वंदे भारत स्लीपर का इंतजार खत्म, गुवाहाटी से कोलकाता के बीच का सफर होगा आसान
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नए साल के पहले दिन मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जल्द ही गुवाहाटी से कोलकाता के बीच देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले कुछ ही दिनों में इस ऐतिहासिक रूट पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यात्रियों को मिलेगी विश्व स्तरीय सुविधाएं
रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए डिजाइन की गई है। यह ट्रेन यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। इसे भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो प्रीमियम यात्रा को और सुगम बनाएगी।
पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी
वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी का वादा है। यह दोनों क्षेत्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से एकीकरण को बढ़ावा देगा। गुवाहाटी और कोलकाता पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के दो सबसे अहम शहर हैं। दोनों शहरों के बीच एक बड़ी आबादी नियमित रूप से ट्रेवल करती है। यह ट्रेन न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि कंफर्ट और सेफ्टी के मामले में भी एक नया मानक स्थापित करेगी।
मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों राज्यों में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राजनीतिक रूप से दोनों राज्य पार्टी के लिए बेहद अहम हैं। असम में लगातार 10 सालों से भाजपा की सरकार है। वहीं, पश्चिम बंगाल में वह बीते 10 सालों में शून्य से सत्ता के दावेदार तक पहुंच चुकी है।



*Khabar kolkata News Desk* : আজ ব্যারাকপুরের মঙ্গল পান্ডে মিলিটারি ট্রেনিং এরিয়াতে ইস্টার্ন কমান্ডের নেতৃত্বে বিজয় দিবস ২০২৫ উপলক্ষ্যে মিলিটারি ট্যাটু প্রদর্শিত হল। অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন ভারতীয় সেনাবাহিনীর ইস্টান কমান্ডের জেনারেল অফিসার কম্যান্ডিং ইন চিফ তথা পরম বিশিষ্ট সেবা মেডেল, উত্তম যুদ্ধ সেবা মেডেল, অতি বিশিষ্ট সেবা মেডেল ও সেনা মেডেল সম্মানে সম্মানিত লেফটেন্যান্ট জেনারেল রাম চন্দর তিওয়ারি। এছাড়াও উপস্থিত ছিলেন মণিপুরের গভর্নর, পশ্চিমবঙ্গ সরকারের যুব ও ক্রীড়া মন্ত্রী অরূপ বিশ্বাস এবং প্রতিবেশী দেশ বাংলাদেশের বিভিন্ন প্রতিনিধি সহ বিশিষ্ট অতিথিরা। ১৯৭১ সালের ভারত-বাংলাদেশ যুদ্ধের ফলে বাংলাদেশকে স্বাধীন করার ক্ষেত্রে যে মুখ্য ভূমিকা ভারতীয় সেনাবাহিনী নিয়েছিল, সেই কথাকে স্মরণ রেখেই ভারতীয় সেনাবাহিনীর তরফ থেকে এই বিজয় দিবসের আয়োজন করা হয় প্রতিবছরই। সেনাবাহিনীর বিভিন্ন বিভাগের সেনানীরা তাঁদের কর্ম কুশলীর প্রদর্শনীর দ্বারা অনুষ্ঠানকে রঙিন করে তোলেন। এরমধ্যে শিখ ও মারাঠি রেজিমেন্টের নৃত্যের পাশাপাশি ঘোড় সাওয়ারদের ঘোড়ার পিঠে চেপে নানান কৌশল প্রদর্শন ছিল তারিফ যোগ্য। পাশাপাশি, ভারতীয় সেনাবাহিনীর এভিয়েশন গ্রুপ নানান ধরনের হেলিকপ্টার দিয়ে বিভিন্ন ধরনের কৌশল প্রদর্শন করেন। তার মধ্যে উল্লেখযোগ্য ছিল আপৎকালীন পরিস্থিতিতে শত্রুর মোকাবিলা করা, আহতদের দ্রুত স্থানান্তরিত করা, যুদ্ধকালীন পরিস্থিতিতে কম সময়ের মধ্যে প্যারা ট্রুপিং করে সেনাদের নির্দিষ্ট স্থানে পৌঁছে দেওয়া সহ নানান পদ্ধতির প্রদর্শন। শীতের মিঠে কড়া রোদে এই প্রদর্শনী দেখতে দর্শকদের উপস্থিতি ছিল চোখে পড়ার মতো।
*ছবি: সঞ্জয় হাজরা* ।








Jan 08 2026, 14:55
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