वर्ष 2026 अराजकता, युद्ध और आतंकी घटनाओं का अंदेशा*

*डॉ कुंदन ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र के विशेष अनुभवी हैं। उनकी भविष्यवाणियां अधिकतर सही होती है। 2026 को लेकर उन्होंने क‌ई भविष्यवाणी की है।*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वर्ष 2026 मेदिनी ज्योतिष के अनुसार उथल-पुथल भरा रहेगा। चीन की विस्तारवादी नीति व शक्ति प्रदर्शन से विश्व में तनाव का माहौल बनेगा। रुस व अमेरिका में आपसी टकराहट बढ़ेगी। पाकिस्तान व बांग्लादेश बाहरी दबाव में उकसावे की राजनीति करेंगे। भारत अपनी अंतरिक्ष क्षमता में वृद्धि करेगा और न‌ये नये हथियारों का परीक्षण करेगा। इस वर्ष राजा गुरु है। किन्तु मंत्री मंगल है। जिससे विश्व के क‌ई देशों में तनाव, युद्ध, आगजनी व आतंकवादी घटनायें बढ़ेगी। किन्तु गुरु की वजह से उनपर आगे चलकर नियंत्रण स्थापित होगा। वर्ष के पूर्वाद्ध में नीचाभिलाषी बनेगा। शनि विश्व के बड़े राष्ट्रों में तनाव व विवाद बढ़ायेंगे। खाड़ी देशों में संकट बढ़ेगा। मौसम व प्राकृतिक प्रकोपों में वृद्धि होगी। जिससे जनसामान्य वर्ग भी पीड़ित होगा। किसी न‌ई बीमारी के फैलने से लोगों में भय का माहौल बनेगा। किन्तु वर्ष के उत्तरार्ध में गुरु के मार्गी व उच्चाभिलाषी होने पर स्थिति में अप्रैल से सुधार शुरू होगा। वर्ष के उत्तरार्ध में जून से उच्च गुरु का अनुकूल व लाभदायक प्रभाव दुनिया में दिखेगा। 2026 का नवंबर व दिसंबर प्रतिकूल प्रभाव देगा। पश्चिमी व खाड़ी देशों में सूर्य व चंद्रग्रहण की वजह से राजनीतिक उलटफेर प्राकृतिक प्रकोप व युद्ध जैसी स्थितियां बनेगी। भारत में विपक्ष का उग्र प्रदर्शन जारी रहेगा। किन्तु स्थितियां नियंत्रण में रहेगी। 2026 के उत्तरार्ध में भारत व चीन के बीच टकराहट बढ़ेगी। भारत की स्थिति मजबूत रहेगी। साथ ही चीन व अमेरिका का तनाव भी दक्षिण चीन सागर में बढ़ेगा। समुद्रतटीय देशों में प्राकृतिक प्रकोप बढ़ेगा। वर्ष के पूर्वार्द्ध में बड़े राष्ट्रों में बड़े राष्ट्रों का टकराव व विश्वयुद्ध की स्थितियां बनेगी। किन्तु उत्तरार्ध में सब सामान्य हो जाएगा। अंतरिक्ष में धूमकेतु उल्कापात व प्राकृतिक उपद्रव की घटनाओं में इस वर्ष वृद्धि होगी। किन्तु किसी उड़नतश्तरी या एलियंस के आने की बात झूठी साबित होगी। वर्ष के उत्तरार्ध में किसी बड़ी बीमारी पर नियंत्रण होगा व उसकी कारगर दवा बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। भारत के पड़ोसी राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा। किन्तु भारत की मजबूती बढ़ेगी।
भदोही पुलिस ने ठगी के 10,000 रुपये वापस कराए: साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यक्ति को मिली राहत, पुलिस की त्वरित कार्रवाई


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति के 10,000 रुपये वापस दिलवाए हैं। गोपीगंज थाना क्षेत्र के सरई मोहाल निवासी खुशनूर के साथ फोन-पे के माध्यम से यह ठगी हुई थी।
खुशनूर ने बताया कि उनके खाते से 10,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई थी, जिससे वह काफी परेशान थे। उन्होंने इस संबंध में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक भदोही श्री अभिनव त्यागी के कुशल निर्देशन में साइबर हेल्पडेस्क, थाना गोपीगंज ने त्वरित कार्रवाई की। हेल्पडेस्क टीम ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर पीड़ित की 10,000 रुपये की धनराशि को सफलतापूर्वक वापस कराया। अपनी खोई हुई धनराशि वापस मिलने पर खुशनूर ने पुलिस अधीक्षक भदोही और साइबर हेल्पडेस्क, थाना गोपीगंज की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भदोही पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना भी की।

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना आवश्यक है:
1. साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
2. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
3. वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग जैसे प्रस्तावों की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही उन पर विचार करें।
4. अनजान व्यक्ति द्वारा पैसों की मांग किए जाने पर अच्छे से जांच लें और अपने खाते का बैलेंस चेक कर लें, किसी के बहकावे में न आएं।
5. अज्ञात व्यक्ति या अज्ञात मोबाइल नंबर द्वारा भेजी गई लिंक पर क्लिक न करें।
इस कार्रवाई में साइबर क्राइम पुलिस टीम भदोही के प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय, प्रभारी साइबर (निरीक्षक अपराध) अजय विक्रम यादव, कांस्टेबल सुनील वर्मा और महिला कांस्टेबल रति त्रिवेदी शामिल थे।
31 अस्पतालों को नोटिस, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई*

*आयुष्मान के लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं देने की हुई शिकायत*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एसके चक ने बृहस्पतिवार को जिले के 31 आयुष्मान योजना के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को चेतावनी नोटिस जारी किया है। भदोही नगर के दो निजी अस्पताल संचालकों द्वारा योजना में लापरवाही बरते जाने की शिकायत के बाद सीएमओ ने सभी अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है। आरोप है कि दोनों अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं दिया। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम भी गठित की गई है।
सीएमओ डॉ. एसके चक ने नोटिस में संचालकों को सख्त निर्देश दिया है कि ओपीडी हाल, इनडोर स्थान पर एक बोर्ड लगाया जाए, उस पर बड़े अक्षरों में लिखा जाए कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के तहत किन-किन बीमारी के उपचार किए जाते हैं। ऐसे भी आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल को सूचीबद्ध करने से पहले निरीक्षण होता है। यह निरीक्षण आयुष्मान विभाग की टीम और नोडल अधिकारी करते हैं, यदि अस्पतालों में बोर्ड नहीं लगा है ताे सूचीबद्ध कैसे किया गया या सिर्फ सूचीबद्ध होने के लिए बोर्ड लगाया गया था। भदोही नगर के दो नर्सिंग होम में शिकायत मिली थी। आरोप लगाया गया कि अस्पताल में कार्ड धारकों से इलाज के नाम पर पैसा वसूला जाता है। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। जिसमें नोडल, डिप्टी सीएमओ शामिल हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध 31 अस्पतालों को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। कार्ड पर अस्पताल में कौन से बीमारी का उपचार होता है, उसके लिए एक बड़ा सा बोर्ड लगाने तथा उस पर बड़े अक्षरों में बीमारी अंकित करने को कहा गया है।
काशी नरेश कॉलेज में राजर्षि टंडन विवि का बी.एड. कोर्स शुरू: संबद्धता विस्तार और गुणवत्ता समीक्षा को टीम ने किया निरीक्षण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केएनपीजी), ज्ञानपुर (भदोही) में बी.एड. पाठ्यक्रम के संचालन की तैयारी है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के एक तीन सदस्यीय निरीक्षण दल ने आज महाविद्यालय का स्थलीय दौरा किया। यह दौरा बी.एड. पाठ्यक्रम की संबद्धता के विस्तार और गुणवत्ता मानकों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया था।
निरीक्षण टीम ने महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में उपलब्ध संसाधनों का गहनता से अवलोकन किया। टीम ने विशेष रूप से शैक्षिक ढांचे, पुस्तकालय सुविधाओं और संकाय सदस्यों के विवरण पर ध्यान केंद्रित किया। शैक्षिक ढांचे के तहत स्मार्ट क्लासरूम, मनोविज्ञान एवं विज्ञान प्रयोगशाला और आईसीटी संसाधनों की उपलब्धता जांची गई। पुस्तकालय में बी.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित नवीनतम पुस्तकों, पत्रिकाओं और ई-जर्नल्स की उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, संकाय सदस्यों की योग्यता (यूजीसी/एनसीटीई मानकों के अनुसार) और उनकी उपस्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण दल में प्रोफेसर पी.के. पाण्डेय, प्रोफेसर देवेश त्रिपाठी और डॉ. सुरेंद्र कुमार शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) द्वारा पहले से ही विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, यूपीआरटीओयू केएनपीजी के समन्वयक डॉक्टर अभिमन्यु यादव, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
भदोही में होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी, डीएम-एसपी ने दिए सख्त निर्देश*
*25 से 27 अप्रैल तक 6 केंद्रों पर होगी होमगार्ड परीक्षा, 14,976 अभ्यर्थी होंगे शामिल*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश होमगार्ड के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं नकल-विहीन आयोजन हेतु जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन जनपद भदोही के कुल 06 परीक्षा केन्द्रों पर दिनांक 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम पाली पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03:00 बजे से 05:00 बजे तक संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा तिथियों के प्रत्येक पालियों में 2496, प्रत्येक दिन में 4992 तथा कुल 03 दिन में कुल 14976 अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।
        जिलाधिकारी ने परीक्षा की सुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः नकल-विहीन, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो परीक्षा की समुचित निगरानी करेंगे।
         बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी परीक्षा केन्द्रों का पूर्व निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्रों पर समय से प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा संवेदनशील केन्द्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। परीक्षा केन्द्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करें।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचकर सुरक्षा, प्रवेश, ट्रैफिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के भी निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जांच के दौरान महिलाओं से मंगलसूत्र या श्रद्धा से जुड़ी धार्मिक सामग्री उतरवाने जैसी अनावश्यक कार्रवाई न की जाए तथा सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए।
मीटर स्मार्ट पर 30 बस्तियों में बांस पर टिकी बिजली*


*गर्मी में लो- वोल्टेज, ट्रिपिंग, स्पार्किंग और लोकेशन फाॅल्ट से परेशान हैं 2500 उपभोक्ता*




रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिजली निगम ने जनपद के एक लाख 624 उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर अब स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। इन स्मार्ट मीटरों को बिजली जुगाड़ के बांस-बल्ली के सहारे मिल रही है। जिससे स्मार्ट बिल निकल रहा है। जुगाड़ की यह व्यवस्था जिले की 30 बस्तियों में चल रही है। इस व्यवस्था से 2500 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर इन उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट के कारण बिजली कटौती, स्पार्किंग, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन 30 बस्तियों के उपभोक्ता कई बार बिजली के खंंभे और एबीसी केबल लगाने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। हर बार सिर्फ अभियंताओं ने आश्वासन ही दिया।



दो विभागों के बीच का पेच, झेल रहे उपभोक्ता
खंभे और एबीसी केबल लगाने में दो विभागों बिजली निगम और निकाय प्रशासन के बीच पेच फंसा है। इसका खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। बिजली निगम के अभियंताओं की माने तो निकाय को प्रस्ताव बनाकर देना होता है कि कहां खंभे लगाए जाने हैं। इसके बाद बिजली निगम की टीम सर्वे करती है। वहीं, निकाय प्रशासन का कहना है कि खंभे लगाना बिजली निगम का काम है।


जिन-जिन बस्तियों में बांस बल्ली लगे हैं। वहां खंभे लगाने के लिए सर्वे हो चुका है। प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने या अगले महीने तक वहां बांस-बल्लियों को हटाकर खंभे लगा दिए जाएंगे। निकाय के अंतर्गत आने वाली बस्तियों में खंभे लगाने के लिए नगर पंचायत को जानकारी देनी होती है। - एसके सिंह, एक्सईएन भदोही विद्युत उपकेंद्र।
खंभे और केबल लगाने की जिम्मेदारी को बिजली निगम की है। अगर बिजली निगम को खंभे लगाने की जानकारी चाहिए तो निकाय प्रशासन सर्वे कराकर उन्हें तत्काल अवगत करा देगा। - सुजीत कुमार, ईओ, नईबाजार।


ये है जिले की बिजली व्यवस्था
डिवीजन - दो
उपभोक्ता - दो लाख 48 हजार
स्मार्ट मीटर - एक लाख 620
प्रीपेट स्मार्ट मीटर - 10653
इन बस्तियों में बांस-बल्ली से होती है आपूर्ति
बस्ती - उपभोक्ता - आबादी
मक्दूपुर - 40 - 2000
नेहरूनगर (नईबाजार) - 130 - 5000
पकरी (भदोही) - 25 - 300
साई कॉलोनी (ज्ञानपुर) - 15 - 100
गांधीनगर (नईबाजार) - 15 - 100
नोट - इसी तरह जिले की कई बस्तियां हैं
*प्रदेश में मिली चौथी रैंक, फिर भी 45 स्कूलों में 10 से कम नामांकन*

*शिक्षा सत्र 2026-2027 के 20 दिनों में 16 हजार से ज्यादा बच्चों को जनपद के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में मिला प्रवेश*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में जिले को सूबे में भले ही चौथी रैंक मिल गई है, लेकिन कुछ विद्यालय विभाग के प्रयास और मेहनत का पलीता लगा रहे हैं।
नए शिक्षा सत्र के 20 दिन में 45 विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या दहाई तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके विभाग नोटिस भेजने की तैयारी में जुटा है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं।एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद पहली और छठवीं कक्षा में नए बच्चों को प्रवेश दिलाया जा रहा है। अब तक करीब 16 हजार अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाया जा चुका है। पांच दिन पहले प्रदेश स्तर पर जारी रैकिंग में जिले को चौथा स्थान मिला था। नामांकन प्रक्रिया में ज्यादातर विद्यालय बेहतर काम कर रहे हैं।
45 से 50 विद्यालयों की प्रगति ठीक नहीं है। 20 दिन में 20 बच्चों का नामांकन नहीं करा सके। कम नामांकन होने पर विभाग को डर है कि भविष्य में रैंक कम न हो जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि नामांकन की प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है।
बीईओ को निर्देश दिए कि शिक्षकों की टीम गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों को प्रेरित करे। मुसहर बस्ती, ईंट-भट्ठे पर भी जाकर बच्चों को प्रवेश दिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि 45 के करीब विद्यालयों में नामांकन लेने वाले बच्चों की संख्या कम है। उसको सुधार के लिए दो दिन का समय दिया गया है। संख्या वृद्धि नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाएगा। वेतन रोकने की कार्रवाई होगी।
*15 दिनों में 325 आवेदन..., चूल्हे पर बन रहा भोजन आपूर्ति विभाग का दावा सबको मिल रहा सिलिंडर*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। खाद्य एवं रसद विभाग की धीमी प्रक्रिया ने शादी समारोह वाले घरों में परेशानी बढ़ा दी है। आवेदन के बावजूद आयोजकों को समय से गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण लकड़ी पर भोजन बन रहा है। विभाग का दावा है कि 15 दिन में 325 आवेदन आए, सभी को सिलिंडर उपलब्ध कराया गया। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच बीते कुछ दिन से देश में ईंधन संकट शुरू हो गया है। जनपद में इंडेन, भारत पेट्रोलियम (बीपी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के 4.27 लाख उपभोक्ता हैं। पूर्ति विभाग की ओर से शादी समारोह के लिए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की सुविधा तो दी गई है, लेकिन प्रक्रिया इतनी लंबी और जटिल है कि लोग इसमें उलझ कर रह जा रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि आवेदन के साथ शादी का कार्ड लगाने और कंपनी तक फाइल भेजने जैसी औपचारिकता में कई दिन गुजर जा रहे हैं। सात दिन की अनिवार्य समय-सीमा परेशानी की वजह बनी है।

दो वाणिज्यिक सिलिंडर में करीब 40 किलो गैस आता है। इससे खाना बन सकता है। 325 लोगों ने आवेदन किया था, जिनको उपलब्ध करा दिया गया है। कंपनियों के कारण कुछ समस्याएं हुई है।

सुनील कुमार जिला पूर्ति अधिकारी
*28 अस्पतालों में बने लू वार्ड,90 बेड आरक्षित*
*एमसीएच और एमबीएस में 10-10 ,छह सीएचसी में पांच - पांच और 20 पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।जनपद में बीते एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है। 22 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। तपन ऐसी है कि धूप में बाहर निकलने वालों का माथा चकरा जा रहा है। लू को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित कर दिया है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय (एमसीएच) और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय (एमबीएस) भदोही में 10-10 बेड के लू वार्ड बनाए गए हैं। छह सीएचसी पर पांच-पांच बेड, 20 पीएचसी पर दो-दो बेड का लू वार्ड बनाया गया है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने इन वार्डों में एसी, कूलर, पंखा ठीक करने के निर्देश केंद्र अधीक्षक को दिए हैं। बीते सात दिन में तापमान छह डिग्री तक बढ़ा है।

लू वार्ड में क्या-क्या है व्यवस्थाएं
- कूलर की व्यवस्था
- बड़े अस्पताल में एसी अनिवार्य
- पंखा जरूर होना चाहिए
- ग्लूकोज और ओआरएस घोल
- ठंडे पानी का पर्याप्त इंतजाम
- हर वार्ड में एक स्टॉफ, एक वार्ड बॉय
हर दिन पीएं पांच लीटर पानी
सौ शय्या अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुशील शुक्ला ने बताया कि शरीर में पानी की मात्रा की कमी होने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से लू की चपेट में आ सकते हैं। रोजाना करीब पांच से छह लीटर पानी पीना चाहिए। दोपहर 11 बजे के बाद कतई घर से बाहर न निकलें। तरल पदार्थों का खूब सेवन करें।

लू लगने के लक्षण
- तेजी से सिर दर्द होना

- निरंतर चक्कर, कमजोरी महसूस होना
- कमजोरी के साथ मांसपेशियों में ऐंठन होना
- उल्टी होना

इस तरह से करें बचाव
- ढीले, सूती कपड़े पहनें।

- खुद को ठंडा रखें।

- हल्का भोजन करें।
- हरी सब्जी का सेवन करें।

- दोपहर में घर से बाहर न निकलें।

कहां कितने बेड़ आरक्षित
- जिला अस्तपाल - 10

- एमबीएस भदोही - 10

- छह सीएचसी - पांच-पांच (कुल 30)

- 20 पीएचसी - दो-दो (कुल 40)
भीषण गर्मी में चल रहे लू को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। जिला अस्पताल सहित 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 बेड आरक्षित किए गए हैं। कूलर, पंखा की व्यवस्था कर दी गई है। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।
*केंद्र व्यवस्थापकों को देना होगा अवशेष उत्तरपुस्तिका का विवरण*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। अब छात्र-छात्राओं को रिजल्ट का इंतजार है। इस दौरान परीक्षा में अवशेष (बची हुई) उत्तर पुस्तिकाओं का विवरण केंद्र व्यवस्थापकों को देना होगा। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग रिकॉर्ड को जल्द ही परिषद को भेजेगा। जिले में 18 फरवरी से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू हुई थी। इसमें 55 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। नौ मार्च को परीक्षा खत्म होने के बाद 17 मार्च से अप्रैल के पहले सप्ताह तक काॉपियो का मूल्यांकन किया गया। उसके बाद जांची गई कॉपियां बोर्ड को भेज दी गई। 20 से 30 अप्रैल के मध्य परीक्षाफल जारी होगा। इसको लेकर छात्र-छात्राएं उत्साहित हैं। वहीं, बोर्ड परीक्षा के समय परिषद से भेजी गई उत्तरपुस्तिकाओं का रिकॉर्ड बोर्ड को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में मुख्य रूप से कितनी कॉपियां बांटी गईं, कितनी बचीं, और कितनी खराब हुईं, इसका ब्यौरा देना है। परिषद के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से अवशेष उत्तरपुस्तिका का विवरण तैयार किया जा रहा है। इसको जल्द ही भेजा जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि अवशेष उत्तरपुस्तिका का विवरण तैयार कर लिया गया है। इसको बोर्ड को भेजा जाएगा।