तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत, ऑनलाइन गेम की लत बनी आत्महत्या की वजह!
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी की है। मृतक बच्चियों की पहचान निशिका, प्रावी और पार्थवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बीती रात करीब 2:15 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि टावर बी-1, फ्लैट नंबर 907 की बालकनी से तीन बच्चियों ने छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को गंभीर हालत में 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें केवल “मम्मी-पापा सॉरी” लिखा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें “कोरियन लवर” नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं। पिता चेतन कुमार के अनुसार, बच्चियां मोबाइल गेम खेलती थीं और घटना वाले दिन उनका आखिरी टास्क था। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है। परिजनों से पूछताछ जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर इस सामूहिक आत्महत्या की वजह ऑनलाइन गेम की लत मानी जा रही है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और साइबर टीम को भी शामिल किया गया है ताकि गेम से जुड़े लिंक और चैट हिस्ट्री खंगाली जा सके। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेम की बढ़ती लत बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
बेटिकट पकड़े गए यात्रियों से लाखों रुपये जुर्माना वसूला गया,सैकड़ो के खिलाफ की गई कार्रवाई*
सुल्तानपुर, मेरा टिकट-मेरा स्वाभिमान अभियान के तहत रेलवे की स्पेशल टीम ने तीन ट्रेनोें पर सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले लगभग 250 यात्रियों से अधिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। हर वर्ष कि तरह इस अभियान के तहत प्रयागराज-अयोध्या अप पैसेंजर,शटल अप एक्सप्रेस व बेगमपुरा एक्सप्रेस में चेकिंग की गई। जांच में कुल 253 यात्री बिना टिकट पाए गए। जिनसे 1,03,755 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अलावा और 83 बिना टिकट यात्रियों को अलग अलग स्थानों से पकड़ कर बस से उन्हें सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। जहां से उन्हें रेलवे वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव जैन के समक्ष पेश किया गया और उन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। सुल्तानपुर मुख्य टिकट निरीक्षक रईस अहमद कि माने तो इस अभियान में सुल्तानपुर,लखनऊ व वाराणसी के 24 टिकट चेकिंग स्टाफ शामिल रहे और इसके अलावा 32 आरपीएफ व 5 जीआरपी कर्मी भी शामिल रहे। उन्होंने कहाकि अभियान मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी, एसीएम केके यादव व रोहित वर्मा के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।
बलिया:मलप की मृदु भाषी शिक्षामित्र ममता सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, शिक्षकों ने की परिवार को 1.04 लाख की सहायता भेंट
संजीव सिंह बलिया। मलप:कंपोजिट विद्यालय मलप की परिश्रमी व मृदुभाषी शिक्षामित्र ममता सिंह का 20 जनवरी 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। उनके अप्रत्यक्ष रूप से चले जाने से परिवार टूट गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मायके मलप में रहने वाली ममता सिंह ने अपने पीछे पति मनीष सिंह (मऊ जिले के रणवीरपुर निवासी), बड़ी पुत्री अनन्या, पुत्र अर्थव सहित सम्पूर्ण परिवार छोड़ दिया।उनके पैतृक गांव मलप में आयोजित भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा में नगरा प्राथमिक शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन के सदस्यों ने खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह की अगुवाई में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सभी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन चढ़ाए। सभा का समापन एक मिसाल कायम करते हुए हुआ, जब नगरा के सभी शिक्षकों द्वारा एकत्रित सहायता राशि 1 लाख 4 सौ रुपये उनके परिजनों को भेंट की गई।इस श्रद्धांजलि सभा में बीईओ रामप्रताप सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ से वीरेंद्र प्रताप यादव, मंत्री ओमप्रकाश, हेमंत यादव, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ से संजीव कुमार सिंह, राकेश कुमार पांडेय, अजय श्रीवास्तव, रणवीर सिंह, बच्चालाल, हरीश शुक्ला, आलोक सिंह, वीकेश सिंह, दिनेश सिंह मंटू, संजीव सिंह 'दारा', बिंदु राम, शशिभूषण मौर्य, निर्भय सिंह, संजय सिंह, सुभाषचंद्र, समर बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में सम्मानित अध्यापक व शिक्षामित्र उपस्थित रहे। ममता सिंह की सादगी, लगन व मृदुभाषी स्वभाव ने शिक्षा जगत को हमेशा प्रेरित किया, जो क्षेत्रवासी सदैव याद रखेंगे।
जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य समापन, भदैया ने लगातार ग्यारहवीं बार जीता ओवर ऑल खिताब*
सुल्तानपुर,पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में परिषदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता और सांस्कृतिक समारोह का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि डीएफओ अमित सिंह और विशिष्ट अतिथि क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 14 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र के प्रतिभागियों ने दो दिवसीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 197 अंकों के साथ भदैया लगातार ग्यारहवीं बार ओवर ऑल चैंपियन बना, जबकि 137 अंकों के साथ धनपतगंज ने दूसरा और 116 अंकों के साथ जयसिंहपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 100 मीटर जूनियर में कूरेभार के अविनाश, चक्का फेंक जूनियर बालक में भदैया के वीरू, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में विभिन्न वर्गों में उत्साहजनक मुकाबले हुए। जूडो कुश्ती में भदैया और धनपतगंज का दबदबा देखा गया। व्यक्तिगत चैंपियनशिप में प्राथमिक बालक वर्ग में दूबेपुर के जोहिद और बालिका में आर्या यादव कूरेभार विजेता रहे। जूनियर बालक वर्ग में दूबेपुर के योगेश और बालिका वर्ग में कुड़वार की अनुश्री मिश्रा ने शीर्ष स्थान हासिल किया। ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों के बीच दौड़ प्रतियोगिता में लंभुआ के पंकज सिंह प्रथम रहे, जबकि खेल अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की दौड़ में भदैया के उमेश यादव ने पहला स्थान हासिल किया। संचालन अनिल यादव और बबिता सिंह ने किया। जिला व्यायाम शिक्षक राहुल तिवारी ने बताया कि विजेता खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कराई जाएंगी। समारोह में जिला स्काउट मास्टर धर्मेंद्र सिंह, जिला गाइड कैप्टन ज्योति सिंह,ब्लॉक व्यायाम शिक्षक और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान* :*प्राचार्य*/*उप शिक्षा निदेशक*
संजीव सिंह बलिया!निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
ब्रह्मर्षि हरिहर महराज को श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई.लोगो में हर्ष

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत करछना तहसील क्षेत्र के श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति नैनी के त्रिवेणी नगर स्थित ज्योतिषी आचार्य हरिहर जी महाराज को सनातन सप्तर्षि अखाड़ा की ओर से महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। जिससे क्षेत्र वासियों में हर्ष व्याप्त है।लोगो की ओर से उन्हें बधाई दी जा रही है।सनातन सप्तर्षि अखाड़ा दिल्ली की ओर से प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम मे उन्हें महामंडलेश्वर की यह उपाधि प्रदान की गई।यह जानकारी सनातन सप्तर्षि अखाड़ा के संस्थापक चंद्रमणि व महासचिव शिव प्रकाश तिवारी की ओर से जारी प्रशस्ति पत्र की ओर से दी गई है।उन्होंने बताया कि सनातन सप्तर्षि अखाड़ा ऋषि परंपरा की पुनर्स्थापना एवं विश्व में सनातन धर्म तंत्र के प्रचार प्रसार हेतु पाखंड वाद एवं नास्तिकवाद को समाप्त करने के लिए सनातन सप्तर्षि अखाड़ा अनुभव ज्ञान एवं सनातन धर्म की सेवा में समर्पित श्रेष्ठतम ऋषियो का चयन करता है।जिसमें प्रयागराज के कथावाचक आचार्य हरिहर प्रसाद मिश्र को उनके सनातन धर्म की सेवा ज्ञान अनुभव एवं समर्पण को दृष्टिगत रखते हुए सनातन सप्तर्षि अखाड़ा द्वारा महाराज श्री को श्री श्री 1008 ब्रह्मर्षि हरिहर पुरी को महामण्डलेश्वर की उपाधि से अलंकृत किया जाता है। महामण्डलेश्वर की उपाधि धारण किए जाने से साधु संतो ऋषियो महर्षियो महात्माओ कथावाचको तथा सनातनी धर्म सहित प्रयागराज वासियो के लोगों में प्रसन्नता व्याप्त है।

राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

डॉ. अनामिका यादव द्वारा आयोजित ग्राम चौपाल में जनसमस्याओं की गूंज — सोतीपुरा में 63, रतनपुर में 78 शिकायतें
संभल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन की प्रेरणा के साथ जनपद संभल के विकासखण्ड बनियाखेड़ा के ग्राम सोतीपुरा एवं रतनपुर में भव्य ग्राम चौपाल एवं समस्या निराकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनीं।

डॉ. अनामिका यादव जी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं से वंचित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

ग्राम सोतीपुरा में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 63 जनसमस्याएँ दर्ज की गईं। इनमें प्रमुख रूप से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा व्यवस्था, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, नाली-खड़ंजा, जल निकासी, पशुपालन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं।

वहीं ग्राम रतनपुर में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 78 जनसमस्याएँ सामने आईं। ग्रामीणों ने पेंशन योजनाओं में देरी, किसान सम्मान निधि की किस्त न आने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आवास योजना, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समाधान की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत स्तर पर प्रस्तुत की जाए।

डॉ. अनामिका यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएँ — पेंशन, किसान सम्मान निधि, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ — हर पात्र नागरिक तक पहुँचना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर ऐसे ग्रामवासियों, जिनके अभी तक मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हैं, उनसे S.I.R. फॉर्म भरकर वोट बनवाने की अपील की गई, ताकि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें और लोकतंत्र को मजबूत बना सकें।

कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि स्थायी, प्रभावी और जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्राम चौपालों में सभी विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का निस्तारण हो सके।
माइम नाटक महिला सशक्तिकरण का भावपूर्ण शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अभिनव प्रयागराज द्वारा इनर व्हील ऑफ़ इलाहाबाद के अर्णिमा (पहली किरण–ए–उम्मीद) कैंसर चैरिटी कार्यक्रम के अंतर्गत मेहता प्रेक्षागृह प्रयाग संगीत समिति में माइम नाटक महिला सशक्तिकरण का अत्यंत भावप्रवण मंचन किया गया।मशहूर माइम निर्देशक मोइनुल हक़ के निर्देशन में प्रस्तुत इस मूक नाटक ने माँ-बेटी के संघर्ष साहस और सपनों की कथा को बिना संवाद के प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा।माँ की भूमिका में सरगम लता, किशोरी बेटी के रूप में समृद्धि तथा युवा बेटी बनी संस्कृति का अभिनय दर्शकों के दिलो को छू गया।शराबी पति के किरदार में आदित्य सिंह और धनाढ्य व्यक्ति की भूमिका में गुरुविन्दर सिंह ने सशक्त व प्रभावी प्रस्तुति दी।आईपीएस बनी बेटी द्वारा माँ को दी गई सलामी पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों से गूंज उठा।अभिनव संस्था के मशहूर निर्देशक शैलेश श्रीवास्तव एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने बताया कि माइम प्रस्तुति नाट्क विधा की सबसे प्राचीन एवं प्रभावशाली सशक्त विधा है जो विलुप्ति के कगार पर है इस विधा के पुनरोद्धार के लिए संस्था निरंतर प्रयासरत है।

तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत, ऑनलाइन गेम की लत बनी आत्महत्या की वजह!
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर! गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी की है। मृतक बच्चियों की पहचान निशिका, प्रावी और पार्थवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बीती रात करीब 2:15 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि टावर बी-1, फ्लैट नंबर 907 की बालकनी से तीन बच्चियों ने छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को गंभीर हालत में 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें केवल “मम्मी-पापा सॉरी” लिखा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें “कोरियन लवर” नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं। पिता चेतन कुमार के अनुसार, बच्चियां मोबाइल गेम खेलती थीं और घटना वाले दिन उनका आखिरी टास्क था। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है। परिजनों से पूछताछ जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर इस सामूहिक आत्महत्या की वजह ऑनलाइन गेम की लत मानी जा रही है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और साइबर टीम को भी शामिल किया गया है ताकि गेम से जुड़े लिंक और चैट हिस्ट्री खंगाली जा सके। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेम की बढ़ती लत बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
बेटिकट पकड़े गए यात्रियों से लाखों रुपये जुर्माना वसूला गया,सैकड़ो के खिलाफ की गई कार्रवाई*
सुल्तानपुर, मेरा टिकट-मेरा स्वाभिमान अभियान के तहत रेलवे की स्पेशल टीम ने तीन ट्रेनोें पर सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले लगभग 250 यात्रियों से अधिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। हर वर्ष कि तरह इस अभियान के तहत प्रयागराज-अयोध्या अप पैसेंजर,शटल अप एक्सप्रेस व बेगमपुरा एक्सप्रेस में चेकिंग की गई। जांच में कुल 253 यात्री बिना टिकट पाए गए। जिनसे 1,03,755 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अलावा और 83 बिना टिकट यात्रियों को अलग अलग स्थानों से पकड़ कर बस से उन्हें सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। जहां से उन्हें रेलवे वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव जैन के समक्ष पेश किया गया और उन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। सुल्तानपुर मुख्य टिकट निरीक्षक रईस अहमद कि माने तो इस अभियान में सुल्तानपुर,लखनऊ व वाराणसी के 24 टिकट चेकिंग स्टाफ शामिल रहे और इसके अलावा 32 आरपीएफ व 5 जीआरपी कर्मी भी शामिल रहे। उन्होंने कहाकि अभियान मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी, एसीएम केके यादव व रोहित वर्मा के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।
बलिया:मलप की मृदु भाषी शिक्षामित्र ममता सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, शिक्षकों ने की परिवार को 1.04 लाख की सहायता भेंट
संजीव सिंह बलिया। मलप:कंपोजिट विद्यालय मलप की परिश्रमी व मृदुभाषी शिक्षामित्र ममता सिंह का 20 जनवरी 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। उनके अप्रत्यक्ष रूप से चले जाने से परिवार टूट गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मायके मलप में रहने वाली ममता सिंह ने अपने पीछे पति मनीष सिंह (मऊ जिले के रणवीरपुर निवासी), बड़ी पुत्री अनन्या, पुत्र अर्थव सहित सम्पूर्ण परिवार छोड़ दिया।उनके पैतृक गांव मलप में आयोजित भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा में नगरा प्राथमिक शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन के सदस्यों ने खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह की अगुवाई में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सभी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन चढ़ाए। सभा का समापन एक मिसाल कायम करते हुए हुआ, जब नगरा के सभी शिक्षकों द्वारा एकत्रित सहायता राशि 1 लाख 4 सौ रुपये उनके परिजनों को भेंट की गई।इस श्रद्धांजलि सभा में बीईओ रामप्रताप सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ से वीरेंद्र प्रताप यादव, मंत्री ओमप्रकाश, हेमंत यादव, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ से संजीव कुमार सिंह, राकेश कुमार पांडेय, अजय श्रीवास्तव, रणवीर सिंह, बच्चालाल, हरीश शुक्ला, आलोक सिंह, वीकेश सिंह, दिनेश सिंह मंटू, संजीव सिंह 'दारा', बिंदु राम, शशिभूषण मौर्य, निर्भय सिंह, संजय सिंह, सुभाषचंद्र, समर बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में सम्मानित अध्यापक व शिक्षामित्र उपस्थित रहे। ममता सिंह की सादगी, लगन व मृदुभाषी स्वभाव ने शिक्षा जगत को हमेशा प्रेरित किया, जो क्षेत्रवासी सदैव याद रखेंगे।
जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य समापन, भदैया ने लगातार ग्यारहवीं बार जीता ओवर ऑल खिताब*
सुल्तानपुर,पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में परिषदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता और सांस्कृतिक समारोह का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि डीएफओ अमित सिंह और विशिष्ट अतिथि क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 14 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र के प्रतिभागियों ने दो दिवसीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 197 अंकों के साथ भदैया लगातार ग्यारहवीं बार ओवर ऑल चैंपियन बना, जबकि 137 अंकों के साथ धनपतगंज ने दूसरा और 116 अंकों के साथ जयसिंहपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 100 मीटर जूनियर में कूरेभार के अविनाश, चक्का फेंक जूनियर बालक में भदैया के वीरू, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में विभिन्न वर्गों में उत्साहजनक मुकाबले हुए। जूडो कुश्ती में भदैया और धनपतगंज का दबदबा देखा गया। व्यक्तिगत चैंपियनशिप में प्राथमिक बालक वर्ग में दूबेपुर के जोहिद और बालिका में आर्या यादव कूरेभार विजेता रहे। जूनियर बालक वर्ग में दूबेपुर के योगेश और बालिका वर्ग में कुड़वार की अनुश्री मिश्रा ने शीर्ष स्थान हासिल किया। ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों के बीच दौड़ प्रतियोगिता में लंभुआ के पंकज सिंह प्रथम रहे, जबकि खेल अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की दौड़ में भदैया के उमेश यादव ने पहला स्थान हासिल किया। संचालन अनिल यादव और बबिता सिंह ने किया। जिला व्यायाम शिक्षक राहुल तिवारी ने बताया कि विजेता खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कराई जाएंगी। समारोह में जिला स्काउट मास्टर धर्मेंद्र सिंह, जिला गाइड कैप्टन ज्योति सिंह,ब्लॉक व्यायाम शिक्षक और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान* :*प्राचार्य*/*उप शिक्षा निदेशक*
संजीव सिंह बलिया!निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
ब्रह्मर्षि हरिहर महराज को श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई.लोगो में हर्ष

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत करछना तहसील क्षेत्र के श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति नैनी के त्रिवेणी नगर स्थित ज्योतिषी आचार्य हरिहर जी महाराज को सनातन सप्तर्षि अखाड़ा की ओर से महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। जिससे क्षेत्र वासियों में हर्ष व्याप्त है।लोगो की ओर से उन्हें बधाई दी जा रही है।सनातन सप्तर्षि अखाड़ा दिल्ली की ओर से प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम मे उन्हें महामंडलेश्वर की यह उपाधि प्रदान की गई।यह जानकारी सनातन सप्तर्षि अखाड़ा के संस्थापक चंद्रमणि व महासचिव शिव प्रकाश तिवारी की ओर से जारी प्रशस्ति पत्र की ओर से दी गई है।उन्होंने बताया कि सनातन सप्तर्षि अखाड़ा ऋषि परंपरा की पुनर्स्थापना एवं विश्व में सनातन धर्म तंत्र के प्रचार प्रसार हेतु पाखंड वाद एवं नास्तिकवाद को समाप्त करने के लिए सनातन सप्तर्षि अखाड़ा अनुभव ज्ञान एवं सनातन धर्म की सेवा में समर्पित श्रेष्ठतम ऋषियो का चयन करता है।जिसमें प्रयागराज के कथावाचक आचार्य हरिहर प्रसाद मिश्र को उनके सनातन धर्म की सेवा ज्ञान अनुभव एवं समर्पण को दृष्टिगत रखते हुए सनातन सप्तर्षि अखाड़ा द्वारा महाराज श्री को श्री श्री 1008 ब्रह्मर्षि हरिहर पुरी को महामण्डलेश्वर की उपाधि से अलंकृत किया जाता है। महामण्डलेश्वर की उपाधि धारण किए जाने से साधु संतो ऋषियो महर्षियो महात्माओ कथावाचको तथा सनातनी धर्म सहित प्रयागराज वासियो के लोगों में प्रसन्नता व्याप्त है।

राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

डॉ. अनामिका यादव द्वारा आयोजित ग्राम चौपाल में जनसमस्याओं की गूंज — सोतीपुरा में 63, रतनपुर में 78 शिकायतें
संभल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन की प्रेरणा के साथ जनपद संभल के विकासखण्ड बनियाखेड़ा के ग्राम सोतीपुरा एवं रतनपुर में भव्य ग्राम चौपाल एवं समस्या निराकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनीं।

डॉ. अनामिका यादव जी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं से वंचित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

ग्राम सोतीपुरा में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 63 जनसमस्याएँ दर्ज की गईं। इनमें प्रमुख रूप से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा व्यवस्था, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, नाली-खड़ंजा, जल निकासी, पशुपालन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं।

वहीं ग्राम रतनपुर में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 78 जनसमस्याएँ सामने आईं। ग्रामीणों ने पेंशन योजनाओं में देरी, किसान सम्मान निधि की किस्त न आने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आवास योजना, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समाधान की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत स्तर पर प्रस्तुत की जाए।

डॉ. अनामिका यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएँ — पेंशन, किसान सम्मान निधि, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ — हर पात्र नागरिक तक पहुँचना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर ऐसे ग्रामवासियों, जिनके अभी तक मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हैं, उनसे S.I.R. फॉर्म भरकर वोट बनवाने की अपील की गई, ताकि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें और लोकतंत्र को मजबूत बना सकें।

कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि स्थायी, प्रभावी और जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्राम चौपालों में सभी विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का निस्तारण हो सके।
माइम नाटक महिला सशक्तिकरण का भावपूर्ण शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अभिनव प्रयागराज द्वारा इनर व्हील ऑफ़ इलाहाबाद के अर्णिमा (पहली किरण–ए–उम्मीद) कैंसर चैरिटी कार्यक्रम के अंतर्गत मेहता प्रेक्षागृह प्रयाग संगीत समिति में माइम नाटक महिला सशक्तिकरण का अत्यंत भावप्रवण मंचन किया गया।मशहूर माइम निर्देशक मोइनुल हक़ के निर्देशन में प्रस्तुत इस मूक नाटक ने माँ-बेटी के संघर्ष साहस और सपनों की कथा को बिना संवाद के प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा।माँ की भूमिका में सरगम लता, किशोरी बेटी के रूप में समृद्धि तथा युवा बेटी बनी संस्कृति का अभिनय दर्शकों के दिलो को छू गया।शराबी पति के किरदार में आदित्य सिंह और धनाढ्य व्यक्ति की भूमिका में गुरुविन्दर सिंह ने सशक्त व प्रभावी प्रस्तुति दी।आईपीएस बनी बेटी द्वारा माँ को दी गई सलामी पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों से गूंज उठा।अभिनव संस्था के मशहूर निर्देशक शैलेश श्रीवास्तव एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने बताया कि माइम प्रस्तुति नाट्क विधा की सबसे प्राचीन एवं प्रभावशाली सशक्त विधा है जो विलुप्ति के कगार पर है इस विधा के पुनरोद्धार के लिए संस्था निरंतर प्रयासरत है।