भदोही पुलिस ने वापस कराए ₹1.20 लाख:साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यक्ति को मिली राहत

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित व्यक्ति को ₹1,20,000 की धनराशि वापस दिलाई है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिकायतकर्ता जितेंद्र यादव, निवासी रमईपुर, थाना चौरी, ने 11 अक्टूबर 2025 को फोन पे के माध्यम से ₹1,20,000 स्थानांतरित करते समय गलती से यह राशि किसी दूसरे बैंक खाते में भेज दी थी।
पीड़ित ने इस संबंध में एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। भदोही जनपद की साइबर सेल ने शिकायत का अवलोकन कर उक्त पैसे पर तत्काल रोक लगवाई। इसके बाद, माननीय न्यायालय के आदेश के क्रम में पीड़ित की पूरी ₹1,20,000 की धनराशि उसके खाते में वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित जितेंद्र यादव ने पुलिस अधीक्षक भदोही और जनपदीय साइबर सेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भदोही पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। भदोही पुलिस का संकल्प है, "आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प"।
इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना/सेल के प्रभारी निरीक्षक श्री विजय प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल देवानंद सिंह और कांस्टेबल सदानंद शामिल थे।
जहानाबाद में विशेष वाहन चेकिंग अभियान, ऑटो चालकों पर कड़ी नजर
DTO के नेतृत्व में चला अभियान, 1.92 लाख रुपये से अधिक का चालान।

जहानाबाद में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर नगर क्षेत्र में चलने वाले ऑटो पर विशेष निगरानी रखी गई और उनके दस्तावेजों की सघन जांच की गई। यह अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO) करिश्मा सिंह स्वयं सड़क पर उतरकर जांच करती नजर आईं। अभियान के दौरान ऑटो चालकों से वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान लगभग 30 वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उनका चालान काटा गया। इस अभियान के दौरान करीब 1.92 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने ऑटो चालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक कागजात अद्यतन रखें और यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही ओवरलोडिंग से बचने और निर्धारित सीटों के अनुसार ही सवारी बैठाने की हिदायत दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क हादसों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम की मार से अस्पतालों में बढ़े डायरिया मरीज

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में मौसम का मिजाज थोड़ा बदल गया है। सूर्यदेव का ताप थमा तो उमस ने व्याकूल करना शुरू कर दिया। चिपचिपी गर्मी से लोगों की व्याकूलता और बढ़ जा रही हैं। सुबह हल्का ठंडा हवा चला लेकिन दस बजते ही लोगों का शरीर पसीना से भिगता रहा। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी और पीएचसी में मरीजों में अचानक वृद्धि हो गई। ओपीडी के बाहर मरीजों की संख्या इतना बढ़ गया कि रोगी फर्स पर बैठने को विवश हो गए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की माने तो गर्मियों में होने वाली तमाम बीमारियों का सिलसिला जारी है। इन दिनों लोग डायरिया, डिहाड्रेशन, त्वचा और हृदय रोग की चपेट में आ जा रहे हैं। खानपान में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर दे रही है। धूप से बचाव को लोग सिर पर गमच्छा रखने के साथ आंख में चश्मा लगाए थे। मरीजों की भीड़ देख डाक्टर हलकान नजर आए। सीएमओ डा. संतोष कुमार चक की माने तो गर्मी से बचाव को उचित उपाय करना अत्यंत जरुरी है। गर्मी में इजाफा होने से इंसान की इम्युनिटी घट जाती है। इस वजह से शरीर में कीटाणु व बैक्टीरिया आसानी से आ जाते हैं। यहीं कारण है कि लोग बीमार पड़ जाते हैं। इन दिनों तेज धूप संग धूल भरी हवा चल रहा है इस मौसम में पानी की कमी के साथ टाइफाइड, फूड प्वाइजनिंग जैसी बीमारी होती है। गन्ने के जूस में बर्फ डालकर पीना हानिकारक होता है। गर्मी में धूप से छांव में आते ही ठंडा पानी का सेवन करने से बचे। ऐसा करने पर सर्दी व बुखार होने की आशंका बढ़ जाती है। डायरिया, कांस्टिपेशन व एसिडिटी से बचाव को पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

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आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाबूलाल मरांडी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवार्ड, गरीबों-वंचितों को समर्पित किया सम्मान

नेता प्रतिपक्ष सह राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित आवास पर आकर यह अवॉर्ड नेता प्रतिपक्ष को प्रदान किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है। उसी अवॉर्ड को मेरे द्वारा उनके आवास पर जाकर उन्हें ससम्मान सौंपा गया।

इधर बाबूलाल मरांडी ने इस सम्मान को गरीबों, दलितों और वंचितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन तमाम वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा कार्य में ही समर्पित रहा है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
पीवीयूएनएल, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

पीवीयूएनएल टाउनशिप, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का शुभारंभ माननीय श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष, स्वर्णरेखा महिला समिति, श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (O&C), श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (O&M), श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित झारखंड के पांचों जोन के एरिया रीजनल अधिकारी, NEAP, EWA, SC & ST एसोसिएशन एवं SMS के कार्यकारी सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डीएवी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

नवस्थापित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रारंभिक चरण में नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा डीएवी प्रबंधन को विद्यालय में उच्चतम स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी।

पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में मनाया गया महाराष्ट्र दिवस

मुंबई। पश्चिमी उपनगर के प्रतिष्ठित श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी धूमधाम के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के संस्थापक चेयरमैन एल पी मिश्रा ने मराठी में भाषण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र दिवस, जो हर साल 1 मई को मनाया जाता है, 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है। यह दिवस मराठी भाषियों की अस्मिता, संस्कृति और 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसमें मुंबई को राज्य का हिस्सा बनाने के लिए 106 लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। हम सबको मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश द्विवेदी, प्रियंका पांडे, संतोष समेत अनेक शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।
भदोही पुलिस ने वापस कराए ₹1.20 लाख:साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यक्ति को मिली राहत

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित व्यक्ति को ₹1,20,000 की धनराशि वापस दिलाई है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिकायतकर्ता जितेंद्र यादव, निवासी रमईपुर, थाना चौरी, ने 11 अक्टूबर 2025 को फोन पे के माध्यम से ₹1,20,000 स्थानांतरित करते समय गलती से यह राशि किसी दूसरे बैंक खाते में भेज दी थी।
पीड़ित ने इस संबंध में एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। भदोही जनपद की साइबर सेल ने शिकायत का अवलोकन कर उक्त पैसे पर तत्काल रोक लगवाई। इसके बाद, माननीय न्यायालय के आदेश के क्रम में पीड़ित की पूरी ₹1,20,000 की धनराशि उसके खाते में वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित जितेंद्र यादव ने पुलिस अधीक्षक भदोही और जनपदीय साइबर सेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भदोही पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। भदोही पुलिस का संकल्प है, "आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प"।
इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना/सेल के प्रभारी निरीक्षक श्री विजय प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल देवानंद सिंह और कांस्टेबल सदानंद शामिल थे।
जहानाबाद में विशेष वाहन चेकिंग अभियान, ऑटो चालकों पर कड़ी नजर
DTO के नेतृत्व में चला अभियान, 1.92 लाख रुपये से अधिक का चालान।

जहानाबाद में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर नगर क्षेत्र में चलने वाले ऑटो पर विशेष निगरानी रखी गई और उनके दस्तावेजों की सघन जांच की गई। यह अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO) करिश्मा सिंह स्वयं सड़क पर उतरकर जांच करती नजर आईं। अभियान के दौरान ऑटो चालकों से वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान लगभग 30 वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उनका चालान काटा गया। इस अभियान के दौरान करीब 1.92 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने ऑटो चालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक कागजात अद्यतन रखें और यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही ओवरलोडिंग से बचने और निर्धारित सीटों के अनुसार ही सवारी बैठाने की हिदायत दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क हादसों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम की मार से अस्पतालों में बढ़े डायरिया मरीज

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में मौसम का मिजाज थोड़ा बदल गया है। सूर्यदेव का ताप थमा तो उमस ने व्याकूल करना शुरू कर दिया। चिपचिपी गर्मी से लोगों की व्याकूलता और बढ़ जा रही हैं। सुबह हल्का ठंडा हवा चला लेकिन दस बजते ही लोगों का शरीर पसीना से भिगता रहा। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी और पीएचसी में मरीजों में अचानक वृद्धि हो गई। ओपीडी के बाहर मरीजों की संख्या इतना बढ़ गया कि रोगी फर्स पर बैठने को विवश हो गए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की माने तो गर्मियों में होने वाली तमाम बीमारियों का सिलसिला जारी है। इन दिनों लोग डायरिया, डिहाड्रेशन, त्वचा और हृदय रोग की चपेट में आ जा रहे हैं। खानपान में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर दे रही है। धूप से बचाव को लोग सिर पर गमच्छा रखने के साथ आंख में चश्मा लगाए थे। मरीजों की भीड़ देख डाक्टर हलकान नजर आए। सीएमओ डा. संतोष कुमार चक की माने तो गर्मी से बचाव को उचित उपाय करना अत्यंत जरुरी है। गर्मी में इजाफा होने से इंसान की इम्युनिटी घट जाती है। इस वजह से शरीर में कीटाणु व बैक्टीरिया आसानी से आ जाते हैं। यहीं कारण है कि लोग बीमार पड़ जाते हैं। इन दिनों तेज धूप संग धूल भरी हवा चल रहा है इस मौसम में पानी की कमी के साथ टाइफाइड, फूड प्वाइजनिंग जैसी बीमारी होती है। गन्ने के जूस में बर्फ डालकर पीना हानिकारक होता है। गर्मी में धूप से छांव में आते ही ठंडा पानी का सेवन करने से बचे। ऐसा करने पर सर्दी व बुखार होने की आशंका बढ़ जाती है। डायरिया, कांस्टिपेशन व एसिडिटी से बचाव को पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

#sandeeppathakisintroubleafterjoining_bjp 

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाबूलाल मरांडी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवार्ड, गरीबों-वंचितों को समर्पित किया सम्मान

नेता प्रतिपक्ष सह राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित आवास पर आकर यह अवॉर्ड नेता प्रतिपक्ष को प्रदान किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है। उसी अवॉर्ड को मेरे द्वारा उनके आवास पर जाकर उन्हें ससम्मान सौंपा गया।

इधर बाबूलाल मरांडी ने इस सम्मान को गरीबों, दलितों और वंचितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन तमाम वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा कार्य में ही समर्पित रहा है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
पीवीयूएनएल, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

पीवीयूएनएल टाउनशिप, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का शुभारंभ माननीय श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष, स्वर्णरेखा महिला समिति, श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (O&C), श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (O&M), श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित झारखंड के पांचों जोन के एरिया रीजनल अधिकारी, NEAP, EWA, SC & ST एसोसिएशन एवं SMS के कार्यकारी सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डीएवी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

नवस्थापित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रारंभिक चरण में नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा डीएवी प्रबंधन को विद्यालय में उच्चतम स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी।

पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में मनाया गया महाराष्ट्र दिवस

मुंबई। पश्चिमी उपनगर के प्रतिष्ठित श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी धूमधाम के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के संस्थापक चेयरमैन एल पी मिश्रा ने मराठी में भाषण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र दिवस, जो हर साल 1 मई को मनाया जाता है, 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है। यह दिवस मराठी भाषियों की अस्मिता, संस्कृति और 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसमें मुंबई को राज्य का हिस्सा बनाने के लिए 106 लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। हम सबको मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश द्विवेदी, प्रियंका पांडे, संतोष समेत अनेक शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।