंपनियों का कुल मूल्य करीब 42 लाख करोड़ रुपए है और इसमें देश के 51 शहरों के आंत्रप्रेन्योर्स सम्मिलित हैं। सूची की शुरुआत के बाद पहली बार ईटरनल के संस्थापक दीपिंदर गोयल (42) ने डीमार्ट के आर के दमानी (70) को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। शहरों की बात करें, तो बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहाँ से 88 आंत्रप्रेन्योर्स सूची में शामिल हैं। इसके बाद मुंबई से 83 और नई दिल्ली से 52 आंत्रप्रेन्योर्स शामिल हैं, जो मिलकर सूची का आधा से ज्यादा हिस्सा बनाते हैं। सेक्टर के हिसाब से फाइनेंशियल सर्विसेस सबसे आगे रही, जिसमें 47 कंपनियाँ शामिल हैं। इसके बाद सॉफ्टवेयर और सर्विसेस से 28, हेल्थकेयर से 27 और रिटेल से 20 कंपनियाँ इस सूची का हिस्सा हैं। खास बात यह है कि 200 में से 189 कंपनियों को बाहरी निवेशकों का सहयोग मिला है, जबकि शेष कंपनियाँ अपने दम पर आगे बढ़ीं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हेड- वेल्थ मैनेजमेंट और प्राइवेट बैंकिंग, श्री विकास शर्मा ने कहा, "आंत्रप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भारत ने दुनियाभर के प्रमुख देशों में से एक के रूप में पहचान बनाई है। 'आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025' का तीसरा संस्करण भारत की स्टार्टअप और आंत्रप्रेन्योरशिप यात्रा को मनाने का एक और मौका है। यह रिपोर्ट उन खास आंत्रप्रेन्योर्स की कहानी बताती है, जो देश की आर्थिक दिशा को बदल रहे हैं। उनकी मेहनत, नवाचार और उत्कृष्टता लाने की लगातार कोशिशें वही मूल्य दिखाती हैं, जो हमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सोच और मूल्यों से जोड़ती हैं। इस रिपोर्ट के जरिए हम इन अग्रणी उद्यमियों को सम्मान देते हैं और उनके काम को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आश्वासन देते हैं।"

हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर, अनस रहमान जुनैद ने कहा, "आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025 यह दर्शाता है कि विगत 25 वर्षों में इन सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स का भारत की आर्थिक तरक्की में कितना बड़ा योगदान है। इन कंपनियों का कुल व्यापार मूल्य 469 अरब डॉलर के बराबर है, जो भारत की 300 सबसे मूल्यवान फैमिली कंपनियों के मूल्य का एक चौथाई हिस्सा है। उन पाँच कंपनियों का कुल मूल्य अब 78,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है, जिनकी स्थापना वर्ष 2020 के बाद शुरू हुई। ये आंत्रप्रेन्योर्स देश में विकास को बढ़ावा दे रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। वहीं, कर्मचारियों के लाभ इस साल 54,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 57,200 करोड़ रुपए हो गए हैं, जो उनके द्वारा कर्मचारियों में किए गए निवेश को दर्शाता है।"

कार्यप्रणाली

'आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025’ सूची उन 200 सबसे मूल्यवान कंपनियों को मान्यता देती है, जिनकी स्थापना भारत में वर्ष 2000 या उसके बाद हुई है। यह सूची भारत के उन सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स की खास उपलब्धियों पर ध्यान देती है, जिन्होंने इस समयावधि में सबसे मूल्यवान कंपनियों को बनाया और विकसित किया। इस सूची में रैंकिंग कंपनी के मूल्य के आधार पर होती है, न कि संस्थापकों की व्यक्तिगत संपत्ति के आधार पर।

सूचीबद्ध कंपनियों के लिए, मार्केट कैप उनकी तय तारीख के अनुसार की गई कीमत पर आधारित है। जिन कंपनियों की सूची में नाम नहीं है, उनके लिए हुरुन रिसर्च ने उन्हें समान सूचीबद्ध कंपनियों से तुलना करके मूल्य तय किया। इसमें इंडस्ट्री के आम मापदंड, जैसे- प्राइस टू अर्निंग, प्राइस टू सेल्स, ईवी टू सेल्स और ईवी टू एबिट्डा का इस्तेमाल किया गया। वित्तीय जानकारी हालिया वार्षिक रिपोर्ट या ऑडिट किए हुए स्टेटमेंट से ली गई है।

हुरुन रिसर्च टीम ने मूल्यांकन में बराबरी बनाए रखने के लिए हाल की फंडिंग राउंड के आधार पर सबसे नए आँकड़ें लिए हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में निवेशकों द्वारा बताई गई कम कीमत वाली रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरी जानकारी मिल सके।
जिम कॉर्बेट में बोरोसिल के 'बोरोसिल की रसोई- सीज़न 4' का सफल समापन
दो दिवसीय कार्यक्रम में बोरोसिल के डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने हिस्सा लिया; प्रोडक्ट परफॉर्मेंस और आगे की स्ट्रेटेजी पर हुई चर्चा
देहरादून, दिसंबर 2025: भारत के भरोसेमंद कंज़्यूमर ब्रांड, बोरोसिल लिमिटेड द्वारा आयोजित 'बोरोसिल की रसोई- सीज़न 4' का समापन भव्य रूप से हुआ। यह खास आयोजन 16 और 17 दिसंबर को जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में स्थित आहाना- द कॉर्बेट वाइल्डरनेस रिज़ॉर्ट में हुआ। इस मौके पर बोरोसिल ने अपने चैनल पार्टनर्स के लिए एक खास मिलन समारोह भी आयोजित किया। उत्तराखंड की खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के बीच, बोरोसिल के देशभर से आए डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने हिस्सा लिया, संवाद किया, अनुभव साझा किए और साझेदारी के रिश्तों को और मजबूत बनाया। इससे एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा।

चैनल पार्टनर्स मीट को खास डेस्टिनेशन इवेंट की तरह प्लान किया गया था। इस मौके ने बोरोसिल को अपने बड़े रिटेल नेटवर्क से जुड़ने और बातचीत करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिया। साथ ही, कंपनी ने दिखाया कि वह परफॉर्मेंस-आधारित किचन प्रोडक्ट्स पेश करने के लिए कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है।

बोरोसिल के ग्लास टॉप गैस स्टोव, ट्रिप्लाई कुकवेयर और प्रेशर कुकर की रेंज आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। इसके लिए कुकिंग कॉम्पिटिशन और प्रोडक्ट डेमो रखे गए, जिनमें इन प्रोडक्ट्स की मजबूती, सुरक्षा और बेहतरीन हीट परफॉर्मेंस को बेहतरी से उजागर किया गया। कुकिंग से जुड़ी इन गतिविधियों ने बोरोसिल और उसके चैनल पार्टनर्स के बीच रिश्ता और भी मजबूत किया। इससे ब्रांड पर उनका भरोसा भी बढ़ा और जुड़ाव भी गहरा हुआ।

कार्यक्रम के दौरान बोरोसिल लिमिटेड की वीपी- मार्केटिंग, सुश्री बरनाली शंकर ने कहा, "बोरोसिल की रसोई अब हमारे चैनल पार्टनर्स से जुड़ने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुकी है। जिम कॉर्बेट में सीज़न 4 आयोजित करने से हमें पारंपरिक फॉर्मेट से हटकर ऐसा माहौल बनाने का मौका मिला, जहाँ सबने सीखने, सहयोग करने और साथ मिलकर जश्न मनाने का अनुभव किया। अपने डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना हमारे लिए सम्मान की बात है।"

कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए बोरोसिल के एक पार्टनर ने कहा, "बोरोसिल की रसोई- सीज़न 4 हमारे लिए बेहद दिलचस्प और उपयोगी अनुभव रहा। कुकिंग प्रतियोगिता और प्रोडक्ट डेमो ने हमें परफॉर्मेंस, गुणवत्ता और इस्तेमाल, तीनों ही स्तर पर बोरोसिल के प्रोडक्ट्स को नज़दीक से समझने का मौका दिया। इस अनुभव ने हमारे भरोसे को और मजबूत किया है और ब्रांड के साथ हमारे रिश्ते को और भी बेहतर बनाया है।"

कुकवेयर, किचन अप्लायंसेज़, डिनरवेयर और ग्लासवेयर सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति के साथ बोरोसिल लगातार मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। बोरोसिल की रसोई- सीज़न 4 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ब्रांड अपने हुनर, गुणवत्ता और रोज़मर्रा की कुकिंग को बेहतर बनाने के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस सफलता का श्रेय उसके चैनल पार्टनर्स के भरोसे और साझेदारी को जाता है।
राजस्थान डिजीफेस्ट और टाई ग्लोबल हैकाथॉन ने घोषित किए विजेता, देशभर से नवाचार और युवाशक्ति का ऐतिहासिक संगम

*जयपुर, दिसंबर 2025* : राजस्थान ने एक बार फिर राष्ट्रीय नवाचार मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए राजस्थान डिजीफेस्ट और टाई ग्लोबल हैकाथॉन को लॉन्च किया। यह हैकाथॉन विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट 2025 तथा 10वें टाई ग्लोबल समिट के अंतर्गत आयोजित किया गया।
*यह पहल राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित की जा रही है,* जो नवाचार, उद्यमिता और भविष्य के लिए तैयार स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के प्रति राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी प्रयास के तहत, राजस्थान डिजीफेस्ट और टाई ग्लोबल हैकाथॉन के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि, टाई ग्लोबल समिट 2026 में समर्पित बूथ स्थान, प्रमुख निवेशकों से संभावित निवेश तक पहुँच और उनके समाधानों को और आगे बढ़ाने में सहायता के लिए अनुदान-आधारित समर्थन सहित एक व्यापक विकास अवसर पैकेज के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
इस राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 54 शहरों से आए 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो इसे राजस्थान में आयोजित सबसे व्यापक और विविधतापूर्ण हैकाथॉन्स में से एक बनाता है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों का मजबूत प्रतिनिधित्व शामिल रहा।

*भागीदारी के प्रमुख आँकड़ें* 
● 700 से अधिक प्रतिभागी
● 250 से अधिक टीमों की भागीदारी
● 150 से अधिक महिला प्रतिभागी
● 550 से अधिक पुरुष प्रतिभागी
● 54 शहरों से प्रतिनिधित्व
● 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश
इस हैकाथॉन का उद्देश्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर तय किए गए सात अहम् विषयों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना था। ये विषय डिजिटल कृषि और किसान सहायता प्रणाली, स्मार्ट हेल्थ रिकॉर्ड और आपातकालीन सेवाएँ, स्मार्ट सड़क अवसंरचना, स्मार्ट निगरानी और सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यटन से जुड़ा डेटा और भीड़ विश्लेषण, नागरिक शिकायत समाधान प्रणाली, और जल प्रबंधन व स्मार्ट यूटिलिटीज़ थे। प्रतिभागियों ने एआई, डेटा एनालिटिक्स, आईओटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों का उपयोग कर ऐसे समाधान तैयार किए, जो बड़े स्तर पर लागू किए जा सकें और राष्ट्रीय व राज्य प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।
*सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और टाई इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों की जूरी द्वारा कड़ी समीक्षा के बाद विजेता और उपविजेता टीमों की घोषणा की गई:*

*डिजिटल कृषि एवं किसान सहायता पारिस्थितिकी तंत्र*
*विजेता:* अर्बनफिक्स - टीम लीड: राजवीर सिंह (सेलेबल टेक्नोलॉजी)
*उपविजेता* : ल्यूमिन - टीम लीड: रविना एस. (चेन्नई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)

*स्मार्ट स्वास्थ्य रिकॉर्ड एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रबंधन*
*विजेता:* रोड आरईएसक्यू - टीम लीड: आरियन हरवानी (जोधपुर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी)
*उपविजेता:* एमएल क्रिएटर्स - टीम लीड: अमन शर्मा (आर्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी)

*स्मार्ट निगरानी एवं सार्वजनिक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण*
*विजेता:* डेज़र्ट इनोवेटर्स - टीम लीड: विशेष जैन (टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)
*उपविजेता:* कैलरेक्स टेक - टीम लीड: श्रीकृष्ण (कैलरेक्स टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि.)

*जल शासन, शहरी अवसंरचना एवं स्मार्ट यूटिलिटीज*
*विजेता:* स्पैम्बॉट्स - टीम लीड: तुषार चंद्र (आईआईटी दिल्ली)
*उपविजेता:* टीम रॉकेट - टीम लीड: मदन गुप्ता (पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग)

*पर्यटन इंटेलिजेंस एवं फुटफॉल विश्लेषण प्रणाली*
*विजेता:* एक्सेलर - टीम लीड: कार्तिक रावत (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)
*उपविजेता* : स्मार्ट मैट्रिक्स - टीम लीड: सक्षम राज (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)

*एकीकृत नागरिक समस्या पहचान एवं शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म*
*विजेता:* कोड कैटालिस्ट - टीम लीड: अग्रज सिंह (कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर)
*उपविजेता* : रिट्रीवर्स - टीम लीड: अक्षत जैन (आर्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी)

*स्मार्ट सड़क अवसंरचना निगरानी एवं रखरखाव प्रणाली*
*विजेता:* रुद्र एक्स - टीम लीड: अभिषेक वर्मा (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)
*उपविजेता:* सेफस्फियर - टीम लीड: उत्तम कुमार गुप्ता (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)

*हैकाथॉन को रेस्किल का सहयोग प्राप्त था। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी* (वीजीयू) इस कार्यक्रम की वैन्यू पार्टनर रही, और इसे सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डूइट एंड सी), राजस्थान सरकार का सशक्त समर्थन मिला।
टाई और राजस्थान डिजीफेस्ट इकोसिस्टम से मिले विशेषज्ञ मार्गदर्शन और जूरी सहभागिता के माध्यम से प्रतिभागियों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिला। इस पहल ने युवाओं के नेतृत्व में नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में राजस्थान की सोच को और मजबूती दी।