नगवा में धूमधाम से मनाया गया विश्व ब्राह्मण दिवस, चाणक्य के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
बूढ़नपुर, आजमगढ़। विकास खंड कोयलसा के नगवा गांव में रविवार को विश्व ब्राह्मण दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने महर्षि चाणक्य के जीवन, उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान तथा समाज में शिक्षा और संस्कारों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की एकजुटता,सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीकांत तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदियों से ज्ञान, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संवाहक रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामनवल पाण्डेय ने कहा कि महर्षि चाणक्य के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर समाज तथा राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद दूबे ने किया।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित होती है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक जागरूकता बढ़ती है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।इस दौरान राजू पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, धर्ममणि पाण्डेय, अशोक मिश्र, दिनेश दूबे, उमानाथ पाण्डेय, लालमन पाण्डेय, शेषनाथ पाण्डेय, हरेंद्र पाण्डेय, गोलू पाण्डेय, प्रेमसागर पाण्डेय, शीतला पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज की उन्नति, शिक्षा के प्रसार तथा आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता में यूपी के योगी ज्वाला एवं अश्वनी पाण्डेय हुए चयनित
मीरजापुर। देश में पहली बार वर्ल्ड योगासना की ओर से चार से आठ जून 2026 तक गुजरात के अहमदाबाद इका एरिना स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता में संपूर्ण विश्व से लगभग 60 ज्यादा देशों के हजारों योगासन खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। जिसमें भारत के साथ विभिन्न देशों के टेक्निकल ऑफिशियल, निर्णायक और अतिथियों का शुभागमन होने जा रहा है
इस प्रतियोगिता में यूपी के मीरजापुर जनपद का गौरव बढ़ाते हुए जाने माने राष्ट्रीय योगासन जज योग गुरु योगी ज्वाला सिंह एवं अश्विनी कुमार पाण्डेय का ( LDO ) लाइजनिंग डेवलपमेंट ऑफिसर के रूप में चयन किया गया है, जो  प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अलग अलग देशों से आये हुए योगासन खिलाड़ियों एवं कोच का ट्रेनिंग एवं मार्गदर्शन करेंगे।
इस प्रतियोगिता मे देश के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह , योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ साथ देश विदेश के जानी मानी हस्तियां विश्व योगासन प्रतियोगिता में खेल एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
इस अवसर पर वर्ल्ड योगासना एवं योगासना भारत के महासचिव डॉ जयदीप आर्य के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में सम्पूर्ण प्रतियोगिता का भव्य एवं सुंदर आयोजन सुनिश्चित हुआ है। महासचिव डॉ जयदीप आर्य एवं उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन के सचिव रोहित कौशिक ने चयनित सभी LDO को अपनी शुभकामनाएं दी। दूसरी ओर जनपद के लोगो ने भी बधाई दी है।
एक वर्ष में अपराधियों पर कसा शिकंजा, महिला सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध नियंत्रण तक कई बड़ी उपलब्धियां; उत्तर प्रदेश पुलिस ने पेश किया रिपोर्ट का
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते एक वर्ष के दौरान अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर अंकुश, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna के नेतृत्व में 31 मई 2025 से 31 मई 2026 तक के कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा जारी किया गया है। इसके साथ ही आगामी वर्षों के लिए पुलिस की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना की भी जानकारी दी गई है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पुलिस विभाग ने दस प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाकर कार्य किया, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले।

अपराधियों के खिलाफ सख्ती, दोषसिद्धि दर 93 प्रतिशत से अधिक

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत व्यापक कार्रवाई की। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 32 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 29 हजार से अधिक मामलों में दोषसिद्धि दर्ज की गई। इस दौरान 42 हजार से अधिक अपराधियों को सजा दिलाई गई। इनमें 18 अपराधियों को मृत्युदंड और 3,340 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हजारों अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 788 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं। माफिया और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर 336 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों को जब्त, ध्वस्त या कब्जामुक्त कराया गया।

लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। लूट की घटनाओं में लगभग 28 प्रतिशत, चोरी में 14 प्रतिशत और डकैती में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है। हत्या, बलवा और नकबजनी जैसे अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है।

महिला सुरक्षा को मिली नई मजबूती

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान को और मजबूत किया गया। प्रदेश के सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए और हजारों पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। महिला हेल्प डेस्क व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया।

पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद महिलाओं से जुड़े अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। बलात्कार के मामलों में करीब 34 प्रतिशत, महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामलों में 17 प्रतिशत, दहेज हत्या में लगभग 13 प्रतिशत तथा घरेलू हिंसा के मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

जन शिकायतों के निस्तारण में सुधार

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जन शिकायत पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया। लगातार निगरानी और समीक्षा के चलते लंबित शिकायतों में लगभग 28 प्रतिशत की कमी आई।

पूरे वर्ष शांतिपूर्ण रहा प्रदेश

पुलिस के अनुसार समीक्षा अवधि के दौरान प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था सफल रही। इसके अलावा होली, दीपावली, ईद तथा अन्य धार्मिक आयोजनों को भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई

साइबर अपराधों से निपटने के लिए लखनऊ में विशेष साइबर अपराध कॉल सेंटर की क्षमता को बढ़ाया गया। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए 400 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज कराई गई। साथ ही एक लाख से अधिक मोबाइल नंबर और बड़ी संख्या में मोबाइल उपकरणों की पहचान संख्या ब्लॉक कराई गई।

साइबर अपराध की जांच और रोकथाम के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया तथा प्रत्येक जोन में विशेष साइबर कमांडो तैनात किए गए।

तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा

पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित "यक्ष" नामक विशेष एप विकसित किया गया। इस प्रणाली के माध्यम से फरार अपराधियों की पहचान, गिरोहों की निगरानी, बीट पुलिसिंग और अपराध विश्लेषण जैसे कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर जोर

प्रदेश में 60 हजार से अधिक नव आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही नए आपराधिक कानूनों के संबंध में 27 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य, आर्थिक अपराध और आधुनिक जांच पद्धतियों को विशेष रूप से शामिल किया गया।

पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम

पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं। दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। बीमा सुविधाओं का विस्तार किया गया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी बजट में वृद्धि की गई।

मेधावी बच्चों के लिए छात्रावास बनाने की योजना शुरू की गई। पुलिस परिवारों के लिए स्वास्थ्य शिविर, करियर परामर्श और कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए गए।

सड़क दुर्घटनाएं कम करने की पहल

सड़क सुरक्षा को लेकर "शून्य मृत्यु जिला योजना" लागू की गई। इसके तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष टीमें तैनात की गईं। इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

आतंकवाद, मादक पदार्थ तस्करी और परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई

आतंकवाद निरोधक दस्ते, विशेष कार्य बल और मादक पदार्थ विरोधी इकाइयों ने आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार कारोबार, वन्यजीव तस्करी और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए। करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए और कई संगठित गिरोहों का पर्दाफाश किया गया।

आगामी कार्ययोजना क्या है?

उत्तर प्रदेश पुलिस ने भविष्य के लिए भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल साक्ष्यों का अधिक उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक समन व्यवस्था को मजबूत करना और समयबद्ध विवेचना को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके साथ ही माफिया, संगठित अपराधियों और आर्थिक अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ वित्तीय जांच को और मजबूत किया जाएगा। अवैध संपत्तियों, बेनामी निवेश, हवाला नेटवर्क और फर्जी कंपनियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोडीन कप सीरप मामले में छ: महीने के खरीद बिक्री के रिकॉर्ड तलब

*आपूर्तिकर्ता फर्म के भी अभिलेख खंगाल रहा औषधि प्रसाधन विभाग

गोंडा।जिले में कोडीन कप सीरप की बड़ी खेप पहुंचने के मामले में औषधि प्रसाधन विभाग व पुलिस ने जांच तेज कर दिया है।जांच का दायरा अब गोंडा से नोएडा तक बढ़ा दिया गया है।दोनों जिलों की टीमें खरीद बिक्री,भंडारण और आपूर्ति से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल कर रही है।गोंडा औषधि प्रसाधन विभाग ने गायत्री फार्मा को नोटिस जारी कर विगत छ: महीने के खरीद बिक्री का संपूर्ण ब्योरा तलब किया है।विभाग द्वारा यह जानकारी भी तलब की गई है कि फर्म ने कितनी बार कोडीन युक्त कप सीरप खरीदा और बेंचा तथा साथ ही किन चिकित्सकों के पर्चे पर यह बिक्री किया गया।विभाग ने जांच पूरी होने तक फर्म की खरीद बिक्री पर भी रोक लगा दिया है।विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद फर्म में हलतल बढ़ गई है।जिले में सीरप भेजने वाली नोएडा स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी जांच शुरू कर दी गई है।नोएडा में तैनात औषधि निरीक्षक जय सिंह ने फर्म के कार्यालय पहुंचकर खरीद व बिक्री संबंधी अभिलेखों का सत्यापन किया।उन्होंने फर्म प्रबंधन से गोंडा भेजी गई खेप, उसके प्राप्तकर्ताओं और स्टाक संबंधी विस्तृत जानकारी मांगा है तथा साथ ही सीरप के भंडारण और बिक्री को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार,थोक विक्रेता अधिकतम 1000 यूनिट तक ही स्टाक रख सकते हैं और एक बार में 100 यूनिट से अधिक की आपूर्ति नहीं कर सकते,वहीं फुटकर विक्रेताओं को अधिकतम 100 यूनिट रखने की अनुमति है।बताते चलें कि नियमों के मुताबिक किसी ग्राहक को बिना चिकित्सकीय पर्ची के यह दवा नहीं दी जा सकती तथा एक व्यक्ति को एक ही यूनिट प्रदान किया जा सकता है।दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा देना अथवा बेंचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।जिले के औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और नोएडा में जहाँ से सीरप की आपूर्ति की गई है,वहाँ भी विभागीय टीम ने पहुंचकर अभिलेखों की जांच किया है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी किया है।उन्होंने बताया कि गायत्री फार्मा से पिछले छ: महीने की खरीद बिक्री रिकॉर्ड के साथ साथ इससे पहले मंगाई गई कोडीन कप सीरप की विस्तृत जानकारी भी तलब किया है,इसके अतिरिक्त यह भी जांच की जा रही है कि सीरप किन किन लोगों को उपलब्ध कराया गया है।औषधि विभाग की मानें तो सभी पहलुओं की जांच जारी है।अभिलेख और पूछताछ से जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर संबंधित फर्मों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनगणना ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी से मारपीट, मुकदमा दर्ज


उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र में सरकारी कार्य पर निकली एक महिला कर्मचारी के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। हाफिजपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में अनुचर और वर्तमान में जनगणना (मकान सूचीकरण) कार्य में प्रगणक के रूप में तैनात उर्फी फातमा के साथ एक किराएदार ने अभद्रता की।

पीड़िता के अनुसार, जब वह हाफिजपुर क्षेत्र के मकान सूचिकारण ब्लॉक संख्या 1459 के मकान नंबर 102 में जनगणना के लिए ऊपरी मंजिल पर गईं, तो वहां रहने वाले किराएदार ओंकार नाथ यादव ने बिना किसी वजह के गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने महिला कर्मचारी के साथ लात-घूसों से मारपीट की और उन्हें सीढ़ियों से नीचे धक्का दे दिया।

घटना से आक्रोशित शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार वर्मा व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल
के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने देर रात कोल बाज बहादुर निवासीनी पीड़िता उर्फी फातिमा की तहरीर के आधार पर आरोपी ओंकार नाथ यादव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस दौरान पंकज सिंह, राजन शुक्ला, रवि पाठक, विकास राय, डॉक्टर सुरेंद्र यादव, संगम सिंह, निखिल उपाध्याय, सुशील, आशुतोष राय, राणा राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुजीत सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार यादव आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
डिजिटल मीडिया पर शोध के लिए राना सिंह को पीएचडी की गौरवपूर्ण उपाधि
जौनपुर । जनपद के धर्मापुर विकास खंड के गोविन्दपुर मनिहाँ निवासी रणजीत सिंह के पुत्र राना सिंह को सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल मध्य प्रदेश द्वारा विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है।पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले राना सिंह ने "डिजिटल मीडिया उपभोग करने में युवाओं की प्रवृत्ति का अध्ययन" विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उनकी इस उपलब्धि से पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
राना सिंह ने अपने शोध में युवाओं के बीच डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, उसके उपयोग के स्वरूप तथा सामाजिक एवं व्यवहारिक प्रभावों का गहन विश्लेषण किया। व्यापक सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण एवं वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत उनके शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों ने पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया है। उनकी मौखिकी (फाइनल वायवा) परीक्षा के दौरान शोध निर्देशक डॉ. संदीप श्रीवास्तव, विषय विशेषज्ञ डॉ. चंदन गुप्ता, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के डीन डॉ. संजीव गुप्ता, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. सुनील सहित अनेक शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां आशा सिंह और पिता रणजीत सिंह के साथ साथ अपने गुरुजनों और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दिया। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी राना सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और अध्ययनशीलता का परिणाम है, बल्कि पूरे क्षेत्र और पत्रकारिता जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राना सिंह अपने ज्ञान, शोध एवं अनुभव के माध्यम से पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेंगे तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में डिजिटल मीडिया पर किया गया यह शोध समाज, शिक्षा जगत तथा नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी और मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
राना सिंह की इस उपलब्धि पर पत्रकारिता एवं जनसंचार जगत से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
हिंदी प्रचार एवं शोध संस्थान ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की साहित्यिक संस्था हिंदी प्रचार एवं शोध संस्थान द्वारा 31 मई को भायंदर पूर्व के न्यू रविराज कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में नवनिर्वाचित परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा और मानव निर्माण के संपादक महावीर शर्मा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए एड मिश्रा ने कहा कि  संस्था के लिए जमीन और भवन उपलब्ध कराने की दिशा में समर्पित भावना के साथ लगे हुए हैं और जल्द ही हम सब का यह सपना साकार होगा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सुधाकर मिश्र, डॉ उमेश चंद्र शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा के जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, डॉ कृपाशंकर मिश्र, प्रभाकर मिश्र, रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्र, अजीत सिंह ,आरपी सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजीत शुक्ला, राकेश प्रताप सिंह, डॉ ओमप्रकाश तिवारी, भोलानाथ तिवारी, प्रवक्ता अनिल पांडे, मारकंडे त्रिपाठी , अजीत कुमार मिश्रा, विनोद मिश्रा, डॉ अशोक पांडे, विमलेश कुमार झा, अरुण दुबे समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
पंचायत सहायक कर्मचारियों ने सुल्तानपुर में किया कार्य बहिष्कार,15 जून तक का दिया अल्टीमेटम, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन*
सुल्तानपुर पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पैदल मार्च करते हुए तिकोनिया पार्क से जनपद शाखा सुल्तानपुर के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने आज सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने सरकार को 15 जून 2026 तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन और तेज किया जाएगा। समाधान नहीं तो कार्य नहीं’ का नारा पुरुष और महिला पंचायत सहायकों ने ‘समाधान नहीं तो कार्य नहीं’ का नारा लगाया। यूनियन के बैनर पर सरकार से की गई प्रमुख मांगें अंकित थीं, जिनमें मानदेय बढ़ोतरी,नियमितीकरण,सेवा नियमावली लागू करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पंचायत सहायकों को वर्तमान में मिल रहा मानदेय बहुत कम है और समय पर नहीं मिलता। साथ ही महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश और सभी के लिए और अन्य सुविधा लागू करने की बात भी कही। यूनियन जिला अध्यक्ष ने बताया कि शासन को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि 15 जून 2026 तक मांगें पूरी नहीं होतीं,तो जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा और लखनऊ में एक विशाल प्रदर्शन किया जायेगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार (मुख्यमंत्री) को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुरुष के साथ महिला पंचायत सहायक भी मौजूद रहीं। कार्य बहिष्कार के चलते जिले की कई ग्राम पंचायतों में रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित है आज।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, कंटेनर में समाई कार; महिला समेत तीन की दर्दनाक मौत, पांच जिंदगी की जंग लड़ रहे

लखनऊ । आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार देर रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से इतनी जोरदार तरीके से टकराई कि वह कंटेनर के पिछले हिस्से में समा गई। टक्कर के बाद कंटेनर चालक करीब 50 मीटर तक कार को घसीटता रहा। हादसे में महिला समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा थाना फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36.700 पर रात करीब दो बजे हुआ। बताया जा रहा है कि राजस्थान के चूरू निवासी सोहेब अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बिहार से राजस्थान लौट रहे थे। कार में कुल आठ लोग सवार थे। सफर के दौरान अचानक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण कि कार के उड़ गए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की आवाज दूर तक सुनाई दी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह कंटेनर के नीचे घुस गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में बैठे लोग लोहे के ढांचे में फंसकर चीखते रहे। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाइड्रा मशीन से काटकर निकाले गए घायल
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद विनोद कुमार मिश्र, यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी और उनकी टीम मौके पर पहुंची। कार इतनी बुरी तरह फंस चुकी थी कि घायलों को बाहर निकालना चुनौती बन गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए हाइड्रा मशीन बुलानी पड़ी। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
लेकिन तब तक एक महिला सहित तीन लोगों की सांसें थम चुकी थीं। वहीं परमिला, पूजा कुमारी, राजू, कार चालक सोहेब और छह वर्षीय अयांश गंभीर रूप से घायल मिले। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी फतेहाबाद पहुंचाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद कंटेनर चालक फरार
दुर्घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार और रिश्तेदारी से जुड़े लोगों के साथ हुए इस हादसे ने खुशियों भरे सफर को मातम में बदल दिया। कुछ ही पलों में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, जबकि पांच लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस का बयान
प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि हादसे में महिला समेत तीन लोगों की मौत हुई है और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायलों का उपचार चल रहा है। फरार कंटेनर चालक की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है।
‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ को मिल रहा दर्शकों का भरपूर प्यार, सफलता पर आयोजित हुई प्रेस वार्ता

गया। अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्षमय जीवन पर आधारित फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों का भरपूर समर्थन प्राप्त कर रही है। 29 मई को इस फिल्म को देश के लगभग पांच दर्जन प्रमुख सिनेमाघरों में एक साथ प्रीमियम रिलीज किया गया था। रिलीज के बाद से फिल्म को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

फिल्म की सफलता के उपलक्ष्य में गया स्थित एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी, निर्माता सिद्धार्थ कुमार, सुभाष दांगी, बाल कलाकार सचिन तिवारी सहित कई कलाकार एवं फिल्म से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी ने कहा कि यह फिल्म सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान के प्रतीक बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष और विचारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के निदेशक मुकुल मोहित ने सभी कलाकारों और निर्माताओं को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने फिल्म की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसी फिल्में समाज को नई दिशा देने का काम करती हैं।

प्रीमियर शो में बड़ी संख्या में दर्शकों ने फिल्म देखी और बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष, त्याग एवं विचारों को याद किया। दर्शकों ने फिल्म की कहानी और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे समाज में जागरूकता फैलाने वाली प्रेरणादायक फिल्म बताया। फिल्म के माध्यम से बाबू जगदेव प्रसाद के विचारों को देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसे लोगों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।

नगवा में धूमधाम से मनाया गया विश्व ब्राह्मण दिवस, चाणक्य के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
बूढ़नपुर, आजमगढ़। विकास खंड कोयलसा के नगवा गांव में रविवार को विश्व ब्राह्मण दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने महर्षि चाणक्य के जीवन, उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान तथा समाज में शिक्षा और संस्कारों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की एकजुटता,सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीकांत तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदियों से ज्ञान, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संवाहक रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामनवल पाण्डेय ने कहा कि महर्षि चाणक्य के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर समाज तथा राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन हरिप्रसाद दूबे ने किया।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित होती है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक जागरूकता बढ़ती है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।इस दौरान राजू पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, धर्ममणि पाण्डेय, अशोक मिश्र, दिनेश दूबे, उमानाथ पाण्डेय, लालमन पाण्डेय, शेषनाथ पाण्डेय, हरेंद्र पाण्डेय, गोलू पाण्डेय, प्रेमसागर पाण्डेय, शीतला पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज की उन्नति, शिक्षा के प्रसार तथा आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता में यूपी के योगी ज्वाला एवं अश्वनी पाण्डेय हुए चयनित
मीरजापुर। देश में पहली बार वर्ल्ड योगासना की ओर से चार से आठ जून 2026 तक गुजरात के अहमदाबाद इका एरिना स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता में संपूर्ण विश्व से लगभग 60 ज्यादा देशों के हजारों योगासन खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। जिसमें भारत के साथ विभिन्न देशों के टेक्निकल ऑफिशियल, निर्णायक और अतिथियों का शुभागमन होने जा रहा है
इस प्रतियोगिता में यूपी के मीरजापुर जनपद का गौरव बढ़ाते हुए जाने माने राष्ट्रीय योगासन जज योग गुरु योगी ज्वाला सिंह एवं अश्विनी कुमार पाण्डेय का ( LDO ) लाइजनिंग डेवलपमेंट ऑफिसर के रूप में चयन किया गया है, जो  प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अलग अलग देशों से आये हुए योगासन खिलाड़ियों एवं कोच का ट्रेनिंग एवं मार्गदर्शन करेंगे।
इस प्रतियोगिता मे देश के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह , योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ साथ देश विदेश के जानी मानी हस्तियां विश्व योगासन प्रतियोगिता में खेल एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
इस अवसर पर वर्ल्ड योगासना एवं योगासना भारत के महासचिव डॉ जयदीप आर्य के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में सम्पूर्ण प्रतियोगिता का भव्य एवं सुंदर आयोजन सुनिश्चित हुआ है। महासचिव डॉ जयदीप आर्य एवं उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन के सचिव रोहित कौशिक ने चयनित सभी LDO को अपनी शुभकामनाएं दी। दूसरी ओर जनपद के लोगो ने भी बधाई दी है।
एक वर्ष में अपराधियों पर कसा शिकंजा, महिला सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध नियंत्रण तक कई बड़ी उपलब्धियां; उत्तर प्रदेश पुलिस ने पेश किया रिपोर्ट का
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते एक वर्ष के दौरान अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर अंकुश, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna के नेतृत्व में 31 मई 2025 से 31 मई 2026 तक के कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा जारी किया गया है। इसके साथ ही आगामी वर्षों के लिए पुलिस की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना की भी जानकारी दी गई है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पुलिस विभाग ने दस प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाकर कार्य किया, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले।

अपराधियों के खिलाफ सख्ती, दोषसिद्धि दर 93 प्रतिशत से अधिक

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत व्यापक कार्रवाई की। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 32 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 29 हजार से अधिक मामलों में दोषसिद्धि दर्ज की गई। इस दौरान 42 हजार से अधिक अपराधियों को सजा दिलाई गई। इनमें 18 अपराधियों को मृत्युदंड और 3,340 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हजारों अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 788 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं। माफिया और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर 336 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों को जब्त, ध्वस्त या कब्जामुक्त कराया गया।

लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। लूट की घटनाओं में लगभग 28 प्रतिशत, चोरी में 14 प्रतिशत और डकैती में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है। हत्या, बलवा और नकबजनी जैसे अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है।

महिला सुरक्षा को मिली नई मजबूती

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान को और मजबूत किया गया। प्रदेश के सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए और हजारों पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। महिला हेल्प डेस्क व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया।

पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद महिलाओं से जुड़े अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। बलात्कार के मामलों में करीब 34 प्रतिशत, महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामलों में 17 प्रतिशत, दहेज हत्या में लगभग 13 प्रतिशत तथा घरेलू हिंसा के मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

जन शिकायतों के निस्तारण में सुधार

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जन शिकायत पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया। लगातार निगरानी और समीक्षा के चलते लंबित शिकायतों में लगभग 28 प्रतिशत की कमी आई।

पूरे वर्ष शांतिपूर्ण रहा प्रदेश

पुलिस के अनुसार समीक्षा अवधि के दौरान प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था सफल रही। इसके अलावा होली, दीपावली, ईद तथा अन्य धार्मिक आयोजनों को भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई

साइबर अपराधों से निपटने के लिए लखनऊ में विशेष साइबर अपराध कॉल सेंटर की क्षमता को बढ़ाया गया। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए 400 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज कराई गई। साथ ही एक लाख से अधिक मोबाइल नंबर और बड़ी संख्या में मोबाइल उपकरणों की पहचान संख्या ब्लॉक कराई गई।

साइबर अपराध की जांच और रोकथाम के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया तथा प्रत्येक जोन में विशेष साइबर कमांडो तैनात किए गए।

तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा

पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित "यक्ष" नामक विशेष एप विकसित किया गया। इस प्रणाली के माध्यम से फरार अपराधियों की पहचान, गिरोहों की निगरानी, बीट पुलिसिंग और अपराध विश्लेषण जैसे कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर जोर

प्रदेश में 60 हजार से अधिक नव आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही नए आपराधिक कानूनों के संबंध में 27 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य, आर्थिक अपराध और आधुनिक जांच पद्धतियों को विशेष रूप से शामिल किया गया।

पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम

पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं। दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। बीमा सुविधाओं का विस्तार किया गया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी बजट में वृद्धि की गई।

मेधावी बच्चों के लिए छात्रावास बनाने की योजना शुरू की गई। पुलिस परिवारों के लिए स्वास्थ्य शिविर, करियर परामर्श और कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए गए।

सड़क दुर्घटनाएं कम करने की पहल

सड़क सुरक्षा को लेकर "शून्य मृत्यु जिला योजना" लागू की गई। इसके तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष टीमें तैनात की गईं। इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

आतंकवाद, मादक पदार्थ तस्करी और परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई

आतंकवाद निरोधक दस्ते, विशेष कार्य बल और मादक पदार्थ विरोधी इकाइयों ने आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार कारोबार, वन्यजीव तस्करी और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए। करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए और कई संगठित गिरोहों का पर्दाफाश किया गया।

आगामी कार्ययोजना क्या है?

उत्तर प्रदेश पुलिस ने भविष्य के लिए भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल साक्ष्यों का अधिक उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक समन व्यवस्था को मजबूत करना और समयबद्ध विवेचना को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके साथ ही माफिया, संगठित अपराधियों और आर्थिक अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ वित्तीय जांच को और मजबूत किया जाएगा। अवैध संपत्तियों, बेनामी निवेश, हवाला नेटवर्क और फर्जी कंपनियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोडीन कप सीरप मामले में छ: महीने के खरीद बिक्री के रिकॉर्ड तलब

*आपूर्तिकर्ता फर्म के भी अभिलेख खंगाल रहा औषधि प्रसाधन विभाग

गोंडा।जिले में कोडीन कप सीरप की बड़ी खेप पहुंचने के मामले में औषधि प्रसाधन विभाग व पुलिस ने जांच तेज कर दिया है।जांच का दायरा अब गोंडा से नोएडा तक बढ़ा दिया गया है।दोनों जिलों की टीमें खरीद बिक्री,भंडारण और आपूर्ति से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल कर रही है।गोंडा औषधि प्रसाधन विभाग ने गायत्री फार्मा को नोटिस जारी कर विगत छ: महीने के खरीद बिक्री का संपूर्ण ब्योरा तलब किया है।विभाग द्वारा यह जानकारी भी तलब की गई है कि फर्म ने कितनी बार कोडीन युक्त कप सीरप खरीदा और बेंचा तथा साथ ही किन चिकित्सकों के पर्चे पर यह बिक्री किया गया।विभाग ने जांच पूरी होने तक फर्म की खरीद बिक्री पर भी रोक लगा दिया है।विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद फर्म में हलतल बढ़ गई है।जिले में सीरप भेजने वाली नोएडा स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी जांच शुरू कर दी गई है।नोएडा में तैनात औषधि निरीक्षक जय सिंह ने फर्म के कार्यालय पहुंचकर खरीद व बिक्री संबंधी अभिलेखों का सत्यापन किया।उन्होंने फर्म प्रबंधन से गोंडा भेजी गई खेप, उसके प्राप्तकर्ताओं और स्टाक संबंधी विस्तृत जानकारी मांगा है तथा साथ ही सीरप के भंडारण और बिक्री को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार,थोक विक्रेता अधिकतम 1000 यूनिट तक ही स्टाक रख सकते हैं और एक बार में 100 यूनिट से अधिक की आपूर्ति नहीं कर सकते,वहीं फुटकर विक्रेताओं को अधिकतम 100 यूनिट रखने की अनुमति है।बताते चलें कि नियमों के मुताबिक किसी ग्राहक को बिना चिकित्सकीय पर्ची के यह दवा नहीं दी जा सकती तथा एक व्यक्ति को एक ही यूनिट प्रदान किया जा सकता है।दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा देना अथवा बेंचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।जिले के औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और नोएडा में जहाँ से सीरप की आपूर्ति की गई है,वहाँ भी विभागीय टीम ने पहुंचकर अभिलेखों की जांच किया है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी किया है।उन्होंने बताया कि गायत्री फार्मा से पिछले छ: महीने की खरीद बिक्री रिकॉर्ड के साथ साथ इससे पहले मंगाई गई कोडीन कप सीरप की विस्तृत जानकारी भी तलब किया है,इसके अतिरिक्त यह भी जांच की जा रही है कि सीरप किन किन लोगों को उपलब्ध कराया गया है।औषधि विभाग की मानें तो सभी पहलुओं की जांच जारी है।अभिलेख और पूछताछ से जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर संबंधित फर्मों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनगणना ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी से मारपीट, मुकदमा दर्ज


उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र में सरकारी कार्य पर निकली एक महिला कर्मचारी के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। हाफिजपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में अनुचर और वर्तमान में जनगणना (मकान सूचीकरण) कार्य में प्रगणक के रूप में तैनात उर्फी फातमा के साथ एक किराएदार ने अभद्रता की।

पीड़िता के अनुसार, जब वह हाफिजपुर क्षेत्र के मकान सूचिकारण ब्लॉक संख्या 1459 के मकान नंबर 102 में जनगणना के लिए ऊपरी मंजिल पर गईं, तो वहां रहने वाले किराएदार ओंकार नाथ यादव ने बिना किसी वजह के गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने महिला कर्मचारी के साथ लात-घूसों से मारपीट की और उन्हें सीढ़ियों से नीचे धक्का दे दिया।

घटना से आक्रोशित शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार वर्मा व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल
के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने देर रात कोल बाज बहादुर निवासीनी पीड़िता उर्फी फातिमा की तहरीर के आधार पर आरोपी ओंकार नाथ यादव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस दौरान पंकज सिंह, राजन शुक्ला, रवि पाठक, विकास राय, डॉक्टर सुरेंद्र यादव, संगम सिंह, निखिल उपाध्याय, सुशील, आशुतोष राय, राणा राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुजीत सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार यादव आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
डिजिटल मीडिया पर शोध के लिए राना सिंह को पीएचडी की गौरवपूर्ण उपाधि
जौनपुर । जनपद के धर्मापुर विकास खंड के गोविन्दपुर मनिहाँ निवासी रणजीत सिंह के पुत्र राना सिंह को सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल मध्य प्रदेश द्वारा विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है।पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले राना सिंह ने "डिजिटल मीडिया उपभोग करने में युवाओं की प्रवृत्ति का अध्ययन" विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उनकी इस उपलब्धि से पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
राना सिंह ने अपने शोध में युवाओं के बीच डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, उसके उपयोग के स्वरूप तथा सामाजिक एवं व्यवहारिक प्रभावों का गहन विश्लेषण किया। व्यापक सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण एवं वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत उनके शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों ने पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया है। उनकी मौखिकी (फाइनल वायवा) परीक्षा के दौरान शोध निर्देशक डॉ. संदीप श्रीवास्तव, विषय विशेषज्ञ डॉ. चंदन गुप्ता, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के डीन डॉ. संजीव गुप्ता, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. सुनील सहित अनेक शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां आशा सिंह और पिता रणजीत सिंह के साथ साथ अपने गुरुजनों और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दिया। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी राना सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और अध्ययनशीलता का परिणाम है, बल्कि पूरे क्षेत्र और पत्रकारिता जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राना सिंह अपने ज्ञान, शोध एवं अनुभव के माध्यम से पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेंगे तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में डिजिटल मीडिया पर किया गया यह शोध समाज, शिक्षा जगत तथा नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी और मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
राना सिंह की इस उपलब्धि पर पत्रकारिता एवं जनसंचार जगत से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
हिंदी प्रचार एवं शोध संस्थान ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की साहित्यिक संस्था हिंदी प्रचार एवं शोध संस्थान द्वारा 31 मई को भायंदर पूर्व के न्यू रविराज कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में नवनिर्वाचित परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा और मानव निर्माण के संपादक महावीर शर्मा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए एड मिश्रा ने कहा कि  संस्था के लिए जमीन और भवन उपलब्ध कराने की दिशा में समर्पित भावना के साथ लगे हुए हैं और जल्द ही हम सब का यह सपना साकार होगा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सुधाकर मिश्र, डॉ उमेश चंद्र शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा के जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, डॉ कृपाशंकर मिश्र, प्रभाकर मिश्र, रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्र, अजीत सिंह ,आरपी सिंह, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजीत शुक्ला, राकेश प्रताप सिंह, डॉ ओमप्रकाश तिवारी, भोलानाथ तिवारी, प्रवक्ता अनिल पांडे, मारकंडे त्रिपाठी , अजीत कुमार मिश्रा, विनोद मिश्रा, डॉ अशोक पांडे, विमलेश कुमार झा, अरुण दुबे समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
पंचायत सहायक कर्मचारियों ने सुल्तानपुर में किया कार्य बहिष्कार,15 जून तक का दिया अल्टीमेटम, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन*
सुल्तानपुर पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पैदल मार्च करते हुए तिकोनिया पार्क से जनपद शाखा सुल्तानपुर के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने आज सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने सरकार को 15 जून 2026 तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन और तेज किया जाएगा। समाधान नहीं तो कार्य नहीं’ का नारा पुरुष और महिला पंचायत सहायकों ने ‘समाधान नहीं तो कार्य नहीं’ का नारा लगाया। यूनियन के बैनर पर सरकार से की गई प्रमुख मांगें अंकित थीं, जिनमें मानदेय बढ़ोतरी,नियमितीकरण,सेवा नियमावली लागू करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पंचायत सहायकों को वर्तमान में मिल रहा मानदेय बहुत कम है और समय पर नहीं मिलता। साथ ही महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश और सभी के लिए और अन्य सुविधा लागू करने की बात भी कही। यूनियन जिला अध्यक्ष ने बताया कि शासन को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि 15 जून 2026 तक मांगें पूरी नहीं होतीं,तो जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा और लखनऊ में एक विशाल प्रदर्शन किया जायेगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार (मुख्यमंत्री) को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुरुष के साथ महिला पंचायत सहायक भी मौजूद रहीं। कार्य बहिष्कार के चलते जिले की कई ग्राम पंचायतों में रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित है आज।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, कंटेनर में समाई कार; महिला समेत तीन की दर्दनाक मौत, पांच जिंदगी की जंग लड़ रहे

लखनऊ । आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार देर रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से इतनी जोरदार तरीके से टकराई कि वह कंटेनर के पिछले हिस्से में समा गई। टक्कर के बाद कंटेनर चालक करीब 50 मीटर तक कार को घसीटता रहा। हादसे में महिला समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा थाना फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36.700 पर रात करीब दो बजे हुआ। बताया जा रहा है कि राजस्थान के चूरू निवासी सोहेब अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बिहार से राजस्थान लौट रहे थे। कार में कुल आठ लोग सवार थे। सफर के दौरान अचानक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण कि कार के उड़ गए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की आवाज दूर तक सुनाई दी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह कंटेनर के नीचे घुस गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में बैठे लोग लोहे के ढांचे में फंसकर चीखते रहे। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाइड्रा मशीन से काटकर निकाले गए घायल
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद विनोद कुमार मिश्र, यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी और उनकी टीम मौके पर पहुंची। कार इतनी बुरी तरह फंस चुकी थी कि घायलों को बाहर निकालना चुनौती बन गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए हाइड्रा मशीन बुलानी पड़ी। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
लेकिन तब तक एक महिला सहित तीन लोगों की सांसें थम चुकी थीं। वहीं परमिला, पूजा कुमारी, राजू, कार चालक सोहेब और छह वर्षीय अयांश गंभीर रूप से घायल मिले। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी फतेहाबाद पहुंचाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद कंटेनर चालक फरार
दुर्घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार और रिश्तेदारी से जुड़े लोगों के साथ हुए इस हादसे ने खुशियों भरे सफर को मातम में बदल दिया। कुछ ही पलों में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, जबकि पांच लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस का बयान
प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि हादसे में महिला समेत तीन लोगों की मौत हुई है और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायलों का उपचार चल रहा है। फरार कंटेनर चालक की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है।
‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ को मिल रहा दर्शकों का भरपूर प्यार, सफलता पर आयोजित हुई प्रेस वार्ता

गया। अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्षमय जीवन पर आधारित फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों का भरपूर समर्थन प्राप्त कर रही है। 29 मई को इस फिल्म को देश के लगभग पांच दर्जन प्रमुख सिनेमाघरों में एक साथ प्रीमियम रिलीज किया गया था। रिलीज के बाद से फिल्म को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

फिल्म की सफलता के उपलक्ष्य में गया स्थित एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी, निर्माता सिद्धार्थ कुमार, सुभाष दांगी, बाल कलाकार सचिन तिवारी सहित कई कलाकार एवं फिल्म से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी ने कहा कि यह फिल्म सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान के प्रतीक बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष और विचारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के निदेशक मुकुल मोहित ने सभी कलाकारों और निर्माताओं को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने फिल्म की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसी फिल्में समाज को नई दिशा देने का काम करती हैं।

प्रीमियर शो में बड़ी संख्या में दर्शकों ने फिल्म देखी और बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष, त्याग एवं विचारों को याद किया। दर्शकों ने फिल्म की कहानी और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे समाज में जागरूकता फैलाने वाली प्रेरणादायक फिल्म बताया। फिल्म के माध्यम से बाबू जगदेव प्रसाद के विचारों को देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसे लोगों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।