राजद नेता फिरोज अख्तर के आवास पर ईद मिलन समारोह का भव्य आयोजन
ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर शनिवार को राजद नेता मोहम्मद फिरोज अख्तर के आवास पर भव्य 'ईद मिलन समारोह' का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर फतुहा विधानसभा क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों और पत्रकारों ने शिरकत की। समारोह के दौरान फिरोज अख्तर ने क्षेत्र की जनता से आपसी प्रेम, सौहार्द और अटूट भाईचारे के साथ रहने की भावुक अपील की। आयोजन में राजद प्रखंड अध्यक्ष अरविंद यादव, जिला महासचिव भोला सिंह, जिलाध्यक्ष रोहित कुमार, प्रखंड सचिव विभू सिंह, विधायक प्रतिनिधि विनोद कुमार, युगेश्वर यादव, गौरीशंकर यादव और गुरुदेव प्रसाद समेत कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
"प्रकृति सुरक्षित, तो ही मानव सुरक्षित": सरहुल पूजा में शामिल हुए सीएम हेमंत सोरेन, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ।

रांची: झारखंड के महापर्व 'सरहुल' के पावन अवसर पर आज राजधानी रांची स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली में भक्ति, परंपरा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी सह विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ इस भव्य सरहुल पूजा महोत्सव में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से प्रकृति की पूजा-अर्चना की और समस्त राज्यवासियों की सुख, समृद्धि एवं उन्नति की मंगलकामना की।

मांदर की थाप पर झूमे मुख्यमंत्री

महोत्सव का सबसे खास पल वह रहा जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं अपने हाथों में मांदर थाम लिया। मांदर की गूँज और पारंपरिक धुनों के बीच मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय की खुशियों को साझा किया। उनके साथ कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी मांदर की थाप पर कदम मिलाए, जिससे वहां मौजूद हजारों छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँच गया।

"प्रकृति ही आदि और अंत है": मुख्यमंत्री का संबोधन

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "प्रकृति से ही सभी चीजों का सृजन होता है और अंत में प्रकृति में ही विलय होता है। अगर प्रकृति नहीं होती, तो मानव जीवन और इस संसार के किसी भी जीव-जंतु की कल्पना करना असंभव था।"

मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग की आपा-धापी का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से हमें ऐसी परंपराएं सौंपी हैं, जहाँ हम एक छत या एक पेड़ के नीचे एकत्रित होकर अपनी जड़ों से जुड़ते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इन समृद्ध परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने भौतिकवादी युग में प्रकृति की रक्षा को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब आदिवासी समाज की प्रकृति-पूजा की यह व्यवस्था पूरी दुनिया को रास्ता दिखाती है। "प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा अस्तित्व बचेगा," मुख्यमंत्री के इस संदेश ने वहां मौजूद युवाओं को प्रेरित किया।

शुभकामनाओं का दौर

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी समस्त झारखंड वासियों को सरहुल की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक है।

आदिवासी कॉलेज छात्रावास का ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वे हर वर्ष इस प्रांगण में आते रहे हैं और भविष्य में भी यहाँ के छात्र-छात्राओं से मिलने आते रहेंगे। करमटोली का यह छात्रावास परिसर वर्षों से सरहुल महोत्सव का मुख्य केंद्र रहा है, जहाँ राज्य के कोने-कोने से आए आदिवासी छात्र अपनी संस्कृति को जीवंत रखते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सरहुल महोत्सव के अवसर पर सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर की पूजा-अर्चना ,

रांची, 21 मार्च 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना की।

सरहुल महोत्सव झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा, "सरहुल महोत्सव हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और इसके संरक्षण का संदेश देता है।"

सरहुल की पारम्परिक रीति-रिवाज के तहत पूजन कार्य पाहन ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) का फूल खोंसकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। यह परंपरा प्रकृति एवं मानव के गहरे संबंध का प्रतीक मानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रकृति से ही मनुष्य की यात्रा शुरू होती और उसी में समाहित होती है। आज प्रकृति के उपासक के रूप में इसे सजाना-संवारना और इसको अपने साथ जोड़े रखने के लिए संकल्प लेने का दिन है।"

सरहुल महोत्सव के अवसर पर राज्य सरकार ने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत दो मुस्लिम समुदाय के जोड़ो साहित 103 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह,
मंत्री असीम अरुण ने दिया, वर बधू को आशीर्वाद
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज पी.एस.एम. कॉलेज प्रांगण कुल हरसोल्लास, उत्साह और शुभकामनाओं से सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में 103 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 2 जोड़े मुस्लिम समुदाय के भी सम्मिलित रहे, जो इस योजना की समावेशी एवं सर्वधर्म समभाव की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हो रहा यह विवाह समारोह अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। उन्होंने कहा, “विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच विश्वास, प्रेम और संस्कारों का अटूट बंधन है। आप सभी अपने जीवन की नई यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसमें परिश्रम, आपसी समझ और सम्मान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा स्वावलंबी बने, अपने कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़े तथा ‘सीएम युवा उद्यमी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करे। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं आपके जीवन को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आधार से जोड़कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके। यह योजना निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है।
    
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया that योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा ₹1,00,000 की धनराशि व्यय की जाती है, जिसमें ₹60,000 सीधे कन्या के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं, ₹25,000 की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा ₹15,000 विवाह आयोजन पर व्यय किया जाता है। कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  वैशाली, ब्लॉक प्रमुख कन्नौज, खंड विकास अधिकारी कन्नौज सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं वर-वधू के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में हर्ष, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का वातावरण व्याप्त रहा है।
ब्राह्मण हित की बात करने वाला ही देश पर राज करेगा : पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी
जौनपुर । जनपद के बक्सा क्षेत्र के सुजियामऊ गांव में पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय के आवास पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महा सभा रा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी रत्न पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी का आगमन हुआ जहां होली मिलन कार्यक्रम एवं लखनऊ में आयोजित प्रबुद्ध समागम सम्मेलन की सफलता के लिए पदाधिकारीयों एवं ब्राह्मणों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया वहीं सम्मेलन को लेकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने में विशेष आभार डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र प्राचार्य प्रदेश प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीपति उपाध्याय को माल्यार्पण कर अंग वस्त्र देकर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी आए हुए आगंतुकों को राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया तथा साथ ही जिला अध्यक्ष रत्नाकर चौबे द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को माल्यार्पण कर अंग वस्त्र देकर सम्मानित कर एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वहीं अपने वक्तव्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पूरे प्रदेश में सभी जिलों में जाकर जिन्होंने प्रबुद्ध समागम सम्मेलन में विशेष योगदान दिया है और समय दिया है, उन्हें मैं सम्मानित करूंगा वहीं प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जो ब्राह्मण हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा और और उसी पार्टी से हमारा साथ भी रहेगा वहीं भारतीय जनता पार्टी द्वारा ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे कुठाराघात को लेकर बयान देते हुए कहा कि जिस तरह से सवर्ण जाति को टारगेट कर उन्हें परेशान किया जा रहा है उसका खामियाजा 2027 चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को भुगतना होगा तथा यह भी कहा कि हमारे संगठन के सिपाही हर गांव में है वे ब्राह्मण संगठित होकरके उस व्यक्ति और उस पार्टी के प्रत्याशी का बहिष्कार करेंगे जिन्होंने यूजीसी एक्ट, दलित एक्ट व जातिगत आरक्षण को प्रश्रय दिया हैं। अंत में अपने बयान में कहा कि सभी संगठित होकर रहें जिससे किसी भी पार्टी को आपका भय सताए और वह कोई ऐसा कदम ना उठा पाए जो हमारे हित में ना हो। इस मौके पर जयेंद्र शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष, अजय त्रिपाठी, रमाशंकर पाठक पारसनाथ उपाध्याय, रविंद मिश्र, माला शुक्ला, माताफेर मिश्र, अनुज कुमार मिश्रा, संदीप दुबे, रामकुमार दुबे, प्रियांशु शर्मा, देवेंद्र तिवारी, डॉ रामनयन उपाध्याय, त्रिभुवन नाथ दुबे, श्रीकांत चतुर्वेदी, रमाशंकर उपाध्याय, राजेश कुमार उपाध्याय, हरीश तिवारी, नरेंद्र उपाध्याय, आकाश द्विवेदी, अनिल कुमार मिश्रा, अनुज तिवारी, अरविंद मिश्र, विवेक उपाध्याय, कृष्णा उपाध्याय, विद्यानंद उपाध्याय सुनील उपाध्याय, धर्मदत्त, ताराशंकर उपाध्याय, जगदीश पाठक, नित्यानंद, शुभम उपाध्याय विष्णु उपाध्याय तथा सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
“LPG सप्लाई में 20% बढ़ोतरी: केंद्र का बड़ा फैसला, होटल-ढाबों और उद्योगों को प्राथमिकता”
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 23 मार्च से लागू होंगे।
इस निर्णय के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भी 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई सप्लाई का लाभ विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि खाद्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस सप्लाई का किसी प्रकार से दुरुपयोग न हो और इसका सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलती रहे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
माघ मेला–2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज को द्वितीय स्थान(चल वैजयन्ती)से सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नोडल अधिकारी पीएसी माघ मेला सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्र(आईपीएस)के कुशल एवं प्रभावी निर्देशन में चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज की कम्पनी जिसके प्रभारी सीसी विनय कुमार सिंह है द्वारा माघ मेला–2026 के दौरान उत्कृष्ट अनुशासन सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया उक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन के फलस्वरूप चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज को माघ मेला–2026 में तैनात कुल 17 कम्पनियो के मध्य द्वितीय स्थान(चल वैजयन्ती) प्राप्त हुआ।यह सम्मान पीएसी मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण(आईपीएस)एवं अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी)रामकृष्ण स्वर्णकार (आईपीएस)द्वारा सीसी विनय कुमार सिंह को प्रदान किया गया।यह उपलब्धि वाहिनी की उत्कृष्ट कार्यशैली अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है जो सम्पूर्ण बल के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है।

सिरसा के जामा मस्जिद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद का त्योहार।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत मेजा क्षेत्र के सिरसा कस्बे की जामा मस्जिद में ईद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही नमाजियों की भीड़ मस्जिद की ओर उमड़ने लगी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर, इत्र लगाकर और सज-धज कर ईदगाह व मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की। निर्धारित समय पर ईद की नमाज अदा की गई,जिसमें इमाम साहब ने सभी को अमन,शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।“ईद मुबारक” की गूंज पूरे इलाके में सुनाई देती रही। छोटे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर अपने बड़ों से ईदी लेने में खुश नजर आए। वहीं महिलाओं ने भी घरों में तरह-तरह के पकवान जैसे सेवइयां, मिठाइयां और अन्य व्यंजन तैयार किए।इस मौके पर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया।मस्जिद के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए ज़गए थे, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लिया।ईद का यह पर्व आपसी प्रेम भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है।सिरसा में भी इस त्योहार ने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया। सभी समुदाय के लोगों ने एक- दूसरे के घर जाकर बधाइयां दीं और मिठाइयां बांटीं।कुल मिलाकर सिरसा में ईद का त्योहार शांति सद्भाव और उल्लास के वातावरण में मनाया गया, जिसने लोगों के दिलों में खुशी और एकता का संदेश भर दिया।पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम कृष्ण और पप्पू यादव सुद्दू अनस सबनाएं कुरैशी मोहम्मद आरिफ समीर इरफान अली सानू कुरेशी मिराज अंसारी टॉपिक उपस्थित रहे

“09 वर्षों में विकास की नई गाथा: रोजगार, समरसता और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी के मंझनपुर बस डिपो परिसर में आयोजित “गौरव प्रतिमा अनावरण” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंझनपुर को समरसता का केंद्र बनाने का प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के साथ “सबको रोजगार” सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर संचालित मोबाइल यूनिट वितरित की गई। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और लगभग 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में दंगों पर पूर्ण नियंत्रण रहा है। सरकार गरीब कल्याण, किसान सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मौर्य ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाकर पहले 300 रुपये से 1000 रुपये और अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और जनधन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक देश और प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक बनने वाले रामवन गमन मार्ग और प्रयागराज एयरपोर्ट से कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
गो-आश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, हर गोशाला में बनेगा ‘भूसा बैंक’
* उत्कृष्ट गोसेवकों का होगा सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र में योगदान देने वालों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शनिवार को गोसेवा आयोग के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित किया जाए और हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसानों से समन्वय बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को भी इन स्थलों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर भी बल दिया गया, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाई जा सके।
निरीक्षण व्यवस्था को सख्त करते हुए उन्होंने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में प्रदेश भर में भ्रमण कर गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किया गया है, जिनके उचित भरण-पोषण और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं और कई जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। गोचर भूमि के उपयोग, हरे चारे के विकास और गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ द्वारा गोबर से बने उत्पादों को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
राजद नेता फिरोज अख्तर के आवास पर ईद मिलन समारोह का भव्य आयोजन
ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर शनिवार को राजद नेता मोहम्मद फिरोज अख्तर के आवास पर भव्य 'ईद मिलन समारोह' का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर फतुहा विधानसभा क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों और पत्रकारों ने शिरकत की। समारोह के दौरान फिरोज अख्तर ने क्षेत्र की जनता से आपसी प्रेम, सौहार्द और अटूट भाईचारे के साथ रहने की भावुक अपील की। आयोजन में राजद प्रखंड अध्यक्ष अरविंद यादव, जिला महासचिव भोला सिंह, जिलाध्यक्ष रोहित कुमार, प्रखंड सचिव विभू सिंह, विधायक प्रतिनिधि विनोद कुमार, युगेश्वर यादव, गौरीशंकर यादव और गुरुदेव प्रसाद समेत कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
"प्रकृति सुरक्षित, तो ही मानव सुरक्षित": सरहुल पूजा में शामिल हुए सीएम हेमंत सोरेन, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ।

रांची: झारखंड के महापर्व 'सरहुल' के पावन अवसर पर आज राजधानी रांची स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली में भक्ति, परंपरा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी सह विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ इस भव्य सरहुल पूजा महोत्सव में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से प्रकृति की पूजा-अर्चना की और समस्त राज्यवासियों की सुख, समृद्धि एवं उन्नति की मंगलकामना की।

मांदर की थाप पर झूमे मुख्यमंत्री

महोत्सव का सबसे खास पल वह रहा जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं अपने हाथों में मांदर थाम लिया। मांदर की गूँज और पारंपरिक धुनों के बीच मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय की खुशियों को साझा किया। उनके साथ कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी मांदर की थाप पर कदम मिलाए, जिससे वहां मौजूद हजारों छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँच गया।

"प्रकृति ही आदि और अंत है": मुख्यमंत्री का संबोधन

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "प्रकृति से ही सभी चीजों का सृजन होता है और अंत में प्रकृति में ही विलय होता है। अगर प्रकृति नहीं होती, तो मानव जीवन और इस संसार के किसी भी जीव-जंतु की कल्पना करना असंभव था।"

मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग की आपा-धापी का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से हमें ऐसी परंपराएं सौंपी हैं, जहाँ हम एक छत या एक पेड़ के नीचे एकत्रित होकर अपनी जड़ों से जुड़ते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इन समृद्ध परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने भौतिकवादी युग में प्रकृति की रक्षा को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब आदिवासी समाज की प्रकृति-पूजा की यह व्यवस्था पूरी दुनिया को रास्ता दिखाती है। "प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा अस्तित्व बचेगा," मुख्यमंत्री के इस संदेश ने वहां मौजूद युवाओं को प्रेरित किया।

शुभकामनाओं का दौर

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी समस्त झारखंड वासियों को सरहुल की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक है।

आदिवासी कॉलेज छात्रावास का ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वे हर वर्ष इस प्रांगण में आते रहे हैं और भविष्य में भी यहाँ के छात्र-छात्राओं से मिलने आते रहेंगे। करमटोली का यह छात्रावास परिसर वर्षों से सरहुल महोत्सव का मुख्य केंद्र रहा है, जहाँ राज्य के कोने-कोने से आए आदिवासी छात्र अपनी संस्कृति को जीवंत रखते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सरहुल महोत्सव के अवसर पर सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर की पूजा-अर्चना ,

रांची, 21 मार्च 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना की।

सरहुल महोत्सव झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा, "सरहुल महोत्सव हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और इसके संरक्षण का संदेश देता है।"

सरहुल की पारम्परिक रीति-रिवाज के तहत पूजन कार्य पाहन ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) का फूल खोंसकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। यह परंपरा प्रकृति एवं मानव के गहरे संबंध का प्रतीक मानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रकृति से ही मनुष्य की यात्रा शुरू होती और उसी में समाहित होती है। आज प्रकृति के उपासक के रूप में इसे सजाना-संवारना और इसको अपने साथ जोड़े रखने के लिए संकल्प लेने का दिन है।"

सरहुल महोत्सव के अवसर पर राज्य सरकार ने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कन्नौज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत दो मुस्लिम समुदाय के जोड़ो साहित 103 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह,
मंत्री असीम अरुण ने दिया, वर बधू को आशीर्वाद
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आज पी.एस.एम. कॉलेज प्रांगण कुल हरसोल्लास, उत्साह और शुभकामनाओं से सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में 103 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 2 जोड़े मुस्लिम समुदाय के भी सम्मिलित रहे, जो इस योजना की समावेशी एवं सर्वधर्म समभाव की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हो रहा यह विवाह समारोह अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। उन्होंने कहा, “विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच विश्वास, प्रेम और संस्कारों का अटूट बंधन है। आप सभी अपने जीवन की नई यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसमें परिश्रम, आपसी समझ और सम्मान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा स्वावलंबी बने, अपने कौशल और शिक्षा के बल पर आगे बढ़े तथा ‘सीएम युवा उद्यमी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करे। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं आपके जीवन को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आधार से जोड़कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके। यह योजना निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है।
    
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया that योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा ₹1,00,000 की धनराशि व्यय की जाती है, जिसमें ₹60,000 सीधे कन्या के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं, ₹25,000 की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा ₹15,000 विवाह आयोजन पर व्यय किया जाता है। कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  वैशाली, ब्लॉक प्रमुख कन्नौज, खंड विकास अधिकारी कन्नौज सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं वर-वधू के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में हर्ष, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का वातावरण व्याप्त रहा है।
ब्राह्मण हित की बात करने वाला ही देश पर राज करेगा : पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी
जौनपुर । जनपद के बक्सा क्षेत्र के सुजियामऊ गांव में पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय के आवास पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महा सभा रा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी रत्न पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी का आगमन हुआ जहां होली मिलन कार्यक्रम एवं लखनऊ में आयोजित प्रबुद्ध समागम सम्मेलन की सफलता के लिए पदाधिकारीयों एवं ब्राह्मणों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया वहीं सम्मेलन को लेकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने में विशेष आभार डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र प्राचार्य प्रदेश प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीपति उपाध्याय को माल्यार्पण कर अंग वस्त्र देकर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी आए हुए आगंतुकों को राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया तथा साथ ही जिला अध्यक्ष रत्नाकर चौबे द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को माल्यार्पण कर अंग वस्त्र देकर सम्मानित कर एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वहीं अपने वक्तव्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पूरे प्रदेश में सभी जिलों में जाकर जिन्होंने प्रबुद्ध समागम सम्मेलन में विशेष योगदान दिया है और समय दिया है, उन्हें मैं सम्मानित करूंगा वहीं प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जो ब्राह्मण हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा और और उसी पार्टी से हमारा साथ भी रहेगा वहीं भारतीय जनता पार्टी द्वारा ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे कुठाराघात को लेकर बयान देते हुए कहा कि जिस तरह से सवर्ण जाति को टारगेट कर उन्हें परेशान किया जा रहा है उसका खामियाजा 2027 चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को भुगतना होगा तथा यह भी कहा कि हमारे संगठन के सिपाही हर गांव में है वे ब्राह्मण संगठित होकरके उस व्यक्ति और उस पार्टी के प्रत्याशी का बहिष्कार करेंगे जिन्होंने यूजीसी एक्ट, दलित एक्ट व जातिगत आरक्षण को प्रश्रय दिया हैं। अंत में अपने बयान में कहा कि सभी संगठित होकर रहें जिससे किसी भी पार्टी को आपका भय सताए और वह कोई ऐसा कदम ना उठा पाए जो हमारे हित में ना हो। इस मौके पर जयेंद्र शुक्ला वाराणसी मंडल अध्यक्ष, अजय त्रिपाठी, रमाशंकर पाठक पारसनाथ उपाध्याय, रविंद मिश्र, माला शुक्ला, माताफेर मिश्र, अनुज कुमार मिश्रा, संदीप दुबे, रामकुमार दुबे, प्रियांशु शर्मा, देवेंद्र तिवारी, डॉ रामनयन उपाध्याय, त्रिभुवन नाथ दुबे, श्रीकांत चतुर्वेदी, रमाशंकर उपाध्याय, राजेश कुमार उपाध्याय, हरीश तिवारी, नरेंद्र उपाध्याय, आकाश द्विवेदी, अनिल कुमार मिश्रा, अनुज तिवारी, अरविंद मिश्र, विवेक उपाध्याय, कृष्णा उपाध्याय, विद्यानंद उपाध्याय सुनील उपाध्याय, धर्मदत्त, ताराशंकर उपाध्याय, जगदीश पाठक, नित्यानंद, शुभम उपाध्याय विष्णु उपाध्याय तथा सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
“LPG सप्लाई में 20% बढ़ोतरी: केंद्र का बड़ा फैसला, होटल-ढाबों और उद्योगों को प्राथमिकता”
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 23 मार्च से लागू होंगे।
इस निर्णय के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भी 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई सप्लाई का लाभ विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि खाद्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस सप्लाई का किसी प्रकार से दुरुपयोग न हो और इसका सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलती रहे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
माघ मेला–2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज को द्वितीय स्थान(चल वैजयन्ती)से सम्मानित।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।नोडल अधिकारी पीएसी माघ मेला सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्र(आईपीएस)के कुशल एवं प्रभावी निर्देशन में चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज की कम्पनी जिसके प्रभारी सीसी विनय कुमार सिंह है द्वारा माघ मेला–2026 के दौरान उत्कृष्ट अनुशासन सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया उक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन के फलस्वरूप चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज को माघ मेला–2026 में तैनात कुल 17 कम्पनियो के मध्य द्वितीय स्थान(चल वैजयन्ती) प्राप्त हुआ।यह सम्मान पीएसी मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण(आईपीएस)एवं अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी)रामकृष्ण स्वर्णकार (आईपीएस)द्वारा सीसी विनय कुमार सिंह को प्रदान किया गया।यह उपलब्धि वाहिनी की उत्कृष्ट कार्यशैली अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है जो सम्पूर्ण बल के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है।

सिरसा के जामा मस्जिद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईद का त्योहार।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत मेजा क्षेत्र के सिरसा कस्बे की जामा मस्जिद में ईद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही नमाजियों की भीड़ मस्जिद की ओर उमड़ने लगी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर, इत्र लगाकर और सज-धज कर ईदगाह व मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की। निर्धारित समय पर ईद की नमाज अदा की गई,जिसमें इमाम साहब ने सभी को अमन,शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।“ईद मुबारक” की गूंज पूरे इलाके में सुनाई देती रही। छोटे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर अपने बड़ों से ईदी लेने में खुश नजर आए। वहीं महिलाओं ने भी घरों में तरह-तरह के पकवान जैसे सेवइयां, मिठाइयां और अन्य व्यंजन तैयार किए।इस मौके पर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया।मस्जिद के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए ज़गए थे, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लिया।ईद का यह पर्व आपसी प्रेम भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है।सिरसा में भी इस त्योहार ने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया। सभी समुदाय के लोगों ने एक- दूसरे के घर जाकर बधाइयां दीं और मिठाइयां बांटीं।कुल मिलाकर सिरसा में ईद का त्योहार शांति सद्भाव और उल्लास के वातावरण में मनाया गया, जिसने लोगों के दिलों में खुशी और एकता का संदेश भर दिया।पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम कृष्ण और पप्पू यादव सुद्दू अनस सबनाएं कुरैशी मोहम्मद आरिफ समीर इरफान अली सानू कुरेशी मिराज अंसारी टॉपिक उपस्थित रहे

“09 वर्षों में विकास की नई गाथा: रोजगार, समरसता और सशक्तिकरण पर सरकार का जोर”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी के मंझनपुर बस डिपो परिसर में आयोजित “गौरव प्रतिमा अनावरण” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंझनपुर को समरसता का केंद्र बनाने का प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के साथ “सबको रोजगार” सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर संचालित मोबाइल यूनिट वितरित की गई। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं और लगभग 9 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में दंगों पर पूर्ण नियंत्रण रहा है। सरकार गरीब कल्याण, किसान सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मौर्य ने बताया कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाकर पहले 300 रुपये से 1000 रुपये और अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और जनधन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक देश और प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक बनने वाले रामवन गमन मार्ग और प्रयागराज एयरपोर्ट से कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और महापुरुषों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
गो-आश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, हर गोशाला में बनेगा ‘भूसा बैंक’
* उत्कृष्ट गोसेवकों का होगा सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र में योगदान देने वालों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शनिवार को गोसेवा आयोग के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित किया जाए और हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसानों से समन्वय बनाया जाए। साथ ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को भी इन स्थलों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सीएसआर फंड के उपयोग पर भी बल दिया गया, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती लाई जा सके।
निरीक्षण व्यवस्था को सख्त करते हुए उन्होंने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में प्रदेश भर में भ्रमण कर गोशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरकर नियमित निगरानी करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किया गया है, जिनके उचित भरण-पोषण और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं और कई जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। गोचर भूमि के उपयोग, हरे चारे के विकास और गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ द्वारा गोबर से बने उत्पादों को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।