गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
![]()
इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।
![]()
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।
संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।










के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है।
इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।


गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।
संजीव सिंह बलिया। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। सुनील कुमार की तैनाती शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में थी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और वेतन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करें।सीयर ब्लाक के क्रिडिहरापुर निवासी सुनील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कर वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया में शिक्षक पद प्राप्त किया। वास्तव में वे अनुसूचित जाति (एससी) से हैं। इसकी शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। सुनील ने फर्जी प्रमाण पत्र से 21 वर्षों तक वेतन लिया। जांच में सच्चाई सामने आने पर बीएसए ने त्वरित कार्रवाई की।
1 hour and 58 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
40.1k