यूसीसी और एक देश-एक चुनाव’, बीजेपी के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने बता दिया टारगेट

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आज यानी 6 अप्रैल को भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना हुई थी। बीजेपी का आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को खास संदेश दिया।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए “मां” के समान है। पीएम मोदी ने स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक आयोजन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया।

भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही-पीएम मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश जानता है, हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है, आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ऐसे कितने ही काम हैं, जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं।''

हमारा मिशन अभी भी जारी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारा मिशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि "समान नागरिक संहिता और एक देश-एक चुनाव ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। भाजपा के कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कभी पीछे नहीं हटते।उन्हें दृढ़ विश्वास था कि वे जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य बेहतर होगा।"

कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने तप, त्याग की पराकाष्ठा की है, ये वही जान सकता है, जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। पीएओम मोदी ने कहा, कार्यकर्ताओं ने हर कठिनाई झेली, चाहे वह आपातकाल हो या कांग्रेस के शासन का दमन। कई कार्यकर्ताओं ने तो अपना जीवन भी बलिदान कर दिया। हमने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा है, जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है।"

हमने कार्यकर्ताओं का विशाल कैडर खड़ा किया

पीएम मोदी ने ने बीजेपी की यात्रा जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दिया। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।"

एस जयशंकर ने ईरान, यूएई और कतर से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

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अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार शाम को कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। कतर और यूएई के नेताओं से बात करने के तुरंत बाद, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर रविवार को चर्चा की। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

युद्ध और तनाव पर पर चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के विदेश मंत्री का आया फोन

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बताया है कि उनके पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में चल रही टेंशन को लेकर लंबी बातचीत की।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ी हलचल

ईरान के विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

आजमगढ़:-कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर बिजली विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की कटाई तेज़ी से चल रही है। पिछले वर्षों में कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसको देखते हुए विद्युत विभाग सतर्क हो गया है और अगलगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों के खेतों के पास या खेत के अंदर ट्रांसफार्मर लगे हैं, वे उसके चारों ओर लगभग पांच फीट की परिधि में गेहूं की कटाई कर लें। इसी प्रकार जहां विद्युत पोल या डबल पोल लाइन सर्किट मौजूद हैं, वहां भी आसपास का गेहूं काटकर हटा देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की आशंका कम हो सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील की कि कटाई के दौरान बिजली के तारों और पोल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं तार जर्जर अवस्था में हों, लटक रहे हों या कोई तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर स्थिति होने पर किसान विद्युत विभाग के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की मेहनत की फसल को सुरक्षित रखना

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना की बड़ी पहल, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए शुरू हुआ ट्रेनिंग प्रोग्राम।

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना (PVUNL) ने सामुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सिलाई (Tailoring) और LMV ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की है।

बारी पंचायत स्थित मातेश्वरी मैरेज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु सहगल और परियोजना के महाप्रबंधक श्री एन.के. मलिक द्वारा किया गया।

सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित होगा, जिसमें 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, 30 स्थानीय युवाओं के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग शुरू की गई है।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विस्थापित एवं परियोजना प्रभावित परिवारों की महिलाओं और युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और स्वर्णरेखा महिला समिति की सदस्याएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

पतरातू: PVUNL की नई पहल; 20 ITI प्रशिक्षित युवाओं को 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर' ट्रेनिंग के लिए जमशेदपुर भेजा गया।

पतरातू (रामगढ़): पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को निखारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार, 31 मार्च को पीवीयूएनएल ने रामगढ़ जिले और आसपास के गांवों से चयनित 20 आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं के प्रथम बैच को जमशेदपुर के लिए रवाना किया।

4 माह का आवासीय प्रशिक्षण

इन युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित जेएन टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 4 महीने का 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर एवं मेंटेनेंस' प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एक पूरी तरह से आवासीय कार्यक्रम है, जिसमें युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ सेफ्टी कोर्स और व्यावहारिक ज्ञान की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

स्टाइपेंड की भी व्यवस्था

PVUNL के सीईओ श्री ए.के. सहगल ने इस अवसर पर बताया कि प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने खर्चों को वहन कर सकें। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

एनएसबी प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षुओं को रवाना करने के दौरान सीईओ श्री ए.के. सहगल के साथ जीएम (O&M) श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (मेंटेनेंस) श्री ओ.पी. सोलंकी और हेड ऑफ एचआर श्री जियाउर रहमान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी बैच भेजे जाएंगे ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को लाभ मिल सके।

अंत में, सभी चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ बस द्वारा जमशेदपुर के लिए विदा किया गया।

Renowned Actress Kunickaa Sadanand and Dr. Kiran Chachlani Collaborate to Shape the Future of Boss Foods at Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Purask

Mumbai, India – At the prestigious Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Puraskar award night, an event celebrating exceptional contributions to society, celebrated Indian film and television actress Kunickaa Sadanand joined forces with Dr. Kiran Chachlani, Founder of Boss Chakki Fresh Atta and Boss Foods Products. The distinguished duo engaged in a compelling discussion on innovative strategies poised to redefine the future trajectory of Boss Foods.

Kunickaa Sadanand, widely recognized for her impactful roles in popular Hindi films and television serials, as well as her participation in the renowned reality show Bigg Boss, lent her vision and star power to this groundbreaking initiative. Together with Dr. Kiran Chachlani, a visionary leader committed to social responsibility and entrepreneurship, they unveiled plans that marry quality food production with meaningful community empowerment.

Dr. Chachlani is set to launch her own brand under the "Lady Boss" campaign: Boss Chakki Fresh Atta. This exclusive range includes wheat atta, besan atta, and multigrain atta, promising premium quality and freshness. Beyond delivering superior products, the campaign is dedicated to creating sustainable employment opportunities for women in Navi Mumbai. Furthermore, it supports the education and health of these women’s children, reinforcing a holistic approach to community development.

Finding your Voice in B2B-Lessons that shape Modern Marketing by Rohan J. Tonde, published by BookMyStory

Storytelling in B2B: The Most Powerful Way to Rise Above the Sea of Sameness

In the world of business-to-business communication, data has long been considered the backbone of decision-making. Reports, analytics, and metrics dominate conversations, shaping strategies across industries. However, as markets evolve and attention spans shrink, a new truth is emerging—data informs, but storytelling persuades.

This shift is explored in Finding Your Voice in B2B by Rohan J. Tonde, where storytelling is presented not as a creative add-on, but as a strategic necessity.

At the heart of this argument lies a powerful observation—the rise of the “B2B Sea of Sameness.” In today’s environment, organisations often rely on similar data sets, comparable insights, and nearly identical messaging. As a result, communication becomes repetitive, predictable, and easy to ignore.

This is where storytelling becomes a differentiator.

Storytelling in B2B is not about dramatization; it is about context and connection. It transforms information into narratives that are relatable, memorable, and meaningful. While numbers may highlight trends, stories explain the journey behind those numbers—the challenges, decisions, and outcomes.

Rohan Tonde emphasizes that in a “Sea of Sameness,” facts alone rarely stand out. It is the story around those facts that captures attention and builds trust.

One of the key strengths of storytelling is its ability to simplify complexity. In modern B2B environments, products and solutions are often sophisticated, making them difficult to communicate effectively. Stories act as bridges, helping audiences understand without overwhelming them.

The book also highlights storytelling as a leadership capability. Leaders who can articulate vision through stories are better equipped to inspire teams, align stakeholders, and drive change. In uncertain environments, where data may not provide all answers, stories offer direction and meaning.

Another important dimension is differentiation. In competitive markets where offerings are similar, storytelling helps create a unique identity. It brings human experience into business conversations, making interactions more engaging and impactful.

However, the book cautions against superficial storytelling. Authenticity remains critical. Stories must be grounded in real experiences and genuine insights. Without this foundation, storytelling risks becoming another layer of noise in the “Sea of Sameness.”

As digital platforms expand and content becomes more abundant, the ability to communicate meaningfully is becoming a core business skill. Storytelling enables professionals to connect beyond transactions and build lasting relationships.

Finding Your Voice in B2B ultimately positions storytelling as the bridge between data and influence. In a world where everyone has access to information, those who can craft meaningful narratives will stand apart.

Because in the “B2B Sea of Sameness,” it is not the loudest voice that wins—it is the one that resonates.

यूसीसी और एक देश-एक चुनाव’, बीजेपी के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने बता दिया टारगेट

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आज यानी 6 अप्रैल को भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना हुई थी। बीजेपी का आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को खास संदेश दिया।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए “मां” के समान है। पीएम मोदी ने स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक आयोजन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया।

भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही-पीएम मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश जानता है, हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है, आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ऐसे कितने ही काम हैं, जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं।''

हमारा मिशन अभी भी जारी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारा मिशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि "समान नागरिक संहिता और एक देश-एक चुनाव ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। भाजपा के कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कभी पीछे नहीं हटते।उन्हें दृढ़ विश्वास था कि वे जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य बेहतर होगा।"

कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने तप, त्याग की पराकाष्ठा की है, ये वही जान सकता है, जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। पीएओम मोदी ने कहा, कार्यकर्ताओं ने हर कठिनाई झेली, चाहे वह आपातकाल हो या कांग्रेस के शासन का दमन। कई कार्यकर्ताओं ने तो अपना जीवन भी बलिदान कर दिया। हमने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा है, जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है।"

हमने कार्यकर्ताओं का विशाल कैडर खड़ा किया

पीएम मोदी ने ने बीजेपी की यात्रा जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दिया। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।"

एस जयशंकर ने ईरान, यूएई और कतर से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

#sjaishankarspoketoqataruaeirandiscussedmiddleeastsituation

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार शाम को कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। कतर और यूएई के नेताओं से बात करने के तुरंत बाद, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर रविवार को चर्चा की। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

युद्ध और तनाव पर पर चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के विदेश मंत्री का आया फोन

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बताया है कि उनके पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में चल रही टेंशन को लेकर लंबी बातचीत की।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ी हलचल

ईरान के विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

पुरातत्व के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: मदन कुमार

भोपाल। प्रदेश की हजारों–लाखों वर्ष पुरानी स्मृतियों को यदि भौतिक रूप में सुरक्षित रखना है और अब तक हुई क्षति को न्यूनतम संभव स्तर तक लाना है, तो इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित कर प्रोत्साहित करना समय की माँग है।

यह बात आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय मदन कुमार ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला में कही। मदन कुमार ने संस्थान में इंक्युवेशन सेंटर की स्थापना में उपस्थित लोगों से नवोन्मेषी विचारों को प्रेषित कर भागीदारी करने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पाण्डे (मंदसौर), डॉ. मनोज कुमार कुर्मी (अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण), डॉ. सुरेश कुमार दुबे (झांसी) आदि अतिथि के रूप में मौजूद थे। वक्ताओं ने पुरातत्व के क्षेत्र में डॉ. वाकणकर जी के योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि मंदसौर जिले में स्थित छिब्बर नाला, दरकी चट्टान, चतुर्भज नाला के शैलचित्रों को प्रकाश में लाने का श्रेय वाकणकर जी को है। इस दौरान वाकणकर जी के समक्ष आई चुनौतियों एवं समाधान प्रयासों का उल्लेख भी किया गया। इस दौरान बताया गया कि वाकणकर जी द्वारा अपनी नागपुर यात्रा के दौरान 23 मार्च 1957 को अपनी यात्रा स्थगित कर भीमबैटका के शैलचित्रों की खोज की गई, जिसे कालंतर में विश्वधरोहर घोषित किया गया। इसी खोज के आधार पर उन्हें भारत सरकार से 1975 में पद्मश्री सम्मान मिला।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में आयुक्त पुरातत्व द्वारा प्रदेश की पुरासंपदा को रेखांकित करते हुए डिंडौरी एवं उमरिया जिलों की शैलगुहओं मटकें वाला पत्थर, डाईनासौर के जीवाष्म एवं घुघुआ फॉसिल पार्क का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि द मोनूमेंट मन फिल्म के ट्रैलर के माध्यम से फिल्म के नायकों जैसे पुरातत्व के प्रति जागरुकता लाने पर जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि यूनेस्को द्वारा एआरवीआर प्रोजेक्ट चालू किया गया। आधुनिक परिवेश में प्रदेश की पुरावशेषों एवं संस्कृतिक धरोहरों को प्रकाश में लाने एवं उनके प्रति जनजागृति लाने तथा अध्ययन के लिये विभिन्न योजना तैयार कर डॉ. वाकणकर शोध संस्थान को नोडल संस्थान के रुप में विकसित करने एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के मंतव्य से अवगत कराया। 

सम्मान सत्र भी हुआ

इस अवसर पर आयुक्त पुरातत्व द्वारा डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री प्राप्त होने पर एवं कैलाशचंद्र पाण्डे को पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए योगदान हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही वाकणकर जी की शिष्य परम्परा में राजेन्द्र नागदेव, डॉ. रेखा भटनागर व अन्य विद्वानो का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कला समय पत्रिका विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

आजमगढ़:-कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर बिजली विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की कटाई तेज़ी से चल रही है। पिछले वर्षों में कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसको देखते हुए विद्युत विभाग सतर्क हो गया है और अगलगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों के खेतों के पास या खेत के अंदर ट्रांसफार्मर लगे हैं, वे उसके चारों ओर लगभग पांच फीट की परिधि में गेहूं की कटाई कर लें। इसी प्रकार जहां विद्युत पोल या डबल पोल लाइन सर्किट मौजूद हैं, वहां भी आसपास का गेहूं काटकर हटा देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की आशंका कम हो सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील की कि कटाई के दौरान बिजली के तारों और पोल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं तार जर्जर अवस्था में हों, लटक रहे हों या कोई तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर स्थिति होने पर किसान विद्युत विभाग के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की मेहनत की फसल को सुरक्षित रखना

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना की बड़ी पहल, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए शुरू हुआ ट्रेनिंग प्रोग्राम।

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना (PVUNL) ने सामुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सिलाई (Tailoring) और LMV ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की है।

बारी पंचायत स्थित मातेश्वरी मैरेज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु सहगल और परियोजना के महाप्रबंधक श्री एन.के. मलिक द्वारा किया गया।

सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित होगा, जिसमें 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, 30 स्थानीय युवाओं के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग शुरू की गई है।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विस्थापित एवं परियोजना प्रभावित परिवारों की महिलाओं और युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और स्वर्णरेखा महिला समिति की सदस्याएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

पतरातू: PVUNL की नई पहल; 20 ITI प्रशिक्षित युवाओं को 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर' ट्रेनिंग के लिए जमशेदपुर भेजा गया।

पतरातू (रामगढ़): पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को निखारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार, 31 मार्च को पीवीयूएनएल ने रामगढ़ जिले और आसपास के गांवों से चयनित 20 आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं के प्रथम बैच को जमशेदपुर के लिए रवाना किया।

4 माह का आवासीय प्रशिक्षण

इन युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित जेएन टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 4 महीने का 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर एवं मेंटेनेंस' प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एक पूरी तरह से आवासीय कार्यक्रम है, जिसमें युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ सेफ्टी कोर्स और व्यावहारिक ज्ञान की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

स्टाइपेंड की भी व्यवस्था

PVUNL के सीईओ श्री ए.के. सहगल ने इस अवसर पर बताया कि प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने खर्चों को वहन कर सकें। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

एनएसबी प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षुओं को रवाना करने के दौरान सीईओ श्री ए.के. सहगल के साथ जीएम (O&M) श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (मेंटेनेंस) श्री ओ.पी. सोलंकी और हेड ऑफ एचआर श्री जियाउर रहमान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी बैच भेजे जाएंगे ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को लाभ मिल सके।

अंत में, सभी चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ बस द्वारा जमशेदपुर के लिए विदा किया गया।

Renowned Actress Kunickaa Sadanand and Dr. Kiran Chachlani Collaborate to Shape the Future of Boss Foods at Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Purask

Mumbai, India – At the prestigious Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Puraskar award night, an event celebrating exceptional contributions to society, celebrated Indian film and television actress Kunickaa Sadanand joined forces with Dr. Kiran Chachlani, Founder of Boss Chakki Fresh Atta and Boss Foods Products. The distinguished duo engaged in a compelling discussion on innovative strategies poised to redefine the future trajectory of Boss Foods.

Kunickaa Sadanand, widely recognized for her impactful roles in popular Hindi films and television serials, as well as her participation in the renowned reality show Bigg Boss, lent her vision and star power to this groundbreaking initiative. Together with Dr. Kiran Chachlani, a visionary leader committed to social responsibility and entrepreneurship, they unveiled plans that marry quality food production with meaningful community empowerment.

Dr. Chachlani is set to launch her own brand under the "Lady Boss" campaign: Boss Chakki Fresh Atta. This exclusive range includes wheat atta, besan atta, and multigrain atta, promising premium quality and freshness. Beyond delivering superior products, the campaign is dedicated to creating sustainable employment opportunities for women in Navi Mumbai. Furthermore, it supports the education and health of these women’s children, reinforcing a holistic approach to community development.

Finding your Voice in B2B-Lessons that shape Modern Marketing by Rohan J. Tonde, published by BookMyStory

Storytelling in B2B: The Most Powerful Way to Rise Above the Sea of Sameness

In the world of business-to-business communication, data has long been considered the backbone of decision-making. Reports, analytics, and metrics dominate conversations, shaping strategies across industries. However, as markets evolve and attention spans shrink, a new truth is emerging—data informs, but storytelling persuades.

This shift is explored in Finding Your Voice in B2B by Rohan J. Tonde, where storytelling is presented not as a creative add-on, but as a strategic necessity.

At the heart of this argument lies a powerful observation—the rise of the “B2B Sea of Sameness.” In today’s environment, organisations often rely on similar data sets, comparable insights, and nearly identical messaging. As a result, communication becomes repetitive, predictable, and easy to ignore.

This is where storytelling becomes a differentiator.

Storytelling in B2B is not about dramatization; it is about context and connection. It transforms information into narratives that are relatable, memorable, and meaningful. While numbers may highlight trends, stories explain the journey behind those numbers—the challenges, decisions, and outcomes.

Rohan Tonde emphasizes that in a “Sea of Sameness,” facts alone rarely stand out. It is the story around those facts that captures attention and builds trust.

One of the key strengths of storytelling is its ability to simplify complexity. In modern B2B environments, products and solutions are often sophisticated, making them difficult to communicate effectively. Stories act as bridges, helping audiences understand without overwhelming them.

The book also highlights storytelling as a leadership capability. Leaders who can articulate vision through stories are better equipped to inspire teams, align stakeholders, and drive change. In uncertain environments, where data may not provide all answers, stories offer direction and meaning.

Another important dimension is differentiation. In competitive markets where offerings are similar, storytelling helps create a unique identity. It brings human experience into business conversations, making interactions more engaging and impactful.

However, the book cautions against superficial storytelling. Authenticity remains critical. Stories must be grounded in real experiences and genuine insights. Without this foundation, storytelling risks becoming another layer of noise in the “Sea of Sameness.”

As digital platforms expand and content becomes more abundant, the ability to communicate meaningfully is becoming a core business skill. Storytelling enables professionals to connect beyond transactions and build lasting relationships.

Finding Your Voice in B2B ultimately positions storytelling as the bridge between data and influence. In a world where everyone has access to information, those who can craft meaningful narratives will stand apart.

Because in the “B2B Sea of Sameness,” it is not the loudest voice that wins—it is the one that resonates.