देवघर: इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर ने वृक्षारोपण, डायलिसिस मरीज को सहयोग एवं Doctor's. & CA सम्मान  के साथ नए सत्र का जोरदार आगाज किया गया l
देवघर: 1 जुलाई 2026 इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर ने सत्र 2026–27 का शुभारंभ समाजसेवा एवं जनकल्याण के उद्देश्य से विभिन्न सेवा परियोजनाओं के साथ किया। कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई, जो St.Mary's School में की गयी. जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया। क्लब की सदस्यों ने पौधारोपण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल का संकल्प लिया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्लब ने सदर अस्पताल, देवघर में एक डायलिसिस मरीज को गोद लेकर उसके उपचार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने की पहल की। यह सेवा कार्य जरूरतमंद मरीजों के प्रति क्लब की संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। इस अवसर पर समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 10  चिकित्सकों (Doctors) का सम्मान किया गया। साथ ही, अपने पेशे में उत्कृष्ट योगदान एवं ईमानदारी के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) को भी सम्मानित किया गया। क्लब की अध्यक्ष डॉ. ममता किरण ने कहा कि इनर व्हील क्लब का उद्देश्य सेवा, मित्रता एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए सत्र में क्लब की पूरी टीम समाजहित में अनेक जनकल्याणकारी कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित करेगी। कार्यक्रम में क्लब की पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही  जिसमें।  Sushma Rani, Chandra Prabha, Arpana Sinha Archana Sinha ,Kanchan Murti ,Namita Bhagat ,Rashmi Ranjan jha , Archana Bhagat,Anita Gupta ,Gyani Mishra, Nisha Jaiswal,Savitri Gupta की उपस्थिति रही  सभी ने समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। जारीकर्ता:सुषमा रानी  संपादक  (2026–27)
अब एक ही शिवसेना बची...’, अमित शाह का उद्धव ठाकरे पर बड़ा तंज

#amitshahtakesjibeonuddhavthackeray

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिवसेना के दो गुटों में चल रही कलह के बीच तीखा तंज कसा है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए ही उद्धव खेमे पर तंज कसा और कहा कि अब एक ही शिवसेना है, कोई गुट नहीं बचा है। शनिवार को उन्होंने कोल्हापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला।

अब केवल एक ही 'शिवसेना'-अमित शाह

अमित शाह ने वहां महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर परिसर में विकास कार्यों की शुरुआत की। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'पहले एकनाथ शिंदे के नाम के आगे 'शिंदे गुट' लगाना पड़ता था, लेकिन अब केवल एक ही 'शिवसेना' रह गई है, अब कोई अन्य गुट बाकी नहीं रहा है।' अमित शाह ने एकनाथ शिंदे का परिचय देते हुए यह टिप्पणी की। जब शाह ने यह कहा तो मंच पर एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे। 

12 सालों के दौरान भारत ने तरक्की की-अमित शाह

अमित शाह ने कोल्हापुर में कहा कि कहा कि इतिहास इस बात को याद रखेगा कि मोदी के नेतृत्व में 12 सालों के दौरान भारत ने तरक्की की, विकास किया और अपनी संस्कृति को संजोकर रखा। उन्होंने महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार की तारीफ की। शाह ने कहा कि हमारे लिए पश्चिम बंगाल को बहुत मुश्किल लक्ष्य बताय जा रहा था लेकिन अंतिम चुनाव में वहां भी बीजेपी की सरकार बनी है। 

शिंदे की शिवसेना और उद्धव गुट के बीच कलह

बता दें कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव गुट के बीच फिर से कलह मची हुई है। उद्धव सेना के 6 सांसदों के बारे में चर्चा है कि वे किसी भी दिन एकनाथ शिदे गुट का दामन थाम सकते हैं। इन सभी को संभालने के लिए दिल्ली में उद्धव सेना की एक मीटिंग भी हुई थी, लेकिन ये लोग नहीं पहुंचे थे। ऐसे में साफ है कि सभी 6 सांसद बागी होने को तैयार हैं। इस बीच शुक्रवार को दोनों गुटों ने शिवसेना की स्थापना के 60 सालों पर अलग-अलग आयोजन किए। कुछ जगहों पर तनाव की स्थिति भी दोनों गुटों के बीच देखी गई।

STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
Bethany Convent School ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 1


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज  ।विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं सफल घोषित हुए, जो कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इस वर्ष विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल उत्तीर्ण होकर सफलता प्राप्त की, बल्कि उत्कृष्ट अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का भी शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, 45 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया और यह सिद्ध किया कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण से असाधारण परिणाम संभव हैं।
विद्यालय की टॉपर महिमा सिंह ने 98% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त तुहिना पांडे ने 97.4%, आकृति यादव ने 96.8%, सृष्टि सिन्हा एवं दर्शिता मिश्रा ने 96% अंक प्राप्त किए। वहीं आयुष यादव, आराध्या मौर्य और आशुतोष ओझा ने 95.8% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मोहम्मद मोहिउद्दीन ने 95.6%, अंश यादववंशी ने 95.2% तथा सृष्टि कुशवाहा ने 95% अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन सभी विद्यार्थियों की उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
इस शानदार परिणाम पर अभिभावकों ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या Sr. Dr. Shamitha की विशेष रूप से प्रशंसा की। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता उच्च स्तर की है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे बच्चे आत्मविश्वासी और अनुशासित बनते हैं।
प्रधानाचार्या सिस्टर डॉ. शमीथा ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के समर्पित एवं अनुभवी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और लगन को दिया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम टीमवर्क, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें बेहतर शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।
विद्यालय प्रबंधन ने भी सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में भी विद्यालय इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देता रहेगा।
यूपी बिजली विभाग में बड़े स्तर पर रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी, पद खत्म होने और छंटनी का खतरा

लखनऊ। प्रदेश के बिजली विभाग में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। Uttar Pradesh Power Corporation Limited (यूपीपीसीएल) द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र के बाद अब ट्रांसमिशन सेक्टर में भी व्यापक रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी की जा रही है।

Vidyut Karmchari Sanyukt Sangharsh Samiti ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाएंगे, जिससे नियमित और संविदा कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ट्रांसमिशन क्षेत्र में रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के संकेत दिए हैं। पहले चरण में सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े करीब 150 पद समाप्त किए जाने की योजना है।

इसके अलावा कई मंडलों और खंडों के विलय की भी तैयारी है। प्रस्ताव के तहत गोरखपुर और प्रयागराज मंडल को मिलाकर वाराणसी मंडल, जबकि मुरादाबाद और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर मेरठ मंडल बनाए जाने की योजना है। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के मर्जर प्रस्तावित हैं।

प्रस्तावित ढांचे में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के पदों में बड़ी कटौती की बात सामने आई है। कुल मिलाकर पहले चरण में ही डेढ़ सौ से अधिक पद समाप्त किए जा सकते हैं।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि आगे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में भी बड़े स्तर पर पद समाप्त किए जा सकते हैं, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि इस फैसले से बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर गर्मियों के दौरान जब मांग अधिक होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

इसी क्रम में 12 अप्रैल को Lucknow में संघर्ष समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
लखनऊ में नामी स्कूलों की मनमानी पर बड़ा सवाल, आदेशों के बावजूद अभिभावकों से वसूली जारी

लखनऊ।  प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की फीस और अन्य मदों में वसूली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजधानी लखनऊ के कई नामी स्कूलों पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
Yogi Adityanath ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि स्कूल किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म, डायरी या अन्य सामग्री के नाम पर अनावश्यक वसूली न करें और री-एडमिशन फीस भी न ली जाए। इसके बावजूद कई प्रतिष्ठित स्कूल इन निर्देशों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।
अभिभावकों के अनुसार, City Montessori School, Lucknow Public School, Delhi Public School, La Martiniere College, St. Mary's Convent Inter College, Cathedral Senior Secondary School, Spring Dale College, Amity International School, New Public School और Scholars' Home School जैसे संस्थानों में किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। इससे अभिभावकों को महंगे दामों पर सामान खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
सूत्रों का कहना है कि हर साल अलग-अलग शीर्षकों के नाम पर फीस बढ़ा दी जाती है, जबकि कई मामलों में शुल्क का स्पष्ट विवरण भी नहीं दिया जाता। इससे खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्कूल अपनी छवि बेहतर दिखाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं और कई बार वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
वहीं प्रशासन की ओर से सख्ती के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है। अभिभावकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे स्कूलों की मनमानी जारी है।
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना की जांच हो, तय दुकानों से खरीद की बाध्यता खत्म की जाए, अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल यह मामला शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक सख्ती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

#unionhomeministeramitshahpublisheschargesheetagainstbengaltmc_govt 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

प्रयागराज जंक्शन पर फर्जी आरपीएफ दरोगा गिरफ्तार, तीन महीने से वर्दी पहनकर कर रहा था मुफ्त यात्रा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। Prayagraj Junction railway station पर रविवार को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को फर्जी आरपीएफ उप निरीक्षक बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी पिछले कई महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों को खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ पोस्ट प्रयागराज के निरीक्षक Amit Kumar Meena अपने स्टाफ के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक आरपीएफ उप निरीक्षक की वर्दी में संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई और जीआरपी टीम को मौके पर बुलाकर संयुक्त जांच की गई।

जांच में युवक की पहचान दिव्यांशु कुमार (22) पुत्र दीना नाथ निवासी ग्राम रेंगा थाना बरेसर जनपद गाजीपुर के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि वह असली पुलिसकर्मी नहीं है और फर्जी तरीके से आरपीएफ की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आरपीएफ की वर्दी, स्टार, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी और लाल रंग के जूते बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी जेब से 650 रुपये नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी मिले, जिन्हें नियमानुसार सील कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घरवालों के नौकरी के दबाव के कारण उसने आरपीएफ की वर्दी बनवा ली थी। वह पिछले करीब तीन महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों के सामने खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

देवघर: इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर ने वृक्षारोपण, डायलिसिस मरीज को सहयोग एवं Doctor's. & CA सम्मान  के साथ नए सत्र का जोरदार आगाज किया गया l
देवघर: 1 जुलाई 2026 इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर ने सत्र 2026–27 का शुभारंभ समाजसेवा एवं जनकल्याण के उद्देश्य से विभिन्न सेवा परियोजनाओं के साथ किया। कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई, जो St.Mary's School में की गयी. जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया। क्लब की सदस्यों ने पौधारोपण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी देखभाल का संकल्प लिया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में क्लब ने सदर अस्पताल, देवघर में एक डायलिसिस मरीज को गोद लेकर उसके उपचार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने की पहल की। यह सेवा कार्य जरूरतमंद मरीजों के प्रति क्लब की संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। इस अवसर पर समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 10  चिकित्सकों (Doctors) का सम्मान किया गया। साथ ही, अपने पेशे में उत्कृष्ट योगदान एवं ईमानदारी के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) को भी सम्मानित किया गया। क्लब की अध्यक्ष डॉ. ममता किरण ने कहा कि इनर व्हील क्लब का उद्देश्य सेवा, मित्रता एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए सत्र में क्लब की पूरी टीम समाजहित में अनेक जनकल्याणकारी कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित करेगी। कार्यक्रम में क्लब की पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही  जिसमें।  Sushma Rani, Chandra Prabha, Arpana Sinha Archana Sinha ,Kanchan Murti ,Namita Bhagat ,Rashmi Ranjan jha , Archana Bhagat,Anita Gupta ,Gyani Mishra, Nisha Jaiswal,Savitri Gupta की उपस्थिति रही  सभी ने समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। जारीकर्ता:सुषमा रानी  संपादक  (2026–27)
अब एक ही शिवसेना बची...’, अमित शाह का उद्धव ठाकरे पर बड़ा तंज

#amitshahtakesjibeonuddhavthackeray

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिवसेना के दो गुटों में चल रही कलह के बीच तीखा तंज कसा है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए ही उद्धव खेमे पर तंज कसा और कहा कि अब एक ही शिवसेना है, कोई गुट नहीं बचा है। शनिवार को उन्होंने कोल्हापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला।

अब केवल एक ही 'शिवसेना'-अमित शाह

अमित शाह ने वहां महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर परिसर में विकास कार्यों की शुरुआत की। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'पहले एकनाथ शिंदे के नाम के आगे 'शिंदे गुट' लगाना पड़ता था, लेकिन अब केवल एक ही 'शिवसेना' रह गई है, अब कोई अन्य गुट बाकी नहीं रहा है।' अमित शाह ने एकनाथ शिंदे का परिचय देते हुए यह टिप्पणी की। जब शाह ने यह कहा तो मंच पर एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे। 

12 सालों के दौरान भारत ने तरक्की की-अमित शाह

अमित शाह ने कोल्हापुर में कहा कि कहा कि इतिहास इस बात को याद रखेगा कि मोदी के नेतृत्व में 12 सालों के दौरान भारत ने तरक्की की, विकास किया और अपनी संस्कृति को संजोकर रखा। उन्होंने महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार की तारीफ की। शाह ने कहा कि हमारे लिए पश्चिम बंगाल को बहुत मुश्किल लक्ष्य बताय जा रहा था लेकिन अंतिम चुनाव में वहां भी बीजेपी की सरकार बनी है। 

शिंदे की शिवसेना और उद्धव गुट के बीच कलह

बता दें कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव गुट के बीच फिर से कलह मची हुई है। उद्धव सेना के 6 सांसदों के बारे में चर्चा है कि वे किसी भी दिन एकनाथ शिदे गुट का दामन थाम सकते हैं। इन सभी को संभालने के लिए दिल्ली में उद्धव सेना की एक मीटिंग भी हुई थी, लेकिन ये लोग नहीं पहुंचे थे। ऐसे में साफ है कि सभी 6 सांसद बागी होने को तैयार हैं। इस बीच शुक्रवार को दोनों गुटों ने शिवसेना की स्थापना के 60 सालों पर अलग-अलग आयोजन किए। कुछ जगहों पर तनाव की स्थिति भी दोनों गुटों के बीच देखी गई।

STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह, 40 से अधिक मामलों में था वांछित

अयोध्या। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली, जब प्रयागराज एसटीएफ यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप सिंह को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और हत्या, डकैती, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग सहित विभिन्न गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ गोरखपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे।

सूत्रों के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग जनपदों की पुलिस द्वारा कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम शामिल थे। वह कई वर्षों से फरार चल रहा था और अदालत में भी लगातार गैरहाजिर रहता था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने महाराजगंज थाना क्षेत्र में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें उसके सीने में गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मुठभेड़ के बाद देर रात करीब 12 बजे के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को भी एहतियातन बढ़ा दिया गया।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि मुठभेड़ में घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) Amitabh Yash ने बताया कि भानु प्रताप सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मामलों में वांछित था। प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पूर्वांचल क्षेत्र में भानु प्रताप सिंह की पहचान एक खतरनाक सुपारी किलर के रूप में थी। पुलिस को कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसकी तलाश थी। उसके मारे जाने को प्रदेश पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
Bethany Convent School ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 1


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज  ।विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं सफल घोषित हुए, जो कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इस वर्ष विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल उत्तीर्ण होकर सफलता प्राप्त की, बल्कि उत्कृष्ट अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का भी शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, 45 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया और यह सिद्ध किया कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण से असाधारण परिणाम संभव हैं।
विद्यालय की टॉपर महिमा सिंह ने 98% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त तुहिना पांडे ने 97.4%, आकृति यादव ने 96.8%, सृष्टि सिन्हा एवं दर्शिता मिश्रा ने 96% अंक प्राप्त किए। वहीं आयुष यादव, आराध्या मौर्य और आशुतोष ओझा ने 95.8% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मोहम्मद मोहिउद्दीन ने 95.6%, अंश यादववंशी ने 95.2% तथा सृष्टि कुशवाहा ने 95% अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन सभी विद्यार्थियों की उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
इस शानदार परिणाम पर अभिभावकों ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या Sr. Dr. Shamitha की विशेष रूप से प्रशंसा की। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता उच्च स्तर की है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे बच्चे आत्मविश्वासी और अनुशासित बनते हैं।
प्रधानाचार्या सिस्टर डॉ. शमीथा ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के समर्पित एवं अनुभवी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और लगन को दिया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम टीमवर्क, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें बेहतर शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।
विद्यालय प्रबंधन ने भी सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में भी विद्यालय इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देता रहेगा।
यूपी बिजली विभाग में बड़े स्तर पर रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी, पद खत्म होने और छंटनी का खतरा

लखनऊ। प्रदेश के बिजली विभाग में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। Uttar Pradesh Power Corporation Limited (यूपीपीसीएल) द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र के बाद अब ट्रांसमिशन सेक्टर में भी व्यापक रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी की जा रही है।

Vidyut Karmchari Sanyukt Sangharsh Samiti ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाएंगे, जिससे नियमित और संविदा कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ट्रांसमिशन क्षेत्र में रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के संकेत दिए हैं। पहले चरण में सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े करीब 150 पद समाप्त किए जाने की योजना है।

इसके अलावा कई मंडलों और खंडों के विलय की भी तैयारी है। प्रस्ताव के तहत गोरखपुर और प्रयागराज मंडल को मिलाकर वाराणसी मंडल, जबकि मुरादाबाद और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर मेरठ मंडल बनाए जाने की योजना है। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के मर्जर प्रस्तावित हैं।

प्रस्तावित ढांचे में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के पदों में बड़ी कटौती की बात सामने आई है। कुल मिलाकर पहले चरण में ही डेढ़ सौ से अधिक पद समाप्त किए जा सकते हैं।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि आगे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में भी बड़े स्तर पर पद समाप्त किए जा सकते हैं, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि इस फैसले से बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर गर्मियों के दौरान जब मांग अधिक होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

इसी क्रम में 12 अप्रैल को Lucknow में संघर्ष समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
लखनऊ में नामी स्कूलों की मनमानी पर बड़ा सवाल, आदेशों के बावजूद अभिभावकों से वसूली जारी

लखनऊ।  प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की फीस और अन्य मदों में वसूली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजधानी लखनऊ के कई नामी स्कूलों पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
Yogi Adityanath ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि स्कूल किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म, डायरी या अन्य सामग्री के नाम पर अनावश्यक वसूली न करें और री-एडमिशन फीस भी न ली जाए। इसके बावजूद कई प्रतिष्ठित स्कूल इन निर्देशों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।
अभिभावकों के अनुसार, City Montessori School, Lucknow Public School, Delhi Public School, La Martiniere College, St. Mary's Convent Inter College, Cathedral Senior Secondary School, Spring Dale College, Amity International School, New Public School और Scholars' Home School जैसे संस्थानों में किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। इससे अभिभावकों को महंगे दामों पर सामान खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
सूत्रों का कहना है कि हर साल अलग-अलग शीर्षकों के नाम पर फीस बढ़ा दी जाती है, जबकि कई मामलों में शुल्क का स्पष्ट विवरण भी नहीं दिया जाता। इससे खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्कूल अपनी छवि बेहतर दिखाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं और कई बार वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
वहीं प्रशासन की ओर से सख्ती के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है। अभिभावकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे स्कूलों की मनमानी जारी है।
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना की जांच हो, तय दुकानों से खरीद की बाध्यता खत्म की जाए, अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल यह मामला शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक सख्ती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

#unionhomeministeramitshahpublisheschargesheetagainstbengaltmc_govt 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

प्रयागराज जंक्शन पर फर्जी आरपीएफ दरोगा गिरफ्तार, तीन महीने से वर्दी पहनकर कर रहा था मुफ्त यात्रा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। Prayagraj Junction railway station पर रविवार को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को फर्जी आरपीएफ उप निरीक्षक बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी पिछले कई महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों को खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ पोस्ट प्रयागराज के निरीक्षक Amit Kumar Meena अपने स्टाफ के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक युवक आरपीएफ उप निरीक्षक की वर्दी में संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई और जीआरपी टीम को मौके पर बुलाकर संयुक्त जांच की गई।

जांच में युवक की पहचान दिव्यांशु कुमार (22) पुत्र दीना नाथ निवासी ग्राम रेंगा थाना बरेसर जनपद गाजीपुर के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि वह असली पुलिसकर्मी नहीं है और फर्जी तरीके से आरपीएफ की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से आरपीएफ की वर्दी, स्टार, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी और लाल रंग के जूते बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी जेब से 650 रुपये नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी मिले, जिन्हें नियमानुसार सील कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घरवालों के नौकरी के दबाव के कारण उसने आरपीएफ की वर्दी बनवा ली थी। वह पिछले करीब तीन महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था और लोगों के सामने खुद को आरपीएफ दरोगा बताता था।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।