भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

#raghavchadhabreakssilenceonaapactionsayssilencednotdefeated

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर बिजली विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की कटाई तेज़ी से चल रही है। पिछले वर्षों में कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसको देखते हुए विद्युत विभाग सतर्क हो गया है और अगलगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों के खेतों के पास या खेत के अंदर ट्रांसफार्मर लगे हैं, वे उसके चारों ओर लगभग पांच फीट की परिधि में गेहूं की कटाई कर लें। इसी प्रकार जहां विद्युत पोल या डबल पोल लाइन सर्किट मौजूद हैं, वहां भी आसपास का गेहूं काटकर हटा देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की आशंका कम हो सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील की कि कटाई के दौरान बिजली के तारों और पोल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं तार जर्जर अवस्था में हों, लटक रहे हों या कोई तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर स्थिति होने पर किसान विद्युत विभाग के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की मेहनत की फसल को सुरक्षित रखना

दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

Shock Move: ‘Candid Talks with RV’ Could Delete Every Episode

India | March 2026

In a development that has rapidly captured attention across digital and media circles, Candid Talks with RV — a talk format known for its bold and unfiltered conversations may soon face a complete takedown, with indications that all episodes of the show will be deleted due to legal issues.

The development came to light after a series of Instagram Stories shared by Rajveer Singh suggested that the platform could be removed in its entirety, citing “controversies and unavoidable legal issues.”

The announcement has triggered widespread discussion, with audiences and industry observers closely tracking the situation.

While no detailed clarification has been issued, the nature of the announcement has led to multiple interpretations.

Some believe that the show’s format which brings together diverse voices for candid, often opinion-driven discussions may have led to conversations intersecting with sensitive public narratives, including political viewpoints or broader societal issues, potentially raising concerns.

Others suggest that certain discussions may have overlapped with cultural or religious sentiments, which, in a highly reactive digital environment, can escalate quickly and lead to precautionary decisions.

There is also growing conversation around whether legal and compliance factors may be at play, particularly if any statements made during the show were considered open to interpretation or contentious.

At the same time, a contrasting perspective continues to surface. Given the show’s strong storytelling approach and ability to drive engagement, some industry voices believe this could still be a strategic narrative build-up, although no confirmation supports this view at present.

What makes this situation particularly significant is the scale of the reported action not just a single episode, but the entire catalogue of Candid Talks with RV.

Positioned as “It’s NOT just a podcast,” the show has differentiated itself through its format of four guests from four different professions, creating conversations that blend business, culture, media, and real-world perspectives.

The platform has featured a wide range of notable personalities, including the CMO of Donear / NeoStretch, the National Director of Veeba, Dr. Alpana of Body Profuse, award-winning journalist Sitaram Mewati, Chef Mukul of Aurika Hotels, actress Jaswinder Gardner, and leading creators such as Foodie Kashif, Anjuri Sinha, Krithi Kuttathil, and Guneet Sharma. Social impact voices like Suhani Mendonsa have also contributed to the show’s diverse dialogue.

The show is backed by Body Profuse as its primary sponsor and HOLLYLAND as its technical and audio partner, both of whom remain aligned with the platform and its host as the situation develops.

Following the announcement, audience curiosity has surged, with viewers revisiting available content and attempting to understand the implications of a potential full removal.

At present, there is no official confirmation on timelines or the exact nature of the legal concerns involved. However, the possibility that all episodes may be taken down has elevated this situation into a larger conversation about content, boundaries, and responsibility in the evolving digital landscape.

This moment also comes at a time when long-form conversations and podcast-style formats are witnessing massive growth, with creators like Ranveer Allahbadia, Raj Shamani, Nikhil Kamath, and globally Joe Rogan shaping how dialogue captures attention and influences audiences.

In that context, what is unfolding around Candid Talks with RV is being closely watched, not just as a standalone development, but as a reflection of how powerful conversations can sometimes lead to equally powerful consequences.

Whether this is a necessary step, a precautionary move, or something more layered the coming days are expected to bring clarity.

Shock Move: ‘Candid Talks with RV’ Could Delete Every Episode

India | March 2026

In a development that has rapidly captured attention across digital and media circles, Candid Talks with RV — a talk format known for its bold and unfiltered conversations may soon face a complete takedown, with indications that all episodes of the show will be deleted due to legal issues.

The development came to light after a series of Instagram Stories shared by Rajveer Singh suggested that the platform could be removed in its entirety, citing “controversies and unavoidable legal issues.”

The announcement has triggered widespread discussion, with audiences and industry observers closely tracking the situation.

While no detailed clarification has been issued, the nature of the announcement has led to multiple interpretations.

Some believe that the show’s format which brings together diverse voices for candid, often opinion-driven discussions may have led to conversations intersecting with sensitive public narratives, including political viewpoints or broader societal issues, potentially raising concerns.

Others suggest that certain discussions may have overlapped with cultural or religious sentiments, which, in a highly reactive digital environment, can escalate quickly and lead to precautionary decisions.

There is also growing conversation around whether legal and compliance factors may be at play, particularly if any statements made during the show were considered open to interpretation or contentious.

At the same time, a contrasting perspective continues to surface. Given the show’s strong storytelling approach and ability to drive engagement, some industry voices believe this could still be a strategic narrative build-up, although no confirmation supports this view at present.

What makes this situation particularly significant is the scale of the reported action not just a single episode, but the entire catalogue of Candid Talks with RV.

Positioned as “It’s NOT just a podcast,” the show has differentiated itself through its format of four guests from four different professions, creating conversations that blend business, culture, media, and real-world perspectives.

The platform has featured a wide range of notable personalities, including the CMO of Donear / NeoStretch, the National Director of Veeba, Dr. Alpana of Body Profuse, award-winning journalist Sitaram Mewati, Chef Mukul of Aurika Hotels, actress Jaswinder Gardner, and leading creators such as Foodie Kashif, Anjuri Sinha, Krithi Kuttathil, and Guneet Sharma. Social impact voices like Suhani Mendonsa have also contributed to the show’s diverse dialogue.

The show is backed by Body Profuse as its primary sponsor and HOLLYLAND as its technical and audio partner, both of whom remain aligned with the platform and its host as the situation develops.

Following the announcement, audience curiosity has surged, with viewers revisiting available content and attempting to understand the implications of a potential full removal.

At present, there is no official confirmation on timelines or the exact nature of the legal concerns involved. However, the possibility that all episodes may be taken down has elevated this situation into a larger conversation about content, boundaries, and responsibility in the evolving digital landscape.

This moment also comes at a time when long-form conversations and podcast-style formats are witnessing massive growth, with creators like Ranveer Allahbadia, Raj Shamani, Nikhil Kamath, and globally Joe Rogan shaping how dialogue captures attention and influences audiences.

In that context, what is unfolding around Candid Talks with RV is being closely watched, not just as a standalone development, but as a reflection of how powerful conversations can sometimes lead to equally powerful consequences.

Whether this is a necessary step, a precautionary move, or something more layered the coming days are expected to bring clarity.

Renowned Actress Kunickaa Sadanand and Dr. Kiran Chachlani Collaborate to Shape the Future of Boss Foods at Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Purask

Mumbai, India – At the prestigious Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Puraskar award night, an event celebrating exceptional contributions to society, celebrated Indian film and television actress Kunickaa Sadanand joined forces with Dr. Kiran Chachlani, Founder of Boss Chakki Fresh Atta and Boss Foods Products. The distinguished duo engaged in a compelling discussion on innovative strategies poised to redefine the future trajectory of Boss Foods.

Kunickaa Sadanand, widely recognized for her impactful roles in popular Hindi films and television serials, as well as her participation in the renowned reality show Bigg Boss, lent her vision and star power to this groundbreaking initiative. Together with Dr. Kiran Chachlani, a visionary leader committed to social responsibility and entrepreneurship, they unveiled plans that marry quality food production with meaningful community empowerment.

Dr. Chachlani is set to launch her own brand under the "Lady Boss" campaign: Boss Chakki Fresh Atta. This exclusive range includes wheat atta, besan atta, and multigrain atta, promising premium quality and freshness. Beyond delivering superior products, the campaign is dedicated to creating sustainable employment opportunities for women in Navi Mumbai. Furthermore, it supports the education and health of these women’s children, reinforcing a holistic approach to community development.

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

#raghavchadhabreakssilenceonaapactionsayssilencednotdefeated

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर बिजली विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की कटाई तेज़ी से चल रही है। पिछले वर्षों में कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसको देखते हुए विद्युत विभाग सतर्क हो गया है और अगलगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों के खेतों के पास या खेत के अंदर ट्रांसफार्मर लगे हैं, वे उसके चारों ओर लगभग पांच फीट की परिधि में गेहूं की कटाई कर लें। इसी प्रकार जहां विद्युत पोल या डबल पोल लाइन सर्किट मौजूद हैं, वहां भी आसपास का गेहूं काटकर हटा देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की आशंका कम हो सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील की कि कटाई के दौरान बिजली के तारों और पोल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं तार जर्जर अवस्था में हों, लटक रहे हों या कोई तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर स्थिति होने पर किसान विद्युत विभाग के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की मेहनत की फसल को सुरक्षित रखना

दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

आजमगढ़:- कटाई के दौरान अगलगी से बचाव को लेकर विद्युत विभाग अलर्ट, किसानों को दी सलाह
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। वर्तमान समय में क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। बीते वर्षों में अगलगी की कई घटनाओं के चलते फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिलती रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग भी सतर्क हो गया है और अपने स्तर से आवश्यक कदम उठा रहा है।
अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख रूप से कुछ बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा जिन उपभोक्ताओं के खेतों के समीप या खेतों में ट्रांसफार्मर हैं वे लोग लगभग 5 फीट की परिधि में वहां का गेहूं काट दें।  जहां पर खेतों में पोल लगे हो वहां के आसपास का गेहूं काट दें। जहां पर डबल पोले लाइन सर्किट बनी हो वहां के आसपास के गेहूं को लगभग 5 फीट की परिधि में काट के हटा ले। जिससे की शार्ट सर्किट जैसी समस्या एवं गेहूं में आग लगे समस्या एवं किसी भी अप्रिय घटना दुर्घटना से बचा जा सके।
एक्सईएन फूलपुर हरीश प्रजापति ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कटाई के दौरान विद्युत पोल और तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कहीं पर बिजली का तार जर्जर अवस्था में हो, लटक रहा हो या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित लाइनमैन या उपखंड कार्यालय को दें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो किसान लिखित रूप में विद्युत विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जा सके।
विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य कटाई के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकना और किसानों की फसल को सुरक्षित रखना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

Shock Move: ‘Candid Talks with RV’ Could Delete Every Episode

India | March 2026

In a development that has rapidly captured attention across digital and media circles, Candid Talks with RV — a talk format known for its bold and unfiltered conversations may soon face a complete takedown, with indications that all episodes of the show will be deleted due to legal issues.

The development came to light after a series of Instagram Stories shared by Rajveer Singh suggested that the platform could be removed in its entirety, citing “controversies and unavoidable legal issues.”

The announcement has triggered widespread discussion, with audiences and industry observers closely tracking the situation.

While no detailed clarification has been issued, the nature of the announcement has led to multiple interpretations.

Some believe that the show’s format which brings together diverse voices for candid, often opinion-driven discussions may have led to conversations intersecting with sensitive public narratives, including political viewpoints or broader societal issues, potentially raising concerns.

Others suggest that certain discussions may have overlapped with cultural or religious sentiments, which, in a highly reactive digital environment, can escalate quickly and lead to precautionary decisions.

There is also growing conversation around whether legal and compliance factors may be at play, particularly if any statements made during the show were considered open to interpretation or contentious.

At the same time, a contrasting perspective continues to surface. Given the show’s strong storytelling approach and ability to drive engagement, some industry voices believe this could still be a strategic narrative build-up, although no confirmation supports this view at present.

What makes this situation particularly significant is the scale of the reported action not just a single episode, but the entire catalogue of Candid Talks with RV.

Positioned as “It’s NOT just a podcast,” the show has differentiated itself through its format of four guests from four different professions, creating conversations that blend business, culture, media, and real-world perspectives.

The platform has featured a wide range of notable personalities, including the CMO of Donear / NeoStretch, the National Director of Veeba, Dr. Alpana of Body Profuse, award-winning journalist Sitaram Mewati, Chef Mukul of Aurika Hotels, actress Jaswinder Gardner, and leading creators such as Foodie Kashif, Anjuri Sinha, Krithi Kuttathil, and Guneet Sharma. Social impact voices like Suhani Mendonsa have also contributed to the show’s diverse dialogue.

The show is backed by Body Profuse as its primary sponsor and HOLLYLAND as its technical and audio partner, both of whom remain aligned with the platform and its host as the situation develops.

Following the announcement, audience curiosity has surged, with viewers revisiting available content and attempting to understand the implications of a potential full removal.

At present, there is no official confirmation on timelines or the exact nature of the legal concerns involved. However, the possibility that all episodes may be taken down has elevated this situation into a larger conversation about content, boundaries, and responsibility in the evolving digital landscape.

This moment also comes at a time when long-form conversations and podcast-style formats are witnessing massive growth, with creators like Ranveer Allahbadia, Raj Shamani, Nikhil Kamath, and globally Joe Rogan shaping how dialogue captures attention and influences audiences.

In that context, what is unfolding around Candid Talks with RV is being closely watched, not just as a standalone development, but as a reflection of how powerful conversations can sometimes lead to equally powerful consequences.

Whether this is a necessary step, a precautionary move, or something more layered the coming days are expected to bring clarity.

Shock Move: ‘Candid Talks with RV’ Could Delete Every Episode

India | March 2026

In a development that has rapidly captured attention across digital and media circles, Candid Talks with RV — a talk format known for its bold and unfiltered conversations may soon face a complete takedown, with indications that all episodes of the show will be deleted due to legal issues.

The development came to light after a series of Instagram Stories shared by Rajveer Singh suggested that the platform could be removed in its entirety, citing “controversies and unavoidable legal issues.”

The announcement has triggered widespread discussion, with audiences and industry observers closely tracking the situation.

While no detailed clarification has been issued, the nature of the announcement has led to multiple interpretations.

Some believe that the show’s format which brings together diverse voices for candid, often opinion-driven discussions may have led to conversations intersecting with sensitive public narratives, including political viewpoints or broader societal issues, potentially raising concerns.

Others suggest that certain discussions may have overlapped with cultural or religious sentiments, which, in a highly reactive digital environment, can escalate quickly and lead to precautionary decisions.

There is also growing conversation around whether legal and compliance factors may be at play, particularly if any statements made during the show were considered open to interpretation or contentious.

At the same time, a contrasting perspective continues to surface. Given the show’s strong storytelling approach and ability to drive engagement, some industry voices believe this could still be a strategic narrative build-up, although no confirmation supports this view at present.

What makes this situation particularly significant is the scale of the reported action not just a single episode, but the entire catalogue of Candid Talks with RV.

Positioned as “It’s NOT just a podcast,” the show has differentiated itself through its format of four guests from four different professions, creating conversations that blend business, culture, media, and real-world perspectives.

The platform has featured a wide range of notable personalities, including the CMO of Donear / NeoStretch, the National Director of Veeba, Dr. Alpana of Body Profuse, award-winning journalist Sitaram Mewati, Chef Mukul of Aurika Hotels, actress Jaswinder Gardner, and leading creators such as Foodie Kashif, Anjuri Sinha, Krithi Kuttathil, and Guneet Sharma. Social impact voices like Suhani Mendonsa have also contributed to the show’s diverse dialogue.

The show is backed by Body Profuse as its primary sponsor and HOLLYLAND as its technical and audio partner, both of whom remain aligned with the platform and its host as the situation develops.

Following the announcement, audience curiosity has surged, with viewers revisiting available content and attempting to understand the implications of a potential full removal.

At present, there is no official confirmation on timelines or the exact nature of the legal concerns involved. However, the possibility that all episodes may be taken down has elevated this situation into a larger conversation about content, boundaries, and responsibility in the evolving digital landscape.

This moment also comes at a time when long-form conversations and podcast-style formats are witnessing massive growth, with creators like Ranveer Allahbadia, Raj Shamani, Nikhil Kamath, and globally Joe Rogan shaping how dialogue captures attention and influences audiences.

In that context, what is unfolding around Candid Talks with RV is being closely watched, not just as a standalone development, but as a reflection of how powerful conversations can sometimes lead to equally powerful consequences.

Whether this is a necessary step, a precautionary move, or something more layered the coming days are expected to bring clarity.

Renowned Actress Kunickaa Sadanand and Dr. Kiran Chachlani Collaborate to Shape the Future of Boss Foods at Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Purask

Mumbai, India – At the prestigious Dr. A.P.J. Abdul Kalam Bharat Puraskar award night, an event celebrating exceptional contributions to society, celebrated Indian film and television actress Kunickaa Sadanand joined forces with Dr. Kiran Chachlani, Founder of Boss Chakki Fresh Atta and Boss Foods Products. The distinguished duo engaged in a compelling discussion on innovative strategies poised to redefine the future trajectory of Boss Foods.

Kunickaa Sadanand, widely recognized for her impactful roles in popular Hindi films and television serials, as well as her participation in the renowned reality show Bigg Boss, lent her vision and star power to this groundbreaking initiative. Together with Dr. Kiran Chachlani, a visionary leader committed to social responsibility and entrepreneurship, they unveiled plans that marry quality food production with meaningful community empowerment.

Dr. Chachlani is set to launch her own brand under the "Lady Boss" campaign: Boss Chakki Fresh Atta. This exclusive range includes wheat atta, besan atta, and multigrain atta, promising premium quality and freshness. Beyond delivering superior products, the campaign is dedicated to creating sustainable employment opportunities for women in Navi Mumbai. Furthermore, it supports the education and health of these women’s children, reinforcing a holistic approach to community development.