भिवंडी में राष्ट्रीय परशुराम सेना का भव्य पद वितरण समारोह सम्पन्न
ठाणे। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला के आदेशानुसार भिवंडी में एक भव्य पदाधिकारी नियुक्ति एवं पद वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश पांडे ने की । राष्ट्रीय महासचिव संजय शर्मा एवं राष्ट्रीय सचिव अविनाश पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र महासचिव विजय मिश्रा एवं संदीप शुक्ला के अथक प्रयासों से संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए भिवंडी जिले में नई टीम का गठन किया गया। समारोह में ओमकार नाथ पांडे को भिवंडी जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान अन्य विभिन्न पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र एवं पद मेरे कर-कमलों द्वारा वितरित किए गए।

इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने संगठन की एकता एवं समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साह, संगठनात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना, जिसमें सभी पदाधिकारियों ने समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
रत्नाकर मिश्र बने सहायक समीक्षा अधिकारी, क्षेत्र मे खुशी की लहर
जौनपुर । जनपद के महराजगंज क्षेत्र स्थित पूरागंभीरशाह सलेमपुर गांव के निवासी रत्नाकर मिश्र पुत्र रमेश चंद्र मिश्र अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक का चयन सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पद पर हुआ है। रत्नाकर मिश्र के बड़े भाई प्रभाकर मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि हाई स्कूल सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज बदलापुर एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रयागराज तथा स्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं एमसीए गलगोटिया ग्रेटर नोएडा से करने के बाद छोटा भाई तैयारी में लगा जहां उसे यह सफलता मिली इनके चयन की खबर से गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।रत्नाकर मिश्रा की इस उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
2000 नहीं, 20 कर्मठ पत्रकार चाहिए: सरताज अहमद
मेरठ।बहसुमा।मुजफ्फरनगर में गरजा संदेश, निष्क्रियता पर , 6 अप्रैल। संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय कार्यालय, चर्च मार्केट (अहिल्याबाई चौक) पर सोमवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में संगठन की मजबूती और सक्रियता को लेकर जोरदार संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी शाह आलम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में खतौली कस्बा इंचार्ज तेजवीर सिंह और डॉ. वसीम मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान से हुआ, जहां उन्हें सम्मान पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने अपने संबोधन में स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि संगठन की ताकत संख्या में नहीं, बल्कि सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं में होती है। उन्होंने कहा,
“2000 निष्क्रिय लोगों से बेहतर 20 कर्मठ पत्रकार होते हैं।”

उन्होंने कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि संगठन को परिवार की तरह समझकर जिम्मेदारी निभानी होगी, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोनू कुमार ने संगठन की एकता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया। वहीं, परविंदर उर्फ जैन साहब ने भी एकता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रईस अल्वी ने पत्रकारों की भूमिका को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय कमेटी ने एक अहम निर्णय लेते हुए घोषणा की कि अब संगठन द्वारा हर 15 दिन में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे संवाद और सक्रियता को बढ़ावा मिल सके।

इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव शीबा खान, राष्ट्रीय संगठन मंत्री दीपक कुमार, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष नितिन शर्मा, मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष जितेंद्र राठी, प्रिंस सफीक राजपूत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब उपभोक्ता खुद चुनेंगे भुगतान का तरीका
लखनऊ । बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। Central Electricity Authority ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सभी नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड या पोस्टपेड मोड का चयन पूरी तरह उपभोक्ताओं की इच्छा पर निर्भर होगा।यह संशोधित आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। इससे पहले कई राज्यों में, खासकर उत्तर प्रदेश में, नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे थे, जिसे लेकर उपभोक्ताओं के बीच असंतोष था।
प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 70 लाख प्रीपेड मीटर शामिल हैं। इस व्यवस्था का लगातार विरोध भी हो रहा था।इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया था, जिस पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं है और उपभोक्ताओं को विकल्प मिलना चाहिए।
नई अधिसूचना के अनुसार, जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। हालांकि, प्रीपेड मोड अब अनिवार्य नहीं रहेगा और उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड विकल्प चुन सकेंगे।वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले को उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस मुद्दे पर संघर्ष किया जा रहा था और अब जाकर उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
जिला कारागार में निरुद्ध कैदी ने की आत्महत्या।
सुल्तानपुर,

जिला कारागार में निरुद्ध कैदी ने की आत्महत्या।

जेल कमांडेंट प्रांजल अरविंद ने दी जानकारी।

मृतक कैदी पत्नी की हत्या के आरोप में बीते 25 मार्च से कारागार में था बंद।

आज रात्रि करीब डेढ़ बजे शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला।

मृतक की पहचान नक्छेद कोरी (48) पुत्र मनोहर कोरी निवासी चरथई थाना धनपतगंज के रूप में।
आजमगढ़:-सीएम योगी आदित्यनाथ का जिले में दौरा, डेरी का उद्घाटन तथा जनसभा को किया संबोधित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद आजमगढ़ के कन्धरापुर क्षेत्र अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निकट स्थित ग्राम मीरिया रेहड़ा में श्रीबाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के अवशीतन प्लांट का लोकार्पण कर अवलोकन किया, वहीं उन्होंने वृक्षारोपण भी किया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) का शुभारम्भ और Gausort एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का शुभारम्भ किया। प्लाण्ट से लाभान्वित 3 महिला लाभार्थियों और 3 लखपति दीदी महिला उद्यमियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया गया।
  जनपद आजमगढ़ में प्रदेश के मुख्यमंत्री करीब सवा घंटे रहे जहां उन्होंने संबोधन के दौरान विकास को लेकर पूर्व की सरकारों को घेरा। उन्होंने मोदी सरकार योजनाओ को गिनाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय, एयरपोर्ट, पूर्वाचल एक्सप्रेस भाजपा ने दिया। जो किसान 4 गोवंश रखे हैं, उन्हें प्रत्येक को सरकार 1500 रुपये महीने दे रही है। सरकार ने 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत 3 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने संबोधन के दौरान आजमगढ़ में हरिहरपुर गांव को कला संगीत की जननी बताया, संगीत विद्यालय भाजपा ने दिया। श्रमिकों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, दिव्यांगो के लिए विद्यालय की स्वीकृत दी है। वहीं लालगंज में 100 बेड का अस्पताल की स्वीकृति मिली है। पीएम सौर ऊर्जा योजना का लाभ लेने की जनता से की सीएम ने अपील की है। संबोधन के दौरान उन्होंने गोबर गैस प्लांट लगाने पर सरकार सब्सिडी देनी की बात कही है। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने सपा के दो-दो मुख्यमंत्री को जिताया लेकिन आजमगढ़ में कोई विकास नहीं हुआ।
राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

नगर निगम नैनी जोन 5 कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जायेगा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,भारतीय किसान यूनियन भानू संगठन के जिला अध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह कीओर से 8.4.2026 बुधवार को समय 11 बजे दिन में नगर निगम नैनी जोन 5 कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

जिसमें मुख्य रूप से नगर निगम के भ्रष्टाचार अवैध गृह कर वसूली के विरोध, विस्तारित क्षेत्र में मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं न मिलना। गृह कर पर तत्काल रोक लगाय जाने की मांग, सहकारी समित वार्ड 4 मे रोड के निर्माण की मांग, भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर जांच कराकर कार्यवाही की मांग की जाएगी। इन मांगो के पूरे न होने पर धरना अनिश्चित कालीन के लिए किया जाएगा। सभी पदाधिकारी सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि इस धरना प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का कष्ट करें जिससे समस्याओं का निराकरण हो सके।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

भिवंडी में राष्ट्रीय परशुराम सेना का भव्य पद वितरण समारोह सम्पन्न
ठाणे। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला के आदेशानुसार भिवंडी में एक भव्य पदाधिकारी नियुक्ति एवं पद वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश पांडे ने की । राष्ट्रीय महासचिव संजय शर्मा एवं राष्ट्रीय सचिव अविनाश पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र महासचिव विजय मिश्रा एवं संदीप शुक्ला के अथक प्रयासों से संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए भिवंडी जिले में नई टीम का गठन किया गया। समारोह में ओमकार नाथ पांडे को भिवंडी जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान अन्य विभिन्न पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र एवं पद मेरे कर-कमलों द्वारा वितरित किए गए।

इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने संगठन की एकता एवं समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साह, संगठनात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना, जिसमें सभी पदाधिकारियों ने समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
रत्नाकर मिश्र बने सहायक समीक्षा अधिकारी, क्षेत्र मे खुशी की लहर
जौनपुर । जनपद के महराजगंज क्षेत्र स्थित पूरागंभीरशाह सलेमपुर गांव के निवासी रत्नाकर मिश्र पुत्र रमेश चंद्र मिश्र अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक का चयन सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पद पर हुआ है। रत्नाकर मिश्र के बड़े भाई प्रभाकर मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि हाई स्कूल सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज बदलापुर एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रयागराज तथा स्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं एमसीए गलगोटिया ग्रेटर नोएडा से करने के बाद छोटा भाई तैयारी में लगा जहां उसे यह सफलता मिली इनके चयन की खबर से गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।रत्नाकर मिश्रा की इस उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
2000 नहीं, 20 कर्मठ पत्रकार चाहिए: सरताज अहमद
मेरठ।बहसुमा।मुजफ्फरनगर में गरजा संदेश, निष्क्रियता पर , 6 अप्रैल। संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय कार्यालय, चर्च मार्केट (अहिल्याबाई चौक) पर सोमवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में संगठन की मजबूती और सक्रियता को लेकर जोरदार संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी शाह आलम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में खतौली कस्बा इंचार्ज तेजवीर सिंह और डॉ. वसीम मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान से हुआ, जहां उन्हें सम्मान पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने अपने संबोधन में स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि संगठन की ताकत संख्या में नहीं, बल्कि सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं में होती है। उन्होंने कहा,
“2000 निष्क्रिय लोगों से बेहतर 20 कर्मठ पत्रकार होते हैं।”

उन्होंने कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि संगठन को परिवार की तरह समझकर जिम्मेदारी निभानी होगी, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोनू कुमार ने संगठन की एकता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया। वहीं, परविंदर उर्फ जैन साहब ने भी एकता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रईस अल्वी ने पत्रकारों की भूमिका को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय कमेटी ने एक अहम निर्णय लेते हुए घोषणा की कि अब संगठन द्वारा हर 15 दिन में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे संवाद और सक्रियता को बढ़ावा मिल सके।

इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव शीबा खान, राष्ट्रीय संगठन मंत्री दीपक कुमार, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष नितिन शर्मा, मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष जितेंद्र राठी, प्रिंस सफीक राजपूत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब उपभोक्ता खुद चुनेंगे भुगतान का तरीका
लखनऊ । बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। Central Electricity Authority ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सभी नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड या पोस्टपेड मोड का चयन पूरी तरह उपभोक्ताओं की इच्छा पर निर्भर होगा।यह संशोधित आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। इससे पहले कई राज्यों में, खासकर उत्तर प्रदेश में, नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे थे, जिसे लेकर उपभोक्ताओं के बीच असंतोष था।
प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 70 लाख प्रीपेड मीटर शामिल हैं। इस व्यवस्था का लगातार विरोध भी हो रहा था।इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया था, जिस पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं है और उपभोक्ताओं को विकल्प मिलना चाहिए।
नई अधिसूचना के अनुसार, जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। हालांकि, प्रीपेड मोड अब अनिवार्य नहीं रहेगा और उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड विकल्प चुन सकेंगे।वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले को उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस मुद्दे पर संघर्ष किया जा रहा था और अब जाकर उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
जिला कारागार में निरुद्ध कैदी ने की आत्महत्या।
सुल्तानपुर,

जिला कारागार में निरुद्ध कैदी ने की आत्महत्या।

जेल कमांडेंट प्रांजल अरविंद ने दी जानकारी।

मृतक कैदी पत्नी की हत्या के आरोप में बीते 25 मार्च से कारागार में था बंद।

आज रात्रि करीब डेढ़ बजे शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला।

मृतक की पहचान नक्छेद कोरी (48) पुत्र मनोहर कोरी निवासी चरथई थाना धनपतगंज के रूप में।
आजमगढ़:-सीएम योगी आदित्यनाथ का जिले में दौरा, डेरी का उद्घाटन तथा जनसभा को किया संबोधित
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद आजमगढ़ के कन्धरापुर क्षेत्र अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निकट स्थित ग्राम मीरिया रेहड़ा में श्रीबाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के अवशीतन प्लांट का लोकार्पण कर अवलोकन किया, वहीं उन्होंने वृक्षारोपण भी किया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) का शुभारम्भ और Gausort एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का शुभारम्भ किया। प्लाण्ट से लाभान्वित 3 महिला लाभार्थियों और 3 लखपति दीदी महिला उद्यमियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया गया।
  जनपद आजमगढ़ में प्रदेश के मुख्यमंत्री करीब सवा घंटे रहे जहां उन्होंने संबोधन के दौरान विकास को लेकर पूर्व की सरकारों को घेरा। उन्होंने मोदी सरकार योजनाओ को गिनाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय, एयरपोर्ट, पूर्वाचल एक्सप्रेस भाजपा ने दिया। जो किसान 4 गोवंश रखे हैं, उन्हें प्रत्येक को सरकार 1500 रुपये महीने दे रही है। सरकार ने 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत 3 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने संबोधन के दौरान आजमगढ़ में हरिहरपुर गांव को कला संगीत की जननी बताया, संगीत विद्यालय भाजपा ने दिया। श्रमिकों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, दिव्यांगो के लिए विद्यालय की स्वीकृत दी है। वहीं लालगंज में 100 बेड का अस्पताल की स्वीकृति मिली है। पीएम सौर ऊर्जा योजना का लाभ लेने की जनता से की सीएम ने अपील की है। संबोधन के दौरान उन्होंने गोबर गैस प्लांट लगाने पर सरकार सब्सिडी देनी की बात कही है। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने सपा के दो-दो मुख्यमंत्री को जिताया लेकिन आजमगढ़ में कोई विकास नहीं हुआ।
राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

नगर निगम नैनी जोन 5 कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जायेगा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,भारतीय किसान यूनियन भानू संगठन के जिला अध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह कीओर से 8.4.2026 बुधवार को समय 11 बजे दिन में नगर निगम नैनी जोन 5 कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

जिसमें मुख्य रूप से नगर निगम के भ्रष्टाचार अवैध गृह कर वसूली के विरोध, विस्तारित क्षेत्र में मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं न मिलना। गृह कर पर तत्काल रोक लगाय जाने की मांग, सहकारी समित वार्ड 4 मे रोड के निर्माण की मांग, भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर जांच कराकर कार्यवाही की मांग की जाएगी। इन मांगो के पूरे न होने पर धरना अनिश्चित कालीन के लिए किया जाएगा। सभी पदाधिकारी सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि इस धरना प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का कष्ट करें जिससे समस्याओं का निराकरण हो सके।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।