लंदन में गणतंत्र दिवस मनाएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: गांधी और आंबेडकर को देंगे श्रद्धांजलि, ब्रिटिश म्यूज़ियम का भी करेंगे दौरा

लंदन / रांची, 25 जनवरी 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन लंदन में आयोजित विभिन्न गरिमामयी कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री के ये कार्यक्रम भारतीय संविधान के शिल्पकारों को नमन करने और भारत की लोकतांत्रिक विरासत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं।

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गांधीजी और बाबा साहेब को पुष्पांजलि

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर से करेंगे, जहाँ वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर वे गांधीजी के सत्य और अहिंसा के उन वैश्विक संदेशों को स्मरण करेंगे जो आज भी दुनिया को न्याय के लिए प्रेरित करते हैं।

इसके पश्चात, मुख्यमंत्री डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर हाउस एवं संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहाँ वे भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार और सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक डॉ. बी.आर. आंबेडकर को अपनी भावांजलि अर्पित करेंगे। यह स्थल बाबा साहेब के लंदन प्रवास और उनके शैक्षणिक व सामाजिक संघर्षों की यादों को संजोए हुए है।

सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन: ब्रिटिश म्यूज़ियम दौरा

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक ब्रिटिश म्यूज़ियम (British Museum) का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा झारखंड सरकार की उन पहलों का हिस्सा है जिसके माध्यम से राज्य की प्राचीन सभ्यता और वैश्विक ऐतिहासिक संस्थानों के बीच एक दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, ये कार्यक्रम भारत के संवैधानिक मूल्यों, समानता और लोकतांत्रिक ढांचे के प्रति झारखंड सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। लंदन की धरती से मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल प्रवासी भारतीयों बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक मजबूती का परिचायक होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 26 जनवरी को झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है......बाबूलाल मरांडी

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सीएम ही नहीं राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी भी गणतंत्र दिवस पर देश से बाहर कर रहे खरीदारी

लंदन की सड़कों पर मार्केटिंग करने से राज्य नहीं चलेगा

बालू,पत्थर ,कोयला के लुटे हुए पैसे को लंदन में लूटा रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दावोस में टाटा कंपनी के साथ दबाव देकर मुख्यमंत्री ने ऑन गोइंग प्रोजेक्ट का किया एमओयू

राज्य सरकार मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे का पूरा हिसाब किताब जारी करे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधा। श्री मरांडी आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नहीं फहराया जाएगा। और इसके पीछे कोई आकस्मिक आपदा या घटना नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा है। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे सैर सपाटे और खरीदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री के द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाना देश की स्वतंत्रता,गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण साफ साफ दिखाई पड़ रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। ये वही लोग हैं जो सदन में ,सड़क पर ,चौक चौराहों पर संविधान की पुस्तक लहराते है, पॉकेट में लेकर घूमते हैं। लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं।

कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया। अन्य राज्यों से गए मुख्यमंत्री गण,पदाधिकारी गण भारत लौट आए लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर सपाटे में शामिल हैं।लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री झारखंड के बालू , पत्थर,कोयला की लूटी कमाई को लुटा रहे हैं। यह राज्य केलिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

कहा कि राज्य सरकार पूरा ब्यौरा जारी कर बताए कि आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं। गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा कौन सा महत्वपूर्व कार्य है। आखिर वहां किसके साथ मीटिंग हो रही, किसके पैसे खर्च हो रहे हैं? राज्य की जनता जानना चाहती है।

श्री मरांडी ने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा से एमओयू करने मुख्यमंत्री दावोस गए। जो टाटा कंपनी रांची में आकर एमओयू कर सकती थी। नवीन जिंदल के साथ एमओयू हुआ दावोस में ये भी रांची में हो सकता था। उन्होंने कहा कि टाटा का प्रोजेक्ट भी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है।

कहा कि जानकारी यह भी मिली है कि टाटा के 5 वर्षों से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने केलिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया।

कहा कि ऐसा लग रहा कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं। जनता की आंखों में धुल झोंक रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन देकर बड़ी बड़ी खबरें छपवा रहे हैं।

कहा कि अंग्रेजों ने लंदन से आकर भारत को लूटा अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर बालू पत्थर कोयला के लुटे पैसे को लूटा रहे।

कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है।मुख्यमंत्री को इसके पाई पाई का हिसाब जनता को देना होगा।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे।

गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

Homeopathy in Hyderabad for Fatigue: Restore Your Energy Naturally

Homeopathy in Hyderabad provides safe and holistic care for fatigue, helping restore energy, improve immunity, and reduce stress naturally.

Introduction: Understanding Fatigue

Fatigue is a persistent feeling of tiredness, weakness, and lack of energy that affects both physical and mental health. In today’s fast-paced lifestyle, people in Hyderabad frequently experience fatigue due to stress, irregular sleep, unhealthy diet, and overwork. Many individuals are now seeking homeopathy in Hyderabad as a natural and effective solution to overcome fatigue and improve overall vitality.

Persistent fatigue can impact work performance, emotional well-being, and quality of life. Left untreated, it may lead to reduced immunity, irritability, and chronic exhaustion. Homeopathy in Hyderabad focuses on treating the underlying causes of fatigue to provide lasting relief and restore balance.

Symptoms and Causes of Fatigue

Fatigue often presents as constant tiredness, low stamina, lack of focus, irritability, poor concentration, disturbed sleep, and reduced motivation. Other signs include headaches, body aches, and frequent infections.

The causes of fatigue vary but commonly include stress, anxiety, poor sleep, nutritional deficiencies, sedentary lifestyle, hormonal imbalances, and post-illness weakness. Emotional and mental strain also play a significant role. Homeopathy in Hyderabad takes a holistic approach to identify these root causes rather than merely addressing symptoms.

Homeopathy Treatment for Fatigue

Homeopathy treats fatigue by stimulating the body’s natural healing ability. Treatment is personalized based on physical symptoms, emotional state, stress levels, and lifestyle habits. Rather than providing temporary relief, homeopathy works to restore internal balance, improve energy, and strengthen immunity gradually.

This approach supports better sleep, improved digestion, reduced stress, and enhanced mental clarity. Choosing homeopathy in Hyderabad ensures gentle, safe, and long-term care suitable for individuals of all ages.

Spiritual Homeopathy Approach

Spiritual Homeopathy is dedicated to holistic, patient-centered care. The clinic emphasizes understanding each patient’s complete health profile to address fatigue at its root. With a focus on natural healing and individualized treatment, Spiritual Homeopathy is a trusted choice for people seeking reliable homeopathy in Hyderabad to regain energy and overall wellness.

Call to Action

Don’t let fatigue control your life. Choose natural and effective homeopathy in Hyderabad to restore your energy, vitality, and balance.

राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

शिक्षा से समृद्धि की ओर: गढ़वा में "Garhwa Learns, Garhwa Leads" का शंखनाद, उपायुक्त ने दिया सकारात्मकता का मंत्र

गढ़वा: जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आज टाउन हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने की, जिसमें जिले भर के शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

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शिक्षक ही हैं बच्चों के भविष्य के शिल्पकार: उपायुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने शिक्षकों से नकारात्मकता को त्यागने और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील की।

"यह कार्यक्रम 'District Education Innovation Challenge' के मानकों पर जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब शिक्षक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे, तभी जिले का वास्तविक विकास होगा।"

क्या है इस कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की गई है, जिसमें 9 मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

मिशन रेड अलर्ट: बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और छीजन (Dropout) रोकना।

गढ़वा स्पीक्स: छात्रों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना।

स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड: तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा।

इग्नाइट इनोवेशन: विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि जगाना।

ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल: पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता। इसके अलावा परख, पीएम पोषण, डेस्टिनेशन और 'फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी' जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल होंगे सम्मानित

इस योजना के तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से विद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। प्रत्येक प्रभाग (Primary to Higher Secondary) में टॉप करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एनआर लकड़ा सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीआरपी, बीआरपी और बीपीएम को उनके नए दायित्वों से अवगत कराते हुए इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

गया में एस.एस. अकैडमी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई

गया: गयाजी जिले के खिजरसराय रोड स्थित मगध इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप शांति नगर में अवस्थित एस.एस. अकैडमी स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से हुई। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में नजर आए और मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि सरस्वती पूजा का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। पूजा कार्यक्रम के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में शांति, भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने एस.एस. अकैडमी स्कूल द्वारा आयोजित इस पूजा कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

लंदन में गणतंत्र दिवस मनाएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: गांधी और आंबेडकर को देंगे श्रद्धांजलि, ब्रिटिश म्यूज़ियम का भी करेंगे दौरा

लंदन / रांची, 25 जनवरी 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन लंदन में आयोजित विभिन्न गरिमामयी कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री के ये कार्यक्रम भारतीय संविधान के शिल्पकारों को नमन करने और भारत की लोकतांत्रिक विरासत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं।

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गांधीजी और बाबा साहेब को पुष्पांजलि

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर से करेंगे, जहाँ वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर वे गांधीजी के सत्य और अहिंसा के उन वैश्विक संदेशों को स्मरण करेंगे जो आज भी दुनिया को न्याय के लिए प्रेरित करते हैं।

इसके पश्चात, मुख्यमंत्री डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर हाउस एवं संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहाँ वे भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार और सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक डॉ. बी.आर. आंबेडकर को अपनी भावांजलि अर्पित करेंगे। यह स्थल बाबा साहेब के लंदन प्रवास और उनके शैक्षणिक व सामाजिक संघर्षों की यादों को संजोए हुए है।

सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन: ब्रिटिश म्यूज़ियम दौरा

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक ब्रिटिश म्यूज़ियम (British Museum) का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा झारखंड सरकार की उन पहलों का हिस्सा है जिसके माध्यम से राज्य की प्राचीन सभ्यता और वैश्विक ऐतिहासिक संस्थानों के बीच एक दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, ये कार्यक्रम भारत के संवैधानिक मूल्यों, समानता और लोकतांत्रिक ढांचे के प्रति झारखंड सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। लंदन की धरती से मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल प्रवासी भारतीयों बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक मजबूती का परिचायक होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 26 जनवरी को झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है......बाबूलाल मरांडी

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सीएम ही नहीं राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी भी गणतंत्र दिवस पर देश से बाहर कर रहे खरीदारी

लंदन की सड़कों पर मार्केटिंग करने से राज्य नहीं चलेगा

बालू,पत्थर ,कोयला के लुटे हुए पैसे को लंदन में लूटा रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दावोस में टाटा कंपनी के साथ दबाव देकर मुख्यमंत्री ने ऑन गोइंग प्रोजेक्ट का किया एमओयू

राज्य सरकार मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे का पूरा हिसाब किताब जारी करे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधा। श्री मरांडी आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नहीं फहराया जाएगा। और इसके पीछे कोई आकस्मिक आपदा या घटना नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा है। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे सैर सपाटे और खरीदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री के द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाना देश की स्वतंत्रता,गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण साफ साफ दिखाई पड़ रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। ये वही लोग हैं जो सदन में ,सड़क पर ,चौक चौराहों पर संविधान की पुस्तक लहराते है, पॉकेट में लेकर घूमते हैं। लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं।

कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया। अन्य राज्यों से गए मुख्यमंत्री गण,पदाधिकारी गण भारत लौट आए लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर सपाटे में शामिल हैं।लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री झारखंड के बालू , पत्थर,कोयला की लूटी कमाई को लुटा रहे हैं। यह राज्य केलिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

कहा कि राज्य सरकार पूरा ब्यौरा जारी कर बताए कि आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं। गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा कौन सा महत्वपूर्व कार्य है। आखिर वहां किसके साथ मीटिंग हो रही, किसके पैसे खर्च हो रहे हैं? राज्य की जनता जानना चाहती है।

श्री मरांडी ने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा से एमओयू करने मुख्यमंत्री दावोस गए। जो टाटा कंपनी रांची में आकर एमओयू कर सकती थी। नवीन जिंदल के साथ एमओयू हुआ दावोस में ये भी रांची में हो सकता था। उन्होंने कहा कि टाटा का प्रोजेक्ट भी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है।

कहा कि जानकारी यह भी मिली है कि टाटा के 5 वर्षों से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने केलिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया।

कहा कि ऐसा लग रहा कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं। जनता की आंखों में धुल झोंक रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन देकर बड़ी बड़ी खबरें छपवा रहे हैं।

कहा कि अंग्रेजों ने लंदन से आकर भारत को लूटा अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर बालू पत्थर कोयला के लुटे पैसे को लूटा रहे।

कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है।मुख्यमंत्री को इसके पाई पाई का हिसाब जनता को देना होगा।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे।

गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

Homeopathy in Hyderabad for Fatigue: Restore Your Energy Naturally

Homeopathy in Hyderabad provides safe and holistic care for fatigue, helping restore energy, improve immunity, and reduce stress naturally.

Introduction: Understanding Fatigue

Fatigue is a persistent feeling of tiredness, weakness, and lack of energy that affects both physical and mental health. In today’s fast-paced lifestyle, people in Hyderabad frequently experience fatigue due to stress, irregular sleep, unhealthy diet, and overwork. Many individuals are now seeking homeopathy in Hyderabad as a natural and effective solution to overcome fatigue and improve overall vitality.

Persistent fatigue can impact work performance, emotional well-being, and quality of life. Left untreated, it may lead to reduced immunity, irritability, and chronic exhaustion. Homeopathy in Hyderabad focuses on treating the underlying causes of fatigue to provide lasting relief and restore balance.

Symptoms and Causes of Fatigue

Fatigue often presents as constant tiredness, low stamina, lack of focus, irritability, poor concentration, disturbed sleep, and reduced motivation. Other signs include headaches, body aches, and frequent infections.

The causes of fatigue vary but commonly include stress, anxiety, poor sleep, nutritional deficiencies, sedentary lifestyle, hormonal imbalances, and post-illness weakness. Emotional and mental strain also play a significant role. Homeopathy in Hyderabad takes a holistic approach to identify these root causes rather than merely addressing symptoms.

Homeopathy Treatment for Fatigue

Homeopathy treats fatigue by stimulating the body’s natural healing ability. Treatment is personalized based on physical symptoms, emotional state, stress levels, and lifestyle habits. Rather than providing temporary relief, homeopathy works to restore internal balance, improve energy, and strengthen immunity gradually.

This approach supports better sleep, improved digestion, reduced stress, and enhanced mental clarity. Choosing homeopathy in Hyderabad ensures gentle, safe, and long-term care suitable for individuals of all ages.

Spiritual Homeopathy Approach

Spiritual Homeopathy is dedicated to holistic, patient-centered care. The clinic emphasizes understanding each patient’s complete health profile to address fatigue at its root. With a focus on natural healing and individualized treatment, Spiritual Homeopathy is a trusted choice for people seeking reliable homeopathy in Hyderabad to regain energy and overall wellness.

Call to Action

Don’t let fatigue control your life. Choose natural and effective homeopathy in Hyderabad to restore your energy, vitality, and balance.

राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

शिक्षा से समृद्धि की ओर: गढ़वा में "Garhwa Learns, Garhwa Leads" का शंखनाद, उपायुक्त ने दिया सकारात्मकता का मंत्र

गढ़वा: जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आज टाउन हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान "Garhwa Learns, Garhwa Leads" कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने की, जिसमें जिले भर के शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

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शिक्षक ही हैं बच्चों के भविष्य के शिल्पकार: उपायुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने शिक्षकों से नकारात्मकता को त्यागने और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील की।

"यह कार्यक्रम 'District Education Innovation Challenge' के मानकों पर जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। जब शिक्षक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे, तभी जिले का वास्तविक विकास होगा।"

क्या है इस कार्ययोजना के मुख्य स्तंभ?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की गई है, जिसमें 9 मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

मिशन रेड अलर्ट: बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और छीजन (Dropout) रोकना।

गढ़वा स्पीक्स: छात्रों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना।

स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड: तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा।

इग्नाइट इनोवेशन: विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि जगाना।

ग्रीन स्कूल क्लीन स्कूल: पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता। इसके अलावा परख, पीएम पोषण, डेस्टिनेशन और 'फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी' जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल होंगे सम्मानित

इस योजना के तहत जिला स्तर पर एक कार्यदल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से विद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। प्रत्येक प्रभाग (Primary to Higher Secondary) में टॉप करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एनआर लकड़ा सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीआरपी, बीआरपी और बीपीएम को उनके नए दायित्वों से अवगत कराते हुए इस मिशन को सफल बनाने की अपील की।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

गया में एस.एस. अकैडमी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई

गया: गयाजी जिले के खिजरसराय रोड स्थित मगध इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप शांति नगर में अवस्थित एस.एस. अकैडमी स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से हुई। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में नजर आए और मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि सरस्वती पूजा का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। पूजा कार्यक्रम के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में शांति, भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने एस.एस. अकैडमी स्कूल द्वारा आयोजित इस पूजा कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/