राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश चुनाव समिति का फैसला: राज्यसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक आगामी 18 जून को राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति को लेकर आयोजित की गई थी। बैठक में राज्यसभा चुनाव के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का यह चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। पार्टी न केवल प्रत्याशी को उतारेगी बल्कि वह प्रत्याशी निश्चित तौर पर विजयी भी होगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, झारखंड प्रदेश के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, राज्यसभा सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा एवं बालमुकुंद सहाय, विद्युत वरण महतो, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, श्याम नारायण दुबे,आरती सिंह, गणेश तिवारी भी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

महंगाई पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि के आरोप पर कांग्रेस द्वारा बार बार भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर पलटवार किया है।

श्री साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व वैश्विक संकट से जूझ रहा है। यह सर्वविदित है कि भारत में ना पेट्रोल का कुंआ है और ना डीजल का। लगभग 115 देशों में मूल्य वृद्धि हुई है। कांग्रेस को पहले भारत के अगल-बगल के देश में हुई वृद्धि का आकलन करना चाहिए, फिर भारत सरकार पर दोषारोपण करनी चाहिए। कांग्रेस का महंगाई पर रोना धोना केवल राजनीतिक ड्रामा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ही कांग्रेस पार्टी को अपने और अपनी सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों पर भी नज़र डालनी चाहिए। तेलंगाना में 118.30 रुपये, केरल 114.90 रुपए, कर्नाटक में 110.30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि यहां किसका शासन है। बावजूद कांग्रेस द्वारा महंगाई पर बयानबाजी समझ से परे है। जहां तक झारखंड की बात है झारखंड सरकार द्वारा भी 22% अधिक वैट वसूला जाता है और साथ ही ₹1 प्रति लीटर सेस भी लिया जाता है। कांग्रेस शासित राज्य या झारखंड सरकार अपने राज्यों में वैट कम क्यों नहीं करती ?

श्री साहू ने कहा कि आज जो भी स्थिति है यह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के सरकार के समय से पहले केंद्र सरकार क्राइसिस को कंट्रोल करती थी। उदारीकरण के दौर में कांग्रेस ने यह हक ऑयल कंपनियों को दे दिया। अभी भी भारत में लगभग 7% की ही वृद्धि हुई है। जबकि दूसरे देशों हुई वृद्धि पर एक नजर इन्हें डाल लेनी चाहिए। बाजार में काफी उतार चढ़ाव के बाद भी 4 वर्षों से पेट्रोल डीजल की कीमत भारत में यथावत थी। कई देशों में तो राशनिंग शुरू हो गई, दूसरे देशों में स्कूल तक बंद कर दिया गया। जबकि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण महंगाई पर बहुत हद तक नियंत्रण है। कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित है। यह राजनीतिक नौटंकी की पराकाष्ठा के सिवाय कुछ नहीं है।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत नेत्र जांच शिविर, 350 महिलाओं को मिला निःशुल्क चश्मा
जहानाबाद के सदर प्रखंड अंतर्गत सिकरिया पंचायत के भेवर गांव में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत महिलाओं के लिए नेत्र जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में बढ़ रही निकट दृष्टि दोष की समस्या का समाधान कर उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत प्रदान करना है। सदर प्रखंड के भेवर गांव में प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्घाटन पीसीआई के प्रोग्राम मैनेजर एजाज अहमद, संघ अध्यक्ष नीतू कुमारी, डीबीएस के देवांजन शर्मा तथा जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 300 से 350 महिलाओं की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अक्सर निकट दृष्टि दोष की समस्या होने लगती है, जिससे उन्हें सिलाई-कढ़ाई, खाना बनाने, पढ़ने-लिखने और अन्य घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर दृष्टि उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।निःशुल्क चश्मा मिलने के बाद महिलाओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी तथा पीसीआई के प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके,इन के खिलाफ चलाया जा रहा जन आंदोलन, दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l सोमवार को लैंड जिहाद के खिलाफ दर्जनों नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है जनपद भर में लैंड जिहादी का अभी भी कब्जा चला आ रहा है जबकि जिला प्रशासन और शासन लैंड जिहाद के खिलाफ बराबर करवाई कर रहा है, फ़िर भी हजारों बीघा भूमि पर जिहादियों का कब्जा चला आ रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक इनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होगी तब तक जिहादियों का अंत नहीं होगा क्योंकि लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके हैं जिनको खत्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आए दिन कुछ ना कुछ करते ही रहते हैं।
पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं ने चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को खंडित मूर्तियां व सामग्री न डालने की अपील

फर्रुखाबाद l
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं के द्वारा पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर युवाओं के द्वारा गंगा घाट पर वृहत रूप से स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा में विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां,प्लास्टिक पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को निकाल कर गंगा नदी को साफ किया गया।  समस्त टीम के द्वारा गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।कुछ लोगों के द्वारा पूजा की सामग्री,खंडित मूर्तियां इत्यादि डालने से भी रोका गया। नविकों को भी किसी प्रकार की सामग्री गंगा नदी में विसर्जित करने से भी रोका गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि धार्मिक रूप से गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी। इस दिन हजारों लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं परंतु कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री विसर्जित करते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।अज्ञानता वर्ष लोग खंडित मूर्तियां गंगा नदी के किनारे छोड़ जाते हैं जिससे वह पैरों के नीचे आती हैं। इस तरह से उन मूर्तियों का अपमान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह शपथ लेनी चाहिए की गंगा नदी मे किसी भी प्रकार की अपशिष्ट सामग्री नहीं डालेंगे एवं गंगा नदी को पूरी तरह से स्वच्छ रखने का प्रयास करेंगे। वर्तमान समय में गंगा नदी में जल कम हो गया है एवं प्रदूषण के कारण गंगा नदी का जल भी दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने नदियों को बचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उपस्थित सभी युवाओं के द्वारा गंगा नदी में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोका गया एवं नविकों को भी लाइव जैकेट आवश्यक रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर ए डी ओ पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,सुमित कुमार,अमित प्रकाश,घनश्याम, रचना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।i
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश चुनाव समिति का फैसला: राज्यसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक आगामी 18 जून को राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति को लेकर आयोजित की गई थी। बैठक में राज्यसभा चुनाव के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का यह चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। पार्टी न केवल प्रत्याशी को उतारेगी बल्कि वह प्रत्याशी निश्चित तौर पर विजयी भी होगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, झारखंड प्रदेश के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, राज्यसभा सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा एवं बालमुकुंद सहाय, विद्युत वरण महतो, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, श्याम नारायण दुबे,आरती सिंह, गणेश तिवारी भी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

महंगाई पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि के आरोप पर कांग्रेस द्वारा बार बार भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर पलटवार किया है।

श्री साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व वैश्विक संकट से जूझ रहा है। यह सर्वविदित है कि भारत में ना पेट्रोल का कुंआ है और ना डीजल का। लगभग 115 देशों में मूल्य वृद्धि हुई है। कांग्रेस को पहले भारत के अगल-बगल के देश में हुई वृद्धि का आकलन करना चाहिए, फिर भारत सरकार पर दोषारोपण करनी चाहिए। कांग्रेस का महंगाई पर रोना धोना केवल राजनीतिक ड्रामा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ही कांग्रेस पार्टी को अपने और अपनी सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों पर भी नज़र डालनी चाहिए। तेलंगाना में 118.30 रुपये, केरल 114.90 रुपए, कर्नाटक में 110.30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि यहां किसका शासन है। बावजूद कांग्रेस द्वारा महंगाई पर बयानबाजी समझ से परे है। जहां तक झारखंड की बात है झारखंड सरकार द्वारा भी 22% अधिक वैट वसूला जाता है और साथ ही ₹1 प्रति लीटर सेस भी लिया जाता है। कांग्रेस शासित राज्य या झारखंड सरकार अपने राज्यों में वैट कम क्यों नहीं करती ?

श्री साहू ने कहा कि आज जो भी स्थिति है यह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के सरकार के समय से पहले केंद्र सरकार क्राइसिस को कंट्रोल करती थी। उदारीकरण के दौर में कांग्रेस ने यह हक ऑयल कंपनियों को दे दिया। अभी भी भारत में लगभग 7% की ही वृद्धि हुई है। जबकि दूसरे देशों हुई वृद्धि पर एक नजर इन्हें डाल लेनी चाहिए। बाजार में काफी उतार चढ़ाव के बाद भी 4 वर्षों से पेट्रोल डीजल की कीमत भारत में यथावत थी। कई देशों में तो राशनिंग शुरू हो गई, दूसरे देशों में स्कूल तक बंद कर दिया गया। जबकि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण महंगाई पर बहुत हद तक नियंत्रण है। कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित है। यह राजनीतिक नौटंकी की पराकाष्ठा के सिवाय कुछ नहीं है।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत नेत्र जांच शिविर, 350 महिलाओं को मिला निःशुल्क चश्मा
जहानाबाद के सदर प्रखंड अंतर्गत सिकरिया पंचायत के भेवर गांव में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत महिलाओं के लिए नेत्र जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में बढ़ रही निकट दृष्टि दोष की समस्या का समाधान कर उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत प्रदान करना है। सदर प्रखंड के भेवर गांव में प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्घाटन पीसीआई के प्रोग्राम मैनेजर एजाज अहमद, संघ अध्यक्ष नीतू कुमारी, डीबीएस के देवांजन शर्मा तथा जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 300 से 350 महिलाओं की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अक्सर निकट दृष्टि दोष की समस्या होने लगती है, जिससे उन्हें सिलाई-कढ़ाई, खाना बनाने, पढ़ने-लिखने और अन्य घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर दृष्टि उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।निःशुल्क चश्मा मिलने के बाद महिलाओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी तथा पीसीआई के प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके,इन के खिलाफ चलाया जा रहा जन आंदोलन, दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l सोमवार को लैंड जिहाद के खिलाफ दर्जनों नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है जनपद भर में लैंड जिहादी का अभी भी कब्जा चला आ रहा है जबकि जिला प्रशासन और शासन लैंड जिहाद के खिलाफ बराबर करवाई कर रहा है, फ़िर भी हजारों बीघा भूमि पर जिहादियों का कब्जा चला आ रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक इनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होगी तब तक जिहादियों का अंत नहीं होगा क्योंकि लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके हैं जिनको खत्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आए दिन कुछ ना कुछ करते ही रहते हैं।
पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं ने चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को खंडित मूर्तियां व सामग्री न डालने की अपील

फर्रुखाबाद l
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं के द्वारा पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर युवाओं के द्वारा गंगा घाट पर वृहत रूप से स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा में विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां,प्लास्टिक पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को निकाल कर गंगा नदी को साफ किया गया।  समस्त टीम के द्वारा गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।कुछ लोगों के द्वारा पूजा की सामग्री,खंडित मूर्तियां इत्यादि डालने से भी रोका गया। नविकों को भी किसी प्रकार की सामग्री गंगा नदी में विसर्जित करने से भी रोका गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि धार्मिक रूप से गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी। इस दिन हजारों लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं परंतु कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री विसर्जित करते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।अज्ञानता वर्ष लोग खंडित मूर्तियां गंगा नदी के किनारे छोड़ जाते हैं जिससे वह पैरों के नीचे आती हैं। इस तरह से उन मूर्तियों का अपमान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह शपथ लेनी चाहिए की गंगा नदी मे किसी भी प्रकार की अपशिष्ट सामग्री नहीं डालेंगे एवं गंगा नदी को पूरी तरह से स्वच्छ रखने का प्रयास करेंगे। वर्तमान समय में गंगा नदी में जल कम हो गया है एवं प्रदूषण के कारण गंगा नदी का जल भी दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने नदियों को बचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उपस्थित सभी युवाओं के द्वारा गंगा नदी में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोका गया एवं नविकों को भी लाइव जैकेट आवश्यक रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर ए डी ओ पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,सुमित कुमार,अमित प्रकाश,घनश्याम, रचना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।i