*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |

The Rolls-Royce Holi procession in Kolkata has a rich history dating back to 1921 when the car was imported from England by Mukund Lal Bagla, a prominent Marwari businessman. The tradition began when his son, Ram Kumar Bagla, started using the Rolls-Royce to carry Radha-Krishna idols during Holi, a practice continued by the family. Over time, the event has evolved into a grand celebration, attracting thousands of devotees and spectators. The procession typically starts at the Satyanarayan Jee Temple, winding through iconic Kolkata streets like Howrah Bridge and Burrabazar, showcasing the city's cultural heritage. The Rolls-Royce itself is a symbol of luxury and tradition, beautifully decorated with flowers and colors for the occasion. The Rolls-Royce, once owned by Rudyard Kipling, is adorned with flowers and colors, accompanied by traditional music and dance. Devotees and spectators join the procession, throwing gulal and celebrating the festival. This event blends heritage, spirituality, and joy, making it a must-see Holi celebration in Kolkata.


Kochi, India — While many digital platforms focus solely on consumer convenience, HayFixr is also positioning itself as a technology partner for skilled service professionals.
लखनऊ । विशेष संवाददाता



Mar 05 2026, 16:37
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