*जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

आज से संसद का मानसून सत्र, 5 नए विधेयक होंगे पेश, चढ़ावा चोरी-पेपर लीक पर हंगामे के आसार

#parliamentmonsoonsession

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्र के पहले दिन संसद में नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक मुद्दे और वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी मामले में स्थगन प्रस्ताव नोटिस

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

संसद में आज सरकार 5 नए विधेयक करेगी पेश

केंद्र सरकार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

आज से संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से टकराव के आसार

#parliamentspecialsession

आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है।

सत्र से पहले क्‍या बोले पीएम मोदी?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋग्वेद का एक श्लोक भी पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक मिनट का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें श्लोक और उसके सार को बताया गया है, "व्युच्छन्ति हि रश्मिभिविश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीभिः कण्वा अहूषत॥" अर्थात नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए समृद्धि और सगुणों की कामना करने वाले मनुष्य सदैव नारी का सम्मान करते हैं।" इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए लिखा, "आप, जो अपनी तेज किरणों से दुनिया को रोशन करते हैं, चमकते हुए। कण्वों ने भजनों के साथ आपका जश्न मनाया है, हे उदार, सभी के पालनहार।"

सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार?

1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।

2. परिसीमन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करके उसकी जगह लेगा। इस विधेयक के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अलावा दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। ये तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

#narishaktivandanactspecialparliamentsessionfrom16to18_april

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी

बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।

सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा

वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला

पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना

प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

*जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

आज से संसद का मानसून सत्र, 5 नए विधेयक होंगे पेश, चढ़ावा चोरी-पेपर लीक पर हंगामे के आसार

#parliamentmonsoonsession

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्र के पहले दिन संसद में नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक मुद्दे और वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी मामले में स्थगन प्रस्ताव नोटिस

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

संसद में आज सरकार 5 नए विधेयक करेगी पेश

केंद्र सरकार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

आज से संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से टकराव के आसार

#parliamentspecialsession

आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है।

सत्र से पहले क्‍या बोले पीएम मोदी?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋग्वेद का एक श्लोक भी पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक मिनट का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें श्लोक और उसके सार को बताया गया है, "व्युच्छन्ति हि रश्मिभिविश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीभिः कण्वा अहूषत॥" अर्थात नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए समृद्धि और सगुणों की कामना करने वाले मनुष्य सदैव नारी का सम्मान करते हैं।" इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए लिखा, "आप, जो अपनी तेज किरणों से दुनिया को रोशन करते हैं, चमकते हुए। कण्वों ने भजनों के साथ आपका जश्न मनाया है, हे उदार, सभी के पालनहार।"

सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार?

1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।

2. परिसीमन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करके उसकी जगह लेगा। इस विधेयक के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अलावा दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। ये तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

#narishaktivandanactspecialparliamentsessionfrom16to18_april

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी

बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।

सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा

वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला

पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना

प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही