अशोक कुमार शर्मा का ढाई माह बाद भी नहीं लगा सुराग

जौनपुर। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित ओंका गाँव निवासी अशोक कुमार शर्मा 15 अप्रैल, 2026 को लखनऊ के केजीएमयू से अचानक लापता हो गए। तब से उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, परंतु अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। साढ़े पांच  फुट लंबे अशोक कुमार शर्मा उस समय काले रंग का हॉफपैंट और भूरे रंग का टी शर्ट पहने हुए थे। जिस भी व्यक्ति को अशोक कुमार शर्मा के बारे में जानकारी मिली, वह थाना प्रभारी चौक लखनऊ से मोबाइल क्रमांक 9454 4038 47 या 97 21 18 30 55 पर संपर्क कर सकता है। श्री शर्मा का सुराग बताने वाले को उचित इनाम भी दिया जाएगा।
सोहावल एसडीएम का अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, जेसीबी व ट्रैक्टर पकड़े, जांच शुरू


अयोध्या (सोहावल)। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहावल की उपजिलाधिकारी सविता ने सोमवार सुबह  पुलिस टीम के साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। पूराकलंदर क्षेत्र के सोफियापारा के पास की गई इस कार्रवाई में अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को पकड़ा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टे के संचालन की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, सरकारी सड़क को खोदकर मिट्टी निकाले जाने और उसे बेचने का मामला भी प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

उपजिलाधिकारी सविता ने मौके पर पकड़े गए वाहनों को पुलिस के कब्जे में सौंपते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सरकारी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोहावल एसडीएम का अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, जेसीबी व ट्रैक्टर पकड़े, जांच शुरू


अयोध्या (सोहावल)। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहावल की उपजिलाधिकारी सविता ने सोमवार सुबह  पुलिस टीम के साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। पूराकलंदर क्षेत्र के सोफियापारा के पास की गई इस कार्रवाई में अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को पकड़ा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टे के संचालन की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, सरकारी सड़क को खोदकर मिट्टी निकाले जाने और उसे बेचने का मामला भी प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

उपजिलाधिकारी सविता ने मौके पर पकड़े गए वाहनों को पुलिस के कब्जे में सौंपते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सरकारी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनी फरियादें, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गर्मी की छुट्टियों पर सीएम योगी की बच्चों को चिट्ठी
* कहा– सीखने, संस्कार और परिवार संग समय बिताने का सुनहरा अवसर

लखनऊ। गर्मी की छुट्टियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश जारी करते हुए छुट्टियों को सीखने, रचनात्मकता और पारिवारिक जुड़ाव का बेहतर अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने, चित्रकारी, संगीत, फोटोग्राफी जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

सीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी के पास जरूर लेकर जाएं, ताकि बच्चों को पारिवारिक संस्कार, अपनापन और पारंपरिक मूल्यों को समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताने से बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को छुट्टियों में घूमने-फिरने और नई जगहों को जानने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण और विविध संस्कृतियों से जोड़ती है। इस क्रम में उन्होंने दुधवा, चूका बीच और कतर्निया घाट जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रकृति से जुड़ने के बेहतरीन केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री का यह संदेश बच्चों को छुट्टियों का सदुपयोग करने के साथ-साथ सीखने, संस्कार और परिवार के महत्व को समझाने वाला माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई उपलब्धि: देश में सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति वाला राज्य बना यूपी : एके शर्मा
*उत्तर प्रदेश में 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति, पूरे प्रदेश को मिली बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार रात्रि 10:39 बजे 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना है, जिस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर प्रदेश में व्यापक स्तर पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 22 से 22.5 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी, प्राकृतिक अथवा मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विद्युतकर्मियों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी वे लगातार जनता को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहुल गाधी का सरकार पर हमला

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पेट्रोल-डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर जमकर हमलावर है। नेता प्रतीपक्ष राहुल गांधी ने किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर सरकार पर आम लोगों की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के आरोप

कांग्रेस सांसद ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है, ताकि आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ पड़ता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 8 रुपये तक बढ़ा दिए गए।

प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर तंज

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।'

पेट्रोल की कीमत 102 रूपये के पार

बता दें कि वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।
अशोक कुमार शर्मा का ढाई माह बाद भी नहीं लगा सुराग

जौनपुर। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित ओंका गाँव निवासी अशोक कुमार शर्मा 15 अप्रैल, 2026 को लखनऊ के केजीएमयू से अचानक लापता हो गए। तब से उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, परंतु अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। साढ़े पांच  फुट लंबे अशोक कुमार शर्मा उस समय काले रंग का हॉफपैंट और भूरे रंग का टी शर्ट पहने हुए थे। जिस भी व्यक्ति को अशोक कुमार शर्मा के बारे में जानकारी मिली, वह थाना प्रभारी चौक लखनऊ से मोबाइल क्रमांक 9454 4038 47 या 97 21 18 30 55 पर संपर्क कर सकता है। श्री शर्मा का सुराग बताने वाले को उचित इनाम भी दिया जाएगा।
सोहावल एसडीएम का अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, जेसीबी व ट्रैक्टर पकड़े, जांच शुरू


अयोध्या (सोहावल)। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहावल की उपजिलाधिकारी सविता ने सोमवार सुबह  पुलिस टीम के साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। पूराकलंदर क्षेत्र के सोफियापारा के पास की गई इस कार्रवाई में अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को पकड़ा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टे के संचालन की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, सरकारी सड़क को खोदकर मिट्टी निकाले जाने और उसे बेचने का मामला भी प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

उपजिलाधिकारी सविता ने मौके पर पकड़े गए वाहनों को पुलिस के कब्जे में सौंपते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सरकारी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोहावल एसडीएम का अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, जेसीबी व ट्रैक्टर पकड़े, जांच शुरू


अयोध्या (सोहावल)। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहावल की उपजिलाधिकारी सविता ने सोमवार सुबह  पुलिस टीम के साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। पूराकलंदर क्षेत्र के सोफियापारा के पास की गई इस कार्रवाई में अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को पकड़ा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टे के संचालन की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, सरकारी सड़क को खोदकर मिट्टी निकाले जाने और उसे बेचने का मामला भी प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

उपजिलाधिकारी सविता ने मौके पर पकड़े गए वाहनों को पुलिस के कब्जे में सौंपते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सरकारी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनी फरियादें, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गर्मी की छुट्टियों पर सीएम योगी की बच्चों को चिट्ठी
* कहा– सीखने, संस्कार और परिवार संग समय बिताने का सुनहरा अवसर

लखनऊ। गर्मी की छुट्टियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश जारी करते हुए छुट्टियों को सीखने, रचनात्मकता और पारिवारिक जुड़ाव का बेहतर अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने, चित्रकारी, संगीत, फोटोग्राफी जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

सीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी के पास जरूर लेकर जाएं, ताकि बच्चों को पारिवारिक संस्कार, अपनापन और पारंपरिक मूल्यों को समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताने से बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को छुट्टियों में घूमने-फिरने और नई जगहों को जानने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण और विविध संस्कृतियों से जोड़ती है। इस क्रम में उन्होंने दुधवा, चूका बीच और कतर्निया घाट जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रकृति से जुड़ने के बेहतरीन केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री का यह संदेश बच्चों को छुट्टियों का सदुपयोग करने के साथ-साथ सीखने, संस्कार और परिवार के महत्व को समझाने वाला माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई उपलब्धि: देश में सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति वाला राज्य बना यूपी : एके शर्मा
*उत्तर प्रदेश में 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति, पूरे प्रदेश को मिली बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार रात्रि 10:39 बजे 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना है, जिस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर प्रदेश में व्यापक स्तर पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 22 से 22.5 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी, प्राकृतिक अथवा मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विद्युतकर्मियों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी वे लगातार जनता को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहुल गाधी का सरकार पर हमला

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पेट्रोल-डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर जमकर हमलावर है। नेता प्रतीपक्ष राहुल गांधी ने किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर सरकार पर आम लोगों की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के आरोप

कांग्रेस सांसद ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है, ताकि आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ पड़ता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 8 रुपये तक बढ़ा दिए गए।

प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर तंज

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।'

पेट्रोल की कीमत 102 रूपये के पार

बता दें कि वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
कार की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत

*बंधुआ कला थाना क्षेत्र के हकवा मोड के पास वह हादसा*

सुल्तानपुर के बंधुआ कला थाना क्षेत्र के अलीगंज चौकी अंतर्गत हकुआ मोड के पास सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार डिजायर कार ने भाई सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान कुड़वार थाना इलाके के बहमरपुर निवासी राजाराम प्रजापति(50) व उनके पुत्र सिकंदर प्रजापति(25) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार राजाराम के साले का घर गौरी का पुरवा में है। उनके साले की आंख का ऑपरेशन हुआ है।रविवार की शाम राजाराम अपने बेटे के साथ साले के घर उन्हें देखने गए थे। सोमवार की सुबह दोनों घर लौट रहे थे। हकुआ मोड़ के पास पहुंचे थे की सामने से आ रही तेज रफ़्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मुसाफिरखाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत में सुधार न होने पर उन्हें सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद कार्स वालों गाड़ी छोड़कर भाग निकले।राजाराम प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से इन दिनों वह घर पर ही रहते थे। वही सिकंदर सूरत में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले वह छुट्टी लेकर घर आया था। सिकंदर की शादी हो चुकी है लेकिन किसी कारण उसकी पत्नी मायके में ही रहती है। दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने लाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

राजाराम के परिवार के गुड्डू ने बताया कि हादसे के बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो उनसे मिन्नत की गई की सभी को मेडिकल कालेज ले जाया जाय। लेकिन जबरन एंबुलेंस कर्मी घायलों को लेकर मुसाफिरखाना सीएचसी ही ले गए। उसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मुसाफिरखाना ले जाने की बजाय अगर घायलों को मेडिकल कालेज ले जाया जाता तो समय पर इलाज मिल सकता थ। एंबुलेंस कर्मियों से परिवार जनों की झड़प भी हुई।