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नैनी-प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

हर वोट है जरूरी,मतदाता के रूप में आज ही पंजीकरण करवाये भारत निर्वाचन आयोग विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(SIR)-2026 अंतिम मतदाता सूची 10अप्रैल 2026 को प्रकाशित होने पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने खुशी व्यक्त की।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि यदि किसी का नाम किसी कारण वश अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है तो फॉर्म-6भर कर अपना नाम मतदाता सूची में पंजीकृत कर सकते हैं।

मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर द्वारा ऑन लाइन आवेदन किया जा सकता है तथा आवेदन फॉर्म डाउन लोड भी किया जा सकता है।अंतिम मतदाता सूची में नाम चेक करने के लिए QR स्कैन करेंl अंतिम मतदाता सूची voters.eci.gov.inतथा

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प्रदेश में दिनांक 27 अक्टूबर से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम 166 दिनो तक चले इस वृहद अभियान को निष्ठा एव लगन के साथ सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया सभी के सम्मिलित प्रयासों के फल स्वरूप युक्त वृहद कार्य का सफलता पूर्वक संभव हो सका।अंतिम मतदाता सूची" में नाम चेक की जन-जागरूकता करने वालो मे सर्वश्री राजेश पाल,सुनीता प्रजापति,रेनू पांडे,सुलोचना शुक्ला,राजेश थापा,पंकज,दलजीत कौर,हरमनजी सिंह,संजय,सरदार पतविन्दर सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक रहे।

हेमंत सोरेन और संतोष गंगवार ने किया बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण।

रांची में मंगलवार को भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं.

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ माल्यार्पण

मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन और राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं. सभी ने संयुक्त रूप से बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.

राज्यपाल ने बताया महान व्यक्तित्व

राज्यपाल संतोष गंगवार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारत के संविधान का निर्माण कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया. उन्होंने कहा कि बाबा साहब का योगदान सदैव याद रखा जाएगा और वे हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे. राज्यपाल ने उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया.

मुख्यमंत्री ने बताया देश के लिए गर्व का विषय

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हम सभी एक लोकतांत्रिक भारत में रह रहे हैं, जिसका आधार बाबा साहब का संविधान है. उन्होंने कहा कि उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है और न ही कभी छिपेगा. पूरी दुनिया उनके कार्यों और विचारों को सम्मान देती है.

समाज सुधार और संविधान निर्माण में अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा साहब ने समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए जीवनभर संघर्ष किया. उन्होंने वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं है बल्कि आज भी प्रेरणा देता है.

कार्यक्रम में दिखा एकता और सम्मान का भाव

डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना दिया. सभी ने मिलकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पीएम मोदी की देश की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी, नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी। संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है।

मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे पत्र में कहा कि 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है। समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं। मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है। संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं।

देश में जोश और उत्साह का माहौल-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगाऔर विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।

नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में दुनिया साइंस और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप्स वर्ल्ड में ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं. एकेडमिक्स, लिटरेचर, आर्ट, म्यूजिक, सिनेमा, डांस और हेरिटेज के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां बहुत प्रेरक हैं।

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर एक नजर

सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया गया था, जिसे आम तौर पर 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है। यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव की जरूरत थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

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बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति ने की मुलाकात; रिनोवेशन के लिए सरकार देगी हर संभव सहयोग

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को सीएम आवास में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर के चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और उन्हें जायजा लेने के लिए मंदिर आने का निमंत्रण दिया.

ऐतिहासिक धरोहर और आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा, “तपोवन मंदिर रांची की ऐतिहासिक धरोहर और हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. इसके रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन (सौंदर्यीकरण) कार्य में सरकार हर संभव सहयोग देगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदिर को इतना भव्य और आकर्षक बनाया जाए कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए खिंचे चले आएं.

2029 तक तैयार होगा भव्य मंदिर

नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और वर्ष 2029 तक पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर लिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में किया जा रहा है.

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे.

महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

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हर वोट है जरूरी,मतदाता के रूप में आज ही पंजीकरण करवाये भारत निर्वाचन आयोग विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(SIR)-2026 अंतिम मतदाता सूची 10अप्रैल 2026 को प्रकाशित होने पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने खुशी व्यक्त की।

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मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर द्वारा ऑन लाइन आवेदन किया जा सकता है तथा आवेदन फॉर्म डाउन लोड भी किया जा सकता है।अंतिम मतदाता सूची में नाम चेक करने के लिए QR स्कैन करेंl अंतिम मतदाता सूची voters.eci.gov.inतथा

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प्रदेश में दिनांक 27 अक्टूबर से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम 166 दिनो तक चले इस वृहद अभियान को निष्ठा एव लगन के साथ सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया सभी के सम्मिलित प्रयासों के फल स्वरूप युक्त वृहद कार्य का सफलता पूर्वक संभव हो सका।अंतिम मतदाता सूची" में नाम चेक की जन-जागरूकता करने वालो मे सर्वश्री राजेश पाल,सुनीता प्रजापति,रेनू पांडे,सुलोचना शुक्ला,राजेश थापा,पंकज,दलजीत कौर,हरमनजी सिंह,संजय,सरदार पतविन्दर सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक रहे।

हेमंत सोरेन और संतोष गंगवार ने किया बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण।

रांची में मंगलवार को भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं.

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ माल्यार्पण

मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन और राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं. सभी ने संयुक्त रूप से बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.

राज्यपाल ने बताया महान व्यक्तित्व

राज्यपाल संतोष गंगवार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारत के संविधान का निर्माण कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया. उन्होंने कहा कि बाबा साहब का योगदान सदैव याद रखा जाएगा और वे हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे. राज्यपाल ने उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया.

मुख्यमंत्री ने बताया देश के लिए गर्व का विषय

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हम सभी एक लोकतांत्रिक भारत में रह रहे हैं, जिसका आधार बाबा साहब का संविधान है. उन्होंने कहा कि उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है और न ही कभी छिपेगा. पूरी दुनिया उनके कार्यों और विचारों को सम्मान देती है.

समाज सुधार और संविधान निर्माण में अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा साहब ने समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए जीवनभर संघर्ष किया. उन्होंने वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं है बल्कि आज भी प्रेरणा देता है.

कार्यक्रम में दिखा एकता और सम्मान का भाव

डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना दिया. सभी ने मिलकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पीएम मोदी की देश की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी, नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी। संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है।

मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे पत्र में कहा कि 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है। समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं। मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है। संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं।

देश में जोश और उत्साह का माहौल-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगाऔर विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।

नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में दुनिया साइंस और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप्स वर्ल्ड में ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं. एकेडमिक्स, लिटरेचर, आर्ट, म्यूजिक, सिनेमा, डांस और हेरिटेज के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां बहुत प्रेरक हैं।

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर एक नजर

सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया गया था, जिसे आम तौर पर 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है। यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव की जरूरत थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

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बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति ने की मुलाकात; रिनोवेशन के लिए सरकार देगी हर संभव सहयोग

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को सीएम आवास में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर के चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और उन्हें जायजा लेने के लिए मंदिर आने का निमंत्रण दिया.

ऐतिहासिक धरोहर और आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा, “तपोवन मंदिर रांची की ऐतिहासिक धरोहर और हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. इसके रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन (सौंदर्यीकरण) कार्य में सरकार हर संभव सहयोग देगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदिर को इतना भव्य और आकर्षक बनाया जाए कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए खिंचे चले आएं.

2029 तक तैयार होगा भव्य मंदिर

नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और वर्ष 2029 तक पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर लिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में किया जा रहा है.

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे.

महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।