केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला
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केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट
यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार
थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।




*शिकायतकर्ता को गाली गलौज कर धमकाने का मामला

संस्थान के संचालक एवं निदेशक बिलेंद्र कुमार ने बताया कि यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक प्रेरणादायक कदम है।
नीतीश कुमार ने 500 में 451 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। गोलू कुमार ने 427 अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि भगवान वीर कुमार 419 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहे। इसके अलावा बबलू कुमार (433 अंक), अरनम कुमार (426 अंक), रंजीत कुमार (408 अंक), अनुप्रिया (407 अंक), प्रिया कुमारी (405 अंक), नंदनी कुमारी (397 अंक), भोला कुमार (387 अंक), अमर कुमार (383 अंक), गीतांजलि कुमारी (378 अंक) और भारती कुमारी (371 अंक) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार, संस्थान और जिले का नाम रोशन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा का संचार हुआ। संस्थान की ओर से जानकारी दी गई कि 11वीं कक्षा का नया बैच 7 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है।
साथ ही 8वीं, 9वीं, 10वीं (सभी विषय), 9वीं-10वीं स्पेशल मैथ, 11वीं-12वीं (मैथ एवं केमिस्ट्री) तथा जीडी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं और शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
जहानाबाद घोसी थाना क्षेत्र के ग्राम भारथु निवासी स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का 22 मार्च 2026, रविवार को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहांत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह अपने पीछे एक संस्कारित और समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार एवं अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन सहित पौत्र धीरज कुमार और अजय कुमार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताया जाता है कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उदय नारायण सिंह के भाई थे, जिससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और देशभक्ति की पहचान जुड़ी रही। परिवार में डॉ. विजय कुमार सिन्हा (अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन), अरुण कुमार तथा मनोज कुमार रंजन जैसे प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित स्थान रखते हैं। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह की एक विशेष पहचान यह भी रही कि उन्होंने अपने सभी आठ भतीजों का पालन-पोषण अपने पुत्रों की तरह किया और उन्हें शिक्षित एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रह्मभोज के अवसर पर ब्राह्मणों को वस्त्र एवं बर्तन दान किए गए, जो उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक रहा, जिसे क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद करते
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पति पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और कार्यवाही में जुट गई है।
दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के मढ़हा गांव का। आज शाम इसी गांव के रहने वाले शंभू दयाल कोरी का अपनी पत्नी रंजू से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि शंभू ने अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी की पिटाई के बाद बौखलाए पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में उस मासूम ने तुरंत दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
ग्राम प्रधान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता शंभू दयाल को हिरासत में ले लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों से बातचीत के बाद पुलिस आरोपी पिता शंभू को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही है।
आमस प्रखंड के अकौना गांव में संचालित नौशाद कोचिंग सेंटर में छात्र-छात्राओं के लिए शुक्रवार को सम्मान का आयोजन किया गया। जहां मैट्रिक और इंटरमीडिएट में शानदार सफलता हासिल करने वाले 82 छात्रों को मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। कोचिंग के डायरेक्टर नौशाद आलम ने बताया की मैट्रिक में 48 और इंटरमीडिएट में 34 बच्चों ने अच्छे अंकों के साथ परीक्षा पास किया है। इनके हौसला अफ़ज़ाई में एक समारोह का आयोजन किया गया। अतिथि के रूप में शामिल सिफार संस्था के शिकोह अलबदर और मुस्कान फाउंडेशन के फाउंडर इमरोज़ अली ने होनहार छात्रों को सम्बोधित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया और आगे की पढ़ाई जारी रख अपने मंज़िल को प्राप्त करने की सलाह दी। कहा जो अच्छे संस्कार के साथ शिक्षा हासिल करते है उसे कामयाबी अवश्य मिलती है। मौके पर छात्र नासीर, इरशाद, ज़ैद, श्रवण, रंधीर, आदित्या, धीरज, छात्रा कुसुम, भारती, सुम्बुल, अफसाँ, नीतू, रहनुमा, फ़िज़ा आदि उपस्थित थे।

51 min ago
2021 की वह ऐतिहासिक गिरफ्तारी
प्रशांत बोस को पकड़ना सुरक्षा बलों के लिए दशकों की सबसे बड़ी कामयाबी थी। साल 2021 में झारखंड के तत्कालीन डीजीपी नीरज सिन्हा, आईजी अभियान अमोल वी. होमकर और आईबी की संयुक्त टीम ने उसे सरायकेला के कांड्रा से दबोचा था। उस समय डीजीपी ने बताया था कि प्रशांत बोस माओवादी संगठन के रहस्यों का 'महासागर' है, जिसकी गिरफ्तारी ने संगठन की कमर तोड़ दी थी।
नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने ही देश से नक्सलवाद के लगभग समाप्त होने की घोषणा की थी। केंद्र और राज्य सरकारों के साझा ऑपरेशनों, मजबूत इच्छाशक्ति और विकास कार्यों ने माओवाद को समाज की जड़ों से उखाड़ फेंका है। प्रशांत बोस की मौत के साथ ही अब वह विचारधारा भी इतिहास के पन्नों में सिमटने की कगार पर है जिसने दशकों तक देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी।
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