कहां है शक्सगाम घाटी? जिसे लेकर भारत-चीन फिर आमने सामने
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भारत और चीन के बीच शक्सगाम घाटी का विवाद एक बार फिर गहरा गया है।चीन ने फिर से लद्दाख की शक्सगाम घाटी पर आधिकारिक दावा किया है। मंगलवार को चीन ने फिर से इस घाटी पर अपना दावा दोहराया है और भारत पर पलटवार किया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे चीन का क्षेत्र बताया। सीमा विवाद और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर पूछे गए सवालों के जवाब में माओ निंग ने कहा, “जिस क्षेत्र का आपने उल्लेख किया है, वह चीन का है। चीन को अपने क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकसित करने का पूरा अधिकार है।”
अपने दावे के पक्ष में चीन ने 1960 के दशक में पाकिस्तान के साथ हुए एक 'सीमा समझौता' का हवाला दिया। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में एक सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों देशों के बीच सीमा का सीमांकन किया गया था। माओ निंग ने इस समझौते को दो संप्रभु देशों द्वारा अपने अधिकारों के प्रयोग के रूप में बताया।
1963 का समझौता भारत को मंजूर नहीं
वहीं, शक्सगाम घाटी को लेकर भारत ने चीन और पाकिस्तान को एक बार फिर साफ संदेश दिया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दोहराया कि 1963 में पाकिस्तान और चीन के बीच हुआ सीमा समझौता भारत के लिए पूरी तरह गैर-कानूनी और अमान्य है। उन्होंने कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का हिस्सा है और वहां किसी भी तरह की गतिविधि को भारत मान्यता नहीं देता। जनरल द्विवेदी ने कहा कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी भारत के लिए मान्य नहीं है। उन्होंने इसे दोनों देशों द्वारा किया जा रहा गैर-कानूनी काम बताया और कहा कि यह परियोजना भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरती है।
क्या है 1963 का समझौता ?
शक्सगाम घाटी लद्दाख के सुदूर उत्तरी क्षेत्र में काराकोरम रेंज से भी उत्तर में बहुत ही ऊंचाई पर स्थित घाटी है। यह पाकिस्तानी कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके के नजदीक और सियाचिन/अक्साई चिन के बेहद पास का क्षेत्र है। अभी इसपर चीन का कब्जा है, जो इसे झिंजियांग का हिस्सा बताता है। भारत का कहना है कि यह पूर्ववर्ती जम्मू और कश्मीर रियासत का हिस्सा है, जिसका 1947 में भारत के साथ कानूनी रूप से विलय हो चुका है। इसलिए यह अब लद्दाख का हिस्सा है। 1947-1948 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर-PoK) पर अवैध कब्जा कर लिया था और 1963 में उसने चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते के नाम पर चीन के हवाले कर दिया।





बलरामपुर 13 जनवरी विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आ0 भिखारी प्रजापति के निर्देश पर प्रदेश भर में संत रविदास की जयंती मनाएगी, इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने बताया कि संत रविदास जी की जयंती जिले के गौरा क्षेत्र के मथुरा बिलासपुर में 3 फरवरी को सामाजिक समरसता के लिए मनाया जाएगा जिसमें सहभोज के माध्यम से हजारों हिंदू सनातनियों को जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर तुलसीपुर तहसील अध्यक्ष प्रेमनाथ मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र देव वर्मा चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवनलाल गुप्ता उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी मंत्री राधेश्याम कौशल मीडिया प्रभारी जय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थितरहे।


*मैं जीना नहीं चाहता, मरने जा रहा हूँ







दिनांक 13.01.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुरानिया में वन विभाग एवं चौपरण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 10 एकड़ भूमि में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित कर मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान 4 डिलीवरी पाइप बरामद कर नष्ट किए गए। अवैध खेती में संलिप्त लोगों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। पहचान के बाद दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान में एसडीपीओ बरही श्री अजित कुमार बिमल, पु0नि0 श्री चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, एसआई सुनील कुमार सिंह, एएसआई बदल महतो, सशस्त्र बल एवं वन विभाग शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
1 min ago
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