संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज', मोहन भागवत ने बताई आरएसएस की अधूरी सफलता की वजह
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने हिंदू समाज को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने देश भर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की भी वकालत की।
आरएसएस चीफ या सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को उन्होंने लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाज के लोगों से तकरीबन ढाई घंटे तक बातचीत की।इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ के विचारों के बारे में भी बताया और लोगों के सवालों के सहजता से उत्तर भी दिए। मोटे तौर पर सात ऐसे सम-सामयिक और राजनीति मुद्दे हैं, जिन पर भागवत ने आरएसएस की सोच को लोगों के सामने रखा।
हिंदू समाज एकजुट नहीं-भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन यह भी माना है कि इसका मिशन अभी भी अधूरा है। उन्होंने कहा, 'संघ ने बहुत काम किया है, लेकिन इसे पूर्ण सफलता नहीं मिली है, क्योंकि हिंदू समाज एकजुट नहीं है।' आरएसएस प्रमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि बिना संघ में शामिल हुए,इसे जज करने की कोशिश न करें। उन्होंने राष्ट्रहित में हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की।
हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन-भागवत
प्रश्न-उत्तर के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस सवाल का भी सामना करना पड़ा कि आरएसएस की सबसे बड़ी समस्या क्या है। इसपर उन्होंने कहा, 'हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन है।' उनका कहना है कि 'भिन्न-भिन्न जातियों और पंथों से अपनी पहचान बनाने की जगह, हिंदू के तौर पर अपनी पहचान बनाना हम सभी के लिए बेहतर है। सामाजिक सौहार्द समाजिक एकता का आधार है।' उनके अनुसार, 'जाति व्यवस्था धीरे-धीरे मिट रही है। युवा पीढ़ी में यह व्यवहार दिख रहा है।' 'जिस दिन समाज में जाति का महत्त्व नहीं रहेगा, जाति की राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे।'
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति पर जोर
एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।
बीजेपी-आरएसएस संबंध पर क्या बोले भागवत?
इस दौरान संघ प्रमुख ने भाजंपा-आरएसएस संबंधो को लेकर लगने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। भागवत ने संघ को बीजेपी का रिमोट बताए जाने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।
2 min ago
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