गुजरात में चांदीपुरा वायरस का कहर, अब तक 22 बच्चों की गई जान, जानें कैसे फैलता है, क्या हैं लक्षण

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गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बच्चों को प्रभावित करने वाले इस घातक वायरस के संदिग्ध मामलों के बीच अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक सामने आए 184 संदिग्ध मामलों में से 35 की पुष्टि हुई है। राज्य सरकार ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हाई अलर्ट पर रखते हुए रोकथाम और इलाज के विशेष इंतजाम किए हैं।

वायरस ने ली 22 बच्चों की जान

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि राज्य में सामने आए सभी संदिग्ध मामलों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। अब तक कुल 184 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 35 में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। 11 सैंपल के नतीजों का अभी भी इंतजार है। मंत्री ने बताया कि अब तक सामने आए संदिग्ध मामलों में से 22 बच्चों की इस वायरस के कारण मौत हो चुकी है।

सात सक्रिय मरीजों का इलाज जारी

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, गांधीनगर, साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर, पाटन, राजकोट और भावनगर के सरकारी अस्पतालों में भर्ती बच्चों का खास इलाज किया जा रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए हैं। वायरस की पुष्टि वाले सात मरीजों का अभी राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि 6 मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस (CHPV) कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी घातकता इसे बेहद डरावना बनाती है। इस वायरस की पहली बार पहचान साल 1965 में महाराष्ट्र के 'चांदीपुरा' नाम के गांव में हुई थी, जिसकी वजह से इसका नाम चांदीपुरा पड़ा। यह एक प्रकार का आरएनए वायरस है, जो मुख्य रूप से दिमाग में गंभीर सूजन और संक्रमण पैदा करता है। यह वायरस 9 महीने के शिशु से लेकर 14 साल तक के बच्चों को सबसे जल्दी अपना शिकार बनाता है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण यह उनके शरीर पर बहुत तेजी से हमला करता है।

कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस छुआछूत की बीमारी नहीं है यानी यह एक इंसान से दूसरे इंसान में सीधे नहीं फैलता। इसके फैलने का असली कारण कीट-पतंगे हैं।

• सैंडफ्लाई (बालू मक्खी)- यह इस वायरस को फैलाने वाला सबसे प्रमुख कीट है। बालू मक्खियां अक्सर कच्चे घरों, मिट्टी की दीवारों की दरारों और सीलन वाली जगहों पर पाई जाती हैं।

• मच्छर और किल्लनी- सैंडफ्लाई के अलावा कुछ खास तरह के मच्छर और किल्लनी भी इस वायरस के वाहक बनते हैं।

बारिश के मौसम में जब नमी और सीलन बढ़ती है, तब इन बालू मक्खियों का प्रजनन तेजी से होता है। इसी वजह से मानसून के समय इस वायरस के मामले अचानक बढ़ जाते हैं।

क्या हैं वायरस के लक्षण?

संक्रमण के शुरुआत में इसके लक्षण किसी सामान्य फ्लू या दिमागी बुखार जैसे ही लगते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति काफी बिगड़ सकती है। प्रमुख लक्षणों इस प्रकार हैं-

• अचानक तेज बुखार आना

• उल्टी और दस्त होना

• सिर में तेज दर्द और सुस्ती महसूस होना

• दौरे पड़ना या शरीर का ऐंठना

• बेहोशी छाना या बच्चे का भ्रमित स्थिति में जाना

डॉक्टरों के अनुसार, जब यह वायरस दिमाग पर असर डालता है, जिसे मेडिकल भाषा में एन्सेफलाइटिस कहते हैं, तो बेहोशी छा जाती है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को एक साथ नाकाम कर सकता है।

भारत समेत 60 देशों पर नए टैरिफ से घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 25 अमेरिकी राज्यों ने ठोका केस

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति एक बार फिर चर्चा में है। डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन 25 राज्यों ने 60 देशों से आने वाले सामान पर लगाए गए नए टैरिफ के फैसले को चुनौती दी है। इन राज्यों का आरोप है कि ये नए टैरिफ फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना हैं।

नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर

सोमवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले 25 अमेरिकी राज्यों ने 60 व्यापारिक साझेदारों से आयात पर नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है। न्यूयॉर्क में अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर यह मुकदमा 10 से 12.5 फीसदी के उन टैरिफ को निशाना बनाता है। यह टैरिफ पिछले महीने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत लागू हुए थे।

राज्यों का क्या है तर्क?

अपनी शिकायत में राज्यों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का कोई मजबूत कानूनी आधार नहीं है। इतना ही नहीं, इसके लिए पर्याप्त वजह भी नहीं बताई गई। राज्यों का तर्क है कि ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को दुनिया भर की सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी रोकने के नाम पर लगाया, लेकिन दोनों के बीच कोई साफ संबंध नहीं है। याचिका में कहा गया है कि प्रभावित 60 देशों से आने वाले ज्यादातर सामान पर 10% या 12.5% टैरिफ लगाया गया है। इन देशों का अमेरिका के कुल आयात में करीब 99.4% हिस्सा है।

60 देशों के खिलाफ नया टैरिफ

नए टैरिफ तब प्रभावी हुए जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अस्थायी टैरिफ की समय सीमा समाप्त हो गई। इस टैरिफ की घोषणा 24 जुलाई को हुई थी। ये यूरोपीय संघ और भारत समेत 60 व्यापारिक साझेदारों के आयात पर लागू होते हैं। नए टैरिफ का ऐलान करते हुए US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि अमेरिका में एक सदी से जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के इंपोर्ट पर रोक है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है। अब हमारे ट्रेडिंग पार्टनर्स के लिए भी ऐसा करने का समय आ गया है।

जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका

इससे पहले के उपायों को कानूनी तौर पर काफी झटके लगे थे। इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। इससे ट्रंप की एक अहम ट्रेड पहल रद्द हो गई थी।

अब ट्रेड एक्ट की धारा 301 का रूख

अब ट्रंप 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत अधिक स्थायी टैरिफ लगा रहे हैं। यह धारा राष्ट्रपति को अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल देशों के खिलाफ आयात कर लगाने की अनुमति देती है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर बड़े टैरिफ लगाने के लिए धारा 301 का इस्तेमाल किया था, और वे अदालती चुनौतियों में भी टिके रहे थे।

आधार में जन्मतिथि बदलकर 6 साल तक हुआ शोषण, झारखंड की नाबालिग दिल्ली से रेस्क्यू

नई दिल्ली/रांची :-झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक 16 वर्षीय किशोरी, जो लगभग छह वर्ष पूर्व मानव तस्करी का शिकार हो गई थी, को दिल्ली में चलाए गए एक संयुक्त बचाव अभियान के दौरान सकुशल मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, मिशन मुक्ति फाउंडेशन तथा रेस्क्यू टीम के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

बचाव के बाद पीड़िता की काउंसलिंग के दौरान मानव तस्करी से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए। पीड़िता ने बताया कि उसे नाबालिग अवस्था में झारखंड से बहला-फुसलाकर दिल्ली लाया गया, जहां उससे जबरन घरेलू कार्य कराया गया। इसके बाद उसे मुंबई भेज दिया गया और अंततः एक लाख रुपये में बेचकर एक अज्ञात पंजाबी व्यक्ति से जबरन विवाह करा दिया गया। इस दौरान उसे लगातार मानसिक एवं शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी थाना में मानव तस्करी, धोखाधड़ी एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़िता के आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर उसे बालिग दर्शाया, ताकि उसकी वास्तविक आयु छिपाई जा सके तथा मानव तस्करी एवं शोषण को वैध रूप देने का प्रयास किया जा सके। पुलिस इस दस्तावेजी फर्जीवाड़े की भी विस्तृत जांच कर रही है।

यह संपूर्ण कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त श्री अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न की गई, जिनके समन्वय से विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित कर पीड़िता का सफलतापूर्वक रेस्क्यू सुनिश्चित किया गया।

जांच में मानव तस्करी गिरोह में प्रतिमा गुप्ता (निवासी गुमला), हेमंत गुप्ता, विशाल गुप्ता, मनीष भारती एवं मीना देवी के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि दिल्ली के रोहिणी स्थित राम विहार क्षेत्र से संचालित इनकी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पीड़िता को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया था। पुलिस एजेंसी की भूमिका, उससे जुड़े नेटवर्क तथा इस मानव तस्करी रैकेट में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार यह मामला संगठित मानव तस्करी नेटवर्क, दस्तावेजों में हेरफेर, बाल श्रम तथा जबरन विवाह जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा प्रतीत होता है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने में जुटी हैं।

मानव तस्करी के विरुद्ध झारखंड सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पीड़िता को आवश्यक कानूनी सहायता, काउंसलिंग तथा पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत संबंधित विभागों के समन्वय से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है तथा मानव तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है।

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Homeopathy in Hyderabad for Prostate Problems: Supporting Men's Health with Personalized Care

Looking for homeopathy in Hyderabad for prostate problems? Spiritual Homeopathy offers personalized consultations and holistic care to support better prostate and urinary health.

Prostate problems are a common concern that can affect men as they age, often influencing urinary function and overall comfort. The prostate gland is located below the bladder and surrounds part of the urethra. When the gland enlarges or develops other conditions, it may lead to changes in normal urination and disrupt daily activities. Recognizing the symptoms early and seeking appropriate medical guidance can help improve quality of life. For those exploring homeopathy in Hyderabad, personalized care offers a holistic way to support overall health.

Typical symptoms of prostate problems include increased frequency of urination, waking up multiple times at night to pass urine, difficulty starting urination, weak urine flow, urgency, incomplete emptying of the bladder, and discomfort in the lower pelvic area. Since these symptoms may resemble those of other urinary conditions, a proper medical assessment is essential before beginning any treatment.

Several factors can increase the likelihood of prostate disorders. Advancing age is the most common risk factor, while family history, hormonal changes, obesity, lack of regular exercise, unhealthy dietary habits, and chronic inflammation may also contribute. Maintaining a healthy lifestyle and attending routine health check-ups are important steps toward preserving prostate health.

Many people choose homeopathy in Hyderabad because it emphasizes individualized care instead of a standard treatment approach. Every consultation is based on a detailed understanding of the patient's symptoms, medical history, lifestyle, and overall health. This personalized evaluation allows treatment to be planned according to the unique needs of each individual. Homeopathy in Hyderabad focuses on supporting the body's natural healing response and improving overall well-being through a comprehensive and patient-centered approach. As a result, homeopathy in Hyderabad is often preferred by individuals looking for holistic care for chronic health concerns.

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CEO झारखण्ड का आह्वान: 5 अगस्त से शुरू होगा युवा मतदाता जोड़ने का विशेष अभियान

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिक का मतदाता सूची में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है। राज्य के अधिकांश युवा मतदाता किसी न किसी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थान से जुड़े हुए हैं। इसलिए सभी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें तथा भारत निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्रदान करें। श्री के. रवि कुमार सोमवार को निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद फॉर्म-6 के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ने हेतु राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक तक मतदाता पंजीकरण की जानकारी पहुँचाना निर्वाचन तंत्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाने का आह्वान किया।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य/निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के समन्वय से अपने-अपने परिसर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, पंजीकरण शिविर तथा हेल्प डेस्क का आयोजन करें, ताकि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अथवा 1 अक्टूबर, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र युवाओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी जिलों को युवा मतदाताओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। शैक्षणिक संस्थान जिला निर्वाचन कार्यालय से समन्वय स्थापित कर इन प्रचार-प्रसार सामग्रियों का उपयोग अपने परिसर में आयोजित पंजीकरण शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में कर सकते हैं।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान समय के अधिकांश नए मतदाता सोशल मीडिया का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं। इसलिए उन्हें विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में सम्मिलित न हो, इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बाड़ा, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक श्री जॉर्ज कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी (लोहरदगा) श्री संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह तथा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, संस्थानों के प्राचार्य/निदे

शक उपस्थित थे।

सावन की पहली सोमवारी पर हजारीबाग यूथ विंग का सेवा शिविर, श्रद्धालुओं के बीच बांटी गई पूजन सामग्री

सावन की प्रथम सोमवारी पर रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर शिवभक्ति और आस्था से सराबोर रहा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारीबाग यूथ विंग द्वारा मंदिर परिसर में सेवा शिविर लगाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के बीच दूध, बेलपत्र एवं पूजन सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। पूजन सामग्री में अगरबत्ती, माचिस सहित पूजा-अर्चना में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी शामिल थी। संस्था की ओर से प्रथम सोमवारी पर कुल 51 लीटर दूध का वितरण किया गया। सावन की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं एवं सदस्यों में सेवा शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ उठाया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी सेवा शिविर पहुंचे और स्वयं श्रद्धालुओं के बीच दूध एवं पूजन सामग्री का वितरण किया। आगमन पर हजारीबाग यूथ विंग के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित कर उनका अभिनंदन किया। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने सावन की प्रथम सोमवारी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय एवं प्रेरणादायी कार्य कर रही है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी संस्था की सक्रिय भूमिका प्रशंसनीय है। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इस सेवा कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाजहित में कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि सावन का महीना केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का भी संदेश देता है। हजारीबाग यूथ विंग का प्रयास है कि भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा मिले और सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग एवं समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग विगत कई वर्षों से सावन माह में सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है। आगे भी संस्था सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सेवा पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी। श्रद्धालुओं की सेवा ही संस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य है। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश,उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक संजय कुमार,विकाश केशरी,डॉक्टर बी वेंकटेश, कार्यकारणी सदस्य रोहित बजाज,रंजन चौधरी,सत्यनारायण सिंह,वर्षा डे,सनी देव,कैलाश कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहें।

चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल, चांदी का पायल और नकदी बरामद

हजारीबाग: बड़कागांव थाना क्षेत्र के ग्राम महगाईखुर्द में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने त्वरित उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए तीन मोबाइल फोन, चांदी का एक जोड़ी पायल तथा 11,600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, महगाईखुर्द गांव में अज्ञात अपराधियों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में वादी ने 31 जुलाई 2026 को बड़कागांव थाना में लिखित आवेदन दिया। इसके आधार पर बड़कागांव थाना कांड संख्या 136/26, दिनांक 31 जुलाई 2026 को धारा 341(4)/305(A) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काशिफ खान उर्फ अंसर इमाम, पिता सफदर इमाम, निवासी बादम तथा अशहर रजा उर्फ मो. राजा, पिता मो. कलाम, निवासी कनकीडाड़ी, डाड़ीकला, थाना बड़कागांव, जिला हजारीबाग के रूप में हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए तीन मोबाइल फोन, चांदी का एक जोड़ी पायल तथा 11,600 रुपये नकद बरामद किए गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया पौधारोपण, एक लाख पौधे लगाने का लिया संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी मुहिम “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने सोमवार को कटकमसांडी प्रखंड के धरहरा में फलदार पौधों का पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण और पर्यावरण का संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ उनका पौधारोपण अभियान विगत कई वर्षों से निरंतर चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी एक लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा स्थानीय लोगों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगा।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ, हरित एवं समृद्ध हजारीबाग के निर्माण का संकल्प साकार होगा। 

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रामकुमार मेहता, सुमन राय, कालेश्वर रजक, विनोद सिंह, अशोक राणा, मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, शिवपाल यादव, प्रदीप मिश्रा, बिजूल देवी, पूर्व सांसद प्रतिनिधि मुनेश ठाकुर, गदोखर के मुखिया नारायण साव, रामू राम, महामंत्री वीरेंद्र ओझा, वीरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र शुक्ला, गोविंद यादव, बजरंग साव, राजेश ठाकुर, पवन गिरी, बैजनाथ यादव, राजेंद्र ठाकुर, उपेन्द्र शर्मा, रमेश राम, मनीष चौधरी, परमेश्वर यादव, राजेश यादव सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में खाद्य सुरक्षा टीम का औचक निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे

हजारीबाग। उपायुक्त हेमंत सती एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर शशि जायसवाल के निर्देशानुसार सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ईचाक (बोंगा) में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-02 अम्बरीश पाण्डेय ने किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से उसना चावल, अरहर दाल, आटा, मसूर दाल एवं चूड़ा के नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम (रांची) भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यकतानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने विद्यालय प्रबंधन एवं रसोई कर्मियों को रसोईघर की प्रतिदिन समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान एप्रन एवं टोपी का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा रसोईघर को कीट, चूहे, मक्खियों एवं छिपकलियों से पूरी तरह मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए कहा गया।

इस दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-01 मो. मंजर हुसैन, विकास शर्मा, सूरज कुमार एवं धनेश्वर प्रसाद कुशवाहा भी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने बताया कि विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के औचक निरीक्षण एवं खाद्य नमूना संग्रह की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

गुजरात में चांदीपुरा वायरस का कहर, अब तक 22 बच्चों की गई जान, जानें कैसे फैलता है, क्या हैं लक्षण

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गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बच्चों को प्रभावित करने वाले इस घातक वायरस के संदिग्ध मामलों के बीच अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक सामने आए 184 संदिग्ध मामलों में से 35 की पुष्टि हुई है। राज्य सरकार ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हाई अलर्ट पर रखते हुए रोकथाम और इलाज के विशेष इंतजाम किए हैं।

वायरस ने ली 22 बच्चों की जान

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि राज्य में सामने आए सभी संदिग्ध मामलों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। अब तक कुल 184 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 35 में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। 11 सैंपल के नतीजों का अभी भी इंतजार है। मंत्री ने बताया कि अब तक सामने आए संदिग्ध मामलों में से 22 बच्चों की इस वायरस के कारण मौत हो चुकी है।

सात सक्रिय मरीजों का इलाज जारी

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, गांधीनगर, साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर, पाटन, राजकोट और भावनगर के सरकारी अस्पतालों में भर्ती बच्चों का खास इलाज किया जा रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए हैं। वायरस की पुष्टि वाले सात मरीजों का अभी राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि 6 मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस (CHPV) कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी घातकता इसे बेहद डरावना बनाती है। इस वायरस की पहली बार पहचान साल 1965 में महाराष्ट्र के 'चांदीपुरा' नाम के गांव में हुई थी, जिसकी वजह से इसका नाम चांदीपुरा पड़ा। यह एक प्रकार का आरएनए वायरस है, जो मुख्य रूप से दिमाग में गंभीर सूजन और संक्रमण पैदा करता है। यह वायरस 9 महीने के शिशु से लेकर 14 साल तक के बच्चों को सबसे जल्दी अपना शिकार बनाता है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण यह उनके शरीर पर बहुत तेजी से हमला करता है।

कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस छुआछूत की बीमारी नहीं है यानी यह एक इंसान से दूसरे इंसान में सीधे नहीं फैलता। इसके फैलने का असली कारण कीट-पतंगे हैं।

• सैंडफ्लाई (बालू मक्खी)- यह इस वायरस को फैलाने वाला सबसे प्रमुख कीट है। बालू मक्खियां अक्सर कच्चे घरों, मिट्टी की दीवारों की दरारों और सीलन वाली जगहों पर पाई जाती हैं।

• मच्छर और किल्लनी- सैंडफ्लाई के अलावा कुछ खास तरह के मच्छर और किल्लनी भी इस वायरस के वाहक बनते हैं।

बारिश के मौसम में जब नमी और सीलन बढ़ती है, तब इन बालू मक्खियों का प्रजनन तेजी से होता है। इसी वजह से मानसून के समय इस वायरस के मामले अचानक बढ़ जाते हैं।

क्या हैं वायरस के लक्षण?

संक्रमण के शुरुआत में इसके लक्षण किसी सामान्य फ्लू या दिमागी बुखार जैसे ही लगते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति काफी बिगड़ सकती है। प्रमुख लक्षणों इस प्रकार हैं-

• अचानक तेज बुखार आना

• उल्टी और दस्त होना

• सिर में तेज दर्द और सुस्ती महसूस होना

• दौरे पड़ना या शरीर का ऐंठना

• बेहोशी छाना या बच्चे का भ्रमित स्थिति में जाना

डॉक्टरों के अनुसार, जब यह वायरस दिमाग पर असर डालता है, जिसे मेडिकल भाषा में एन्सेफलाइटिस कहते हैं, तो बेहोशी छा जाती है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को एक साथ नाकाम कर सकता है।

भारत समेत 60 देशों पर नए टैरिफ से घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 25 अमेरिकी राज्यों ने ठोका केस

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति एक बार फिर चर्चा में है। डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन 25 राज्यों ने 60 देशों से आने वाले सामान पर लगाए गए नए टैरिफ के फैसले को चुनौती दी है। इन राज्यों का आरोप है कि ये नए टैरिफ फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना हैं।

नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर

सोमवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले 25 अमेरिकी राज्यों ने 60 व्यापारिक साझेदारों से आयात पर नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है। न्यूयॉर्क में अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर यह मुकदमा 10 से 12.5 फीसदी के उन टैरिफ को निशाना बनाता है। यह टैरिफ पिछले महीने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत लागू हुए थे।

राज्यों का क्या है तर्क?

अपनी शिकायत में राज्यों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का कोई मजबूत कानूनी आधार नहीं है। इतना ही नहीं, इसके लिए पर्याप्त वजह भी नहीं बताई गई। राज्यों का तर्क है कि ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को दुनिया भर की सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी रोकने के नाम पर लगाया, लेकिन दोनों के बीच कोई साफ संबंध नहीं है। याचिका में कहा गया है कि प्रभावित 60 देशों से आने वाले ज्यादातर सामान पर 10% या 12.5% टैरिफ लगाया गया है। इन देशों का अमेरिका के कुल आयात में करीब 99.4% हिस्सा है।

60 देशों के खिलाफ नया टैरिफ

नए टैरिफ तब प्रभावी हुए जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अस्थायी टैरिफ की समय सीमा समाप्त हो गई। इस टैरिफ की घोषणा 24 जुलाई को हुई थी। ये यूरोपीय संघ और भारत समेत 60 व्यापारिक साझेदारों के आयात पर लागू होते हैं। नए टैरिफ का ऐलान करते हुए US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि अमेरिका में एक सदी से जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के इंपोर्ट पर रोक है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है। अब हमारे ट्रेडिंग पार्टनर्स के लिए भी ऐसा करने का समय आ गया है।

जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका

इससे पहले के उपायों को कानूनी तौर पर काफी झटके लगे थे। इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। इससे ट्रंप की एक अहम ट्रेड पहल रद्द हो गई थी।

अब ट्रेड एक्ट की धारा 301 का रूख

अब ट्रंप 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत अधिक स्थायी टैरिफ लगा रहे हैं। यह धारा राष्ट्रपति को अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल देशों के खिलाफ आयात कर लगाने की अनुमति देती है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर बड़े टैरिफ लगाने के लिए धारा 301 का इस्तेमाल किया था, और वे अदालती चुनौतियों में भी टिके रहे थे।

आधार में जन्मतिथि बदलकर 6 साल तक हुआ शोषण, झारखंड की नाबालिग दिल्ली से रेस्क्यू

नई दिल्ली/रांची :-झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक 16 वर्षीय किशोरी, जो लगभग छह वर्ष पूर्व मानव तस्करी का शिकार हो गई थी, को दिल्ली में चलाए गए एक संयुक्त बचाव अभियान के दौरान सकुशल मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, मिशन मुक्ति फाउंडेशन तथा रेस्क्यू टीम के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

बचाव के बाद पीड़िता की काउंसलिंग के दौरान मानव तस्करी से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए। पीड़िता ने बताया कि उसे नाबालिग अवस्था में झारखंड से बहला-फुसलाकर दिल्ली लाया गया, जहां उससे जबरन घरेलू कार्य कराया गया। इसके बाद उसे मुंबई भेज दिया गया और अंततः एक लाख रुपये में बेचकर एक अज्ञात पंजाबी व्यक्ति से जबरन विवाह करा दिया गया। इस दौरान उसे लगातार मानसिक एवं शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी थाना में मानव तस्करी, धोखाधड़ी एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़िता के आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर उसे बालिग दर्शाया, ताकि उसकी वास्तविक आयु छिपाई जा सके तथा मानव तस्करी एवं शोषण को वैध रूप देने का प्रयास किया जा सके। पुलिस इस दस्तावेजी फर्जीवाड़े की भी विस्तृत जांच कर रही है।

यह संपूर्ण कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त श्री अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न की गई, जिनके समन्वय से विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित कर पीड़िता का सफलतापूर्वक रेस्क्यू सुनिश्चित किया गया।

जांच में मानव तस्करी गिरोह में प्रतिमा गुप्ता (निवासी गुमला), हेमंत गुप्ता, विशाल गुप्ता, मनीष भारती एवं मीना देवी के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि दिल्ली के रोहिणी स्थित राम विहार क्षेत्र से संचालित इनकी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पीड़िता को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया था। पुलिस एजेंसी की भूमिका, उससे जुड़े नेटवर्क तथा इस मानव तस्करी रैकेट में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार यह मामला संगठित मानव तस्करी नेटवर्क, दस्तावेजों में हेरफेर, बाल श्रम तथा जबरन विवाह जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा प्रतीत होता है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने में जुटी हैं।

मानव तस्करी के विरुद्ध झारखंड सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पीड़िता को आवश्यक कानूनी सहायता, काउंसलिंग तथा पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत संबंधित विभागों के समन्वय से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है तथा मानव तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है।

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Homeopathy in Hyderabad for Prostate Problems: Supporting Men's Health with Personalized Care

Looking for homeopathy in Hyderabad for prostate problems? Spiritual Homeopathy offers personalized consultations and holistic care to support better prostate and urinary health.

Prostate problems are a common concern that can affect men as they age, often influencing urinary function and overall comfort. The prostate gland is located below the bladder and surrounds part of the urethra. When the gland enlarges or develops other conditions, it may lead to changes in normal urination and disrupt daily activities. Recognizing the symptoms early and seeking appropriate medical guidance can help improve quality of life. For those exploring homeopathy in Hyderabad, personalized care offers a holistic way to support overall health.

Typical symptoms of prostate problems include increased frequency of urination, waking up multiple times at night to pass urine, difficulty starting urination, weak urine flow, urgency, incomplete emptying of the bladder, and discomfort in the lower pelvic area. Since these symptoms may resemble those of other urinary conditions, a proper medical assessment is essential before beginning any treatment.

Several factors can increase the likelihood of prostate disorders. Advancing age is the most common risk factor, while family history, hormonal changes, obesity, lack of regular exercise, unhealthy dietary habits, and chronic inflammation may also contribute. Maintaining a healthy lifestyle and attending routine health check-ups are important steps toward preserving prostate health.

Many people choose homeopathy in Hyderabad because it emphasizes individualized care instead of a standard treatment approach. Every consultation is based on a detailed understanding of the patient's symptoms, medical history, lifestyle, and overall health. This personalized evaluation allows treatment to be planned according to the unique needs of each individual. Homeopathy in Hyderabad focuses on supporting the body's natural healing response and improving overall well-being through a comprehensive and patient-centered approach. As a result, homeopathy in Hyderabad is often preferred by individuals looking for holistic care for chronic health concerns.

Spiritual Homeopathy is dedicated to providing quality homeopathic healthcare through personalized consultations and compassionate care. Patients seeking homeopathy in Hyderabad benefit from experienced homeopathic doctors who focus on understanding each individual's health concerns before planning treatment. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy offers accessible and professional homeopathic services across Hyderabad.

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CEO झारखण्ड का आह्वान: 5 अगस्त से शुरू होगा युवा मतदाता जोड़ने का विशेष अभियान

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिक का मतदाता सूची में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है। राज्य के अधिकांश युवा मतदाता किसी न किसी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थान से जुड़े हुए हैं। इसलिए सभी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें तथा भारत निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग प्रदान करें। श्री के. रवि कुमार सोमवार को निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद फॉर्म-6 के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ने हेतु राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक तक मतदाता पंजीकरण की जानकारी पहुँचाना निर्वाचन तंत्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाने का आह्वान किया।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य/निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के समन्वय से अपने-अपने परिसर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, पंजीकरण शिविर तथा हेल्प डेस्क का आयोजन करें, ताकि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अथवा 1 अक्टूबर, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र युवाओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी जिलों को युवा मतदाताओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। शैक्षणिक संस्थान जिला निर्वाचन कार्यालय से समन्वय स्थापित कर इन प्रचार-प्रसार सामग्रियों का उपयोग अपने परिसर में आयोजित पंजीकरण शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में कर सकते हैं।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान समय के अधिकांश नए मतदाता सोशल मीडिया का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं। इसलिए उन्हें विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में सम्मिलित न हो, इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बाड़ा, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक श्री जॉर्ज कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी (लोहरदगा) श्री संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह तथा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, संस्थानों के प्राचार्य/निदे

शक उपस्थित थे।

सावन की पहली सोमवारी पर हजारीबाग यूथ विंग का सेवा शिविर, श्रद्धालुओं के बीच बांटी गई पूजन सामग्री

सावन की प्रथम सोमवारी पर रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर शिवभक्ति और आस्था से सराबोर रहा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारीबाग यूथ विंग द्वारा मंदिर परिसर में सेवा शिविर लगाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के बीच दूध, बेलपत्र एवं पूजन सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। पूजन सामग्री में अगरबत्ती, माचिस सहित पूजा-अर्चना में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी शामिल थी। संस्था की ओर से प्रथम सोमवारी पर कुल 51 लीटर दूध का वितरण किया गया। सावन की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं एवं सदस्यों में सेवा शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ उठाया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी सेवा शिविर पहुंचे और स्वयं श्रद्धालुओं के बीच दूध एवं पूजन सामग्री का वितरण किया। आगमन पर हजारीबाग यूथ विंग के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित कर उनका अभिनंदन किया। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने सावन की प्रथम सोमवारी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय एवं प्रेरणादायी कार्य कर रही है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी संस्था की सक्रिय भूमिका प्रशंसनीय है। उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इस सेवा कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाजहित में कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि सावन का महीना केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का भी संदेश देता है। हजारीबाग यूथ विंग का प्रयास है कि भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा मिले और सेवा के माध्यम से समाज में सहयोग एवं समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग विगत कई वर्षों से सावन माह में सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है। आगे भी संस्था सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सेवा पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी। श्रद्धालुओं की सेवा ही संस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य है। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश,उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक संजय कुमार,विकाश केशरी,डॉक्टर बी वेंकटेश, कार्यकारणी सदस्य रोहित बजाज,रंजन चौधरी,सत्यनारायण सिंह,वर्षा डे,सनी देव,कैलाश कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहें।

चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल, चांदी का पायल और नकदी बरामद

हजारीबाग: बड़कागांव थाना क्षेत्र के ग्राम महगाईखुर्द में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने त्वरित उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए तीन मोबाइल फोन, चांदी का एक जोड़ी पायल तथा 11,600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, महगाईखुर्द गांव में अज्ञात अपराधियों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में वादी ने 31 जुलाई 2026 को बड़कागांव थाना में लिखित आवेदन दिया। इसके आधार पर बड़कागांव थाना कांड संख्या 136/26, दिनांक 31 जुलाई 2026 को धारा 341(4)/305(A) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काशिफ खान उर्फ अंसर इमाम, पिता सफदर इमाम, निवासी बादम तथा अशहर रजा उर्फ मो. राजा, पिता मो. कलाम, निवासी कनकीडाड़ी, डाड़ीकला, थाना बड़कागांव, जिला हजारीबाग के रूप में हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए तीन मोबाइल फोन, चांदी का एक जोड़ी पायल तथा 11,600 रुपये नकद बरामद किए गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया पौधारोपण, एक लाख पौधे लगाने का लिया संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी मुहिम “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने सोमवार को कटकमसांडी प्रखंड के धरहरा में फलदार पौधों का पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण और पर्यावरण का संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ उनका पौधारोपण अभियान विगत कई वर्षों से निरंतर चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी एक लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा स्थानीय लोगों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगा।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ, हरित एवं समृद्ध हजारीबाग के निर्माण का संकल्प साकार होगा। 

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रामकुमार मेहता, सुमन राय, कालेश्वर रजक, विनोद सिंह, अशोक राणा, मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, शिवपाल यादव, प्रदीप मिश्रा, बिजूल देवी, पूर्व सांसद प्रतिनिधि मुनेश ठाकुर, गदोखर के मुखिया नारायण साव, रामू राम, महामंत्री वीरेंद्र ओझा, वीरेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र शुक्ला, गोविंद यादव, बजरंग साव, राजेश ठाकुर, पवन गिरी, बैजनाथ यादव, राजेंद्र ठाकुर, उपेन्द्र शर्मा, रमेश राम, मनीष चौधरी, परमेश्वर यादव, राजेश यादव सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में खाद्य सुरक्षा टीम का औचक निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे

हजारीबाग। उपायुक्त हेमंत सती एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर शशि जायसवाल के निर्देशानुसार सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ईचाक (बोंगा) में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-02 अम्बरीश पाण्डेय ने किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से उसना चावल, अरहर दाल, आटा, मसूर दाल एवं चूड़ा के नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम (रांची) भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यकतानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने विद्यालय प्रबंधन एवं रसोई कर्मियों को रसोईघर की प्रतिदिन समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान एप्रन एवं टोपी का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा रसोईघर को कीट, चूहे, मक्खियों एवं छिपकलियों से पूरी तरह मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए कहा गया।

इस दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग-01 मो. मंजर हुसैन, विकास शर्मा, सूरज कुमार एवं धनेश्वर प्रसाद कुशवाहा भी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने बताया कि विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के औचक निरीक्षण एवं खाद्य नमूना संग्रह की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।