बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
आजमगढ़ के कप्तानगंज स्थित बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आजमगढ़ विवेक रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. नवल किशोर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य चंडेश्वर पीजी कॉलेज वेद प्रकाश उपाध्याय ने की।मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।विशिष्ट अतिथि डॉ. नवल किशोर ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि यही मंच बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधीर तिवारी एवं ऋषिकेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश मिश्र (प्रवक्ता, हिंदी) ने कुशलतापूर्वक किया।कार्यक्रम के व्यवस्थापक विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र नाथ चौबे एवं रविंद्र नाथ चौबे रहे, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर जयराम उपाध्याय, हरीश पाठक, वीर भद्र प्रताप सिंह, महाप्रधान विशाल सेठ, चंचल यादव, सपा प्रवक्ता श्रीकांत चौबे, यशवंत सिंह, साकेत चतुर्वेदी, संजय राय (प्रबंधक इनोवेटिव), डॉ. निधि पाण्डेय, डॉ. शुभम पाण्डेय, आजाद सिंह, नागेंद्र यादव, दिनेश तिवारी, दुर्गा प्रसाद पाठक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वार्षिकोत्सव समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति को भी समान महत्व देता है।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
साधकों की साधनास्थली रही है बाबा बड़ेशिव धाम
*मंदिर का सुरम्य वातावरण करता है आकर्षित*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केन्द्र बाबा बड़े शिव मंदिर का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर का सुरम्य वातावरण हर किसी को आकर्षित करता है। शायद यहीं कारण है कि यह मंदिर परिसर निर्माण काल से ही साधकों की साधना स्थली रही है। यहां मोरंग के राजा के साथ ही मौनी स्वामी ने साधना की थी। वहीं आज भी जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागा साधु एक महीने तक यहां रूक कर भोलेनाथ की साधना करते हैं।
मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 16वीं शताब्दी में हुआ था। तब मंदिर के चारों ओर घनघोर जंगल हुआ करता था। जिसमें पलाश के वृक्ष अधिक थे। बताया जाता है कि एक बार अयोध्या के राजा शिकार करने जंगल में आये थे। वे भूख प्यास से व्याकुल थे, तो एक साधु ने उनको दर्शन दिया और उनकी प्यास बुझाई । मान्यता है कि जहां साधु ने उन्हें दर्शन दिया था। उसी स्थान पर राजा ने एक शिवलिंग की स्थापना की। कालांतर में शिवलिंग जमीन के अंदर चला गया। एक दिन नगर के एक धार्मिक व्यक्ति के घर सर्प आया। सर्प को देख आसपास के लोग उसे मारने को दौड़ पड़े, लेकिन उस व्यक्ति ने उन्हें रोकते हुए जिस ओर नाग देवता चले। अनायास ही उसी ओर चल पड़े। जंगल में पहुंचने के बाद सर्प एक जगह पर अपना फन पटकने लगा। जहां खुदाई की गई तो भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन हुआ। उसके बाद से ही यह लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र हो गया मंदिर का सुरम्य वातावरण न सिर्फ आम लोगों को बल्कि साधु-संतों को भी आकर्षित करता है। इस मंदिर की एक और खासियत है। मंदिर के चारों तरफ हनुमान जी मूर्ति विराजमान है। मंदिर के ठीक सामने एक प्राचीन तालाब है। जिसमें कमल पुष्प सुशोभित होते हैं। इसके अलावा चारों तरफ घने पेड़ों का परिक्षेत्र है। यह साधकों को भी आकर्षित करती है। लगभग 60 वर्ष पूर्व मोरंग के राजा, जो राजा बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस स्थान को अपनी तपस्थली बनाई। इसी तरह मौनी स्वामी ने भी यहीं पर पीपल के वृक्ष के नीचे साधना की। पीपल का वृक्ष आज भी है। जनवरी-फरवरी में महाकुंभ के समय नागा साधु एक महीने तक मंदिर पर प्रवास कर साधना करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।
गैंगस्टर बाप बेटे पर हुई कार्रवाई,52.42 लाख की संपत्ति हुई कुर्क
*बैंक खातों में रखे हुए रुपये हुए फ्रीज

गोंडा।जिले की देहात कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश पर कुख्यात अपराधी मोहम्मद खलील व उसके बेटे चांद बाबू की 52.42 लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की है।यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर की गयी,जिसमें उनके बैंक खातों में जमा अवैध कमाई को फ्रीज कर दिया गया है।इससे पहले गोंडा पुलिस ने 7 सितंबर 2024 को मोहम्मद खलील व चांद बाबू को गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था,हालांकि उन्हें 15 दिन के अंदर ही जमानत मिल गई थी और वे जेल से बाहर आ गये थे।देहात कोतवाली पुलिस व सदर तहसील प्रशासन मोहम्मद खलील व चांद बाबू की अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहा है।अवैध कमाई से अर्जित की गयी ऐसी अन्य संपत्तियों को भी जल्द ही कुर्क किया जाएगा।देहात कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद खलील व उसके बेटे चांद बाबू एक संगठित गिरोह के सरगना व सदस्य हैं।उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध भूमि कब्जे जैसी असामाजिक गतिविधियों से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।न्यायालय अपर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में मोहम्मद खलील और चांद बाबू के बैंक आफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक खातों में जमा कुल धनराशि 52लाख,42हजार,632रुपए व49 पैसे की धनराशि कुर्क की गयी है और इव खातों से किसी भी प्रकार के लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है तथा उपजिलाधिकारी सदर को कुर्क की गयी संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है,साथ ही बैंक प्रबंधकों को खाते से लेनदेन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को नायब तहसीलदार के साथ मिलकर इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।इसके साथ ही आरोपियों को तीन महीने का समय दिया गया है ताकि वे अपनी संपत्ति के वैध स्रोतों से संबंधित प्रमाण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकें और यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो पुलिस द्वारा उनकी संपत्तियों के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
खेत में नुकसान रोकने पर गांव वालों ने बुजुर्ग को पीटकर मार डाला
गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूपुर गांव में बीती शाम लगभग 7 बजे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मारपीट के दौरान मौत हो गई।बताते चलें कि बच्चा राम चौबे नाम का यह बुजुर्ग अपने खेत में नुकसान कर रहे कुछ बुजुर्गों को रोकने गये थे,जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गयी कि तभी बच्चा राम चौबे मौके पर गिर गए।उसके तत्काल बाद मौके पर मौजूद लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर बच्चा राम चौबे की मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची कटरा बाजार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तो वहीं थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।कटरा बाजार पुलिस ने मृतक के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी किया तो परिजनों ने बताया कि गांव के कुछ लोग उनके गन्ने के खेत को नुकसान पहुंचा रहे थे और जब बच्चा राम चौबे ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने उन पर लात घूंसों से हमला कर दिया जिससे वह मौके पर ही गिरकर  बेहोश हो गए थे।

कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है,हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि बच्चा राम चौबे फाइलेरिया के मरीज थे और उनकी मौत हार्ट अटैक से भी हो सकती है।पुलिस परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।मृतक बच्चा राम चौबे के भाई सियाराम चौबे ने कटरा बाजार थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया है,जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरे भाई खेत की रखवाली कर रहे थे और उसी समय गन्ने के खेत में राधे श्याम चौबे,पूरन चौबे,राघव राम चौबे की पत्नी कुटू चौबे,पूरन चौबे की पत्नी रेनू चौबे और विकास चौबे घात लगाए बैठे थे।खेत में नुकसान करने से जब इन्होंने विरोध किया तो लाठी डंडों, मुक्का थप्पड़ से मार कर उनकी हत्या कर दिया।
गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता का आयोजन
लहरपुर सीतापुर क्षेत्र के ग्राम चंदेसुआ में आयोजित किया गया शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता। रविवार को पंडित हरिद्वार लाल स्मृति महिला महाविद्यालय, चन्देसुआ, के तत्वावधान में ज्ञान खोज प्रतियोगिता–2026 का सफल आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा स्नातक एवं परास्नातक स्तर तक के 1500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार पांडे सरल ने बताया कि ज्ञान खोज प्रतियोगिता का परिणाम निर्णायक मंडल द्वारा आगामी 15 मार्च को किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा उन्होंने बताया कि क्षेत्र के मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज लहरपुर, आदर्श कैलाश नाथ इंटर कॉलेज लहरपुर,बीएलएसडी पब्लिक स्कूल खनियापुर, बांकेलाल छैल बिहारी इंटर कॉलेज उमरिया, राजकुमार इंटर कॉलेज सेखनापुर, ओएनजीसी कम्युनिटी स्कूल पैतला, श्याम श्याम पब्लिक स्कूल ककराही, इंद्रेश वर्मा बाल विद्या मंदिर महादेव, अटरा, पब्लिक इंटर कॉलेज महादेव सहित क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया, उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, बौद्धिक क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना तथा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्य वन संरक्षक ने ड्रमंडगंज वनरेंज का निरीक्षण कर मातहतों को दिया आवश्यक निर्देश
ड्रमंड गंज मिर्जापुर : मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने रविवार को ड्रमंडगंज वन रेंज का निरीक्षण कर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मुख्य वन संरक्षक ने कटरा कंपार्टमेंट नंबर एक में बीस हेक्टेयर में कराए जा रहे अग्रिम मृदा कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। वन क्षेत्र में विगत वर्षों में रोपे गए पौधों के नदारद होने पर नाराजगी जताई। रेंजर वीरेंद्र कुमार तिवारी और मौजूद वनकर्मियों को वनों तथा वन्य जीवों की सुरक्षा में लापरवाही नही बरतने की हिदायत दी। मुख्य वन संरक्षक ने सुखड़ा पौधशाला में चार हेक्टेयर भूमि में तीन लाख सत्तानवे हजार अवशेष पौधों के साथ एक लाख वर्तमान आम, अमरुद , आंवला, महुआ, आंवला , चिलबिल, सागौन,कट सागौन,करंज बांस,नीम आदि प्रजाति के उगाए जा रहे पौधों का निरीक्षण किया। पौधों की समय-समय से सिंचाई व समुचित देखभाल करने के लिए कहा कि पौधौ के रखरखाव में अगर किसी प्रकार की कोई कमियां आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी शेख मुअज्जम  रेंजर वीके तिवारी, वनदरोगा सर्वेश्वर पटेल, अभिषेक सिंह वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
दुर्भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए : शैलेन्द्र अग्रहरि
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रतिनिधि मण्डल ने फ़िल्म के खिलाफ आंदोलन को दिया समर्थन

किसी फिल्म का शीर्षक उसकी मूल भावना होती है। शीर्षक ही पूरे फिल्म का सार होता है। हाल ही में आयी फिल्म घूसखोर पंडत जिसका शीर्षक केवल आपत्तिजनक ही नहीं, यह बेहद अपमानजनक भी है। ऐसी भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए। फिल्में देश और समाज को दिशा देती हैं। ऐसे शीर्षक आधारित फिल्में अपनी सोच से समाज में विघटन उत्पन्न करती हैं। यह शीर्षक बेहद आपत्तिजनक है। यह बेहद दुःख और चिंता का विषय है कि फ़िल्म का मुहूर्त इन्ही बुद्धिजीवी विप्र समाज के लोगों से कराया जाता है फिर इन्ही को अपमानित करने की सोच के साथ ऐसी फिल्मे बनायी जाती है।
जब तक फिल्म बनाने वालों को आर्थिक हानि नहीं होगी, तब तक ऐसी सोच पर आधारित फिल्में बनाना बंद नहीं होगी।
जातियों में विभेद फैलाने की कोशिशें बढ़ी है। बृहद समाज में किसी भी जाति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है, उनके इतिहास और योगदान से सीखने की जरूरत है।
आज ब्राह्मण समाज को दुर्भावना ग्रसित लक्ष्य पर रखा जा रहा है। अगर चुप रहे तो आगे यह विभेधात्मक और अपमानजनक कुत्सित प्रयास अन्य किसी भी जाति धर्म के साथ भी हो सकता है। वैश्य समाज ने सदैव सनातन संस्कृति और समाज में सद्भाव के लिए काम किया है। सामाजिक सद्भावना को बिगाड़ना वाले तत्वों के खिलाफ पूरा वैश्य समाज एकजुट हो ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। विप्र समाज सदैव सनातन संस्कृति का अगवा रहा है उन्होंने समाज को राह दिखाने का काम किया है। उनका अपमान संपूर्ण देश का अपमान है जो सनातन संस्कृति को तोड़ने की साजिश है। ऐसी जाति सूचक शीर्षक पर आधारित फिल्म का वैश्य समाज विरोध करते हुए इसकी घोर निंदा करता है।
ये बातें कहते हुए अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र अग्रहरी के साथ पदाधिकारियों ने विंध्याचल धाम में ज्योर्तिमठ के गौ प्रवक्ता पंडित शुभम मिश्रा एवं काली खोह मंदिर के प्रधानअर्चक आचार्य अगस्त मुनि द्विवेदी जी को अपना समर्थन पत्र सौंपा और केंद्र सरकार को संबोधित पत्र की छाया प्रति भी संलग्न की साथ ही इसके लिए होने वाले किसी भी आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग व समर्थन देने का वादा किया। इस दौरान अतिन कुमार गुप्ता, अनुज उमर भी उपस्थित रहे।
बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
आजमगढ़ के कप्तानगंज स्थित बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आजमगढ़ विवेक रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. नवल किशोर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य चंडेश्वर पीजी कॉलेज वेद प्रकाश उपाध्याय ने की।मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।विशिष्ट अतिथि डॉ. नवल किशोर ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि यही मंच बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधीर तिवारी एवं ऋषिकेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश मिश्र (प्रवक्ता, हिंदी) ने कुशलतापूर्वक किया।कार्यक्रम के व्यवस्थापक विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र नाथ चौबे एवं रविंद्र नाथ चौबे रहे, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर जयराम उपाध्याय, हरीश पाठक, वीर भद्र प्रताप सिंह, महाप्रधान विशाल सेठ, चंचल यादव, सपा प्रवक्ता श्रीकांत चौबे, यशवंत सिंह, साकेत चतुर्वेदी, संजय राय (प्रबंधक इनोवेटिव), डॉ. निधि पाण्डेय, डॉ. शुभम पाण्डेय, आजाद सिंह, नागेंद्र यादव, दिनेश तिवारी, दुर्गा प्रसाद पाठक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वार्षिकोत्सव समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति को भी समान महत्व देता है।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
साधकों की साधनास्थली रही है बाबा बड़ेशिव धाम
*मंदिर का सुरम्य वातावरण करता है आकर्षित*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केन्द्र बाबा बड़े शिव मंदिर का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर का सुरम्य वातावरण हर किसी को आकर्षित करता है। शायद यहीं कारण है कि यह मंदिर परिसर निर्माण काल से ही साधकों की साधना स्थली रही है। यहां मोरंग के राजा के साथ ही मौनी स्वामी ने साधना की थी। वहीं आज भी जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागा साधु एक महीने तक यहां रूक कर भोलेनाथ की साधना करते हैं।
मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 16वीं शताब्दी में हुआ था। तब मंदिर के चारों ओर घनघोर जंगल हुआ करता था। जिसमें पलाश के वृक्ष अधिक थे। बताया जाता है कि एक बार अयोध्या के राजा शिकार करने जंगल में आये थे। वे भूख प्यास से व्याकुल थे, तो एक साधु ने उनको दर्शन दिया और उनकी प्यास बुझाई । मान्यता है कि जहां साधु ने उन्हें दर्शन दिया था। उसी स्थान पर राजा ने एक शिवलिंग की स्थापना की। कालांतर में शिवलिंग जमीन के अंदर चला गया। एक दिन नगर के एक धार्मिक व्यक्ति के घर सर्प आया। सर्प को देख आसपास के लोग उसे मारने को दौड़ पड़े, लेकिन उस व्यक्ति ने उन्हें रोकते हुए जिस ओर नाग देवता चले। अनायास ही उसी ओर चल पड़े। जंगल में पहुंचने के बाद सर्प एक जगह पर अपना फन पटकने लगा। जहां खुदाई की गई तो भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन हुआ। उसके बाद से ही यह लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र हो गया मंदिर का सुरम्य वातावरण न सिर्फ आम लोगों को बल्कि साधु-संतों को भी आकर्षित करता है। इस मंदिर की एक और खासियत है। मंदिर के चारों तरफ हनुमान जी मूर्ति विराजमान है। मंदिर के ठीक सामने एक प्राचीन तालाब है। जिसमें कमल पुष्प सुशोभित होते हैं। इसके अलावा चारों तरफ घने पेड़ों का परिक्षेत्र है। यह साधकों को भी आकर्षित करती है। लगभग 60 वर्ष पूर्व मोरंग के राजा, जो राजा बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस स्थान को अपनी तपस्थली बनाई। इसी तरह मौनी स्वामी ने भी यहीं पर पीपल के वृक्ष के नीचे साधना की। पीपल का वृक्ष आज भी है। जनवरी-फरवरी में महाकुंभ के समय नागा साधु एक महीने तक मंदिर पर प्रवास कर साधना करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।
गैंगस्टर बाप बेटे पर हुई कार्रवाई,52.42 लाख की संपत्ति हुई कुर्क
*बैंक खातों में रखे हुए रुपये हुए फ्रीज

गोंडा।जिले की देहात कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश पर कुख्यात अपराधी मोहम्मद खलील व उसके बेटे चांद बाबू की 52.42 लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की है।यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर की गयी,जिसमें उनके बैंक खातों में जमा अवैध कमाई को फ्रीज कर दिया गया है।इससे पहले गोंडा पुलिस ने 7 सितंबर 2024 को मोहम्मद खलील व चांद बाबू को गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था,हालांकि उन्हें 15 दिन के अंदर ही जमानत मिल गई थी और वे जेल से बाहर आ गये थे।देहात कोतवाली पुलिस व सदर तहसील प्रशासन मोहम्मद खलील व चांद बाबू की अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहा है।अवैध कमाई से अर्जित की गयी ऐसी अन्य संपत्तियों को भी जल्द ही कुर्क किया जाएगा।देहात कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद खलील व उसके बेटे चांद बाबू एक संगठित गिरोह के सरगना व सदस्य हैं।उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध भूमि कब्जे जैसी असामाजिक गतिविधियों से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।न्यायालय अपर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में मोहम्मद खलील और चांद बाबू के बैंक आफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक खातों में जमा कुल धनराशि 52लाख,42हजार,632रुपए व49 पैसे की धनराशि कुर्क की गयी है और इव खातों से किसी भी प्रकार के लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है तथा उपजिलाधिकारी सदर को कुर्क की गयी संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है,साथ ही बैंक प्रबंधकों को खाते से लेनदेन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को नायब तहसीलदार के साथ मिलकर इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।इसके साथ ही आरोपियों को तीन महीने का समय दिया गया है ताकि वे अपनी संपत्ति के वैध स्रोतों से संबंधित प्रमाण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकें और यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो पुलिस द्वारा उनकी संपत्तियों के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
खेत में नुकसान रोकने पर गांव वालों ने बुजुर्ग को पीटकर मार डाला
गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूपुर गांव में बीती शाम लगभग 7 बजे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मारपीट के दौरान मौत हो गई।बताते चलें कि बच्चा राम चौबे नाम का यह बुजुर्ग अपने खेत में नुकसान कर रहे कुछ बुजुर्गों को रोकने गये थे,जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गयी कि तभी बच्चा राम चौबे मौके पर गिर गए।उसके तत्काल बाद मौके पर मौजूद लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर बच्चा राम चौबे की मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची कटरा बाजार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तो वहीं थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।कटरा बाजार पुलिस ने मृतक के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी किया तो परिजनों ने बताया कि गांव के कुछ लोग उनके गन्ने के खेत को नुकसान पहुंचा रहे थे और जब बच्चा राम चौबे ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने उन पर लात घूंसों से हमला कर दिया जिससे वह मौके पर ही गिरकर  बेहोश हो गए थे।

कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है,हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि बच्चा राम चौबे फाइलेरिया के मरीज थे और उनकी मौत हार्ट अटैक से भी हो सकती है।पुलिस परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।मृतक बच्चा राम चौबे के भाई सियाराम चौबे ने कटरा बाजार थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया है,जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरे भाई खेत की रखवाली कर रहे थे और उसी समय गन्ने के खेत में राधे श्याम चौबे,पूरन चौबे,राघव राम चौबे की पत्नी कुटू चौबे,पूरन चौबे की पत्नी रेनू चौबे और विकास चौबे घात लगाए बैठे थे।खेत में नुकसान करने से जब इन्होंने विरोध किया तो लाठी डंडों, मुक्का थप्पड़ से मार कर उनकी हत्या कर दिया।
गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता का आयोजन
लहरपुर सीतापुर क्षेत्र के ग्राम चंदेसुआ में आयोजित किया गया शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता। रविवार को पंडित हरिद्वार लाल स्मृति महिला महाविद्यालय, चन्देसुआ, के तत्वावधान में ज्ञान खोज प्रतियोगिता–2026 का सफल आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा स्नातक एवं परास्नातक स्तर तक के 1500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार पांडे सरल ने बताया कि ज्ञान खोज प्रतियोगिता का परिणाम निर्णायक मंडल द्वारा आगामी 15 मार्च को किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा उन्होंने बताया कि क्षेत्र के मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज लहरपुर, आदर्श कैलाश नाथ इंटर कॉलेज लहरपुर,बीएलएसडी पब्लिक स्कूल खनियापुर, बांकेलाल छैल बिहारी इंटर कॉलेज उमरिया, राजकुमार इंटर कॉलेज सेखनापुर, ओएनजीसी कम्युनिटी स्कूल पैतला, श्याम श्याम पब्लिक स्कूल ककराही, इंद्रेश वर्मा बाल विद्या मंदिर महादेव, अटरा, पब्लिक इंटर कॉलेज महादेव सहित क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया, उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, बौद्धिक क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना तथा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्य वन संरक्षक ने ड्रमंडगंज वनरेंज का निरीक्षण कर मातहतों को दिया आवश्यक निर्देश
ड्रमंड गंज मिर्जापुर : मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने रविवार को ड्रमंडगंज वन रेंज का निरीक्षण कर अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मुख्य वन संरक्षक ने कटरा कंपार्टमेंट नंबर एक में बीस हेक्टेयर में कराए जा रहे अग्रिम मृदा कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। वन क्षेत्र में विगत वर्षों में रोपे गए पौधों के नदारद होने पर नाराजगी जताई। रेंजर वीरेंद्र कुमार तिवारी और मौजूद वनकर्मियों को वनों तथा वन्य जीवों की सुरक्षा में लापरवाही नही बरतने की हिदायत दी। मुख्य वन संरक्षक ने सुखड़ा पौधशाला में चार हेक्टेयर भूमि में तीन लाख सत्तानवे हजार अवशेष पौधों के साथ एक लाख वर्तमान आम, अमरुद , आंवला, महुआ, आंवला , चिलबिल, सागौन,कट सागौन,करंज बांस,नीम आदि प्रजाति के उगाए जा रहे पौधों का निरीक्षण किया। पौधों की समय-समय से सिंचाई व समुचित देखभाल करने के लिए कहा कि पौधौ के रखरखाव में अगर किसी प्रकार की कोई कमियां आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी शेख मुअज्जम  रेंजर वीके तिवारी, वनदरोगा सर्वेश्वर पटेल, अभिषेक सिंह वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
दुर्भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए : शैलेन्द्र अग्रहरि
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रतिनिधि मण्डल ने फ़िल्म के खिलाफ आंदोलन को दिया समर्थन

किसी फिल्म का शीर्षक उसकी मूल भावना होती है। शीर्षक ही पूरे फिल्म का सार होता है। हाल ही में आयी फिल्म घूसखोर पंडत जिसका शीर्षक केवल आपत्तिजनक ही नहीं, यह बेहद अपमानजनक भी है। ऐसी भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए। फिल्में देश और समाज को दिशा देती हैं। ऐसे शीर्षक आधारित फिल्में अपनी सोच से समाज में विघटन उत्पन्न करती हैं। यह शीर्षक बेहद आपत्तिजनक है। यह बेहद दुःख और चिंता का विषय है कि फ़िल्म का मुहूर्त इन्ही बुद्धिजीवी विप्र समाज के लोगों से कराया जाता है फिर इन्ही को अपमानित करने की सोच के साथ ऐसी फिल्मे बनायी जाती है।
जब तक फिल्म बनाने वालों को आर्थिक हानि नहीं होगी, तब तक ऐसी सोच पर आधारित फिल्में बनाना बंद नहीं होगी।
जातियों में विभेद फैलाने की कोशिशें बढ़ी है। बृहद समाज में किसी भी जाति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है, उनके इतिहास और योगदान से सीखने की जरूरत है।
आज ब्राह्मण समाज को दुर्भावना ग्रसित लक्ष्य पर रखा जा रहा है। अगर चुप रहे तो आगे यह विभेधात्मक और अपमानजनक कुत्सित प्रयास अन्य किसी भी जाति धर्म के साथ भी हो सकता है। वैश्य समाज ने सदैव सनातन संस्कृति और समाज में सद्भाव के लिए काम किया है। सामाजिक सद्भावना को बिगाड़ना वाले तत्वों के खिलाफ पूरा वैश्य समाज एकजुट हो ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। विप्र समाज सदैव सनातन संस्कृति का अगवा रहा है उन्होंने समाज को राह दिखाने का काम किया है। उनका अपमान संपूर्ण देश का अपमान है जो सनातन संस्कृति को तोड़ने की साजिश है। ऐसी जाति सूचक शीर्षक पर आधारित फिल्म का वैश्य समाज विरोध करते हुए इसकी घोर निंदा करता है।
ये बातें कहते हुए अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र अग्रहरी के साथ पदाधिकारियों ने विंध्याचल धाम में ज्योर्तिमठ के गौ प्रवक्ता पंडित शुभम मिश्रा एवं काली खोह मंदिर के प्रधानअर्चक आचार्य अगस्त मुनि द्विवेदी जी को अपना समर्थन पत्र सौंपा और केंद्र सरकार को संबोधित पत्र की छाया प्रति भी संलग्न की साथ ही इसके लिए होने वाले किसी भी आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग व समर्थन देने का वादा किया। इस दौरान अतिन कुमार गुप्ता, अनुज उमर भी उपस्थित रहे।