कटाई-मड़ाई की धूल से आंखों में जलन और चुभन, ओपीडी में बढ़े 30 फीसदी मरीज

*नेत्र विभाग में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इसमें सबसे ज्यादा किसान, आंखों में लालिमा सहित अन्य कई तरह की हो रही समस्या*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इन दिनों सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई-मंडाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल और बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में चले जा रहे हैं। इस कारण उनकी आंखों में जलन, चुभन, लालिमा सहित अन्य तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी इन दिनों मरीजों की संख्या 100 पार कर गई है। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सोमवार को 792 मरीज ओपीडी में आए। इसमें 116 मरीज आंखों की समस्या से परेशान थे। बीते पांच दिनों से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र रोग सर्जन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इन दिनों सरसों की कटाई-मड़ाई हो रही है। इससे उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। तेज धूप के कारण भी आंखें लाल हो जा रही हैं।
राजनीतिक पिछडे़पन के मुद्दों पर सुधार के लिए बहुत ही स्पष्ट और प्रखर और तरीके से अपने विचार रखें
मोनू भाटी मेरठ । अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस के अवसर पर मेरठ बायपास घाट रोड पर स्थित पंचवटी इंस्टिट्यूट में संयुक्त गुर्जर परिसंघ द्वारा सम्राट कनिष्क और महापुरुषों तथा क्रांतिकारियों की याद में एक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन मे संयुक्त गुर्जर परिसंघ के मुख्य संयोजक भोपाल सिंह गुर्जर और इंजी.जगदीश पुठठा ने गुर्जर समाज के सामाजिक कुरीतियो और राजनीतिक पिछडेपन के मुद्दों पर सुधार के लिए बहुत ही स्पष्ट और प्रखर और तरीके से अपने विचार रखें।
कार्यक्रम में मौजूद संगठन के सभी संरक्षकों और जिम्मेदार सहयोगी सदस्यों द्वारा आगामी 10 मई को सामाजिक और राजनीतिक हित के मुद्दों के उचित समाधान के लिए लिए गुर्जर समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना और जनजागृति लाने के लिए बड़ा कार्यक्रम करने के लिए अपनी ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव भी संगठन की आयोजन कमेटी को दिए गये,
कार्यक्रम के संयोजक ओर आयोजन कमेटी ने समाज हित में समर्पित भाव से निष्पक्षता से अमल करने की बात कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुर्जरसभा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने की,कार्यक्रम का संचालन संजीव प्रधान ने किया,
इस अवसर पर,नवाब सिंह चपराना,बलराज डूंगर,डॉ आदित्य गुर्जर,जितेंद्र प्रधान,सुमित प्रधान,प्रवीण प्रधान,पद्मेंद्र प्रधान,कुलदीप सिंह,सचिन चपराना,अश्वनी गुर्जर,कमरपाल फौजी,ललित गुर्जर,लवकुश शास्त्री,सुनील भड़ाना सहित संगठन सदस्यों के अलावा गुर्जर समाज के सैकड़ो जिम्मेदार व्यक्ति शामिल हुए।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार की नजर, पीएम मोदी आज लोकसभा में देंगे भाषण

#pmmodispeechtodaywestasiacrisis

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-यूएस जंग के बीच भारत की चिंता भी बढ़ती जा रही है। इसी अहम मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बयान दे सकते हैं। जहां वह मौजूदा हालात, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार पर असर और क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख साफ करे सकते हैं।

इन मुद्दों पर बोल सकते हैं पीएम मोदी

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में मौजूदा वैश्विक हालात, भारत की स्ट्रैटेजी और अपनी सरकार के रुख को स्पष्ट कर सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने इशारा किया था कि मिडिल संकट को लेकर सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीते रविवार को पीएम मोदी के साथ मंत्रियों की हुई हाई लेवल बैठक में इस बात पर चर्चा की गई।

जंग से पैदा हुए हालात की समीक्षा

ईरान की इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जारी जंग से पैदा हुए हालात पर पीएम मोदी ने रविवार शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की समीक्षा करने और प्रस्तावित राहत उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों की तरफ किए जा रहे उपायों पर एक खास प्रेजेंटेशन दिया।

जंग के प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा

कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश के समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। विषय में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की पर्याप्त सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

डीपी सिंह बैस लगातार बारहवीं बार जिला मीडिया प्रभारी बने,समर्पण और संघर्ष का मिला सम्मान।
            
                                  
बलरामपुर। भारतीय जनता पार्टी के समर्पित और जुझारू कार्यकर्ता डीपी सिंह बैस को लगातार बारहवीं बार जिला मीडिया प्रभारी बनाए जाने पर संगठन में खुशी का माहौल है। वर्ष 1990 से पार्टी से जुड़े बैस ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है।

अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत से पहले वे छात्रसंघ के महामंत्री रहे तथा जिले और प्रदेश स्तर पर छात्र एवं युवा संगठनों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 1990 में भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने भाजयुमो के नगर अध्यक्ष,जिला मंत्री,दो बार जिला महामंत्री गोन्डा बलरामपुर,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तथा जिले के विभाजन के दौरान जिला संयोजक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

डीपी सिंह बैस ने संगठन में अपनी यात्रा जमीनी स्तर से शुरू की। नगर अध्यक्ष बनने से पहले और उसके बाद भी उन्होंने पैदल चलकर सूचना पहुंचाने,प्रदर्शन आयोजित करने,दरी बिछाने,पोस्टर चिपकाने जैसे कार्य किए। कई अवसरों पर सीमित कार्यकर्ताओं और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भी उन्होंने प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।

वर्ष 2004 तक उन्होंने पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में प्रतिदिन लगभग 12 घंटे संगठन को समर्पित किए और पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों और सीमित सहयोग के बावजूद कभी अपने समर्पण में कमी नहीं आने दी।

वर्ष 1997 से लगातार मीडिया कार्य की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इसी निरंतर समर्पण,सक्रियता और संगठन के प्रति निष्ठा को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए जिला मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी पुनर्नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनकी मेहनत,ईमानदारी और संगठन के प्रति अटूट समर्पण का सम्मान बताया है।
प्रयागराज -कानपुर सेक्शन में कवच लागू

विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे ने आज, 22 मार्च 2026 को प्रयागराज– कानपुर सेक्शन (190 रूट किलोमीटर) पर 'कवच' स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। 'कवच' प्रणाली को औपचारिक तौर पर गाड़ी संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। आज इस ट्रेन के लोकोमोटिव में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री एन.पी. सिंह ने 'कवच' प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए ट्रेन संख्या 14163 में सवार होकर सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक 'फुटप्लेट निरीक्षण' भी किया।

पहले चरण में, 'कवच' को इस मार्ग पर संचालित हो रही आठ जोड़ी ट्रेनों गाड़ी संख्या 14113/14114, 14163/14164, 12307/12308, 12417/12418, 22437/22438, 15003/15004, 20433/20434, और 12403/12404 पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा अन्य  ट्रेनों और 'वंदे भारत' ट्रेनों को भी धीरे-धीरे इसमें शामिल किया जाएगा।

यह शुरुआत भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण सेक्शनों में से एक पर 160 किमी/घंटा की गति से ट्रेन चलाने, रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
सपा से आए देवी सिंह पटेल को भाजपा में मिली जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी... सोशल मीडिया पर बहस


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनापार में भारतीय जनता पार्टी के जिला पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। भाजपा के ही नेता करछना निवासी सुशील त्रिपाठी ने संगठन में जिला उपाध्यक्ष बनाए गए देवी सिंह पटेल की सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करके तंज कसा। इसी तरह करछना के अनुज शर्मा ने भी भाजपा के नवनिर्वाचित जिला उपाध्यक्ष देवी सिंह पटेल की सपा नेताओं के साथ फोटो शेयर कर बधाई देते हुए तंज कसा है।

बता दें कि हाल ही में बीजेपी यमुनापार जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला की नई टीम की घोषणा की गई। उसमें जिला उपाध्यक्ष के रूप में देवी सिंह पटेल का चयन किया गया है। देवी सिंह पटेल पूर्व विधायक राम सेवक पटेल के बेटे हैं। चर्चित संस्थान शुआट्स में वह बतौर शिक्षक भी कार्य किए। इसके अलावा वह समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ भी रहे। सोशल मीडिया पर लगातार तंज के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। कमेंट बॉक्स में लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। वहीं सपा से भाजपा में शामिल देवी सिंह पटेल को उनके समर्थक बधाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि करछना या मेजा से देवी सिंह पटेल चुनाव भी लड़ सकते हैं। दोनों विधानसभा सीटों पर देवी सिंह पटेल और उनके पिता पूर्व विधायक राम सेवक पटेल की अच्छी पैठ है।
संत कबीर सुर-ताल महोत्सव प्रतियोगिता
रमेश दूबे

संत कबीर नगर।  प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से “संत कबीर सुर-ताल महोत्सव” का आयोजन 2 मई 2026, शनिवार को प्रातः 11:00 बजे होटल शिवाय,बाईपास चौराहा, ओवर ब्रिज के दक्षिण, खलीलाबाद में किया जाएगा।

इस प्रतियोगिता में जूनियर (6–12 वर्ष) एवं सीनियर (13+ वर्ष) वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे।आयोजन "संत कबीर फिल्म  एवं टेलीविज़न वेलफेयर" द्वारा आयोजित किया जा रहा है,जिसमें सहारा चेरिटेबल ट्रस्ट व सुनहरा भविष्य वेलफेयर सोसाइटी सह आयोजक हैं।
इच्छुक प्रतिभागी 30 अप्रैल 2026 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर दैनिक अभिजीत टाइम्स एवं सामना टीवी चैनल हैं।अपना रजिस्ट्रेशन इस न0 पर कराये 9473651700 ,9792797175
पश्चिम बंगाल में ओवैसी की एंट्री, ममता की बढ़ाएंगे मुश्किल, इस पार्टी से मिलाया हाथ

#westbengalelectionsaimimasaduddinowaisidealwithhumayun_kabir 

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक बिसात पर एक ऐसी चाल चली गई है, जिसने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता बढ़ा दी हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के साथ मिलकर बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

औवैसी ने ममता बनर्जी को निशाने पर लिया

ओवैसी ने ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी को निशाने पर लिया और कहा कि राज्य में मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी है लेकिन धर्मनिरपेक्ष होकर उनसे वोट तो लेते हैं लेकिन उन्हें उनका हक और भागीदारी नहीं देते हैं। ओवैसी ने लोगों से लगा कि दुआ करें कि मजलिस और मजबूत हो। 

25 मार्च को कोलकाता में होगा संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा हमारा नुमायेंदे मुल्क के कोने कोने में कामयाब होकर गरीब की आवाज उठाएं। ममता बनर्जी बंगाल में हैं, 30 फीसदी मुस्लिम की आबादी है, लेकिन 5 लाख के करीब बैकवर्ड क्लास सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया गया। बहुत सी नाइंसाफियों की कहानियां भी हैं, मालदा में पंचायत इलेक्शन में मजलिस को 60 हजार वोट मिले थे, हम इस कहानी को आगे बढ़ाएंगे। ओवैसी 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन की रूपरेखा पेश करेंगे।

हुमायूं कबीर की पार्टी 182 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार

हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इस गठबंधन में AIMIM भी साझेदार है। ओवैसी की पार्टी लगभग 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। इधर, कबीर की पार्टी ने 18 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। हुमायूं ने भगवानगोला, नौदा, राजीनगर और मुर्शिदाबाद की सीट पर अपने प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया है।

ममता के “M” फैक्टर में सेंधमारी

ओवैसी का यह दांव सिर्फ एक चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर बंगाल के उस ‘मुस्लिम वोटबैंक’ के किले में सेंधमारी की कोशिश है, जिसे ममता बनर्जी की अजेय सत्ता की सबसे बड़ी रीढ़ माना जाता है। पश्चिम बंगाल में लगभग 27 से 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 100 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां अल्पसंख्यक मतदाता सीधे तौर पर हार-जीत का फैसला करते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में यह आबादी बहुसंख्यक की भूमिका में है। 

बीजेपी के लिए खुशी की खबर

पिछले कई चुनावों से यह वोटबैंक एकमुश्त होकर टीएमसी के पक्ष में मतदान करता आ रहा है, जिसने बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर पर बनाए रखा है। लेकिन अब ओवैसी और हुमायूं कबीर के एक साथ आने से इस वोटबैंक में बिखराव का सीधा खतरा पैदा हो गया है। अगर यह गठबंधन इन इलाकों में 10 से 15 हजार वोट भी काट ले जाता है, तो दर्जनों सीटों पर टीएमसी के उम्मीदवार औंधे मुंह गिर सकते हैं। इसल‍िए ओवैसी का यह बयान बीजेपी को भी खुश करने वाला है।

2027 से पहले गठबंधन पर संजय निषाद का बयान, आरक्षण और समाज के मुद्दों पर जोर
सुल्तानपुर। जहां भी घटना होती है मैं जाता हूं, हमारी पार्टी के लोग जाते हैं, हमारा बेटा जाता है और आवाज उठाता हूं। सब सरकार है हमारी, हम मजबूती के साथ खड़े हैं। यह बातें निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने कही। उन्होंने अपने सक्रिय राजनीतिक रुख को दोहराते हुए कहा कि हर मुद्दे पर उनकी पार्टी और कार्यकर्ता आगे रहकर आवाज उठाते हैं और जनता के बीच लगातार काम कर रहे हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के साथ खड़े होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ में था, लेकिन उन्होंने दरवाजा बंद किया तो हमें आना पड़ा। मेरे आरक्षण के मुद्दे पर एक भी प्रश्न नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा हमारी पार्टी का है, तालघाट नदी का मुद्दा हमारी पार्टी का है और विमुक्त जनजाति के पढ़ने का मुद्दा भी हमारी पार्टी का है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाजपा को आरक्षण विरोधी कहा जाता था, लेकिन 10 प्रतिशत अपर कास्ट को और 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिए जाने से यह आरोप हट गया है।

संजय निषाद ने आगे कहा कि भाजपा ने बड़े-बड़े काम किए हैं जैसे निषाद राज मंदिर और राम मंदिर का निर्माण, साथ ही मत्स्य मंत्रालय अलग करके समाज को विकास की धारा में लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी दरवाजा बंद करेगी तभी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार सब चले गए थे, लेकिन गृहमंत्री का फोन आया तो मैंने कहा कि मैं निषाद राज का वंशज हूं, हम मर्यादित लोग हैं और मर्यादित राजनीति करते हैं। निषादों का गौरवशाली इतिहास रहा है और अगर भाजपा निषाद राज की विचारधारा पर है तो यह मित्रता त्रेता की मित्रता है, जिसे साबित करने की जरूरत है।
निशातगंज हत्याकांड: 3 दिन पहले रची गई साजिश, डॉग स्क्वॉड और CCTV ने खोली पूरी सच्चाई
लखनऊ। राजधानी के निशातगंज में सामने आए निर्मला देवी हत्याकांड में अब चौंकाने वाले नए खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में लूट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल में यह मामला रिश्तों के विश्वासघात और सोची-समझी साजिश का निकला।महानगर पुलिस की जांच में सामने आया है कि मृतका की बहू रंजना ने अपने प्रेमी राजन शर्मा के साथ मिलकर तीन दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। निर्मला देवी को बहू के अवैध संबंधों की जानकारी हो गई थी और वह इसका लगातार विरोध कर रही थीं। यही विरोध उनकी हत्या की वजह बना।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। निर्मला देवी ने बहू से दूरी बनाते हुए अलग खाना बनाना शुरू कर दिया था, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसी दौरान रंजना ने अपने प्रेमी से सास को रास्ते से हटाने की बात कही।हत्या के दिन जब घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था, दोनों आरोपियों ने मिलकर निर्मला देवी के हाथ-पैर बांध दिए और साड़ी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को लूट का रूप देने के लिए घर का सामान बिखेरा गया और जेवरात चोरी कर छिपा दिए गए।
जांच के दौरान कई अहम सुराग सामने आए। घर के CCTV कैमरे बंद पाए गए, जिससे पुलिस को शक हुआ। वहीं, पड़ोस के कैमरों में दोनों आरोपी घटना के समय घर से निकलते दिखाई दिए।सबसे अहम भूमिका डॉग स्क्वॉड ने निभाई। खोजी कुत्ता सीधे राजन के पास जाकर रुक गया, जिससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया। इसके बाद हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही चोरी किए गए सभी जेवरों की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
कटाई-मड़ाई की धूल से आंखों में जलन और चुभन, ओपीडी में बढ़े 30 फीसदी मरीज

*नेत्र विभाग में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इसमें सबसे ज्यादा किसान, आंखों में लालिमा सहित अन्य कई तरह की हो रही समस्या*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इन दिनों सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई-मंडाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल और बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में चले जा रहे हैं। इस कारण उनकी आंखों में जलन, चुभन, लालिमा सहित अन्य तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी इन दिनों मरीजों की संख्या 100 पार कर गई है। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सोमवार को 792 मरीज ओपीडी में आए। इसमें 116 मरीज आंखों की समस्या से परेशान थे। बीते पांच दिनों से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र रोग सर्जन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इन दिनों सरसों की कटाई-मड़ाई हो रही है। इससे उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। तेज धूप के कारण भी आंखें लाल हो जा रही हैं।
राजनीतिक पिछडे़पन के मुद्दों पर सुधार के लिए बहुत ही स्पष्ट और प्रखर और तरीके से अपने विचार रखें
मोनू भाटी मेरठ । अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस के अवसर पर मेरठ बायपास घाट रोड पर स्थित पंचवटी इंस्टिट्यूट में संयुक्त गुर्जर परिसंघ द्वारा सम्राट कनिष्क और महापुरुषों तथा क्रांतिकारियों की याद में एक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन मे संयुक्त गुर्जर परिसंघ के मुख्य संयोजक भोपाल सिंह गुर्जर और इंजी.जगदीश पुठठा ने गुर्जर समाज के सामाजिक कुरीतियो और राजनीतिक पिछडेपन के मुद्दों पर सुधार के लिए बहुत ही स्पष्ट और प्रखर और तरीके से अपने विचार रखें।
कार्यक्रम में मौजूद संगठन के सभी संरक्षकों और जिम्मेदार सहयोगी सदस्यों द्वारा आगामी 10 मई को सामाजिक और राजनीतिक हित के मुद्दों के उचित समाधान के लिए लिए गुर्जर समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना और जनजागृति लाने के लिए बड़ा कार्यक्रम करने के लिए अपनी ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव भी संगठन की आयोजन कमेटी को दिए गये,
कार्यक्रम के संयोजक ओर आयोजन कमेटी ने समाज हित में समर्पित भाव से निष्पक्षता से अमल करने की बात कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुर्जरसभा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने की,कार्यक्रम का संचालन संजीव प्रधान ने किया,
इस अवसर पर,नवाब सिंह चपराना,बलराज डूंगर,डॉ आदित्य गुर्जर,जितेंद्र प्रधान,सुमित प्रधान,प्रवीण प्रधान,पद्मेंद्र प्रधान,कुलदीप सिंह,सचिन चपराना,अश्वनी गुर्जर,कमरपाल फौजी,ललित गुर्जर,लवकुश शास्त्री,सुनील भड़ाना सहित संगठन सदस्यों के अलावा गुर्जर समाज के सैकड़ो जिम्मेदार व्यक्ति शामिल हुए।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार की नजर, पीएम मोदी आज लोकसभा में देंगे भाषण

#pmmodispeechtodaywestasiacrisis

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-यूएस जंग के बीच भारत की चिंता भी बढ़ती जा रही है। इसी अहम मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बयान दे सकते हैं। जहां वह मौजूदा हालात, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार पर असर और क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख साफ करे सकते हैं।

इन मुद्दों पर बोल सकते हैं पीएम मोदी

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में मौजूदा वैश्विक हालात, भारत की स्ट्रैटेजी और अपनी सरकार के रुख को स्पष्ट कर सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने इशारा किया था कि मिडिल संकट को लेकर सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीते रविवार को पीएम मोदी के साथ मंत्रियों की हुई हाई लेवल बैठक में इस बात पर चर्चा की गई।

जंग से पैदा हुए हालात की समीक्षा

ईरान की इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जारी जंग से पैदा हुए हालात पर पीएम मोदी ने रविवार शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की समीक्षा करने और प्रस्तावित राहत उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों की तरफ किए जा रहे उपायों पर एक खास प्रेजेंटेशन दिया।

जंग के प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा

कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश के समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। विषय में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की पर्याप्त सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

डीपी सिंह बैस लगातार बारहवीं बार जिला मीडिया प्रभारी बने,समर्पण और संघर्ष का मिला सम्मान।
            
                                  
बलरामपुर। भारतीय जनता पार्टी के समर्पित और जुझारू कार्यकर्ता डीपी सिंह बैस को लगातार बारहवीं बार जिला मीडिया प्रभारी बनाए जाने पर संगठन में खुशी का माहौल है। वर्ष 1990 से पार्टी से जुड़े बैस ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है।

अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत से पहले वे छात्रसंघ के महामंत्री रहे तथा जिले और प्रदेश स्तर पर छात्र एवं युवा संगठनों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 1990 में भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने भाजयुमो के नगर अध्यक्ष,जिला मंत्री,दो बार जिला महामंत्री गोन्डा बलरामपुर,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तथा जिले के विभाजन के दौरान जिला संयोजक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

डीपी सिंह बैस ने संगठन में अपनी यात्रा जमीनी स्तर से शुरू की। नगर अध्यक्ष बनने से पहले और उसके बाद भी उन्होंने पैदल चलकर सूचना पहुंचाने,प्रदर्शन आयोजित करने,दरी बिछाने,पोस्टर चिपकाने जैसे कार्य किए। कई अवसरों पर सीमित कार्यकर्ताओं और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भी उन्होंने प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।

वर्ष 2004 तक उन्होंने पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में प्रतिदिन लगभग 12 घंटे संगठन को समर्पित किए और पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों और सीमित सहयोग के बावजूद कभी अपने समर्पण में कमी नहीं आने दी।

वर्ष 1997 से लगातार मीडिया कार्य की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इसी निरंतर समर्पण,सक्रियता और संगठन के प्रति निष्ठा को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए जिला मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी पुनर्नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनकी मेहनत,ईमानदारी और संगठन के प्रति अटूट समर्पण का सम्मान बताया है।
प्रयागराज -कानपुर सेक्शन में कवच लागू

विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे ने आज, 22 मार्च 2026 को प्रयागराज– कानपुर सेक्शन (190 रूट किलोमीटर) पर 'कवच' स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। 'कवच' प्रणाली को औपचारिक तौर पर गाड़ी संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। आज इस ट्रेन के लोकोमोटिव में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री एन.पी. सिंह ने 'कवच' प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए ट्रेन संख्या 14163 में सवार होकर सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक 'फुटप्लेट निरीक्षण' भी किया।

पहले चरण में, 'कवच' को इस मार्ग पर संचालित हो रही आठ जोड़ी ट्रेनों गाड़ी संख्या 14113/14114, 14163/14164, 12307/12308, 12417/12418, 22437/22438, 15003/15004, 20433/20434, और 12403/12404 पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा अन्य  ट्रेनों और 'वंदे भारत' ट्रेनों को भी धीरे-धीरे इसमें शामिल किया जाएगा।

यह शुरुआत भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण सेक्शनों में से एक पर 160 किमी/घंटा की गति से ट्रेन चलाने, रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
सपा से आए देवी सिंह पटेल को भाजपा में मिली जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी... सोशल मीडिया पर बहस


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनापार में भारतीय जनता पार्टी के जिला पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। भाजपा के ही नेता करछना निवासी सुशील त्रिपाठी ने संगठन में जिला उपाध्यक्ष बनाए गए देवी सिंह पटेल की सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करके तंज कसा। इसी तरह करछना के अनुज शर्मा ने भी भाजपा के नवनिर्वाचित जिला उपाध्यक्ष देवी सिंह पटेल की सपा नेताओं के साथ फोटो शेयर कर बधाई देते हुए तंज कसा है।

बता दें कि हाल ही में बीजेपी यमुनापार जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला की नई टीम की घोषणा की गई। उसमें जिला उपाध्यक्ष के रूप में देवी सिंह पटेल का चयन किया गया है। देवी सिंह पटेल पूर्व विधायक राम सेवक पटेल के बेटे हैं। चर्चित संस्थान शुआट्स में वह बतौर शिक्षक भी कार्य किए। इसके अलावा वह समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ भी रहे। सोशल मीडिया पर लगातार तंज के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। कमेंट बॉक्स में लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। वहीं सपा से भाजपा में शामिल देवी सिंह पटेल को उनके समर्थक बधाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि करछना या मेजा से देवी सिंह पटेल चुनाव भी लड़ सकते हैं। दोनों विधानसभा सीटों पर देवी सिंह पटेल और उनके पिता पूर्व विधायक राम सेवक पटेल की अच्छी पैठ है।
संत कबीर सुर-ताल महोत्सव प्रतियोगिता
रमेश दूबे

संत कबीर नगर।  प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से “संत कबीर सुर-ताल महोत्सव” का आयोजन 2 मई 2026, शनिवार को प्रातः 11:00 बजे होटल शिवाय,बाईपास चौराहा, ओवर ब्रिज के दक्षिण, खलीलाबाद में किया जाएगा।

इस प्रतियोगिता में जूनियर (6–12 वर्ष) एवं सीनियर (13+ वर्ष) वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे।आयोजन "संत कबीर फिल्म  एवं टेलीविज़न वेलफेयर" द्वारा आयोजित किया जा रहा है,जिसमें सहारा चेरिटेबल ट्रस्ट व सुनहरा भविष्य वेलफेयर सोसाइटी सह आयोजक हैं।
इच्छुक प्रतिभागी 30 अप्रैल 2026 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर दैनिक अभिजीत टाइम्स एवं सामना टीवी चैनल हैं।अपना रजिस्ट्रेशन इस न0 पर कराये 9473651700 ,9792797175
पश्चिम बंगाल में ओवैसी की एंट्री, ममता की बढ़ाएंगे मुश्किल, इस पार्टी से मिलाया हाथ

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पश्चिम बंगाल की राजनीतिक बिसात पर एक ऐसी चाल चली गई है, जिसने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता बढ़ा दी हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के साथ मिलकर बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

औवैसी ने ममता बनर्जी को निशाने पर लिया

ओवैसी ने ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी को निशाने पर लिया और कहा कि राज्य में मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी है लेकिन धर्मनिरपेक्ष होकर उनसे वोट तो लेते हैं लेकिन उन्हें उनका हक और भागीदारी नहीं देते हैं। ओवैसी ने लोगों से लगा कि दुआ करें कि मजलिस और मजबूत हो। 

25 मार्च को कोलकाता में होगा संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा हमारा नुमायेंदे मुल्क के कोने कोने में कामयाब होकर गरीब की आवाज उठाएं। ममता बनर्जी बंगाल में हैं, 30 फीसदी मुस्लिम की आबादी है, लेकिन 5 लाख के करीब बैकवर्ड क्लास सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया गया। बहुत सी नाइंसाफियों की कहानियां भी हैं, मालदा में पंचायत इलेक्शन में मजलिस को 60 हजार वोट मिले थे, हम इस कहानी को आगे बढ़ाएंगे। ओवैसी 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन की रूपरेखा पेश करेंगे।

हुमायूं कबीर की पार्टी 182 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार

हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इस गठबंधन में AIMIM भी साझेदार है। ओवैसी की पार्टी लगभग 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। इधर, कबीर की पार्टी ने 18 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। हुमायूं ने भगवानगोला, नौदा, राजीनगर और मुर्शिदाबाद की सीट पर अपने प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया है।

ममता के “M” फैक्टर में सेंधमारी

ओवैसी का यह दांव सिर्फ एक चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर बंगाल के उस ‘मुस्लिम वोटबैंक’ के किले में सेंधमारी की कोशिश है, जिसे ममता बनर्जी की अजेय सत्ता की सबसे बड़ी रीढ़ माना जाता है। पश्चिम बंगाल में लगभग 27 से 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 100 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां अल्पसंख्यक मतदाता सीधे तौर पर हार-जीत का फैसला करते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में यह आबादी बहुसंख्यक की भूमिका में है। 

बीजेपी के लिए खुशी की खबर

पिछले कई चुनावों से यह वोटबैंक एकमुश्त होकर टीएमसी के पक्ष में मतदान करता आ रहा है, जिसने बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर पर बनाए रखा है। लेकिन अब ओवैसी और हुमायूं कबीर के एक साथ आने से इस वोटबैंक में बिखराव का सीधा खतरा पैदा हो गया है। अगर यह गठबंधन इन इलाकों में 10 से 15 हजार वोट भी काट ले जाता है, तो दर्जनों सीटों पर टीएमसी के उम्मीदवार औंधे मुंह गिर सकते हैं। इसल‍िए ओवैसी का यह बयान बीजेपी को भी खुश करने वाला है।

2027 से पहले गठबंधन पर संजय निषाद का बयान, आरक्षण और समाज के मुद्दों पर जोर
सुल्तानपुर। जहां भी घटना होती है मैं जाता हूं, हमारी पार्टी के लोग जाते हैं, हमारा बेटा जाता है और आवाज उठाता हूं। सब सरकार है हमारी, हम मजबूती के साथ खड़े हैं। यह बातें निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने कही। उन्होंने अपने सक्रिय राजनीतिक रुख को दोहराते हुए कहा कि हर मुद्दे पर उनकी पार्टी और कार्यकर्ता आगे रहकर आवाज उठाते हैं और जनता के बीच लगातार काम कर रहे हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के साथ खड़े होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ में था, लेकिन उन्होंने दरवाजा बंद किया तो हमें आना पड़ा। मेरे आरक्षण के मुद्दे पर एक भी प्रश्न नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा हमारी पार्टी का है, तालघाट नदी का मुद्दा हमारी पार्टी का है और विमुक्त जनजाति के पढ़ने का मुद्दा भी हमारी पार्टी का है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाजपा को आरक्षण विरोधी कहा जाता था, लेकिन 10 प्रतिशत अपर कास्ट को और 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिए जाने से यह आरोप हट गया है।

संजय निषाद ने आगे कहा कि भाजपा ने बड़े-बड़े काम किए हैं जैसे निषाद राज मंदिर और राम मंदिर का निर्माण, साथ ही मत्स्य मंत्रालय अलग करके समाज को विकास की धारा में लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी दरवाजा बंद करेगी तभी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार सब चले गए थे, लेकिन गृहमंत्री का फोन आया तो मैंने कहा कि मैं निषाद राज का वंशज हूं, हम मर्यादित लोग हैं और मर्यादित राजनीति करते हैं। निषादों का गौरवशाली इतिहास रहा है और अगर भाजपा निषाद राज की विचारधारा पर है तो यह मित्रता त्रेता की मित्रता है, जिसे साबित करने की जरूरत है।
निशातगंज हत्याकांड: 3 दिन पहले रची गई साजिश, डॉग स्क्वॉड और CCTV ने खोली पूरी सच्चाई
लखनऊ। राजधानी के निशातगंज में सामने आए निर्मला देवी हत्याकांड में अब चौंकाने वाले नए खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में लूट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल में यह मामला रिश्तों के विश्वासघात और सोची-समझी साजिश का निकला।महानगर पुलिस की जांच में सामने आया है कि मृतका की बहू रंजना ने अपने प्रेमी राजन शर्मा के साथ मिलकर तीन दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। निर्मला देवी को बहू के अवैध संबंधों की जानकारी हो गई थी और वह इसका लगातार विरोध कर रही थीं। यही विरोध उनकी हत्या की वजह बना।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। निर्मला देवी ने बहू से दूरी बनाते हुए अलग खाना बनाना शुरू कर दिया था, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसी दौरान रंजना ने अपने प्रेमी से सास को रास्ते से हटाने की बात कही।हत्या के दिन जब घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था, दोनों आरोपियों ने मिलकर निर्मला देवी के हाथ-पैर बांध दिए और साड़ी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को लूट का रूप देने के लिए घर का सामान बिखेरा गया और जेवरात चोरी कर छिपा दिए गए।
जांच के दौरान कई अहम सुराग सामने आए। घर के CCTV कैमरे बंद पाए गए, जिससे पुलिस को शक हुआ। वहीं, पड़ोस के कैमरों में दोनों आरोपी घटना के समय घर से निकलते दिखाई दिए।सबसे अहम भूमिका डॉग स्क्वॉड ने निभाई। खोजी कुत्ता सीधे राजन के पास जाकर रुक गया, जिससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया। इसके बाद हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही चोरी किए गए सभी जेवरों की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।