ज्ञानपुर में 4.92 करोड़ का इनडोर मिनी स्टेडियम, युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
विभूति नारायण इंटर कॉलेज मैदान में विधायक विपुल दुबे ने किया भूमि पूजन, हाईमास्ट व शहीद स्मारक सौंदर्यीकरण की भी उठी मांग

रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही के ज्ञानपुर में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभूति नारायण इंटर कॉलेज के मैदान में प्रस्तावित 4 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इनडोर मिनी स्टेडियम का भूमि पूजन क्षेत्रीय विधायक विपुल दुबे द्वारा विधिवत रूप से किया गया।

भूमि पूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ, जिसमें विद्वान आचार्य ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विनय पांडे ‘गोरे लाल’ ने किया।
कार्यक्रम में जीआईसी के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी, चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, भाजपा महामंत्री रमेश पांडे, कुंवर प्रमोद चंद मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, श्रीमंत मौर्य, विभूति तिवारी, रामविलास मिश्र, विजय बिंद, रमेश पासी, विजय प्रताप सिंह, राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विजय बिंद ने जीआईसी मैदान में हाईमास्ट लाइट लगवाने तथा शहीद स्मारक को सुसज्जित करने की मांग उठाई। वहीं चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता ने कहा कि विधायक के प्रयासों से क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हो रहा है। रमेश चंद्र पांडे ने दावा किया कि ज्ञानपुर विधानसभा में करीब दो हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 1889 में स्थापित इस विद्यालय की गरिमा को और बढ़ाने के लिए यह मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है, जो कॉलेज के स्वाभिमान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं और आने वाले पांच वर्षों में ज्ञानपुर विधानसभा में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इनडोर मिनी स्टेडियम बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मंच मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिलेगी।
जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर पर कैश मिलने के मामले में चल रही है जांच

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कैश कांड में फंसे इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहते उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वे विवादों से घिर गए थे।

जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है।

पिछले साल मार्च में घर से मिले थे जले हुए नोट

पिछले साल मार्च के महीने में जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर से जले हुए नोट मिले थे। इस समय वह दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे। घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था।

एक साल से चल रही जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ पिछले साल अगस्त में बहुदलीय नोटिस लोकसभा में लाया गया था। इस नोटिस में यशवंत वर्मा को न्यायाधीश के पद से हटाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी.आचार्य शामिल थे। इसी साल फरवरी में ओम बिरला ने न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया। समिति की जांच चल रही है और जल्द ही जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाया जा सकता है।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

आलू की मंदी ने ली तीन किसानों की जान; राज्यपाल से 10-10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
फर्रुखाबाद l प्रदेश में आलू की कीमतों में आई भारी मंदी और कर्ज के बोझ ने एक बार फिर किसानों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया है। एटा, कन्नौज और अलीगढ़ जिलों से आई किसानों की आत्महत्या की खबरों ने कृषि जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 'आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उ.प्र.' के निदेशक और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कटियार ने प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मृतक किसानों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
कर्ज के दलदल में फंसे किसान
राज्यपाल को भेजे गए पत्र में अशोक कटियार ने बताया कि आलू की खेती में आई भारी गिरावट और बाजार में उचित दाम न मिलने के कारण किसान गहरे वित्तीय संकट में हैं। कर्ज न चुका पाने के कारण मानसिक तनाव में आकर तीन किसानों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। जिसमें सोमवीर (35 वर्ष): ग्राम तमरौरा, थाना नयागांव, जनपद एटा।
वेदप्रकाश (40 वर्ष): निवासी नगला बिसुना, थाना सकरावा, जनपद कन्नौज।
विकास (38 वर्ष): निवासी ग्राम बड़ा कला, थाना इगलास, जनपद अलीगढ़।
अशोक कटियार ने पत्र में जोर देकर कहा कि इन तीनों किसानों के परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। घर के मुख्य कमाने वाले सदस्यों के चले जाने से परिजनों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मानवीय आधार पर विवेकाधीन कोष से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का विनम्र अनुरोध किया है।

किसानों में गहरा रोष
आलू बेल्ट कहे जाने वाले इन जनपदों में इस घटना के बाद से किसानों के बीच गहरा शोक और रोष व्याप्त है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते आलू के समर्थन मूल्य और भंडारण की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संकट और गहरा सकता है। अब सबकी निगाहें राजभवन के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या इन बेसहारा परिवारों को समय पर न्याय और मदद मिल पाएगी
फॉर्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर 7 जनसेवा केंद्रों को नोटिस जारी
फर्रुखाबाद l शासन स्तर से फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा किए जाने के बावजूद सहयोग न किए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए 7 जनसेवा केंद्रों के संचालकों को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इन जन से वा केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं l जनसेवा केंद्रों में विपिन जनसेवा केंद्र पिपरगांव, भूप सिंह जनसेवा केंद्र पिपरगांव, मुर्शीद राणा जनसेवा केंद्र याकूतगंज, सतगुरु जन सेवा केंद्र मदनपुर, रामू जनसेवा केंद्र त्योरखास, परवेज अहमद जन सेवा केंद्र जरारी तथा संदीप जनसेवा केंद्र सिरौली शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि सभी जनसेवा केंद्रों के संचालकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें


प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में अनियमित बिजली कटौती और अधिक बिलिंग से लोग परेशान, सिर्फ मिलता है आश्वासन


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियाें के साथ बैठक हुई। इसमें अनियमित बिजली कटौती, अधिक बिलिंग का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियाें ने दो टूक कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वह लंबे समय से मांग कर रहे हैं। हमेशा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। उद्यमियों को लाखों का हो रहा नुकसान उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि दिन में कई बार ट्रिपिंग होती है। इससे प्रतिदिन उद्यमियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें हुईं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। बीच-बीच में मनमाने तरीके से बिल भेज दिया जाता है। लोड बढ़ाने व घटाने के लिए उद्यमियों को कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ती है। ढीले व लटके तार और झुके हैं बिजली के खंभे नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नैय्यर ने कहा कि कई जगहों पर तार ढीले होकर लटक रहे हैं। खंभे झुके हुए हैं। तारों के ऊपर पेड़ों की टहनियां हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से अगर कार्य कराए जाएं तो यह समस्या दूर हो सकती है। अधीक्षण अभियंता ने समस्याओं के समाधान की बात कही अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत व आशीष सिन्हा ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया। अधिशासी अभियंता रचित खन्ना, एसडीओ मदन, जेई मुनेश कुमार, उद्यमी डा. पुनीत अरोरा, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, के. खान, सुशील दुबे, मोहित नैय्यर आदि रहे।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें




विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानपुर में 4.92 करोड़ का इनडोर मिनी स्टेडियम, युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
विभूति नारायण इंटर कॉलेज मैदान में विधायक विपुल दुबे ने किया भूमि पूजन, हाईमास्ट व शहीद स्मारक सौंदर्यीकरण की भी उठी मांग

रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही के ज्ञानपुर में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभूति नारायण इंटर कॉलेज के मैदान में प्रस्तावित 4 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इनडोर मिनी स्टेडियम का भूमि पूजन क्षेत्रीय विधायक विपुल दुबे द्वारा विधिवत रूप से किया गया।

भूमि पूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ, जिसमें विद्वान आचार्य ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विनय पांडे ‘गोरे लाल’ ने किया।
कार्यक्रम में जीआईसी के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी, चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, भाजपा महामंत्री रमेश पांडे, कुंवर प्रमोद चंद मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, श्रीमंत मौर्य, विभूति तिवारी, रामविलास मिश्र, विजय बिंद, रमेश पासी, विजय प्रताप सिंह, राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विजय बिंद ने जीआईसी मैदान में हाईमास्ट लाइट लगवाने तथा शहीद स्मारक को सुसज्जित करने की मांग उठाई। वहीं चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता ने कहा कि विधायक के प्रयासों से क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हो रहा है। रमेश चंद्र पांडे ने दावा किया कि ज्ञानपुर विधानसभा में करीब दो हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 1889 में स्थापित इस विद्यालय की गरिमा को और बढ़ाने के लिए यह मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है, जो कॉलेज के स्वाभिमान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं और आने वाले पांच वर्षों में ज्ञानपुर विधानसभा में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इनडोर मिनी स्टेडियम बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मंच मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिलेगी।
जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर पर कैश मिलने के मामले में चल रही है जांच

ॉ#allahabadjusticeyashwantvermasubmitsresignationto_president

कैश कांड में फंसे इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहते उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वे विवादों से घिर गए थे।

जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है।

पिछले साल मार्च में घर से मिले थे जले हुए नोट

पिछले साल मार्च के महीने में जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर से जले हुए नोट मिले थे। इस समय वह दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे। घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था।

एक साल से चल रही जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ पिछले साल अगस्त में बहुदलीय नोटिस लोकसभा में लाया गया था। इस नोटिस में यशवंत वर्मा को न्यायाधीश के पद से हटाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी.आचार्य शामिल थे। इसी साल फरवरी में ओम बिरला ने न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया। समिति की जांच चल रही है और जल्द ही जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाया जा सकता है।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

आलू की मंदी ने ली तीन किसानों की जान; राज्यपाल से 10-10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
फर्रुखाबाद l प्रदेश में आलू की कीमतों में आई भारी मंदी और कर्ज के बोझ ने एक बार फिर किसानों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया है। एटा, कन्नौज और अलीगढ़ जिलों से आई किसानों की आत्महत्या की खबरों ने कृषि जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 'आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उ.प्र.' के निदेशक और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कटियार ने प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मृतक किसानों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
कर्ज के दलदल में फंसे किसान
राज्यपाल को भेजे गए पत्र में अशोक कटियार ने बताया कि आलू की खेती में आई भारी गिरावट और बाजार में उचित दाम न मिलने के कारण किसान गहरे वित्तीय संकट में हैं। कर्ज न चुका पाने के कारण मानसिक तनाव में आकर तीन किसानों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। जिसमें सोमवीर (35 वर्ष): ग्राम तमरौरा, थाना नयागांव, जनपद एटा।
वेदप्रकाश (40 वर्ष): निवासी नगला बिसुना, थाना सकरावा, जनपद कन्नौज।
विकास (38 वर्ष): निवासी ग्राम बड़ा कला, थाना इगलास, जनपद अलीगढ़।
अशोक कटियार ने पत्र में जोर देकर कहा कि इन तीनों किसानों के परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। घर के मुख्य कमाने वाले सदस्यों के चले जाने से परिजनों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मानवीय आधार पर विवेकाधीन कोष से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का विनम्र अनुरोध किया है।

किसानों में गहरा रोष
आलू बेल्ट कहे जाने वाले इन जनपदों में इस घटना के बाद से किसानों के बीच गहरा शोक और रोष व्याप्त है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते आलू के समर्थन मूल्य और भंडारण की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संकट और गहरा सकता है। अब सबकी निगाहें राजभवन के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या इन बेसहारा परिवारों को समय पर न्याय और मदद मिल पाएगी
फॉर्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर 7 जनसेवा केंद्रों को नोटिस जारी
फर्रुखाबाद l शासन स्तर से फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा किए जाने के बावजूद सहयोग न किए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए 7 जनसेवा केंद्रों के संचालकों को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इन जन से वा केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं l जनसेवा केंद्रों में विपिन जनसेवा केंद्र पिपरगांव, भूप सिंह जनसेवा केंद्र पिपरगांव, मुर्शीद राणा जनसेवा केंद्र याकूतगंज, सतगुरु जन सेवा केंद्र मदनपुर, रामू जनसेवा केंद्र त्योरखास, परवेज अहमद जन सेवा केंद्र जरारी तथा संदीप जनसेवा केंद्र सिरौली शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि सभी जनसेवा केंद्रों के संचालकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें


प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में अनियमित बिजली कटौती और अधिक बिलिंग से लोग परेशान, सिर्फ मिलता है आश्वासन


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियाें के साथ बैठक हुई। इसमें अनियमित बिजली कटौती, अधिक बिलिंग का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियाें ने दो टूक कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वह लंबे समय से मांग कर रहे हैं। हमेशा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। उद्यमियों को लाखों का हो रहा नुकसान उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि दिन में कई बार ट्रिपिंग होती है। इससे प्रतिदिन उद्यमियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें हुईं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। बीच-बीच में मनमाने तरीके से बिल भेज दिया जाता है। लोड बढ़ाने व घटाने के लिए उद्यमियों को कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ती है। ढीले व लटके तार और झुके हैं बिजली के खंभे नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नैय्यर ने कहा कि कई जगहों पर तार ढीले होकर लटक रहे हैं। खंभे झुके हुए हैं। तारों के ऊपर पेड़ों की टहनियां हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से अगर कार्य कराए जाएं तो यह समस्या दूर हो सकती है। अधीक्षण अभियंता ने समस्याओं के समाधान की बात कही अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत व आशीष सिन्हा ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया। अधिशासी अभियंता रचित खन्ना, एसडीओ मदन, जेई मुनेश कुमार, उद्यमी डा. पुनीत अरोरा, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, के. खान, सुशील दुबे, मोहित नैय्यर आदि रहे।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें




विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।