नारी बंदी गृह लखनऊ भेजी गईं पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी पूर्व एमएलसी रामलली मिश्रा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । रिश्तेदार की संपत्ति कब्जाने के मामले में दोषी करार दी गईं बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ,पूर्व एलएलसी रामलली मिश्रा को जिला कारागार से नारी बंदी गृह लखनऊ भेज दिया गया। न्यायालय से 10 वर्ष की सजा मिलने के बाद शासन के निर्देश पर जेल प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा तथा पुत्र विष्णु मिश्रा को 10-10 वर्ष की सजा दी गई है, जबकि बहू रूपा मिश्रा को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। फैसले के समय विजय मिश्रा आगरा जेल में निरुद्ध थे, वहीं विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में बंद हैं।
सजा सुनाए जाने के बाद रामलली मिश्रा और रूपा मिश्रा को जिला कारागार ज्ञानपुर में रखा गया था। बाद में शासन स्तर से मिले निर्देशों के क्रम में रामलली मिश्रा को लखनऊ स्थित नारी बंदी गृह स्थानांतरित कर दिया गया।
जेलर  ने बताया कि सात वर्ष से अधिक सजा पाने वाली महिला बंदियों को नियमानुसार नारी बंदी गृह भेजा जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत रामलली मिश्रा को लखनऊ भेजा गया है। उन्होंने बताया कि रूपा मिश्रा को चार वर्ष की सजा होने के कारण फिलहाल जिला कारागार में ही रखा गया है। शासन से आगे जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
आनंदडीह बाजार में भीषण आग, दो मंजिला कपड़े की दुकान जलकर राख
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। दुर्गागंज थाना क्षेत्र के आनंदडीह बाजार में बीती रात रात भीषण आग लगने से दो मंजिला कपड़े की दुकान जलकर राख हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरी दुकान इसकी चपेट में आ गई, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार आग “केसरवानी साड़ी महल एवं फैमिली मार्ट” नामक दुकान में लगी थी, जिसका संचालन ओपी केसरवानी द्वारा किया जाता है। दुकानदार के अनुसार प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग में लाखों रुपये मूल्य के कपड़े, फर्नीचर एवं अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए। दुकानदार ने करीब 40 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के दुकानदारों में दहशत का माहौल बना रहा।
दुर्गागंज थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है तथा घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
भदोही पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान शुरू:ड्रंक एंड ड्राइव, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर कार्रवाई
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपद में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।
यह अभियान मुख्य रूप से ड्रंक एंड ड्राइव, दोपहिया वाहनों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर, ट्रकों व भारी वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न, और निजी वाहनों पर अनधिकृत रूप से लगी नीली/लाल बत्ती व हूटर के विरुद्ध केंद्रित था।
यातायात और जनपदीय पुलिस ने जनपद के व्यस्त चौराहों, संवेदनशील मार्गों, लालानगर टोल प्लाजा गोपीगंज और जनपद के बॉर्डर जैसे मुख्य मार्गों पर सघन जांच की। नियम विरुद्ध पाए गए वाहनों के तत्काल चालान किए गए और मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग कर शोर मचाने वाले चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान रॉन्ग साइड ड्राइविंग और गलत लेन में वाहन चलाने वालों को भी चेतावनी दी गई। साथ ही, आमजन को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करने वाले और मॉडिफाइड उपकरणों से शांति भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा, भदोही में सम्मान समारोह:राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा बोले- प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने को प्रतिबद्ध

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद में परिषदीय विद्यालयों के अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रविवार को ज्ञानपुर स्थित मधुवन वाटिका में हुआ। शासन द्वारा अनुदेशकों का मानदेय ₹9000 से बढ़ाकर ₹17000 किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, सांसद डॉ. विनोद बिन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा शामिल हुए। भदोही के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय घरांव के बच्चों ने वाद्य यंत्रों के साथ सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
बच्चों की प्रस्तुति ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को प्रभावित किया। अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की।कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने आकर्षक रंगोली बनाई। अतिथियों ने छात्राओं की रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की। राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने अनुदेशकों की भूमिका को इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि सरकार ने अनुदेशकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए उनके मानदेय में वृद्धि की है। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अधिक समर्पण से योगदान देंगे।
वन विभाग द्वारा रोपित होगा बीस हजार महुआ पौधा


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में हरियाली लाने की दिशा में करीब 16 लाख 50 हजार से ज्यादा पौधा रोपित होने को तैयार किया जा रहा है। इस वर्ष बरसात शुरू होते ही वन विभाग द्वारा औषद्यीय गुणों से भरपूर करीब बीस हजार महुआ का पौधा रोपित होगा। नर्सरी में तैयार हो रहे पौधों की लंबाई करीब एक से डेढ़ फीट लंबी हो गई है। प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि पौधा रोपित करने को नर्सरी में तैयार हो चला है। ऐसे में जुलाई माह में पौधा रोपित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इधर दस वर्षों में महुआ के वृक्ष में काफी कमी आया है।महुआ का फल और फुल दोनों लाभकारी होता है। ऐसे में महुआ वृक्ष की संख्या बढ़ाने की दिशा में बीस हजार पौधा तैयार किया जा रहा है। मानसून सत्र में निर्धारित स्थलों पर महुआ पौधों को रोपित किया जाएगा। जबकि निर्धारित एक स्थान पर महुआ बाग भी बनाया जाएगा। इस स्थल पर सिर्फ महुआ का ही पौधा रोपित किया जाएगा। महुआ वृक्ष की संख्या बढ़ाने को विभागीय स्तर से तैयारी चल रही है। बताया कि महुआ न केवल छायादार एवं फलदार वृक्ष है। बल्कि इसका उपयोग औषद्यीय कार्यों में भी किया जाता है। महुआ एक महत्वपूर्ण वन उपज वाला पौधा है। जिसके फल जितने उपयोगी होते हैं, उतने ही इसके फूल भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। महुआ की प्रजाति कम उर्वर (रेतीली-मिट्टी) क्षेत्रों में भी आसानी से विकसित हो जाती है। जिससे यह पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए उपयोगी सिद्ध होती है। प्रभारी वन अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महुआ के पेड़ों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में पौधा वृक्ष और बाग को बढ़ावा देने के लिए बीस हजार पौधों को तैयार किया जा रहा है।
अरुणोदय से स्कूलों के नौनिहाल सीखेंगे नवाचार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को नए शैक्षिक सत्र में अब हर दिन कुछ नया सीखने को मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से पूरे वर्ष के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया है। नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने में उद्देश्य से तैयार इस कैलेंडर को अरुणोदय नाम मिला है। इसके तहत बच्चों को प्रतिदिन सुबह प्रार्थना सभा के दौरान पर्यावरण, स्वास्थ्य से लेकर महापुरुषों की जयंती, कला, कहानी कविता संग देशभक्ति और स्वतंत्रता से जुड़े प्रसंग पर बच्चों को जानकारी दी जाएगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए अलग अलग शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया गया है। जिससे बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप सामग्री हासिल हो सके। प्रत्येक विषय के साथ क्यूआर कोड भी जोड़ा गया है.जिससे शिक्षक अतिरिक्त उपयोगी जानकारी प्राप्त कर बच्चों को बता सकें। कैलेंडर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के अनुसार अलग-अलग बना है, ताकि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप सामग्री मिले। इसमें बच्चों से छुट्टियों के अनुभव साझा कराने, वर्णमाला, शब्द निर्माण, विलोम शब्द कहानी, सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य से लेकर मौसमी फल सब्जियों के लाभ आदि विषय शामिल हैं। वर्षा जल संरक्षण, पौधारोपण, बाढ़ से बचाव संचारी रोगों की रोकथाम, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान, खेल-खेल में विज्ञान व बच्चों में अच्छी आदतों का विकास कैसे हो यह भी सिखाया जाएगा। प्रधानाध्यापक व शिक्षक बच्चों को विषय की जानकारी देने के साथ उनसे उससे जुड़ी गतिविधियां भी कराएंगे।
भदोही सांसद विनोद बिंद ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे: ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील
नितेश श्रीवास्तव


भदोही ‌। भदोही से भाजपा सांसद विनोद बिंद ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने काफिले को छोड़कर चंदौली के कैलाशपुरी स्थित आवास से 5 किलोमीटर दूर अलीनगर स्थित अपने अस्पताल तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) का उपयोग किया।
सुबह 10 बजे मुगलसराय में सांसद विनोद बिंद को ई-रिक्शा में यात्रा करते देख राहगीरों और दुकानदारों ने उनका अभिवादन किया। यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
सांसद बिंद ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल, ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करें, तो पेट्रोल-डीजल की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। सांसद ने जोर दिया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सांसद ने बताया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देकर देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि आमतौर पर सांसद बिंद के काफिले में चार वाहन शामिल होते थे।
काशी नरेश विश्वविद्यालय की प्रथम कुलपति उमा श्रीवास्तव ने संभाला कार्यभार, रिसर्च और अनुशासन पर रहेगा फोकस
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय की प्रथम कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने शनिवार को विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया।
चार्ज ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुलपति उमा श्रीवास्तव ने कहा कि काशी नरेश विश्वविद्यालय एक पुराना एवं ऐतिहासिक महाविद्यालय रहा है। उनका प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय में शोध एवं रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए तथा गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कार्य किया जाएगा। कुलपति के कार्यभार ग्रहण करने को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखा गया।
भदोही महोत्सव हाफ मैराथन के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत: अपर पुलिस अधीक्षक ने मेडल, स्मृति चिन्ह और पुरस्कार राशि भेंट की
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। शनिवार को भदोही महोत्सव हाफ मैराथन के समापन समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को मेडल, स्मृति चिन्ह (ट्रॉफी) और पुरस्कार राशि भेंट की।
यह मैराथन तीन दिवसीय 'भदोही महोत्सव' कार्यक्रम का हिस्सा थी। दौड़ सुबह 06:00 बजे अभयनपुर मैदान (इंदिरा मिल के पास) से शुरू होकर गोपीगंज स्थित संदीप पैलेस तक आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में भदोही महोत्सव सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्णा मिश्रा, सोसाइटी के पदाधिकारी, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।
मैराथन को सुव्यवस्थित और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस और यातायात पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहीं।
वट सावित्री व्रत में महिलाओं ने की बरगद की पूजा: पति की लंबी आयु के लिए की पूजा सामूहिक रूप से हुआ आयोजन


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में शनिवार को वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं ने बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना की। यह व्रत पति की दीर्घायु के लिए किया जाता है। क‌ई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा में भाग लिया। हिंदू धर्म में बरगद का वृक्ष पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष को सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इस वृक्ष की पूजा से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पूजन सामग्री में सावित्री - सत्यवान की मूर्तियां धूप, दीप और घी शामिल थे। साथ ही बांस का पंखा,लाल कलावा और सुहाग का सामना भी रखा गया। कच्चा सूत,भिगोया हुआ चना, बरगद का फल और जल से भरा कलश भी पूजा में उपयोग किए गए। व्रती महिलाएं ने सावित्री और सत्यवान की पूजा की। बरगद की जड़ में जल अर्पित किया। वृक्ष के तने के चारों ओर कच्चा धागा लपेटा। तीन बार परिक्रमा की। बड़ के पत्तों के गहने पहनने वट सावित्री की कथा सुनी। भीगे हुए चनों का बायना निकाला। नगद रुपए रखकर सास के पैर छुकर आशीर्वाद लिया।