RTE के तहत रांची में 1,163 सीटों के लिए ऑनलाइन लॉटरी संपन्न, 10 दिन में होगा एडमिशन

शिक्षा के अधिकार के तहत आज रांची के समाहरणालय स्थित NIC कॉन्फ्रेंस हॉल में पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन के लिए कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया किया गया।

यह प्रक्रिया जिला अनुमंडल अधिकारी कुमार रजत की अध्यक्षता में शिक्षा अधीक्षक (DSE), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई। इस प्रक्रिया में अभिभावक भी मौजूद थे।

रांची जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों है। इन स्कूलों में वंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए कुल 1,163 आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए यह प्रक्रिया आयोजित की गई। इसके बाद स्कूलों को 1 हफ्ते से लेकर 10 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें वे बच्चों का एडमिशन लेना सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों का नामांकन लिया जाता है।

निजी स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया

निजी स्कूलों में कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों का नामांकन की प्रक्रिया में अभिभावकों को अपना इनकम सर्टिफिकेट के साथ-साथ नजदीकी तीन स्कूलों का लिस्ट देना होगा जिसमें वह नामांकन चाहते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को मिला बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में 20 मई को होने वाले उद्घाटन समारोह का आमंत्रण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), निगमित मुख्यालय के कार्यपालक निदेशक श्री एस० एस० राजू ने मुलाकात की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने 20 मई 2026 को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची, परिसर में आयोजित

"भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित फीचर वॉल, उड़ान यात्री कैफे, अवसर काउंटर, किड्स जोन एवं फ्लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह" में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डा रांची के निदेशक श्री विनोद कुमार एवं उप महाप्रबंधक श्री मनोज प्रसाद सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से CII झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।

सड़क हादसे ने छीना मां-बाप का साया, 3 मासूमों की देखभाल के लिए उतरे CM हेमंत


झारखंड के बोकारो से एक दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बच्चे आज दर-दर भटकने को विवश हैं। इनके आंसू देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है। सड़क हादसे में पिता की मौत हो गई। वहीं हादस में गंभीर रूप से घायल मां सोमवार की रात रांची रिम्स में जिंदगी की 'जंग' लड़ते-लड़ते हार गईं। तीनों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीनों बच्चों की आंखों में अब केवल आंसू हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा? इस बीच बच्चों की आंखों में आंसू देख राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आ गए।

बच्चों के आंसू देख सीएम हेमंत ने दिया बोकारो डीसी को आदेश

सीएम हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त (डीसी) जयनाथ झा को इस मामले में अविलम्ब संज्ञान लेकर बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी देने का फरमान सुनाया।

बच्चों से मिलने जा रहे बीडीओ और सीओ: बोकारो डीसी

सीएम के आदेश पर बोकारो डीसी ने तुरंत कार्रवाई की। डीसी ने सीएम हेमंत सोरेन को बताया कि 'बच्चों की मां का भी देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया है। उनके घर आज मंगलवार को बीडीओ और सीओ जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, संपूर्ण शिक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सभी कल्याणकारी योजनाओं का इन्हें लाभ दिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।'

बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है मामला

मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज रिम्स में चल रहा था। उनके परिवार में दो बेटे बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी हैं। पिता और मां की मौत की खबर से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया।

होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामले में नया मोड़, कुशवाहा समाज आया आगे

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के साथ गठित तौर पर यौन शोषण और गर्भवती मामले में मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुशवाहा समाज आया आगे। जेल प्रकरण मामले में विजय कुशवाहा ने कहा कि बाबूलाल मराठी कुशवाहा समाज को ही टारगेट कर गलत आरोप लगा रहे है।

जिस तरह से जेल कारा अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मेडिकल रिपोर्ट में पूरी तरह से निराधार और नेगेटिव आया। कुशवाहा समाज की ओर से कहा गया कि बिना साक्षी के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना गलत है। अगले 24 घंटा में बाबूलाल मरांडी साझे दे नहीं तो माफी मांगे अन्यथा पूरे जिले में कुशवाहा समाज आंदोलन करेगा।

जेल प्रकरण मामले में झालसा ने स्वतः संज्ञान लिया, डालसा तो टीम पहुंची जेल

रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मैं महिला कैदी के यौन शोषण मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

वीडियो में खबरें प्रकाशित होने के बाद झालसा ने डालसा, रांची को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद टीम कथित की गई जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला सदस्य शामिल थीं। जांच टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। जेल चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई और जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था। 

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

गोमो में हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्रेमी को छुड़ाने टावर पर चढ़ी युवती, डेढ़ घंटे तक सांसें थमीं

प्रेमी को हिरासत से छुड़ाने के लिए टावर पर चढ़ी

अपने प्रेमी की गिरफ्तारी से आहत युवती सीधे सिकलाइन स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे से पुलिस और स्थानीय लोगों के समझाने के बावजूद उतरने से इनकार करती रही. युवती की मांग थी कि उसके प्रेमी को तुरंत छोड़ा जाए और उससे शादी कराई जाए. टावर पर चढ़ी युवती को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. हालात को देखते हुए हरिहरपुर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवती को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारा गया. करीब डेढ़ घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद जब युवती नीचे उतरी तो पुलिस उसे थाने लेकर गई.

मुखिया ने बताया पूरा मामला

परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है और उन्हें थाने बुलाया गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. इस पूरे मामले में मुखिया अहमद अली ने बताया कि लड़की काफी देर तक टावर पर चढ़ी रही. पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसे समझाया, तब जाकर वह नीचे उतरी. मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है. गौरतलब है कि प्रेम प्रसंग के इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. समय रहते पुलिस की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया. अब सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी.