महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

एएनटीएफ ने तीन अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हेरोइन और कैमिकल जब्त
लखनऊ /बरेली। एएनटीएफ यूनिट बरेली ने 06 जनवरी को तीन अंतरराज्यीय सक्रिय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 52.5 किलो Acetic Anhydide और 640 ग्राम अवैध स्मैक/हेरोइन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.43 करोड़ रुपये है। इसके अलावा पुलिस ने 1 ईनोवा कार, 3 मोबाइल फोन और 1,03,520 रुपये नकद भी जब्त किए।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान

ओमेन्द्र, ग्राम बहोरपुरा, थाना बिनावर, जिला बदायूँ
्रमनोज, ग्राम औंध, थाना फतेहगंज पश्चिमी, जिला बरेली
शाकिर, ग्राम साहासा, थाना विसारतगंज, जिला बरेली

हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल खरीदते थे

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे स्मैक/हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल खरीदते थे और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।इस संबंध में थाना मीरगंज, बरेली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और विधिक कार्रवाई जारी है।एएनटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच का प्रशासनिक अतिक्रमण हटाओ अभियान को पूर्ण समर्थन लेकिन भेदभाव न हो --रमेश माहेश्वरी*
सुल्तानपुर,काउंसिल आफ उद्योग व्यापार मंच ने विगत दिवस अपनी कोर कमेटी की बैठक में सुल्तानपुर नगर क्षेत्र के सभी सम्मानित व्यापारियों से अपील की थी कि यदि उन्हें अपना व्यापार बचाना है तो स्वत: ही स्वयं के द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाना होगा व नगर पालिका से अनुरोध कर ठेले, रेहड़ी गुमटी वालों को वेंडिंग जोन में सख़्ती के साथ पुनर्स्थापित करवाना होगा। प्रदेश प्रवक्ता रमेश महेश्वरी ने प्रशासन को धन्यवाद देते हुए यह निवेदन किया है कि अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना किया जाये न ही राजनीतिक दबाव का ध्यान रखा जाए,,साथ ही अपने व्यापारी भाइयों से भी अपील की वे अतिक्रमण हटाने में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की विपरीत स्थिति में काउंसिल आफ उद्योग व्यापार मंच व्यापारी बंधु का समर्थन नहीं कर पायेगा।
माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी, 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बार लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।

12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा

नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि के लिए मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। जिन लोग दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
राज्य की अंतिम मतदाता सूची में सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में कुल 1,72,486 बूथ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों की मदद ली गई।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है या परिवार के किसी गैर-मौजूद सदस्य का नाम दर्ज है, तो वे चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस कार्य के लिए समयसीमा 6 फरवरी 2026 तय की गई है। दावों और आपत्तियों का निपटारा आयोग 27 फरवरी तक करेगा।

मतदाता बनने या नाम जोड़ने/सुधारने के लिए निम्न फॉर्म उपलब्ध

फॉर्म 6: नए मतदाताओं के लिए आवेदन
फॉर्म 6क: विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए, यदि उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7: सूची में नाम हटाने या जोड़ने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8: पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए
इन फॉर्म को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.inसे प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन इस प्रकार से करें जांच

मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in
पोर्टल पर जाकर “Search in Electoral Roll” में नाम, पिता का नाम या वोटर आईडी (EPIC) दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप और स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।नोटिस प्राप्त मतदाताओं के नाम गृह विभाग को नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन आयोग इनका विवरण सार्वजनिक करेगा।
यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
मीरा भायंदर में महाविजय की तरफ बढ़ती भाजपा, वार्ड 18 में हताश हुआ विपक्ष
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा महायुति नहीं करने का निर्णय रंग लाता नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा जहां लगातार महाविजय की तरफ बढ़ रही है, वही शिवसेना प्रत्याशियों के चेहरों पर  महायुती न होने की निराशा साफ दिखाई दे रही है। महापालिका के प्रभाग क्रमांक 18 में भाजपा प्रत्याशी पूर्व महापौर निर्मला सावले, मयूरी सचिन म्हात्रे, नीला सोंस तथा युवा चेहरा विवेक उपाध्याय के पैनल को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। इनकी पदयात्राओं में शामिल मतदाताओं का जोश और उत्साह देखते हुए विपक्ष अभी से पस्त होता दिखाई दे रहा है। प्रभारी सुरेश सिंह की माने तो आमदार नरेंद्र मेहता और जिला अध्यक्ष दिलीप जैन के नेतृत्व में हम यहां से रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल करने जा रहे हैं। इस वार्ड में सिर्फ और सिर्फ भाजपा की लहर है। सुरेश सिंह के अलावा सह प्रभारी अजय सिंह ठाकुर, सह प्रभारी  कमलेश दुबे, मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा, कार्यालय प्रभारी जय शेटे, तेजस्विनी सरिता हरपले समेत अनेक लोग इस वार्ड में विजय को महाविजय में तब्दील करने में लगे हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
SHRESHTA परीक्षा में अरुण सेवा कोचिंग के 10 छात्र सफल,ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक में स्थान बनाया*

सुलतानपुर के कादीपुर क्षेत्र के घूरीपूर, पांडे बाबा में संचालित अरुण सेवा कोचिंग के 10 विद्यार्थियों ने इस वर्ष आयोजित SHRESHTA परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन छात्रों ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) में स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सफल होने वाले विद्यार्थियों में विकास (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 105, काजल (भैरोपुर) ने AIR 766, शनिदेव (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 865, कामिनी (गुरेगांव बेलहरी) ने AIR 818, अर्चिता (खनूहट) ने AIR 922, अर्पित (भैरोपुर) ने AIR 1013, सुमित कुमार (मोतिगरपुर) ने AIR 1335, हिमांशु (हांसापुर) ने AIR 1696, आदित्य (धरसौली) ने AIR 2032 और अभिषा (करनाईपुर) ने AIR 2495 रैंक हासिल की है। ये सभी विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत हैं। SHRESHTA परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद इन्हें देशभर के शीर्ष सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इन विद्यार्थियों को पिछले छह वर्षों से अरुण सेवा कोचिंग में सहायक अध्यापक अरुण कुमार प्रजापति द्वारा निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया जा रहा है। श्री प्रजापति वर्तमान में यू.पी.एस. कैथाना गोरसरा, मोतिगरपुर, सुलतानपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। अरुण कुमार प्रजापति ने इस अवसर पर कहा, "ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अपार प्रतिभा छिपी होती है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मेरा प्रयास हमेशा यही रहा है कि शिक्षा को साधन बनाकर इन बच्चों का भविष्य संवार सकूँ।" इन छात्रों की उपलब्धि पर अरुण सेवा कोचिंग में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावक और भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति भी उपस्थित रहे। डॉ. प्रजापति ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है।
ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

एएनटीएफ ने तीन अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हेरोइन और कैमिकल जब्त
लखनऊ /बरेली। एएनटीएफ यूनिट बरेली ने 06 जनवरी को तीन अंतरराज्यीय सक्रिय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 52.5 किलो Acetic Anhydide और 640 ग्राम अवैध स्मैक/हेरोइन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.43 करोड़ रुपये है। इसके अलावा पुलिस ने 1 ईनोवा कार, 3 मोबाइल फोन और 1,03,520 रुपये नकद भी जब्त किए।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान

ओमेन्द्र, ग्राम बहोरपुरा, थाना बिनावर, जिला बदायूँ
्रमनोज, ग्राम औंध, थाना फतेहगंज पश्चिमी, जिला बरेली
शाकिर, ग्राम साहासा, थाना विसारतगंज, जिला बरेली

हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल खरीदते थे

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे स्मैक/हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल खरीदते थे और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।इस संबंध में थाना मीरगंज, बरेली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और विधिक कार्रवाई जारी है।एएनटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच का प्रशासनिक अतिक्रमण हटाओ अभियान को पूर्ण समर्थन लेकिन भेदभाव न हो --रमेश माहेश्वरी*
सुल्तानपुर,काउंसिल आफ उद्योग व्यापार मंच ने विगत दिवस अपनी कोर कमेटी की बैठक में सुल्तानपुर नगर क्षेत्र के सभी सम्मानित व्यापारियों से अपील की थी कि यदि उन्हें अपना व्यापार बचाना है तो स्वत: ही स्वयं के द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाना होगा व नगर पालिका से अनुरोध कर ठेले, रेहड़ी गुमटी वालों को वेंडिंग जोन में सख़्ती के साथ पुनर्स्थापित करवाना होगा। प्रदेश प्रवक्ता रमेश महेश्वरी ने प्रशासन को धन्यवाद देते हुए यह निवेदन किया है कि अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना किया जाये न ही राजनीतिक दबाव का ध्यान रखा जाए,,साथ ही अपने व्यापारी भाइयों से भी अपील की वे अतिक्रमण हटाने में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की विपरीत स्थिति में काउंसिल आफ उद्योग व्यापार मंच व्यापारी बंधु का समर्थन नहीं कर पायेगा।
माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी, 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बार लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।

12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा

नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि के लिए मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। जिन लोग दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
राज्य की अंतिम मतदाता सूची में सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में कुल 1,72,486 बूथ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों की मदद ली गई।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है या परिवार के किसी गैर-मौजूद सदस्य का नाम दर्ज है, तो वे चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस कार्य के लिए समयसीमा 6 फरवरी 2026 तय की गई है। दावों और आपत्तियों का निपटारा आयोग 27 फरवरी तक करेगा।

मतदाता बनने या नाम जोड़ने/सुधारने के लिए निम्न फॉर्म उपलब्ध

फॉर्म 6: नए मतदाताओं के लिए आवेदन
फॉर्म 6क: विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए, यदि उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7: सूची में नाम हटाने या जोड़ने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8: पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए
इन फॉर्म को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.inसे प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन इस प्रकार से करें जांच

मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in
पोर्टल पर जाकर “Search in Electoral Roll” में नाम, पिता का नाम या वोटर आईडी (EPIC) दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप और स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।नोटिस प्राप्त मतदाताओं के नाम गृह विभाग को नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन आयोग इनका विवरण सार्वजनिक करेगा।
यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
मीरा भायंदर में महाविजय की तरफ बढ़ती भाजपा, वार्ड 18 में हताश हुआ विपक्ष
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा महायुति नहीं करने का निर्णय रंग लाता नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा जहां लगातार महाविजय की तरफ बढ़ रही है, वही शिवसेना प्रत्याशियों के चेहरों पर  महायुती न होने की निराशा साफ दिखाई दे रही है। महापालिका के प्रभाग क्रमांक 18 में भाजपा प्रत्याशी पूर्व महापौर निर्मला सावले, मयूरी सचिन म्हात्रे, नीला सोंस तथा युवा चेहरा विवेक उपाध्याय के पैनल को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। इनकी पदयात्राओं में शामिल मतदाताओं का जोश और उत्साह देखते हुए विपक्ष अभी से पस्त होता दिखाई दे रहा है। प्रभारी सुरेश सिंह की माने तो आमदार नरेंद्र मेहता और जिला अध्यक्ष दिलीप जैन के नेतृत्व में हम यहां से रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल करने जा रहे हैं। इस वार्ड में सिर्फ और सिर्फ भाजपा की लहर है। सुरेश सिंह के अलावा सह प्रभारी अजय सिंह ठाकुर, सह प्रभारी  कमलेश दुबे, मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा, कार्यालय प्रभारी जय शेटे, तेजस्विनी सरिता हरपले समेत अनेक लोग इस वार्ड में विजय को महाविजय में तब्दील करने में लगे हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
SHRESHTA परीक्षा में अरुण सेवा कोचिंग के 10 छात्र सफल,ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक में स्थान बनाया*

सुलतानपुर के कादीपुर क्षेत्र के घूरीपूर, पांडे बाबा में संचालित अरुण सेवा कोचिंग के 10 विद्यार्थियों ने इस वर्ष आयोजित SHRESHTA परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन छात्रों ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) में स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सफल होने वाले विद्यार्थियों में विकास (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 105, काजल (भैरोपुर) ने AIR 766, शनिदेव (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 865, कामिनी (गुरेगांव बेलहरी) ने AIR 818, अर्चिता (खनूहट) ने AIR 922, अर्पित (भैरोपुर) ने AIR 1013, सुमित कुमार (मोतिगरपुर) ने AIR 1335, हिमांशु (हांसापुर) ने AIR 1696, आदित्य (धरसौली) ने AIR 2032 और अभिषा (करनाईपुर) ने AIR 2495 रैंक हासिल की है। ये सभी विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत हैं। SHRESHTA परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद इन्हें देशभर के शीर्ष सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इन विद्यार्थियों को पिछले छह वर्षों से अरुण सेवा कोचिंग में सहायक अध्यापक अरुण कुमार प्रजापति द्वारा निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया जा रहा है। श्री प्रजापति वर्तमान में यू.पी.एस. कैथाना गोरसरा, मोतिगरपुर, सुलतानपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। अरुण कुमार प्रजापति ने इस अवसर पर कहा, "ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अपार प्रतिभा छिपी होती है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मेरा प्रयास हमेशा यही रहा है कि शिक्षा को साधन बनाकर इन बच्चों का भविष्य संवार सकूँ।" इन छात्रों की उपलब्धि पर अरुण सेवा कोचिंग में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावक और भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति भी उपस्थित रहे। डॉ. प्रजापति ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है।
ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।