Mirzapur : टीईटी अनिवार्यता को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षक, मशाल जुलूस निकालकर किया विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में सेवारत शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में विशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नगर के बरियाघाट से मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में महिला शिक्षकों सहित जिले के कोने-कोने से आए हुए शिक्षकों ने मशाल जुलूस में भाग लिया। बरियाघाट से चलकर वासलीगंज, रामबाग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों का अपमान करार देते हुए कहा इसे नहीं सहेंगे। शिक्षकों ने कहा इन्हीं शिक्षकों द्वारा पढ़ाए लिखाए गये लोग आईएएस पीसीएस अफसर बने तो क्या वह गलत रहा। कहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के ऊपर काला क़ानून लागू किया गया है। सरकार से मांग किया कि सरकार शिक्षकों की समस्यायों और सम्मान हित में कदम उठाए और इस कालू कानून को वापस कराने में पहल करें। इस दौरान मुख्य रूप से
मंडल अध्यक्ष श्रीश द्विवेदी, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस में भाग लेकर चेताया कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षकों को विवश होकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
महिला ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रूपए लेने का लगाया आरोप
मीरजापुर। ड्रम़डगंजक्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी सुशीला चौरसिया पत्नी उमाशंकर चौरसिया ने क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो वर्ष पूर्व 15 हजार रूपए ऐंठने का आरोप लगाया। सोमवार शाम को ड्रम़डगंज थाने पहुंची महिला ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नही करने का पुलिस पर आरोप लगाया।गत पांच अप्रैल को महिला ने शिक्षक के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।दी गई तहरीर में महिला ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व शिक्षक ने जल निगम  में नौकरी का झांसा देकर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार रूपए लिया था। नौकरी नही मिलने पर शिक्षक को दिए गए रूपए की मांग की तो शिक्षक ने दस हजार रूपए वापस किया लेकिन पांच हजार रूपए नही दिया। महिला ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शिक्षक रूपए मांगने पर एससी एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है। महिला ने बताया कि नौकरी के नाम पर शिक्षक को दो वर्ष पूर्व पंद्रह हजार रूपए दिए थे जिसमें दस हजार रूपए वापस कर दिया है लेकिन पांच हजार रुपए नही दिया।इस संबंध कई बार थाने पर आ चुकी लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही है।बल्कि पुलिस कहती हैं कि नौकरी के चक्कर में पैसे क्यों दिया।इस संबंध में शिक्षक प्रवीण कुमार सरोज ने बताया कि महिला का पंद्रह हजार रूपए वापस कर दिया गया है।थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
Mirzapur : बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड के दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ में किया लंगड़ा, अस्पताल में भर्ती
मीरजापुर।  बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड के दूसरे आरोपी व 25 हजार के इनामियां को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। उसे घायलावस्था में जिला मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कटरा कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई एसओजी, सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से  मुठभेड़ में गिरफ्तार कर मौके से अवैध तमंचा मय कारतूस व एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
बताते चलें कि कटरा कोतवाली क्षेत्र के कतवारु कापुरा सद्भावना नगर में अधिवक्ता को गोली मारकर हुई हत्या के मामले में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने फौरन पुलिस की पांच टीमें गठित करते हुए, अतिशीघ्र हत्यारोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। एसपी के सख़्त निर्देश पर पुलिस टीम अलग-अलग ऐगल पर लगकर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगी हुई थी। अधिवक्ता हत्याकांड में विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी इंद्रासन बिंद पुत्र स्वर्गीय गिरजा बिंद निवासी लोहदीकलां (लंका पहाड़ी) थाना कोतवाली देहात का नाम प्रकाश में आने पर उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज़ कर दिए गए थे। फरार चल रहे इंद्रासन बिंद की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में 5 टीमों का गठन किया गया था। इसी बीच उसके इंद्रासन बिंद के राजापुर गांव में छिपे होने की सूचना प्राप्त होने पर सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष कोतवाली कटरा व एसओजी टीम द्वारा तत्काल मुखबिर द्वारा बताए स्थान पर दबिश दिया गया तो पुलिस की आहट पाकर एक व्यक्ति घर से बाहर निकलकर चंद्रदीपा की तरफ जाने वाले रास्ते पर भागने लगा था। जिसपर पुलिस द्वारा घेराबंदी की गयी तो अपने को पुलिस से घिरता देखकर वह पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायर करने लगा था। पुलिस पार्टी द्वारा भी आत्मरक्षार्थ सीमित जवाबी फायरिंग की गयी तो उस व्यक्ति के दोनों पैरों में गोली लगी है। नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम इंद्रासन बिंद पुत्र स्वर्गीय गिरजा बिंद निवासी लोहदीकलां (लंका पहाड़ी) कोतवाली देहात बताया गया।
जो अधिवक्ता हत्याकांड का दूसरा आरोपी रहा है। इस दौरान तलाशी ली गयी तो उसके पास से घटना में प्रयुक्त 1 अवैध तमंचा, 2 जिंदा कारतूस, 1 खोखा कारतूस तमंचा के चेम्बर में फंसा हुआ 315 बोर एवं अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ है।

*पूछताछ का यह हुआ खुलासा*

मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए इंद्रासन बिंद से जब पुलिस टीम ने पूछताछ किया तो उसने बताया कि अधिवक्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर उसके ही गांव में रह रहा था। वहीं पर उसकी उनसे जान पहचान हुई थघ। दोनों साथ-साथ रह रहे थे। राजेंद्र की ही पुरानी चुनावी रंजिश राजीव सिंह से थी। घटना से 3 दिन पूर्व दोनों प्रधान की हत्या की योजना बनाये और 11 अप्रैल 2026 दोनों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर मौके से भाग गये थे।
मशहूर स्वर कोकिला आशा भोसले के निधन पर जिले में शोक
मीरजापुर। हिन्दुस्तान की मशहूर स्वर कोकिला, संगीत क्षेत्र के सुरों की मल्लिका, लगभग 20 भाषाओं में बारह हजार से अधिक गीतों को अपनी सुरीली आवाज़ में देश को समर्पित करने वाली पद्मविभूषण आशा भोसले जी के निधन से संगीत प्रशंसकों व देश के लिए के लिए अपूर्णीय क्षति है। उनके निधन पर जिले के लोगों खासकर कला साहित्य के क्षेत्र से लेकर विभिन्न सामाजिक राजनैतिक संगठनों से जुड़े हुए लोगों ने भी शोक जताया है।

अन्तर्राष्ट्रीय लोकगीत एवं कजली गायिका ऊषा गुप्ता
ने अपने शोक संदेश में कहा कि आशा ताई का निधन अत्यंत ही ह्रदय विदारक स्तंभ कर देने वाली खबर है। उनका स्वर हमेशा हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आभा फाउंडेशन मीरजापुर के प्रबंधक सचिव अमित सिंह श्रीनेत न कहा
प्रख्यात गायिका आशा भोसले जी के निधन की सूचना अत्यंत ही दु:खद है। हिन्दी फ़िल्म जगत में उनके निधन से शोक की लहर है। हिन्दुस्तान ने अपना बहुमूल्य हीरा खो दिया। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
Mirzapur : दिनदहाड़े अधिवक्ता की गोली मारकर निर्मम हत्या, वारदात से दहला नगर
*हत्यारे एवं हत्या का लाइव वीडियो आया सामने, सुबह टहलने के दौरान विपक्षी ने देसी तमंचा से मारी गोली, हुआ फरार*


राघवेन्द्र प्रताप सिंह

मीरजापुर। नगर में मार्निंग वॉक के दौरान बाइक सवार बदमाशों ने एक 40 वर्षीय अधिवक्ता एवं ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या कर फरार हो गए। घटना का लाइव फ़ुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मिर्जापुर में अपराधियों के हौसले बुलंद होने तथा कटरा कोतवाली क्षेत्र में बेकाबू अपराध को लेकर लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। मृतक की पहचान
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ग्राम प्रधान पति राजीव सिंह उर्फ रिंटू रिंकू के रुप में हुई है। बताया जा रहा है कि कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र के अनगढ़ रोड कतवारूपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता व विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव के ग्राम प्रधान पति शनिवार को सुबह मार्निंग वॉक पर निकले थे जहां पहले से घात लगाए घूम रहे बाइक सवार बदमाश ने उन्हें लक्ष्य साथ करीब से देशी तमंचा से गोली मार दी। गोली मारकर हत्या करने के बाद
बाइक सवार बदमाशों ने नागरिकों को आता देख उन पर भी तमंचा तान दिया जिससे कोई उनके करीब जाने का साहस नहीं कर पाया। घटना के बाद क्षेत्र में जहां सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना होने पर पहुंची कटरा कोतवाली पुलिस जहां बदमाशों की तलाश में जुट गई थी वहीं अधिवक्ता की मौत हो चुकी थी।
मृतक अधिवक्ता द्वारा पूर्व में कटरा कोतवाली को एप्लीकेशन देकर हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप रहा है कि यदि पुलिस ने उनके प्रार्थना पत्र पर गंभीरता दिखाई होती तो शायद आज यह वारदात न होती।बाइक सवार बदमाशों द्वारा अधिवक्ता एवं ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या किए जाने का सम्पूर्ण वारदात समीप के सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हुआ है जिसका वीडियो वायरल होने के बाद हत्यारे की भी जहां पहचान हो रही है वहीं यह साफ हो चला है कि हत्यारा पहले से ही हत्या का पूरा प्लान तैयार करके आया हुआ था। बदमाश दो तमंचा लेकर आएं हुए थे एक से गोली मारने के बाद दूसरा तमंचा बाइक चला रहे युवक को थमाकर खुद बाइक चलाने लगता है जब कि बाइक चलाकर आया युवक तमंचा हाथ में लहराते हुए पीछे बैठ जाता है और अपनी ओर आते हुए कुछ लोगों पर तमंचा तान देता है।
घटना के बाद मौके पर काफी संख्या में नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी थीं वहीं मौके वारदात स्थल का पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना कर हत्यारे को शीर्ष गिरफ्तार कर लिए जाने का दावा किया है।
एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते एक लेखपाल और उसके सहयोगी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार
मीरजापुर। जनपद में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते एक लेखपाल और उसके सहयोगी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. जमीन नापी के लिए 10000 रुपये की मांग कर रहा था ,पीड़ित के शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने यह कार्रवाई की है. एंटी करप्शन मिर्जापुर की टीम ने सदर तहसील के एक लेखपाल को जमीन नापी के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है,उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है सहयोगी एक बुक सेंटर की दुकान चलाता है. देहात कोतवाली क्षेत्र के विंध्यवासिनी कॉलोनी के पास स्थित जय बुक सेंटर से शुक्रवार को लेखपाल सत्येंद्र बघेल और उसके सहयोगी परमेश्वर को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.पकड़े गए दोनों आरोपितों को देहात कोतवाली ले जाकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. बताया जा रहा जिगना क्षेत्र के रहने वाले अजय यादव ने अपनी जमीन की नापी कराने के लिए सदर तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था. जिसको नापने के लिए लेखपाल सत्येंद्र बघेल बार बार 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था.बिना रुपये लिए जमीन की नापी करने नही जा रहा था. फिर पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी. जिसको गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार को पीड़ित की बताएं अनुसार जाल बिछा दिया विंध्यवासिनी कॉलोनी के पास लेखपाल सत्येंद्र बघेल और उसके सहयोगी परमेश्वर जय बुक सेंटर में जैसे पैसा हाथ में लिए पहले से खड़े एंटी करप्शन के टीम के अधिकारियों ने रंगे हाथ 10000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया. एंटी करप्शन टीम के मंडल प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि एक लेखपाल को जमीन नापी के नाम पर 10000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है और उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है. लेखपाल सदर तहसील में तैनात है वही, सहयोगी जय बुक सेंटर दुकान चलाता है,यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत पर की गई है देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है आगे की कार्रवाई की जा रही है.
फाल में डूबने से ऑटो चालक की हुई मौत, दूसरे दिन चट्टानों के दर्रे में फंसा मिला शव, मचा हड़कंप


मीरजापुर। अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आए एक ऑटो चालक सैलानी की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई. दूसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया है.

मिर्जापुर अहरौरा थाना क्षेत्र  के सुखदरिया जलप्रपात में बुधवार की शाम डूबे ऑटो चालक सैलानी सन्नी खान का शव 18 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चट्टानों के दर्रे में फंसे शव को खोज निकाला है. जिसे देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों मे कोहराम मच गया.
बताया जा रहा चंदौली के पड़ाव क्षेत्र स्थित चौरहट के रहने वाला ऑटो चालक सन्नी खान बुधवार को मित्र दिलशाद के साथ सलमान के घर बाराडीह आया हुआ था तभी पिकनिक मनाने का प्लान बना तीनों मित्र सैलानी पिकनिक मनाने लखनिया दरी जलप्रपात पर पहुंचे तो वहां तालाबंदी होने के कारण पहाड़ों तथा जंगल के रास्ते तीनों सैलानी सुखदरिया पहुंचे जहां मौज मस्ती के दौरान नहाते समय पैर फिसलने पर गहरे पानी में जाने से सन्नी खान डूब गया यह नजारा देख मित्रों की हालत खराब हो गई आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो सर्च ऑपरेशन देर रात चलाया गया परंतु डूबे युवक का पता नहीं चला तब तक काफी अंधेरा हो गया चुनार से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई खोजबीन के बावजूद अंधेरा होने के चलते रात में डूबे सैलानी सन्नी का पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार के सुबह एसडीआरएफ टीम के गोताखोरों ने काफी परिश्रम के बाद पत्थर के दर्रे में फंसे शव को निकाला लिया गया.


इस संबंध में अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि गहरे पानी में जाने से युवक की डूब कर मौत हुई है शव बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय  बढ़ाए जाने पर मंत्री परिषद का अनुमोदन
*राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया
*शिक्षा मित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू माना गया है
*आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के लिए संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

मीरजापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने 7 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 1,40000 से भी अधिक शिक्षामित्र एवं 24000 से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय  पर मंत्री परिषद की मोहर लगने पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि शिक्षामित्रों को अब 10000 के स्थान पर 18000 का मानदेय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24716 अंशकालिक अनुदेशकों को 17000 का मानदेय मिलेगा। संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का विशेष आभारव्यक्त करते हुए प्रदेश में कार्यरत 2,40000 आशा बहू ,आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के  लिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई मेल आईडी पर पत्र प्रेषित किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री जी आंगनबाड़ी एवं आशा बहुओं का मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा सदन में पहले ही कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आशा बहू एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मानदेय राशि  निर्धारित नहीं हो सकी है। आशा कार्यकत्रियों को भी न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने का अनुरोध संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से किया है ।संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए महिलाओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए आशा बहुओं का मानदेय भी बढ़ाए जाने की अपेक्षा किया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि प्रदेश की आशा बहुओं,आशा संगिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं  मानदेय पर कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए भी सरकार न्यूनतम मानदेय का निर्धारण शीघ्र ही करेगी। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के कर्मचारियों को अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रहे हैं। बहुत जल्दी ही कर्मचारियों की लंबित मांगों पर संयुक्त परिषद के अनुरोध के अनुसार कार्यवाही संभावित है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कर्मचारियों की मांगों पर वार्ता कर कार्यवाही किए जाने का एक पत्र मुख्य सचिव को भी भेजा है।
मीरजापुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, कई दस्तावेज बरामद

मीरजापुर। लंबे समय से यूपी के मीरजापुर में बांग्लादेशी नागरिकों के होने वाले इनपुट पर आखिरकार पुलिस की मुहर लग गई है।
कूटरचित, फर्जी दस्तावेज के जरिए अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे 4 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर 4 अदद मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
दरअसल पुलिस ने यह कार्रवाई वाहन चेकिंग के दौरान की है। वाहन चेकिंग के दौरान
फर्जी दस्तवाजे के माध्यम से भारत में अवैध रुप से निवास कर रहे 4 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को कटरा कोतवाली पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमणशील थी कि इसी दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर पड़ी, संदेह होने पर पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम पता मोहम्मद सबूज हुसैन 24 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगांव, ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बंगलादेश बताते हुए यह भी बताया कि उसका भाई सब्बीर हुसैन जो बांग्लादेश से मुझे व 2 अन्य साथियों के साथ लाया है, जो वर्तमान समय में डगमगपुर पड़री, मीरजापुर में प्रदीप सिंह के पीके क्रेशर प्लांट पर कार्य करते है। पुलिस टीम ने मोहम्मद सबूज हुसैन की निशानदेही पर उपरोक्त क्रेशर प्लांट से 3 अन्य को क्रमश: शब्बीर हुसैन 26 वर्ष पुत्र मो. समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश, नरेशदास 28 वर्ष पुत्र सुनील दास ग्राम बाराबन्दर योगेन्दर बाबू मठ थाना कोतवाली दनाजपुर विभाग रंगपुर (प्रदेश) बांग्लादेश व जयदास 28 वर्ष पुत्र नमोचन्द्रदास ग्राम नरेशदादा के गांव बांग्लादेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद मोबाइलों से आधार कार्ड व पैन कार्ड, बांग्लादेश की वोटर आईडी व पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

दलाल के जरिए नदी पार कर भारत आएं

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह लोग बांग्लादेश से दलाल को पैसे देकर सीमा, नदी पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज पहुंचे, वहां से कालियागंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से उप्र आगरा गए और काम की तलाश में आगरा से मीरजापुर आयें। जहां डगमगपुर पड़री में पीके क्रेशर प्लांट पर अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाकर काम करने लगे तथा सब्बीर व मो. सबूज ने फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ग्राम दसौती पोस्ट सौधी जिला कैमूर (बिहार) के पते पर अपना आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिया और तब से वह लोग प्रदीप सिंह के क्रेशर पर काम कर रहे थे।