अमेरिका ने सबसे बड़े सैन्य कमांड से क्यों 'इंडो' शब्द हटाया? भारत की रणनीतिक भूमिका पर उठे सवाल

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया गया है। अब इस कमांड से 'इंडो' शब्द हटा दिया गया है। 'इंडो' शब्द को वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान जोड़ा गया था। इस तरह अमेरिका ने आठ साल पहले लिए गए अपने फैसले को उलट दिया है। अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड से जुड़े मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

पेंटागन ने क्या कहा?

पेंटागन के अनुसार यह बदलाव केवल ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएस पैसिफिक कमांड नाम बहुत पुराना और ऐतिहासिक है। इसे वापस लाने से सैनिकों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा। यह नाम कई बड़े युद्धों और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ा रहा है, इसलिए इसे फिर से अपनाया गया है। विभाग का कहना है कि इसे पुनः अपनाने से सैनिकों के बीच गौरव और परंपरा की भावना मजबूत होगी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस नाम परिवर्तन से कमांड की जिम्मेदारियों, क्षेत्राधिकार या सैन्य अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियां नहीं

पेंटागन ने यह भी कहा कि कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडो शब्द हटने से यह मैसेज जा सकता है कि अमेरिका हिंद महासागर और भारत को पहले जितना प्रमुख महत्व नहीं दिखाना चाहता।

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा

अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड से जुड़े मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका ने यूएस इंडो-पैसिफिक का नाम बदलकर यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया है। यानी इसके नाम से 'Indo' शब्द हटा दिया है। 2018 में इस क्षेत्र पर हिंदुस्तान के प्रभाव का सम्मान करते हुए अमेरिका ने अपने कमांड का नाम यूएस पैसिफिक कमांड रखा था। उस वक्त मोदी सरकार ने इसे अपनी जीत बताया था और मोदी के विश्वगुरु बनने का ढोल पीटा था। अब जब अमेरिका ने इस क्षेत्र का नाम बदल दिया है, तो सुई टपक सन्नाटा है। मोदी सरकार की ओर से एक शब्द नहीं कहा जा रहा है। नरेंद्र मोदी पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड हैं, जो ट्रंप के सामने एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं। इसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।'

शशि थरूर ने क्या कहा?

अमेरिका की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, "क्वाड के ताबूत में एक और कील?" उन्होंने इस पोस्ट के साथ अमेरिका के युद्ध विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ वॉर) के आदेश का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। इस विभाग ने कहा कि नाम में बदलाव कमांड के ऐतिहासिक महत्व का सम्मान करने के लिए किया गया है। इस कमांड की स्थापना 1947 में तब के अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने की थी।

यूएस-पैसिफिक कमांड क्या है?

अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं। यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। यह कमांड एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव है।

झामुमो के बूथ स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन में जुटे हजारों कार्यकर्त्ता

एसआइआर के नाम पर साजिश के तहत वोट जा रहे : बिनोद पांडेय खूंटी. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा खूंटी जिला का बूथ स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन बुधवार को नगर भवन खूंटी में जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया. सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह केंद्रीय प्रवक्ता बिनोद कुमार पांडेय उपस्थित थे.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एसआइआर के नाम पर बेवजह मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही इसी तरह का एसआइआर बिहार में हुआ. पश्चिम बंगाल में भी चुनाव के पूर्व एसआइआर के तहत लाखों मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया. इसका परिणाम सबके सामने है. इस मामले में केंद्र सरकार व चुनाव आयोग की नियत साफ नहीं है.उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने से लोग लोकतान्त्रिक और अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हो

जायेंगे. इसके साथ हो लोगों को योजना का लाभ मिलना बंद हो जायेगा. उन्होंने कहा कि सभी बीएलए एसआइआर को गंभीरता से लें. बेवजह किसी मतदाता का नाम सूची से ना हटे यह सुनिश्चित करें. इसके पूर्व स्वागत भाषण करते हुए जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि झामुमो बड़े भाई बिनोद पांडेय जी के संवाद से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है. यह ऊर्जा संगठन को मजबूती प्रदान करेगा. विधायकों ने कहा : सम्मेलन में तमाड़ के विधायक विकास मुंडा, तोरपा के विधायक सुदीप गुड़िया एवं खूंटी के विधायक रामसूर्या मुंडा ने भी विचार व्यक्त किया. विधायक विकास मुंडा ने कहा कि एसआइआर को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

कार्यकर्त्ता जिस प्रकार चुनाव में सक्रिय रहते हैँ उसी प्रकार एसआइआर को लेकर भी सक्रिय रहें. विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि एसआइआर के तहत मतदाता सूची से मतदाताओं का नाम हटाकर लोगों की नागरिकता छीनने की का प्रयास हो रहा है. मतदाता सूची से नाम हटने से लोग अपने अधिकारों से वंचित हो जायेंगे. रामसूर्या मुंडा ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से ना कटे इसके कार्यकर्त्ता काम करें. इसके पूर्व केंद्रीय महासचिव बिनोद कुमार पांडेय का खूंटी पहुंचने के पूर्व कार्यकर्ताओं ने पारम्परिक ढंग से स्वागत किया. कार्यक्रम के पूर्व बिनोद पांडेय ने

जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद, विधायक सुदीप गुड़िया एवं रामसूर्या मुंडा तथा झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ खूंटी कचहरी मैदान स्थित भगवान बिरसा मुंडा, तमाड़ रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा, सरदार भगत सिंह तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.सम्मेलन में एसआइआर को लेकर पार्टी की विशेषज्ञ टीम द्वारा ऑडियो विजुअल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया. सम्मेलन का संचालन शंकर सिंह मुंडा ने

किया.सम्मेलन में जिला सचिव सुशील पाहन, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशांति कोनगाड़ी, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमृत हेमरोम, वीरेन कंडुलना, देवनाथ माघईया, तनवीर आलम, भोला नाथ लाल, विजय सांगा, मकसूद अंसारी,अमरनाथ मुण्डा स्नेहलता कण्डुलना,उषा धान ,सनिका बोदरा ,मनोज मंडल, तौकीर आलम, शेख फिरोज, प्रकाश मुण्डा,कमलेश महतो, रूबीन तोपनो, मोजीर अंसारी आदि उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के विज़न से बदली तस्वीर: झारखण्ड का आम अब ग्लोबल मंच पर, 2.15 लाख परिवार आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत के अनूठे संगम ने प्रमाणित कर दिया कि यदि दूरदर्शी सोच और कड़ी मेहनत एक साथ मिल जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।

इसी सोच और कड़ी मेहनत से पलाश ब्रांड के तहत झारखण्ड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ने ग्रामीण महिलाओं और किसानों की तकदीर बदल रही है। आज झारखण्ड का आम न केवल देश के बड़े रिटेल चेन बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मिठास घोल रहा है। 

बड़े पैमाने पर फलदार पौधारोपण और स्थायी आजीविका

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत कोरोना संक्रमण काल में हुई थी। सखी मंडल की दीदियों के साथ साथ संक्रमण काल में अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी योजना को अपने आजीविका का साधन बनाया था। इसका असर आज साफ दिख रहा है। राज्य के करीब 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बगीचे लहलहा रहे हैं, जिससे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोज़गार के अवसर मिले हैं। वर्तमान में लगभग 52,000 एकड़ के बागान पूरी तरह से तुड़ाई के लिए तैयार हैं, जिससे इस सीजन में करीब 50,000 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान है। 

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को मिला 'पलाश' का सम्मान

इस पूरी मुहिम के केंद्र में झारखण्ड की ग्रामीण सखी मंडल की दीदियाँ और महिला किसान हैं। ग्रामीण महिलाओं की श्रम शक्ति का सम्मान के नारे के साथ ये दीदियाँ आम के कलेक्शन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग से लेकर उनकी बिक्री और मार्केटिंग की कमान खुद संभाल रही हैं। जेएसएलपीएस द्वारा किसानों को सक्रिय फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs) से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें संगठित बाजार और सही मूल्य मिल पा रहा है। 

दुबई और लंदन तक पहुँचा झारखण्ड का आम

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। सिमडेगा ज़िले से जेबी एक्सपोर्टर्स के माध्यम से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम सीधे लंदन (यूके) भेजे गए हैं। वहीं, रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई (यूएई) निर्यात किए गए हैं। इस वैश्विक निर्यात पहल में सिमडेगा, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम जैसे ज़िले अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। आम की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के लिए ICAR-RCER, पलांडू द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और क्वालिटी प्रोटोकॉल प्रदान किया जा रहा है। 

सुव्यवस्थित बाजार और रिटेल लिंकेज

आमों की गुणवत्ता के आधार पर बाजार को तीन श्रेणियों Grade A, B, C में विभाजित कर सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। ग्रेड-ए प्रीमियम क्वालिटी के इन आमों को APEDA प्रमाणित निर्यातकों के माध्यम से यूएई, सऊदी अरब और यूके जैसे देशों में निर्यात किया जा रहा है।

साथ ही, घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के आउटलेट्स पर 60 रुपये प्रति किलो की दर से सह-ब्रांडेड पैकेट में बेचा जा रहा है। गुमला के FPOs ने अकेले अपना मार्ट को 2,000 किलो आम की आपूर्ति की है। ग्रेड-बी के तहत संगठित खुदरा बाजारों और पलाश के रिटेल चैनलों में बाजार दरों पर भेजा जा रहा है।  ग्रेड-सी के तहत आम जनता तक पहुँच बनाने के लिए इन्हें स्थानीय बाजारों, पलाश कैनोपी कियोस्क, बस स्टैंडों, जिला मुख्यालयों और साप्ताहिक हाट-बाजारों के माध्यम से बेचा जा रहा है। 

करोड़ों का कारोबार और भविष्य की योजनाएँ

राज्य में सक्रिय लगभग 115 FPOs को पलाश मैंगो कैनोपी काउंटर्स से जोड़ा गया है, जो जिला-वार संग्रह और बिक्री का काम देख रहे हैं। इन काउंटर्स के माध्यम से अब तक झारखण्ड में लगभग 2,24,200 किलोग्राम आमों की बिक्री की जा चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है।

बाजार को और मजबूत करने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर फार्मर्स मेला तथा बायर-सेलर मीट आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा, बाजार विस्तार के लिए ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है। 

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MEDIN EXPO Chennai 2026 में LABOLIT को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव
चेन्नई । देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी LABOLIT, जो UMA SCIENTIFIC द्वारा संचालित है, को MEDIN EXPO Chennai 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
प्रदर्शनी के दौरान LABOLIT के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के   पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत Micropipettes, Multichannel Micropipettes, Bottle Top Dispensers सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है। हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।”
इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।

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हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में योग सप्ताह का हुआ शुभारम्भ।*
सुलतानपुर 15 जून/12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) के उपलक्ष्य में पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति प्रकाश तथा रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मिश्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम- "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। योग सप्ताह के शुभारम्भ अवसर पर जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, सुनील दत्त तिवारी (मास्टर योगा ट्रेनर), संदीप तिवारी (योग प्रशिक्षक), गंगेश ओझा, पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, आदर्श योग परिवार के प्रतिनिधिगण एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जन सामान्य को दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही योग अभ्यास कार्यक्रम में सहभागिता के लिए निर्धारित पोर्टल https://mo.habit.yoga?red= uttarpradesh एवं समर्पित टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण कराने तथा विभिन्न स्थानों पर योग अभ्यास कार्यक्रम संचालित करने का अनुरोध किया गया। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों एवं परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए योग अभ्यास से संबंधित छायाचित्र एवं वीडियो https://kavach.upyush.in मोबाइल एप पर अपलोड कर प्रतिभाग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रदेश कार्यालय में भाजपा की बैठक संपन्न, बूथ तक कार्यक्रमों को ले जाने पर जोर

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आगामी संगठनात्मक एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के निमित्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड प्रवास के दौरान मिले निर्देशों के अनुपालन को लेकर झारखंड भाजपा पूरी तरह तत्पर है। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिली राजनीतिक घुट्टी और मार्गदर्शन से झारखंड भाजपा नई ऊर्जा और उत्साह में दिख रही है।

बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार ग्रहण करने के पश्चात संगठनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला एवं प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की श्रृंखला निर्धारित की गई है। इसी क्रम में प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक सुनिश्चित की गई है। आज से वही बैठक प्रारंभ है।

उन्होंने बताया कि बैठक में गत एक माह के दौरान संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्री बाउरी ने कहा कि आगामी दिनों में पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत किसान मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में जैविक (ऑर्गेनिक) खेती पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 23 जून को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त 25 जून को देश में लगाए गए इमरजेंसी की वर्षगांठ के अवसर पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्री बाउरी ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, हाल ही में संपन्न प्रशिक्षण वर्ग तथा प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। साथ ही आगामी एक माह के संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संगठनात्मक बैठक है, जिसका उद्देश्य पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना है।

प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, दीपक बंका, हेमंत दास, सूरज गुप्ता चौरसिया, शशांक राज, आरती सिंह, पवन साहू, किशुन दास, अनवर हयात मौजूद थे।

अमेरिका ने सबसे बड़े सैन्य कमांड से क्यों 'इंडो' शब्द हटाया? भारत की रणनीतिक भूमिका पर उठे सवाल

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया गया है। अब इस कमांड से 'इंडो' शब्द हटा दिया गया है। 'इंडो' शब्द को वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान जोड़ा गया था। इस तरह अमेरिका ने आठ साल पहले लिए गए अपने फैसले को उलट दिया है। अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड से जुड़े मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

पेंटागन ने क्या कहा?

पेंटागन के अनुसार यह बदलाव केवल ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएस पैसिफिक कमांड नाम बहुत पुराना और ऐतिहासिक है। इसे वापस लाने से सैनिकों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा। यह नाम कई बड़े युद्धों और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ा रहा है, इसलिए इसे फिर से अपनाया गया है। विभाग का कहना है कि इसे पुनः अपनाने से सैनिकों के बीच गौरव और परंपरा की भावना मजबूत होगी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस नाम परिवर्तन से कमांड की जिम्मेदारियों, क्षेत्राधिकार या सैन्य अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियां नहीं

पेंटागन ने यह भी कहा कि कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडो शब्द हटने से यह मैसेज जा सकता है कि अमेरिका हिंद महासागर और भारत को पहले जितना प्रमुख महत्व नहीं दिखाना चाहता।

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा

अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड से जुड़े मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका ने यूएस इंडो-पैसिफिक का नाम बदलकर यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया है। यानी इसके नाम से 'Indo' शब्द हटा दिया है। 2018 में इस क्षेत्र पर हिंदुस्तान के प्रभाव का सम्मान करते हुए अमेरिका ने अपने कमांड का नाम यूएस पैसिफिक कमांड रखा था। उस वक्त मोदी सरकार ने इसे अपनी जीत बताया था और मोदी के विश्वगुरु बनने का ढोल पीटा था। अब जब अमेरिका ने इस क्षेत्र का नाम बदल दिया है, तो सुई टपक सन्नाटा है। मोदी सरकार की ओर से एक शब्द नहीं कहा जा रहा है। नरेंद्र मोदी पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड हैं, जो ट्रंप के सामने एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं। इसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।'

शशि थरूर ने क्या कहा?

अमेरिका की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, "क्वाड के ताबूत में एक और कील?" उन्होंने इस पोस्ट के साथ अमेरिका के युद्ध विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ वॉर) के आदेश का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। इस विभाग ने कहा कि नाम में बदलाव कमांड के ऐतिहासिक महत्व का सम्मान करने के लिए किया गया है। इस कमांड की स्थापना 1947 में तब के अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने की थी।

यूएस-पैसिफिक कमांड क्या है?

अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं। यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। यह कमांड एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव है।

झामुमो के बूथ स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन में जुटे हजारों कार्यकर्त्ता

एसआइआर के नाम पर साजिश के तहत वोट जा रहे : बिनोद पांडेय खूंटी. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा खूंटी जिला का बूथ स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन बुधवार को नगर भवन खूंटी में जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया. सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह केंद्रीय प्रवक्ता बिनोद कुमार पांडेय उपस्थित थे.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एसआइआर के नाम पर बेवजह मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही इसी तरह का एसआइआर बिहार में हुआ. पश्चिम बंगाल में भी चुनाव के पूर्व एसआइआर के तहत लाखों मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया. इसका परिणाम सबके सामने है. इस मामले में केंद्र सरकार व चुनाव आयोग की नियत साफ नहीं है.उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने से लोग लोकतान्त्रिक और अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हो

जायेंगे. इसके साथ हो लोगों को योजना का लाभ मिलना बंद हो जायेगा. उन्होंने कहा कि सभी बीएलए एसआइआर को गंभीरता से लें. बेवजह किसी मतदाता का नाम सूची से ना हटे यह सुनिश्चित करें. इसके पूर्व स्वागत भाषण करते हुए जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि झामुमो बड़े भाई बिनोद पांडेय जी के संवाद से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है. यह ऊर्जा संगठन को मजबूती प्रदान करेगा. विधायकों ने कहा : सम्मेलन में तमाड़ के विधायक विकास मुंडा, तोरपा के विधायक सुदीप गुड़िया एवं खूंटी के विधायक रामसूर्या मुंडा ने भी विचार व्यक्त किया. विधायक विकास मुंडा ने कहा कि एसआइआर को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

कार्यकर्त्ता जिस प्रकार चुनाव में सक्रिय रहते हैँ उसी प्रकार एसआइआर को लेकर भी सक्रिय रहें. विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि एसआइआर के तहत मतदाता सूची से मतदाताओं का नाम हटाकर लोगों की नागरिकता छीनने की का प्रयास हो रहा है. मतदाता सूची से नाम हटने से लोग अपने अधिकारों से वंचित हो जायेंगे. रामसूर्या मुंडा ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से ना कटे इसके कार्यकर्त्ता काम करें. इसके पूर्व केंद्रीय महासचिव बिनोद कुमार पांडेय का खूंटी पहुंचने के पूर्व कार्यकर्ताओं ने पारम्परिक ढंग से स्वागत किया. कार्यक्रम के पूर्व बिनोद पांडेय ने

जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद, विधायक सुदीप गुड़िया एवं रामसूर्या मुंडा तथा झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ खूंटी कचहरी मैदान स्थित भगवान बिरसा मुंडा, तमाड़ रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा, सरदार भगत सिंह तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.सम्मेलन में एसआइआर को लेकर पार्टी की विशेषज्ञ टीम द्वारा ऑडियो विजुअल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया. सम्मेलन का संचालन शंकर सिंह मुंडा ने

किया.सम्मेलन में जिला सचिव सुशील पाहन, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशांति कोनगाड़ी, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमृत हेमरोम, वीरेन कंडुलना, देवनाथ माघईया, तनवीर आलम, भोला नाथ लाल, विजय सांगा, मकसूद अंसारी,अमरनाथ मुण्डा स्नेहलता कण्डुलना,उषा धान ,सनिका बोदरा ,मनोज मंडल, तौकीर आलम, शेख फिरोज, प्रकाश मुण्डा,कमलेश महतो, रूबीन तोपनो, मोजीर अंसारी आदि उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के विज़न से बदली तस्वीर: झारखण्ड का आम अब ग्लोबल मंच पर, 2.15 लाख परिवार आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत के अनूठे संगम ने प्रमाणित कर दिया कि यदि दूरदर्शी सोच और कड़ी मेहनत एक साथ मिल जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।

इसी सोच और कड़ी मेहनत से पलाश ब्रांड के तहत झारखण्ड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ने ग्रामीण महिलाओं और किसानों की तकदीर बदल रही है। आज झारखण्ड का आम न केवल देश के बड़े रिटेल चेन बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मिठास घोल रहा है। 

बड़े पैमाने पर फलदार पौधारोपण और स्थायी आजीविका

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत कोरोना संक्रमण काल में हुई थी। सखी मंडल की दीदियों के साथ साथ संक्रमण काल में अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी योजना को अपने आजीविका का साधन बनाया था। इसका असर आज साफ दिख रहा है। राज्य के करीब 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बगीचे लहलहा रहे हैं, जिससे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोज़गार के अवसर मिले हैं। वर्तमान में लगभग 52,000 एकड़ के बागान पूरी तरह से तुड़ाई के लिए तैयार हैं, जिससे इस सीजन में करीब 50,000 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान है। 

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को मिला 'पलाश' का सम्मान

इस पूरी मुहिम के केंद्र में झारखण्ड की ग्रामीण सखी मंडल की दीदियाँ और महिला किसान हैं। ग्रामीण महिलाओं की श्रम शक्ति का सम्मान के नारे के साथ ये दीदियाँ आम के कलेक्शन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग से लेकर उनकी बिक्री और मार्केटिंग की कमान खुद संभाल रही हैं। जेएसएलपीएस द्वारा किसानों को सक्रिय फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs) से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें संगठित बाजार और सही मूल्य मिल पा रहा है। 

दुबई और लंदन तक पहुँचा झारखण्ड का आम

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। सिमडेगा ज़िले से जेबी एक्सपोर्टर्स के माध्यम से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम सीधे लंदन (यूके) भेजे गए हैं। वहीं, रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई (यूएई) निर्यात किए गए हैं। इस वैश्विक निर्यात पहल में सिमडेगा, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम जैसे ज़िले अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। आम की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के लिए ICAR-RCER, पलांडू द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और क्वालिटी प्रोटोकॉल प्रदान किया जा रहा है। 

सुव्यवस्थित बाजार और रिटेल लिंकेज

आमों की गुणवत्ता के आधार पर बाजार को तीन श्रेणियों Grade A, B, C में विभाजित कर सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। ग्रेड-ए प्रीमियम क्वालिटी के इन आमों को APEDA प्रमाणित निर्यातकों के माध्यम से यूएई, सऊदी अरब और यूके जैसे देशों में निर्यात किया जा रहा है।

साथ ही, घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के आउटलेट्स पर 60 रुपये प्रति किलो की दर से सह-ब्रांडेड पैकेट में बेचा जा रहा है। गुमला के FPOs ने अकेले अपना मार्ट को 2,000 किलो आम की आपूर्ति की है। ग्रेड-बी के तहत संगठित खुदरा बाजारों और पलाश के रिटेल चैनलों में बाजार दरों पर भेजा जा रहा है।  ग्रेड-सी के तहत आम जनता तक पहुँच बनाने के लिए इन्हें स्थानीय बाजारों, पलाश कैनोपी कियोस्क, बस स्टैंडों, जिला मुख्यालयों और साप्ताहिक हाट-बाजारों के माध्यम से बेचा जा रहा है। 

करोड़ों का कारोबार और भविष्य की योजनाएँ

राज्य में सक्रिय लगभग 115 FPOs को पलाश मैंगो कैनोपी काउंटर्स से जोड़ा गया है, जो जिला-वार संग्रह और बिक्री का काम देख रहे हैं। इन काउंटर्स के माध्यम से अब तक झारखण्ड में लगभग 2,24,200 किलोग्राम आमों की बिक्री की जा चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है।

बाजार को और मजबूत करने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर फार्मर्स मेला तथा बायर-सेलर मीट आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा, बाजार विस्तार के लिए ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है। 

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MEDIN EXPO Chennai 2026 में LABOLIT को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव
चेन्नई । देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी LABOLIT, जो UMA SCIENTIFIC द्वारा संचालित है, को MEDIN EXPO Chennai 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
प्रदर्शनी के दौरान LABOLIT के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के   पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत Micropipettes, Multichannel Micropipettes, Bottle Top Dispensers सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है। हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।”
इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।

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हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में योग सप्ताह का हुआ शुभारम्भ।*
सुलतानपुर 15 जून/12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) के उपलक्ष्य में पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति प्रकाश तथा रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मिश्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम- "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। योग सप्ताह के शुभारम्भ अवसर पर जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, सुनील दत्त तिवारी (मास्टर योगा ट्रेनर), संदीप तिवारी (योग प्रशिक्षक), गंगेश ओझा, पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, आदर्श योग परिवार के प्रतिनिधिगण एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जन सामान्य को दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही योग अभ्यास कार्यक्रम में सहभागिता के लिए निर्धारित पोर्टल https://mo.habit.yoga?red= uttarpradesh एवं समर्पित टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण कराने तथा विभिन्न स्थानों पर योग अभ्यास कार्यक्रम संचालित करने का अनुरोध किया गया। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों एवं परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए योग अभ्यास से संबंधित छायाचित्र एवं वीडियो https://kavach.upyush.in मोबाइल एप पर अपलोड कर प्रतिभाग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रदेश कार्यालय में भाजपा की बैठक संपन्न, बूथ तक कार्यक्रमों को ले जाने पर जोर

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आगामी संगठनात्मक एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के निमित्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड प्रवास के दौरान मिले निर्देशों के अनुपालन को लेकर झारखंड भाजपा पूरी तरह तत्पर है। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिली राजनीतिक घुट्टी और मार्गदर्शन से झारखंड भाजपा नई ऊर्जा और उत्साह में दिख रही है।

बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार ग्रहण करने के पश्चात संगठनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला एवं प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की श्रृंखला निर्धारित की गई है। इसी क्रम में प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक सुनिश्चित की गई है। आज से वही बैठक प्रारंभ है।

उन्होंने बताया कि बैठक में गत एक माह के दौरान संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्री बाउरी ने कहा कि आगामी दिनों में पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत किसान मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में जैविक (ऑर्गेनिक) खेती पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 23 जून को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त 25 जून को देश में लगाए गए इमरजेंसी की वर्षगांठ के अवसर पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्री बाउरी ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, हाल ही में संपन्न प्रशिक्षण वर्ग तथा प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। साथ ही आगामी एक माह के संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संगठनात्मक बैठक है, जिसका उद्देश्य पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना है।

प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, दीपक बंका, हेमंत दास, सूरज गुप्ता चौरसिया, शशांक राज, आरती सिंह, पवन साहू, किशुन दास, अनवर हयात मौजूद थे।