भारत समेत 60 देशों पर नए टैरिफ से घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 25 अमेरिकी राज्यों ने ठोका केस
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति एक बार फिर चर्चा में है। डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन 25 राज्यों ने 60 देशों से आने वाले सामान पर लगाए गए नए टैरिफ के फैसले को चुनौती दी है। इन राज्यों का आरोप है कि ये नए टैरिफ फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना हैं।
नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर
सोमवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले 25 अमेरिकी राज्यों ने 60 व्यापारिक साझेदारों से आयात पर नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है। न्यूयॉर्क में अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर यह मुकदमा 10 से 12.5 फीसदी के उन टैरिफ को निशाना बनाता है। यह टैरिफ पिछले महीने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत लागू हुए थे।
राज्यों का क्या है तर्क?
अपनी शिकायत में राज्यों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का कोई मजबूत कानूनी आधार नहीं है। इतना ही नहीं, इसके लिए पर्याप्त वजह भी नहीं बताई गई। राज्यों का तर्क है कि ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को दुनिया भर की सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी रोकने के नाम पर लगाया, लेकिन दोनों के बीच कोई साफ संबंध नहीं है। याचिका में कहा गया है कि प्रभावित 60 देशों से आने वाले ज्यादातर सामान पर 10% या 12.5% टैरिफ लगाया गया है। इन देशों का अमेरिका के कुल आयात में करीब 99.4% हिस्सा है।
60 देशों के खिलाफ नया टैरिफ
नए टैरिफ तब प्रभावी हुए जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अस्थायी टैरिफ की समय सीमा समाप्त हो गई। इस टैरिफ की घोषणा 24 जुलाई को हुई थी। ये यूरोपीय संघ और भारत समेत 60 व्यापारिक साझेदारों के आयात पर लागू होते हैं। नए टैरिफ का ऐलान करते हुए US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि अमेरिका में एक सदी से जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के इंपोर्ट पर रोक है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है। अब हमारे ट्रेडिंग पार्टनर्स के लिए भी ऐसा करने का समय आ गया है।
जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका
इससे पहले के उपायों को कानूनी तौर पर काफी झटके लगे थे। इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। इससे ट्रंप की एक अहम ट्रेड पहल रद्द हो गई थी।
अब ट्रेड एक्ट की धारा 301 का रूख
अब ट्रंप 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत अधिक स्थायी टैरिफ लगा रहे हैं। यह धारा राष्ट्रपति को अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल देशों के खिलाफ आयात कर लगाने की अनुमति देती है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर बड़े टैरिफ लगाने के लिए धारा 301 का इस्तेमाल किया था, और वे अदालती चुनौतियों में भी टिके रहे थे।





सावन की प्रथम सोमवारी पर रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर शिवभक्ति और आस्था से सराबोर रहा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारीबाग यूथ विंग द्वारा मंदिर परिसर में सेवा शिविर लगाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के बीच दूध, बेलपत्र एवं पूजन सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। पूजन सामग्री में अगरबत्ती, माचिस सहित पूजा-अर्चना में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी शामिल थी। संस्था की ओर से प्रथम सोमवारी पर कुल 51 लीटर दूध का वितरण किया गया। सावन की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं एवं सदस्यों में सेवा शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ उठाया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी सेवा शिविर पहुंचे और स्वयं श्रद्धालुओं के बीच दूध एवं पूजन सामग्री का वितरण किया। आगमन पर हजारीबाग यूथ विंग के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित कर उनका अभिनंदन किया। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने सावन की प्रथम सोमवारी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय एवं प्रेरणादायी कार्य कर रही है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी संस्था की सक्रिय भूमिका प्रशंसनीय है। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इस सेवा कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाजहित में कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि सावन का महीना केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का भी संदेश देता है। हजारीबाग यूथ विंग का प्रयास है कि भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा मिले और सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग एवं समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग विगत कई वर्षों से सावन माह में सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है। आगे भी संस्था सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सेवा पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी। श्रद्धालुओं की सेवा ही संस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य है। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश,उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक संजय कुमार,विकाश केशरी,डॉक्टर बी वेंकटेश, कार्यकारणी सदस्य रोहित बजाज,रंजन चौधरी,सत्यनारायण सिंह,वर्षा डे,सनी देव,कैलाश कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी मुहिम “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने सोमवार को कटकमसांडी प्रखंड के धरहरा में फलदार पौधों का पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
हजारीबाग। उपायुक्त हेमंत सती एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर शशि जायसवाल के निर्देशानुसार सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ईचाक (बोंगा) में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-02 अम्बरीश पाण्डेय ने किया।
1 hour and 14 min ago
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