यूपी में नोएडा गाजियाबाद में श्रमिकों को मिलेगा सबसे ज्यादा वेतन
लखनऊ /नोएडा। उत्तर प्रदेश में जनपद गौतम बुद्धनगर के नाेएडा क्षेत्र में सोमवार को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में इजाफा कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों पर अकुशल, अर्धकुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की गई है। खास बात यह है कि सबसे अधिक मजदूरी नोएडा और गाजियाबाद में मिलेगी। इसके अलावा नगर निगम वाले अन्य जिलाें और गैर नगर निगम वाले जिलाें में मजूदरी की दर अलग-अलग है।

उत्तर प्रदेश में अभी तक अकुश मजदूरों को 11,313 रुपये न्यूनतम मजदूरी (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) मिलती थी। नोएडा और गाजियाबाद में अब 2,377 रुपये का इजाफा किया गया है। इन दो जनपदों में काम करने वाले अकुशल मजदूरों को अब न्यूनतम 13,690 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों के लिए यह दर 13,006 रुपये,जबकि अन्य जनपदों के लिए 12,356 रुपये तय की गई है।

अर्धकुशल कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश में पहले 12,445 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। अब नोएडा और गाजियाबाद में अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक 2614 रुपये का इजाफा किया गया है। नोएडा गाजियाबाद में अब उन्हें 15059 रुपये,अन्य नगर निगम वाले जनपदों में 14,306 रुपये और अन्य जनपदों में 13,591 रुपये मिलेंगे। कुशल श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश में अभी तक 13,940 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। नोएडा, गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों को अब मासिक 2,908 रुपये अधिक मिलेंगे। प्रति माह उन्हें न्यूनतम 16,868 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों में अब 16,025 रुपये और अन्य जनपदों में 15,224 रुपये मिलेंगे।

जनपद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मेंधा रूपम ने बताया कि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मनगढ़ंत एवं झूठा समाचार प्रचारित किया जा रहा है कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है। जिसका अनुपालन नियोक्ता संगठनों द्वारा नहीं किया जा रहा है। वस्तुस्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम "फ्लोर वेज" निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है,जिससे सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत एवं उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो सके। राज्य सरकार से भी नियोक्ता संगठनों एवं श्रमिक संगठनों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है,ताकि संतुलित एवं व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके।
चार दिन बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं
*सीधे अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकती - नगर कोतवाल

गोंडा।जिले में 11 केवीए हाईटेंशन लाइन गिरने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (35) की मौत के चार दिन बाद भी बिजली विभाग के नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।नगर कोतवाली पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया है जिसके परिणामस्वरूप आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और विभागीय कार्यों में शामिल हो रहे हैं।मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता व्यक्त किया है तथा प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग किया है।इस संबंध में जब नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि किसी भी अधिकारी को सीधे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति लेना पड़ता है।पूरे मामले में जांच और गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है,अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग के मुख्य अभियंता सहित पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज है।इन धाराओं में आमतौर पर सीधी गिरफ्तारी का प्रावधान होता है।विभागीय सूत्रों के अनुसार किसी भी अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति लेना आवश्यक होता है।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा अभियोजन की रिपोर्ट दी जाती है,जिसके बाद अभियोजन जिलाधिकारी से अनुमति मांगता है,जिसके बाद जिलाधिकारी शासन में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अनुमति मांगते हैं और अनुमति मिलने पर ही गिरफ्तारी होती है।हालांकि मृतक रंजीत तिवारी के चचेरे भाई व अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने कहा कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है और उन्हें अनुमति प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है।बृजलाल तिवारी ने कहा कि यदि इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो हम लोग आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे।इन सभी आरोपियों को जेल भेजा जाना चाहिए।
आवास विकास में कूड़े के ढेर में मिला नवजात का शव

फर्रुखाबाद। जनपद में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। थाना कादरी गेट क्षेत्र के आवास विकास इलाके में सोमवार को कूड़े के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कूड़ा उठाने पहुंचे एक सफाई कर्मचारी को कूड़े में पड़ा एक संदिग्ध डिब्बा दिखाई दिया। शक होने पर जब उसने डिब्बा खोला तो उसमें एक नवजात शिशु का शव रखा मिला। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ रंजन गौतम भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात के शव को डिब्बे में बंद कर यहां फेंका है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के अस्पतालों और क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े व्यक्ति की पहचान की जा सके।

एसीएमओ रंजन गौतम ने बताया कि दोषी की पहचान होने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है और ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। इससे पहले भी आवास विकास में कई नवजात के शव मिल चुके है। जिससे पुलिस की शक की सुई निजी नर्सिंग होम की तरफ घूम गई है।
प्रयागराज : इरफान हत्याकांड में फरार माफिया अतीक के करीबी दो आरोपितों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में गत दिनों हुई हत्या मामले में माफिया अतीक अहमद के करीबी आसिफ दुर्रानी और उसके भाई राशिद दुर्रानी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों आरोपित करेली थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद में इरफान (55) की गोली मारकर हत्या के मामले में नामजद हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मृतक इरफान पुत्र लाल मोहम्मद की हत्या प्रॉपर्टी रंजिश के चलते की गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे सुफियान की तहरीर पर करेली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस संबंध में मनीष कुमार शांडिल्य (पुलिस उपायुक्त नगर) ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
29 लाख पौधों से मचेगा हरियाली का हाहाकार, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज!
रितेश मिश्रा
हरदोई। जिले की फिजा बदलने और पर्यावरण के दुश्मनों को कड़ा जवाब देने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा 'ग्रीन मास्टरप्लान' तैयार कर लिया है। मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने मानसून की आहट के साथ ही जिले के 19 ब्लॉकों में 29 लाख 200 पौधे रोपने का ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसने सुस्त पड़े सरकारी तंत्र में खलबली मचा दी है। इस बार केवल लक्ष्य पूरा करना मकसद नहीं है, बल्कि हरदोई की धरती को 'ग्रीन कवच' से ढंकना असल चुनौती है।
प्रशासनिक हुंकार का असर यह है कि अहिरोरी में 2.14 लाख और सुरसा में 1.91 लाख पौधों के रोपण के साथ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। सीडीओ ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलों के पन्ने न पलटें, बल्कि खुद जमीन पर उतरकर गड्ढों की खुदाई और साइट चयन का बारीकी से निरीक्षण करें। किसी भी स्तर पर बरती गई ढिलाई का अंजाम भुगतने के लिए अफसर तैयार रहें।
इस महाभियान का केंद्र 'अमृत सरोवर' होंगे, जिन्हें न केवल मिट्टी के कटान से बचाया जाएगा, बल्कि उन्हें ऐसे पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा जहाँ प्रकृति और विकास का संगम दिखे। 75 लाख के कुल लक्ष्य में से ग्राम्य विकास विभाग का यह 29 लाख का प्रहार हरदोई की आबोहवा को पूरी तरह बदलने वाला साबित होगा। अब देखना यह है कि सरकारी अमला इस 'ग्रीन स्ट्राइक' को कितनी शिद्दत से जमीन पर उतारता है।
दमदार हैशटैग्स कॉम्बो:
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

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बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

सिटी मोटर्स वर्कशॉप  में रात शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग

रितेश मिश्रा

हरदोई देहात कोतवाली क्षेत्र में पिहानी चुंगी के पास शाहजहांपुर रोड पर वसीम उर्फ सोनू पुत्र कासिम अली का केशव होंडा के सामने सिटी मोटर्स के नाम से वर्कशॉप है जहां देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, आग लगते ही बिल्डिंग से ऊंची ऊंची लपटे उठने लगी, मामले की सूचना पुलिस सहित वर्कशॉप के मालिक को दी गई, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग ने विकराल रूप ले लिया था जिसको देखते हुए फायर अधिकारियों ने बिलग्राम शाहाबाद सहित हरदोई फायर स्टेशन से तीन अन्य गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया चार गाड़ियों ने आज पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया इस दौरान आसपास रह रहे लोगों में अफरा तफरी मच गई फायर कर्मियों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल वहीं वर्कशॉप के अंदर खड़ी सीएनजी से भारी दो कारों को भी बाहर निकल गया अग्निकांड में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है हालांकि लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान जरूर लगाया जा रहा है फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का और नुकसान का पता चल पाएगा।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

यूपी में नोएडा गाजियाबाद में श्रमिकों को मिलेगा सबसे ज्यादा वेतन
लखनऊ /नोएडा। उत्तर प्रदेश में जनपद गौतम बुद्धनगर के नाेएडा क्षेत्र में सोमवार को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में इजाफा कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों पर अकुशल, अर्धकुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की गई है। खास बात यह है कि सबसे अधिक मजदूरी नोएडा और गाजियाबाद में मिलेगी। इसके अलावा नगर निगम वाले अन्य जिलाें और गैर नगर निगम वाले जिलाें में मजूदरी की दर अलग-अलग है।

उत्तर प्रदेश में अभी तक अकुश मजदूरों को 11,313 रुपये न्यूनतम मजदूरी (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) मिलती थी। नोएडा और गाजियाबाद में अब 2,377 रुपये का इजाफा किया गया है। इन दो जनपदों में काम करने वाले अकुशल मजदूरों को अब न्यूनतम 13,690 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों के लिए यह दर 13,006 रुपये,जबकि अन्य जनपदों के लिए 12,356 रुपये तय की गई है।

अर्धकुशल कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश में पहले 12,445 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। अब नोएडा और गाजियाबाद में अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक 2614 रुपये का इजाफा किया गया है। नोएडा गाजियाबाद में अब उन्हें 15059 रुपये,अन्य नगर निगम वाले जनपदों में 14,306 रुपये और अन्य जनपदों में 13,591 रुपये मिलेंगे। कुशल श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश में अभी तक 13,940 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय थी। नोएडा, गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों को अब मासिक 2,908 रुपये अधिक मिलेंगे। प्रति माह उन्हें न्यूनतम 16,868 रुपये मिलेंगे। नगर निगम वाले अन्य जनपदों में अब 16,025 रुपये और अन्य जनपदों में 15,224 रुपये मिलेंगे।

जनपद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मेंधा रूपम ने बताया कि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मनगढ़ंत एवं झूठा समाचार प्रचारित किया जा रहा है कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है। जिसका अनुपालन नियोक्ता संगठनों द्वारा नहीं किया जा रहा है। वस्तुस्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम "फ्लोर वेज" निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है,जिससे सभी राज्यों में श्रमिकों को न्यायसंगत एवं उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो सके। राज्य सरकार से भी नियोक्ता संगठनों एवं श्रमिक संगठनों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है,ताकि संतुलित एवं व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके।
चार दिन बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं
*सीधे अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकती - नगर कोतवाल

गोंडा।जिले में 11 केवीए हाईटेंशन लाइन गिरने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (35) की मौत के चार दिन बाद भी बिजली विभाग के नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।नगर कोतवाली पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया है जिसके परिणामस्वरूप आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और विभागीय कार्यों में शामिल हो रहे हैं।मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता व्यक्त किया है तथा प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग किया है।इस संबंध में जब नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि किसी भी अधिकारी को सीधे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति लेना पड़ता है।पूरे मामले में जांच और गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है,अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग के मुख्य अभियंता सहित पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज है।इन धाराओं में आमतौर पर सीधी गिरफ्तारी का प्रावधान होता है।विभागीय सूत्रों के अनुसार किसी भी अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति लेना आवश्यक होता है।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा अभियोजन की रिपोर्ट दी जाती है,जिसके बाद अभियोजन जिलाधिकारी से अनुमति मांगता है,जिसके बाद जिलाधिकारी शासन में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अनुमति मांगते हैं और अनुमति मिलने पर ही गिरफ्तारी होती है।हालांकि मृतक रंजीत तिवारी के चचेरे भाई व अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने कहा कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है और उन्हें अनुमति प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है।बृजलाल तिवारी ने कहा कि यदि इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो हम लोग आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे।इन सभी आरोपियों को जेल भेजा जाना चाहिए।
आवास विकास में कूड़े के ढेर में मिला नवजात का शव

फर्रुखाबाद। जनपद में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। थाना कादरी गेट क्षेत्र के आवास विकास इलाके में सोमवार को कूड़े के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कूड़ा उठाने पहुंचे एक सफाई कर्मचारी को कूड़े में पड़ा एक संदिग्ध डिब्बा दिखाई दिया। शक होने पर जब उसने डिब्बा खोला तो उसमें एक नवजात शिशु का शव रखा मिला। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ रंजन गौतम भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात के शव को डिब्बे में बंद कर यहां फेंका है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के अस्पतालों और क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े व्यक्ति की पहचान की जा सके।

एसीएमओ रंजन गौतम ने बताया कि दोषी की पहचान होने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है और ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। इससे पहले भी आवास विकास में कई नवजात के शव मिल चुके है। जिससे पुलिस की शक की सुई निजी नर्सिंग होम की तरफ घूम गई है।
प्रयागराज : इरफान हत्याकांड में फरार माफिया अतीक के करीबी दो आरोपितों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में गत दिनों हुई हत्या मामले में माफिया अतीक अहमद के करीबी आसिफ दुर्रानी और उसके भाई राशिद दुर्रानी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों आरोपित करेली थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद में इरफान (55) की गोली मारकर हत्या के मामले में नामजद हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मृतक इरफान पुत्र लाल मोहम्मद की हत्या प्रॉपर्टी रंजिश के चलते की गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे सुफियान की तहरीर पर करेली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस संबंध में मनीष कुमार शांडिल्य (पुलिस उपायुक्त नगर) ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
29 लाख पौधों से मचेगा हरियाली का हाहाकार, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज!
रितेश मिश्रा
हरदोई। जिले की फिजा बदलने और पर्यावरण के दुश्मनों को कड़ा जवाब देने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा 'ग्रीन मास्टरप्लान' तैयार कर लिया है। मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने मानसून की आहट के साथ ही जिले के 19 ब्लॉकों में 29 लाख 200 पौधे रोपने का ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसने सुस्त पड़े सरकारी तंत्र में खलबली मचा दी है। इस बार केवल लक्ष्य पूरा करना मकसद नहीं है, बल्कि हरदोई की धरती को 'ग्रीन कवच' से ढंकना असल चुनौती है।
प्रशासनिक हुंकार का असर यह है कि अहिरोरी में 2.14 लाख और सुरसा में 1.91 लाख पौधों के रोपण के साथ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। सीडीओ ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलों के पन्ने न पलटें, बल्कि खुद जमीन पर उतरकर गड्ढों की खुदाई और साइट चयन का बारीकी से निरीक्षण करें। किसी भी स्तर पर बरती गई ढिलाई का अंजाम भुगतने के लिए अफसर तैयार रहें।
इस महाभियान का केंद्र 'अमृत सरोवर' होंगे, जिन्हें न केवल मिट्टी के कटान से बचाया जाएगा, बल्कि उन्हें ऐसे पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा जहाँ प्रकृति और विकास का संगम दिखे। 75 लाख के कुल लक्ष्य में से ग्राम्य विकास विभाग का यह 29 लाख का प्रहार हरदोई की आबोहवा को पूरी तरह बदलने वाला साबित होगा। अब देखना यह है कि सरकारी अमला इस 'ग्रीन स्ट्राइक' को कितनी शिद्दत से जमीन पर उतारता है।
दमदार हैशटैग्स कॉम्बो:
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उपायुक्त ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए

14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर आज उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक, हजारीबाग स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया, जो आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता,अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

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बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

सिटी मोटर्स वर्कशॉप  में रात शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग

रितेश मिश्रा

हरदोई देहात कोतवाली क्षेत्र में पिहानी चुंगी के पास शाहजहांपुर रोड पर वसीम उर्फ सोनू पुत्र कासिम अली का केशव होंडा के सामने सिटी मोटर्स के नाम से वर्कशॉप है जहां देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, आग लगते ही बिल्डिंग से ऊंची ऊंची लपटे उठने लगी, मामले की सूचना पुलिस सहित वर्कशॉप के मालिक को दी गई, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग ने विकराल रूप ले लिया था जिसको देखते हुए फायर अधिकारियों ने बिलग्राम शाहाबाद सहित हरदोई फायर स्टेशन से तीन अन्य गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया चार गाड़ियों ने आज पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया इस दौरान आसपास रह रहे लोगों में अफरा तफरी मच गई फायर कर्मियों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल वहीं वर्कशॉप के अंदर खड़ी सीएनजी से भारी दो कारों को भी बाहर निकल गया अग्निकांड में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है हालांकि लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान जरूर लगाया जा रहा है फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का और नुकसान का पता चल पाएगा।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।