उत्तर प्रदेश में अतीक अहमद की हत्या पर मायावती ने उठाए सवाल, कहा- UP बना एनकाउंटर प्रदेश, सुप्रीम कोर्ट से भी संज्ञान लेने की अपील

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गैंग्स्टर अतीक अहमद की कल देर रोत गोली मारकर सरेराह हत्या कर दी है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) चीफ और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में पूछा है कि उत्तर प्रदेश का एनकाउंटर प्रदेश बन जाता कितना उचित है? इसके अलावा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है।

मयावती ने लिखा, गुजरात जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हुई हत्या, उमेश पाल जघन्य हत्याकांड की तरह ही है। यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।

वह आगे लिखती हैं, देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिंतनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून के राज के बजाय, अब इसका एनकाउंटर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात है।

 बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की शनिवार रात कॉल्विन अस्पताल परिसर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मेडिकल जांच के लिए पुलिस दोनों भाइयों को लेकर रात करीब दस बजे कॉल्विन अस्पताल पहुंची थी जहां गेट पर मीडियाकर्मी बने तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद तीनों हमलावरों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हुआ है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुराने शहर में अफरातफरी के हालात बन गए। चकिया में तोड़फोड़ और गाड़ियों पर पथराव शुरू हो गया। देर रात पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जिसे देखते हुए शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है।

हमले के बाद पुलिस तुरंत अतीक-अशरफ को अस्पताल के अंदर ले गई लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सनसनीखेज हत्याकांड की सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके नाम शनि, अरुण और लवलेश है। इनसे पूछताछ जारी है। घटनास्थल पर मीडिया का एक कैमरा, पिस्टल और एक बाइक पड़ी मिली है। वहीं इस घटना की खबर फैलते ही पुराने शहर ने अफरातफरी मच गई और दुकानें व बाजार बंद हो गए।

अतीक-अशरफ हत्याकांड की न्यायिक जांच होगी, प्रदेश में हाई अलर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित करने का निर्देश दिया है। पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट करते हुए सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को देर रात हुई इस घटना का संज्ञान लेते हुए उन्होंने तत्काल उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन के निर्देश भी दिए। इससे पहले उन्होंने प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, डीजीपी डॉ. आरके विश्वकर्मा और स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत अन्य अफसरों के साथ अपने आवास पर बैठक में पूरे घटनाक्रम की जानकारी ल‌ी। उन्होंने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को तत्काल प्रयागराज पहुंचकर पूरी कार्रवाई की निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि ‌तीनों हमलावर मौके पर पकड़े लिए गए हैं। तीनों से पूछताछ करके पुलिस पूरी साजिश का पता लगा रही है।

अतीक अहमद हत्याकांड के तीनों आरोपियों का क्रिमिनल बैकग्राउंड

अतीक और अशरफ की हत्या के तीनों आरोपी अरुण, सनी और लवलेश आपराधिक पृष्ठभूमि से हैं. अरुण हत्या के एक मामले में शामिल है. इसके कारण ही वह पिछले 5-6 साल से परिवार के साथ नहीं रह रहा है. वहीं, सनी के खिलाफ 14-15 मामले दर्ज हैं. इसके अलावा तीसरे आरोपी लवलेश के खिलाफ एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला दर्ज है.

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यूपी पुलिस की एक टीम अतीक और अशरफ की हत्या में शामिल हमीरपुर निवासी अरुण मौर्य के घर पहुंच गई है. पुलिस ने यहां उसके परिवार के अलावा आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है. 

अतीक और अशरफ के हत्यारों से पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं. हत्यारों ने प्रयागराज में रुकने के लिए होटल लिया था. वे यहां 48 घंटे तक इस होटल को अपना ठिकाना बनाया था. अब पुलिस होटल के स्टाफ से पूछताछ कर रही है. जानकारी में पता चला कि एक हत्यारा हैंगिंग बैग लेकर आया था. वहीं बाकी हत्यारों का सामान अब भी होटल में होने की संभावना. पुलिस दूसरे होटलों में भी सुबह से छापेमारी कर रही है.

इस जांच में कोई बड़ा खुलासा भी हो सकता है. वहीं, अतीक और अशरफ के शवों का पोस्टमार्टम 3 बजे के बाद किया जाएगा.

सीएम योगी की सारी मीटिंग पोस्टपोन, प्रयागराज में क्राइम सीन पर DM-कमिश्नर की पेट्रोलिंग

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बाहुबली अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमला तब हुआ, जब पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी. तीन हमलावरों ने पुलिस की गाड़ियों पर कई राउंड फायर किए, जिसमें अतीक और अशरफ दोनों की मौत हो गई. वारदात को मीडिया के कैमरों के सामने अंजाम दिया गया.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पत्रकार बनकर पहुंचे तीन हत्यारों ने दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. करीब 40 सेकेंड में दोनों की मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने सरेंडर कर दिया. पुलिस फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है. हमले के वक्त अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए प्रयागराज के काल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था. 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हत्याकांड की जांच के लिए 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है. पूरे यूपी में धारा 144 लागू कर दी गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक आरोपियों के नाम अरुण मौर्य निवासी हमीरपुर, लवलेश तिवारी निवासी बांदा और सनी निवासी कासगंज है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना पता यही बताया है.

अतीक और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज के डीएम और पुलिस कमिश्नर का काफिला घटनास्थल के आसपास गश्त कर रहा है. प्रयागराज के साथ-साथ पूरे राज्य को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सूबे में धारा-144 लागू कर दी गई है.

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आज 5 कालिदास मार्ग पर स्थित अपने आवास पर ही रहेंगे. सारी बैठकें टाल दी गई हैं. सीएम ने आज के लिए पूर्व नियोजित सारे प्लान बदल दिए हैं. वह आज प्रयागराज में हुए हत्याकांड पर रिपोर्ट लेंगे.

उत्तरप्रदेश में माफिया अतीक अहमद की हत्‍या पर उसके वकील का चौंकाने वाला खुलासा; कहा- घटना के समय मैं बिल्कुल सामने ही था

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प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घटना मेरे सामने हुई है। अतीक व अशरफ मेडिकल चेकअप के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय लाए गए थे। पुलिस की गाड़ी से उतरकर 10 कदम चलते थे तभी उनके ऊपर हमला कर दिया गया। हमलावर मीडियाकर्मी बनकर आए थे। उन्होंने पास से गोली मारी है।

हत्‍यारों ने बिल्‍कुल सटा कर मारी गोली 

 वीडियो में भी साफ दिखाई दे रहा है क‍ि हत्‍यारों ने अतीक अहमद और अशरफ को बिल्‍कुल सटाकर गोली मारी थी।बताया जा रहा है क‍ि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ़ की हत्या करने वाले लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य को हिरासत में प्रयागराज में थाने ले ज़ाया गया है। तीनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है क‍ि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर बेहद नाराज हैं और उन्होंने DGP को भी तलब किया है।

इन मुकदमों से अलग हो जाएगा अतीक और अशरफ का नाम

उमेश पाल अपहरण कांड में सजा पाने वाले अतीक के खिलाफ कई और मुकदमे भी कोर्ट में चल रहे थे, जिसमें जिरह हो थी। अब अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद ऐसे कई मुकदमों से अलग होने की बात कही जा रही है। इसमें कई मुकदमे अहम हैं। l क्राइम नंबर 408/19, थाना धूमनगंज, सरकार बनाम तालिब उर्फ एसपी सिटी। मुकदमा वादी प्रापर्टी डीलर जैद खालिद का आरोप है कि माफिया अतीक अहमद के कहने पर कुछ लोगों ने उसका अपहरण किया।

देवरिया जेल में अतीक ने बेरहमी से पिटाई की और जमीन न देने पर जान से मारने की धमकी दी। l क्राइम नंबर 69/2008, गैंगस्टर एक्ट, थाना धूमनगंज। वादी तत्कालीन थाना प्रभारी धूमनगंज। रुखसाना के पति सादिक की गवाही पूरी हो गई है और जिरह जारी है। राजू पाल हत्याकांड के बाद तीन मुकदमों को मिलाकर पुलिस ने गैंगस्टर लगाया था, जिसमें माफिया अतीक मुख्य अभियुक्त है। इसी मुकदमे में विधायक पूजा पाल भी गवाह है। l क्राइम नंबर 135/2016, थाना धूनमगंज, वादी जयश्री उर्फ सूरजकली। इसमें माफिया अतीक और और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ आरोपित है।

आरोप है कि अतीक ने साथियों के साथ उसको और उसके बेटे नरेंद्र को गोली मारी थी, जिससे दोनों घायल हुए थे। l थाना धूमनगंज, वादी महेंद्र सिंह पटेल उर्फ बुद्धि पटेल। माफिया अतीक अहमद पर आरोप है कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह रहे महेंद्र सिंह को अपने पक्ष में गवाही देने के लिए अपहरण किया। जान से मारने की धमकी दिया और जबरन अपने पक्ष में गवाही दर्ज कराई।

काफी धमाकेदार है 'कंगुवा' का टीजर, जानिए, सुपरस्टार सूर्या के साथ बनेगी इस बॉलीवुड एक्ट्रेस की जोड़ी, फैन्स को भी बेसब्री से इंतजार

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तमिल फिल्म एक्टर सूर्या शिवकुमार की साउथ जोन के साथ ही नॉर्थ साइड भी अच्छी फैन फॉलोइंग है। बीते कुछ वक्त में 'जय भीम' जैसी फिल्मों से हिंदी बेल्ट में भी उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग बन गई है। हाल ही में यह एक्टर अपनी 42वीं फिल्म को लेकर सुर्खियों में थे। तगड़ी फैन फॉलोइंग एंजॉय करने वाले साउथ के इस एक्टर की अगली फिल्म के टाइटल की घोषणा हो चुकी है।

अभिनेता सूर्या की 42वीं फिल्म का नाम कंगुवा (Kanguva) है। एक्टर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का टाइटल लुक शेयर किया, जो फैंस के बीच काफी ज्यादा पसंद किया गया है। वहीं, फिल्म का टाइटल अनाउंसमेंट वीडियो भी काफी शानदार रहा। यह इतना कमाल का है कि बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख तक ने वीडियो और साउंड ट्रैक की तारीफ की है।

अनाउंसमेंट वीडियो की तारीफ

करीब एक मिनट के इस वीडियो में ग्राफिक्स का जमकर इस्तेमाल किया गया है। एक शख्स घोड़े पर बैठा दिखाया गया है, और उसका चेहरा मुखौटे से ढका हुआ है। उसके साथ ही चील और कुत्ते भी एनिमेटेड वर्जन में दिखाए गए हैं। पूरे वीडियो में 'कंगुवा' का साउड ट्रैक बैकग्राउंड में बज रहा है। वीडियो को देखकर लगता है कि फिल्म एक्शन से भरपूर होगी। फिल्म में शह और मात से जुड़े सीन दिखाए जाएंगे।

कब रिलीज होगी फिल्म

सूर्या शिवकुमार द्वारा अभिनीत इस फिल्म में दिशा पाटनी लीड एक्ट्रेस होंगी। इसके अलावा योगी बाबू भी प्रमुख भूमिका निभाते नजर आएंगे। इस मास एंटरटेनर फिल्म में सुपरस्टार सूर्या एक पॉवरफुल भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज डेट के लिए साल 2024 को लॉक कर दिया गया है।

सबा आजाद को छोड़ एक्स वाइफ सुजैन खान के साथ डिनर पर निकले ऋतिक रोशन, तस्वीरें वायरल होने पर फैन्स भी दे रहे जमकर प्रतिक्रिया

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 ऋतिक रोशन और सुजैन खान को अलग हुए कई साल हो चुके हैं। हालांकि यह कपल कुछ समय पहले फैंस का फेवरेट होता था। मगर अब दोनों के रास्ते अलग हैं। जहां ऋतिक रोशन अपनी प्रोफेशनल लाइफ में काफी आगे बढ़ चुके हैं, वहीं सुजैन खान के अर्सलान गोनी के साथ रिलेशन की खबरें सामने आती रहती हैं।

ऋतिक का नाम भी अभिनेत्री सबा आजाद के साथ जुड़ता है। इन खबरों के बीच एक्टर को हाल ही में एक बार फिर सुजैन खान और उनके परिवार के साथ देखा गया।

साथ दिखे ऋतिक और सुजैन

ऋतिक और सुजैन 2014 में अलग हो गए थे। इनके अलगाव की खबरों ने जहां फैंस को मायूस किया, वहीं कुछ समय बाद दोनों के किसी और को डेट करने की खबरें सामने आने लगीं। ऋतिक रोशन का नाम आज सबा आजाद के साथ जोड़ा जाता है। सुजैन खान एक्टर और मॉडल अर्सलान गोनी के साथ पार्टी और तमाम पब्लिक प्लैटफॉर्म में देखी जाती हैं। मगर इन सबके विपरीत ऋतिक और सुजैन को इस बार पब्लिक प्लैटफॉर्म पर एक साथ देखा गया।

 

रोशन फैमिली की डिनर पार्टी में शामिल हुईं सुजैन

दरअसल, शनिवार को रोशन फैमिली में डिनर पार्टी का आयोजन किया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, इस मौके पर सुजैन खान अपने भाई जायद के साथ पहुंची। उनके साथ अर्सलान गोनी भी नजर आए। जहां, सुजैन अपने पार्टनर के साथ थीं, वहीं ऋतिक बिना सबा आजाद के नजर आए। डिनर पार्टी में ऋतिक और सुजैन ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करते भी नजर आए। इस फैमिली डिनर में ऋहान, ऋदान और बाकी रिलेटिव्स भी शामिल हुए।

 वर्कफ्रंट

ऋतिक रोशन की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें, तो उनकी आखिरी फिल्म 'विक्रम वेधा' थी, जो कि सितंबर 2022 में रिलीज हुई थी। उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में 'वॉर 2' और 'फाइटर' शामिल है। 'वॉर 2' को अयान मुखर्जी डायरेक्ट करेंगे।

सबा आजाद को छोड़ एक्स वाइफ सुजैन खान के साथ डिनर पर निकले ऋतिक रोशन, तस्वीरें वायरल होने पर फैन्स भी दे रहे जमकर प्रतिक्रिया

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 ऋतिक रोशन और सुजैन खान को अलग हुए कई साल हो चुके हैं। हालांकि यह कपल कुछ समय पहले फैंस का फेवरेट होता था। मगर अब दोनों के रास्ते अलग हैं। जहां ऋतिक रोशन अपनी प्रोफेशनल लाइफ में काफी आगे बढ़ चुके हैं, वहीं सुजैन खान के अर्सलान गोनी के साथ रिलेशन की खबरें सामने आती रहती हैं।

ऋतिक का नाम भी अभिनेत्री सबा आजाद के साथ जुड़ता है। इन खबरों के बीच एक्टर को हाल ही में एक बार फिर सुजैन खान और उनके परिवार के साथ देखा गया।

साथ दिखे ऋतिक और सुजैन

ऋतिक और सुजैन 2014 में अलग हो गए थे। इनके अलगाव की खबरों ने जहां फैंस को मायूस किया, वहीं कुछ समय बाद दोनों के किसी और को डेट करने की खबरें सामने आने लगीं। ऋतिक रोशन का नाम आज सबा आजाद के साथ जोड़ा जाता है। सुजैन खान एक्टर और मॉडल अर्सलान गोनी के साथ पार्टी और तमाम पब्लिक प्लैटफॉर्म में देखी जाती हैं। मगर इन सबके विपरीत ऋतिक और सुजैन को इस बार पब्लिक प्लैटफॉर्म पर एक साथ देखा गया।

 

रोशन फैमिली की डिनर पार्टी में शामिल हुईं सुजैन

दरअसल, शनिवार को रोशन फैमिली में डिनर पार्टी का आयोजन किया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, इस मौके पर सुजैन खान अपने भाई जायद के साथ पहुंची। उनके साथ अर्सलान गोनी भी नजर आए। जहां, सुजैन अपने पार्टनर के साथ थीं, वहीं ऋतिक बिना सबा आजाद के नजर आए। डिनर पार्टी में ऋतिक और सुजैन ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करते भी नजर आए। इस फैमिली डिनर में ऋहान, ऋदान और बाकी रिलेटिव्स भी शामिल हुए।

 वर्कफ्रंट

ऋतिक रोशन की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें, तो उनकी आखिरी फिल्म 'विक्रम वेधा' थी, जो कि सितंबर 2022 में रिलीज हुई थी। उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में 'वॉर 2' और 'फाइटर' शामिल है। 'वॉर 2' को अयान मुखर्जी डायरेक्ट करेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को CBI के समन पर बोले अन्ना हजारे, जांच में दोष साबित हो जाए तो सजा मिलनी चाहिए


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शराब घोटाला मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को समन भेजने पर दिल्ली में सियासी घमासान मचा हुआ है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे केजरीवाल को गिरफ्तार करने की बीजेपी की साजिश करार दे रही है तो वहीं बीजेपी भी आप और केजरीवाल पर लगातार हमलावर है। अन्ना हजारे ने भी केजरीवाल को लेकर बयान दिया है। दिल्ली शराब घोटाले की जांच करते हुए अब सीबीआई सीएम केजरीवाल तक पहुंच गई है। दिल्ली सीएम से पूछताछ के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की गई है और इसके लिए उन्हें समन जारी किया गया है। केजरीवाल को मिले समन पर अन्ना हजारे ने प्रतिक्रिया दी है। अन्ना हजारे ने मीडिया से कहा है की कुछ दोष दिखाई दे रहा इसलिए पूछताछ होगी, अगर गलती की है तो सजा होनी चाहिए।

अन्ना हजारे ने कहा, ''मैंने तो पहले भी एक लेटर लिखा था, शराब के बारे में क्यों सोचते हैं, अच्छी बातें सोचो, पैसे के लिए कुछ भी करना ठीक नहीं, शराब ने किसी का भला किया हो ऐसा तो कभी नहीं हुआ, इसलिए अभी सीबीआई ने कुछ देखा होगा तभी जांच हो रही है, अगर कोई दोष निकलता है तो सजा मिलनी चाहिए।

 कहा है कि जब ये मेरे साथ में थे तब ऐसा कोई दिन नहीं गया होगा जब मैंने यह न कहा हो कि आचार, विचार शुद्ध रखो, शुद्ध रास्ते से ही जाना है, बुराई का दाग नहीं होना चाहिए, मुझे बड़ा दुख होता है कि सिसोदिया जैसा व्यक्ति जेल में है। हमेशा समाज और देश का भला होना चाहिए खुद का नहीं।

दरअसल, दिल्ली सरकार में शराब घोटाले से हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई ने इस मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को समन भेजा है और उन्हें 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसी बीच शनिवार को खबर है कि दिल्ली विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। ये विशेष सत्र सोमवार के लिए बुलाया गया है। आम आदमी पार्टी सरकार ने यह विशेष सत्र ऐसे समय में बुलाया है, जब सीएम केजरीवाल को सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया है।

पहला आरोपः सीएम केजरीवाल ने की थी समीर महेंद्रू से बात

असल में, इस मामले में ईडी की ओर से अभी जल्द ही चार्जशीट दायर की गई थी। इसके अनुसार, सीएम केजरीवाल ने शराब कारोबारी और आबकारी नीति घोटाले के मुख्य आरोपी समीर महेंद्रू से फेसटाइम कॉल पर बात की थी। ये बातचीत आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर ने कराई थी। ईडी के मुताबिक, पिछले साल 12 और 15 नवंबर को पूछताछ के दौरान समीर महेंद्रू ने अधिकारियों को बताया था कि विजय नायर ने अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी मुलाकात तय की थी, लेकिन जब बात नहीं बन पाई तो विजय ने उनसे फेसटाइम कॉल पर सीएम अरविंद केजरीवाल से वीडियो कॉल के जरिए बात कराई थी।

दूसरा आरोपः विजय नायर को सीएम केजरीवाल ने दी शह

ईडी का कहना है कि इस बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने समीर महेंद्रू से कहा कि 'विजय नायर उनका लड़का है', वह उस पर भरोसा कर सकते हैं और उन्हें विजय के साथ रहना चाहिए। इस घोटाले में नायर आरोपियों में से एक हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, समीर महेंद्रू और विजय नायर ने कथित तौर पर दिल्ली शराब नीति घोटाले में दूसरों के साथ मिलकर साजिश रची थी। ईडी के मुताबिक, समीर महेंद्रू विजय नायर के साथ मिलकर काम कर रहा था और वह राजनेताओं और शराब कारोबारियों के साथ कई बैठकों का हिस्सा भी रहा था।

सीबीआई दफ्तर जाते वक्त अरविंद केजरीवाल के साथ रहेंगे भगवंत मान, सुरक्षा भी सख्त


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दिल्ली में कथित शराब घोटाले में सीबीआई आम आदमी पार्टी के संयोजक और सीएम अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करने जा रही है। पंजाब सीएम भगवंत मान भी केजरीवाल के साथ सीबीआई दफ्तर जाएंगे। ऐसे में वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 

दिल्ली में कथित शराब घोटाले की जांच अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गई है। इस मामले में सीबीआई आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से रविवार को पूछताछ करेगी। CBI ने उन्हें समन जारी किया है। पंजाब के सीएम भगवंत मान भी अरविंद केजरीवाल के साथ जाएंगे। दिल्ली की कैबिनेट भी केजरीवाल के साथ CBI ऑफिस जाएगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ आम आदमी पार्टी के सांसद भी रहेंगे। केजरीवाल की पेश को देखते हुए CBI दफ्तर के बाहर एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

रविवार को सुबह 11 बजे राजघाट पर दिल्ली बीजेपी केजरीवाल के खिलाफ धरना देगी। आप नेताओं द्वारा महात्मा गांधी के अपमान के विरोध में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और एलओपी रामवीर सिंह बिधूड़ी अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ धरने पर बैठेंगे।

इस बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बयान दिया है। जिसमें उन्होंने कहा, 'हमारे देश में कई राष्ट्र-विरोधी ताकतें हैं जो देश की प्रगति नहीं चाहती हैं। देश के गरीबों और दलितों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कौन नहीं चाहता है? जो लोग नहीं चाहते थे, उन्होंने मनीष सिसोदिया को जेल भेज दिया। जिन्होंने उन्हें जेल भेजा, वे देश के दुश्मन हैं।

डिटेल में जानिए, आखिर कौन हैं अतीक अहमद और उनके भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले? यूपी का बनना चाहते थे डॉन हमलावर


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कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज में शनिवार रात को अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ़ की मीडिया से बात करने दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

हत्या के बारे में अभी तक उत्तर प्रदेश की पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए हत्या के पीछे का मक़सद भी अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि पुलिस ने हत्या की पुष्टि की है और कहा है कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

गोली चलाने वाले अभियुक्तों ने पुलिस के सामने कथित तौर पर दिए अपने बयान में कहा है, "माफ़िया अतीक़ का पाकिस्तान से संबंध था। उसने और उसके गैंग में शामिल सदस्यों ने तमाम निर्दोष लोगों का कत्ल किया था। अतीक़ ज़मीन हड़पने के लिए हत्या करता था और विरोध में गवाही देने वालों को भी नहीं छोड़ता था। उसका भाई अशरफ़ भी ऐसा करता था, इसलिए हमने दोनों को मार डाला।

 गोली चलाने वाले तीनों अभियुक्त अलग-अलग मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस ये भी पता लगा रही है कि अभियुक्त कब और कैसे प्रयागराज आए थे।

जेल में हुई तीनों हमलावरों की दोस्ती

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों हमलावर शातिर अपराधी हैं। तीनों ही हत्या, लूट समेत संगीन आरोप में जेल जा चुके हैं। जेल में ही उनकी आपस में दोस्ती हो गई। ये तीनों अतीक़ और अशरफ़ की हत्या करके डॉन बनना चाहते थे।

हमलावरों की पहचान कर ली गई है. इनमें से एक हमीरपुर के हैं, एक कासगंज के और एक बांदा के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि तीनों का मानना है कि छोटे-छोटे अपराध में जेल जाने से उनका नाम नहीं हो रहा था, इसलिए वो कुछ बड़ा करने की सोच रहे थे। तीनों को इसी बीच पता चला कि अतीक़ और अशरफ़ अहमद को पुलिस हिरासत में अस्पताल ले जाया जा रहा है। तीनों ने बड़ा नाम कमाने के मक़सद से हत्या की साजिश रची। तीनों ने हत्या की योजना बनाई थी और शुक्रवार को हमला करने से पहले अस्पताल पहुंचकर रेकी की थी। इसके बाद शनिवार को तीनों ने मीडियाकर्मी बनकर अतीक़ और अशरफ़ अहमद को नज़दीक से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस ने हमलावर को पकड़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों हमलावरों के परिजनों को भी हिरासत में ले लिया गया है। हमलावरों के पास से तीन पिस्तौल बरामद की गई हैं।

शनिवार को घटना के बाद पुलिस ने भी इसकी पारथमिक जानकारी के आधार पर बताया था कि कि हमलावरों के पास से कुछ असलाह मिला है।

शनिवार की रात पुलिस अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद को लेकर पुलिस मेडिकल चेक-अप कराने के लिए काल्विन अस्पताल पहुंची थी। दोनों को पाँच दिन की रिमांड पर लाया गया था। इसी दौरान पुलिस सुरक्षा घेरे में घुसकर हमलावरों ने उन पर कई बार फ़ायरिंग की।

ये हमला उस वक्त हुआ जब अतीक़ और उनके भाई मीडिया वालों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इसी बीच एक हमलावर ने अतीक़ अहमद के कनपटी पर पिस्तौल सटाकर उन्हें गोली मार दी और उसके बाद अशरफ़ पर भी कई बार गोलियां चलाईं। हमलावरों ने गोलीबारी के बाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के अनुसार इस हमले में एक सिपाही भी घायल हुआ है और एक पत्रकार को भी चोट आई है। हत्या के बाद उत्तर प्रदेश के सभी ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी गई है और पुलिस बल गश्त कर रहे हैं।

अतीक़ अहमद पूर्व सांसद थे। उनके भाई भी पूर्व विधायक थे. दोनों भाइयों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

अतीक़ अहमद का आपराधिक रिकॉर्ड 

अतीक़ अहमद के आपराधिक इतिहास में 100 से भी अधिक मुक़दमे दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साल 1979 में पहली बार हत्या का मुक़दमा दर्ज हुआ। उस वक्त अतीक़ अहमद नाबालिग़ थे। 1992 में इलाहाबाद पुलिस ने बताया कि अतीक़ के ख़िलाफ़ बिहार में भी हत्या, अपहरण, जबरन वसूली आदि के क़रीब चार दर्जन मामले दर्ज हैं।

प्रयागराज के अभियोजन अधिकारियों के मुताबिक़, अतीक़ अहमद के ख़िलाफ़ 1996 से अब तक 50 मुक़दमे विचाराधीन हैं।

बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य अभियुक्त, मामले की जांच अब सीबीआई के पास 

28 मार्च को प्रयागराज की एमपीएमएलए अदालत ने अतीक़ अहमद को उमेश पाल का 2006 में अपहरण करने के आरोप में दोषी पाया और उम्र कै़द की सज़ा सुनाई।

उमेश पाल हत्याकांड में अब तक 6 अभियुक्तों की मौत

शनिवार को अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की गोली मारकर हत्या और उससे पहले बेटे असद की यूपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के बाद, इसी साल 24 फ़रवरी को हुई उमेश पाल की हत्या के मामले में अब तक छह अभियुक्तों की मौत हो गई है।

इनमें अतीक़ ख़ुद, उनके बेटे असद और उनके सहयोगी अरबाज़ और ग़ुलाम मोहम्मद, विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान और ग़ुलाम हसन शामिल हैं।

उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या उस वक्त की गई थी जब को कचहरी से लौट रहे थे। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की भी जान गई थी।

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार अतीक़ की पत्नी शाइस्ता परवीन, जिन पर 50 हज़ार का इनाम है वो फ़रार चल रही हैं। अतीक़ के दो बेटे उमर और अली जेल में बंद हैं. उनके दो नाबालिग़ बेटों को बाल सुरक्षा गृह में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया है।

ख़बर के अनुसार उमेश पाल की हत्या के बाद इस मामले में पहला एनकाउंटर 27 फ़रवरी को प्रयागराज में ही हुआ था. इसमें अरबाज़ की मौत हुई थी। 24 फ़रवरी को उमेश पाल पर गोली चलाने वाले हमलावर जिस गाड़ी से आए थे, उसे कथित तौर पर अरबाज़ ही चला रहे थे। इसके बाद 6 मार्च को पुलिस ने उस्मान को मुठभेड़ में मारने का दावा किया। असद और ग़ुलाम को 13 अप्रैल को झांसी में पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया। वहीं अतीक़ अहमद के बाकी सहयोगी गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर फ़रार चल रहे हैं और पुलिस ने इन पर 5-5 लाख़ रुपये का इनाम भी घोषित किया है।

अतीक़ और अशरफ़ अहमद प्रयागराज की निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च अदालत तक में ये कह चुके थे कि उनकी जान को ख़तरा है। बेटे असद की मौत से एक महीने पहले ही अतीक़ अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में जेल में अपनी सुरक्षा बढ़ाने की अर्ज़ी दी थी।