संजय चावला की फिल्म ‘मिलो जो तुम’ में नजर आएंगे रॉक स्टार संगीत मासूम
मुंबई। हिंदी सिनेमा में नई प्रतिभाओं और मनोरंजक विषयों को लेकर लगातार सक्रिय जाने-माने फिल्म निर्माता संजय चावला अब अपनी आगामी फिल्म ‘मिलो जो तुम’ को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी, रोमांस और भरपूर मनोरंजन से सजी इस फिल्म की शूटिंग शीघ्र शुरू होने जा रही है। फिल्म की लोकेशन फाइनल कर ली गई है और इसका प्रमुख हिस्सा मध्य प्रदेश की खूबसूरत राजधानी भोपाल में फिल्माया जाएगा।
फिल्म का निर्देशन अनुभवी एवं प्रतिभाशाली निर्देशक मृत्युंजय किचम्बरे कर रहे हैं। निर्माता संजय चावला और निर्देशक मृत्युंजय किचम्बरे ने बताया कि फिल्म की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही पूरी यूनिट भोपाल में शूटिंग शुरू करेगी। मिलो जो तुम’ की एक खास बात इसकी मजबूत संगीत और साहित्यिक पृष्ठभूमि भी है। फिल्म के गीत प्रसिद्ध साहित्यकार एवं गीतकार दुर्गा प्रसाद उपाध्याय ‘अभिराज’ ने लिखे हैं। निर्माताओं के अनुसार उन्होंने फिल्म की कहानी, भावनाओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेहद खूबसूरत और प्रभावशाली गीतों की रचना की है, जो फिल्म के कथानक को और अधिक जीवंत बनाएंगे।
फिल्म की स्टारकास्ट में सबसे चर्चित नाम उभरते अभिनेता और रॉक स्टार संगीत मासूम का है। निर्माता संजय चावला ने संगीत मासूम की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपनी इस महत्वाकांक्षी फिल्म के लिए साइन किया है। फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि ‘मिलो जो तुम’ संगीत मासूम के अभिनय करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।
संगीत मासूम तेजी से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रहे युवा कलाकारों में शामिल हैं। अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और डांसिंग स्किल्स के कारण वह विशेष रूप से नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। प्रतिष्ठित रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान से नृत्य की बारीकियां भी सीखी हैं। कई साल थिएटर को दिए हैँ। यही प्रशिक्षण उनके अभिनय और ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व को एक अलग धार देता है। संगीत मासूम अब तक कई चर्चित म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ चुके हैं। पद्म भूषण उदित नारायण, पद्मश्री अनूप जलोटा, अगम कुमार निगम, समीर खान, कृष्णा बेउरा और हरमन नाजिम जैसे जाने-माने गायकों के गीतों में वह अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुके हैं। विभिन्न संगीत वीडियो के माध्यम से उन्होंने युवा दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
म्यूजिक वीडियोज के अलावा संगीत मासूम ने कई शॉर्ट फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। इन दिनों वह फिल्म ‘प्रेमांजलि’ में भी काम कर रहे हैं। ऐसे समय में निर्माता संजय चावला द्वारा उन्हें ‘मिलो जो तुम’ जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना जाना उनके करियर के लिए एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
निर्माता संजय चावला का कहना है कि ‘मिलो जो तुम’ केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि हास्य, भावनाओं, रिश्तों और मनोरंजन का ऐसा खूबसूरत संगम होगी, जिसमें हर आयु और हर वर्ग के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास होगा।उन्होंने विश्वास जताया कि फिल्म की कहानी, निर्देशन, संगीत और कलाकारों का शानदार तालमेल इसे दर्शकों के लिए एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनाएगा। संजय चावला के शब्दों में, ‘मिलो जो तुम’ मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगी और दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही संगीत मासूम की मौजूदगी ने ‘मिलो जो तुम’ को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अभिनय और संगीत की दुनिया में लगातार आगे बढ़ रहे इस युवा कलाकार के लिए यह फिल्म नए अवसरों के द्वार खोल सकती है। जिस तेजी से संगीत मासूम अपने अभिनय और व्यक्तित्व से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में सिनेमा के आकाश पर संगीत मासूम का सितारा और भी अधिक चमकता नजर आएगा।
प्रभारी विभाग निरीक्षक अशोक कुमार जैसवार सेवानिवृत्त
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के एच पूर्व विभाग में प्रभारी विभाग निरीक्षक के पद पर कार्यरत अशोक कुमार जैसवार की सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन शास्त्री नगर मनपा शाला सभागृह में किया गया। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में  पूर्व विभाग निरीक्षिका  रेशमा जेधिया,विभाग निरीक्षिका सुनीता बाळशंकर,विभाग निरीक्षक इमरान अहमद, विभाग निरीक्षक संतोष जाधव,वॉर्ड की विभाग निरीक्षिका शुभांगी जाधव ,शास्त्री नगर इमारत प्रमुख जावेद सर, मुख्याध्यापिका स्मिता धानोरिया, रामकृष्ण परमहंस मराठी शाळा की मुख्याध्यापिका रजनी आव्हाड ,वाकोला हिंदी 1 की मुख्याध्यापिका स्नेहा लाघवे , सांताक्रूझ पूर्व उर्दू मुख्याध्यापक अजमल सर,वाकोला उर्दू मुख्याध्यापक तनवीर सर तथा सभी माध्यम की सभी शाळा के मुख्याध्यापक और प्रभारी शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सोमनाथ थोरात ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कालीना मनपा हिंदी शाला के सभी शिक्षक नवीनचंद्र शुक्ला, मंजुला गुप्ता, नरेंद्र राम,ईश्वर महेर, संगीता बहेकार , फातिमाबी मुल्ला, दिनेश तुरकर का सुंदर योगदान रहा।
बाणगंगा की सुरक्षा के लिए बीएमसी के साथ नागरिक भी सहयोग करें – मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। वालकेश्वर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व वाले पवित्र बाणगंगा तालाब में दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियों के मृत पाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान महानगरपालिका के डी विभाग के सहायक आयुक्त संतोष सालुंखे और स्थानीय नगरसेवक सन्नी सानप उपस्थित थे।पितृपक्ष की पृष्ठभूमि में तालाब की पवित्रता और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे, ऐसा मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत वार्ड के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा बाणगंगा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया था। पितृपक्ष के दौरान बाणगंगा तालाब में पिंडदान सहित विभिन्न धार्मिक विधियों के लिए बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं। इन विधियों में उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़े जाने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ जलजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाब परिसर में तत्काल स्वच्छता अभियान चलाया गया।
गत गुरुवार को महानगरपालिका के वार्ड अधिकारियों के साथ बाणगंगा तालाब परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया था। पितृपक्ष के दौरान बढ़ने वाली नागरिकों की भीड़ को देखते हुए धार्मिक विधियों में उपयोग की जाने वाली सामग्री तालाब अथवा उसके आसपास न डाली जाए, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश महानगरपालिका को दिए गए हैं। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जलजीवन के संरक्षण के लिए महानगरपालिका द्वारा आवश्यक उपाय तत्काल किए जाएं। तालाब के आसपास 10 कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। साथ ही दूषित पानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। आगामी शनिवार को पितृपक्ष की अवधि समाप्त होगी और इस दौरान बाणगंगा तालाब परिसर में बड़ी संख्या में नागरिक धार्मिक विधियों के लिए आते हैं। इसलिए पितृपक्ष की शेष अवधि के साथ-साथ इसके बाद भी तालाब परिसर में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए महानगरपालिका आवश्यक सावधानी बरते, ऐसे निर्देश कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिए।
पिंडदान विधि के दौरान उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़ी जाती है। जलजीवों द्वारा इन पदार्थों का सेवन किए जाने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। इसलिए बाणगंगा तालाब में धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके से पिंडदान की विधियां करने का आह्वान किया गया है।
आजमगढ़ के ब्लाक प्रमुख भूपेंद्र सिंह 'मुन्ना’ का मुलुंड में भव्य सम्मान
मुंबई। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद स्थित ठेकमा के ब्लाक प्रमुख एवं जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र सिंह ’मुन्ना’ का आज मुलुंड के विजय ट्यूटोरियल में भव्य सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह दयाशंकर सिंह, कुंवर रणंजय सिंह, वीर बहादुर सिंह, हाकिम सिंह, भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, विजयप्रकाश सिंह, विजय सर, एडवोकेट गोविंद सिंह, जय सिंह, विजय सिंह, विजयप्रताप सिंह, मृतुंजय शाही, दिपक सिंह उपस्थित रहे। भूपेंद्र सिंह ने आत्मीय पूर्ण सम्मान के लिए उपस्थित समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी से मिला सम्मान, आशीर्वाद और प्यार मेरे लिए अनमोल उपहार है।
डाॅ.भारती संजीव श्रीवास्तव का सेवासंपूर्ति सम्मान समारोह संपन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग की एक बहुआयामी सरस शख़्सियत डाॅ.भारती संजीव श्रीवास्तव जो प्रधानाध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हुई। आपने कुशल शैक्षणिक सेवा,समाजसेवा एवं साहित्य सेवा करते हुए 34 वर्ष 7 माह की प्रदीर्घ सघन समर्पित प्रभावी सेवा शिक्षा विभाग को दी। जिनका सम्मान समारोह अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के उपलक्ष्य पर 27 सितंबर 2026 रविवार को नित्यानंद मार्ग एम्. पी. एस्., अंधेरी(पूर्व) के सभागार में आयोजित किया गया।कार्यक्रम की गौरवमयी अध्यक्षता विभाग के पूर्व यशस्वी प्रशासनिक अधिकारी एवं संप्रति महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी तथा बालभारती के पाठ्यक्रम निर्मिति के पदाधिकारी रामहित बी. यादव ने किया। संचालन के गुरुतर दायित्व को राजीव मिश्र ने बड़े ही सरस अंदाज में निभाया।कार्यक्रम का श्रीगणेश दीप प्रज्वलन व ईश स्तवन से हुआ। अतिथि परिचय व स्वागत के पश्चात संगीत शिक्षक राजेश कुमार सिंह ने अतिथियों के स्वागत में बहुत ही सुंदर भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के बीच-बीच में उन्होंने अपनी सरस संगीतमय प्रस्तुतियों से सभागार को आनंद से सराबोर कर दिया।शिक्षा जगत् व सामाज की सर्वप्रिय हस्तियों में मुंबई विश्वविद्यालय के प्रो. डाॅ. हूबनाथ पाँडेय,प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं अग्नि शिला पत्रिका के संपादक अनिल वेदव्यास गलगली,अरविंद कुमार तिवारी, शिक्षक सभा के नेता नरेंद्र बहादुर सिंह आदि ने अपनी गररिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।वक्ताओं की लंबी फेहरिस्त में महापौर पुरस्कार से विभूषित शिक्षक दिनेश कुमार सी. सिंह ने कार्यक्रम की प्रास्ताविकी के रूप में अपना सारगर्भित अभिमत प्रस्तुत किया।तत्पश्चात शिक्षक सेना के तेजतर्रार सर्व सहयोगी पूर्व कार्याध्यक्ष उपेंद्र बी. राय, शिक्षक सभा के पूर्व ईडीबी डायरेक्टर शरद सिंह,पूर्व प्रधानाध्यापक गिरिजा शंकर त्रिपाठी,शिक्षक राम सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह,माताचरण मिश्र,लवकुश मिश्र,डाॅक्टर इंद्रसेन सिंह, डाॅ. विनय कुमार सिंह, पूर्व उप शिक्षणाधिकारी श्रीमती मानसी आप्टे, शिक्षा निरीक्षिका श्रीमती सुरेखा मराठे, बी. ओ. श्रीमती फेमिदा मैडम, श्रीमती सरिता सिंह चौहान, मानस मर्मज्ञ डाॅ. शिवधनी पांडेय, सत्कार मूर्ति के जीवन साथी संजीव श्रीवास्तव सबने अपने-अपने अनोखे अंदाज में सत्कार मूर्ति के व्यक्तित्व व कृतित्व के प्रति भावपूर्ण उद्गार प्रस्तुत किये।अमेरिका में प्रवास कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार जय प्रकाश मिश्र 'मिलिंद' द्वारा संप्रेषित भावपूर्ण शुभेच्छा संदेश को सभागार में प्रस्तुत किया गया।गौरव मूर्ति ने निज बेबाक अभिमत में अपने सेवाकाल के शुरुआती बारह वर्ष जो 'भाषा विकास प्रकल्प' के माध्यम से विभाग के शिक्षकों का विविध उद्बोधन वर्गों तथा स्पर्धी कार्यक्रमों के तहत समुचित मार्गदर्शन किया और उन्हें निखारा; उस दौर को अपनी सेवा का स्वर्णिम काल कहा।उन्होंने अपने पिता सुप्रतिष्ठित प्रधानाध्यापक श्रद्धेय रामनिरंजन मिश्र को नम आँखों से याद किया जिनके स्नेहिल सुसंस्कारों से संपुष्ट होकर वो कीर्तिमान स्थापित कर पाईं।अंत में अध्यक्षीय अभिभाषण,भावपूर्ण आभार प्रदर्शन एवं राष्ट्रगान के बाद हृदयस्पर्शी कार्यक्रम का समापन हुआ।
संघ एकता, जैन संस्कार और जैन शासन की ऐतिहासिक महारथ यात्रा
मुंबई। मुंबई की पावन धरती और विशेष रूप से दक्षिण मुंबई के प्रमुख मार्गों पर रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को जैन धर्म की एकता, संस्कार और शासन की प्रभावना का अद्भुत एवं ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, जीवदया, करुणा और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित भव्य महारथयात्रा में श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग से संचालित पाठशालाओं के लगभग 3,000 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह महारथयात्रा केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन संघ की एकता, नई पीढ़ी में संस्कारों के सिंचन और जैन शासन की भव्य प्रभावना का जीवंत महोत्सव बन गई। परम पूज्य संघित सम्राट एवं प्रसिद्ध प्रवचनकार आचार्य श्री विजय प्रभाकरसूरीश्वरजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री महाप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री श्रीप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शना श्रीजी म.सा. आदि साधु-साध्वी भगवंतों के पावन सान्निध्य में यह भव्य आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। साथ ही श्री नेमिसूरी समाज के आचार्य प.पू. श्री चंद्रसूरीश्वरजी महाराज सहित विभिन्न आचार्य भगवंतों एवं साधु-साध्वीजी भगवंतों की दिव्य निश्रा और पावन उपस्थिति ने इस महारथयात्रा को और अधिक आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। श्वेत वस्त्रों एवं आकर्षक रंग-बिरंगी धार्मिक वेशभूषा में सजे नन्हे बालक-बालिकाएं हाथों में पवित्र जैन ध्वज लेकर नवकार महामंत्र का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चों के अनुशासन, उत्साह और भक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग पर ‘जैनम् जयति शासनम्’, ‘अरिहंत शरणं गच्छामि’ जैसे जयघोष गूंजते रहे और दक्षिण मुंबई का वातावरण भक्तिमय बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उमड़े और महारथयात्रा के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों ने भी यात्रा की भव्यता में चार चांद लगाए। बता दें कि श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई द्वारा जैन समाज की भावी पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर व्यापक कार्य किया जा रहा है। संघ के अंतर्गत आज देशभर में 700 से अधिक पाठशालाएं, 75,000 से अधिक विद्यार्थी तथा 1,500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्वान पंडितवर्य धार्मिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने में समर्पित हैं। संघ के इस उल्लेखनीय कार्य की वैश्विक स्तर पर भी सराहना हुई है तथा संस्था को प्रतिष्ठित लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त होना जैन समाज के लिए गौरव का विषय है। संस्था के उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह ने कहा कि पाठशाला के नन्हे बालकों द्वारा की गई यह आराधना पूरे जैन संघ के लिए प्रेरणादायी है। बच्चों में बचपन से ही धर्म, अहिंसा और जीवदया के संस्कारों का सिंचन करने का जो पवित्र कार्य श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ कर रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को मंगलकामनाएं दीं। आधुनिक युग में बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से जोड़े रखना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लगभग 3,000 बच्चों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि जैन संस्कारों की जड़ें आज भी अत्यंत मजबूत हैं। यह महारथयात्रा जैन शासन की प्रभावना का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के अध्यक्ष सुरेशभाई देवचंद शाह, उपाध्यक्ष  संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोकभाई नर्सी चरला एवं डॉ. अल्पा संजय शाह की उपस्थिति और मार्गदर्शन में पाठशाला के बच्चों ने विभिन्न जैन धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत कीं। यह संपूर्ण भव्य आयोजन श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग एवं श्री जैन संगठन के नेतृत्व में संपन्न हुआ और जैन समाज के लिए भक्ति, संस्कार, एकता एवं धर्मप्रभावना का अविस्मरणीय अध्याय बन गया।
लिटिल एंजेल्स इंग्लिश स्कूल का वार्षिक समारोह सम्पन्न

मुंबई। मालाड पूर्व स्थित लिटिल एंजेल्स इंग्लिश स्कूल एवं लिटिल एंजेल्स अकादमी का वार्षिक समारोह गोरेगांव पूर्व के नंदादीप विद्यालय मराठी स्कूल, जयप्रकाश नगर, कलाघर में उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संजय जिवनलाल शाह और जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ. अल्पा संजय शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने दोनों अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, नाट्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. संजय जीवनलाल शाह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, परिश्रम और मानवीय मूल्यों का होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, निरंतर मेहनत करने तथा माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। डॉ. शाह ने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने और उनके सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। डॉ. अल्पा संजय शाह ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को पहचानने, निखारने और सही दिशा देने की होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा शिक्षा के साथ संस्कारों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव तैयार करता है। ऐसे समारोह विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ मंच पर आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों की वर्षभर की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों और गतिविधियों ने समारोह को जीवंत एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय की ट्रस्टी सुश्री धृति ग्रोवर सहित शिक्षकगण, अभिभावक, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने दोनों मुख्य अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणादायी उपस्थिति से विद्यार्थियों का उत्साह और मनोबल काफी बढ़ा। लिटिल एंजेल्स इंग्लिश स्कूल एवं लिटिल एंजेल्स अकादमी का यह वार्षिक समारोह विद्यार्थियों की प्रतिभा, उपलब्धियों, संस्कारों और आत्मविश्वास का उत्सव बनकर संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया मुंबई पुस्तक महोत्सव के वेबसाइट का शुभारंभ
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आज मुंबई पुस्तक महोत्सव 2026 के लोगो और आधिकारिक वेबसाइट www.mumbaibookfestival.com का शुभारंभ किया गया। इस लॉन्च के साथ ही छह दिवसीय महोत्सव के लिए औपचारिक उलटी गिनती शुरू हो गई है, जिसका आयोजन 24 से 29 नवंबर 2026 तक मुंबई विश्वविद्यालय के कालीन परिसर में किया जाएगा। यह महोत्सव पुस्तकों, साहित्य, कला और संस्कृति को एक मंच पर लाएगा। इस महोत्सव का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया (एनबीटी-इंडिया), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मुंबई विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें मराठी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं, साहित्य तथा संस्कृति को बढ़ावा देने वाले 600 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे।
इस अवसर पर विधायक एवं मुख्य आयोजक अमीत साटम, मुख्य संयोजक आचार्य पवन त्रिपाठी, एनबीटी-इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविंद्र डी. कुलकर्णी और एनबीटी-इंडिया के निदेशक युवराज मलिक उपस्थित थे।
यह महोत्सव मुंबई और देश भर के छात्रों, परिवारों, पाठकों, प्रकाशकों और लेखकों को वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कराने और इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता है। मुंबई पुस्तकों, विचारों और संस्कृति का एक मिलन स्थल बनने के लिए तैयार है, जहां हर भाषा और उम्र के पाठक एकसाथ आ सकते हैं। इसमें प्रवेश निशुल्क है तथा पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है।
नवकुम्भ साहित्य सेवा संस्थान द्वारा गांधी जयंती पर विशेष कविगोष्ठी
ठाणे । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था नव कुम्भ साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में गाँधी जयंती के अवसर पर विशेष काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा “ गाँधी-कल और आज ” का आयोजन शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 को रीगल प्लाजा लोकपुरम ठाणे में किया गया।जिले में पहली बार आयोजित यह साहित्यिक आयोजन अत्यंत गरिमापूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम में वक्ता कृष्ण कुमार मिश्र,यशपाल सिंह एवं रामप्यारे रघुवंशी ने अपने सारगर्भित विचारों से परिचर्चा को समृद्ध किया।परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार नामदार राही, कवि सुशील नाचीज़,डॉ शारदा प्रसाद शरदचंद्र,रंजना शुक्ला, जगनजी,रामगोपाल,दिनेश खुल्लम,निरंजन भोसले,सुरेश कुमार,राजेश मिश्रा सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए विषय पर सार्थक विचार रखा।काव्य पाठ में एन.बी.सिंह ‘नादान’, अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’, उमेश मिश्र ‘प्रभाकर’, शोभा ‘स्वप्निल’, ओमप्रकाश सिंह, अजय सिंह, तिलकराज खुराना, विजय कुलकर्णी, दिनेश मुकरी, नरसिंह ‘हैरान’, अरुण प्रकाश ‘अनुरागी’, मुन्ना यादव,अनिल कुमार राही एवं सुशील कुमार सिंह सहित उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं से आयोजन को काव्यमय बना दिया।नरसिंह हैरान जौनपुरी ने अपने कुशल संचालन से कार्यक्रम को गति गरिमा प्रदान की। संस्था के राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप ने बताया कि उक्त कार्यक्रम का आयोजन ठाणे जिला अध्यक्ष सुशील कुमार ‘नाचीज़’ एवं उपाध्यक्ष डॉ अरुण प्रकाश ‘अनुरागी’ ने किया। जिला अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने कहा कि यह गोष्ठी ठाणे में नियमित मासिक काव्यगोष्ठी के रुप में होती रहेगी। उक्त प्रथम गोष्ठी में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार राही की उपस्थिति रही जिन्होंने आयोजन कर्ताओं, प्रमुख वक्ताओं,परिचर्चा में सहभागी साहित्यकारों, कवियों एवं उपस्थित सभी साहित्यप्रेमी मित्रों का नव कुम्भ साहित्य सेवा संस्थान परिवार की ओर से हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए हार्दिक अभिनंदन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि साहित्य की यह यात्रा निरंतर गतिमान रहे,विचारों का यह दीप सदा प्रज्वलित रहे और नव कुम्भ का साहित्यिक परिवार इसी प्रकार एकजुट होकर समाज एवं संस्कृति के प्रति अपना दायित्व निभाता रहे।
मुंबई कांग्रेस की कार्यकारिणी बैठक में नवनियुक्त प्रभारी का सम्मान
मुंबई। मुंबई कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में हुई बैठक में पार्टी के संगठन की मजबूती और पार्टी के विस्तार को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र मुंबई कांग्रेस की नवनियुक्त प्रभारी डॉ सिरिवेल्ला प्रसाद का मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष डॉ किशोर सिंह ने सम्मान किया। इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़ उपस्थिति रही। बैठक में मुंबई कांग्रेस के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।