अयोध्या में आज ऐतिहासिक अनुष्ठान, राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज आस्था और इतिहास का संगम बनने जा रहा है। वर्ष प्रतिपदा के शुभ क्षण में बृहस्पतिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा। द्रौपदी मुर्मू यहां श्रीराम यंत्र की स्थापना कर एक नई परंपरा को आगे बढ़ाएंगी। इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालु और अतिथि इस दिव्य क्षण के साक्षी बनेंगे।
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राष्ट्रपति करेंगी श्रीराम यंत्र की स्थापना
राष्ट्रपति मुर्मू सुबह लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगी, जहां से वे सड़क मार्ग द्वारा मंदिर परिसर पहुंचेंगी। अयोध्या में उनके चार घंटे के प्रवास के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वे आद्य शंकराचार्य द्वार से मंदिर में प्रवेश कर सबसे पहले रामलला का आशीर्वाद लेंगी।श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:55 बजे मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना। श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार का दर्शन-पूजन एवं आरती करेंगी।
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देशभर से 7 हजार विशेष मेहमान शामिल होंगे
समारोह का साक्षी बनने के लिए करीब सात हजार मेहमान मौजूद रहेंगे। श्रीराम यंत्र पूजन के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहेंगे। केरल की धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले भी समारेाह में शामिल रहेंगे।
श्रीराम यंत्र की खासियत
श्रीराम यंत्र की खासियत मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित होने वाला यह 'श्रीराम यंत्र' वैदिक गणित और ज्यामितीय पैटर्न पर आधारित है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, यह पवित्र यंत्र दो वर्ष पूर्व एक भव्य शोभायात्रा के जरिए अयोध्या लाया गया था। मान्यता है कि यह यंत्र दिव्य ऊर्जाओं का केंद्र है और सकारात्मक आध्यात्मिक स्पंदन आकर्षित करता है। स्थापना के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य मौजूद रहेंगे।
13 जोन और 37 सेक्टर में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति के आगमन पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था को 13 जोन और 37 सेक्टर में बांटी गई है। एसपी/एएसपी स्तर के अधिकारी को जोन व सीओ व निरीक्षकों को सेक्टरों का नोडल बनाया गया है। उच्चाधिकारी जोन और सेक्टरों की निगरानी कर रहे हैं। राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या दौरा होना है। वह लगभग चार घंटे तक अयोध्या में मौजूद रहेंगी। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, उनकी फ्लीट के मार्ग, राम मंदिर परिसर, राम मंदिर में परकोटा, सभा स्थल, अतिथियों के आने के मार्ग, रूफटॉप, आंतरिक मार्गों के डायवर्जन की व्यवस्था, हनुमानगढ़ी मंदिर, हेलीपैड रामकथा पार्क व अयोध्या धाम की कानून व मार्ग व्यवस्था को अलग-अलग जोन में बांटा गया है।
तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
आयोजन को लेकर सभी जोन और सेक्टरों में सुरक्षाकर्मियों का जाल बिछाया गया है। सभी जगहों पर लगभग तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 18 एसपी/एएसपी, 33 सीओ, 130 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 50 महिला उपनिरीक्षक, 1800 आरक्षी व महिला आरक्षी, 90 यातायात पुलिस, 550 मुख्य आरक्षी और यातायात आरक्षी शामिल हैं।





लखनऊ। - राशनिंग क्षेत्र हशनगंज में कोटेदार मुनींद्र कुमार और पूर्ति निरीक्षक राजनरायन मिश्रा की मिली भगत से राशन की बिक्री मे कालाबाजरी करके जमकर धन उगाही की जा रही है। बताते चले हशनगंज राशनिंग क्षेत्र के अंतर गत आने वाली राशन की दुकान जो मुनेन्द्र केनाम अवांटित है उसपर मानक से ज्यादा राशनकार्ड बनवाने व वितरण मे धांधली की चर्चा आम होना सुना जा रहा है हो क्यो न जब युक्त दुकान्दार के ऊपर पूर्ति निरीक्षण राज रायण मिश्रा का बरद हस्त प्राप्त है ।

आजमगढ़।उत्तर प्रदेशीय प्रारंभिक शिक्षक समिति तहबरपुर अध्यक्ष सूबेदार यादव ने माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा 2026 में शिक्षा क्षेत्र - तहबरपुर, जनपद -आजमगढ़ में शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की अव्यवहारिक रुप से अत्यंत दूर लगाई गई ड्यूटी की अनियमितता के विरोध में एवं एवं शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों की विभिन्न मांगों के समर्थन में संगठन के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ खंड शिक्षा अधिकारी, तहबरपुर व्यास देव को बी आर सी तहबरपुर पर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन द्वारा मांग की गई कि जो शिक्षक या शिक्षिका मार्च - 2026 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनकी पत्रावली अविलम्ब संबंधित कार्यालय को भेजी जाय ताकि उनके देयकों का समय से भुगतान हो सके और उनकी पेंशन जारी होने में कोई विलंब न हो। संगठन द्वारा यह भी कहा गया कि बोर्ड परीक्षा में शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर में ड्यूटी लगाने में काफी अनियमितता बरती गई। ड्यूटी के संबंध में प्रधानाध्यापकों या प्रभारी प्रधानाध्यापकों से कोई विचार - विमर्श नहीं किया गया। लोगों को 25 से 30 किलोमीटर दूर तक ड्यूटी करने के लिए बाध्य किया गया। 31 मार्च 2026 के बाद नवीन सत्र में कुछ विद्यालय एकल हो जा रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को शीघ्र ही अध्यापकों से आच्छादित किया जाय। जनगणना (Census 2026) में कार्मिकों की ड्यूटी लगाए जाने के संबंध में प्रधानाध्यापकों से विचार-विमर्श करके विद्यालय सेवित गांव या आस -पास के मज़रों में ही ड्यूटी लगाने की मांग संगठन द्वारा की गई।खंड शिक्षा अधिकारी तहबरपुर, आजमगढ़ से वार्ता के क्रम में अध्यक्ष सूबेदार यादव ने दो टूक कहा कि यदि शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की ड्यूटी अव्यवहारिक रुप से लगाई जाती है तो संगठन अन्याय के विरोध में विधिमान्य तरीके से विरोध करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन कार्यक्रम में सूबेदार यादव, उदय प्रताप राय,नर्वदेश्वर उपाध्याय, रुद्रप्रताप भारती, राजेश यादव, संदीप कुमार राय, लालजी यादव, सूर्यभान चौहान, दिनेश यादव राजकुमार यादव, स्वामीनाथ यादव,विजय यादव, बृजेश राय, मनोज कुमार त्रिपाठी, सतीश चन्द्र यादव, शिवशंकर राय, दिनेश कुमार, सुभाषचन्द्र प्रजापति, हनुमान गुप्ता,अरविन्द यादव, कमलाकांत, विवेक,माधव सिंह, शिवानंद मिश्र, संजय मौर्य, चन्द्रशेखर सिंह, मनोज सिंह, अशोक यादव, ईश्वर चंद्र, प्रदीप यादव,मनीष श्रीवास्तव, राहुल यादव, सुजीत चौबे, नरेन्द्र चौबे,गुलाब सिंह, रामचंद्र यादव , लालचंद राम,रामकुंवर चौहान सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
बहसूमा, संवाददाता।दशमेश पब्लिक स्कूल रामराज में किंडर गार्डन के बच्चों के लिए भव्य ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों को ग्रेजुएशन कैप, गाउन और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।








सुल्तानपुर,चैत्र नवरात्र एवं भारतीय नववर्ष के पावन पर्व पर पं.रामनरेश त्रिपाठी सभागार में भव्य विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ऐतिहासिक मनाया गया।
17वर्षो से लगातार आयोजित वर्ष 2008 से हो रहा यह कवि सम्मेलन इस बार हजारों श्रोताओं की उपस्थिति से पूरी तरह खचा- खच भरा रहा सभागार। दूर-दराज से आए लोगों ने देश के नामचीन कवियों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और पूरे समय सभागार तालियों की गूंज से सराबोर रहा। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने सनातन धर्म की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं,बल्कि यह हमारी संस्कृति-परंपरा और जीवनशैली का आधार है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं,बल्कि नई पीढ़ी को भी उससे जोड़ने का कार्य करते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कवि सम्मेलन जैसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और भारतीय नववर्ष एवं चैत्र नवरात्र जैसे पावन अवसरों पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन कर समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं,उन्होंने सभी कहा कि हमारा प्रयास है सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाना,ऐसे भव्य आयोजनों को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया और सभी उपस्थित भक्तजनों का आभार व्यक्त किया।
विशेष अतिथि स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने अपने संबोधन कहा कि “लिखकर रख लीजिए,मैं यह बात जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूँ। आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह कोई नई बात नहीं है,बल्कि पहले भी कई मंचों पर इस विषय पर चर्चा हो चुकी है।”वर्तमान परिस्थितियां संघर्ष जैसी स्थितियों की ओर संकेत कर रही हैं और यह आसानी से रुकने वाली नहीं हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा पिछले चार महीनों में देशभर का दौरा किया और हालात को करीब से देखा हूँ।
श्री स्वामी जी ने कहाकि दुनिया की अर्थव्यवस्था कई बड़े कारकों पर आधारित है,जिनमें हथियार और अवैध गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्था भी शामिल है। उनका मानना है कि जब तक हथियारों का निर्माण जारी रहेगा,तब तक संघर्ष की स्थितियां बनी रह सकती हैं। साथ ही उन्होंने कहाकि भारत की सांस्कृतिक शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि मंदिरों और त्योहारों के माध्यम से देश में एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था संचालित होती है। काशी और अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी संख्या इसका उदाहरण है।
57 min ago
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