पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

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देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

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देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94

तमिलनाडु में 4023 उम्मीदवारों की किस्मत आज होगी लॉक, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील

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तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर नई सरकार चुनने के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

एक चरण में सभी सीटों पर मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव के नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

हर एक केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा तय

मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।

पीएम मोदी की खास अपील

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जैसे-जैसे तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को पूरे उत्साह के साथ निभाएं। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से आह्वान करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और मतदान के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करें।

तमिलनाडु चुनाव पर मल्लिकार्जुन की अपील

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'तमिलनाडु के प्यारे भाइयों और बहनों, आज की लड़ाई आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की है। यह लड़ाई संघवाद, तर्कसंगतता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यह समावेशी कल्याण सुनिश्चित करने और आपके आदर्शों द्वारा अपनाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए भी है। अब समय आ गया है कि आप अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और उन लोगों के खिलाफ़ खड़े हों जो आपके संघीय अधिकारों को छीनना चाहते हैं। मैं विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और तमिलनाडु के भविष्य के लिए मतदान करें। जय हिंद, जय तमिलनाडु।'

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, अज्ञात कार गेट तोड़कर अंदर घुसी

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दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। बताया जा रहा है कि कार लेकर एक शख्स दिल्ली विधानसभा में बैरियर तोड़कर अंदर तक जा घुसा। दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर-2 से एक शख्स कार के साथ बैरियर तोड़कर अंदर तक चला गया।

जानकारी के मुताबिक दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर एक टाटा सिएरा कार मॉल रोड स्थित बंद रहने वाले VVIP गेट को तोड़कर अंदर जा घुसी। कार चालक सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा और पोर्च के पास फूलों का गुलदस्ता रख दिया। दिल्ली पुलिस को उस कार की तलाश है।

यूपी नंबर की थी गाड़ी

जो कार दिल्ली विधानसभा में घुली वह UP-26, पीलीभीत नंबर की टाटा सिएरा गाड़ी थी। आरोपी व्यक्ति ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय के पास जो गुलदस्ता रखा, उसमें फिलहाल कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है।

दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और इलाके को घेर लिया है। उस गेट से फिलहाल किसी को एंट्री नहीं मिल रही है। गनीमत रही कि किसी तरह की घटना नहीं घटी। उस इलाके से गुजरने वाली हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही है। फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार है।

संसद की सुरक्षा में चूक का मामला

इससे पहले संसद की सूरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। 13 दिसंबर, 2023 का मामला है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। यह घटना ठीक उसी दिन हुई थी, जब देश 2001 के संसद हमले की बरसी मना रहा था। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक- सागर शर्मा और मनोरंजन डी, अचानक सदन के भीतर कूद गए और सांसदों की बेंचों पर भागने लगे। उन्होंने अपने जूतों में छिपाकर रखे कलर स्मोक कैनिस्टर निकाल लिए, जिससे सदन में पीला धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। ठीक उसी समय संसद परिसर के बाहर नीलम और अमोल शिंदे नामक दो अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ललित झा को माना गया, जिसने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना चाहते थे।

दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

क्या बिहार के बाद बंगाल में बजेगा बीजेपी का डंका? ममता का किला भेदना आसान नहीं

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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर एलान किया कि अब भाजपा का अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल है। मोदी ने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में जंगलराज समाप्त करने का संकल्प व्यक्त किया है। गौरतलब हो कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित है। नए साल की शुरुआत से राज्य में चुनावी घमासान शुरू हो सकता है। बता दें पश्चिम बंगाल में बीजेपी मुख्य विपक्षी दल है।

बिहार में विधानसभा चुनाव खत्म हो गया है। इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जिस तरह के चुनाव परिणाम आए हैं वह भारतीय जनता पार्टी के लिए नई रणनीति का नया स्वरूप जरूर खड़ा कर रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी 2026 के मार्च अप्रैल महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर अभी से जीत का दावा करना शुरू कर चुकी है।

पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेता कर रहे दावे

बिहार में नतीजों के बाद बीजेपी पश्चिम बंगाल को अपना अगला लक्ष्य बता रही है। पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल को जीतने का दावा किया है। पार्टी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर दावा क‍िया क‍ि वहाँ पार्टी की जीत होगी।

बीजेपी के दावों की क्या है वजह

बीजेपी के बंगाल जीतने के दावों की एक बड़ी वजह है पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था का बिगड़ना। बिहार में नीतीश कुमार का गद्दी पर बैठना उनके सुशासन के संकल्प का एक बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है। अब पश्चिम बंगाल से जंगल राज को खत्म करने की रणनीति राजनीति का मुख्य हिस्सा बन रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के राजनीति का आधार भी पश्चिम बंगाल के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से बलात्कार, हिंदू मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति, एसआईआर का विरोध, बीजेपी के लिए मजबूत राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए जो मुद्दे हैं, बिहार में उन्हीं मुद्दों को हराकर भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीती है।

टीएमसी ने बीजेपी के दावे को खारिज किया

हालांकि, टीएमसी ने बीजेपी के दावे को खारिज कर दा है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक पोस्‍ट में कहा, "बंगाल की राजनीतिक क़‍िस्मत पटना या दिल्ली में नहीं लिखी जाती। यह यहाँ लिखी जाती है, उन लोगों द्वारा जिन्होंने बार-बार बीजेपी की बाँटने वाली राजनीति को नकारा है और ममता बनर्जी पर भरोसा जताया है। साल 2026 में बीजेपी का वही अंजाम होगा, जो हमेशा बंगाल में होता आया है– नाकामी और अप्रासंगिकता।

2011 से सत्ता में है टीएमसी

लंबे समय तक वामदलों के गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में साल 2011 में सत्ता परिवर्तन हुआ था। इस चुनाव में बीजेपी को 184 सीटें मिली थीं। ममता बनर्जी पहली बार राज्य की सीएम बनी थीं। इसके बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 2016 में फिर से जीत हासिल की थी। तब पार्टी को 211 सीटें मिली थी। ममता बनर्जी दूसरी बार राज्य की सीएम बनी थीं। 2021 में लगातार तीसरी बार तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। टीएमसी ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 215 सीटें जीती थीं। ऐसे में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी राज्य में जीत की हैट्रिक जड़ चुकी है। 2026 के चुनावों में टीएमसी का मुकाबला बीजेपी से होगा

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

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देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

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देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94

तमिलनाडु में 4023 उम्मीदवारों की किस्मत आज होगी लॉक, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील

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तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर नई सरकार चुनने के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

एक चरण में सभी सीटों पर मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव के नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

हर एक केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा तय

मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।

पीएम मोदी की खास अपील

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जैसे-जैसे तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को पूरे उत्साह के साथ निभाएं। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से आह्वान करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और मतदान के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करें।

तमिलनाडु चुनाव पर मल्लिकार्जुन की अपील

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'तमिलनाडु के प्यारे भाइयों और बहनों, आज की लड़ाई आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की है। यह लड़ाई संघवाद, तर्कसंगतता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यह समावेशी कल्याण सुनिश्चित करने और आपके आदर्शों द्वारा अपनाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए भी है। अब समय आ गया है कि आप अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और उन लोगों के खिलाफ़ खड़े हों जो आपके संघीय अधिकारों को छीनना चाहते हैं। मैं विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और तमिलनाडु के भविष्य के लिए मतदान करें। जय हिंद, जय तमिलनाडु।'

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, अज्ञात कार गेट तोड़कर अंदर घुसी

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दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। बताया जा रहा है कि कार लेकर एक शख्स दिल्ली विधानसभा में बैरियर तोड़कर अंदर तक जा घुसा। दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर-2 से एक शख्स कार के साथ बैरियर तोड़कर अंदर तक चला गया।

जानकारी के मुताबिक दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर एक टाटा सिएरा कार मॉल रोड स्थित बंद रहने वाले VVIP गेट को तोड़कर अंदर जा घुसी। कार चालक सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा और पोर्च के पास फूलों का गुलदस्ता रख दिया। दिल्ली पुलिस को उस कार की तलाश है।

यूपी नंबर की थी गाड़ी

जो कार दिल्ली विधानसभा में घुली वह UP-26, पीलीभीत नंबर की टाटा सिएरा गाड़ी थी। आरोपी व्यक्ति ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय के पास जो गुलदस्ता रखा, उसमें फिलहाल कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है।

दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और इलाके को घेर लिया है। उस गेट से फिलहाल किसी को एंट्री नहीं मिल रही है। गनीमत रही कि किसी तरह की घटना नहीं घटी। उस इलाके से गुजरने वाली हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही है। फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार है।

संसद की सुरक्षा में चूक का मामला

इससे पहले संसद की सूरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। 13 दिसंबर, 2023 का मामला है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। यह घटना ठीक उसी दिन हुई थी, जब देश 2001 के संसद हमले की बरसी मना रहा था। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक- सागर शर्मा और मनोरंजन डी, अचानक सदन के भीतर कूद गए और सांसदों की बेंचों पर भागने लगे। उन्होंने अपने जूतों में छिपाकर रखे कलर स्मोक कैनिस्टर निकाल लिए, जिससे सदन में पीला धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। ठीक उसी समय संसद परिसर के बाहर नीलम और अमोल शिंदे नामक दो अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ललित झा को माना गया, जिसने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना चाहते थे।

दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

#tamilnadugovernorrnraviwalksoutfromassembly

तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

क्या बिहार के बाद बंगाल में बजेगा बीजेपी का डंका? ममता का किला भेदना आसान नहीं

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बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर एलान किया कि अब भाजपा का अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल है। मोदी ने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में जंगलराज समाप्त करने का संकल्प व्यक्त किया है। गौरतलब हो कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित है। नए साल की शुरुआत से राज्य में चुनावी घमासान शुरू हो सकता है। बता दें पश्चिम बंगाल में बीजेपी मुख्य विपक्षी दल है।

बिहार में विधानसभा चुनाव खत्म हो गया है। इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जिस तरह के चुनाव परिणाम आए हैं वह भारतीय जनता पार्टी के लिए नई रणनीति का नया स्वरूप जरूर खड़ा कर रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी 2026 के मार्च अप्रैल महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर अभी से जीत का दावा करना शुरू कर चुकी है।

पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेता कर रहे दावे

बिहार में नतीजों के बाद बीजेपी पश्चिम बंगाल को अपना अगला लक्ष्य बता रही है। पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं ने पश्चिम बंगाल को जीतने का दावा किया है। पार्टी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर दावा क‍िया क‍ि वहाँ पार्टी की जीत होगी।

बीजेपी के दावों की क्या है वजह

बीजेपी के बंगाल जीतने के दावों की एक बड़ी वजह है पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था का बिगड़ना। बिहार में नीतीश कुमार का गद्दी पर बैठना उनके सुशासन के संकल्प का एक बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है। अब पश्चिम बंगाल से जंगल राज को खत्म करने की रणनीति राजनीति का मुख्य हिस्सा बन रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के राजनीति का आधार भी पश्चिम बंगाल के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से बलात्कार, हिंदू मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति, एसआईआर का विरोध, बीजेपी के लिए मजबूत राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए जो मुद्दे हैं, बिहार में उन्हीं मुद्दों को हराकर भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीती है।

टीएमसी ने बीजेपी के दावे को खारिज किया

हालांकि, टीएमसी ने बीजेपी के दावे को खारिज कर दा है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक पोस्‍ट में कहा, "बंगाल की राजनीतिक क़‍िस्मत पटना या दिल्ली में नहीं लिखी जाती। यह यहाँ लिखी जाती है, उन लोगों द्वारा जिन्होंने बार-बार बीजेपी की बाँटने वाली राजनीति को नकारा है और ममता बनर्जी पर भरोसा जताया है। साल 2026 में बीजेपी का वही अंजाम होगा, जो हमेशा बंगाल में होता आया है– नाकामी और अप्रासंगिकता।

2011 से सत्ता में है टीएमसी

लंबे समय तक वामदलों के गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में साल 2011 में सत्ता परिवर्तन हुआ था। इस चुनाव में बीजेपी को 184 सीटें मिली थीं। ममता बनर्जी पहली बार राज्य की सीएम बनी थीं। इसके बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 2016 में फिर से जीत हासिल की थी। तब पार्टी को 211 सीटें मिली थी। ममता बनर्जी दूसरी बार राज्य की सीएम बनी थीं। 2021 में लगातार तीसरी बार तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। टीएमसी ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 215 सीटें जीती थीं। ऐसे में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी राज्य में जीत की हैट्रिक जड़ चुकी है। 2026 के चुनावों में टीएमसी का मुकाबला बीजेपी से होगा