पालतू श्वान की बहादुरी: बाघ से भिड़कर मालिक की बचाई जान, खुद हो गया शहीद

रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे ग्राम मदनपुर गैबुआ में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पालतू श्वान ने स्वामी भक्ति की मिसाल पेश करते हुए अपने मालिक की जान बचाने के लिए खूंखार बाघ से सीधे टक्कर ली और अंतिम सांस तक संघर्ष किया। इस बहादुरी में श्वान की मौत हो गई, लेकिन मालिक सुरक्षित बच निकले।
घटना के अनुसार, ग्राम मदनपुर गैबुआ निवासी रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते के साथ खेत की ओर गन्ना खाने गए थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक रक्षित पर हमला करने की कोशिश की। खतरे को भांपते ही वफादार श्वान बाघ पर झपट पड़ा और उसे उलझाए रखा। दोनों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जिसमें बाघ ने श्वान पर घातक हमला कर दिया। श्वान की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसकी बहादुरी से रक्षित पांडे सुरक्षित बच निकले।
घटना के बाद रक्षित पांडे ने तुरंत परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी भाजपा नेता विपिन कांडपाल को दी गई, जिन्होंने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य को अवगत कराया।
वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मृत श्वान का पोस्टमार्टम कराया। डीएफओ ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने का आश्वासन दिया है।
भाजपा नेता विपिन कांडपाल ने बताया कि बाघ की लगातार गतिविधियों से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि बाघ को जल्द पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर इंसान और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है, साथ ही पालतू कुत्ते की वफादारी और बहादुरी की मिसाल पेश करती है। रक्षित पांडे ने आंसुओं के साथ कहा कि उनका कुत्ता मरते दम तक उनके लिए लड़ा और उन्हें कोई आंच नहीं आने दी।
उत्तराखंड : पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर पर एक और मुकदमा
* धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का आरोप


हरिद्वार, उत्तराखंड। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो विवाद के बीच अब उनके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के विरुद्ध धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह मुकदमा हरिलोक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार गौतम की शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके और सुरेश राठौर के पुराने संबंध थे। कुछ समय पहले राठौर ने उनसे उनकी गाड़ी मांगकर ली थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी वापस नहीं की गई। जब राजेश ने बार-बार गाड़ी लौटाने की मांग की, तो पूर्व विधायक टालमटोल करने लगे।
आरोप है कि विरोध करने पर सुरेश राठौर ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही गाड़ी वापस करने से भी साफ इनकार कर दिया। पीड़ित ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस नए मुकदमे के साथ ही सुरेश राठौर के खिलाफ अब हरिद्वार जिले में तीन और देहरादून में एक कुल चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावों के बाद से पूर्व विधायक सुर्खियों में बने हुए हैं। इनमें से पहले दर्ज मामलों में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।
यह घटना अंकिता भंडारी प्रकरण के बाद से सुरेश राठौर की बढ़ती कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों को दर्शाती है, जहां कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस मुद्दे को जमकर उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मामले की जांच जारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच पर कांग्रेस-बीजेपी में रार जारी

देहरादून। उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग और लंबे समय से चल रहे जन-आंदोलनों के दबाव में लिया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रार थमने का नाम नहीं ले रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सीएम धामी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जन-भावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष जांच की और दोषियों को जेल भेजा। अब सीबीआई जांच से विपक्ष के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा। भट्ट ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अंकिता के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से राजनीति बंद करने की अपील की और नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक झूठ करार दिया।
भाजपा का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार की इच्छा का सम्मान है और सरकार ने पहले भी पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की थी।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति को जनता के संघर्ष की जीत बताया, लेकिन इसे अधूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गोदियाल ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला देकर अपनी पिछली जांच में बड़ी चूक स्वीकार कर ली है। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कथित वीआईपी का नाम नहीं खुलता, बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती। गोदियाल ने जांच को टाइम-बाउंड बनाने की भी मांग की ताकि न्याय में देरी न हो।

यह मामला 2022 का है, जब अंकिता भंडारी (19) एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। विशेष जांच दल (SIT) ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई थी। हाल ही में वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित वीआईपी एंगल के खुलासे से विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गए।
अब केंद्र सरकार को इस संस्तुति पर अंतिम फैसला लेना है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय की उम्मीद बंधी है।
हज 2026 की तैयारियों का जायजा लेने सऊदी अरब रवाना हुए यूपी के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी
लखनऊ। हज 2026 के लिए हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब जाकर हज यात्रा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगा और आवश्यक निर्णय लेगा।

भारत सरकार द्वारा गठित इस प्रतिनिधिमंडल के चेयरपर्सन उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज) दानिश आज़ाद अंसारी को बनाया गया है। श्री अंसारी 10 जनवरी 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली से सऊदी अरब के लिए प्रस्थान करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी, बिहार राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी तथा हज कमेटी ऑफ इंडिया के उप कार्यपालक अधिकारी भी शामिल हैं। यह दल एक सप्ताह तक सऊदी अरब में रहकर हज 2026 के दौरान हज यात्रियों के ठहरने, परिवहन, खानपान और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करेगा।

प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज 2026 के दौरान भारतीय हज यात्रियों को अधिकतम सहूलियत मिले और वे पूरी यात्रा को सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से संपन्न कर सकें।
डोनाल्ड ट्रंप को हर हाल में क्यों चाहिए ग्रीनलैंड?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं। वह अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कई बार डेनमार्क के नियंत्रण वाले इस द्वीप पर कब्जे की धमकी दे चुके हैं। वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप खेल कर चुके हैं। निकोलस मादुरो को उठवाकर अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर अपना कब्जा जमा चुका है। अब अमेरिका की नजर ग्रीनलैंड पर है।

रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे-ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात फिर ग्रीनलैंड पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका को 'कुछ करना ही होगा', वरना रूस और चीन इस आर्कटिक क्षेत्र पर कब्जा कर लेंगे। ट्रंप ने साफ कहा, 'हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे।'

डेनमार्क के दावे पर उठाया सवाल

तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने डेनमार्क के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, '500 साल पहले वहां नाव उतारने से जमीन की मालिकाना हक नहीं मिलता। हमने भी कई नावें भेजी थीं। लेकिन हमें यह जमीन चाहिए क्योंकि ग्रीनलैंड के आसपास आज रूसी और चीनी जहाज और पनडुब्बियां मौजूद हैं।'

ट्रंप को किस बात का सता रहा डर

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो चीन या रूस वहां अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकते हैं, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। मौजूदा सैन्य समझौते अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

*इतिहास का बदला लेना होगा...', ऐसा क्यों बोले अजीत डोभाल

#wemustavengehistorythiscountrysaysajitdoval

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित का। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने युवाओं से खास अपील की है। उन्होंने युवाओं को इतिहास से सीखने और एक मजबूत भारत के निर्माण का आग्रह किया है।

डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, मेरा अनुभव अलग है, और युवाओं के साथ उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। आपमें से अधिकांश मुझसे 60 वर्ष से अधिक छोटे हैं, इसलिए मैं थोड़ा असमंजस में था कि आऊं या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता-पूर्व भारत में हुआ था। मेरी जवानी तो कब की बीत चुकी है।'

भारत विकसित होगा, यह निश्चित है-जोभाल

अजीत डोभाल ने कहा, 'आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें - एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।'

युवाओं को इतिहास से प्रेरणा लेने की अपील

यंग लीडर्स डायलॉग में एनएसए ने कहा कि भारत को आजादी बहुत मुश्किल से मिली है। हमारे पूर्वजों ने बहुत कष्ट सहे, अपमान झेला और बहुत कुछ खोया। डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे इतिहास से प्रेरणा लें और अपने देश को फिर से मजबूत बनाएं। यह भारत अपने मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों पर आधारित होना चाहिए।

‘बदला' एक शक्तिशाली ताकत- डोभाल

डोभाल ने कहा, 'यह इतिहास हमें चुनौती देता है कि हर युवा के भीतर आग होनी चाहिए। ‘बदला' शब्द आदर्श नहीं है, लेकिन ‘बदला' एक शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने इतिहास का ‘बदला' लेना होगा और भारत को उसके अधिकारों, विचारों और विश्वासों के आधार पर फिर महान बनाना होगा।'

हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े- डोभाल

एनएसए ने कहा, हमारी सभ्यता बहुत विकसित थी। हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े। हम कहीं लूटने नहीं गए। हमने किसी दूसरे देश या लोगों पर हमला नहीं किया, जबकि बाकी दुनिया बहुत पिछड़ी हुई थी। लेकिन हम अपनी सुरक्षा और खुद को लेकर आने वाले खतरों को समझने में नाकाम रहे। इतिहास ने हमें सबक सिखाया जब हम इन खतरों के प्रति उदासीन रहे। क्या हमने वह सबक सीखा? क्या हम उस सबक को याद रखेंगे? अगर आने वाली पीढ़ियां उस सबक को भूल गईं, तो यह इस देश के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा।

कड़ाके की ठंड में मानवता की मिसाल: सोनू कुमार प्रजापति ने भुइया टोली में 150 से अधिक कंबलों का किया वितरण

हजारीबाग जिले में लगातार बढ़ती कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति ने एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए मानवता की मिसाल पेश की है। बाबू गांव पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भुइया टोली में रहने वाले गरीब और असहाय परिवार ठंड से सबसे अधिक प्रभावित हैं और उनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं।

हालात की गंभीरता को समझते हुए समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति ने बिना किसी देरी के तुरंत कंबल वितरण का निर्णय लिया। इसके बाद भुइया टोली में 150 से अधिक जरूरतमंद और गरीब परिवारों के बीच कंबलों का वितरण किया गया। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और सुकून साफ तौर पर देखने को मिला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सोनू कुमार प्रजापति पिछले 5 सालों से सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय हैं। वे गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं और समय-समय पर जरूरत के अनुसार मदद पहुंचाते रहे हैं। ठंड, गर्मी या किसी भी आपात स्थिति में उनका सेवा भाव लगातार देखने को मिलता है।

कंबल वितरण के दौरान मौजूद लाभार्थियों और ग्रामीणों ने सोनू कुमार प्रजापति के इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में यह मदद उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है। समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति का यह निस्वार्थ सेवा भाव समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

भारत में स्कोडा ऑटो का सिल्वर जुबली साल अब तक का सबसे शानदार साल बन गया है

अपनी 25वीं सालगिरह पर 72,665 कारें बेचकर सालाना 107% की ग्रोथ दर्ज की
2025 एक बेशकीमती साल रहा: स्पष्ट बिज़नेस ज़रूरतों के मार्गदर्शन और काम, अलग पहचान और भरोसे के स्तंभों पर टिका हुआ
प्रोडक्ट का धमाल: काइलैक को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक, कुशाक और स्लाविया की लगातार डिमांड और ऑक्टेविया आरएस को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स
नेटवर्क ग्रोथ: 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स तक पहुँच
ग्राहक को प्राथमिकता: ग्राहक की खुशी पर ज़्यादा ध्यान देने के लिए कई पहल शुरू की गईं

उदयपुर, जनवरी, 2026: स्कोडा ऑटो ने 2025 को अपनी भारत यात्रा में अब तक का सबसे अहम् साल बताया। इसने देश में अपनी 25वीं सालगिरह को अपनी अब तक की सबसे मज़बूत सेल्स परफॉर्मेंस के साथ मनाया। ब्रैंड ने 2025 को 72,665 कारों की बिक्री के साथ पूरा किया, जो 2024 में बेची गई 35,166 यूनिट्स की तुलना में सालाना 107% की बढ़ोतरी है। यह शानदार परफॉर्मेंस 2025 को स्कोडा ऑटो इंडिया का अब तक का सबसे शानदार साल बनाती है, जो प्रोडक्ट्स, मार्केट्स और कस्टमर टचपॉइंट्स में हुई तेज़ी को उजागर करती है।

इस खास साल पर टिप्पणी करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर, आशीष गुप्ता ने कहा, “साल 2025 हमारे लिए हमेशा खास रहेगा। यह भारत में हमारी 25वीं सालगिरह है और हमने यह साल अब तक के सबसे बेहतर और अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ देखा है और अब हम नेटवर्क और मार्केट में अपनी सबसे बड़ी मौजूदगी के मामले में सबसे आगे हैं। इस सबने, हमारे ग्राहकों के भरोसे और प्यार के साथ मिलकर, इसे भारत में अब तक का हमारा सबसे शानदार साल बनाया है। काइलैक को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक के लिए लगातार तारीफ और ऑक्टेविया आरएस की वापसी के लिए जोश, ब्रैंड के साथ ग्राहकों के मज़बूत इमोशनल जुड़ाव को और पक्का करता है। इसके साथ ही, जिन कारों, कुशाक और स्लाविया से हमारी इंडिया 2.0 जर्नी शुरू हुई, उनकी लगातार डिमांड बनी हुई है। जैसे ही हम 2026 में कदम रख रहे हैं, हम इस मोमेंटम को नए प्रोडक्ट अटैक, बेहतर सेल्स और आफ्टरसेल्स इनिशिएटिव्स और अपनी पहुँच बढ़ाने और अपने ग्राहकों के करीब आने पर और भी ज़्यादा फोकस के साथ आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।”

अपनी पकड़ बनाए रखना
2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया का परफॉर्मेंस एक आसान प्रोडक्ट और नेटवर्क स्ट्रेटेजी पर आधारित था। काइलैक एक मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा, जिसने ब्रैंड की एक्सेसिबिलिटी को काफी बढ़ाया, जबकि कुशाक और स्लाविया के लिमिटेड एडिशन ने पूरे लाइन-अप में वैल्यू और फ्रेशनेस के अहसास को बढ़ाया। कोडियाक ने प्रीमियम एसयूवी स्पेस में स्कोडा की उपस्थिति को मजबूत किया और ऑक्टेविया आरएस की वापसी ने ब्रैंड की परफॉर्मेंस लेगेसी को फिर से रोशन कर दिया। साल के दौरान, स्कोडा ऑटो इंडिया ने 2021 से 200,000 से ज़्यादा लोकल तौर पर बनी कारों की बिक्री की उपलब्धि भी पार की, साथ ही 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट तक अपनी पहुँच बढ़ाई, जिससे पूरे भारत में यूरोपियन इंजीनियरिंग को पहुँचाने की उसकी प्रतिबद्धता और भी मज़बूत हुई। नेटवर्क विस्तार का एक बड़ा हिस्सा भारत में स्कोडा ऑटो के लंबे समय के डीलर पार्टनर्स के साथ किया गया है, साथ ही ग्राहक को महत्व देने के प्रूवन ट्रैक रिकॉर्ड वाले नए पार्टनर्स को भी शामिल किया गया है।

अलग पहचान बनाना
प्रोडक्ट्स के अलावा, 2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया ने सही विचारों वाली स्टोरी, सांस्कृतिक महत्व और ग्राहक को महत्व देने वाले अनुभवों के ज़रिए अपने ब्रैंड की आवाज़ को बेहतर बनाया। भारत दुनिया का पहला बड़ा स्कोडा मार्केट बन गया, जिसने अपडेटेड कॉर्पोरेट आइडेंटिटी और डिज़ाइन के साथ अपने नेटवर्क की 100% रीब्रांडिंग पूरी की, जिससे ग्राहकों के लिए एक जैसा और मॉडर्न ब्रैंड अनुभव मज़बूत हुआ। रणवीर सिंह के स्कोडा ऑटो इंडिया के पहले ब्रैंड सुपरस्टार बनने से कस्टमर कम्युनिकेशन में एक बड़ी छलांग लगी, जिससे ब्रैंड में युवा एनर्जी और सांस्कृतिक जुड़ाव आया। साल के आखिर में, इस रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए, ‘फैन्स, नॉट ओनर्स’ कैंपेन ने स्कोडा के साथ लोगों के गहरे इमोशनल जुड़ाव का जश्न मनाया जो ओनरशिप से कहीं ज़्यादा है। ब्रैंड ने ऑक्टेविया आरएस कैंपेन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सितार वादक ऋषभ शर्मा के साथ भी मिलकर काम किया, जिससे परफॉर्मेंस स्टोरीटेलिंग में एक मॉडर्न और भावपूर्ण नज़रिया आया और नए ऑडियंस से जुड़ने में मदद मिली।

भरोसे में मज़बूती
स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने डीलरशिप पर कुल सेल्स और आफ्टरसेल्स वर्कफोर्स को 7,500 से ज़्यादा प्रोफेशनल्स तक बढ़ाकर अपने सर्विस इकोसिस्टम को मज़बूत किया, जिन्हें साल भर के दौरान 25,000 से ज़्यादा ट्रेनिंग दिनों से सपोर्ट मिला। ब्रैंड ने बेहतर ओनरशिप फायदे भी पेश किए, जिसमें पूरी रेंज में एक्सटेंडेड स्टैंडर्ड वारंटी, साथ ही फीचर-लेड वैल्यू अपग्रेड शामिल हैं, जिनका मकसद ओनरशिप कॉस्ट कम करना और ओवरऑल सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। कई कोशिशों से ब्रैंड की इंजीनियरिंग और काबिलियत पर भरोसा और मज़बूत हुआ। उनमें से कुछ में स्कोडा लेह एक्सपीडिशन के फैन्स शामिल थे। इसे उमलिंग ला तक पहुँचने वाले सबसे बड़े काफिले के तौर पर इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पहचान मिली, जो उस समय दुनिया की सबसे ऊँची रोड थी, जिस पर गाड़ी चलाना मुमकिन था। ऐसी ही एक और पहल में कोडियाक माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ फेस बेस कैंप तक पहुँचने वाली पहली पेट्रोल-पॉवर्ड एसयूवी बन गई।

जैसे ही स्कोडा ऑटो इंडिया 2026 में कदम रख रहा है, ब्रैंड अपने सिल्वर जुबली साल में रखी गई मजबूत नींव को और मजबूत बनाने पर फोकस कर रहा है, जिसमें नए प्रोडक्ट लाना, सेल्स और आफ्टरसेल्स की पहल को बढ़ाना, मार्केट में गहरी पैठ बनाना और अपने ग्राहकों की बात सुनने और उनके साथ आगे बढ़ने पर लगातार जोर देना शामिल है।
रिलेक्सो फुटवियर ने अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन में किया बोल्ड एवं आकर्षक रेंज का अनावरण

मुंबई, जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद फुटवियर निर्माता रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने आज डिस्ट्रीब्यूटर्स मीट के दौरान अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन का अनावरण किया। यह नई रेंज बदलती जीवनशैली को लेकर ब्राण्ड की बेहतरीन समझ को दर्शाती है। भारत किस तरह चलता है, काम करता है और स्टाइल की अभिव्यक्ति करता है, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई रेंज में आराम, फंक्शनेलिटी एवं आधुनिक डिज़ाइनों का संयोजन पेश किया गया है।
विभिन्न ब्राण्ड्स-रिलेक्सो, बहामास, फ्लाईट और स्पार्क्स-में उपलब्ध यह कलेक्शन आराम, मज़बूती और स्टाइल के बीच संतुलन बनाते हुए नई एवं आधुनिक पेशकश के साथ कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत बनाता है। विभिन्न मौकों एवं फैशन के अनुरूप डिज़ाइन की गई यह रेंज-बहुमुखी प्रतिभा, रोज़ाना पहनने की क्षमता और लम्बे चलने वाले परफोर्मेन्स पर रिलेक्सो के फोकस को और मजबूत करती है।
सीज़न के जीवंत रंगों, अपडेटेड सिलहूट एवं बहुमुखी स्टाइल्स में डिज़ाइन किया गया स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन सही मायनों में उपभोक्ताओं की वार्डरोब को अपग्रेड कर देगा। रोज़मर्रा के कैज़ुअल वियर से लेकर काम, छुट्टी मनाने एवं युवाओं के पसंदीदा स्टाइल्स तक- इस कलेक्शन में हर मूड, हर मौके एवं हर उम्र के लिए विकल्प उपलब्ध हैं। लाईटवेट, ब्रीदेबल मटीरियल में आसानी से स्टाइल किए जा सकने वाले डिज़ाइन सुनिश्चित करते हैं कि उपभोक्ता इसे सुबह से शाम तक आसानी से पहन सकें, ऐसे में यह रेंज व्यवहारिक होने के साथ-साथ फैशनेबल भी है।
इस कलेक्शन पर बात करते हुए श्री गौरव कुमार दुआ, होल टाईम डायरेक्टर, रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘इस कलेक्शन का हर प्रोडक्ट वास्तविक दुनिया के रूझानों एवं उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। हम ऐसे फुटवियर डिज़ाइन करते हैं जो उपभोक्ताओं की हर ज़रूरत को पूरा करें- जो आरामदायक, स्टाइलिश और टिकाऊ हों- और उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें। हमें विश्वास है कि इस रेंज को विभिन्न बाज़ारों से शानदार रिस्पॉन्स मिलेगा।“
रिलेक्सो आराम, स्टाइल एवं बेजोड़ मूल्य के साथ देश भर के उपभोक्ताओं को सोच-समझ कर इनसाईट-उन्मुख इनोवेशन्स उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का उत्तर प्रदेश में विस्तार, पाँच नई शाखाओं के साथ मजबूत कर रहा उपस्थिति

उत्तर प्रदेश में पाँच नई शाखाएँ खोलकर अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहा उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक

प्रयागराज, जनवरी 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसएफबी) ने आज उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए सालारपुर, धलेरी, धामपुर, भरवारी और मुंगरा बादशाहपुर में पाँच नई शाखाएँ शुरू कीं। यह कदम राज्य की विभिन्न वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि मोहल्ले के छोटे कारोबारियों से लेकर नए घर खरीदने वालों तक को आसानी से बैंकिंग सुविधाएँ मिल सकें।
इन नई शाखाओं के साथ उज्जीवन एसएफबी ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत की है। फिलहाल बैंक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 98.8 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है। ये पाँचों माइक्रोबैंकिंग (एमबी) आधारित शाखाएँ ग्रुप लोन (जीएल) और इंडिविजुअल लोन (आईएल) की सुविधा देंगी, जिससे संबंधित क्षेत्रों में बैंक की पहुँच और सेवाएँ दोनों बढ़ेंगी।
इस विस्तार पर बात करते हुए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के माइक्रोबैंकिंग और गोल्ड लोन प्रमुख विभास चंद्रा ने कहा, "उत्तर प्रदेश में इन पाँच नई शाखाओं की शुरुआत उन बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने की बैंक की रणनीति का हिस्सा है, जहाँ मजबूत आधार और ग्राहकों की माँग काफी अधिक है। राज्य में छोटे कारोबारियों, स्वरोज़गार करने वालों और माइक्रो एंटरप्राइजेज़ की संख्या काफी अधिक है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की बैंक की प्राथमिकता से पूरी तरह मेल खाती है। ज़मीनी स्तर पर मजबूत मौजूदगी के जरिए बैंक का लक्ष्य ग्राहकों तक और करीब से पहुँचना, साथ ही स्थानीय आर्थिक विकास में भी सहयोग करना है। यह कदम उत्तर भारत के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता और इस क्षेत्र पर उसके रणनीतिक फोकस को और मजबूत करता है।
उज्जीवन एसएफबी के 98.8 लाख ग्राहकों में 3.5 लाख सिर्फ एसेट वाले ग्राहक, 50.2 लाख सिर्फ लायबिलिटी वाले ग्राहक और 45.1 लाख ऐसे ग्राहक शामिल हैं, जिनके पास एसेट और लायबिलिटी दोनों तरह के संबंध हैं। यह बैंक की संतुलित और समावेशी विकास रणनीति को दर्शाता है। बैंक अपने ग्राहकों को सेविंग्स और करंट अकाउंट, फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट, डीमैट और इंश्योरेंस सेवाओं के साथ-साथ माइक्रोफाइनेंस, हाउसिंग, एमएसएमई, कृषि, वाहन और गोल्ड लोन जैसी कई तरह की वित्तीय सुविधाएँ लगातार उपलब्ध करा रहा है।
विभिन्न क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए उज्जीवन एसएफबी बिज़नेस लोन के तहत 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक का लोन देता है। वहीं, अफोर्डेबल हाउसिंग लोन 5 लाख से 75 लाख रुपए तक, माइक्रो मॉर्गेज लोन 3 लाख से 15 लाख रुपए तक, गोल्ड लोन 25,001 रुपए से 25 लाख रुपए तक और वाहन लोन 26,000 रुपए से 5 लाख रुपए तक उपलब्ध हैं। जमा के मामले में भी बैंक आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है, जहाँ सेविंग्स अकाउंट पर सालाना 7.25% तक और सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.95% तक ब्याज मिलता है।
डिजिटल सुविधाओं के मोर्चे पर भी बैंक लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग के लिए उज्जीवन ईज़ी और आसान इस्तेमाल के लिए स्थानीय भाषा, विज़ुअल और वॉइस आधारित ऐप 'हैलो उज्जीवन' ग्राहकों को बेहतर अनुभव देता है। इसके अलावा वीडियो बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, ताकि हर तरह के ग्राहक सुरक्षित और बिना रुकावट लेन-देन कर सकें।
सितंबर 2025 तिमाही में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। बैंक की कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 15% बढ़त दर्ज की गई, जबकि कासा डिपॉजिट 22% की बढ़त के साथ 10,783 करोड़ रुपए तक पहुँच गया और 10,000 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर गया। वहीं, बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो 14% बढ़कर 34,588 करोड़ रुपए हो गया। रणनीतिक तौर पर किए गए विविधीकरण की वजह से सुरक्षित लोन की हिस्सेदारी बढ़कर 47% हो गई।
इस तिमाही में बैंक ने अब तक का सबसे ज्यादा 7,932 करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट किया। एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला, जहाँ पीएआर घटकर 4.45% हो गया और जीएनपीए 2.5% पर स्थिर रहा। वित्त वर्ष 2026 की योजना के तहत बैंक ने इस तिमाही में 14 नई शाखाएँ भी खोलीं। साथ ही, उज्जीवन एसएफबी ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई में आवेदन किया है, जिस पर फिलहाल निर्णय का इंतज़ार है।
पालतू श्वान की बहादुरी: बाघ से भिड़कर मालिक की बचाई जान, खुद हो गया शहीद

रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे ग्राम मदनपुर गैबुआ में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पालतू श्वान ने स्वामी भक्ति की मिसाल पेश करते हुए अपने मालिक की जान बचाने के लिए खूंखार बाघ से सीधे टक्कर ली और अंतिम सांस तक संघर्ष किया। इस बहादुरी में श्वान की मौत हो गई, लेकिन मालिक सुरक्षित बच निकले।
घटना के अनुसार, ग्राम मदनपुर गैबुआ निवासी रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते के साथ खेत की ओर गन्ना खाने गए थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक रक्षित पर हमला करने की कोशिश की। खतरे को भांपते ही वफादार श्वान बाघ पर झपट पड़ा और उसे उलझाए रखा। दोनों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जिसमें बाघ ने श्वान पर घातक हमला कर दिया। श्वान की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसकी बहादुरी से रक्षित पांडे सुरक्षित बच निकले।
घटना के बाद रक्षित पांडे ने तुरंत परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी भाजपा नेता विपिन कांडपाल को दी गई, जिन्होंने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य को अवगत कराया।
वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मृत श्वान का पोस्टमार्टम कराया। डीएफओ ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने का आश्वासन दिया है।
भाजपा नेता विपिन कांडपाल ने बताया कि बाघ की लगातार गतिविधियों से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि बाघ को जल्द पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर इंसान और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है, साथ ही पालतू कुत्ते की वफादारी और बहादुरी की मिसाल पेश करती है। रक्षित पांडे ने आंसुओं के साथ कहा कि उनका कुत्ता मरते दम तक उनके लिए लड़ा और उन्हें कोई आंच नहीं आने दी।
उत्तराखंड : पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर पर एक और मुकदमा
* धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का आरोप


हरिद्वार, उत्तराखंड। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो विवाद के बीच अब उनके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के विरुद्ध धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह मुकदमा हरिलोक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार गौतम की शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके और सुरेश राठौर के पुराने संबंध थे। कुछ समय पहले राठौर ने उनसे उनकी गाड़ी मांगकर ली थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी वापस नहीं की गई। जब राजेश ने बार-बार गाड़ी लौटाने की मांग की, तो पूर्व विधायक टालमटोल करने लगे।
आरोप है कि विरोध करने पर सुरेश राठौर ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही गाड़ी वापस करने से भी साफ इनकार कर दिया। पीड़ित ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस नए मुकदमे के साथ ही सुरेश राठौर के खिलाफ अब हरिद्वार जिले में तीन और देहरादून में एक कुल चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावों के बाद से पूर्व विधायक सुर्खियों में बने हुए हैं। इनमें से पहले दर्ज मामलों में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।
यह घटना अंकिता भंडारी प्रकरण के बाद से सुरेश राठौर की बढ़ती कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों को दर्शाती है, जहां कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस मुद्दे को जमकर उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मामले की जांच जारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच पर कांग्रेस-बीजेपी में रार जारी

देहरादून। उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग और लंबे समय से चल रहे जन-आंदोलनों के दबाव में लिया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रार थमने का नाम नहीं ले रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सीएम धामी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जन-भावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष जांच की और दोषियों को जेल भेजा। अब सीबीआई जांच से विपक्ष के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा। भट्ट ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अंकिता के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से राजनीति बंद करने की अपील की और नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक झूठ करार दिया।
भाजपा का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार की इच्छा का सम्मान है और सरकार ने पहले भी पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की थी।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति को जनता के संघर्ष की जीत बताया, लेकिन इसे अधूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गोदियाल ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला देकर अपनी पिछली जांच में बड़ी चूक स्वीकार कर ली है। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कथित वीआईपी का नाम नहीं खुलता, बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती। गोदियाल ने जांच को टाइम-बाउंड बनाने की भी मांग की ताकि न्याय में देरी न हो।

यह मामला 2022 का है, जब अंकिता भंडारी (19) एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। विशेष जांच दल (SIT) ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई थी। हाल ही में वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित वीआईपी एंगल के खुलासे से विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गए।
अब केंद्र सरकार को इस संस्तुति पर अंतिम फैसला लेना है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय की उम्मीद बंधी है।
हज 2026 की तैयारियों का जायजा लेने सऊदी अरब रवाना हुए यूपी के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी
लखनऊ। हज 2026 के लिए हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब जाकर हज यात्रा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगा और आवश्यक निर्णय लेगा।

भारत सरकार द्वारा गठित इस प्रतिनिधिमंडल के चेयरपर्सन उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज) दानिश आज़ाद अंसारी को बनाया गया है। श्री अंसारी 10 जनवरी 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली से सऊदी अरब के लिए प्रस्थान करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी, बिहार राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी तथा हज कमेटी ऑफ इंडिया के उप कार्यपालक अधिकारी भी शामिल हैं। यह दल एक सप्ताह तक सऊदी अरब में रहकर हज 2026 के दौरान हज यात्रियों के ठहरने, परिवहन, खानपान और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करेगा।

प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज 2026 के दौरान भारतीय हज यात्रियों को अधिकतम सहूलियत मिले और वे पूरी यात्रा को सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से संपन्न कर सकें।
डोनाल्ड ट्रंप को हर हाल में क्यों चाहिए ग्रीनलैंड?

#whydoesdonaldtrumpwant_greenland

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं। वह अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कई बार डेनमार्क के नियंत्रण वाले इस द्वीप पर कब्जे की धमकी दे चुके हैं। वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप खेल कर चुके हैं। निकोलस मादुरो को उठवाकर अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर अपना कब्जा जमा चुका है। अब अमेरिका की नजर ग्रीनलैंड पर है।

रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे-ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात फिर ग्रीनलैंड पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका को 'कुछ करना ही होगा', वरना रूस और चीन इस आर्कटिक क्षेत्र पर कब्जा कर लेंगे। ट्रंप ने साफ कहा, 'हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे।'

डेनमार्क के दावे पर उठाया सवाल

तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने डेनमार्क के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, '500 साल पहले वहां नाव उतारने से जमीन की मालिकाना हक नहीं मिलता। हमने भी कई नावें भेजी थीं। लेकिन हमें यह जमीन चाहिए क्योंकि ग्रीनलैंड के आसपास आज रूसी और चीनी जहाज और पनडुब्बियां मौजूद हैं।'

ट्रंप को किस बात का सता रहा डर

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो चीन या रूस वहां अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकते हैं, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। मौजूदा सैन्य समझौते अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

*इतिहास का बदला लेना होगा...', ऐसा क्यों बोले अजीत डोभाल

#wemustavengehistorythiscountrysaysajitdoval

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित का। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने युवाओं से खास अपील की है। उन्होंने युवाओं को इतिहास से सीखने और एक मजबूत भारत के निर्माण का आग्रह किया है।

डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, मेरा अनुभव अलग है, और युवाओं के साथ उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। आपमें से अधिकांश मुझसे 60 वर्ष से अधिक छोटे हैं, इसलिए मैं थोड़ा असमंजस में था कि आऊं या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता-पूर्व भारत में हुआ था। मेरी जवानी तो कब की बीत चुकी है।'

भारत विकसित होगा, यह निश्चित है-जोभाल

अजीत डोभाल ने कहा, 'आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें - एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।'

युवाओं को इतिहास से प्रेरणा लेने की अपील

यंग लीडर्स डायलॉग में एनएसए ने कहा कि भारत को आजादी बहुत मुश्किल से मिली है। हमारे पूर्वजों ने बहुत कष्ट सहे, अपमान झेला और बहुत कुछ खोया। डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे इतिहास से प्रेरणा लें और अपने देश को फिर से मजबूत बनाएं। यह भारत अपने मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों पर आधारित होना चाहिए।

‘बदला' एक शक्तिशाली ताकत- डोभाल

डोभाल ने कहा, 'यह इतिहास हमें चुनौती देता है कि हर युवा के भीतर आग होनी चाहिए। ‘बदला' शब्द आदर्श नहीं है, लेकिन ‘बदला' एक शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने इतिहास का ‘बदला' लेना होगा और भारत को उसके अधिकारों, विचारों और विश्वासों के आधार पर फिर महान बनाना होगा।'

हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े- डोभाल

एनएसए ने कहा, हमारी सभ्यता बहुत विकसित थी। हमने किसी के मंदिर नहीं तोड़े। हम कहीं लूटने नहीं गए। हमने किसी दूसरे देश या लोगों पर हमला नहीं किया, जबकि बाकी दुनिया बहुत पिछड़ी हुई थी। लेकिन हम अपनी सुरक्षा और खुद को लेकर आने वाले खतरों को समझने में नाकाम रहे। इतिहास ने हमें सबक सिखाया जब हम इन खतरों के प्रति उदासीन रहे। क्या हमने वह सबक सीखा? क्या हम उस सबक को याद रखेंगे? अगर आने वाली पीढ़ियां उस सबक को भूल गईं, तो यह इस देश के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा।

कड़ाके की ठंड में मानवता की मिसाल: सोनू कुमार प्रजापति ने भुइया टोली में 150 से अधिक कंबलों का किया वितरण

हजारीबाग जिले में लगातार बढ़ती कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति ने एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए मानवता की मिसाल पेश की है। बाबू गांव पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भुइया टोली में रहने वाले गरीब और असहाय परिवार ठंड से सबसे अधिक प्रभावित हैं और उनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं।

हालात की गंभीरता को समझते हुए समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति ने बिना किसी देरी के तुरंत कंबल वितरण का निर्णय लिया। इसके बाद भुइया टोली में 150 से अधिक जरूरतमंद और गरीब परिवारों के बीच कंबलों का वितरण किया गया। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और सुकून साफ तौर पर देखने को मिला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सोनू कुमार प्रजापति पिछले 5 सालों से सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय हैं। वे गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं और समय-समय पर जरूरत के अनुसार मदद पहुंचाते रहे हैं। ठंड, गर्मी या किसी भी आपात स्थिति में उनका सेवा भाव लगातार देखने को मिलता है।

कंबल वितरण के दौरान मौजूद लाभार्थियों और ग्रामीणों ने सोनू कुमार प्रजापति के इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में यह मदद उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है। समाजसेवी सोनू कुमार प्रजापति का यह निस्वार्थ सेवा भाव समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

भारत में स्कोडा ऑटो का सिल्वर जुबली साल अब तक का सबसे शानदार साल बन गया है

अपनी 25वीं सालगिरह पर 72,665 कारें बेचकर सालाना 107% की ग्रोथ दर्ज की
2025 एक बेशकीमती साल रहा: स्पष्ट बिज़नेस ज़रूरतों के मार्गदर्शन और काम, अलग पहचान और भरोसे के स्तंभों पर टिका हुआ
प्रोडक्ट का धमाल: काइलैक को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक, कुशाक और स्लाविया की लगातार डिमांड और ऑक्टेविया आरएस को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स
नेटवर्क ग्रोथ: 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स तक पहुँच
ग्राहक को प्राथमिकता: ग्राहक की खुशी पर ज़्यादा ध्यान देने के लिए कई पहल शुरू की गईं

उदयपुर, जनवरी, 2026: स्कोडा ऑटो ने 2025 को अपनी भारत यात्रा में अब तक का सबसे अहम् साल बताया। इसने देश में अपनी 25वीं सालगिरह को अपनी अब तक की सबसे मज़बूत सेल्स परफॉर्मेंस के साथ मनाया। ब्रैंड ने 2025 को 72,665 कारों की बिक्री के साथ पूरा किया, जो 2024 में बेची गई 35,166 यूनिट्स की तुलना में सालाना 107% की बढ़ोतरी है। यह शानदार परफॉर्मेंस 2025 को स्कोडा ऑटो इंडिया का अब तक का सबसे शानदार साल बनाती है, जो प्रोडक्ट्स, मार्केट्स और कस्टमर टचपॉइंट्स में हुई तेज़ी को उजागर करती है।

इस खास साल पर टिप्पणी करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर, आशीष गुप्ता ने कहा, “साल 2025 हमारे लिए हमेशा खास रहेगा। यह भारत में हमारी 25वीं सालगिरह है और हमने यह साल अब तक के सबसे बेहतर और अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ देखा है और अब हम नेटवर्क और मार्केट में अपनी सबसे बड़ी मौजूदगी के मामले में सबसे आगे हैं। इस सबने, हमारे ग्राहकों के भरोसे और प्यार के साथ मिलकर, इसे भारत में अब तक का हमारा सबसे शानदार साल बनाया है। काइलैक को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स, कोडियाक के लिए लगातार तारीफ और ऑक्टेविया आरएस की वापसी के लिए जोश, ब्रैंड के साथ ग्राहकों के मज़बूत इमोशनल जुड़ाव को और पक्का करता है। इसके साथ ही, जिन कारों, कुशाक और स्लाविया से हमारी इंडिया 2.0 जर्नी शुरू हुई, उनकी लगातार डिमांड बनी हुई है। जैसे ही हम 2026 में कदम रख रहे हैं, हम इस मोमेंटम को नए प्रोडक्ट अटैक, बेहतर सेल्स और आफ्टरसेल्स इनिशिएटिव्स और अपनी पहुँच बढ़ाने और अपने ग्राहकों के करीब आने पर और भी ज़्यादा फोकस के साथ आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।”

अपनी पकड़ बनाए रखना
2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया का परफॉर्मेंस एक आसान प्रोडक्ट और नेटवर्क स्ट्रेटेजी पर आधारित था। काइलैक एक मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा, जिसने ब्रैंड की एक्सेसिबिलिटी को काफी बढ़ाया, जबकि कुशाक और स्लाविया के लिमिटेड एडिशन ने पूरे लाइन-अप में वैल्यू और फ्रेशनेस के अहसास को बढ़ाया। कोडियाक ने प्रीमियम एसयूवी स्पेस में स्कोडा की उपस्थिति को मजबूत किया और ऑक्टेविया आरएस की वापसी ने ब्रैंड की परफॉर्मेंस लेगेसी को फिर से रोशन कर दिया। साल के दौरान, स्कोडा ऑटो इंडिया ने 2021 से 200,000 से ज़्यादा लोकल तौर पर बनी कारों की बिक्री की उपलब्धि भी पार की, साथ ही 183 शहरों में 325 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट तक अपनी पहुँच बढ़ाई, जिससे पूरे भारत में यूरोपियन इंजीनियरिंग को पहुँचाने की उसकी प्रतिबद्धता और भी मज़बूत हुई। नेटवर्क विस्तार का एक बड़ा हिस्सा भारत में स्कोडा ऑटो के लंबे समय के डीलर पार्टनर्स के साथ किया गया है, साथ ही ग्राहक को महत्व देने के प्रूवन ट्रैक रिकॉर्ड वाले नए पार्टनर्स को भी शामिल किया गया है।

अलग पहचान बनाना
प्रोडक्ट्स के अलावा, 2025 में स्कोडा ऑटो इंडिया ने सही विचारों वाली स्टोरी, सांस्कृतिक महत्व और ग्राहक को महत्व देने वाले अनुभवों के ज़रिए अपने ब्रैंड की आवाज़ को बेहतर बनाया। भारत दुनिया का पहला बड़ा स्कोडा मार्केट बन गया, जिसने अपडेटेड कॉर्पोरेट आइडेंटिटी और डिज़ाइन के साथ अपने नेटवर्क की 100% रीब्रांडिंग पूरी की, जिससे ग्राहकों के लिए एक जैसा और मॉडर्न ब्रैंड अनुभव मज़बूत हुआ। रणवीर सिंह के स्कोडा ऑटो इंडिया के पहले ब्रैंड सुपरस्टार बनने से कस्टमर कम्युनिकेशन में एक बड़ी छलांग लगी, जिससे ब्रैंड में युवा एनर्जी और सांस्कृतिक जुड़ाव आया। साल के आखिर में, इस रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए, ‘फैन्स, नॉट ओनर्स’ कैंपेन ने स्कोडा के साथ लोगों के गहरे इमोशनल जुड़ाव का जश्न मनाया जो ओनरशिप से कहीं ज़्यादा है। ब्रैंड ने ऑक्टेविया आरएस कैंपेन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सितार वादक ऋषभ शर्मा के साथ भी मिलकर काम किया, जिससे परफॉर्मेंस स्टोरीटेलिंग में एक मॉडर्न और भावपूर्ण नज़रिया आया और नए ऑडियंस से जुड़ने में मदद मिली।

भरोसे में मज़बूती
स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने डीलरशिप पर कुल सेल्स और आफ्टरसेल्स वर्कफोर्स को 7,500 से ज़्यादा प्रोफेशनल्स तक बढ़ाकर अपने सर्विस इकोसिस्टम को मज़बूत किया, जिन्हें साल भर के दौरान 25,000 से ज़्यादा ट्रेनिंग दिनों से सपोर्ट मिला। ब्रैंड ने बेहतर ओनरशिप फायदे भी पेश किए, जिसमें पूरी रेंज में एक्सटेंडेड स्टैंडर्ड वारंटी, साथ ही फीचर-लेड वैल्यू अपग्रेड शामिल हैं, जिनका मकसद ओनरशिप कॉस्ट कम करना और ओवरऑल सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। कई कोशिशों से ब्रैंड की इंजीनियरिंग और काबिलियत पर भरोसा और मज़बूत हुआ। उनमें से कुछ में स्कोडा लेह एक्सपीडिशन के फैन्स शामिल थे। इसे उमलिंग ला तक पहुँचने वाले सबसे बड़े काफिले के तौर पर इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पहचान मिली, जो उस समय दुनिया की सबसे ऊँची रोड थी, जिस पर गाड़ी चलाना मुमकिन था। ऐसी ही एक और पहल में कोडियाक माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ फेस बेस कैंप तक पहुँचने वाली पहली पेट्रोल-पॉवर्ड एसयूवी बन गई।

जैसे ही स्कोडा ऑटो इंडिया 2026 में कदम रख रहा है, ब्रैंड अपने सिल्वर जुबली साल में रखी गई मजबूत नींव को और मजबूत बनाने पर फोकस कर रहा है, जिसमें नए प्रोडक्ट लाना, सेल्स और आफ्टरसेल्स की पहल को बढ़ाना, मार्केट में गहरी पैठ बनाना और अपने ग्राहकों की बात सुनने और उनके साथ आगे बढ़ने पर लगातार जोर देना शामिल है।
रिलेक्सो फुटवियर ने अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन में किया बोल्ड एवं आकर्षक रेंज का अनावरण

मुंबई, जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद फुटवियर निर्माता रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने आज डिस्ट्रीब्यूटर्स मीट के दौरान अपने स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन का अनावरण किया। यह नई रेंज बदलती जीवनशैली को लेकर ब्राण्ड की बेहतरीन समझ को दर्शाती है। भारत किस तरह चलता है, काम करता है और स्टाइल की अभिव्यक्ति करता है, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई रेंज में आराम, फंक्शनेलिटी एवं आधुनिक डिज़ाइनों का संयोजन पेश किया गया है।
विभिन्न ब्राण्ड्स-रिलेक्सो, बहामास, फ्लाईट और स्पार्क्स-में उपलब्ध यह कलेक्शन आराम, मज़बूती और स्टाइल के बीच संतुलन बनाते हुए नई एवं आधुनिक पेशकश के साथ कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत बनाता है। विभिन्न मौकों एवं फैशन के अनुरूप डिज़ाइन की गई यह रेंज-बहुमुखी प्रतिभा, रोज़ाना पहनने की क्षमता और लम्बे चलने वाले परफोर्मेन्स पर रिलेक्सो के फोकस को और मजबूत करती है।
सीज़न के जीवंत रंगों, अपडेटेड सिलहूट एवं बहुमुखी स्टाइल्स में डिज़ाइन किया गया स्प्रिंग समर 2026 कलेक्शन सही मायनों में उपभोक्ताओं की वार्डरोब को अपग्रेड कर देगा। रोज़मर्रा के कैज़ुअल वियर से लेकर काम, छुट्टी मनाने एवं युवाओं के पसंदीदा स्टाइल्स तक- इस कलेक्शन में हर मूड, हर मौके एवं हर उम्र के लिए विकल्प उपलब्ध हैं। लाईटवेट, ब्रीदेबल मटीरियल में आसानी से स्टाइल किए जा सकने वाले डिज़ाइन सुनिश्चित करते हैं कि उपभोक्ता इसे सुबह से शाम तक आसानी से पहन सकें, ऐसे में यह रेंज व्यवहारिक होने के साथ-साथ फैशनेबल भी है।
इस कलेक्शन पर बात करते हुए श्री गौरव कुमार दुआ, होल टाईम डायरेक्टर, रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘इस कलेक्शन का हर प्रोडक्ट वास्तविक दुनिया के रूझानों एवं उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। हम ऐसे फुटवियर डिज़ाइन करते हैं जो उपभोक्ताओं की हर ज़रूरत को पूरा करें- जो आरामदायक, स्टाइलिश और टिकाऊ हों- और उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें। हमें विश्वास है कि इस रेंज को विभिन्न बाज़ारों से शानदार रिस्पॉन्स मिलेगा।“
रिलेक्सो आराम, स्टाइल एवं बेजोड़ मूल्य के साथ देश भर के उपभोक्ताओं को सोच-समझ कर इनसाईट-उन्मुख इनोवेशन्स उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का उत्तर प्रदेश में विस्तार, पाँच नई शाखाओं के साथ मजबूत कर रहा उपस्थिति

उत्तर प्रदेश में पाँच नई शाखाएँ खोलकर अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रहा उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक

प्रयागराज, जनवरी 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसएफबी) ने आज उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए सालारपुर, धलेरी, धामपुर, भरवारी और मुंगरा बादशाहपुर में पाँच नई शाखाएँ शुरू कीं। यह कदम राज्य की विभिन्न वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि मोहल्ले के छोटे कारोबारियों से लेकर नए घर खरीदने वालों तक को आसानी से बैंकिंग सुविधाएँ मिल सकें।
इन नई शाखाओं के साथ उज्जीवन एसएफबी ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत की है। फिलहाल बैंक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 98.8 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है। ये पाँचों माइक्रोबैंकिंग (एमबी) आधारित शाखाएँ ग्रुप लोन (जीएल) और इंडिविजुअल लोन (आईएल) की सुविधा देंगी, जिससे संबंधित क्षेत्रों में बैंक की पहुँच और सेवाएँ दोनों बढ़ेंगी।
इस विस्तार पर बात करते हुए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के माइक्रोबैंकिंग और गोल्ड लोन प्रमुख विभास चंद्रा ने कहा, "उत्तर प्रदेश में इन पाँच नई शाखाओं की शुरुआत उन बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने की बैंक की रणनीति का हिस्सा है, जहाँ मजबूत आधार और ग्राहकों की माँग काफी अधिक है। राज्य में छोटे कारोबारियों, स्वरोज़गार करने वालों और माइक्रो एंटरप्राइजेज़ की संख्या काफी अधिक है, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की बैंक की प्राथमिकता से पूरी तरह मेल खाती है। ज़मीनी स्तर पर मजबूत मौजूदगी के जरिए बैंक का लक्ष्य ग्राहकों तक और करीब से पहुँचना, साथ ही स्थानीय आर्थिक विकास में भी सहयोग करना है। यह कदम उत्तर भारत के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता और इस क्षेत्र पर उसके रणनीतिक फोकस को और मजबूत करता है।
उज्जीवन एसएफबी के 98.8 लाख ग्राहकों में 3.5 लाख सिर्फ एसेट वाले ग्राहक, 50.2 लाख सिर्फ लायबिलिटी वाले ग्राहक और 45.1 लाख ऐसे ग्राहक शामिल हैं, जिनके पास एसेट और लायबिलिटी दोनों तरह के संबंध हैं। यह बैंक की संतुलित और समावेशी विकास रणनीति को दर्शाता है। बैंक अपने ग्राहकों को सेविंग्स और करंट अकाउंट, फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट, डीमैट और इंश्योरेंस सेवाओं के साथ-साथ माइक्रोफाइनेंस, हाउसिंग, एमएसएमई, कृषि, वाहन और गोल्ड लोन जैसी कई तरह की वित्तीय सुविधाएँ लगातार उपलब्ध करा रहा है।
विभिन्न क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए उज्जीवन एसएफबी बिज़नेस लोन के तहत 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक का लोन देता है। वहीं, अफोर्डेबल हाउसिंग लोन 5 लाख से 75 लाख रुपए तक, माइक्रो मॉर्गेज लोन 3 लाख से 15 लाख रुपए तक, गोल्ड लोन 25,001 रुपए से 25 लाख रुपए तक और वाहन लोन 26,000 रुपए से 5 लाख रुपए तक उपलब्ध हैं। जमा के मामले में भी बैंक आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है, जहाँ सेविंग्स अकाउंट पर सालाना 7.25% तक और सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.95% तक ब्याज मिलता है।
डिजिटल सुविधाओं के मोर्चे पर भी बैंक लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग के लिए उज्जीवन ईज़ी और आसान इस्तेमाल के लिए स्थानीय भाषा, विज़ुअल और वॉइस आधारित ऐप 'हैलो उज्जीवन' ग्राहकों को बेहतर अनुभव देता है। इसके अलावा वीडियो बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, ताकि हर तरह के ग्राहक सुरक्षित और बिना रुकावट लेन-देन कर सकें।
सितंबर 2025 तिमाही में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। बैंक की कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 15% बढ़त दर्ज की गई, जबकि कासा डिपॉजिट 22% की बढ़त के साथ 10,783 करोड़ रुपए तक पहुँच गया और 10,000 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर गया। वहीं, बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो 14% बढ़कर 34,588 करोड़ रुपए हो गया। रणनीतिक तौर पर किए गए विविधीकरण की वजह से सुरक्षित लोन की हिस्सेदारी बढ़कर 47% हो गई।
इस तिमाही में बैंक ने अब तक का सबसे ज्यादा 7,932 करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट किया। एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला, जहाँ पीएआर घटकर 4.45% हो गया और जीएनपीए 2.5% पर स्थिर रहा। वित्त वर्ष 2026 की योजना के तहत बैंक ने इस तिमाही में 14 नई शाखाएँ भी खोलीं। साथ ही, उज्जीवन एसएफबी ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई में आवेदन किया है, जिस पर फिलहाल निर्णय का इंतज़ार है।