फाइलेरिया मुक्त रांची की कवायद: 15 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का अल्टीमेटम।

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रांची: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे 'मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन 2026' अभियान की समीक्षा हेतु शनिवार को उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया और लक्ष्य प्राप्ति में कोताही बरतने वालों पर कड़े रुख के संकेत दिए गए।

लापरवाही पर शो-कॉज और कड़े निर्देश

बैठक के दौरान डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो दवा प्रशासक समय पर वितरण कार्य सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं, उन्हें शो-कॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी किया जाए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांके के प्रभारी और बीडीओ को निर्देश दिया कि 15 मार्च 2026 तक हर हाल में छूटी हुई जनसंख्या को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।

कांके, सोनाहातु और तमाड़ की रिपोर्ट

अभियान के तहत अब तक के आंकड़ों के अनुसार:

तमाड़: 93% लक्ष्य प्राप्त।

सोनाहातु: 90% लक्ष्य प्राप्त।

कांके: 84% लक्ष्य प्राप्त (सबसे कम)।

जिला स्तर पर अब तक कुल 88% जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा दी जा चुकी है। डीडीसी ने विशेष रूप से स्कूलों में छूटे हुए छात्रों और त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले लोगों को घर-घर जाकर दवा कवर करने का निर्देश दिया है।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि फाइलेरिया जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए दवा का सेवन अवश्य करें। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

छत्तीसगढ़ बजट पर कांग्रेस का हमला: “जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी, आम जनता पूरी तरह निराश”

रायपुर- प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय गंगवानी ने राज्य सरकार के तीसरे बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट छत्तीसगढ़ की आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी से भरा हुआ है, जिसमें जनकल्याण और समृद्धि के ठोस उपाय नजर नहीं आते।

अजय गंगवानी ने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, आदिवासी, कर्मचारी, व्यापारी और गरीब वर्ग इस बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सरकार ने किसी भी वर्ग को राहत देने वाला कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महंगाई कम करने, 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी मोदी गारंटी पूरी करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध चरम पर हैं, लेकिन सरकार ने ढाई साल बाद कुछ नए पुलिस थाने और साइबर थाने खोलने की घोषणा कर केवल औपचारिकता निभाई है। एक्साइज और बिजली ड्यूटी कलेक्शन में भारी बढ़ोतरी को उन्होंने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है, बावजूद इसके बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत पैकेज नहीं है। कर्ज माफी की जगह केवल कर्ज देने की बात कर किसानों को कर्ज और ब्याज के दुष्चक्र में फंसाया जा रहा है।

उन्होंने पिछले बजट में घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और मेट्रो ट्रेन परियोजना की घोषणाओं को दोहराकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए किसी भी प्रकार की सब्सिडी या राहत न देने को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया।

अजय गंगवानी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती नहीं की गई, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल पाई। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट जनहित के बजाय चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला “संकल्प का बजट” है।

रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

होली से पहले एक्शन में रांची प्रशासन: रेलवे स्टेशन के पास 15 होटलों में छापेमारी, 9 पर लगा जुर्माना

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रांची: आगामी होली पर्व के मद्देनजर शहरवासियों और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने रांची रेलवे स्टेशन के आसपास के 15 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से इलाके के होटल संचालकों में हड़कंप मच गया।

इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई:

निरीक्षण के दौरान कुलदीप होटल, होटल एम्बेसडर, लवली डेयरी, अन्नपूर्णा भोजनालय, होटल मानसरोवर, शिवम खाजा भंडार और पंजाबी बार एंड रेस्टोरेंट सहित 15 दुकानों की जांच की गई। जांच के दौरान स्वच्छता और भंडारण में गंभीर कमियां पाई गईं।

जुर्माना और नोटिस:

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर 09 प्रतिष्ठानों पर 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम' के तहत तत्काल जुर्माना लगाया गया। अन्य दुकानों को नोटिस जारी कर सुधार करने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में सुधार नहीं दिखा, तो लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने होटल संचालकों को कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण का कड़ा निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

भव्य तरीके से मनाया गया ग्रीन फील्ड इंग्लिश स्कूल का वार्षिकोत्सव, बच्चों ने की एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति

गयाजी शहर के गया-फतेहपुर मुख्य सड़क मार्ग के गंधार गांव के समीप स्थित ग्रीन फील्ड इंग्लिश स्कूल का वार्षिकोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया, जहां बतौर मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. वहीं लोगों ने स्कूल के संस्थापक डॉ. प्रभु नंदन प्रसाद मौर्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया.

इस दौरान स्कूली बच्चों के द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई, जिसे देखकर अभिभावक काफी मंत्रमुग्ध हुए. इस मौके पर स्कूल के डायरेक्टर अमय कुमार मौर्य ने कहा कि काफी भव्य तरीके से स्कूल का वार्षिकोत्सव मनाया गया है, जहां मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए हैं. वहीं बच्चों के द्वारा भी एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई है. उन्होंने कहा कि हमारे पिता के द्वारा स्कूल की स्थापना सेवा भाव के साथ की गई थी और उनके सपने को पूरा करने के उद्देश्य से लगातार हमलोग कार्य कर रहे हैं.

शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हम बेहतर कार्य करें, इसके लिए भी प्रयासरत हैं. बच्चों का सर्वांगीण विकास हो, उन्हें बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए लगातार हम ₹लोग मेहनत करते हैं. यहां शिक्षा प्राप्त कर बच्चे देश का भविष्य बने और अपने जिले का नाम रोशन करें. इसी उद्देश्य के साथ स्कूल के शिक्षकों के द्वारा बच्चों के ऊपर कड़ी मेहनत की जाती है. शिक्षा के साथ-साथ बच्चे खेल के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करें, इसके लिए भी समय-समय पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल के प्रांगण में किया जाता है.

मुंबई वर्ल्ड कांग्रेस में चमके रांची के डॉ. अभिषेक रामाधीन: झारखंड से शामिल होने वाले रहे एकमात्र डॉक्टर

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रांची/मुंबई: रांची के सुप्रसिद्ध ईएनटी एवं स्लीप सर्जन डॉ. अभिषेक के. रामाधीन ने मुंबई में आयोजित 14वें वर्ल्ड कांग्रेस (ISSS–IASSACON 2026) में भाग लेकर राज्य का नाम रोशन किया है। 50 से अधिक देशों के विशेषज्ञों के बीच डॉ. रामाधीन इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड के एकमात्र प्रतिनिधि रहे।

महत्वपूर्ण भागीदारी:

सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ द्वारा किया गया। इस दौरान डॉ. रामाधीन ने विशेष सत्र "Understanding Endotypes and Phenotypes for Tailored Therapy" में बतौर फैकल्टी (Faculty) शामिल होकर आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा की।

खर्राटों को न समझें सामान्य:

डॉ. रामाधीन ने खर्राटे को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि खर्राटा अक्सर स्लीप एपनिया का लक्षण होता है, जिसमें नींद में बार-बार सांस रुकती है। इसके खतरनाक प्रभाव निम्नलिखित हो सकते हैं:

अचानक मृत्यु (Sudden Death) का बढ़ता जोखिम।

याददाश्त की कमी और पुरुषों में शारीरिक कमजोरी।

बच्चों के दिमागी विकास और IQ स्तर में गिरावट।

डॉ. रामाधीन ने झारखंड में इस बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि खर्राटों का समय पर इलाज कराकर भविष्य की गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

मसीही नेतृत्व,अंतरराष्ट्रीय दावे और वित्तीय अनियमित की जांच हो:- सी. एन. आई.

रायपुर- छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि बताकर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान व सोशल मीडिया पर सक्रिय अभियान और विदेशी संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने इन घटनाक्रमों पर प्रेसवार्ता कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है।

उक्त विवाद उस समय और गहरा गया जब सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित किए जा सकते हैं, यहां तक कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात भी कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे तब और गंभीर हो जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति को किसी भी आधिकारिक चर्च संरचना द्वारा अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त न हो।

इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह के मुद्दे ने भी नए सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि विरुद्ध तत्व पाया जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डायोसिस के अनुसार चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुक्ति के माध्यम से दी जाती है। जारी बयान में बताया गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय द्वारा ऐसी कोई अधिकृत मान्यता प्रदान नहीं दी गई है।

सिनड के आधिकारिक पत्र

इस विवाद पर नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया गया है जिसमें संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है कि डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति

डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि घोषित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर यूट्यूब चैनल पर विभिन्न विषयों पर बयान बाजी दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर समाज में भ्रम और संभावित तनाव की आशंका जताई गई है।

मसीह समुदाय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी बयानबाजी जिससे विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ये चर्च की शिक्षाओं एवं मूल्यों के विपरीत है। सी.एन.आई ने दोहराया कि वह सदैव शांति व सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांचए आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने तथा विधि अनुसार अपराध दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मीडिया से सत्यापन की अपील

डायोसिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि मसीही समुदाय के नाम पर दिए जा रहे किसी भी सार्वजनिक बयान को आधिकारिक मानने से पूर्व चर्च की अधिकृत संरचना से सत्यापन अवश्य किया जाए।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक पहचान के नाम पर की जा रही बयान बाजी अक्सर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक संस्थाओं द्वारा स्पष्ट रुख अपनाना सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने अंत में सभी समुदायों से शांति, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मर्यादा की अपील की है।

अतिरिक्त तथ्य एवं गंभीर आपत्तियाँ

डायोसिस के संज्ञान में एक वीडियो आया है। जिसमें अरुण पन्नालाल द्वारा यह दावा करते लिख रहें है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।

डायोसिस स्पष्ट करना चाहता है कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को मसीही समाज का अध्यक्ष बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है। जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

इसी प्रकार के एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है बल्कि समुदाय की गरिमा को भी आहत करती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे एवं राष्ट्रीय हित से जुड़ी गंभीर चिंता

डायोसिस के संज्ञान में आए एक वीडियो में अरुण पन्नालाल द्वारा यह कथन किया गया है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर सकते हैं तथा व्हाइट हाउस से प्रतिनिधियों को बुलाने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के दावों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।

डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रकार का संपर्क या प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है। डायोसिस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत से संबंधित विषयों पर अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि सामाजिक एकता एवं संवेदनशील हित प्रभावित हो सकते हैं।

नितिन लॉरेंस ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके विषय में किसी भी प्रकार की अपुष्ट या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत की गई जानकारी राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के दावों की गंभीर जांच होना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि

संबंधित वीडियो और बयानों की विधिवत जांच की जाए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जाए।

यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो उचित कार्रवाई की जाए।

डायोसिस पुनः स्पष्ट करता है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान, उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करता।

वित्तीय पारदर्शिता एवं जांच से संबंधित गंभीर प्रश्न डायोसिस के संज्ञान में यह भी आया है कि संबंधित यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड एवं अन्य डिजिटल भुगतान साधनों द्वारा धनराशि एकत्रित की जा रही है। चूंकि यह गतिविधि सार्वजनिक मंच पर की जा रही है, अतः इसकी वैधानिकताए लेखा परीक्षण एवं धन के उपयोग की पारदर्शिता की जांच किया जाना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त डिजिटल लेन.देन की विधिवत जांच की जाए। यह परीक्षण किया जाए कि धनराशि किस उद्देश्य से एकत्रित की गई तथा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा में आया है कि सालेम स्कूल से संबंधित एक प्रकरण में वित्तीय लेन.देन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठे थे। जनसामान्य के बीच इस विषय में विभिन्न आरोप एवं आशंकाएँ व्यक्त की गई हैं। डायोसिस का मत है कि उक्त प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। विद्यालय की फीस से संबंधित समस्त वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए।

यदि कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए।

डायोसिस स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहींए बल्कि पारदर्शिता एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करना है। समाज एवं समुदाय के हित में यह आवश्यक है कि सभी वित्तीय गतिविधियाँ विधि के अनुरूप एवं पारदर्शी हों।

आधिकारिक अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विषय केवल व्यक्तिगत बयान बाजी का मामला नहीं है। बल्कि सामाजिक सौहार्दए संस्थागत मर्यादाए वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

डायोसिस ने रायपुर पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक दावों डिजिटल धन संग्रह एवं अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाए। यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही राज्य सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि धर्म और समुदाय के नाम पर भ्रामक दावे कर सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठा जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डायोसिस ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनधिकृत विभाजनकारी या भ्रामक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

फाइलेरिया मुक्त रांची की कवायद: 15 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का अल्टीमेटम।

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रांची: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे 'मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन 2026' अभियान की समीक्षा हेतु शनिवार को उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया और लक्ष्य प्राप्ति में कोताही बरतने वालों पर कड़े रुख के संकेत दिए गए।

लापरवाही पर शो-कॉज और कड़े निर्देश

बैठक के दौरान डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो दवा प्रशासक समय पर वितरण कार्य सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं, उन्हें शो-कॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी किया जाए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांके के प्रभारी और बीडीओ को निर्देश दिया कि 15 मार्च 2026 तक हर हाल में छूटी हुई जनसंख्या को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।

कांके, सोनाहातु और तमाड़ की रिपोर्ट

अभियान के तहत अब तक के आंकड़ों के अनुसार:

तमाड़: 93% लक्ष्य प्राप्त।

सोनाहातु: 90% लक्ष्य प्राप्त।

कांके: 84% लक्ष्य प्राप्त (सबसे कम)।

जिला स्तर पर अब तक कुल 88% जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा दी जा चुकी है। डीडीसी ने विशेष रूप से स्कूलों में छूटे हुए छात्रों और त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले लोगों को घर-घर जाकर दवा कवर करने का निर्देश दिया है।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि फाइलेरिया जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए दवा का सेवन अवश्य करें। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

छत्तीसगढ़ बजट पर कांग्रेस का हमला: “जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी, आम जनता पूरी तरह निराश”

रायपुर- प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय गंगवानी ने राज्य सरकार के तीसरे बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट छत्तीसगढ़ की आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट जुमलेबाजी और आंकड़ों की बाजीगरी से भरा हुआ है, जिसमें जनकल्याण और समृद्धि के ठोस उपाय नजर नहीं आते।

अजय गंगवानी ने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, आदिवासी, कर्मचारी, व्यापारी और गरीब वर्ग इस बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सरकार ने किसी भी वर्ग को राहत देने वाला कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महंगाई कम करने, 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी मोदी गारंटी पूरी करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध चरम पर हैं, लेकिन सरकार ने ढाई साल बाद कुछ नए पुलिस थाने और साइबर थाने खोलने की घोषणा कर केवल औपचारिकता निभाई है। एक्साइज और बिजली ड्यूटी कलेक्शन में भारी बढ़ोतरी को उन्होंने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है, बावजूद इसके बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत पैकेज नहीं है। कर्ज माफी की जगह केवल कर्ज देने की बात कर किसानों को कर्ज और ब्याज के दुष्चक्र में फंसाया जा रहा है।

उन्होंने पिछले बजट में घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और मेट्रो ट्रेन परियोजना की घोषणाओं को दोहराकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए किसी भी प्रकार की सब्सिडी या राहत न देने को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया।

अजय गंगवानी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती नहीं की गई, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल पाई। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट जनहित के बजाय चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला “संकल्प का बजट” है।

रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

होली से पहले एक्शन में रांची प्रशासन: रेलवे स्टेशन के पास 15 होटलों में छापेमारी, 9 पर लगा जुर्माना

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रांची: आगामी होली पर्व के मद्देनजर शहरवासियों और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने रांची रेलवे स्टेशन के आसपास के 15 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से इलाके के होटल संचालकों में हड़कंप मच गया।

इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई:

निरीक्षण के दौरान कुलदीप होटल, होटल एम्बेसडर, लवली डेयरी, अन्नपूर्णा भोजनालय, होटल मानसरोवर, शिवम खाजा भंडार और पंजाबी बार एंड रेस्टोरेंट सहित 15 दुकानों की जांच की गई। जांच के दौरान स्वच्छता और भंडारण में गंभीर कमियां पाई गईं।

जुर्माना और नोटिस:

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर 09 प्रतिष्ठानों पर 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम' के तहत तत्काल जुर्माना लगाया गया। अन्य दुकानों को नोटिस जारी कर सुधार करने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में सुधार नहीं दिखा, तो लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने होटल संचालकों को कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण का कड़ा निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

भव्य तरीके से मनाया गया ग्रीन फील्ड इंग्लिश स्कूल का वार्षिकोत्सव, बच्चों ने की एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति

गयाजी शहर के गया-फतेहपुर मुख्य सड़क मार्ग के गंधार गांव के समीप स्थित ग्रीन फील्ड इंग्लिश स्कूल का वार्षिकोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया, जहां बतौर मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. वहीं लोगों ने स्कूल के संस्थापक डॉ. प्रभु नंदन प्रसाद मौर्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया.

इस दौरान स्कूली बच्चों के द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई, जिसे देखकर अभिभावक काफी मंत्रमुग्ध हुए. इस मौके पर स्कूल के डायरेक्टर अमय कुमार मौर्य ने कहा कि काफी भव्य तरीके से स्कूल का वार्षिकोत्सव मनाया गया है, जहां मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए हैं. वहीं बच्चों के द्वारा भी एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई है. उन्होंने कहा कि हमारे पिता के द्वारा स्कूल की स्थापना सेवा भाव के साथ की गई थी और उनके सपने को पूरा करने के उद्देश्य से लगातार हमलोग कार्य कर रहे हैं.

शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हम बेहतर कार्य करें, इसके लिए भी प्रयासरत हैं. बच्चों का सर्वांगीण विकास हो, उन्हें बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए लगातार हम ₹लोग मेहनत करते हैं. यहां शिक्षा प्राप्त कर बच्चे देश का भविष्य बने और अपने जिले का नाम रोशन करें. इसी उद्देश्य के साथ स्कूल के शिक्षकों के द्वारा बच्चों के ऊपर कड़ी मेहनत की जाती है. शिक्षा के साथ-साथ बच्चे खेल के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करें, इसके लिए भी समय-समय पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल के प्रांगण में किया जाता है.

मुंबई वर्ल्ड कांग्रेस में चमके रांची के डॉ. अभिषेक रामाधीन: झारखंड से शामिल होने वाले रहे एकमात्र डॉक्टर

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रांची/मुंबई: रांची के सुप्रसिद्ध ईएनटी एवं स्लीप सर्जन डॉ. अभिषेक के. रामाधीन ने मुंबई में आयोजित 14वें वर्ल्ड कांग्रेस (ISSS–IASSACON 2026) में भाग लेकर राज्य का नाम रोशन किया है। 50 से अधिक देशों के विशेषज्ञों के बीच डॉ. रामाधीन इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड के एकमात्र प्रतिनिधि रहे।

महत्वपूर्ण भागीदारी:

सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ द्वारा किया गया। इस दौरान डॉ. रामाधीन ने विशेष सत्र "Understanding Endotypes and Phenotypes for Tailored Therapy" में बतौर फैकल्टी (Faculty) शामिल होकर आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा की।

खर्राटों को न समझें सामान्य:

डॉ. रामाधीन ने खर्राटे को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि खर्राटा अक्सर स्लीप एपनिया का लक्षण होता है, जिसमें नींद में बार-बार सांस रुकती है। इसके खतरनाक प्रभाव निम्नलिखित हो सकते हैं:

अचानक मृत्यु (Sudden Death) का बढ़ता जोखिम।

याददाश्त की कमी और पुरुषों में शारीरिक कमजोरी।

बच्चों के दिमागी विकास और IQ स्तर में गिरावट।

डॉ. रामाधीन ने झारखंड में इस बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि खर्राटों का समय पर इलाज कराकर भविष्य की गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

मसीही नेतृत्व,अंतरराष्ट्रीय दावे और वित्तीय अनियमित की जांच हो:- सी. एन. आई.

रायपुर- छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि बताकर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान व सोशल मीडिया पर सक्रिय अभियान और विदेशी संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने इन घटनाक्रमों पर प्रेसवार्ता कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है।

उक्त विवाद उस समय और गहरा गया जब सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित किए जा सकते हैं, यहां तक कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात भी कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे तब और गंभीर हो जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति को किसी भी आधिकारिक चर्च संरचना द्वारा अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त न हो।

इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह के मुद्दे ने भी नए सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि विरुद्ध तत्व पाया जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डायोसिस के अनुसार चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुक्ति के माध्यम से दी जाती है। जारी बयान में बताया गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय द्वारा ऐसी कोई अधिकृत मान्यता प्रदान नहीं दी गई है।

सिनड के आधिकारिक पत्र

इस विवाद पर नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया गया है जिसमें संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है कि डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति

डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि घोषित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर यूट्यूब चैनल पर विभिन्न विषयों पर बयान बाजी दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर समाज में भ्रम और संभावित तनाव की आशंका जताई गई है।

मसीह समुदाय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी बयानबाजी जिससे विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ये चर्च की शिक्षाओं एवं मूल्यों के विपरीत है। सी.एन.आई ने दोहराया कि वह सदैव शांति व सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांचए आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने तथा विधि अनुसार अपराध दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मीडिया से सत्यापन की अपील

डायोसिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि मसीही समुदाय के नाम पर दिए जा रहे किसी भी सार्वजनिक बयान को आधिकारिक मानने से पूर्व चर्च की अधिकृत संरचना से सत्यापन अवश्य किया जाए।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक पहचान के नाम पर की जा रही बयान बाजी अक्सर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक संस्थाओं द्वारा स्पष्ट रुख अपनाना सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने अंत में सभी समुदायों से शांति, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मर्यादा की अपील की है।

अतिरिक्त तथ्य एवं गंभीर आपत्तियाँ

डायोसिस के संज्ञान में एक वीडियो आया है। जिसमें अरुण पन्नालाल द्वारा यह दावा करते लिख रहें है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।

डायोसिस स्पष्ट करना चाहता है कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को मसीही समाज का अध्यक्ष बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है। जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

इसी प्रकार के एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है बल्कि समुदाय की गरिमा को भी आहत करती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे एवं राष्ट्रीय हित से जुड़ी गंभीर चिंता

डायोसिस के संज्ञान में आए एक वीडियो में अरुण पन्नालाल द्वारा यह कथन किया गया है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर सकते हैं तथा व्हाइट हाउस से प्रतिनिधियों को बुलाने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के दावों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।

डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रकार का संपर्क या प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है। डायोसिस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत से संबंधित विषयों पर अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि सामाजिक एकता एवं संवेदनशील हित प्रभावित हो सकते हैं।

नितिन लॉरेंस ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके विषय में किसी भी प्रकार की अपुष्ट या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत की गई जानकारी राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के दावों की गंभीर जांच होना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि

संबंधित वीडियो और बयानों की विधिवत जांच की जाए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जाए।

यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो उचित कार्रवाई की जाए।

डायोसिस पुनः स्पष्ट करता है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान, उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करता।

वित्तीय पारदर्शिता एवं जांच से संबंधित गंभीर प्रश्न डायोसिस के संज्ञान में यह भी आया है कि संबंधित यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड एवं अन्य डिजिटल भुगतान साधनों द्वारा धनराशि एकत्रित की जा रही है। चूंकि यह गतिविधि सार्वजनिक मंच पर की जा रही है, अतः इसकी वैधानिकताए लेखा परीक्षण एवं धन के उपयोग की पारदर्शिता की जांच किया जाना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त डिजिटल लेन.देन की विधिवत जांच की जाए। यह परीक्षण किया जाए कि धनराशि किस उद्देश्य से एकत्रित की गई तथा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा में आया है कि सालेम स्कूल से संबंधित एक प्रकरण में वित्तीय लेन.देन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठे थे। जनसामान्य के बीच इस विषय में विभिन्न आरोप एवं आशंकाएँ व्यक्त की गई हैं। डायोसिस का मत है कि उक्त प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। विद्यालय की फीस से संबंधित समस्त वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए।

यदि कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए।

डायोसिस स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहींए बल्कि पारदर्शिता एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करना है। समाज एवं समुदाय के हित में यह आवश्यक है कि सभी वित्तीय गतिविधियाँ विधि के अनुरूप एवं पारदर्शी हों।

आधिकारिक अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विषय केवल व्यक्तिगत बयान बाजी का मामला नहीं है। बल्कि सामाजिक सौहार्दए संस्थागत मर्यादाए वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

डायोसिस ने रायपुर पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक दावों डिजिटल धन संग्रह एवं अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाए। यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही राज्य सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि धर्म और समुदाय के नाम पर भ्रामक दावे कर सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठा जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डायोसिस ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनधिकृत विभाजनकारी या भ्रामक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।