शिक्षा व्यवस्था बेपटरी पर सरकारी स्कूलों की बदहाली का निजी स्कूल उठा रहे फायदा*
अमान्य स्कूलों पर गिरेगी गाज, जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर की टीमें शुरू करेंगी जांच*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* परिषदीय स्कूलों में अधिकांश बुनियादी सुविधाओं का अभाव व शिक्षकों का शिक्षण कार्य में रुचि न लेने व शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त कार्य एसआईआर, जनगणना, चुनाव के कारण सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था चौपट है। जिसका फायदा प्राइवेट स्कूल उठा रहे हैं। प्रभावी पर्यवेक्षण के अभाव में प्राइवेट स्कूल मानकों को ताक पर रखकर संचालित हैं। यह प्राइवेट स्कूल मोटी रकम बच्चों को लाने जाने हेतु वाहन के नाम पर शुल्क, कॉपी, किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग, एक निश्चित दुकान से उपलब्धता, खेल कूद मैदान का अभाव, शिक्षकों की योग्यता मानकों के अनुकूल न होना व अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव के कारण नौनिहालों की नीव कमजोर हो रही है। स्कूल चलो अभियान के साथ जिला अधिकारी ने जिले में संचालित प्राइवेट स्कूल की जांच का निर्देश दिया है। तहसील स्तर से टीम गठित की गई, जो कई बिंदुओं पर जांच करेगी। अमान्य स्कूलों पर कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। बेसिक शिक्षा नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की न्यू रखी जाती है। परंतु सरकार की बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए साफ नियत न होने के कारण आज भी काफी संख्या में नौनिहालों, ड्राप आउट बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुबह कूड़े के ढेर में कबाड़ बीनते नजर आएंगे। शिक्षा की विकसित समाज और देश के निर्माण में अहम भूमिका है। शिक्षा में सुधार लाने की महती आवश्यकता है।
1 hour and 49 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1