राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा मानिटरिंग एवं इवैल्यूएशन पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

रायपुर-  राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। अटल नगर, नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में 20 और 21 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ करना, नीति-निर्माण को डेटा आधारित बनाना और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना था। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों के लिए मूल्यांकन, क्यों, कब और कैसे विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में राज्य शासन के अधिकारियों को मानिटरिंग और इवैल्यूएशन के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गयी। योजनाओं की प्रगति प्रभाविता को ट्रैक करने और परिणामों का विश्लेषण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। मूल्यांकन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योजनाओं के प्रभाव को मापने के लिए लॉजिकल फ्रेमवर्क और थ्योरी ऑफ चेंज का उपयोग, डेटा संग्रह की पद्धतियां, प्रभावी नीति निर्माण के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यशाला में मूल्यांकन में आने वाली चुनौतियां और समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया।

कार्यशाला में प्रोग्राम/स्कीम इवैल्यूएशन के महत्व, उसके विभिन्न प्रकार, तरीकों, रूपरेखा (फ्रेमवर्क) और गुणवत्ता आश्वासन (क्वालिटी एश्योरेंस) पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रभावी मूल्यांकन से न केवल योजनाओं की सफलता और विफलता का विश्लेषण किया जा सकता हैए बल्कि सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान डेटा संग्रह, विश्लेषण तकनीक, निगरानी एवं मूल्यांकन के सर्वाेत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रभाव मूल्यांकन, प्रक्रियात्मक मूल्यांकन और परिणाम मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।

राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने बताया कि आयोग मूल्यांकन हेतु संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उपाय अपना रहा है। आने वाले समय में नीति निर्माण को डेटा संचालित और प्रभावी बनाने इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पारदर्शी और सटीक मूल्यांकन आवश्यक है। यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा।

कार्यशाला के समापन अवसर पर राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और डी.एम.ई.ओ. टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, कि भविष्य में राज्य नीति आयोग और डी.एम.ई.ओ. इस तरह की और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित शासन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

कार्यशाला में डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार के निदेशक अबिनाश दास व उनकी एक्सपर्ट टीम द्वारा आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, डाटा गर्वनेंस क्वालिटी इंडेक्स एवं लॉजिकल फ्रेमवर्क तथा मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन के बारे में प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा की गई।

उक्त कार्यशाला में सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, योजना विभाग सहित अन्य विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में उत्कृष्टता पुरस्कार की घोषणा, उत्कृष्ट पत्रकार के रुप में सुदर्शन न्यूज़ के राज्य प्रमुख योगेश मिश्रा के नाम की हुई घोषणा

रायपुर-   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन आज विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने उत्कृष्ट विधायकों और पत्रकारों के नामों की घोषणा की है।

विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के उत्कृष्ट पत्रकार के तौर पर सुदर्शन न्यूज के छत्तीसगढ़ ब्यूरो योगेश मिश्रा के नाम की घोषणा हुई, साथ ही प्रिंट मीडिया से दैनिक भास्कर के राकेश पांडे के नाम की घोषणा हुई । वहीं सत्ता पक्ष से भावना बोहरा और विपक्ष से लखेश्वर बघेल उत्कृष्ट विधायक चुने गए हैं। उत्कृष्टता पुरस्कार मिलने वालों को विधानसभा अध्यक्ष के साथ सभी विधायकों ने बधाई भी दी।

गौरतलब है कि योगेश मिश्रा बलौदाबाजार जिले के ग्राम कटगी के रहने वाले हैं, जो पिछले 15 वर्षों से रायपुर में पत्रकारिता कर रहे हैं। अभी वर्तमान में योगेश मिश्रा, सुदर्शन न्यूज में छत्तीसगढ़ ब्यूरो की भूमिका निभा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक सदन में पारित: सीएम साय ने कहा – पांच साल में पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेला

रायपुर-  विधानसभा में चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2025 सदन में पारित हुआ. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल बिहाई बाजपेयी ने जिस उद्देश्य से किया था उसे भाजपा की सरकार ने साकार किया है. आज वर्तमान में कुल 17 निजी विश्वविद्यालय खुल गए है. बीते पांच साल में पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेलने का काम किया था.

सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ को विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता सबसे जरूरी है. शिक्षा की पहुंच दुरस्त अंचलों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. कोहका दुर्ग में रूंगटा स्किल निजी विश्वविद्यालय शुरू किया जाना प्रस्तावित है. राज्य में युवाओं को कौशल युक्त शिक्षा दिया जाएगा. छात्रों को बेहतर करियर विकल्प मिलेगा. राज्य के सकल प्रवेश अनुपात बढ़ाने यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह 18 निजी विश्वविद्यालय होगा. निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग ने भी इस नए विश्वविद्यालय खोलने की अनुशंसा की है.

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, कांग्रेस सरकार के दौरान लाए गए निजी विश्वविद्यालय के कानून को सर्वोच्च न्यायालय ने अमान्य कर दिया था. उस वक्त ऐसे-ऐसे कुलपति थे जो लूना में चलते थे. पंचर की दुकान में पंचर बनाते खड़े रहते थे और उनकी गाड़ी में कुलपति लिखा होता था. छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय क़ानून इसी विधानसभा से निकला और देश के दूसरे राज्यों ने भी उसी क़ानून के आलोक में क़ानून बनाए थे. मैं उच्च शिक्षा मंत्री था तब मैंने जीआर पूछा तब विभाग को मालूम नहीं था. भाजपा के 15 सालों में कितने निजी विश्वविद्यालय बने इसे मैं आज ख़ुद नहीं गिन सकता.

शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा : चंद्राकर

विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, दुरस्त अंचलों में भी विश्वविद्यालय खोले गए. जब मैं उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिवेदन पढ़ रहा था तब मुझे आश्चर्य हुआ कि वहां भी शिक्षकों की कमी है. निजी विश्वविद्यालय में कोर्स को पढ़ाने वाले नहीं है. इसे ठीक करने का कोई मैकेनिज्म नहीं है. कौन-कौन सी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आई. कितनी नौकरी लगी, इसका भी कोई मैकेनिज्म नहीं दिखता. जीआर में हम आज राष्ट्रीय स्तर पर भी पीछे हैं. बाबा साहब अंबेडकर कहते थे कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा. आज अख़बारों में छपा है कि हैपीनेस इंडेक्स में हम पाकिस्तान बांग्लादेश से भी पीछे हैं. शिक्षा से ऐसे इंडेक्स बदले जा सकते हैं. बड़ी चिंता 8-9 हज़ार रिक्त पदों की है. वेलफेयर स्टेट में शिक्षा को उच्च स्थान मिले.

निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें : व्यास कश्यप

कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा, निजी विश्वविद्यालय खोले जाने चाहिए. छत्तीसगढ़ में छात्रों को बेहतर शिक्षा दिए जाने के प्रयास होने चाहिए. सिर्फ़ इंडेक्स बढ़ाने के लिए इतने विश्वविद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए. निजी विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र बड़े घरों के होते हैं और सिर्फ डिग्री लेने के लिए प्रवेश लेते हैं. निजी विश्वविद्यालय डिग्री बेचने का काम करते हैं. निजी विश्वविद्यालय शिक्षा की हत्या है. निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें.

ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड' थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवाओं पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई नाराजगी, मरीजों के हित में सुधार की मांग

नई दिल्ली /रायपुर-   रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल भी उठाया है।

जिसपर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि, एम्स रायपुर में 33 विभागों में 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं । यहां मई 2024 से सितंबर 2024 तक केवल 6 महीनों में ही 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। हालांकि मरीजों का रेफरल मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है।

मंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल उठाए और कहा कि "एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है,एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है।"

इस संबंध में एम्स अस्पताल प्रबंधन को पहले भी पत्र लिखा था, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने एम्स डायरेक्टर अशोक जिंदल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि "जब भी मैने खुद या मेरे कार्यालय से एम्स रायपुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, डायरेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। यह रवैया पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है।"

उन्होंने कहा कि, "हम प्रदेश के नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कार्य में लापरवाही बरतने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।

दो करोड़ की अवैध शराब पर चला बुलडोजर, 10 साल पुराने मामले में जब्त 40 हजार लीटर मदिरा को पुलिस ने किया नष्ट

राजनांदगांव-  जिलेभर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जब्त की गई करीब दो करोड़ की अवैध शराब पर राजनांदगांव पुलिस ने बुलडोजर चलाकर नष्ट किया. जिले के विभिन थानों से 10-12 वर्ष पुराने प्रकरणों में जब्त 40 हजार लीटर शराब को शहर के सीआईटी मैदान के पास नष्ट किया गया. इस दौरान एसपी मोहित गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित सभी थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे.

एसपी मोहित गर्ग ने कहा, अवैध शराब के खिलाफ जिले में कार्रवाई जारी है. 2012 के बाद से जब्त मदिरा का आज नष्टीकरण किया गया। राजनांदगांव में अवैध शराब के मामलों में विभिन्न थाना क्षेत्रों में जब्त शराब का मामला न्यायालय में चला और इसके बाद जब्त शराब को विनष्टिकरण करने के लिए अनुमति मांगी गई. अनुमति मिलने पर पुलिस विभाग ने बुलडोजर की मदद से इस शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की. कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों बोतलों में भरी शराब पर बुलडोजर चलाया गया।

विश्व जल दिवस : मर्सी फॉर एनिमल्स के स्वयं सेवक ने लगाई पानी की टंकियों में डुबकी, जानिए वजह…

रायपुर- विश्व जल दिवस पर मर्सी फॉर एनिमल्स ने मरीन ड्राइव, तेलीबांधा तालाब पर मांस उत्पादन में जल की खपत के बारे में जागरूकता बढ़ाने प्रदर्शन किया. प्रतीकात्मक वेशभूषा पहने दो स्वयं सेवक ने पानी की टंकियों में डूबकर मांस उत्पादन के लिए खपत किए गए पानी की विशाल मात्रा के साथ पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों के कम जल खपत को उजागर किया. 

स्वयं सेवक तख्तियां लिए खड़े थे, जिस पर लिखा था “1 किलो मांस के उत्पादन में लगभग 8,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि 1 किलो सब्जियों में केवल 322 लीटर पानी की आवश्यकता होती है”. यह असमानता हमारे आहार विकल्पों के पर्यावरणीय प्रभाव और अधिक टिकाऊ खाद्य प्रणालियों की ओर बदलाव की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है.

मर्सी फॉर एनिमल्स इंडिया के आयोजन समन्वयक कुशल समद्दार ने कहा, “जल संकट एक वैश्विक समस्या है, और भोजन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.” समद्दार आगे कहते हैं, “हम लोगों से पौधे-आधारित आहार पर स्विच करने और सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य बनाने पर विचार करने का आग्रह करते हैं.”

 

भोजन के लिए जानवरों को पालने, खिलाने और मारने के लिए बड़ी मात्रा में ताजे पानी का उपभोग करते हैं, जिससे पशु कृषि वैश्विक ताजे पानी के उपयोग के लगभग 20% के लिए जिम्मेदार है. पौधे-आधारित आहार को अपनाने से एक व्यक्ति के भोजन संबंधी पानी के उपयोग में 50% तक की कमी आ सकती है. मर्सी फॉर एनिमल्स जनता से उनके आहार विकल्पों के पर्यावरणीय परिणामों पर विचार करने और उनके जल पदचिह्न को कम करने और अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान करने के लिए पौधे-आधारित विकल्पों को अपनाने का आग्रह करता है.

मर्सी फॉर एनिमल्स के बारे में

Mercy For Animals (MFA) इंडिया एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, जो भोजन के लिए पाले जाने वाले जानवरों की पीड़ा और क्रूरता को कम करने और पौध-आधारित भोजन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. फिल्मी सितारे जॉन अब्राहम, सोनाक्षी सिन्हा, दक्षा नागरकर और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक जैसे ब्रांड एंबेसडर के साथ Mercy For Animals कानूनी पैरवी, कॉर्पोरेट अभियानों और जनसंपर्क के माध्यम से एक ऐसा भविष्य बनाने का प्रयास करता है जिसमें जानवरों का सम्मान किया जाए, उनकी रक्षा हो और वे स्वतंत्र रहें. 800 से अधिक स्वयंसेवकों के देशव्यापी नेटवर्क के साथ, Mercy For Animals भारत में जानवरों के लिए सार्थक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है. अधिक जानकारी के लिए कृपया विजिट करें.

विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करने, श्री साई बाबा स्कूल में सी.बी.एस.ई द्वारा शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

अम्बिकापुर- हम शिक्षकों से संवाद करेंगे जिससे उनके और विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर हो। मानसिक स्वास्थ्य श्रेष्ठ होने की स्थिति में परिसर का परिवेश अच्छा होगा। यह बातें शुक्रवार को श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल में सीबीएसई द्वारा दो दिवसीय कैपीसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस विषय पर आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान विषय विशेषज्ञ बीजाभाट बेमेतरा, दुर्ग स्थित एलंस पब्लिक स्कूल की प्राचार्य नीतू सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि दो दिनों तक चलने वाले सत्रों के दौरान प्रत्येक शिक्षक की भागीदारी आवश्यक है।

इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

रामकृष्ण पब्लिक स्कूल कबीरधाम से आये काउंसलर विशाल पांडेय ने सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिता, अभिभावक और बच्चों की दुनिया अलग-अलग है। दोनों का नजरिया अलग-अलग है। वर्तमान में शिक्षक, अभिभावक को बच्चे के नजरिये से देखना होगा। श्री पांडेय ने कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के चुनौती और वर्तमान विद्यार्थी की चुनौती अलग-अलग है। अभिभावक और शिक्षक को विद्यार्थी की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। विद्यार्थी, बच्चा जिन चुनौतियों के बीच से गुजर रहा है, उसके समाधान में सहयोगी बनना है। विद्यार्थी, बच्चा यदि किसी गलत लत की ओर जा रहा है तो उसकी काउंसिलिंग कर निस्तारण करना होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य उपस्थित रहे। प्राचार्य प्राची गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन विनीता कच्छप ने किया। प्रशिक्षण के दौरान श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल के साथ ही विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने भाग ले रहे हैं।

बिहार दिवस को लेकर सियासत : प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर कसा तंज, कहा-

रायपुर- भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन आज संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश में बिहार दिवस को लेकर हो रही सियासत पर बड़ा बयान दिया है. नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर तंज कस्ते हुए कहा कि भूपेश बघेल की बेचैनी पर तरस आता है, हम (भाजपा) कुछ भी करते हैं तो वह बेचैन हो जाते हैं. इतनी बेचैनी है तो मैं तो अभी और गतिविधि करूंगा.

उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि इस बेचैनी में उनको छत्तीसगढ़ छोड़ना पड़े. कांग्रेस ने तो किनारा कर ही दिया है. भूपेश बघेल बहुत वरिष्ठ नेता हैं. इतना ध्यान रखिएगा कि छत्तीसगढ़ बिहार दोनों भारत के मूल भाग है. 

पंच से लेकर पार्लियामेंट तक लहराया BJP का भगवा : बीजेपी प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन 

प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने चुनाव में जीत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि जो सपना हम लोगों ने देखा था, पंच से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा का भगवा लहराए. मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं ने पूरा मेहनत किया. जनता ने हम पर विश्वास किया. 80 प्रतिशत और कहीं कहीं 90 प्रतिशत सीटों पर भगवा लहराया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई देता हूं. हम पर जो विश्वास किया है, उस पर भाजपा की सरकार खरा उतरेगी.

शाहरुख खान के भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज, 29 मार्च को होगी सुनवाई…

रायपुर- बॉलीवुड एक्टर शाहरूख खान के खिलाफ छत्तीसगढ़ में FIR दर्ज हो गई है. SRK के खिलाफ अधिवक्ता फैजान खान ने विमल पान मसाला , फेयर एंड हैंडसम, और रमी के भ्रामक विज्ञापनों के चलते दर्ज कराया है. उनपर आरोप है कि वे सेलिब्रिटी हैं, लेकिन इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों से देश के युवा-बच्चे भ्रमित होकर कैंसर, गरीबी जैसी बीमारियों के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

शाहरुख खान के साथ बड़ी कंपनियों के खिलाफ भी केस दर्ज:

बता दें, अधिवक्ता फैजान खान ने शाहरुख खान समेत कई बड़े कंपनियों (गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (यूट्यूब इंडिया), अमेज़न इंडिया (प्राइम वीडियो), नेटफ्लिक्स इंडिया, एम्स लिमिटेड (फेयर एंड हैंडसम), आईटीसी लिमिटेड (विमल पान मसाला), हेड डिजिटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (ए23 रमी), के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इन सभी पर उन्होंने आरोप लगाया है, कि इनके द्वारा प्रसारित विज्ञापन युवाओं और बच्चों को प्रभावित कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. इन विज्ञापनों के माध्यम से कैंसर, गरीबी जैसी समस्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे देश के नागरिकों को गंभीर नुकसान हो रहा है. इस मुकदमे का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता अधिवक्ता विराट वर्मा ने किया है।

न्यायालय का तत्काल संज्ञान

इस मामले में अधिवक्ता फैजान खान और अधिवक्ता विराट वर्मा द्वारा बहस के बाद रायपुर की दंडाधिकारी कृति कुजूर न्यायालय ने तुरंत संज्ञान लिया और सिविल केस नंबर 99/2025 के तहत मुकदमा रजिस्टर किया. अदालत ने इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है. इस मामले में कथित उल्लंघन, जिसमें मानहानि, उपभोक्ता अधिकार, बौद्धिक संपत्ति और अन्य सिविल गलतियां शामिल हैं, के आरोप लगाए गए हैं.

अधिवक्ता विराट वर्मा ने कहा कि शाहरुख खान की जिम्मेदारी बनती है कि वह ऐसे विज्ञापनों के जरिए समाज पर नकारात्मक प्रभाव न डालें. इन विज्ञापनों से कैंसर, गरीबी जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और इस पर लगाम लगाना अत्यंत आवश्यक है.

वहीं अधिवक्ता फैजान खान (वादी) ने इस मुकदमे को एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो लाखों लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले उल्लंघनों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है. उन्होंने कहा, “मैं विश्वास करता हूँ कि न्यायपालिका इस मामले में उचित न्याय प्रदान करेगी और हमारी लड़ाई सफल होगी.”