हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

CM हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय विजेता छात्रों को दी बधाई

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई में आयोजित नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26 में झारखण्ड के स्टूडेंट्स (कक्षा 2 से 5) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा यह अत्यंत गर्व का विषय है कि झारखण्ड के नन्हें स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर मुंबई में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और वहां अपनी योग्यता साबित करना राज्य में शिक्षा की मजबूत नींव को दर्शाता है। मैं इस उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथ ही मैं उन समर्पित शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सफलता संभव हुई है। झारखण्ड सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और हमारे बच्चों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे और पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेंगे।

बच्चों ने अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया

झारखण्ड के बच्चों ने राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) चैंपियनशिप जीतने के बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया।

झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य के इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर LeapForWord के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर कक्षा 2 से 5 के बच्चों में बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों के बच्चों को भी अब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है, जो उनके समग्र विकास और आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एयर एम्बुलेंस हादसे के मृतकों के परिजनों से की मुलाकात, सरकारी मदद का दिया भरोसा

हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में एयर एम्बुलेंस क्रैश में मृत व्यक्तियों के आश्रितों ने मुलाकात की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री को आश्रित परिजनों ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिए जाने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों की बातों को

आत्मतीयता के साथ सुना तथा परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई। माननीय मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से यथोचित मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मौके पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण एवं एयर एंबुलेंस हादसा में मृत स्व० संजय कुमार के बड़े भाई श्री विजय कुमार, मृतक स्व० ध्रुव कुमार के पिता श्री दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत 23 फरवरी 2026 को बर्न इंजरी के मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में चतरा पहुंचते ही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था,

इस हादसे में मरीज संजय कुमार उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा-ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत और को- पायलट स्वराजदीप सिंह का निधन हो गया था।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

गया में पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप: सैटेलाइट टाउनशिप में सरकारी रोक के बावजूद काम जारी, DM से शिकायत

गया: गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के चपरदह गांव निवासी सुबोध कुमार ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद हो सकता है। आवेदन में कहा गया है कि विभा रानी (पति मनीष कुमार सिंह) और नीलम देवी (पति सत्य प्रकाश) परसावां स्थित जमीन पर जबरन निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपने पद और पहुंच का धौंस दिखाकर निर्माण हर हाल में जारी रखने की बात कह रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार सरकार ने 11 शहरों जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, टाउनशिप के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर जबरन निर्माण कार्य जारी है। सुबोध कुमार ने बताया कि विवादित जमीन खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 795, रकबा 1 एकड़ 66 डिसमिल है, जो परसावां गांव में स्थित है। इलाके में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस पर टिकी हुई है। मगध मेडिकल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, पुलिस के जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।

झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर आज नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़:-30 अप्रैल को मुख्य मंत्री को ज्ञापन देंगे ग्राम प्रधान
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उ प्र जनपद आजमगढ़ इकाई के सौजन्य से आगामी 30 अप्रैल को दिन में 10 बजे मा मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन ग्राम प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के संबंध में जिलाधिकारी महोदय को दिया जाएगा जिसमे संगठन के प्रदेश प्रभारी रविन्द्र राय भी उपस्थित रहेंगे इस आशय की जानकारी देते हुए मंडल अध्यक्ष अमर सिंह चौहान ने जनपद के प्रधानों एवं संगठन के सभी पदाधिकारियों से कुंवर सिंह उद्यान में समय से उपस्थित होने की अपील किया है
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

CM हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय विजेता छात्रों को दी बधाई

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई में आयोजित नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26 में झारखण्ड के स्टूडेंट्स (कक्षा 2 से 5) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा यह अत्यंत गर्व का विषय है कि झारखण्ड के नन्हें स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर मुंबई में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और वहां अपनी योग्यता साबित करना राज्य में शिक्षा की मजबूत नींव को दर्शाता है। मैं इस उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथ ही मैं उन समर्पित शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सफलता संभव हुई है। झारखण्ड सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और हमारे बच्चों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे और पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेंगे।

बच्चों ने अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया

झारखण्ड के बच्चों ने राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) चैंपियनशिप जीतने के बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया।

झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य के इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर LeapForWord के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर कक्षा 2 से 5 के बच्चों में बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों के बच्चों को भी अब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है, जो उनके समग्र विकास और आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एयर एम्बुलेंस हादसे के मृतकों के परिजनों से की मुलाकात, सरकारी मदद का दिया भरोसा

हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में एयर एम्बुलेंस क्रैश में मृत व्यक्तियों के आश्रितों ने मुलाकात की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री को आश्रित परिजनों ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिए जाने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों की बातों को

आत्मतीयता के साथ सुना तथा परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई। माननीय मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से यथोचित मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मौके पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण एवं एयर एंबुलेंस हादसा में मृत स्व० संजय कुमार के बड़े भाई श्री विजय कुमार, मृतक स्व० ध्रुव कुमार के पिता श्री दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत 23 फरवरी 2026 को बर्न इंजरी के मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में चतरा पहुंचते ही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था,

इस हादसे में मरीज संजय कुमार उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा-ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत और को- पायलट स्वराजदीप सिंह का निधन हो गया था।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

गया में पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप: सैटेलाइट टाउनशिप में सरकारी रोक के बावजूद काम जारी, DM से शिकायत

गया: गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के चपरदह गांव निवासी सुबोध कुमार ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद हो सकता है। आवेदन में कहा गया है कि विभा रानी (पति मनीष कुमार सिंह) और नीलम देवी (पति सत्य प्रकाश) परसावां स्थित जमीन पर जबरन निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपने पद और पहुंच का धौंस दिखाकर निर्माण हर हाल में जारी रखने की बात कह रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार सरकार ने 11 शहरों जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, टाउनशिप के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर जबरन निर्माण कार्य जारी है। सुबोध कुमार ने बताया कि विवादित जमीन खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 795, रकबा 1 एकड़ 66 डिसमिल है, जो परसावां गांव में स्थित है। इलाके में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस पर टिकी हुई है। मगध मेडिकल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, पुलिस के जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।

झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर आज नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़:-30 अप्रैल को मुख्य मंत्री को ज्ञापन देंगे ग्राम प्रधान
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उ प्र जनपद आजमगढ़ इकाई के सौजन्य से आगामी 30 अप्रैल को दिन में 10 बजे मा मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन ग्राम प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के संबंध में जिलाधिकारी महोदय को दिया जाएगा जिसमे संगठन के प्रदेश प्रभारी रविन्द्र राय भी उपस्थित रहेंगे इस आशय की जानकारी देते हुए मंडल अध्यक्ष अमर सिंह चौहान ने जनपद के प्रधानों एवं संगठन के सभी पदाधिकारियों से कुंवर सिंह उद्यान में समय से उपस्थित होने की अपील किया है