संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

बीबीडीयू में 'रोड सेफ्टी इवेंट' का भव्य आयोजन: युवाओं को मिला सुरक्षित सफर का मूल मंत्र*
सुल्तानपुर,बीबीडीयू एन.एस.एस. इकाई ने सुजुकी और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर जगाई यातायात नियमों की अलख; स्वयंसेवकों ने लिया सुरक्षा की संस्कृति अपनाने का संकल्प_ लखनऊ। 11 मार्च 2026। बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय (बीबीडीयू) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से एक दिवसीय 'सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम' का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन बीबीडी ग्रुप की चेयरपर्सन *श्रीमती अलका दास गुप्ता* और प्रेसिडेंट श्री *विराज सागर दास* एवम वाइस प्रेसिडेंट *सुश्री सोनाक्षी दास गुप्ता* की प्रेरणा से विश्वविद्यालय के डॉ. अखिलेश दास गुप्ता ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। वरिष्ठ पदाधिकारियों का प्रेरणादायक उद्बोधन *प्रो-वाइस चांसलर डॉ. एस. सी. शर्मा* ने अपने संबोधन में युवाओं को जीवन की रफ़्तार और सुरक्षा के बीच का अंतर समझाते हुए एक बेहद प्रभावशाली बात कही। उन्होंने कहा, "ज़िन्दगी में रफ़्तार ज़रूरी है, मगर अपने लक्ष्य को पाने के लिए, न कि बाइक के साथ सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालने के लिए।" *डॉ. एस.एम.के. रिज़वी (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर एवं चीफ प्रॉक्टर)* ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा हो सकती है। नियम आपकी सुरक्षा के लिए हैं, इन्हें बोझ न समझें। एन.एस.एस. कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) प्रभाश चंद्र पाठक ने स्वयंसेवकों का नेतृत्व करते हुए कहा, "सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है। कार्यक्रम के दौरान विख्यात सिंह (वरिष्ठ प्रबंधक कार्यक्रम ,VLF) द्वारा सड़क सुरक्षा विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को यातायात नियमों के पालन, CPR, सुरक्षित दोपहिया वाहन संचालन तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार के प्रति प्रेरित किया गया। ट्रैफिक पुलिस लखनऊ *वेंकटेश सिंह और श्री विकास सिंह* ,ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए युवाओं को हेलमेट की अनिवार्यता और गति सीमा के पालन के बारे में समझाया। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया के श्री गौरव ठाकुर और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन की श्रुति ने सुरक्षित ड्राइविंग की उन्नत तकनीकों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण और रोमांचक गतिविधियाँ एन.एस.एस. स्वयंसेवकों और छात्रों ने अपनी एकाग्रता और संतुलन का प्रदर्शन किया, जिसमें विजेताओं को हेल्मेट और आकर्षक उपहार दिए गए। सभी प्रतिभागियों ने एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सुरक्षित आचरण करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि विश्वविद्यालय के चार छात्रों का चयन रही। वैल्यू लाइफ फाउंडेशन ने सड़क सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण और नेतृत्व को देखते हुए तुषार वर्मा, अंकुश सिंह, अभय सिंह और लक्ष्मण वर्मा को 'रोड सेफ्टी एम्बेसडर' नियुक्त किया। ये एम्बेसडर अब भविष्य में युवाओं के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के समन्वय में हुआ।
ईरान-इस्राइल युद्ध : 12 साल बाद गैस गोदामों पर 500 मीटर तक लगी लंबी कतार

*व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बंद, घरेलू की बुकिंग तीन गुना बढ़ी, आनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच कालीन नगरी में एलपीजी घरेलू गैस सिलिंडर की मांग तीन गुना बढ़ गई है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने के बाद होटल, ढाबा और मिठाई दुकानदार अब घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। 12 साल बाद एक बार फिर एजेंसियों के गोदामों पर 500 मीटर लंबी कतार देखने को मिली। ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल होने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों के मोबाइल नॉट रिचएबल बता रहा है। जिले में भारत गैस, इंडियन ऑयल और एचपी की 40 एजेंसियां हैं। इससे 2.07 लाख उज्ज्वला और तीन लाख सामान्य उपभोक्ता जुड़े हैं। युद्ध के कारण विश्व में गैस, तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का अंदेशा है। सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ते ही आपूर्ति कम होने के पहले ज्ञानपुर नगर में स्थित एक एजेंसी पर ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। कुछ लोगों को ही सिलिंडर मिला। कुछ लोग बिना लिए ही वापस लौट गए। कुछ इसी तरह गोपीगंज, अभोली, भदोही स्थित एजेंसियों पर दिखा। एजेंसी संचालकों ने बताया कि पहले एक दिन में 400 से 500 सिलिंडरों की मांग होती थी। बीते चार-पांच दिनों से मांग एक हजार तक पहुंच गई है। मांग में बढ़ोतरी के सापेक्ष आपूर्ति 50 फीसदी तक ही हो रही है। गोपीगंज नगर में बेबी बानो, करीम, शिवशंकर चौबे, रवि गुप्ता ने बताया कि करीब एक सप्ताह के इंतजार के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है।


सहालग, रमजान के कारण रिफिलिंग की बढ़ी मांग
इन दिनों सहालग के साथ रमजान भी चल रहा है। इस कारण भी घरेलू गैस सिलिंडर की मांग बढ़ी है। शादी के आयोजनों में व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से घरेलू सिलिंडर का ज्यादा प्रयोग हो रहा है। इस कारण एजेंसियों और गोदामों पर भीड़ बढ़ गई है। एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने बताया कि लोग पैनिक होकर बुकिंग करा रहे हैं। इससे एजेंसियो पर भीड़ बढ़ी है। पहले हर गाड़ी में 10 से 12 व्यावसायिक सिलिंडर आते थे, अब नहीं आ रहे हैं।
होटल कारोबारियों की बात
सरकार को जल्द से जल्द व्यावसायिक सिलिंडरो की आपूर्ति शुरू करानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। रेस्टोरेंट और होटल बंद हो सकते हैं। वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। दो से तीन दिन बाद संकट और बढ़ जाएगा। - संजय उमर वैश्य, रेस्टोरेंट संचालक

व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहा है। एजेंसी संचालकों ने मोबाइल बंद कर दिए हैं। अधिक कीमत देने के बाद भी नहीं मिल रहा है। जो सिलिंडर लगा है उसके खत्म होने के बाद होटल बंद करने की नौबत आ जाएगी।
- विजय कुमार चौरसिया, होटल संचालक
जिनके यहां शादी पड़ी है उनके माथे पर बल पड़ गया है। सिलिंडर जिसके पास है वह काला बाजारी कर रहा है। एक-दो दिन में स्थिति बिगड़ने की संभावना है। - आरिफ अंसारी, मैरिज लान संचालक
स्कूलों में लकड़ी से एमडीएम बनाने पर रोक है। बुधवार को विद्यालय का सिलेंडर खत्म हो गया। एजेंसी पर नहीं मिलने के कारण घर से सिलिंडर लाकर एमडीएम बनवाया गया। आपूर्ति नहीं सुधरी तो विद्यालयों में एमडीएम बनाने में दिक्कत होगी। - सुधीर सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पड़ाव।

जिले में फिलहाल सिलिंडर आपूर्ति में कोई संकट नहीं है। लोग पैनिक होकर बुकिंग कर रहे हैं। पांच मार्च तक की बुकिंग वाले ग्राहकों को सिलिंडर मिल चुका है। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति शासन से बंद कर दी गई है। कई एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कालाबाजारी न हो सके। - सुनील कुमार, डीएसओ।

40 एजेंसी जनपद में करती है सिलिंडर वितरण
5.10 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं जिले में
15 हजार व्यावसायिक सिलिंडर के उपभोक्ता हैं
भारतीय जहाजों के लिए खुला होर्मुज स्ट्रेट, दो टैंकर सुरक्षित निकले, रंग लाई विदेश मंत्री जयशंकर की कूटनीति

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ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच भारत के लिए अच्छी खबर आई है। ईरान ने भारत के साथ कूटनीतिक बातचीत के बाद भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। इसके बाद पुष्पक और परिमलनाम के भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से इस हॉर्मुज से गुजर गए।

भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता

पश्चिम एशिया में भड़के युद्ध के बीच पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई लाइन खतरे में है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिमी देशों के विदेशी जहाजों के लिए लगभग 'नो-गो जोन' बन चुका है। ईरान-इजराइल-अमेरिका जंग के बीच भारत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

एस जयशंकर और अराघची की बातचीत से निकला हल

यह घटनाक्रम भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया है। इस मसले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की उनके ईरानी समकक्ष के बीच युद्ध छिड़ने के बाद कम से कम तीन बार बात हो चुकी है। जयशंकर ने मंगलवार को भी पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर अब्बास अराघची से बात की।

भारत के लिए ये क्यों खास है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल इंपोर्टर है और ज्यादातर क्रूड मिडिल ईस्ट से आता है, जो होर्मुज से गुजरता है। युद्ध शुरू होने (28 फरवरी) से पहले ही कई भारतीय जहाज फंस गए थे। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के मुताबिक, 28 से 37 भारतीय फ्लैग वाले जहाज वहां थे, जिनमें 1000 से ज्यादा भारतीय सीफेयरर्स थे। ईरान ने अमेरिका, इजरायल और यूरोप के जहाजों पर सख्ती बरती है, लेकिन भारत जैसे गैर-पश्चिमी देशों को छूट दी है। ऐसे में इसे काफी अहम माना जा रहा है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है।

-सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है।

-इस मार्ग में बाधा आने से इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर सीधा असर पड़ता है।

-दुनिया के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

-इसलिए यहां तनाव बढ़ने पर वैश्विक बाजार, सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों पर तुरंत असर देखने को मिलता है।

विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर धर्मेंद्र यादव का ग्रामवासियों ने किया सम्मान
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित शाहपुर सानी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव पुत्र बीपत यादव का भदोही जिले के जूनियर हाई स्कूल में विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर आज ग्रामवासियों द्वारा उनका भव्य सम्मान किया गया। अत्यंत विनम्र, शालीन और सहयोगी प्रवृत्ति के धर्मेंद्र यादव का विज्ञान शिक्षक के रूप में चयन होने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है। आज सम्मान समारोह में ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामबाबू यादव, लालता यादव, हृदय नारायण सिंह, ब्रिजलाल यादव, जगपत यादव, शिवनारायण यादव, अनिल कुमार यादव, शैलेंद्र यादव, मुकेश यादव, नंदलाल यादव, आलोक यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल कुमार यादव, विकास यादव, विवेक यादव समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। चंद्रशेखर यादव ने कहा कि यह पूरे गांव ही नहीं अपितु पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ उनके पिता बीपत यादव को भी माला पहनाकर बधाई दी।
लोकसभा स्पीकर के बाद अब सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, एकजुट हुआ विपक्ष

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लोक सभा अध्‍यक्ष के बाद विपक्षी दल देश के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांसदों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिया है। उनकी तैयारी संसद के दोनों हाउस के सचिवालयों में नो‍टिस जमा करने की है।

हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले नोटिस को गुरुवार यानी आज संसद से दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सौंपा जा सकता है। प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई। बुधवार रात तक लोकसभा के लिए करीब 120 और राज्यसभा के लिए लगभग 60 सांसदों के साइन हो चुके थे। नियम के अनुसार लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस के लिए कम से कम 100 सांसदों के साइन जरूरी हैं।

सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों के साथ-साथ गठबंधन से बाहर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किये हैं।

क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया?

कानून के मुताबिक, सीईसी को हटाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा के बिना अन्य निर्वाचन आयुक्तों को पद से नहीं हटाया जा सकता। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, किसी भी सदन में, जज को पद से हटाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद, (लोकसभा) अध्यक्ष या (राज्यसभा) सभापति, जैसा भी मामला हो, तीन सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। जो उन आधारों की जांच करेगी, जिन पर पद से उन्हें हटाने की मांग की गई है। समिति में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) या शीर्ष न्यायालय के जज, 25 उच्च न्यायालयों में से किसी एक के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित न्यायविद होते हैं। नियम के अनुसार, समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, इसे सदन में पेश किया जाएगा और पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो जाएगी। हालांकि, सीईसी को अपना बचाव करने का अधिकार होता है।

फारूक अब्दुल्ला पर किसने की फायरिंग? बाल-बाल बची जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम की जान

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जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम में अचानक फायरिंग की घटना हो गई। हमला नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला पर किया गया था। इस समारोह में फारूक अब्दुल्ला के अलावा जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और पार्टी के कई अन्य नेता मौजूद थे।

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फारूक अब्दुल्ला के पीछे से गोली चलाई

पुलिस के मुताबिक हमलावर ने फारूक अब्दुल्ला के पीछे से पिस्तौल तानकर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी। फारूक अब्दुल्ला, सुरिंदर चौधरी और दूसरे बड़े नेता नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। हमलावर सुरजीत सिंह का कजिन है। वह बिजनेसमैन है और उसकी पुराने शहर में कुछ दुकानें हैं।

70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी रिवॉल्वर

घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि 70 साल के हमलावर कमल सिंह जामवाल ने पीछे से आकर फारूक के सिर पर रिवॉल्वर तान दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर का हाथ हटाया जिससे फायर हवा में हो गया। आरोपी को पकड़ लिया गया है और हमले के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

कुछ ही सेकंड में सुरक्षाकर्मियों ने दबोचा आरोपी

फारूक अब्दुल्ला के ऊपर फायरिंग होते ही सुरक्षा टीम तुरंत हरकत में आ गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा टीम ने हमलावर को मौके पर ही काबू कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा कर्मियों ने सबसे पहले आरोपी के हाथ से पिस्तौल छीनी, उसके बाद उसे जमीन पर लिटाकर काबू में कर लिया। साथ ही पिस्तौल से गोलियां भी निकाल ली गईं, ताकि वह दोबारा हमला न कर सके। इसके बाद फारूक अब्दुल्ला को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

पिता फारूक पर फायरिंग की कोशिश से भड़के सीएम उमर

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला का भी बड़ा बयान आया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि एक आदमी लोडेड पिस्टल लेकर पॉइंट-ब्लैंक रेंज में आ गया और गोली चला दी। अल्लाह का शुक्र है कि मेरे पिता बाल-बाल बचे। सवाल उठता है कि कोई Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व सीएम के इतने करीब कैसे पहुंच गया।

फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
गो रक्षा और सनातन के लिए नई रणनीति, शंकराचार्य ने किया चतुरंगिणी सेना
लखनऊ। गो रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के मुद्दे पर बुधवार को राजधानी लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना का गठन किया जाएगा, जो संत समाज में फैल रही अशास्त्रीयता और अधर्म को दूर करने का कार्य करेगी।देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों और गो रक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं, बल्कि धर्म की शपथ ही चलेगी। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि परिस्थितियां बनीं तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई

कार्यक्रम में उन्होंने संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ महंतों और साधुओं ने यह कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं, शंकराचार्य के साथ नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अखाड़े साथ नहीं आते हैं तो अब अलग संगठन और सेना बनाकर धर्म की रक्षा की जाएगी।शंकराचार्य ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वेद पढ़ने वाले बटुकों के साथ अन्याय हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोहत्या केवल कसाई ही नहीं करता, बल्कि जो इसे अनुमति देता है या मौन रहता है, वह भी उसी पाप का भागी है।

यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी

इस दौरान उन्होंने “समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा” निकालने की भी घोषणा की। यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से होगी और वहीं इसका समापन भी होगा। इसके बाद 24 जुलाई को लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकरण हैं और गो माता की रक्षा के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प भी लेना होगा।
संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

बीबीडीयू में 'रोड सेफ्टी इवेंट' का भव्य आयोजन: युवाओं को मिला सुरक्षित सफर का मूल मंत्र*
सुल्तानपुर,बीबीडीयू एन.एस.एस. इकाई ने सुजुकी और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर जगाई यातायात नियमों की अलख; स्वयंसेवकों ने लिया सुरक्षा की संस्कृति अपनाने का संकल्प_ लखनऊ। 11 मार्च 2026। बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय (बीबीडीयू) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से एक दिवसीय 'सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम' का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन बीबीडी ग्रुप की चेयरपर्सन *श्रीमती अलका दास गुप्ता* और प्रेसिडेंट श्री *विराज सागर दास* एवम वाइस प्रेसिडेंट *सुश्री सोनाक्षी दास गुप्ता* की प्रेरणा से विश्वविद्यालय के डॉ. अखिलेश दास गुप्ता ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। वरिष्ठ पदाधिकारियों का प्रेरणादायक उद्बोधन *प्रो-वाइस चांसलर डॉ. एस. सी. शर्मा* ने अपने संबोधन में युवाओं को जीवन की रफ़्तार और सुरक्षा के बीच का अंतर समझाते हुए एक बेहद प्रभावशाली बात कही। उन्होंने कहा, "ज़िन्दगी में रफ़्तार ज़रूरी है, मगर अपने लक्ष्य को पाने के लिए, न कि बाइक के साथ सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालने के लिए।" *डॉ. एस.एम.के. रिज़वी (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर एवं चीफ प्रॉक्टर)* ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा हो सकती है। नियम आपकी सुरक्षा के लिए हैं, इन्हें बोझ न समझें। एन.एस.एस. कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) प्रभाश चंद्र पाठक ने स्वयंसेवकों का नेतृत्व करते हुए कहा, "सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है। कार्यक्रम के दौरान विख्यात सिंह (वरिष्ठ प्रबंधक कार्यक्रम ,VLF) द्वारा सड़क सुरक्षा विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को यातायात नियमों के पालन, CPR, सुरक्षित दोपहिया वाहन संचालन तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार के प्रति प्रेरित किया गया। ट्रैफिक पुलिस लखनऊ *वेंकटेश सिंह और श्री विकास सिंह* ,ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए युवाओं को हेलमेट की अनिवार्यता और गति सीमा के पालन के बारे में समझाया। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया के श्री गौरव ठाकुर और वैल्यू लाइफ फाउंडेशन की श्रुति ने सुरक्षित ड्राइविंग की उन्नत तकनीकों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण और रोमांचक गतिविधियाँ एन.एस.एस. स्वयंसेवकों और छात्रों ने अपनी एकाग्रता और संतुलन का प्रदर्शन किया, जिसमें विजेताओं को हेल्मेट और आकर्षक उपहार दिए गए। सभी प्रतिभागियों ने एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सुरक्षित आचरण करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि विश्वविद्यालय के चार छात्रों का चयन रही। वैल्यू लाइफ फाउंडेशन ने सड़क सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण और नेतृत्व को देखते हुए तुषार वर्मा, अंकुश सिंह, अभय सिंह और लक्ष्मण वर्मा को 'रोड सेफ्टी एम्बेसडर' नियुक्त किया। ये एम्बेसडर अब भविष्य में युवाओं के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के समन्वय में हुआ।
ईरान-इस्राइल युद्ध : 12 साल बाद गैस गोदामों पर 500 मीटर तक लगी लंबी कतार

*व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बंद, घरेलू की बुकिंग तीन गुना बढ़ी, आनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच कालीन नगरी में एलपीजी घरेलू गैस सिलिंडर की मांग तीन गुना बढ़ गई है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने के बाद होटल, ढाबा और मिठाई दुकानदार अब घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। 12 साल बाद एक बार फिर एजेंसियों के गोदामों पर 500 मीटर लंबी कतार देखने को मिली। ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल होने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों के मोबाइल नॉट रिचएबल बता रहा है। जिले में भारत गैस, इंडियन ऑयल और एचपी की 40 एजेंसियां हैं। इससे 2.07 लाख उज्ज्वला और तीन लाख सामान्य उपभोक्ता जुड़े हैं। युद्ध के कारण विश्व में गैस, तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का अंदेशा है। सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ते ही आपूर्ति कम होने के पहले ज्ञानपुर नगर में स्थित एक एजेंसी पर ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। कुछ लोगों को ही सिलिंडर मिला। कुछ लोग बिना लिए ही वापस लौट गए। कुछ इसी तरह गोपीगंज, अभोली, भदोही स्थित एजेंसियों पर दिखा। एजेंसी संचालकों ने बताया कि पहले एक दिन में 400 से 500 सिलिंडरों की मांग होती थी। बीते चार-पांच दिनों से मांग एक हजार तक पहुंच गई है। मांग में बढ़ोतरी के सापेक्ष आपूर्ति 50 फीसदी तक ही हो रही है। गोपीगंज नगर में बेबी बानो, करीम, शिवशंकर चौबे, रवि गुप्ता ने बताया कि करीब एक सप्ताह के इंतजार के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है।


सहालग, रमजान के कारण रिफिलिंग की बढ़ी मांग
इन दिनों सहालग के साथ रमजान भी चल रहा है। इस कारण भी घरेलू गैस सिलिंडर की मांग बढ़ी है। शादी के आयोजनों में व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से घरेलू सिलिंडर का ज्यादा प्रयोग हो रहा है। इस कारण एजेंसियों और गोदामों पर भीड़ बढ़ गई है। एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने बताया कि लोग पैनिक होकर बुकिंग करा रहे हैं। इससे एजेंसियो पर भीड़ बढ़ी है। पहले हर गाड़ी में 10 से 12 व्यावसायिक सिलिंडर आते थे, अब नहीं आ रहे हैं।
होटल कारोबारियों की बात
सरकार को जल्द से जल्द व्यावसायिक सिलिंडरो की आपूर्ति शुरू करानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। रेस्टोरेंट और होटल बंद हो सकते हैं। वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। दो से तीन दिन बाद संकट और बढ़ जाएगा। - संजय उमर वैश्य, रेस्टोरेंट संचालक

व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहा है। एजेंसी संचालकों ने मोबाइल बंद कर दिए हैं। अधिक कीमत देने के बाद भी नहीं मिल रहा है। जो सिलिंडर लगा है उसके खत्म होने के बाद होटल बंद करने की नौबत आ जाएगी।
- विजय कुमार चौरसिया, होटल संचालक
जिनके यहां शादी पड़ी है उनके माथे पर बल पड़ गया है। सिलिंडर जिसके पास है वह काला बाजारी कर रहा है। एक-दो दिन में स्थिति बिगड़ने की संभावना है। - आरिफ अंसारी, मैरिज लान संचालक
स्कूलों में लकड़ी से एमडीएम बनाने पर रोक है। बुधवार को विद्यालय का सिलेंडर खत्म हो गया। एजेंसी पर नहीं मिलने के कारण घर से सिलिंडर लाकर एमडीएम बनवाया गया। आपूर्ति नहीं सुधरी तो विद्यालयों में एमडीएम बनाने में दिक्कत होगी। - सुधीर सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पड़ाव।

जिले में फिलहाल सिलिंडर आपूर्ति में कोई संकट नहीं है। लोग पैनिक होकर बुकिंग कर रहे हैं। पांच मार्च तक की बुकिंग वाले ग्राहकों को सिलिंडर मिल चुका है। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति शासन से बंद कर दी गई है। कई एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कालाबाजारी न हो सके। - सुनील कुमार, डीएसओ।

40 एजेंसी जनपद में करती है सिलिंडर वितरण
5.10 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं जिले में
15 हजार व्यावसायिक सिलिंडर के उपभोक्ता हैं
भारतीय जहाजों के लिए खुला होर्मुज स्ट्रेट, दो टैंकर सुरक्षित निकले, रंग लाई विदेश मंत्री जयशंकर की कूटनीति

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ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच भारत के लिए अच्छी खबर आई है। ईरान ने भारत के साथ कूटनीतिक बातचीत के बाद भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। इसके बाद पुष्पक और परिमलनाम के भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से इस हॉर्मुज से गुजर गए।

भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता

पश्चिम एशिया में भड़के युद्ध के बीच पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई लाइन खतरे में है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिमी देशों के विदेशी जहाजों के लिए लगभग 'नो-गो जोन' बन चुका है। ईरान-इजराइल-अमेरिका जंग के बीच भारत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

एस जयशंकर और अराघची की बातचीत से निकला हल

यह घटनाक्रम भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया है। इस मसले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की उनके ईरानी समकक्ष के बीच युद्ध छिड़ने के बाद कम से कम तीन बार बात हो चुकी है। जयशंकर ने मंगलवार को भी पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर अब्बास अराघची से बात की।

भारत के लिए ये क्यों खास है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल इंपोर्टर है और ज्यादातर क्रूड मिडिल ईस्ट से आता है, जो होर्मुज से गुजरता है। युद्ध शुरू होने (28 फरवरी) से पहले ही कई भारतीय जहाज फंस गए थे। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के मुताबिक, 28 से 37 भारतीय फ्लैग वाले जहाज वहां थे, जिनमें 1000 से ज्यादा भारतीय सीफेयरर्स थे। ईरान ने अमेरिका, इजरायल और यूरोप के जहाजों पर सख्ती बरती है, लेकिन भारत जैसे गैर-पश्चिमी देशों को छूट दी है। ऐसे में इसे काफी अहम माना जा रहा है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है।

-सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है।

-इस मार्ग में बाधा आने से इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर सीधा असर पड़ता है।

-दुनिया के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

-इसलिए यहां तनाव बढ़ने पर वैश्विक बाजार, सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों पर तुरंत असर देखने को मिलता है।

विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर धर्मेंद्र यादव का ग्रामवासियों ने किया सम्मान
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित शाहपुर सानी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव पुत्र बीपत यादव का भदोही जिले के जूनियर हाई स्कूल में विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर आज ग्रामवासियों द्वारा उनका भव्य सम्मान किया गया। अत्यंत विनम्र, शालीन और सहयोगी प्रवृत्ति के धर्मेंद्र यादव का विज्ञान शिक्षक के रूप में चयन होने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है। आज सम्मान समारोह में ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामबाबू यादव, लालता यादव, हृदय नारायण सिंह, ब्रिजलाल यादव, जगपत यादव, शिवनारायण यादव, अनिल कुमार यादव, शैलेंद्र यादव, मुकेश यादव, नंदलाल यादव, आलोक यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल कुमार यादव, विकास यादव, विवेक यादव समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। चंद्रशेखर यादव ने कहा कि यह पूरे गांव ही नहीं अपितु पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ उनके पिता बीपत यादव को भी माला पहनाकर बधाई दी।
लोकसभा स्पीकर के बाद अब सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, एकजुट हुआ विपक्ष

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लोक सभा अध्‍यक्ष के बाद विपक्षी दल देश के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांसदों ने हस्‍ताक्षर भी कर दिया है। उनकी तैयारी संसद के दोनों हाउस के सचिवालयों में नो‍टिस जमा करने की है।

हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले नोटिस को गुरुवार यानी आज संसद से दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सौंपा जा सकता है। प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई। बुधवार रात तक लोकसभा के लिए करीब 120 और राज्यसभा के लिए लगभग 60 सांसदों के साइन हो चुके थे। नियम के अनुसार लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस के लिए कम से कम 100 सांसदों के साइन जरूरी हैं।

सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों के साथ-साथ गठबंधन से बाहर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किये हैं।

क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया?

कानून के मुताबिक, सीईसी को हटाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा के बिना अन्य निर्वाचन आयुक्तों को पद से नहीं हटाया जा सकता। न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, किसी भी सदन में, जज को पद से हटाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने के बाद, (लोकसभा) अध्यक्ष या (राज्यसभा) सभापति, जैसा भी मामला हो, तीन सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। जो उन आधारों की जांच करेगी, जिन पर पद से उन्हें हटाने की मांग की गई है। समिति में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) या शीर्ष न्यायालय के जज, 25 उच्च न्यायालयों में से किसी एक के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित न्यायविद होते हैं। नियम के अनुसार, समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, इसे सदन में पेश किया जाएगा और पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो जाएगी। हालांकि, सीईसी को अपना बचाव करने का अधिकार होता है।

फारूक अब्दुल्ला पर किसने की फायरिंग? बाल-बाल बची जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम की जान

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जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम में अचानक फायरिंग की घटना हो गई। हमला नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला पर किया गया था। इस समारोह में फारूक अब्दुल्ला के अलावा जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और पार्टी के कई अन्य नेता मौजूद थे।

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फारूक अब्दुल्ला के पीछे से गोली चलाई

पुलिस के मुताबिक हमलावर ने फारूक अब्दुल्ला के पीछे से पिस्तौल तानकर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी। फारूक अब्दुल्ला, सुरिंदर चौधरी और दूसरे बड़े नेता नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। हमलावर सुरजीत सिंह का कजिन है। वह बिजनेसमैन है और उसकी पुराने शहर में कुछ दुकानें हैं।

70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी रिवॉल्वर

घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि 70 साल के हमलावर कमल सिंह जामवाल ने पीछे से आकर फारूक के सिर पर रिवॉल्वर तान दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर का हाथ हटाया जिससे फायर हवा में हो गया। आरोपी को पकड़ लिया गया है और हमले के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

कुछ ही सेकंड में सुरक्षाकर्मियों ने दबोचा आरोपी

फारूक अब्दुल्ला के ऊपर फायरिंग होते ही सुरक्षा टीम तुरंत हरकत में आ गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा टीम ने हमलावर को मौके पर ही काबू कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा कर्मियों ने सबसे पहले आरोपी के हाथ से पिस्तौल छीनी, उसके बाद उसे जमीन पर लिटाकर काबू में कर लिया। साथ ही पिस्तौल से गोलियां भी निकाल ली गईं, ताकि वह दोबारा हमला न कर सके। इसके बाद फारूक अब्दुल्ला को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

पिता फारूक पर फायरिंग की कोशिश से भड़के सीएम उमर

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला का भी बड़ा बयान आया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि एक आदमी लोडेड पिस्टल लेकर पॉइंट-ब्लैंक रेंज में आ गया और गोली चला दी। अल्लाह का शुक्र है कि मेरे पिता बाल-बाल बचे। सवाल उठता है कि कोई Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व सीएम के इतने करीब कैसे पहुंच गया।

फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
गो रक्षा और सनातन के लिए नई रणनीति, शंकराचार्य ने किया चतुरंगिणी सेना
लखनऊ। गो रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के मुद्दे पर बुधवार को राजधानी लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना का गठन किया जाएगा, जो संत समाज में फैल रही अशास्त्रीयता और अधर्म को दूर करने का कार्य करेगी।देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों और गो रक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं, बल्कि धर्म की शपथ ही चलेगी। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि परिस्थितियां बनीं तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई

कार्यक्रम में उन्होंने संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ महंतों और साधुओं ने यह कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं, शंकराचार्य के साथ नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अखाड़े साथ नहीं आते हैं तो अब अलग संगठन और सेना बनाकर धर्म की रक्षा की जाएगी।शंकराचार्य ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वेद पढ़ने वाले बटुकों के साथ अन्याय हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोहत्या केवल कसाई ही नहीं करता, बल्कि जो इसे अनुमति देता है या मौन रहता है, वह भी उसी पाप का भागी है।

यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी

इस दौरान उन्होंने “समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा” निकालने की भी घोषणा की। यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से होगी और वहीं इसका समापन भी होगा। इसके बाद 24 जुलाई को लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकरण हैं और गो माता की रक्षा के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प भी लेना होगा।