पावर प्लांट के जहरीले पानी से सैकड़ों एकड़ जमीन बंजर, ग्रामीणों में उबाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह,प्रयागराज।PPGCL पावर प्लांट द्वारा छोड़े जा रहे केमिकलयुक्त दूषित जल से क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि बंजर में तब्दील हो गई है। वहीं भूजल भी प्रदूषित हो चुका है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
आरोप है कि प्लांट से लाखों लीटर जहरीला पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे फसलें नष्ट हो रही हैं और पीने का पानी भी सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके चलते क्षेत्र में दमा, टीबी समेत कई गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जबकि कई लोगों की मौत तक हो चुकी है।
बताया जाता है कि पूर्व में प्रशासनिक जांच में स्थिति की पुष्टि हो चुकी है और नाले के निर्माण सहित कई निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधूरा नाला आज भी किसानों के लिए अभिशाप बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने मुफ्त इलाज, बच्चों को निशुल्क शिक्षा और स्थायी रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। उल्टा, स्थानीय युवाओं को अस्थायी मजदूरी तक सीमित कर दिया गया है।सीएसआर फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गांव के विकास के नाम पर एक भी ठोस काम नहीं किया गया। वहीं कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने और किसानों को दबाने के आरोप लगाए गए हैं।
जमुना-पार नवनिर्माण समिति ने उपमुख्यमंत्री से शिकायत कर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।
19 min ago
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