मुजफ्फरनगर में विकास और रोजगार का महाकुंभ, 951 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

* रोजगार मेले में 5122 युवाओं को नौकरी, अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण व AI रिपोर्ट लॉन्च

मुजफ्फरनगर/लखनऊ।
मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में सोमवार को आयोजित भव्य रोजगार मेला एवं विकास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद को बड़ी सौगात देते हुए 951 करोड़ रुपये से अधिक की 423 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान “कौशल दर्शन” पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें सफल युवाओं की प्रेरक कहानियाँ शामिल हैं। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सेंटिमेंट एवं रेडिनेस रिपोर्ट का शुभारंभ किया गया, जो तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी भी हुई।
रोजगार मेले में 200 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें 27,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया। इस दौरान 5122 युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। चयनित युवाओं में अक्षत गर्ग, रक्षित त्यागी, केशव, अनुज धीमान, अंशिका गोयल, नायब परवीन, विशाल और वैशाली जैसे उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं के लिए सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए अन्य युवाओं को निराश न होने की सलाह दी और आश्वस्त किया कि सरकार ऐसे अवसर लगातार उपलब्ध कराती रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार मेलों से न केवल नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। सरकार निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन के नए रास्ते खोल रही है। इस अवसर पर जयंत चौधरी, एस.पी. सिंह बघेल, अनिल कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य पर सख्ती, उच्च स्तरीय समिति गठित

* स्टेकहोल्डर्स से संवाद कर सौहार्द बहाली की कोशिश, समिति ने शुरू किया काम

गौतमबुद्धनगर। जनपद गौतम बुद्ध नगर में उत्पन्न औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य संबंधित पक्षों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था को बहाल करना है।
समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश को सौंपी गई है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश (कानपुर) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिससे सभी पक्षों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
उच्च स्तरीय समिति गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर मामले का परीक्षण कर रही है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।

किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
शांति, समता और भाईचारे का संदेश लेकर लखनऊ में निकला बौद्ध भिक्षुओं का भव्य शांति मार्च
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत, कहा— “बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विश्व शांति के संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा भव्य शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग तक निकाला गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर पहुंचे भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने अंगवस्त्र भेंट कर भिक्षुओं को सम्मानित किया और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” ही शांति का सच्चा मार्ग है। भारत की परंपरा सदैव शांति, समता और मानवता की रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं”, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मानवता के लिए आशा और मार्गदर्शन का आधार बन रही हैं। “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है,” उन्होंने कहा।
उप मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक महान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया ले जाने का अवसर मिला, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार “विरासत और विकास” को साथ लेकर कार्य कर रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या के साथ-साथ सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक समता और न्याय के विचारों को स्मरण किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने विश्व शांति और करुणा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुगण, छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यपाल और सीएम ने किया जन भवन में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन
* ‘हमारा जन भवन’ पुस्तक का विमोचन भी किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन, लखनऊ में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल की।
राजभवन (जन भवन), लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर ‘हमारा जन भवन’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। साथ ही विद्यालय की नई बस की चाबी प्रधानाचार्य और चालक को सौंपकर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा को सुदृढ़ किया गया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि राजभवन परिसर में वर्ष 1961 से संचालित परिषदीय विद्यालय का व्यापक कायाकल्प किया गया है। विद्यालय को अब कक्षा 10 तक उच्चीकृत किया गया है और इसमें 14 कक्षा-कक्षों के साथ कंप्यूटर लैब और एआई लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया है। वहीं “स्कूल चलो अभियान” के तहत नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उच्चीकृत करने की योजना पर कार्य जारी है, जिससे प्रदेश के 746 बालिका विद्यालयों को लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ब्लॉक में बालिकाओं के लिए 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “लर्निंग बाय डूइंग” और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के तहत बच्चों को व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: बरात लौट रही बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 13 घायल

लखनऊ /हापुड़। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बरात से लौट रही बस और सामने से आ रहे ट्रक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के डासना निवासी इकराम कुरैशी के पुत्र की बरात गुलावठी से वापस लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही बस धौलाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस ट्रक के नीचे जा फंसी और बाद में दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक पांडे और एसपी ज्ञानंजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईड्रा मशीन की मदद से बस को ट्रक के नीचे से निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में सोनू, यूसुफ, अख्तर, यूनुस, मुन्ना और बस चालक अशोक की मौत हो गई। सभी मृतक गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं 13 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई : राजनाथ सिंह

पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ



लखनऊ। लखनऊ के के.डी.सिंह बाबू स्टेडियम में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महाकुम्भ को संबोधित करते हुए देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। गटका, मल्लखंब, थांग-टा, कलरीपयट्टू और योगासन जैसी विभिन्न विधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार स्कॉलरशिप्स दे रही है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 1000 खेलो इंडिया सेंटर्स की भी स्थापना की जा रही है। करीब 2 दर्जन नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं। इन सेंटर्स पर प्रदर्शन को सुधारने के लिए ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट दिया जा रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि अब राज्यों में भी स्पोर्ट्स स्पेशलाइज्ड हायर एजुकेशन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश बहुत प्रशंसनीय काम कर रहा है। मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का उदाहरण हमारे सामने है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। देश की पहली राष्ट्रीय खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसमें और मदद मिलेगी। खेलो इंडिया प्रोग्राम से एक और उत्साहजनक परिणाम हमारी बेटियों की भागीदारी को लेकर आया है। देश के अनेक शहरों में खेलो इंडिया वीमेन्स लीग का आयोजन किया जा रहा है। इनमें महिलाओं की भागीदारी काफ़ी अधिक है।

रक्षामंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। ये दिखाता है कि भारत के हमारे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास आज कितना बुलंद है। आज गांवों के पास भी आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। देश के दूर-सुदूर में भी अब बेहतर मैदान, आधुनिक स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग फैसिलिटी बनाई जा रही हैं। यूपी में भी स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान के तहत हमारी सरकार स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब-करीब पाँच हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। बढ़ते हुए स्पोर्ट्स इंफ्रा की वजह से अब ज्यादा खिलाड़ियों के लिए खेल से जुड़ना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार, आज खेल और खिलाड़ियों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान कर रही है। पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ है। ये नया युग विश्व में भारत को सिर्फ एक बड़ी खेल शक्ति बनाने भर का ही नहीं है। बल्कि ये खेल के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत में पिछले दस-बारह वर्षों में खेलों को लेकर माहौल काफ़ी बदला है। अब भारत बड़े-बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल साबित हो रहा है। महत्वपूर्ण है कि समाज में खेल और खिलाड़ियों के महत्व को न केवल समझा जाये बल्कि उन्हें फलने-फूलने का पूरा अवसर भी दिया जाये।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल मंत्री गिरीश यादव, सांसद राज्यसभा संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री डा.महेन्द्र सिंह, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान, अवनीश पटेल व विधायक डा.नीरज बोरा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मध्य पूर्व तनाव पर राजनाथ का बड़ा बयान: भारत के रिश्तों से तेल सप्लाई सुरक्षित, लखनऊ विकास की भी तारीफ
लखनऊ। राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति गंभीर है और यह कब तक जारी रहेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं।
रविवार को शहर के एक स्कूल परिसर में आयोजित वरिष्ठ जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस संकट के बावजूद भारत की स्थिति संतुलित और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिसके चलते आज भी भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पा रहे हैं और देश में तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कई देशों में एलपीजी गैस और पेट्रोल की किल्लत देखने को मिल रही है, लेकिन भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। कुछ लोगों द्वारा दुष्प्रचार करने की कोशिश की गई, लेकिन देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है और इसमें देश की जनता के सहयोग तथा प्रधानमंत्री की सक्रिय भूमिका का अहम योगदान है।
इस दौरान उन्होंने लखनऊ के विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में शहर में तेजी से विकास हुआ है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और सहयोग से संभव हो पाया है।
कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी लखनऊ के विकास और यहां की जीवनशैली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शहर में शिक्षा, रहन-सहन और संस्कृति का स्तर काफी ऊंचा है, जिससे लोग यहां बसने की इच्छा रखते हैं।कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनके दिल के बेहद करीब है और यहां के लोगों से मिलकर उन्हें हमेशा सुखद अनुभूति होती है।
शिक्षकों की हर समस्या का होगा समाधान: केशव प्रसाद मौर्य
* यूटा के प्रांतीय अधिवेशन में शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शिक्षक व विद्यालय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। वह रविवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम् ऑडिटोरियम में आयोजित यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी विद्यालय संसाधनों, सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी एवं कॉन्वेंट स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विपरीत परिस्थितियों में भी समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न शैक्षिक पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, छात्र-छात्राओं के समग्र विकास और शिक्षकों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशील और तत्पर है। कार्यक्रम में यूटा के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उपमुख्यमंत्री ने संगठन की सक्रिय भूमिका की सराहना की। अधिवेशन में विभिन्न वक्ताओं ने भी शिक्षकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस दौरान यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों एवं शिक्षकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, शिक्षक विधायक डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी. एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बीमा क्षेत्र को डबल इंजन सरकार से नई रफ्तार: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ/आगरा। आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्राण्ड मरक्यूर में आयोजित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के विकास अधिकारियों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया की उत्तर मध्य क्षेत्रीय द्विवर्षीय आमसभा/वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, जो आमजन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विकास अधिकारियों को संस्था की “रीढ़” बताते हुए उनके समर्पण और कार्यशैली की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान तक सुरक्षा कवच पहुंचाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विकास अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बीमा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विस्तार, पारदर्शिता और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विवेक सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान उपमुख्यमंत्री को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय सचिव संजय शाही ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन में उत्तर मध्य क्षेत्र (उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) की 225 शाखाओं से 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, देहरादून, हल्द्वानी, बरेली, मेरठ और लखनऊ सहित 12 डिवीजनों की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को प्रभावी बनाया।
इस अवसर पर एमएलसी विजय शिवहरे, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी.एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं एलआईसी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन में देशभर से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी सहभागिता रही।