उद्योग विभाग की बदहाली पर शोभा यादव ने हेमंत सरकार को घेरा

रांची। झारखंड में उद्योगों की संभावनाओं, निवेश और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में उद्योगों का अपेक्षित विस्तार नहीं हो रहा है। सरकार निवेश आकर्षित करने और एमओयू करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर कितने उद्योग स्थापित हुए और कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिला, इसका स्पष्ट हिसाब जनता के सामने नहीं रखा जा रहा है। शोभा यादव ने झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के औद्योगिक सकल मूल्यवर्धन में बेसिक मेटल यानी लोहा-इस्पात क्षेत्र की हिस्सेदारी 72.4 प्रतिशत है। यह औद्योगिक विविधीकरण की कमी को दर्शाता है। वहीं, वर्ष 2023-24 में राज्य में एफडीआई इक्विटी निवेश केवल 90 करोड़ रुपये रहा। राष्ट्रीय एफडीआई में झारखंड की हिस्सेदारी भी लगभग एक प्रतिशत रही।

उन्होंने कहा कि MSME क्षेत्र में भी तस्वीर चिंताजनक है। वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में 83,363 MSME इकाइयों का उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण हुआ, जिनसे 3,34,504 रोजगार का उल्लेख है। इनमें 99 प्रतिशत से अधिक इकाइयां सूक्ष्म श्रेणी की हैं। ऐसे में सवाल है कि छोटे उद्योगों को बड़े औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं?

शोभा यादव ने कहा कि 2024-25 में औद्योगिक नीति के तहत 184.51 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का वितरण किया गया, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि इससे कितनी नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं और कितने स्थायी रोजगार सृजित हुए। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 95 इकाइयां स्थापित होने, 676 करोड़ रुपये के निवेश और 4,917 लोगों को रोजगार मिलने के आंकड़े भी सामने हैं, लेकिन राज्य की विशाल औद्योगिक संभावनाओं के मुकाबले यह पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने लॉजिस्टिक पार्क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 3 जून 2026 को मुख्यमंत्री ने स्वयं उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इन परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। इससे स्पष्ट है कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अभी गति लाने की जरूरत है। शोभा यादव ने सरकार से सवाल किया कि आखिर निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में देरी क्यों हो रही है?

औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति क्या है? स्थानीय युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता क्यों नहीं मिल रही है? उन्होंने मांग की कि सरकार पिछले पांच वर्षों के एमओयू, वास्तविक निवेश, स्थापित और बंद उद्योगों, सब्सिडी वितरण तथा स्थानीय रोजगार का जिला-वार श्वेत पत्र जारी करे।

उन्होंने कहा कि झारखंड को केवल खनिज संपदा निकालने वाला राज्य बनाकर नहीं रखा जा सकता। यहां कच्चे माल के बजाय तैयार उत्पादों के उद्योग विकसित करने होंगे। हेमंत सरकार को बताना चाहिए कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड का युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर क्यों है?

पशुपालन भवन में राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला-2026 का आयोजन

रांची: पशुपालन भवन, हेसाग में गुरुवार को खेत बचाओ अभियान सह राज्य स्तरीय रबी कर्मशाला-2026 का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि सचिव श्री अबु बकर सिद्दीकी पी ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों से कहा कि वे किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें।

किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि किसानों को इन योजनाओं की जानकारी मिले और वे इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की खुशहाली और उनका आर्थिक सशक्तिकरण है। इस लक्ष्य को हासिल करने में अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सरकार की योजनाओं और नीतियों को धरातल पर उतारने वाले प्रतिनिधि हैं। इसलिए अधिकारी कार्यालय तक सीमित न रहकर गांवों और खेतों तक पहुंचें तथा किसानों की जरूरतों के अनुरूप कार्य करें।

कृषि सचिव ने बताया कि इस वर्ष की कर्मशाला दो प्रमुख विषयों पर केंद्रित है। पहला, खेत बचाओ अभियान और दूसरा, रबी कर्मशाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष रबी कर्मशाला में फसल उत्पादकता (क्रॉप प्रोडक्टिविटी), फसल सघनता (क्रॉप इंटेंसिटी), सिंचाई और बाजार संपर्क (मार्केट लिंकेज) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है। इस वर्ष खेतों की उर्वरता एवं स्वास्थ्य बनाए रखने, परती भूमि का बेहतर उपयोग करने, उर्वरकों का सीमित एवं सुरक्षित इस्तेमाल सुनिश्चित करने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, इन लक्ष्यों की प्राप्ति में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की आवश्यकता बताई गई।

उन्होंने सभी जिलों में सिंचाई व्यवस्था से संबंधित अद्यतन आंकड़े तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि जिलों में उपलब्ध तालाबों, नहरों एवं अन्य सिंचाई संसाधनों का संशोधित डेटा अपडेट किया जाए। साथ ही, इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने फसल उत्पादकता और फसल सघनता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए बाजार संपर्क को मजबूत करने की आवश्यकता भी बताई।

कर्मशाला को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक श्री विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में परती भूमि के अधिकतम उपयोग एवं उसमें फसल आच्छादन का क्षेत्र विस्तार करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, ताकि कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की जा सके। साथ ही, उन्होंने मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण एवं सतत कृषि विकास के लिए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे तकनीकी ज्ञान एवं अनुभवों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया ।

कार्यक्रम को मृदा निदेशक श्री विकास कुमार ,निदेशक समिति श्री रमाशंकर प्रसाद , गव्य निदेशक श्री संजीव कुमार सहित विभिन्न कृषि वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार रखे और कृषि विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सीएस दुबे ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को भूमि का स्वास्थ्य एवं उर्वरा शक्ति बनाए रखने के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करना सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है और इसके लिए कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के साथ भूमि संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

कार्यक्रम में कृषि विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से आए जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि एवं संलग्न विभागों के मुख्यालय तथा जिला स्तर के पदाधिकारी कृषि वैज्ञानिक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने की मुलाकात, विकास योजनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी श्री के० राजू ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री एवं उनके बीच राज्य में चलाई जा

रही विकासात्मक योजनाओं के संचालन, वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस शिष्टाचार मुलाकात के अवसर पर झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, विधायक श्री प्रदीप यादव एवं विधायक श्री राजेश कच्छप उपस्थित रहे।

रांची में सर्वजन पेंशन योजना के तहत 2.55 लाख लाभुकों को मिला 2 माह का पेंशन, 51.10 करोड़ रुपये DBT से खाते में हस्तांतरित

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सर्वजन पेंशन योजना के तहत रांची जिले के पेंशनधारियों को माह अक्टूबर एवं माह नवम्बर 2026 की पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है। योजना अंतर्गत जिले के कुल 2,55,534 लाभुकों को दोनों माह की पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। योजना के तहत कुल 51 करोड़ 10 लाख 68 हजार रुपये की राशि DBT के माध्यम से लाभुकों के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई है।

प्रखंडवार एवं शहरी क्षेत्रवार पेंशन लाभुकों की संख्या निम्न प्रकार है :-

अनगड़ा – 10,311

अरगोड़ा शहरी – 9,368

बरगाईं शहरी – 5,188

बेड़ो – 14,142

बुंडू – 9,034

बुंडू नगर पंचायत – 2,753

बुढ़मू – 11,055

चान्हो – 12,461

हेहल शहरी – 7,541

इटकी – 5,568

कांके – 17,027

कांके शहरी – 340

खलारी – 5,214

लापुंग – 7,164

मांडर – 16,115

नगड़ी – 8,259

नगड़ी शहरी – 6,800

नामकुम – 10,136

नामकुम शहरी – 5,733

ओरमांझी – 8,157

राहे – 9,189

रांची टाउन शहरी – 13,099

रातू – 10,756

सिल्ली – 15,683

सोनाहातू – 13,752

तमाड़ – 20,689

सर्वजन पेंशन योजना का उद्देश्य पात्र वृद्धजनों, विधवा एवं एकल महिलाओं तथा दिव्यांगजनों सहित अन्य निर्धारित श्रेणियों के लाभुकों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

जिला प्रशासन द्वारा पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी योग्य लाभुक सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे। जिन लाभुकों के बैंक खाते में अभी तक पेंशन राशि प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें अपने बैंक खाते से आधार सीडिंग कराना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया भाषा शिक्षा नीति के प्रारूप का अवलोकन, कहा - मातृभाषा को सम्मान के साथ कौशल और डिजिटल दक्षता पर हो फोकस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति तैयार की जाए। यह नीति विद्यार्थियों की मातृभाषा को सम्मान देने के साथ-साथ उनके ज्ञान, कौशल और अभिव्यक्ति की क्षमता को भी मजबूत बनाए। शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और प्रतिस्पर्धी बनाना भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' के प्रारूप प्रस्तुतीकरण से संबंधित बैठक में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की भाषाई विविधता, विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों, कौशल विकास, डिजिटल दक्षता और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक एवं दूरदर्शी शिक्षा नीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता अत्यंत व्यापक है। राज्य के बच्चे अपने घर और समुदाय में अपनी मातृभाषा एवं विभिन्न स्थानीय भाषाओं का प्रयोग करते हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रायः हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से होता है। भाषाओं के इस अंतर के कारण प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की समझ, अभिव्यक्ति, सहभागिता और सीखने की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भाषाई विविधता राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान है। इसे शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर ऐसी पद्धति विकसित की जाए, जिससे विद्यार्थी अपनी भाषा में सहजता से सीख सकें और शिक्षा के क्षेत्र में नए एवं अभिनव प्रयोगों का मार्ग प्रशस्त हो सके।

विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल

मुख्यमंत्री ने राज्य के विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की रुचि, प्रतिभा और व्यावहारिक कौशल को भी विकसित किया जाना चाहिए। कौशल आधारित शिक्षा के अंतर्गत हॉकी को भी शामिल करने पर विचार किया जाए। झारखंड के बच्चे-बच्चियाँ हॉकी के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

अंग्रेजी स्पोकन की कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी स्पोकन की कक्षाएं संचालित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, रोजगार, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को देश के अलग-अलग राज्यों में जाना पड़ता है। ऐसे में अंग्रेजी बोलने और संवाद करने का आत्मविश्वास उनके लिए काफी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने से पहले ही विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी स्पोकन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भाषाई रूप से दक्ष और आत्मविश्वासी बन सकें। इससे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा वे संवाद कौशल के क्षेत्र में भी दक्ष बन सकेंगे।

विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से भी समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से भी दक्ष एवं समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। कक्षाओं में शिक्षण व्यवस्था से लेकर विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति तैयार की जाए।

मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी को परस्पर सहयोगी भाषा समूह के रूप में देखते हुए नीति को स्वरूप दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति संवर्धनात्मक बहुभाषिकता के सिद्धांत पर आधारित हो। इसके अंतर्गत पहली भाषा को हटाए बिना दूसरी और तीसरी भाषा को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को शिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी को परस्पर सहयोगी भाषा समूह के रूप में देखते हुए नीति को स्वरूप देने का निर्देश दिया।

तीन शैक्षणिक चरणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है प्रारूप

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया कि झारखंड में भाषा शिक्षा नीति तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में भाषा शिक्षा नीति निर्माण समिति का गठन किया गया था। समिति ने झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों की शिक्षा पद्धतियों का अध्ययन कर नीति का प्रारूप तैयार किया है।

प्रारूप के प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि इस शिक्षा नीति में तीन प्रमुख शैक्षणिक चरणों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा से कक्षा 2 तक, कक्षा 3 से कक्षा 5 तक तथा कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के चरण शामिल हैं। इन तीनों चरणों में विद्यार्थियों की मातृभाषा एवं स्थानीय भाषाओं को स्कूली शिक्षा में समाहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि विद्यार्थी अपनी भाषा में सहजता से पढ़ाई कर सकें और बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर सकें।

अधिकारियों ने बताया कि इस शिक्षा नीति से राज्य की स्थानीय भाषाओं का संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बनेगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को भी नई दिशा मिलेगी। बैठक में शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों एवं प्रारूप के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति

'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' के प्रारूप प्रस्तुतीकरण से संबंधित बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक श्री शशि रंजन, टीआरआई के निदेशक श्री आलोक शिकारी कच्छप, जैक के सचिव श्री एस.डी. तिग्गा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*15 साल पुराने सरकारी वाहनों का होगा व्यवस्थित निस्तारण, परिवहन सचिव राजीव रंजन ने नोडल अधिकारियों के साथ की बैठक

रांची :- परिवहन सचिव श्री राजीव रंजन ने कहा कि राज्य में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग एवं निस्तारण की प्रक्रिया भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए एक व्यवस्थित एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण विषय यह निर्धारित करना है कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाना है। विशेषकर पुलिस विभाग के थानों में दुर्घटनाग्रस्त एवं लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों सहित अन्य विभागों के ऐसे वाहन, जो मरम्मत योग्य नहीं हैं अथवा जिनका उपयोग व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया है, उनके निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन किया जाना आवश्यक है। सचिव श्री राजीव रंजन बुधवार को राज्य में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके सरकारी वाहनों के व्यवस्थित एवं पारदर्शी निस्तारण हेतु प्रोजेक्ट भवन, रांची स्थित प्रथम तल सभागार में राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे ।

सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता तथा सरकारी राजस्व में वृद्धि से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन स्क्रैपिंग से संबंधित वित्तीय एवं राजस्व संबंधी प्रावधानों का भी लाभ संबंधित विभागों को प्राप्त होगा। साथ ही, स्क्रैपिंग के उपरांत परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि भी सरकारी राजकोष में जमा होगी।

उन्होंने सभी विभागीय नोडल पदाधिकारियों से कहा किया कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से समझें तथा अपने-अपने विभागों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रक्रिया के किसी भी चरण में यदि कोई संदेह अथवा तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है, तो परिवहन विभाग से परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

बैठक में MSTC एवं RVSF के प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत एवं चरणबद्ध (Step-by-Step) प्रस्तुतीकरण किया गया। MSTC एवं GeM पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, संबंधित वाहन का विवरण अपलोड करने, नीलामी एवं RVSF के माध्यम से वाहन स्क्रैपिंग कराने सहित पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपस्थित पदाधिकारियों को दी गई। साथ ही, स्क्रैपिंग से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों, विभागीय जिम्मेदारियों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों के नामित नोडल पदाधिकारियों के साथ MSTC, GeM एवं पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) से संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में इंटर हाउस कबड्डी टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ

गोविंदपुर, 3 नवंबर 2026 (मंगलवार)। ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल, बरियो मोड़, गोविंदपुर में मंगलवार को इंटर हाउस कबड्डी टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय लीग मुकाबलों एवं फाइनल प्रतियोगिता के पहले दिन चार रोमांचक लीग मैच खेले गए, जिनमें विद्यालय के चार हाउस – ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हाउस, बिरसा मुंडा हाउस, सी.वी. रमन हाउस एवं रामानुजन हाउस के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर श्री नीरज कुमार ने फीता काटकर एवं नारियल फोड़कर किया। इसके पश्चात उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना के महत्व के बारे में प्रेरित किया।

इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य श्री चंचल कुमार चंद्रा एवं उप-प्राचार्या श्रीमती विनीता विजय ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास में सहायक हैं, बल्कि अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता और आपसी सौहार्द की भावना भी विकसित करते हैं।

प्रतियोगिता के दौरान चारों हाउस के खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल, जोश, उत्साह और टीम स्पिरिट का परिचय दिया। मैदान में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। वहीं विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने दर्शक के रूप में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और पूरे आयोजन का भरपूर आनंद लिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय के डायरेक्टर श्री नीरज कुमार, कोऑर्डिनेटर श्री संजीव सिंह, श्री संदीप सिंह, प्राचार्य श्री चंचल कुमार चंद्रा एवं उप-प्राचार्या श्रीमती विनीता विजय सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। चारों हाउस के इंचार्ज श्री चंदू कार, श्री बिपिन ओझा, श्री बिंटू दास एवं सुश्री काजल कुमारी साव भी अपनी टीम को प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थित रहे तथा पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनका हौसला बढ़ाते रहे।

इस प्रतियोगिता का सफल संचालन विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक मोहम्मद आरिफ के मार्गदर्शन में किया गया।

टूर्नामेंट के अगले चरण में 5 नवंबर 2026 को दो और लीग मुकाबले खेले जाएंगे। इसके पश्चात उसी दिन फाइनल मैच का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेता टीम की घोषणा की जाएगी तथा प्रतियोगिता का समापन होगा।

विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन को विद्यार्थियों में खेल भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

*मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिजनों संग किया चांडिल डैम का परिभ्रमण, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज परिजनों संग सरायकेला-खरसावां स्थित धातकीडीह जाने के क्रम में प्रसिद्ध चांडिल डैम का परिभ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डैम की विहंगम प्राकृतिक सुंदरता और शांत परिवेश का आनंद लिया। उन्होंने झारखंड की इस अनुपम प्राकृतिक धरोहर को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।

डैम परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ डैम के विकास से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, बेहतर पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में गति प्रदान करने तथा बिजली उत्सर्जन एवं संवर्धन हेतु कार्य योजना बनाने इत्यादि कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देशित किया कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) को और अधिक सुव्यवस्थित व आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चांडिल डैम और उसके आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक दीर्घकालिक और पर्यावरण-अनुकूल (सस्टेनेबल) ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इस क्षेत्र का कायाकल्प किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी-सह विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्रीमती सविता महतो, विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन, प्रमंडलीय आयुक्त कोल्हान श्री रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त सरायकेला-खरसावां श्री नीतीश कुमार सिंह, एसडीएम चांडिल श्री नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत देवघर पहुंचे, एयरपोर्ट पर न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत

आज दिनांक 02.11.2026 को भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत आज देवघर पहुंचे। इस दौरान देवघर एयरपोर्ट पर उनके आगमन के दौरान न्यायिक और प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा उन्हें बुके प्रदान कर उनका भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। साथ ही एयरपोर्ट परिसर में जैप 01 के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

इस अवसर पर झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद तथा माननीय न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय, प्रधान जिला न्यायाधीश श्री के.के. झा और झालसा की सदस्य सचिव श्रीमती कुमारी रंजन अस्थाना,

संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त श्री शैलेंद्र कुमार लाल और डी.आई.जी. श्री अंबर लकड़ा, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीन पुष्कर, उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुश्री सुलोचना मीणा और अनुमंडल पदाधिकारी श्री रवि कुमार ने एक-एक कर माननीय मुख्य न्यायाधीश को गुलदस्ता सौंपकर उनका स्वागत और अभिवादन किया।

रांची में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जुएल उरांव बोले - मॉक पार्लियामेंट से पीएम नहीं बनते

Ranchi: भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजधानी रांची में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" अभियान के तहत पदयात्रा निकाली गई। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के समर्थन और इसे लेकर कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के विरोध में आयोजित इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री सह कार्यक्रम के प्रभारी जुएल उरांव, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह झारखंड प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और हजारों की संख्या में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन के द्वारा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने तथा देश में अराजकता का वातावरण बनाने के प्रयासों के विरुद्ध हुंकार भरी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

पदयात्रा मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से प्रारंभ हुई। यहां से कार्यकर्ताओं का विशाल समूह कचहरी चौक होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय पहुंचा।

मॉक पार्लियामेंट करने से प्रधानमंत्री नहीं बनते, जनता का विश्वास जीतना पड़ता है : जुएल उरांव

केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। अगर प्रधानमंत्री बनना है तो संसद का चुनाव जीतकर आइए, जनता का जनादेश प्राप्त कीजिए और फिर प्रधानमंत्री बनिए। मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने से प्रधानमंत्री नहीं बना जाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एमएलसी चुनाव में भी बेनकाब हो चुकी है। यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ, इसके बावजूद कांग्रेस को जनता ने नकार दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज संसद, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की राजनीति देश में भ्रम और अराजकता फैलाने पर केंद्रित हो गई है। ईवीएम पर सवाल उठाने वाले इंडी गठबंधन को यह बताना चाहिए कि इसी ईवीएम से चुनाव जीतकर उनके दल के लोग भी तो झारखंड सहित अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री बने हैं। फिर उसी चुनाव प्रणाली के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसी राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। लेकिन भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है। देश की जनता अराजकता नहीं, बल्कि विकास चाहती है। ऐसी सोच रखने वाले राजनीतिक दलों को जनता उखाड़ फेकेगी।

उरांव ने झारखंड की हेमंत सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में मंईयां सम्मान योजना विफल साबित हो रही है। सरकार अपनी नीतियों और कार्यशैली के कारण जनता के सवालों के घेरे में है। हेमंत सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। यह सरकार 2029 में अपनी करनी से ही डूबेगी।

कांग्रेस मुद्दाविहीन, एसआईआर का विरोध घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को बचाने की कोशिश : गजेंद्र सिंह पटेल

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि देश में अराजकता फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ आज भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प ले रहे हैं। उन्होंने एसआईआर की आवश्यकता बताते हुए कहा कि देश में अब तक 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है, जिनमें 10 बार कांग्रेस के नेतृत्व में यह प्रक्रिया हुई। तब कांग्रेस ने कोई विरोध नहीं किया। आज जब मतदाता सूची से मृत और अवैध मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटने चाहिए? क्या घुसपैठियों और अवैध मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है। कांग्रेस चाहती है कि अवैध मतदाताओं और घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके।

पटेल ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से चल रही है। सभी राजनीतिक दलों के बीएलए इसमें शामिल हैं। किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं कटेगा, इसकी गारंटी भाजपा देती है। नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं और मृत एवं अवैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज झारखंड़ में घुसपैठियों के कारण गांव अल्पसंख्यक हो गए हैं। झारखंड में घुसपैठ की समस्या के कारण आदिवासी समाज की आबादी का अनुपात लगातार प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय और छल कर रही है। भाजपा आदिवासियों के हितों को लेकर सदैव संकल्पित रही है। भाजपा कभी इनके साथ अन्याय नहीं होने देगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में विपक्षी दलों का जमावड़ा लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक स्थिर सरकार को अस्थिर करने की कुचेष्टा है। कांग्रेस अराजकता फैलाना चाहती है। कहा कि भारत के नागरिक तय कर चुके हैं कि जब तक भारत विकसित नहीं हो जाता है तब तक मोदी जी यहीं रहेंगे। भाजपा लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा राष्ट्र प्रथम, देश प्रथम के मूल मंत्र को आत्मसात करती है। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस एवं उनकी सहयोगी दलों को सड़क से लेकर गांव तक उनके भ्रम और झूठ का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

मोदी सरकार का विकास कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 65 वर्षों के शासनकाल में देश की चिंता करने के बजाय सत्ता और परिवारवाद को प्राथमिकता दी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण और विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पूरा देश भाजपा की नीतियों के साथ खड़ा है। लेकिन कांग्रेस को एक गरीब परिवार से निकले व्यक्ति का प्रधानमंत्री बनना बर्दाश्त नहीं हो रहा है। नरेंद्र मोदी के दिवंगत माता- पिता तक को गाली दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी का बहाना बनाकर एसआईआर का विरोध कर रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन जहां उसे राजनीतिक लाभ नहीं दिखता, वहां चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। अगर ऐसा होता तो आज झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं होती क्या ?

साहू ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के सत्ताधारी नेताओं से झारखंड संभल नहीं रहा है और वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। थाने में न्याय मांगने पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा दुष्कर्म की घटना हो जाती है, तो कहीं पादरी पर दुष्कर्म के आरोप लगते हैं। लेकिन सरकार को इन गंभीर घटनाओं से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इंडी गठबंधन की जनविरोधी नीतियों और अराजकता के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएं।वहीं उन्होंने रांची अंतर्गत तीनों जिला से विशाल जनसमूह की भागीदारी के लिए संबंधित तीनों जिला अध्यक्षों को बधाई भी दी।

राहुल गांधी देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रमुख विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस, राहुल गांधी, वंशवाद, दिमागी नक्सलियों, घुसपैठियों की वंशवादी राजनीति, घुसपैठियों से है। उन्होंने कहा कि जनता को इन खतरों से अवगत कराना भाजपा का दायित्व है। आज की पदयात्रा कांग्रेस और विपक्षी दलों के लोकतंत्र विरोधी चेहरे को बेनकाब करने के लिए आयोजित की गई है। ये लोग स्वस्थ और पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चाहते, इसलिए एसआईआर का विरोध कर रहे हैं।

राष्ट्र सेवा भाजपा कार्यकर्ताओं का मूल सिद्धांत : अर्जुन मुंडा

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज देश की जनता राष्ट्रविरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। राष्ट्र सेवा भाजपा कार्यकर्ताओं का मूल सिद्धांत है। हम उन महापुरुषों और वीर सपूतों के वंशज हैं, जिनके पूर्वजों ने तलवारों की धार और अंगारों पर चलकर देश की आजादी और उसकी अस्मिता की रक्षा की। राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है।

मॉक पार्लियामेंट करने वालों को जनता का जवाब मिलेगा : सरयू राय

जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि एनडीए लोकतांत्रिक तरीके से राजनीति करने वाला गठबंधन है। कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक और संसदीय मर्यादाओं का लगातार उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने मॉक पार्लियामेंट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संसदीय प्रणाली से चुनकर आने वाले नेताओं के घरों में मॉक पार्लियामेंट चलाकर संसद और लोकतंत्र का मजाक उड़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध करने की एक मर्यादा होती है, लेकिन मौजूदा विपक्ष इन सभी सीमाओं को पार कर रहा है। देश में नेपाल और बांग्लादेश की तरह अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता विपक्ष की राजनीति को समझ रही है। घुसपैठ और देश की आंतरिक सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी विपक्ष का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

कार्यक्रम का समापन भगवान बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय पहुंचकर धरती आबा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ किया गया।

पदयात्रा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राय, दीपक प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, महामंत्री मनोज सिंह, विधायक सीपी सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सुनीता सिंह, अमित सिंह, दीपक बंका, हेमन्त दास, सूरज चौरसिया, रोशनी खलखो, नीरज कुमार, मीरा मुंडा, प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, राहुल अवस्थी, सूरज शाहदेव, सतीश सिन्हा, नीरज सिंह, तारिक इमरान, अजय राय, रामाकांत महतो, दीनदयाल वर्णवाल, अशोक बड़ाइक, आरती कुजूर, शोभा यादव, संदीप वर्मा, केके गुप्ता, रविनाथ किशोर, प्रदीप सिन्हा, अजय शाह, राफिया नाज, राहुल शाहदेव, रजनीश पांडेय, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, विनय धीरज महतो, नरेंद्र सिंह, समरी लाल, रामकुमार पाहन, संजीव विजयवर्गीय, सुरेंद्र महतो, सीमा सिंह, सन्नी टोप्पो, शशांक राज, मनोज महतो, रंजय कुमार, जदयू के धर्मेंद्र तिवारी,सुबोध सिंह, रमेश सिंह, ललित ओझा, अमरनाथ चौधरी, मानकी राजेन्द्र सिंह मुंडा, कृपा शंकर सिंह, जैलेंद्र चौधरी, मनोज मिश्रा, कर्नल बीके सिंह, बलराम सिंह, राजू सिंह, जितेंद्र वर्मा, मनोज चौधरी, सत्यदेव मुंडा, अर्जुन राम, प्रभुदयाल बड़ाइक, रणधीर चौधरी, बलसाय, सुमन कुमार, ऋषिकेश राणा सहित हजारों की संख्या में पुरुष-महिला नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।