Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा-दुरुपयोग का खतरा

#supreme_court_stayed_ugc_equity_regulations_2026

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देशभर में जबरदस्त विरोध हो रहा है। नए नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला किया है और यूजीसी के नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है।

केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च तक मांगा जवाब

सीजेआई सूर्यकांत की बेंच कहा कि ये प्रावधान पहली नज़र में अस्पष्ट हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया। सीजेआई सूर्यकांत ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस को फिर से बनाने के लिए कहा है, तब तक इनका संचालन रोक दिया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब देने को कहा है।

कोर्ट ने पूछा अहम सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सवाल उठाए। जस्टिस बागची ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से ऐसा लगता है कि इनका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल बनाना चाहते हैं। जस्टिस बागची ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जब पहले से ही 3 'E' मौजूद हैं, तो फिर 2 'C' की क्या जरूरत पड़ जाती है? यह सवाल नियमों की प्रासंगिकता पर उठाया गया था।

दरअलस, यूजीसी के नए नियमों पर बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है। सवर्ण तबके के स्टूडेंट्स इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी बुधवार को ही यूजीसी नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए हामी भरी थी। याचिका में कहा गया है कि ये नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं। मामला राहुल देवन और अन्य बनाम केंद्र सरकार है। सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका को सुनवाई के लिए आज लिस्ट किया था।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodimediaaddressinparliament_house

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

केआईडब्ल्यूजी 2026: आर्मी ने बरकरार रखा आइस हॉकी स्वर्ण, चंडीगढ़ ने जीता दिल; हरियाणा ओवरऑल चैंपियन, मेज़बान लद्दाख दूसरे स्थान पर


* लद्दाख के स्केटर स्कारमा त्सुल्टिम ने सर्वाधिक चार पदक (2 स्वर्ण) जीते; महाराष्ट्र के ईशान दरवेकर, तेलंगाना की नयना श्री तलुरी और हरियाणा के सचिन सिंह ने दो-दो स्वर्ण अपने नाम किए

लेह (लद्दाख), जनवरी, 2026: गणतंत्र दिवस के मौके पर एनडीएस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय सेना की अनुभवी टीम को पुरुष वर्ग के आइस हॉकी स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लिए जुझारू चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी पूरी क्षमता झोंकनी पड़ी। सेना की टीम ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच का निर्णायक गोल अंतिम हूटर से महज़ तीन मिनट पहले आया और केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण का इससे बेहतर और रोमांचक समापन हो ही नहीं सकता था।

हरियाणा ने अपने फिगर स्केटिंग और आइस स्केटिंग खिलाड़ियों द्वारा जीते गए चार स्वर्ण पदकों की बदौलत केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण की टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, लेकिन रजत पदकों की संख्या के आधार पर उनका स्थान तय हुआ। लद्दाख (5 रजत), महाराष्ट्र (3 रजत) और तेलंगाना (2 रजत) इसी क्रम में पदक तालिका में रहे।

पदक तालिका के लिए देखें: https://www.winter.kheloindia.gov.in/medal-tally

चंडीगढ़ की पुरुष आइस हॉकी टीम उस समय पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई, जब उसने शनिवार को सेमीफाइनल में मेज़बान लद्दाख को 3-2 से हराकर सभी को चौंका दिया। केआईडब्ल्यूजी 2025 से आइस हॉकी खेलना शुरू करने वाली इस टीम का फाइनल में पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। फाइनल में आर्मी के खिलाफ चंडीगढ़ ने साबित कर दिया कि लद्दाख के खिलाफ मिली जीत कोई संयोग नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लगभग मैच को अतिरिक्त समय तक ले जाना काबिले-तारीफ रहा। दिलचस्प बात यह रही कि लीग चरण में चंडीगढ़ को आर्मी के खिलाफ 10-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

#ajitpawardeathmamatabanerjeedemandssupremecourtmonitored_probe 

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल उठाए हैं। 

ममता बनर्जी ने एक्स पर शोक संदेश में अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक जताते हुए प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की जांच की मांग की।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर ट्वीट किया कि अजीत पवार के अचानक निधन से बहुत सदमे में और हैरान हूं! महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग आज सुबह बारामती में एक भयानक विमान दुर्घटना में मारे गए और मुझे बहुत दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार जी भी शामिल हैं, और दिवंगत अजीत जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा

बंगाल की सीएम ने अजीत पवार को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।

यूपी में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया विस्तार, ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना शुरू: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। इसके साथ ही लक्ष्य को बढ़ाकर एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और उत्पादों की बिक्री के लिए अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसरों में खाली भूमि पर स्टॉल बनवाकर स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को दिए जाएंगे, जिससे वे अपने उत्पादों का व्यापार कर सकें।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसी दुकान स्थापित की जाएगी, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध होंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इससे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को यूरोप के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिन पर 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 80 हजार महिलाएं ‘बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ी हैं और ऐसी कंपनियां प्रदेश के 18 मंडलों में स्थापित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट की 202 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें से 40 को 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी गई है। शेष इकाइयों को भी सौर सब्सिडी उपलब्ध कराने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी जाएगी, जिससे पूरा पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे। साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली दीदियों के लिए चार्जिंग की समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए।उन्होंने निर्देश दिया कि विधायक निधि के प्रस्ताव 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किए जाएं, ताकि विकास कार्य समय से शुरू हो सकें। इसके अलावा हर तीन महीने में ‘दिशा’ बैठकें आयोजित करने और ग्राम चौपालों को नियमित रूप से लगाने पर भी जोर दिया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर, जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य होता है, स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे। साथ ही अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘स्मार्ट गांव’ का लक्ष्य गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और इसी दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
Homeo Doctor in Hyderabad for Complete Pregnancy Wellness

Find a trusted homeo doctor in Hyderabad for pregnancy care. Homeopathy supports natural comfort, emotional balance, and overall wellness during pregnancy.

Pregnancy is a delicate and important stage that requires proper care and attention. As a woman’s body undergoes hormonal, physical, and emotional changes, various discomforts may arise. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can help expectant mothers receive gentle, holistic support throughout pregnancy.

Many women experience common pregnancy issues such as nausea, vomiting, fatigue, back pain, swelling, digestive problems, disturbed sleep, and emotional sensitivity. These challenges are usually caused by hormonal imbalance, increased physical demands, and emotional stress. A qualified homeo doctor in Hyderabad focuses on addressing these concerns by supporting the body’s natural balance.

Homeopathy follows a personalized approach to pregnancy care. A skilled homeo doctor in Hyderabad carefully evaluates each woman’s overall health, emotional condition, and lifestyle before planning treatment. This holistic care helps maintain emotional stability, improve energy levels, support digestion, and encourage better sleep during pregnancy.

Homeopathy treatment during pregnancy is gentle and supportive. Instead of offering temporary relief, it works by strengthening the body’s natural ability to adapt to pregnancy changes. This approach helps improve overall well-being and supports a more comfortable pregnancy journey. Many women choose homeopathy because it aligns with natural healing principles.

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic offering holistic pregnancy care in Hyderabad. The clinic is known for its patient-centered consultations, personalized care plans, and compassionate approach. Women searching for a dependable homeo doctor in Hyderabad trust Spiritual Homeopathy for professional and natural pregnancy support.

Choosing a local homeo doctor in Hyderabad allows for easy access, consistent follow-ups, and continuous care throughout all stages of pregnancy. With the right holistic guidance, women can enjoy a calmer and healthier pregnancy experience.

वन टीम–वन मिशन के तहत सैन्य व सिविल चिकित्सा संस्थानों का संयुक्त आपदा अभ्यास

संजय द्विवेदी प्रयागराज।आपदा की स्थिति में त्वरित समन्वित और प्रभावी चिकित्सा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Military Hospital Prayagraj,SRN Hospital एवं Motilal Nehru Medical College के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक व्यापक डिजास्टर मैनेजमेन्ट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास SRN अस्पताल स्थित CBRNE एवं डिजास्टर वार्ड में सम्पन्न हुआ।वन टीम–वन मिशन:निर्बाध सिविल-मिलिट्री समन्वय से जीवन रक्षा”थीम पर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य सैन्य एवं नागरिक चिकित्सा तंत्र के बीच आपसी तालमेल को और अधिक सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम में मिलिट्री हॉस्पिटल प्रयागराज के कमान्डेन्ट एवं उनके साथ आए प्रतिनिधि मण्डल की गरिमामयी उपस्थिति रही।एसआरएन अस्पताल एवं एमएलएन मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ.वी.के. पाण्डेय डॉ. नीलम सिंह डॉ.(मेजर) जितेन्द्र शुक्ला डॉ.आलोक सिंह डॉ.आर.के.तिवारी एवं डॉ. मुक्तेश सिंह सहित वरिष्ठ चिकित्सक रेजिडेंट डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मी अभ्यास में सम्मिलित रहे।मॉक ड्रिल के दौरान मास कैजुअल्टी ट्रायेज आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल संसाधनो की त्वरित तैनाती अंतर-एजेंसी संचार तथा समन्वित मरीज प्रबन्धन जैसी अहम प्रक्रियाओ का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।विशेष रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने फील्ड- लेवल तैयारियो को मजबूती प्रदान की।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.वी.के.पाण्डेय ने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियो से निपटने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास अत्यंत आवश्यक है।इससे सभी स्तरों पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियो की भूमिका स्पष्ट होती है और टीम भावना को बल मिलता है।वही डॉ.(मेजर)जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि सैन्य और नागरिक चिकित्सा संस्थानो के बीच इस प्रकार का समन्वय वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। नियमित मॉक ड्रिल से प्रतिक्रिया समय और उपचार क्षमता दोनो में उल्लेखनीय सुधार होता है।

विभिन्न स्कूलों और विभागों द्वारा निकाली गई रैली
मोनू भाटी, मेरठ।मवाना।गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजकीय विद्यालय मेरठ से मेरठ मंडलायुक्त,भानु चंद्र गोस्वामी तथा मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहकर विभिन्न स्कूलों और विभागों द्वारा निकाली गई रैली का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया,
जीआईसी मैदान से शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए यह मार्च पास्ट रैली भैशाली मैदान में जाती है,इसके बाद वहां देशभक्ति के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा जिलाधिकारी मेरठ तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ,नगर मजिस्ट्रेट मेरठ की अध्यक्षता में विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा होने वाले का शुभारंभ और पुरस्कार वितरण किया जाता है।
उपरोक्त कार्यक्रमों की सभी व्यवस्था को शहर के जिम्मेदार और विशिष्ट व्यक्तियों की एक आयोजन कमेटी सफल बनाती है, आयोजन कमेटी के सभी संभ्रांत सदस्यों को मेरठ के  जिलाधिकारी, वीके सिंह तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा  प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर आयोजन समिति के अध्यक्ष राष्ट्रपति पदक से पुरस्कृत सरदार सरबजीत कपूर,एवं सदस्यों के रूप में मोहित जैन मनीष शारदा प्रधानाचार्य, रजनी रानी शंखघर,प्रधानाचार्य नीरा तोमर शुचि गुप्ता,उपेंद्र सिंह नवीन फल मंडी के अध्यक्ष हाजी इरशाद आदि को सम्मानित किया।
इस अवसर पर ड़ेन गैलेक्सी के निदेशक रोमी शिव तथा कंपनी के प्रबंधक,संजीव प्रधान को विभिन्न बड़े कार्यक्रमों के अवसरों पर मेरठ पुलिस प्रशासन को उनके अतुल्नीय योगदान के लिए सम्मानित करते हुए जिलाधिकारी एवंम पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने काफी सराहाना की
UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

Learning Routes Launches Online Degree Scholarship Programme to Make Higher Education Affordable

Gurugram (Haryana) [India]: Learning Routes, India's leading online education consulting platform, has launched the scholarship programme designed to make quality higher education accessible to all students. The initiative is taken to address one of the most significant barriers to educational advancement, the cost of tuition.​With over 104,800 students successfully enrolled and a legacy spanning nine years, Learning Routes has established itself as a trusted partner in online education. The online degree scholarship programme aims to provide financial support for undergraduate, postgraduate, and executive programs at India's top-ranked universities.

Comprehensive Online Degree Scholarship by LR

​As online degrees have become a necessity, competition has become fierce. Enrolling in online courses has become a practical choice for working professionals and freshers. However, tuition costs remain a significant challenge for many students. Learning Routes has the objective of removing financial constraints in education.

  • ​✅ Scholarships are available for a wide range of undergraduate (BBA, BCA, BA, BSc, and BCom, etc.) and postgraduate (Online MBA, MCA, MA, MSc, MCom) and executive education programs.
  • ​✅ Learning Routes has partnered with India's top NAAC-accredited, UGC-recognized, and NIRF-ranked universities, including Amity University, Manipal University, UPES, and NMIMS, among others.
  • ​✅ With 550+ experienced counsellors, Learning Routes provides personalized scholarship advice that is tailored to each student's educational goals and financial situation.

Word from the Learning Routes Founders

​"Education must not be limited by financial constraints," said Mr. Karan Semta, Co-founder at Learning Routes. "We've witnessed countless talented students postpone or abandon their educational dreams due to financial pressures. This scholarship program is our commitment to ensuring that every motivated learner has the opportunity to upskill and advance their career through quality online education."

​"We believe talent is everywhere, but opportunity isn't," said Mr. Suraj Mishra, Founder at Learning Routes. "This initiative empowers motivated students to chase their dreams without financial barriers holding them back."

​Education shouldn't be a privilege; it's a right. "That's why we have launched this scholarship to fuel India's digital workforce through flexible online programs," said Learning Routes Co-Founder Mr. Dheeraj Chhabra.

​In today's fast-paced world, online degrees are the great equaliser. "Our scholarship removes financial barriers so talent from every corner of India can thrive," said Varun Talwar, Co-founder at Learning Routes.

Who Can Apply?

​Candidates seeking an online degree programme or planning to opt for one through Learning Routes is eligible to apply for this scholarship programme if they meet the following criteria:

  • ​✅ Should have completed 10+2 for a UG course and a bachelor's degree for a PG course.
  • ​✅ Working professionals looking to upskill through online or executive programs.

Scholarship Application Process: How to Apply?

​Follow these simple steps to avail the scholarships:

  1. ​Log in to the Learning Routes official website.
  2. ​Register as a new user to generate your login credentials.
  3. ​Verify with OTP.
  4. ​Submit the enquiry form.
  5. ​Receive a scholarship guidance call from LR counsellors.
  6. ​Complete the application with the counsellor's guidance.

About Learning Routes

​Learning Routes is India's premier online education consulting platform with a nine-year legacy of helping students make informed career decisions. With over 104,800 successful enrollments and guidance provided to 2.3 million individuals, Learning Routes partners with top NAAC-accredited, UGC-recognized universities to offer quality online undergraduate, postgraduate, and executive programs. The company's mission is to make quality education accessible, affordable, and aligned with career aspirations.

For more information about the scholarship program or to apply, visit www.learningroutes.in/online-degree-scholarships or call +91-9228165349.

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा-दुरुपयोग का खतरा

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देशभर में जबरदस्त विरोध हो रहा है। नए नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला किया है और यूजीसी के नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है।

केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च तक मांगा जवाब

सीजेआई सूर्यकांत की बेंच कहा कि ये प्रावधान पहली नज़र में अस्पष्ट हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया। सीजेआई सूर्यकांत ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस को फिर से बनाने के लिए कहा है, तब तक इनका संचालन रोक दिया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब देने को कहा है।

कोर्ट ने पूछा अहम सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सवाल उठाए। जस्टिस बागची ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से ऐसा लगता है कि इनका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल बनाना चाहते हैं। जस्टिस बागची ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जब पहले से ही 3 'E' मौजूद हैं, तो फिर 2 'C' की क्या जरूरत पड़ जाती है? यह सवाल नियमों की प्रासंगिकता पर उठाया गया था।

दरअलस, यूजीसी के नए नियमों पर बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है। सवर्ण तबके के स्टूडेंट्स इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी बुधवार को ही यूजीसी नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए हामी भरी थी। याचिका में कहा गया है कि ये नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं। मामला राहुल देवन और अन्य बनाम केंद्र सरकार है। सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका को सुनवाई के लिए आज लिस्ट किया था।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

केआईडब्ल्यूजी 2026: आर्मी ने बरकरार रखा आइस हॉकी स्वर्ण, चंडीगढ़ ने जीता दिल; हरियाणा ओवरऑल चैंपियन, मेज़बान लद्दाख दूसरे स्थान पर


* लद्दाख के स्केटर स्कारमा त्सुल्टिम ने सर्वाधिक चार पदक (2 स्वर्ण) जीते; महाराष्ट्र के ईशान दरवेकर, तेलंगाना की नयना श्री तलुरी और हरियाणा के सचिन सिंह ने दो-दो स्वर्ण अपने नाम किए

लेह (लद्दाख), जनवरी, 2026: गणतंत्र दिवस के मौके पर एनडीएस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय सेना की अनुभवी टीम को पुरुष वर्ग के आइस हॉकी स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लिए जुझारू चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी पूरी क्षमता झोंकनी पड़ी। सेना की टीम ने चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच का निर्णायक गोल अंतिम हूटर से महज़ तीन मिनट पहले आया और केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण का इससे बेहतर और रोमांचक समापन हो ही नहीं सकता था।

हरियाणा ने अपने फिगर स्केटिंग और आइस स्केटिंग खिलाड़ियों द्वारा जीते गए चार स्वर्ण पदकों की बदौलत केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण की टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, लेकिन रजत पदकों की संख्या के आधार पर उनका स्थान तय हुआ। लद्दाख (5 रजत), महाराष्ट्र (3 रजत) और तेलंगाना (2 रजत) इसी क्रम में पदक तालिका में रहे।

पदक तालिका के लिए देखें: https://www.winter.kheloindia.gov.in/medal-tally

चंडीगढ़ की पुरुष आइस हॉकी टीम उस समय पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई, जब उसने शनिवार को सेमीफाइनल में मेज़बान लद्दाख को 3-2 से हराकर सभी को चौंका दिया। केआईडब्ल्यूजी 2025 से आइस हॉकी खेलना शुरू करने वाली इस टीम का फाइनल में पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। फाइनल में आर्मी के खिलाफ चंडीगढ़ ने साबित कर दिया कि लद्दाख के खिलाफ मिली जीत कोई संयोग नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लगभग मैच को अतिरिक्त समय तक ले जाना काबिले-तारीफ रहा। दिलचस्प बात यह रही कि लीग चरण में चंडीगढ़ को आर्मी के खिलाफ 10-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

#ajitpawardeathmamatabanerjeedemandssupremecourtmonitored_probe 

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल उठाए हैं। 

ममता बनर्जी ने एक्स पर शोक संदेश में अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक जताते हुए प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की जांच की मांग की।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर ट्वीट किया कि अजीत पवार के अचानक निधन से बहुत सदमे में और हैरान हूं! महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग आज सुबह बारामती में एक भयानक विमान दुर्घटना में मारे गए और मुझे बहुत दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार जी भी शामिल हैं, और दिवंगत अजीत जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा

बंगाल की सीएम ने अजीत पवार को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।

यूपी में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया विस्तार, ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना शुरू: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। इसके साथ ही लक्ष्य को बढ़ाकर एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और उत्पादों की बिक्री के लिए अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसरों में खाली भूमि पर स्टॉल बनवाकर स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को दिए जाएंगे, जिससे वे अपने उत्पादों का व्यापार कर सकें।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसी दुकान स्थापित की जाएगी, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध होंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इससे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को यूरोप के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिन पर 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 80 हजार महिलाएं ‘बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ी हैं और ऐसी कंपनियां प्रदेश के 18 मंडलों में स्थापित की जाएंगी।उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट की 202 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें से 40 को 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी गई है। शेष इकाइयों को भी सौर सब्सिडी उपलब्ध कराने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी जाएगी, जिससे पूरा पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे। साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली दीदियों के लिए चार्जिंग की समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए।उन्होंने निर्देश दिया कि विधायक निधि के प्रस्ताव 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किए जाएं, ताकि विकास कार्य समय से शुरू हो सकें। इसके अलावा हर तीन महीने में ‘दिशा’ बैठकें आयोजित करने और ग्राम चौपालों को नियमित रूप से लगाने पर भी जोर दिया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर, जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य होता है, स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे। साथ ही अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘स्मार्ट गांव’ का लक्ष्य गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और इसी दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
Homeo Doctor in Hyderabad for Complete Pregnancy Wellness

Find a trusted homeo doctor in Hyderabad for pregnancy care. Homeopathy supports natural comfort, emotional balance, and overall wellness during pregnancy.

Pregnancy is a delicate and important stage that requires proper care and attention. As a woman’s body undergoes hormonal, physical, and emotional changes, various discomforts may arise. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can help expectant mothers receive gentle, holistic support throughout pregnancy.

Many women experience common pregnancy issues such as nausea, vomiting, fatigue, back pain, swelling, digestive problems, disturbed sleep, and emotional sensitivity. These challenges are usually caused by hormonal imbalance, increased physical demands, and emotional stress. A qualified homeo doctor in Hyderabad focuses on addressing these concerns by supporting the body’s natural balance.

Homeopathy follows a personalized approach to pregnancy care. A skilled homeo doctor in Hyderabad carefully evaluates each woman’s overall health, emotional condition, and lifestyle before planning treatment. This holistic care helps maintain emotional stability, improve energy levels, support digestion, and encourage better sleep during pregnancy.

Homeopathy treatment during pregnancy is gentle and supportive. Instead of offering temporary relief, it works by strengthening the body’s natural ability to adapt to pregnancy changes. This approach helps improve overall well-being and supports a more comfortable pregnancy journey. Many women choose homeopathy because it aligns with natural healing principles.

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic offering holistic pregnancy care in Hyderabad. The clinic is known for its patient-centered consultations, personalized care plans, and compassionate approach. Women searching for a dependable homeo doctor in Hyderabad trust Spiritual Homeopathy for professional and natural pregnancy support.

Choosing a local homeo doctor in Hyderabad allows for easy access, consistent follow-ups, and continuous care throughout all stages of pregnancy. With the right holistic guidance, women can enjoy a calmer and healthier pregnancy experience.

वन टीम–वन मिशन के तहत सैन्य व सिविल चिकित्सा संस्थानों का संयुक्त आपदा अभ्यास

संजय द्विवेदी प्रयागराज।आपदा की स्थिति में त्वरित समन्वित और प्रभावी चिकित्सा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Military Hospital Prayagraj,SRN Hospital एवं Motilal Nehru Medical College के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक व्यापक डिजास्टर मैनेजमेन्ट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास SRN अस्पताल स्थित CBRNE एवं डिजास्टर वार्ड में सम्पन्न हुआ।वन टीम–वन मिशन:निर्बाध सिविल-मिलिट्री समन्वय से जीवन रक्षा”थीम पर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य सैन्य एवं नागरिक चिकित्सा तंत्र के बीच आपसी तालमेल को और अधिक सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम में मिलिट्री हॉस्पिटल प्रयागराज के कमान्डेन्ट एवं उनके साथ आए प्रतिनिधि मण्डल की गरिमामयी उपस्थिति रही।एसआरएन अस्पताल एवं एमएलएन मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ.वी.के. पाण्डेय डॉ. नीलम सिंह डॉ.(मेजर) जितेन्द्र शुक्ला डॉ.आलोक सिंह डॉ.आर.के.तिवारी एवं डॉ. मुक्तेश सिंह सहित वरिष्ठ चिकित्सक रेजिडेंट डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मी अभ्यास में सम्मिलित रहे।मॉक ड्रिल के दौरान मास कैजुअल्टी ट्रायेज आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल संसाधनो की त्वरित तैनाती अंतर-एजेंसी संचार तथा समन्वित मरीज प्रबन्धन जैसी अहम प्रक्रियाओ का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।विशेष रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने फील्ड- लेवल तैयारियो को मजबूती प्रदान की।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.वी.के.पाण्डेय ने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियो से निपटने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास अत्यंत आवश्यक है।इससे सभी स्तरों पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियो की भूमिका स्पष्ट होती है और टीम भावना को बल मिलता है।वही डॉ.(मेजर)जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि सैन्य और नागरिक चिकित्सा संस्थानो के बीच इस प्रकार का समन्वय वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। नियमित मॉक ड्रिल से प्रतिक्रिया समय और उपचार क्षमता दोनो में उल्लेखनीय सुधार होता है।

विभिन्न स्कूलों और विभागों द्वारा निकाली गई रैली
मोनू भाटी, मेरठ।मवाना।गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजकीय विद्यालय मेरठ से मेरठ मंडलायुक्त,भानु चंद्र गोस्वामी तथा मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहकर विभिन्न स्कूलों और विभागों द्वारा निकाली गई रैली का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया,
जीआईसी मैदान से शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए यह मार्च पास्ट रैली भैशाली मैदान में जाती है,इसके बाद वहां देशभक्ति के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा जिलाधिकारी मेरठ तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ,नगर मजिस्ट्रेट मेरठ की अध्यक्षता में विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा होने वाले का शुभारंभ और पुरस्कार वितरण किया जाता है।
उपरोक्त कार्यक्रमों की सभी व्यवस्था को शहर के जिम्मेदार और विशिष्ट व्यक्तियों की एक आयोजन कमेटी सफल बनाती है, आयोजन कमेटी के सभी संभ्रांत सदस्यों को मेरठ के  जिलाधिकारी, वीके सिंह तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा  प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर आयोजन समिति के अध्यक्ष राष्ट्रपति पदक से पुरस्कृत सरदार सरबजीत कपूर,एवं सदस्यों के रूप में मोहित जैन मनीष शारदा प्रधानाचार्य, रजनी रानी शंखघर,प्रधानाचार्य नीरा तोमर शुचि गुप्ता,उपेंद्र सिंह नवीन फल मंडी के अध्यक्ष हाजी इरशाद आदि को सम्मानित किया।
इस अवसर पर ड़ेन गैलेक्सी के निदेशक रोमी शिव तथा कंपनी के प्रबंधक,संजीव प्रधान को विभिन्न बड़े कार्यक्रमों के अवसरों पर मेरठ पुलिस प्रशासन को उनके अतुल्नीय योगदान के लिए सम्मानित करते हुए जिलाधिकारी एवंम पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने काफी सराहाना की
UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।