बिजनौर की 8 पर्यटन परियोजनाओं को ₹9.09 करोड़ मंजूर, बिदुर आश्रम का होगा कायाकल्प

* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद बिजनौर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की 8 परियोजनाओं के लिए ₹9.09 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिजनौर स्थित ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास हेतु ₹4 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर के लिए ₹44 लाख, सदर विधानसभा क्षेत्र के उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज के लिए ₹40 लाख तथा नूरपुर स्थित प्राचीन झंडेवाला बाबा मंदिर के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं।
इसी प्रकार नगीना स्थित श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास के लिए ₹1.11 करोड़, नहटौर में अड्डे वाले बाबा स्थल के लिए ₹87 लाख, धामपुर में केड़ीवाले बाबा स्थल के लिए ₹50 लाख तथा विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के विकास के लिए ₹1.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। अल्पज्ञात आस्था स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: नरेन्द्र मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण- प्रधानमंत्री का ऐलान- अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्ष से उत्तर प्रदेश की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लाेकार्पण के माैके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि यह भी संयोग है कि पिछले चार-पांच दिन से मां गंगा के सानिध्या में रहा। आज सुबह ही काशी में दर्शन किया। अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का विजन झलकता है और विरासत की झलक भी दिखती है। मै यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का अहम दिन है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है। लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई है। पिछले पांच छह दशक में जो नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर मतदान कर रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मै बंगाल की जनता का आभार प्रकट करता हूं। अभी वोटिंग में कई घंटे बाकी हैं। बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे ही वे उत्साह से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी करें।

उन्हाेंने कहाकि कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तब भाजपा एनडीए ने चुनाव में इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में निकाय और पंचायत चुनावों के रिजल्ट आए हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भाजपा ने 80 फीसदी निकाय और पंचायत चुनाव जीत लिए हैं। मोदी के इन शब्दाें के दाैरान भारी जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। माेदीे ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने जा रही है। चुनाव परिणाम 4 मई काे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नयी ऊर्जा से भरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास लिए तेजी से हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था। अभी पांच साल से भी कम समय हुआ है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे में शुमार यह गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, साथ ही इसके विस्तार की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का कार्य। यह है भाजपा सरकार के कार्य करने का विजन और तरीका।

माेदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला था। तब मैने कहा था कि यह एक्सप्रेसवे विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। शिलान्यास हो जाता था। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे। सरकारें आती-जाती रहती थीं। फिर वह योजना फाइलों में दब कर रह जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार में शिलान्यास होता है तो लोकार्पण भी होता है। यह एक्सप्रेसवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है, यहां की जमीन वरदान के रूप में है, लेकिन पहले की सरकारों ने कार्य नहीं किया। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं थी। किसानों को काई अवसर नहीं मिलते थे।

मोदी ने कहा कि अब किसान अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। औद्योगिक कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सभी 12 जिलों में उद्योग के नये अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टविटी से स्थानीय उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। पुरानी सरकारों में हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कोई कल्पना कर सकता था क्या ? पहले उप्र को पिछड़ा कहा जाता था। आज एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विजन को लेकर बीते कुछ वर्षों से कार्य हो रहा है। अब यूपी में हजारों करोड़ का निवेश हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जितना मोबाइल बन रहा है, उसमें से आधे मोबाइल यहीं यूपी में बन रहे हैं। उप्र का औद्योगिक विकास आज सामरिक ताकत बन रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें आज यूपी में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों को बनाने का कार्य एमएसएमई इकाइयों को मिलता है। सड़कें नहीं होती थीं। आज एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले पड़ोसी जिलों में जाने में कठिनाई होती थी। आज हवाई अड्डे बन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थी। आज कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है। सपा को यह विकास पंसद नहीं आ रहा है। सपा विकास विरोधी तो है ही, नारी विरोधी भी है। संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए संशोधन बिल लाया जा रहा था, जिसका इन्होंने विरोध किया। यह हमेशा महिला विरोधी राजनीति करेंगे। यह विकास विरोधी हैं।

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री व उप्र भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
धर्म व जाती के आधार पर भेद भाव घोषित हो गंभीर अपराध  : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । वोट के लिए तुष्टिकरण को निम्न स्तर तक सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियां गिरती जा रही है। भारतीय संविधान में जन्म के आधार पर धर्म अथवा जातिगत भेद भाव निषेध माना गया है किंतु सरकार जन्म के आधार पर या धर्म  अथवा जातिगत आरक्षण लगाकर समाज में विद्वेष पैदा कर रही है जबकि सरकार को धर्म जाति के आधार पर भेद भाव को गंभीर अपराध घोषित कर देना चाहिए ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कह रहे थे सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे जनपद सोनभद्र के सोम पैलेस में  लोगो से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता सर वि एन राऊ जी एवं संविधान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे संविधान सभा में सात समितियां बनाई गई थी ।

जिसमे प्प्रारूप समिति में डॉ वी आर अम्बेडकर की शामिल किया गया था किन्तु  कालांतर में कतिपय षड्यंत्र कारी राजनीतिज्ञों ने निहित स्वार्थ में वशीभूत होकर संविधान सभा के लेखन समिति में शामिल सदस्यों को नजर अंदाज कर शीर्फ और शिर्फ़ डॉ अंबेडकर को  संविधान निर्माता, रचयिता आदि आदि नामों से सम्बोधित कर के बाकी संविधान के रचयिता विद्वानों का उपहास उड़ाने में जुटे हैं । वर्तमान सरकार सवर्ण  की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने में जुटी हुई है जिसका ज्वलंत उदाहरण यूजीसी है हालांकि उक्त पर  उच्चतम न्यायालय ने रोक लगाकर थोड़ी राहत दी है किंतु सरकार को यूजीसी एक्ट को तत्काल निरस्त कर देना चाहिए चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से अपील किया कि सवर्ण समाज को अपने अस्तित्व को बचाने हेतु एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व मे सवर्ण के तीसरे विकल्प में जुड़ना चाहिए ,सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 मई को एडवोकेट अनिल मिश्रा जी राष्ट्रीय अधिकार मंच राम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री, जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगल किशोर तिवारी जी जनपद सोनभद्र में आ रहे हैं जिसके स्वागत अभिनंदन की तैयारी की जा रही है।
यूपी : किन्नरों का ‘बधाई’ लेना कानूनी अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

* इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ का बड़ा फैसला, बिना कानूनी आधार धन वसूली को बताया अवैध

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने किन्नरों द्वारा ‘बधाई’ के नाम पर धन वसूली को कानूनी अधिकार मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी वैधानिक प्रावधान के किसी से धन लेना या वसूली करना अवैध है।
यह टिप्पणी करते हुए अदालत ने गोंडा निवासी किन्नर रेखा देवी की याचिका खारिज कर दी। याचिका में ‘बधाई’ वसूली के लिए क्षेत्रीय अधिकार तय करने और सीमांकन कराने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने कहा कि केवल वर्षों पुरानी परंपरा या प्रथा का हवाला देकर किसी गतिविधि को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जा सकता। जब किसी कार्य के लिए विधिक अधिकार ही मौजूद नहीं है, तो उसके लिए क्षेत्रीय सीमांकन या अधिकार क्षेत्र निर्धारित करने का प्रश्न भी नहीं उठता।
अदालत ने साफ किया कि किसी भी प्रकार की वसूली केवल कानून के दायरे में ही संभव है। परंपरा के नाम पर धन लेने को वैध अधिकार नहीं माना जा सकता। इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने बधाई वसूली के लिए क्षेत्र बांटने की मांग भी सिरे से खारिज कर दी।
बाबा रामदेव ने भारतीय आयुर्वेद को दिलाई वैश्विक पहचान : ज्ञान प्रकाश सिंह

लखनऊ। बाबा रामदेव आधुनिक भारत में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद के सबसे प्रमुख प्रचारक हैं, जिन्होंने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के माध्यम से योग को घर-घर पहुँचाया और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर भारतीय आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई। लखनऊ में विश्व प्रसिद्ध योग एवं आयुर्वेद गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनके सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जौनपुर के प्रख्यात समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाबा रामदेव ने योग के महत्व को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि  भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। उन्हीं के प्रस्ताव पर 21 जून,2015 से विश्व योग दिवस की शुरुआत हुई।
कर्नलगंज तहसील में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, बार-बेंच विवाद समाप्त

कर्नलगंज, गोंडा। तहसील परिसर में बीते 27 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्रीय जनता, वादकारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जारी धरने के कारण तहसील स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बार एसोसिएशन कर्नलगंज के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल, मंत्री पवन कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने बताया कि तहसील अधिकारियों की कार्यशैली और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से अधिवक्ता, वादकारी तथा आम जनता प्रभावित हो रही थी। इसी के विरोध में 27 फरवरी से बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना शुरू किया गया था।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त होने के साथ ही बार और बेंच के बीच चला आ रहा गतिरोध भी खत्म हो गया है। तहसील परिसर में अब सामान्य कार्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

स्थानीय नागरिकों और वादकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे। वहीं अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भविष्य में समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

आईएएस रिंकू सिंह ने वापस लिया इस्तीफा
लखनऊ। यूपी कॉडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपना तकनीकी त्यागपत्र वापस ले लिया है। काम न मिलने से नाराज रिंकू सिंह राही ने अपने तकनीकी त्यागपत्र में खुद को समाज कल्याण अधिकारी के पद पर वापस भेजे जाने की मांग भी की थी। वे अभी राजस्व परिषद से संबद्ध चल रहे हैं।
हालांकि, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। रिंकू सिंह ने भी इस बारे में कुछ कहने से इन्कार किया है।
रिंकू सिंह राही ने 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति समेत यूपी के नियुक्ति विभाग और केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) को तकनीकी इस्तीफा भेजा था। उन्होंने इस पत्र में कहा था कि सांविधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। उनका यह पत्र 30 मार्च को वायरल हुआ था। शासन के सूत्रों का कहना है कि अब रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उनका इस्तीफा वापस लिया जाना इतना गोपनीय रखा गया कि किसी को कानों-कान तक भनक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि उनका मामला उच्चस्तर पर है। इस पर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा। उच्चस्तर से अनुमति मिलने के बाद रिंकू सिंह के मामले में आदेश जारी किया जाएगा।