विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
खबर का असर मंदिर प्रधान पुजारी बोले- थैंक्यू street buzz News


*नहर में छोड़ा गया पानी , सीतामढ़ी के प्राकृतिक जलाशय में भी पहुंचा*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मंदिर का निर्माण प्राकृतिक जलाशय के बीच में किया गया है। मंदिर प्रधान पुजारी राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि जलाशय सूखने की सूचना नहर विभाग को दी गई थी, जिसे street buzz News ने प्रमुखता से उठाया था। अब नहर में पानी छोड़े जाने से जलाशय फिर से भर गया है।
जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री सीता समाहित स्थल मंदिर का प्राकृतिक जलाशय डीघ रजवाहा नहर के पानी से लबालब भर गया है। जलाशय में पानी भर जाने से मंदिर की सुंदरता और भव्यता बढ़ गई है, साथ ही जलीय जीव-जंतुओं को जीवनदान भी मिला है। गर्मी के कारण जलाशय पूरी तरह सूख गया था, जिससे मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों का जीवन संकट में था। पानी सूखने से मंदिर की दिव्यता और आकर्षण भी प्रभावित हो गया था।
भदोही में थाना समाधान दिवस, 64 शिकायतें दर्ज:पुलिस व राजस्व विभाग की 12 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद के सभी थानों पर शनिवार को "थाना समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह आयोजन जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इसकी निगरानी की।

इस दौरान, संबंधित थानों पर पुलिस टीम ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जन सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। पुलिस विभाग से संबंधित सभी प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जमीन से जुड़े सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को भटकना न पड़े और मामलों का त्वरित व न्यायपूर्ण निस्तारण हो सके।

आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 64 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 55 राजस्व विभाग से संबंधित थे और 9 पुलिस विभाग से। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 9 शिकायतों और राजस्व से संबंधित 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की 3 संयुक्त टीमों का गठन किया गया है।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
दशमेश पब्लिक स्कूल में उत्साह के साथ मनाया गया मदर्स डे
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के रामराज स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल में मदर्स डे बड़े ही उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सिंह सहोता एवं प्रधानाचार्य आमिर खान ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, भाषण, गीत, कविताएं और नाटक प्रस्तुत कर अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। बच्चों ने अपनी मां के स्नेह और त्याग को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया, जिससे विद्यालय परिसर भावुकता और उत्साह से भर गया।

इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता ने सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को अपने माता-पिता का सदैव सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती है और मां की दुआ कभी खाली नहीं जाती।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य आमिर खान, कोऑर्डिनेटर स्वाति अरोड़ा, मनजोत कौर, हर्षिका अरोड़ा, दीप्ति शर्मा, कोमल राणा, गुरविंदर कौर, गुरजीत कौर, नेहा रानी, हरप्रीत कौर, अमृतपाल कौर, मोनिका, हरविंदर, मनप्रीत, खुशबू, निखिल आर्य, अशोक कुमार, धनवीर सिंह, प्रवेश कुमार, सुशील कुमार, अनिकेत राणा सहित समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना कोतवाली नगर में की गयी जनसुनवाई

जनता की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश-

गोण्डा। थाना समाधान दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा थाना कोतवाली नगर में जनसुनवाई की गयी। महोदय द्वारा जनता की जनसमस्याओं को सुना गया तथा समस्याओं के त्वरित एवं गुणवक्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। थाना धानेपुर में जनसुनवाई के दौरान 03 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए है। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजा गया है। इसी प्रकार समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों द्वारा अपने अपने थानों पर समाधान दिवस पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को सुनकर उनके गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण कराया गया।
इस दौरान राजस्व एवं पुलिस के अधि0/कर्मचारी मौजूद रहे।
शिकायत निस्तारण में देवीपाटन मंडल प्रदेश में अव्वल, अप्रैल माह में हासिल किया प्रथम स्थान
*आयुक्त अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश*

*गोण्डा, 09 मई 2026*। — देवीपाटन मंडल ने जनशिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, सतत मॉनिटरिंग और जनहित के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिसके कारण मंडल को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके।

उन्होंने मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण बिना स्थलीय सत्यापन अथवा तथ्यात्मक जांच के न किया जाए।

अपर आयुक्त मीनू राणा ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा केवल कागजी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि देवीपाटन मंडल आगामी महीनों में भी प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रख सके।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
खबर का असर मंदिर प्रधान पुजारी बोले- थैंक्यू street buzz News


*नहर में छोड़ा गया पानी , सीतामढ़ी के प्राकृतिक जलाशय में भी पहुंचा*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मंदिर का निर्माण प्राकृतिक जलाशय के बीच में किया गया है। मंदिर प्रधान पुजारी राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि जलाशय सूखने की सूचना नहर विभाग को दी गई थी, जिसे street buzz News ने प्रमुखता से उठाया था। अब नहर में पानी छोड़े जाने से जलाशय फिर से भर गया है।
जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री सीता समाहित स्थल मंदिर का प्राकृतिक जलाशय डीघ रजवाहा नहर के पानी से लबालब भर गया है। जलाशय में पानी भर जाने से मंदिर की सुंदरता और भव्यता बढ़ गई है, साथ ही जलीय जीव-जंतुओं को जीवनदान भी मिला है। गर्मी के कारण जलाशय पूरी तरह सूख गया था, जिससे मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों का जीवन संकट में था। पानी सूखने से मंदिर की दिव्यता और आकर्षण भी प्रभावित हो गया था।
भदोही में थाना समाधान दिवस, 64 शिकायतें दर्ज:पुलिस व राजस्व विभाग की 12 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद के सभी थानों पर शनिवार को "थाना समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह आयोजन जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इसकी निगरानी की।

इस दौरान, संबंधित थानों पर पुलिस टीम ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जन सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। पुलिस विभाग से संबंधित सभी प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जमीन से जुड़े सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को भटकना न पड़े और मामलों का त्वरित व न्यायपूर्ण निस्तारण हो सके।

आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 64 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 55 राजस्व विभाग से संबंधित थे और 9 पुलिस विभाग से। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 9 शिकायतों और राजस्व से संबंधित 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की 3 संयुक्त टीमों का गठन किया गया है।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
दशमेश पब्लिक स्कूल में उत्साह के साथ मनाया गया मदर्स डे
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के रामराज स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल में मदर्स डे बड़े ही उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सिंह सहोता एवं प्रधानाचार्य आमिर खान ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, भाषण, गीत, कविताएं और नाटक प्रस्तुत कर अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। बच्चों ने अपनी मां के स्नेह और त्याग को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया, जिससे विद्यालय परिसर भावुकता और उत्साह से भर गया।

इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता ने सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को अपने माता-पिता का सदैव सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती है और मां की दुआ कभी खाली नहीं जाती।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य आमिर खान, कोऑर्डिनेटर स्वाति अरोड़ा, मनजोत कौर, हर्षिका अरोड़ा, दीप्ति शर्मा, कोमल राणा, गुरविंदर कौर, गुरजीत कौर, नेहा रानी, हरप्रीत कौर, अमृतपाल कौर, मोनिका, हरविंदर, मनप्रीत, खुशबू, निखिल आर्य, अशोक कुमार, धनवीर सिंह, प्रवेश कुमार, सुशील कुमार, अनिकेत राणा सहित समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना कोतवाली नगर में की गयी जनसुनवाई

जनता की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश-

गोण्डा। थाना समाधान दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा थाना कोतवाली नगर में जनसुनवाई की गयी। महोदय द्वारा जनता की जनसमस्याओं को सुना गया तथा समस्याओं के त्वरित एवं गुणवक्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। थाना धानेपुर में जनसुनवाई के दौरान 03 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए है। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजा गया है। इसी प्रकार समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों द्वारा अपने अपने थानों पर समाधान दिवस पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को सुनकर उनके गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण कराया गया।
इस दौरान राजस्व एवं पुलिस के अधि0/कर्मचारी मौजूद रहे।
शिकायत निस्तारण में देवीपाटन मंडल प्रदेश में अव्वल, अप्रैल माह में हासिल किया प्रथम स्थान
*आयुक्त अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश*

*गोण्डा, 09 मई 2026*। — देवीपाटन मंडल ने जनशिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, सतत मॉनिटरिंग और जनहित के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिसके कारण मंडल को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके।

उन्होंने मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण बिना स्थलीय सत्यापन अथवा तथ्यात्मक जांच के न किया जाए।

अपर आयुक्त मीनू राणा ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा केवल कागजी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि देवीपाटन मंडल आगामी महीनों में भी प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रख सके।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।