पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति ने की मुलाकात; रिनोवेशन के लिए सरकार देगी हर संभव सहयोग

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को सीएम आवास में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर के चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और उन्हें जायजा लेने के लिए मंदिर आने का निमंत्रण दिया.

ऐतिहासिक धरोहर और आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा, “तपोवन मंदिर रांची की ऐतिहासिक धरोहर और हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. इसके रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन (सौंदर्यीकरण) कार्य में सरकार हर संभव सहयोग देगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदिर को इतना भव्य और आकर्षक बनाया जाए कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए खिंचे चले आएं.

2029 तक तैयार होगा भव्य मंदिर

नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और वर्ष 2029 तक पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर लिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में किया जा रहा है.

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे.

महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

मीट व्यवसायी के घर में लाखों की चोरी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एक रात में चोरों ने तीन घरों में चोरी की घटना को दिया अंजाम क्षेत्र में हड़कंप थरवई, प्रयागराज।थाना क्षेत्र के पान की पुलिया और पड़िला गांव में दो घरों में हुई चोरी में चोरों ने नगदी सहित लाखों का माल चुरा लें गए। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पान की पुलिया के मीट व्यवसायी मोहन भारतीया के मकान पर पीछे से चढ़े बदमाशों ने दूसरे तल पर बने कमरे में दाखिल होकर अंदर रखी आलमारी का ताला तोड़कर उसमे रखा चांदी और सोने के जेवरात और दस हजार नगदी सहित लाखों का माल उठा लें गए। इसी तरह पड़िला गांव के पूर्व लेखपाल गुरु प्रसाद के कमरे का ताला तोड़कर कई बोरी सरसों उठा लें गए। पड़िला गांव के ही कमल नारायण शर्मा का शटर का ताला तोड़ रहे थें। आसपास के लोगों के जग जाने से बदमाश भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच की। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थरवई पुलिस का कहना है की तहरीर मिली है कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

संविधान की रक्षा और भीम राव अम्बेडकर के सपनों को साकार करना समाजवादी पार्टी का उद्देश्य (इफ्तेखार हुसैन)

विश्वनाथ प्रताप सिंह

चौक महानगर कार्यालय पर बैठक में भीम राव अम्बेडकर जयंती को धूम धाम से मनाने पर हुई गहन चर्चा

प्रयागराज, समाजवाद पार्टी महानगर कार्यालय चौक में महानगर अध्यक्ष एडवोकेट सैय्यद इफ्तेखार हुसैन की अध्यक्षता व नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि के संचालन में १४ अप्रैल मंगलवार को संविधान रचयिता डॉ भीम राव अम्बेडकर जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने को एक अहम बैठक में शहर की तीनों विधानसभा में सेक्टर स्तर पर मनाने को वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया गया।श्री इफ्तेखार ने कहा इस वक़्त संविधान को तार तार करने वाली भाजपा सरकार को बेनकाब करने और संविधान की रक्षा के लिए गली मुहल्लों में संविधान निर्माता बाबा साहब के संविधान के मूल उद्देश्य से लोगों को परिचित कराने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए परिवार के लिए प्राण प्रण से लग कर उनके हक़ में खड़े रहने को बताना आवश्यक है। महासचिव रवीन्द्र यादव ने कहा बाबा साहब के संविधान की अगर सच्चे मायनों में कोई दिल से रक्षा करता नज़र आ रहा है तो वह आदरणीय अखिलेश यादव जी ही हैं आगे बताया की वोटर लिस्ट जो जारी की गई है उसमें कई विसंगति सामने आई है ऐसे में उसे सही करवाना भी समाजवादीयों का मेन उद्देश्य है।२०२७ में समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है और पीडीए परिवार ही सरकार बनवाने में अहम रोल अदा करेंगे।बैठक में विधान सभा अध्यक्षों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं व नेताओं ने सम्बोधित किया।इस मौके पर सैय्यद इफ्तेखार हुसैन,रवीन्द्र यादव,राजेश गुप्ता,मोईन हबीबी,बब्बन द्वबे,महबूब उस्मानी,शुऐब खान,संदीप यादव,महेंद्र निषाद,रवीन्द्र गुप्ता, संतोष यादव,सैय्यद मोहम्मद अस्करी,मोहम्मद शारिक़,संतोष कुमार निषाद,जीतराज हेला,तहज़ीब अली, मोहम्मद अज़हर,शकील अहमद,हरीशचंद्र श्रीवास्तव,आलोक द्वबे, मृत्युंजय पाण्डेय,भोला पाल,देवी लाल,पंकज साहू,मोहम्मद मेराज अहमद,दीलीप यादव,शाहिद प्रधान,मंजू यादव,सवीता कैथवास,आरती पाल,भोला पाल,सैय्यद मोहम्मद हामिद,प्रमोद यादव, मोहम्मद सऊद,नेपाल सिंह पटेल,जय भारत यादव,अंकित कुमार पटेल,नीरज पासी,गोलू यादव,देवी लाल, मोहम्मद सिब्तैन,दीपू सोनकर,मुकेश जायसवाल, मोहम्मद हारुन आदि उपस्थित रहे।

हाई वोल्टेज तार टूटने से भीषण आग, किसान की फसल व अनाज जलकर राख

विश्वनाथ प्रताप सिंह

उतराव। प्रयागराज, प्रयागराज के उतराव थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तम पुर गांव में सोमवार दोपहर हाई वोल्टेज बिजली का तार टूटकर गिरने से भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर भुक्तभोगी राम बाबू (पुत्र इन्द्र बहादुर) एवं ब्रिज लाल मास्टर (पुत्र पंचम) की करीब 10 विश्वा खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।

बताया जाता है कि आग इतनी तेज थी कि लगभग 10 कुंतल गेहूं अनाज भी जल गया। साथ ही रात में की गई मड़ाई का पूरा भूसा भी आग की भेंट चढ़ गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार घटना का मुख्य कारण हाई वोल्टेज तार का टूटकर गिरना है, जिससे बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हुई है।

घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड एवं थाना अध्यक्ष उतराव विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना के बाद गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई, दबंगों पर गंभीर आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

हंडिया। प्रयागराज,प्रयागराज के जनपद के उतरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत संबोधिपुर बेलवारिया गांव में दबंगों द्वारा अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। गांव निवासी मोहम्मद नियाज अहमद ने आरोप लगाया है कि उनके निजी बाग में लगे नीम और शीशम के करीब दो दर्जन पेड़ों को कुछ दबंगों ने रात के समय बिना किसी अनुमति के कटवा लिया और लकड़ी उठाकर बेच दी।

पीड़ित के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर जब वह आरोपियों से पूछताछ करने पहुंचे तो उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इससे परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। नियाज अहमद ने मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग और स्थानीय पुलिस से शिकायत की है।

शनिवार को पीड़ित ने वन क्षेत्राधिकार हंडिया एवं थाना उतरांव में नामजद प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर लक्ष्मीकांत दुबे, जो वर्तमान में हंडिया का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं, ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। शिकायत मिलने के बाद जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी अवैध कटान पर रोक लगाने की मांग की है।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति ने की मुलाकात; रिनोवेशन के लिए सरकार देगी हर संभव सहयोग

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को सीएम आवास में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर के चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और उन्हें जायजा लेने के लिए मंदिर आने का निमंत्रण दिया.

ऐतिहासिक धरोहर और आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा, “तपोवन मंदिर रांची की ऐतिहासिक धरोहर और हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. इसके रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन (सौंदर्यीकरण) कार्य में सरकार हर संभव सहयोग देगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदिर को इतना भव्य और आकर्षक बनाया जाए कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए खिंचे चले आएं.

2029 तक तैयार होगा भव्य मंदिर

नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और वर्ष 2029 तक पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर लिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में किया जा रहा है.

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे.

महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

मीट व्यवसायी के घर में लाखों की चोरी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एक रात में चोरों ने तीन घरों में चोरी की घटना को दिया अंजाम क्षेत्र में हड़कंप थरवई, प्रयागराज।थाना क्षेत्र के पान की पुलिया और पड़िला गांव में दो घरों में हुई चोरी में चोरों ने नगदी सहित लाखों का माल चुरा लें गए। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पान की पुलिया के मीट व्यवसायी मोहन भारतीया के मकान पर पीछे से चढ़े बदमाशों ने दूसरे तल पर बने कमरे में दाखिल होकर अंदर रखी आलमारी का ताला तोड़कर उसमे रखा चांदी और सोने के जेवरात और दस हजार नगदी सहित लाखों का माल उठा लें गए। इसी तरह पड़िला गांव के पूर्व लेखपाल गुरु प्रसाद के कमरे का ताला तोड़कर कई बोरी सरसों उठा लें गए। पड़िला गांव के ही कमल नारायण शर्मा का शटर का ताला तोड़ रहे थें। आसपास के लोगों के जग जाने से बदमाश भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच की। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थरवई पुलिस का कहना है की तहरीर मिली है कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

संविधान की रक्षा और भीम राव अम्बेडकर के सपनों को साकार करना समाजवादी पार्टी का उद्देश्य (इफ्तेखार हुसैन)

विश्वनाथ प्रताप सिंह

चौक महानगर कार्यालय पर बैठक में भीम राव अम्बेडकर जयंती को धूम धाम से मनाने पर हुई गहन चर्चा

प्रयागराज, समाजवाद पार्टी महानगर कार्यालय चौक में महानगर अध्यक्ष एडवोकेट सैय्यद इफ्तेखार हुसैन की अध्यक्षता व नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि के संचालन में १४ अप्रैल मंगलवार को संविधान रचयिता डॉ भीम राव अम्बेडकर जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने को एक अहम बैठक में शहर की तीनों विधानसभा में सेक्टर स्तर पर मनाने को वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया गया।श्री इफ्तेखार ने कहा इस वक़्त संविधान को तार तार करने वाली भाजपा सरकार को बेनकाब करने और संविधान की रक्षा के लिए गली मुहल्लों में संविधान निर्माता बाबा साहब के संविधान के मूल उद्देश्य से लोगों को परिचित कराने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए परिवार के लिए प्राण प्रण से लग कर उनके हक़ में खड़े रहने को बताना आवश्यक है। महासचिव रवीन्द्र यादव ने कहा बाबा साहब के संविधान की अगर सच्चे मायनों में कोई दिल से रक्षा करता नज़र आ रहा है तो वह आदरणीय अखिलेश यादव जी ही हैं आगे बताया की वोटर लिस्ट जो जारी की गई है उसमें कई विसंगति सामने आई है ऐसे में उसे सही करवाना भी समाजवादीयों का मेन उद्देश्य है।२०२७ में समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है और पीडीए परिवार ही सरकार बनवाने में अहम रोल अदा करेंगे।बैठक में विधान सभा अध्यक्षों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं व नेताओं ने सम्बोधित किया।इस मौके पर सैय्यद इफ्तेखार हुसैन,रवीन्द्र यादव,राजेश गुप्ता,मोईन हबीबी,बब्बन द्वबे,महबूब उस्मानी,शुऐब खान,संदीप यादव,महेंद्र निषाद,रवीन्द्र गुप्ता, संतोष यादव,सैय्यद मोहम्मद अस्करी,मोहम्मद शारिक़,संतोष कुमार निषाद,जीतराज हेला,तहज़ीब अली, मोहम्मद अज़हर,शकील अहमद,हरीशचंद्र श्रीवास्तव,आलोक द्वबे, मृत्युंजय पाण्डेय,भोला पाल,देवी लाल,पंकज साहू,मोहम्मद मेराज अहमद,दीलीप यादव,शाहिद प्रधान,मंजू यादव,सवीता कैथवास,आरती पाल,भोला पाल,सैय्यद मोहम्मद हामिद,प्रमोद यादव, मोहम्मद सऊद,नेपाल सिंह पटेल,जय भारत यादव,अंकित कुमार पटेल,नीरज पासी,गोलू यादव,देवी लाल, मोहम्मद सिब्तैन,दीपू सोनकर,मुकेश जायसवाल, मोहम्मद हारुन आदि उपस्थित रहे।

हाई वोल्टेज तार टूटने से भीषण आग, किसान की फसल व अनाज जलकर राख

विश्वनाथ प्रताप सिंह

उतराव। प्रयागराज, प्रयागराज के उतराव थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तम पुर गांव में सोमवार दोपहर हाई वोल्टेज बिजली का तार टूटकर गिरने से भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर भुक्तभोगी राम बाबू (पुत्र इन्द्र बहादुर) एवं ब्रिज लाल मास्टर (पुत्र पंचम) की करीब 10 विश्वा खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।

बताया जाता है कि आग इतनी तेज थी कि लगभग 10 कुंतल गेहूं अनाज भी जल गया। साथ ही रात में की गई मड़ाई का पूरा भूसा भी आग की भेंट चढ़ गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार घटना का मुख्य कारण हाई वोल्टेज तार का टूटकर गिरना है, जिससे बिजली विभाग की लापरवाही उजागर हुई है।

घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड एवं थाना अध्यक्ष उतराव विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना के बाद गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई, दबंगों पर गंभीर आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

हंडिया। प्रयागराज,प्रयागराज के जनपद के उतरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत संबोधिपुर बेलवारिया गांव में दबंगों द्वारा अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। गांव निवासी मोहम्मद नियाज अहमद ने आरोप लगाया है कि उनके निजी बाग में लगे नीम और शीशम के करीब दो दर्जन पेड़ों को कुछ दबंगों ने रात के समय बिना किसी अनुमति के कटवा लिया और लकड़ी उठाकर बेच दी।

पीड़ित के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर जब वह आरोपियों से पूछताछ करने पहुंचे तो उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इससे परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। नियाज अहमद ने मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग और स्थानीय पुलिस से शिकायत की है।

शनिवार को पीड़ित ने वन क्षेत्राधिकार हंडिया एवं थाना उतरांव में नामजद प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर लक्ष्मीकांत दुबे, जो वर्तमान में हंडिया का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं, ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। शिकायत मिलने के बाद जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी अवैध कटान पर रोक लगाने की मांग की है।