फोन हैकिंग विवाद पर केन्द्रीय मंत्री चंद्रशेखर का बड़ा बयान, बोले-पीयूष गोयल के फोन पर भी आया नोटिफिकेशन, एप्पल को देना होगा जवाब

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विपक्ष ने सरकार पर फोन हैकिंग का आरोप लगाया है। विपक्ष के इन आरोपों को केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने एप्पल के फोन हैकिंग नोटिफिकेशन के बाद विपक्ष के आरोपों पर कहा कि यह चुनाव का मौसम है और लोग हर तरह की चीजें निकालेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी ऐसा एक मैसेज मिला है। एप्पल को सरकार के सवालों का जवाब देना होगा।

राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा, सांसदों और भू-राजनीति से जुड़े लोगों सहित कई लोगों द्वारा इस खतरे की सूचनाएं दर्ज किए जाने के बाद, हमें उम्मीद है कि एप्पल इन बातों को स्पष्ट करेगा।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने नागरिकों की गोपनीयता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध और कर्तव्यबद्ध है और हम इस जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन खतरे की सूचनाओं की जांच करेगी और ऐप्पल के सुरक्षित और गोपनीयता के अनुरूप डिवाइस होने के दावों की भी जांच करेगी।

इससे पहले अश्विन वैष्णव ने कहा कि कुछ साथियों ने एप्पल अलर्ट के बारे में संदेश दिए हैं, ऐसे में हम मामले की तह तक जाएंगे। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर कहा, कुछ हमारे आलोचक हैं जो झूठे आरोप हमेशा लगाते रहते हैं। ये देश की प्रगति नहीं चाहते। एपल ने 150 देशों में एडवाइजरी जारी की है। एपल ने अनुमान के आधार पर मैसेज भेजा है। एपल ने अपना स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। वैष्णव ने कहा कि इनकी (विपक्षी दलों) आदत है कि जब भी कोई अहम मुद्दा नहीं होता तो कहते हैं कि निगरानी हुई है। इन्होंने ये आरोप कुछ साल पहले भी लगाने की कोशिश की थी। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई, लेकिन कुछ नहीं निकला।प्रियंका गांधी ने भी दावा किया था कि उनके दो बच्चों का फोन हैक हुआ था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

वहीं कंपनी ने इस पूरे विवाद पर अपना बयान जारी कर दिया है।कंपनी ने अपने बयान में कहा, सरकार प्रायोजित हैकर बहुत अच्छी तरह से वित्त पोषित और परिष्कृत होते हैं। उनके हमले समय के साथ विकसित होते रहे हैं। ऐसे हमलों का पता लगाना खतरे के खुफिया संकेतों पर निर्भर करता है जो अक्सर अपूर्ण होते हैं।इसके अलावा कंपनी ने कहा, यह संभव है कि खतरे की कुछ सूचनाएं फॉल्स अलार्म हो सकती हैं, या कुछ हमलों का पता नहीं चल पाता है। हम इस बारे में जानकारी देने में असमर्थ हैं कि किस कारण से हमें खतरे की सूचनाएं जारी करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इससे सरकार प्रायोजित हमलावरों को भविष्य में पहचान से बचने के लिए अपने व्यवहार को अनुकूलित करने में मदद मिल सकती है।

सचिन पायलट का सारा अब्दुल्ला से हो चुका है तलाक, चुनावी हलफनामे में खुलासा

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को टोंक विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है।नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे से बड़ा खुलासा हुआ है।पायलट के चुनावी एफिडेविट से इस बात का खुलासा हुआ है कि राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सचिन पायलट और उनकी पत्नी सारा अब्दुल्ला से तलाक ले चुके हैं।सचिन ने टोंक विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन के दौरान जो एफिडेविट दिया है, उसमें पत्नी के नाम के आगे 'तलाकशुदा' लिखा है।

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तलाक कब हुआ इसका खुलासा नहीं

हालांकि दोनों के बीच तलाक कब हुआ इसका तो कोई खुलासा नहीं हो सका है लेकिन सार्वजनिक रूप से यह पहली बार सामने आया है कि दोनों अलग हो गए हैं। सचिन पायलट और सारा करीब 19 साल पहले 15 जनवरी 2004 को वैवाहिक बंधन में बंधे थे। सारा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेस के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुला की बेटी है। बताया जाता है कि अब्दुला इस शादी के खिलाफ थे, वहीं पायलट का परिवार भी इस रिश्ते से नाखुश था। सचिन अपने परिवार को इस रिश्ते के लिए राजी करने में सफल रहे लेकिन सारा ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा फारुख अब्दुला इस शादी में शरीक नहीं हुए।

पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ चुका हूं- पायलट

टोंक विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करने के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुझसे कहा है कि पुरानी सभी बातों को भूल जाओ और सभी को माफ कर आगे बढ़ो। मैं अब इसी लाइन पर आगे बढ़ रहा हूं। यहां किसी का भी कोई गुट नहीं बना है। राजस्थान में सिर्फ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का ही गुट है।

*चीन ऑनलाइन नक्‍शों से हटाया इजराइल का नाम, हमास के साथ जारी युद्ध के बीच क्या संदेश देना चाह रहे हैं शी जिनपिंग ?*

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इजरायल और हमास जंग जारी है। इस युद्ध को लेकर दुनियाभर के देश दो खेमों में खड़े हैं। इस बीच चीन की तरफ से उठाए गए कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।चीन ने कथित रूप से इजरायल को अपने ऑनलाइन नक्‍शे से हटा दिया है। चीन की कंपनियों बाइडु और अलीबाब के ऑनलाइन नक्शों से इजराइल का नाम गायब है।अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल ने सोमवार को सबसे पहले इसकी खबर दी।

वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की शीर्ष कंपनियों बाइदू और अलीबाबा इजरायल को अब उसके नाम से नहीं बुलाएंगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल नक्‍शे में बाइदू ने इजरायल और फलस्‍तीन को अलग-अलग क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है लेकिन उन्‍हें देश के रूप में पहचान नहीं बताई है।इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह का नक्‍शा अलीबाबा समूह ने भी जारी किया है जिसमें लक्‍जमबर्ग जैसे छोटे देश का स्पष्‍ट रूप से जिक्र किया गया है लेकिन इजरायल का नाम देश के रूप में नहीं है। हालांकि, अलीबाबा और बाइदू दोनों ने ही अभी तक इस बदलाव की वजह नहीं बताई है। 

बता दें कि इजराइल-हमास के युद्ध में चीन की सरकार ने जो बयान जारी किया था, उसमें हमास के हमले की निंदा नहीं की गई थी और फलस्तीन का समर्थन किया गया था। इसे लेकर चीन को आलोचना भी झेलनी पड़ी थी। बाद में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस्राइली समकक्ष एली कोहेने के साथ हुई बातचीत में माना कि इस्राइल को अपनी सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। साथ ही चीन ने सीजफायर करने की मांग की।

आपको बता दें कि चीनी सरकार अक्सर देश के नक्शों से छेड़छाड़ को लेकर विवादों में रहती है। खुद चीनी सरकार भी नक्शे को लेकर काफी गंभीर नजर आती है। लेकिन इस बार चीन के नक्शे में एक पूरे देश को ही गायब कर दिया गया है लेकिन अभी तक चीन की सरकार ने इस पर कोई सफाई नहीं दी है।

*विपक्ष के फोन हैकिंग के आरोप पर केंद्र का जवाब, केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा-एपल ने 150 देशों में जारी किया अलर्ट*

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देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव से पहले विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए बड़ा मुद्दा मिल गया है।विपक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जासूसी करने के आरोप लगाए हैं।कांग्रेस नेताओं- शशि थरूर, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी,एआईएमआएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत कई नेताओं ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किए। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि उनके फोन निर्माता ने उन्‍हें वॉर्निंग मेसेज किया है। बाद में, राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नरेंद्र मोदी सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी कराने का आरोप लगाया। राहुल ने दावा किया कि उनके ऑफिस में सभी लोगों को एप्पल का नोटिस मिला है।अब सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है।

सरकार ने दिया ये जवाब

एपल आईफोन हैकिंग के विपक्ष के दावों को केंद्र सरकार ने मंगलवार को सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विन वैष्णव ने साथ ही कहा कि आरोपों की जांच के लिए आदेश दिए गए हैं।अश्विन वैष्णव ने कहा कि कुछ साथियों ने एप्पल अलर्ट के बारे में संदेश दिए हैं, ऐसे में हम मामले की तह तक जाएंगे। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर कहा, कुछ हमारे आलोचक हैं जो झूठे आरोप हमेशा लगाते रहते हैं। ये देश की प्रगति नहीं चाहते। एपल ने 150 देशों में एडवाइजरी जारी की है। एपल ने अनुमान के आधार पर मैसेज भेजा है। एपल ने अपना स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।

वैष्णव ने कहा कि इनकी (विपक्षी दलों) आदत है कि जब भी कोई अहम मुद्दा नहीं होता तो कहते हैं कि निगरानी हुई है। इन्होंने ये आरोप कुछ साल पहले भी लगाने की कोशिश की थी। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई, लेकिन कुछ नहीं निकला।प्रियंका गांधी ने भी दावा किया था कि उनके दो बच्चों का फोन हैक हुआ था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

एप्पल ने बयान जारी कर दी सफाई

वहीं कंपनी ने इस पूरे विवाद पर अपना बयान जारी कर दिया है।एप्पल ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह खतरे की सूचनाओं के लिए किसी देश की सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराती है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, सरकार प्रायोजित हैकर बहुत अच्छी तरह से वित्त पोषित और परिष्कृत होते हैं। उनके हमले समय के साथ विकसित होते रहे हैं। ऐसे हमलों का पता लगाना खतरे के खुफिया संकेतों पर निर्भर करता है जो अक्सर अपूर्ण होते हैं।इसके अलावा कंपनी ने कहा, यह संभव है कि खतरे की कुछ सूचनाएं फॉल्स अलार्म हो सकती हैं, या कुछ हमलों का पता नहीं चल पाता है। हम इस बारे में जानकारी देने में असमर्थ हैं कि किस कारण से हमें खतरे की सूचनाएं जारी करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इससे सरकार प्रायोजित हमलावरों को भविष्य में पहचान से बचने के लिए अपने व्यवहार को अनुकूलित करने में मदद मिल सकती है।

*चंद्रबाबू नायडू को बड़ी राहत, कौशल विकास घोटाला केस में मिली अंतरिम जमानत, 52 दिन बाद जेल से आएंगे बाहर*

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आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने एपी राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने नायडू को बिगड़ते स्वास्थ्य के आधार पर चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी है।हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू को 24 नवंबर तक के लिए जमानत दी गई है। उन्हें 24 नवंबर को सरेंडर करने के लिए कहा गया है। यह आदेश 52 दिनों से जेल में बंद 73 वर्षीय नेता के लिए बहुत बड़ी राहत है।

आदेश सुनाते हुए न्यायमूर्ति टी मल्लिकार्जुन राव ने मोतियाबिंद सर्जरी सहित उनके इलाज के लिए 28 नवंबर तक अंतरिम जमानत दे दी। अंतरिम जमानत कुछ शर्तों के तहत दी गई है।नायडू को एक लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने उनसे मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रभावित नहीं करने और 29 नवंबर को आत्मसमर्पण करने को कहा।

चंद्रबाबू नायडू कौशल विकास निगम से धन के दुरुपयोग के आरोप में वर्तमान में राजामहेंद्रवरम जेल में बंद हैं। आरोप है कि इस कथित घोटाले की वजह से राजकोष को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।सीआईडी की जांच के मुताबिक 2015 में कौशल विकास निगम ने सीमेंस के साथ 3300 करोड़ रुपये का समझौता किया था। जिसके तहत लोगों को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया जाना था। इस राशि में से 10 फीसद राज्य सरकार को अपने हिस्से के रूप में दिया जाना था। हालांकि सीमेंस ने अपना 90 फीसद योगदान नहीं दिया और इसके बजाए सरकारी फंड का इस्तेमाल किया।

सीआईडी ने 9 सितंबर को कौशल विकास घोटाले में नायडू को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर उनके मुख्यमंत्री रहते हुए हुआ था। वह फिलहाल राजमुंड्री सेंट्रल जेल में बंद हैं। विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट ने 9 अक्टूबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। टीडीपी सुप्रीमो ने आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। बाद में, उनके वकीलों ने जेल में उनके बिगड़ते स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की।

औंधे मुंह गिरी कंगना रनौत की फिल्म तेजस, 60 करोड़ की लागत से बनी लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन मात्र 4 करोड़ 25 लाख रुपये

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 कंगना रनौत की फिल्म तेजस और विक्रांत मैसी की फिल्म 12वीं फेल बॉक्स ऑफिस पर एक ही दिन रिलीज हुई थीं। बावजूद इसके दोनों फिल्मों की कमाई में जमीन आसमान का अंतर है। सोमवार को आंकड़े और भी साफ हो गए कि किस फिल्म को हिट और किस फिल्म को फ्लॉप फिल्म का टैग दिया जाना चाहिए। कंगना रनौत की फिल्म सोमवार को धूल चाटती दिखी वहीं विक्रांत मैसी की फिल्म अभी भी सम्मानजनक कमाई कर रही है

तेजस का चौथे दिन का बॉक्स ऑफिस रिजल्ट

कंगना रनौत की फिल्म तेजस सोमवार को सिर्फ 50 लाख रुपये कमा पाई है। तकरीबन 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 1 करोड़ 25 लाख रुपये का बिजनेस किया था। दूसरे दिन इसने 1 करोड़ 3 लाख रुपये कमाए थे और तीसरे दिन फिल्म की कमाई महज एक करोड़ 20 लाख रुपये रही थी। इस तरह शुरुआती वीकेंड के बाद सोमवार तक फिल्म का कुल कलेक्शन सिर्फ 4 करोड़ 25 लाख रुपये रहा है। जो कि इसकी लागत के हिसाब से बहुत कम है।

12वीं फेल का चौथे दिन का बॉक्स ऑफिस बिजनेस

कंगना रनौत की फिल्म तेजस के बाद अब बात करें विक्रांत मैसी की फिल्म 12वीं फेल के बारे में तो यह फिल्म भी 27 अक्टूबर को ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये कमाए थे लेकिन हर बढ़ते दिन के साथ फिल्म को माउथ पब्लिसिटी का फायदा मिलना शुरू हो गया। शनिवार को फिल्म का बिजनेस 2 करोड़ 51 लाख रुपये रहा और रविवार को कमाई 3 करोड़ 12 लाख पहुंच गई। सोमवार की 1 करोड़ 20 लाख रुपये की कमाई को जोड़ दिया जाए तो फिल्म की अभी तक की कुल लागत 7 करोड़ 84 लाख रुपये हो चुकी है।

 IMDb पर किस फिल्म का कैसा है हाल

बता दें कि दोनों फिल्मों की कमाई के आंकड़े Sacnilk की रिपोर्ट के आधार पर हैं। बात करें IMDb रेटिंग की तो विधू विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 12वीं फेल को IMDb पर 10 में से 9.3 रेटिंग मिली हुई है और कंगना रनौत की तेजस को 10 में से सिर्फ 7 स्टार मिले हैं। यानि बॉलीवुड की धाकड़ एक्ट्रेस यहां भी पिछड़ती नजर आ रही हैं। बता दें कि पिछले कुछ वक्त से कंगना रनौत की फिल्में बैक टू बैक फ्लॉप रही हैं और यही वजह है कि अब अपनी इस फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह थोड़ी खिसियाती नजर आई हैं।

'मेरी दादी, मेरी ताकत..', इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल ने दी श्रद्धांजलि, वरुण ने 'देश की मां बताकर किया नमन

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 39वीं पुण्य तिथि पर याद करते हुए कहा कि वह उनकी ताकत का स्रोत हैं। राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया कि, "मेरी ताकत, मेरी दादी! मैं हमेशा उस भारत की रक्षा करूंगा जिसके लिए आपने अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। आपकी यादें हमेशा मेरे साथ हैं, मेरे दिल में हैं।"

कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय राजधानी में शक्ति स्थल पर भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 39वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने अपनी दादी को याद करते हुए कहा कि वह वास्तव में 'राष्ट्रमाता' थीं। वरुण गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि, "मेरी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर सलाम, जो अद्वितीय साहस और संघर्ष की प्रतीक और लोकतांत्रिक समाजवाद की प्रणेता थीं।"

उन्होंने कहा, "कठिन निर्णय लेने के दृढ़ संकल्प के साथ-साथ आपमें मातृत्व की बहुत ही सरल और सौम्य कोमलता भी थी। आप वास्तव में 'देश की मां हैं।" राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि इंदिरा गांधी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व, अद्वितीय कार्यशैली और दूरदर्शिता के साथ एक मजबूत और प्रगतिशील भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर उनके साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि, "श्रीमती इंदिरा गांधी को उनके शहीदी दिवस पर याद कर रहा हूं। मैं उनसे पहली बार 1975 में एक छात्र नेता के रूप में मिला था जब प्रधानमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हममें से दर्जनों लोगों के साथ अपने घर पर एक चर्चा बुलाई थी। दो महीने बाद मैं एक स्विस युवा पत्रिका के लिए उनका साक्षात्कार लेने में सक्षम हुआ। तिरुवनंतपुरम में उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।"

IYC (भारतीय युवा कांग्रेस) के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी और अन्य युवा कार्यकर्ताओं ने भी शक्ति स्थल राजघाट पर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि, 19 नवंबर, 1917 को भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के घर जन्मी, इंदिरा गांधी ने जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से 31 दिसंबर को अपनी हत्या अक्टूबर 1984 तक देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।

गुजरात को पीएम मोदी ने दी 5950 करोड़ की सौगात, बोले- जनता ने दी स्थिर सरकार, जिससे राज्यों को हुआ लाभ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जो तेजी से विकास दिख रहा है और दुनिया भर में इसकी सराहना हो रही है, वह जनता की ताकत के कारण है जिसने एक स्थिर सरकार दी है। पीएम मोदी, 5,950 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद गुजरात के मेहसाणा जिले के खेरालु में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुजरात ने अनुभव किया है कि कैसे लंबे समय तक चलने वाली स्थिर सरकार ने एक के बाद एक फैसले लेने में मदद की है, जिससे राज्य को लाभ हुआ है।

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि जब वो संकल्प लेते हैं तो उसे पूरा भी करते हैं। उन्होंने कहा कि, "देश में जो तेज विकास दिख रहा है और दुनिया में भारत की (तीव्र विकास के लिए) प्रशंसा हो रही है, उसके मूल में जनता की ताकत है, जिसने देश में एक स्थिर सरकार दी है।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, "हमने अनुभव किया है कि कैसे गुजरात में लंबे समय से चल रही स्थिर और बहुमत वाली सरकार ने हमें एक के बाद एक फैसले लेने में मदद की है।"

उन्होंने कहा, लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि पिछले कई वर्षों में शुरू की गई विकास की बड़ी परियोजनाओं और साहसी निर्णयों के पीछे और गुजरात के तेजी से विकास के पीछे जो मजबूत स्तंभ रखे गए हैं, वे ही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "और आप अपने नरेंद्र भाई को जानते हैं, आप मुझे प्रधानमंत्री के बजाय अपने नरेंद्र भाई के रूप में देखते हैं। और आप अपने नरेंद्र भाई को जानते हैं, वह एक बार जो संकल्प लेते हैं, उसे पूरा करते हैं।"

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, छह हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

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 उत्तराखंड में एक अक्टूबर, 2005 से पहले भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित सरकारी कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल ने नई पेंशन योजना में सम्मिलित इन कार्मिकों को पुरानी पेंशन का विकल्प देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। छह हजार से अधिक कार्मिक इससे लाभान्वित होंगे।

तय किया गया कि प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत 35 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 2400 रुपये वर्दी भत्ता दिया जाएगा। हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की नीति के अंतर्गत सोलर वाटर हीटर संयंत्र लगाने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत अनुदान देने को हरी झंडी दिखा दी।

मंत्रिमंडल में लिया गया फैसला

सचिवालय में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कार्मिकों, उद्यमियों, युवाओं के हित के साथ ही वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ करते हुए मुख्य सचिव डा एसएस संधु ने बताया कि प्रदेश सरकार ने भी केंद्र के तीन मार्च, 2023 के आदेश के अनुसार पुरानी पेंशन योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।

बनाई गई ये योजना

प्रदेश के सभी राजकीय विभागों में ऐसे कार्मिकों को भी पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दिया जाएगा, जो एक अक्टूबर, 2005 या इससे पहले भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित हुए थे। यानी नई पेंशन योजना लागू होने की तिथि से पहले भर्ती का विज्ञापन निकलने अथवा भर्ती प्रक्रिया अधिसूचित होने की स्थिति में भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। अभी ऐसे कार्मिक एक अक्टूबर, 2005 के बाद नियुक्ति पाने के कारण नई पेंशन योजना से आच्छादित हैं।

महासंघ की मांग पूरी

मंत्रिमंडल ने सचिवालय से इतर अधीनस्थ सरकारी कार्यालयों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वर्दी भत्ते की व्यवस्था में संशोधन किया है। वर्ष 2011 के शासनादेश के अनुसार इन कर्मचारियों को दो वर्ष में ग्रीष्मकालीन और चार वर्ष में शीतकालीन वर्दी देने का प्रविधान है। चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ अनुमन्य वर्दी बाजार भाव से देने और सिलाई की दरों में वृद्धि करने की मांग कर रहा है। सरकार ने यह मांग पूरी कर दी। इन कर्मचारियों को अब वर्दी भत्ते के रूप में प्रतिवर्ष 2400 रुपये मिलेंगे।

सोलर वाटर हीटर पर 50 प्रतिशत अनुदान

मंत्रिमंडल ने सोलर वाटर हीटर संयंत्र लगाने के लिए उपभोक्ताओं को अनुदान देने का निर्णय लिया। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को वाटर हीटर संयंत्र लगाने पर 50 प्रतिशत और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाटर हीटर की क्षमता के अनुसार प्रति लीटर पर 1.50 रुपये की छूट बिजली बिल में दी जाएगी।

मंत्रिमंडल में लिए गए फैसले

प्रदेश के चार राजकीय विश्वविद्यालयों एवं 119 महाविद्यालयों में 123 योग प्रशिक्षकों की होगी तैनाती

गुप्तकाशी एवं कैंपटी को नगर पंचायत बनाने को स्वीकृति

राजाजी टाइगर रिजर्व कंजरवेशन फाउंडेशन के गठन को स्वीकृति

उत्तराखंड में नौले-धारे व नदियों को पुनर्जीवन देगा ‘सारा’-14

*राहुल गांधी का केन्द्र पर हमला, कहा- सरकार में अदानी नंबर-1, पीएम मोदी नंबर-दो, विपक्षी नेताओं की फोन टैपिंग पर भी घेरा*

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विपक्ष के कुछ नेताओं के आईफोन पर एप्पल कंपनी की तरफ से अलर्ट भेजा गया है, जिसके बाद देश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी नेताओं की तरफ से मंगलवार सुबह दावा किया गया कि उनके फोन में सरकार-प्रायोजित हैकिंग से जुड़े चेतावनी संदेश आए। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज विपक्षी नेताओं के फोन टैपिंग के आरोप को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला।

राहुल का दावा कांग्रेस में कई लोगों को आया अलर्ट

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई लोगों को ऐसे संदेश आए हैं। इनमें केसी वेणुगोपा, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कई विपक्षी नेताओं को उनके फोन निर्माता से मिले चेतावनी ई-मेल की एक कॉपी दिखाई, जिसमें कहा गया था कि राज्य प्रायोजित हमलावर उनके फोन से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं।

सरकार में नंबर-1 अदाणी

भाजपा इस वक्त युवाओं का ध्यान भटकाने की कोशिश में है। राहुल ने कहा पहले मैं सोचता था कि सरकार में नंबर-1 प्रधानमंत्री हैं, दूसरे पर अदाणी और तीसरे पर अमित शाह हैं, लेकिन ये गलत है। सरकार में नंबर-1 अदाणी हैं, पीएम मोदी दूसरे नंबर पर हैं और अमित शाह तीसरे पर। उन्होंने कहा कि अडानी को हमने घेर लिया है। हमने तोते को ऐसे पकड़ा है कि वो बचकर नहीं निकल सकता है। विपक्ष की नजर पिंजरे में बैठे तोते पर है।

देश का पैसा 3-4 लोगों को पकड़ा रहे हैं

राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार देश की जनता का ध्यान कभी इधर ले जाते हैं, कभी उधर ले जाते हैं। आपके दिल के अंदर गुस्सा पैदा करते हैं और जब आपके दिल में नफरत आती और गुस्सा आता है, जो आपका भविष्य है जो इस देश का धन है उसको उठाकर ये लोग ले जाते हैं। अडानी को हिंदुस्तान के पोर्ट, मुंबई एयरपोर्ट दे दिया, सीबीआई ईडी का प्रयोग कर। इंफ्रा उनके हाथ में सीमेंट उनके हाथ में। पूरा का पूरा देश ये तीन-4 लोगों का पकड़ा रहे हैं। नुकसान देश के युवा का हो रहा है। ये आपको झूठे भविष्य का वादा करते हैं। आपका धन आपकी आंखों के सामने छीनकर ले जा रहे हैं। कम लोग हैं जो इसके खिलाफ लड़ रहे हैं।

सिर्फ सरकार बदलने से नहीं हटेंगे अडानी-राहुल गांधी*

इस दौरान पत्रकारों ने सवाल भी किए और पूछा कि आप कह रहे हैं कि ये मोदी सरकार नहीं अडानी सरकार है, ये सरकार कैसे बदलेगी? इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, आईडिया है मेरे पास। सिर्फ सरकार बदलने से अडानी नहीं हट जाएंगे।समय आने पर बताऊंगा। इसकी दवाई देनी पड़ेगी।