राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

शिक्षा से समृद्धि की ओर: गढ़वा में "Garhwa Learns, Garhwa Leads" का शंखनाद, उपायुक्त ने दिया सकारात्मकता का मंत्र

गढ़वा: जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आज टाउन हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने की, जिसमें जिले भर के शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

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शिक्षक ही हैं बच्चों के भविष्य के शिल्पकार: उपायुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने शिक्षकों से नकारात्मकता को त्यागने और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील की।

"यह कार्यक्रम 'District Education Innovation Challenge' के मानकों पर जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब शिक्षक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे, तभी जिले का वास्तविक विकास होगा।"

क्या है इस कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की गई है, जिसमें 9 मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

मिशन रेड अलर्ट: बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और छीजन (Dropout) रोकना।

गढ़वा स्पीक्स: छात्रों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना।

स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड: तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा।

इग्नाइट इनोवेशन: विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि जगाना।

ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल: पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता। इसके अलावा परख, पीएम पोषण, डेस्टिनेशन और 'फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी' जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल होंगे सम्मानित

इस योजना के तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से विद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। प्रत्येक प्रभाग (Primary to Higher Secondary) में टॉप करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एनआर लकड़ा सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीआरपी, बीआरपी और बीपीएम को उनके नए दायित्वों से अवगत कराते हुए इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

गया में एस.एस. अकैडमी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई

गया: गयाजी जिले के खिजरसराय रोड स्थित मगध इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप शांति नगर में अवस्थित एस.एस. अकैडमी स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से हुई। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में नजर आए और मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि सरस्वती पूजा का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। पूजा कार्यक्रम के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में शांति, भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने एस.एस. अकैडमी स्कूल द्वारा आयोजित इस पूजा कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

*छत्तीसगढ़: इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, ब्लास्ट में 6 की मौत, 4 मजदूर गंभीर*

*छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग: 85 उप निरीक्षकों की नियुक्ति 24 घंटे में रद्द*

राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

शिक्षा से समृद्धि की ओर: गढ़वा में "Garhwa Learns, Garhwa Leads" का शंखनाद, उपायुक्त ने दिया सकारात्मकता का मंत्र

गढ़वा: जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आज टाउन हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने की, जिसमें जिले भर के शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

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शिक्षक ही हैं बच्चों के भविष्य के शिल्पकार: उपायुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने शिक्षकों से नकारात्मकता को त्यागने और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील की।

"यह कार्यक्रम 'District Education Innovation Challenge' के मानकों पर जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब शिक्षक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे, तभी जिले का वास्तविक विकास होगा।"

क्या है इस कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की गई है, जिसमें 9 मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

मिशन रेड अलर्ट: बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और छीजन (Dropout) रोकना।

गढ़वा स्पीक्स: छात्रों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना।

स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड: तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा।

इग्नाइट इनोवेशन: विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि जगाना।

ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल: पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता। इसके अलावा परख, पीएम पोषण, डेस्टिनेशन और 'फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी' जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल होंगे सम्मानित

इस योजना के तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से विद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। प्रत्येक प्रभाग (Primary to Higher Secondary) में टॉप करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एनआर लकड़ा सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीआरपी, बीआरपी और बीपीएम को उनके नए दायित्वों से अवगत कराते हुए इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

गया में एस.एस. अकैडमी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई

गया: गयाजी जिले के खिजरसराय रोड स्थित मगध इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप शांति नगर में अवस्थित एस.एस. अकैडमी स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से हुई। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में नजर आए और मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि सरस्वती पूजा का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। पूजा कार्यक्रम के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में शांति, भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने एस.एस. अकैडमी स्कूल द्वारा आयोजित इस पूजा कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

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सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

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