आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

मानवीय एवं संवैधानिक मूल्य को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने का काम करें शिक्षक:बी एस ए मनीष कुमार सिंह
संजीव सिंह बलिया! राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य के संवर्धन हेतु शिक्षकों के लिए मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण *प्रज्ञा प्रवाह* के प्रथम बैच के समापन के अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य/बी एस ए मनीष कुमार सिंह द्वारा प्रेषित अपने संदेश में बताया गया कि यह प्रशिक्षण मानवीय मूल्यों के परिचय के साथ-साथ परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों के अंदर संवैधानिक मूल्य एवं मौलिक कर्तव्य की बात तो बताता ही है साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनता है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि मूल्य के विकास में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिसमें विद्यालयी संदर्भ में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने हेतु प्रमुख रणनीतियां बनाई जानी आवश्यक होती हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया गया की मूल्य के विकास में शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने हेतु संवेदीकृत करता है। मानवीय मूल्य के संबंध में अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मूल्य की अवधारणा विकसित करने हेतु मानवीय मूल्य के आदर्श , सिद्धांत और संस्कार जो कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसके आचरण को नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करने योग्य बनाते हैं को विकसित करने की आवश्यकता है। *प्रज्ञा प्रवाह* प्रशिक्षण के नोडल डायट प्रवक्ता रविरंजन खरे द्वारा सभी प्रशिक्षणर्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण में जिन बिंदुओं पर बृहद चर्चा की गई है इसका उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब ईमानदारी पूर्वक नैतिकता की बातें सहयोगियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी ले जाई जाएं। प्रवक्ता जानू राम द्वारा व्यक्तिगत मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि मूल्य व्यक्ति के स्वयं के आचरण और जीवन शैली से जुड़े होते हैं और उनके चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं ।यह व्यक्ति को उचित एवं अनुचित के बीच सही निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ।उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मूल्य कई प्रकार के होते हैं जैसे आत्म सम्मान, ईमानदारी, अनुशासन ,करुणा ,सहयोग ,भाईचारा , आत्मनिर्भरता आदि। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा सामाजिक मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव होते हैं। यह वे आदर्श और मान्यताएं हैं जो यह निर्धारित करता है कि समाज ने क्या स्वीकार है अथवा क्या नहीं ।यह लोगों के बीच आपसी सहयोग ,सद्भावना और संतुलन बनाए रखते हैं ।मूल्य व्यक्ति को समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं और सामूहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं ।सामाजिक मूल्य समाज में सद्भावऔर सहयोग को बढ़ाते हुए सामंजस्य और एकता स्थापित करते हैं। प्रवक्ता डॉक्टर अशफाक द्वारा सीपीआर के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे शिक्षकों द्वारा विभिन्न शिक्षण योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए नैतिक मूल्य तथा ईमानदारी के प्रति विस्तृत विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षक डॉ शशि भूषण मिश्र पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए बताया गया कि आध्यात्मिक मूल्य वे मूल्य हैं जो मनुष्य को आंतरिक शांति ,सत्य ,प्रेम, दया, करुणा ,आत्मज्ञान और सार्वभौमिक सत्ता से जोड़ते हैं। यह सभी मूल्य भौतिक सुख सुविधाओं से परे जाकर व्यक्ति को आत्मिक विकास ,संतोष और जीवन के गहरे उद्देश्य की ओर प्रेरित करते हैं। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।
किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
अलविदा जुमा पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, हजारों लोगों ने अदा की नमाज

मेरठ/बहसूमा। पवित्र माह-ए-रमजान के आखिरी शुक्रवार को ‘अलविदा जुमा’ के अवसर पर कस्बे और आसपास की मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। पुराने कस्बा स्थित मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में हजारों की संख्या में लोग इबादत के लिए पहुंचे। सुबह से ही लोगों में खास उत्साह देखने को मिला और नमाज के दौरान अल्लाह की इबादत कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।

अलविदा जुमा को रमजान के सबसे अहम दिनों में से एक माना जाता है। इस मौके पर रोजेदार नमाज अदा कर रमजान के दौरान अनजाने में हुई गलतियों के लिए खुदा से माफी मांगते हैं। नमाज के बाद अब मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-फितर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि रमजान खत्म होने में अभी करीब पांच दिन बाकी हैं।

नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र में पुलिस अलर्ट रही। कस्बा इंचार्ज राकेश कुमार, कांस्टेबल विकास कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और व्यवस्था बनाए रखी।
काशी नरेश विवि : 5.50 करोड़ से बने भवन में चलेगा कृषि संकाय

छह साल से नहीं हो सका है पदों का सृजन, अभी तक शुरू नहीं हुआ पठन-पाठन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय बनने के बाद कृषि संकाय के संचालन की उम्मीद जग गई है। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय के लिए होने वाले प्राध्यापक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तैनाती के दौरान कृषि संकाय में पद सृजन व तैनाती हो सकती है। इससे छह साल से शोपीस बने भवन में कृषि की पढ़ाई शुरू हो सकती है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है तो उनके हित के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में कृषि की पढ़ाई के लिए काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में कृषि संकाय के संचालन के लिए 2016-17 में योजना तैयार की गई। इसके लिए बजट जारी कर महाविद्यालय के हॉस्टल परिसर में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण कराया गया। योजना थी कि संकाय में कृषि से जुड़े 13 विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी।
कार्यदायी संस्था ने भवन का निर्माण कर साल 2020 में ही महाविद्यालय को हैंडओवर कर दिया।



कृषि संकाय भवन में पढ़ाई शुरू करने के लिए पांच से छह बार शासन को पत्र लिखा गया। पद सृजन का मामला शासन स्तर का है। काशी नरेश विश्वविद्यालय बनने के बाद से पद सृजन की उम्मीद है। इससे अगले वर्ष से पढ़ाई शुरू हो सकती है।

प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव प्राचार्य केएनपीजी
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने प्रभार जनपद भदोही में रोजगार मेले का किया समापन, वितरित किए नियुक्ति पत्र
83 कंपनियों की सहभागिता, 960 अभ्यर्थियों को मिले ऑफर लेटर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा भदोही जनपद के प्रभारी मंत्री  ए के शर्मा ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान काशी नरेश पीजी महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र एवं ऑफर लेटर प्रदान कर दो दिवसीय रोजगार मेले का समापन किया। रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  शर्मा ने कहा कि इस रोजगार मेले में शामिल होकर उन्हें अत्यंत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में कुल 83 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 4000 युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इनमें से 960 अभ्यर्थियों का विभिन्न कंपनियों में चयन हुआ और उन्हें मौके पर ही नियुक्ति पत्र एवं ऑफर लेटर प्रदान किए गए। ऑफर लेटर प्राप्त करते ही चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।मंत्री श्री शर्मा ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन की एक नई शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने तथा अपने कौशल को निरंतर बढ़ाते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में कौशल विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है और जो युवा लगातार सीखने और अपने कौशल को निखारने का प्रयास करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्रीऔर मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विकास की गति तेज होने के कारण रोजगार और अवसरों की कोई कमी नहीं है।

आवश्यकता केवल युवाओं को अपने कौशल और प्रतिभा को पहचानने तथा उसे सही दिशा में उपयोग करने की है।कार्यक्रम के दौरान शर्मा ने रोजगार मेले का सुनियोजित और व्यवस्थित आयोजन करने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति देते हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने भी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रोजगार मेले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं और इससे युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप अवसर प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, अन्य संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का हुआ आयोजित,199 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विधायक तरबगंज, डीएम तथा भाजपा जिला अध्यक्ष ने नव दंपतियों को दिया आशीर्वाद



गोण्डा।जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत एम.डी.बी.सिंह इंटर कॉलेज तरबगंज के परिसर में सामूहिक विवाह का कार्यक्रम सफलतापूर्वक, सुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। सामुहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के विकासखण्ड व नगरपालिका परिषद/नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 242 जोड़े पंजीकृत थे जिसमें से 199 जोड़ों का विवाह पूरी रीतिरिवाजों के साथ सम्पन्न कराया गया। इसमें 12 जोड़ों का इस्लामिक पद्धति से मौलवी साहिबे आलम द्वारा निकाह कराया गया।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में  विधायक तरबगंज प्रेम नरायन पाण्डेय, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र,  भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह, ने विवाह मण्डप पर बैठे जोडों को आर्शीवाद देते हुए वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में किसी भी गरीब की बेटी के हाथ पीले होने से नहीं बचेंगे वो चाहे किसी जाति व धर्म की हों। सामूहिक विवाह हेतु हमारी सरकार रूपये 60000/- प्रति जोडे के दम्पतियों के खाते में दिया जाता है। शेष उपहार सामग्री दी जाती है जिसमें चांदी की पायल बिछिया, स्टील का डिनर सेट, पांच लीटर का प्रेशर कुकर, कन्या हेतु दो जोड़े कपड़े, वर हेतु एक जोड़ा कपड़ा, दीवाल घड़ी, सौन्दर्य प्रशासन किट आदि गृहस्थी का सम्मिलित होता है।
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख तरबगंज, जिलाध्यक्ष भाजपा, खण्ड विकास अधिकारी तरबगंज, नवाबगंज, बेलसर तथा नगर पंचायत अध्यक्ष तरबगंज सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित रहे।
मानवता के पक्ष में जानसठ की हुंकार ,, शिया-सुन्नी समाज ने एकजुट होकर साम्राज्यवादी ताकतों और नरसंहार के विरुद्ध बुलंद की आवाज़

शिया सुन्नी मुस्लिम समुदाय ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम व सीओ कों सौंपा



जानसठ । विश्व में बढ़ती अशांति, निर्दोषों की हत्याओं और साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को नमाज़ के बाद जानसठ कस्बे के शिया-सुन्नी समुदायों सहित समस्त मानवता प्रेमियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। 'कुद्स दिवस' के अवसर पर आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे मानवाधिकारों के हनन और निर्दोषों के रक्तपात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

शुक्रवार को विशेष सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद अमीर हैदर कहा कि  पिछले 45 वर्षों से जारी उत्पीड़न और वर्तमान में ईरान व मध्य-पूर्व में हो रही हिंसक घटनाओं जीक्र करते कड़े शब्दों में निंदा की। सभा में विशेष रूप से ईरान में पवित्र रमजान मास के दौरान हुए हमलों और 165 मासूम स्कूली बच्चियों की निर्मम हत्या को 'मानवता के माथे पर कलंक' करार दिया गया। अन्य वक्ताओं व प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांति वार्ता के बीच किए गए कायरतापूर्ण हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं, जो विश्व को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेलने की साजिश है।


साम्राज्यवाद और 'फूट डालो-राज करो' की नीति पर प्रहार-
प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि मुट्ठी भर पूंजीवादी और साम्राज्यवादी ताकतें प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए दुनिया में नफरत फैला रही हैं। वक्ताओं ने दो टूक कहा, "आज दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है—एक तरफ मासूमों का रक्त बहाने वाली नरभक्षी शक्तियां हैं, तो दूसरी तरफ 'ना जुल्म करेंगे, ना जुल्म सहेंगे' के सिद्धांत पर चलने वाले शांतिप्रिय लोग।"

मुस्लिम समाज ने फिलिस्तीन में जारी विध्वंस और महिलाओं-बच्चों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'बैतुल मुक़द्दस' (प्रथम क़िब्ला) की आज़ादी की मांग को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध अधिग्रहण खत्म नहीं होगा, विश्व शांति की कल्पना असंभव है। मुस्लिम समाज ने एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती और सीओ रूपाली राय चौधरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया और मांग की है कि विश्व भर में निर्दोषों के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाले और मानवता के हत्यारों पर कठोर दंड सुनिश्चित हो। देश के भीतर भी कट्टरपंथ और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।मौलाना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाना है और वे इस दिशा में भारत सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप की आशा करते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक अर्पणा यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा अब्बास अली,हशकद अली,शबाव अली नबाव अली,हसन अली शहजाद अली,आहाद अली,समझ अली,हसन रजा,मोवीन बल्लू चौधरी, आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
25 हजार रुपये रिश्वत मांगने पर दरोगा मिनहाज सिद्दीकी निलंबित
*आग लगाने के मुकदमे में कर रहे थे डील

गोंडा।पुलिस अधीक्षक द्वारा रिश्वत मांगने के मामले में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी को निलंबित कर दिया गया है।दरोगा पर एक मुकदमे में आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए 25 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने एक वीडियो सामने आने पर यह कार्रवाई किया है।मामला जिले के मोतीगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक मिनहाज सिद्दीकी से जुड़ा है।उन पर छाछपारा मतवल्ली गांव की आरती देवी द्वारा छप्पर में आग लगने के संबंध में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान आरोपियों का नाम हटाने के लिए 25 हजार रुपए मांगने का आरोप है।यह रकम शांति देवी से मांगी जा रही थी।मिनहाज सिद्दीकी द्वारा बार बार पैसे मांगे जाने से परेशान होकर शांति देवी की बेटी ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया था।यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।आरती देवी ने गांव के ही भारत चौहान, धन प्रकाश, भगेलू और खूंटी के खिलाफ 10 मई 2025 को अपने छप्पर में आग लगाने का मुकदमा दर्ज कराया था,जिसकी विवेचना दरोगा मिनहाज सिद्दीकी कर रहे थे।वायरल वीडियो 6 जून 2025 का बताया जा रहा है।वायरल वीडियो में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी महिला से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मेरे द्वारा जांच की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर आपको   25 से 30 हजार रुपए देना पड़ेगा।इस पर महिला ने अपनी गरीबी का हवाला दिया।दरोगा फिर कहते हैं कि हम प्रयास करेंगे कि कम से कम दाम में तुम्हारा काम हो जाएगा।वीडियो में सिद्दीकी यह भी कहते हैं कि तुम 25 हजार उठाकर कहीं रख देना,मुझे कसम है कि मैं तुम्हारा एक भी रुपया लूं।जो अधिकारी को देना है मैं तुमसे वही पैसा मांग रहा हूँ,मुझे उससे एक पैसे ज्यादा नहीं चाहिए,मुझे तुम्हारे पैसे का चाय नहीं पीना है।
गैस सिलेंडरों की घटतौली, मुनाफाखोरी व अवैध भंडारण पर होगी कड़ी कार्रवाई : जिलाधिकारी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के लगभग 40 गैस एजेंसी संचालकों, जनपदीय बिक्री अधिकारियों, खाद्य एवं रसद विभाग के समस्त अधिकारियों एवं पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।


बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडरों में घटतौली, मुनाफाखोरी अथवा अवैध भंडारण/संग्रहण की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनपद में संचालित 42 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विगत महीनों की भांति ही उपभोक्ताओं की बुकिंग के सापेक्ष निर्धारित समयावधि में होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा जनपद में ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।


जिलाधिकारी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडरों का संग्रहण (होर्डिंग) न करे और न ही किसी गैस एजेंसी पर नियमों के विरुद्ध मांग प्रस्तुत करें।उन्होंने कहा कि उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस बल को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता केवल उत्तर प्रदेश शासन एवं जनपद प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा ईंधन आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जनपद प्रशासन सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध रूप से ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पूर्ण रूप से संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है। अतः आमजन किसी भी प्रकार की अफवाह से प्रभावित न हों और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर, पे भंडारण न करें।


बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कुंवर वीरेंद्र मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी, संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर, विभिन्न गैस एजेंसियों के संचालक तथा एचपी, भारत और इंडेन गैस कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

मानवीय एवं संवैधानिक मूल्य को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने का काम करें शिक्षक:बी एस ए मनीष कुमार सिंह
संजीव सिंह बलिया! राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य के संवर्धन हेतु शिक्षकों के लिए मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण *प्रज्ञा प्रवाह* के प्रथम बैच के समापन के अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य/बी एस ए मनीष कुमार सिंह द्वारा प्रेषित अपने संदेश में बताया गया कि यह प्रशिक्षण मानवीय मूल्यों के परिचय के साथ-साथ परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों के अंदर संवैधानिक मूल्य एवं मौलिक कर्तव्य की बात तो बताता ही है साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनता है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि मूल्य के विकास में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिसमें विद्यालयी संदर्भ में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने हेतु प्रमुख रणनीतियां बनाई जानी आवश्यक होती हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया गया की मूल्य के विकास में शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने हेतु संवेदीकृत करता है। मानवीय मूल्य के संबंध में अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मूल्य की अवधारणा विकसित करने हेतु मानवीय मूल्य के आदर्श , सिद्धांत और संस्कार जो कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसके आचरण को नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करने योग्य बनाते हैं को विकसित करने की आवश्यकता है। *प्रज्ञा प्रवाह* प्रशिक्षण के नोडल डायट प्रवक्ता रविरंजन खरे द्वारा सभी प्रशिक्षणर्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण में जिन बिंदुओं पर बृहद चर्चा की गई है इसका उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब ईमानदारी पूर्वक नैतिकता की बातें सहयोगियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी ले जाई जाएं। प्रवक्ता जानू राम द्वारा व्यक्तिगत मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि मूल्य व्यक्ति के स्वयं के आचरण और जीवन शैली से जुड़े होते हैं और उनके चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं ।यह व्यक्ति को उचित एवं अनुचित के बीच सही निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ।उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मूल्य कई प्रकार के होते हैं जैसे आत्म सम्मान, ईमानदारी, अनुशासन ,करुणा ,सहयोग ,भाईचारा , आत्मनिर्भरता आदि। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा सामाजिक मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव होते हैं। यह वे आदर्श और मान्यताएं हैं जो यह निर्धारित करता है कि समाज ने क्या स्वीकार है अथवा क्या नहीं ।यह लोगों के बीच आपसी सहयोग ,सद्भावना और संतुलन बनाए रखते हैं ।मूल्य व्यक्ति को समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं और सामूहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं ।सामाजिक मूल्य समाज में सद्भावऔर सहयोग को बढ़ाते हुए सामंजस्य और एकता स्थापित करते हैं। प्रवक्ता डॉक्टर अशफाक द्वारा सीपीआर के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे शिक्षकों द्वारा विभिन्न शिक्षण योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए नैतिक मूल्य तथा ईमानदारी के प्रति विस्तृत विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षक डॉ शशि भूषण मिश्र पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए बताया गया कि आध्यात्मिक मूल्य वे मूल्य हैं जो मनुष्य को आंतरिक शांति ,सत्य ,प्रेम, दया, करुणा ,आत्मज्ञान और सार्वभौमिक सत्ता से जोड़ते हैं। यह सभी मूल्य भौतिक सुख सुविधाओं से परे जाकर व्यक्ति को आत्मिक विकास ,संतोष और जीवन के गहरे उद्देश्य की ओर प्रेरित करते हैं। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।
किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
अलविदा जुमा पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, हजारों लोगों ने अदा की नमाज

मेरठ/बहसूमा। पवित्र माह-ए-रमजान के आखिरी शुक्रवार को ‘अलविदा जुमा’ के अवसर पर कस्बे और आसपास की मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। पुराने कस्बा स्थित मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में हजारों की संख्या में लोग इबादत के लिए पहुंचे। सुबह से ही लोगों में खास उत्साह देखने को मिला और नमाज के दौरान अल्लाह की इबादत कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।

अलविदा जुमा को रमजान के सबसे अहम दिनों में से एक माना जाता है। इस मौके पर रोजेदार नमाज अदा कर रमजान के दौरान अनजाने में हुई गलतियों के लिए खुदा से माफी मांगते हैं। नमाज के बाद अब मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-फितर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि रमजान खत्म होने में अभी करीब पांच दिन बाकी हैं।

नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र में पुलिस अलर्ट रही। कस्बा इंचार्ज राकेश कुमार, कांस्टेबल विकास कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और व्यवस्था बनाए रखी।
काशी नरेश विवि : 5.50 करोड़ से बने भवन में चलेगा कृषि संकाय

छह साल से नहीं हो सका है पदों का सृजन, अभी तक शुरू नहीं हुआ पठन-पाठन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय बनने के बाद कृषि संकाय के संचालन की उम्मीद जग गई है। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय के लिए होने वाले प्राध्यापक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तैनाती के दौरान कृषि संकाय में पद सृजन व तैनाती हो सकती है। इससे छह साल से शोपीस बने भवन में कृषि की पढ़ाई शुरू हो सकती है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है तो उनके हित के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में कृषि की पढ़ाई के लिए काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में कृषि संकाय के संचालन के लिए 2016-17 में योजना तैयार की गई। इसके लिए बजट जारी कर महाविद्यालय के हॉस्टल परिसर में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण कराया गया। योजना थी कि संकाय में कृषि से जुड़े 13 विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी।
कार्यदायी संस्था ने भवन का निर्माण कर साल 2020 में ही महाविद्यालय को हैंडओवर कर दिया।



कृषि संकाय भवन में पढ़ाई शुरू करने के लिए पांच से छह बार शासन को पत्र लिखा गया। पद सृजन का मामला शासन स्तर का है। काशी नरेश विश्वविद्यालय बनने के बाद से पद सृजन की उम्मीद है। इससे अगले वर्ष से पढ़ाई शुरू हो सकती है।

प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव प्राचार्य केएनपीजी
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने प्रभार जनपद भदोही में रोजगार मेले का किया समापन, वितरित किए नियुक्ति पत्र
83 कंपनियों की सहभागिता, 960 अभ्यर्थियों को मिले ऑफर लेटर


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा भदोही जनपद के प्रभारी मंत्री  ए के शर्मा ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान काशी नरेश पीजी महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र एवं ऑफर लेटर प्रदान कर दो दिवसीय रोजगार मेले का समापन किया। रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  शर्मा ने कहा कि इस रोजगार मेले में शामिल होकर उन्हें अत्यंत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में कुल 83 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 4000 युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इनमें से 960 अभ्यर्थियों का विभिन्न कंपनियों में चयन हुआ और उन्हें मौके पर ही नियुक्ति पत्र एवं ऑफर लेटर प्रदान किए गए। ऑफर लेटर प्राप्त करते ही चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।मंत्री श्री शर्मा ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन की एक नई शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने तथा अपने कौशल को निरंतर बढ़ाते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में कौशल विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है और जो युवा लगातार सीखने और अपने कौशल को निखारने का प्रयास करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्रीऔर मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विकास की गति तेज होने के कारण रोजगार और अवसरों की कोई कमी नहीं है।

आवश्यकता केवल युवाओं को अपने कौशल और प्रतिभा को पहचानने तथा उसे सही दिशा में उपयोग करने की है।कार्यक्रम के दौरान शर्मा ने रोजगार मेले का सुनियोजित और व्यवस्थित आयोजन करने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति देते हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने भी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रोजगार मेले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं और इससे युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप अवसर प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, अन्य संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का हुआ आयोजित,199 जोड़ों का सम्पन्न हुआ विवाह

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विधायक तरबगंज, डीएम तथा भाजपा जिला अध्यक्ष ने नव दंपतियों को दिया आशीर्वाद



गोण्डा।जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत एम.डी.बी.सिंह इंटर कॉलेज तरबगंज के परिसर में सामूहिक विवाह का कार्यक्रम सफलतापूर्वक, सुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। सामुहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के विकासखण्ड व नगरपालिका परिषद/नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 242 जोड़े पंजीकृत थे जिसमें से 199 जोड़ों का विवाह पूरी रीतिरिवाजों के साथ सम्पन्न कराया गया। इसमें 12 जोड़ों का इस्लामिक पद्धति से मौलवी साहिबे आलम द्वारा निकाह कराया गया।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में  विधायक तरबगंज प्रेम नरायन पाण्डेय, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र,  भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह, ने विवाह मण्डप पर बैठे जोडों को आर्शीवाद देते हुए वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में किसी भी गरीब की बेटी के हाथ पीले होने से नहीं बचेंगे वो चाहे किसी जाति व धर्म की हों। सामूहिक विवाह हेतु हमारी सरकार रूपये 60000/- प्रति जोडे के दम्पतियों के खाते में दिया जाता है। शेष उपहार सामग्री दी जाती है जिसमें चांदी की पायल बिछिया, स्टील का डिनर सेट, पांच लीटर का प्रेशर कुकर, कन्या हेतु दो जोड़े कपड़े, वर हेतु एक जोड़ा कपड़ा, दीवाल घड़ी, सौन्दर्य प्रशासन किट आदि गृहस्थी का सम्मिलित होता है।
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख तरबगंज, जिलाध्यक्ष भाजपा, खण्ड विकास अधिकारी तरबगंज, नवाबगंज, बेलसर तथा नगर पंचायत अध्यक्ष तरबगंज सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित रहे।
मानवता के पक्ष में जानसठ की हुंकार ,, शिया-सुन्नी समाज ने एकजुट होकर साम्राज्यवादी ताकतों और नरसंहार के विरुद्ध बुलंद की आवाज़

शिया सुन्नी मुस्लिम समुदाय ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम व सीओ कों सौंपा



जानसठ । विश्व में बढ़ती अशांति, निर्दोषों की हत्याओं और साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को नमाज़ के बाद जानसठ कस्बे के शिया-सुन्नी समुदायों सहित समस्त मानवता प्रेमियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। 'कुद्स दिवस' के अवसर पर आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे मानवाधिकारों के हनन और निर्दोषों के रक्तपात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

शुक्रवार को विशेष सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद अमीर हैदर कहा कि  पिछले 45 वर्षों से जारी उत्पीड़न और वर्तमान में ईरान व मध्य-पूर्व में हो रही हिंसक घटनाओं जीक्र करते कड़े शब्दों में निंदा की। सभा में विशेष रूप से ईरान में पवित्र रमजान मास के दौरान हुए हमलों और 165 मासूम स्कूली बच्चियों की निर्मम हत्या को 'मानवता के माथे पर कलंक' करार दिया गया। अन्य वक्ताओं व प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांति वार्ता के बीच किए गए कायरतापूर्ण हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं, जो विश्व को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेलने की साजिश है।


साम्राज्यवाद और 'फूट डालो-राज करो' की नीति पर प्रहार-
प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि मुट्ठी भर पूंजीवादी और साम्राज्यवादी ताकतें प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए दुनिया में नफरत फैला रही हैं। वक्ताओं ने दो टूक कहा, "आज दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है—एक तरफ मासूमों का रक्त बहाने वाली नरभक्षी शक्तियां हैं, तो दूसरी तरफ 'ना जुल्म करेंगे, ना जुल्म सहेंगे' के सिद्धांत पर चलने वाले शांतिप्रिय लोग।"

मुस्लिम समाज ने फिलिस्तीन में जारी विध्वंस और महिलाओं-बच्चों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'बैतुल मुक़द्दस' (प्रथम क़िब्ला) की आज़ादी की मांग को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध अधिग्रहण खत्म नहीं होगा, विश्व शांति की कल्पना असंभव है। मुस्लिम समाज ने एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती और सीओ रूपाली राय चौधरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया और मांग की है कि विश्व भर में निर्दोषों के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाले और मानवता के हत्यारों पर कठोर दंड सुनिश्चित हो। देश के भीतर भी कट्टरपंथ और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।मौलाना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाना है और वे इस दिशा में भारत सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप की आशा करते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक अर्पणा यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा अब्बास अली,हशकद अली,शबाव अली नबाव अली,हसन अली शहजाद अली,आहाद अली,समझ अली,हसन रजा,मोवीन बल्लू चौधरी, आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
25 हजार रुपये रिश्वत मांगने पर दरोगा मिनहाज सिद्दीकी निलंबित
*आग लगाने के मुकदमे में कर रहे थे डील

गोंडा।पुलिस अधीक्षक द्वारा रिश्वत मांगने के मामले में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी को निलंबित कर दिया गया है।दरोगा पर एक मुकदमे में आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए 25 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने एक वीडियो सामने आने पर यह कार्रवाई किया है।मामला जिले के मोतीगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक मिनहाज सिद्दीकी से जुड़ा है।उन पर छाछपारा मतवल्ली गांव की आरती देवी द्वारा छप्पर में आग लगने के संबंध में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान आरोपियों का नाम हटाने के लिए 25 हजार रुपए मांगने का आरोप है।यह रकम शांति देवी से मांगी जा रही थी।मिनहाज सिद्दीकी द्वारा बार बार पैसे मांगे जाने से परेशान होकर शांति देवी की बेटी ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया था।यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।आरती देवी ने गांव के ही भारत चौहान, धन प्रकाश, भगेलू और खूंटी के खिलाफ 10 मई 2025 को अपने छप्पर में आग लगाने का मुकदमा दर्ज कराया था,जिसकी विवेचना दरोगा मिनहाज सिद्दीकी कर रहे थे।वायरल वीडियो 6 जून 2025 का बताया जा रहा है।वायरल वीडियो में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी महिला से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मेरे द्वारा जांच की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर आपको   25 से 30 हजार रुपए देना पड़ेगा।इस पर महिला ने अपनी गरीबी का हवाला दिया।दरोगा फिर कहते हैं कि हम प्रयास करेंगे कि कम से कम दाम में तुम्हारा काम हो जाएगा।वीडियो में सिद्दीकी यह भी कहते हैं कि तुम 25 हजार उठाकर कहीं रख देना,मुझे कसम है कि मैं तुम्हारा एक भी रुपया लूं।जो अधिकारी को देना है मैं तुमसे वही पैसा मांग रहा हूँ,मुझे उससे एक पैसे ज्यादा नहीं चाहिए,मुझे तुम्हारे पैसे का चाय नहीं पीना है।
गैस सिलेंडरों की घटतौली, मुनाफाखोरी व अवैध भंडारण पर होगी कड़ी कार्रवाई : जिलाधिकारी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के लगभग 40 गैस एजेंसी संचालकों, जनपदीय बिक्री अधिकारियों, खाद्य एवं रसद विभाग के समस्त अधिकारियों एवं पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।


बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडरों में घटतौली, मुनाफाखोरी अथवा अवैध भंडारण/संग्रहण की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनपद में संचालित 42 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विगत महीनों की भांति ही उपभोक्ताओं की बुकिंग के सापेक्ष निर्धारित समयावधि में होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा जनपद में ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।


जिलाधिकारी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडरों का संग्रहण (होर्डिंग) न करे और न ही किसी गैस एजेंसी पर नियमों के विरुद्ध मांग प्रस्तुत करें।उन्होंने कहा कि उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस बल को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता केवल उत्तर प्रदेश शासन एवं जनपद प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा ईंधन आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जनपद प्रशासन सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध रूप से ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पूर्ण रूप से संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है। अतः आमजन किसी भी प्रकार की अफवाह से प्रभावित न हों और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर, पे भंडारण न करें।


बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कुंवर वीरेंद्र मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी, संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर, विभिन्न गैस एजेंसियों के संचालक तथा एचपी, भारत और इंडेन गैस कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।