2027 में महिलाएं सपा को देंगी करारा जवाब : सुमन सिंह
*समाजवादी पार्टी महिला व सनातन विरोधी राजनीतिक दल - सुमन सिंह*

*33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भाजपा ने सांसद व सपा के खिलाफ किया प्रदर्शन*

सुलतानपुर।भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के सामने सपा सांसद व समाजवादी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।महिला जन आक्रोश अभियान के तहत नगर, लोहरामऊ, दूबेपुर, कटका व धनपतगंज मंडल की महिला पदाधिकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सपा विरोधी नारे लगाए।जिला मंत्री रेखा निषाद, महिला मोर्चा महामंत्री जया सिंह व नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सुमन सिंह ने कहा कि संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल का विरोध कर सपा ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति हमेशा महिलाओं और सनातन मूल्यों के विरोध पर आधारित रही है।उन्होंने कहा कि सपा सरकार में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। प्रदेश में गुंडाराज, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर थी।वर्ष 2027 में महिलाएं सपा को करारा जवाब देंगी।महिला मोर्चा महामंत्री रेनू तिवारी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में रेखा निषाद,जया सिंह व रीना जायसवाल ने सभी का आभार जताया।भाजपा के जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि सोमवार 11 मई को इसौली विधानसभा के विभिन्न मण्डलों की महिलाएं कुड़वार बाजार में सांसद व समाजवादी पार्टी के महिला विरोधी चरित्र को लेकर धरना व प्रदर्शन करेगी।कार्यक्रम में रचना अग्रवाल, कमला सिंह, किरण निषाद, मिथिलेश चौरसिया, अनीता तिवारी, पल्लवी सिंह, रेनू सिंह,माधुरी मिश्रा,अनीता मौर्य,सुषमा श्रीवास्तव,मंजू तिवारी व प्रमिला सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
ज्ञान,शील और एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है - डॉ. संतोष अंश
सुलतानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कुशभवनपुर का तहसील अभ्यास वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज सिरवारा में सम्पन्न हुआ। तहसील अभ्यास वर्ग का विधिवत शुभारंभ प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश, जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, तहसील सह संयोजक आदर्श एवं विभाग संगठन मंत्री कौतुक द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया।प्रस्ताविकी एवं सैद्धान्तिकी सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का विराट अभियान है। परिषद विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि परिषद का मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है। यदि छात्र शक्ति जागृत होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली बनता है। अभाविप विद्यार्थियों को केवल अधिकारों के लिए संघर्ष करना नहीं सिखाती, बल्कि कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाती है। उन्होंने कहा कि अभाविप का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो शिक्षा में उत्कृष्ट, समाज के प्रति संवेदनशील और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले हों। भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पश्चिमी अन्धानुकरण से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्य पद्धति सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद की कार्यपद्धति सामूहिकता, अनुशासन और निरंतर सक्रियता पर आधारित है। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है तथा नियमित संवाद, अभ्यास वर्ग और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाया जाता है। आयाम कार्य सत्र को संबोधित करते हुए जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय ने कहा कि अभाविप शिक्षा, सेवा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे विविध आयामों पर कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करना है। सदस्यता सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि परिषद की सदस्यता केवल संगठन से जुड़ना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में परिषद से जुड़कर छात्रहित एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। समारोप सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
जनपद स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन,विजेताओं को पुरस्कृत किया गया
सुलतानपुर। राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती एवं राणा प्रताप महाविद्यालय स्थापना दिवस के सुअवसर पर जनपद स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता का व्यापक आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को अपनी चित्रकला के माध्यम से सजीव रूप प्रदान किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संतोष कुमार सिंह ‘अंश’ ने प्रतियोगिता के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के नायक नहीं, बल्कि राष्ट्र स्वाभिमान, त्याग और संघर्ष के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति एवं वीरता के आदर्शों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनती हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करना शिक्षा संस्थानों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान के साथ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
प्राचार्य प्रो. डी.के. त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कारों और विचारों का दर्पण भी है। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से इतिहास के गौरवपूर्ण अध्याय को जीवंत कर दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यसभा सांसद संजय सिंह,उत्तर प्रदेश बार के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल, क्षत्रिय शिक्षा समिति संजय सिंह एडवोकेट, प्रबंधक बाल चंद्र सिंह, प्राचार्य प्रो डी के त्रिपाठी  तथा  सभासद रमेश सिंह टिन्नू ने मेडल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एमजीएस इंटर कॉलेज की स्वाती को प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से कुमकुम मौर्य, केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज एवं मानसी सिंह, रामकली बालिका इंटर कॉलेज को मिला। तृतीय स्थान संयुक्त रूप से महक कसौंधन, रामराजी सरस्वती बालिका विद्यालय एवं अंशिका शर्मा, डीएसएम स्कूल को प्राप्त हुआ। सांत्वना पुरस्कार गरिमा, रामराजी बालिका इंटर कॉलेज को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन प्रो. निशा सिंह ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षक, अभिभावक एवं हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो..
*राणा प्रताप पीजी कालेज के स्थापना दिवस पर हुआ कवि सम्मेलन*

सुलतानपुर,गाली दे वीरों को संसद तो उसका भी उपचार करो,शीश काट कर रिपुओं का भारत मां का शृंगार करो। जो झुकने दिया न शीश राष्ट्र का उसकी जय जयकार करो ,समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो।
वीर रस के चर्चित कवि डॉ रणजीत सिंह ने जब यह पंक्तियां क्षत्रिय भवन सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में पढ़ीं तो लोग भाव विभोर हो गए।
राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने यह आयोजन किया था। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र व संचालन आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत ब्रजेश कुमार पाण्डेय इन्दु की इस वाणी वंदना से हुई - रग रग में नई रवानी दे माई दे ,सबको तू चेतना सयानी माई दे। देश की अखण्डता न खंड खंड हो सके ,सबको विवेक हिन्दुस्तानी माई दे। आचार्य अभिमन्यु शुक्ल तरंग ने नाम से ही जिसके चमकते हैं सूर्य सदा, तुम्हें उस नाम की महत्ता का पता नहीं सुनाकर वाहवाही बटोरी। प्रख्यात कवयित्री डॉ.निरुपमा श्रीवास्तव की पंक्तियां थीं बुनो प्यार के धागे कोमल बिनो सहादत वाली चादर । बुनो नेह की छलकी गागर रघुनंदन की बगिया बीनो मोहन का मेरे पीतांबर। व्यंग्यकार निर्झर प्रतापगढ़ी ने लोगों को खुब हंसाया। उन्होंने कहा असली जो गुनहगार थे स्वच्छंद हो गये जो बेगुनाह थे नजरबंद हो गये इस दौर में बेइमान हरिश्चंद्र हो गये। शायर डॉ.अब्दुल मन्नान एडवोकेट ने सुनाया हमारी बात को संसद में कैसे रखेगा, हमारा सांसद गूंगा है और बहरा है।
सीतापुर से आये साहित्यकार प्रमोद द्विवेदी ने ललकारते हुए पढ़ा - जहां वीर सेना में भर्ती हेतु सदा आतुर रहते ,उस भारत को दास बनाये बोलो इतना किसमें दम । लखनऊ के अशोक पाण्डेय अनहद ने कहा कई सदी तक तप अगर करते हैं मां बाप । तब जाकर सौभाग्य से मिलता एक प्रताप।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र ने कहा मारा गया इंसाफ मांगने के जुर्म में इंसानियत के हक में बोलने के जुर्म में। औरों की खुशी देख क्यों पाती नहीं दुनिया तोड़े गए हैं फूल महकने के जुर्म में। संचालक आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने सुनाया कवि कुसुम की सेज पर सोता नहीं है मैं कलम को बम बनाने जा रहा हूं। मैं नई दुनिया बसाने जा रहा हूं।
स्वागत असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व आभार ज्ञापन प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने किया। महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक एडवोकेट राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ एस बी सिंह, प्राचार्य प्रोफेसर डी के त्रिपाठी, एडवोकेट रणजीत सिंह, जीतेन्द्र श्रीवास्तव व सूर्य प्रताप सिंह ने अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर कवियों को सम्मानित किया। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापना दिवस पर प्रकाशित वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा भी कवियों को भेंट की गई।
इस अवसर पर बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर के पीठाधीश्वर कपाली बाबा, क्षत्रिय शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संतोष सिंह अंश समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण तथा पेड़-पौधों की महत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई

सुल्तानपुर । जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध सर्जन डॉ ए के सिंह ने किया| जिसमें जिले की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण, लगातार गिरते जल स्तर, जल संचयन की आवश्यकता, पर्यावरण संरक्षण तथा पेड़-पौधों की महत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने वर्षा जल को तालाबों में संरक्षित करने, गोमती नदी को प्रदूषण से बचाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। इसके साथ ही शादी-विवाह में डीजे से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण, नगर में बढ़ते कचरे की समस्या, जाम और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का संचालन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुधाकर सिंह ने किया
गोष्ठी में उपस्थित लोगों ने जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से इन समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
गोमती मित्रों ने संकल्प दोहराया,स्वच्छ हों नदियां मिले पेड़ों की छाया
सुल्तानपुर :-हर रविवार गोमती मित्र मंडल द्वारा होने वाला साप्ताहिक स्वच्छता जागरूकता श्रमदान 10 मई को भी सीता कुंड धाम पर प्रात 6:00 बजे से शुरू किया गया जो 3 घंटे तक अनवरत चलता रहा,3 घंटे के श्रमदान में गोमती मित्रों ने पूरे तट परिसर,श्राद्ध स्थल व सीता उपवन की साफ सफाई तो की ही साथ ही नदी के अंदर से भी टूटे-फूटे कलश,मूर्तियां,कपड़े,कांच के फ्रेम आदि निकालने का सिलसिला जारी रखा, यह सिलसिला पिछले तीन सप्ताह से लगातार जारी है और जिसका विशेष मकसद है नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को चोट लगने से बचाना जबकि इस प्रयास में खुद गोमती मित्र भी लगातार चोटिल हो रहे हैं,प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने एक बार फिर नगर वासियों से गोमती मित्रों का सहयोग करने की अपील की।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,सेनजीत कसौधन दाऊ,डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अरुण गुप्ता,अजय प्रताप सिंह,आलोक तिवारी,राकेश मिश्रा,अजीत शर्मा,मुन्ना सोनी,मुन्ना पाठक,अभय मिश्रा,आयुष सोनी आदि शामिल हुये।
पुलिस सर्विलांस टीम को मिली बड़ी कामयाबी: 20 लाख के 121 गुमशुदा/चोरी हुए मोबाइल बरामद,स्वामियों को मिलेगा वापस,चेहरे पर लौटी मुस्कान*
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद पुलिस सर्विलांस टीम ने गुमशुदा एवं चोरी हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है,वही पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने आज शनिवार को कुल 121 गायब हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं,जिनकी अनुमानित लागत लगभग 20 लाख बतायी जा रही है। आज रविवार को बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द कर दिया गया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान और लोगों ने सुल्तानपुर सर्विलांस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार सबसे ज्यादा वीवो और रियलमी के फोन बरामद हुए हैं-VIVO के 33, realme के 20, SAMSUNG के 17, REDMI के 14, OPPO के 13, अन्य ब्रांड्स में Poco के 07, Infinix के 07, OnePlus के 05, Motorola के 03 और Tecno के 02 शामिल हैं। आम लोगों से पुलिस की अपील (CEIR पोर्टल) है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तत्काल भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। स्थानीय थाने में शिकायत के साथ रसीद और पहचान पत्र लेकर पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें। इससे मोबाइल ब्लॉक हो जाएगा और भविष्य में जैसे ही उसमें कोई सिम डालेगा,सर्विलांस टीम को नोटिफिकेशन मिल जाएगा। जिससे फोन बरामद करना आसान होगा।
संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध सर्जन डॉ ए के सिंह ने किया| जिसमें जिले की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण,लगातार गिरते जल स्तर,जल संचयन की आवश्यकता, पर्यावरण संरक्षण तथा पेड़-पौधों की महत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्षा जल को तालाबों में संरक्षित करने, गोमती नदी को प्रदूषण से बचाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। इसके साथ ही शादी-विवाह में डीजे से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण,नगर में बढ़ते कचरे की समस्या, जाम और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम का संचालन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुधाकर सिंह ने किया गोष्ठी में उपस्थित लोगों ने जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से इन समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
दो साल बाद एक छत के नीचे रहने को राजी हुए दम्पति
*रास्ट्रीय लोक अदालत ने बिछड़े परिवारों को मिलाया*

सुल्तानपुर कोतवाली देहात के वजूपुर निवासी शिवकुमार विवाह के 2 साल बाद अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्य एडवोकेट सीपी पांडे इस मामले का फॉलोअप कर रहे थे। तथा फैमिली कोर्ट तीन नम्बर में यह मामला विचाराधीन था। माननीय न्यायधीश की निगरानी में अलग अलग रह रहे पति-पत्नी का लगातार काउंसलिंग की जाती रही।पति सुनील कुमार ने रास्ट्रीय लोक अदालत का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है।दोनों जोड़े माननीय न्यायालय के सामने एक दूसरे को माला पहनकर पुराने गिले शिकवे भूल गए और एक साथ रहने को राजी हो गए। इस मौके पर मध्यस्थ अधिवक्ता ऋषिकेश बहादुर सिंह ,हरिराम सरोज,पैरालीगल वालंटियर अंजू सिंह ,अर्चना यादव ,योगेश यादव आदि मौजूद रहे।आज करीब सौ जोड़े एक हुए।
58 हजार से ज्यादा मुकदमों का निस्तारण
*30 साल पुराने केस में भी हुआ समझौता*

*राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी भीड़, परिवार से बैंक तक हजारों मामलों को मिली राहत*


सुल्तानपुर,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय का बड़ा रिकॉर्ड बना। जिले में एक ही दिन में कुल 58,093 वादों का निस्तारण कर लोगों को त्वरित राहत दी गई। सुबह से ही न्यायालय परिसर में फरियादियों की भारी भीड़ रही और विभिन्न न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर वर्षों पुराने मामलों का समाधान कराया गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री सुनील कुमार चतुर्थ ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सुल्तानपुर, पुलिस अधीक्षक चारू निगम, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा अधिवक्ताओं की उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर में वादकारियों की सुविधा, सहायता केंद्र, मार्गदर्शन व्यवस्था एवं विभिन्न काउंटरों का संचालन किया गया।
लोक अदालत में परिवार न्यायालय, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, बिजली, बीमा, दीवानी एवं अन्य मामलों की सुनवाई कर हजारों मुकदमों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय में कई वैवाहिक विवाद आपसी सहमति से समाप्त हुए तो वहीं बैंक ऋण वसूली से जुड़े 1302 मामलों में करोड़ों रुपये का समझौता कराया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 51 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि स्थायी लोक अदालत में बिजली एवं बीमा से संबंधित मामलों का समाधान कराया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज तथा ग्राम न्यायालयों ने भी रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 1992 से लंबित 30 वर्ष पुराने दीवानी वाद का निस्तारण भी शामिल रहा। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के समाप्त होने पर दोनों पक्षों ने राहत महसूस की।
जिलाधिकारी न्यायालय एवं अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 18,107 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि अमेठी जनपद में भी 26,700 मामलों को समाप्त कराया गया।
लोक अदालत के दौरान निःशुल्क मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया, जिसमें 809 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े समस्त पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की सक्रिय भूमिका रही। पीएलवी कार्यकर्ताओं ने दूर-दराज से आए वादकारियों को सहायता उपलब्ध कराई, न्यायालयों तक पहुंचाने, काउंटरों की जानकारी देने तथा समझौता प्रक्रिया में सहयोग किया।
लोक अदालत के सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवाद और समझौते के माध्यम से त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय संभव है।