नगर निगम के सदन में महापौर और नगर आयुक्त ने पुनरीक्षित बजट पेश किया
सभासदो ने अपने क्षेत्रो की समस्याओं को गिनाया

वार्डो में अभी तक हुए कार्यो पर हुई चर्चा


संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम में आज महापौर ने बजट पेश किया जिसमें शहर के शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रो के योजनाओं का लाभ होगा नगर आयुक्त सीलम साई तेजा नगर निगम के अपने अपने सभी विभागों के अधिकारीगण के साथ उपस्थित रहे।सदन में महापौर गणेश केशरवानी और सभी वार्ड के सभासद एवं सभी जोन के अधिकारीगण भी बजट में शामिल हुए इस दौरान नगर निगम के अपने क्षेत्र से आए पार्षदगणों ने अपनी-अपनी बात रखी जिसमें शिकायतो में पेयजल तथा सड़क-नाली निर्माण तथा अतिक्रमण नालो और नालियो की साफ-सफाई  जाम नालियों की समस्या मरम्मत या निर्माण कार्य करने को चबूतरे पेयजल शौचालय/यूरिनल जल की समस्याओ हाउस टैक्स तथा नगर की सड़कों पर सफाई की व्यवस्था किये जाने की चर्चा हुई इसी क्रम में साफ-सफाई मार्ग प्रकाश मलवा अतिक्रमण जैसी समस्या को तत्काल निस्तारण का आदेश को दिया सदन में अपर नगर आयुक्त  दीपेन्द्र यादव अरविन्द कुमार रॉय राजीव कुमार शुक्ला दिनेश चन्द्र सचान मुख्य अभियंता (सिविल)संजय कटियार मुख्य अभियंता (वि./या.)डाo महेश कुमार नगर स्वास्थ्य अधिकारी गौरव कुमार  महाप्रबंधक जलकल संजय मंमगई मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डांo विजय अमृत राज पशु चिकित्सा कल्याण विभाग रामपूजन सहायक नगर आयुक्त  अशोक कुमार जोनल अधिकारी जोन 1,  जोनल अधिकारी जोन 2, नवनीत शंखवार जोन 3, विकास जैन जोन 4,अखिलेश त्रिपाठी जोन 5, श्याम कुमार जोन 6,सौरभ यादव जोन 7. सुदर्शन चन्द्र जोन 8 अनिल कुमार मौर्या अधिशासी अभियन्ता एवं सभी जोनल अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हैं किडनी के सबसे बड़े दुश्मन— डॉ. सौम्या गुप्ता

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विश्व गुर्दा दिवस के अवसर पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर)और डायबिटीज किडनी के सबसे बड़े दुश्मन है।यदि इन बीमारियों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है और कई मामलों में मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता तक पड़ सकती है।डॉ.गुप्ता ने बताया कि किडनी शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त को शुद्ध करने शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने तथा शरीर में तरल और खनिजों के संतुलन को बनाए रखने का कार्य करती है।उन्होंने कहा कि स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बड़ी संख्या में किडनी से संबंधित रोगियों का उपचार किया जाता है तथा जरूरतमन्द मरीजो को डायलिसिस सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*किडनी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य*

सामान्य व्यक्ति की दोनो किडनियों का कुल वजन लगभग 250–300 ग्राम होता है।किडनी प्रतिदिन लगभग 180 लीटर रक्त को फिल्टर करती है।भारत में अनुमानतःहर 10 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी स्तर पर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)से प्रभावित है।लगभग 60 प्रतिशत किडनी रोगों का कारण डायबिटीज और उच्च रक्तचाप होता है।शुरुआती अवस्था में किडनी रोग के लक्षण स्पष्ट नहीं होते इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है।

*किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सलाह*

ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराएं
नमक और जंक फूड का सेवन कम करें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाइयो का अधिक उपयोग न करे
नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं डॉ. सौम्या गुप्ता ने आम जनता से अपील की कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
पन्द्रह मार्च को महराज भवन कंजासा में लगेगा जमावड़ा, होली मिलन समारोह की तैयारी तेज
पत्रकार संघ के आयोजन में बाहर से बुलाए गए कलाकार, समाजसेवी मुकेश द्विवेदी संभाल रहे व्यवस्था

संजय द्विवेदी प्रयागराज।घूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कंजासा स्थित महाराज भवन में पन्द्रह मार्च को भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पत्रकार संघ के तत्वावधान में सायं चार बजे से शुरू होगा जिसमें क्षेत्र के पत्रकारो गणमान्य लोगो तथा ग्रामीणों को आमंत्रित किया गया है।आयोजकों के अनुसार इस बार समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय भजन गायक मित्र बंधु, प्रसिद्ध गायिका मंजिता त्रिवेदी सहित कई कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही राधा-कृष्ण नृत्य कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।समारोह की तैयारियों में समाजसेवी मुकेश द्विवेदी पत्रकार संघ के पदाधिकारी एवं ग्रामीण कई दिनों से जुटे हुए हैं।आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है जिससे कंजासा में होली मिलन समारोह इस बार विशेष रूप से भव्य रूप में दिखाई देगा।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
कैच द रेन जल संचय की बैठक डीएम ने ली,20,20 सोक पिट बनवाने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जल शक्ति अभियान “कैच द रेन” के अंतर्गत जल संचय जनभागीदारी 2.0 पहल की समीक्षा बैठक  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक अभियंता सिंचाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सहायक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा अवगत कराया गया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए जा रहे कार्यों को भारत सरकार के JSJB 2.0 पोर्टल पर फीड किया जाना है, जिसके अंतर्गत अब तक जनपद में 660 कार्यों की फीडिंग की जा चुकी है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए गए कार्यों जैसे रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, सोक पिट, ट्रेंचेस, चेकडैम, तालाब, मेड़बंदी आदि सभी कार्यों की सूचना तत्काल पोर्टल पर फीड कराई जाए।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों में सोक पिट एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए जाएं।
इसके साथ ही पंचायती राज विभाग को प्रत्येक राजस्व गांव में दो सोक पिट बनवाने के निर्देश दिए गए। समस्त अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 सोक पिट बनवाने के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही वन विभाग को 200 ट्रेंचेस तथा जिला उद्यान अधिकारी को संचालित कोल्ड स्टोरेजों में 200 सोक पिट बनवाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।
हर हाल में मई तक पूरा करें मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माणः  मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री  ने किया मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री  ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश*

*विश्वविद्यालय प्रांगण में रोपा मौलिश्री का पौधा, राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी किया  निरीक्षण*

बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उतर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया।  मुख्यमंत्री  ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मा० मुख्यमंत्री जी ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। मा० मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

इसके बाद  मुख्यमंत्री जी ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मा० विधायक श्री पल्टूराम, मा० एमएलसी श्री साकेत मिश्र, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्र, जिलाधिकारी श्री विपिन जैन, कुलसचिव श्री परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
चैत्र नवरात्रि को लेकर समय से पूर्ण करें सभी तैयारीः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश* 

*बोले- देवीपाटन शक्तिपीठ में उमड़ते हैं श्रद्धालु, सुरक्षा-सुविधा, स्वच्छता पर रहे विशेष जोर* 

*सभी अधिकारी प्रतिदिन करें जनसुनवाई, आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों का समयसीमा के अंदर हो उचित निस्तारणः मा० मुख्यमंत्री जी*

*सुनिश्चित हो-छांगुर जैसा कोई व्यक्ति दोबारा न पनपे, ग्राम चौकीदारों को किया जाए सक्रिय, सभी जानकारी की जाए साझाः मा० सीएम*



बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को जनपद में समीक्षा बैठक की। मा० मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन मंदिर शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि नवरात्र पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मा० मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की।

*मा० मुख्यमत्री जी का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। नवधनाढ्यों की संपत्ति की जांच कराई जाए। मा० मुख्यमत्री जी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाए। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो।

*अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाए सरकार की योजनाएं*
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।

*प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण*
मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकता पूर्ण करते हुए नए सत्र में  पढ़ाई के लिए आवेदन करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए।  नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइज का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।

*प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं*
मा० मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधानसभा तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन, विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

*स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताब*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाए और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां से समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो।  शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री  ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति*
मा० मुख्यमंत्री जी को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किए जाने के अभियान, अवैध अतिक्रमण, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियां पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा ईको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मा ०मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर समीक्षा की गई।

बैठक में मा० विधायक बलरामपुर पल्टूराम, मा० विधायक तुलसीपुर श्री कैलाश नाथ शुक्ल, मा० विधायक उतरौला श्री राम प्रताप वर्मा, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, मा० विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्र, श्री अवधेश कुमार सिंह, मा० चेयरमैन नगर पालिका बलरामपुर श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त श्री शशि भूषण लाल सुशील, एडीजी श्री अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक दिलाते हैं कला संकाय के विषय, रंगारंग प्रस्तुतियों से वरिष्ठों को दी विदाई

अम्बिकापुर- कला और मानविकी संकाय के विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष रूप से पसन्द किये जाते हैं, क्योंकि समाजशास्त्र, इतिहास, भूगोल, हिन्दी, एंथ्रोपोलॉजी, राजनीतिशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, दर्शन, संस्कृत, मनोविज्ञान जैसे विषयों में अच्छे अंक मिलते हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कला एवं समाज विज्ञान विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कही।

उन्होंने कहा कि इन विषयों के अध्ययन से अपना विषय तो तैयार होता ही है बल्कि सामान्य अध्ययन की अच्छी तैयारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के साथ ही प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी सफलताओं के साथ महाविद्यालय परिवार से जुड़े रहें। आपकी सफलता हमें गौरवान्वित करती है।

इससे पहले प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती एवं साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कला एवं समाज विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि यह अवसर आपके स्नातक होने और उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि यदि आप कम्पटीशन की दुनिया में जाना चाहते हैं तो एनसीईआरटी की ९वीं से १२वीं तक पुस्तकों को ठीक से अध्ययन कर लें। इससे आपको अच्छी पाठ्य सामग्री मिल जायेगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, विज्ञान के विद्यार्थी कला के विषय चुन कर सफलता हासिल कर लेते हैं लेकिन हम अपने ही विषय में पीछे रहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये विशेष योजना बनाइये, सफलता अवश्य मिलेगी। आपसे महाविद्यालय का रिश्ता हमेशा बना रहेगा। इस अवसर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से अपने वरिष्ठों को विदाई दीकार्यक्रम का संचालन मोहम्मद आशिफ एवं पिंकी राजवाड़े ने किया। कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।।

केवल पाठ्य पुस्तक पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और आदर्श भी बने शिक्षक:BSA मनीष कुमार सिंह
संजीव कुमार सिंह बलिया!राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के प्रथम बैच का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य /उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षा क्षेत्र बेलहरी,बैरिया, मनियर, पंदह,मुरली छपरा,,रेवती,बेरुअरबारी और नगरा के 12-12 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है जो आज दिनांक 11 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 13 मार्च 2026 तक आयोजित होना है। सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण के प्रभारी डायट प्रवक्ता डॉक्टर मृत्युंजय सिंह एवं इस प्रशिक्षण के नोडल रवि रंजन खरे द्वारा पंजीकरण के उपरांत शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने का आह्वान किया गया। प्रवक्ता जानू राम द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान या सूचना देने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह मानव निर्माण की एक सतत श्रृंखला है। यदि शिक्षा में मूल्य का समावेश नहीं होता तो यह केवल कौशल और तकनीकी दक्षता तक ही सीमित रह जाती, ऐसे में समाज की भौतिक प्रगति तो होती किंतु नैतिक पतन और संवेदनहीनता की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है ।शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होता है जब वह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ ही भावनात्मक एवं नैतिक विकास में भी योगदान करें। प्रशिक्षण के नोडल रविरंजन खरे द्वारा आह्वान किया गया कि आज का समय वैज्ञानिक प्रगति, सूचना क्रांति और वैश्वीकरण की है ।विद्यार्थियों के सामने और असंख्य अवसर तो आते हैं परंतु जीवन में तनाव ,नैतिक द्वंद्व और सामाजिक असमानताएं भी बढ़ती हैं ।ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं बल्कि जीवन को सार्थक और संतुलित बनाना भी होना चाहिए ।मूल्य आधारित इस प्रशिक्षण में हम सभी मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नैतिक शक्ति को प्राप्त कर सकेंगे ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा शिक्षकों के मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक होने की बात बताई गई जिसमें शिक्षण में मूल्य का समावेश करने ,उनका दृष्टिकोण और अधिक समानुभूतिपूर्ण तथा संवेदनशील बनाने की दिशा में समय-समय पर मूल्य आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डायट प्रवक्ता अविनाश सिंह द्वारा कंप्यूटर का शिक्षा में प्रयोग तथा उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई और बताया गया की शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो मनुष्य को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाती है ।यह एक ऐसे प्रकाश पुंज के समान है जो मनुष्य के जीवन को ज्ञान के प्रकाश से परिपूर्ण करते हुए एक जिम्मेदार नैतिक एवं मूल्य आधारित नागरिक बनाती है जिससे देश और समाज की उन्नति एवं विकास में अपना अहम योगदान दिया जा सके। इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के अध्यापक, पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय ,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे बहुमूल्य सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है जिन्हें अपनाकर शिक्षक अपने आप में सशक्त बन सकता है तथा कक्षाओं में आत्मसात कराकर समाज की नई रूप रेखा का निर्माण कर सकता है जिस पर आगे चलकर सहिष्णुतापूर्ण, समावेशी एवं समतामूलक और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण सामाजिक वातावरण का सृजन किया जा सकता है। डायट प्रवक्ता डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा बताया गया कि शिक्षक भविष्य निर्माता है तथा उनके द्वारा विद्यार्थियों में रोपित मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का बीज एक दिन विशाल वृक्ष बनकर हमारे समाज को मानवीय गरिमा एवं न्याय की शीतल छाव प्रदान करेगा। तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया।
नगर निगम के सदन में महापौर और नगर आयुक्त ने पुनरीक्षित बजट पेश किया
सभासदो ने अपने क्षेत्रो की समस्याओं को गिनाया

वार्डो में अभी तक हुए कार्यो पर हुई चर्चा


संजय द्विवेदी प्रयागराज।नगर निगम में आज महापौर ने बजट पेश किया जिसमें शहर के शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रो के योजनाओं का लाभ होगा नगर आयुक्त सीलम साई तेजा नगर निगम के अपने अपने सभी विभागों के अधिकारीगण के साथ उपस्थित रहे।सदन में महापौर गणेश केशरवानी और सभी वार्ड के सभासद एवं सभी जोन के अधिकारीगण भी बजट में शामिल हुए इस दौरान नगर निगम के अपने क्षेत्र से आए पार्षदगणों ने अपनी-अपनी बात रखी जिसमें शिकायतो में पेयजल तथा सड़क-नाली निर्माण तथा अतिक्रमण नालो और नालियो की साफ-सफाई  जाम नालियों की समस्या मरम्मत या निर्माण कार्य करने को चबूतरे पेयजल शौचालय/यूरिनल जल की समस्याओ हाउस टैक्स तथा नगर की सड़कों पर सफाई की व्यवस्था किये जाने की चर्चा हुई इसी क्रम में साफ-सफाई मार्ग प्रकाश मलवा अतिक्रमण जैसी समस्या को तत्काल निस्तारण का आदेश को दिया सदन में अपर नगर आयुक्त  दीपेन्द्र यादव अरविन्द कुमार रॉय राजीव कुमार शुक्ला दिनेश चन्द्र सचान मुख्य अभियंता (सिविल)संजय कटियार मुख्य अभियंता (वि./या.)डाo महेश कुमार नगर स्वास्थ्य अधिकारी गौरव कुमार  महाप्रबंधक जलकल संजय मंमगई मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डांo विजय अमृत राज पशु चिकित्सा कल्याण विभाग रामपूजन सहायक नगर आयुक्त  अशोक कुमार जोनल अधिकारी जोन 1,  जोनल अधिकारी जोन 2, नवनीत शंखवार जोन 3, विकास जैन जोन 4,अखिलेश त्रिपाठी जोन 5, श्याम कुमार जोन 6,सौरभ यादव जोन 7. सुदर्शन चन्द्र जोन 8 अनिल कुमार मौर्या अधिशासी अभियन्ता एवं सभी जोनल अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बौद्धिक संपदा के लिए  छात्रों में जागरुकता उत्पन्न करें विश्वविद्यालय-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण
मुफ्त विश्वविद्यालय में आईपीआर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में बुधवार को आयोजित बौद्धिक संपदा अधिकार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि बौद्धिक संपदा को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित करने के लिए बड़े कानूनी बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि भारत में बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में जो भी नियम लागू हैं वह वैश्विक स्तर पर मान्य नही है।न्यायमूर्ति नारायण ने बौद्धिक संपदा अधिकार को विधिक परिपेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि आईपीआर को लेकर भारत में अभी किसी अधिनियम का निर्माण नहीं किया गया।जिस प्रकार कॉपीराइट एक्ट की व्यवस्था है वैसी कोई व्यवस्था आईपीआर को लेकर नही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को बौद्धिक संपदा अधिकार के सम्बन्ध में बड़े कदम उठाने चाहिए जिससे कि छात्रों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जा सके।मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की विधि विद्या शाखा की प्रो.मानसी शर्मा ने कहा कि बौद्धिक संपदा के सम्बन्ध में व्यापक पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता है।मनुष्यो द्वारा प्रतिपादित कोई भी मौलिक रचना सृजन उसकी बौद्धिक सम्पदा के अन्तर्गत आती है।इस संपदा को विधिक संरक्षण के द्वारा ही सुरक्षित करना आईपीआर का मुख्य उद्देश्य है।प्रो.शर्मा ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपनी बौद्धिक सम्पदा को संरक्षित करे और उसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करे।हमें अपने परंपरागत एवं अर्जित ज्ञान रचना निर्माण आदि को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित करना चाहिए।अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा कभी अर्थपरक नहीं थी वरन् वह भारत में जनकल्याण के लिए हमेशा प्रयोग में लाई जाती रही।हमारे ऋषि मुनियों के पास बौद्धिक संपदा थी ज्ञान था लेकिन उसका सम्बंध व्यवसाय से नहीं था। पश्चिमी सभ्यता में व्यवसाय महत्वपूर्ण हुआ। वह विद्या से जुड़ा बौद्धिकता से जुड़ा और उसका विस्तार हो गया।प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि नवीन तकनीक और उनके उपभोग एवं प्रयोग के सम्बन्ध में आईपीआर को और सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए। इसके साथ ही कृतिम बुद्धिमत्ता के दौर में बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने के लिए निहित कानून एवं नियमों का पालन करते हुए हमें उनको संदर्भित अवश्य करना चाहिए।उद्घाटन सत्र में अतिथियों का वाचिक स्वागत प्रो.सत्यपाल तिवारी तथा विषय प्रवर्तन प्रो.जे पी यादव ने किया। कार्यशाला का संचालन डॉ गौरव संकल्प एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश चन्द्र जैसल ने किया। कार्यशाला के अन्तय तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियो ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हैं किडनी के सबसे बड़े दुश्मन— डॉ. सौम्या गुप्ता

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विश्व गुर्दा दिवस के अवसर पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर)और डायबिटीज किडनी के सबसे बड़े दुश्मन है।यदि इन बीमारियों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है और कई मामलों में मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता तक पड़ सकती है।डॉ.गुप्ता ने बताया कि किडनी शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त को शुद्ध करने शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने तथा शरीर में तरल और खनिजों के संतुलन को बनाए रखने का कार्य करती है।उन्होंने कहा कि स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बड़ी संख्या में किडनी से संबंधित रोगियों का उपचार किया जाता है तथा जरूरतमन्द मरीजो को डायलिसिस सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*किडनी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य*

सामान्य व्यक्ति की दोनो किडनियों का कुल वजन लगभग 250–300 ग्राम होता है।किडनी प्रतिदिन लगभग 180 लीटर रक्त को फिल्टर करती है।भारत में अनुमानतःहर 10 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी स्तर पर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)से प्रभावित है।लगभग 60 प्रतिशत किडनी रोगों का कारण डायबिटीज और उच्च रक्तचाप होता है।शुरुआती अवस्था में किडनी रोग के लक्षण स्पष्ट नहीं होते इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है।

*किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सलाह*

ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराएं
नमक और जंक फूड का सेवन कम करें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाइयो का अधिक उपयोग न करे
नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं डॉ. सौम्या गुप्ता ने आम जनता से अपील की कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
पन्द्रह मार्च को महराज भवन कंजासा में लगेगा जमावड़ा, होली मिलन समारोह की तैयारी तेज
पत्रकार संघ के आयोजन में बाहर से बुलाए गए कलाकार, समाजसेवी मुकेश द्विवेदी संभाल रहे व्यवस्था

संजय द्विवेदी प्रयागराज।घूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कंजासा स्थित महाराज भवन में पन्द्रह मार्च को भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पत्रकार संघ के तत्वावधान में सायं चार बजे से शुरू होगा जिसमें क्षेत्र के पत्रकारो गणमान्य लोगो तथा ग्रामीणों को आमंत्रित किया गया है।आयोजकों के अनुसार इस बार समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय भजन गायक मित्र बंधु, प्रसिद्ध गायिका मंजिता त्रिवेदी सहित कई कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही राधा-कृष्ण नृत्य कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।समारोह की तैयारियों में समाजसेवी मुकेश द्विवेदी पत्रकार संघ के पदाधिकारी एवं ग्रामीण कई दिनों से जुटे हुए हैं।आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है जिससे कंजासा में होली मिलन समारोह इस बार विशेष रूप से भव्य रूप में दिखाई देगा।
गैस पेट्रोल एवं डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, बुकिंग होने पर ही गैस उपभोक्ता  तक पहुंचाएं
फर्रूखाबाद l जनपद की सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम विक्रय प्रबंधक एल०पी०जी०/पेट्रोलियम पदार्थ द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में गैस, पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा कहीं भी किसी स्तर पर इनकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी एजेंसियां प्रातः निर्धारित समय पर खोलना सुनिश्चित करें तथा बुकिंग के एक से दो दिन के भीतर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस की डिलीवरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उपभोक्ता द्वारा बुकिंग की गई है, उसी को गैस सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए। सी०एस०सी० केंद्रों पर गैस केवल उसी स्थिति में दी जाए जब संबंधित उपभोक्ता की बुकिंग हो तथा किसी भी दशा में वहां 100 किलोग्राम से अधिक स्टॉक न रखा जाए। साथ ही स्टॉक की स्थिति एवं के०वाई०सी० प्रक्रिया का प्रदर्शन गैस एजेंसी के शोरूम के साथ-साथ गोदाम पर भी किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प स्वामी अपने स्टॉक की स्थिति को देखते हुए अग्रिम रूप से धनराशि जमा कराकर गैस, डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति समय से मंगाना सुनिश्चित करें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में बोतल, केन अथवा खुले पात्र में पेट्रोल की बिक्री न की जाए तथा पेट्रोल की बिक्री केवल वाहनों की टंकियों में ही की जाए। इस संबंध में सूचना सभी पेट्रोल पम्पों पर प्रदर्शित की जाए। डीजल की बिक्री के संबंध में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि कार्य हेतु अनुमन्य मात्रा से अधिक डीजल एक बार में न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर, डीजल अथवा पेट्रोल खरीदकर जमाखोरी करने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि निर्धारित मूल्य एवं निर्धारित मात्रा के अनुसार ही ईंधन की आपूर्ति की जाए। यदि कहीं अधिक मूल्य वसूलने अथवा घटतौली की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अवगत कराया कि पुलिस द्वारा जनपद के सभी गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों का समय-समय पर रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
कैच द रेन जल संचय की बैठक डीएम ने ली,20,20 सोक पिट बनवाने के निर्देश

फर्रूखाबाद l जल शक्ति अभियान “कैच द रेन” के अंतर्गत जल संचय जनभागीदारी 2.0 पहल की समीक्षा बैठक  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक अभियंता सिंचाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सहायक अभियंता लघु सिंचाई द्वारा अवगत कराया गया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए जा रहे कार्यों को भारत सरकार के JSJB 2.0 पोर्टल पर फीड किया जाना है, जिसके अंतर्गत अब तक जनपद में 660 कार्यों की फीडिंग की जा चुकी है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण से संबंधित कराए गए कार्यों जैसे रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, सोक पिट, ट्रेंचेस, चेकडैम, तालाब, मेड़बंदी आदि सभी कार्यों की सूचना तत्काल पोर्टल पर फीड कराई जाए।
जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि उनके अधीन संचालित सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं वित्तविहीन विद्यालयों में सोक पिट एवं रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए जाएं।
इसके साथ ही पंचायती राज विभाग को प्रत्येक राजस्व गांव में दो सोक पिट बनवाने के निर्देश दिए गए। समस्त अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 सोक पिट बनवाने के लिए निर्देशित किया गया।
साथ ही वन विभाग को 200 ट्रेंचेस तथा जिला उद्यान अधिकारी को संचालित कोल्ड स्टोरेजों में 200 सोक पिट बनवाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके।
हर हाल में मई तक पूरा करें मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माणः  मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री  ने किया मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री  ने निर्माणाधीन एजेंसी को गुणवत्ता और समय से काम पूरा करने का दिया सख्त निर्देश*

*विश्वविद्यालय प्रांगण में रोपा मौलिश्री का पौधा, राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी किया  निरीक्षण*

बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उतर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया।  मुख्यमंत्री  ने निर्माण एजेंसी को हर हाल में मई 2026 तक निर्माण पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में इसमें विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। मा० मुख्यमंत्री जी ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्य प्रगति पर पूरी जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  ने सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के मॉडल पर प्रेजेंटेशन को देखा। मा० मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि कार्य समयसीमा के अंदर हो, इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मई तक काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

इसके बाद  मुख्यमंत्री जी ने एकेडमिक बिल्डिंग, थियेटर क्लास, लैब समेत समूचे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मा० विधायक श्री पल्टूराम, मा० एमएलसी श्री साकेत मिश्र, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्र, जिलाधिकारी श्री विपिन जैन, कुलसचिव श्री परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्री दिनेश कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
चैत्र नवरात्रि को लेकर समय से पूर्ण करें सभी तैयारीः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर मंडल की समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश* 

*बोले- देवीपाटन शक्तिपीठ में उमड़ते हैं श्रद्धालु, सुरक्षा-सुविधा, स्वच्छता पर रहे विशेष जोर* 

*सभी अधिकारी प्रतिदिन करें जनसुनवाई, आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों का समयसीमा के अंदर हो उचित निस्तारणः मा० मुख्यमंत्री जी*

*सुनिश्चित हो-छांगुर जैसा कोई व्यक्ति दोबारा न पनपे, ग्राम चौकीदारों को किया जाए सक्रिय, सभी जानकारी की जाए साझाः मा० सीएम*



बलरामपुर ।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को जनपद में समीक्षा बैठक की। मा० मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों, कानून व्यवस्था एवं चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। चैत्र नवरात्रि मेले में देवीपाटन मंदिर शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आमगन होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि नवरात्र पर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। मा० मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की।

*मा० मुख्यमत्री जी का सख्त निर्देश- छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि हर थाना क्षेत्र में संस्थाओं के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड तैनात रहे। शोहदों, चेन स्नेचरों आदि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों की फोटो सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर लगाई जाए। बॉर्डर एरिया पर पुलिस एवं बीएसएफ की संयुक्त निगरानी हो। नवधनाढ्यों की संपत्ति की जांच कराई जाए। मा० मुख्यमत्री जी ने प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि छांगुर जैसा व्यक्ति दोबारा न पनपे। ग्राम चौकीदारों को सक्रिय किया जाए, सभी जानकारी साझा की जाए। जिला मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक नियमित हो। सभी अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाए, जिससे उनमें कानून का भय हो।

*अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाए सरकार की योजनाएं*
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाकर इसे मई तक पूर्ण किया जाए। यूनिवर्सिटी को रिसर्च सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में थारू जनजाति एवं अन्य परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति क्षेत्र में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण कराया जाए। राजस्व वादों, पैमाइश एवं विरासत के निस्तारण में तेजी लाई जाए।

*प्राथमिकता से हो व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण*
मा० मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में सभी औपचारिकता पूर्ण करते हुए नए सत्र में  पढ़ाई के लिए आवेदन करें। शीघ्र मेडिकल की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ से बचाव के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए।  नदियों,  पहाड़ी नालों के ड्रेनेज-चैनलाइज का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं (मातृ वंदना योजना,  कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह आदि) का लाभ हर पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला उद्योग बंधु एवं व्यापारी बंधुओं की नियमित बैठकें हों और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।

*प्रशासन का जनप्रतिनिधियों से हो बेहतर संवाद, प्रतिदिन सुनी जाए आमजन की समस्याएं*
मा० मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में कहा कि गोवंश संरक्षण स्थल को और सुदृढ़ किया जाए। सभी स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों और गोवंश की नियमित गणना हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधानसभा तुलसीपुर और गैसड़ी में सीएम कंपोजिट विद्यालय दिए जाएंगे। मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों, आमजन, विभिन्न संस्थाओं से प्रशासन का बेहतर संवाद हो। सभी अधिकारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें एवं आमजन की समस्या एवं शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

*स्कूल चलो अभियान की तैयारी में जुटें, बच्चों को मिल जाए ड्रेस, बैग, किताब*
मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि उपलब्ध करा दिया जाए और स्कूल चलो अभियान की तैयारियां से समय से पूर्ण कर ली जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था हो।  शिक्षा एवं स्वास्थ्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर हो। मरीजों को जनपद में ही बेहतर इलाज मिले, उन्हें अन्य जनपदों में न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री  ने सभी विभागों की समीक्षा कर जानी प्रगति*
मा० मुख्यमंत्री जी को जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय भूमिधर घोषित किए जाने के अभियान, अवैध अतिक्रमण, थारू जनजाति क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर विद्युतीकरण एवं संपर्क मार्ग बनाए जाने, आगामी सीजन हेतु सहकारी समितियां पर ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक वितरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के उन्नयन,  जारवा ईको टूरिज्म के विकास आदि के बारे में अवगत कराया गया। मा ०मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, सीएम युवा स्वरोजगार योजना, नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास, जल जीवन मिशन,  निर्माणाधीन परियोजनाओं, रिंग रोड का निर्माण, 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका में एसटीपी का निर्माण, सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति एवं अन्य परिवारों को योजनाओं से संतृप्त किए जाने, एनआरएलएम, ऑपरेशन कायाकल्प, गो संरक्षण,  टीकाकरण,  ईयर टैगिंग, पौधरोपण, आईजीआरएस समेत समस्त बिंदुओं पर समीक्षा की गई।

बैठक में मा० विधायक बलरामपुर पल्टूराम, मा० विधायक तुलसीपुर श्री कैलाश नाथ शुक्ल, मा० विधायक उतरौला श्री राम प्रताप वर्मा, मा० जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी, मा० विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्र, श्री अवधेश कुमार सिंह, मा० चेयरमैन नगर पालिका बलरामपुर श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, जिलाध्यक्ष श्री रवि मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, आयुक्त श्री शशि भूषण लाल सुशील, एडीजी श्री अशोक मुथा जैन, जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक दिलाते हैं कला संकाय के विषय, रंगारंग प्रस्तुतियों से वरिष्ठों को दी विदाई

अम्बिकापुर- कला और मानविकी संकाय के विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष रूप से पसन्द किये जाते हैं, क्योंकि समाजशास्त्र, इतिहास, भूगोल, हिन्दी, एंथ्रोपोलॉजी, राजनीतिशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, दर्शन, संस्कृत, मनोविज्ञान जैसे विषयों में अच्छे अंक मिलते हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कला एवं समाज विज्ञान विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कही।

उन्होंने कहा कि इन विषयों के अध्ययन से अपना विषय तो तैयार होता ही है बल्कि सामान्य अध्ययन की अच्छी तैयारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के साथ ही प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी सफलताओं के साथ महाविद्यालय परिवार से जुड़े रहें। आपकी सफलता हमें गौरवान्वित करती है।

इससे पहले प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती एवं साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कला एवं समाज विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि यह अवसर आपके स्नातक होने और उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि यदि आप कम्पटीशन की दुनिया में जाना चाहते हैं तो एनसीईआरटी की ९वीं से १२वीं तक पुस्तकों को ठीक से अध्ययन कर लें। इससे आपको अच्छी पाठ्य सामग्री मिल जायेगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, विज्ञान के विद्यार्थी कला के विषय चुन कर सफलता हासिल कर लेते हैं लेकिन हम अपने ही विषय में पीछे रहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये विशेष योजना बनाइये, सफलता अवश्य मिलेगी। आपसे महाविद्यालय का रिश्ता हमेशा बना रहेगा। इस अवसर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से अपने वरिष्ठों को विदाई दीकार्यक्रम का संचालन मोहम्मद आशिफ एवं पिंकी राजवाड़े ने किया। कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।।

केवल पाठ्य पुस्तक पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और आदर्श भी बने शिक्षक:BSA मनीष कुमार सिंह
संजीव कुमार सिंह बलिया!राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के प्रथम बैच का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य /उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षा क्षेत्र बेलहरी,बैरिया, मनियर, पंदह,मुरली छपरा,,रेवती,बेरुअरबारी और नगरा के 12-12 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है जो आज दिनांक 11 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 13 मार्च 2026 तक आयोजित होना है। सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण के प्रभारी डायट प्रवक्ता डॉक्टर मृत्युंजय सिंह एवं इस प्रशिक्षण के नोडल रवि रंजन खरे द्वारा पंजीकरण के उपरांत शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने का आह्वान किया गया। प्रवक्ता जानू राम द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान या सूचना देने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह मानव निर्माण की एक सतत श्रृंखला है। यदि शिक्षा में मूल्य का समावेश नहीं होता तो यह केवल कौशल और तकनीकी दक्षता तक ही सीमित रह जाती, ऐसे में समाज की भौतिक प्रगति तो होती किंतु नैतिक पतन और संवेदनहीनता की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है ।शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होता है जब वह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ ही भावनात्मक एवं नैतिक विकास में भी योगदान करें। प्रशिक्षण के नोडल रविरंजन खरे द्वारा आह्वान किया गया कि आज का समय वैज्ञानिक प्रगति, सूचना क्रांति और वैश्वीकरण की है ।विद्यार्थियों के सामने और असंख्य अवसर तो आते हैं परंतु जीवन में तनाव ,नैतिक द्वंद्व और सामाजिक असमानताएं भी बढ़ती हैं ।ऐसे में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं बल्कि जीवन को सार्थक और संतुलित बनाना भी होना चाहिए ।मूल्य आधारित इस प्रशिक्षण में हम सभी मिलकर इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नैतिक शक्ति को प्राप्त कर सकेंगे ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा शिक्षकों के मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक होने की बात बताई गई जिसमें शिक्षण में मूल्य का समावेश करने ,उनका दृष्टिकोण और अधिक समानुभूतिपूर्ण तथा संवेदनशील बनाने की दिशा में समय-समय पर मूल्य आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डायट प्रवक्ता अविनाश सिंह द्वारा कंप्यूटर का शिक्षा में प्रयोग तथा उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई और बताया गया की शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो मनुष्य को एक बेहतर और संवेदनशील नागरिक बनाती है ।यह एक ऐसे प्रकाश पुंज के समान है जो मनुष्य के जीवन को ज्ञान के प्रकाश से परिपूर्ण करते हुए एक जिम्मेदार नैतिक एवं मूल्य आधारित नागरिक बनाती है जिससे देश और समाज की उन्नति एवं विकास में अपना अहम योगदान दिया जा सके। इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के अध्यापक, पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय ,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे बहुमूल्य सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है जिन्हें अपनाकर शिक्षक अपने आप में सशक्त बन सकता है तथा कक्षाओं में आत्मसात कराकर समाज की नई रूप रेखा का निर्माण कर सकता है जिस पर आगे चलकर सहिष्णुतापूर्ण, समावेशी एवं समतामूलक और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण सामाजिक वातावरण का सृजन किया जा सकता है। डायट प्रवक्ता डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा बताया गया कि शिक्षक भविष्य निर्माता है तथा उनके द्वारा विद्यार्थियों में रोपित मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों का बीज एक दिन विशाल वृक्ष बनकर हमारे समाज को मानवीय गरिमा एवं न्याय की शीतल छाव प्रदान करेगा। तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया।