SanatanDharm

May 20 2021, 07:50

आज का राशिफल: आज  20 मई 2021 दिन गुरुवार का राशिफल

 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहो की चाल के साथ ही मनुष्य के जीवन में परिवर्तन होते रहते हैं। हर दिन मनुष्य का अलग-अलग व्यतीत होता है, क्योंकि रोजाना ही ग्रहों में छोटे-बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। यदि किसी दिन व्यक्ति की राशि में ग्रहों की स्थिति ठीक है तो इसकी वजह से व्यक्ति का दिन शुभ व्यतीत होता है, लेकिन ग्रहों की स्थिति खराब होने के कारण व्यक्ति का दिन कठिनाई पूर्वक व्यतीत होने लगता है। उस दिन व्यक्ति को हर क्षेत्र में निराशा का सामना करना पड़ता है।
आज गुरुवार के दिन आपकी किस्मत के सितारे कैसे रहेंगे? आज किन राशियों को फायदा मिलेगा और किन राशियों को नुकसान  यह जान लें

मेष :

यदि आप राजनीति या सामाजिक जीवन से जुड़े हुए हैं, तो आपके लिए आज का दिन शुभ है. आयात-निर्यात, विदेशी कार्य-व्यापार तथा विदेश यात्रा के लिए भी बेहतर समय है. आज आप भाग्य से अधिक कर्म पर भरोसा करें. जुआ-सट्टा आदि से दूर रहें. जीवनसाथी से मतभेद उत्पन्न होने के संकेत लगातार मिल रहे हैं. अतः स्वयं को शांत रखें और उनके साथ कुछ समय व्यतीत करें. घर के साजो-सामान पर व्यय हो सकता है. आपको भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलने के प्रबल आसार हैं.

वृषभ :

आपके ज्यादातर काम पूरे हो सकते हैं. अचानक कोई अच्छी खबर या आइडिया आपको मिल सकता है. कुछ ऐसी बातें या चीजें आपके सामने आएंगी जो आपको आने वाले दिनों में बड़ा फायदा दे सकती हैं. किसी के साथ अनबन चल रही है, तो आपकी सुलह हो सकती है. आपको किस्मत का साथ मिल सकता है और रुका हुआ पैसा भी मिलने के योग हैं. पार्टनर के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं. लव लाइफ के उलझे हुए मामले आज सुलझ सकते हैं. वाणी पर संयम रखें. स्टूडेंट्स फालतू बातों में न उलझें. जबरदस्ती पढ़ाई में मन लगाना पड़ सकता है. पुराने रोग भी दूर हो सकते हैं. आपकी सेहत पहले से ठीक रहेगी.

मिथुन :

आपका दिन अनुकूल रहने वाला है.आज आप अपने भविष्य की रूप रेखा बनायेंगे. वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोगों को आज अपने जूनियर से सहायता लेनी पड़ेगी. फिजूल के खर्चे कम होने से आपकी आर्थिक स्थिति और मजबूत रहेगी| छात्र किसी सवाल का जवाब ऑनलाइन जानने की कोशिश करेंगे. आपका अनुभव आज पूरे दिन आपको सफलता दिलाता रहेगा.

कर्क :

आप अपना काम अच्छा बोल कर करवा सकते हैं. मध्याह्न के बाद आप की चिंताओं में वृद्धि और उत्साह कम हो सकती है. आयात-निर्यात के साथ जुड़े व्यापारियों को धंधा में लाभ और सफलता मिलेगी. आपकी खोई हुई वस्तु वापस मिलने की संभावना है. प्रिय व्यक्ति के साथ प्रेम का सुखद अनुभव प्राप्त कर सकेंगे. निवेश करने पर आप बड़े बुजुर्गों की सलाह जरूर ले. आपको धन लाभ होगा. आप अपनी निजी उलझनों के कारण बीमार पड़ सकते है.

सिंह :

आज आप में से कुछ को अपने भागीदार या किसी करीबी सहयोगी से समस्या हो सकती है. व्यवसाय  संबंधित यात्राएं वांछित परिणाम नही दे पाएंगी. नए कार्यस्थ

SanatanDharm

May 11 2021, 09:32

आज का हिन्दू पंचांग ~ 

 दिनांक 11 मई  2021
 दिन - मंगलवार
 विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)
शक संवत - 1943
अयन - उत्तरायण
 ऋतु - ग्रीष्म 
 मास - वैशाख (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - चैत्र)
 पक्ष - कृष्ण 
 तिथि - अमावस्या रात्रि 12:29 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
 नक्षत्र - भरणी रात्रि 11:31 तक तत्पश्चात कृत्तिका
 योग - सौभाग्य रात्रि 10:43 तक तत्पश्चात शोभन
 राहुकाल - शाम 03:52 से शाम 05:30 तक 
 सूर्योदय - 06:03 
 सूर्यास्त - 19:06 
 दिशाशूल - उत्तर दिशा में
 व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या
  विशेष - अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
               हिन्दू पंचांग  
 स्कन्दपुराण‬ के प्रभास खंड के अनुसार 
"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"
जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।
         हिन्दू पंचांग  

समृद्धि बढ़ाने के लिए 
 कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।
 दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें  , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।
 *
          हिन्दू पंचांग  

 खेती के काम में ये सावधानी रहे 
ज़मीन है अपनी... खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी |

           हिन्दू पंचाग

SanatanDharm

Apr 30 2021, 08:29

आज का पंचांग:आज की तिथि, मुहूर्त के साथ जानिए आज शिव योग कब से लग रहा है..?

    30 अप्रैल। 2020

 30 अप्रैल : आज की तिथि, मुहूर्त के साथ जानिए आज शिव योग कब से लग रहा है
राष्ट्रीय मिति वैशाख 10, शक संवत् 1943 वैशाख कृष्ण, चतुर्थी, शुक्रवार, विक्रम संवत् 2078। सौर वैशाख मास प्रविष्टे 18, रमजान 17, हिजरी 1442 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 अपै्रल 2021 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्मऋतु।

राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। चतुर्थी तिथि सायं 07 बजकर 10 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ, ज्येष्ठा नक्षत्र मध्याह्न 12 बजकर 08 मिनट तक उपरांत मूल नक्षत्र का आरंभ।

परिधि योग प्रातः 08 बजकर 03 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ। बव करण प्रातः 08 बजकर 40 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा मध्याह्न 12 बजकर 08 मिनट तक वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा।

सूर्योदय का समय 30 अप्रैल: सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय 30 अप्रैल: शाम 06 बजकर 56 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त 01 मई सुबह 04 बजकर 14 मिनट से 04 बजकर 57 मिनट तक। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 52 म‍िनट से 12 बजकर 45 म‍िनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल मध्‍यरात्रि 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 06 बजकर 43 मिनट से 07 बजकर 07 मिनट तक। अमृत काल योग 01 मई सुबह 04 बजकर 22 म‍िनट से 05 बजकर 50 म‍िनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्तः
राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 07 बजकर 30 म‍िनट से 09 बजे तक यमगंड रहेगा। सुबह 10 बजकर 30 म‍िनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 08 बजकर 20 मिनट से 09 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इसके बाद रात 12 बजकर 45 म‍िनट से 01 बजकर 38 म‍िनट तक। वर्ज्य काल रात्रि 07 बजकर 30 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक।
आज के उपाय : माता लक्ष्‍मी की श्रीहर‍ि के साथ पूजा करें और व‍िष्‍णु सहस्‍त्रनाम का पाठ करें। लाभ होगा.

SanatanDharm

Apr 23 2021, 07:34

आज का हिन्दू पंचांग 

 दिनांक 23 अप्रैल 2021
 दिन - शुक्रवार
विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)
 शक संवत - 1943
 अयन - उत्तरायण
 ऋतु - ग्रीष्म 
 मास - चैत्र
 पक्ष - शुक्ल 
 तिथि - एकादशी रात्रि 09:47 तक तत्पश्चात द्वादशी
 नक्षत्र - मघा सुबह तक 07:42 तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
 योग - वृद्धि दोपहर 02:40 तक तत्पश्चात ध्रुव
 राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:37 तक
 सूर्योदय - 06:14 
 सूर्यास्त - 18:59 
 दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
 व्रत पर्व विवरण - कामदा एकादशी

  विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l    राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।

 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।

एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।

                ~ हिन्दू पंचांग ~ 

 कामदा एकादशी 
➡ 22 अप्रैल 2021 गुरुवार को रात्रि 11:36 से 23 अप्रैल, शुक्रवार को रात्रि 09:47 तक एकादशी है ।
 विशेष - 23 अप्रैल, शुक्रवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

 ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है । इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।

               ~ हिन्दू पंचांग ~ 
 शनि प्रदोष 

 शनिवार को प्रदोषकाल में त्रयोदशी तिथि हो तो उसे शनिप्रदोष कहा जाता है। 
➡ 24 अप्रैल 2021 को शनि प्रदोष है।
शनिप्रदोष व्रत की महिमा अपार है | स्कन्दपुराण में ब्राह्मखंड - ब्रह्ममोत्तरखंड में हनुमान जी कहते हैं कि 

 एष गोपसुतो दिष्ट्या प्रदोषे मंदवा सरे । अमंत्रेणापि संपूज्य शिवं शिवमवाप्तवान् ।।
मंदवारे प्रदोषोऽयं दुर्लभः सर्वदेहिनाम् । तत्रापि दुर्लभतरः कृष्णपक्षे समागते ।।



          ~ हिन्दू पंचांग ~

  • SanatanDharm
     @SanatanDharm  एक गोप बालक ने शनिवार को प्रदोष के दिन बिना मंत्र के भी शिव पूजन कर उन्हें पा लिया। शनिवार को प्रदोष व्रत सभी देहधारियों के लिए दुर्लभ है। कृष्णपक्ष आने पर तो यह और भी दुर्लभ है।
    
    ➡ संतान प्राप्ति के लिए शनिप्रदोष व्रत एक अचूक उपाय है।
    ➡ विभिन्न मतो से शनिप्रदोष को महाप्रदोष तथा दीपप्रदोष भी कहा जाता है। कुछ विद्वान केवल कृष्णपक्ष के शनिप्रदोष को ही महाप्रदोष मानते हैं।
    ➡ ऐसी मान्यता है की शनिप्रदोष का दिन शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है। अगर कोई व्यक्ति लगातार 4 शनिप्रदोष करता है तो उसके जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं साथ ही वह पितृऋण से भी मुक्त हो जाता है।