पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए हिंसा के बीच मतदान, वोटिंग के दौरान हत्या- लूटपाट-आगजनी जारी

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हिंसा और हत्याओं के बीच पश्चिम बंगाल में आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहे हैं। पंचायत चुनाव में 73 हजार से अधिक सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। मतदान को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, राज्य में मतदान शुरू होते ही जगह-जगह बमबारी हो रही है. कई जगह पर मतपत्र लूटने के आरोप लगे हैं। राज्य के कई इलाकों में विभिन्न राजनीतिक दल के समर्थकों के बीच झड़प की घटना घटी है। 

आज 22 जिला परिषदों में लगभग 928 सीटों, 9730 पंचायत समितियों और 63,229 ग्राम पंचायत सीटों के लिए लगभग 5.67 करोड़ लोग वोट डाल रहे हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव के दौरान राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। केंद्रीय बलों के करीब 83 हजार जवानों की मतदान केंद्रों पर तैनाती की गई है। केंद्रीय बलों के साथ 19 राज्यों की सशस्त्र पुलिस भी बंगाल में तैनात है, जिन्हें चुनाव के दौरान सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है।

हिंसा के बीच मतदान

शनिवार की सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ है, साथ ही अलग-अलग इलाकों से लगातार हिंसा की खबरें भी आ रही है। मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में कांग्रेस और तृणमूल के बीच झड़प में सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता बाबर अली की मौत हो गई। हिंसा के बाद इलाके में भारी तनाव है। गोली लगने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती है। मतदान शुरू होते ही कूचबिहार में मतदान केंद्र में तोड़फोड़ कर दी गई है और मतपत्र लूट लिए गये हैं और आग लगा दी गई है।

इस बीच, मतदान से एक रात पहले दो तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई और उनका सिर काट दिया गया. गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को रोका

उत्तर 24 परगना के बासुदेबपुर में एक मतदान केंद्र पर जाते समय, राज्यपाल सीवी आनंद बोस को कुछ सीपीआईएम उम्मीदवारों ने रोक दिया और उन्हें अपनी समस्या बताई. राज्यपाल ने रुककर उनकी बात सुनी

बीजेपी बनाम टीएमसी

इस बार के पंचायत चुनाव में मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने का अनुमान है। वाम मोर्चा और कांग्रेस भी पंचायत चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। 2018 के पंचायत चुनावों में टीएमसी ने 90 प्रतिशत पंचायत सीटें हासिल कीं और सभी 22 जिला परिषदों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

बालासोर ट्रेन हादसे में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दो इंजीनियर-एक टेक्नीशियन गिरफ्तार

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ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसा मामले में सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है। इस ट्रेन हादसे में सीबीआई ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में करीब 290 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 1000 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

जांच एजेंसी ने रेलवे के दो सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरूण कुमार महांतो और मोहम्मद आमिर खान के अलावा टेक्निशियन सोहो पप्पू को गिरफ्तार किया है। तीनों को आईपीसी की धारा 304/201 के तहत गिरफ्तार किया गया है।यह गिरफ्तारियां बुधवार को बालासोर ट्रेन हादसे को लेकर सेफ्टी कमिश्‍नर की तरफ से रेलवे बोर्ड को दी गई रिपोर्ट के आधार पर हुई हैं।

आपको बता दें कि 2 जून की रात बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस दूसरे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई, जिसकी वजह से दर्दनाक हादसा हुआ। कोरोमंडल और मालगाड़ी की टक्कर के तुरंत बाद बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट क्षतिग्रस्त कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों से जबरदस्त तरीके से टकरा गई। इसके चलते यह हादसा और ज्यादा भयानक हो गया। भीषण ट्रेन हादसे की जांच के लिए रेलवे ने एक कमेटी बनाई थी। इसके साथ ही इस ट्रेन हादसे की पड़ताल सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि यह दर्दनाक घटना सिग्नल में हुई गलतियों की वजह से हुआ था।

अफ्रीकी देश तंजानिया की धरती से एस जयशंकर ने चीन पर बोला हमला, कहा-भारत दोहन करने वाली अर्थव्यवस्था नहीं

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफ्रीकी देश तंजानिया की धरती से जोरदार हमला बोला है।जयशंकर ने चीन की विस्तारवादी नीति पर उसे आड़े हाथों लिया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन पर इशारों ही इशारों में कहा है कि भारत ‘दोहन करने वाली अर्थव्यवस्था’ नहीं है और यह संसाधन-समृद्ध अफ्रीका महाद्वीप में ‘संकीर्ण आर्थिक गतिविधियां’ नहीं कर रहा है। जयशंकर ने तंजानिया के दार अस सलाम शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

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जयशंकर अफ्रीकी देशों के दौरे पर हैं। यहां जंजीबार के बाद तंजानिया से उन्होंने चीन पर निशाना साधा। चीन पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा है कि भारत ‘दोहन करने वाली अर्थव्यवस्था’ नहीं है और यह संसाधन-समृद्ध अफ्रीका महाद्वीप में संकीर्ण आर्थिक गतिविधियां नहीं कर रहा है।हमारे लिए, यह एक व्यापक और गहरी साझेदारी है।

जयशंकर ने कहा, ‘आज दुनिया, भारत को एक योगदानकर्ता के रूप में देखती है। दुनिया भारत, भारतीय कंपनियों, भारतीय प्रौद्योगिकियों, भारतीय क्षमताओं को उनके लिए बेहतर जीवन बनाने में मदद करने वाले के रूप में देखती है।

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘आज हम अफ्रीका और इसकी अर्थव्यवस्था को प्रगति करते देखना चाहते हैं। आज अफ्रीका के प्रति हमारा दृष्टिकोण अफ्रीका के साथ अधिक व्यापार करना, अफ्रीका में निवेश करना, अफ्रीका के साथ काम करना, अफ्रीका में क्षमता को बढ़ाना है। जिससे कि अफ्रीका का भी उसी तरह विकास हो, जिस तरह भारत जैसे देश एशिया में बढ़ रहे हैं।

जयशंकर ने ट्वीट किया, दार-अस-सलाम में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ रोचक बातचीत हुई। मिशन आईटी (इंडिया और तंजानिया) के महत्व पर जोर दिया। मजबूत भारत-अफ्रीका संबंध, विशेष रूप से पूर्वी अफ्रीका के साथ हमारे गहरे संबंधों पर जोर दिया गया; भारत और तंजानिया का संबंध हृदय भावना की एकजुटता और हितों की पारस्परिकता पर आधारित हैं। उन्होंने ट्वीट किया, यह माना जाता है कि भारतीय समुदाय इस रिश्ते की अभिव्यक्ति, योगदानकर्ता और शक्ति हैं। उन्होंने बताया कि कैसे भारत और तंजानिया की दोस्ती तंजानिया के औसत जीवन में बदलाव ला रही है। हमारी जल परियोजनाओं से सालाना 750 स्लॉट के साथ 80 लाख लोगों को लाभ होगा।

बता दें कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति के चलते गरीबी अफ्रीकी देशों को कर्ज के जाल में फंसाने का कुचक्र करने में लगा हुआ है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना है।बीआरआई बीजिंग द्वारा किए गए ये महत्वपूर्ण निवेश एक ऐसा तरीका है जिससे चीन ने कई देशों में तेजी से स्थापित किया है। 2021 की शुरुआत में, चीन ने140 देशों ने 200 से अधिक बीआरआई सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जो चीनी उद्यमों के लिए ढांचे के रूप में काम करते थे जैसे बंदरगाहों, रेलवे, बिजली संयंत्रों और दूरसंचार नेटवर्क आदि। हालांकि, चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना कई तरह के विवादों में घिरी हुई। इस पर घोटाले, भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल चीन का कमजोर देशों को अपने कर्जजाल मे फांसने का उपकरण भर है जिसमें कर्जों की शर्तें पूरी कर पाना लगभग असंभव है।

मिशन 2024 के मोड़ में बीजेपी, चार राज्यों के चुनाव प्रभारी नियुक्त, भूपेंद्र यादव को एमपी, प्रह्लाद जोशी को राजस्थान की कमान

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इस साल के अंत में होने वाले चार राज्यों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने चारों राज्यों में चुनाव प्रभारी और सह्प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है।बीजेपी ने चुनावी राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों की लिस्ट जारी कर दी है।

बीजेपी ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए चार राज्‍यों में अपने चुनाव प्रभारियों के नाम की घोषणा कर दी है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को राजस्‍थान का प्रभारी बनाया गया है जबकि नितिन पटेल और कुलदीप विश्नोई सह-प्रभारी की भूमिका में नजर आएंगे. छत्तीसगढ़ राज्‍य में राज्‍यसभा के पूर्व सदस्‍य ओपी माथुर को प्रभारी और मनसुख मांडविया को सह-प्रभारी बनाया गया है. इसी तर्ज पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को मध्‍यप्रदेश का प्रभारी व अश्वनी वैष्णव सह-प्रभारी नियुक्‍त किया गया हैं. साथ ही तेलंगाना में बीजेपी सांसद प्रकाश जावड़ेकर को प्रभारी बनाया गया है. उनके अंतर्गत सह-प्रभारी के तौर पर सुनील बंसल काम करेंगे

हाल ही बदले थे इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष

इससे पहले राज्य इकाईयों में बड़ा बदलाव करते हुए बीजेपी ने 4 जुलाई को पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पार्टी अध्यक्ष बदल दिए थे। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी को आंध्र प्रदेश, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को झारखंड और सुनील जाखड़ को पंजाब में पार्टी की कमान दी गई। 

बता दें कि अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव भी हैं। इन चार राज्‍यों के नतीजे काफी हद तक अगले साल होने वाले चुनाव की रूपरेखा तय करेंगे। ऐसे में बीजेपी इन चार बड़े राज्‍यों को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

टाटा की कंपनी स्ट्राइडर ने लॉन्च की इलेक्ट्रिक साइकिल, 10 पैसे प्रतिकिमी का खर्च और फटाफट होगी चार्ज, आधिकारिक वेबसाइट से बेचा जा रहा

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टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्ट्राइडर (Stryder) ने घरेलू बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक साइकिल जीटा प्लस को लॉन्च किया है। आकर्षक लुक और पावरफुल बैटरी पैक से लैस इस इलेक्ट्रिक साइकिल की शुरुआती कीमत 26995 रुपये तय की गई है। कंपनी का दावा है कि कम दूरी के लिए डेली ड्राइव के तौर पर इस साइकिल का इस्तेमाल बेहद ही किफायती है।

फिलहाल कंपनी ने इसे इंट्रोडक्ट्री प्राइस के साथ लॉन्च किया है , जो कि सीमित समय के लिए ही है। आगे चलकर इसकी कीमत तकरीबन 6000 रुपये और बढ़ जाएगी। इसे विशेष रूप से स्ट्राइडर की आधिकारिक वेबसाइट से बेचा जा रहा है। नए लॉन्च के बारे में बात करते हुए स्ट्राइडर के बिजनेस हेड राहुल गुप्ता ने कहा कि " साइक्लिंग उद्योग में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में हमारा प्रयास देश में वैकल्पिक मोबिलिटी के उपयोग को बढ़ावा देना है।''

इस इलेक्ट्रिक साइकिल को उच्च क्षमता वाली 36-वोल्ट/06 एएच बैटरी से पैक किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह 216 Wh का पावर जेनरेट करता है। ब्रांड का दावा है कि यह साइकिल हर तरह के रोड कंडिशन में आरामदेह सफर प्रदान करता है। स्ट्राइडर ज़ीटा प्लस में अपने पूर्ववर्ती ज़ीटा ई-बाइक की तुलना में बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। बिना पैडल के इसकी अधिकतम गति 25 किमी प्रति घंटा है। सिंगल चार्ज में यह इलेक्ट्रिक साइकिल पैडल असिस्ट के साथ तकरीबन 30 किलोमीटर तक का रेंज देती है। इसकी बैटरी को फुल चार्ज होने में केवल तीन से चार घंटे का समय लगता है। स्ट्राइडर ज़ीटा प्लस एक स्टील हार्डटेल फ्रेम पर बनाया गया है जो कि स्मूथ और आधुनिक डिजाइन के साथ आता है। यह पावरफुल ऑटो - कट ब्रेक से लैस है और दोनों सिरों पर डिस्क ब्रेक दिया गया है।

 कंपनी का दावा है कि इस इलेक्ट्रिक साइकिल की बैटरी को चार्ज करने में जो इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूम होगी उस आधार पर इसकी रनिंग कॉस्ट महज 10 पैसे प्रतिकिमी है। 250W की क्षमता वाले बीएलडीसी इलेक्ट्रिक मोटर से लैस इस साइकिल में स्टील का बना हुआ एमटीबी टाइप ओवरसाइज़्ड हैंडलबार और एसओसी डिस्प्ले भी मिलता है। इसके डिस्प्ले पर बैटरी रेंज , टाइम इत्यादि कई जानकारियां प्रदर्शित की जाती हैं। 

 

 कंपनी स्ट्राइडर जीटा प्लस इलेक्ट्रिक साइकिल के बैटरी पैक और मोटर पर 02 साल और फ्रेम पर लाइफटाइम वारंटी दे रही है। यह साइकिल 05 फीट 04 इंच से लेकर 06 फीट तक के हाइट वालों के लिए बेहतर है। इसकी पेलोड क्षमता तकरीबन 100 किलोग्राम है। इसमें वाटर रेजिस्टेंट (IP67) बैटरी दिया गया है। स्ट्राइडर के पोर्टफोलियो में कई और अलग - अलग प्राइस सेग्मेंट में इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध हैं, जिनकी बिक्री देश के 4000 से ज्यादा रिटेल स्टोर से की जाती है।

उत्तरप्रदेश से केदारनाथ दर्शन के लिए निकले तीन युवक, बाइक अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बाइक, एक की मौत और दो घायल

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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिवपुरी के समीप एक बाइक खाई में गिर गई। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो युवक घायल हो गए। दोनों घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।

अमेठी उत्तर प्रदेश निवासी तीनों युवक केदारनाथ धाम दर्शन के लिए एक ही बाइक पर निकले थे। प्रभारी निरीक्षक थाना मुनिकीरेती रितेश शाह ने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि शिवपुरी में एक बाइक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई है।

सूचना पर चौकी प्रभारी शिवपुरी प्रदीप रावत लेकर मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ की टीम ने दोनों घायलों को रोप स्ट्रेचर के माध्यम से खाई से बाहर निकाला। और एक शव भी खाई से बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द किया।

घायल

-विश्वास प्रताप सिंह पुत्र राजू सिंह निवासी सुल्तानपुर अमेठी उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष

– अपूर्व सिंह पुत्र संजय सिंह निवासी उपरोक्त उम्र 21 वर्ष

 मृतक

-आकाश उपाध्याय पुत्र राजू उपाध्याय निवासी सुल्तानपुर अमेठी उत्तर प्रदेश उम्र 25 वर्ष

कम नहीं हो रहीं हैं बीजेपी सांसद बृज भूषण शरण सिंह की मुश्किलें, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भेजा समन

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रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है।अब राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 6 बालिग महिला पहलवानों के खिलाफ यौन शोषण के मामले में दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है।दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को बीजेपी सांसद और डब्ल्यूएफआई के प्रमुख रहे बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को समन जारी किया। कोर्ट ने मामले को 18 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है और बृज भूषण सिंह को पेश होने के लिए आदेश दिए।

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क्या है मामला

जानकारी दे दें कि 6 बालिग महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने अपनी चार्जशीट दाखिल की थी। इसी चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने बीजेपी सांसद को समन जारी किया है।

बृजभूषण के खिलाफ इन धाराओं में लगे आरोप

पुलिस ने चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौनशोषण से जुड़ी आईपीसी की धारा 35ए, 354-ए और 354 डी और सह आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ आइपीसी की धारा 109, 35ए, 354 (ए), 506 के तहत आरोप लगाए हैं।धारा 354 में अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है और ये एक गैर जमानती धारा है। 354ए के तहत अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान है और ये एक जमानती धारा है। वहीं, आईपीसी की धारा 354डी में 5 साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है जबकि ये धारा जमानती धारा है।

15 जून को दायर हुई थी चार्टशीट

दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद बृज भूषण के खिलाफ 15 जून को यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और पीछा करने के आरोप में चार्टशीट दायर की थी। पहलवानों ने सबसे पहले इसी साल जनवरी महीने में बृज भूषण के खिलाफ धरना शुरू किया था। इसके बाद कार्रवाई की कमी के खिलाफ अप्रैल में पहलवान भी से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए उतर गए थे। 

पहलवानों ने की थी मेडल को गंगा में बहाने की कोशिश

बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए देश के शीर्ष पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और संगीता फोगाट जंतर मंतर पर अप्रैल के महीने में दूसरी बार प्रदर्शन करने बैठे थे। नई संसद के उद्घाटन के मौके पर पहलवानों ने संसद तक मार्च करने का निर्णय लिया। दिल्‍ली पुलिस ने उन्‍हें रास्‍ते में ही रोक दिया था। जंतर-मंतर से पहलवानों का सामान भी हटा दिया गया था। इसके बाद पहलवान अपना मेडल गंगा में बहाने हरिद्वार पहुंचे थे। लेकिन किसान नेता नरेश टिकैत ने उन्हें रोक लिया था

राहुल गांधी की याचिका खारिज होने पर भड़कीं प्रियंका, कहा- अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही

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मोदी सरनेम केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पुनर्विचार याचिका खारिज हो गई है। प्रियंका गांधी ने भी इस पूरे मामले पर रोष जताया है।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ‘‘मोदी उपनाम’’ वाली टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी इस अहंकारी सत्ता के सामने सत्य और जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं।अहंकारी सत्ता चाहती है कि उनसे सवाल न पूछे जाएं। 

प्रियंका गांधी ने ट्विटर पोस्ट में रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता का एक अंश उद्धृत करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला, ‘‘समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो, शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो, पथरीली ऊंची जमीन है तो उसको तोड़ेंगे, समतल पीटे बिना समर की भूमि नहीं छोड़ेंगे, समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर, खंड-खंड हो गिरे विषमता की काली जंजीर।’’ 

अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही-प्रियंका

प्रियंका ने आगे लिखा राहुल गांधी जी इस अहंकारी सत्ता के सामने सत्य और जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। अहंकारी सत्ता चाहती है कि जनता के हितों के सवाल न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि देश के लोगों की जिंदगियों को बेहतर बनाने वाले सवाल न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि उनसे महंगाई पर सवाल न पूछे जाएं, युवाओं के रोजगार पर कोई बात न हो, किसानों की भलाई की आवाज न उठे, महिलाओं के हक की बात न हो, श्रमिकों के सम्मान के सवाल को न उठाया जाए। अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही है, जनता के हितों से जुड़े सवालों से भटकाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, छल, कपट: सब अपना रही है।लेकिन, सत्य, सत्याग्रह, जनता की ताकत के सामने न तो सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन टिकेगा और न ही सच्चाई पर झूठ का परदा। 

प्रियंका ने कहा-जनता की आवाज जीतेगी

उन्होंने कहा, राहुल गांधी जी ने इस अहंकारी सत्ता के सामने जनता के हितों से जुड़े सवालों की ज्योति जलाकर रखी है। प्रियंका गांधी ने कहा, इसके लिए राहुल गांधी हर कीमत चुकाने को तैयार हैं और तमाम हमलों व अहंकारी भाजपा सरकार के हथकंडों के बावजूद एक सच्चे देशप्रेमी की तरह जनता से जुड़े सवालों को उठाने से पीछे नहीं हटे हैं। जनता का दर्द बांटने के कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं। सत्य की जीत होगी। जनता की आवाज जीतेगी।

मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका

मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को गुजरात हाई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए सूरत कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इस मामले में सूरत कोर्ट से उन्हें 2 साल की सजा मिली थी। हालांकि, उसी दिन उनको जमानत भी मिल गई थी। इसके साथ ही उनकी लोकसभा की सदस्यता भी चली गई। सूरत कोर्ट के फैसले को राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब यहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली है। इसके बाद राहुल गांधी न तो 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ सकेंगे और ना ही लोकसभा सदस्यता के निलंबन के खिलाफ अपील कर सकेंगे।

त्रिपुरा विधानसभा में सत्र के पहले ही दिन हंगामा, विधायकों ने टेबल पर चढ़कर किया प्रदर्शन, विपक्ष के पांच एमएलए निलंबित

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त्रिपुरा विधानसभा के पहले ही दिन आज सदन में जमकर हंगामा हुआ। जिसके बाद सदन में कार्यवाही को बाधित करने के लिए सदन से पांच विधायकों को निलंबित कर दिया गया। सदन से सीपीआई (एम) विधायक कांग्रेस विधायक और टिपरा मोथा के तीन विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित किया गया है। इसके बाद स्पीकर के फैसले पर विरोध जताते हुए विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। दरअसल, टिपरा मोथा के विधायक अनिमेष देबबर्मा ने भाजपा विधायक जादब लाल नाथ के विधानसभा में पोर्न देखने का मुद्दा उठाया।हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा के लिए कुछ अन्य मुद्दे उठाए। इस पर कांग्रेस और टिपरा मोथा पार्टी के विधायकों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।

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दरअसल, आज विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा और टिपरा मोथा पार्टी के विधायकों के बीच बहस हो गई। विपक्षी दल के नेता अनिमेष देबबर्मा ने त्रिपुरा बागबासा विधानसभा के भाजपा विधायक जादव लक नाथ द्वारा पोर्न फिल्म देखने के मुद्दे पर सवाल किया। सदन के अध्यक्ष ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के बाद उनसे बात करने की बात कही, लेकिन विपक्षी दलों के विधायकों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक मेज पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद स्पीकर ने सदन से पांच विधायकों को निलंबित कर दिया।

त्रिपुरा सदन के अध्यक्ष विश्वबंध सेन ने सदन की कार्यवाही को बाधित करने के लिए पांच विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया था। इसमें अध्यक्ष ने सीपीआई (एम) विधायक नयन सरकार, कांग्रेस के सुदीप रॉय बर्मन और तीन टिपरा मोथा विधायकों बृस्वकेतु देबबर्मा, नंदिता रियांग और रंजीत देबबर्मा को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया।

सीधी कांड पर नेहा सिंह राठौर की एक पोस्ट पर दर्ज हुई एफआईआर, जानें क्या है पूरा मामला

#fir_against_singer_neha_singh_rathore_for_tweeting_on_sidhi_incident

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मध्य प्रदेश के सीधी पेशाब कांड को लेकर देश भर में बवाल मचा हुआ है। सियासत गरमाने के बाद शिवराज सिंह सरकार ने पेशाब कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पर प्रशासन का बुलडोजर भी चलावा दिया। इसके अलाव पीड़ित दशमत रावत को सरकारी आवास देने की घोषणा की गई। इसी बीच लोकगायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ सीधी कांड को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये एफआईआर ट्वीटर हैंडल से किए उनके पोस्ट को लेकर दर्ज हुई है।

दरअसल, नेहा सिंह राठौर ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने 'यूपी में का बा' की तर्ज पर जल्द ही 'एमपी में का बा' लाने की बात कही है। पोस्ट में एक मीम भी जोड़ा गया है, जिसमें आरएसएस की ड्रेस पहने एक व्यक्ति को सीधी कांड की तरह एक अन्य व्यक्ति पर पेशाब करते हुए दिखाया गया है। इस पोस्ट में अरेस्ट प्रवेश शुक्ला का हैशटैग भी जोड़ा गया है, जो सीधी कांड का आरोपी था।

क्यों दर्ज हुआ नेहा सिंह पर केस

नेहा सिंह का ये पोस्ट तुरंत वायरल हो गया। जिसके बाद भोपाल के हबीबगंज थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चे के मीडिया प्रभारी सूरज खरे ने शिकायत की थीय़जिसके आधार पर धारा 153(A) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।इस धारा में जाति, धर्म, निवास, भाषा जैसे मामलों में दो समूहों में शत्रुता पैदा करने से संबंधित मामले दर्ज किए जाते हैं। एफआईआर में गायिका पर आरएसएस और आदिवासी समुदाय में शत्रुता पैदा कराने का आरोप लगाया गया है। 

एफआईआर पर नेहा ने किया रिएक्ट

नेहा सिंह ने ट्वीट में लिखा, 'मैंने आदिवासी व्यक्ति के ऊपर पेशाब करने का विरोध किया तो बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के मीडिया प्रभारी ने मेरे खिलाफ FIR दर्ज करवा दी। गजब है इनका आदिवासी प्रेम..!'

क्या है सीधी पेशाब कांड?

बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें आरोपी प्रवेश शुक्ला एक शख्स के ऊपर पेशाब करता हुआ नजर आ रहा था। मामला सामने आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि सीएम शिवराज के निर्देश पर उसके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा सीधी में आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की गई थी।