प्रयागराज बारा के जारी गड़ैया कला में 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, मामला उजागर
प्रयागराज, विश्वनाथ प्रताप सिंह
कौंधियारा उपखण्ड अधिकारी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर कब्जा हटवाने और जमीन की पैमाइश कराने की मांग पर हल्का लेखपाल व आर आई मौजूद।
उपकेन्द्र के पीछे खाली भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा जबरन निर्माण किए जाने का शिकायती पत्र में उल्लेख।
उपखण्ड अधिकारी ने अवैध कब्जा रोकने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की प्रशासन से अपील की।
सदर से आए SDM और तहसीलदार की टीम भी बारा क्षेत्र में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से नहीं बचा पा रही।
क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण की शिकायतें, लेकिन बड़े भूमाफियाओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं।
कई गांवों में होलिका, तालाब और किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप।
एसडीएम गणेश कनौजिया और तहसीलदार अनिल कुमार पाठक की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे..।
यह पूरा मामला जारी पावर हाउस का बताया जा रहा है जानकारी यह प्राप्त हो रही है कि पास में लगी जमीन अरुण सिंह की बताई जा रही है जहां पर उनके द्वारा जेसीबी से विद्युत विभाग की लगे कुछ बोल केवल इत्यादि सामान रखे हुए थे जिनको उनके द्वारा हटवा दिया गया है और उस जमीन में अपना कब्जा दखल किए हुए हैं जहां पर बिजली विभाग के एसडीओ द्वारा लिखित शिकायत की गई है जिसकी जांच हल्का लेखपाल आर आई को बुलाकर कराई जा रही है। देखना है अब यह है कि इस मामले में संबंधित अधिकारी कार्रवाई के नाम पर कितना करते हैं या उनके दबाव में आकर मामले को ठंडा बस्ती में डाल देते हैं।... सवाल यह खड़ा होता है कि क्या... उस दबंग किस्म व्यक्ति से क्या उस जमीन का कब्जा हटाया जा सकता है। फिलहाल अभी उस जमीन की बिना पैमाइश की पुष्टि नहीं की जा सकती हैं.
यदि वह जमीन किस की थी तो उसमें पहले से कब्जा क्यों नहीं हुआ।
जब जमीन पर विद्युत विभाग का कब्जा था तो किसान द्वारा उस कब्जे को क्यों हटाया गया।
यदि किसान को लगता की जमीन मेरी हैं और मेरा कब्जा होना था तो राजस्व टीम क्यों नहीं बुलाई।
अब बात आती है विद्युत विभाग की जब पहले से ही जमीन पर कब्जा था तो किसान द्वारा उस विद्युत विभाग की जमीन बिना पैमाइश कराये और बिना सूचना दिए हुए क्यों हटाया गया।
जब सरकारी व्यक्तियों अथवा थाना चौकी पावर हाउस सरकारी तालाब की जमीन सुरक्षित नहीं है तो आम पब्लिक कैसे सुरक्षित रह पाएंगे।
17 min ago
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