मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

Samarpit SPI: From College Dream to National Movement—Empowering India Through Service and Democracy

INDIA | April 25, 2026 — In an era where digital connectivity often replaces physical community action, Samarpit SPI (Social Progress Initiative) is bridging the gap. What started in 2020 as a modest pact between three college friends has officially matured into a registered NGO trust, mobilizing hundreds of volunteers to tackle India’s most pressing grassroots challenges through humanitarian aid and democratic education.

The Genesis: Small Steps, Massive Vision

The foundations of Samarpit SPI were laid in the rural heartlands of Bihar. Founders Shivam Parashar, Harshit Gupta, and Shami Ahmad recognized a recurring theme in their community: a disconnect between available rights and the citizens meant to exercise them. Driven by the belief that "real change begins with responsibility," the trio began conducting local awareness drives, a mission that resonated so deeply it quickly expanded from three friends to a core team of ten selfless advocates.

Proving Resilience During Global Crisis

The true mettle of Samarpit SPI was tested during the COVID-19 pandemic. While the world retreated, the organization stepped forward. By coordinating oxygen cylinder logistics, distributing life-saving medicines, and providing relief packages to vulnerable families, Samarpit SPI transitioned from a local initiative to a critical lifeline. This period of intense service solidified their reputation for "real solutions for real needs."

The Intellectual Evolution: Merging Sociology with Service

As the movement gained momentum, it attracted a new wave of intellectually driven youth, including several UPSC aspirants. A pivotal moment in the organization’s history was the addition of Kumari Prachi, a Master’s graduate in Sociology. Her academic expertise in governance and social structures provided the framework necessary to transition the group into a formal entity.

Under her guidance, the movement was officially registered as a Trust-based NGO in February 2026, ensuring the longevity and scalability of their impact.

A New Chapter: The 2026 Leadership Team

With its official registration, Samarpit SPI has introduced a dedicated Board of Trustees to oversee its national expansion:

President: Shivam Parashar

Vice President: Kumari Prachi

Secretary: Ritik Roshan

Treasurer: Satish Runi

Trustee: Advik Vivan

Program Directors Harshit Gupta & Shami Ahmad

Supported by 15 active leads and a network of over 300+ volunteers nationwide, this leadership team is prepared to take the "Samarpit" mission to every corner of India.

The Three Pillars of Progress

Samarpit SPI operates through a focused, three-pronged strategy designed to create holistic societal shifts:

1. Serving Humanity Beyond symbolic gestures, the organization conducts daily food distribution drives and maintains a rapid-response network for emergency welfare.

2. Empowering Communities By focusing on educational support and vocational skill awareness, they provide the tools necessary for long-term financial independence.

3. Strengthening Democracy Perhaps their most unique pillar, Samarpit SPI conducts civic awareness campaigns. These programs educate citizens on their constitutional rights and duties, fostering a more informed and active electorate.

 "Meaningful change does not require fame or fortune—only commitment, compassion, and collective action," says Shivam Parashar, Founder and President. "We are proving that when the youth take ownership of their democracy, the entire nation rises."

About Samarpit SPI

Samarpit SPI (Social Progress Initiative) is a registered non-profit organization dedicated to nation-building at the grassroots level. Based in New Delhi with deep roots in rural India, the NGO focuses on humanitarian aid, community upliftment, and civic education. By leveraging the energy of educated youth and volunteers, Samarpit SPI aims to build a stronger, more democratic India through direct action and social advocacy. For more information you can visit https://www.samarpitspi.com/

‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

#shashitharoorinawayacceptedcongressisantiwomenkiren_rijiju

महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।

चुनावी सरगर्मियों के बीच पीएम मोदी का दिखा नया अंदाज़, गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते दिखे

#gangtokpmmodijoinedagroupofyoungstersforagameoffootball

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं। पीएम मोदी सोमवार शाम ही सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे थे। आज मंगलवार को पीएम मोदी सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने सुबह-सुबह राजधानी गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेला।

“नन्हे दोस्तों” के साथ फुटबॉल खेलते पीएम मोदी

युवाओं के साथ फुटबॉल खेलने की पीएम मोदी ने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, 'गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है! उन्होंने कहा, स्पष्ट है कि इन युवाओं के साथ फुटबॉल का सत्र बेहद ऊर्जावान रहा!'

रोड शो की तस्वीरें भी साझा की

इससे पहले सोमवार शाम को सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे पीएम मोदी ने एक रोड शो भी किया था। पीएम मोदी ने हेलीपैड से लोकभवन तक रोड शो किया था। प्रधानमंत्री मोदी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी थी। पीएम मोदी को देखने के लिए रोड शो के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। लोगों के आशीर्वाद और स्नेह के लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने इस रोड शो की फोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर किए।

4 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दूसरे दिन आज मंगलवार को राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे और 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री मंगलवार को गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे, जिसे राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे, पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में शामिल होंगे, जहां वे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में फैली परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे। वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

Not Just a Podcast: How Candid Talks With RV Is Building a New Creator Business Model

Mumbai’s creator ecosystem witnessed a defining moment as Candid Talks With RV hosted an exclusive success celebration at House of Pleo, Chandivali, a rooftop venue known for premium, high-energy gatherings. The invite-only evening brought together a curated mix of entrepreneurs, content creators, and professionals who have been part of the show’s journey as panelists, sponsors, and collaborators. Hosted by Rajveer Singh the night held a dual significance marking not just the success of the talk show, but also Rajveer’s birthday on 23rd April, where not just champagne, but happiness and success were pouring.

At a time when the podcast space is saturated with predictable formats, Candid Talks With RV stands apart with its distinct structure, four guests from four different professions engaging in one powerful conversation. Backed by the tagline “It’s NOT just a Podcast,” the show embraces a no-script, no-filter approach, creating raw, authentic exchanges that resonate strongly with today’s creator and entrepreneurial audience.

The show recently amplified its presence with a bold social media moment announcing the deletion of all episodes due to controversy and legal issues, triggering widespread speculation. The reveal of this as a strategic April Fool’s campaign highlighted a sharp understanding of audience psychology and modern content storytelling, positioning the brand beyond conventional formats.

More importantly, the focus now shifts to what lies ahead. With a rapidly expanding community and increasing cross-industry participation, Candid Talks With RV is evolving into more than a content series, it is shaping a platform that could redefine how conversations are structured within the creator economy, fostering collaboration, perspective, and real dialogue.

As the evening concluded, what stood out wasn’t just the scale of the celebration, but the momentum behind it. While no figures were officially disclosed, industry conversations suggest that the ecosystem being built around the show and its host RV has already crossed significant multi-million valuations, quietly reinforcing its growing influence in the digital landscape.

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

#numberofbjpmpsintherajyasabhahasreached113withanewnotification

आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

'मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच : डॉ. मोहन यादव

* भोपाल और बैतूल में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम


भोपाल/बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को देशवासियों के मन में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर आमजन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नदी, तालाब, नहर, कुएं और वन क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी प्राथमिकता से की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा होगी। वहीं बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रयोग से देश की जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बन रही है। साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो देश के लिए गौरव की बात है।

इस अवसर पर भोपाल में मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित कई नेता मौजूद रहे। बैतूल में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द * गलत दस्तावेज और अधूरे ब्यौरे पर बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सबसे ज्यादा 1114 रजिस्ट्रेशन निरस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के सत्यापन अभियान के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। गलत, अधूरे और विसंगतिपूर्ण अभिलेख मिलने पर प्रदेश की 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से की गई है।
प्रदेश में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं, जिनका विवरण केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए 6 जून तक पंजीकरण की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
निरस्त पंजीकरणों में लखनऊ सबसे ऊपर है, जहां 1114 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया। इसके अलावा बिजनौर में 1003, सहारनपुर में 990, बाराबंकी में 577, अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 मामलों में कार्रवाई की गई है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार जिन संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे पाए गए, विवरण गलत मिला या रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, उनका पंजीकरण निरस्त किया गया है। संबंधित प्रबंधन समितियों को अब सही अभिलेखों के साथ दोबारा आवेदन करना होगा।
इस कार्रवाई को वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
"সকল শরণার্থী পরিবারের দায়িত্ব আমাদের', ঠাকুরনগরের সভায় মতুয়াদের বার্তা প্রধানমন্ত্রীর

 নিজস্ব প্রতিনিধি : রাজ্যে বিধানসভা নির্বাচনের দ্বিতীয় দফার ভোট আগামী ২৯ এপ্রিল । ওইদিন ৭ টি জেলার ১৪২ টি আসনে ভোট গ্রহণ হবে।আর আজ বিধানসভা নির্বাচনের প্রচারের শেষ হাইভোল্টেজ রবিবার। বিজেপির পক্ষে এই দিন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি প্রথম সভা ছিল উত্তর ২৪ পরগনার ঠাকুরনগরে । মতুয়া ধর্মের পীঠস্থান ঠাকুরবাড়ির কামনা সাগরের পার্বতীর মাঠে ছিল সেই সভা ।মোদি এই জনসভায় জানান,

'সব শরণার্থী নাগরিকত্ব পাবেন'।

আমি স্পষ্ট করে বলছি, আপনাদের নাগরিকত্ব দেওয়া হবে। স্থায়ী ঠিকানা পাবেন, প্রত্যেক কাগজ পাবেন যা আপনাদের জন্য দরকারি। সবাই অধিকার পাবেন যা প্রত্যেক ভারতবাসী পান। এটা মোদীর গ্যারেন্টি। কিন্তু তৃণমূলের মিথ্যে থেকে আপনাদের সতর্ক থাকতে হবে।

শরণার্থীদের মোদীর বার্তা ,

জনসংঘ পূর্ব বাংলা থেকে বিতাড়িত শরণার্থীদের পাশে দাঁড়িয়েছিল। তখন তাদের কোনও সরকার ছিল না, কিন্তু শরণার্থীদের কথা তারাই প্রথম তুলেছিল। শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়কে শরণার্থীদের প্রবক্তা মানা হত। ওঁর সংস্কারই আমাদের মধ্যে রয়েছে। আজ আমরা সকল শরণার্থী পরিবারের সুরক্ষা নিজেদের দায়িত্ব হিসেবে মনে করি। আপনাদের সুখ-দুঃখের চিন্তা করা আমাদের দায়িত্ব। তাই আমি সিএএ আইন লাগু করেছি।

এদিন তার ভাষণে, সন্দেশখালি' প্রসঙ্গ উঠে আসে। তিনি বলেন,

রাজ্যের জঙ্গলরাজে সবচেয়ে বেশি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছেন মহিলারাই, আর তাঁদের চোখে ক্ষোভ স্পষ্ট। সন্দেশখালিতে মহিলাদের উপর অত্যাচার হয়েছে এবং সেই ঘটনায় শাসকদল অভিযুক্তদের সমর্থন করেছে। মহিলাদের অপমান করা হয়েছে, গালিগালাজ করা হয়েছে এবং এই ধরনের ঘটনা মানুষ ভুলে যাননি। বর্তমান সরকারের আমলে মেয়েরা নিখোঁজ হওয়ার ঘটনাও ঘটছে, অথচ মহিলাদের নিরাপত্তা নিয়ে সরকারের কোনও চিন্তা নেই।

১৫ বছর আগে তৃণমূল মা-মাটি-মানুষের কথা বলে ক্ষমতায় এসেছিল। এখন ওদের মুখ থেকে আর সে সব কথা শোনা যায় না। কারণ এসব কথা বললে ওদের পাপ প্রকাশ্যে চলে আসবে। তাই আপনাদের বলি, ৪ তারিখ বাজনা বাজিয়ে তৃণমূলকে বিদায় দিন।

আপনাদের একটা ভোট দরকার। তারপরই বাংলাকে আজাদি দেব তৃণমূলের কাটমানি, দুর্নীতি, নারী অত্যাচার, সিন্ডিকেটরাজ থেকে। নেতাজি বলেছিলেন, রক্তের বদলে স্বাধীনতার কথা, আমি আপনাদের থেকে একটা করে ভোট চাইছি।

এরাজ্যে একটাই দোকান চলছে, সেটা হল তৃণমূলের

সিন্ডিকেট-কাটমানির। এমন সরকারকে ক্ষমতাচ্যুত করতেই হবে, তাদের রাজ্য থেকে তাড়াতেই হবে। তাই গোটা বাংলা একই স্লোগান তুলছে - পাল্টানো দরকার, চাই বিজেপি সরকার।প্রথম দফায় ভাঙল তৃণমূলের অহঙ্কার, দ্বিতীয় দফায় হবে বিজেপি সরকার। তৃণমূলের নির্মমতা মা-কে কাঁদিয়েছে, মাটিকে অনুপ্রবেশকারীদের হাতে তুলে দিয়েছে আর মানুষকে নিজের রাজ্য থেকে পালাতে বাধ্য করেছে।

তার ভাষণে স্পষ্ট বলেন,প্রথম দফার ভোটে কামাল করেছে বাংলা। যে হারে ভোট হয়েছে তাতে স্পষ্ট, বিজেপি সরকার আসছে। এমনভাবে চিৎকার করুন যাতে গোটা বাংলা জানতে পারে যে, কার সরকার হচ্ছে।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

Samarpit SPI: From College Dream to National Movement—Empowering India Through Service and Democracy

INDIA | April 25, 2026 — In an era where digital connectivity often replaces physical community action, Samarpit SPI (Social Progress Initiative) is bridging the gap. What started in 2020 as a modest pact between three college friends has officially matured into a registered NGO trust, mobilizing hundreds of volunteers to tackle India’s most pressing grassroots challenges through humanitarian aid and democratic education.

The Genesis: Small Steps, Massive Vision

The foundations of Samarpit SPI were laid in the rural heartlands of Bihar. Founders Shivam Parashar, Harshit Gupta, and Shami Ahmad recognized a recurring theme in their community: a disconnect between available rights and the citizens meant to exercise them. Driven by the belief that "real change begins with responsibility," the trio began conducting local awareness drives, a mission that resonated so deeply it quickly expanded from three friends to a core team of ten selfless advocates.

Proving Resilience During Global Crisis

The true mettle of Samarpit SPI was tested during the COVID-19 pandemic. While the world retreated, the organization stepped forward. By coordinating oxygen cylinder logistics, distributing life-saving medicines, and providing relief packages to vulnerable families, Samarpit SPI transitioned from a local initiative to a critical lifeline. This period of intense service solidified their reputation for "real solutions for real needs."

The Intellectual Evolution: Merging Sociology with Service

As the movement gained momentum, it attracted a new wave of intellectually driven youth, including several UPSC aspirants. A pivotal moment in the organization’s history was the addition of Kumari Prachi, a Master’s graduate in Sociology. Her academic expertise in governance and social structures provided the framework necessary to transition the group into a formal entity.

Under her guidance, the movement was officially registered as a Trust-based NGO in February 2026, ensuring the longevity and scalability of their impact.

A New Chapter: The 2026 Leadership Team

With its official registration, Samarpit SPI has introduced a dedicated Board of Trustees to oversee its national expansion:

President: Shivam Parashar

Vice President: Kumari Prachi

Secretary: Ritik Roshan

Treasurer: Satish Runi

Trustee: Advik Vivan

Program Directors Harshit Gupta & Shami Ahmad

Supported by 15 active leads and a network of over 300+ volunteers nationwide, this leadership team is prepared to take the "Samarpit" mission to every corner of India.

The Three Pillars of Progress

Samarpit SPI operates through a focused, three-pronged strategy designed to create holistic societal shifts:

1. Serving Humanity Beyond symbolic gestures, the organization conducts daily food distribution drives and maintains a rapid-response network for emergency welfare.

2. Empowering Communities By focusing on educational support and vocational skill awareness, they provide the tools necessary for long-term financial independence.

3. Strengthening Democracy Perhaps their most unique pillar, Samarpit SPI conducts civic awareness campaigns. These programs educate citizens on their constitutional rights and duties, fostering a more informed and active electorate.

 "Meaningful change does not require fame or fortune—only commitment, compassion, and collective action," says Shivam Parashar, Founder and President. "We are proving that when the youth take ownership of their democracy, the entire nation rises."

About Samarpit SPI

Samarpit SPI (Social Progress Initiative) is a registered non-profit organization dedicated to nation-building at the grassroots level. Based in New Delhi with deep roots in rural India, the NGO focuses on humanitarian aid, community upliftment, and civic education. By leveraging the energy of educated youth and volunteers, Samarpit SPI aims to build a stronger, more democratic India through direct action and social advocacy. For more information you can visit https://www.samarpitspi.com/

‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

#shashitharoorinawayacceptedcongressisantiwomenkiren_rijiju

महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।

चुनावी सरगर्मियों के बीच पीएम मोदी का दिखा नया अंदाज़, गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते दिखे

#gangtokpmmodijoinedagroupofyoungstersforagameoffootball

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं। पीएम मोदी सोमवार शाम ही सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे थे। आज मंगलवार को पीएम मोदी सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने सुबह-सुबह राजधानी गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेला।

“नन्हे दोस्तों” के साथ फुटबॉल खेलते पीएम मोदी

युवाओं के साथ फुटबॉल खेलने की पीएम मोदी ने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, 'गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है! उन्होंने कहा, स्पष्ट है कि इन युवाओं के साथ फुटबॉल का सत्र बेहद ऊर्जावान रहा!'

रोड शो की तस्वीरें भी साझा की

इससे पहले सोमवार शाम को सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे पीएम मोदी ने एक रोड शो भी किया था। पीएम मोदी ने हेलीपैड से लोकभवन तक रोड शो किया था। प्रधानमंत्री मोदी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी थी। पीएम मोदी को देखने के लिए रोड शो के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। लोगों के आशीर्वाद और स्नेह के लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने इस रोड शो की फोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर किए।

4 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दूसरे दिन आज मंगलवार को राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे और 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री मंगलवार को गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे, जिसे राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे, पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में शामिल होंगे, जहां वे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में फैली परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे। वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

Not Just a Podcast: How Candid Talks With RV Is Building a New Creator Business Model

Mumbai’s creator ecosystem witnessed a defining moment as Candid Talks With RV hosted an exclusive success celebration at House of Pleo, Chandivali, a rooftop venue known for premium, high-energy gatherings. The invite-only evening brought together a curated mix of entrepreneurs, content creators, and professionals who have been part of the show’s journey as panelists, sponsors, and collaborators. Hosted by Rajveer Singh the night held a dual significance marking not just the success of the talk show, but also Rajveer’s birthday on 23rd April, where not just champagne, but happiness and success were pouring.

At a time when the podcast space is saturated with predictable formats, Candid Talks With RV stands apart with its distinct structure, four guests from four different professions engaging in one powerful conversation. Backed by the tagline “It’s NOT just a Podcast,” the show embraces a no-script, no-filter approach, creating raw, authentic exchanges that resonate strongly with today’s creator and entrepreneurial audience.

The show recently amplified its presence with a bold social media moment announcing the deletion of all episodes due to controversy and legal issues, triggering widespread speculation. The reveal of this as a strategic April Fool’s campaign highlighted a sharp understanding of audience psychology and modern content storytelling, positioning the brand beyond conventional formats.

More importantly, the focus now shifts to what lies ahead. With a rapidly expanding community and increasing cross-industry participation, Candid Talks With RV is evolving into more than a content series, it is shaping a platform that could redefine how conversations are structured within the creator economy, fostering collaboration, perspective, and real dialogue.

As the evening concluded, what stood out wasn’t just the scale of the celebration, but the momentum behind it. While no figures were officially disclosed, industry conversations suggest that the ecosystem being built around the show and its host RV has already crossed significant multi-million valuations, quietly reinforcing its growing influence in the digital landscape.

आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

#numberofbjpmpsintherajyasabhahasreached113withanewnotification

आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

'मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच : डॉ. मोहन यादव

* भोपाल और बैतूल में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम


भोपाल/बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को देशवासियों के मन में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर आमजन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नदी, तालाब, नहर, कुएं और वन क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी प्राथमिकता से की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा होगी। वहीं बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रयोग से देश की जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बन रही है। साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो देश के लिए गौरव की बात है।

इस अवसर पर भोपाल में मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित कई नेता मौजूद रहे। बैतूल में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द * गलत दस्तावेज और अधूरे ब्यौरे पर बड़ी कार्रवाई, लखनऊ में सबसे ज्यादा 1114 रजिस्ट्रेशन निरस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के सत्यापन अभियान के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। गलत, अधूरे और विसंगतिपूर्ण अभिलेख मिलने पर प्रदेश की 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से की गई है।
प्रदेश में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं, जिनका विवरण केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए 6 जून तक पंजीकरण की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
निरस्त पंजीकरणों में लखनऊ सबसे ऊपर है, जहां 1114 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया। इसके अलावा बिजनौर में 1003, सहारनपुर में 990, बाराबंकी में 577, अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 मामलों में कार्रवाई की गई है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार जिन संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे पाए गए, विवरण गलत मिला या रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, उनका पंजीकरण निरस्त किया गया है। संबंधित प्रबंधन समितियों को अब सही अभिलेखों के साथ दोबारा आवेदन करना होगा।
इस कार्रवाई को वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
"সকল শরণার্থী পরিবারের দায়িত্ব আমাদের', ঠাকুরনগরের সভায় মতুয়াদের বার্তা প্রধানমন্ত্রীর

 নিজস্ব প্রতিনিধি : রাজ্যে বিধানসভা নির্বাচনের দ্বিতীয় দফার ভোট আগামী ২৯ এপ্রিল । ওইদিন ৭ টি জেলার ১৪২ টি আসনে ভোট গ্রহণ হবে।আর আজ বিধানসভা নির্বাচনের প্রচারের শেষ হাইভোল্টেজ রবিবার। বিজেপির পক্ষে এই দিন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি প্রথম সভা ছিল উত্তর ২৪ পরগনার ঠাকুরনগরে । মতুয়া ধর্মের পীঠস্থান ঠাকুরবাড়ির কামনা সাগরের পার্বতীর মাঠে ছিল সেই সভা ।মোদি এই জনসভায় জানান,

'সব শরণার্থী নাগরিকত্ব পাবেন'।

আমি স্পষ্ট করে বলছি, আপনাদের নাগরিকত্ব দেওয়া হবে। স্থায়ী ঠিকানা পাবেন, প্রত্যেক কাগজ পাবেন যা আপনাদের জন্য দরকারি। সবাই অধিকার পাবেন যা প্রত্যেক ভারতবাসী পান। এটা মোদীর গ্যারেন্টি। কিন্তু তৃণমূলের মিথ্যে থেকে আপনাদের সতর্ক থাকতে হবে।

শরণার্থীদের মোদীর বার্তা ,

জনসংঘ পূর্ব বাংলা থেকে বিতাড়িত শরণার্থীদের পাশে দাঁড়িয়েছিল। তখন তাদের কোনও সরকার ছিল না, কিন্তু শরণার্থীদের কথা তারাই প্রথম তুলেছিল। শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়কে শরণার্থীদের প্রবক্তা মানা হত। ওঁর সংস্কারই আমাদের মধ্যে রয়েছে। আজ আমরা সকল শরণার্থী পরিবারের সুরক্ষা নিজেদের দায়িত্ব হিসেবে মনে করি। আপনাদের সুখ-দুঃখের চিন্তা করা আমাদের দায়িত্ব। তাই আমি সিএএ আইন লাগু করেছি।

এদিন তার ভাষণে, সন্দেশখালি' প্রসঙ্গ উঠে আসে। তিনি বলেন,

রাজ্যের জঙ্গলরাজে সবচেয়ে বেশি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছেন মহিলারাই, আর তাঁদের চোখে ক্ষোভ স্পষ্ট। সন্দেশখালিতে মহিলাদের উপর অত্যাচার হয়েছে এবং সেই ঘটনায় শাসকদল অভিযুক্তদের সমর্থন করেছে। মহিলাদের অপমান করা হয়েছে, গালিগালাজ করা হয়েছে এবং এই ধরনের ঘটনা মানুষ ভুলে যাননি। বর্তমান সরকারের আমলে মেয়েরা নিখোঁজ হওয়ার ঘটনাও ঘটছে, অথচ মহিলাদের নিরাপত্তা নিয়ে সরকারের কোনও চিন্তা নেই।

১৫ বছর আগে তৃণমূল মা-মাটি-মানুষের কথা বলে ক্ষমতায় এসেছিল। এখন ওদের মুখ থেকে আর সে সব কথা শোনা যায় না। কারণ এসব কথা বললে ওদের পাপ প্রকাশ্যে চলে আসবে। তাই আপনাদের বলি, ৪ তারিখ বাজনা বাজিয়ে তৃণমূলকে বিদায় দিন।

আপনাদের একটা ভোট দরকার। তারপরই বাংলাকে আজাদি দেব তৃণমূলের কাটমানি, দুর্নীতি, নারী অত্যাচার, সিন্ডিকেটরাজ থেকে। নেতাজি বলেছিলেন, রক্তের বদলে স্বাধীনতার কথা, আমি আপনাদের থেকে একটা করে ভোট চাইছি।

এরাজ্যে একটাই দোকান চলছে, সেটা হল তৃণমূলের

সিন্ডিকেট-কাটমানির। এমন সরকারকে ক্ষমতাচ্যুত করতেই হবে, তাদের রাজ্য থেকে তাড়াতেই হবে। তাই গোটা বাংলা একই স্লোগান তুলছে - পাল্টানো দরকার, চাই বিজেপি সরকার।প্রথম দফায় ভাঙল তৃণমূলের অহঙ্কার, দ্বিতীয় দফায় হবে বিজেপি সরকার। তৃণমূলের নির্মমতা মা-কে কাঁদিয়েছে, মাটিকে অনুপ্রবেশকারীদের হাতে তুলে দিয়েছে আর মানুষকে নিজের রাজ্য থেকে পালাতে বাধ্য করেছে।

তার ভাষণে স্পষ্ট বলেন,প্রথম দফার ভোটে কামাল করেছে বাংলা। যে হারে ভোট হয়েছে তাতে স্পষ্ট, বিজেপি সরকার আসছে। এমনভাবে চিৎকার করুন যাতে গোটা বাংলা জানতে পারে যে, কার সরকার হচ্ছে।