अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

#unionhomeministeramitshahpublisheschargesheetagainstbengaltmc_govt 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

प्रयागराज जंक्शन पर फर्जी आरपीएफ दरोगा गिरफ्तार, तीन महीने से वर्दी पहनकर कर रहा था मुफ्त यात्रा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। Prayagraj Junction railway station पर रविवार को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को फर्जी आरपीएफ उप निरीक्षक बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी पिछले कई महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों को खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ पोस्ट प्रयागराज के निरीक्षक Amit Kumar Meena अपने स्टाफ के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक आरपीएफ उप निरीक्षक की वर्दी में संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई और जीआरपी टीम को मौके पर बुलाकर संयुक्त जांच की गई।

जांच में युवक की पहचान दिव्यांशु कुमार (22) पुत्र दीना नाथ निवासी ग्राम रेंगा थाना बरेसर जनपद गाजीपुर के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि वह असली पुलिसकर्मी नहीं है और फर्जी तरीके से आरपीएफ की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आरपीएफ की वर्दी, स्टार, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी और लाल रंग के जूते बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी जेब से 650 रुपये नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी मिले, जिन्हें नियमानुसार सील कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घरवालों के नौकरी के दबाव के कारण उसने आरपीएफ की वर्दी बनवा ली थी। वह पिछले करीब तीन महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों के सामने खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Over 200 Exhibitors from 5 Countries to Showcase Latest Corrugation Technologies at Corru Pack Print India Expo 2026 in Mumbai

Industry Leaders, Live Working Machinery and Complete Corrugation Solutions to be on Display from March 19–22Mumbai: With just few days to go before the opening of Corru Pack Print India Expo 2026, the corrugated packaging industry is preparing for one of its largest gatherings, as over 200 exhibitors from more than 5 countries gear up to showcase the latest technologies and solutions in corrugated packaging machinery.

The four-day exhibition, organised by the Indian Paper Corrugated & Packaging Machinery Manufacturers Association (ICPMA) in collaboration with Futurex Group, will take place from 19 to 22 March 2026 at Hall 6, Bombay Exhibition Centre, Mumbai.

The expo is expected to bring together top international and Indian companies, industry leaders, technology providers, and packaging manufacturers, creating a dynamic platform for technology exchange, business networking, and industry collaboration.

A key highlight of the exhibition will be live working machinery demonstrations, allowing visitors to experience next-generation corrugated packaging equipment in operation. From high-speed box-making machines to advanced corrugated printing and converting technologies, the event will showcase innovations designed to improve efficiency, automation, and sustainability in packaging production.

Corru Pack Print India Expo will present complete corrugation solutions under one roof, covering the entire manufacturing ecosystem of the corrugated packaging industry. The exhibition floor will feature latest box-making technologies, advanced printing and lamination systems, converting equipment, testing instruments, inks, adhesives, kraft paper solutions, and other essential materials used in the packaging value chain.

India’s packaging industry, valued at USD 75 billion in FY20, is projected to grow at a CAGR of 18–20 percent, reaching approximately USD 250 billion by FY26. The corrugated packaging segment continues to play a crucial role in this expansion, driven by the rapid growth of e-commerce, logistics, FMCG, and manufacturing sectors.

The event is being organised under the leadership of ICPMA President Mr. Niket D Shah and the ICPMA exhibition committee members Mr. Hitesh Nagpal, Mr. Raunak Singh Bhurjee, Mr. Manish Suresh Shah, along with Futurex Group’s Director Mr. Namit Gupta, Managing Director Swami Prem Anveshi Ji, and Director Mrs. Nidhi Gupta.

Niket D Shah, President- ICPMA said,

"The success of our first edition showed the industry’s need for a focused platform. With Corru Pack Print India 2026, we’re tripling the scale, uniting machinery, raw materials, and boilers under one roof. This expo is not just an exhibition, but a catalyst for growth in India’s corrugated packaging industry.”

Namit Gupta, Director of Futurex Group, said,

"It’s a strategic confluence of innovation and business acumen. By bringing together industry leaders, we aim to create a fertile ground for meaningful collaborations, fostering technological advancements and driving the Corrugated Packaging Machinery Industry to new heights."

The inaugural edition of Corru Pack Print India held in Delhi in 2024 established the event as a significant platform for the corrugated packaging industry, bringing together suppliers, manufacturers, and decision-makers across the sector.

The upcoming Mumbai edition is expected to attract over 15,000 trade visitors, including plant heads, packaging technologists, procurement leaders, and industry experts from across India and international markets.

With hundreds of machines expected to run live on the exhibition floor, the expo will offer industry professionals a rare opportunity to see cutting-edge packaging technologies in action and explore solutions aimed at improving productivity, automation, and sustainability in corrugated packaging manufacturing.

Supported by industry bodies such as the Federation of Corrugated Box Manufacturers (FCBM) and the Indian Institute of Packaging, the event is also expected to serve as an important knowledge and networking hub for industry stakeholders.

As the countdown begins, Corru Pack Print India Expo 2026 is set to become a key meeting point for the global corrugated packaging machinery industry, bringing together innovation, technology, and business opportunities under one roof in Mumbai.

ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

आतंकियों की हर चाल होगी नाकाम, अमित शाह ने लॉन्च किया नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सेंटर

#amitshahlaunchesnidmsatnsgmanesarforcounterterror

हाईटेक होते दौर में अब जंग भी तकनीक के जरिए जीते जा सकते हैं। यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की आंतरिक सुरक्ष को लेकर हाइटेक होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। ह ना केवल पुराने धमाकों की जांच करेगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह भी बताएगा कि आतंकी भविष्य में कहां और कैसा हमला कर सकते हैं?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित

एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। डेटा सेंटर की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो धमाकों के डेटा हैं वो अब इस डेटा सेंटर के शुरू होने से आपस में बात कर पाएंगे। हमारे नागरिक चैन की नींद सोते हैं तो उसमें एनएसजी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आईईडी के डेटा मैनेजमेंट सेंटर की जो शुरुआत हो रही है उससे सारे राज्यों की पुलिस और एनआईए को लगातार गाइडेंस मिलेगा।

डेटा का होगा केंद्रीकरण

गृह मंत्री ने बताया कि एनआईडीएमएस के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।

इंटर-एजेंसी समन्वय होगा बेहतर

शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

देश के 700 जिला मुख्यालय जोड़े गए

यह डेटा सेंटर एक विशाल नेटवर्क की तरह काम करेगा। इसमें देश के 700 जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और सभी राज्यों की पुलिस अपनी जानकारी यहां साझा करेगी। यह एक टू वे इनपुट सिस्टम है जिसके जरिए 800 अलग-अलग सोर्सेस से डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

26 देश इस मिशन का हिस्सा

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 26 सहयोगी देश भी इस मिशन का हिस्सा बने हैं। ये देश अपने यहां हुए आतंकी हमलों और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की इंटेलिजेंस भारत के साथ साझा करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी गुटों के अगले टारगेट और उनके आईईडी बनाने के नए तरीकों का प्रिडिक्शन करना संभव होगा।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

#tmcmpsdetainedmahuamoitraprotestedipacraidamitshahresidence

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

नेहरू ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए..., अमित शाह ने राज्यसभा में दिया बड़ा बयान

#nehrudividedvandemataramintotwopartssaidamit_shah

संसद में वंदे मातरम् पर बहस का आज दूसरा दिन है। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत की थी, जिसके बाद से देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। वहीं, आज गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यसभा में वंदे मातरम् को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।

राज्यसभा में मंगलवार सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू हुई। सदन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर खास चर्चा शुरू हुई। इसकी शुरूआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘वंदे मातरम् के यशोगान के लिए चर्चा के लिए हम यहां आए हैं। चर्चा के जरिए हमारे देश के किशोर, युवा, आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम् का योगदान पता चले। हम सब सौभाग्यशाली है कि हमें एतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

अमित शाह ने कहा इस महान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है तब कल कुछ सदस्यों ने लोकसभा में सवाल किया था इस चर्चा की जरूरत क्या है। चर्चा की जरूरत वंदे मातरम् के प्रति समर्पण के प्रति जरूरत जब यह बना तब भी थी और अब भी है।

कांग्रेस वंदे मातरम् ध्यान भटकाने का हथियार मान रही-शाह

गृहमंत्री ने कहा, मैं कल देख रहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य, वंदे मातरम् की चर्चा को, राजनीतिक हथकंडा या मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथियार मान रहे थे। मुद्दों पर चर्चा करने से हम नहीं डरते. संसद का बहिष्कार हम नहीं करते। अगर संसद का बहिष्कार न किया जाए और ससंद चलने दी जाए तो सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, हम डरते नहीं हैं और न ही हमारे पास कुछ छिपाने को है। कोई भी मुद्दा हो, हम चर्चा करने को तैयार हैं।

वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़ने पर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़कर उसका महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना बंगाल में की, लेकिन इसका संदेश पूरे भारत में बिजली की तरह फैल गया और आज भी राष्ट्र को एकजुट करता है. अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों ने जब वंदे मातरम पर पाबंदियां लगाईं, तब बंकिम चंद्र ने साफ कहा था कि चाहे उनकी बाकी रचनाएं गंगा में बहा दी जाएं, लेकिन वंदे मातरम की शक्ति अनंत काल तक जीवित रहेगी. शाह के अनुसार, बंकिम चंद्र के ये शब्द आज पूरी तरह सच साबित हुए हैं।

नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत- शाह

गृहमंत्री ने कहा ने कहा कि ये अमर कृति, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है।

पूर्व पीएम पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम के 50वें के दौरान जवाहर लाल नेहरू ने गीत को दो अंतरों तक सीमित कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा, वन्दे मातरम् की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वन्दे मातरम् के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।

आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी पर बोला हमला

अमित शाह ने आगे कहा, वन्दे मातरम् के जब 100 साल हुए, तब वन्दे मातरम् बोलने वालों को इंदिरा जी ने जेल में डाल दिया। आपातकाल लगाया गया। विपक्ष के लोगों को, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में भर दिया गया। अखबारों पर ताले लगा दिए गए। पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया।

गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद- शाह

जब वंदे मातरम के 150 साल पर लोकसभा में चर्चा हुई, तो यहां पर कांग्रेस की स्थिति देखिए, जिस कांग्रेस पार्टी के अधिवेशनों की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर वंदे मातरम गाकर करवाते थे, जो गीत कांग्रेस पार्टी की आजादी की लड़ाई का एक मंत्र बना था, उसका महिमामंडन करने के लिए जब लोकसभा में चर्चा हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद रहे।

अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

#unionhomeministeramitshahpublisheschargesheetagainstbengaltmc_govt 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

प्रयागराज जंक्शन पर फर्जी आरपीएफ दरोगा गिरफ्तार, तीन महीने से वर्दी पहनकर कर रहा था मुफ्त यात्रा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। Prayagraj Junction railway station पर रविवार को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को फर्जी आरपीएफ उप निरीक्षक बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी पिछले कई महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों को खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ पोस्ट प्रयागराज के निरीक्षक Amit Kumar Meena अपने स्टाफ के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक आरपीएफ उप निरीक्षक की वर्दी में संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई और जीआरपी टीम को मौके पर बुलाकर संयुक्त जांच की गई।

जांच में युवक की पहचान दिव्यांशु कुमार (22) पुत्र दीना नाथ निवासी ग्राम रेंगा थाना बरेसर जनपद गाजीपुर के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि वह असली पुलिसकर्मी नहीं है और फर्जी तरीके से आरपीएफ की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आरपीएफ की वर्दी, स्टार, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी और लाल रंग के जूते बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी जेब से 650 रुपये नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी मिले, जिन्हें नियमानुसार सील कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घरवालों के नौकरी के दबाव के कारण उसने आरपीएफ की वर्दी बनवा ली थी। वह पिछले करीब तीन महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों के सामने खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Over 200 Exhibitors from 5 Countries to Showcase Latest Corrugation Technologies at Corru Pack Print India Expo 2026 in Mumbai

Industry Leaders, Live Working Machinery and Complete Corrugation Solutions to be on Display from March 19–22Mumbai: With just few days to go before the opening of Corru Pack Print India Expo 2026, the corrugated packaging industry is preparing for one of its largest gatherings, as over 200 exhibitors from more than 5 countries gear up to showcase the latest technologies and solutions in corrugated packaging machinery.

The four-day exhibition, organised by the Indian Paper Corrugated & Packaging Machinery Manufacturers Association (ICPMA) in collaboration with Futurex Group, will take place from 19 to 22 March 2026 at Hall 6, Bombay Exhibition Centre, Mumbai.

The expo is expected to bring together top international and Indian companies, industry leaders, technology providers, and packaging manufacturers, creating a dynamic platform for technology exchange, business networking, and industry collaboration.

A key highlight of the exhibition will be live working machinery demonstrations, allowing visitors to experience next-generation corrugated packaging equipment in operation. From high-speed box-making machines to advanced corrugated printing and converting technologies, the event will showcase innovations designed to improve efficiency, automation, and sustainability in packaging production.

Corru Pack Print India Expo will present complete corrugation solutions under one roof, covering the entire manufacturing ecosystem of the corrugated packaging industry. The exhibition floor will feature latest box-making technologies, advanced printing and lamination systems, converting equipment, testing instruments, inks, adhesives, kraft paper solutions, and other essential materials used in the packaging value chain.

India’s packaging industry, valued at USD 75 billion in FY20, is projected to grow at a CAGR of 18–20 percent, reaching approximately USD 250 billion by FY26. The corrugated packaging segment continues to play a crucial role in this expansion, driven by the rapid growth of e-commerce, logistics, FMCG, and manufacturing sectors.

The event is being organised under the leadership of ICPMA President Mr. Niket D Shah and the ICPMA exhibition committee members Mr. Hitesh Nagpal, Mr. Raunak Singh Bhurjee, Mr. Manish Suresh Shah, along with Futurex Group’s Director Mr. Namit Gupta, Managing Director Swami Prem Anveshi Ji, and Director Mrs. Nidhi Gupta.

Niket D Shah, President- ICPMA said,

"The success of our first edition showed the industry’s need for a focused platform. With Corru Pack Print India 2026, we’re tripling the scale, uniting machinery, raw materials, and boilers under one roof. This expo is not just an exhibition, but a catalyst for growth in India’s corrugated packaging industry.”

Namit Gupta, Director of Futurex Group, said,

"It’s a strategic confluence of innovation and business acumen. By bringing together industry leaders, we aim to create a fertile ground for meaningful collaborations, fostering technological advancements and driving the Corrugated Packaging Machinery Industry to new heights."

The inaugural edition of Corru Pack Print India held in Delhi in 2024 established the event as a significant platform for the corrugated packaging industry, bringing together suppliers, manufacturers, and decision-makers across the sector.

The upcoming Mumbai edition is expected to attract over 15,000 trade visitors, including plant heads, packaging technologists, procurement leaders, and industry experts from across India and international markets.

With hundreds of machines expected to run live on the exhibition floor, the expo will offer industry professionals a rare opportunity to see cutting-edge packaging technologies in action and explore solutions aimed at improving productivity, automation, and sustainability in corrugated packaging manufacturing.

Supported by industry bodies such as the Federation of Corrugated Box Manufacturers (FCBM) and the Indian Institute of Packaging, the event is also expected to serve as an important knowledge and networking hub for industry stakeholders.

As the countdown begins, Corru Pack Print India Expo 2026 is set to become a key meeting point for the global corrugated packaging machinery industry, bringing together innovation, technology, and business opportunities under one roof in Mumbai.

ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

आतंकियों की हर चाल होगी नाकाम, अमित शाह ने लॉन्च किया नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सेंटर

#amitshahlaunchesnidmsatnsgmanesarforcounterterror

हाईटेक होते दौर में अब जंग भी तकनीक के जरिए जीते जा सकते हैं। यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की आंतरिक सुरक्ष को लेकर हाइटेक होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। ह ना केवल पुराने धमाकों की जांच करेगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह भी बताएगा कि आतंकी भविष्य में कहां और कैसा हमला कर सकते हैं?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित

एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। डेटा सेंटर की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो धमाकों के डेटा हैं वो अब इस डेटा सेंटर के शुरू होने से आपस में बात कर पाएंगे। हमारे नागरिक चैन की नींद सोते हैं तो उसमें एनएसजी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आईईडी के डेटा मैनेजमेंट सेंटर की जो शुरुआत हो रही है उससे सारे राज्यों की पुलिस और एनआईए को लगातार गाइडेंस मिलेगा।

डेटा का होगा केंद्रीकरण

गृह मंत्री ने बताया कि एनआईडीएमएस के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।

इंटर-एजेंसी समन्वय होगा बेहतर

शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

देश के 700 जिला मुख्यालय जोड़े गए

यह डेटा सेंटर एक विशाल नेटवर्क की तरह काम करेगा। इसमें देश के 700 जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और सभी राज्यों की पुलिस अपनी जानकारी यहां साझा करेगी। यह एक टू वे इनपुट सिस्टम है जिसके जरिए 800 अलग-अलग सोर्सेस से डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

26 देश इस मिशन का हिस्सा

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 26 सहयोगी देश भी इस मिशन का हिस्सा बने हैं। ये देश अपने यहां हुए आतंकी हमलों और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की इंटेलिजेंस भारत के साथ साझा करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी गुटों के अगले टारगेट और उनके आईईडी बनाने के नए तरीकों का प्रिडिक्शन करना संभव होगा।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

#tmcmpsdetainedmahuamoitraprotestedipacraidamitshahresidence

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

नेहरू ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए..., अमित शाह ने राज्यसभा में दिया बड़ा बयान

#nehrudividedvandemataramintotwopartssaidamit_shah

संसद में वंदे मातरम् पर बहस का आज दूसरा दिन है। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत की थी, जिसके बाद से देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। वहीं, आज गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यसभा में वंदे मातरम् को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।

राज्यसभा में मंगलवार सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू हुई। सदन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर खास चर्चा शुरू हुई। इसकी शुरूआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘वंदे मातरम् के यशोगान के लिए चर्चा के लिए हम यहां आए हैं। चर्चा के जरिए हमारे देश के किशोर, युवा, आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम् का योगदान पता चले। हम सब सौभाग्यशाली है कि हमें एतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

अमित शाह ने कहा इस महान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है तब कल कुछ सदस्यों ने लोकसभा में सवाल किया था इस चर्चा की जरूरत क्या है। चर्चा की जरूरत वंदे मातरम् के प्रति समर्पण के प्रति जरूरत जब यह बना तब भी थी और अब भी है।

कांग्रेस वंदे मातरम् ध्यान भटकाने का हथियार मान रही-शाह

गृहमंत्री ने कहा, मैं कल देख रहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य, वंदे मातरम् की चर्चा को, राजनीतिक हथकंडा या मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथियार मान रहे थे। मुद्दों पर चर्चा करने से हम नहीं डरते. संसद का बहिष्कार हम नहीं करते। अगर संसद का बहिष्कार न किया जाए और ससंद चलने दी जाए तो सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, हम डरते नहीं हैं और न ही हमारे पास कुछ छिपाने को है। कोई भी मुद्दा हो, हम चर्चा करने को तैयार हैं।

वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़ने पर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़कर उसका महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना बंगाल में की, लेकिन इसका संदेश पूरे भारत में बिजली की तरह फैल गया और आज भी राष्ट्र को एकजुट करता है. अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों ने जब वंदे मातरम पर पाबंदियां लगाईं, तब बंकिम चंद्र ने साफ कहा था कि चाहे उनकी बाकी रचनाएं गंगा में बहा दी जाएं, लेकिन वंदे मातरम की शक्ति अनंत काल तक जीवित रहेगी. शाह के अनुसार, बंकिम चंद्र के ये शब्द आज पूरी तरह सच साबित हुए हैं।

नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत- शाह

गृहमंत्री ने कहा ने कहा कि ये अमर कृति, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है।

पूर्व पीएम पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम के 50वें के दौरान जवाहर लाल नेहरू ने गीत को दो अंतरों तक सीमित कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा, वन्दे मातरम् की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वन्दे मातरम् के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।

आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी पर बोला हमला

अमित शाह ने आगे कहा, वन्दे मातरम् के जब 100 साल हुए, तब वन्दे मातरम् बोलने वालों को इंदिरा जी ने जेल में डाल दिया। आपातकाल लगाया गया। विपक्ष के लोगों को, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में भर दिया गया। अखबारों पर ताले लगा दिए गए। पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया।

गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद- शाह

जब वंदे मातरम के 150 साल पर लोकसभा में चर्चा हुई, तो यहां पर कांग्रेस की स्थिति देखिए, जिस कांग्रेस पार्टी के अधिवेशनों की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर वंदे मातरम गाकर करवाते थे, जो गीत कांग्रेस पार्टी की आजादी की लड़ाई का एक मंत्र बना था, उसका महिमामंडन करने के लिए जब लोकसभा में चर्चा हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद रहे।