कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, लगभग 40 एकड़ में लगी फसल नष्ट

हजारीबाग: दिनांक 16 जनवरी 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिलोदर में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 40 एकड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही पूरी फसल को विनष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान घटनास्थल से 3 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। अवैध रूप से अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के बाद उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

इस संयुक्त अभियान में बरही SDPO श्री अजित कुमार बिमल, बरही अंचल के पु0नि0 श्री चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, SI सुबिन्दर राम, SI सरवन कुमार पासवान, ASI बदल महतो, सशस्त्र बल के जवान तथा बनपाल सरवन कुमार शामिल रहे।

पुलिस द्वारा बताया गया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व चौपारण थाना क्षेत्र में खेती से पहले जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसी के आलोक में दिनांक 16 जनवरी 2026 को ग्राम अहरी में भी अफीम विनष्टीकरण अभियान चलाया गया, जहां यह पाया गया कि पूर्व में अफीम की खेती वाले स्थानों पर अब सरसों एवं मूंगफली की खेती की जा रही है।

हजारीबाग पुलिस की निरंतर जागरूकता और विनष्टीकरण अभियानों के फलस्वरूप अफीम की खेती पर प्रभावी अंकुश लगा है। आगे भी अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

माघ मेला में मकर संक्रांति के अवसर पर लाल बाबा ने किया प्रसाद वितरण

प्रयागराज। माघ मेला में मकर संक्रांति के अवसर पर मां वैष्णो देवी के कृपा पात्र श्री श्री 1008 लाल बाबा ने अमरावती जन कल्याण सेवा ट्रस्ट के बैनर तले वहां आए भक्तों को देसी घी से निर्मित प्रसाद का वितरण किया। अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य के रूप में प्रसिद्ध लाल बाबा सेवा परमो धर्म: में विश्वास रखते हैं।

आध्यात्म के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहने वाले लाल बाबा पूर्वांचल में एक बड़े संत के रूप में पहचाने जाते हैं। मुंगरा बादशाहपुर में उनका मठ है, जहां वे रहकर लोगों को अध्यात्म से जोड़ने का काम करते हैं।

NIA की बड़ी कार्रवाई: मगध जोन का कुख्यात नक्सली 'चंदन' मुंबई से गिरफ्तार, मज़दूर बनकर काट रहा था


राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष अभियान के तहत बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी 2021 से ही जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

कौन है चंदन कुमार?

मूल रूप से बिहार के जहानाबाद का रहने वाला चंदन कुमार प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओइस्ट) का सक्रिय सदस्य है। वह विशेष रूप से मगध जोन में संगठन को दोबारा जीवित करने के लिए रचे गए 'मगध षड्यंत्र' (RC-05/2021/NIA/RNC) मामले में नामजद था। संगठन में उसकी पहचान एक 'फाइनेंशियल एक्सपर्ट' के तौर पर थी, जो लेवी वसूली और फंड मैनेजमेंट के जरिए माओवादियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता था।

मज़दूर बनकर छिपा था मुंबई में

गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन ने अपनी पहचान छुपा ली थी और मुंबई में एक मज़दूर के रूप में काम कर रहा था। हालांकि, मज़दूर के भेष में रहकर भी वह ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अपने ग्राउंड वर्कर्स (GWS) के संपर्क में था और उन्हें लेवी वसूली, हथियारों के निर्माण और नए कैडरों की भर्ती के लिए निर्देशित कर रहा था।

NIA की जांच में हुए खुलासे:

हथियारों का जखीरा: जांच में पता चला कि चंदन मगध जोनल कमेटी के माध्यम से हथियारों के संग्रह और वितरण का प्रमुख केंद्र था।

संगठन का विस्तार: आरोपी प्रद्युम्न शर्मा और सुनील भगत जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ मिलकर मगध क्षेत्र में संगठन के विस्तार की योजना पर काम कर रहा था।

भगोड़ा घोषित: एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही उसे आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 'भगोड़ा' घोषित कर दिया था।

उत्तर भारत में हाड़ कंपाती सर्दी, 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, अभी राहत के आसार नहीं

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पहाड़ों से लेकर मैदान तक, इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। शरीर पर कपड़ों की मोटी लेयर के बाद भी कंपकंपी रुकने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार तक, हर जगह ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक पहाड़ों पर बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगह बर्फबारी भी होने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में भी बारिश-बूंदाबांदी होने से कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति रहेगी। वहीं, एक सप्ताह तक उत्तर और पूर्व के कई राज्यों में घने से बेहद घना कोहरा मुश्किल बढ़ाएगा।

शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में ठंड का प्रकोप बना रहेगा, जबकि उसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

5-6 दिनों तक घने कोहरे की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-6 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शीतदिवस की अगले दो दिनों तक स्थिति बनी रह सकती है।

बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक 16 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही 18–20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

इधर, दिल्ली में सर्दी ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार को 2.3 डिग्री के टेंपरेचर के साथ कोहरे ने खूब परेशान किया। 16 जनवरी को भी शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्का से मध्यम स्तर का घना कोहरा रहेगा। वहीं 17 से 21 जनवरी तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह के वक्त थोड़ा कोहरा भी देखने को मिलेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5 से बढ़कर 9 डिग्री पहुंच सकता है। जबकि अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, लगभग 40 एकड़ में लगी फसल नष्ट

हजारीबाग: दिनांक 16 जनवरी 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिलोदर में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 40 एकड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही पूरी फसल को विनष्ट कर दिया गया।

अभियान के दौरान घटनास्थल से 3 डिलीवरी पाइप बरामद किए गए, जिन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। अवैध रूप से अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के बाद उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है।

इस संयुक्त अभियान में बरही SDPO श्री अजित कुमार बिमल, बरही अंचल के पु0नि0 श्री चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, SI सुबिन्दर राम, SI सरवन कुमार पासवान, ASI बदल महतो, सशस्त्र बल के जवान तथा बनपाल सरवन कुमार शामिल रहे।

पुलिस द्वारा बताया गया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व चौपारण थाना क्षेत्र में खेती से पहले जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसी के आलोक में दिनांक 16 जनवरी 2026 को ग्राम अहरी में भी अफीम विनष्टीकरण अभियान चलाया गया, जहां यह पाया गया कि पूर्व में अफीम की खेती वाले स्थानों पर अब सरसों एवं मूंगफली की खेती की जा रही है।

हजारीबाग पुलिस की निरंतर जागरूकता और विनष्टीकरण अभियानों के फलस्वरूप अफीम की खेती पर प्रभावी अंकुश लगा है। आगे भी अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

माघ मेला में मकर संक्रांति के अवसर पर लाल बाबा ने किया प्रसाद वितरण

प्रयागराज। माघ मेला में मकर संक्रांति के अवसर पर मां वैष्णो देवी के कृपा पात्र श्री श्री 1008 लाल बाबा ने अमरावती जन कल्याण सेवा ट्रस्ट के बैनर तले वहां आए भक्तों को देसी घी से निर्मित प्रसाद का वितरण किया। अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य के रूप में प्रसिद्ध लाल बाबा सेवा परमो धर्म: में विश्वास रखते हैं।

आध्यात्म के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहने वाले लाल बाबा पूर्वांचल में एक बड़े संत के रूप में पहचाने जाते हैं। मुंगरा बादशाहपुर में उनका मठ है, जहां वे रहकर लोगों को अध्यात्म से जोड़ने का काम करते हैं।

NIA की बड़ी कार्रवाई: मगध जोन का कुख्यात नक्सली 'चंदन' मुंबई से गिरफ्तार, मज़दूर बनकर काट रहा था


राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष अभियान के तहत बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी 2021 से ही जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

कौन है चंदन कुमार?

मूल रूप से बिहार के जहानाबाद का रहने वाला चंदन कुमार प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओइस्ट) का सक्रिय सदस्य है। वह विशेष रूप से मगध जोन में संगठन को दोबारा जीवित करने के लिए रचे गए 'मगध षड्यंत्र' (RC-05/2021/NIA/RNC) मामले में नामजद था। संगठन में उसकी पहचान एक 'फाइनेंशियल एक्सपर्ट' के तौर पर थी, जो लेवी वसूली और फंड मैनेजमेंट के जरिए माओवादियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता था।

मज़दूर बनकर छिपा था मुंबई में

गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन ने अपनी पहचान छुपा ली थी और मुंबई में एक मज़दूर के रूप में काम कर रहा था। हालांकि, मज़दूर के भेष में रहकर भी वह ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अपने ग्राउंड वर्कर्स (GWS) के संपर्क में था और उन्हें लेवी वसूली, हथियारों के निर्माण और नए कैडरों की भर्ती के लिए निर्देशित कर रहा था।

NIA की जांच में हुए खुलासे:

हथियारों का जखीरा: जांच में पता चला कि चंदन मगध जोनल कमेटी के माध्यम से हथियारों के संग्रह और वितरण का प्रमुख केंद्र था।

संगठन का विस्तार: आरोपी प्रद्युम्न शर्मा और सुनील भगत जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ मिलकर मगध क्षेत्र में संगठन के विस्तार की योजना पर काम कर रहा था।

भगोड़ा घोषित: एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही उसे आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 'भगोड़ा' घोषित कर दिया था।

उत्तर भारत में हाड़ कंपाती सर्दी, 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, अभी राहत के आसार नहीं

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पहाड़ों से लेकर मैदान तक, इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। शरीर पर कपड़ों की मोटी लेयर के बाद भी कंपकंपी रुकने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार तक, हर जगह ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक पहाड़ों पर बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जगह बर्फबारी भी होने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में भी बारिश-बूंदाबांदी होने से कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति रहेगी। वहीं, एक सप्ताह तक उत्तर और पूर्व के कई राज्यों में घने से बेहद घना कोहरा मुश्किल बढ़ाएगा।

शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 2–3 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में ठंड का प्रकोप बना रहेगा, जबकि उसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

5-6 दिनों तक घने कोहरे की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-6 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शीतदिवस की अगले दो दिनों तक स्थिति बनी रह सकती है।

बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक 16 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही 18–20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

इधर, दिल्ली में सर्दी ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार को 2.3 डिग्री के टेंपरेचर के साथ कोहरे ने खूब परेशान किया। 16 जनवरी को भी शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्का से मध्यम स्तर का घना कोहरा रहेगा। वहीं 17 से 21 जनवरी तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह के वक्त थोड़ा कोहरा भी देखने को मिलेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5 से बढ़कर 9 डिग्री पहुंच सकता है। जबकि अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

आखिर ट्रंप को मिला नोबेल पुरस्कार! वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने अपना अवार्ड किया भेंट

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वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किया है। मचाडो ने अपने देश के भविष्य पर चर्चा के लिए गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वॉइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतीकात्मक तौर पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दक्षिणी अमेरिकी देश में उथल पुथल है। ऐसे में वेनेजुएलाई नेता मारिया माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात किया। उन्होंने दावा किया कि मीटिंग में उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा, मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मेडल पुरस्कार दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के प्रति उनकी (ट्रंप) अनोखी प्रतिबद्धता के पहचान के तौर पर उठाया गया कदम बताया।

मचाडो ने क्या कहा?

मेडल देने के बारे में जानकारी देते हुए मचाडो ने लैटिन अमेरिका के महान क्रांतिकारी सिमोन बोलिवर का एक किस्सा सुनाया। मचाडो ने कहा कि दो साल पहले जनरल (मार्क्विस डी) लायाफेट ने सिमोन बोलिवर को एक मेडल दिया था, जिस पर जॉर्ज वॉशिंगटन का चेहरा बना हुआ था। बोलिवर ने वह मेडल अपनी बाकी जिंदगी अपने पास रखा। उन्होंने आगे कहा, 'इतिहास में दो साल बाद, बोलिवर के लोग वॉशिंगटन के वारिस को एक मेडल वापस दे रहे हैं। इस बार नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, हमारी आजादी के प्रति उनकी अनोखी प्रतिबद्धता की पहचान के तौर पर।

ट्रंप ने नोबेल स्वीकार किया या नहीं?

हालांकि, मचाडो ने यह नहीं बताया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ने उनका नोबेल स्वीकार किया या नहीं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार पुरस्कार को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप को नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाहत है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिले। वह साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर कई बार बयान भी दे चुके थे। उन्होंने उस दौरान कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प सहित कई जंग रोके, इसलिए वह शांति पुरस्कार के हकदार हैं। लेकिन, उनके दावों को खारिज करते हुए नोबेल पीस प्राइज समिति ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को चुना। अब मारिया ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भेंट किया है।

मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।