अब "लौझड़" के नाम से जाना जाएगा हरदोई जिला

लड्डू, आलू- पूडी के साथ लौझड़ जरूरी

रितेश मिश्रा

हरदोई। सामुदायिक रेडियो "रेडियो जागो" द्वारा निर्मित 10 एपिसोड की रेडियो श्रृंखला ‘एक जनपद एक व्यंजन’ का लोकार्पण जिलाधिकारी सभागार में प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरदोई के प्रसिद्ध लड्डू, आलू-पूरी और लौझड़ जैसे पारंपरिक व्यंजनों की निर्माण विधि और उनकी विशिष्टता अब रेडियो प्रसारण के माध्यम से अधिक लोगों तक पहुंचेगी, जिससे स्थानीय स्वाद और खाद्य परंपराओं को नई प्रतिष्ठा मिलेगी।

असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने व्यंजनों के प्रति लोगों में रुचि जागृत करने और स्थानीय खान-पान की परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए रेडियो जागो की पहल की सराहना की।

रेडियो जागो के अध्यक्ष अभय शंकर गौड़ ने बताया कि इस श्रृंखला के माध्यम से हरदोई के बूंदी और गोंद के लड्डुओं की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि रेडियो पर प्रसारित होने वाली व्यंजनों की निर्माण विधियां स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगी, जिससे खाद्य व्यवसाय के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, संडीला विधायक अलका अर्कवंशी, जिलाधिकारी अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल, अपर जिलाधिकारी प्रफुल्ल त्रिपाठी, अन्य अधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

पुत्र ने पिता पर लिखाई रिपोर्ट

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। एक पिता ने अपनी पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली और अपने बेटे को दरकिनार कर सारी संपत्ति उसके नाम कर दी। बेटे को पैतृक मकान से भी निकालने और जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है । पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। शाहाबाद कोतवाली के ग्राम हर्रई निवासी मुनीम पुत्र भैया लाल के अनुसार उसकी मां की मौत हो जाने के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली और अपनी सारी संपत्ति दूसरी पत्नी के नाम कर दी। बेटे मुनीम का आरोप है कि पिता अब उसे पैतृक मकान से भी निकालना चाहते हैं । लगातार मकान से न निकलने पर जान माल की धमकियां दे रहे हैं । उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं । उसी घर में रहकर वह अपना जीवन यापन कर रहा है। पीड़ित बेटे ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
आठ लोगों पर गैंगस्टर का दर्ज किया गया मुक्फमा
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहकर दहशत फैलाने और संगठित रूप से लूटपाट करने के आरोप में गैर जनपद के आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली शाहाबाद में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। पुलिस ने यादराम उर्फ यादा पुत्र माखनलाल निवासी नौगवां थाना पकड़िया पीलीभीत, अकरम अली पुत्र छिट्टू शाह निवासी हाफिज गंज बरेली, आसिफ उर्फ आसिब पुत्र बशीर निवासी एजाज नगर गौंटिया थाना बारादरी बरेली, आसिफ उर्फ पप्पू पुत्र मिट्ठूवक्श तुलसी नगर एजाज नगर गौंटिया बारादरी बरेली, समोल मंडल पुत्र उपोन निवासी भरतपुर थाना न्योरिया पीलीभीत, नन्हे उर्फ रीतिराम पुत्र मूलचंद निवासी महमंदपुर दिवरियाकलां पीलीभीत, मुकीम उर्फ मोहम्मद मुकीम पुत्र दीनमोहम्मद पशुपति बिहार कालोनी, पशुपति नाथ मंदिर थाना बारादरी बरेली, धर्मेंद्र गिरी पुत्र हरपाल गिरी ग्राम नौगवां पकड़िया थाना सुनगढ़ी पीलीभीत पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।
क्षेत्रीय विधायक की उपस्थिति में रात्रि चौपाल कार्यक्रम संपन्न
पीयूष तिवारी
बेनीगंज- प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं अंत्योदय” के मूल मंत्र पर आधारित केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जनकल्याण अभियान के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 158 सांडी के ब्लॉक अहिरोरी की ग्राम पंचायत अकबरपुर सदियापुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर पर शुक्रवार शाम को रात्रि ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक प्रभास कुमार वर्मा,भाजपा नेता आशुतोष शुक्ला 'राकू'  प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार अहिरोरी संतोष कुमार, पंचायत सहायक अधिकारी मेवाराम, ग्राम विकास अधिकारी विनय कुमार वर्मा,विद्युत अवर अभियंता बेनीगंज, क्षेत्रीय लेखपाल पवन यादव की उपस्थिति में रात्रि ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन मंडल महामंत्री मनमोहन सिंह के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीब कल्याण, किसान सम्मान, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों, ग्रामीण विकास तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षेत्रीय विधायक ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि चौपाल के माध्यम से जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा। सम्मानित ग्रामवासियों का स्नेह, विश्वास एवं आशीर्वाद ही जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
इस मौके पर पार्टी के सम्मानित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित रहे।
भाजपा के 12 वर्ष सेवा, सुशासन, विश्वास एवं जनकल्याण को समर्पित रहे : असीम अरुण
रितेश मिश्रा
हरदोई, भारतीय जनता पार्टी के “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत आज उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण जी ने हरदोई जनपद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। कार्यक्रमों के उपरांत उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष श्री अजीत सिंह बब्बन के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए माननीय प्रभारी मंत्री श्री असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की शक्ति और पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को पूर्ण अनुशासन, समर्पण और निष्ठा के साथ दिन-रात संगठन एवं समाज की सेवा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने श्री असीम अरुण जी
थाना दिवस पर लेखपाल व ग्राम प्रधान पर रिश्वतखोरी और भेदभाव के आरोप, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)।कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज की ग्राम पंचायत कोरोकला के मजरा खेरवा निवासी कमलेश पुत्र संतराम ने शनिवार को आयोजित थाना दिवस में पहुंचकर क्षेत्रीय लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली बेनीगंज में प्रार्थना पत्र दिया। मामले की शिकायत नायब तहसीलदार कोथावां अनुपमा वर्मा एवं प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र के समक्ष की गई।
पीड़ित कमलेश का आरोप है कि वह अपने पूर्वजों के मकान से लगी सहन की भूमि पर निर्माण कार्य करा रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान द्वारा सूचना दिए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा उससे ₹20,000 की मांग की गई। पीड़ित का कहना है कि धनराशि दिए जाने के बावजूद उसका निर्माण कार्य रुकवा दिया गया, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम समाज की खलिहान एवं होलिका दहन की भूमि पर ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। साथ ही उक्त भूमि पर खेती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने मामले में जातिगत भेदभाव, गरीबों के उत्पीड़न तथा प्रशासनिक संरक्षण मिलने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
कमलेश ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने मकान निर्माण कार्य में उत्पन्न की जा रही बाधाओं को दूर कर न्याय दिलाने की अपील की है।
थाना दिवस के दौरान मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं किया है और शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।
बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
कछौना का आरोग्य मंदिर उपकेन्द्र पुरवा खुद 'कुपोषित', परिसर बना तबेला, जिम्मेदार मौन

रितेश मिश्रा


कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के स्वास्थ्य केंद्र व आरोग्य मंदिर ग्राम सभा पुरवा में कई माह से नियमित स्वास्थ्य कर्मियों के न आने के कारण परिसर में गंदगी का अंबार व जानवर बांधे जा रहे हैं। झाड़ी उगी है, पल्ले भी टूट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते आमजनमानस स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से की है।

ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर बनाए गए हैं। परंतु ग्रामीणों में जागरूकता की कमी के चलते व विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह आरोग्य मंदिर खुद कुपोषित है।

           विकासखंड कछौना की ग्राम सभा पुरवा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर में कई माह से स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं। जिसके कारण भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पल्ले भी टूट चुके हैं। परिसर में बड़ी-बड़ी घास की झड़ी उग गई है। यहां तक गांव के लोग परिसर में जानवर बांधते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का मजाक बनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य का लाभ न मिल पाने के कारण आम जनमानस झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर है। पूरे मामले की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया मामले की स्थलीय जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्यवाई की जाएगी।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।