प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को किया गया सम्मानित
*संस्कार युक्त शिक्षा देना एकेडमी का मुख्य उद्देश्य- डॉ शिव कुमार पाण्डेय*

*प्रतियोगिता में बेहतर स्थान लाकर छात्रों ने एकेडमी का नाम किया रोशन- धीरेंद्र त्रिपाठी*

*शारदा साइंस एकेडमी मुडेरा में पुरस्कारों का लगा बौछार*

*क्लास के सभी टॉपर को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित*

रमेश दूबे
*सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुंडेरा में सुलेख प्रतियोगिता,कला प्रतियोगिता,निबंध प्रतियोगिता,मेहंदी प्रतियोगिता,रंगोली प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को अध्ययन मेज,द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को दीवाल घड़ी,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को बाटल व मेडल पहनाकर सभी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया गया। इस दौरान सभी क्लासों के टॉपरो को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौजूद सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पाकार काफी खुश दिखे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी,सुमन त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं का भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्साहवर्धन किया जाता है। डॉ श्री पाण्डेय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा देना ही शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शारदा साइंस एकेडमी के छात्राओं ने अपने संस्कारों का प्रदर्शन करते हुए जिस तरह से सभी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है शारदा साइंस एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपने आने वाले समय में पूरे देश व प्रदेश में नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर इस अवसर पर संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी,शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव,रमाशंकर पाण्डेय,रंगनाथ पाण्डेय,धनंजय यादव,रविंद्र यादव,प्रेमचंद मौजूद रहे।
हिमालय सिंह के नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने पर शिक्षकों ने किया सम्मान
जौनपुर। सच्चा प्रतिभाशाली व्यक्ति विपरीत हालात में भी धैर्य, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अपनी पहचान बनाता है। विषम परिस्थितियाँ अक्सर प्रतिभा को निखारने वाली कसौटी साबित होती हैं, जहाँ आत्म-विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित बेसहूपुर, घनश्यामपुर निवासी अजय सिंह के सुपुत्र हिमालय सिंह ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का सम्मान बढ़ा दिया। पिता अजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां साधारण गृहणी हैं। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बजरंग इंटर कॉलेज ,घनश्यामपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके हिमालय सिंह हमेशा से ही विनम्र ,अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थी रहे। प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर पहुंचने वाले हिमालय सिंह का लक्ष्य आईएएस बनना है। सेवानिवृत शिक्षक तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उनके घर पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी,प्रवक्ता हृदय प्रकाश तिवारी, पुष्यमित्र दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ के बदलापुर अध्यक्ष उमेश मिश्रा, जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव, शशिधर तिवारी तथा डॉ जेपी शर्मा उपस्थित रहे। अजय सिंह ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित दिया।
17 जातियों को अनुसूचित में शामिल करने की मांग
*भाजपा सांसद डॉ विनोद कुमार बिंद ने लोकसभा में रखी मांग, तीन प्रदेशों में ये जातियां ओबीसी में है शामिल*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के भाजपा सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने लोकसभा में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में सम्मिलित करने की मांग की। कहा कि कई प्रदेशों यह 17 अति पिछड़ी जाति अनुसूचित जाति में हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में इन जातियों को ओबीसी में रखा गया है। उन्होंने बिंद, केवट, मल्लाह, विश्वकर्मा, प्रजापति, राजभर समेत 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की।
सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप धीमर, प्रजापति, राजभर, विश्वकर्मा सहित 17 अति पिछड़ी जातियां हैं। जिनको अनुसूचित जाति में शामिल करना आवश्यक है, क्योंकि यह मुद्दा इन जातियों के सम्मान, अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। कहा कि जब एक ही समाज एक ही जीवन शैली है तो अधिकार अलग-अलग क्यों है। यह सभी जातियां कई प्रदेशों में अनुसूचित जातियों में है, यहां तक की दिल्ली में भी अनुसूचित जातियों में इनको शामिल किया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में ओबीसी में रखा गया है। मांग करते हुए कहा कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक विशेष आरक्षण और योजनाओं का प्रावधान इन जातियों के लोगों के लिए किया जाए। सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय था। जिसको लोकसभा में प्रमुखता से उठाया गया है, क्योंकि यह 17 जातियों के सम्मान अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
कीमत घटे या बढ़े क्या मतलब, जब वाणिज्यिक सिलिंडर मिल ही नहीं रहे

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच देश में उपजे ईंधन संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सरकार ने एक महीने के अंदर वाणिज्यिक सिलिंडरों की कीमत 310 रुपये तक बढ़ा दी है। वहीं, घरेलू सिलिंडर की कीमतों में भी 60 रुपये की वृद्धि हुई है। भदोही के रेस्त्रां संचालकों का कहना है कि कीमत घटे या बढ़े क्या मतलब है। जब वाणिज्यिक सिलिंडर की आपूर्ति ही नहीं हो रही है। पिछले दिनों गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतार देखकर सरकार ने वाणिज्यिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। भदोही में ढाबा चलाने वाले रामू सोनकर का कहना है कि सरकार एक ओर कह रही है कि ईंधन की किल्लत नहीं है। फिर वाणिज्यिक सिलिंडर मिल क्यों नहीं रहा है।
बोर्ड परीक्षा : मूल्यांकन पूरा, अब परिणाम का इंतजार

*20 से 25 अप्रैल तक परिणाम जारी होने की संभावना 55 हजार विद्यार्थी हुए थे शामिल*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन  पूरा हो गया। शिक्षा विभाग उत्तर पुस्तिकाओं को सहेजकर परिषद को भेजने की तैयारी में जुट गया है। अब सभी की नजरें परिणाम पर टिकी हैं। अंतिम दिन इंटरमीडिएट की शेष 200 काॉपियां डेढ़ घंटे में जांची गईं। फरवरी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा संपन्न होने के बाद विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया। 18 मार्च से बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। परिषद की ओर से इस केंद्र पर हाईस्कूल की एक लाख 37 हजार व इंटरमीडिएट की 67 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने का लक्ष्य रखा गया था। 750 परीक्षकों ने 15 दिनों तक मेहनत करके कॉपियां जांच की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का मूल्यांकन पूरा हो गया। उप नियंत्रक मूल्यांकन प्रधानाचार्य आलोक तिवारी ने बताया कि हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। अंतिम दिन इंटरमीडिएट की 200 कॉपियां जांची गईं। परिषद से पत्र आने पर ही कापियों को भेजा जाएगा। इस बार जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 55 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। मूल्यांकन खत्म होने के बाद अब विद्यार्थियों की नजर परिणाम पर टिकी है। 2025 की तरह 20 अप्रैल के बाद परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।
निर्यातकों को एजीएम तक देनी होगी बढ़ी सदस्यता शुल्क

*एजीएम में करेंगे सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार,तब तक बढ़ा शुल्क ही लगेगा: चेयरमैन*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की बढ़ी सदस्यता शुल्क फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं। बीते दिनों सीईपीसी बोर्ड की बैठक में शुल्क कम करने पर सहमति तो बन गई थी, लेकिन यह तभी संभव होगा, जब वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में यह पारित हो जाए। अभी एजीएम होने में काफी समय है। सीईपीसी ने जनवरी 2025 के एजीएम में सदस्यता शुल्क में करीब 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी थी। जिसे जून 2025 से लागू किया जा चुका है। पहले सदस्यता शुल्क के चार अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित थे।इसमें सलाना 50 लाख तक का कारोबार करने वाले निर्यातकों के लिए दो हजार, 50 लाख से एक करोड़ तक तीन हजार, एक करोड़ से 10 करोड़ तक के कारोबारियों को पांच हजार तथा 10 करोड़ से अधिक सलाना व्यवसाय करने वाले निर्यातकों को 10 हजार रुपये शुल्क देना होता था।बीते साल जून से दरों में लगभग 300 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए सभी निर्यातकों के एक स्लैब बनाकर शुल्क छह हजार रुपये कर दिया गया।
बीते दिनों आम निर्यातकों की ओर से शुल्क बढ़ोत्तरी पर सवाल उठाए जाने पर सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता ने बोर्ड की बैठक में दरों की समीक्षा किए जाने की मांग की थी।
इसमें दरों पर पुनर्विचार करने पर सहमती तो बन गई थी और कहा गया था कि इसे आगामी एजीएम में रखा जाएगा, लेकिन एजीएम में अभी महीनों का समय है और जब तक एजीएम की बैठक नहीं होती तब तक दरों पर पुनर्विचार संभव नहीं है।

छोटे उद्यमियों के हितों को ध्यान रखते हुए आगामी एजीएम में बढ़ी सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा, लेकिन जब तक एजीएम नहीं हो जाता,तब तक न‌ई शुल्क संरचना यथावत लागू रहेगी।

मुकेश कुमार गोम्बर, चेयरमैन सीईपीसी
वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।
राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

#aapfirstreactiontoraghavchadhanolongerkejriwals_soldier

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बच्चों को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए अभिभावक काम नहीं किताब दें: एबीएसए
*स्कूल के पुरस्कार वितरण समारोह में बोले खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल

मीरजापुर। नगर क्षेत्र से लगे सनबीम कान्वेन्ट स्कूल जिउती संडवा रोड के छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही अभिभावक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। जिसमें 257 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती की गई। जहां अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल ने बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए कार्यक्रम को प्रभावशाली बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा बच्चों को नित्य प्रति दिन कुछ बेहतर करने और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने, घरेलू कार्यों में न लगाने तथा बच्चों पर ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती स्नेहा ने किया। जबकि मंच का संचालन मनमोहन यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त अध्यापक स्टाफ व बच्चों सहित आसपास के ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को किया गया सम्मानित
*संस्कार युक्त शिक्षा देना एकेडमी का मुख्य उद्देश्य- डॉ शिव कुमार पाण्डेय*

*प्रतियोगिता में बेहतर स्थान लाकर छात्रों ने एकेडमी का नाम किया रोशन- धीरेंद्र त्रिपाठी*

*शारदा साइंस एकेडमी मुडेरा में पुरस्कारों का लगा बौछार*

*क्लास के सभी टॉपर को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित*

रमेश दूबे
*सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुंडेरा में सुलेख प्रतियोगिता,कला प्रतियोगिता,निबंध प्रतियोगिता,मेहंदी प्रतियोगिता,रंगोली प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को अध्ययन मेज,द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को दीवाल घड़ी,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को बाटल व मेडल पहनाकर सभी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया गया। इस दौरान सभी क्लासों के टॉपरो को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौजूद सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पाकार काफी खुश दिखे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी,सुमन त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं का भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्साहवर्धन किया जाता है। डॉ श्री पाण्डेय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा देना ही शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शारदा साइंस एकेडमी के छात्राओं ने अपने संस्कारों का प्रदर्शन करते हुए जिस तरह से सभी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है शारदा साइंस एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपने आने वाले समय में पूरे देश व प्रदेश में नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर इस अवसर पर संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी,शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव,रमाशंकर पाण्डेय,रंगनाथ पाण्डेय,धनंजय यादव,रविंद्र यादव,प्रेमचंद मौजूद रहे।
हिमालय सिंह के नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने पर शिक्षकों ने किया सम्मान
जौनपुर। सच्चा प्रतिभाशाली व्यक्ति विपरीत हालात में भी धैर्य, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अपनी पहचान बनाता है। विषम परिस्थितियाँ अक्सर प्रतिभा को निखारने वाली कसौटी साबित होती हैं, जहाँ आत्म-विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित बेसहूपुर, घनश्यामपुर निवासी अजय सिंह के सुपुत्र हिमालय सिंह ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का सम्मान बढ़ा दिया। पिता अजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां साधारण गृहणी हैं। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बजरंग इंटर कॉलेज ,घनश्यामपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके हिमालय सिंह हमेशा से ही विनम्र ,अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थी रहे। प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर पहुंचने वाले हिमालय सिंह का लक्ष्य आईएएस बनना है। सेवानिवृत शिक्षक तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उनके घर पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी,प्रवक्ता हृदय प्रकाश तिवारी, पुष्यमित्र दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ के बदलापुर अध्यक्ष उमेश मिश्रा, जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव, शशिधर तिवारी तथा डॉ जेपी शर्मा उपस्थित रहे। अजय सिंह ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित दिया।
17 जातियों को अनुसूचित में शामिल करने की मांग
*भाजपा सांसद डॉ विनोद कुमार बिंद ने लोकसभा में रखी मांग, तीन प्रदेशों में ये जातियां ओबीसी में है शामिल*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के भाजपा सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने लोकसभा में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में सम्मिलित करने की मांग की। कहा कि कई प्रदेशों यह 17 अति पिछड़ी जाति अनुसूचित जाति में हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में इन जातियों को ओबीसी में रखा गया है। उन्होंने बिंद, केवट, मल्लाह, विश्वकर्मा, प्रजापति, राजभर समेत 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की।
सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप धीमर, प्रजापति, राजभर, विश्वकर्मा सहित 17 अति पिछड़ी जातियां हैं। जिनको अनुसूचित जाति में शामिल करना आवश्यक है, क्योंकि यह मुद्दा इन जातियों के सम्मान, अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। कहा कि जब एक ही समाज एक ही जीवन शैली है तो अधिकार अलग-अलग क्यों है। यह सभी जातियां कई प्रदेशों में अनुसूचित जातियों में है, यहां तक की दिल्ली में भी अनुसूचित जातियों में इनको शामिल किया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में ओबीसी में रखा गया है। मांग करते हुए कहा कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक विशेष आरक्षण और योजनाओं का प्रावधान इन जातियों के लोगों के लिए किया जाए। सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय था। जिसको लोकसभा में प्रमुखता से उठाया गया है, क्योंकि यह 17 जातियों के सम्मान अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
कीमत घटे या बढ़े क्या मतलब, जब वाणिज्यिक सिलिंडर मिल ही नहीं रहे

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव


भदोही। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच देश में उपजे ईंधन संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सरकार ने एक महीने के अंदर वाणिज्यिक सिलिंडरों की कीमत 310 रुपये तक बढ़ा दी है। वहीं, घरेलू सिलिंडर की कीमतों में भी 60 रुपये की वृद्धि हुई है। भदोही के रेस्त्रां संचालकों का कहना है कि कीमत घटे या बढ़े क्या मतलब है। जब वाणिज्यिक सिलिंडर की आपूर्ति ही नहीं हो रही है। पिछले दिनों गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतार देखकर सरकार ने वाणिज्यिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। भदोही में ढाबा चलाने वाले रामू सोनकर का कहना है कि सरकार एक ओर कह रही है कि ईंधन की किल्लत नहीं है। फिर वाणिज्यिक सिलिंडर मिल क्यों नहीं रहा है।
बोर्ड परीक्षा : मूल्यांकन पूरा, अब परिणाम का इंतजार

*20 से 25 अप्रैल तक परिणाम जारी होने की संभावना 55 हजार विद्यार्थी हुए थे शामिल*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन  पूरा हो गया। शिक्षा विभाग उत्तर पुस्तिकाओं को सहेजकर परिषद को भेजने की तैयारी में जुट गया है। अब सभी की नजरें परिणाम पर टिकी हैं। अंतिम दिन इंटरमीडिएट की शेष 200 काॉपियां डेढ़ घंटे में जांची गईं। फरवरी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा संपन्न होने के बाद विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया। 18 मार्च से बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। परिषद की ओर से इस केंद्र पर हाईस्कूल की एक लाख 37 हजार व इंटरमीडिएट की 67 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने का लक्ष्य रखा गया था। 750 परीक्षकों ने 15 दिनों तक मेहनत करके कॉपियां जांच की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का मूल्यांकन पूरा हो गया। उप नियंत्रक मूल्यांकन प्रधानाचार्य आलोक तिवारी ने बताया कि हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। अंतिम दिन इंटरमीडिएट की 200 कॉपियां जांची गईं। परिषद से पत्र आने पर ही कापियों को भेजा जाएगा। इस बार जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 55 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। मूल्यांकन खत्म होने के बाद अब विद्यार्थियों की नजर परिणाम पर टिकी है। 2025 की तरह 20 अप्रैल के बाद परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।
निर्यातकों को एजीएम तक देनी होगी बढ़ी सदस्यता शुल्क

*एजीएम में करेंगे सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार,तब तक बढ़ा शुल्क ही लगेगा: चेयरमैन*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की बढ़ी सदस्यता शुल्क फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं। बीते दिनों सीईपीसी बोर्ड की बैठक में शुल्क कम करने पर सहमति तो बन गई थी, लेकिन यह तभी संभव होगा, जब वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में यह पारित हो जाए। अभी एजीएम होने में काफी समय है। सीईपीसी ने जनवरी 2025 के एजीएम में सदस्यता शुल्क में करीब 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी थी। जिसे जून 2025 से लागू किया जा चुका है। पहले सदस्यता शुल्क के चार अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित थे।इसमें सलाना 50 लाख तक का कारोबार करने वाले निर्यातकों के लिए दो हजार, 50 लाख से एक करोड़ तक तीन हजार, एक करोड़ से 10 करोड़ तक के कारोबारियों को पांच हजार तथा 10 करोड़ से अधिक सलाना व्यवसाय करने वाले निर्यातकों को 10 हजार रुपये शुल्क देना होता था।बीते साल जून से दरों में लगभग 300 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए सभी निर्यातकों के एक स्लैब बनाकर शुल्क छह हजार रुपये कर दिया गया।
बीते दिनों आम निर्यातकों की ओर से शुल्क बढ़ोत्तरी पर सवाल उठाए जाने पर सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता ने बोर्ड की बैठक में दरों की समीक्षा किए जाने की मांग की थी।
इसमें दरों पर पुनर्विचार करने पर सहमती तो बन गई थी और कहा गया था कि इसे आगामी एजीएम में रखा जाएगा, लेकिन एजीएम में अभी महीनों का समय है और जब तक एजीएम की बैठक नहीं होती तब तक दरों पर पुनर्विचार संभव नहीं है।

छोटे उद्यमियों के हितों को ध्यान रखते हुए आगामी एजीएम में बढ़ी सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा, लेकिन जब तक एजीएम नहीं हो जाता,तब तक न‌ई शुल्क संरचना यथावत लागू रहेगी।

मुकेश कुमार गोम्बर, चेयरमैन सीईपीसी
वरिष्ठ उपनिरीक्षक की हार्ट अटैक से मौत, टहलते समय आया हार्ट अटैक,सड़क पर गिरे
*2015 में सिपाही से बने थे उपनिरीक्षक

गोंडा।जिले के धानेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव (48) का शुक्रवार को देवरिया स्थित उनके पैतृक घर पर हार्ट अटैक से निधन हो गया है।वह एक अप्रैल को पांच दिन की छुट्टी लेकर अपने घर करमुआ थाना भाटपार रानी,देवरिया गये हुए थे।शुक्रवार सुबह वह अपने घर पर टहल रहे थे कि तभी अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे सड़क पर गिर गए।परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार,देवरिया ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सत्येंद्र कुमार यादव का अभी हाल ही में कटरा बाजार थाने से धानेपुर थाने में तबादला हुआ था और वे 2015 बैच के उपनिरीक्षक थे।इससे पहले उन्होंने सिपाही के रूप में अपनी सेवा दिया था और अपनी मेहनत से पदोन्नति प्राप्त किया था।सत्येंद्र कुमार यादव के निधन की सूचना मिलते ही धानेपुर थाने में शोक का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के साथ शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया है तथा उन्होंने मृतक उपनिरीक्षक के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सत्येंद्र कुमार यादव को एक मेहनती और अच्छे व्यक्ति के रूप में याद किया।उन्होंने कहा कि हमने अपने साथी सत्येंद्र कुमार यादव को श्रद्धांजलि दिया है।हमारे पूरे थाने की पुलिस फोर्स मृतक उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव के परिजनों के साथ खड़ी है।उन्होंने कहा कि हम लोगों को नहीं पता था कि छुट्टी लेकर घर के काम से जाएंगे और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो जाएगी।उनको कोई बीमारी भी नहीं थी,स्वस्थ थे।उनको थाने में कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है।
राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

#aapfirstreactiontoraghavchadhanolongerkejriwals_soldier

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

बच्चों को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए अभिभावक काम नहीं किताब दें: एबीएसए
*स्कूल के पुरस्कार वितरण समारोह में बोले खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल

मीरजापुर। नगर क्षेत्र से लगे सनबीम कान्वेन्ट स्कूल जिउती संडवा रोड के छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही अभिभावक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। जिसमें 257 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती की गई। जहां अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर रविन्द्र कुमार शुक्ल ने बच्चों को पुरस्कार वितरित करते हुए कार्यक्रम को प्रभावशाली बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा बच्चों को नित्य प्रति दिन कुछ बेहतर करने और बेहतर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने, घरेलू कार्यों में न लगाने तथा बच्चों पर ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती स्नेहा ने किया। जबकि मंच का संचालन मनमोहन यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त अध्यापक स्टाफ व बच्चों सहित आसपास के ग्रामीण भी उपस्थित रहे।