पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल, बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

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पश्चिम बंगाल चुनाव में लिएंडर पेस बड़ा धमाका किया है। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पेस तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को अलविदा कहते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पेस बीजेपी में शामिल हुए हैं। लिएंडर पेस को टीएमसी से बीजेपी के पाले में लाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

पेस ने कहा- मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि, 'लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है।' वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है।'

केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना की

पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।' लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं। मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की। प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया।'

हाल ही में नितिन नवीन से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2021 को गोवा में ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले लिएंडर पेस ने हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कोलकाता में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बीजेपी को उम्मीद है कि लिएंडर पेस के आने के बाद पार्टी की लोकप्रिया स्पोटर्स सर्कल और युवा वोटरों में हो जाएगी। पेस का परिवार मूल रूप से कोलकाता का है।

टीएमसी को टक्कर देने के लिए बड़ा प्लान

लिएंडर पेस ने 2021 में ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी जॉइन की थी, लेकिन 2026 के रण में वे भगवा झंडे के नीचे खड़े नजर आएंगे। बीजेपी के लिए बंगाल की सबसे बड़ी चुनौती कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में टीएमसी की पकड़ तोड़ना है। नितिन नवीन ने इस बार ‘स्टार पावर’ और ‘साफ छवि’ का मिश्रण तैयार किया है। बीजेपी ने बंगाल में जाने-मानी हस्तियों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। सर्व समाज में स्वीकार्यता के लिए पार्टी लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और खिलाड़ियों को पार्टी में शामिल कर रही है। लिएंडर पेस का बीजेपी में जाना इस कड़ी का हिस्सा है।

“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।

आजमगढ़ : मोनल गौतम ने रचा इतिहास, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग(UPPSC)में 167वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का मान
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जिले के मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलवाना की होनहार बेटी मोनल गौतम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 167वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। मोनल गौतम, पुत्री कल्पनाथ गौतम, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के क्षेत्रों से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख किया। उन्होंने दिल्ली और प्रयागराज में रहकर कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं। उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार का विशेष योगदान रहा है। खासकर उनके जीजा दीदी व भैया,भाभी तथा पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाइयां देकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि मोनल शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित थीं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह साबित करता है कि यदि मेहनत सच्ची हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मोनल गौतम की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों और शिक्षकों ने भी उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को उम्मीद है कि वह आगे चलकर एक कुशल और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करेंगी ! संवाददाता दीपक भारती पत्रकार आजमगढ़ राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिला संगठन मंत्री दीपक भारती पत्रकार आजमगढ़
ट्रंप का यूटर्न! बिना होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए ही ईरान संग युद्ध खत्म करने को तैयार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ छिड़ी जंग को और खींचने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपनी जिद छोड़ दी है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले बिना ही ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सोमवार को छपी रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

ट्रंप ने होर्मुज पर कदम पीछे खींचा

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के जटिल अभियान को फिलहाल छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि इस अहम तेल मार्ग को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं माना जा रहा

बदलाव की क्या है वजह?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस जलमार्ग को जबरन खुलवाने की कोशिश से संघर्ष के उस समय-सीमा से आगे खिंच जाने की संभावना है, जो प्रशासन ने तय की है। इसके बजाय मौजूदा रणनीति सैन्य अभियानों को कम करने से पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।

ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करना होगा टारगेट

वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट की मानें तो अब उन्होंने फैसला किया है कि अमेरिका को ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करने और युद्ध को खत्म करने के मुख्य टारगेट पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहम जलमार्ग में व्यापार को निर्बाध रूप से फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव डालना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह नाकाम रहता है तो वाशिंगटन यूरोप और खाड़ी में अपने सहयोगियों पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए दबाव डालेगा।

ईरान का दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर बना रहेगा नियंत्रण

बता दें कि कुछ दिनों पहले तक अमेरिका के लिए स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोलना बहुत जरूरी लक्ष्य था, लेकिन अब ट्रंप का रुख बदल गया है और वे बिना इसे पूरी तरह खोले भी युद्ध खत्म करना चाहते हैं। वहीं ईरान इस जलमार्ग को घेरे हुए है और इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बदलाव से ईरान का दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर नियंत्रण बना रह सकता है। इस रास्ते में रुकावट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता रहेगा क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल-गैस आता है।

भावुकता और सम्मान से सराबोर रहा सेवानिवृत्त शिक्षकों का विदाई समारोह
सुल्तानपुर।कुड़वार ब्लॉक के विद्यालयों में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्षों तक अपनी मेहनत, समर्पण और स्नेह से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों को विदाई दी गई। यह अवसर सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के अटूट रिश्ते, सम्मान और कृतज्ञता का जीवंत उदाहरण बन गया।
प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी के प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी, कंपोजिट विद्यालय हाजीपट्टी के प्रधानाध्यापक शिव कुमार तिवारी तथा प्राथमिक विद्यालय अलीगंज प्रथम की प्रधानाध्यापिका कुसुम सिंह के सम्मान में आयोजित इस विदाई समारोह एवं वार्षिकोत्सव को बड़े ही धूमधाम और भावुक माहौल में मनाया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को माल्यार्पण कर, पुष्प गुच्छ भेंट कर तथा अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। बच्चों की नम आंखें और शिक्षकों की भावुक मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि ये रिश्ता सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि दिलों से जुड़ा हुआ है। छात्रों ने अपने प्रिय गुरुओं को उपहार भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, ब्लॉक कुड़वार के अध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता निजाम खान ने अपने भावुक उद्बोधन में कहा कि
"शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शक होता है। सेवानिवृत्ति एक औपचारिक पड़ाव है, लेकिन शिक्षक का ज्ञान और संस्कार जीवनभर समाज को दिशा देता रहता है।"
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के उत्कृष्ट शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों के जीवन में उनके योगदान की सराहना की।
प्राथमिक विद्यालय अलीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि
"आज हम जिन ऊंचाइयों को छूते हैं, उसकी नींव हमारे गुरु ही रखते हैं। ऐसे समर्पित शिक्षकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।"
इस दौरान संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, इरफान खान और सारिका सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया।
वहीं, प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी में आयोजित समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक मुहम्मद हादी खान ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि
"शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, वह जीवन भर सीखता और सिखाता रहता है। आपने शिक्षा उन्नयन में जो योगदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
समारोह के अंत में वातावरण इतना भावुक हो गया कि कई लोगों की आंखें नम हो उठीं। यह विदाई नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत था—जहां शिक्षक अपने अनुभवों की रोशनी से समाज को आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन लईक अहमद ने किया। इस अवसर पर संकुल प्रभारी हाजीपट्टी मोती खान, ए आर पी श्रीपाल यादव,बड़े लाल सिंह,देवेंद्र यादव, धर्मेंद्र तिवारी व्यायाम शिक्षक अरुणेंद्र सिंह,राम देव अरविंद सिंह, जियाउद्दीन अंसारी,रियाज अहमद,जावेद कलीम, मुहम्मद मुज्तबा अंसारी फ़ैज़ उल्लाह अंसारी,कौशलेंद्र ,फूल चंद्र,राकेश सिंह,जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मिश्रा,फैयाज अहमद,प्रमोद यादव,आसिफ ,सिकंदर वर्मा,गोपाल पाण्डेय ,संजय यादव,महताब हुसैन ,रणधीर सिंह,सुनील सरोज, मुजफ्फर कलीम खान,सुनील कुमार,तौहीद अहमद,रंजीत कुमार,प्रेम सागर मौर्य,इत्यादि लोग उपस्थिति रहे।
आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलिया की दो बेटियों ने यूपीपीसीएस में चमकाया परचम, क्षेत्र में खुशी की लहर
संजीव सिंह बलिया, 30 मार्च 2026: बलिया जनपद के लिए गर्व और खुशी का पल है, जहां दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।बैरिया विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी निर्भय नारायण सिंह की भतीजी आकांक्षा सिंह का चयन यूपीपीसीएस परीक्षा में हुआ है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।वहीं, बांसडीह इण्टर कॉलेज, बांसडीह के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार पाण्डेय जी की पुत्री निधि पाण्डेय का चयन भी यूपीपीसीएस में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) पद के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से बांसडीह क्षेत्र में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।दोनों बेटियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है!
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।
पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल, बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

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पश्चिम बंगाल चुनाव में लिएंडर पेस बड़ा धमाका किया है। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पेस तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को अलविदा कहते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पेस बीजेपी में शामिल हुए हैं। लिएंडर पेस को टीएमसी से बीजेपी के पाले में लाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

पेस ने कहा- मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि, 'लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है।' वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है।'

केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना की

पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।' लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं। मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की। प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया।'

हाल ही में नितिन नवीन से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2021 को गोवा में ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले लिएंडर पेस ने हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कोलकाता में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बीजेपी को उम्मीद है कि लिएंडर पेस के आने के बाद पार्टी की लोकप्रिया स्पोटर्स सर्कल और युवा वोटरों में हो जाएगी। पेस का परिवार मूल रूप से कोलकाता का है।

टीएमसी को टक्कर देने के लिए बड़ा प्लान

लिएंडर पेस ने 2021 में ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी जॉइन की थी, लेकिन 2026 के रण में वे भगवा झंडे के नीचे खड़े नजर आएंगे। बीजेपी के लिए बंगाल की सबसे बड़ी चुनौती कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में टीएमसी की पकड़ तोड़ना है। नितिन नवीन ने इस बार ‘स्टार पावर’ और ‘साफ छवि’ का मिश्रण तैयार किया है। बीजेपी ने बंगाल में जाने-मानी हस्तियों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। सर्व समाज में स्वीकार्यता के लिए पार्टी लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और खिलाड़ियों को पार्टी में शामिल कर रही है। लिएंडर पेस का बीजेपी में जाना इस कड़ी का हिस्सा है।

“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।

आजमगढ़ : मोनल गौतम ने रचा इतिहास, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग(UPPSC)में 167वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का मान
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जिले के मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलवाना की होनहार बेटी मोनल गौतम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 167वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। मोनल गौतम, पुत्री कल्पनाथ गौतम, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के क्षेत्रों से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख किया। उन्होंने दिल्ली और प्रयागराज में रहकर कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं। उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार का विशेष योगदान रहा है। खासकर उनके जीजा दीदी व भैया,भाभी तथा पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाइयां देकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि मोनल शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित थीं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह साबित करता है कि यदि मेहनत सच्ची हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मोनल गौतम की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों और शिक्षकों ने भी उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को उम्मीद है कि वह आगे चलकर एक कुशल और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करेंगी ! संवाददाता दीपक भारती पत्रकार आजमगढ़ राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिला संगठन मंत्री दीपक भारती पत्रकार आजमगढ़
ट्रंप का यूटर्न! बिना होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए ही ईरान संग युद्ध खत्म करने को तैयार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ छिड़ी जंग को और खींचने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपनी जिद छोड़ दी है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले बिना ही ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सोमवार को छपी रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

ट्रंप ने होर्मुज पर कदम पीछे खींचा

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के जटिल अभियान को फिलहाल छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि इस अहम तेल मार्ग को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं माना जा रहा

बदलाव की क्या है वजह?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस जलमार्ग को जबरन खुलवाने की कोशिश से संघर्ष के उस समय-सीमा से आगे खिंच जाने की संभावना है, जो प्रशासन ने तय की है। इसके बजाय मौजूदा रणनीति सैन्य अभियानों को कम करने से पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।

ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करना होगा टारगेट

वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट की मानें तो अब उन्होंने फैसला किया है कि अमेरिका को ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करने और युद्ध को खत्म करने के मुख्य टारगेट पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहम जलमार्ग में व्यापार को निर्बाध रूप से फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव डालना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह नाकाम रहता है तो वाशिंगटन यूरोप और खाड़ी में अपने सहयोगियों पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए दबाव डालेगा।

ईरान का दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर बना रहेगा नियंत्रण

बता दें कि कुछ दिनों पहले तक अमेरिका के लिए स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोलना बहुत जरूरी लक्ष्य था, लेकिन अब ट्रंप का रुख बदल गया है और वे बिना इसे पूरी तरह खोले भी युद्ध खत्म करना चाहते हैं। वहीं ईरान इस जलमार्ग को घेरे हुए है और इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बदलाव से ईरान का दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर नियंत्रण बना रह सकता है। इस रास्ते में रुकावट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता रहेगा क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल-गैस आता है।

भावुकता और सम्मान से सराबोर रहा सेवानिवृत्त शिक्षकों का विदाई समारोह
सुल्तानपुर।कुड़वार ब्लॉक के विद्यालयों में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्षों तक अपनी मेहनत, समर्पण और स्नेह से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों को विदाई दी गई। यह अवसर सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के अटूट रिश्ते, सम्मान और कृतज्ञता का जीवंत उदाहरण बन गया।
प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी के प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी, कंपोजिट विद्यालय हाजीपट्टी के प्रधानाध्यापक शिव कुमार तिवारी तथा प्राथमिक विद्यालय अलीगंज प्रथम की प्रधानाध्यापिका कुसुम सिंह के सम्मान में आयोजित इस विदाई समारोह एवं वार्षिकोत्सव को बड़े ही धूमधाम और भावुक माहौल में मनाया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को माल्यार्पण कर, पुष्प गुच्छ भेंट कर तथा अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। बच्चों की नम आंखें और शिक्षकों की भावुक मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि ये रिश्ता सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि दिलों से जुड़ा हुआ है। छात्रों ने अपने प्रिय गुरुओं को उपहार भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, ब्लॉक कुड़वार के अध्यक्ष एवं जिला प्रवक्ता निजाम खान ने अपने भावुक उद्बोधन में कहा कि
"शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शक होता है। सेवानिवृत्ति एक औपचारिक पड़ाव है, लेकिन शिक्षक का ज्ञान और संस्कार जीवनभर समाज को दिशा देता रहता है।"
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के उत्कृष्ट शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों के जीवन में उनके योगदान की सराहना की।
प्राथमिक विद्यालय अलीगंज में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि
"आज हम जिन ऊंचाइयों को छूते हैं, उसकी नींव हमारे गुरु ही रखते हैं। ऐसे समर्पित शिक्षकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।"
इस दौरान संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, इरफान खान और सारिका सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया।
वहीं, प्राथमिक विद्यालय मठा नेवानी में आयोजित समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक मुहम्मद हादी खान ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने प्रधानाध्यापक सुहेल सिद्दीकी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि
"शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, वह जीवन भर सीखता और सिखाता रहता है। आपने शिक्षा उन्नयन में जो योगदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
समारोह के अंत में वातावरण इतना भावुक हो गया कि कई लोगों की आंखें नम हो उठीं। यह विदाई नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत था—जहां शिक्षक अपने अनुभवों की रोशनी से समाज को आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन लईक अहमद ने किया। इस अवसर पर संकुल प्रभारी हाजीपट्टी मोती खान, ए आर पी श्रीपाल यादव,बड़े लाल सिंह,देवेंद्र यादव, धर्मेंद्र तिवारी व्यायाम शिक्षक अरुणेंद्र सिंह,राम देव अरविंद सिंह, जियाउद्दीन अंसारी,रियाज अहमद,जावेद कलीम, मुहम्मद मुज्तबा अंसारी फ़ैज़ उल्लाह अंसारी,कौशलेंद्र ,फूल चंद्र,राकेश सिंह,जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मिश्रा,फैयाज अहमद,प्रमोद यादव,आसिफ ,सिकंदर वर्मा,गोपाल पाण्डेय ,संजय यादव,महताब हुसैन ,रणधीर सिंह,सुनील सरोज, मुजफ्फर कलीम खान,सुनील कुमार,तौहीद अहमद,रंजीत कुमार,प्रेम सागर मौर्य,इत्यादि लोग उपस्थिति रहे।
आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलिया की दो बेटियों ने यूपीपीसीएस में चमकाया परचम, क्षेत्र में खुशी की लहर
संजीव सिंह बलिया, 30 मार्च 2026: बलिया जनपद के लिए गर्व और खुशी का पल है, जहां दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।बैरिया विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी निर्भय नारायण सिंह की भतीजी आकांक्षा सिंह का चयन यूपीपीसीएस परीक्षा में हुआ है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।वहीं, बांसडीह इण्टर कॉलेज, बांसडीह के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार पाण्डेय जी की पुत्री निधि पाण्डेय का चयन भी यूपीपीसीएस में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) पद के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से बांसडीह क्षेत्र में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।दोनों बेटियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है!
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

#census2027indiaallyouneedtoknowabout33point_question 

जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।