भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों में करीब 38 फीसदी की वृद्धि, आज सुबह तक देश में कोरोना के 63 हजार 562 मरीज सामने आए


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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों में करीब 38 फीसदी की वृद्धि हुई है। जहां मंगलवार को सात हजार के पार नए मामले मिले थे वहीं आज दस हजार 542 केस सामने आए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार सुबह तक देश में कोरोना के 63 हजार 562 मरीज सामने आए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 38 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। देश में अब तक कोरोना की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 4,48,45,401 हो गई है। वहीं, इससे मरने वालों की संख्या 5 लाख 31 हजार 190 पहुंच गई। सबसे ज्यादा 11 मौतें केरल में हुईं।

देश में फिलहाल दैनिक संक्रमण दर 4.47 फीसदी दर्ज किया गया है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की दर 98.67 फीसदी है। कोरोना से सही होने वालों की संख्या 4,42,50,649 हो गई, जबकि मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गई।

 

मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक कोविड टीके की 220.66 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।

बिलासपुर जोन के शहडोल उपमंडल के सिंहपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह दो गुड्स ट्रेनों में भिड़ंत, एक लोको पायलट की मौत और चार घायल


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 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के शहडोल उपमंडल के सिंहपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह दो गुड्स ट्रेनों में भिड़ंत हो गई है। घटना में एक लोको पायलट की मौत हुई है और 4 लोग घायल हैं। घायलों में एक लोको पायलट शामिल है और बाकी अन्य कर्मचारी हैं

घटना में मालगाड़ी का ड्राइवर घायल हो गया है और रेल यातायात बाधित है। मालगाड़ी के तीन डिब्बे पलट गए हैं। घटना की खबर लगते ही रेलवे के अधिकारी कर्मचारी चौकन्ना हो गए हैं और बचाव कार्य शुरू हो गया है। यह घटना सुबह तकरीबन 7.15 बजे की है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि घटना हुई है लेकिन किस तरह से घटना हुई यह जांच के बाद ही बताया जा सकेगा। कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन घटना की जांच की जाएगी। अभी यातायात बाधित है जिसके कारण कटनी और बिलासपुर की ओर से आने जाने वाली ट्रेनों वह माल गाड़ियों को रोका गया है। बचाव कार्य चल रहा है, जल्दी ही आवागमन चालू किया जाएगा।

देश में नहीं थम रही कोरोना संक्रमण की रफ्तार, पिछले 24 घंटों में 10,542 नए मामले सामने आए

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भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक दिन पहले 7,633 नए कोविड केस आए थे। लेकिन आज 10, 542 केस सामने आए हैं।जिसके बाद देश भर में कोविड के एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 63,562 हो गई है।

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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों में करीब 38 फीसदी की वृद्धि हुई है। जहां मंगलवार को सात हजार के पार नए मामले मिले थे वहीं आज दस हजार 542 केस सामने आए हैं।कोरोना वायरस से बीते 24 घंटे में 27 ने अपनी जान गंवा दी है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। यहां 6 लोग कोरोना के चलते मरे। दिल्ली में पांच लोगों की जान गई है। छत्तीसगढ़ में चार, कर्नाटक में तीन, हिमाचल में दो, राजस्थान में दो मौतें हुई हैं। केरल, पुडुचेरी, पंजाब,तमिलनाडु और यूपी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

डेली पॉजिटिविटी रेट 4.39 प्रतिशत पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में 2,40,014 टेस्ट किए गए थे। वहीं 8,175 लोग ठीक भी हुए हैं। अभी भी 98 फीसदी से ज्यादा लोग ठीक हो रहे हैं। लेकिन इस वक्त लोग अस्पतालों भी एडमिट हो रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, देश में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन मामलों के बढ़ने की रफ्तार काफी तेज है। दिल्ली में एक दिन में 738 से अधिक मामले रजिस्टर किए गए हैं। जिस वजह से दिल्ली में कुल एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5714 हो गई है।

नेपाल राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की तबीयत बिगड़ी , काठमांडू से दिल्ली एम्स के लिए किया रेफर

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नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की तबीयत बिगड़ी गई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए महाराजगंज स्थित नामी त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल से दिल्ली एम्स लाया जा रहा है। राष्ट्रपति रामचंद्र को फेफड़ों में संक्रमण के बाद सांस लेने में समस्या हो रही है। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

राष्ट्रपति के सलाहकार के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑक्सीजन का स्तर कम होने के बाद हम उन्हें अस्पताल ले गए। वह 15 दिनों से एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।रात तक बताया जा रहा था कि उनका इलाज हो रहा है और उम्मीद है कि वो जल्द स्वस्थ्य हो जाएंगे मगर सुबह तक भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद हॉस्पिटल ने उनको दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया है।

डॉक्टरों का कहना है कि उनके फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया है। एक महीने के अंदर दूसरी बार राष्ट्रपति की तबीयत बिगड़ी है।इससे पहले 2 अप्रैल को राष्ट्रपति को पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। राष्ट्रपति के चीफ एडवाइजर सुरेश चालीसे ने कहा था कि राम चंद्र पौडेल ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की थी। उस समय भी उन्हें डॉक्टरों कि निगरानी में रखा गया था।

लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने खालिस्तानी समर्थकों के प्रदर्शन मामले की जांच एनआईए के हाथ

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ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने हुए प्रदर्शन मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए करेगी।अधिकारियों की ओर से मंगलवार को जारी की गई जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज मामले को अब एनआईए संभालेगी।दरअसल, प्रदर्शन मामले में पाकिस्तानी और खालिस्तानी समर्थकों से जुड़ी साजिश के इनपुट्स मिले है जिसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज मामले को टेकओवर कर लिया है।गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय दूतावास के समक्ष प्रदर्शन करने वाले खलिस्तानी व उनके समर्थकों के खिलाफ 24 मार्च को मुकदद्दमा दर्ज किया

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खालिस्तानी समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, UAPA और PDPP एक्ट के तहत मामला दर्ज कर किया गया था।विदेश मंत्रालय ने लंदन में भारतीय दूतावास पर हुए प्रदर्शन के बाद कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था जिसके बाद गृह मंत्रालय ने उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को आदेश दिया था।अब यह मामला एनआईए के पास चला गया है। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समेत खालिस्तानी आंतकियों की भूमिका देखने को मिली है जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मामले में जांच की हरी झंडी मिली है।हालांकि, एनआईए की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बता दें कि, 19 मार्च को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तिरंगे का अपमान भी होते दिखा था। खालिस्तानी समर्थकों ने लंदन में भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ करने और परिसर में लगे भारतीय तिरंगे को हटाने की कोशिश की थी. पंजाब पुलिस द्वारा पंजाब में अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के एक दिन यह घटना हुई थी। इस घटना के बाद गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तानी और उनके समर्थकों के खिलाफ 24 मार्च को मुकदमा दर्ज किया था।

बिलकिस बानो केसःसुप्रीम कोर्ट ने कहा-भयानक था बिलकिस के खिलाफ अपराध, दोषियों को पैरोल पर उठाए सवाल

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सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को गुजरात के बिलकिस बानो केस की सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने राज्य सरकार से दोषियों को समय से पहले रिहाई देने का कारण पूछा। साथ ही रिहाई से जुड़ी फाइल दिखाने के लिए कहा।दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार को निर्देश दिया था कि वो 11 दोषियों को रिहा करने संबंधी दस्तावेज पेश करें। अब दोनों ही सरकारों ने इससे इनकार कर दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को चुनौती भी दी जा सकती है।

केंद्र और गुजरात सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि मामले में दोषियों को छूट पर मूल फाइलें मांगने के 27 मार्च के आदेश की समीक्षा के लिए याचिका दायर की जा सकती है।केंद्र और गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ये बात कही। दोषियों को दी गई छूट के संबंध में जो भी फाइलें हैं, सरकारें उन्हें विशेषाधिकार का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं करना चाहती हैं।

बिलकिस बानो केस में दोषियों को पैरोल देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता पर राज्य को विचार करना चाहिए था। जिस तरह से ‘सेब की तुलना संतरे से नहीं की जा सकती’। ठीक वैसे ही नरसंहार की तुलना एक हत्या से नहीं की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट गुजरात सरकार से जानना चाहती है कि आखिर वो क्या कारण थे, जिनके आधार पर दोषियों को जल्द रिहा करने का फैसला किया गया। सुनवाई कर रहे जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि जब इस तरह के जघन्य अपराधों में छूट दी जाती है तो उससे समाज पर असर पड़ता है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये जिस तरह का अपराध था, वो भयानक था। इस मामले के हर दोषी को 1000 दिन से अधिक की पैरोल मिली। यहां तक की एक दोषी को तो 1500 दिन की पैरोल मिली। कोर्ट ने कहा कि आपकी शक्ति का उपयोग जनता की भलाई के लिए होना चाहिए।उच्चतम न्यायालय ने ये भी कहा कि ये एक समुदाय और समाज के खिलाफ अपराध है। आप क्या संदेश दे रहे हैं? आज बिलकिस है, कल कोई और हो सकता है।

मुंबई में खुला देश का पहला एपल स्टोर, जानिए इसमें क्या है खास

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आईफोन निर्माता एपल ने मंगलवार को भारत में अपने पहले एपल स्टोर की शुरुआत कर दी है। एपल के सीईओ टिम कुक ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में भारत के पहले एपल स्टोर का उद्घाटन किया। स्टोर के उद्घाटन के बाद कुक खुद ग्राहकों से गर्मजोशी से मिले।

सीईओ टिम कुक ने उद्घाटन करते हुए भारत में एपल के पहले रिटेल स्टोर ने ग्राहकों के लिए दरवाजे खोले। करीब 100 से अधिक कर्मचारियों और अन्य लोगों के जोशीले नारों के बीच कुक स्टोर के अंदर से दरवाजे खोलकर बाहर निकले और मेहमानों का स्वागत किया। कुक ने स्टोर में वापस जाने से पहले करीब सात मिनट तक लगभग एक दर्जन ग्राहकों का स्वागत किया। कुक ने ग्राहकों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। 20 हजार स्क्वेअर फीट क्षेत्र में बने इस स्टोर का किराया 42 लाख रुपए प्रति माह है।

एपल स्टोर का डिजाइन काफी शानदार और एनर्जी-एफिशिएंट है। एपल स्टोर को रिन्यूएबल एनर्जी के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यानी यह पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी पर चलता है। स्टोर में न के बराबर लाइट का इस्तेमाल किया गया है।

20 अप्रैल को दूसरा स्टोर दिल्ली में खुलेगा

यह देश में एपल का पहला आधिकारिक स्टोर है। कंपनी 20 तारीख को दिल्ली में भी अपना स्टोर खोलने जा रही है। एपल के पास भारत के लिए बहुत बड़ी योजनाएं हैं, जिसमें एक मजबूत एप डेवलपर इकोसिस्टम, स्थिरता के लिए समर्पण, कई स्थानों पर सामुदायिक कार्यक्रम और स्थानीय निर्माण शामिल हैं। एपल भारतीय मार्केट को लेकर काफी उत्साहित है। यही कारण है कि एपल के सीईओ टिम कुक पहले एपल स्टोर की लॉन्चिंग के लिए एक दिन पहले ही भारत आ गए थे

22 ब्रांड की नो एंट्री

कंपनी ने लीज एंग्रीमेंट में 22 कंपनियों को रिलायंस जिओ वर्ल्ड ड्राइव मॉल में एंट्री से रोक लगाने के प्रावधान तय कर दिए हैं। इसमें अमेजन, फेसबुक, एलजी,गूगल, सोनी, ट्विटर जैसे ब्रांड पूरे एरिया में न तो अपने स्टोर खोल पाएंगे, न तो होर्डिंग लगा पाएंगे और न ही विज्ञापन कर पाएंगे। जाहिर है इस एंग्रीमेंट के जरिए एप्पल भारत में अपने पहले स्टोर को पूरी तरह एक्सक्लूसिव बनाना चाहता है और अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को कंप्टीशन से दूर रखना चाहता है।

बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को अजित पवार ने नकारा, कहा-'एनसीपी में हूं और यहीं रहूंगा'

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एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर चुप्पी तोड़ी है। भाजपा में जाने की अटकलों को अजित पवार ने खारिज कर दिया है। अजित पवार ने कहा है कि वह एनसीपी में हैं और एनसीपी में ही रहेंगे।

एनसीपी नेता और नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी के साथ जाने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया। अजीत पवार ने पार्टी छोड़ने की सभी खबरों को केवल एक अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि जो खबर दिखाई जा रही उसमें कोई तथ्य नहीं है। बिना वजह ऐसी गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा जो खबर फैलाई जा रही है, उसमें इंच भर भी सच्चाई नहीं है।

अजित पवार ने कहा कि खबर में कहा जा रहा है कि मैंने एनसीपी के 40 विधायकों की सहमति भी हासिल कर ली है। हस्ताक्षर भी करवा लिए हैं। राज्यपाल को अपने समर्थकों की सूची देने जा रहा हूं। ये सारी खबरें बेबुनियाद है। जो विधायक मुझसे मिलने आज आ रहे हैं, उनके बारे में इसी तरह के कयासों को हवा दी जा रही है। ये बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी खबरों से कार्यकर्ता के मन में भ्रम पैदा होता है। शरद पवार के नेतृत्व में हम सब साथ हैं। जानबूझकर ऐसी खबरों को फैलाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें असामयिक बारिश, मंहगाई , बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जाती हैं। 

इससे पहले एनसीपी मुखिया शरद पवार भी अजित पवार के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर चुके हैं। शरद पवार ने कहा कि 'इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार ने कोई बैठक नहीं बुलाई है, वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं और ये सब उनके दिमाग की उपज है। 

बता दें कि प्रकाश अंबेडकर ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि अगले 15 दिनों में दो बड़े राजनीतिक धमाके होने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा है कि 'इनमें से एक धमाका दिल्ली में होगा और एक महाराष्ट्र में। जिसके बाद से महाराष्ट्र की राजनीति गलियारों में खलीबली मची हुई थी।

लापता होने के दावे के बीच मुकुल रॉय दिल्ली पहुंचे, बेटे ने संपर्क नहीं होने पर पुलिस में दर्ज कराई थी शिकायत

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सीनियर लीडर मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बीते सोमवार को अपने पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। मुकुल के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने यह दावा किया था कि रॉय का सोमवार शाम से कोई पता नहीं है। उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।हालांकि, इन खबरों के बीच खबरों के बीच मुकुल रॉय ने अपने दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी खुद दी है। मुकुल रॉय ने खुद बताया कि वह अपने निजी काम से दिल्ली आए है। 

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टीएमसी नेता मुकुल रॉय ने बता कि वे निजी काम से दिल्ली आए हैं। रॉय ने पत्रकारों से कहा कि वो राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए हैं लेकिन उनका ‘‘कोई खास एजेंडा’’ नहीं है। रॉय बोले, ‘‘मैं कई सालों तक संसद सदस्य रहा हूं। क्या मैं दिल्ली नहीं आ सकता? पहले भी, मैं नियमित तौर पर दिल्ली आता रहता था।

भले ही मुकुल रॉय अपने दिल्ली दौरे को ‘‘कोई खास एजेंडा’’ नहीं बता रहे हों, लेकिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में उनके राजनीतिक कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।मुकुल रॉय का अचानक दिल्ली पहुंचना कई सारे संदेश दे रहा है। इसको लेकर सियासी सुगबुगाहट तेज हो गई है। बंगाल में टीएमसी भी उनके अचानक दिल्ली पहुंचने से हैरान है। कहा जा रहा है कि मुकुल रॉय कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

इससे पहले बेटे शुभ्रांशु रॉय ने यह दावा किया था कि रॉय का सोमवार शाम से कोई पता नहीं है। उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। शुभ्रांशु ने बताया कि रॉय सोमवार शाम को इंडिगो की फ्लाइट (6E-898) से दिल्ली के लिए निकले थे। उन्हें रात 9.55 बजे तक दिल्ली लैंड होना था, लेकिन अब उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। बीते कल शुभ्रांशु ने कोलकाता एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में इसे लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी।

बता दें कि मुकुल रॉय ने 2017 में तृणमूल कांग्रेस से मतभेद के बाद भाजपा के साथ जुड़े थे। 2020 में वह भाजपा के राष्ट्र उप अध्यक्ष भी थे। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा की तरफ से जीत भी हासिल की थी, लेकिन बाद परिणाम मिलने के एक महीने बाद ही वह तृणमूल कांग्रेस में वापस चले गए।हालांकि, टीएमसी में वापसी के बाद से ही वह लोगों की नजरों से दूर रह रहे हैं।कभी मुकुल रॉय का कद टीएमसी में कभी ममता बनर्जी के बाद दूसरे नंबर का हुआ करता था।

केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग पहुंचे ऊखीमठ, उनकी मौजूदगी में 25 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट


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केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच गए हैं। उनकी मौजूदगी में 25 अप्रैल को सुबह 6:10 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इससे पूर्व रावल 20 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना में शामिल होंगे।

सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे रावल भीमाशंकर लिंग अपने शिष्य केदार लिंग के साथ ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग और टी. गंगाधर लिंग और मंदिर के वेदपाठियों ने उनका स्वागत किया। 21 अप्रैल को रावल भीमाशंकर लिंग भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान कराएंगे।

रावल 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचे

इसके बाद केदारनाथ धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी बागेश लिंग को धाम की छह माह की पूजा का संकल्प कराएंगे और पगड़ी व अचकन पहनाएंगे। इसके बाद रावल भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति को स्वर्ण मुकुट पहनाएंगे। वे देवदर्शनी तक डोली को धाम के लिए विदा करेंगे। इसके बाद, रावल 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेंगे।

25 अप्रैल को सुबह 5.30 बजे रावल भीमाशंकर लिंग बाबा केदार की पंचमुखी डोली व छड़ी के साथ मंदिर में प्रवेश करेंगे। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने बाद सुबह 6:10 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद रावल ओंकारेश्वर मंदिर लौट आएंगे और जरूरी अवसरों पर धाम जाएंगे। पुजारी शिव शंकर लिंग ने बताया कि रावल पूरी तरह से स्वस्थ हैं।