गया में 6 साल के बच्चे के पेट से निकाला गया अंडकोष, दूरबीन विधि से जटिल ऑपरेशन सफल, प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई सर्जरी
समय पर इलाज नहीं होने पर भविष्य में प्रभावित हो सकती थी प्रजनन क्षमता
गया। गया के प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। यहां छह वर्षीय बच्चे के पेट के अंदर स्थित अंडकोष का आधुनिक दूरबीन तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। बच्चा जन्मजात बीमारी अनडिसेंडेड टेस्टिस (Undescended Testis) से पीड़ित था। इस बीमारी में अंडकोष अपने सामान्य स्थान यानी अंडकोष की थैली में नहीं उतर पाता है। जांच में बच्चे का एक अंडकोष पेट के अंदर पाया गया था।
![]()
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के लिए लेप्रोस्कोपी-असिस्टेड ऑर्किडोपेक्सी (Laparoscopy-Assisted Orchidopexy) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। दूरबीन के माध्यम से पेट के अंदर स्थित अंडकोष की पहचान की गई। इसके बाद सावधानीपूर्वक उसे मोबिलाइज कर सफलतापूर्वक अंडकोष की थैली में स्थापित किया गया। आधुनिक तकनीक से किए गए इस ऑपरेशन को अस्पताल की चिकित्सा उपलब्धि माना जा रहा है।
![]()
ऑपरेशन का नेतृत्व अस्पताल के निदेशक एवं लेजर, लेप्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे.पी. सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि पेट के अंदर स्थित अंडकोष का ऑपरेशन सामान्य सर्जरी की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें विशेष सावधानी और आधुनिक तकनीक की आवश्यकता होती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि अनडिसेंडेड टेस्टिस एक जन्मजात समस्या है। समय पर इसका उपचार नहीं होने पर भविष्य में बच्चे की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं भी हो सकती हैं। इसलिए अभिभावकों को बच्चों में इस तरह की समस्या दिखने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रकाश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में दूरबीन विधि से ऑपरेशन, मूत्र रोग एवं पथरी से संबंधित एंडोयूरोलॉजी सर्जरी, अपर जीआई एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, ईआरसीपी, ब्रोंकोस्कोपी और लेजर सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य गया और मगध क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा एवं विशेषज्ञ सर्जरी की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़े।







गया। गया शहर के चिरैयाटांड़ में शुक्रवार को हुई एक प्रेस वार्ता में जमीन के लेन-देन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। एक पक्ष ने जमीन देने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये लेने, रजिस्ट्री नहीं करने, पैसे वापस मांगने पर गाली-गलौज व धमकी देने और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने गया के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि रामपुर थाना स्तर से उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और कार्रवाई के नाम पर लगातार टालमटोल की जा रही है।
गया। डांडिया की खनकती धुन, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक नृत्य के बीच गया में प्रजापति (कुम्हार) समाज का ‘रंगीलो डांडिया नाइट्स 2026’ उत्साह और उमंग के साथ आयोजित हुआ। रविवार को गया शहर के मगध मेडिकल चोवदारह रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रजापति समाज के करीब 500 सदस्यों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंगों के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और पारिवारिक सहभागिता का संदेश दिया गया।


गया: बेरोजगारी की चुनौती के बीच युवाओं को कम समय और कम खर्च में रोजगार के योग्य बनाने के उद्देश्य से बैंकिफा एकेडमी ने रोजगार पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। गया जिले के मानपुर स्थित नौरंगा मोड़, चिरी कोठी में आदित्य विजन के निकट संचालित बैंकिफा एकेडमी युवाओं को बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। संस्था में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान निदेशक सिद्धनाथ सिंह और सह निदेशक रितेश कुमार गुप्ता ने एकेडमी की कार्ययोजना, प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाणपत्र या डिग्री तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, कार्य-अनुभव और सही मार्गदर्शन के साथ रोजगार के लिए तैयार करना है। साथ ही, युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम करने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करना भी एकेडमी की प्राथमिकता है।
11 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.9k