नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

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बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

10वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश, इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

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बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन गए है। आज पटना के गांधी मैदान में उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार उन्होंने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम के साथ ही आज सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत इन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए। इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए।

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नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने शपथ ली। सबसे पहले राज्‍यपाल आर‍िफ मोहम्‍मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश के बाद सम्राट चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। वह दूसरी बार बिहार के डिप्टी सीएम बने हैं। 

लेसी सिंह और रामकृपाल यादव भी बने मंत्री

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह में एक साथ पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। विजय चौधरी, विजेंद्र चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडये और दिलीप जायसवाल ने एक साथ शपथ ली। इसके बाद लेसी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन और सुनील कुमार को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई। 

श्रेयसी सिंह को भी मिली कैबिनेट में जगह

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने जमा खान, संजय सिंह टाइगर, नारायण प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद और रमा निषाद को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके बाद श्रेयसी सिंह, लखेंद्र रोशन, दीपक प्रकाश, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ प्रमोद कुमार को मंत्री मद की शपथ दिलाई।

नीतीश कुमार का आज लेंगे सीएम पथ की शपथ, 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री

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बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। एनडीए की प्रचंड जीत के बाद, पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए पूरी तरह से तैयार है।इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे। उनके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में शरीक होंगे।

बीजेपी शासित प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को न्योता

बिहार की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी शासित प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने का भी कार्यक्रम है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य हस्तियों में पद्मभूषण, पद्मश्री से नवाजी गईं शख्सियत, वैज्ञानिक और साहित्यकार के भी शामिल होने की बात सामने आई है।

नीतीश कुमार के अलावा 20 मंत्री ले सकते हैं शपथ

नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में 15 से 16 मंत्री ले सकते हैं शपथ, 8-8 जदयू और बीजेपी के, 2 चिराग के और 1-1 HAM और RLM के मंत्री ले सकते हैं शपथ। बीजेपी-जदयू के ज्यादातर पुराने मंत्रियों के ही शपथ की तैयारी। RLM से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता (सासाराम विधायक) ले सकती हैं शपथ

पटना के गांधी में भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

पटना के गांधी मैदान में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसे लेकर गांधी मैदान में व्यापक तैयारी की गई है। समारोह में आम से लेकर खास लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारी की गई है। एक दिन पहले नीतीश कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर अतिथियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली थी।

विशेष ट्रैफिक प्लान लागू

20 नवंबर को गांधी मैदान में होने वाले नई सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह के मद्देनज़र पटना जिला प्रशासन ने व्यापक यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की घोषणा की है। प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान जन-सुविधा, सुरक्षा और लोकहित सुनिश्चित करने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

एनडीए विधायक दल के नेता चुने गए नीतीश कुमार, कल 10वीं बार लेंगे सीएम पद की शपथ

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जनता दल यूनाइटेड सुप्रीमो नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। अब नीतीश कुमार एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरुवार को होगा। पटना में विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक हुई। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी ने रखा प्रस्ताव

भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद एनडीए के तमाम नेताओं ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगाई। इसी के साथ ही नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया।

एनडीए के घटक दलों ने भी चुनाव अपना नेता

इससे पहले एनडीए के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं का चयन किया। जदयू के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने एक बैठक में वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना। दोनों दलों ने यह जानकारी दी गई। इसके बाद एनडीए ने भी नीतीश कुमार के नाम पर अपनी मुहर लगा दी।

नीतीश कुमार आज इस्तीफा देकर पेश करेंगे दावा, नई सरकार के गठन से पहले बैठकों का दौर

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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की दमदार वापसी हुई है। एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा किया है। महागठबंधन 35 पर सिमटी गई है। चुनाव नतीजों को देखते हुए नीतीश कुमार का फिर से सीएम बनना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

आज मंत्रिमंडल भंग कर सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार ने सोमवार की सुबह कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने पर मुहर लग सकती है। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक संभव

वहीं, दूसरी ओर आज बीजेपी की ओर से विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। जदयू भी सोमवार को अपने विधायकों की बैठक कर सकती है। यही बैठक आगे की रणनीति और राजनीतिक रास्ता तय करेगी।

मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला

इस बीच खबर है कि बिहार में मंत्रिपरिषद का संभावित फार्मूला तैयार कर लिया गया है और इसी कड़ी में जदयू-बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्द बैठक तय मानी जा रही है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15-16, जदयू से 14-15 मंत्री बनाए जा सकते हैं। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को 3, आरएलएम और हम को एक-एक सीट मिल सकती है। 6 विधायक पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला बताया जा रहा है। बता दें कि पिछली सरकार में भी यही फॉर्मूला लागू था।

22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन जरूरी

बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन 20 नवंबर के आसपास संभावना जताई जा रही है।

अब बिहारी कहलाना सम्मान की बात...',सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों वीडियो मैसेज के जरिए कही बड़ी बात

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य के लोगों से एक बार फिर एनडीए को वोट देने की अपील की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों के लिए शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने जनता से सीधे संवाद करते हुए बिहार की जनता से एक बार फिर एनडीए की सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर इस बार राज्य में एनडीए की सरकार बनती है तो बिहार आने वाले समय में देश के प्रमुख विकसित राज्यों में शुमार हो जाएगा।

2005 से पहले बिहार की स्थिति का किया जिक्र

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों से कहा कि वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सेवा करने का अवसर जनता ने दिया है। लोग जानते हैं कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति क्या थी। हमने सत्ता में आने के बाद सबसे पहले कानून-व्यवस्था की बहाली पर ध्यान दिया और राज्य में कानून का राज स्थापित किया।

हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से आपकी सेवा की- नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा हमें जो बिहार मिला था, वहां बिहारी कहलाना एक शर्म की बात थी। आज बिहारी होना लोगों के लिए गर्व की बात है। बिहारी अस्मिता को बचाए रखना और बिहारियत की नई पहचान बनाना एक बड़ी चुनौती थी। नीतीश ने कहा, तब से लेकर अब तक हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से आपकी सेवा की है। ईमानदारी और मेहनत से दिन-रात काम करके स्थिति को हमने बदला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ भी नहीं किया

हमने समाज के सभी तबकों का विकास किया-नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने महिला वोटर्स पर फोकस करते हुए महिला सुरक्षा और वित्तीय सहायता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया। हमारी सरकार ने राज्य की महिलाओं को इतना सशक्त बना दिया है कि वो अब किसी पर निर्भर नहीं हैं। वे अपने परिवार का ख्याल रख सकती हैं। हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने समाज के सभी तबकों का विकास किया है। हमने मुस्लिम समाज, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलितों सभी के विकास के लिए काम किया। मैंने अपने लिए कुछ नहीं किया।

एनडीए उम्मीदवारों को जीत दिलाने का आग्रह

नीतीश कुमार ने लोगों से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। उन्होंने कहा, मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि इस बार भी एनडीए उम्मीदवारों को जीत दिलाएं। हमें, यानी एनडीए को, एक और मौका दीजिए। इसके बाद और भी काम होंगे, जिससे बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा।

*Sourav Ganguly filing his nomination for the post of CAB President*

 Khabar kolkata sports Desk: India cricket legend and former BCCI President Sourav Ganguly after filing his nomination for the post of CAB President unopposed today said taking Bengal cricket to new heights will be the primary goal. 

“I would like to thank everyone for their support. At CAB, there is no opposition, everyone is a part of this Association. We will all work together to take CAB & Bengal cricket ahead. There are important events coming up- Eden Gardens India’s Test match against South Africa, T20 World Cup, Bengal Pro T20 League. I will try and do my best,” Ganguly said.  

The unopposed panel that filed nominations today were Sourav Ganguly (President), Nitish Ranjan Dutta (Vice President), Bablu Koley (Secretary), Madan Mohan Ghosh (Joint Secretary), Sanjay Das (Treasurer). 

Speaking about his team, Ganguly said, “Bablu Koley is very experienced. It’s important to have someone with his experience and knowledge. Nitish Ranjan Dutta, Madan Mohan Ghosh and Sanjay Das are also experienced and are in this field for a long time. All their experience will be immensely helpful for Bengal cricket.”

 Pic : Sanjay Hazra

लालू यादव का नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप, बोले-कानून व्यवस्था का किया अंतिम संस्कार

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राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार में बढ़ते अपराध पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीखा वार किया है। लालू यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर नीतीश सरकार को आंकड़े दिखाकर घेरने की कोशिश की है।लालू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये आंकड़ों का जिक्र करते हुए नीतीश सरकार पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार और बीजेपी ने कानून व्यवस्था का अंतिम संस्कार कर दिया है।

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नीतीश के शासनकाल में 65,000 हत्याएं ?

लालू यादव ने मंगलवार सुबह ट्वीट करते हुए लिखा, नीतीश बताएं कि शाम पांच बजे से पहले घर में घुसकर ही कितनी हत्याएं हो रही है? क्या नीतीश जानते, पहचानते व समझते हैं कि उनके शासनकाल में आधिकारिक आंकड़ों में 65,000 हत्याएं हुई हैं? नीतीश-बीजेपी ने विधि व्यवस्था का दम ही नहीं निकाला बल्कि उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया है। बिहार में इतनी भ्रष्ट, लापरवाह और कामचोर पुलिस कभी भी नहीं रही।

लालू का नीतीश सरकार पर जारी है हमला

इससे पहले भी लालू प्रसाद यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला था। तीन दिन पहले सात जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार में अपराधी बेलगाम हैं। अफसरशाही मदमस्त हैं। सरकार बेहोश है और महंगाई रिकॉर्डतोड़ है।राज्य गरीबी, बेरोजगारी, पलायन बढ़ गई है। 20 वर्षों की इस एनडीए सरकार ने बिहार का बंटाधार कर दिया है।

बिहार में आपराध के बढ़े मामले

दरअसल, बिहार में हाल की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, पटना सिटी में डबल मर्डर, आरा में ज्वेलरी लूटकांड समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में अपराध के बढ़ते मामले लगातार बिहार में कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बिहार की राजधानी पटना में बीते दिनों वीआईपी इलाके में खुलेआम हुई फायरिंग की घटना ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने का काम किया है।

वक्फ बिल पर नीतीश-नायडू ने भी निभाई यारी, क्या मुस्लिम वोटबैंक खिसकने का खौफ खत्म हुआ?

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वक्फ संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया है। वक्फ संशोधन बिल को पास कराना बीजेपी के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा थी। हालांकि, बीजेपी पूरे जोश में नजर आई। ऐसा इसलिए है क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां सरकार के साथ दिया। वो वक्फ बिल पर सपोर्ट करते रहे। सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी को लेकर थी। सभी के मन में सवाल था कि क्या वो वक्फ संशोधन बिल का सपोर्ट करेंगे? आखिरकार दोनों ही पार्टियों ने बिल पेश होने से पहले वक्फ बिल के समर्थन का ऐलान कर दिया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि बिल के समर्थन के पीछे की वजह क्या है?

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नीतीश-नायडू टस से मस नहीं हुए

वक्फ संसोधन बिल 2025 को संसद से पास कराना मोदी सरकार के लिए आसान नहीं था। बिल पास कराने में बड़ी अड़चन थी। मुस्लिमों से जुड़ा बिल होने के चलते मिल्ली तंजीमों और विपक्षी दलों ने बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के सहयोगी दलों पर दबाव बनाने की कवायद सड़क से संसद तक की। रमजान के महीने में मुस्लिम संगठन ने बीजेपी के सहयोगी दलों की रोजा इफ्तार पार्टी का बॉयकाट तक करके दबाव बनाने की कोशिश की। इसके अलावा बिहार और आंध्र प्रदेश में बड़ी जनसभाएं करके भी प्रेशर पॉलिटिक्स करने की स्ट्रैटेजी अपनाई। लेकिन बीजेपी के सहयोगी खासकर नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू टस से मस नहीं हुए।

जेडीडू-टीडीपी में मुस्‍ल‍िम वोट ख‍िसकने का डर खत्‍म हो गया?

बीजेपी के नीतीश और नायडू ने मुस्लिम वोटबैंक की परवाह किए बगैर वक्फ संशोधन बिल पर मोदी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी रही। शायद नीतीश और नायडू को भरोसा है कि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण उनके खिलाफ उतना प्रभावी नहीं होगा। बिहार में मुस्लिम आबादी करीब 17% है और आंध्र प्रदेश में यह 9% से अधिक है। दोनों राज्यों में मुस्लिम वोट चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी, दोनों नेताओं ने बिल का समर्थन किया, जिससे लगता है कि वे इस जोखिम को उठाने को तैयार थे।

बीजेपी के साथ से राह होगी आसान?

बिहार में नीतीश का मुकाबला तेजस्वी यादव की आरजेडी से है, जो मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण पर निर्भर है। नीतीश शायद मानते हैं कि उनका विकास का ट्रैक रिकॉर्ड और बीजेपी के साथ गठबंधन उन्हें गैर-मुस्लिम वोटों का बड़ा हिस्सा दिलाएगा, जो मुस्लिम वोटों के नुकसान की भरपाई कर देगा। नायडू के लिए भी आंध्र में वाईएसआरसीपी और कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का साथ उनकी स्थिति को मजबूत करता है।

अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रमों पर ज्यादा भरोसा

नीतीश कुमार ने बिहार में मुस्लिम समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, जैसे मदरसों का आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम। इसी तरह, नायडू ने आंध्र प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के लिए स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं को बढ़ावा दिया है। दोनों को लगता होगा कि ये कदम उनके मुस्लिम वोट बैंक को बनाए रखने में मदद करेंगे, भले ही वक्फ बिल पर उनका रुख विवादास्पद हो। दूसरा, वक्‍फ बोर्ड के फैसलों से तमाम मुस्‍लि‍म ही खफा हैं। जो नुकसान के बजाय फायदेमंद होने वाला है।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

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बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

10वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश, इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

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बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन गए है। आज पटना के गांधी मैदान में उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार उन्होंने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम के साथ ही आज सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत इन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए। इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए।

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नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने शपथ ली। सबसे पहले राज्‍यपाल आर‍िफ मोहम्‍मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश के बाद सम्राट चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। वह दूसरी बार बिहार के डिप्टी सीएम बने हैं। 

लेसी सिंह और रामकृपाल यादव भी बने मंत्री

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह में एक साथ पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। विजय चौधरी, विजेंद्र चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडये और दिलीप जायसवाल ने एक साथ शपथ ली। इसके बाद लेसी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन और सुनील कुमार को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई। 

श्रेयसी सिंह को भी मिली कैबिनेट में जगह

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने जमा खान, संजय सिंह टाइगर, नारायण प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद और रमा निषाद को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके बाद श्रेयसी सिंह, लखेंद्र रोशन, दीपक प्रकाश, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ प्रमोद कुमार को मंत्री मद की शपथ दिलाई।

नीतीश कुमार का आज लेंगे सीएम पथ की शपथ, 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री

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बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। एनडीए की प्रचंड जीत के बाद, पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए पूरी तरह से तैयार है।इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे। उनके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में शरीक होंगे।

बीजेपी शासित प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को न्योता

बिहार की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी शासित प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने का भी कार्यक्रम है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य हस्तियों में पद्मभूषण, पद्मश्री से नवाजी गईं शख्सियत, वैज्ञानिक और साहित्यकार के भी शामिल होने की बात सामने आई है।

नीतीश कुमार के अलावा 20 मंत्री ले सकते हैं शपथ

नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में 15 से 16 मंत्री ले सकते हैं शपथ, 8-8 जदयू और बीजेपी के, 2 चिराग के और 1-1 HAM और RLM के मंत्री ले सकते हैं शपथ। बीजेपी-जदयू के ज्यादातर पुराने मंत्रियों के ही शपथ की तैयारी। RLM से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता (सासाराम विधायक) ले सकती हैं शपथ

पटना के गांधी में भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

पटना के गांधी मैदान में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसे लेकर गांधी मैदान में व्यापक तैयारी की गई है। समारोह में आम से लेकर खास लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारी की गई है। एक दिन पहले नीतीश कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर अतिथियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली थी।

विशेष ट्रैफिक प्लान लागू

20 नवंबर को गांधी मैदान में होने वाले नई सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह के मद्देनज़र पटना जिला प्रशासन ने व्यापक यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की घोषणा की है। प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान जन-सुविधा, सुरक्षा और लोकहित सुनिश्चित करने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

एनडीए विधायक दल के नेता चुने गए नीतीश कुमार, कल 10वीं बार लेंगे सीएम पद की शपथ

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जनता दल यूनाइटेड सुप्रीमो नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। अब नीतीश कुमार एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरुवार को होगा। पटना में विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक हुई। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी ने रखा प्रस्ताव

भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद एनडीए के तमाम नेताओं ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगाई। इसी के साथ ही नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया।

एनडीए के घटक दलों ने भी चुनाव अपना नेता

इससे पहले एनडीए के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं का चयन किया। जदयू के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने एक बैठक में वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना। दोनों दलों ने यह जानकारी दी गई। इसके बाद एनडीए ने भी नीतीश कुमार के नाम पर अपनी मुहर लगा दी।

नीतीश कुमार आज इस्तीफा देकर पेश करेंगे दावा, नई सरकार के गठन से पहले बैठकों का दौर

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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की दमदार वापसी हुई है। एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा किया है। महागठबंधन 35 पर सिमटी गई है। चुनाव नतीजों को देखते हुए नीतीश कुमार का फिर से सीएम बनना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

आज मंत्रिमंडल भंग कर सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार ने सोमवार की सुबह कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने पर मुहर लग सकती है। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक संभव

वहीं, दूसरी ओर आज बीजेपी की ओर से विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। जदयू भी सोमवार को अपने विधायकों की बैठक कर सकती है। यही बैठक आगे की रणनीति और राजनीतिक रास्ता तय करेगी।

मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला

इस बीच खबर है कि बिहार में मंत्रिपरिषद का संभावित फार्मूला तैयार कर लिया गया है और इसी कड़ी में जदयू-बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्द बैठक तय मानी जा रही है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15-16, जदयू से 14-15 मंत्री बनाए जा सकते हैं। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को 3, आरएलएम और हम को एक-एक सीट मिल सकती है। 6 विधायक पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला बताया जा रहा है। बता दें कि पिछली सरकार में भी यही फॉर्मूला लागू था।

22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन जरूरी

बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन 20 नवंबर के आसपास संभावना जताई जा रही है।

अब बिहारी कहलाना सम्मान की बात...',सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों वीडियो मैसेज के जरिए कही बड़ी बात

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य के लोगों से एक बार फिर एनडीए को वोट देने की अपील की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों के लिए शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने जनता से सीधे संवाद करते हुए बिहार की जनता से एक बार फिर एनडीए की सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर इस बार राज्य में एनडीए की सरकार बनती है तो बिहार आने वाले समय में देश के प्रमुख विकसित राज्यों में शुमार हो जाएगा।

2005 से पहले बिहार की स्थिति का किया जिक्र

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों से कहा कि वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सेवा करने का अवसर जनता ने दिया है। लोग जानते हैं कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति क्या थी। हमने सत्ता में आने के बाद सबसे पहले कानून-व्यवस्था की बहाली पर ध्यान दिया और राज्य में कानून का राज स्थापित किया।

हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से आपकी सेवा की- नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा हमें जो बिहार मिला था, वहां बिहारी कहलाना एक शर्म की बात थी। आज बिहारी होना लोगों के लिए गर्व की बात है। बिहारी अस्मिता को बचाए रखना और बिहारियत की नई पहचान बनाना एक बड़ी चुनौती थी। नीतीश ने कहा, तब से लेकर अब तक हमने पूरी ईमानदारी और मेहनत से आपकी सेवा की है। ईमानदारी और मेहनत से दिन-रात काम करके स्थिति को हमने बदला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ भी नहीं किया

हमने समाज के सभी तबकों का विकास किया-नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने महिला वोटर्स पर फोकस करते हुए महिला सुरक्षा और वित्तीय सहायता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया। हमारी सरकार ने राज्य की महिलाओं को इतना सशक्त बना दिया है कि वो अब किसी पर निर्भर नहीं हैं। वे अपने परिवार का ख्याल रख सकती हैं। हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने समाज के सभी तबकों का विकास किया है। हमने मुस्लिम समाज, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलितों सभी के विकास के लिए काम किया। मैंने अपने लिए कुछ नहीं किया।

एनडीए उम्मीदवारों को जीत दिलाने का आग्रह

नीतीश कुमार ने लोगों से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। उन्होंने कहा, मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि इस बार भी एनडीए उम्मीदवारों को जीत दिलाएं। हमें, यानी एनडीए को, एक और मौका दीजिए। इसके बाद और भी काम होंगे, जिससे बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा।

*Sourav Ganguly filing his nomination for the post of CAB President*

 Khabar kolkata sports Desk: India cricket legend and former BCCI President Sourav Ganguly after filing his nomination for the post of CAB President unopposed today said taking Bengal cricket to new heights will be the primary goal. 

“I would like to thank everyone for their support. At CAB, there is no opposition, everyone is a part of this Association. We will all work together to take CAB & Bengal cricket ahead. There are important events coming up- Eden Gardens India’s Test match against South Africa, T20 World Cup, Bengal Pro T20 League. I will try and do my best,” Ganguly said.  

The unopposed panel that filed nominations today were Sourav Ganguly (President), Nitish Ranjan Dutta (Vice President), Bablu Koley (Secretary), Madan Mohan Ghosh (Joint Secretary), Sanjay Das (Treasurer). 

Speaking about his team, Ganguly said, “Bablu Koley is very experienced. It’s important to have someone with his experience and knowledge. Nitish Ranjan Dutta, Madan Mohan Ghosh and Sanjay Das are also experienced and are in this field for a long time. All their experience will be immensely helpful for Bengal cricket.”

 Pic : Sanjay Hazra

लालू यादव का नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप, बोले-कानून व्यवस्था का किया अंतिम संस्कार

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राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार में बढ़ते अपराध पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीखा वार किया है। लालू यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर नीतीश सरकार को आंकड़े दिखाकर घेरने की कोशिश की है।लालू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये आंकड़ों का जिक्र करते हुए नीतीश सरकार पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार और बीजेपी ने कानून व्यवस्था का अंतिम संस्कार कर दिया है।

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नीतीश के शासनकाल में 65,000 हत्याएं ?

लालू यादव ने मंगलवार सुबह ट्वीट करते हुए लिखा, नीतीश बताएं कि शाम पांच बजे से पहले घर में घुसकर ही कितनी हत्याएं हो रही है? क्या नीतीश जानते, पहचानते व समझते हैं कि उनके शासनकाल में आधिकारिक आंकड़ों में 65,000 हत्याएं हुई हैं? नीतीश-बीजेपी ने विधि व्यवस्था का दम ही नहीं निकाला बल्कि उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया है। बिहार में इतनी भ्रष्ट, लापरवाह और कामचोर पुलिस कभी भी नहीं रही।

लालू का नीतीश सरकार पर जारी है हमला

इससे पहले भी लालू प्रसाद यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला था। तीन दिन पहले सात जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार में अपराधी बेलगाम हैं। अफसरशाही मदमस्त हैं। सरकार बेहोश है और महंगाई रिकॉर्डतोड़ है।राज्य गरीबी, बेरोजगारी, पलायन बढ़ गई है। 20 वर्षों की इस एनडीए सरकार ने बिहार का बंटाधार कर दिया है।

बिहार में आपराध के बढ़े मामले

दरअसल, बिहार में हाल की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, पटना सिटी में डबल मर्डर, आरा में ज्वेलरी लूटकांड समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में अपराध के बढ़ते मामले लगातार बिहार में कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बिहार की राजधानी पटना में बीते दिनों वीआईपी इलाके में खुलेआम हुई फायरिंग की घटना ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने का काम किया है।

वक्फ बिल पर नीतीश-नायडू ने भी निभाई यारी, क्या मुस्लिम वोटबैंक खिसकने का खौफ खत्म हुआ?

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वक्फ संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया है। वक्फ संशोधन बिल को पास कराना बीजेपी के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा थी। हालांकि, बीजेपी पूरे जोश में नजर आई। ऐसा इसलिए है क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां सरकार के साथ दिया। वो वक्फ बिल पर सपोर्ट करते रहे। सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी को लेकर थी। सभी के मन में सवाल था कि क्या वो वक्फ संशोधन बिल का सपोर्ट करेंगे? आखिरकार दोनों ही पार्टियों ने बिल पेश होने से पहले वक्फ बिल के समर्थन का ऐलान कर दिया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि बिल के समर्थन के पीछे की वजह क्या है?

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नीतीश-नायडू टस से मस नहीं हुए

वक्फ संसोधन बिल 2025 को संसद से पास कराना मोदी सरकार के लिए आसान नहीं था। बिल पास कराने में बड़ी अड़चन थी। मुस्लिमों से जुड़ा बिल होने के चलते मिल्ली तंजीमों और विपक्षी दलों ने बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के सहयोगी दलों पर दबाव बनाने की कवायद सड़क से संसद तक की। रमजान के महीने में मुस्लिम संगठन ने बीजेपी के सहयोगी दलों की रोजा इफ्तार पार्टी का बॉयकाट तक करके दबाव बनाने की कोशिश की। इसके अलावा बिहार और आंध्र प्रदेश में बड़ी जनसभाएं करके भी प्रेशर पॉलिटिक्स करने की स्ट्रैटेजी अपनाई। लेकिन बीजेपी के सहयोगी खासकर नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू टस से मस नहीं हुए।

जेडीडू-टीडीपी में मुस्‍ल‍िम वोट ख‍िसकने का डर खत्‍म हो गया?

बीजेपी के नीतीश और नायडू ने मुस्लिम वोटबैंक की परवाह किए बगैर वक्फ संशोधन बिल पर मोदी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी रही। शायद नीतीश और नायडू को भरोसा है कि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण उनके खिलाफ उतना प्रभावी नहीं होगा। बिहार में मुस्लिम आबादी करीब 17% है और आंध्र प्रदेश में यह 9% से अधिक है। दोनों राज्यों में मुस्लिम वोट चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी, दोनों नेताओं ने बिल का समर्थन किया, जिससे लगता है कि वे इस जोखिम को उठाने को तैयार थे।

बीजेपी के साथ से राह होगी आसान?

बिहार में नीतीश का मुकाबला तेजस्वी यादव की आरजेडी से है, जो मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण पर निर्भर है। नीतीश शायद मानते हैं कि उनका विकास का ट्रैक रिकॉर्ड और बीजेपी के साथ गठबंधन उन्हें गैर-मुस्लिम वोटों का बड़ा हिस्सा दिलाएगा, जो मुस्लिम वोटों के नुकसान की भरपाई कर देगा। नायडू के लिए भी आंध्र में वाईएसआरसीपी और कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का साथ उनकी स्थिति को मजबूत करता है।

अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रमों पर ज्यादा भरोसा

नीतीश कुमार ने बिहार में मुस्लिम समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, जैसे मदरसों का आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम। इसी तरह, नायडू ने आंध्र प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के लिए स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं को बढ़ावा दिया है। दोनों को लगता होगा कि ये कदम उनके मुस्लिम वोट बैंक को बनाए रखने में मदद करेंगे, भले ही वक्फ बिल पर उनका रुख विवादास्पद हो। दूसरा, वक्‍फ बोर्ड के फैसलों से तमाम मुस्‍लि‍म ही खफा हैं। जो नुकसान के बजाय फायदेमंद होने वाला है।