थाना दिवस पर लेखपाल व ग्राम प्रधान पर रिश्वतखोरी और भेदभाव के आरोप, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)।कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज की ग्राम पंचायत कोरोकला के मजरा खेरवा निवासी कमलेश पुत्र संतराम ने शनिवार को आयोजित थाना दिवस में पहुंचकर क्षेत्रीय लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली बेनीगंज में प्रार्थना पत्र दिया। मामले की शिकायत नायब तहसीलदार कोथावां अनुपमा वर्मा एवं प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र के समक्ष की गई।
पीड़ित कमलेश का आरोप है कि वह अपने पूर्वजों के मकान से लगी सहन की भूमि पर निर्माण कार्य करा रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान द्वारा सूचना दिए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निर्माण कार्य को लेकर लेखपाल एवं ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा उससे ₹20,000 की मांग की गई। पीड़ित का कहना है कि धनराशि दिए जाने के बावजूद उसका निर्माण कार्य रुकवा दिया गया, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम समाज की खलिहान एवं होलिका दहन की भूमि पर ग्राम प्रधान पक्ष द्वारा अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। साथ ही उक्त भूमि पर खेती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने मामले में जातिगत भेदभाव, गरीबों के उत्पीड़न तथा प्रशासनिक संरक्षण मिलने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
कमलेश ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं मजिस्ट्रेटी जांच कराए जाने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने मकान निर्माण कार्य में उत्पन्न की जा रही बाधाओं को दूर कर न्याय दिलाने की अपील की है।
थाना दिवस के दौरान मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं किया है और शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाने तथा दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।
बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
कछौना का आरोग्य मंदिर उपकेन्द्र पुरवा खुद 'कुपोषित', परिसर बना तबेला, जिम्मेदार मौन

रितेश मिश्रा


कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के स्वास्थ्य केंद्र व आरोग्य मंदिर ग्राम सभा पुरवा में कई माह से नियमित स्वास्थ्य कर्मियों के न आने के कारण परिसर में गंदगी का अंबार व जानवर बांधे जा रहे हैं। झाड़ी उगी है, पल्ले भी टूट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते आमजनमानस स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से की है।

ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर बनाए गए हैं। परंतु ग्रामीणों में जागरूकता की कमी के चलते व विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह आरोग्य मंदिर खुद कुपोषित है।

           विकासखंड कछौना की ग्राम सभा पुरवा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर में कई माह से स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं। जिसके कारण भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पल्ले भी टूट चुके हैं। परिसर में बड़ी-बड़ी घास की झड़ी उग गई है। यहां तक गांव के लोग परिसर में जानवर बांधते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का मजाक बनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य का लाभ न मिल पाने के कारण आम जनमानस झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर है। पूरे मामले की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया मामले की स्थलीय जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्यवाई की जाएगी।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।
मुख्य सड़क पर बने गड्ढे हादसों को दे रहे दावत जिम्मेदार बेखबर

धर्म सिंह

माधौगंज-हरदोई।माधौगंज से सेलापुर मटियामऊ को जाने वाली मुख्य सड़क पर फजलपुर के पास की  मुख्य सड़क के किनारे पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों  के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। माधोगंज से सेलापुर मटियामऊ से तेरवाकुली, मेंहदीघाट कन्नौज को जाने वाली यह मुख्य सड़क है जिस पर बड़ी बड़ी गाड़ियों का आवागमन लगा रहता है। रात के समय गड्ढा दिखाई नहीं देने से लोग हादसों का शिकार होने से बच रहे है।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गड्ढे से अंजान राहगीरों को बहुत दिक्कत होता है। वह भी कई बार इस गड्ढे से बचे हैं। क्योंकि दिन के समय में तो यह गड्ढा दिखाई दे जाता है, लेकिन रात के समय में इसका पता नहीं चलता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। सड़क पर बने गड्ढे को 5 से 10 दिन गुजर चुके हैं।रात के समय बढ़ जाती है अधिक परेशानी
ग्रामीणोंका कहना है कि गड्ढा सड़क के बिल्कुल किनारे पर बना हुआ है। गड्ढे के कारण रात के समय वाहन चालकों की परेशानी अधिक बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क किनारे बने गड्ढे को बंद करने की मांग की है।
पिहानी आ रहे दो बाइक सवारों को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, एक हरदोई रेफर

बबलू प्रजापति
हरदोई, पिहानी जहानी खेड़ा मार्ग पर शुक्रवार को तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही मोटरसाइकिल में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए सीएचसी पिहानी लाया गया, जहां एक की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल हरदोई रेफर कर दिया गया।घायल सतीश यादव पुत्र श्री कृष्ण, निवासी मगरापुर ,सुबोध पुत्र ईश्वर्दीन, निवासी बुखारपुर
जानकारी के अनुसार सतीश और सुबोध मोटरसाइकिल से अपने घर से पिहानी आ रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर से निकल रहे प्रधान आकाश ने दोनों घायलों को अपनी निजी गाड़ी से दोनों घायलों को तत्काल सीएचसी पिहानी पहुंचाया गया*
डॉक्टरों ने सतीश यादव की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हरदोई रेफर कर दिया। सुबोध का इलाज सीएचसी पिहानी में चल रहा है।सूचना पर पिहानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टक्कर मारने वाले बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है।
आखिरी सांस तक सवर्ण समाज के कंधे से कंधा मिलाकर चलूंगा -पंकज धवरैय्या
रितेश मिश्रा
हरदोई बघौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत लंबे समय से चले आ रहे परशुराम प्रतिमा स्थापित करने के विवाद को लेकर  आज पंकज धवरैय्या हरदोई के बघौली पहुंच हरदोई के जिला प्रशासन पर आग बबूला होते हुए कहा हमारे आराध्य को क्या हमारी निजी जमीन में स्थापित करने का भी हमें अधिकार नहीं है सरकार स्पष्ट तौर पर बताएं कि क्या सामान्य वर्ग को उत्तर प्रदेश छोड़ देंना चाहिए आखिरकार सवर्ण समाज की क्या गलती है जो हमारे आराध्य को 3 महीने तक खुले आसमान के नीचे हमारे आराध्य की प्रतिमा को इतना लंबा समय व्यतीत करना पड़ा जब हमने हरदोई आने की घोषणा की उसके बाद आनन फानन में प्रशासन ने हमारे आराध्य की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दे दी इसी के साथ प्रशासन को पक्षपात ना करते हुए सभी के साथ समान व्यवहार करने की अपील की व सभी सवर्ण समाज के लोगों को एकजुट होने का निवेदन करते हुए कहा कि मैं मरते दम तक सवर्ण समाज के लिए लड़ता रहूंगा इसी के साथ शाहाबाद के परियाल की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि अगर एसडीएम साहब दबाव में आकर के पीछे ना हटे तो हम और हमारा पूरा समाज एसडीएम शाहाबाद सुशील कुमार मिश्रा के साथ मिलकर न्याय के लिए जी जान लगा देंगे सरकार पर तंज करते हुए पंकज  धवरैय्या ने कहा कि सरकार सवर्णों के साथ सामाजिक अन्याय कर रही है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे हुआ रात्रि चौपाल का आयोेजन
रितेश मिश्रा
हरदोई केन्द्र सरकार के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक संचालित होने वाले वृहद अभियान ‎के अन्तर्गत विगत दिवस जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे तहसील सदर के विकास खण्ड बावन में रात्रि चौपाल आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने चौपाल मे लगी विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया, तथा कर्मचारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को पोषण किट दी तथा व बच्चों का अन्नप्राशन कराया। जिलाधिकारी ने चौपाल मे लोगों से संवाद कर उन्हें शासन द्वारा संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया गया। ‎रात्रि चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सभी पात्रों को लाभान्वित किया जाय तथा शिकायतों एवं समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध तथा प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न लाभार्थीपरक कार्यक्रमों एवं योजनाओं से भी आम जनमानस को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में शासन की उपलब्धियों के विषय में चर्चा की गई। ‎रात्रि चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख बावन प्रतिनिधि धर्मेन्द्र सिंह, पीडी ए के मौर्या, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीएसटीओ राम प्रकाश, प्रधान व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता मे हुई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की बैठक
रितेश मिश्रा
हरदोई. आज मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए बिना गारंटी एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। योजना के माध्यम से प्रदेश में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन को गति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है उन्होंने बताया कि युवाओं को योजना के माध्यम से विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र युवाओं को योजना की जानकारी उपलब्ध कराते हुए उनके आवेदन पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना युवाओं के सपनों को साकार करने तथा उन्हें रोजगारदाता के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बैकों को निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला उद्योग अधिकारी हर्ष प्रताप सिंह, समस्त बैंकों के प्रतिनिधि, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।