Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

आतंकियों की हर चाल होगी नाकाम, अमित शाह ने लॉन्च किया नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सेंटर

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हाईटेक होते दौर में अब जंग भी तकनीक के जरिए जीते जा सकते हैं। यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की आंतरिक सुरक्ष को लेकर हाइटेक होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। ह ना केवल पुराने धमाकों की जांच करेगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह भी बताएगा कि आतंकी भविष्य में कहां और कैसा हमला कर सकते हैं?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित

एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। डेटा सेंटर की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो धमाकों के डेटा हैं वो अब इस डेटा सेंटर के शुरू होने से आपस में बात कर पाएंगे। हमारे नागरिक चैन की नींद सोते हैं तो उसमें एनएसजी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आईईडी के डेटा मैनेजमेंट सेंटर की जो शुरुआत हो रही है उससे सारे राज्यों की पुलिस और एनआईए को लगातार गाइडेंस मिलेगा।

डेटा का होगा केंद्रीकरण

गृह मंत्री ने बताया कि एनआईडीएमएस के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।

इंटर-एजेंसी समन्वय होगा बेहतर

शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

देश के 700 जिला मुख्यालय जोड़े गए

यह डेटा सेंटर एक विशाल नेटवर्क की तरह काम करेगा। इसमें देश के 700 जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और सभी राज्यों की पुलिस अपनी जानकारी यहां साझा करेगी। यह एक टू वे इनपुट सिस्टम है जिसके जरिए 800 अलग-अलग सोर्सेस से डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

26 देश इस मिशन का हिस्सा

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 26 सहयोगी देश भी इस मिशन का हिस्सा बने हैं। ये देश अपने यहां हुए आतंकी हमलों और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की इंटेलिजेंस भारत के साथ साझा करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी गुटों के अगले टारगेट और उनके आईईडी बनाने के नए तरीकों का प्रिडिक्शन करना संभव होगा।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

नेहरू ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए..., अमित शाह ने राज्यसभा में दिया बड़ा बयान

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संसद में वंदे मातरम् पर बहस का आज दूसरा दिन है। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत की थी, जिसके बाद से देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। वहीं, आज गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यसभा में वंदे मातरम् को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।

राज्यसभा में मंगलवार सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू हुई। सदन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर खास चर्चा शुरू हुई। इसकी शुरूआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘वंदे मातरम् के यशोगान के लिए चर्चा के लिए हम यहां आए हैं। चर्चा के जरिए हमारे देश के किशोर, युवा, आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम् का योगदान पता चले। हम सब सौभाग्यशाली है कि हमें एतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

अमित शाह ने कहा इस महान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है तब कल कुछ सदस्यों ने लोकसभा में सवाल किया था इस चर्चा की जरूरत क्या है। चर्चा की जरूरत वंदे मातरम् के प्रति समर्पण के प्रति जरूरत जब यह बना तब भी थी और अब भी है।

कांग्रेस वंदे मातरम् ध्यान भटकाने का हथियार मान रही-शाह

गृहमंत्री ने कहा, मैं कल देख रहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य, वंदे मातरम् की चर्चा को, राजनीतिक हथकंडा या मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथियार मान रहे थे। मुद्दों पर चर्चा करने से हम नहीं डरते. संसद का बहिष्कार हम नहीं करते। अगर संसद का बहिष्कार न किया जाए और ससंद चलने दी जाए तो सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, हम डरते नहीं हैं और न ही हमारे पास कुछ छिपाने को है। कोई भी मुद्दा हो, हम चर्चा करने को तैयार हैं।

वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़ने पर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़कर उसका महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना बंगाल में की, लेकिन इसका संदेश पूरे भारत में बिजली की तरह फैल गया और आज भी राष्ट्र को एकजुट करता है. अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों ने जब वंदे मातरम पर पाबंदियां लगाईं, तब बंकिम चंद्र ने साफ कहा था कि चाहे उनकी बाकी रचनाएं गंगा में बहा दी जाएं, लेकिन वंदे मातरम की शक्ति अनंत काल तक जीवित रहेगी. शाह के अनुसार, बंकिम चंद्र के ये शब्द आज पूरी तरह सच साबित हुए हैं।

नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत- शाह

गृहमंत्री ने कहा ने कहा कि ये अमर कृति, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है।

पूर्व पीएम पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम के 50वें के दौरान जवाहर लाल नेहरू ने गीत को दो अंतरों तक सीमित कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा, वन्दे मातरम् की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वन्दे मातरम् के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।

आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी पर बोला हमला

अमित शाह ने आगे कहा, वन्दे मातरम् के जब 100 साल हुए, तब वन्दे मातरम् बोलने वालों को इंदिरा जी ने जेल में डाल दिया। आपातकाल लगाया गया। विपक्ष के लोगों को, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में भर दिया गया। अखबारों पर ताले लगा दिए गए। पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया।

गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद- शाह

जब वंदे मातरम के 150 साल पर लोकसभा में चर्चा हुई, तो यहां पर कांग्रेस की स्थिति देखिए, जिस कांग्रेस पार्टी के अधिवेशनों की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर वंदे मातरम गाकर करवाते थे, जो गीत कांग्रेस पार्टी की आजादी की लड़ाई का एक मंत्र बना था, उसका महिमामंडन करने के लिए जब लोकसभा में चर्चा हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद रहे।

ओवरसीज जॉब्स फ्लैग-ऑफ सेरेमनी का कार्यक्रम संपन्न
* रोजगार महाकुम्भ में चयनित 27 अभ्यर्थियों को विदेश जाने के लिए प्रदान किये गये आवश्यक अभिलेख

* हर हाथ को रोजगार देने हेतु सरकार दृढ़-संकल्पितः अनिल राजभर

* गोरखपुर व वाराणसी में भी आयोजित होगा रोजगार महाकुम्भः प्रमुख सचिव

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित 03 दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के माध्यम से प्रदेश के कुल चयनित 16 हजार से अधिक अभ्यर्थी जिनमें 1612 युवाओं को दुबई हेतु चयनित कराया गया था। इन 1612 युवाओं में से वीजा और टिकट की प्रक्रिया पूरी कर चुके 27 युवाओं के दुबई प्रस्थान किये जाने के संबंध में आज बापू भवन के सभागार में मंत्री श्रम एवं सेवायोजन, अनिल राजभर की अध्यक्षता में ओवरसीज जॉब्स फ्लैग-ऑफ सेरेमनी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंत्री द्वारा उपस्थित चयनित अभ्यर्थियों को दुबई हेतु आवयक अभिलेख वीजा सहित टिकट प्रदान किये गये।

इस अवसर पर मंत्री द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प का पूरा करने के लिये श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन बनाया गया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला प्रदेश है जिसके अन्तर्गत सेवायोजन विभाग को भारत सरकार द्वारा ओवरसीज प्लेसमेंट हेतु आरए का लाइसेन्स प्राप्त हुआ है जो भारत सरकार के विदेश मंत्रालय एवं अन्य देशों के राजनयिकों से समन्वय स्थापित करते हुए ओवरसीज प्लेसमेंट के कार्य को और अधिक स्वतंत्रता एवं सुचारू रूप से कर सकेगा।

चयनित अभ्यर्थियों का स्वागत करते हुए मंत्री ने उनके नये जीवन का शुभारम्भ करने एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह नई यात्रा उनके एवं उनके परिवार के लिये शुभ हो एवं उनके जीवन में एक सार्थक परिवर्तन लेके आये।  उन्होने कहा कि यूरोप एवं गल्फ देशों में प्रदेश के स्किल्ड मैनपॉवर की लगातार मांग बनी हुई है। मांग के अनुरूप प्रदेश में उपलब्ध मैनपॉवर के कारण प्रदेश सरकार द्वारा तत्काल कार्यवाही किया जाना सम्भव हो रहा है। मंत्री ने पूर्व में इजराइल भेजे गये युवाओं की उपलब्धियों एवं उनके द्वारा वहां किये जा रहे सराहनीय कार्याे एवं उनके अनुभवों को उपस्थित अभ्यर्थियों के बीच साझा करते हुए बताया कि इन अभ्यर्थियों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है एवं उन्हें एवं उनके परिवार की अपने जनपद में एक अलग पहचान हो रही है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर हाथ को काम के संकल्प के साथ-साथ लगातार प्रदेश के युवाओं के लिये इस प्रकार के प्रयास कर रही है। एक वर्ष में 25000 अभ्यर्थियों को विदेशों में तथा 01 लाख युवाओं को देश में निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने के लिये लगातार इस प्रकार के कार्यक्रम करती रहेगी। उन्होने बताया कि वर्तमान में रूस में 5 लाख श्रमिकों की मांग है जिस हेतु वहां की सरकार से समन्वय स्थापित करते हुए आगामी कार्यवाही हेतु योजना बनायी जा रही है।

मंत्री ने अभ्यर्थियों से कहा आपको विदेश जाने का कोई भय नहीं होना चाहिए श्रम एवं सेवायोजन विभाग एवं प्रदेश सरकार द्वारा विदेश में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विभाग से सम्पर्क करने हेतु पोर्टल एवं नम्बर दिया जायेगा जिससे किसी प्रकार की परेशानी होने पर आप द्वारा तुरन्त सम्पर्क किया जा सके। उन्होने अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि दुबई में आप खाली समय पर अपने ज्ञान में वृद्धि करें अन्य भाषा का ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करें तथा अपने प्रोफाइल में अनुभव/स्किल को बढाने का प्रयास करें जिससे आपको और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

विदेश जा रहे अभ्यर्थियों का मनोबल बढाते हुए मंत्री ने कहा कि सदैव सरकार आपके साथ खड़ी है। किसी भी प्रकार की समस्या यथा वीजा/पासपोर्ट या नियोक्ता से समन्वय आदि आकस्मिक आवश्यकताओं हेतु KSW Society(Karna Subarna welfare Society)  द्वारा एक पोर्टल/एप विगत कई वर्षाे से प्रारम्भ है जिस पर  अभ्यर्थियों द्वारा लॉग-ईन कर अपनी समस्याओं/आवश्यकताओं से सरकार को अवगत कराया जा सकता है। जिस पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। सम्पर्क हेतु नम्बर एवं ई-मेल की सुविधा भी प्रदान की गई-

हेल्पलाइन नं0- 18003453332
मोबाइल नं0- 9434856496, 9679763377
ई मेल
प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, डा एमकेएस सुन्दरम् द्वारा उपस्थित युवाओं का स्वागत एवं मनोबल बढ़ाते हुए कहा गया कि जो अभ्यर्थी दुबई जा रहे हैं। वह यह न सोचे कि उनकी यात्रा यहीं तक है अपने कार्य को ईमानदारी और लगन के साथ करें एवं कार्य के साथ अपने कौशल में वृद्वि करें जिससे उन्हे भविष्य में अन्य देशों में और अपने देश में भी और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रोजगार महाकुंभ का आयोजन वाराणसी व गोरखपुर में भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष रोजगार महाकुंभ का आयोजन भी प्रस्तावित है।

निदेशक, सेवायोजन, नेहा प्रकाश बताया कि सेवायोजन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अन्तर्गत निरन्तर निजी क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर प्रदान कराये जाने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर विशेष सचिव श्रम एवं सेवायोजन नीलेश कुमार सिंह, अपर निदेशक प्रमोद कुमार पुन्डीर, संयुक्त सचिव अवनीन्द्र कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
पूरे बिहार से एक-एक घुसपैठिए को हम चुन-चुनकर निकालेंगे, सीमांचल से गरजे अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पूर्णिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के महागठबंधन पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव और राहुल गांधी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा, हम घुसपैठियों को डिटेक्ट करेंगे, मतदाता सूची से डिलीट करेंगे और उनको डिपोर्ट करेंगे।

एनडीए पांच पांडवों की तरह- शाह

बनमनखी में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा है कि एनडीए पांच पांडवों की तरह है। उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में 160 से ज्यादा सीटों के साथ एनडीए की सरकार बनने वाली है। गृह मंत्री ने कहा कि आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में लालू यादव और राहुल गांधी की पार्टी का सूपड़ा साफ हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार बहुत आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है।

घुसपैठियों को बचाने के लिए पदयात्रा

सीमांचल की राजधानी कहे जाने वाले पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों को जमकर टारगेट किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को चुन चुन कर निकालेंगे। अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, राहुल बाबा ने कुछ महीने पहले बिहार में पदयात्रा निकाली। उन्होंने ये यात्रा किसानों, पिछड़ों या युवाओं के लिए नहीं बल्कि घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली।

घुसपैठियों को डिटेक्‍ट-डिलीट डिपोर्ट करेंगे- शाह

अमित शाह ने कहा कि घुसपैठिये लोग आपका हक छीन रहे हैं। सीमांचल में हमारे युवाओं की नौकरी छीनते हैं, आपके हिस्‍से का चावल छीनते हैं। अमित शाह ने कहा कि इन घुसपैठिये को राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव यहां बसाना चाहते हैं। अमित शाह ने कहा, हम घुसपैठियों को डिटेक्‍ट करेंगे। मतदाता सूची से डिलीट करेंगे। सीमांचल की भूमि पर घुसपैठियों को डिपोर्ट करेंगे। घुसपैठियों की कब्‍जेवाली जमीन खाली करा कर गरीबों में बांट देंगे।

शाह ने जनता को किया सचेत

अमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी। नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप पर बटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिए अमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।

पीएम मोदी पर बयान देकर घिरे राहुल, भड़के अमित शाह, बोले-कीमत चुकानी होगी

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बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। प्रचार के दौरान नेता एक दूसरे पर छींटाकशी कर रहे हैं। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपना चुनावी रैलियां शुरू कर दीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुजफ़्फरपुर से अपनी पहली चुनावी रैली की शुरुआत की और दरभंगा में भी एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने मुजफ़्फरपुर की अपनी पहली ही रैली में कुछ ऐसा कहा जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी के बयान को बीजेपी ने मुद्दा बना दिया है।

राहुल गांधी को चुकानी पड़ेगी कीमत-अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छठ मईया के प्रति भक्ति को नाटक बताकर छठी मईया के सभी भक्तों का अपमान किया गया है। अमित शाह ने कहा है कि छठी मईया और उनके भक्तों का अपमान करने की कीमत राहुल गांधी को चुकानी पड़ेगी। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूरा देश छठ मईया की आराधना करता है, श्रद्धापूर्वक अर्घ्य देता है और छठ पर्व के दिन प्रसाद भी ग्रहण करता है। उन्होंने कहा, राहुल जी ने चुनावों में मोदी जी का विरोध करते हुए और उनका अपमान करते हुए, अंततः छठी मईया का ही अपमान कर दिया। बिहार चुनाव में उन्हें इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार के मतदाता छठी मईया और मोदी जी का अपमान नहीं भूलेंगे।

प्रदीप भंडारी ने बताया "एक लोकल गुंडे जैसी" भाषा

बीजेपी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भऊ राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के बयान को "एक लोकल गुंडे जैसी" भाषा बताया है। उन्होंने लिखा, "राहुल गांधी एक लोकल गुंडे की तरह बोलते हैं। राहुल गांधी ने खुले तौर पर भारत और बिहार के हर गरीब और उस शख्श का अपमान किया है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को वोट दिया है। राहुल गांधी ने मतदाताओं और भारतीय लोकतंत्र का मजाक बनाया है।"

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने बुधवार को मुजफ़्फरपुर से अपनी पहली चुनावी रैली की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। राहुल गांधी ने कहा, उन्हें सिर्फ आपका वोट चाहिए। अगर आप कहोगे नरेंद्र मोदी जी आप ड्रामा करो तो वो कर देंगे। लोकसभा में नेता विपक्ष ने दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा का जिक्र करते हुए कहा था कि एक तरफ यमुना नदी में गंदा पानी था। बगल में साफ पानी का तालाब बनाया गया था ताकि प्रधानमंत्री उसमें नहाकर 'ड्रामा' कर सकें, जबकि उन्हें छठ पूजा से कोई लेनादेना नहीं हैं। उनसे कहो हम आपको वोट देंगे और आप स्टेज पर आकर डांस करो तो वो डांस कर देंगे।

Rising infrastructure and tech growth set to pave way for logistics and warehousing demands in Bengaluru.

As India’s leading logistics and technology hub, Bengaluru with its enhanced connectivity through the Kuehne + Nagel air logistics gateway, Namma Metro Yellow Line, and emerging tech developments like Quantum City offers the ideal backdrop for innovation. Against this backdrop, the city is set to host Intralogistics & Warehousing Expo 2025 from 6–8 November 2025 at KTPO, Whitefield. Co-located with Material Handling Expo and E-Commerce Logistics Expo, the expo will bring together global and Indian leaders in automation, warehousing, logistics, and supply chain management to explore innovations shaping the industry’s future.

Visitors will experience live demonstrations of warehouse automation, AIDC (automatic identification and data capture), material handling equipment, and infrastructure solutions, alongside exhibits from 165+ companies representing 225+ brands and showcasing over 1200 advanced technologies. The expo will also provide networking opportunities with 10,000+ industry professionals from manufacturing, retail, e-commerce, FMCG, and pharmaceutical sectors, while the co-located E-Commerce Logistics Conference will feature thought leaders discussing the future of digital logistics and supply chain efficiency.

Featured Exhibitors Include:

Gandhi Automations, SOTI, ACE (Action Construction Equipment), Cloudleap, Epack, MHE Bazar, AAVON Steels Manufacturing, Avains, Central Warehousing Corporation, Nilkamal Material Handling, Sany Heavy Industry, Saint-Gobain India, Mutual Industries, Indo.S.Technologies, Kohinoor Business Park, Path Logicity, RR Industrial Packaging, Sahay Racks, Swastik Industries International among many others.

Distinguished Speakers Representing:

BigBasket, Reliance Retail, IKEA, Swiggy Instamart, Carl Zeiss, Zepto, Cargill, Bata India, SNITCH, Britannia Industries, Raymond Lifestyle, Country Delight, Fossil Group, Flipkart, Mondelez India Foods, Jockey India, AkzoNobel, FreshToHome, Diageo India, Himalayan Natives, Spykar Lifestyles, ABB, River Mobility, Kearney, Casa Grande, C.R. Narayana Rao, AESA, and several other esteemed organizations.

Industry Endorsements

"The Intralogistics & Warehousing Expo is a must-attend event for freight forwarders, offering a unique opportunity to explore innovative solutions that drive operational efficiency and business growth. We encourage all industry professionals to attend, experience the latest technologies firsthand, and build valuable networks" – Pramod Sant, Federation of Freight Forwarders’ Associations of India (FFFAI)

"For warehousing developers and supply chain professionals, this expo serves as the perfect platform to discover advanced automation, storage solutions, and smart logistics technologies. Attendees can gain practical insights, connect with leading solution providers, and stay ahead of emerging industry trends" – Amit Mittal, Association of Warehousing Developers (AWD)

Attending Intralogistics & Warehousing Expo offers access to India’s leading platform for automation, robotics, material handling, and supply chain technologies. Co-located with the Material Handling and E-Commerce Logistics Expos, the event provides a comprehensive overview of the logistics and warehousing landscape, bringing together leading solution providers and key industry decision-makers under one roof.

Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

आतंकियों की हर चाल होगी नाकाम, अमित शाह ने लॉन्च किया नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सेंटर

#amitshahlaunchesnidmsatnsgmanesarforcounterterror

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हाईटेक होते दौर में अब जंग भी तकनीक के जरिए जीते जा सकते हैं। यही वजह है कि भारत सरकार भी देश की आंतरिक सुरक्ष को लेकर हाइटेक होती जा रही है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। ह ना केवल पुराने धमाकों की जांच करेगा बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए यह भी बताएगा कि आतंकी भविष्य में कहां और कैसा हमला कर सकते हैं?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित

एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। डेटा सेंटर की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो धमाकों के डेटा हैं वो अब इस डेटा सेंटर के शुरू होने से आपस में बात कर पाएंगे। हमारे नागरिक चैन की नींद सोते हैं तो उसमें एनएसजी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आईईडी के डेटा मैनेजमेंट सेंटर की जो शुरुआत हो रही है उससे सारे राज्यों की पुलिस और एनआईए को लगातार गाइडेंस मिलेगा।

डेटा का होगा केंद्रीकरण

गृह मंत्री ने बताया कि एनआईडीएमएस के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।

इंटर-एजेंसी समन्वय होगा बेहतर

शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

देश के 700 जिला मुख्यालय जोड़े गए

यह डेटा सेंटर एक विशाल नेटवर्क की तरह काम करेगा। इसमें देश के 700 जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और सभी राज्यों की पुलिस अपनी जानकारी यहां साझा करेगी। यह एक टू वे इनपुट सिस्टम है जिसके जरिए 800 अलग-अलग सोर्सेस से डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।

26 देश इस मिशन का हिस्सा

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 26 सहयोगी देश भी इस मिशन का हिस्सा बने हैं। ये देश अपने यहां हुए आतंकी हमलों और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की इंटेलिजेंस भारत के साथ साझा करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी गुटों के अगले टारगेट और उनके आईईडी बनाने के नए तरीकों का प्रिडिक्शन करना संभव होगा।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

नेहरू ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए..., अमित शाह ने राज्यसभा में दिया बड़ा बयान

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संसद में वंदे मातरम् पर बहस का आज दूसरा दिन है। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत की थी, जिसके बाद से देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। वहीं, आज गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यसभा में वंदे मातरम् को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।

राज्यसभा में मंगलवार सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू हुई। सदन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर खास चर्चा शुरू हुई। इसकी शुरूआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘वंदे मातरम् के यशोगान के लिए चर्चा के लिए हम यहां आए हैं। चर्चा के जरिए हमारे देश के किशोर, युवा, आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम् का योगदान पता चले। हम सब सौभाग्यशाली है कि हमें एतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।

अमित शाह ने कहा इस महान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है तब कल कुछ सदस्यों ने लोकसभा में सवाल किया था इस चर्चा की जरूरत क्या है। चर्चा की जरूरत वंदे मातरम् के प्रति समर्पण के प्रति जरूरत जब यह बना तब भी थी और अब भी है।

कांग्रेस वंदे मातरम् ध्यान भटकाने का हथियार मान रही-शाह

गृहमंत्री ने कहा, मैं कल देख रहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य, वंदे मातरम् की चर्चा को, राजनीतिक हथकंडा या मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथियार मान रहे थे। मुद्दों पर चर्चा करने से हम नहीं डरते. संसद का बहिष्कार हम नहीं करते। अगर संसद का बहिष्कार न किया जाए और ससंद चलने दी जाए तो सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, हम डरते नहीं हैं और न ही हमारे पास कुछ छिपाने को है। कोई भी मुद्दा हो, हम चर्चा करने को तैयार हैं।

वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़ने पर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल वंदे मातरम की चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़कर उसका महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना बंगाल में की, लेकिन इसका संदेश पूरे भारत में बिजली की तरह फैल गया और आज भी राष्ट्र को एकजुट करता है. अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों ने जब वंदे मातरम पर पाबंदियां लगाईं, तब बंकिम चंद्र ने साफ कहा था कि चाहे उनकी बाकी रचनाएं गंगा में बहा दी जाएं, लेकिन वंदे मातरम की शक्ति अनंत काल तक जीवित रहेगी. शाह के अनुसार, बंकिम चंद्र के ये शब्द आज पूरी तरह सच साबित हुए हैं।

नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत- शाह

गृहमंत्री ने कहा ने कहा कि ये अमर कृति, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है।

पूर्व पीएम पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम के 50वें के दौरान जवाहर लाल नेहरू ने गीत को दो अंतरों तक सीमित कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा, वन्दे मातरम् की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वन्दे मातरम् के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।

आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी पर बोला हमला

अमित शाह ने आगे कहा, वन्दे मातरम् के जब 100 साल हुए, तब वन्दे मातरम् बोलने वालों को इंदिरा जी ने जेल में डाल दिया। आपातकाल लगाया गया। विपक्ष के लोगों को, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में भर दिया गया। अखबारों पर ताले लगा दिए गए। पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया।

गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद- शाह

जब वंदे मातरम के 150 साल पर लोकसभा में चर्चा हुई, तो यहां पर कांग्रेस की स्थिति देखिए, जिस कांग्रेस पार्टी के अधिवेशनों की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर वंदे मातरम गाकर करवाते थे, जो गीत कांग्रेस पार्टी की आजादी की लड़ाई का एक मंत्र बना था, उसका महिमामंडन करने के लिए जब लोकसभा में चर्चा हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य सदन से नदारद रहे।

ओवरसीज जॉब्स फ्लैग-ऑफ सेरेमनी का कार्यक्रम संपन्न
* रोजगार महाकुम्भ में चयनित 27 अभ्यर्थियों को विदेश जाने के लिए प्रदान किये गये आवश्यक अभिलेख

* हर हाथ को रोजगार देने हेतु सरकार दृढ़-संकल्पितः अनिल राजभर

* गोरखपुर व वाराणसी में भी आयोजित होगा रोजगार महाकुम्भः प्रमुख सचिव

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित 03 दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के माध्यम से प्रदेश के कुल चयनित 16 हजार से अधिक अभ्यर्थी जिनमें 1612 युवाओं को दुबई हेतु चयनित कराया गया था। इन 1612 युवाओं में से वीजा और टिकट की प्रक्रिया पूरी कर चुके 27 युवाओं के दुबई प्रस्थान किये जाने के संबंध में आज बापू भवन के सभागार में मंत्री श्रम एवं सेवायोजन, अनिल राजभर की अध्यक्षता में ओवरसीज जॉब्स फ्लैग-ऑफ सेरेमनी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंत्री द्वारा उपस्थित चयनित अभ्यर्थियों को दुबई हेतु आवयक अभिलेख वीजा सहित टिकट प्रदान किये गये।

इस अवसर पर मंत्री द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प का पूरा करने के लिये श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन बनाया गया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला प्रदेश है जिसके अन्तर्गत सेवायोजन विभाग को भारत सरकार द्वारा ओवरसीज प्लेसमेंट हेतु आरए का लाइसेन्स प्राप्त हुआ है जो भारत सरकार के विदेश मंत्रालय एवं अन्य देशों के राजनयिकों से समन्वय स्थापित करते हुए ओवरसीज प्लेसमेंट के कार्य को और अधिक स्वतंत्रता एवं सुचारू रूप से कर सकेगा।

चयनित अभ्यर्थियों का स्वागत करते हुए मंत्री ने उनके नये जीवन का शुभारम्भ करने एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह नई यात्रा उनके एवं उनके परिवार के लिये शुभ हो एवं उनके जीवन में एक सार्थक परिवर्तन लेके आये।  उन्होने कहा कि यूरोप एवं गल्फ देशों में प्रदेश के स्किल्ड मैनपॉवर की लगातार मांग बनी हुई है। मांग के अनुरूप प्रदेश में उपलब्ध मैनपॉवर के कारण प्रदेश सरकार द्वारा तत्काल कार्यवाही किया जाना सम्भव हो रहा है। मंत्री ने पूर्व में इजराइल भेजे गये युवाओं की उपलब्धियों एवं उनके द्वारा वहां किये जा रहे सराहनीय कार्याे एवं उनके अनुभवों को उपस्थित अभ्यर्थियों के बीच साझा करते हुए बताया कि इन अभ्यर्थियों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है एवं उन्हें एवं उनके परिवार की अपने जनपद में एक अलग पहचान हो रही है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर हाथ को काम के संकल्प के साथ-साथ लगातार प्रदेश के युवाओं के लिये इस प्रकार के प्रयास कर रही है। एक वर्ष में 25000 अभ्यर्थियों को विदेशों में तथा 01 लाख युवाओं को देश में निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने के लिये लगातार इस प्रकार के कार्यक्रम करती रहेगी। उन्होने बताया कि वर्तमान में रूस में 5 लाख श्रमिकों की मांग है जिस हेतु वहां की सरकार से समन्वय स्थापित करते हुए आगामी कार्यवाही हेतु योजना बनायी जा रही है।

मंत्री ने अभ्यर्थियों से कहा आपको विदेश जाने का कोई भय नहीं होना चाहिए श्रम एवं सेवायोजन विभाग एवं प्रदेश सरकार द्वारा विदेश में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विभाग से सम्पर्क करने हेतु पोर्टल एवं नम्बर दिया जायेगा जिससे किसी प्रकार की परेशानी होने पर आप द्वारा तुरन्त सम्पर्क किया जा सके। उन्होने अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि दुबई में आप खाली समय पर अपने ज्ञान में वृद्धि करें अन्य भाषा का ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करें तथा अपने प्रोफाइल में अनुभव/स्किल को बढाने का प्रयास करें जिससे आपको और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

विदेश जा रहे अभ्यर्थियों का मनोबल बढाते हुए मंत्री ने कहा कि सदैव सरकार आपके साथ खड़ी है। किसी भी प्रकार की समस्या यथा वीजा/पासपोर्ट या नियोक्ता से समन्वय आदि आकस्मिक आवश्यकताओं हेतु KSW Society(Karna Subarna welfare Society)  द्वारा एक पोर्टल/एप विगत कई वर्षाे से प्रारम्भ है जिस पर  अभ्यर्थियों द्वारा लॉग-ईन कर अपनी समस्याओं/आवश्यकताओं से सरकार को अवगत कराया जा सकता है। जिस पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। सम्पर्क हेतु नम्बर एवं ई-मेल की सुविधा भी प्रदान की गई-

हेल्पलाइन नं0- 18003453332
मोबाइल नं0- 9434856496, 9679763377
ई मेल
प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, डा एमकेएस सुन्दरम् द्वारा उपस्थित युवाओं का स्वागत एवं मनोबल बढ़ाते हुए कहा गया कि जो अभ्यर्थी दुबई जा रहे हैं। वह यह न सोचे कि उनकी यात्रा यहीं तक है अपने कार्य को ईमानदारी और लगन के साथ करें एवं कार्य के साथ अपने कौशल में वृद्वि करें जिससे उन्हे भविष्य में अन्य देशों में और अपने देश में भी और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रोजगार महाकुंभ का आयोजन वाराणसी व गोरखपुर में भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष रोजगार महाकुंभ का आयोजन भी प्रस्तावित है।

निदेशक, सेवायोजन, नेहा प्रकाश बताया कि सेवायोजन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अन्तर्गत निरन्तर निजी क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर प्रदान कराये जाने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर विशेष सचिव श्रम एवं सेवायोजन नीलेश कुमार सिंह, अपर निदेशक प्रमोद कुमार पुन्डीर, संयुक्त सचिव अवनीन्द्र कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
पूरे बिहार से एक-एक घुसपैठिए को हम चुन-चुनकर निकालेंगे, सीमांचल से गरजे अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पूर्णिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के महागठबंधन पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव और राहुल गांधी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा, हम घुसपैठियों को डिटेक्ट करेंगे, मतदाता सूची से डिलीट करेंगे और उनको डिपोर्ट करेंगे।

एनडीए पांच पांडवों की तरह- शाह

बनमनखी में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा है कि एनडीए पांच पांडवों की तरह है। उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में 160 से ज्यादा सीटों के साथ एनडीए की सरकार बनने वाली है। गृह मंत्री ने कहा कि आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में लालू यादव और राहुल गांधी की पार्टी का सूपड़ा साफ हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार बहुत आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है।

घुसपैठियों को बचाने के लिए पदयात्रा

सीमांचल की राजधानी कहे जाने वाले पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों को जमकर टारगेट किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को चुन चुन कर निकालेंगे। अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, राहुल बाबा ने कुछ महीने पहले बिहार में पदयात्रा निकाली। उन्होंने ये यात्रा किसानों, पिछड़ों या युवाओं के लिए नहीं बल्कि घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली।

घुसपैठियों को डिटेक्‍ट-डिलीट डिपोर्ट करेंगे- शाह

अमित शाह ने कहा कि घुसपैठिये लोग आपका हक छीन रहे हैं। सीमांचल में हमारे युवाओं की नौकरी छीनते हैं, आपके हिस्‍से का चावल छीनते हैं। अमित शाह ने कहा कि इन घुसपैठिये को राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव यहां बसाना चाहते हैं। अमित शाह ने कहा, हम घुसपैठियों को डिटेक्‍ट करेंगे। मतदाता सूची से डिलीट करेंगे। सीमांचल की भूमि पर घुसपैठियों को डिपोर्ट करेंगे। घुसपैठियों की कब्‍जेवाली जमीन खाली करा कर गरीबों में बांट देंगे।

शाह ने जनता को किया सचेत

अमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी। नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप पर बटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिए अमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।

पीएम मोदी पर बयान देकर घिरे राहुल, भड़के अमित शाह, बोले-कीमत चुकानी होगी

#amitshah targetsrahulgandhioverpmmodichhath_statement

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बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। प्रचार के दौरान नेता एक दूसरे पर छींटाकशी कर रहे हैं। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपना चुनावी रैलियां शुरू कर दीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुजफ़्फरपुर से अपनी पहली चुनावी रैली की शुरुआत की और दरभंगा में भी एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने मुजफ़्फरपुर की अपनी पहली ही रैली में कुछ ऐसा कहा जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी के बयान को बीजेपी ने मुद्दा बना दिया है।

राहुल गांधी को चुकानी पड़ेगी कीमत-अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छठ मईया के प्रति भक्ति को नाटक बताकर छठी मईया के सभी भक्तों का अपमान किया गया है। अमित शाह ने कहा है कि छठी मईया और उनके भक्तों का अपमान करने की कीमत राहुल गांधी को चुकानी पड़ेगी। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूरा देश छठ मईया की आराधना करता है, श्रद्धापूर्वक अर्घ्य देता है और छठ पर्व के दिन प्रसाद भी ग्रहण करता है। उन्होंने कहा, राहुल जी ने चुनावों में मोदी जी का विरोध करते हुए और उनका अपमान करते हुए, अंततः छठी मईया का ही अपमान कर दिया। बिहार चुनाव में उन्हें इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार के मतदाता छठी मईया और मोदी जी का अपमान नहीं भूलेंगे।

प्रदीप भंडारी ने बताया "एक लोकल गुंडे जैसी" भाषा

बीजेपी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भऊ राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के बयान को "एक लोकल गुंडे जैसी" भाषा बताया है। उन्होंने लिखा, "राहुल गांधी एक लोकल गुंडे की तरह बोलते हैं। राहुल गांधी ने खुले तौर पर भारत और बिहार के हर गरीब और उस शख्श का अपमान किया है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को वोट दिया है। राहुल गांधी ने मतदाताओं और भारतीय लोकतंत्र का मजाक बनाया है।"

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने बुधवार को मुजफ़्फरपुर से अपनी पहली चुनावी रैली की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। राहुल गांधी ने कहा, उन्हें सिर्फ आपका वोट चाहिए। अगर आप कहोगे नरेंद्र मोदी जी आप ड्रामा करो तो वो कर देंगे। लोकसभा में नेता विपक्ष ने दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा का जिक्र करते हुए कहा था कि एक तरफ यमुना नदी में गंदा पानी था। बगल में साफ पानी का तालाब बनाया गया था ताकि प्रधानमंत्री उसमें नहाकर 'ड्रामा' कर सकें, जबकि उन्हें छठ पूजा से कोई लेनादेना नहीं हैं। उनसे कहो हम आपको वोट देंगे और आप स्टेज पर आकर डांस करो तो वो डांस कर देंगे।

Rising infrastructure and tech growth set to pave way for logistics and warehousing demands in Bengaluru.

As India’s leading logistics and technology hub, Bengaluru with its enhanced connectivity through the Kuehne + Nagel air logistics gateway, Namma Metro Yellow Line, and emerging tech developments like Quantum City offers the ideal backdrop for innovation. Against this backdrop, the city is set to host Intralogistics & Warehousing Expo 2025 from 6–8 November 2025 at KTPO, Whitefield. Co-located with Material Handling Expo and E-Commerce Logistics Expo, the expo will bring together global and Indian leaders in automation, warehousing, logistics, and supply chain management to explore innovations shaping the industry’s future.

Visitors will experience live demonstrations of warehouse automation, AIDC (automatic identification and data capture), material handling equipment, and infrastructure solutions, alongside exhibits from 165+ companies representing 225+ brands and showcasing over 1200 advanced technologies. The expo will also provide networking opportunities with 10,000+ industry professionals from manufacturing, retail, e-commerce, FMCG, and pharmaceutical sectors, while the co-located E-Commerce Logistics Conference will feature thought leaders discussing the future of digital logistics and supply chain efficiency.

Featured Exhibitors Include:

Gandhi Automations, SOTI, ACE (Action Construction Equipment), Cloudleap, Epack, MHE Bazar, AAVON Steels Manufacturing, Avains, Central Warehousing Corporation, Nilkamal Material Handling, Sany Heavy Industry, Saint-Gobain India, Mutual Industries, Indo.S.Technologies, Kohinoor Business Park, Path Logicity, RR Industrial Packaging, Sahay Racks, Swastik Industries International among many others.

Distinguished Speakers Representing:

BigBasket, Reliance Retail, IKEA, Swiggy Instamart, Carl Zeiss, Zepto, Cargill, Bata India, SNITCH, Britannia Industries, Raymond Lifestyle, Country Delight, Fossil Group, Flipkart, Mondelez India Foods, Jockey India, AkzoNobel, FreshToHome, Diageo India, Himalayan Natives, Spykar Lifestyles, ABB, River Mobility, Kearney, Casa Grande, C.R. Narayana Rao, AESA, and several other esteemed organizations.

Industry Endorsements

"The Intralogistics & Warehousing Expo is a must-attend event for freight forwarders, offering a unique opportunity to explore innovative solutions that drive operational efficiency and business growth. We encourage all industry professionals to attend, experience the latest technologies firsthand, and build valuable networks" – Pramod Sant, Federation of Freight Forwarders’ Associations of India (FFFAI)

"For warehousing developers and supply chain professionals, this expo serves as the perfect platform to discover advanced automation, storage solutions, and smart logistics technologies. Attendees can gain practical insights, connect with leading solution providers, and stay ahead of emerging industry trends" – Amit Mittal, Association of Warehousing Developers (AWD)

Attending Intralogistics & Warehousing Expo offers access to India’s leading platform for automation, robotics, material handling, and supply chain technologies. Co-located with the Material Handling and E-Commerce Logistics Expos, the event provides a comprehensive overview of the logistics and warehousing landscape, bringing together leading solution providers and key industry decision-makers under one roof.