गया में डॉक्टरों ने पेश की मिसाल: विश्व रक्तदाता सप्ताह पर ASI के रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

गया: विश्व रक्तदाता सप्ताह के अवसर पर एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) गया चैप्टर द्वारा गुरुवार को आईएमए हॉल, गया में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान के इस मानवीय अभियान ने समाज को यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ ASI गया चैप्टर के सचिव डॉ. जे. पी. सिंह एवं डॉ. संतोष कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया। दोनों चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद शहर के कई चिकित्सकों एवं उनके स्टाफ ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।

शिविर में डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. अनुपम रंजन तथा डॉ. बी. के. सुमन सहित अनेक चिकित्सकों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। रक्तदाताओं ने कहा कि रक्त की कमी के कारण कई बार मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर मानवता की सेवा करनी चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सामाजिक संस्था “कर्म मेरा सेवा, सहयोग एकता मंच” के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। संस्था के रक्तवीरों ने रक्तदान कर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया और युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

शिविर में संग्रहित रक्त को सुरक्षित रूप से संकलित करने का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के ब्लड बैंक की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. रतन कुमार, डॉ. एस. आई. रहमान, ASI गया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. सिंह तथा रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के चेयरमैन विशेष रूप से मौजूद रहे।

अतिथियों ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य है, क्योंकि इससे सीधे किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

#pakistanlaunchesfreshdeadlyattacksinafghanistan13killed

पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

सिमडेगा के आम्रपाली आम पहुंचे लंदन, CM हेमन्त सोरेन की बिरसा हरित ग्राम योजना ने रचा इतिहास


रांची/सिमडेगा:

झारखण्ड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।

कोरोना काल की आपदा को बदला अवसर में

यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार बागवानी से जोड़ने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक सिर्फ सिमडेगा जिले के 12,000 से अधिक किसानों ने लगभग 10,500 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।

विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने लगातार 'बायर्स-सेलर्स मीट' आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला। कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी 'फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स' को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

सिमडेगा जिले में वर्तमान में 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। आम बागवानी से जुड़ी इन महिलाओं को जिला प्रशासन ने व्यापार की नई दिशा दी है। प्रारंभिक तौर पर 6 FPOs के 300 किसान इस एक्सपोर्ट चेन से जुड़े हैं। इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप (1.32 टन) के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की 'महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' तथा बानो प्रखंड की 'बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने मुख्य भूमिका निभाई।

81 टन का बड़ा लक्ष्य, अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी

अकेले सिमडेगा ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसी हफ्ते आम की एक और खेप यूके (UK) के लिए और दूसरी खेप यूरोप के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू कॉर्पोरेट बाजार को मजबूत करने के लिए 'रिलायंस मार्ट' के साथ भी सफल लिंकेज स्थापित किया गया है। आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

सिमडेगा की इस सफलता के पीछे बिरसा हरित ग्राम योजना का राज्यव्यापी नेटवर्क है, जिसने पूरे झारखण्ड के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक राज्य का 1.86 लाख एकड़ का एक बड़ा हिस्सा बागवानी वृक्षारोपण के दायरे में आ चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोजगार मिला है। योजना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किए गए वृक्षारोपण में से 52,000 एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा, जो आने वाले दिनों में झारखण्ड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रहा है।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

#indiafirsttimedeployedreadytofirenuclearmissiles

दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गयाजी में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी, 51+ ग्राहकों को मिली नई मोटरसाइकिल

गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान कंपनी के टीएम अमन सिन्हा ने बताया कि टीवीएस रेडर अपने आकर्षक स्पोर्टी लुक, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण युवाओं की पसंदीदा मोटरसाइकिल बन गई है। यह बाइक स्टाइल, आराम और दैनिक उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिल श्रेणी में इसकी अलग पहचान बनी है।

अधिकारियों ने कहा कि गयाजी में आयोजित यह मेगा डिलीवरी कार्यक्रम टीवीएस रेडर की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। बिहार में इस मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका परिष्कृत इंजन, उन्नत फीचर्स और युवाओं को आकर्षित करने वाला डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राहकों ने नई बाइक प्राप्त कर खुशी व्यक्त की और टीवीएस की गुणवत्ता तथा सेवा की सराहना की। डिलीवरी के बाद ग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाइक की विशेषताओं और रखरखाव से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष उपहार की भी व्यवस्था की गई थी। सभी बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को उपहार स्वरूप वीआईपी सफारी का ट्रॉली बैग प्रदान किया गया, जिसे पाकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कंपनी के अनुसार, टीवीएस रेडर बिहार में 83,567 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इस मेगा डिलीवरी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी ने क्षेत्र में अपने बढ़ते ग्राहक विश्वास और मजबूत बाजार उपस्थिति को रेखांकित किया। मां मुंडेश्वरी के प्रोपराइटर पीयूष सिंह, एबी टीवीएस के जनरल मैनेजर जितेंद कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू, मुख्यातिथि तौर पर रामाधार सिंह, कलाकार गुलशन राजपूत आदि उपस्थित थे।

मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में योग सप्ताह 2026 एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित
         
सुलतानपुर,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में योग सप्ताह 2026 (15 जून से 21 जून, 2026) एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026) के सफल आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
      
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि जनपद स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून, 2026 को पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड के निकट आयोजित किया जाएगा। इसके पूर्व 15 जून, 2026 से जनपद में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम *“Yoga for Healthy Ageing”*  निर्धारित है।
     
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग सप्ताह के दौरान नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को अधीनस्थ विद्यालयों में 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाए जाने के निर्देश दिए। 14 दिवसीय योग अभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विशेष लिंक https://mo.habit.yoga/red=uttarpradesh
एवं समर्पित टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण एवं योगाभ्यास कार्यक्रम संचालित है। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों तथा परिवार के साथ किए गए योग के छायाचित्र एवं वीडियो ‘आयुष कवच’ ऐप पर अपलोड कर प्रतिभागिता दर्ज कराई जा सकती है।
         
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक लोगों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया।
       
बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रबंधक (आयुष), क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मास्टर ट्रेनर सुनील दत्त तिवारी, चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी सहित पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मकुमारी एवं अन्य योग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनगणना 2026 में OBC कॉलम जोड़ने की मांग, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340 एवं 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भावना के विपरीत है। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस मांग को अपनी सशक्त अनुशंसा के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री महोदय के समक्ष अग्रसारित किया जाए।

ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्यपाल महोदय ने इसे तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में भी अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने इसे वर्ष 1931 की जनगणना के बाद ओबीसी समुदाय से संबंधित आंकड़ों की कमी को दूर करने तथा सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मोर्चा का मानना है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग की स्पष्ट गणना से नीतिगत निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह जानकारी राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, हजारीबाग के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने दी।

" Sunday on Cycles" কর্মসূচি

নিজস্ব প্রতিনিধি:আজ উত্তর ২৪ পরগনা জেলা প্রশাসনের উদ্যোগে আয়োজনে করা হয়েছিল " Sunday on Cycles" কর্মসূচির।এর শুভ সূচনা করেন পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ভারপ্রাপ্ত পঞ্চায়েত ও গ্রাম উন্নয়ন বিভাগের মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ। তিনি ফ্লাগ নাড়িয়ে নিউটাউন ইসকন মন্দির প্রাঙ্গণ থেকে এর সূচনা করেন।এই সাইকেল র‍্যালী টি শেষ হয় ইকো পার্কে।

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।

गया में डॉक्टरों ने पेश की मिसाल: विश्व रक्तदाता सप्ताह पर ASI के रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

गया: विश्व रक्तदाता सप्ताह के अवसर पर एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) गया चैप्टर द्वारा गुरुवार को आईएमए हॉल, गया में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान के इस मानवीय अभियान ने समाज को यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ ASI गया चैप्टर के सचिव डॉ. जे. पी. सिंह एवं डॉ. संतोष कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया। दोनों चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद शहर के कई चिकित्सकों एवं उनके स्टाफ ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।

शिविर में डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. अनुपम रंजन तथा डॉ. बी. के. सुमन सहित अनेक चिकित्सकों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। रक्तदाताओं ने कहा कि रक्त की कमी के कारण कई बार मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर मानवता की सेवा करनी चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सामाजिक संस्था “कर्म मेरा सेवा, सहयोग एकता मंच” के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। संस्था के रक्तवीरों ने रक्तदान कर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया और युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

शिविर में संग्रहित रक्त को सुरक्षित रूप से संकलित करने का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के ब्लड बैंक की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. रतन कुमार, डॉ. एस. आई. रहमान, ASI गया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. सिंह तथा रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के चेयरमैन विशेष रूप से मौजूद रहे।

अतिथियों ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य है, क्योंकि इससे सीधे किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

#pakistanlaunchesfreshdeadlyattacksinafghanistan13killed

पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

सिमडेगा के आम्रपाली आम पहुंचे लंदन, CM हेमन्त सोरेन की बिरसा हरित ग्राम योजना ने रचा इतिहास


रांची/सिमडेगा:

झारखण्ड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।

कोरोना काल की आपदा को बदला अवसर में

यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी। जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार बागवानी से जोड़ने वाली बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक सिर्फ सिमडेगा जिले के 12,000 से अधिक किसानों ने लगभग 10,500 एकड़ भूमि पर मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।

विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने लगातार 'बायर्स-सेलर्स मीट' आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला। कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी 'फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स' को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

सिमडेगा जिले में वर्तमान में 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। आम बागवानी से जुड़ी इन महिलाओं को जिला प्रशासन ने व्यापार की नई दिशा दी है। प्रारंभिक तौर पर 6 FPOs के 300 किसान इस एक्सपोर्ट चेन से जुड़े हैं। इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप (1.32 टन) के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की 'महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' तथा बानो प्रखंड की 'बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने मुख्य भूमिका निभाई।

81 टन का बड़ा लक्ष्य, अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी

अकेले सिमडेगा ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसी हफ्ते आम की एक और खेप यूके (UK) के लिए और दूसरी खेप यूरोप के लिए भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू कॉर्पोरेट बाजार को मजबूत करने के लिए 'रिलायंस मार्ट' के साथ भी सफल लिंकेज स्थापित किया गया है। आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

सिमडेगा की इस सफलता के पीछे बिरसा हरित ग्राम योजना का राज्यव्यापी नेटवर्क है, जिसने पूरे झारखण्ड के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक राज्य का 1.86 लाख एकड़ का एक बड़ा हिस्सा बागवानी वृक्षारोपण के दायरे में आ चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोजगार मिला है। योजना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 तक किए गए वृक्षारोपण में से 52,000 एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार हो चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा, जो आने वाले दिनों में झारखण्ड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रहा है।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

#indiafirsttimedeployedreadytofirenuclearmissiles

दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गयाजी में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी, 51+ ग्राहकों को मिली नई मोटरसाइकिल

गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान कंपनी के टीएम अमन सिन्हा ने बताया कि टीवीएस रेडर अपने आकर्षक स्पोर्टी लुक, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण युवाओं की पसंदीदा मोटरसाइकिल बन गई है। यह बाइक स्टाइल, आराम और दैनिक उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिल श्रेणी में इसकी अलग पहचान बनी है।

अधिकारियों ने कहा कि गयाजी में आयोजित यह मेगा डिलीवरी कार्यक्रम टीवीएस रेडर की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। बिहार में इस मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका परिष्कृत इंजन, उन्नत फीचर्स और युवाओं को आकर्षित करने वाला डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राहकों ने नई बाइक प्राप्त कर खुशी व्यक्त की और टीवीएस की गुणवत्ता तथा सेवा की सराहना की। डिलीवरी के बाद ग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाइक की विशेषताओं और रखरखाव से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष उपहार की भी व्यवस्था की गई थी। सभी बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को उपहार स्वरूप वीआईपी सफारी का ट्रॉली बैग प्रदान किया गया, जिसे पाकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कंपनी के अनुसार, टीवीएस रेडर बिहार में 83,567 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इस मेगा डिलीवरी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी ने क्षेत्र में अपने बढ़ते ग्राहक विश्वास और मजबूत बाजार उपस्थिति को रेखांकित किया। मां मुंडेश्वरी के प्रोपराइटर पीयूष सिंह, एबी टीवीएस के जनरल मैनेजर जितेंद कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू, मुख्यातिथि तौर पर रामाधार सिंह, कलाकार गुलशन राजपूत आदि उपस्थित थे।

मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में योग सप्ताह 2026 एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित
         
सुलतानपुर,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में योग सप्ताह 2026 (15 जून से 21 जून, 2026) एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2026) के सफल आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
      
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि जनपद स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून, 2026 को पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड के निकट आयोजित किया जाएगा। इसके पूर्व 15 जून, 2026 से जनपद में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम *“Yoga for Healthy Ageing”*  निर्धारित है।
     
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग सप्ताह के दौरान नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को अधीनस्थ विद्यालयों में 15 जून से 21 जून तक योग सप्ताह मनाए जाने के निर्देश दिए। 14 दिवसीय योग अभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विशेष लिंक https://mo.habit.yoga/red=uttarpradesh
एवं समर्पित टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण एवं योगाभ्यास कार्यक्रम संचालित है। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों तथा परिवार के साथ किए गए योग के छायाचित्र एवं वीडियो ‘आयुष कवच’ ऐप पर अपलोड कर प्रतिभागिता दर्ज कराई जा सकती है।
         
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक लोगों को योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया।
       
बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रबंधक (आयुष), क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मास्टर ट्रेनर सुनील दत्त तिवारी, चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी सहित पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मकुमारी एवं अन्य योग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनगणना 2026 में OBC कॉलम जोड़ने की मांग, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340 एवं 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भावना के विपरीत है। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस मांग को अपनी सशक्त अनुशंसा के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री महोदय के समक्ष अग्रसारित किया जाए।

ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्यपाल महोदय ने इसे तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में भी अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने इसे वर्ष 1931 की जनगणना के बाद ओबीसी समुदाय से संबंधित आंकड़ों की कमी को दूर करने तथा सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मोर्चा का मानना है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग की स्पष्ट गणना से नीतिगत निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह जानकारी राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, हजारीबाग के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने दी।

" Sunday on Cycles" কর্মসূচি

নিজস্ব প্রতিনিধি:আজ উত্তর ২৪ পরগনা জেলা প্রশাসনের উদ্যোগে আয়োজনে করা হয়েছিল " Sunday on Cycles" কর্মসূচির।এর শুভ সূচনা করেন পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ভারপ্রাপ্ত পঞ্চায়েত ও গ্রাম উন্নয়ন বিভাগের মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ। তিনি ফ্লাগ নাড়িয়ে নিউটাউন ইসকন মন্দির প্রাঙ্গণ থেকে এর সূচনা করেন।এই সাইকেল র‍্যালী টি শেষ হয় ইকো পার্কে।

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।