देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस, राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अराजकता से सत्ता हासिल करना चाहती है। युवाओं को अराजक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं।

युवाओं को भड़काने का आरोप

वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ की अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश में छात्र आंदोलन को लेकर दिए हालिया बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस वार्ता कर कड़ा संदेश दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस तरह से युवाओं को भड़का रहे ये स्पष्ट करता है कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण के विचारों में लगाने की बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के साधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। इस बात को समझने की जरूरत है। झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जन-जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करना चाहिए।

देश में अराजकता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश-राजनाथ सिंह

बीजेपी नेता ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है। तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है। राजनाथ बोले- इससे यह साफ होता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, SIR, ज्ञानेश कुमार, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश है।

पीएम मोदी दिसंबर में जाएंगे कनाडा, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने किया तारीखों का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर को कनाडा का दौरा करेंगे। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। बता दें कि अभी कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद भारत की यात्रा पर हैं। इसी बीच पीएम मोदी का कनाडा दौरा भी तय हो गया है। ये दौरा दोनों देशों के रिश्ते को लेकर अहम माना जा रहा है। दरअसल, 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। अब आपसी सहयोग बढ़ाने और रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच फोन पर हुई बात

यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद की गई है। ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर, 2026 को कनाडा का दौरा करेंगे।' पोस्ट में आगे कहा गया है, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हाल ही में हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में ठोस परिणाम प्राप्त करने की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की।'

क्यों अहम है पीएम मोदी का कनाडा यात्रा

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिशों के बीच यह दौरा अहम माना जा रहा है। भारत और कनाडा के रिश्तों में 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों की कथित भूमिका को लेकर आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने खारिज किया था। दोनों देशों ने एक-दूसरे के छह-छह राजनयिकों को निष्कासित भी किया था। हालांकि, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रिश्तों में सुधार और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों देश इस साल के अंत तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर सालाना 70 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

हिंदू धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट का रिजर्वेशन पर बड़ा फैसला

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रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था के पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति का व्यक्ति दूसरा धर्म अपनाकर आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता। ये फैसला तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनाया है। इसके साथ ही मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

इस मामले में हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने वाले कुछ लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) की श्रेणी में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया था। कोर्ट ने कहा है कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था के पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति का व्यक्ति दूसरा धर्म अपनाने के बाद आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से निकलकर किसी गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में चला जाता है, वह केवल अपने धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत मिलने वाले विशेष लाभों का दावा नहीं कर सकता। पिछली सामाजिक व्यवस्था में झेला गया पिछड़ापन, नए धर्म में भी स्वतः ही लागू नहीं हो जाता, जिससे उसे उस नए धर्म में ‘पिछड़ा वर्ग’ का दर्जा मिल सके।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के एक व्यक्ति की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का जन्म हिंदू परिवार में हुआ था। उसने वर्ष 2016 में इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार एक महिला से निकाह किया और इस्लाम धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर समीर अहमद रख लिया। याचिकाकर्ता के मुताबिक, कायाथार स्थित सुन्नत जमात ने वर्ष 2015 में एक प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसमें उसके इस्लाम स्वीकार करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उसने खुद को मुस्लिम लेब्बई समुदाय का बताते हुए सामुदायिक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। हालांकि, कायाथार के तहसीलदार ने उसका आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद उसने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के फैसले को किया था रद्द

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसके तहत इस्लाम अपनाने वाले व्यक्तियों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम श्रेणी में आरक्षण का लाभ देने की अनुमति दी गई थी। इस आदेश के तहत अन्य पिछड़े वर्गों के ऐसे व्यक्तियों को जो इस्लाम धर्म अपना लेते थे, पिछड़ा वर्ग मुस्लिम श्रेणी में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। मामले में तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार का तर्क है कि धर्म परिवर्तन के कारण सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

दिल्ली में इंटरनेट बंद पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, हलफनामा में कहा- जानबूझकर नहीं किया

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते 10 अक्टूबर को कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हुई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इस मामले में केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। केंद्र ने इसे बिना अनुमति प्रदर्शन रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया और बिना शर्त माफी मांगी।

अवमानना के आरोपों से इनकार

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस का जवाब दिया। इसमें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, गोविंद मोहन ने अवमानना के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियां लगाने के संबंध में 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के आदेश का कोई जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन का हवाला

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर केंद्र सरकार की ओर से गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने बताया कि बिना जरूरी अनुमति के एक विरोध प्रदर्शन होने वाला था। साथ ही, उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को आए अनुभवों का भी हवाला दिया।

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रही थी सेवाएं

बता दें कि केंद्र के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को रात 10 बजे तक एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दी थी। जिसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित रही थी। दिल्ली के रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध था। यह पाबंदी केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी, इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड कनेक्शन शामिल नहीं थे।

युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से लिया संन्यास, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक मैसेज

#yuzvendrachahalannouncedhisretirementfromfirstclasscricket

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड बॉल क्रिकेट फॉर्मेट यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच हाल ही में लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। अब व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।

युजवेंद्र चहल का भावुक पोस्ट

न्यास का ऐलान करते हुए युजवेंद्र चहल ने भावुक पोस्ट शेयर किया। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखते हुए कहा- मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। तब मैं 10 साल का था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। इसी खेल ने मुझे सब्र, कैरेक्टर, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी का मतलब सिखाया।

मेरा सफर खत्म नहीं हुआ-चहल

उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला

वह लंबे समय से टीम इंडिया से भी बाहर चल रहे है। अगस्त 2023 में भारत के लिए आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते नजर आए थे। 36 साल के चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। यानी रेड बॉल में उन्होंने कभी कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला।

भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट

चहल ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।

भारत ने एशियन गेम्स में दिन का तीसरा गोल्ड जीता, लवलीना के बाद परवीन हुड्‌डा का गोल्डन पंच

#Indiawonitsthirdgoldofthedayattheasian_games

भारत ने एशियन गेम्स में शुक्रवार को तीसरा गोल्ड जीत लिया है। एशियाई खेलों में आज चौदहवें दिन आर्चरी के बाद बॉक्सिंग में ये दिन का दूसरा स्वर्ण पदक है। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर गोल्ड दिलाया। उसके बाद परवीन हुड्‌डा महिलाओं की 65 किग्रा में एशियन चैंपियन बनी। एक गोल्ड मेडल तीरंदाजी में आया।

परवीन हुड्डा का पहला एशियन गेम्स मेडल

परवीन हुड्डा ने महिलाओं की 65 किलो वेट कैटेगरी के फाइनल में चाइनीज ताइपे की मुक्केबाज चिन नीन-चिन को कड़े मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, ये भारत को मिलने वाला कुल 13वां स्वर्ण पदक था। हरियाणा के रोहतक की 26 वर्षीय इस युवा बॉक्सर का यह पहला एशियन गेम्स मेडल है।

बॉक्सर लवलीना ने एशियन गेम्स में पहली बार जीता गोल्ड

इससे पहले भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियाओजी को 5-0 के एकतरफा फैसले से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। जन्मदिन के खास मौके पर उतरी लवलीना ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन संयम का परिचय दिया और बाओ को आगे बढ़ने का मौका देकर बेहद प्रभावी काउंटर-पंचों के जरिए अंक बटोरे। शुरुआती दो राउंड जीतने के बाद उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में भी अपनी शानदार पकड़ बनाए रखी और इस तरह एक आसान व आधिपत्य भरी जीत दर्ज करते हुए देश के लिए यह स्वर्ण पदक पक्का किया।

भारत मेडल टैली के छठे स्थान पर

एशियन गेम्स में भारत मेडल टैली के छठे स्थान पर है। उसके पास 13 गोल्ड, 25 रजत और 35 कांस्य जीते हैं। भारत के कुल 73 मेडल हैं। वहीं, मुक्केबाजी में 5 मेडल आ चुके हैं। इनमें 3 ब्रॉन्ज भी शामिल हैं।

एशियन गेम्स में भारत को 12वां गोल्ड, लवलीना ने अपने जन्मदिन पर देश को दिया रिटर्न गिफ्ट

#lovlinaborgohainwinsasiangamesgoldonher29th_birthday

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 2 अक्टूबर की शानदार शुरुआत हुई है। आर्चरी में गोल्ड और सिल्वर मेडल के बाद बॉक्सिंग ने लवलीना ने गोल्ड दिलाया है।लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में चीन की खिलाड़ी को हरा कर गोल्ड जीता है।

बॉक्सर लवलीना ने एशियन गेम्स में पहली बार जीता गोल्ड

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियाओजी को 5-0 के एकतरफा फैसले से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। जन्मदिन के खास मौके पर भारतीय मुक्केबाज लवलीना ने पूरे देश को तोहफा दिया है।

देश के लिए जीता स्वर्ण पदक

सेमीफाइनल और फाइनल, दोनों मुकाबलों में लवलीना ने धीमी शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की। सेमीफाइनल में उन्होंने मुकाबले के अंत में आक्रामक रुख अपनाते हुए कजाखस्तान की मुक्केबाज को पूरी तरह दबा दिया और फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, स्वर्ण पदक का मुकाबला अलग रहा। आक्रामक अंदाज में खेल रहीं चीन की बाओ जियी के खिलाफ लवलीना ने क्लिंच का सहारा लिया, धैर्य बनाए रखा और सही समय का इंतजार करते हुए रणनीतिक तरीके से जवाबी पंच लगाए। मुकाबले के अंत तक लवलीना ने पर्याप्त बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने बाओ के हमलों से बचते हुए समय निकाला और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जन्मदिन पर खास तोहफा

लवलीना के लिए दो अक्तूबर की तारीख अब उनके करियर की सबसे खास तारीखों में शामिल हो गई है। जिस दिन वह 29 साल की हुईं, उसी दिन उन्होंने एशियाई खेलों का सबसे बड़ा मुकाम हासिल किया। असम की इस मुक्केबाज ने रिंग में उतरने से पहले ही एक उपलब्धि अपने नाम कर ली थी। वह लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं। 2023 के बजाय 2022 में आयोजित हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था, जबकि इस बार उन्होंने उस पदक का रंग बदल दिया।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

#protestsagainstcecgyaneshkumaratjantar_mantar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

त्यौहारी सीजन में रांची रेलमंडल ने यात्रियों को देगी 7 स्पेशल ट्रेनों की सौगात

त्योहारों के सीजन को देखते हुए रांची रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। रांची से कुल सात पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। रांची स्टेशन पर त्योहारों में यात्रियों के बढ़ते भीड़ के मद्देनजर 10 अक्टूबर से दक्षिणी गेट पर भी टिकट की सुविधा दी जायेगी। साथ ही रांची रेल मंडल के DRM करुणा निधि सिंह ने बताया कि यात्रियों को सुविधा और त्यौहारों में भीड़ को नियंत्रित करने पर ज्यादा ध्यान रहेगा।

पूजा स्पेशल ट्रेन

अजमेर–रांची–अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल

09619 अजमेर रांची का परिचालन 02 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक

हर शुक्रवार को किया जाएगा, (कुल 09 ट्रिप)

09620 रांची अजमेर का परिचालन 04 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक, हर रविवार को,

कुल 09 ट्रिप

रांची अलीपुरद्वार–रांची साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08661 रांची–अलीपुरद्वार का परिचालन 12 अक्टूबर से 09 नवंबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 05 ट्रिप

08662 अलीपुरद्वार–रांची का परिचालन 14 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार को, कुल 05 ट्रिप

रांची–आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल

02877 रांची आनंद विहार टर्मिनल का परिचालन 03 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक हर शनिवार को, कुल 09 ट्रिप

02878 आनंद विहार टर्मिनल–रांची का परिचालन 04 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक, हर रविवार को, कुल 09 ट्रिप

सांतरागाछी–अजमेर–सांतरागाछी साप्ताहिक स्पेशल

08611 सांतरागाछी–अजमेर का परिचालन रांची होकर, 12 अक्टूबर से 28 दिसंबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 12 ट्रिप

08612 अजमेर–सांतरागाछी का परिचालन रांची होकर, 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक, हर गुरुवार को, कुल 12 ट्रिप

हटिया–लोकमान्य तिलक टर्मिनस–हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08609 हटिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 12 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 03 ट्रिप

08610 लोकमान्य तिलक टर्मिनस हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 13 अक्टूबर 2026 से 27 अक्टूबर 2026 तक, हर मंगलवाहर को, कुल 03 ट्रिप

हटिया सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08637 हटिया सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 14 अक्टूबर 2026 से 11 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार को, कुल 05 ट्रिप

08638 सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 16 अक्टूबर 2026 से 13 नवंबर 2026 तक, हर शुक्रवार को, कुल 05 ट्रिप

पटना  चर्लपल्ली पटना (वाया रांची) द्वि-साप्ताहिक स्पेशल

पटना चर्लपल्ली द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ;(वाया  रांची), का परिचालन 21 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक, हर सोमवार एवं बुधवार को, कुल 21 ट्रिप

03254/03255 चर्लपल्ली पटना  स्पेशल ;(वाया रांची), का परिचालन 23 सितंबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार एवं शुक्रवार को, कुल 21 ट्रिप

हटिया–बानो एवं बानो–हटिया अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का भी परिचालन

08631 हटिया–बानो अनारक्षित स्पेशल का परिचालन 01 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक, प्रतिदिन कुल 91 ट्रिप

08632 बानो–हटिया अनारक्षित स्पेशल का परिचालन भी 01 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक, कुल 91 ट्रिप

रांची से जयंत की रिपोर्ट

*कालाडीह में भाकपा माले में शामिल हुए दर्जनों लोग, विधायक चंद्रदेव रहे मौजूद

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सामान्यतः सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। मतदाताओं की सुविधा के लिए नो मैपिंग अथवा तार्किक विसंगतियों के लिए मतदाताओं को प्राप्त नोटिस के आलोक में बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज संकलित करेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ द्वारा उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई हेतु, सुनवाई स्थल पर जाने की आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता स्वयं ईआरओ कार्यालय अथवा नोटिस में निर्धारित सुनवाई स्थल पर उपस्थित होना चाहतें है, तो वहां भी संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहेंगे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि कई मतदाताओं द्वारा नोटिस के आलोक में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में दर्ज था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा है, लेकिन किसी कारणवश सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर विशेष आउटरीच कार्यक्रम एवं कैंप आयोजित किए जाएं तथा उन तक पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा पदाधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि यदि किसी मतदाता को पूर्व में सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय अथवा किसी अन्य निर्धारित स्थल पर उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है और वह स्वयं वहां पहुंचते है, तो संबंधित पदाधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई हेतु सुनवाई स्थल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता सुनवाई स्थल पर आते हैं, तो ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए कि कोई मतदाता सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचे और वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न हों।

उन्होंने PVTG, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता, श्रमिक, गरीब, बेघर तथा वैसे मतदाताओं, जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार विशेष कैंप एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों का परीक्षण करते हुए ठोस, स्पष्ट एवं कारणयुक्त Speaking Order पारित किया जाए। एसआईआर-2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने सभी मतदाताओं, बीएलओ, बीएलए तथा एसआईआर कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा संशय की स्थिति में मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।