जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर पर कैश मिलने के मामले में चल रही है जांच
ॉ#allahabadjusticeyashwantvermasubmitsresignationto_president
कैश कांड में फंसे इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहते उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वे विवादों से घिर गए थे।
![]()
जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है।
पिछले साल मार्च में घर से मिले थे जले हुए नोट
पिछले साल मार्च के महीने में जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर से जले हुए नोट मिले थे। इस समय वह दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे। घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था।
एक साल से चल रही जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ पिछले साल अगस्त में बहुदलीय नोटिस लोकसभा में लाया गया था। इस नोटिस में यशवंत वर्मा को न्यायाधीश के पद से हटाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी.आचार्य शामिल थे। इसी साल फरवरी में ओम बिरला ने न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया। समिति की जांच चल रही है और जल्द ही जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाया जा सकता है।




फर्रुखाबाद l प्रदेश में आलू की कीमतों में आई भारी मंदी और कर्ज के बोझ ने एक बार फिर किसानों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया है। एटा, कन्नौज और अलीगढ़ जिलों से आई किसानों की आत्महत्या की खबरों ने कृषि जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 'आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उ.प्र.' के निदेशक और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कटियार ने प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मृतक किसानों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
फर्रुखाबाद l शासन स्तर से फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा किए जाने के बावजूद सहयोग न किए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए 7 जनसेवा केंद्रों के संचालकों को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इन जन से वा केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं l जनसेवा केंद्रों में विपिन जनसेवा केंद्र पिपरगांव, भूप सिंह जनसेवा केंद्र पिपरगांव, मुर्शीद राणा जनसेवा केंद्र याकूतगंज, सतगुरु जन सेवा केंद्र मदनपुर, रामू जनसेवा केंद्र त्योरखास, परवेज अहमद जन सेवा केंद्र जरारी तथा संदीप जनसेवा केंद्र सिरौली शामिल हैं।

विभूति नारायण इंटर कॉलेज मैदान में विधायक विपुल दुबे ने किया भूमि पूजन, हाईमास्ट व शहीद स्मारक सौंदर्यीकरण की भी उठी मांग
1 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1