अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रेन में देरी पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

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बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। ये लोग ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से भड़क उठे।

स्टेशन पर तोड़फोड़ और पथराव

बताया जाता है कि ट्रेन के लगातार विलंब होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाने की आशंका से अभ्यर्थी आक्रोशित हो उठे। अभ्यर्थियों ने हंगामा के दौरान पथराव करने लगे। इस दौरान उनलोगों ने तोड़फोड़ भी की। देखते ही देखते स्टेशन के चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और राजधानी समेत दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई।

ट्रैक जाम कर ट्रेनों की आवाजाही रोकी

स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज छात्रों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद 100 से अधिक छात्र ट्रैक पर बैठ गए और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ट्रैक जाम होने से लंबी दूरी की कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।

आईजी जितेंद्र राणा को आई मामूली चोट

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन पहुंचे। मौके पर पटना डीएम डॉ त्यागराजन, आईजी जितेंद्र राणा, एसपी समेत कई आलाधिकारी मौजूद हैं। हंगामे के दौरान आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं, रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद छात्र धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटने लगे। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की- डीएम

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी की घटना पर DM डॉ त्यागराजन ने कहा, 'कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था। स्टेशन पर पहले से दो स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन खबर है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और ट्रेन को रोकते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कम से कम बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

मंत्री चमरा लिंडा सख्त: दिसंबर से पहले छात्रवृत्ति भुगतान, पारदर्शी मैकेनिज्म बनाने का निर्देश

रांची। माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

चलती कार पर गिरा हाईटेंशन लाइन का खंभा, टला बड़ा हादसा

विद्युत विभाग की लापरवाही उजागर, करंट दौड़ते तारों से दहशत, एक घंटे तक ठप रहा यातायात

बहसूमा। विद्युत विभाग की कथित लापरवाही शुक्रवार को एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन संयोगवश कई लोगों की जान बच गई। बहसूमा-रामराज मुख्य मार्ग पर सुबह करीब नौ बजे जर्जर हाईटेंशन लाइन का खंभा अचानक टूटकर चलती कार पर गिर पड़ा। खंभे के साथ गिरे तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर सामान्य रूप से यातायात चल रहा था। इसी दौरान तेज धमाके के साथ हाईटेंशन लाइन का खंभा टूटकर सड़क पर आ गिरा। उसी समय वहां से गुजर रही एक कार इसकी चपेट में आ गई। कार पर खंभा और बिजली के तार गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
कार स्वामी वीरेंद्र चौहान पुत्र सतपाल सिंह ने बताया कि अचानक खंभा उनकी कार पर आ गिरा। घटना इतनी अचानक हुई कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से बड़ा हादसा टल गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
कार में सवार करण पुत्र कपिल ने बताया कि खंभा गिरने के दौरान उन्हें करंट का झटका महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो जानलेवा हादसा हो सकता था। घटना के दौरान कार में बैठे सभी लोग दहशत में आ गए।
खंभा गिरते ही सड़क पर दौड़ रहे वाहन रुक गए। कई वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े। करंट दौड़ते तारों की चपेट में आने से कार सवारों के अलावा दो बाइक सवार और एक ई-रिक्शा चालक को भी झटके लगे। हालांकि सभी लोग समय रहते सुरक्षित दूरी पर हट गए, जिससे जनहानि टल गई।
घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को नियंत्रित कर मार्ग को सुचारु कराया।
स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित खंभा काफी समय से जर्जर और झुका हुआ था। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल एक सरिया वेल्ड कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। खंभे को बदलने की जरूरत होने के बावजूद विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
नामित सभासद अमित गोयल व नेता इदरीश सैफी ने बताया कि खंभा कई दिनों से टेढ़ा होकर खड़ा था और बिजली के तार भी नीचे लटक रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। शुक्रवार की घटना ने विभागीय दावों की पोल खोल दी है।

जर्जर खंभों को जल्द बदला जाएगा : जेईl

घटना के संबंध में विद्युत उपकेंद्र बहसूमा के जेई विजयपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सब-स्टेशन से संबंधित आवश्यक उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग समेत क्षेत्र के सभी जर्जर और क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों का सर्वे कराया जा रहा है। जो खंभे कमजोर अथवा झुकी हुई स्थिति में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द बदलने का कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित खंभे के गिरने के कारणों की भी जांच कराई जा रही है।
ममता बनर्जी बनर्जी के खिलाफ FIR, जानें क्या है पूरा मामला

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरना मंच से कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

विशेष समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी का आरोप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी विवादित टिप्पणी की, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समाज में नफरत फैल सकती है।

चुनावी हार के बाद यह दूसरी एफआईआर

बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है। बंगाल की लगातार तीन बार सीएम रही ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से हार गई थीं। वर्तमान में ममता बनर्जी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।

दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

गया में डॉक्टरों ने पेश की मिसाल: विश्व रक्तदाता सप्ताह पर ASI के रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

गया: विश्व रक्तदाता सप्ताह के अवसर पर एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) गया चैप्टर द्वारा गुरुवार को आईएमए हॉल, गया में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान के इस मानवीय अभियान ने समाज को यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ ASI गया चैप्टर के सचिव डॉ. जे. पी. सिंह एवं डॉ. संतोष कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया। दोनों चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद शहर के कई चिकित्सकों एवं उनके स्टाफ ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।

शिविर में डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. अनुपम रंजन तथा डॉ. बी. के. सुमन सहित अनेक चिकित्सकों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। रक्तदाताओं ने कहा कि रक्त की कमी के कारण कई बार मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर मानवता की सेवा करनी चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सामाजिक संस्था “कर्म मेरा सेवा, सहयोग एकता मंच” के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। संस्था के रक्तवीरों ने रक्तदान कर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया और युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

शिविर में संग्रहित रक्त को सुरक्षित रूप से संकलित करने का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के ब्लड बैंक की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. रतन कुमार, डॉ. एस. आई. रहमान, ASI गया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. सिंह तथा रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के चेयरमैन विशेष रूप से मौजूद रहे।

अतिथियों ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य है, क्योंकि इससे सीधे किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रेन में देरी पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

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बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। ये लोग ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से भड़क उठे।

स्टेशन पर तोड़फोड़ और पथराव

बताया जाता है कि ट्रेन के लगातार विलंब होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाने की आशंका से अभ्यर्थी आक्रोशित हो उठे। अभ्यर्थियों ने हंगामा के दौरान पथराव करने लगे। इस दौरान उनलोगों ने तोड़फोड़ भी की। देखते ही देखते स्टेशन के चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और राजधानी समेत दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई।

ट्रैक जाम कर ट्रेनों की आवाजाही रोकी

स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज छात्रों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद 100 से अधिक छात्र ट्रैक पर बैठ गए और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ट्रैक जाम होने से लंबी दूरी की कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।

आईजी जितेंद्र राणा को आई मामूली चोट

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन पहुंचे। मौके पर पटना डीएम डॉ त्यागराजन, आईजी जितेंद्र राणा, एसपी समेत कई आलाधिकारी मौजूद हैं। हंगामे के दौरान आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं, रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद छात्र धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटने लगे। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की- डीएम

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी की घटना पर DM डॉ त्यागराजन ने कहा, 'कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था। स्टेशन पर पहले से दो स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन खबर है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और ट्रेन को रोकते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कम से कम बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

मंत्री चमरा लिंडा सख्त: दिसंबर से पहले छात्रवृत्ति भुगतान, पारदर्शी मैकेनिज्म बनाने का निर्देश

रांची। माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

चलती कार पर गिरा हाईटेंशन लाइन का खंभा, टला बड़ा हादसा

विद्युत विभाग की लापरवाही उजागर, करंट दौड़ते तारों से दहशत, एक घंटे तक ठप रहा यातायात

बहसूमा। विद्युत विभाग की कथित लापरवाही शुक्रवार को एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन संयोगवश कई लोगों की जान बच गई। बहसूमा-रामराज मुख्य मार्ग पर सुबह करीब नौ बजे जर्जर हाईटेंशन लाइन का खंभा अचानक टूटकर चलती कार पर गिर पड़ा। खंभे के साथ गिरे तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर सामान्य रूप से यातायात चल रहा था। इसी दौरान तेज धमाके के साथ हाईटेंशन लाइन का खंभा टूटकर सड़क पर आ गिरा। उसी समय वहां से गुजर रही एक कार इसकी चपेट में आ गई। कार पर खंभा और बिजली के तार गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
कार स्वामी वीरेंद्र चौहान पुत्र सतपाल सिंह ने बताया कि अचानक खंभा उनकी कार पर आ गिरा। घटना इतनी अचानक हुई कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से बड़ा हादसा टल गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
कार में सवार करण पुत्र कपिल ने बताया कि खंभा गिरने के दौरान उन्हें करंट का झटका महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो जानलेवा हादसा हो सकता था। घटना के दौरान कार में बैठे सभी लोग दहशत में आ गए।
खंभा गिरते ही सड़क पर दौड़ रहे वाहन रुक गए। कई वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े। करंट दौड़ते तारों की चपेट में आने से कार सवारों के अलावा दो बाइक सवार और एक ई-रिक्शा चालक को भी झटके लगे। हालांकि सभी लोग समय रहते सुरक्षित दूरी पर हट गए, जिससे जनहानि टल गई।
घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को नियंत्रित कर मार्ग को सुचारु कराया।
स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित खंभा काफी समय से जर्जर और झुका हुआ था। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल एक सरिया वेल्ड कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। खंभे को बदलने की जरूरत होने के बावजूद विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
नामित सभासद अमित गोयल व नेता इदरीश सैफी ने बताया कि खंभा कई दिनों से टेढ़ा होकर खड़ा था और बिजली के तार भी नीचे लटक रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। शुक्रवार की घटना ने विभागीय दावों की पोल खोल दी है।

जर्जर खंभों को जल्द बदला जाएगा : जेईl

घटना के संबंध में विद्युत उपकेंद्र बहसूमा के जेई विजयपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सब-स्टेशन से संबंधित आवश्यक उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग समेत क्षेत्र के सभी जर्जर और क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों का सर्वे कराया जा रहा है। जो खंभे कमजोर अथवा झुकी हुई स्थिति में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द बदलने का कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित खंभे के गिरने के कारणों की भी जांच कराई जा रही है।
ममता बनर्जी बनर्जी के खिलाफ FIR, जानें क्या है पूरा मामला

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरना मंच से कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

विशेष समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी का आरोप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी विवादित टिप्पणी की, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समाज में नफरत फैल सकती है।

चुनावी हार के बाद यह दूसरी एफआईआर

बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है। बंगाल की लगातार तीन बार सीएम रही ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से हार गई थीं। वर्तमान में ममता बनर्जी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।

दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

गया में डॉक्टरों ने पेश की मिसाल: विश्व रक्तदाता सप्ताह पर ASI के रक्तदान शिविर में उमड़ा सेवा का जज्बा

गया: विश्व रक्तदाता सप्ताह के अवसर पर एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) गया चैप्टर द्वारा गुरुवार को आईएमए हॉल, गया में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान के इस मानवीय अभियान ने समाज को यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ ASI गया चैप्टर के सचिव डॉ. जे. पी. सिंह एवं डॉ. संतोष कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया। दोनों चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद शहर के कई चिकित्सकों एवं उनके स्टाफ ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।

शिविर में डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. अनुपम रंजन तथा डॉ. बी. के. सुमन सहित अनेक चिकित्सकों ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। रक्तदाताओं ने कहा कि रक्त की कमी के कारण कई बार मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर मानवता की सेवा करनी चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सामाजिक संस्था “कर्म मेरा सेवा, सहयोग एकता मंच” के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। संस्था के रक्तवीरों ने रक्तदान कर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया और युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

शिविर में संग्रहित रक्त को सुरक्षित रूप से संकलित करने का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के ब्लड बैंक की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. रतन कुमार, डॉ. एस. आई. रहमान, ASI गया चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. सिंह तथा रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के चेयरमैन विशेष रूप से मौजूद रहे।

अतिथियों ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य है, क्योंकि इससे सीधे किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।