राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर सम्पन्न
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अशोक कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी,सदर गोण्डा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में  उमेश शाह , सचिव प्रबंधतंत्र,व वर्षा सिंह उपाध्यक्ष,प्रबंध समिति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहाकि सामुदायिक सेवा भावना व्यक्ति के व्यक्तित्व की आधारशिला है। स्वयं सेवकों को सनातन धर्म संस्कृति के संस्कार सीखना चाहिए जिससे वे महान बन सकें  और समाज का कल्याण कर सकें।

विशिष्ट अतिथि वर्षा सिंह ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयं सेवकों देश के भविष्य हैं। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वयं सेवकों को अथक परिश्रम करना होगा।कार्यक्रम का डा परवेज आलम ने किया।पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

राँची में आपसी भाईचारे की जीत: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए जनता को कहा— 'शुक्रिया'।

राँची: झारखंड की राजधानी राँची ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। हाल के दिनों में संपन्न हुए रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के अभूतपूर्व शांतिपूर्ण समापन पर राँची जिला प्रशासन ने समस्त जिलेवासियों के प्रति आभार प्रकट किया है।

उपायुक्त ने बताया 'प्रेरणास्पद उदाहरण'

राँची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राँची में जिस गरिमा और अनुशासन के साथ त्योहार मनाए गए, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "यह केवल पर्वों का आयोजन नहीं था, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का उत्सव था, जिसने राँची को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।"

समितियों और अखाड़ों के अनुशासन की सराहना

DC ने विशेष रूप से केन्द्रीय शांति समिति, महावीर मण्डल, तपोवन मंदिर पूजा समिति, सरना समितियों, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया और गुरुनानक समिति सहित सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की। प्रशासन के अनुसार, इन संगठनों की संवेदनशीलता और परिपक्वता के कारण ही शहर में कहीं भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सतर्कता और मीडिया का सहयोग

इस सफलता का श्रेय जिले के पुलिस बल, प्रशासनिक पदाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग और लाइन डिपार्टमेंट के कर्मियों को भी दिया गया है। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक रिपोर्टिंग को भी विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का एक मुख्य आधार बताया।

रामनवमी महोत्सव पर भजन संध्या में मुन्ना गुप्ता के मेरे रोम रोम में बसने वाले भजन सुनकर श्रोताओं की तालियां बटोरी
सांसद ने भजन की तारीफ कर किया सम्मानित

फर्रुखाबाद l श्री रामनवमी महोत्सव 2026 में श्री राम विविध कला केंद्र के तत्वाधान में आयोजित भजन संध्या में मुन्ना गुप्ता के भजन पर श्रोता जमकर झूमे मेरे रोम रोम में बसने वाले राम... राम से बड़ा राम का नाम... तूने सबकी करी तरक्की मेरी तरक्की कर दो.. हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे  वृंदावन जाने को जी चाहता है  इन भजनों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा सांसद मुकेश राजपूत मौजूद रहे l इस दौरान भजन गायिका पायल यादव ने सत्यम शिवम सुंदरम भजन गाकर श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर किया l रेलवे रोड स्थित बी यस मेंशन के मंच से मुन्ना गुप्ता के भजनों ने श्रोताओं को रोमांचित किया कार्यक्रम में रामनवमी शोभा यात्रा में शामिल राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न माता दुर्गा के स्वरूप एवं राम विविध कला केंद्र के पदाधिकारी को  सांसद मुकेश राजपूत ने प्रतीक चिह्न देखकर सम्मानित किया सांसद ने भजन सम्राट की उपाधि देकर मुन्ना गुप्ता पत्रकार को सर्वश्रेष्ठ गायक घोषित किया उन्होंने कहा मुन्ना गुप्ता के भजन सुनने के लिए मुझे खुद समय से पहले आना पड़ा इनके भजन वाकई में दिल को छूते हैं कार्यक्रम में व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजू गौतम दो व्यापार मंडल की महिला जिला अध्यक्ष सोनी शुक्ला नेहा शुक्ला मधु पांडे सीमा मिश्रा गुरसहायगंज से पधारे सुदेश गुप्ता रेखा गुप्ता गोविंद गुप्ता राजेश हजेला पत्रकार उमाशंकर गुप्ता हिंदू रक्षा दल के कानपुर प्रांतीय अध्यक्ष सनी गुप्ता जिला अध्यक्ष शुभम गुप्ता रामबाबू कला केंद्र के संस्थापक म ट र लाल जिला अध्यक्ष संदीप दीक्षित हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा जिला अध्यक्ष क्रांति पाठक सौरभ मिश्रा सहित सैकड़ो लोगों ने भजनों का आनंद लिया कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया पूर्व ब्लाक प्रमुख भास्कर दत्त द्विवेदी ने भजनों की जमकर तारीफ की साथ ही महाकाल म्यूजिकल टीम की म्यूजिक की धुन सुनकर तालिया बजाकर उत्साहवर्धन भी किया l
समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया जौनपुर गौरव सम्मान
जौनपुर। समरस फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले कैलाशपति गोधना में रविवार की दोपहर करीब 12 बजे जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए जौनपुर गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्रा ने कहा कि महामना व्यक्तित्व के धनी, अपरिमित विभूति होने के बाद भी जिनके नस-नस में सहजता की सीख मिलती है, ऐसे समाजसेवी और समाज के युग पुरुष ज्ञान प्रकाश सिंह को सम्मानित करने से ऐसा लग रहा है कि जैसे सम्मान स्वयं सम्मानित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती के जो साधक हैं उन्हें मां लक्ष्मी की कृपा नहीं मिलती है और जो मां लक्ष्मी के साधक हैं उन्हें मां सरस्वती की कृपा नहीं मिलती, विरले ऐसे लोग होते हैं जिन पर दोनों की कृपा होती है, उनमें से एक ज्ञान प्रकाश सिंह हैं। श्री सिंह एक अच्छे रचनाकार भी हैं। जिस व्यक्ति में व्यथा है, दर्द है वहीं व्यक्ति समाज के लिए कुछ कर सकता है। श्री सिंह ने अपने शरीर को परोपकार के लिए ढाल दिया है। जो लोग वादा करके आते हैं वह पिछड़ जाते हैं लेकिन श्री सिंह कभी पीछे नहीं हुए। सैकड़ों मंदिरों का जीर्णोद्धार और न जाने कितने लोगों की श्री सिंह ने मदद की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी पं. राधेश्याम तिवारी ने कहा कि मुंबई से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में ज्ञान प्रकाश सिंह ने जो कार्य किए हैं उसकी गिनती नहीं की जा सकती है। मुंबई में भी कई क्षेत्रों में उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से काम किया है। जब वह वहां नहीं होते तो हम सब उन्हें मिस करते हैं और यह चर्चा करते हैं कि देखिए उत्तर प्रदेश में ज्ञान प्रकाश सिंह कितना अच्छा कार्य कर रहे हैं। अखबार की सुर्खियों में वह अपने नेक कार्यों के लिए बने रहते हैं।
आयोजक समरस फाउंडेशन के महासचिव शिवपूजन पाण्डेय ने कहा कि यह सम्मान लगभग एक वर्ष से सत्कार मूर्ति की प्रतीक्षा कर रहा था। आज एकादशी के पावन अवसर पर समरस फाउंडेशन अपने सत्कारमूर्ति ज्ञान प्रकाश सिंह को जौनपुर गौरव सम्मान से सम्मानित कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने सम्मान पत्र में अंकित एक-एक शब्द का वाचन किया और यह भी कहा कि आपके तमाम प्रेरणादायक कार्यों को किसी सम्मान पत्र में अंकित नहीं किया जा सकता है। आप जो कार्य कर रहे हैं, उसके लिए तो डायरी के पन्ने भी कम पड़ जाएंगे। इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, डॉ मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, डॉ.मधुकर तिवारी, पत्रकार रामदयाल द्विवेदी, पत्रकार देवी सिंह, पत्रकार चंद्रकांत दुबे, पत्रकार अंकित जायसवाल, शिवा सिंह, अजय शुक्ला, विवेक मिश्रा, विनीत तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद पांडे ने किया।
साक्षी सोनी आत्महत्या मामले में आया नया मोड़, आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज
गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र अंतर्गत साक्षी सोनी (22) द्वारा 26 मार्च को की गई आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है।छपिया थाने की पुलिस ने आरोपी शिवम सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।परिजनों ने शिवम सोनी शारीरिक संबंध बनाने और दहेज मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया था।जांच में सामने आया है कि प्रेम में धोखा मिलने के कारण ही साक्षी ने फांसी लगाकर अपनी जान दिया था।पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवम सोनी और साक्षी सोनी पिछले दो वर्षो से प्रेम संबंध में थे।आठ महीने पहले साक्षी के पिता भगवान दीन सोनी को इसकी जानकारी हुई,जिसके बाद उन्होंने साक्षी की शादी शिवम सोनी से तय कर दिया था।हालांकि शादी तय होने के छ: महीने बाद ही शिवम सोनी व उसके परिजनों ने साक्षी से शादी करने से इंकार कर दिया।इसके बाद दोनों के परिजनों के मध्य कई बार पंचायत भी हुई,परन्तु शिवम शादी के लिए तैयार नहीं हुआ।शिवम के इंकार के बाद साक्षी की शादी छपिया थाना क्षेत्र के एक अन्य गांव में तय कर दिया गया था परन्तु साक्षी इस शादी से खुश नहीं थी और लगातार परेशान चल रही थी।दूसरी जगह अपनी शादी तय करने और दूसरी जगह साक्षी की शादी तय होने के बावजूद शिवम सोनी लगातार इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर साक्षी को परेशान कर रहा था।साक्षी बार बार शिवम से मैसेज व काल न करने के लिए कह रही थी,परन्तु वह नहीं माना।मरने से पहले साक्षी ने शिवम सोनी से इंस्टाग्राम पर बातचीत कर उसे फोन व मैसेज न करने के लिए सख्त लहजे में मना किया था।इन दो सालों‌ के प्रेम संबंध के दौरान आरोपी शिवम ने साक्षी के साथ कई बार शारीरिक संबंध भी बनाया था।26 मार्च को आत्महत्या करने से पहले भी शिवम सोनी ने साक्षी सोनी के पास कई बार मैसेज किया था।और पूछा क्या हुआ तो साक्षी सोनी ने कहा कि आज के बाद मैसेज न करना।फिर शिवम सोनी ने पूछा बाबू क्या हुआ तो साक्षी सोनी ने कहा कि मैसेज न करना,मर गई हूँ।इसके बाद साक्षी सोनी ने आत्महत्या कर ली थी।
पेट्रोल न देने पर मारपीट मामले में तीन नामजद सहित 7 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*बोतल व बाइक में 100 रुपए का तेल मांगने पर हुआ विवाद

गोंडा।जिले में पेट्रोल पंप कर्मचारियों से मारपीट के मामले में तीन नामजद सहित चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दिया है।मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी स्थित महादेव फिलिंग स्टेशन का है।घटना के संबंध में पेट्रोल पंप मालिक आशीष मिश्रा ने बताया कि 27 मार्च की रात लगभग 10.15 बजे कुछ युवक पंप पर तेल लेने पहुंचे थे और वे 30 रुपए का पेट्रोल बोतल में और 70 रुपए का पेट्रोल बाइक में भरवाना चाहते थे।उस समय पंप पर तेल खत्म होने के कारण सेल्समैन मुकेश कुमार और मुकेश तिवारी ने तेल देने से मना कर दिया।आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर युवकों ने कर्मचारियों को सबक सिखाने की योजना बनाई,और मध्य रात्रि लगभग 12 बजे जब दोनों सेल्समैन डीजल डिपो के पास एक ढाबे पर खाना खाने गए तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।बताया गया कि ढाबे के अंदर खाना बनाने के सामान से भी मारपीट किया गया जिससे दोनों कर्मचारियों को चोटें आई हैं।मामले में पेट्रोल पंप मालिक की तहरीर पर राज सोनी, हर्षित गुप्ता,राहुल नाग और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने मामले की जांच मिश्रौलिया चौकी प्रभारी अंकित सिंह को सौंपा है।पुलिस ने वायरल सीसीटीवी फुटेज और दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरु कर दिया है।प्रकरण में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।उन्होंने बताया कि अज्ञात आरोपियों की पहचान भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है और सभी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर

293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए

सुलतानपुर । सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम  में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है।जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।   293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी ,गर्मी, वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले  भैया अंशुल तिवारी, ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल, आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,  बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय , श्रीश, आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा ,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी ,विनय कुमार सिंह , परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह, गिरीश दूबे, रमेश मिश्र, अनिल कुमार पाण्डेय, द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा, हनुमंत सिंह, दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
वर्तमान परिवेश में क्षत्रिय समाज की भूमिका” विषय पर आयोजित कार्यक्रम
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा “वर्तमान परिवेश में क्षत्रिय समाज की भूमिका” विषय पर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए समाज के गणमान्य व्यक्तियों एवं पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में जनपद मुजफ्फरनगर से जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, वरिष्ठ पत्रकार समर ठाकुर एवं जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में वर्तमान सामाजिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा UGC के काले कानून का जोर-शोर से विरोध व्यक्त किया। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह को सम्मानित भी किया गया, जो उनके समाज के प्रति समर्पण एवं सक्रिय योगदान का प्रतीक है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे:
कुंवर हरिवंश सिंह – राष्ट्रीय अध्यक्ष
राघवेंद्र सिंह ‘राजू’ – राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री
सुखबीर सिंह भदौरिया – राष्ट्रीय महामंत्री
डॉ. अजय प्रकाश राठौड़ – सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता
ठाकुर देवेंद्र सिंह – प्रदेश अध्यक्ष
ठाकुर यशपाल सिंह – प्रदेश महामंत्री
अजय सिंह राठौड़ – प्रदेश अध्यक्ष युवा
राजेंद्र सिंह – जिला अध्यक्ष, रामपुर
अतुल सिंह – जिला अध्यक्ष (युवा), रामपुर
राज सिंह  – सदस्य, विधान परिषद
ठाकुर एन.पी. सिंह – राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष
कार्यक्रम का समापन समाज के उत्थान, एकता एवं अधिकारों की रक्षा हेतु सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर सम्पन्न
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अशोक कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी,सदर गोण्डा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में  उमेश शाह , सचिव प्रबंधतंत्र,व वर्षा सिंह उपाध्यक्ष,प्रबंध समिति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहाकि सामुदायिक सेवा भावना व्यक्ति के व्यक्तित्व की आधारशिला है। स्वयं सेवकों को सनातन धर्म संस्कृति के संस्कार सीखना चाहिए जिससे वे महान बन सकें  और समाज का कल्याण कर सकें।

विशिष्ट अतिथि वर्षा सिंह ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयं सेवकों देश के भविष्य हैं। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वयं सेवकों को अथक परिश्रम करना होगा।कार्यक्रम का डा परवेज आलम ने किया।पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

राँची में आपसी भाईचारे की जीत: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए जनता को कहा— 'शुक्रिया'।

राँची: झारखंड की राजधानी राँची ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। हाल के दिनों में संपन्न हुए रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के अभूतपूर्व शांतिपूर्ण समापन पर राँची जिला प्रशासन ने समस्त जिलेवासियों के प्रति आभार प्रकट किया है।

उपायुक्त ने बताया 'प्रेरणास्पद उदाहरण'

राँची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राँची में जिस गरिमा और अनुशासन के साथ त्योहार मनाए गए, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "यह केवल पर्वों का आयोजन नहीं था, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का उत्सव था, जिसने राँची को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।"

समितियों और अखाड़ों के अनुशासन की सराहना

DC ने विशेष रूप से केन्द्रीय शांति समिति, महावीर मण्डल, तपोवन मंदिर पूजा समिति, सरना समितियों, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया और गुरुनानक समिति सहित सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की। प्रशासन के अनुसार, इन संगठनों की संवेदनशीलता और परिपक्वता के कारण ही शहर में कहीं भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सतर्कता और मीडिया का सहयोग

इस सफलता का श्रेय जिले के पुलिस बल, प्रशासनिक पदाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग और लाइन डिपार्टमेंट के कर्मियों को भी दिया गया है। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक रिपोर्टिंग को भी विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का एक मुख्य आधार बताया।

रामनवमी महोत्सव पर भजन संध्या में मुन्ना गुप्ता के मेरे रोम रोम में बसने वाले भजन सुनकर श्रोताओं की तालियां बटोरी
सांसद ने भजन की तारीफ कर किया सम्मानित

फर्रुखाबाद l श्री रामनवमी महोत्सव 2026 में श्री राम विविध कला केंद्र के तत्वाधान में आयोजित भजन संध्या में मुन्ना गुप्ता के भजन पर श्रोता जमकर झूमे मेरे रोम रोम में बसने वाले राम... राम से बड़ा राम का नाम... तूने सबकी करी तरक्की मेरी तरक्की कर दो.. हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे  वृंदावन जाने को जी चाहता है  इन भजनों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा सांसद मुकेश राजपूत मौजूद रहे l इस दौरान भजन गायिका पायल यादव ने सत्यम शिवम सुंदरम भजन गाकर श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर किया l रेलवे रोड स्थित बी यस मेंशन के मंच से मुन्ना गुप्ता के भजनों ने श्रोताओं को रोमांचित किया कार्यक्रम में रामनवमी शोभा यात्रा में शामिल राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न माता दुर्गा के स्वरूप एवं राम विविध कला केंद्र के पदाधिकारी को  सांसद मुकेश राजपूत ने प्रतीक चिह्न देखकर सम्मानित किया सांसद ने भजन सम्राट की उपाधि देकर मुन्ना गुप्ता पत्रकार को सर्वश्रेष्ठ गायक घोषित किया उन्होंने कहा मुन्ना गुप्ता के भजन सुनने के लिए मुझे खुद समय से पहले आना पड़ा इनके भजन वाकई में दिल को छूते हैं कार्यक्रम में व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजू गौतम दो व्यापार मंडल की महिला जिला अध्यक्ष सोनी शुक्ला नेहा शुक्ला मधु पांडे सीमा मिश्रा गुरसहायगंज से पधारे सुदेश गुप्ता रेखा गुप्ता गोविंद गुप्ता राजेश हजेला पत्रकार उमाशंकर गुप्ता हिंदू रक्षा दल के कानपुर प्रांतीय अध्यक्ष सनी गुप्ता जिला अध्यक्ष शुभम गुप्ता रामबाबू कला केंद्र के संस्थापक म ट र लाल जिला अध्यक्ष संदीप दीक्षित हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा जिला अध्यक्ष क्रांति पाठक सौरभ मिश्रा सहित सैकड़ो लोगों ने भजनों का आनंद लिया कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया पूर्व ब्लाक प्रमुख भास्कर दत्त द्विवेदी ने भजनों की जमकर तारीफ की साथ ही महाकाल म्यूजिकल टीम की म्यूजिक की धुन सुनकर तालिया बजाकर उत्साहवर्धन भी किया l
समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया जौनपुर गौरव सम्मान
जौनपुर। समरस फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले कैलाशपति गोधना में रविवार की दोपहर करीब 12 बजे जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए जौनपुर गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्रा ने कहा कि महामना व्यक्तित्व के धनी, अपरिमित विभूति होने के बाद भी जिनके नस-नस में सहजता की सीख मिलती है, ऐसे समाजसेवी और समाज के युग पुरुष ज्ञान प्रकाश सिंह को सम्मानित करने से ऐसा लग रहा है कि जैसे सम्मान स्वयं सम्मानित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती के जो साधक हैं उन्हें मां लक्ष्मी की कृपा नहीं मिलती है और जो मां लक्ष्मी के साधक हैं उन्हें मां सरस्वती की कृपा नहीं मिलती, विरले ऐसे लोग होते हैं जिन पर दोनों की कृपा होती है, उनमें से एक ज्ञान प्रकाश सिंह हैं। श्री सिंह एक अच्छे रचनाकार भी हैं। जिस व्यक्ति में व्यथा है, दर्द है वहीं व्यक्ति समाज के लिए कुछ कर सकता है। श्री सिंह ने अपने शरीर को परोपकार के लिए ढाल दिया है। जो लोग वादा करके आते हैं वह पिछड़ जाते हैं लेकिन श्री सिंह कभी पीछे नहीं हुए। सैकड़ों मंदिरों का जीर्णोद्धार और न जाने कितने लोगों की श्री सिंह ने मदद की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी पं. राधेश्याम तिवारी ने कहा कि मुंबई से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में ज्ञान प्रकाश सिंह ने जो कार्य किए हैं उसकी गिनती नहीं की जा सकती है। मुंबई में भी कई क्षेत्रों में उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से काम किया है। जब वह वहां नहीं होते तो हम सब उन्हें मिस करते हैं और यह चर्चा करते हैं कि देखिए उत्तर प्रदेश में ज्ञान प्रकाश सिंह कितना अच्छा कार्य कर रहे हैं। अखबार की सुर्खियों में वह अपने नेक कार्यों के लिए बने रहते हैं।
आयोजक समरस फाउंडेशन के महासचिव शिवपूजन पाण्डेय ने कहा कि यह सम्मान लगभग एक वर्ष से सत्कार मूर्ति की प्रतीक्षा कर रहा था। आज एकादशी के पावन अवसर पर समरस फाउंडेशन अपने सत्कारमूर्ति ज्ञान प्रकाश सिंह को जौनपुर गौरव सम्मान से सम्मानित कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने सम्मान पत्र में अंकित एक-एक शब्द का वाचन किया और यह भी कहा कि आपके तमाम प्रेरणादायक कार्यों को किसी सम्मान पत्र में अंकित नहीं किया जा सकता है। आप जो कार्य कर रहे हैं, उसके लिए तो डायरी के पन्ने भी कम पड़ जाएंगे। इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, डॉ मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, डॉ.मधुकर तिवारी, पत्रकार रामदयाल द्विवेदी, पत्रकार देवी सिंह, पत्रकार चंद्रकांत दुबे, पत्रकार अंकित जायसवाल, शिवा सिंह, अजय शुक्ला, विवेक मिश्रा, विनीत तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद पांडे ने किया।
साक्षी सोनी आत्महत्या मामले में आया नया मोड़, आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज
गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र अंतर्गत साक्षी सोनी (22) द्वारा 26 मार्च को की गई आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है।छपिया थाने की पुलिस ने आरोपी शिवम सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।परिजनों ने शिवम सोनी शारीरिक संबंध बनाने और दहेज मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया था।जांच में सामने आया है कि प्रेम में धोखा मिलने के कारण ही साक्षी ने फांसी लगाकर अपनी जान दिया था।पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवम सोनी और साक्षी सोनी पिछले दो वर्षो से प्रेम संबंध में थे।आठ महीने पहले साक्षी के पिता भगवान दीन सोनी को इसकी जानकारी हुई,जिसके बाद उन्होंने साक्षी की शादी शिवम सोनी से तय कर दिया था।हालांकि शादी तय होने के छ: महीने बाद ही शिवम सोनी व उसके परिजनों ने साक्षी से शादी करने से इंकार कर दिया।इसके बाद दोनों के परिजनों के मध्य कई बार पंचायत भी हुई,परन्तु शिवम शादी के लिए तैयार नहीं हुआ।शिवम के इंकार के बाद साक्षी की शादी छपिया थाना क्षेत्र के एक अन्य गांव में तय कर दिया गया था परन्तु साक्षी इस शादी से खुश नहीं थी और लगातार परेशान चल रही थी।दूसरी जगह अपनी शादी तय करने और दूसरी जगह साक्षी की शादी तय होने के बावजूद शिवम सोनी लगातार इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर साक्षी को परेशान कर रहा था।साक्षी बार बार शिवम से मैसेज व काल न करने के लिए कह रही थी,परन्तु वह नहीं माना।मरने से पहले साक्षी ने शिवम सोनी से इंस्टाग्राम पर बातचीत कर उसे फोन व मैसेज न करने के लिए सख्त लहजे में मना किया था।इन दो सालों‌ के प्रेम संबंध के दौरान आरोपी शिवम ने साक्षी के साथ कई बार शारीरिक संबंध भी बनाया था।26 मार्च को आत्महत्या करने से पहले भी शिवम सोनी ने साक्षी सोनी के पास कई बार मैसेज किया था।और पूछा क्या हुआ तो साक्षी सोनी ने कहा कि आज के बाद मैसेज न करना।फिर शिवम सोनी ने पूछा बाबू क्या हुआ तो साक्षी सोनी ने कहा कि मैसेज न करना,मर गई हूँ।इसके बाद साक्षी सोनी ने आत्महत्या कर ली थी।
पेट्रोल न देने पर मारपीट मामले में तीन नामजद सहित 7 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*बोतल व बाइक में 100 रुपए का तेल मांगने पर हुआ विवाद

गोंडा।जिले में पेट्रोल पंप कर्मचारियों से मारपीट के मामले में तीन नामजद सहित चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दिया है।मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी स्थित महादेव फिलिंग स्टेशन का है।घटना के संबंध में पेट्रोल पंप मालिक आशीष मिश्रा ने बताया कि 27 मार्च की रात लगभग 10.15 बजे कुछ युवक पंप पर तेल लेने पहुंचे थे और वे 30 रुपए का पेट्रोल बोतल में और 70 रुपए का पेट्रोल बाइक में भरवाना चाहते थे।उस समय पंप पर तेल खत्म होने के कारण सेल्समैन मुकेश कुमार और मुकेश तिवारी ने तेल देने से मना कर दिया।आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर युवकों ने कर्मचारियों को सबक सिखाने की योजना बनाई,और मध्य रात्रि लगभग 12 बजे जब दोनों सेल्समैन डीजल डिपो के पास एक ढाबे पर खाना खाने गए तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।बताया गया कि ढाबे के अंदर खाना बनाने के सामान से भी मारपीट किया गया जिससे दोनों कर्मचारियों को चोटें आई हैं।मामले में पेट्रोल पंप मालिक की तहरीर पर राज सोनी, हर्षित गुप्ता,राहुल नाग और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने मामले की जांच मिश्रौलिया चौकी प्रभारी अंकित सिंह को सौंपा है।पुलिस ने वायरल सीसीटीवी फुटेज और दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरु कर दिया है।प्रकरण में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।उन्होंने बताया कि अज्ञात आरोपियों की पहचान भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है और सभी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
सरस्वती विद्या मन्दिर में परीक्षाफल वितरण समारोह सम्पन्न
बहन आराध्या मिश्रा और स्वीकृति गुप्ता 99.6% अंकों के साथ बनीं टापर

293 छात्रों ने 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए

सुलतानपुर । सरस्वती विद्या मन्दिर में पढ़ने वाले छात्र अपनी बात की शुरुआत भारत माता से करते हैं उक्त बातें सुलतानपुर नगर के विधायक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर के परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम  में कही। छात्रों एवं अभिभावकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्या मन्दिर के छात्रों की सोच बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सोच से कहीं अधिक बेहतर है। शहर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भारत माता की बात नहीं करते हैं , जबकि विद्या मन्दिर के छात्र भारत माता से ही अपनी बात की शुरुआत करते हैं। भारतीय संस्कृति को सहेजने में सरस्वती विद्या मन्दिर का महत्वपूर्ण योगदान है।यहां के छात्रों का अनुशासन और संस्कार अनुकरणीय है।जो इस विद्यालय की सशक्त नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने वार्षिक परीक्षाफल का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे भैया बहनों ने वार्षिक परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वार्षिक परीक्षा में कुल 2499 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिनमें से 98.8% परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।   293 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक प्राप्त किए।बहन आराध्या मिश्रा तथा स्वीकृति गुप्ता 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय की टापर बनीं।कक्षा 9 के भैया दिव्यांशु पाण्डेय ने 99% और कक्षा 11 के आशुतोष सिंह ने भी 96.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सर्दी ,गर्मी, वर्षा और तूफान की चिंता न करके विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित रहने वाले  भैया अंशुल तिवारी, ध्रुव मिश्र, आयुष्मान शुक्ल, आरव मौर्य,प्रतीक वर्मा,यशांक,  बहन प्रेरणा यदुवंशी,यज्ञांशी पाण्डेय , श्रीश, आर्या यादव,किंशुकी त्रिपाठी, अमृता और पीहू मिश्रा को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल, प्रबंधक डाक्टर पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा ,समिति सदस्य शैलेन्द्र चतुर्वेदी ,विनय कुमार सिंह , परीक्षा प्रभारी राकेश सिंह, गिरीश दूबे, रमेश मिश्र, अनिल कुमार पाण्डेय, द्वारिका नाथ पाण्डेय, कमलेश तिवारी,रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, दीनदयाल विश्वकर्मा, हनुमंत सिंह, दिलीप मौर्य समेत सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित रहे।
वर्तमान परिवेश में क्षत्रिय समाज की भूमिका” विषय पर आयोजित कार्यक्रम
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा “वर्तमान परिवेश में क्षत्रिय समाज की भूमिका” विषय पर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए समाज के गणमान्य व्यक्तियों एवं पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में जनपद मुजफ्फरनगर से जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, वरिष्ठ पत्रकार समर ठाकुर एवं जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में वर्तमान सामाजिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा UGC के काले कानून का जोर-शोर से विरोध व्यक्त किया। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह को सम्मानित भी किया गया, जो उनके समाज के प्रति समर्पण एवं सक्रिय योगदान का प्रतीक है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे:
कुंवर हरिवंश सिंह – राष्ट्रीय अध्यक्ष
राघवेंद्र सिंह ‘राजू’ – राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री
सुखबीर सिंह भदौरिया – राष्ट्रीय महामंत्री
डॉ. अजय प्रकाश राठौड़ – सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता
ठाकुर देवेंद्र सिंह – प्रदेश अध्यक्ष
ठाकुर यशपाल सिंह – प्रदेश महामंत्री
अजय सिंह राठौड़ – प्रदेश अध्यक्ष युवा
राजेंद्र सिंह – जिला अध्यक्ष, रामपुर
अतुल सिंह – जिला अध्यक्ष (युवा), रामपुर
राज सिंह  – सदस्य, विधान परिषद
ठाकुर एन.पी. सिंह – राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष
कार्यक्रम का समापन समाज के उत्थान, एकता एवं अधिकारों की रक्षा हेतु सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।