भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

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भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

अमोनिया संकट पर त्वरित कार्रवाई: शीतगृहों में सुरक्षित रहा आलू, किसानों को राहत
* उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य एवं विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस वार्ता की।
मंत्री ने शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आलू के बेहतर विपणन और भंडारण के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का समझौता भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी सामने आई। इस स्थिति में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
इस त्वरित कार्रवाई से राज्य के किसानों और शीतगृह संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस की कमी का कारण वैश्विक परिस्थितियाँ थीं, लेकिन केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
गोसाईं बाबा बालिका इंटर कॉलेज गोपालपुर भदैंया में आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सुल्तानपुर द्वारा विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर गोसाईं बाबा बालिका इंटर कॉलेज गोपालपुर भदैंया में आयोजन किया गया। पूर्व में हुई चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वर्षा, द्वितीय पलक पाण्डेय और तृतीय स्थान पर अन्याय तिवारी रही। सभी को शील्ड और मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि कृष्ण प्रकाश दर्जी पर्यावरण निदेशालय रहे उन्होंने बताया कि वन विभाग उत्तर प्रदेश थीम पर छोटे पक्षियों को बचाना अपने भविष्य को बचाना है। गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा है। इस मौके पर अतुल कुमार सिंह उप क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि भारत में गौरैया सिर्फ पक्षी नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा हैं। हिंदी में ‘गोरैया’, तमिल में ‘कुरुवी’, और उर्दू में ‘चिर्या’ कहलाती हैं। पीढ़ियों से ये घरों में खुशियां बिखेरती आई हैं, लेकिन गौरैया की संख्या चिंताजनक तरीके से घट रही है। हम सभी को संकल्प लेना होगा पक्षियों के लिए जलपत्र और घोंसले का प्रबंध करना चाहिए। कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र के द्वारा गौरैया आओ मेरे देश अभियान और पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए वन विभाग सुल्तानपुर के द्वारा सम्मानित किया गया है। इस मौके पर दर्जनों घोंसले का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य अनुराग पांडेय, कृष्णावती पांडेय, ममता सिंह, निशा चौरसिया, ज्ञान सिंह वन रक्षक, बृजेंद्र मिश्र सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
दियारा बाजार गोमती तट से मोतीगरपुर होते हुए पाण्डेय बाबा तक भव्य एवं विराट शोभा यात्रा का आयोजन*
सुल्तानपुर,हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर लक्ष्य सेवा समर्पण फाउंडेशन के द्वारा दियारा बाजार गोमती तट से मोतीगरपुर होते हुए पाण्डेय बाबा तक भव्य एवं विराट शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा कि अगुवाई अनमोल अग्रहरि लक्ष्य सेवा समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष ने किया और उन्होंने बताया कि धार्मिक झांकियों, भगवा ध्वज, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई,जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक एवं उत्सवमय वातावरण का संचार रहा। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड का निर्माण शुरू किया था। वही मौजूद दीपांकर बरनवाल ने बताया कि ऋतु परिवर्तन: यह वसंत ऋतु का आगमन और सर्दियों का अंत होता है। इस समय प्रकृति में नए पत्ते और फूल आते हैं, जो नव-निर्माण को दर्शाता है।विक्रम संवत की शुरुआत: पौराणिक कथाओं के अनुसार, सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन शकों को परास्त कर भारतीय राष्ट्र को स्वतंत्रता दिलाई थी। वहीं डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि हिंदू नव वर्ष इसका सबसे सुंदर उदाहरण है. एक ही समय पर पूरे देश में नया साल शुरू होता है, लेकिन अलग अलग राज्यों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया और जगह-जगह पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर बजरंग दल के विभाग संयोजक गौरव पाण्डेय, जिला संयोजक प्रांजल सिंह, यशदीप ठठेर, बृजेश, उत्तम, दीपांकर बरनवाल, मृणाल, गौरव, कुशाग्र बरनवाल, पप्पू सिंह, संजय तिवारी, सत्यम सिंह, राज कमल, शिवम,दीपक अग्रहरि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहें पूरी यात्रा के दौरान जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंजता रहा और क्षेत्र में भक्ति व उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजकों ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बारिश में सिर पर बोरी रखकर सिलेंडर लेने पंहुचे लोग
*गैस एजेंसियों पर लाइन में लगकर अपनी बारी का कर रहे इंतजार

गोंडा।खराब मौसम और बारिश के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडर लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है।लोग बारिश से बचने के लिए सिर पर बोरी रखकर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।धानेपुर स्थित ज्योति गैस एजेंसी पर सुबह 8 बजे से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरु हो गई।एजेंसी पर पहले से ही बुकिंग कराने वालों के साथ साथ उसी दिन बुकिंग कराने वालों को भी सिलेंडर दिया जा रहा है।सिलेंडर लेने पहुंचे शिव प्रताप ने बताया कि घर में गैस खत्म होने के कारण खराब मौसम में भी लाइन में लगना मजबूरी है।उन्होंने कहा कि बारिश से बचने के लिए सिलेंडर के बोरी को ही सिर पर रख लिया।वहीं अमन नाम के एक व्यक्ति ने भी बताया कि गैस खत्म होने के कारण उन्हें बारिश में ही लाइन में लगना पड़ा।चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन व्रत रख रही शांति देवी भी सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़ी नजर आईं।उन्होंने भी बोरी से सिर ढककर बारिश से बचाव किया।वहीं पूरे मुसद्दी तिवारी पुरवा से आए एक व्यक्ति ने बताया कि बारिश के बावजूद लोग गैस के लिए लाइन में खड़े हैं ताकि किसी तरह सिलेंडर मिल सके।भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाये रखने के लिए गैस एजेंसी पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं,जो लोगों को कतारबद्ध करने में मदद कर रहे हैं।
पुलिस चौकी के पास गांजे का खुला खेल, वीडियो वायरल के बाद भी कार्रवाई नहीं — आखिर किसके संरक्षण में चल रहा नशे का नेटवर्क?

नैनी में बेखौफ नशा कारोबार! चौकी से चंद कदम दूर बिक्री, सवालों के घेरे में पुलिस- प्रशासन, मास्टरमाइंड कौन?

सेविश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज नैनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मामा-भांजा पुलिस चौकी के समीप खुलेआम गांजा बिक्री का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चौकी से कुछ ही दूरी पर बेखौफ तरीके से गांजे की खरीद-फरोख्त की जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि जब चौकी के पास ही इस तरह नशे का कारोबार चल रहा है, तो इससे साफ जाहिर होता है कि या तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद अनदेखी की जा रही है। दोनों ही स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों की मानें तो यह कोई एक-दो दिन का मामला नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा नेटवर्क बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतना बड़ा नशे का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है और इसका मास्टरमाइंड कौन है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच केवल चौकी स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों की निगरानी में कराई जाए। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि इस मामले में चौकी प्रभारी, थाना स्तर के अधिकारी और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसरों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि चौकी से चंद कदम दूर खुलेआम गांजा बिक रहा था, तो क्या चौकी प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रही गतिविधियों के बाद भी प्रशासन की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है। क्या अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं दिया, या फिर किसी दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए थाना नैनी पुलिस, चौकी स्टाफ, संबंधित बीट सिपाहियों और नशा कारोबार से जुड़े संभावित गिरोह की भूमिका की हर एंगल से जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि आखिर इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है, जो इतने दिनों से पुलिस चौकी के पास ही नशे का कारोबार चलवा रहा था। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और बड़े स्तर पर शिकायत की जाएगी।

घूरपुर प्रकरण: झूठी खबर, प्रमाण की मांग और सूत्र के नाम पर खेल ? तथाकथित पत्रकारों की भूमिका पर उठे सवाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,घूरपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एक समाचार सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसमें पुलिस पर रुपए की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया गया। मामले की पड़ताल करने पर यह खबर बिना प्रमाण, बिना साक्ष्य और केवल “सूत्र” के हवाले से चलाई गई प्रतीत हो रही है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार युवक-युवती के घर से जाने के मामले में पुलिस द्वारा सामान्य पूछताछ की गई थी, लेकिन इसे तोड़-मरोड़ कर रिश्वत मांगने जैसी बात लिख दी गई। थाना स्तर से मिली जानकारी में एक लाख रुपये मांगने जैसी बात पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताई गई है। सबसे हैरानी की बात यह सामने आई कि खबर चलने के बाद ही तथाकथित से पत्रकार पूछा जाने लगा कि कोई प्रमाण है क्या? अब सवाल उठता है कि जब प्रमाण ही नहीं था तो खबर किस आधार पर चलाई गई? स्थानीय लोगों में चर्चा है कि एक तथाकथित पत्रकार खबर चलाता है और दूसरा पत्रकार प्रमाण मांगता है, यह स्थिति अपने आप में बड़ी विसंगति पैदा करती है। लोगों का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि यह सब आपसी मिलीभगत का हिस्सा हो, पहले पुलिस प्रशासन को टारगेट करो, फिर प्रमाण के नाम पर दबाव बनाओ और बाद में समझौते या वसूली की जमीन तैयार करो। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठ रहा है कि हर बार खबर के अंत में “सूत्र” लिख दिया जाता है, लेकिन आखिर यह सूत्र है कौन? यदि कोई गंभीर आरोप लगाया जा रहा है तो उसका स्पष्ट आधार भी होना चाहिए। बिना नाम, बिना साक्ष्य और बिना जिम्मेदारी के खबर चलाना पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी के पास वास्तविक प्रमाण है तो उसे सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष ग्रूपो मे प्रस्तुत करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबर चलाकर पुलिस प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि झूठी, भ्रामक और बिना साक्ष्य के खबरें फैलाने वालों की भी जांच कराई जा सकती है, और यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने या लाभ लेने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई संभव है।

बाइक टक्कर के बाद दो गुटों में मारपीट,दबंगों ने गला पकड़कर पीटा
*पुलिस ने मामले की शुरू की जांच

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रामलीला मैदान के पास दो बाइकों की टक्कर के बाद दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, करनैलगंज कस्बा निवासी आरिफ अली अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था कि तभी सामने से आ रहे अज्ञात बाइक सवार से उसकी टक्कर हो गई।

इस मामूली हादसे के बाद दोनों के बीच पहले कहासुनी और गाली गलौज हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।विवाद बढ़ने पर आरिफ के पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंच गए,इसी दौरान दूसरे पक्ष के व्यक्ति द्वारा गाली गलौज जारी रखने पर दोनों गुटों में जमकर हाथापाई शुरू हो गई।मारपीट में एक व्यक्ति को मोटरसाइकिल की चाभी लगने से हल्की चोट आई,जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में प्राथमिक उपचार दिया गया।

घटना के दौरान राहगीर मौके पर रुककर पूरा घटनाक्रम देखते रहे,जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना गुरूवार शाम लगभग छ: बजे की है।आरिफ की पहचान कर ली गई है,जबकि दूसरे बाइक सवार की पहचान के लिए वीडियो के आधार पर प्रयास किये जा रहे हैं।पुलिस के अनुसार, आपसी विवाद के चलते यह मारपीट हुई।मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज बस स्टैंड के पास दुकान में चोरी, चोर पैसे व मोबाइल लेकर फरार
*सीसीटीवी मे कैद हुई घटना

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस स्टैंड के पास एक दुकान से नगदी व मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है।नगर कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज बस स्टैंड के पास चंदन सोनकर की दुकान में यह घटना हुई जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सुबह लगभग 5.15 बजे दबे पाँव दुकान के अंदर घुसता है और दुकान के काउंटर को खोलकर उसमें रखे  4 से 5 हजार रुपये निकाले फिर उसके बाद चोर ने एक मोबाइल भी उठाया तथा अपनी जेब में रखकर फरार हो गया।पीड़ित चंदन सोनकर ने इस संबंध में नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराया है।उन्होंने बताया कि वह सुबह दुकान में सो रहे थे कि तभी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है।सीसीटीवी में दिखाई दे रहा युवक नगर कोतवाली क्षेत्र का ही रहने वाला बताया जा रहा है और आए दिन इसके द्वारा इसी तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।रुपए के साथ साथ मोबाइल फोन गायब होने से पीड़ित चंदन सोनकर अत्यधिक परेशान है और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द मोबाइल फोन और रुपए  बरामद करने को लेकर मांग किया है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि चंदन सोनकर की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सीसीटीवी में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने का भी प्रयास नगर कोतवाली पुलिस द्वारा किया जा रहा है,संभवतः यह व्यक्ति नगर क्षेत्र का ही रहने वाला है।
भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

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भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

अमोनिया संकट पर त्वरित कार्रवाई: शीतगृहों में सुरक्षित रहा आलू, किसानों को राहत
* उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य एवं विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस वार्ता की।
मंत्री ने शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आलू के बेहतर विपणन और भंडारण के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का समझौता भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी सामने आई। इस स्थिति में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
इस त्वरित कार्रवाई से राज्य के किसानों और शीतगृह संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस की कमी का कारण वैश्विक परिस्थितियाँ थीं, लेकिन केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
गोसाईं बाबा बालिका इंटर कॉलेज गोपालपुर भदैंया में आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सुल्तानपुर द्वारा विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर गोसाईं बाबा बालिका इंटर कॉलेज गोपालपुर भदैंया में आयोजन किया गया। पूर्व में हुई चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वर्षा, द्वितीय पलक पाण्डेय और तृतीय स्थान पर अन्याय तिवारी रही। सभी को शील्ड और मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि कृष्ण प्रकाश दर्जी पर्यावरण निदेशालय रहे उन्होंने बताया कि वन विभाग उत्तर प्रदेश थीम पर छोटे पक्षियों को बचाना अपने भविष्य को बचाना है। गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा है। इस मौके पर अतुल कुमार सिंह उप क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि भारत में गौरैया सिर्फ पक्षी नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा हैं। हिंदी में ‘गोरैया’, तमिल में ‘कुरुवी’, और उर्दू में ‘चिर्या’ कहलाती हैं। पीढ़ियों से ये घरों में खुशियां बिखेरती आई हैं, लेकिन गौरैया की संख्या चिंताजनक तरीके से घट रही है। हम सभी को संकल्प लेना होगा पक्षियों के लिए जलपत्र और घोंसले का प्रबंध करना चाहिए। कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र के द्वारा गौरैया आओ मेरे देश अभियान और पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए वन विभाग सुल्तानपुर के द्वारा सम्मानित किया गया है। इस मौके पर दर्जनों घोंसले का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य अनुराग पांडेय, कृष्णावती पांडेय, ममता सिंह, निशा चौरसिया, ज्ञान सिंह वन रक्षक, बृजेंद्र मिश्र सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
दियारा बाजार गोमती तट से मोतीगरपुर होते हुए पाण्डेय बाबा तक भव्य एवं विराट शोभा यात्रा का आयोजन*
सुल्तानपुर,हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर लक्ष्य सेवा समर्पण फाउंडेशन के द्वारा दियारा बाजार गोमती तट से मोतीगरपुर होते हुए पाण्डेय बाबा तक भव्य एवं विराट शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा कि अगुवाई अनमोल अग्रहरि लक्ष्य सेवा समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष ने किया और उन्होंने बताया कि धार्मिक झांकियों, भगवा ध्वज, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई,जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक एवं उत्सवमय वातावरण का संचार रहा। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड का निर्माण शुरू किया था। वही मौजूद दीपांकर बरनवाल ने बताया कि ऋतु परिवर्तन: यह वसंत ऋतु का आगमन और सर्दियों का अंत होता है। इस समय प्रकृति में नए पत्ते और फूल आते हैं, जो नव-निर्माण को दर्शाता है।विक्रम संवत की शुरुआत: पौराणिक कथाओं के अनुसार, सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन शकों को परास्त कर भारतीय राष्ट्र को स्वतंत्रता दिलाई थी। वहीं डॉ. सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि हिंदू नव वर्ष इसका सबसे सुंदर उदाहरण है. एक ही समय पर पूरे देश में नया साल शुरू होता है, लेकिन अलग अलग राज्यों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया और जगह-जगह पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर बजरंग दल के विभाग संयोजक गौरव पाण्डेय, जिला संयोजक प्रांजल सिंह, यशदीप ठठेर, बृजेश, उत्तम, दीपांकर बरनवाल, मृणाल, गौरव, कुशाग्र बरनवाल, पप्पू सिंह, संजय तिवारी, सत्यम सिंह, राज कमल, शिवम,दीपक अग्रहरि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहें पूरी यात्रा के दौरान जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंजता रहा और क्षेत्र में भक्ति व उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजकों ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बारिश में सिर पर बोरी रखकर सिलेंडर लेने पंहुचे लोग
*गैस एजेंसियों पर लाइन में लगकर अपनी बारी का कर रहे इंतजार

गोंडा।खराब मौसम और बारिश के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडर लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है।लोग बारिश से बचने के लिए सिर पर बोरी रखकर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।धानेपुर स्थित ज्योति गैस एजेंसी पर सुबह 8 बजे से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरु हो गई।एजेंसी पर पहले से ही बुकिंग कराने वालों के साथ साथ उसी दिन बुकिंग कराने वालों को भी सिलेंडर दिया जा रहा है।सिलेंडर लेने पहुंचे शिव प्रताप ने बताया कि घर में गैस खत्म होने के कारण खराब मौसम में भी लाइन में लगना मजबूरी है।उन्होंने कहा कि बारिश से बचने के लिए सिलेंडर के बोरी को ही सिर पर रख लिया।वहीं अमन नाम के एक व्यक्ति ने भी बताया कि गैस खत्म होने के कारण उन्हें बारिश में ही लाइन में लगना पड़ा।चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन व्रत रख रही शांति देवी भी सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़ी नजर आईं।उन्होंने भी बोरी से सिर ढककर बारिश से बचाव किया।वहीं पूरे मुसद्दी तिवारी पुरवा से आए एक व्यक्ति ने बताया कि बारिश के बावजूद लोग गैस के लिए लाइन में खड़े हैं ताकि किसी तरह सिलेंडर मिल सके।भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाये रखने के लिए गैस एजेंसी पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं,जो लोगों को कतारबद्ध करने में मदद कर रहे हैं।
पुलिस चौकी के पास गांजे का खुला खेल, वीडियो वायरल के बाद भी कार्रवाई नहीं — आखिर किसके संरक्षण में चल रहा नशे का नेटवर्क?

नैनी में बेखौफ नशा कारोबार! चौकी से चंद कदम दूर बिक्री, सवालों के घेरे में पुलिस- प्रशासन, मास्टरमाइंड कौन?

सेविश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज नैनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मामा-भांजा पुलिस चौकी के समीप खुलेआम गांजा बिक्री का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चौकी से कुछ ही दूरी पर बेखौफ तरीके से गांजे की खरीद-फरोख्त की जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि जब चौकी के पास ही इस तरह नशे का कारोबार चल रहा है, तो इससे साफ जाहिर होता है कि या तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद अनदेखी की जा रही है। दोनों ही स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों की मानें तो यह कोई एक-दो दिन का मामला नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा नेटवर्क बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतना बड़ा नशे का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है और इसका मास्टरमाइंड कौन है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच केवल चौकी स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों की निगरानी में कराई जाए। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि इस मामले में चौकी प्रभारी, थाना स्तर के अधिकारी और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसरों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि चौकी से चंद कदम दूर खुलेआम गांजा बिक रहा था, तो क्या चौकी प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रही गतिविधियों के बाद भी प्रशासन की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है। क्या अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं दिया, या फिर किसी दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए थाना नैनी पुलिस, चौकी स्टाफ, संबंधित बीट सिपाहियों और नशा कारोबार से जुड़े संभावित गिरोह की भूमिका की हर एंगल से जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि आखिर इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है, जो इतने दिनों से पुलिस चौकी के पास ही नशे का कारोबार चलवा रहा था। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और बड़े स्तर पर शिकायत की जाएगी।

घूरपुर प्रकरण: झूठी खबर, प्रमाण की मांग और सूत्र के नाम पर खेल ? तथाकथित पत्रकारों की भूमिका पर उठे सवाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,घूरपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एक समाचार सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसमें पुलिस पर रुपए की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया गया। मामले की पड़ताल करने पर यह खबर बिना प्रमाण, बिना साक्ष्य और केवल “सूत्र” के हवाले से चलाई गई प्रतीत हो रही है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार युवक-युवती के घर से जाने के मामले में पुलिस द्वारा सामान्य पूछताछ की गई थी, लेकिन इसे तोड़-मरोड़ कर रिश्वत मांगने जैसी बात लिख दी गई। थाना स्तर से मिली जानकारी में एक लाख रुपये मांगने जैसी बात पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताई गई है। सबसे हैरानी की बात यह सामने आई कि खबर चलने के बाद ही तथाकथित से पत्रकार पूछा जाने लगा कि कोई प्रमाण है क्या? अब सवाल उठता है कि जब प्रमाण ही नहीं था तो खबर किस आधार पर चलाई गई? स्थानीय लोगों में चर्चा है कि एक तथाकथित पत्रकार खबर चलाता है और दूसरा पत्रकार प्रमाण मांगता है, यह स्थिति अपने आप में बड़ी विसंगति पैदा करती है। लोगों का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि यह सब आपसी मिलीभगत का हिस्सा हो, पहले पुलिस प्रशासन को टारगेट करो, फिर प्रमाण के नाम पर दबाव बनाओ और बाद में समझौते या वसूली की जमीन तैयार करो। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठ रहा है कि हर बार खबर के अंत में “सूत्र” लिख दिया जाता है, लेकिन आखिर यह सूत्र है कौन? यदि कोई गंभीर आरोप लगाया जा रहा है तो उसका स्पष्ट आधार भी होना चाहिए। बिना नाम, बिना साक्ष्य और बिना जिम्मेदारी के खबर चलाना पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी के पास वास्तविक प्रमाण है तो उसे सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष ग्रूपो मे प्रस्तुत करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबर चलाकर पुलिस प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि झूठी, भ्रामक और बिना साक्ष्य के खबरें फैलाने वालों की भी जांच कराई जा सकती है, और यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने या लाभ लेने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई संभव है।

बाइक टक्कर के बाद दो गुटों में मारपीट,दबंगों ने गला पकड़कर पीटा
*पुलिस ने मामले की शुरू की जांच

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रामलीला मैदान के पास दो बाइकों की टक्कर के बाद दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, करनैलगंज कस्बा निवासी आरिफ अली अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था कि तभी सामने से आ रहे अज्ञात बाइक सवार से उसकी टक्कर हो गई।

इस मामूली हादसे के बाद दोनों के बीच पहले कहासुनी और गाली गलौज हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।विवाद बढ़ने पर आरिफ के पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंच गए,इसी दौरान दूसरे पक्ष के व्यक्ति द्वारा गाली गलौज जारी रखने पर दोनों गुटों में जमकर हाथापाई शुरू हो गई।मारपीट में एक व्यक्ति को मोटरसाइकिल की चाभी लगने से हल्की चोट आई,जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में प्राथमिक उपचार दिया गया।

घटना के दौरान राहगीर मौके पर रुककर पूरा घटनाक्रम देखते रहे,जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना गुरूवार शाम लगभग छ: बजे की है।आरिफ की पहचान कर ली गई है,जबकि दूसरे बाइक सवार की पहचान के लिए वीडियो के आधार पर प्रयास किये जा रहे हैं।पुलिस के अनुसार, आपसी विवाद के चलते यह मारपीट हुई।मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज बस स्टैंड के पास दुकान में चोरी, चोर पैसे व मोबाइल लेकर फरार
*सीसीटीवी मे कैद हुई घटना

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस स्टैंड के पास एक दुकान से नगदी व मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है।नगर कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज बस स्टैंड के पास चंदन सोनकर की दुकान में यह घटना हुई जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सुबह लगभग 5.15 बजे दबे पाँव दुकान के अंदर घुसता है और दुकान के काउंटर को खोलकर उसमें रखे  4 से 5 हजार रुपये निकाले फिर उसके बाद चोर ने एक मोबाइल भी उठाया तथा अपनी जेब में रखकर फरार हो गया।पीड़ित चंदन सोनकर ने इस संबंध में नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराया है।उन्होंने बताया कि वह सुबह दुकान में सो रहे थे कि तभी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है।सीसीटीवी में दिखाई दे रहा युवक नगर कोतवाली क्षेत्र का ही रहने वाला बताया जा रहा है और आए दिन इसके द्वारा इसी तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।रुपए के साथ साथ मोबाइल फोन गायब होने से पीड़ित चंदन सोनकर अत्यधिक परेशान है और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द मोबाइल फोन और रुपए  बरामद करने को लेकर मांग किया है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि चंदन सोनकर की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सीसीटीवी में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने का भी प्रयास नगर कोतवाली पुलिस द्वारा किया जा रहा है,संभवतः यह व्यक्ति नगर क्षेत्र का ही रहने वाला है।