मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की मौत से बढ़ी चिंता: बांधवगढ़ में मादा बाघिन और कान्हा में तेंदुए की मौत
उमरिया/मंडला। टाइगर और लेपर्ड स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश में लगातार बाघ और तेंदुओं की मौत की घटनाओं ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही इन घटनाओं ने प्रदेश की वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र के अंतर्गत बीट कुचवाही के कक्ष क्रमांक पीएफ-342 से लगभग 250 मीटर दूर निजी राजस्व क्षेत्र गुरुवाही गांव के पास करीब पांच वर्षीय मादा बाघिन का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बाघों के आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया गया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि यह घटना 20 जनवरी की है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शव का पंचनामा तैयार किया गया, डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच कराई गई। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया और सैंपल अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी औपचारिकताओं के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि जनवरी माह के महज 20 दिनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले धमोखर बफर और ताला परिक्षेत्र में भी बाघों के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
इधर, मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। बताया गया कि किसली रेंज में एक सप्ताह पहले एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। बुधवार को हुई जांच में उसकी मौत का कारण बाघ का हमला बताया गया है। कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ सुरेंद्र सिरसम के अनुसार, तेंदुए के शरीर पर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया गया है कि उसकी मौत टाइगर अटैक के चलते हुई। तेंदुए का अंतिम संस्कार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
56 sec ago
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