लोहरदगा में क्रिकेट का रोमांच: सीएम हेमंत सोरेन ने विजेता टीम को सौंपी ट्रॉफी, सहवाग और भज्जी भी बने गवाह

लोहरदगा के बीएस कॉलेज मैदान में आयोजित 'बलदेव साहू मेमोरियल टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट-2026' का भव्य समापन हुआ। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह की मौजूदगी ने खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया।

खिताबी मुकाबला:

फाइनल मैच में लोहरदगा लायंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पलामू जगलर्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी और ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री ने विजेता और उप-विजेता दोनों टीमों को ट्रॉफी प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

खिलाड़ियों की खान है झारखंड - मुख्यमंत्री:

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के युवाओं की रग-रग में खेल बसता है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और भारतीय महिला हॉकी टीम के दबदबे का उदाहरण देते हुए कहा, "हमारी सरकार की नई खेल नीति का लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट और हॉकी ही नहीं, बल्कि तीरंदाजी, फुटबॉल और लॉनबॉल में भी विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करना है।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहाँ के प्रतिभावान खिलाड़ियों से होगी।

स्टेडियम के विकास पर चर्चा:

मुख्यमंत्री ने बीएस कॉलेज मैदान के विकास में पूर्व राज्यसभा सांसद श्री धीरज प्रसाद साहू के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मैदान को और भी बेहतर स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यहाँ से आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकें।

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गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति:

इस अवसर पर मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई विधायक और भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सहवाग और हरभजन सिंह के साथ राज्य में खेल की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की।

गया में सड़क हादसे में युवक की मौत, अनियंत्रित वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दीरि, परिवार में मचा कोहराम

गया। गया-चेरकी रोड एयरपोर्ट के बाउंड्री के नजदीक 80 गेट से आगे एक दर्दनाक सड़क हादसे में गया शहर के नागमतिया कॉलोनी रोड नं0 6 निवासी राशिद इकबाल उर्फ रूमी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वे अपने बच्चों को इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा के बाद मॉडेम स्कूल से लाने मोटरसाइकिल से जा रहे थे। बता दे कि तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।

मृतक राशिद इकबाल उर्फ रूमी अपने परिवार के एक जिम्मेदार सदस्य थे और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर काफी सजग रहते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गया-चेरकी रोड पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सख्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

आईसीडीएस विभाग एवं अडानी फाउंडेशन के मध्य ‘Suposhan Project’ हेतु एमओयू हस्ताक्षरित

* जनपद सोनभद्र में कुपोषण उन्मूलन के लिए होगी संयुक्त पहल

लखनऊ/सोनभद्र। महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य की उपस्थिति में आज बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा Adani Foundation के मध्य जनपद सोनभद्र में “Suposhan Project” के क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मंत्री के विधानसभा कार्यालय में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार श्रीमती लीना जौहरी, निदेशक Integrated Child Development Services (आईसीडीएस) श्रीमती सरनीत कौर ब्रोका एवं डॉ. अनुपमा शांडिल्य (उप निदेशक) उपस्थित रहीं। अडानी समूह की ओर से नॉर्थ इंडिया प्रमुख एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) आनंद सिंह विसेन तथा महाप्रबंधक (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) मनीष अग्रवाल भी मौजूद रहे।
“Suposhan Project” का उद्देश्य आईसीडीएस सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए 0-5 वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण की रोकथाम तथा पोषण सुरक्षा को सशक्त करना है। परियोजना विभागीय व्यवस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी एवं क्रियान्वयन सहयोग प्रदान करेगी।
परियोजना के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों में दुबलापन (Wasting), कम वजन (Underweight) एवं ठिगनापन (Stunting) की पहचान एवं प्रबंधन पर विशेष बल दिया जाएगा। गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की समयबद्ध पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग किया जाएगा।
अडानी फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का क्षमता वर्धन, व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC), पोषण परामर्श तथा ग्रोथ मॉनिटरिंग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, किशोरियों में एनीमिया नियंत्रण हेतु परामर्श, संतुलित आहार संबंधी मार्गदर्शन तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संवर्धन के अभियान संचालित किए जाएंगे। यह परियोजना पूर्णतः गैर-वित्तीय (Non-Financial) प्रस्ताव है, जो विभागीय संसाधनों एवं संरचनाओं के अभिसरण से क्रियान्वित होगी।
मंत्री ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इस प्रकार की साझेदारी से जमीनी स्तर पर ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त होंगे। अपर मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नवाचार एवं तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। निदेशक, आईसीडीएस ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जनपद सोनभद्र में पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वस्थ शुरुआत को बढ़ावा - "पहले 1000 दिन महत्वपूर्ण" पर दो दिवसीय (12 एवं 13 फ़रवरी 2026) प्रशिक्षण सफ़लता पूर्वक संपन

गया जी: यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा जनपद गया जी, टिकारी परियोजना, से चयनित ५० आंगनवाड़ी सेविकाओं को आई.सी.डी.एस. विभाग के मार्गदर्शन में यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा, गर्व होटल एंड रिसोर्ट में प्रथम 1000 दिवस पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के शिशु के खान-पान एवं देखरेख पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, डॉ.रश्मि वर्मा, रही। साथ ही सबा सुल्ताना, जिला समन्वयक NNM, श्रीमती कंचन माला,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, टिकारी, फरहा नाज़, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और लेडी सुपरवाइजर रूबी कुमारी,की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को विभाग की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

डॉ श्रीमती रश्मि वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के 1000 दिन बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई जागरूकता एवं मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होती है। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण, समय पर ए.एन.सी. जांच, संस्थागत प्रसव, स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण एवं नवजात शिशु देखभाल जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के उपरांत इस कार्यक्रम को और प्रभावी ढंग से ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को "प्रथम 1000 दिवस कीट" दिया गया जिससे यह कार्यक्रम का लाभ लाभार्थी को अवश्य प्राप्त हो।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनाइटेड वे बेंगलुरु की टीम सक्रिय रूप से उपस्थित रही, जिसमें सूरज नदाफ, आदर्श गुप्ता, जुलियाना मंचारी, विद्याश्री सहित अन्य टीम सदस्यों, खुशबू कुमारी, कुमारी नैन्सी और सुप्रिया कुमारी, ने सत्रों का संचालन किया। टीम द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरल भाषा में जानकारी देकर उन्हें अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से करने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण को आयोजित करने की बात कही गई।

झारखंड के 13,699 स्कूलों में बनेंगे दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शिक्षा विभाग ने जारी की 726 करोड़ की कार्ययोजना

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने राज्य भर के ऐसे 13,699 विद्यालयों की पहचान की है, जहां अब तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग और उनकी जरूरतों के अनुकूल शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।

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तकनीकी मानकों का रखा जाएगा ध्यान:

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के अनुसार, प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर लगभग 5.30 लाख रुपये का खर्च आएगा। ये शौचालय सामान्य शौचालयों से अलग होंगे, जिनमें रैंप, सपोर्ट हैंडल, चौड़े दरवाजे और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले छात्र भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।

जिलों की स्थिति: गिरिडीह अव्वल:

सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक कमी गिरिडीह जिले में पाई गई है, जहां 1,453 स्कूलों में निर्माण की आवश्यकता है। अन्य प्रमुख जिलों की सूची इस प्रकार है:

रांची: 862 विद्यालय

पलामू: 826 विद्यालय

देवघर: 803 विद्यालय

दुमका: 765 विद्यालय

सरायकेला-खरसावां: 633 विद्यालय

धनबाद: 506 विद्यालय

फंडिंग की रणनीति: DMFT और CSR का सहारा:

संसाधन जुटाने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति बनाई है। लगभग 6,292 विद्यालयों में निर्माण कार्य जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से कराया जाएगा। चतरा, धनबाद, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इस फंड का उपयोग प्रस्तावित है। शेष जिलों के लिए समग्र शिक्षा अभियान, राज्य योजना, CSR (कॉर्पोरेट फंड) और अनटाइड फंड से राशि जुटाई जाएगी।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती:

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों के बीच 'ड्रॉप-आउट' दर में कमी आएगी और उनकी स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी। एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जो समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

जिला चिन्हित विद्यालयों की संख्या

गिरिडीह 1,453

रांची 862

पलामू 826

देवघर 803

दुमका 765

सरायकेला-खरसावां 633

Chronic Back Pain? Find Gentle Relief with Homeopathy in Hyderabad

Experience effective and natural relief from chronic back pain with homeopathy in Hyderabad. Personalized care improves flexibility, comfort, and daily functioning.

What is Chronic Back Pain?

Chronic back pain is a persistent condition that lasts for weeks or months, often affecting daily life, sleep, and overall well-being. Unlike temporary pain from minor strain, chronic back pain may result from muscle imbalances, spinal issues, joint problems, or nerve irritation. People suffering from this condition often find simple tasks like sitting, walking, or bending challenging. Many residents of Hyderabad now turn to homeopathy in Hyderabad for safe, natural, and holistic relief.

Symptoms of Chronic Back Pain

Common signs include:

  • Constant aching or stiffness along the spine
  • Sharp or shooting pain radiating to hips or legs
  • Muscle tension or spasms
  • Difficulty standing, sitting, or bending
  • Reduced flexibility and limited mobility

If these symptoms persist for weeks, seeking professional care is essential.

Causes of Chronic Back Pain

Chronic back pain may develop due to:

  • Poor posture and long hours of sitting
  • Muscle strain or ligament injuries
  • Herniated or degenerated discs
  • Arthritis affecting spinal joints
  • Weak core muscles or obesity
  • Previous injuries or accidents
  • Emotional stress and tension

Because chronic back pain often has multiple contributing factors, a holistic approach like homeopathy in Hyderabad can be highly effective.

How Homeopathy Helps

Homeopathy takes a gentle, individualized approach to chronic back pain. Instead of only addressing symptoms, it works with the body’s natural healing mechanisms. Key benefits include:

  • Personalized Care: Every patient is evaluated based on posture, lifestyle, health history, and emotional factors
  • Holistic Healing: Supports overall musculoskeletal health and body balance
  • Long-Term Relief: Reduces pain frequency, improves flexibility, and prevents recurrence
  • Safe Treatment: Gentle, natural, and free from side effects

Combined with healthy habits such as stretching, ergonomic support, and stress management, homeopathy enhances long-term results.

Why Spiritual Homeopathy?

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic for chronic back pain in Hyderabad. The clinic provides personalized consultations, detailed evaluations, and consistent follow-up to ensure lasting relief. Patients benefit from improved mobility, reduced discomfort, and enhanced quality of life. With experienced practitioners, homeopathy in Hyderabad at Spiritual Homeopathy offers a natural path to spinal health and overall wellness.

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छत्तीसगढ़: पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने, PWD के प्रमुख अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; PM मोदी को लिखा पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए प्रख्यात वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप

​ननकीराम कंवर ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने प्रमुख अभियंता पर कमीशनखोरी और अपने रिश्तेदारों व बेनामी नामों पर करोड़ों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुराने मामलों में राजनीतिक संरक्षण का दावा

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में वर्ष 2011 और 2015 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए थे। कंवर का दावा है कि राजनीतिक पहुंच के चलते इन मामलों में आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं।​

जांच के घेरे में मुख्य शिकायतें:

​पत्र में भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट उदाहरण भी दिए गए हैं:

मानपुर-संबलपुर मार्ग: राजनांदगांव संभाग में 6.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई है।

बिलासपुर मंडल: यहाँ एक निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित कर बिना किसी दंड के समयवृद्धि और 'एस्केलेशन' स्वीकृत कर ठेकेदार को लाखों का फायदा पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई है।

पदोन्नति में अपारदर्शिता: आरोप है कि पदोन्नति के समय आयोग के सामने लंबित शिकायतों की पूरी जानकारी नहीं रखी गई, जिससे विभाग के अन्य ईमानदार अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है।

 
​"यदि इतने गंभीर प्रकरणों के बाद भी अधिकारी उच्च पदों पर बैठे रहेंगे, तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। संबंधित अधिकारी को पद से हटाकर निष्पक्ष केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"
ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री

 

प्रशासनिक साख पर सवाल

​लोक निर्माण विभाग सरकार की बुनियादी संरचना और विकास का चेहरा होता है। ऐसे में प्रमुख अभियंता जैसे सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी पर लगे ये आरोप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वास्तव में इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी।

देखें पत्र की कॉपी-

और तकतवर होगी भारतीय सेना, 3.25 लाख करोड़ की डिफेंस डील, 114 नए राफेल खरीदने का प्रस्ताव मंजूर

#114_rafale_fighter_jets_approved_for_purchase_major_boost_to_indian_air_force

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केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे पर “डील होगी डन”

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीद डील को मंजूरी दे दी। वहीं अमेरिका से 6 P-8I एयरक्राफ्ट खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई। राफेल डील फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17-20 फरवरी के तीन दिवसीय भारत दौरे पर पूरी हो सकती है।

16 जनवरी को प्रस्ताव को मिली थी मंजूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डीएसी में राफेल के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। प्रस्ताव अब कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। अब सीसीएस की परमिशन के बाद ही अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और बॉर्डर एरिया में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी।

वायुसेना को मिलेंगे 6 से 7 नए स्क्वाड्रन

इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।

भारत में ही बनाए जाएंगे 96 विमान

इस प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा। बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है।

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

BJP's grand booth worker Sneh Milan in Godhra in the presence of Jagdish Chandra Bariya as a Shaktikendra Pramukh

A grand 'Booth Worker Sneh Milan' program was recently organized in Godhra city, the headquarters of Panchmahal district. This program of former minister and BJP worker Jagdish Chandra Bariya's parishad showed the power of the organization. On this occasion, Gujarat State Industries Minister and leading leader of the organization Jagdish Vishwakarma was specially present.

The program began with the lighting of the lamp and worship of Bharat Mata. The main purpose of this Sneh Milan was to have direct communication with the workers working at the grassroots level and equip them for the upcoming political goals. Jagdish Chandra Bariya also attended as a worker.

Jagdish Vishwakarma's guidance

Minister Jagdish Vishwakarma, who was present as the chief guest, infused new energy among the workers in his address. He said, "If you win the booth, you win the election" is not just a slogan but the main mantra of the BJP's working method. He appealed to the workers to become a link to reach the various welfare schemes of the government to the last man.

He further emphasized on strengthening the organizational structure and accelerating the work of the page committee. His presence created a lot of enthusiasm among the local workers, as he met the workers at a personal level and listened to their questions.

A large number of Shakti Kendra office bearers and workers from Godhra and surrounding rural areas gathered.

Other office bearers of Panchmahal district BJP were also present in this conference, which shows the unity of the party.

This Sneha Milan was not just a dinner or a general meeting, but a platform to formulate strategies for the coming time. The workers were inspired to work in their respective areas with a new resolve. The guidance of Jagdish Vishwakarma has infused new energy in the Godhra BJP.

लोहरदगा में क्रिकेट का रोमांच: सीएम हेमंत सोरेन ने विजेता टीम को सौंपी ट्रॉफी, सहवाग और भज्जी भी बने गवाह

लोहरदगा के बीएस कॉलेज मैदान में आयोजित 'बलदेव साहू मेमोरियल टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट-2026' का भव्य समापन हुआ। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह की मौजूदगी ने खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया।

खिताबी मुकाबला:

फाइनल मैच में लोहरदगा लायंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पलामू जगलर्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी और ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री ने विजेता और उप-विजेता दोनों टीमों को ट्रॉफी प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

खिलाड़ियों की खान है झारखंड - मुख्यमंत्री:

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के युवाओं की रग-रग में खेल बसता है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और भारतीय महिला हॉकी टीम के दबदबे का उदाहरण देते हुए कहा, "हमारी सरकार की नई खेल नीति का लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट और हॉकी ही नहीं, बल्कि तीरंदाजी, फुटबॉल और लॉनबॉल में भी विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करना है।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहाँ के प्रतिभावान खिलाड़ियों से होगी।

स्टेडियम के विकास पर चर्चा:

मुख्यमंत्री ने बीएस कॉलेज मैदान के विकास में पूर्व राज्यसभा सांसद श्री धीरज प्रसाद साहू के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मैदान को और भी बेहतर स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यहाँ से आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकें।

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गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति:

इस अवसर पर मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई विधायक और भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सहवाग और हरभजन सिंह के साथ राज्य में खेल की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की।

गया में सड़क हादसे में युवक की मौत, अनियंत्रित वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दीरि, परिवार में मचा कोहराम

गया। गया-चेरकी रोड एयरपोर्ट के बाउंड्री के नजदीक 80 गेट से आगे एक दर्दनाक सड़क हादसे में गया शहर के नागमतिया कॉलोनी रोड नं0 6 निवासी राशिद इकबाल उर्फ रूमी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वे अपने बच्चों को इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा के बाद मॉडेम स्कूल से लाने मोटरसाइकिल से जा रहे थे। बता दे कि तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।

मृतक राशिद इकबाल उर्फ रूमी अपने परिवार के एक जिम्मेदार सदस्य थे और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर काफी सजग रहते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गया-चेरकी रोड पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सख्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

आईसीडीएस विभाग एवं अडानी फाउंडेशन के मध्य ‘Suposhan Project’ हेतु एमओयू हस्ताक्षरित

* जनपद सोनभद्र में कुपोषण उन्मूलन के लिए होगी संयुक्त पहल

लखनऊ/सोनभद्र। महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य की उपस्थिति में आज बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा Adani Foundation के मध्य जनपद सोनभद्र में “Suposhan Project” के क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मंत्री के विधानसभा कार्यालय में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार श्रीमती लीना जौहरी, निदेशक Integrated Child Development Services (आईसीडीएस) श्रीमती सरनीत कौर ब्रोका एवं डॉ. अनुपमा शांडिल्य (उप निदेशक) उपस्थित रहीं। अडानी समूह की ओर से नॉर्थ इंडिया प्रमुख एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) आनंद सिंह विसेन तथा महाप्रबंधक (कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) मनीष अग्रवाल भी मौजूद रहे।
“Suposhan Project” का उद्देश्य आईसीडीएस सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए 0-5 वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण की रोकथाम तथा पोषण सुरक्षा को सशक्त करना है। परियोजना विभागीय व्यवस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी एवं क्रियान्वयन सहयोग प्रदान करेगी।
परियोजना के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों में दुबलापन (Wasting), कम वजन (Underweight) एवं ठिगनापन (Stunting) की पहचान एवं प्रबंधन पर विशेष बल दिया जाएगा। गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की समयबद्ध पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग किया जाएगा।
अडानी फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का क्षमता वर्धन, व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC), पोषण परामर्श तथा ग्रोथ मॉनिटरिंग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, किशोरियों में एनीमिया नियंत्रण हेतु परामर्श, संतुलित आहार संबंधी मार्गदर्शन तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संवर्धन के अभियान संचालित किए जाएंगे। यह परियोजना पूर्णतः गैर-वित्तीय (Non-Financial) प्रस्ताव है, जो विभागीय संसाधनों एवं संरचनाओं के अभिसरण से क्रियान्वित होगी।
मंत्री ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इस प्रकार की साझेदारी से जमीनी स्तर पर ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त होंगे। अपर मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नवाचार एवं तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। निदेशक, आईसीडीएस ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जनपद सोनभद्र में पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वस्थ शुरुआत को बढ़ावा - "पहले 1000 दिन महत्वपूर्ण" पर दो दिवसीय (12 एवं 13 फ़रवरी 2026) प्रशिक्षण सफ़लता पूर्वक संपन

गया जी: यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा जनपद गया जी, टिकारी परियोजना, से चयनित ५० आंगनवाड़ी सेविकाओं को आई.सी.डी.एस. विभाग के मार्गदर्शन में यूनाइटेड वे बेंगलुरू द्वारा, गर्व होटल एंड रिसोर्ट में प्रथम 1000 दिवस पर विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के शिशु के खान-पान एवं देखरेख पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, डॉ.रश्मि वर्मा, रही। साथ ही सबा सुल्ताना, जिला समन्वयक NNM, श्रीमती कंचन माला,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, टिकारी, फरहा नाज़, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और लेडी सुपरवाइजर रूबी कुमारी,की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को विभाग की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

डॉ श्रीमती रश्मि वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के 1000 दिन बच्चे के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई जागरूकता एवं मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होती है। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण, समय पर ए.एन.सी. जांच, संस्थागत प्रसव, स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण एवं नवजात शिशु देखभाल जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के उपरांत इस कार्यक्रम को और प्रभावी ढंग से ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को "प्रथम 1000 दिवस कीट" दिया गया जिससे यह कार्यक्रम का लाभ लाभार्थी को अवश्य प्राप्त हो।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनाइटेड वे बेंगलुरु की टीम सक्रिय रूप से उपस्थित रही, जिसमें सूरज नदाफ, आदर्श गुप्ता, जुलियाना मंचारी, विद्याश्री सहित अन्य टीम सदस्यों, खुशबू कुमारी, कुमारी नैन्सी और सुप्रिया कुमारी, ने सत्रों का संचालन किया। टीम द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरल भाषा में जानकारी देकर उन्हें अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से करने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण को आयोजित करने की बात कही गई।

झारखंड के 13,699 स्कूलों में बनेंगे दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शिक्षा विभाग ने जारी की 726 करोड़ की कार्ययोजना

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने राज्य भर के ऐसे 13,699 विद्यालयों की पहचान की है, जहां अब तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग और उनकी जरूरतों के अनुकूल शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।

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तकनीकी मानकों का रखा जाएगा ध्यान:

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के अनुसार, प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर लगभग 5.30 लाख रुपये का खर्च आएगा। ये शौचालय सामान्य शौचालयों से अलग होंगे, जिनमें रैंप, सपोर्ट हैंडल, चौड़े दरवाजे और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले छात्र भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।

जिलों की स्थिति: गिरिडीह अव्वल:

सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक कमी गिरिडीह जिले में पाई गई है, जहां 1,453 स्कूलों में निर्माण की आवश्यकता है। अन्य प्रमुख जिलों की सूची इस प्रकार है:

रांची: 862 विद्यालय

पलामू: 826 विद्यालय

देवघर: 803 विद्यालय

दुमका: 765 विद्यालय

सरायकेला-खरसावां: 633 विद्यालय

धनबाद: 506 विद्यालय

फंडिंग की रणनीति: DMFT और CSR का सहारा:

संसाधन जुटाने के लिए विभाग ने बहुआयामी रणनीति बनाई है। लगभग 6,292 विद्यालयों में निर्माण कार्य जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से कराया जाएगा। चतरा, धनबाद, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इस फंड का उपयोग प्रस्तावित है। शेष जिलों के लिए समग्र शिक्षा अभियान, राज्य योजना, CSR (कॉर्पोरेट फंड) और अनटाइड फंड से राशि जुटाई जाएगी।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती:

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से दिव्यांग बच्चों के बीच 'ड्रॉप-आउट' दर में कमी आएगी और उनकी स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी। एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलने से इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जो समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

जिला चिन्हित विद्यालयों की संख्या

गिरिडीह 1,453

रांची 862

पलामू 826

देवघर 803

दुमका 765

सरायकेला-खरसावां 633

Chronic Back Pain? Find Gentle Relief with Homeopathy in Hyderabad

Experience effective and natural relief from chronic back pain with homeopathy in Hyderabad. Personalized care improves flexibility, comfort, and daily functioning.

What is Chronic Back Pain?

Chronic back pain is a persistent condition that lasts for weeks or months, often affecting daily life, sleep, and overall well-being. Unlike temporary pain from minor strain, chronic back pain may result from muscle imbalances, spinal issues, joint problems, or nerve irritation. People suffering from this condition often find simple tasks like sitting, walking, or bending challenging. Many residents of Hyderabad now turn to homeopathy in Hyderabad for safe, natural, and holistic relief.

Symptoms of Chronic Back Pain

Common signs include:

  • Constant aching or stiffness along the spine
  • Sharp or shooting pain radiating to hips or legs
  • Muscle tension or spasms
  • Difficulty standing, sitting, or bending
  • Reduced flexibility and limited mobility

If these symptoms persist for weeks, seeking professional care is essential.

Causes of Chronic Back Pain

Chronic back pain may develop due to:

  • Poor posture and long hours of sitting
  • Muscle strain or ligament injuries
  • Herniated or degenerated discs
  • Arthritis affecting spinal joints
  • Weak core muscles or obesity
  • Previous injuries or accidents
  • Emotional stress and tension

Because chronic back pain often has multiple contributing factors, a holistic approach like homeopathy in Hyderabad can be highly effective.

How Homeopathy Helps

Homeopathy takes a gentle, individualized approach to chronic back pain. Instead of only addressing symptoms, it works with the body’s natural healing mechanisms. Key benefits include:

  • Personalized Care: Every patient is evaluated based on posture, lifestyle, health history, and emotional factors
  • Holistic Healing: Supports overall musculoskeletal health and body balance
  • Long-Term Relief: Reduces pain frequency, improves flexibility, and prevents recurrence
  • Safe Treatment: Gentle, natural, and free from side effects

Combined with healthy habits such as stretching, ergonomic support, and stress management, homeopathy enhances long-term results.

Why Spiritual Homeopathy?

Spiritual Homeopathy is a trusted clinic for chronic back pain in Hyderabad. The clinic provides personalized consultations, detailed evaluations, and consistent follow-up to ensure lasting relief. Patients benefit from improved mobility, reduced discomfort, and enhanced quality of life. With experienced practitioners, homeopathy in Hyderabad at Spiritual Homeopathy offers a natural path to spinal health and overall wellness.

Take the first step toward a pain-free life today.

Call: 9069176176

छत्तीसगढ़: पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने, PWD के प्रमुख अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; PM मोदी को लिखा पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए प्रख्यात वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप

​ननकीराम कंवर ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने प्रमुख अभियंता पर कमीशनखोरी और अपने रिश्तेदारों व बेनामी नामों पर करोड़ों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुराने मामलों में राजनीतिक संरक्षण का दावा

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में वर्ष 2011 और 2015 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए थे। कंवर का दावा है कि राजनीतिक पहुंच के चलते इन मामलों में आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं।​

जांच के घेरे में मुख्य शिकायतें:

​पत्र में भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट उदाहरण भी दिए गए हैं:

मानपुर-संबलपुर मार्ग: राजनांदगांव संभाग में 6.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई है।

बिलासपुर मंडल: यहाँ एक निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित कर बिना किसी दंड के समयवृद्धि और 'एस्केलेशन' स्वीकृत कर ठेकेदार को लाखों का फायदा पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई है।

पदोन्नति में अपारदर्शिता: आरोप है कि पदोन्नति के समय आयोग के सामने लंबित शिकायतों की पूरी जानकारी नहीं रखी गई, जिससे विभाग के अन्य ईमानदार अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है।

 
​"यदि इतने गंभीर प्रकरणों के बाद भी अधिकारी उच्च पदों पर बैठे रहेंगे, तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। संबंधित अधिकारी को पद से हटाकर निष्पक्ष केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"
ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री

 

प्रशासनिक साख पर सवाल

​लोक निर्माण विभाग सरकार की बुनियादी संरचना और विकास का चेहरा होता है। ऐसे में प्रमुख अभियंता जैसे सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी पर लगे ये आरोप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वास्तव में इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी।

देखें पत्र की कॉपी-

और तकतवर होगी भारतीय सेना, 3.25 लाख करोड़ की डिफेंस डील, 114 नए राफेल खरीदने का प्रस्ताव मंजूर

#114_rafale_fighter_jets_approved_for_purchase_major_boost_to_indian_air_force

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केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे पर “डील होगी डन”

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीद डील को मंजूरी दे दी। वहीं अमेरिका से 6 P-8I एयरक्राफ्ट खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई। राफेल डील फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17-20 फरवरी के तीन दिवसीय भारत दौरे पर पूरी हो सकती है।

16 जनवरी को प्रस्ताव को मिली थी मंजूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डीएसी में राफेल के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। प्रस्ताव अब कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। अब सीसीएस की परमिशन के बाद ही अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और बॉर्डर एरिया में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी।

वायुसेना को मिलेंगे 6 से 7 नए स्क्वाड्रन

इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।

भारत में ही बनाए जाएंगे 96 विमान

इस प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा। बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है।

बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

BJP's grand booth worker Sneh Milan in Godhra in the presence of Jagdish Chandra Bariya as a Shaktikendra Pramukh

A grand 'Booth Worker Sneh Milan' program was recently organized in Godhra city, the headquarters of Panchmahal district. This program of former minister and BJP worker Jagdish Chandra Bariya's parishad showed the power of the organization. On this occasion, Gujarat State Industries Minister and leading leader of the organization Jagdish Vishwakarma was specially present.

The program began with the lighting of the lamp and worship of Bharat Mata. The main purpose of this Sneh Milan was to have direct communication with the workers working at the grassroots level and equip them for the upcoming political goals. Jagdish Chandra Bariya also attended as a worker.

Jagdish Vishwakarma's guidance

Minister Jagdish Vishwakarma, who was present as the chief guest, infused new energy among the workers in his address. He said, "If you win the booth, you win the election" is not just a slogan but the main mantra of the BJP's working method. He appealed to the workers to become a link to reach the various welfare schemes of the government to the last man.

He further emphasized on strengthening the organizational structure and accelerating the work of the page committee. His presence created a lot of enthusiasm among the local workers, as he met the workers at a personal level and listened to their questions.

A large number of Shakti Kendra office bearers and workers from Godhra and surrounding rural areas gathered.

Other office bearers of Panchmahal district BJP were also present in this conference, which shows the unity of the party.

This Sneha Milan was not just a dinner or a general meeting, but a platform to formulate strategies for the coming time. The workers were inspired to work in their respective areas with a new resolve. The guidance of Jagdish Vishwakarma has infused new energy in the Godhra BJP.