यूपी की 57 हजार पंचायतों में मिलेगा आधार का कवच
* पहले चरण में 1000 ग्राम पंचायतों से शुरुआत, गांव-गांव पहुंचेगी डिजिटल सेवा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को डिजिटल प्रदेश बनाने की दिशा में पंचायती राज विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाएं पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन, पारदर्शिता और सरकारी सेवाओं की पहुंच को नई मजबूती मिलेगी।

* पहले चरण में 1000 पंचायतों में सेवा शुरू
योजना के प्रथम चरण में 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। वर्तमान में लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में यह सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। यहां अब तक 9500 से अधिक आधार सेवाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

* पंचायत निदेशालय में ऑपरेटरों को प्रशिक्षण
इसी क्रम में पंचायती राज निदेशालय अलीगंज, लखनऊ में आधार ऑपरेटरों एवं सुपरवाइजर्स के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपनिदेशक योगेन्द्र कटियार ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यशाला में 70 पंचायत सहायकों और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के करीब 30 आधार ऑपरेटरों ने भाग लिया।

* यूआईडीएआई टीम ने दी तकनीकी जानकारी
कार्यशाला में यूआईडीएआई की टीम ने प्रतिभागियों को आधार सेवाओं से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी। इसमें दस्तावेज सत्यापन, डेटा सुरक्षा, तकनीकी सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही फर्जी या त्रुटिपूर्ण दस्तावेज स्वीकार करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

* गांवों में ही मिलेंगी आधार सेवाएं
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत सहायकों और आधार ऑपरेटरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सभी कर्मी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि हर पात्र व्यक्ति तक आधार सेवाएं पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि गांव में ही समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

* जीरो एरर गवर्नेंस की मजबूत नींव
उपनिदेशक योगेन्द्र कटियार ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर ‘जीरो एरर गवर्नेंस’ की मजबूत नींव है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति, सुशासन और प्रशासनिक दक्षता का नया अध्याय लिखेगी।
गाजियाबाद में भीषण अग्निकांड: 500 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक, 6 बच्चों के लापता होने की आशंका
लखनऊ /गाजियाबाद। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनवानी गांव में बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 500 से अधिक झुग्गियां इसकी चपेट में आकर जलकर खाक हो गईं। आग की ऊंची-ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस दर्दनाक हादसे में करीब छह बच्चों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आग लगते ही झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे तेज धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और लोगों में दहशत फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दर्जनों दमकल गाड़ियों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आग बड़े क्षेत्र में फैली हुई है, जिसके चलते इसे बुझाने में कई घंटे लग सकते हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक कबाड़ के गोदाम से हुई, जिसके बाद यह तेजी से झुग्गियों में फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार कर आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं। करीब एक दर्जन से अधिक वाटर टेंडर इस अभियान में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया।

मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस भीषण अग्निकांड से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने खाने-पीने व रहने का संकट खड़ा हो गया है।फिलहाल, प्रशासन द्वारा आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ अग्निकांड में दर्दनाक खुलासा: दो मासूम बच्चियों के शव मिले, 1200 झोपड़ियां जलकर राख
* विकासनगर की बस्ती में सिलिंडर धमाकों से मचा था कोहराम; मृतक बच्चियां बाराबंकी निवासी परिवार की

लखनऊ। लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 स्थित रिंग रोड किनारे बस्ती में बुधवार शाम हुए भीषण अग्निकांड ने अब दिल दहला देने वाला मोड़ ले लिया है। इस हादसे में करीब 1200 झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं, वहीं अब पुलिस ने दो मासूम बच्चियों के शव बरामद होने की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार, मृतक बच्चियां बाराबंकी जनपद के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र के ग्राम काशीपुरवा निवासी सतीश पुत्र रमेश की पुत्रियां थीं। इनमें एक बच्ची श्रुति (लगभग 2 वर्ष) और दूसरी मात्र 2 माह की शिशु थी। दोनों मासूम आग की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई।
घटना के दौरान बस्ती में रखे गैस सिलिंडरों के लगातार फटने से पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा था, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। आग इतनी तेजी से फैली कि सैकड़ों परिवारों का सब कुछ चंद मिनटों में जलकर खाक हो गया।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
लखनऊ अग्निकांड में दर्दनाक खुलासा: दो मासूम बच्चियों के शव मिले, 1200 झोपड़ियां जलकर राख

* विकासनगर की बस्ती में सिलिंडर धमाकों से मचा था कोहराम; मृतक बच्चियां बाराबंकी निवासी परिवार की

लखनऊ। लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 स्थित रिंग रोड किनारे बस्ती में बुधवार शाम हुए भीषण अग्निकांड ने अब दिल दहला देने वाला मोड़ ले लिया है। इस हादसे में करीब 1200 झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं, वहीं अब पुलिस ने दो मासूम बच्चियों के शव बरामद होने की पुष्टि की है।

पुलिस के अनुसार, मृतक बच्चियां बाराबंकी जनपद के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र के ग्राम काशीपुरवा निवासी सतीश पुत्र रमेश की पुत्रियां थीं। इनमें एक बच्ची श्रुति (लगभग 2 वर्ष) और दूसरी मात्र 2 माह की शिशु थी। दोनों मासूम आग की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई।

घटना के दौरान बस्ती में रखे गैस सिलिंडरों के लगातार फटने से पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा था, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। आग इतनी तेजी से फैली कि सैकड़ों परिवारों का सब कुछ चंद मिनटों में जलकर खाक हो गया।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

लखनऊ में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस का फ्लैग ऑफ, सीएम योगी बोले— यूपी बन रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं बस को फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर को उन्होंने केवल औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 34 वर्षों की यह यात्रा “टाटा के ट्रस्ट” और प्रदेश की बदलती कार्यसंस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तथा निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है। उन्होंने टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी को किसी भी संस्थान की सफलता का आधार बताते हुए कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

* कृतज्ञता और टीमवर्क से मिलती है सफलता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती के लिए आंतरिक एकता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति जरूरी है। बाहरी हस्तक्षेप से बचते हुए संस्थान को परिवार की तरह संचालित करना चाहिए। “बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, बनाने वाले कम होते हैं,” यह कहते हुए उन्होंने कर्मचारियों को संगठन के प्रति समर्पण का संदेश दिया।

* प्रदेश की ऐतिहासिक उड़ान का प्रतीक उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाखवीं बस का निर्माण केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। यह “माइलस्टोन मोमेंट” नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की उस उड़ान को दर्शाता है, जो निरंतर प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रही है।

* युवा शक्ति बन रही इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ आबादी और बड़ी युवा शक्ति को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर इंडस्ट्री-रेडी बनाया जा रहा है। इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिल रही है।

* इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का मजबूत केंद्र बना यूपी
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर सड़क संपर्क और बढ़ती एयर कनेक्टिविटी ने प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है।

* “टाटा मतलब ट्रस्ट”— भरोसे की पहचान
मुख्यमंत्री ने टाटा समूह की सराहना करते हुए कहा कि “टाटा मतलब ट्रस्ट” केवल एक धारणा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों का अनुभव है। समूह ने विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता और विश्वसनीयता के साथ राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

* रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का केंद्र बना प्लांट
उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स प्लांट 5600 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है और स्किल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां डीजल से लेकर सीएनजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और डिफेंस ट्रकों तक उत्पादन किया जा रहा है, जो तकनीकी प्रगति और भविष्य की जरूरतों को दर्शाता है।
फ्लैग ऑफ के बाद मुख्यमंत्री ने नई बस में सवारी भी की और प्लांट का निरीक्षण कर उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, एमडी एवं सीईओ गिरीश वाघ तथा वाइस प्रेसिडेंट विशाल बादशाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में 19 अप्रैल को ‘लव जिहाद’ मुद्दे पर महापंचायत, जनजागरण का आह्वान
लखनऊ। हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष मोर्चा द्वारा “एक युद्ध - लव जिहाद के विरुद्ध” अभियान के तहत 19 अप्रैल को पटेल स्मारक पार्क में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य समाज को जागरूक करना, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इस विषय पर व्यापक जनसंवाद स्थापित करना बताया गया है।
कार्यक्रम के संयोजक अनुराग शुक्ला ने बताया कि हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें युवतियों को प्रेम संबंधों के माध्यम से फंसाकर शोषण और धर्म परिवर्तन के प्रयास किए जाने के आरोप लगे हैं। उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मोर्चा का आरोप है कि ऐसी गतिविधियों के पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी फंडिंग और संचालन की जांच आवश्यक है। संगठन ने सरकार और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की अपील की है। महापंचायत में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, संत-महात्मा, महिला संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
संवाददाता सम्मेलन में विजय बहादुर, कृष्ण कुमार मिश्रा, ज्योत्सना श्रीवास्तव, विकास शुक्ला, संतोष सिंह तिलन, राजेश कुमार सिंह, अनीता तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महापंचायत में शामिल होकर सामाजिक जागरूकता के इस अभियान को मजबूत बनाएं।
मधुबन–दोहरीघाट मार्ग चौड़ीकरण पर मंत्री ए.के. शर्मा सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के भ्रमण के दौरान मधुबन से दोहरीघाट तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य का औचक निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी गति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता से जवाब-तलब किया और निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए।
मंत्री ए. के. शर्मा ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि आगामी मानसून से पहले सड़क को चालू कराया जाए, ताकि क्षेत्रीय जनता को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में भूमि अधिग्रहण का कार्य अभी लंबित है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्रीय विकास और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
विधायक निधि के खर्च में पारदर्शिता पर जोर, जानें उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने क्या दिया निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि (विधायक निधि) के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों और शासनादेशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धनराशि का व्यय पूरी पारदर्शिता, वित्तीय औचित्य और मितव्ययिता के सिद्धांतों के आधार पर होना चाहिए।
निर्देशों के अनुसार, विधायक निधि की राशि स्वीकृत कर डीआरडीए के डिपॉजिट खाते में स्थानांतरित की जाएगी और वहीं से निर्धारित मानकों के अनुसार व्यय किया जाएगा। साथ ही, व्यय प्रबंधन में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों और उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा। कार्यों में जीएसटी का भुगतान वास्तविक देयता के आधार पर ही किया जाएगा तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की होगी।

* 45 दिन में प्रस्तावों पर कार्रवाई के निर्देश
वहीं प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग अनिल कुमार ने विधायक निधि के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों पर 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कार्रवाई पूरी की जाए।
जारी शासनादेश के अनुसार, प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद स्वीकृति, कार्यों का विभाजन और तकनीकी औपचारिकताएं इसी समयसीमा में पूरी की जानी होंगी। वर्ष 2018 के शासनादेश का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और व्यक्तिगत रूप से उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मानना है कि इन सख्त निर्देशों से स्थानीय स्तर पर सड़कों, नालियों, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं के विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
लखनऊ में 187 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न, श्रमिक कल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश
लखनऊ। उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत लखनऊ मंडल में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन अवध शिल्प ग्राम, वृंदावन सेक्टर-09, शहीद पथ पर किया गया। इस अवसर पर लखनऊ मंडल के छह जनपदों—लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली एवं हरदोई—के कुल 187 जोड़ों (176 हिंदू एवं 11 मुस्लिम) का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने की। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जबकि अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने आगंतुकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कन्या विवाह सहायता योजना उनके लिए आर्थिक व सामाजिक संबल प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए पुष्प वर्षा की गई। साथ ही अंबेडकर नगर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विवाह गीतों ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह की प्रतिनिधि द्वारा नवविवाहित जोड़ों को वस्त्र एवं 501 रुपये का उपहार प्रदान किया गया। वहीं बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रमाण पत्र दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सहयोग और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
यूपी पूर्व सैनिक कल्याण निगम की सुरक्षा सेवाओं पर बढ़ा भरोसा, कई विभागों ने अनुबंध नवीनीकृत किए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा प्रदान की जा रही सुरक्षा सेवाओं पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। निगम की सेवाओं से संतुष्ट होकर राज्य के कई विभागों ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अपने अनुबंधों का नवीनीकरण कर दिया है, जबकि अन्य विभागों में भी यह प्रक्रिया जारी है।
निगम के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जताया गया यह विश्वास पूर्व सैनिकों के अनुशासन, समर्पण और दक्षता का प्रमाण है।
अनुबंध नवीनीकरण कराने वाले प्रमुख विभागों में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।
नवीनीकृत अनुबंध 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दिए गए हैं। निगम प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी सुरक्षा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विभाग निगम की सेवाओं का लाभ उठा सकें।