सोमा मुंडा हत्याकांड: झारखंड बंद का खूंटी और रांची में व्यापक असर, सड़कों पर उतरी भारी भीड़, टायर जलाकर किया प्रदर्शन।
रांची: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के आज झारखंड बंद का मिला जुला असर दिख रहा है. हालांकि खूंटी में इसका असर ज्यादा दिख रहा है. सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरे हुए हैं. कई जगह सड़कों पर टायर जलाकर बंद की नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सोमा मुंडा के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले.
खूंटी में बंद का असर
खूंटी जिला से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर आवागन प्रभावित हुआ है. कई जगह लंबी दूरी की गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है. खूंटी शहर में बंद का असर दिख रहा है. शहर के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं. एनएच पर हुटार चौक के पास लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. जिला के सभी चौक चौराहों पर प्रदर्शनकारी घूम घूमकर बंद करा रहे हैं. इस क्षेत्र के पेट्रोल पंप भी बंद हैं.
प्रदर्शनकारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक को किया जाम
रांची-जमशेदपुर एनएच 33 पर बुंडू में भी बंद का असर दिख रहा है. रांची से कर्रा, रांची से खूंटी, रांची से चुकरु मोड़, खूंटी से चाईबासा और सिमडेगा की तरह जाने वाले रास्तों पर परिचालन प्रभावित हुआ है. रांची के ग्रामीण इलाके में बंद को लेकर सुबह से ही संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए. रांची के चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया में सड़क जाम और आगजनी कर कई जगह बंद को सफल बनाने की कोशिश की गई. कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया.
रांची के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास जारी है. कई इलाकों में आवागमन आंशिक रूप से ठप है. वहीं, बंद समर्थकों ने शहर में घुसकर अल्बर्ट एक्का चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया. इधर, बंद को देखते हुए रांची, खूंटी समेत कई जिलों में शुक्रवार को एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई.
क्या है संगठनों की मांगें
बंद समर्थक आदिवासी संगठनों ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सोमा मुंडा की हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नहीं, बल्कि जमीन, जंगल और जल की रक्षा के लिए उठने वाली संघर्षपूर्ण आवाज को कुचलने की सुनियोजित साजिश है. संगठनों ने इसे आदिवासी अधिकारों पर हमला करार दिया है.
चाईबासा में बंद का असर
पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में पश्चिमी सिंहभूम जिले में बंद का असर दिख रहा है. चाईबासा, जगन्नाथपुर, नोवामुण्डी अदीनू क्षेत्रों में जगह-जगह चौक चौराहों पर टायर जलाकर मानकी मुण्डाओं नें विरोध प्रदर्शन किया. यहां लंबी दूरी और लोकल बसें नहीं चल रही हैं. राहगीरों को परेशानी हो रही है.
अन्य जिलों में बंद का हाल
रामगढ़ के कुज्जू थानाक्षेत्र के नया मोड़ में आदिवासी समाज के लोगों ने एनएच 33 को कुछ देर के लिए जाम किया. पाकुड़ में बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. चतरा में जनजीवन सामान्य है. साहिबगंज में भी बंद का कोई असर फिलहाल नहीं है. गुमला में भी स्थिति सामान्य है. गिरिडीह में भी कोई असर नहीं दिख रहा है. दुमका में आम दिनों की तरह दुकानें और प्रतिष्ठान खुले हुए हैं. सिमडेगा में एनएच 143 को जाम करने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन ने थोड़ी देर में ही जाम हटवा दिया. सरायकेला में भी बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. गोड्डा में भी आवागमन सामान्य है. इसके अलावा पलामू, गढ़वा, लोहरदगा और लातेहार में भी स्थिति सामान्य है.
बता दें कि 7 जनवरी को खूंटी में जमुआदाहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद बुलाया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. हालांकि खूंटी पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताते हुए पिछले दिनों सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन लोगों का कहना है कि शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही हैं.
3 min ago
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