बाला जी मंदिर में स्थापना दिवस, सवामणी हवन व भजन कार्यक्रम आयोजित
*चौथे बड़े मंगल पर मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

गोंडा।जिले में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को हनुमान मंदिरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और जगह जगह भंडारों का आयोजन हुआ जहाँ भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया।वहीं देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में बड़े मंगल के साथ साथ मंदिर का स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है।मंगलवार सुबह छ: बजे से ही पूरे ललक स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर पर बालाजी महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ी धूप के बावजूद भक्त लंबी कतारों में लगकर दर्शन व प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।मंदिर में पूर्व की भांति इस बार 26वें सवामणी हवन का भी आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं तथा इसके साथ ही बहराइच, श्रावस्ती, लखनऊ, बाराबंकी व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्री बालाजी सरकार के भक्त भी पूरे हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।जिला मुख्यालय स्थित नई हनुमानगढ़ी मंदिर, पुरानी हनुमानगढ़ी मंदिर,गुरुनानक चौराहा,अंबेडकर चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहा सहित पूरे जिले में चौथे बड़े मंगल को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।इन आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा लगातार नजर रखा जा रहा है।पूरे ललक स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित सवामणी हवन व भंडारे के मद्देनजर भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा देहात कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स तैनात किया गया है तथा मंदिर प्रबंधन द्वारा भी वालंटियर की तैनाती की गई है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आज बड़े मंगल को पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
थाना तरबगंज पुलिस द्वारा 02 दहेज हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी तरबगंज  उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना तरबगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-175/25, धारा 80(2),85 बीएनएस व 3/4 डीपी एक्ट से सम्बन्धित 02 दहेज हत्याभियुक्तों-01. मो0 आलम, 02. सबरून निशां को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

वादी करामत अली पुत्र स्व० हसनू निवासी ग्राम कुम्हारन पुरवा, जोकाही बनघुसरा थाना कोतवाली देहात जनपद गोण्डा द्वारा थाना तरबगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि उसने अपनी पुत्री परमीना बानो की शादी नवम्बर 2025 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार मोहम्मद आलम पुत्र गुलाम मोहम्मद निवासी ग्राम दर्जी पुरवा डिडिसिया कला थाना तरबगंज जनपद गोण्डा के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति मोहम्मद आलम व उसकी माँ सबरून दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे। दिनांक 25.05.2026 को वादी को सूचना दी गयी कि उसकी पुत्री ने फांसी लगा ली है।

सूचना पर जब वादी अपने परिवार के साथ पुत्री के ससुराल पहुँचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला तथा रोशनदान से देखने पर उसकी पुत्री दुपट्टे के सहारे छत में लगे चुल्ले से लटकी हुई दिखाई दी। वादी का आरोप है कि उसकी पुत्री की हत्या दहेज की मांग को लेकर उसके पति मोहम्मद आलम एवं सास सबरून द्वारा की गयी है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना तरबगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ। जिसमें आज दिनांक 26.05.2026 को थाना तरबगंज पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर 02 दहेज हत्याभियुक्तों-01. मो0 आलम, 02. सबरून निशां को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना तरबगंज पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की

संभल।जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की।

जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका पर आज 26 मई को जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 21 जुलाई 2026 नियत की है।
आपको बता दे कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी जिस पर आज सुनवाई होनी थी।
इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी आज हुई सुनवाई में न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।
इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई की डेट आज लगाई है चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके अगेंस्ट मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है जिसके चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 21 जुलाई 2026 दी है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे चल रहा है इसलिए न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जुलाई 2026 नियत की है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की

संभल।जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की।

जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका पर आज 26 मई को जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 21 जुलाई 2026 नियत की है।
आपको बता दे कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी जिस पर आज सुनवाई होनी थी।
इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी आज हुई सुनवाई में न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।
इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई की डेट आज लगाई है चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके अगेंस्ट मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है जिसके चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 21 जुलाई 2026 दी है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे चल रहा है इसलिए न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जुलाई 2026 नियत की है।
अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

#pakistankhawajaasifrejectdonaldtrumproposalofjoinabrahamaccords

पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्वाड देश एकजुट, जानें क्या हुआ फैसला

#quadforeignministers_meeting 

देश की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की और उनके साथ इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया। क्वाड की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा। इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क से इनकार

दिल्ली में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी साझा बयान में हॉर्मूज स्ट्रेट और लाल सागर को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साफ कहा है कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्ग खुले और निर्बाध रहने चाहिए तथा किसी भी तरह के ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क को स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्वाड देशों ने अपने साझा बयान में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। हालांकि बयान में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन इसे ईरान की उस चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण और संभावित शुल्क की बात सामने आई थी।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नहीं रूकेगी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत और अमेरिका सहित क्वाड देशों ने वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्वाड ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही किसी भी कीमत पर नहीं रुकने दी जाएगी। अगर किसी ने भी इन जहाजों को रोकने की कोशिश की, तो चारों देश मिलकर उसका कड़ा विरोध करेंगे। क्वाड देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर और पारदर्शी बनाने की बात कही है। इसके लिए आपूर्ति शृंखला को मजबूत और विविध बनाया जाएगा। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए। यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।

अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है। उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई। रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है। उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्वाड सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने पर कोयलसा में खुशी की लहर, प्रधानों ने बांटी मिठाई
बूढ़नपुर, आजमगढ़। ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाये जाने की खबर के बाद विकासखंड कोयलसा क्षेत्र में ग्राम प्रधानों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष कोयलसा अमरनाथ सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष अमरनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से ग्राम प्रधानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। चर्चा चल रही थी कि 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त कर दिये जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों और उनके भुगतान को लेकर प्रधान परेशान थे। कई गांवों में विकास कार्य पूरे हो चुके थे लेकिन भुगतान प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय से ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत मिली है। अब गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी और अधूरे कार्यों को भी पूरा कराया जा सकेगा। प्रधानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है।ग्राम प्रधानों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो विश्वास ग्राम प्रधानों पर जताया है, उसका जवाब प्रधान आने वाले 2027 के चुनाव में “सूद समेत” देने का काम करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानों ने सरकार के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर प्रधान संघ उपाध्यक्ष श्रीमती दुर्गा यादव, मकरंद यादव, प्रधान संघ महामंत्री सुरेश कुमार, प्रधान संघ सचिव हरिलाल प्रजापति, प्रधान संरक्षक एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, अवधेश कुमार, रिखू पटेल, हरिओम निषाद, अंगद यादव, धर्मराज यादव, सुरजीत कुमार, सलमान, जैद सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने पर कोयलसा में खुशी की लहर, प्रधानों ने बांटी मिठाई
बूढ़नपुर, आजमगढ़। ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाये जाने की खबर के बाद विकासखंड कोयलसा क्षेत्र में ग्राम प्रधानों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष कोयलसा अमरनाथ सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष अमरनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से ग्राम प्रधानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। चर्चा चल रही थी कि 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त कर दिये जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों और उनके भुगतान को लेकर प्रधान परेशान थे। कई गांवों में विकास कार्य पूरे हो चुके थे लेकिन भुगतान प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय से ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत मिली है। अब गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी और अधूरे कार्यों को भी पूरा कराया जा सकेगा। प्रधानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है।ग्राम प्रधानों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो विश्वास ग्राम प्रधानों पर जताया है, उसका जवाब प्रधान आने वाले 2027 के चुनाव में “सूद समेत” देने का काम करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानों ने सरकार के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर प्रधान संघ उपाध्यक्ष श्रीमती दुर्गा यादव, मकरंद यादव, प्रधान संघ महामंत्री सुरेश कुमार, प्रधान संघ सचिव हरिलाल प्रजापति, प्रधान संरक्षक एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, अवधेश कुमार, रिखू पटेल, हरिओम निषाद, अंगद यादव, धर्मराज यादव, सुरजीत कुमार, सलमान, जैद सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
साझा संकलन 'मिशन सिंदूर शौर्य गाथा' का हुआ लोकार्पण
मुंबई । ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में देश के वीर जवानों को समर्पित काव्य कृति 'मिशन सिंदूर शौर्य गाथा' पुस्तक का लोकार्पण समारोह कांदिवली पूर्व में संपन्न हुआ। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ कृपाशंकर मिश्र ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में दैनिक संझा लोकस्वामी मुंबई के संपादक राकेश मणि तिवारी उपस्थित थे।सम्मानित अतिथियों में इस काव्य कृति का संपादन करने वाले वरिष्ठ कवि एवं पूर्व प्रधानाध्यापक राम सिंह,प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार तथा युगांश फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश वर्मा की विशेष उपस्थिति रही।इस पुस्तक में पहलगाम आतंकी हमले में पैदा हुई त्रासदी के बाद हमारे देश में वीर जवानों द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को केंद्र में रखते हुए देश भर के विभिन्न कवियों एवं कवियत्रियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से अपने भाव पुष्प अर्पित किए हैं जिसे नीलम पब्लिकेशन ने बड़ी प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
रतनपुर पमारान में अवैध बंगाली क्लीनिक संचालित, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

अमृतपुर फर्रुखाबाद। जनपद के विकासखंड राजेपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में एक अवैध रूप से संचालित बंगाली क्लिनिक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले करीब दो महीनों से यह क्लिनिक लगातार संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी मान्यता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के क्लिनिक चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित बंगाली डॉक्टर ने गांव में अपनी पकड़ बना ली है, जिसके चलते कुछ लोग उसके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना योग्य डिग्री और उचित जांच के इलाज किया जाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्लिनिक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर गांव के जागरूक लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेपुर प्रमित राजपूत से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “एक दिन टीम वहां पहुंची थी, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला था।”
बाला जी मंदिर में स्थापना दिवस, सवामणी हवन व भजन कार्यक्रम आयोजित
*चौथे बड़े मंगल पर मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

गोंडा।जिले में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को हनुमान मंदिरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और जगह जगह भंडारों का आयोजन हुआ जहाँ भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया।वहीं देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में बड़े मंगल के साथ साथ मंदिर का स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है।मंगलवार सुबह छ: बजे से ही पूरे ललक स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर पर बालाजी महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ी धूप के बावजूद भक्त लंबी कतारों में लगकर दर्शन व प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।मंदिर में पूर्व की भांति इस बार 26वें सवामणी हवन का भी आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं तथा इसके साथ ही बहराइच, श्रावस्ती, लखनऊ, बाराबंकी व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्री बालाजी सरकार के भक्त भी पूरे हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।जिला मुख्यालय स्थित नई हनुमानगढ़ी मंदिर, पुरानी हनुमानगढ़ी मंदिर,गुरुनानक चौराहा,अंबेडकर चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहा सहित पूरे जिले में चौथे बड़े मंगल को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।इन आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा लगातार नजर रखा जा रहा है।पूरे ललक स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित सवामणी हवन व भंडारे के मद्देनजर भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा देहात कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स तैनात किया गया है तथा मंदिर प्रबंधन द्वारा भी वालंटियर की तैनाती की गई है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आज बड़े मंगल को पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
थाना तरबगंज पुलिस द्वारा 02 दहेज हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी तरबगंज  उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना तरबगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-175/25, धारा 80(2),85 बीएनएस व 3/4 डीपी एक्ट से सम्बन्धित 02 दहेज हत्याभियुक्तों-01. मो0 आलम, 02. सबरून निशां को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

वादी करामत अली पुत्र स्व० हसनू निवासी ग्राम कुम्हारन पुरवा, जोकाही बनघुसरा थाना कोतवाली देहात जनपद गोण्डा द्वारा थाना तरबगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि उसने अपनी पुत्री परमीना बानो की शादी नवम्बर 2025 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार मोहम्मद आलम पुत्र गुलाम मोहम्मद निवासी ग्राम दर्जी पुरवा डिडिसिया कला थाना तरबगंज जनपद गोण्डा के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति मोहम्मद आलम व उसकी माँ सबरून दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे। दिनांक 25.05.2026 को वादी को सूचना दी गयी कि उसकी पुत्री ने फांसी लगा ली है।

सूचना पर जब वादी अपने परिवार के साथ पुत्री के ससुराल पहुँचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला तथा रोशनदान से देखने पर उसकी पुत्री दुपट्टे के सहारे छत में लगे चुल्ले से लटकी हुई दिखाई दी। वादी का आरोप है कि उसकी पुत्री की हत्या दहेज की मांग को लेकर उसके पति मोहम्मद आलम एवं सास सबरून द्वारा की गयी है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना तरबगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ। जिसमें आज दिनांक 26.05.2026 को थाना तरबगंज पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर 02 दहेज हत्याभियुक्तों-01. मो0 आलम, 02. सबरून निशां को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना तरबगंज पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की

संभल।जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की।

जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका पर आज 26 मई को जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 21 जुलाई 2026 नियत की है।
आपको बता दे कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी जिस पर आज सुनवाई होनी थी।
इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी आज हुई सुनवाई में न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।
इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई की डेट आज लगाई है चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके अगेंस्ट मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है जिसके चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 21 जुलाई 2026 दी है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे चल रहा है इसलिए न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जुलाई 2026 नियत की है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की

संभल।जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई नियत की।

जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका पर आज 26 मई को जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 21 जुलाई 2026 नियत की है।
आपको बता दे कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी जिस पर आज सुनवाई होनी थी।
इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी आज हुई सुनवाई में न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।
इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई की डेट आज लगाई है चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके अगेंस्ट मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है जिसके चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 21 जुलाई 2026 दी है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे चल रहा है इसलिए न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जुलाई 2026 नियत की है।
अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

#pakistankhawajaasifrejectdonaldtrumproposalofjoinabrahamaccords

पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्वाड देश एकजुट, जानें क्या हुआ फैसला

#quadforeignministers_meeting 

देश की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की और उनके साथ इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया। क्वाड की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा। इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क से इनकार

दिल्ली में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी साझा बयान में हॉर्मूज स्ट्रेट और लाल सागर को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साफ कहा है कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्ग खुले और निर्बाध रहने चाहिए तथा किसी भी तरह के ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क को स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्वाड देशों ने अपने साझा बयान में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। हालांकि बयान में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन इसे ईरान की उस चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण और संभावित शुल्क की बात सामने आई थी।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नहीं रूकेगी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत और अमेरिका सहित क्वाड देशों ने वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्वाड ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही किसी भी कीमत पर नहीं रुकने दी जाएगी। अगर किसी ने भी इन जहाजों को रोकने की कोशिश की, तो चारों देश मिलकर उसका कड़ा विरोध करेंगे। क्वाड देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर और पारदर्शी बनाने की बात कही है। इसके लिए आपूर्ति शृंखला को मजबूत और विविध बनाया जाएगा। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए। यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।

अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है। उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई। रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है। उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्वाड सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने पर कोयलसा में खुशी की लहर, प्रधानों ने बांटी मिठाई
बूढ़नपुर, आजमगढ़। ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाये जाने की खबर के बाद विकासखंड कोयलसा क्षेत्र में ग्राम प्रधानों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष कोयलसा अमरनाथ सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष अमरनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से ग्राम प्रधानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। चर्चा चल रही थी कि 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त कर दिये जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों और उनके भुगतान को लेकर प्रधान परेशान थे। कई गांवों में विकास कार्य पूरे हो चुके थे लेकिन भुगतान प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय से ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत मिली है। अब गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी और अधूरे कार्यों को भी पूरा कराया जा सकेगा। प्रधानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है।ग्राम प्रधानों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो विश्वास ग्राम प्रधानों पर जताया है, उसका जवाब प्रधान आने वाले 2027 के चुनाव में “सूद समेत” देने का काम करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानों ने सरकार के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर प्रधान संघ उपाध्यक्ष श्रीमती दुर्गा यादव, मकरंद यादव, प्रधान संघ महामंत्री सुरेश कुमार, प्रधान संघ सचिव हरिलाल प्रजापति, प्रधान संरक्षक एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, अवधेश कुमार, रिखू पटेल, हरिओम निषाद, अंगद यादव, धर्मराज यादव, सुरजीत कुमार, सलमान, जैद सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने पर कोयलसा में खुशी की लहर, प्रधानों ने बांटी मिठाई
बूढ़नपुर, आजमगढ़। ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाये जाने की खबर के बाद विकासखंड कोयलसा क्षेत्र में ग्राम प्रधानों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष कोयलसा अमरनाथ सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष अमरनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से ग्राम प्रधानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। चर्चा चल रही थी कि 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त कर दिये जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों और उनके भुगतान को लेकर प्रधान परेशान थे। कई गांवों में विकास कार्य पूरे हो चुके थे लेकिन भुगतान प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय से ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत मिली है। अब गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी और अधूरे कार्यों को भी पूरा कराया जा सकेगा। प्रधानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है।ग्राम प्रधानों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो विश्वास ग्राम प्रधानों पर जताया है, उसका जवाब प्रधान आने वाले 2027 के चुनाव में “सूद समेत” देने का काम करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानों ने सरकार के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर प्रधान संघ उपाध्यक्ष श्रीमती दुर्गा यादव, मकरंद यादव, प्रधान संघ महामंत्री सुरेश कुमार, प्रधान संघ सचिव हरिलाल प्रजापति, प्रधान संरक्षक एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, अवधेश कुमार, रिखू पटेल, हरिओम निषाद, अंगद यादव, धर्मराज यादव, सुरजीत कुमार, सलमान, जैद सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
साझा संकलन 'मिशन सिंदूर शौर्य गाथा' का हुआ लोकार्पण
मुंबई । ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में देश के वीर जवानों को समर्पित काव्य कृति 'मिशन सिंदूर शौर्य गाथा' पुस्तक का लोकार्पण समारोह कांदिवली पूर्व में संपन्न हुआ। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ कृपाशंकर मिश्र ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में दैनिक संझा लोकस्वामी मुंबई के संपादक राकेश मणि तिवारी उपस्थित थे।सम्मानित अतिथियों में इस काव्य कृति का संपादन करने वाले वरिष्ठ कवि एवं पूर्व प्रधानाध्यापक राम सिंह,प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार तथा युगांश फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश वर्मा की विशेष उपस्थिति रही।इस पुस्तक में पहलगाम आतंकी हमले में पैदा हुई त्रासदी के बाद हमारे देश में वीर जवानों द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को केंद्र में रखते हुए देश भर के विभिन्न कवियों एवं कवियत्रियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से अपने भाव पुष्प अर्पित किए हैं जिसे नीलम पब्लिकेशन ने बड़ी प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
रतनपुर पमारान में अवैध बंगाली क्लीनिक संचालित, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

अमृतपुर फर्रुखाबाद। जनपद के विकासखंड राजेपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में एक अवैध रूप से संचालित बंगाली क्लिनिक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले करीब दो महीनों से यह क्लिनिक लगातार संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी मान्यता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के क्लिनिक चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित बंगाली डॉक्टर ने गांव में अपनी पकड़ बना ली है, जिसके चलते कुछ लोग उसके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना योग्य डिग्री और उचित जांच के इलाज किया जाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्लिनिक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर गांव के जागरूक लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेपुर प्रमित राजपूत से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “एक दिन टीम वहां पहुंची थी, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला था।”