नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
तुंगनाथ की डोली कैलाश के लिए रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ, मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। डोली 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचेगी, जहां शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य आरती की गई। डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की परिक्रमा के बाद अपनी यात्रा प्रारंभ की।
श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ डोली का स्वागत किया और पुष्प, अक्षत एवं वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। यात्रा के दौरान डोली पुढखी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
खटीमा में बीजेपी नेता की बेरहमी से पिटाई, वन रेंजर समेत 3 वनकर्मियों पर FIR दर्ज
खटीमा। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता और ग्राम प्रहरी विपिन राणा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर समेत तीन वनकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन राणा, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद जब शुरुआती कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रविवार को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई।
कोतवाली परिसर में भारी हंगामे और दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खटीमा वन रेंज के रेंजर और दो अन्य वनकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान बीजेपी नेता नवीन भट्ट, नंदन सिंह खड़ायत, राकेश बिष्ट, किशन चंद कुक्कु, बलदेव सिंह और जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी: हाथियों को रोकने के लिए बनेगी एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच, लगेगा AI कैमरा नेटवर्क
हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
वन विभाग द्वारा 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच बनाई जाएगी, जो हाथियों के आवागमन को रोकने में एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगी। इसके साथ ही 51 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी, ताकि हाथी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
इसके अलावा विभाग एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हाथियों की गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जो वनकर्मियों के मोबाइल से जुड़ा रहेगा।
जैसे ही कैमरों में हाथियों की मूवमेंट डिटेक्ट होगी, संबंधित कर्मचारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी और मौके पर टीम पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को “एलीफेंट अर्ली वार्निंग सिस्टम” नाम दिया गया है।
हरिद्वार के भूपतवाला, खड़खड़ी, जगजीतपुर और मिस्सरपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। गंगा पार करके हाथियों के झुंड कई बार आबादी और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान होता है।
अधिकारियों के अनुसार, बैरागी कैंप जैसे कुंभ मेला क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, जहां साधु-संतों के शिविर लगते हैं। इसी कारण यह पूरी योजना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वन विभाग का दावा है कि ट्रेंच, सोलर फेंसिंग और AI आधारित निगरानी सिस्टम के बाद हाथियों की आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ काफी हद तक रोकी जा सकेगी।
आज से शुरू हुई चारधाम यात्रा, हरिद्वार में गंगा पूजा के साथ हुआ शुभारंभ
हरिद्वार। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का आज 19 अप्रैल से विधिवत शुभारंभ हो गया। दोपहर में गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई।
यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन की कामना के साथ हरिद्वार के हर की पैड़ी पर गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने विधि-विधान से गंगा पूजा की। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं। साथ ही ओवररेटिंग रोकने, मौसम की सटीक जानकारी देने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, जबकि इस वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले ही 18 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इससे इस बार भी भारी भीड़ की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, पौड़ी गढ़वाल में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर यातायात और सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
जिलाधिकारी ने स्वयं यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए और स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केदारनाथ यात्रा 2026: 90 कैमरों की हाईटेक निगरानी में होगा सफर
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

* गौरीकुंड से मंदिर तक 90 कैमरों से निगरानी
प्रशासन ने गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग पर हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया है। यात्रा मार्ग पर 90 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन कैमरों की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

* श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव देना है। इसके लिए मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, भोजन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

* मंदिर परिसर में मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
यात्रा सुरक्षा को परखने के लिए रुद्रप्रयाग प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल कराई। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर के निर्देशन में किया गया।
मॉक ड्रिल में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), जनपद पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति मजदूर बनकर मंदिर क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने की साजिश रचता है।
सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल अभ्यास था, जिसका उद्देश्य संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को परखना था।

* श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था यात्रा को और अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।
सरकारी जमीन बेचकर ठगी का मामला: पांच भाइयों पर मुकदमा, बीजेपी विधायक के बेटे को बेची थी भूमि
* हल्द्वानी के कालाढूंगी क्षेत्र का मामला, जांच में सड़क और सिंचाई विभाग की जमीन शामिल होने का खुलासा

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में भाजपा विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत के साथ कथित रूप से सरकारी जमीन बेचकर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के बाद पांच सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र नामक पांच भाइयों ने वर्ष 2012 में करीब 6691 वर्ग फुट भूमि विकास भगत को बेची थी। उस समय जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त बताया गया था।
मामला वर्ष 2019 में तब सामने आया, जब विकास भगत ने उक्त जमीन को आगे बेचने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि बेची गई भूमि में सरकारी जमीन भी शामिल थी। आरोप है कि सड़क और सिंचाई विभाग की गूल (नहर) की भूमि को अवैध रूप से मिलाकर बिक्री की गई थी।
प्रशासन ने वर्ष 2020 में जांच के बाद धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया था। बताया गया कि विक्रेता पक्ष ने दूसरी जगह जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया।
अब पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की भूमि को नुकसान पहुंचाकर बेचने के आरोप में कार्रवाई की गई है तथा मामले की विवेचना जारी है।
महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
* परिसीमन के मुद्दे पर तेज हुई तकरार, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं तथा दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।
संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में है, लेकिन उससे जुड़े परिसीमन प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति है।
राजनीतिक विवाद की मुख्य वजह परिसीमन को माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से पुनर्गठन की बात कही गई है। विपक्ष का तर्क है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि भाजपा इसे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करेगी और महिला आरक्षण के समर्थन में जनमत तैयार करेगी।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि वास्तविक प्राथमिकता महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व देना होना चाहिए।आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड में यह मुद्दा और गर्माने के आसार हैं। दोनों प्रमुख दल इसे बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, सीएम धामी ने बसों को दिखाई हरी झंडी

* ऋषिकेश से रवाना हुए श्रद्धालु, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी किया निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ ऋषिकेश से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में पहुंचकर चारधाम यात्रा के लिए जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने देशभर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साधना और आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यात्रा को सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य बनाना है, ताकि प्रत्येक यात्री को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा की सभी तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाएं सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से यात्रा मार्ग और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक कण पवित्र है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष “ग्रीन चारधाम यात्रा” तथा प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का संकल्प लिया गया है। साथ ही बदरीनाथ धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने से यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुगम और तेज हो गई है। वहीं केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य भी तेजी से जारी हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार होने की उम्मीद है।