मधुबन–दोहरीघाट मार्ग चौड़ीकरण पर मंत्री ए.के. शर्मा सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के भ्रमण के दौरान मधुबन से दोहरीघाट तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य का औचक निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी गति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता से जवाब-तलब किया और निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए।
मंत्री ए. के. शर्मा ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि आगामी मानसून से पहले सड़क को चालू कराया जाए, ताकि क्षेत्रीय जनता को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में भूमि अधिग्रहण का कार्य अभी लंबित है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्रीय विकास और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
विधायक निधि के खर्च में पारदर्शिता पर जोर, जानें उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने क्या दिया निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि (विधायक निधि) के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों और शासनादेशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धनराशि का व्यय पूरी पारदर्शिता, वित्तीय औचित्य और मितव्ययिता के सिद्धांतों के आधार पर होना चाहिए।
निर्देशों के अनुसार, विधायक निधि की राशि स्वीकृत कर डीआरडीए के डिपॉजिट खाते में स्थानांतरित की जाएगी और वहीं से निर्धारित मानकों के अनुसार व्यय किया जाएगा। साथ ही, व्यय प्रबंधन में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों और उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा। कार्यों में जीएसटी का भुगतान वास्तविक देयता के आधार पर ही किया जाएगा तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की होगी।

* 45 दिन में प्रस्तावों पर कार्रवाई के निर्देश
वहीं प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग अनिल कुमार ने विधायक निधि के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों पर 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कार्रवाई पूरी की जाए।
जारी शासनादेश के अनुसार, प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद स्वीकृति, कार्यों का विभाजन और तकनीकी औपचारिकताएं इसी समयसीमा में पूरी की जानी होंगी। वर्ष 2018 के शासनादेश का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और व्यक्तिगत रूप से उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मानना है कि इन सख्त निर्देशों से स्थानीय स्तर पर सड़कों, नालियों, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं के विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
लखनऊ में 187 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न, श्रमिक कल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश
लखनऊ। उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत लखनऊ मंडल में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन अवध शिल्प ग्राम, वृंदावन सेक्टर-09, शहीद पथ पर किया गया। इस अवसर पर लखनऊ मंडल के छह जनपदों—लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली एवं हरदोई—के कुल 187 जोड़ों (176 हिंदू एवं 11 मुस्लिम) का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने की। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जबकि अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने आगंतुकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कन्या विवाह सहायता योजना उनके लिए आर्थिक व सामाजिक संबल प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए पुष्प वर्षा की गई। साथ ही अंबेडकर नगर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विवाह गीतों ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह की प्रतिनिधि द्वारा नवविवाहित जोड़ों को वस्त्र एवं 501 रुपये का उपहार प्रदान किया गया। वहीं बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रमाण पत्र दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सहयोग और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
यूपी पूर्व सैनिक कल्याण निगम की सुरक्षा सेवाओं पर बढ़ा भरोसा, कई विभागों ने अनुबंध नवीनीकृत किए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा प्रदान की जा रही सुरक्षा सेवाओं पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। निगम की सेवाओं से संतुष्ट होकर राज्य के कई विभागों ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अपने अनुबंधों का नवीनीकरण कर दिया है, जबकि अन्य विभागों में भी यह प्रक्रिया जारी है।
निगम के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जताया गया यह विश्वास पूर्व सैनिकों के अनुशासन, समर्पण और दक्षता का प्रमाण है।
अनुबंध नवीनीकरण कराने वाले प्रमुख विभागों में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।
नवीनीकृत अनुबंध 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दिए गए हैं। निगम प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी सुरक्षा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विभाग निगम की सेवाओं का लाभ उठा सकें।
यूपी में 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह, जागरूकता और मॉक ड्रिल पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा के संयुक्त तत्वाधान में 14 अप्रैल से 20 अप्रैल, 2026 तक पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और जीवन रक्षा के प्रति आम जनता को जागरूक करना है, ताकि संभावित हादसों में जनधन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
यह जानकारी पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं कार्यवाहक महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा सूर्यकांत त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत 15 अप्रैल को जनपदीय मुख्यालयों और तहसील स्तर पर स्थित फायर स्टेशनों के सहयोग से शिक्षण संस्थानों में निबंध, चित्रकला और व्याख्यान प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं 16 से 19 अप्रैल तक बहुमंजिला भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सभागारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण, जनजागरण अभियान और मॉक ड्रिल आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं जागरूक समाज” के संकल्प को विशेष रूप से केंद्र में रखा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ गोष्ठियों का आयोजन कर अग्नि सुरक्षा उपायों पर चर्चा की जाएगी। 20 अप्रैल को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 1944 को Bombay Dock Explosion में आग और विस्फोट के दौरान 66 अग्निशमन कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हीं की स्मृति में हर वर्ष 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा शहीद स्मृति दिवस मनाया जाता है और इसी के तहत 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है।
मऊ में अंबेडकर जयंती पर मंत्री ए.के. शर्मा का जनसंवाद, समता और विकास पर दिया जोर
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ जनपद के भ्रमण के दौरान दुबारी, परसिया, महुआ सहित विभिन्न गांवों में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेते हुए आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया।
इस दौरान मंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि समता, न्याय और सामाजिक समानता के महान प्रेरणास्रोत थे। उनके विचारों ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करते हुए “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में समग्र विकास के तहत सड़कों के चौड़ीकरण एवं निर्माण, विद्युत आपूर्ति में सुधार, हर घर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा और स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसके साथ ही गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।
रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल के विकास से बदलेगा लखनऊ का पर्यटन स्वरूप

*बुटीक हेरिटेज स्टे के जरिए लखनऊ को MICE और वेडिंग टूरिज्म का अगला हब बनाने की तैयारी*

*स्थानीय पर्यटन से जुड़ेगा हरौनी गांव, स्थानीय समुदाय और महिलाओं को मिलेगा रोजगार*   

*‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की पहचान से हेरिटेज अनुभवों तक, लखनऊ में बढ़ रहा पर्यटन का दायरा- जयवीर सिंह*

*लखनऊ, 15 अप्रैल 2026*

लखनऊ में पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है। अपने दौर की ऐतिहासिक धरोहरों रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल अब सिर्फ दर्शनीय स्थल नहीं रहेंगे, बल्कि यहां आने वाले पर्यटक अवध की संस्कृति, विरासत और जीवनशैली का अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। राजधानी में इन प्रतिष्ठित इमारतों को नए और आकर्षक स्वरूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही अब इन दोनों प्रोजेक्ट्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत 'एडेप्टिव रियूज़' मॉडल पर विकसित किया जाएगा। खास बात ये है कि इसमें धरोहरों की ऐतिहासिक पहचान और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि ये स्थल पर्यटन के नए आकर्षण केंद्र बन सकें।'

*छतर मंजिल में बनेगा हेरिटेज होटल*
छतर मंजिल को 100 कमरों का एक भव्य हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां ठहरने के साथ-साथ पर्यटकों को लखनऊ की कला, संस्कृति और खानपान का अनुभव भी मिलेगा। प्रोजेक्ट के तहत ऑल-डे डाइनिंग रेस्तरां, स्थानीय शिल्प और डिजाइनर उत्पादों की रिटेल आर्केड तथा इमर्सिव डाइनिंग जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

*रोशन-उद-दौला में मिलेगा खास अनुभव*
वहीं रोशन-उद-दौला भवन को बुटीक लग्जरी प्रॉपर्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 26 कमरों का लग्जरी होटल, छोटे और विशेष आयोजनों जैसे प्री-वेडिंग फंक्शन, पारिवारिक कार्यक्रम और कॉर्पोरेट मीटिंग के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही स्पा और पारंपरिक वेलनेस सेवाएँ भी दी जाएंगी। खानपान में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी, जिससे लखनऊ की ‘गैस्ट्रोनॉमी सिटी’ की पहचान और मजबूत हो सके।

*पर्यटन से जुड़ेगा हरौनी गांव*
पर्यटन विकास की इस पहल को अब स्थानीय आजीविका से भी जोड़ा जा रहा है। हरौनी गांव की महिलाओं को हस्तकला, साड़ी और कंबल जैसे पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय कला और कारीगरों को भी पहचान मिलेगी।

*पर्यटन को नई दिशा देगा विकास*
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, 'सरकार का लक्ष्य पर्यटन विभाग द्वारा लखनऊ की धरोहरों को और अधिक सुलभ और आकर्षक बनाना है। उन्होंने कहा कि शहर अब तेजी से अपने पर्यटन दायरे को बढ़ा रहा है और आने वाले समय में यहां पर्यटकों को और बेहतर अनुभव मिलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि, लखनऊ सिर्फ हजरतगंज और अमीनाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं। रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल के विकास के साथ अन्य परियोजनाएं भी मिलकर लखनऊ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।'
पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हमले मामले में विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह समेत छह आरोपित दोषमुक्त
-24 साल पहले नदेसर क्षेत्र में धनंजय सिंह और उसके साथियों पर हुई थी फायरिंग



लखनऊ ।जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथियों पर 24 साल पहले वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया गया। अदालत ने  आरोप साबित न होने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपित विधायक अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र ऊर्फ बबलू सिंह, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह व एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि चार अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से अस्पताल में भर्ती पारिवारिक सदस्य एक को देखकर शाम छह बजे वापस जौनपुर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी सफारी गाड़ी नदेसर क्षेत्र में स्थित टकसाल सिनेमा हाल के समीप पहुंचे, तभी पहले से वहां मौजूद अभय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी और बोलेरो गाड़ी से उतरे और जान से मारने की नियत से धनंजय सिंह के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। आत्मरक्षार्थ उनके गनर ने गोली चलाना शुरू कर दिया। इसी दौरान मौके पर पुलिस की गाड़ी आ गई तो अभय सिंह और उसके साथी अपनी गाड़ी से कचहरी की तरफ भाग निकले। इस हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह,गनर वासुदेव पांडेय, ड्राइवर दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोग घायल हो गए। वहीं अचानक गोलियां चलने से वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने धनंजय सिंह और उसके साथियों को इलाज के लिए मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इस मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह एवं अन्य के ख़िलाफ़ कैंट थाना में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। कैंट पुलिस ने विवेचना पूरी करके अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह तथा वर्तमान में एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के खिलाफ 14 दिसंबर 2002 को अदालत में आरोपपत्र प्रेषित कर दी। घटना के समय धनंजय सिंह रारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे।
अलीगढ़ में 211 लाख और अयोध्या मंडल में 1019 लाख से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, समयबद्ध कार्य के निर्देश
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद अलीगढ़ और अयोध्या मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं हेतु करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद अलीगढ़ में तीन प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं के लिए कुल 211 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत खैर क्षेत्र के ग्राम जलालपुर स्थित हनुमानगढ़ कुटी आश्रम, इगलास के प्राचीन शिव मंदिर बरखंडी आश्रम गोरई तथा बरौली क्षेत्र के सुमेर दरियापुर स्थित प्राचीन चामुंडा माता मंदिर का पर्यटन विकास किया जाएगा।
इन परियोजनाओं के लिए क्रमशः 64 लाख, 54 लाख और 93 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। मंत्री ने बताया कि इन कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है और उसे निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।
वहीं अयोध्या मंडल के अंतर्गत आने वाली 13 विधानसभाओं में पर्यटन विकास के लिए कुल 1019 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं में संत बाबा गोविंद साहब की तपोभूमि, काली मंदिर भीटी, अष्टखंभा स्तूप, श्रवण क्षेत्र, विभिन्न आश्रमों और प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य शामिल हैं।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष प्रथम किस्त जारी कर दी गई है और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करते हुए पूर्ण कराए जाएं।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिले, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित हों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
अर्बन चैलेंज फंड से शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार, यूपी में नवाचार आधारित परियोजनाओं पर जोर
लखनऊ। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में बुधवार को अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में राज्यों को फंड के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर शीघ्र क्रियान्वयन शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित प्रक्रियाओं और हस्ताक्षर संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि योजना का लाभ समयबद्ध रूप से जनता तक पहुंच सके।
केंद्रीय मंत्री श्री खट्टर ने जानकारी दी कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया गया है, जिसमें पात्र परियोजनाओं को 25 प्रतिशत तक सहायता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलेगी, जो अपनी कुल लागत का कम से कम 50 प्रतिशत भाग बाजार आधारित संसाधनों—जैसे बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल—से जुटाने में सक्षम हों।
उन्होंने बताया कि इस फंड के अंतर्गत “Cities as Growth Hubs”, “Creative Redevelopment of Cities” और “Water and Sanitation” जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दीर्घकालिक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि यह फंड शहरी विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे नगर निकायों को वित्तीय संसाधन जुटाने में सहूलियत मिलेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित, जनहितकारी और दीर्घकालिक प्रभाव वाली परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे प्रदेश के शहरों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।