ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन
मुंबई। पिछले 17 वर्षों से गृहिणियों के काव्य वाचन  का सुनहरा प्लेटफॉर्म बन चुकी साहित्यिक संस्था ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के लोअर परेल के ट्रंप टावर, लोढ़ा पार्क क्लब हाउस, पी 7 में दोपहर 2:30 बजे से रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष  डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रख्यात गायिका इला अरुण और फिल्म एक्ट्रेस राकुल प्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेंगी। कार्यक्रम में राजस्थान की महारानी मंदाकिनी कुमारी तथा घूमर नृत्य के लिए विशेष काम करने वाली ज्योति तोमर को उनके विशेष योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान के तीन कलाकारों रेखा राव, कुमार गौतम तथा विक्की हाडा को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. मंजू लोढ़ा के अनुसार राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने वाला यह कार्यक्रम हृदय की धड़कनों को तेज करने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि नृत्य नाटिका के माध्यम से हमारी सारी सदस्या राजस्थान की संस्कृति तथा वहां के तीज त्यौहार को प्रदर्शित करेंगे।
विधायक संजय उपाध्याय ने किया वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक का उद्घाटन
मुंबई। बोरीवली विधानसभा के लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने  फिजियोथैरेपी चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रही वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक की ओल्ड अशोक नगर बिल्डिंग, वजीरा, बोरीवली पश्चिम स्थित नई शाखा का फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय नगरसेविका श्रीमती श्वेता कोरेगांवकर, गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सांगोरे, नगर सेविका डॉक्टर शिल्पा सांगोरे, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दिनेश सिंह, दहिसर मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ मिलिंद तावते उपस्थित रहे। क्लीनिक के संचालक डॉ देवेंद्र चतुर्वेदी तथा डॉ वर्तिका चतुर्वेदी ने समस्त अतिथियों का सम्मान किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में गीता मसूरकर, डॉ तन्वी, नेत्रा, दीपाली राजू भैया ,सुनील देवार्त आदि का समावेश रहा। वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लीनिक की मुख्य शाखा कांदिवली पूर्व के ठाकुर विलेज में है जहां क्लीनिक को मिल रही लगातार सफलता से उत्साहित होकर दूसरी शाखा खोली गई है।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

राहुल गाँधी मानहानि मामले में आज MP-MLA कोर्ट में पेश हो सकते है राहुल गांधी,कोर्ट का अंतिम मौका*
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला। आज सुल्तानपुर MP-MLA कोर्ट में पेश होंगे राहुल गांधी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राहुल गांधी को दिया था कोर्ट में पेश होने का अंतिम मौका। पिछली पेशी 19 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने 313 के तहत राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करवाने का दिया था आदेश। करीब 8 वर्ष पूर्व कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी। टिप्पणी से नाराज सुल्तानपुर के बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था परिवाद। इस मामले में दीवानी MP MLA कोर्ट में चल रही है सुनवाई। इस मामले में पहले राहुल गांधी दर्ज करवा चुके है बयान। सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट से जमानत पर चल रहे राहुल गांधी।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक, आंदोलन का ऐलान कुड़वार*
सुल्तानपुर,वर्ष 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की बात कहते हुए शिक्षक संगठनों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नीतियों तथा केंद्र सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट एवं सकारात्मक आश्वासन न मिलने से शिक्षकों में व्यापक आक्रोश और चिंता व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया है। प्रदेश स्तर पर जारी निर्देश के क्रम में आंदोलन की तैयारी को लेकर कुड़वार ब्लॉक इकाई की समीक्षा बैठक बीआरसी परिसर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता एवं कुड़वार अध्यक्ष के संयोजन में आयोजित की गई। बैठक में सभी संगठनों ने संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना शिक्षक हितों के लिए बड़ा कदम है, जिससे जनपद के शिक्षक न केवल टीईटी पात्रता बल्कि अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में भी मजबूत होंगे। निजाम खान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी तरह संकल्पित है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिए गए— 22 फरवरी 2026: दोपहर 2 से 4 बजे तक एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग अभियान। 23–25 फरवरी 2026: शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी 2026: तिकोनिया पार्क में धरना तथा शाम 4 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन। मार्च 2026 (तीसरा सप्ताह): नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली और केंद्र सरकार को ज्ञापन। कुड़वार जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संगठनों की एकजुटता ही संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है और सभी मिलकर शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे। बैठक में जूनियर शिक्षक संघ ब्लॉक मंत्री/जिला उपाध्यक्ष तौहीद खान, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष/जिला महामंत्री प्रदीप यादव, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर यादव, संरक्षक शिवपूजन पाण्डेय, उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय, सह संरक्षक फैज उल्लाह अंसारी, राकेश कुमार शुक्ला, सगठन मंत्रीराजमणि यादव, महिला उपाध्यक्ष मारिया सुल्ताना, शहर बानो, काशीनाथ पाण्डेय, कोषाध्यक्ष मोहम्मद मुज्तबा, मृदुल तिवारी, हसन अली, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अशोक मौर्य, सूर्यकेश यादव, महेंद्र कुमार पाल, अरुण बरनवाल, खालिद बशीर, सरजू पाठक, जमील अहमद, राज बहादुर यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन लईक अहमद खान ने किया।
विश्व मानवविज्ञान दिवस पर जनजातीय अध्ययन की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

रायपुर- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर “जनजातीय अध्ययन एवं इसका मानवशास्त्रीय प्रासंगिकता और मूलभूत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डाॅ. टी. के. वैष्णव ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानवविज्ञान जनजातीय समुदायों के समग्र अध्ययन के लिए प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि मानवशास्त्री जनजातीय समाज के बीच रहकर उनके जीवन के विविध पहलुओं का अनुभवजन्य अध्ययन करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, औषधीय ज्ञान और पारिस्थितिकीय ज्ञान जैसी महत्वपूर्ण विरासत सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल या अपवर्जित करने, नाम संबंधी त्रुटियों के सुधार तथा नृजातीय स्थिति के सत्यापन जैसे प्रशासनिक निर्णयों में मानवविज्ञान की अहम भूमिका रहती है, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक क्षेत्रों में इस विषय की अनदेखी चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार प्रेमी ने स्वागत उद्बोधन में विश्व मानवविज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2026 की थीम “सेलिब्रेट, इंगेज एवं इंस्पायर” की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वभर के मानववैज्ञानिक सांस्कृतिक विविधता और मानव ज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में एक संस्कृति द्वारा दूसरी संस्कृति को कमतर आँकने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. सी. अग्रवाल ने जनजातीय अध्ययन में जनगणना आँकड़ों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश काल से लेकर आज तक जनजातीय विकास और समस्याओं के समाधान में जनगणना के आँकड़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जनजातीय अध्ययन में इन आँकड़ों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. अशोक प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवविज्ञान विषय जनजातीय विकास और प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक स्तर पर इसके महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आँकड़ों और तथ्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति अकादमिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से चिंताजनक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मानवविज्ञान दिवस की आवश्यकता, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि मानवविज्ञान जैसे उपयोगी विषय के प्रति समाज में जागरूकता का अभाव मानव प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी बाधक है। उन्होंने सांस्कृतिक सापेक्षवाद के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी संस्कृति अपने आप में न तो उच्च होती है और न निम्न, बल्कि प्रत्येक संस्कृति अपने परिवेश में पूर्ण होती है। इसलिए किसी भी समुदाय की संस्कृति को उसके अपने दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही तथा जनजातीय अध्ययन के समसामयिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

गया में हम पार्टी के जिला कार्यालय में कार्यकर्ता बैठक संपन्न, जिला संगठन प्रभारी ने किया संबोधित, सदस्यता अभियान को तेज करने पर चर्चा

गया: गुरुवार को हम पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जिला संगठन प्रभारी वीरेंद्र सिंह जी ने जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान को व्यापक रूप देने एवं अधिक प्रभावी एवं धारदार बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव एवं विशेष राजनीतिक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की वास्तविक ताकत है और प्रत्येक कार्यकर्ता को घर-घर संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतों से जोड़ना चाहिए। बैठक में उपस्थित जिला पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष एवं सभी समर्पित कार्यकर्ताओं ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक पार्टी के गया जिला अध्यक्ष नारायण प्रसाद मांझी के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। चंदन, गौरव, राजीव शर्मा, विजय कुमार, रूबी देवी, राजेश मांझी, दिवाकर सिंह, अरविंद कुमार, संतोष यादव, जोगिंदर मांझी, मिथिलेश यादव, विकास कुमार, रेणु देवी, आरसी परवीन, अरुण कुमार, देव कुमार, श्रीकांत कुमार, सुनील कुमार, माझे, गुड्डू कुमार, रीना देवी, सावित्री देवी, ललिता देवी, अभिषेक सिंह, संतोष सागर, रामसनेही माझी, रवि कुमार, मो० अजमत खान, सुदामा प्रसाद, वीरेंद्र शर्मा, महेंद्र मांझी, श्याम सुंदर भारती, पवन कुमार, रामबली मांझी, सदानंद प्रेमी आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रांची नगर निगम के घर घर को रोशन करेगी मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो....आदित्य साहू


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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज रांची गंगा नगर,हरमू में भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया।

श्री साहू ने कहा कि रोशनी खलखो एक जुझारू ,संघर्षशील प्रत्याशी है जो महिला सशक्तिकरण केलिए संकल्पित है। पिछले चुनाव में निर्विरोध पार्षद बनने वाली लोकप्रिय नेता है।श्रीमती रोशनी खलखो के दिल में रांची नगर निगम के घर घर को रोशन करने का संकल्प है।

कहा कि आज राज्य की राजधानी रांची पूरी तरह असुरक्षित हो गई है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बहन बेटियों के साथ दुष्कर्म ,लूट ,छिनताई की घटनाएं आम हो गईं है।महिलाएं घर से देर शाम निकलने में डरती हैं।

श्री साहू ने कहा कि अब तो महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी असुरक्षित हैं।कब कौन बच्चा गायब हो जाएगा,उसकी चोरी हो जाएगी ये किसी को पता नहीं ।राजधानी में बच्चा चोर गिरोह घूमता रहता है और पुलिस वसूली में लगी रहती है।

उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य से हजारों बच्चे गायब हुए हैं।सभी गरीब के बच्चे हैं लेकिन जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी,आंदोलन किए,रांची बंद की घोषणा की तो अंश ,अंशिका,कन्हैया जैसे 60 बच्चे बरामद हुए।लेकिन अभी भी सैकड़ों बच्चे लापता हैं।

कहा कि गांव नगर सभी जगह विधि व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। व्यावसायियों को धमकी मिल रही,अब तो भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को भी जान से मारने की धमकी मिल रही।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने ही गरीबों,दलितों,वंचितों ,बहन बेटियों की चिंता की।महिलाओं को 33% आरक्षण दिया। एक रूपये में 50लाख रुपए की सम्पत्ति की रजिस्ट्री भाजपा सरकार की देन थी। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण केलिए अनेक कार्य किए गए।

कहा कि भाजपा की सरकार ही महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा और महिला सम्मान केलिए समर्पित है।

कहा कि जो महिलाओं को सम्मान,सुरक्षा दे उसे ही ताकत दें। जो परेशान करे उसे पराजित करें।

कहा कि रोशनी खलखो जनभावनाओं पर खरी उतरेगी, सुख दुख की सहभागी बनेगी, घर घर की बेटी बहन बनेगी।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वरुण साहू ने भी रोशनी खलखो को बिस्किट छाप पर मुहर लगाकर भारी मतों से जीताने की अपील की। कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जीत दिलाकर राज्य की भ्रष्ट निकम्मी सरकार जो सत्ता के बल पर लोकतंत्र का गला घोंट रही उसे सबक सिखाएं।

मंच संचालन मंडल अध्यक्ष जी इंद्रजीत यादव ने किया।इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थी।

अंगदान महादान: नन्ही आलिन का त्याग पूरे देश के लिए मिसाल" – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के फैसले को मानवता की एक अमिट मिसाल बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल 'X' के माध्यम से आलिन के माता-पिता, श्रीमती शेरिन एन जॉन और श्री अरुण अब्राहम के साहस, त्याग और करुणा की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया है।

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मानवता की अटूट आस्था:

मुख्यमंत्री ने भावुक संदेश में कहा कि संतान को खोना किसी भी माता-पिता के लिए असहनीय होता है, लेकिन शोक के उस क्षण में अंगदान का निर्णय लेना असाधारण साहस का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आलिन का जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर अमर हो गई है।

केरल सरकार की संवेदनशीलता की सराहना:

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनारयी विजयन के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नन्ही आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर केरल सरकार ने मानवता के इस संदेश को और भी गौरवान्वित किया है।

झारखंड में अंगदान नीति पर बड़ा फैसला:

इस हृदयस्पर्शी घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि झारखंड राज्य में भी अंगदान की नीति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि 'अंगदान महादान' के संदेश को धरातल पर उतारा जा सके।

कन्नौज में डीएम ने निरीक्षण करते हुए कार्यो की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज।जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने तहसील सदर कन्नौज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील परिसर, उप जिलाधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय, राजस्व न्यायालय, राजस्व संग्रह, नजारत, रियल टाइम खतौनी तथा आईजीआरएस सहित विभिन्न शाखाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने तहसील परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा तहसील भवन में आवश्यकतानुसार रंगाई-पुताई कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील परिसर में स्थित अनुपयोगी भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील परिसर में नियमित एवं समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनसामान्य की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वाहन पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, शौचालय,पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील परिसर में आने वाले नागरिकों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सदर वैशाली, तहसीलदार भारत मोर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन
मुंबई। पिछले 17 वर्षों से गृहिणियों के काव्य वाचन  का सुनहरा प्लेटफॉर्म बन चुकी साहित्यिक संस्था ज्ञान गंगोत्री काव्य मंच द्वारा 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के लोअर परेल के ट्रंप टावर, लोढ़ा पार्क क्लब हाउस, पी 7 में दोपहर 2:30 बजे से रंग रंगीलो म्हारो राजस्थान का भव्य आयोजन किया गया है। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष  डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रख्यात गायिका इला अरुण और फिल्म एक्ट्रेस राकुल प्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेंगी। कार्यक्रम में राजस्थान की महारानी मंदाकिनी कुमारी तथा घूमर नृत्य के लिए विशेष काम करने वाली ज्योति तोमर को उनके विशेष योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान के तीन कलाकारों रेखा राव, कुमार गौतम तथा विक्की हाडा को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. मंजू लोढ़ा के अनुसार राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने वाला यह कार्यक्रम हृदय की धड़कनों को तेज करने वाला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि नृत्य नाटिका के माध्यम से हमारी सारी सदस्या राजस्थान की संस्कृति तथा वहां के तीज त्यौहार को प्रदर्शित करेंगे।
विधायक संजय उपाध्याय ने किया वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक का उद्घाटन
मुंबई। बोरीवली विधानसभा के लोकप्रिय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने  फिजियोथैरेपी चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रही वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लिनिक की ओल्ड अशोक नगर बिल्डिंग, वजीरा, बोरीवली पश्चिम स्थित नई शाखा का फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय नगरसेविका श्रीमती श्वेता कोरेगांवकर, गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सांगोरे, नगर सेविका डॉक्टर शिल्पा सांगोरे, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दिनेश सिंह, दहिसर मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ मिलिंद तावते उपस्थित रहे। क्लीनिक के संचालक डॉ देवेंद्र चतुर्वेदी तथा डॉ वर्तिका चतुर्वेदी ने समस्त अतिथियों का सम्मान किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में गीता मसूरकर, डॉ तन्वी, नेत्रा, दीपाली राजू भैया ,सुनील देवार्त आदि का समावेश रहा। वर्तिका फिजियोथैरेपी क्लीनिक की मुख्य शाखा कांदिवली पूर्व के ठाकुर विलेज में है जहां क्लीनिक को मिल रही लगातार सफलता से उत्साहित होकर दूसरी शाखा खोली गई है।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

राहुल गाँधी मानहानि मामले में आज MP-MLA कोर्ट में पेश हो सकते है राहुल गांधी,कोर्ट का अंतिम मौका*
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला। आज सुल्तानपुर MP-MLA कोर्ट में पेश होंगे राहुल गांधी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राहुल गांधी को दिया था कोर्ट में पेश होने का अंतिम मौका। पिछली पेशी 19 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने 313 के तहत राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करवाने का दिया था आदेश। करीब 8 वर्ष पूर्व कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी। टिप्पणी से नाराज सुल्तानपुर के बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था परिवाद। इस मामले में दीवानी MP MLA कोर्ट में चल रही है सुनवाई। इस मामले में पहले राहुल गांधी दर्ज करवा चुके है बयान। सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट से जमानत पर चल रहे राहुल गांधी।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक, आंदोलन का ऐलान कुड़वार*
सुल्तानपुर,वर्ष 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की बात कहते हुए शिक्षक संगठनों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नीतियों तथा केंद्र सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट एवं सकारात्मक आश्वासन न मिलने से शिक्षकों में व्यापक आक्रोश और चिंता व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया है। प्रदेश स्तर पर जारी निर्देश के क्रम में आंदोलन की तैयारी को लेकर कुड़वार ब्लॉक इकाई की समीक्षा बैठक बीआरसी परिसर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता एवं कुड़वार अध्यक्ष के संयोजन में आयोजित की गई। बैठक में सभी संगठनों ने संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना शिक्षक हितों के लिए बड़ा कदम है, जिससे जनपद के शिक्षक न केवल टीईटी पात्रता बल्कि अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में भी मजबूत होंगे। निजाम खान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी तरह संकल्पित है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिए गए— 22 फरवरी 2026: दोपहर 2 से 4 बजे तक एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग अभियान। 23–25 फरवरी 2026: शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी 2026: तिकोनिया पार्क में धरना तथा शाम 4 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन। मार्च 2026 (तीसरा सप्ताह): नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली और केंद्र सरकार को ज्ञापन। कुड़वार जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संगठनों की एकजुटता ही संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है और सभी मिलकर शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे। बैठक में जूनियर शिक्षक संघ ब्लॉक मंत्री/जिला उपाध्यक्ष तौहीद खान, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष/जिला महामंत्री प्रदीप यादव, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष धीरेन्द्र राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर यादव, संरक्षक शिवपूजन पाण्डेय, उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय, सह संरक्षक फैज उल्लाह अंसारी, राकेश कुमार शुक्ला, सगठन मंत्रीराजमणि यादव, महिला उपाध्यक्ष मारिया सुल्ताना, शहर बानो, काशीनाथ पाण्डेय, कोषाध्यक्ष मोहम्मद मुज्तबा, मृदुल तिवारी, हसन अली, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अशोक मौर्य, सूर्यकेश यादव, महेंद्र कुमार पाल, अरुण बरनवाल, खालिद बशीर, सरजू पाठक, जमील अहमद, राज बहादुर यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन लईक अहमद खान ने किया।
विश्व मानवविज्ञान दिवस पर जनजातीय अध्ययन की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

रायपुर- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर “जनजातीय अध्ययन एवं इसका मानवशास्त्रीय प्रासंगिकता और मूलभूत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डाॅ. टी. के. वैष्णव ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानवविज्ञान जनजातीय समुदायों के समग्र अध्ययन के लिए प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि मानवशास्त्री जनजातीय समाज के बीच रहकर उनके जीवन के विविध पहलुओं का अनुभवजन्य अध्ययन करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, औषधीय ज्ञान और पारिस्थितिकीय ज्ञान जैसी महत्वपूर्ण विरासत सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल या अपवर्जित करने, नाम संबंधी त्रुटियों के सुधार तथा नृजातीय स्थिति के सत्यापन जैसे प्रशासनिक निर्णयों में मानवविज्ञान की अहम भूमिका रहती है, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक क्षेत्रों में इस विषय की अनदेखी चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार प्रेमी ने स्वागत उद्बोधन में विश्व मानवविज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2026 की थीम “सेलिब्रेट, इंगेज एवं इंस्पायर” की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वभर के मानववैज्ञानिक सांस्कृतिक विविधता और मानव ज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में एक संस्कृति द्वारा दूसरी संस्कृति को कमतर आँकने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. सी. अग्रवाल ने जनजातीय अध्ययन में जनगणना आँकड़ों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश काल से लेकर आज तक जनजातीय विकास और समस्याओं के समाधान में जनगणना के आँकड़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जनजातीय अध्ययन में इन आँकड़ों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. अशोक प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवविज्ञान विषय जनजातीय विकास और प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक स्तर पर इसके महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आँकड़ों और तथ्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति अकादमिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से चिंताजनक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मानवविज्ञान दिवस की आवश्यकता, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि मानवविज्ञान जैसे उपयोगी विषय के प्रति समाज में जागरूकता का अभाव मानव प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी बाधक है। उन्होंने सांस्कृतिक सापेक्षवाद के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी संस्कृति अपने आप में न तो उच्च होती है और न निम्न, बल्कि प्रत्येक संस्कृति अपने परिवेश में पूर्ण होती है। इसलिए किसी भी समुदाय की संस्कृति को उसके अपने दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही तथा जनजातीय अध्ययन के समसामयिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

गया में हम पार्टी के जिला कार्यालय में कार्यकर्ता बैठक संपन्न, जिला संगठन प्रभारी ने किया संबोधित, सदस्यता अभियान को तेज करने पर चर्चा

गया: गुरुवार को हम पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जिला संगठन प्रभारी वीरेंद्र सिंह जी ने जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान को व्यापक रूप देने एवं अधिक प्रभावी एवं धारदार बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव एवं विशेष राजनीतिक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की वास्तविक ताकत है और प्रत्येक कार्यकर्ता को घर-घर संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतों से जोड़ना चाहिए। बैठक में उपस्थित जिला पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष एवं सभी समर्पित कार्यकर्ताओं ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक पार्टी के गया जिला अध्यक्ष नारायण प्रसाद मांझी के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। चंदन, गौरव, राजीव शर्मा, विजय कुमार, रूबी देवी, राजेश मांझी, दिवाकर सिंह, अरविंद कुमार, संतोष यादव, जोगिंदर मांझी, मिथिलेश यादव, विकास कुमार, रेणु देवी, आरसी परवीन, अरुण कुमार, देव कुमार, श्रीकांत कुमार, सुनील कुमार, माझे, गुड्डू कुमार, रीना देवी, सावित्री देवी, ललिता देवी, अभिषेक सिंह, संतोष सागर, रामसनेही माझी, रवि कुमार, मो० अजमत खान, सुदामा प्रसाद, वीरेंद्र शर्मा, महेंद्र मांझी, श्याम सुंदर भारती, पवन कुमार, रामबली मांझी, सदानंद प्रेमी आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रांची नगर निगम के घर घर को रोशन करेगी मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो....आदित्य साहू


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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज रांची गंगा नगर,हरमू में भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया।

श्री साहू ने कहा कि रोशनी खलखो एक जुझारू ,संघर्षशील प्रत्याशी है जो महिला सशक्तिकरण केलिए संकल्पित है। पिछले चुनाव में निर्विरोध पार्षद बनने वाली लोकप्रिय नेता है।श्रीमती रोशनी खलखो के दिल में रांची नगर निगम के घर घर को रोशन करने का संकल्प है।

कहा कि आज राज्य की राजधानी रांची पूरी तरह असुरक्षित हो गई है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बहन बेटियों के साथ दुष्कर्म ,लूट ,छिनताई की घटनाएं आम हो गईं है।महिलाएं घर से देर शाम निकलने में डरती हैं।

श्री साहू ने कहा कि अब तो महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी असुरक्षित हैं।कब कौन बच्चा गायब हो जाएगा,उसकी चोरी हो जाएगी ये किसी को पता नहीं ।राजधानी में बच्चा चोर गिरोह घूमता रहता है और पुलिस वसूली में लगी रहती है।

उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य से हजारों बच्चे गायब हुए हैं।सभी गरीब के बच्चे हैं लेकिन जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी,आंदोलन किए,रांची बंद की घोषणा की तो अंश ,अंशिका,कन्हैया जैसे 60 बच्चे बरामद हुए।लेकिन अभी भी सैकड़ों बच्चे लापता हैं।

कहा कि गांव नगर सभी जगह विधि व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। व्यावसायियों को धमकी मिल रही,अब तो भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को भी जान से मारने की धमकी मिल रही।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने ही गरीबों,दलितों,वंचितों ,बहन बेटियों की चिंता की।महिलाओं को 33% आरक्षण दिया। एक रूपये में 50लाख रुपए की सम्पत्ति की रजिस्ट्री भाजपा सरकार की देन थी। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण केलिए अनेक कार्य किए गए।

कहा कि भाजपा की सरकार ही महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा और महिला सम्मान केलिए समर्पित है।

कहा कि जो महिलाओं को सम्मान,सुरक्षा दे उसे ही ताकत दें। जो परेशान करे उसे पराजित करें।

कहा कि रोशनी खलखो जनभावनाओं पर खरी उतरेगी, सुख दुख की सहभागी बनेगी, घर घर की बेटी बहन बनेगी।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वरुण साहू ने भी रोशनी खलखो को बिस्किट छाप पर मुहर लगाकर भारी मतों से जीताने की अपील की। कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जीत दिलाकर राज्य की भ्रष्ट निकम्मी सरकार जो सत्ता के बल पर लोकतंत्र का गला घोंट रही उसे सबक सिखाएं।

मंच संचालन मंडल अध्यक्ष जी इंद्रजीत यादव ने किया।इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थी।

अंगदान महादान: नन्ही आलिन का त्याग पूरे देश के लिए मिसाल" – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के फैसले को मानवता की एक अमिट मिसाल बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल 'X' के माध्यम से आलिन के माता-पिता, श्रीमती शेरिन एन जॉन और श्री अरुण अब्राहम के साहस, त्याग और करुणा की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया है।

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मानवता की अटूट आस्था:

मुख्यमंत्री ने भावुक संदेश में कहा कि संतान को खोना किसी भी माता-पिता के लिए असहनीय होता है, लेकिन शोक के उस क्षण में अंगदान का निर्णय लेना असाधारण साहस का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आलिन का जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर अमर हो गई है।

केरल सरकार की संवेदनशीलता की सराहना:

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनारयी विजयन के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नन्ही आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर केरल सरकार ने मानवता के इस संदेश को और भी गौरवान्वित किया है।

झारखंड में अंगदान नीति पर बड़ा फैसला:

इस हृदयस्पर्शी घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि झारखंड राज्य में भी अंगदान की नीति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि 'अंगदान महादान' के संदेश को धरातल पर उतारा जा सके।

कन्नौज में डीएम ने निरीक्षण करते हुए कार्यो की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज।जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने तहसील सदर कन्नौज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील परिसर, उप जिलाधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय, राजस्व न्यायालय, राजस्व संग्रह, नजारत, रियल टाइम खतौनी तथा आईजीआरएस सहित विभिन्न शाखाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने तहसील परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा तहसील भवन में आवश्यकतानुसार रंगाई-पुताई कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील परिसर में स्थित अनुपयोगी भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील परिसर में नियमित एवं समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनसामान्य की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वाहन पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, शौचालय,पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील परिसर में आने वाले नागरिकों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सदर वैशाली, तहसीलदार भारत मोर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।