अमेरिका को तेवर दिखाने के बाद बैकफुट पर जेलेंस्की, ट्रंप के साथ मिनरल्स डील को तैयार

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बीते हफ्ते अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच हुई मुलाकात में खूब जुबानी जंग देखने को मिली थी। ट्रंप और जेलेंस्की की तीखी नोकझोंक के कारण मिनरल्स डील कैंसिल हो गई थी। इस डील को लेकर अमेरिका लंबे समय से यूक्रेन पर दबाव बना रहा था। हालांकि, ट्रंप के साथ तनाव के बाद जेलेंस्की बैकफूट पर नजर आ रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक बार फिर कहा कि वे मिनरल्स डील करने के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ रिश्ते सुधार सकते हैं, लेकिन इसके लिए बातचीत बंद कमरों में जारी रखने की जरूरत है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक वीडियो संदेश में कहा कि हम अमेरिका की अहमियत समझते हैं और अमेरिका से हमें अब तक जो भी मदद मिली है, हम उसके लिए उनके आभारी हैं। एक भी दिन ऐसा नहीं गया है, जब हमने कृतज्ञता जाहिर नहीं की है। यह कृतज्ञता हमारी आजादी के संरक्षण के लिए है। यूक्रेन का जुझारुपन, उस पर आधारित है, जो हमारे सहयोगियों ने हमारे लिए और खुद अपनी सुरक्षा के लिए किया है। हम अंतहीन युद्ध नहीं चाहते और हम भी शांति चाहते हैं, लेकिन इसके लिए सुरक्षा गारंटी अहम है।

जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों के समर्थन के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने रविवार को हुई बातचीत में को लेकर कहा कि यूरोपीय नेताओं ने अमेरिका को भेजने के लिए एक शांति योजना तैयार करने पर सहमति जताई है। रविवार को यूरोपीय नेताओं के साथ शिखर सम्मेलन के बाद जेलेंस्की लंदन हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान ओवल ऑफिस में हुई घटना को लेकर भी वह संतुलन बनाते दिखे।

जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका यूक्रेन को सहायता बंद करेगा, क्योंकि एक सभ्य दुनिया के नेता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मदद नहीं देना चाहेंगे। ट्रंप के साथ होने वाली मिनरल डील को लेकर जेलेंस्की ने कहा, हमने इसे साइन करने पर सहमति जताई थी और हम इसके लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि अमेरिका भी तैयार होगा।

बता दें कि अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी गई मदद के बदले ट्रंप ने मिनरल डील की मांग की थी। यूक्रेन में मौजूद दुर्लभ खनिज को पाने के लिए ट्रंप शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए हुए थे। ये तेवर काम भी आए। दोनों देशों के बीच मिनरल्स डील सहमति बन चुकी थी, बस इसे अमलीजामा पहनाना बाकी था। लेकिन बातचीत के दौरान हुई बहस ने सब पर पानी फेर दिया। इस डील के अनुसार अमेरिका यूक्रेन की मदद तभी करेगा जब उसे 500 बिलियन डॉलर (लगभग 43 लाख करोड़ रुपये) के दुर्लभ खनिज उसे दिए जाएंगे। यूक्रेन के पास टाइटेनियम, लिथियम, यूरेनियम समेत 100 से ज्यादा अहम खनिजों का भंडार हैं। इसके लिए ही जेलेंस्की तैयार हुए थे।

पीएम मोदी ने लिया जंगल सफारी का आनंद, गिर नेशनल पार्क में सिर पर हैट और हाथों में कैमरा लिए आए नजर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर हैं। यहां पीएम मोदी ने सोमवार को जंगल सफारी का लुत्‍फ उठाया। पीएम मोदी रविवार रात गिर नेशनल पार्क स्थित राज्य वन विभाग के गेस्ट हाउस सिंह सदन पहुंचे। जहां रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को सुबह जंगल सफारी पर निकल गए। पीएम मोदी आज विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक से पहले पीएम मोदी ने सुबह जंगल सफारी का आनंद लिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर सोमवार सुबह गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिर वन्यजीव अभयारण्य में जंगल सफारी का आनंद लिया। पीएम मोदी इस दौरान सिर पर हैट, आंखों पर काला चश्मा और हाथों में कैमरा लिए नजर आए । उनके साथ कुछ मंत्री और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।

विश्ववन्य जीव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ऐसा देश है जहां प्रकृति से जुड़ी चीजों को सुरक्षित रखना, उनकी संस्कृति का हिस्सा है। भारत के पास वन्य जीवों को सुरक्षित र रखने को लेकर बहुत सारी उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व भर के वन्य प्रेमियों के मन में एक सवाल है कि अनेक टाइगर रेंज देशों में उनकी आबादी स्थिर है या फिर घट रही है, लेकिन भारत में तेजी से बढ़ क्यों रही है?

पीएम मोदी ने इसके जवाब में बताया कि भारत की संस्कृति और समाज में बायोडायवर्सिटी और पर्यावरण के प्रति हमारा स्वाभाविक आग्रह इसकी सफलता का कारण है। उन्होंने कहा कि हम इकोलॉजी और इकोनॉमी में अलगाव नहीं मानते हैं, बल्कि दोनों के बीच सह-अस्तित्व को महत्व देते हैं, यानी दोनों ही देश के लिए समान तौर पर जरूरी हैं।

बता दें कि गिर नेशनल पार्क में एशियाई शेरों से जुड़े प्रोजेक्ट लॉयन के लिए केंद्र सरकार ने 2900 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस फंड से एशियाई शेरों के संरक्षण का काम किया जाएगा। अभी गुजरात के 9 जिलों और 53 तालुका में फैले करीब 30 हजार किलोमीटर के इलाके में एशियाई शेर रहते हैं। जूनागढ़ जिले के न्यू पिपलिया में वन्य जीवों के लिए एक नेशनल रेफरल सेंटर भी बनाया जा रहा है। साथ ही गिर नेशनल पार्क में वन्यजीवों को ट्रैक करने के लिए मॉनिटरिंग सेंटर और अस्पताल भी बनाया गया है।

सिद्धारमैया के हाथ से जाएगी कर्नाटक सीएम की कुर्सी, दिसंबर तक शिवकुमार को मिल सकती है कमान?

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुर्सी जाने वाली है। नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि 2025 के आखिर तक डीके शिवकुमार सीएम बन जाएंगे। यह दावा किया है कि कांग्रेस विधायक बसवराजू वी शिवगंगा और पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने। कांग्रेस विधायक बसवराजू वी. शिवगंगा ने दावा किया कि उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार दिसंबर तक मुख्यमंत्री बन जाएंगे। शिवगंगा ने कहा कि शिवकुमार अगले साढ़े सात वर्षों तक मुख्यमंत्री रहेंगे, क्योंकि पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव में जीत की उम्मीद है।

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कांग्रेस विधायक बसवराजू वी शिवगंगा ने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिसंबर तक मुख्यमंत्री का पद संभाल लेंगे। दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक बसवराजू ने जोर देकर कहा कि आप (मीडिया) इसे लिख सकते हैं कि शिवकुमार दिसंबर तक सीएम बन जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कमान संभालने के बाद, वह इतना अच्छा प्रदर्शन करेंगे कि वह अगला विधानसभा चुनाव जीतेंगे और पूरे कार्यकाल के लिए सीएम बने रहेंगे। विधायक बसवराजू शिवगंगा ने दोहराया कि शिवकुमार दिसंबर से अगले 7.5 साल तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को अगला विधानसभा चुनाव जीतने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार ने पार्टी के लिए बहुत योगदान दिया है और उनकी कड़ी मेहनत की वजह से कांग्रेस पार्टी ने राज्य विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

मई 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी। पार्टी ने आखिरकार सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया, जबकि शिवकुमार को उप मुख्यमंत्री का पद स्वीकार करने के लिए मनाया। उस समय खबरों में बताया गया था कि रोटेशनल मुख्यमंत्री वाली व्यवस्था पर सहमति बनी है, जिसमें ढाई साल बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करेंगे। हालांकि, पार्टी ने कभी भी आधिकारिक रूप से ऐसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं की।

शिवगंगा की बात का समर्थन करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा- डीके शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए। साथ ही दावा किया कि शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना पहले से ही तय है। कोई उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोक नहीं सकता। इतिहास पहले ही लिख दिया गया है। आज या कल, यह हो जाएगा। उदुपी में एक कार्यक्रम के दौरान मोइली ने कहा कि शिवकुमार ने मजबूत नेतृत्व प्रदान किया है। हमेशा पार्टी को प्राथमिकता दी। कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से उनकी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन इससे कुछ नहीं बदलेगा। मुख्यमंत्री पद उन्हें दिया गया उपहार नहीं है, उन्होंने इसे उन्होंने अर्जित किया है।

महायुति में कोई मतभेद नहीःदेवेंद्र फडणवीस का ‘शीत युद्ध’ से इनकार, शिंदे बोले- सब ठंडा-ठंडा, कूल-कूल

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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में कोई मतभेद नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से विवाद की खबरों का खंडन किया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपने डिप्टी एकनाथ शिंदे के साथ 'शीत युद्ध' की अटकलों को खारिज कर दिया। वहीं, शिंदे ने कहा, सब कुछ ठंडा ठंडा है, कूल कूल है। दरअसल, फडणवीस सोमवार से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के बजट सत्र से डिप्टी सीएम शिंदे और अजित पवार के साथ रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान शिंदे और अजीत पवार भी एक दूसरे के ऊपर चुटकी लेते दिखाई दिए।

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सोमवार यानी आज से महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले सीएम फडणवीस ने कैबिनेट बैठक और पारंपरिक चाय पार्टी का आयोजन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजीत पवार एक साथ नजर आए। वहीं, तीनों नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

फडणवीस ने कहा, 'कोई युद्ध नहीं है। जो लोग हम दोनों को जानते हैं, वे याद रखेंगे कि जब हम साथ होते हैं तो हम क्या करते हैं।' उन्होंने शिंदे के विद्रोह से पहले उनकी बैठकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिसने अविभाजित शिवसेना को विभाजित कर दिया और 2022 में एमवीए सरकार को बाहर कर दिया। फडणवीस ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति के सभी सहयोगी भाजपा, शिवसेना और एनसीपी एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

इस पर शिंदे ने मीडिया से कहा- आप जितनी भी मेहनत से संघर्ष का हवाला देकर ब्रेकिंग न्यूज बनाने की कोशिश करें, हमारा गठबंधन टूटने वाला नहीं है। इतनी तेज गर्मी में कोल्ड वार कैसे हो सकता है? सब कुछ ठंडा-ठंडा, कूल-कूल है। इस पर शिंदे के बगल में बैठे फडणवीस मुस्कुराने लगे।बता दें कि शिंदे विधानसभा चुनावों से पहले सीएम थे। तब फडणवीस और पवार उनके डिप्टी थे।

मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगियों ने शिवसेना नेता संजय राउत के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि शिंदे ने सुबह 4 बजे पुणे में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर फडणवीस के खिलाफ शिकायत की थी। शिंदे ने कहा कि शाह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नेता हैं। पवार ने कहा कि यह सुबह 10 बजे की शिष्टाचार मुलाकात थी। फडणवीस ने कहा कि वह भी बैठक में मौजूद थे।

महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे की बेटी से छेड़छाड़, एक आरोपी गिरफ्तार

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महाराष्ट्र के जलगांव में केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे की बेटी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। जलगांव के मुक्ताई नगर इलाके में एक मेले के दौरान कुछ लड़कों ने केंद्रीय मंत्री की बेटी और उसकी सहेलियों से छेड़खानी की। मामले की शिकायत खुद मंत्री रक्षा खडसे ने मुक्ताई नगर थाने में की है। खडसे पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में खेल राज्य मंत्री के कई अन्य विभाग संभाल रही हैं।

रक्षा खडसे की बेटी से कथित छेड़छाड़ मामले में एक आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जलगांव पुलिस ने रविवार को यह बड़ा खुलासा किया। मुक्ताईनगर के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कृष्णत पिंगले ने बताया कि मामले में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से एक को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। उनमें से एक के खिलाफ पहले भी चार मामले दर्ज हैं।

यह घटना संत मुक्ताई यात्रा के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री की बेटी और उसकी सहेली सुरक्षा गार्ड के साथ कोथली गांव में शोभा यात्रा देखने गई थी। उसी समय सुरक्षा गार्ड को कुछ युवकों द्वारा वीडियो बनाने का शक हुआ। सुरक्षा गार्ड ने इस शक के आधार पर युवक के हाथ से मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उसकी जांच की। सूत्रों का कहना है कि इस घटना से चारों युवक नाराज हो गए और सुरक्षा गार्ड से भिड़ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी हो, इसलिए रक्षा खड़से पुलिस स्टेशन पहुंच गई हैं। आरोप है कि कुछ बदमाशों ने छेड़छाड़ की।

इस पूरे मामले में खडसे ने कहा कि मैं केंद्रीय मंत्री के तौर पर नहीं एक मां के तौर पर पुलिस स्टेशन गई थी। परसों रात मेरी बेटी और उसकी सहेलियों के साथ जो घटना हुई, वह निंदनीय है। ऐसी कई माताएं होंगी जो इससे पीड़ित हैं। उन्हें पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। मेरी बेटी और उसकी सहेलियां महाशिवरात्रि के मेले में गई थीं, जहां कुछ लोगों ने उनके साथ छेड़छाड़ की। उन्होंने पुलिस गार्ड के साथ भी बदसलूकी की। पुलिसकर्मी की मौजूदगी में भी उनकी इतनी हिम्मत थी कि वे छेड़छाड़ कर रहे थे और वीडियो बना रहे थे। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसीलिए मैंने एफआईआर दर्ज कराई है। 30-40 लोग एकत्रित हुए और पुलिस के साथ बदतमीजी करने लगे। वे किसी भी घर में घुस सकते हैं और जो चाहें कर सकते हैं। मैंने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

अब बिना बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बनेगा पासपोर्ट, बदल गए नियम

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पासपोर्ट विदेश यात्रा के लिए यह सबसे जरूरी दस्तावेज होता है। इसकी मदद से ही आप अन्य देशों में घूमने, पढ़ने, बिजनेस करने या अन्य कारणों से यात्रा कर सकते हैं। अगर आप भी निकट भविष्य में विदेश यात्रा की सोच रहें हैं, तो ये खबर आप ही के लिए है। दरअसल, भारत सरकार की ओर से पासपोर्ट नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। नये नियम के अनुसार 1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्मे सभी लोगों को अब पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। नए नियमों के तहत, 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्म लेने वाले आवेदकों के लिए जन्म प्रमाणपत्र ही जन्मतिथि का एकमात्र वैध प्रमाण माना जाएगा।

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इसी हफ्ते पासपोर्ट नियम 1980 में संशोधन को प्रभावी करने के लिए एक आधिकारिक नोट जारी किया गया है। नए पासपोर्ट नियम आधिकारिक राजपत्र में संशोधन प्रकाशित होने के बाद लागू हो जाएंगे। नए मानदंडों के तहत, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार, नगर निगम या जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सशक्त किसी अन्य प्राधिकार द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र को 1 अक्टूबर साल 2023 को या इसके बाद पैदा हुए व्यक्तियों के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2025 में इन वैकल्पिक दस्तावेजों की सूची दी गई है। इनमें ट्रांसफर सर्टिफिकेट, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, सरकारी कर्मचारियों के लिए सर्विस रिकॉर्ड या पेंशन ऑर्डर, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, और एलआईसी या सार्वजनिक कंपनियों की ओर से जारी पॉलिसी बॉन्ड शामिल हैं। यह जानकारी शुक्रवार को गजट अधिसूचना में प्रकाशित की गई है।

14वीं बार पिता बने एलन मस्क, पार्टनर शिवॉन जिलिस ने दिया बेटे को जन्म

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दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क एक बार फिर से पिता बने हैं। टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क 14वें बच्चे के पिता बन गए हैं। एलन मस्क की पार्टनर शिवॉन जिलिस ने इस बच्चे को जन्म दिया है। शिवॉन जिलिस वहीं हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान मोदी और मस्क के साथ नजर आई थीं।

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नवजात के जन्म की जानकारी उनकी पार्टनर शिवॉन जिलिस ने एक्स पर अपने पोस्ट में दिया। जिसे मस्क ने कन्फर्म भी कर दिया है। शिवॉन जिलिस ने एक्स कर लिखा कि एलन मस्क से चर्चा के बाद, हमने सोचा कि खूबसूरत अर्काडिया के जन्मदिन के मौके पर अपने बेटे सेल्डन लाइकर्गस के बारे में भी सभी को बता देना बेहतर होगा। वह जबरदस्त ताकतवर है, लेकिन दिल से बेहद दयालु। हम उसे बहुत प्यार करते हैं। 53 वर्षीय मस्क ने शिवॉन की पोस्ट पर दिल वाली इमोजी भेजी है।

आपको बता दें कि उनकी पार्टनर उनकी कंपनी न्यूरालिंक की एक्जीक्यूटिव हैं। शिवॉन से यह मस्क का चौथा बच्चा है। इनसे मस्क को पहले से ही तीन बच्चे हो चुके हैं। शिवॉन की तीसरी संतान एक बेटी है जिसका नाम आर्केडिया है।

एलन मस्क के अब कुल 14 बच्चे हैं। उनकी पहली पत्नी जस्टिन विल्सन से उन्हें छह बच्चे हुए। इनमें एक बच्चे नेवादा अलेक्जेंडर का 10 हफ्ते की उम्र में निधन हो गया था। संगीतकार ग्रिम्स के साथ मस्क के तीन बच्चे हैं। वहीं शिवॉन जिलिस से मस्क के चार बच्चे हैं। इनके अलावा लेखिका एश्ले सेंट क्लेयर ने हाल ही में दावा किया है कि मस्क उनके 5 महीने के बच्चे के पिता हैं।

दिल्‍ली को क्राइम फ्री करने का प्‍लान तैयार, कानून व्यवस्था को लेकर अमित शाह से मिली सीएम रेखा गुप्ता

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देश की राजधानी दिल्‍ली में बीजेपी की अगुआई में नई सरकार का गठन भी हो चुका है। रेखा गुप्‍ता ने दिल्‍ली की नई मुख्‍यमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। इसके साथ ही जनता के हित में फैसलों का दौर भी शुरू हो चुका है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, गृह विभाग के मंत्री आशीष सूद, दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को हाई -लेवल मीटिंग की। मीटिंग में दिल्ली की कानून-व्यवस्था और एक-दूसरे के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन को लेकर चर्चा हुई। इसमें गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस की यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि दिल्ली में गैंगस्टरों और इंटरस्टेट गैंग्स को लेकर इनके खिलाफ सख्त से सख्त अप्रोच रखते हुए इन्हें समाप्त किया जाए।

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इस दौरान अमित शाह ने दिल्‍ली को क्राइम फ्री और क्‍लीन करने के लिए पांच सूत्रीय फॉर्मूला सुझाया। उन्‍होंने इसपर तत्‍काल अमल करने को भी कहा है, ताकि दिल्‍ली की जनता की जिंदगी बेहतर हो सकेः-

1.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत में प्रवेश कराने में मदद करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

2.अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

3.अमित शाह ने कहा कि शहर में इंटरस्‍टेट गिरोहों को सख्ती से खत्म करना दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।

4.केंद्रीय गृह मंत्री ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ भी सख्‍त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

5. बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने अमित शाह ने आगे कहा कि डीसीपी स्तर के अधिकारी पुलिस स्टेशनों में जाकर जनसुनवाई शिविर लगाएं और जनता की समस्याओं का समाधान करें। दिल्ली पुलिस को उन स्थानों की पहचान करनी चाहिए जहां रोजाना ट्रैफिक जाम होता है और दिल्ली पुलिस कमिश्‍नर और मुख्य चीफ सेक्रेटरी को बैठक करनी चाहिए और इसका त्वरित समाधान निकालना चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके।

पुलिस थानों के प्रदर्शन को लेकर कही ये बात

मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि दिल्ली में कंस्ट्रक्शन से संबंधित मामलों में दिल्ली पुलिस की परमिशन की जरुरत नहीं होगी। साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस के ऐसे पुलिस थानों को चेतावनी देते हुए कड़े शब्दों में यह भी कहा कि जिन भी पुलिस थानों का प्रदर्शन लगातार खराब होगा। ऐसे पुलिस थानों और तमाम सब-डिवीजन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि जनता को भी यह मैसेज जाए कि अगर कोई पुलिस थाना लोगों की उम्मीदों पर खरा ना उतरते हुए इलाके में कानून-व्यवस्था सामान्य रख पाने में कामयाब नहीं हो पा रहा है तो उसके पूरे थाने के खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है।

शीला दीक्षित के बाद पहली बार ऐसी मीटिंग

बताया जाता है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बाद ऐसा पहला मौका था जब दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत अन्य आला अधिकारियों ने इस तरह से एक मंच पर मीटिंग हुई हो। जबकि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह पहली मीटिंग थी।

ट्रंप-जेलेंस्की विवाद पर खुश हो गया रूस, बोला- जेलेंस्की को मारा नहीं...संयम दिखाना एक चमत्कार है

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच बैठक में विवाद के बाद रूस गदगद है।यूक्रेन के प्रेसीडेंट वोलोडिमीर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हुई तीखी बहस पर रूस ने प्रतिक्रिया दी है। रूस का कहना है कि जेलेंस्की का बर्ताव बिल्कुल ठीक नहीं था और उनके खराब रवैये के बावजूद ट्रंप ने संयम दिखाया है वो चमत्कार से कम नहीं है।

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रूस ने ‘संयम’ दिखाने के लिए ट्रंप की प्रशंसा की

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने भी यूक्रेनी नेता के साथ ‘संयम’ दिखाने के लिए ट्रंप की प्रशंसा की साथ ही उन्होंने जेलेंस्की को “बदमाश” कहा। मारिया ज़खारोवा ने टेलीग्राम पर लिखा, 'मुझे लगता है कि जेलेंस्की का सबसे बड़ा झूठ यह था कि 2022 में यूक्रेन अकेला था, उसको किसी का समर्थन नहीं था। जेलेंस्की ने एक के बाद एक झूठ बोला और बदमाशी की। मुझे हैरत है कि ट्रंप और वेंस ने उनको मारा कैसे नहीं, इतना संयम दिखाना एक चमत्कार है।'

रूस ने कहा-“उचित तमाचा”

वहीं, रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान शीर्ष अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव ने ओवल ऑफिस में ट्रंप द्वारा ज़ेलेंस्की झाड़ लगाने को “उचित तमाचा” बताया। रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "ओवल ऑफिस में क्रूर तरीके से पिटाई की गई।" मेदवेदेव ने कहा, "पहली बार, ट्रंप ने कोकिन जोकर को उसके मुंह पर सच बताया। कीव शासन तीसरे विश्व युद्ध के साथ खेल रहा है। एहसान फरामोश सुअर को सुअर पालने के मालिकों से जोरदार तमाचा मिला है। यह जरूरी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं। हमें नाजी मशीन को सैन्य सहायता बंद करनी चाहिए।"

कैसे हुई शुरुआत?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अहम बैठक हुई। ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेलेंस्की के बीच लगभग 45 मिनट बातचीत हुई, जिसमें अंतिम 10 मिनट तीनों के बीच काफी तीखी बहस हुई। जेलेंस्की ने अपना पक्ष रखते हुए कूटनीति के प्रति रूस की प्रतिबद्धता पर संदेह व्यक्त किया। तनातनी की शुरुआत वेंस की ओर से जेलेंस्की से यह कहे जाने के साथ हुई कि मुझे लगता है कि आपका ओवल ऑफिस में आकर अमेरिकी मीडिया के सामने इस मामले पर मुकदमा करने की कोशिश करना अपमानजनक है। राष्ट्रपति जी पूरे सम्मान के साथ मैं यह बात कर रहा हूं। जेलेंस्की ने आपत्ति जताने की कोशिश की, जिस पर ट्रंप ने तेज आवाज में कहा, 'आप लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।' ट्रंप ने कहा, 'आप तीसरे विश्वयुद्ध को न्योता दे रहे हैं और आप जो कर रहे हैं वह देश के प्रति बहुत अपमानजनक है, यह वह देश है जिसने आपका बहुत अधिक समर्थन किया है।'

बिना कुछ खाए व्हाइट हाउस से निकले जेलेंस्की, ऐसे होती है दो देशों के नेताओं के बीच मुलाकात?

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। बातचीत के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की के बीच जोरदार बहस हो गई। जेलेंस्की अपने दावे कर रहे थे तो ट्रंप अपने तेवर दिखा रहे थे।रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते के लेकर हो रही बातचीत अचानक जुबानी जंग में तब्दील हो गई। ट्रंप और जेलेंस्की एक-दूसरे से बहस करते और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आए। नौबत यहां तक पहुंच गई कि ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से चले जाने और समझौते को तैयार होने के बाद ही वार्ता के लिए आने को कह दिया।

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ट्रंप ने जिस तरह से जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर जाने को कहा, उसे साफ तौर पर बेइज्जत करके बाहर निकालना कहते हैं। यहां तक की इतनी दूर से आए किसी देश के मुखिया को अपने घर पर निमंत्रित कर खाने तक को नहीं पूछा गया। तीखी नोकझोंक के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की चाहते थे कि सब ठीक हो जाए। ट्रंप से आगे की बात की जाए। दुनिया को नया संदेश दिया जाए कि ऑल इज वेल। पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहां मानने वाले थे। उन्होंने साफ-साफ संदेश भिजवा दिया। कह दो जेलेंस्की से कि वो चला जाए।

जेलेंस्की के साथ तकरार के बाद ट्रंप ने अपने सलाहकारों के साथ बातचीत की और वहां से निकल गए। दूसरी ओर यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल करीब एक घंटे तक दूसरे कमरे में इंतजार करता रहा। यूक्रेनी डेलीगेशन को उम्मीद थी कि खनिज सौदे पर हस्ताक्षर हो जाएंगे और यात्रा को खराब होने से बचाया जा सकेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कह दिया। ऐसे में जेलेंस्की को खाली हाथ वहां से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जेलेंस्की का दौरा कितने खराब माहौल में खत्म हुआ इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद उन्होंने अपने दो सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। उन्होंने एक्स पर अमेरिका का धन्यवाद करते हुए लिखा कि यूक्रेन को स्थायी शांति की आवश्यकता है और हम उसके लिए काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जेलेंस्की बिना खाना खाए ही वाइट हाउस से लौट गए।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओवल ऑफिस में हुई बहस के बाद वाइट हाउस के अंदर एक बार फिर जेलेंस्की की बेइज्जती हुई। ओवल ऑफिस में हुई बहस के फौरन बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रमुख सलाहकारों के साथ बैठक की। जेलेंस्की संग क्या किया जाए और क्या नहीं, इस पर ट्रंप ने चर्चा की। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने वेंस, रुबियो, बेसेंट आदि से सलाह ली। यहीं पर ट्रंप ने फैसला किया कि जेलेंस्की बातचीत की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने विदेश मंत्री रुबियो और अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज को ये संदेश देने का निर्देश दिया- जाकर कह दो कि जेलेंस्की के अब जाने का समय हो गया है।

हैरानी की बात है कि जब ट्रंप ने यह आदेश दिया, तब बगल वाले कमरे में जेलेंस्की और उनकी टीम बैठी थी। जेलेंस्की के साथ यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल पास के एक अलग कमरे में इंतजार कर रहा था। दरअसल, जेलेंस्की और यूक्रेनी डेलीगेशन लंच का इंतजार कर रहे थे। उन्हें लगा था कि ट्रंप लंच पर बैठेंगे तो गर्मी थोड़ी शांत हो जाएगी।