राज्यपाल और सीएम ने किया जन भवन में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन
* ‘हमारा जन भवन’ पुस्तक का विमोचन भी किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन, लखनऊ में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल की।
राजभवन (जन भवन), लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर ‘हमारा जन भवन’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। साथ ही विद्यालय की नई बस की चाबी प्रधानाचार्य और चालक को सौंपकर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा को सुदृढ़ किया गया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि राजभवन परिसर में वर्ष 1961 से संचालित परिषदीय विद्यालय का व्यापक कायाकल्प किया गया है। विद्यालय को अब कक्षा 10 तक उच्चीकृत किया गया है और इसमें 14 कक्षा-कक्षों के साथ कंप्यूटर लैब और एआई लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया है। वहीं “स्कूल चलो अभियान” के तहत नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उच्चीकृत करने की योजना पर कार्य जारी है, जिससे प्रदेश के 746 बालिका विद्यालयों को लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ब्लॉक में बालिकाओं के लिए 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “लर्निंग बाय डूइंग” और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के तहत बच्चों को व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: बरात लौट रही बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 13 घायल

लखनऊ /हापुड़। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बरात से लौट रही बस और सामने से आ रहे ट्रक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के डासना निवासी इकराम कुरैशी के पुत्र की बरात गुलावठी से वापस लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही बस धौलाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस ट्रक के नीचे जा फंसी और बाद में दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक पांडे और एसपी ज्ञानंजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईड्रा मशीन की मदद से बस को ट्रक के नीचे से निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में सोनू, यूसुफ, अख्तर, यूनुस, मुन्ना और बस चालक अशोक की मौत हो गई। सभी मृतक गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं 13 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई : राजनाथ सिंह

पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ



लखनऊ। लखनऊ के के.डी.सिंह बाबू स्टेडियम में सोमवार को आयोजित सांसद खेल महाकुम्भ को संबोधित करते हुए देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया ने भारत के पारंपरिक खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। गटका, मल्लखंब, थांग-टा, कलरीपयट्टू और योगासन जैसी विभिन्न विधाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार स्कॉलरशिप्स दे रही है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 1000 खेलो इंडिया सेंटर्स की भी स्थापना की जा रही है। करीब 2 दर्जन नेशनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं। इन सेंटर्स पर प्रदर्शन को सुधारने के लिए ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट दिया जा रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि अब राज्यों में भी स्पोर्ट्स स्पेशलाइज्ड हायर एजुकेशन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश बहुत प्रशंसनीय काम कर रहा है। मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का उदाहरण हमारे सामने है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। देश की पहली राष्ट्रीय खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसमें और मदद मिलेगी। खेलो इंडिया प्रोग्राम से एक और उत्साहजनक परिणाम हमारी बेटियों की भागीदारी को लेकर आया है। देश के अनेक शहरों में खेलो इंडिया वीमेन्स लीग का आयोजन किया जा रहा है। इनमें महिलाओं की भागीदारी काफ़ी अधिक है।

रक्षामंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। ये दिखाता है कि भारत के हमारे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास आज कितना बुलंद है। आज गांवों के पास भी आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। देश के दूर-सुदूर में भी अब बेहतर मैदान, आधुनिक स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग फैसिलिटी बनाई जा रही हैं। यूपी में भी स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान के तहत हमारी सरकार स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब-करीब पाँच हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। बढ़ते हुए स्पोर्ट्स इंफ्रा की वजह से अब ज्यादा खिलाड़ियों के लिए खेल से जुड़ना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार, आज खेल और खिलाड़ियों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान कर रही है। पिछले ग्यारह वर्षों में भारत में खेल का एक नया युग शुरु हुआ है। ये नया युग विश्व में भारत को सिर्फ एक बड़ी खेल शक्ति बनाने भर का ही नहीं है। बल्कि ये खेल के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत में पिछले दस-बारह वर्षों में खेलों को लेकर माहौल काफ़ी बदला है। अब भारत बड़े-बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल साबित हो रहा है। महत्वपूर्ण है कि समाज में खेल और खिलाड़ियों के महत्व को न केवल समझा जाये बल्कि उन्हें फलने-फूलने का पूरा अवसर भी दिया जाये।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल मंत्री गिरीश यादव, सांसद राज्यसभा संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री डा.महेन्द्र सिंह, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान, अवनीश पटेल व विधायक डा.नीरज बोरा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मध्य पूर्व तनाव पर राजनाथ का बड़ा बयान: भारत के रिश्तों से तेल सप्लाई सुरक्षित, लखनऊ विकास की भी तारीफ
लखनऊ। राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति गंभीर है और यह कब तक जारी रहेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं।
रविवार को शहर के एक स्कूल परिसर में आयोजित वरिष्ठ जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस संकट के बावजूद भारत की स्थिति संतुलित और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिसके चलते आज भी भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पा रहे हैं और देश में तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कई देशों में एलपीजी गैस और पेट्रोल की किल्लत देखने को मिल रही है, लेकिन भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। कुछ लोगों द्वारा दुष्प्रचार करने की कोशिश की गई, लेकिन देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है और इसमें देश की जनता के सहयोग तथा प्रधानमंत्री की सक्रिय भूमिका का अहम योगदान है।
इस दौरान उन्होंने लखनऊ के विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में शहर में तेजी से विकास हुआ है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और सहयोग से संभव हो पाया है।
कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी लखनऊ के विकास और यहां की जीवनशैली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शहर में शिक्षा, रहन-सहन और संस्कृति का स्तर काफी ऊंचा है, जिससे लोग यहां बसने की इच्छा रखते हैं।कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनके दिल के बेहद करीब है और यहां के लोगों से मिलकर उन्हें हमेशा सुखद अनुभूति होती है।
शिक्षकों की हर समस्या का होगा समाधान: केशव प्रसाद मौर्य
* यूटा के प्रांतीय अधिवेशन में शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शिक्षक व विद्यालय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। वह रविवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम् ऑडिटोरियम में आयोजित यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी विद्यालय संसाधनों, सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी एवं कॉन्वेंट स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विपरीत परिस्थितियों में भी समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न शैक्षिक पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, छात्र-छात्राओं के समग्र विकास और शिक्षकों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशील और तत्पर है। कार्यक्रम में यूटा के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उपमुख्यमंत्री ने संगठन की सक्रिय भूमिका की सराहना की। अधिवेशन में विभिन्न वक्ताओं ने भी शिक्षकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस दौरान यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों एवं शिक्षकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, शिक्षक विधायक डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी. एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बीमा क्षेत्र को डबल इंजन सरकार से नई रफ्तार: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ/आगरा। आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्राण्ड मरक्यूर में आयोजित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के विकास अधिकारियों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया की उत्तर मध्य क्षेत्रीय द्विवर्षीय आमसभा/वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, जो आमजन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विकास अधिकारियों को संस्था की “रीढ़” बताते हुए उनके समर्पण और कार्यशैली की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान तक सुरक्षा कवच पहुंचाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विकास अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बीमा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विस्तार, पारदर्शिता और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विवेक सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान उपमुख्यमंत्री को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय सचिव संजय शाही ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन में उत्तर मध्य क्षेत्र (उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) की 225 शाखाओं से 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, देहरादून, हल्द्वानी, बरेली, मेरठ और लखनऊ सहित 12 डिवीजनों की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को प्रभावी बनाया।
इस अवसर पर एमएलसी विजय शिवहरे, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी.एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं एलआईसी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन में देशभर से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी सहभागिता रही।
रामस्वरूप मेमोरियल विवि में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी: डॉ. तेजस्कर पाण्डेय ने ‘प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय’ पर रखा दृष्टिकोण
‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ सिद्धांत के जरिए मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड के गहरे संबंध को किया स्पष्ट

लखनऊ। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में ज्योतिष आचार्य डॉ. तेजस्कर पाण्डेय (उप सचिव एवं प्रभारी संयुक्त निबंधक, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, लखनऊ) ने “वैदिक चिंतन में प्रकृति–ब्रह्माण्ड समन्वय” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में देश-विदेश के विद्वानों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में डॉ. पाण्डेय ने ‘ऋत’ सिद्धांत तथा “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” की अवधारणा के माध्यम से बताया कि मानव, प्रकृति और ब्रह्माण्ड एक समन्वित तंत्र हैं। उन्होंने कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की गतियां केवल आकाशीय घटनाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन के निर्णय, दिशा और मानसिक स्थिति से भी गहराई से जुड़ी होती हैं।
अपने शोध कार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनका अध्ययन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्योतिषीय विश्वास-प्रणाली का विश्लेषण करता है, जिसमें तीन हजार से अधिक व्यक्तियों और पांच सौ ज्योतिषाचार्यों पर आधारित गुणात्मक व मात्रात्मक पद्धति अपनाई गई है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार ज्योतिष आज भी एक जीवंत, अनुकूलनशील और प्रभावी प्रणाली के रूप में समाज में विद्यमान है, जो व्यक्ति को मार्गदर्शन, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक निरंतरता प्रदान करती है।
इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कुलपति श्री तिवारी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने ब्रह्माण्ड विज्ञान एवं ज्योतिष का पृथक विभाग स्थापित करने तथा ज्योतिषीय परामर्श केंद्र शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे आमजन को प्रमाणित विशेषज्ञों से विश्वसनीय मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से वैदिक ज्योतिष में स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा दी जा रही है, जो इस क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
अपने व्याख्यान के अंत में डॉ. पाण्डेय ने वैदिक ज्ञान को वर्तमान और भविष्य के मार्गदर्शक के रूप में अपनाने का आह्वान किया। संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों और प्रतिभागियों ने उनके व्याख्यान को उपयोगी, प्रेरणादायी और समसामयिक बताया।
थारू समाज को बड़ी राहत: मुकदमे वापस होंगे, हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
* लखीमपुर खीरी में ₹817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सीएम योगी की माफियाओं को कड़ी चेतावनी

लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी कीमत पर थारू समाज पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में ₹817 करोड़ लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों को आज जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जो “अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान” की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले संवेदनशीलता का अभाव था, जबकि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि माफिया बनने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें “मिट्टी में मिलने” के लिए तैयार रहना होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और आपदा राहत के तहत मदद दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम हो रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” ऐतिहासिक कदम, महिलाओं को मिलेगा निर्णय में भागीदारी का अधिकार: बेबी रानी मौर्य


* 33 प्रतिशत आरक्षण से संसद-विधानसभाओं में बढ़ेगा महिला प्रतिनिधित्व, लोकतंत्र होगा और अधिक समावेशी

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री एवं प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने शनिवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण प्रक्रिया में सशक्त भागीदार और निर्णयकर्ता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय और महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री ममता पांडेय भी मौजूद रहीं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह कानून देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का राष्ट्रीय संकल्प है। संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला यह संवैधानिक प्रावधान लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी लगातार बढ़ी है, लेकिन राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षाकृत कम है। “भागीदारी बढ़ी है, लेकिन प्रतिनिधित्व संतुलित नहीं है—इसी अंतर को समाप्त करने के लिए यह कानून आवश्यक है,” उन्होंने कहा।
मौर्य ने बताया कि वैश्विक अनुभव दर्शाते हैं कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों में नीतियां अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनती हैं। साथ ही जेंडर गैप कम होने से आर्थिक विकास को भी गति मिलती है।
उन्होंने पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव बढ़ा और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उन्हें मिला। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और मातृत्व अवकाश में वृद्धि जैसे कदमों ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है।
उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व यह दर्शाता है कि अवसर मिलने पर महिलाएं प्रभावी नेतृत्व देती हैं। अब यही मॉडल संसद और विधानसभाओं में भी लागू होगा, जिससे नीति निर्माण अधिक जन-केंद्रित और जवाबदेह बनेगा।
मंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में एक व्यापक सुधार है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य महिला नेतृत्व के बिना अधूरा है।
ज्योतिबा फुले का समाज सुधार में योगदान अविस्मरणीय: केशव प्रसाद मौर्य
* जयंती पर उप मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि, समतामूलक समाज निर्माण का दिया संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग में उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले का समाज सुधार में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने जीवन को सामाजिक समता, शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं।
श्री मौर्य ने कहा कि महात्मा फुले केवल एक महान समाज सुधारक ही नहीं, बल्कि प्रखर विचारक, लेखक और क्रांतिकारी दार्शनिक भी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, भेदभाव और असमानताओं के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। विशेष रूप से स्त्री शिक्षा और वंचित वर्गों के उत्थान में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के आदर्शों को आत्मसात कर ही एक समरस और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।