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Nov 21 2020, 16:13

‘राष्ट्रवाद’ पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामनिद अंसारी का विवादित बयान, कहा- कोरोना से पहले देश 'धार्मिक कट्टरता' और 'आक्रामक राष्ट्रवाद' जैसी महामारी का हो चुका है शिकार
  


पूर्व उपराष्ट्रपति हामनिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को लेकर विवादित टिप्पणी की है। हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को कोरोना से भी बड़ी बीमारी बताया है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि कोरोना के आने से पहले देश 'धार्मिक कट्टरता' और 'आक्रामक राष्ट्रवाद' जैसी महामारी का शिकार हो चुका है।
हामिद अंसारी कांग्रेस सांसद शशि थरूर की किताब ‘The Battle of Belonging’ के आभासी विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने देश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश ऐसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विचारधाराओं की वजह से ख़तरे में नज़र आ रहा है जो उसे ‘हम और वह’ की श्रेणी में विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं। 
अंसारी ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस संकट से पहले ही भारतीय समाज दो अन्य महामारियों- धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद का शिकार हो चुका, जबकि इन दोनों के मुकाबले देशप्रेम अधिक सकारात्मक अवधारणा है क्योंकि यह सैन्य और सांस्कृतिक रूप से रक्षात्मक है। उन्होंने कहा 4 वर्षों की छोटी अवधि में भारत ने उदार राष्ट्रवाद के बुनियादी दृष्टिकोण से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की राजनीतिक छवि निर्मित करने तक एक लंबी यात्रा तय की है, जो सार्वजनिक क्षेत्र में पूर्णतः स्थापित हो चुकी है।  उन्होंने कहा कि भारतीय समाज का बहुआयामी पहलू इसमें मौजूद 4635 समुदायों से ही स्पष्ट होता है। 
महामारी को उल्लेख करते हुए हामिद अंसारी ने कहा, “कोविड 19 एक भयावह महामारी है लेकिन इसके पहले हमारा समाज दो महामारियों का शिकार हो चुका है, धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद। धार्मिक अवधारणा को धर्म के आधार पर किए जाने वाले ढोंग के रूप में परिभाषित किया जा रहा है और आक्रामक राष्ट्रवाद के बारे में पहले ही बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यह विचारधारा के लिहाज़ से जहर जैसा है जो किसी संकोच के बिना लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों पर अतिक्रमण करता है और अधिकारों को क्षीण करता है।”
पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि रिकॉर्ड्स बताते हैं कि यह कई बार नफ़रत का रूप ले लेता है और एक ऐसी घुट्टी के रूप में काम करता है जो प्रतिशोध के लिए उकसाता है। तमाम लोगों ने इसके उदाहरण कहीं और नहीं बल्कि अपनी ही ज़मीन पर देखे होंगे। देशभक्ति स्वभाव के लिहाज़ से बेहद सकारात्मक अवधारणा है चाहे वह सांस्कृतिक रूप में हो या सैन्य रूप में। यह आम लोगों की भावनाओं को सही दिशा देती है।

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Nov 21 2020, 15:41

मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह और उसके पति को एनसीबी ने लिया हिरासत में, छापा में घर से मिला गांजा
  


नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कॉमेडियन भारती सिंह के मुंबई स्थित तीन घरों में छापेमारी की। भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया के मुंबई स्थित फ्लैट पर शनिवार को छापा मारकर गांजा जब्त किया है। इसके बाद दंपती को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी द्वारा अंधेरी, लोखंडवाला और वर्सोवा सहित तीन अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे गए। भारती और उनके पति हर्ष पर ड्रग्स लेने का आरोप है। 
मुंबई के जोनल डायरेक्टर ऑफिसर समीर वानखेड़े ने बताया, ‘भारती और उनके हसबैंड दोनों को नशीले पदार्थ रखने के मामले में सवाल जवाब के लिए हिरासत में ले लिया गया है।’ जानकारी के मुताबिक एक ड्रग्स पैडलर की निशानदेही पर भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के घर पर छापेमारी की गई। उनके घर छापामारी में संदिग्ध पदार्थ मिला है, जो गांजा माना जा रहा है। 
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आए ड्रग्स एंगल के बाद से ही एनसीबी लगातार छापेमारी कर रही है। ड्रग्स केस को लेकर एनसीबी का शिकंजा बॉलीवुड सितारों पर कसता जा रहा है।  भारती सिंह टीवी की पहली एक्ट्रेस हैं, जिनके घर एनसीबी ने छापेमारी की है। इससे पहले एनसीबी ने एक्टर और मॉडल अर्जुन रामपाल और उनकी गर्लफ्रेंड गेब्रिएला के घर पर छापा मारा था। बता दें कि 9 नवंबर को अर्जुन रामपाल के घर छापेमारी के दौरान जाँच एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त किया था और अर्जुन के ड्राइवर से भी पूछताछ की थी। 
अर्जुन रामपाल के घर पर छापे से एक दिन पहले, एनसीबी ने बॉलीवुड निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की पत्नी शबाना सईद को उपनगरीय जुहू में उनके आवास पर कथित तौर पर गांजा पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया था। 
बता दें कि बॉलिवु़ड में ड्रग्स की जाँच के लपेटे में अब तक कई सेलिब्रिटीज के नाम सामने आ चुके हैं। सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती से इसकी शुरुआत हुई और इसके बाद दीपिका पादुकोण, सारा अलि खान, रकुल प्रीत सिंह, अर्जुन रामपाल की पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स जैसे कई नामों के सामने आने का सिलसिला जारी है।

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    जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एनसीबी ने ड्रग्स से जुड़े व्हाट्सएप चैट के आधार पर बॉलिवुड में कथित नशीली दवाओं के इस्तेमाल के संबंध में जाँच शुरू की। एनसीबी ने इससे पहले सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती, उसके भाई शौविक, दिवंगत फिल्म स्टार के कुछ कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों को एनडीपीएस कानून की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य आरोपित फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। 
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    जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एनसीबी ने ड्रग्स से जुड़े व्हाट्सएप चैट के आधार पर बॉलिवुड में कथित नशीली दवाओं के इस्तेमाल के संबंध में जाँच शुरू की। एनसीबी ने इससे पहले सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती, उसके भाई शौविक, दिवंगत फिल्म स्टार के कुछ कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों को एनडीपीएस कानून की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य आरोपित फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। 
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Nov 21 2020, 14:19

ईसाई मिशनरी जेम्स जॉन ने छठ को बताया पाखंड, विडिपीडिया पेज अपडेट कर भ्रम फैलाने की कोशिश
  


भगवान, आस्था पूजा आदि से जुड़ी बातें हो रही हो तो उसमें दो शब्द और जुड़ जाते हैं, आस्तिक और नास्तिक, आस्तिक वो है, जिसे भगवान में विश्वास है, जो पूजा पाठ करता है और नास्तिक यानी जो भगवान को नहीं मानता है। हालांकि नास्तिक का अर्थ कभी भी दूसरे की आस्था पर चोट पहुंचाना नहीं है। वो अपनी व्यक्तिगत सोच है। 
वैसे इन दिनों एक ऐसी सोच हावी हो रही है, जो परंपराओं को बदलने को सोची समझी साजिश सी लगती है। बिहार समेत पूरे विश्व के हिंदुओं के महापर्व ‘छठ-पूजा’ के आयोजन से ठीक एक दिन पहले विकिपीडिया संपादक-मंडल ने ‘छठ-पूजा’ को ‘पाखंड’ बताया है। विकिपीडिया में इस तरह से हिंदुओं की आस्थाओं को चोट पहुंचाने का शर्मनाक कार्य किया है।

बता दें कि विकिपीडिया एक ओपन सोर्स पब्लिक प्लेटफॉर्म है जिसमें कोई भी व्यक्ति, तथ्यों को जोड़ अथवा घटा सकता है। इस अधिकार का प्रयोग करते हुए छठ से ठीक एक दिन पहले जेम्स जॉन नामक एक ईसाई मिशनरी ने विकिपीडिया पर पहले से मौजूद ‘छठ-पूजा’ के विषय में जानकारी प्रदान करने वाले एक पेज के कंटेंट में एक बार नहीं बल्कि चार-चार बार छेड़छाड़ करते हुए धीरे-धीरे उसके कंटेंट को भ्रामक बनाने का काम किया है।

दरअसल छठ-पूजा के समय दुनिया भर में लाखों लोग इंटरनेट पर छठ-पूजा के विषय में सर्च करते हैं। इस मौके का फायदा उठाते हुए ईसाई मिशनरी जेम्स जॉन ने छठ-पूजा से ठीक पहले 18 नवंबर, 2020 के दिन सायं 04:41 PM से 06:08 PM के मध्य क्रमशः चार बार में धीरे-धीरे करके छठ-पूजा के कंटेंट में छेड़छाड़ करके उसे एक ‘पाखंड’ के रूप में भ्रम फैलाने की कोशिश की।

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Nov 21 2020, 14:18

नगरोटा मुठभेड़- भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जताई कड़ी आपत्ति, 26/11 की बरसी पर एक बड़े हमले की थी साजिश
  


जम्मू कश्मीर के नगरोटा में हुए सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ के लेकर भारत ने पाकिस्तान से कड़ी आपत्ति दर्ज की है. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि पाकिस्तान अपने देश में आतंकियों को समर्थन देना बंद करे. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारत संकल्पित है. 

  

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गौरतलब है कि नगरोटा में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने चार आंतकियों को ढेर कर दिया था. उनके पास से भारी मात्रा में अधियार बरामद किये गये थे. शुरूआती जांच के मुताबिक आतंकियों के संबंध जैश-ए-मोहम्मद से था. घटना को लेकर दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को विदेश मंत्रालय ने समन भेजा था.  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा एनकाउंटर को लेकर शीर्ष खुफिया अधिकारियों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक की. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव समेत शीर्ष खुफिया अधिकारी शामिल हुए. 

सरकारी सूत्रों से मिली सूचना के मुताबिक, समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि 26/11 के आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़े हमले की योजना आतंकवादी बना रहे थे. इसी क्रम में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकी सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत में घुसपैठ कर जम्मू-श्रीनगर एनएच से एक ट्रक में जा रहे थे. इसी दौरान नगरोटा टोल पर जांच को लेकर सुरक्षा बलों ने ट्रक को रोका. हथियारों से लैस आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया. मुठभेड़ में चारों आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया. हालांकि, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया.

सुरक्षा बलों को मौके से 11 एके-47 राइफल, छह एके-56 राइफल, तीन पिस्टल, 29 ग्रेनेड, मोबाइल, मैगजीन के साथ-साथ गोला-बारूद भी बरामद किया था. नगरोटा एनकाउंटर को लेकर जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह ने भी कहा था कि संभव है कि आतंकी एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे.

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Nov 21 2020, 13:04

दुनिया के दिग्गज नेताओं पर मंडरा रहा कोरोना संक्रमित चिट्ठी का खतरा, इंटरपोल ने जारी की चेतावनी
  


विश्व से अभी कोरोना महामारी का खतरा टला नहीं है. कई देशों में फिर से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके कारण हालात और गंभीर हो रहे हैं पर इन सबके बीच इंटरपोल ने एक गंभीर चेतावनी दी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसी इंटरपोल ने दावा किया है कि दुनिया के दिग्गज नेताओं को कोरोना संक्रमित चिट्ठी के जरिये निशाना बनाया जा सकता है. 

  

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पत्रों के जरिये दुनिया के बड़े नेताओं को संक्रमित करने की साजिश
अपनी इस चेतावनी के साथ इंटरपोल ने दुनिया की तमाम सुरक्षा एजेंसियों से सावधानी बरतने को कहा है. इंटरपोल ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसिया कोरोना संक्रमित दस्तावेज को लेकर सावधान रहें. क्योंकि संक्रमित पत्र के जरिये दुनिया तमाम बड़े राजनीतिक दिग्गजों को निशाना बनाया जा सकता है. इसे लेकर इंटरपोल ने गाइडलाइन जारी करते हुए चेताया है और कहा है कि अपने कार्यप्रणाली के अधार पर निगरानी और मजबूत करें. 
इंटरपोल ने कहा कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री समेत वैश्विक नेता निशाने पर हैं इसलिए उनके नाम पर कोरोना संक्रमित चिट्ठी भेजी जा सकती है. इसलिए बेहद की सावधान रहने की जरूरत है. चिट्ठीयों के जरिये दुनिया के तमाम बड़े नेताओं को संक्रमित करने की साजिश रची जा रही है.

जानबूझकर संक्रमण फैलाने की कोशिश
इंटरपोल द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि ऐसे कई उदाहरण सामने आये हैं जहां पर जांच एजेंसियों के अधिकारियों, डॉक्टर्स और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को डराने के लिए चेहरे पर थूका और खांसा गया है. पर अगर ऐसा करने वाला व्यक्ति कोरोना संक्रमित है तो खतरा बढ़ सकता है. इसके साथ ही कई जगहों पर सतहों और वस्तुओं में थूकने की सूचना मिली है. इसके जरिये जानबूझकर संक्रमण फैलाने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही कुछ कोरोना संक्रमित चिट्ठियां भी बरामद हुई है. जो राजनीतिक शख्सियतों को निशाना बनान के लिए था. 
इसके साथ ही इंटरपोल ने जानकारी दी है कि कुछ लोग कोरोना संक्रमित होने के बावजूद दूसरे लोगों को संक्रमित करने के लिए बाहर घूम रहे हैं. इसके अलावा बॉडी फ्लइड्स के संक्रमित सैंपल भी ऑनलाइन बेचने की सूचना का इंटरपोल ने दावा किया है. इसलिए एजेंसी ने सभी को सतर्क रहने के लिए कहा है.

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Nov 21 2020, 11:29

मसूद अजहर के भाई के इशारे पर आतंक मचाने की थी तैयारी में, नगरोटा मुठभेड़ में मारे गए 4 आतंकी
  


जम्मु-कश्मीर के नगरोटा के पास बान टोल प्लाजा पर गुरूवार को हुए आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए थे। बताया जा रहा है कि उस दिन हुई मुठभेड़ साधारण वारदात नहीं थी, बल्कि एक खुफिया ऑपरेशन था। आतंकी संगठन जैशे मोहम्मद के चारों आतंकी अपने सरगना मौलाना मसूद अजहर के भाई मुफ्ती रऊफ असगर से भारत में बड़े हमले का फरमान पाकर आए थे। 
मारे गए आतंकियों के पास से मिले जीपीएस डिवाइस और मोबाइल फोन की आधार पर की गई शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि वे पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के ऑपरेशनल कमांडरों मुफ्ती रऊफ असगर और कारी ज़ार के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य घाटी में कहर बरपाने का था। मुफ्ती असगर जेएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र नामित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर का छोटा भाई है।

इस घटना के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक अहम बैठक की। इस बैठक में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के अलावा कई अधिकारी भी मौजूद थे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, नगरोटा एनकाउंटर में ढेर हुए चारों आतंकवादी मुंबई हमले (26/11) की बरसी के मौके पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे। समीक्षा बैठक में नगरोटा एनकाउंटर पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 4 आतंकवादियों को मार गिराया जाना और उनके पास बड़ी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों की मौजूदगी संकेत देती है कि वे तबाही और विनाश को भड़काने वाले थे, लेकिन उनके प्रयासों को एक बार फिर से विफल कर दिया गया।

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Nov 20 2020, 14:31

लव जिहाद पर राजस्थान सीएम के बयान पर बीजेपी का पलटवार, कहा- गहलोत का बयान उनकी छोटी सोच को दिखाता है 
  


लव जिहाद मामले पर बयान देकर राजस्थान के मुख्यमंत्री बीजेपी के निशाने पर आ गये हैं. लव जिहाद पर अशोक गहलोत द्वारा दिये गये बयान पर बीजेपी ने उनपर पलटवार किया है. राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनका यह बयान उनकी छोटी को दर्शाता है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि हमारी संस्कृति में, विवाह केवल एक व्यक्तिगत पसंद नहीं है, यह धर्म और समाज के अनुमोदन को भी शामिल करता है. 'लव-जिहाद' का एजेंडा, हमारी बेटियों की पीड़ा हर किसी के लिए स्पष्ट है और इसे नजरअंदाज करना उनकी (अशोक गहलोत) छोटी सोच को दर्शाता है.  	
इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री ने अशोक गहलोत ने 'लव जिहाद' को लेकर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि यह शब्द उसने देश को बांटने व सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है. गहलोत ने इस बारे में एक ट्वीट में लिखा, लव जिहाद शब्द भाजपा ने देश को बांटने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है. 

शादी विवाह व्यक्तिगत आजादी का मामला है जिस पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह किसी भी अदालत में टिक नहीं पाएगा. प्रेम में जिहाद का कोई स्थान नहीं है. गहलोत का यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनके अनुसार उत्तर प्रदेश की सरकार 'लव जिहाद' को लेकर सख्त कानून बनाने की तैयारी में है.

इसी बारे में एक और ट्वीट में गहलोत ने लिखा है कि वे देश में ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां वयस्कों की आपसी सहमति राज्य सरकार की दया पर निर्भर होगी. शादी विवाह व्यक्तिगत निर्णय होता है और वे इस पर लगाम लगा रहे हैं जो कि व्यक्तिगत आजादी छीनने जैसा ही है. गहलोत ने कहा कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने, सामाजिक तनाव बढ़ाने वाले वाला नजर आ रहा है और यह सरकार द्वारा नागरिकों से किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करने के संवैधानिक प्रावधानों के प्रतिकूल है.

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Nov 20 2020, 08:08

महाराष्ट्र में एक व्यवसायी ने की आत्महत्या, एनसीपी नेताओं के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप, केस दर्ज
  


महाराष्ट्र में एक चौंकाने वाली घटना में प्रदेश के बारामती में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के एक पड़ोसी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में एनसीपी नेताओं का नाम लिया है, रिपोर्ट्स के मुताबिक ,बारामती के रहने वाले व्यवसायी प्रीतम शाह एनसीपी के कुछ नेताओं द्वारा ब्याज के पैसे से परेशान किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली. बारामती के पुलिस निरीक्षक नामदेव शिंदे ने कहा कि व्यवसायी प्रीतम शाह के बेटे ने एनसीपी के कुछ नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जो उसके पिता को परेशान कर रहे थे.

  

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इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि कथित तौर पर, आरोपी ने प्रीतम शाह को 30% की उच्च-ब्याज दर पर पैसा उधार दिया था. प्रीतम शाह ने पहले ही ऋण चुका दिया था, हालांकि, एनसीपी के नेता शाह से अधिक धन निकालना चाहते थे और कथित तौर पर इसके लिए उसे परेशान कर रहे थे. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आरोपी उनके नाम से बंगला लेना चाहते थे.

प्रीतम शाह के बेटे प्रतीक शाह ने एनसीपी नेताओं जयसिंह अशोक देशमुख, कुणाल चंद्रकांत काले, संजय कोंडिबा केट, विकास नागनाथ धनके, प्रवीण दत्तात्रेय गलिंडे, हनुमंत सर्जराव गवली, सनी उर्फ सुनील अवाले, को नामजद आरोपी बनाया है. 
 
आरोपियों में से एक बारामती बाजार समिति का पूर्व अध्यक्ष भी है और अन्य एनसीपी के सक्रिय सदस्य हैं आरोपी व्यक्तियों में बारामती नगरपालिका के एक वर्तमान नगरसेवक, और बारामती सहकारी बैंक के निदेशक हैं. 

बारामती पुलिस ने उत्पीड़न के माध्यम से आत्महत्या करने के लिए एक व्यापारी को अपहरण करने के आरोप में शहर के वर्तमान एनसीपी नगरपालिका नेताओं सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनमें से तीन फरार हो गए हैं.

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Nov 19 2020, 20:43

जम्मू कश्मीर के नगरोटा मुठभेड़ पर बोले आईजी - डीडीसी चुनाव को निशाना बनाने के इरादे से आतंकी ने की घुसपैठ
  


जम्मू जोन के नगरोटा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराया
 

जम्मू जोन के नगरोटा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड पर जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह ने बताया कि इस मुठभेड़ में आतंकी के पास से 11 एके -47 राइफल, 3 पिस्तौल, 29 ग्रेनेड और अन्य उपकरण बरामद हुए। इलाके को घेरकर ऑपरेशन जारी है। जम्मू जोन के नगरोटा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में चार आतंकियों को मार गिराया। 

यह मुठभेड़ नगरोटा के बान टोल प्लाजा के पास हुई थी, जो अब समाप्त हो गई है। जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह ने बताया कि खुफिया जानकारी के बाद नगरोटा में सुरक्षा कड़ी की गई और हर नाके पर आने जाने वाले वाहनों की जांच शुरू की गई। 


इस दौरान सुरक्षा बलों ने बान टोल प्लाजा के पास एक नाका लगाया था। वाहनों की जांच के दौरान सुबह 5 बजे एक ट्रक को रोका गया।

बड़े हमले के इरादे से आतंकी की घुसपैठ

इस दौरान ट्रक चालक फरार हो गया। ट्रक की तलाशी के दौरान आतंकवादियों के एक समूह ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद आतंकी जंगल की तरफ भागने लगे। इस दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई। आईजी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान 4 आतंकवादी मारे गए।
उनके पास से 11 एके -47 राइफल, 3 पिस्तौल, 29 ग्रेनेड और अन्य उपकरण बरामद किए गए। ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ बड़ा करने के इरादे से घुसपैठ की थी और कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। अभी भी ऑपरेशन चल रहा है। ट्रक चालक फरार है, हम उसकी तलाश कर रहे हैं।
यह संभव है कि वे एक बड़े हमले की योजना बनाकर डीडीसी चुनाव को निशाना बना रहे थे।हालांकि, हम जांच कर रहे हैं।इस मुठभेड़ को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा चार आतंकवादियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गए।


मौके पर उन्हें अस्पताल भेज दिया गया। अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ और जम्मू और कश्मीर पुलिस को सांबा सेक्टर से नगरोटा टोल प्लाजा की ओर आतंकवादियों की घुसपैठ के बारे में इनपुट मिला था। इस सूचना के तहत सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया था। जिसमें आतंकवादी फंस गए और उन्हें मौके पर ढेर कर दिया गया।

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Nov 19 2020, 19:43

मोदी सरकार ने लद्दाख के सीमा पर जवानों को दी कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए आवास, भारी बर्फबारी का नहीं होगा असर 
  



लद्दाख में भारतीय सेना को बड़ा तोहफा मिला है। लद्दाख में सेनाओं के लिए भारी ठंड में आवास बनाये गये है। कड़ाके की ठंड में वहां तैनात सैनिकों की अभियान क्षमता को बनाए रखने के लिए भारतीय सेना ने सेक्टर में मौजूद सभी जवानों के लिए घर की व्यवस्था की है। इन आवासों में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। जैसे बिजली, पानी, जगह को गर्म रखने की सुविधा, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि व्यवस्था होगी। 

  

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सेना के बयान मुताबिक, पूर्वी लद्दाख में तापमान शून्य से 30-40 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिरता है और नवंबर के बाद वहां 40 फुट तक बर्फ गिरती है। इसके अलावा, कुछ समय के लिए वहां तक का सड़क मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इसके अलावा, कुछ समय के लिए वहां तक का सड़क मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में तैनात सभी सैनिकों के लिए आवास की व्यवस्था कर ली है ताकि कड़ाके की ठंड में उनकी अभियान क्षमता यथावत बनी रहे। 

भारतीय सेना ने बुधवार को बताया कि तमाम सुविधाओं से युक्त परंपरागत स्मार्ट कैंप के अलावा बिजली, पानी, जगह को गर्म रखने की सुविधा, स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाओं से युक्त अत्याधुनिक आवासीय सुविधा की व्यवस्था की गई है। अग्रिम पंक्ति में तैनात सैनिकों को तैनाती की रणनीतिक जरुरतों के मद्देनजर गर्म रहने वाले तंबूओं (टेंट) में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए असैन्य निर्माण भी किया गया है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख में मई से ही भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध की स्थिति है। वहीं भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने हैं।