नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, एनडीए की बैठक के बाद नए सीएम का ऐलान

#nitishkumarresignation

नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लोकभवन जाकर उन्होंने राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में आज एक अध्याय का समापन हो गया।उनके दो दशकों के शासन का अंत हो गया। राज्य में अब नए राजनैतिक युग की शुरुआत होने वाली है, जहां कल नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस्तीफे के बाद क्या बोले नीतीश कुमार

सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।

भाजपा की बैठक शुरु

इधर, भाजपा के विधायकों की बैठक भी शुरू हो चुकी है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विजय सिन्ह समेत सभी वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इस बैठक के बाद एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें बिहार के नए सीएम के नाम का ऐलान होगा।

सीएम के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय

बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय हो गया है। हालांकि, अब तक उनके नाम के आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन भाजपा के विश्वस सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी ही बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। नीतीश कुमार भी सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने नीतीश कुमार के कहने पर ही सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाई। चार बजे के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का पर्चा शिवराज सिंह खोलेंगे।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

#cabinetmeetinginbiharnitishkumarresignation

बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

#nitishkumartakesoathasrajyasabha_member

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

#nitishkumartotakerajyasabhamemberoathin_delhi

लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार, कल राज्यसभा सदस्‍य के तौर पर लेंगे शपथ

#cmnitishvisitsdelhiwilltakeoathinrajya_sabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द‍िल्‍ली पहुंच चके हैं। नीतीश कल यानी 10 अप्रैल को राज्‍यसभा सदस्‍य के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार के पटना लौटने पर बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत हैं। जानकारी के अनुसार पटना वापस आकर वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

आज जेडीयू के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहले से दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जदयू की भूमिका, मंत्री और डिप्टी सीएम के पद पर विचार विमर्श किया जाएगा। निशांत कुमार की क्या भूमिका होगी? इस पर भी चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी और अमित शाह से करेंगे मुलाकात

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलकात करेंगे। बिहार में नई एनडीए सरकार के प्रारूप को लेकर सीएम नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। नई सरकार का मंत्रिमंडल कैसा रहेगा? कौन रिपीट होंगे? किस नए चेहरे को मौका दिया जाएगा? इस पर सीएम नीतीश कुमार अपनी राय रखेंगे।

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। बिहार में नई सरकार के गठन के लिए कवायद तेज है लगातार बिहार में सर्गर्मिया तेज है। आज जहां नीतीश कुमार दिल्ली के लिए रवाना हुए राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। वहीं भाजपा के नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी दिल्ली रवाना हुए। कल भाजपा की बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री शामिल होंगे। जिस तरह से नई सरकार के गठन की कवायद् है उसको लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है। 48 से 72 घंटे के अंदर नए मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा हटने की संभावना जताई जा रही है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

अगले सीएम के नामों की चर्चा

बिहार के सियासी गलियारों में अगले सीएम के नामों की चर्चा हो रही। सबसे आगे जिन नामों को माना जा रहा है,उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रमुख है। सम्राट चौधरी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी के भीतर उनका प्रभाव लगातार बढ़ा है। वे पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी उनका नाम मजबूत माना जा रहा है। राजनीतिक तौर पर उन्हें आक्रामक और फैसले लेने वाला नेता माना जाता है। दूसरे नंबर पर, यानी मजबूत दावेदार के रूप में विजय कुमार सिन्हा का नाम लगातार चर्चा में है। विजय सिन्हा को संघ के करीब और अनुशासित नेता के रूप में देखा जाता है। वे पहले विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रख सकते हैं।

राज्यसभा जाने के फैसले पर जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी, जहानाबाद में दिखी मायूसी।
जहानाबाद: मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में जहानाबाद स्थित Janata Dal (United) (जदयू) कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और मायूसी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
नाराज कार्यकर्ता मायूस और भावुक नजर आए। विरोध जताते हुए कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में पड़ी कुर्सियों पर अपना आक्रोश उतारा और कुर्सियां तोड़ दीं। इस दौरान कई कार्यकर्ता भावुक भी दिखे और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार को अभी बिहार में रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से यह वादा किया था कि “25 से 30 साल फिर से नीतीश” के संकल्प के साथ बिहार का विकास किया जाएगा। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से अलग होकर राज्यसभा जाना चाहते थे, तो इससे पहले उन्हें बिहार की राजनीतिक जिम्मेदारी अपने बेटे Nishant Kumar को सौंपनी चाहिए थी। उनका मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन करना ही था, तो पार्टी और सरकार की कमान पहले नई पीढ़ी को देकर जाना बेहतर होता। वहीं नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है और इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा नहीं किया जाता। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है, इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है। फिलहाल इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

#biharcmnitishkumarfilesnominationforrajyasabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार, खुद ट्वीट कर किया कन्फर्म, बोले- नई सरकार को मेरा सहयोग रहेगा

#nitishkumarhimselfconfirmedhisrajyasabha_candidacy

बिहार की सियासत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। पिछले दो दशक तक बिहार की सत्ता का केन्द्र रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली रूख करने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बिहार में अब बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।

नीतीश कुमार ने का राज्यसभा जाने का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।”

राज्यसभा जाने की जताई इच्छा

अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए नीतीश ने कहा, “राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

बिहार के विकास और प्रगति का संकल्प जारी रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि “बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।”

नई सरकार में सहयोग का दिया भरोसा

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।”

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

#nitishkumargoestorajyasabhawhowillbenextcmofbihar

बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, एनडीए की बैठक के बाद नए सीएम का ऐलान

#nitishkumarresignation

नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लोकभवन जाकर उन्होंने राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में आज एक अध्याय का समापन हो गया।उनके दो दशकों के शासन का अंत हो गया। राज्य में अब नए राजनैतिक युग की शुरुआत होने वाली है, जहां कल नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस्तीफे के बाद क्या बोले नीतीश कुमार

सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।

भाजपा की बैठक शुरु

इधर, भाजपा के विधायकों की बैठक भी शुरू हो चुकी है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विजय सिन्ह समेत सभी वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इस बैठक के बाद एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें बिहार के नए सीएम के नाम का ऐलान होगा।

सीएम के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय

बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय हो गया है। हालांकि, अब तक उनके नाम के आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन भाजपा के विश्वस सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी ही बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। नीतीश कुमार भी सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने नीतीश कुमार के कहने पर ही सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाई। चार बजे के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का पर्चा शिवराज सिंह खोलेंगे।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

#cabinetmeetinginbiharnitishkumarresignation

बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

#nitishkumartakesoathasrajyasabha_member

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

#nitishkumartotakerajyasabhamemberoathin_delhi

लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार, कल राज्यसभा सदस्‍य के तौर पर लेंगे शपथ

#cmnitishvisitsdelhiwilltakeoathinrajya_sabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द‍िल्‍ली पहुंच चके हैं। नीतीश कल यानी 10 अप्रैल को राज्‍यसभा सदस्‍य के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार के पटना लौटने पर बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत हैं। जानकारी के अनुसार पटना वापस आकर वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

आज जेडीयू के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पहले से दिल्ली में मौजूद हैं। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जदयू की भूमिका, मंत्री और डिप्टी सीएम के पद पर विचार विमर्श किया जाएगा। निशांत कुमार की क्या भूमिका होगी? इस पर भी चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी और अमित शाह से करेंगे मुलाकात

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलकात करेंगे। बिहार में नई एनडीए सरकार के प्रारूप को लेकर सीएम नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। नई सरकार का मंत्रिमंडल कैसा रहेगा? कौन रिपीट होंगे? किस नए चेहरे को मौका दिया जाएगा? इस पर सीएम नीतीश कुमार अपनी राय रखेंगे।

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। बिहार में नई सरकार के गठन के लिए कवायद तेज है लगातार बिहार में सर्गर्मिया तेज है। आज जहां नीतीश कुमार दिल्ली के लिए रवाना हुए राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। वहीं भाजपा के नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी दिल्ली रवाना हुए। कल भाजपा की बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री शामिल होंगे। जिस तरह से नई सरकार के गठन की कवायद् है उसको लेकर बैठकों का दौर लगातार जारी है। 48 से 72 घंटे के अंदर नए मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा हटने की संभावना जताई जा रही है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

अगले सीएम के नामों की चर्चा

बिहार के सियासी गलियारों में अगले सीएम के नामों की चर्चा हो रही। सबसे आगे जिन नामों को माना जा रहा है,उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रमुख है। सम्राट चौधरी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी के भीतर उनका प्रभाव लगातार बढ़ा है। वे पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी उनका नाम मजबूत माना जा रहा है। राजनीतिक तौर पर उन्हें आक्रामक और फैसले लेने वाला नेता माना जाता है। दूसरे नंबर पर, यानी मजबूत दावेदार के रूप में विजय कुमार सिन्हा का नाम लगातार चर्चा में है। विजय सिन्हा को संघ के करीब और अनुशासित नेता के रूप में देखा जाता है। वे पहले विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रख सकते हैं।

राज्यसभा जाने के फैसले पर जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी, जहानाबाद में दिखी मायूसी।
जहानाबाद: मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में जहानाबाद स्थित Janata Dal (United) (जदयू) कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और मायूसी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
नाराज कार्यकर्ता मायूस और भावुक नजर आए। विरोध जताते हुए कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में पड़ी कुर्सियों पर अपना आक्रोश उतारा और कुर्सियां तोड़ दीं। इस दौरान कई कार्यकर्ता भावुक भी दिखे और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार को अभी बिहार में रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से यह वादा किया था कि “25 से 30 साल फिर से नीतीश” के संकल्प के साथ बिहार का विकास किया जाएगा। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से अलग होकर राज्यसभा जाना चाहते थे, तो इससे पहले उन्हें बिहार की राजनीतिक जिम्मेदारी अपने बेटे Nishant Kumar को सौंपनी चाहिए थी। उनका मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन करना ही था, तो पार्टी और सरकार की कमान पहले नई पीढ़ी को देकर जाना बेहतर होता। वहीं नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है और इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा नहीं किया जाता। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है, इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है। फिलहाल इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

#biharcmnitishkumarfilesnominationforrajyasabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार, खुद ट्वीट कर किया कन्फर्म, बोले- नई सरकार को मेरा सहयोग रहेगा

#nitishkumarhimselfconfirmedhisrajyasabha_candidacy

बिहार की सियासत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। पिछले दो दशक तक बिहार की सत्ता का केन्द्र रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली रूख करने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बिहार में अब बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।

नीतीश कुमार ने का राज्यसभा जाने का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।”

राज्यसभा जाने की जताई इच्छा

अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए नीतीश ने कहा, “राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

बिहार के विकास और प्रगति का संकल्प जारी रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि “बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।”

नई सरकार में सहयोग का दिया भरोसा

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।”

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

#nitishkumargoestorajyasabhawhowillbenextcmofbihar

बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।