पूर्व सैनिकों की सहभागिता से रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने की ऐतिहासिक पहल।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेन्ट ऑर्गनाइजेशन लखनऊ (AWPO)के मध्य पूर्व सैनिको की रेलवे में पॉइंट्समैन के रूप में तैनाती हेतु महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।इस समझौते के अंतर्गत पूर्व सैनिको को प्रयागराज रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनो स्थलो पर पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा।यह तैनाती पूर्णतःप्रयागराज रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में ही की जाएगी।इस एमओयू के माध्यम से कुल 271पदों पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति प्रस्तावित है जिससे रेल परिचालन की संरक्षा एवं सुचारु संचालन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।समझौता ज्ञापन पर प्रयागराज रेल मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक(समन्वय) आकांशु गोविल एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव कुमार गुप्ता ने हस्ताक्षर किए जबकि आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से कर्नल अनुराग कुमार (सेवानिवृत्त)ने हस्ताक्षर किए।यह समझौता दोनो संस्थाओ के मध्य दीर्घकालिक सहयोगात्मक एवं फलदायी सम्बन्धो की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पूर्व सैनिको का अनुशासन अनुभव एवं कर्तव्यनिष्ठा रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा।

एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा पीड़ितों से की मुलाकात, 1-1 लाख रुपये का दिया चेक

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचे। राहुल गांधी ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर भागीरथपुरा बस्ती जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से भी मुलाकात की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी दूषित पानी से जान गंवाने वालों के घर पैदल चलकर गए।

एयरपोर्ट से सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे राहुल

इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे हैं। राहुल गांधी ने बॉम्बे अस्पताल में करीब 15 मिनट बिताए। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना। यहां पर उनके साथ राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सदन में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी मौजूद हैं।

जान गंवाने वालों के परिवारों से मुलाकात

इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। फिर वे मृतक जीवन माली के घर पहुंचे, जिनकी मौत भी दूषित पानी के कारण हुई थी।

पीड़ित परिवारों को सौंपा 1-1 लाख रुपये का चेक

राहुल गांधी संस्कार गार्डन में पीड़ित परिवारों से मिले और 1-1 लाख रुपये का चेक दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि लोग पानी पी कर लोग मर रहे हैं। साफ पानी, प्रदूषण पर नियंत्रण सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही है। यहां की घटना के लिए कोई तो जिम्मेदार होगा, सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

ये राजनीति नहीं-राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, आज भी यहां साफ पानी नहीं आ रहा है। मैं इनका समर्थन करने आया हूं। ये राजनीति नहीं है। मैं नेता विपक्ष के तौर पर इनका मुद्दा उठाने और मदद करने आया हूं।

Homeo Doctor in Hyderabad for 4 Stages of Migraine – Safe & Effective Homeopathy Care

Consult a trusted homeo doctor in Hyderabad for the 4 stages of migraine. Get natural, safe, and personalized homeopathy care for lasting migraine relief.

Introduction

Migraine is a chronic neurological disorder that affects millions of people. It is not just a headache – migraines bring severe pain, nausea, vomiting, and sensitivity to light and sound. Frequent attacks can disrupt work, sleep, and daily life. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can provide safe, natural, and effective management of migraines. Homeopathy focuses on treating the root causes rather than only masking symptoms.

Understanding the four stages of migraine helps in early recognition and better control.

The 4 Stages of Migraine

1. Prodrome Stage (Warning Phase):

This stage occurs hours or days before the headache. Patients may experience fatigue, mood changes, food cravings, neck stiffness, or difficulty concentrating. Early awareness can help reduce the intensity of the upcoming migraine.

2. Aura Stage:

Not all patients experience aura. It involves visual disturbances like flashing lights, blind spots, zigzag lines, or tingling sensations in the hands or face. Aura usually lasts 20–60 minutes.

3. Attack Stage (Headache Phase):

The most intense phase, with throbbing head pain, nausea, vomiting, dizziness, and sensitivity to light, sound, or smell. This phase can last from a few hours to multiple days.

4. Postdrome Stage (Recovery Phase):

After the headache, patients often feel drained, weak, or mentally exhausted. Fatigue, confusion, and low mood are common during this recovery phase.

Symptoms and Triggers

Symptoms include:

  • Recurrent, severe headaches
  • Nausea and vomiting
  • Sensitivity to light and sound
  • Visual disturbances
  • Fatigue and weakness

Common triggers:

  • Stress and anxiety
  • Hormonal changes
  • Irregular sleep patterns
  • Skipping meals
  • Dehydration
  • Bright lights or loud noise

Identifying personal triggers is essential for effective migraine management.

Homeopathy Treatment for Migraine

A qualified homeo doctor in Hyderabad provides a personalized treatment approach. Homeopathy looks at physical symptoms, emotional state, lifestyle, and triggers to design individualized care.

Benefits of homeopathy for migraine:

  • Reduces frequency and severity of migraine attacks
  • Balances the nervous system
  • Controls stress-related triggers
  • Safe for long-term use
  • Enhances overall health naturally

Homeopathy strengthens the body’s natural healing ability, providing long-term relief from migraine attacks.

Why Choose a Homeo Doctor in Hyderabad

An experienced homeo doctor in Hyderabad ensures accurate diagnosis, tailored treatment plans, and continuous follow-up. Hyderabad has many professional homeopathy clinics specializing in chronic migraine management, offering natural and holistic care.

About Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic providing professional care for migraine and other chronic conditions. The clinic follows a patient-centered approach, offering personalized homeopathy treatment for lasting relief and better quality of life.

Conclusion

Migraines can severely affect daily life if untreated. Recognizing the four stages of migraine and consulting a professional homeo doctor in Hyderabad can help reduce attacks and improve overall well-being. Homeopathy offers a natural, safe, and effective solution for long-term migraine relief.

ED को बड़ी राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर लगाई रोक, एयरपोर्ट थाने में दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक स्टे।

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए रांची पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ की जा रही जांच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और निजी प्रतिवादी संतोष कुमार से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट के कड़े निर्देश:

जांच पर रोक: एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर रांची पुलिस अब कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।

सुरक्षा का नया घेरा: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईडी के रांची कार्यालय की सुरक्षा अब CISF या CRPF संभालेगी। साथ ही रांची एसएसपी को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा दिया गया है।

पक्षकार: अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव और शिकायतकर्ता संतोष कुमार को इस मामले में प्रतिवादी (पार्टी) बनाया है।

जवाब दाखिल करने का समय: राज्य सरकार को 7 दिन और संतोष कुमार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि:

विवाद पेयजल विभाग में कथित गड़बड़ी की जांच से शुरू हुआ। मामले का आरोपी संतोष कुमार बिना किसी समन के स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा और बाद में ईडी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

ईडी का तर्क: गुरुवार को जब रांची पुलिस जांच के लिए ईडी दफ्तर पहुंची, तो एजेंसी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ईडी का तर्क है कि यह प्राथमिकी उनकी स्वायत्त जांच को बाधित करने और अधिकारियों को डराने की एक साजिश है। ईडी ने इस पूरे प्रकरण की जांच CBI से कराने की मांग की है, जिस पर अदालत ने विचार करने के संकेत दिए हैं।

कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

I-PAC रेड मामलाः ममता सरकार को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट की ईडी अफसरों पर दर्ज FIR पर रोक

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I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने CM ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है। अब इस मामले की सुनवाई 3 फरवरी को होगी।

जांच एजेंसी के काम में पुलिस दखल गंभीर मामला

ई़डी ने अपने काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाया खटखटाया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस ममले पर जोरदार सुनवाई हुई। इससे पहले दोनों पक्षों की ओर से जमकर अपनी-अपनी दलीलें दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है कि ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में क्षेत्रीय पुलिस हस्तक्षेप कर रही है। संविधान हरेक व्यवस्था को स्वतंत्र तरीके से काम करने की छूट देता है। ऐसे में एक राज्य की एजेंसी या पुलिस को इस तरह की गतिविधि करने की छूट नहीं दी जा सकती।

केंद्रीय एजेंसी को चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं

साथ ही अदालत ने कहा कि स्थितियां और बिगड़ने और कानून का राज खत्म हो जाएगा। किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। लेकिन सही तरीके से किसी गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ एक्शन ले सकती है।

3 फरवरी को अगली सुनवाई

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि सरकार ईडी के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी है।

बता दें कि ईडी ने ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान सीएम ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।

रांची में ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप, पुलिस कर रही जांच

रांची : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक क्लर्क के साथ मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले की जांच और सबूत जुटाने के लिए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

क्लर्क ने लगाए गंभीर आरोप

पेयजल विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। संतोष का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया था। तय समय पर वह ED कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उस पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया।

जुर्म कबूल न करने पर पिटाई का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष ने किसी भी तरह का अपराध स्वीकार करने से इनकार किया, तो ED अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की। मारपीट में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अपराध कबूल नहीं करने पर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। मारपीट के बाद संतोष को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाज के बाद, बार-बार मना करने के बावजूद उसे फिर से ED कार्यालय ले जाया गया।

थाना प्रभारी करेंगे जांच

यह भी आरोप है कि ED कार्यालय में उसे मारपीट की घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी गई और रात करीब 10 बजे के बाद उसे छोड़ा गया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच थानेदार स्वयं करेंगे। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ईरान ने दी ट्रंप की हत्या की धमकी, सरकारी चैनल ने कहा- 'इस बार गोली नहीं चूकेगी'

#iranianstatetvbroadcastsallegedthreateningmessagetodonald_trump

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। अब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी गई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा गया कि ‘इस बार गोली चूकेगी नहीं।’

पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की चुनावी रैली का दिखाया इमेज

ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक मैसेज के जरिए ट्रंप को धमकी दी है। इसके लिए टीवी चैनल ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई ट्रंप की चुनावी रैली की इमेज दिखाया, जहां ट्रंप पर गोलीबारी का प्रयास हुआ था।

अमेरिका विरोधी नारे और बैनर

यह वीडियो तेहरान में एक सरकारी आयोजन के दौरान दिखाया गया, जहां हालिया प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए थे। वहां अमेरिका विरोधी नारे और बैनर भी लगाए गए थे। ईरान की सरकारी टीवी ने फुटेज के साथ एक कैप्शन भी चलाया है, जिसमें कहा गया है कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकने वाली है। यानी अब अगर हमला होता है तो ट्रंप बच नहीं पाएंगे।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

डोनाल्ड ट्रंप को ऐसे वक्त धमकी दी गई है, जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं की दोबारा तैनाती शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक से सैनिकों की आवाजाही देखी गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

बवाल को लेकर ट्रंप और ईरान आमने-सामने

ईरान में महंगाई को लेकर पूरे देश में बवाल मचा है। खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध दबाने के लिए सरकार ने सख्त एक्शन लेने की बात कही है। वहीं ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान सख्त एक्शन लेता है तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान में अत्याचार को हम चुपचाप नहीं देख सकेंगे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान पर हमला करने के लिए वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक कई दौर की हाईलेवल मीटिंग हुई है। जून 2025 में भी परमाणु हथियार बनाने के मसले पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।

पूर्व सैनिकों की सहभागिता से रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने की ऐतिहासिक पहल।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेन्ट ऑर्गनाइजेशन लखनऊ (AWPO)के मध्य पूर्व सैनिको की रेलवे में पॉइंट्समैन के रूप में तैनाती हेतु महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।इस समझौते के अंतर्गत पूर्व सैनिको को प्रयागराज रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनो स्थलो पर पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा।यह तैनाती पूर्णतःप्रयागराज रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में ही की जाएगी।इस एमओयू के माध्यम से कुल 271पदों पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति प्रस्तावित है जिससे रेल परिचालन की संरक्षा एवं सुचारु संचालन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।समझौता ज्ञापन पर प्रयागराज रेल मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक(समन्वय) आकांशु गोविल एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव कुमार गुप्ता ने हस्ताक्षर किए जबकि आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से कर्नल अनुराग कुमार (सेवानिवृत्त)ने हस्ताक्षर किए।यह समझौता दोनो संस्थाओ के मध्य दीर्घकालिक सहयोगात्मक एवं फलदायी सम्बन्धो की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पूर्व सैनिको का अनुशासन अनुभव एवं कर्तव्यनिष्ठा रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा।

एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा पीड़ितों से की मुलाकात, 1-1 लाख रुपये का दिया चेक

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचे। राहुल गांधी ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर भागीरथपुरा बस्ती जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से भी मुलाकात की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी दूषित पानी से जान गंवाने वालों के घर पैदल चलकर गए।

एयरपोर्ट से सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे राहुल

इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे हैं। राहुल गांधी ने बॉम्बे अस्पताल में करीब 15 मिनट बिताए। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना। यहां पर उनके साथ राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सदन में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी मौजूद हैं।

जान गंवाने वालों के परिवारों से मुलाकात

इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। फिर वे मृतक जीवन माली के घर पहुंचे, जिनकी मौत भी दूषित पानी के कारण हुई थी।

पीड़ित परिवारों को सौंपा 1-1 लाख रुपये का चेक

राहुल गांधी संस्कार गार्डन में पीड़ित परिवारों से मिले और 1-1 लाख रुपये का चेक दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि लोग पानी पी कर लोग मर रहे हैं। साफ पानी, प्रदूषण पर नियंत्रण सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही है। यहां की घटना के लिए कोई तो जिम्मेदार होगा, सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

ये राजनीति नहीं-राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, आज भी यहां साफ पानी नहीं आ रहा है। मैं इनका समर्थन करने आया हूं। ये राजनीति नहीं है। मैं नेता विपक्ष के तौर पर इनका मुद्दा उठाने और मदद करने आया हूं।

Homeo Doctor in Hyderabad for 4 Stages of Migraine – Safe & Effective Homeopathy Care

Consult a trusted homeo doctor in Hyderabad for the 4 stages of migraine. Get natural, safe, and personalized homeopathy care for lasting migraine relief.

Introduction

Migraine is a chronic neurological disorder that affects millions of people. It is not just a headache – migraines bring severe pain, nausea, vomiting, and sensitivity to light and sound. Frequent attacks can disrupt work, sleep, and daily life. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can provide safe, natural, and effective management of migraines. Homeopathy focuses on treating the root causes rather than only masking symptoms.

Understanding the four stages of migraine helps in early recognition and better control.

The 4 Stages of Migraine

1. Prodrome Stage (Warning Phase):

This stage occurs hours or days before the headache. Patients may experience fatigue, mood changes, food cravings, neck stiffness, or difficulty concentrating. Early awareness can help reduce the intensity of the upcoming migraine.

2. Aura Stage:

Not all patients experience aura. It involves visual disturbances like flashing lights, blind spots, zigzag lines, or tingling sensations in the hands or face. Aura usually lasts 20–60 minutes.

3. Attack Stage (Headache Phase):

The most intense phase, with throbbing head pain, nausea, vomiting, dizziness, and sensitivity to light, sound, or smell. This phase can last from a few hours to multiple days.

4. Postdrome Stage (Recovery Phase):

After the headache, patients often feel drained, weak, or mentally exhausted. Fatigue, confusion, and low mood are common during this recovery phase.

Symptoms and Triggers

Symptoms include:

  • Recurrent, severe headaches
  • Nausea and vomiting
  • Sensitivity to light and sound
  • Visual disturbances
  • Fatigue and weakness

Common triggers:

  • Stress and anxiety
  • Hormonal changes
  • Irregular sleep patterns
  • Skipping meals
  • Dehydration
  • Bright lights or loud noise

Identifying personal triggers is essential for effective migraine management.

Homeopathy Treatment for Migraine

A qualified homeo doctor in Hyderabad provides a personalized treatment approach. Homeopathy looks at physical symptoms, emotional state, lifestyle, and triggers to design individualized care.

Benefits of homeopathy for migraine:

  • Reduces frequency and severity of migraine attacks
  • Balances the nervous system
  • Controls stress-related triggers
  • Safe for long-term use
  • Enhances overall health naturally

Homeopathy strengthens the body’s natural healing ability, providing long-term relief from migraine attacks.

Why Choose a Homeo Doctor in Hyderabad

An experienced homeo doctor in Hyderabad ensures accurate diagnosis, tailored treatment plans, and continuous follow-up. Hyderabad has many professional homeopathy clinics specializing in chronic migraine management, offering natural and holistic care.

About Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic providing professional care for migraine and other chronic conditions. The clinic follows a patient-centered approach, offering personalized homeopathy treatment for lasting relief and better quality of life.

Conclusion

Migraines can severely affect daily life if untreated. Recognizing the four stages of migraine and consulting a professional homeo doctor in Hyderabad can help reduce attacks and improve overall well-being. Homeopathy offers a natural, safe, and effective solution for long-term migraine relief.

ED को बड़ी राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर लगाई रोक, एयरपोर्ट थाने में दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक स्टे।

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए रांची पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ की जा रही जांच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और निजी प्रतिवादी संतोष कुमार से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट के कड़े निर्देश:

जांच पर रोक: एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर रांची पुलिस अब कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।

सुरक्षा का नया घेरा: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईडी के रांची कार्यालय की सुरक्षा अब CISF या CRPF संभालेगी। साथ ही रांची एसएसपी को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा दिया गया है।

पक्षकार: अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव और शिकायतकर्ता संतोष कुमार को इस मामले में प्रतिवादी (पार्टी) बनाया है।

जवाब दाखिल करने का समय: राज्य सरकार को 7 दिन और संतोष कुमार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि:

विवाद पेयजल विभाग में कथित गड़बड़ी की जांच से शुरू हुआ। मामले का आरोपी संतोष कुमार बिना किसी समन के स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा और बाद में ईडी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

ईडी का तर्क: गुरुवार को जब रांची पुलिस जांच के लिए ईडी दफ्तर पहुंची, तो एजेंसी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ईडी का तर्क है कि यह प्राथमिकी उनकी स्वायत्त जांच को बाधित करने और अधिकारियों को डराने की एक साजिश है। ईडी ने इस पूरे प्रकरण की जांच CBI से कराने की मांग की है, जिस पर अदालत ने विचार करने के संकेत दिए हैं।

कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

I-PAC रेड मामलाः ममता सरकार को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट की ईडी अफसरों पर दर्ज FIR पर रोक

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I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने CM ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है। अब इस मामले की सुनवाई 3 फरवरी को होगी।

जांच एजेंसी के काम में पुलिस दखल गंभीर मामला

ई़डी ने अपने काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाया खटखटाया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस ममले पर जोरदार सुनवाई हुई। इससे पहले दोनों पक्षों की ओर से जमकर अपनी-अपनी दलीलें दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है कि ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में क्षेत्रीय पुलिस हस्तक्षेप कर रही है। संविधान हरेक व्यवस्था को स्वतंत्र तरीके से काम करने की छूट देता है। ऐसे में एक राज्य की एजेंसी या पुलिस को इस तरह की गतिविधि करने की छूट नहीं दी जा सकती।

केंद्रीय एजेंसी को चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं

साथ ही अदालत ने कहा कि स्थितियां और बिगड़ने और कानून का राज खत्म हो जाएगा। किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। लेकिन सही तरीके से किसी गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ एक्शन ले सकती है।

3 फरवरी को अगली सुनवाई

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि सरकार ईडी के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी है।

बता दें कि ईडी ने ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान सीएम ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।

रांची में ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप, पुलिस कर रही जांच

रांची : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक क्लर्क के साथ मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले की जांच और सबूत जुटाने के लिए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

क्लर्क ने लगाए गंभीर आरोप

पेयजल विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। संतोष का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया था। तय समय पर वह ED कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उस पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया।

जुर्म कबूल न करने पर पिटाई का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष ने किसी भी तरह का अपराध स्वीकार करने से इनकार किया, तो ED अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की। मारपीट में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अपराध कबूल नहीं करने पर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। मारपीट के बाद संतोष को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाज के बाद, बार-बार मना करने के बावजूद उसे फिर से ED कार्यालय ले जाया गया।

थाना प्रभारी करेंगे जांच

यह भी आरोप है कि ED कार्यालय में उसे मारपीट की घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी गई और रात करीब 10 बजे के बाद उसे छोड़ा गया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच थानेदार स्वयं करेंगे। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ईरान ने दी ट्रंप की हत्या की धमकी, सरकारी चैनल ने कहा- 'इस बार गोली नहीं चूकेगी'

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। अब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी गई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा गया कि ‘इस बार गोली चूकेगी नहीं।’

पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की चुनावी रैली का दिखाया इमेज

ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक मैसेज के जरिए ट्रंप को धमकी दी है। इसके लिए टीवी चैनल ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई ट्रंप की चुनावी रैली की इमेज दिखाया, जहां ट्रंप पर गोलीबारी का प्रयास हुआ था।

अमेरिका विरोधी नारे और बैनर

यह वीडियो तेहरान में एक सरकारी आयोजन के दौरान दिखाया गया, जहां हालिया प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए थे। वहां अमेरिका विरोधी नारे और बैनर भी लगाए गए थे। ईरान की सरकारी टीवी ने फुटेज के साथ एक कैप्शन भी चलाया है, जिसमें कहा गया है कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकने वाली है। यानी अब अगर हमला होता है तो ट्रंप बच नहीं पाएंगे।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

डोनाल्ड ट्रंप को ऐसे वक्त धमकी दी गई है, जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं की दोबारा तैनाती शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक से सैनिकों की आवाजाही देखी गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

बवाल को लेकर ट्रंप और ईरान आमने-सामने

ईरान में महंगाई को लेकर पूरे देश में बवाल मचा है। खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध दबाने के लिए सरकार ने सख्त एक्शन लेने की बात कही है। वहीं ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान सख्त एक्शन लेता है तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान में अत्याचार को हम चुपचाप नहीं देख सकेंगे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान पर हमला करने के लिए वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक कई दौर की हाईलेवल मीटिंग हुई है। जून 2025 में भी परमाणु हथियार बनाने के मसले पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।