नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
3 hours ago
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