Metal Forming Expo & India Fastener Show to bring together 650+ exhibitors and 50,000+ buyers in Pune under India Production Technology Week.

Future Market Events will host six specialised trade shows showcasing advancements in metal forming, machine tools & cutting, welding technology, fasteners, lubricants, and AI-driven digital manufacturing, aligned with the vision of strengthening India’s manufacturing ecosystem.The events will be held from 9–11 April 2026 at the Pune International Exhibition and Convention Centre (PIECC), Moshi, Pune.

As global supply chains recalibrate and India emerges as an increasingly important manufacturing hub, industry platforms that go beyond product display to demonstrate capability and enable partnerships are gaining relevance. India Production Technology Week (IPTW) aims to serve as one such platform for the country’s manufacturing ecosystem.

With over 650 exhibitors, MFE & IFS 2026 will showcase a wide spectrum of production technologies including CNC and machine tools, robotics and automation, sheet metal fabrication, metal forming, metrology and quality control, welding and stamping solutions, additive manufacturing and 3D printing, fasteners and fixing technologies, as well as software solutions for digital manufacturing.

A key feature of the event will be its emphasis on live technology demonstrations. Machinery and production systems will operate across the exhibition floor, enabling visitors to witness technologies in action and evaluate their real-world applications.

Beyond the exhibition floor, the exhibition features a powerful two-day conference programme on 9th and 10th April, bringing together the sharpest minds from India's engineering and manufacturing sectors, leaders who are actively shaping the industry's future at the intersection of human ingenuity and technology. Sessions will extend these conversations directly onto the exhibition floor through structured buyer–seller meetings and live industry networking interactions.

Anuj Mathur, Managing Director, Future Market Events, said, “India Production Technology Week brings the Indian manufacturing industry together to shape its future. By convening technology providers, manufacturers, and industry stakeholders on one platform, we aim to foster meaningful dialogue, collaboration, and innovation. In April 2026, that conversation will take place in Pune.”

Alongside the exhibition, conferences and seminars will bring together industry leaders, technologists and policymakers to discuss themes such as the adoption of Industry 4.0 technologies, the role of automation in the MSME sector, and the development of resilient manufacturing supply chains. Open House sessions scheduled across the three days will extend discussions onto the exhibition floor through buyer–seller meetings and industry networking interactions.

India Production Technology Week is endorsed and supported by more than 4.0 industry associations, reflecting broad institutional participation from across the manufacturing ecosystem. Supporting organisations include the Automotive Research Association of India (ARAI), Society of Automotive Engineers India, SME Chamber of India, Deccan Chamber of Commerce, Industries and Agriculture, and All India Association of Industries, among others.

Representing geographies, sectors and enterprise sizes from large OEMs to micro enterprises the coalition highlights industry interest in building a home-grown platform for production technologies. Government bodies and relevant ministries are also being engaged to encourage dialogue between policy and industry at IPTW 2026.

The host city Pune is one of India’s leading engineering and manufacturing hubs, home to automotive manufacturers, precision component suppliers, defence manufacturers and a large base of MSMEs. The Pune International Exhibition and Convention Centre, Moshi, provides the infrastructure required to host an event of this scale.

Industry's Leading Names at Metal Forming Expo & India Fastener Show 2026

The exhibition brings together an impressive roster of exhibitors — from global technology leaders to India's most innovative manufacturers — across every segment of production technology. Key participants include: Antiphon, Pro-Arc Welding & Cutting Systems, Hindustan Hydraulics Pvt Ltd, Laser Technologies, Fledon, WELDOR CNC Machines Limited, Energy Mission, Infused Systems, Mtech Laser, Rajesh Global, James, Hitech Mehta, CADCAM, STPL, Proteck Machinery Pvt Ltd, Atandra Energy, Suresh Indu Laser, Purvaj, GMT Solutions Samsung, KR Machinery, Sahajanand Laser Technology Limited, Karna International, Alliance Automation Systems Pvt. Ltd., Geekay Wires Limited, Tanishq Precision Fasteners LLP, Mita Fasteners Pvt Ltd, Landmark Crafts Limited, Right-Fit Fasteners Pvt Ltd., AVT Fasteners, SSG Automotive Components Private Limited, Mohindra Fasteners Limited, Fastwell Products Private Limited, Sensovision Systems Pvt Ltd, Swastik Industrial Works, Admas Surface Finisher, Corundum Coating Innovations Private Limited, Fischer Measurement Technologies (India) Pvt Ltd, Motson Fasteners, Vision Embesoft Solution, Tightwell Forgings Limited, Sunshine Fasteners Pvt Ltd, Anusham Industries, and Varad Automation & Robotics Pvt Ltd — among many more...

Media Contact: M. Chugh, +91 8287478281, your visitor pass today: fmereg.com/mfe26/visreg

पीवीयूएनएल में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह 2026 का समापन समारोह संपन्न

पीवीयूएनएल में 11 मार्च 2026 को 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का समापन समारोह उत्साह एवं सक्रिय भागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीवीयूएनएल के कर्मचारियों, बीएचईएल के अधिकारियों, सीआईएसएफ कर्मियों तथा विभिन्न ठेका एजेंसियों के श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत एजीएम (सेफ्टी) द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने कार्यस्थल पर शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत सुरक्षा जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ द्वारा सभी उपस्थित कर्मचारियों, अधिकारियों, सीआईएसएफ प्रतिनिधियों और श्रमिकों को सुरक्षा शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने कार्य के प्रत्येक चरण में सुरक्षा मानकों का पालन करने का संकल्प लिया।

समारोह में सीईओ (पीवीयूएनएल) श्री ए.के. सहगल , श्री बिश्नु दत्ता दास जीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल जीएम (ओ एंड एम), डीसी (सीआईएसएफ) तथा पीडी (बीएचईएल) ने प्रेरणादायक संबोधन देते हुए सक्रिय सुरक्षा संस्कृति, सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन तथा आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सेफ्टी सॉन्ग और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुरक्षित कार्य पद्धतियों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न एजेंसियों के 70 सुरक्षा जागरूक श्रमिकों को सुरक्षित कार्य के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2026 की थीम “Engage, Educate & Empower People to Enhance Safety” को दोहराते हुए किया गया, जिसमें सभी को सुरक्षित और दुर्घटना मुक्त कार्यस्थल के निर्माण हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया गया।

सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द, 170 दिन बाद होंगे जेल से रिहा, NSA केस भी हटा

#sonamwangchuknsadetentionrevokedhomeministryannouncesrelease

लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।सरकार ने अपनी प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले से सोनम वांगचुक को अब तुरंत रिहाई मिल सकती है।

लद्दाख में शांति और स्थिरता को लेकर सरकार का फैसला

सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।

लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को हुए गिरफ्तार

24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। करीब साढ़े पांच महीने हो चुके हैं। करीब 170 दिन बाद रिहा होंगे।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं। पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं। खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे।

बदायूं हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन, कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं में दो अधिकारियों की हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) के दो अधिकारियों की हत्या के बाद राज्य सरकार ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा में तैनात किया गया है।
सरकार ने इस मामले के बाद कई जिलों के पुलिस कप्तानों के तबादले करते हुए नई नियुक्तियां की हैं। कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है। वहीं एसपी लॉजिस्टिक ओम प्रकाश सिंह प्रथम को कासगंज जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत गोरखपुर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी को भदोही का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं गाजियाबाद में तैनात आईपीएस अधिकारी पाटिल निमिष दशरथ को गोरखपुर भेजा गया है।
सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। बदायूं में हुई दो अधिकारियों की हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं कि मामले की जांच तेजी से पूरी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

#indianvesselshivalikloadedwith40,000metrictonneslpgcrossesstraitofhormuz

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

Club 50Plus Ahmedabad – Creating an Active and Joyful Life for Seniors

In today’s fast-paced world, maintaining a healthy and socially connected life after the age of 50 has become increasingly important. Club 50Plus Ahmedabad is a unique initiative designed to help senior citizens stay active, engaged, and happy during their golden years.

Club 50Plus is not just a recreational group; it is a supportive senior community where individuals aged 50 and above can come together to enjoy meaningful experiences, build friendships, and participate in fun-filled activities. The club focuses on promoting healthy aging, emotional well-being, and social connectivity among its members.

The club regularly organizes picnics, day trips, social gatherings, games, music, dance events, and festive celebrations. These activities provide members with opportunities to relax, explore new places, and stay physically and mentally active. Such events play a vital role in reducing loneliness and encouraging seniors to lead positive and energetic lifestyles.

One of the most appreciated aspects of Club 50Plus is its transparent and genuine approach. For picnics and outings, the club only charges the actual cost, ensuring complete affordability and trust. Social gatherings and celebrations are organized on a shared contribution basis, typically ranging between ₹500 and ₹1500 depending on the event.

The club also offers lifetime membership at a reasonable fee of ₹5000, which is used to manage common expenses such as celebration arrangements, gifts, and cakes for members.

Club 50Plus is led by Mr. Akshay Mohnot, a Chartered Accountant who started this initiative with a sincere intention to bring happiness and engagement to senior citizens. His goal is not profit but creating a platform where seniors can enjoy entertainment, companionship, and a fulfilling lifestyle.

Since its launch in June 2024, Club 50Plus has received excellent feedback from members and continues to grow as a trusted senior activity club in Ahmedabad.

Club 50Plus strongly believes that age is just a number and that life after 50 can be full of excitement, laughter, and new friendships.

Club 50Plus – Be Young Forever!

आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की समस्याओं को लेकर विधानसभा में उठा मुद्दा – विधायक प्रदीप प्रसाद

हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में राज्य में कार्यरत आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारीगण (AYUSH Community Health Officers) की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ की तरह कार्य कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं।विधानसभा में इस विषय को उठाते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी लंबित मांगों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आम लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी लगातार समर्पण के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि उनकी सेवा शर्तों, मानदेय, स्थायीकरण तथा अन्य सुविधाओं से संबंधित मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यदि आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मांगों को समय रहते पूरा किया जाता है, तो इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए इनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को दिलाई शपथ

हजारीबाग: नगर निगम, हजारीबाग के नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को आज प्रमंडलीय आयुक्त, श्री मनोज कुमार उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों ने विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं निष्ठा रखते हुए तथा भारत की सार्वभौमिकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली।इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगे।

इस अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त ने भी नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता, आधारभूत संरचना तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

शपथ समारोह में, निर्वाची पदाधिकारी उपमहापौर, सहायक निर्वाची पदाधिकारी, नगर निंगम, हजारीबाण, तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

भारत की जनगणना 2027 हेतु जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों का प्रशिक्षण प्रारम्भ

भारत की आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन के उद्देश्य से जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों तथा तकनीकी सहायकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13 मार्च 2026 से 15 मार्च 2026 तक प्रमण्डलीय पंचायत प्रशिक्षण संस्थान, जबरा, हजारीबाग में आयोजित किया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग, अनुमण्डल पदाधिकारी, बरही, सहायक समाहर्त्ता सह प्रशिक्षु आईएएस, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी तथा जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड के संयुक्त निदेशक सह मास्टर प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। इसलिए प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं तथा डाटा संकलन की विधियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी तरीके से संपन्न कराया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा डाटा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखण्डों से आए पदाधिकारी एवं तकनीकी सहायक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक दक्षता विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

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With over 650 exhibitors, MFE & IFS 2026 will showcase a wide spectrum of production technologies including CNC and machine tools, robotics and automation, sheet metal fabrication, metal forming, metrology and quality control, welding and stamping solutions, additive manufacturing and 3D printing, fasteners and fixing technologies, as well as software solutions for digital manufacturing.

A key feature of the event will be its emphasis on live technology demonstrations. Machinery and production systems will operate across the exhibition floor, enabling visitors to witness technologies in action and evaluate their real-world applications.

Beyond the exhibition floor, the exhibition features a powerful two-day conference programme on 9th and 10th April, bringing together the sharpest minds from India's engineering and manufacturing sectors, leaders who are actively shaping the industry's future at the intersection of human ingenuity and technology. Sessions will extend these conversations directly onto the exhibition floor through structured buyer–seller meetings and live industry networking interactions.

Anuj Mathur, Managing Director, Future Market Events, said, “India Production Technology Week brings the Indian manufacturing industry together to shape its future. By convening technology providers, manufacturers, and industry stakeholders on one platform, we aim to foster meaningful dialogue, collaboration, and innovation. In April 2026, that conversation will take place in Pune.”

Alongside the exhibition, conferences and seminars will bring together industry leaders, technologists and policymakers to discuss themes such as the adoption of Industry 4.0 technologies, the role of automation in the MSME sector, and the development of resilient manufacturing supply chains. Open House sessions scheduled across the three days will extend discussions onto the exhibition floor through buyer–seller meetings and industry networking interactions.

India Production Technology Week is endorsed and supported by more than 4.0 industry associations, reflecting broad institutional participation from across the manufacturing ecosystem. Supporting organisations include the Automotive Research Association of India (ARAI), Society of Automotive Engineers India, SME Chamber of India, Deccan Chamber of Commerce, Industries and Agriculture, and All India Association of Industries, among others.

Representing geographies, sectors and enterprise sizes from large OEMs to micro enterprises the coalition highlights industry interest in building a home-grown platform for production technologies. Government bodies and relevant ministries are also being engaged to encourage dialogue between policy and industry at IPTW 2026.

The host city Pune is one of India’s leading engineering and manufacturing hubs, home to automotive manufacturers, precision component suppliers, defence manufacturers and a large base of MSMEs. The Pune International Exhibition and Convention Centre, Moshi, provides the infrastructure required to host an event of this scale.

Industry's Leading Names at Metal Forming Expo & India Fastener Show 2026

The exhibition brings together an impressive roster of exhibitors — from global technology leaders to India's most innovative manufacturers — across every segment of production technology. Key participants include: Antiphon, Pro-Arc Welding & Cutting Systems, Hindustan Hydraulics Pvt Ltd, Laser Technologies, Fledon, WELDOR CNC Machines Limited, Energy Mission, Infused Systems, Mtech Laser, Rajesh Global, James, Hitech Mehta, CADCAM, STPL, Proteck Machinery Pvt Ltd, Atandra Energy, Suresh Indu Laser, Purvaj, GMT Solutions Samsung, KR Machinery, Sahajanand Laser Technology Limited, Karna International, Alliance Automation Systems Pvt. Ltd., Geekay Wires Limited, Tanishq Precision Fasteners LLP, Mita Fasteners Pvt Ltd, Landmark Crafts Limited, Right-Fit Fasteners Pvt Ltd., AVT Fasteners, SSG Automotive Components Private Limited, Mohindra Fasteners Limited, Fastwell Products Private Limited, Sensovision Systems Pvt Ltd, Swastik Industrial Works, Admas Surface Finisher, Corundum Coating Innovations Private Limited, Fischer Measurement Technologies (India) Pvt Ltd, Motson Fasteners, Vision Embesoft Solution, Tightwell Forgings Limited, Sunshine Fasteners Pvt Ltd, Anusham Industries, and Varad Automation & Robotics Pvt Ltd — among many more...

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पीवीयूएनएल में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह 2026 का समापन समारोह संपन्न

पीवीयूएनएल में 11 मार्च 2026 को 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का समापन समारोह उत्साह एवं सक्रिय भागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीवीयूएनएल के कर्मचारियों, बीएचईएल के अधिकारियों, सीआईएसएफ कर्मियों तथा विभिन्न ठेका एजेंसियों के श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत एजीएम (सेफ्टी) द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने कार्यस्थल पर शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत सुरक्षा जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ द्वारा सभी उपस्थित कर्मचारियों, अधिकारियों, सीआईएसएफ प्रतिनिधियों और श्रमिकों को सुरक्षा शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने कार्य के प्रत्येक चरण में सुरक्षा मानकों का पालन करने का संकल्प लिया।

समारोह में सीईओ (पीवीयूएनएल) श्री ए.के. सहगल , श्री बिश्नु दत्ता दास जीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल जीएम (ओ एंड एम), डीसी (सीआईएसएफ) तथा पीडी (बीएचईएल) ने प्रेरणादायक संबोधन देते हुए सक्रिय सुरक्षा संस्कृति, सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन तथा आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान सेफ्टी सॉन्ग और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुरक्षित कार्य पद्धतियों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न एजेंसियों के 70 सुरक्षा जागरूक श्रमिकों को सुरक्षित कार्य के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2026 की थीम “Engage, Educate & Empower People to Enhance Safety” को दोहराते हुए किया गया, जिसमें सभी को सुरक्षित और दुर्घटना मुक्त कार्यस्थल के निर्माण हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया गया।

सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द, 170 दिन बाद होंगे जेल से रिहा, NSA केस भी हटा

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लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।सरकार ने अपनी प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले से सोनम वांगचुक को अब तुरंत रिहाई मिल सकती है।

लद्दाख में शांति और स्थिरता को लेकर सरकार का फैसला

सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।

लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को हुए गिरफ्तार

24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। करीब साढ़े पांच महीने हो चुके हैं। करीब 170 दिन बाद रिहा होंगे।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं। पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं। खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे।

बदायूं हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन, कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं में दो अधिकारियों की हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) के दो अधिकारियों की हत्या के बाद राज्य सरकार ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा में तैनात किया गया है।
सरकार ने इस मामले के बाद कई जिलों के पुलिस कप्तानों के तबादले करते हुए नई नियुक्तियां की हैं। कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है। वहीं एसपी लॉजिस्टिक ओम प्रकाश सिंह प्रथम को कासगंज जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत गोरखपुर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी को भदोही का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं गाजियाबाद में तैनात आईपीएस अधिकारी पाटिल निमिष दशरथ को गोरखपुर भेजा गया है।
सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। बदायूं में हुई दो अधिकारियों की हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं कि मामले की जांच तेजी से पूरी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

Club 50Plus Ahmedabad – Creating an Active and Joyful Life for Seniors

In today’s fast-paced world, maintaining a healthy and socially connected life after the age of 50 has become increasingly important. Club 50Plus Ahmedabad is a unique initiative designed to help senior citizens stay active, engaged, and happy during their golden years.

Club 50Plus is not just a recreational group; it is a supportive senior community where individuals aged 50 and above can come together to enjoy meaningful experiences, build friendships, and participate in fun-filled activities. The club focuses on promoting healthy aging, emotional well-being, and social connectivity among its members.

The club regularly organizes picnics, day trips, social gatherings, games, music, dance events, and festive celebrations. These activities provide members with opportunities to relax, explore new places, and stay physically and mentally active. Such events play a vital role in reducing loneliness and encouraging seniors to lead positive and energetic lifestyles.

One of the most appreciated aspects of Club 50Plus is its transparent and genuine approach. For picnics and outings, the club only charges the actual cost, ensuring complete affordability and trust. Social gatherings and celebrations are organized on a shared contribution basis, typically ranging between ₹500 and ₹1500 depending on the event.

The club also offers lifetime membership at a reasonable fee of ₹5000, which is used to manage common expenses such as celebration arrangements, gifts, and cakes for members.

Club 50Plus is led by Mr. Akshay Mohnot, a Chartered Accountant who started this initiative with a sincere intention to bring happiness and engagement to senior citizens. His goal is not profit but creating a platform where seniors can enjoy entertainment, companionship, and a fulfilling lifestyle.

Since its launch in June 2024, Club 50Plus has received excellent feedback from members and continues to grow as a trusted senior activity club in Ahmedabad.

Club 50Plus strongly believes that age is just a number and that life after 50 can be full of excitement, laughter, and new friendships.

Club 50Plus – Be Young Forever!

आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की समस्याओं को लेकर विधानसभा में उठा मुद्दा – विधायक प्रदीप प्रसाद

हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में राज्य में कार्यरत आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारीगण (AYUSH Community Health Officers) की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ की तरह कार्य कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं।विधानसभा में इस विषय को उठाते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी लंबित मांगों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आम लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी लगातार समर्पण के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि उनकी सेवा शर्तों, मानदेय, स्थायीकरण तथा अन्य सुविधाओं से संबंधित मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यदि आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मांगों को समय रहते पूरा किया जाता है, तो इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए इनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को दिलाई शपथ

हजारीबाग: नगर निगम, हजारीबाग के नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को आज प्रमंडलीय आयुक्त, श्री मनोज कुमार उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों ने विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं निष्ठा रखते हुए तथा भारत की सार्वभौमिकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली।इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेंगे।

इस अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त ने भी नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता, आधारभूत संरचना तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

शपथ समारोह में, निर्वाची पदाधिकारी उपमहापौर, सहायक निर्वाची पदाधिकारी, नगर निंगम, हजारीबाण, तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

भारत की जनगणना 2027 हेतु जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों का प्रशिक्षण प्रारम्भ

भारत की आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन के उद्देश्य से जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों तथा तकनीकी सहायकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13 मार्च 2026 से 15 मार्च 2026 तक प्रमण्डलीय पंचायत प्रशिक्षण संस्थान, जबरा, हजारीबाग में आयोजित किया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, हजारीबाग, अनुमण्डल पदाधिकारी, बरही, सहायक समाहर्त्ता सह प्रशिक्षु आईएएस, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी तथा जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड के संयुक्त निदेशक सह मास्टर प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। इसलिए प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं तथा डाटा संकलन की विधियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि जनगणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी तरीके से संपन्न कराया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा डाटा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखण्डों से आए पदाधिकारी एवं तकनीकी सहायक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक दक्षता विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

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सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।