कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना,शंख पूजन का है विशेष महत्व
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कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. इस समय भगवान श्री कृष्ण का प्रिय मास यानी अगहन (Aghan) का महीना चल रहा है, जिसे मार्गशीर्ष महीना भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत 16 नवंबर से हो गई है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना अगहन मास (Aghan Maas) कहलाता है. इसी पवित्र महीने में देवी पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था और राम और सीता का विवाह भी अगहन मास में ही हुआ था. इतना ही नहीं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान भी इसी महीने में दिया था. वृंदावन के बांके बिहारी भी इसी महीने में प्रकट हुए थे और कश्यप ऋषि ने मार्गशीर्ष महीने में ही कश्मीर बसाया था. मान्यतानुसार इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है और श्री कृष्ण के साथ ही शंख की पूजा भी की जाती है. खासकर इस महीने की अष्टमी पर विशेष पूजा की जाती है, श्री राम और माता सीता का विवाह, दत्तात्रेय प्राकट्य और गीता जयंती (Geeta Jayanti) जैसे दिन व्रत किए जाते हैं.अगहन महीने को मांगलिक कार्य और शादी के हिसाब से काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में इस माह में ढेर सारे विवाह होते हैं. कार्तिक मास के बाद आने वाले महीने को ही अगहन माह कहा जाता है. इस महीने को मार्गशीर्ष (Margshirsha) भी कहते हैं. दरअसल, इस महीने का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है, इसी महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है. इसी कारण इसे मार्गशीर्ष मास भी कहा जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करने के अलावा चंद्रमा दोष से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा की जा सकती है. शंख की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है और भगवान विष्णु इसे धारण करते हैं. इस मास में तीर्थ स्थान में जाकर स्नान करने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं. इस माह में हर दिन कृं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है.












डेस्क: प्रभास और अमिताभ बच्चन की Kalki 2898 AD 27 जून को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. फिल्म को दुनियाभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. कई बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स फिल्म ने अपने नाम कर लिए हैं. फिल्म को रिलीज हुए महज 4 दिन का वक्त हुआ है, पर प्रभास ने कई बड़े सुपरस्टार्स को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 555 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.
झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के निवर्तमान सांसद जयंत सिन्हा ने पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है।उन्होंने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस पर निराशा और हैरानी व्यक्त की है।सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला है क्योंकि वह “व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं” के लिए विदेश में थे। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयंत सिन्हा को हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने और इस तरह पार्टी की छवि को खराब करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जयंत सिन्हा ने भाजपा के झारखंड महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण विदेश होने की वजह से उन्होंने डाक मत-पत्र प्रक्रिया के जरिए से मतदान किया। अगर पार्टी चाहती कि मैं किसी भी चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च को मेरी घोषणा के बाद झारखंड से एक भी वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, सांसद या विधायक मेरे पास नहीं पहुंचे। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही मुझे किसी भी रैली या संगठनात्मक बैठकों के लिए भी न्योता नहीं आया। झारखंड की हजारीबाग सीट से मौजूदा सांसद सिन्हा ने साहू को लिखे दो पेज के पत्र में कहा, पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए मनीष जायसवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च को बधाई दी थी, जोकि मेरे समर्थन का ही साक्ष्य था। उन्होंने कहा, अगर बाबूलाल मरांडी मुझे कार्यक्रम में शामिल करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जयंत सिन्हा ने कहा ‘लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने के बाद मैं कुछ निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला गया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण वहां रुकने की कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के जरिए अपना वोट दिया था इसलिए ये आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मताधिकार के कर्तव्य का पालन नहीं किया है। पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीति संबंधी पहलों में सहायता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों की सराहना की गई है। मैंने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है। बीजेपी नेता ने कहा, आपका यह रवैया समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश करने के अलावा पार्टी के सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे, ताकि आपके किसी भी संदेह को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरे लिए समझ से परे है।



1 hour and 18 min ago
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