सिमडेगा के आम्रपाली आम पहुंचे लंदन, CM हेमन्त सोरेन की बिरसा हरित ग्राम योजना ने रचा इतिहास
रांची/सिमडेगा:
झारखण्ड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।
कोरोना काल की आपदा को बदला अवसर में
यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार बागवानी से जोड़ने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक सिर्फ सिमडेगा जिले के 12,000 से अधिक किसानों ने लगभग 10,500 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।
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विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने लगातार 'बायर्स-सेलर्स मीट' आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला। कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी 'फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स' को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।
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महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
सिमडेगा जिले में वर्तमान में 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। आम बागवानी से जुड़ी इन महिलाओं को जिला प्रशासन ने व्यापार की नई दिशा दी है। प्रारंभिक तौर पर 6 FPOs के 300 किसान इस एक्सपोर्ट चेन से जुड़े हैं। इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप (1.32 टन) के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की 'महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' तथा बानो प्रखंड की 'बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने मुख्य भूमिका निभाई।
81 टन का बड़ा लक्ष्य, अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी
अकेले सिमडेगा ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसी हफ्ते आम की एक और खेप यूके (UK) के लिए और दूसरी खेप यूरोप के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू कॉर्पोरेट बाजार को मजबूत करने के लिए 'रिलायंस मार्ट' के साथ भी सफल लिंकेज स्थापित किया गया है। आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर
सिमडेगा की इस सफलता के पीछे बिरसा हरित ग्राम योजना का राज्यव्यापी नेटवर्क है, जिसने पूरे झारखण्ड के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक राज्य का 1.86 लाख एकड़ का एक बड़ा हिस्सा बागवानी वृक्षारोपण के दायरे में आ चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोजगार मिला है। योजना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किए गए वृक्षारोपण में से 52,000 एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा, जो आने वाले दिनों में झारखण्ड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रहा है।





गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।





Ancient Indian knowledge systems never viewed human life as isolated from nature, space, or cosmic energies. Astrology and Vastu Shastra were developed as interconnected sciences based upon Karma, Prarabdh (destined karmic results), planetary influences, and environmental energies. While modern science may use different terminology, the underlying principle remains similar — every action creates an energetic impact, and every environment influences human life.
This planetary arrangement becomes the individual’s birth chart or Kundali, which acts like an energetic blueprint of life tendencies, strengths, challenges, health patterns, relationships, and psychological behavior.
गया। शिक्षा के क्षेत्र में गया जिले के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में बिहार का नाम रोशन करने वाले शुभम कुमार के सम्मान में गया शहर के बिसार तालाब स्थित ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गया जिले को गौरवान्वित किया है।
2 hours and 21 min ago
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